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  • MP में दीपोत्सव को लेकर तैयारियां तेज, उज्जैन में 35 लाख दीप जलाने की तैयारी

    MP में दीपोत्सव को लेकर तैयारियां तेज, उज्जैन में 35 लाख दीप जलाने की तैयारी

    उज्जैन
     महाकाल की नगरी एक बार फिर दीपों की रोशनी में इतिहास रचने की तैयारी कर रही है. आज प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिन और जन सेवा के 25 साल पूरे होने पर 17 सितंबर की शाम 7 बजे उज्जैन में सेवा संकल्प अभियान के दिन भव्य दीपोत्सव होगा. क्षिप्रा नदी के घाटों और महाकाल लोक क्षेत्र में 25 लाख से अधिक दीप प्रज्वलित करने की तैयारी की गई है। 

    इस आयोजन को जन भागीदारी से जोड़ते हुए प्रशासन ने पूरे क्षेत्र को 7 सेक्टर और 250 सब सेक्टर में बांटा है. यह आयोजन इसलिए भी खास है क्योंकि उज्जैन पहले ही दीप प्रज्वलन का विश्व रिकॉर्ड बना चुका है. अब 3 साल बाद 18.82 लाख के पुराने आंकड़े से काफी आगे निकलने की तैयारी है. हालांकि मौजूदा गिनीज रिकॉर्ड अयोध्या के नाम है, जहां साल 2025 में 26,17,215 दीप प्रज्वलित किए गए थे। 

    'उज्जैन का रिकॉर्ड 18.82 लाख, अब 25 लाख का लक्ष्य'
    कलेक्टर रोशन कुमार सिंहने बताया, "साल 2023 में महाशिवरात्रि के अवसर पर उज्जैन के क्षिप्रा तट पर 18,82,229 दीप एक साथ जलाए गए थे, जिसे गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड के रूप में दर्ज किया गया था. अब साल 2026 में सेवा संकल्प के तहत लक्ष्य है कि 25 लाख से अधिक दीपों को प्रज्वलित कर नया रिकॉर्ड कायम किया जाए. जिसकी तैयारियां उज्जैन नगर निगम और स्मार्ट सिटी की ओर से पूरी कर ली गई है। 

    इसी तरह इंदौर में 2.51 लाख, मैहर में 4.86 लाख, खजुराहो में तीन लाख, अमरकंटक में 21 हजार, जबलपुर में नर्मदा घाटों समेत प्रदेशभर में दीपक प्रज्ज्वलित किए जाएंगे। एमपी में दीपोत्सव पर लोकसभा नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने गुरुवार को एक सोशल मीडिया पोस्ट की। उन्होंने लिखा- 30 से ज्यादा आदिवासी बच्चों की बीमारी, कुपोषण और बुनियादी स्वास्थ्य सुविधाओं की कमी के बीच मौत हो चुकी है। संवेदनहीनता का आलम यह है मासूमों की मौतें होती रहीं, लेकिन कार्रवाई सुस्त रही, सरकार सोती रही। मुख्यमंत्री जी, दीये जलाने और उत्सव मनाने से फुर्सत मिल गई हो तो ज़रा राज्य की ज़मीनी हालत भी देखिए। छात्र, बच्चे, गरीब, दलित, आदिवासी, पिछड़े या महिलाएं – हर वर्ग प्रताड़ित है, कोई खुश नहीं।

    उज्जैन में देशभर के 500 कलाकार प्रस्तुतियां देंगे
    शिप्रा के रामघाट पर शाम 7 बजे ‘आशीर्वाद का दीप’ प्रज्ज्वलित कर दीपोत्सव की शुरुआत की जाएगी। इसके बाद आरती होगी। भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन और मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव यहां रहेंगे।

    दीपोत्सव में देशभर से 500 से अधिक कलाकार शामिल होंगे। कार्यक्रम में बाबा महाकाल पर सांस्कृतिक प्रस्तुतियां, गायन, वादन, नृत्य और युवाओं के लिए भजन जैमिंग होगा।

    कवि शैलेश लोढ़ा प्रधानमंत्री के कार्यकाल पर आधारित नरेशन प्रस्तुत करेंगे। कार्यक्रम का समापन आतिशबाजी के साथ होगा। कार्तिक मेला ग्राउंड में पीएम मोदी का पोर्ट्रेट भी बनाया गया है, जिस पर जनभागीदारी से दीप रखे जाएंगे।

    26 हजार वॉलंटियर्स संभालेंगे दीप जलाने की जिम्मेदारी
    दीपोत्सव के लिए करीब 26 हजार वॉलंटियर्स को जिम्मेदारियां दी गई हैं। इन्हें पहले से ब्लॉक और दीपों की संख्या के हिसाब से तैनात किया गया है। केदारेश्वर घाट, सुनहरी घाट, दत्त अखाड़ा, भूखी माता, महाकाल लोक और रामघाट के दो सेक्टर सहित शिप्रा तट के विभिन्न हिस्सों में एक साथ दीप प्रज्ज्वलित किए जाएंगे।

    '11 हजार ब्लॉक, हर ब्लॉक में 225 दीप'
    स्मार्ट सिटी सीईओ नेहा जैन ने बताया, "पूरे आयोजन क्षेत्र को 7 सेक्टर और 250 सब सेक्टर में बांटा गया है. करीब 11000 ब्लॉक तैयार किए गए हैं और प्रत्येक ब्लॉक में 225 दीप लगाए जाएंगे. सभी ब्लॉक के लिए 30 हजार वॉलेंटियर्स, जिसमें शासकीय अधिकारी, कर्मचारी, शहर के सामाजिक संगठन और अन्य को आवश्यक दीप, तेल, मोमबत्ती, माचिस, कपूर और दूसरी जरुरी सामग्रियां पहले से उपलब्ध करवाई जाएंगी। 

    '30 लाख दीप, 45000 लीटर तेल की व्यवस्था'
    नगर निगम कमिश्नर अभिलाष मिश्राके अनुसार, "शहर के कार्तिक मेला प्रांगण में दीपों की तैयारी युद्ध स्तर पर चल रही है. दीपों की धुलाई, छंटाई, पैकिंग और ब्लॉक वार सामग्री तैयार की जा रही है. आयोजन के लिए 45000 लीटर तेल, 10000 माचिस, 700 किलो कपूर, 30 लाख दीए, 53000 से अधिक मोमबत्ती मंगवाई गई हैं। 

    'रामघाट से महाकाल लोक तक बनेगा रोशनी का कॉरिडोर'
    नगर निगम कमिश्नर अभिलाष मिश्रा ने बताया, "दीपोत्सव सिर्फ रामघाट तक सीमित नहीं है बल्कि यह रामघाट से महाकाल लोक तक रोशनी के लिए कॉरिडोर बनाया जाएगा. केदारेश्वर घाट, दत्त अखाड़ा घाट, सुनहरी घाट, कर्कराज मंदिर, भूखी माता घाट, लालपुल घाट सहित क्षिप्रा नदी के अलग-अलग घाटों को शामिल किया गया है. घाटों की सफाई ब्लॉक निर्माण और मार्किंग का काम लगातार चल रहा है। 

    बारिश हुई तो क्या होगा, प्रशासन ने बनाया प्लान बी
    स्मार्ट सिटी सीईओ नेहा जैन ने बताया, "चूंकि बारिश का भी मौसम है, उसको ध्यान में रखते हुए बैकअप तैयारी भी शुरू की गई है. दीप, तेल, बत्ती और दूसरी सामग्री को सुरक्षित रखने के लिए टीन शेड और अन्य व्यवस्थाएं भी की जा रहीं हैं. हर ब्लॉक के लिए 1/1 मीटर की प्लास्टिक शीट ढंकने के लिए मंगवाई है. दीप जलने से पहले बारिश आती है तो व्यवस्था चाक चौबंद है। 

    'जीरो वेस्ट मॉडल पर जलेंगे 25 लाख दीप'
    नगर निगम कमिश्नर अभिलाष मिश्राके अनुसार, "इस आयोजन का एक और महत्वपूर्ण हिस्सा जीरो वेस्ट मॉडल है. दीपोत्सव के दौरान स्वच्छता और कचरा प्रबंधन पर विशेष ध्यान दिया जाएगा. हर क्षेत्र में जिम्मेदार अधिकारियों की तैनाती और आयोजन के बाद तत्काल सफाई की व्यवस्था की गई है. बची हुई सामग्री को भी रीसायकल किया जाएगा। 

  • छत्तीसगढ़ में AI मिशन को मिलेगी रफ्तार, ₹500 करोड़ से युवाओं और तकनीक को बढ़ावा

    छत्तीसगढ़ में AI मिशन को मिलेगी रफ्तार, ₹500 करोड़ से युवाओं और तकनीक को बढ़ावा

    एआई क्षेत्र में नई उड़ान भरने को तैयार छत्तीसगढ़

    500 करोड़ के मुख्यमंत्री एआई मिशन से संवरेगा युवाओं और तकनीक का भविष्य
                     

    रायपुर
    दुनियाभर में तेजी से बढ़ रहे आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के दौर में छत्तीसगढ़ भी अब एक नई छलांग लगाने की तैयारी में है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार एआई को विकास, रोजगार और सुशासन के नए अवसरों से जोड़ने के लिए पूरी तरह से प्रतिबद्ध है। खेती-किसानी से लेकर स्वास्थ्य, शिक्षा और प्रशासन तक हर क्षेत्र में एआई के उपयोग को बढ़ावा देने के लिए राज्य में बड़े पैमाने पर तैयारियां शुरू हो गई हैं। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि शिक्षा, स्वास्थ्य, कृषि और जनसेवा के विभिन्न क्षेत्रों में एआई के प्रभावी उपयोग से रोजगार और नवाचार के नए अवसर सृजित करते हुए हम विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण के लिए पूरी तरह संकल्पित हैं।

    500 करोड़ रुपये का मुख्यमंत्री एआई मिशन

                भविष्य की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने 500 करोड़ रुपये के मुख्यमंत्री एआई मिशन की शुरुआत की है। इस मिशन का मुख्य उद्देश्य छत्तीसगढ़ को केवल एआई तकनीक अपनाने वाला राज्य नहीं, बल्कि इसके उपयोग और नवाचार में सिरमौर बनाना है। इस मिशन के तहत प्रदेश में 100 एआई लैब और 5 सेंटर ऑफ एक्सीलेंस विकसित किए जाएंगे।

              योजना के अंतर्गत लगभग 6 लाख विद्यार्थियों और डेढ़ लाख शासकीय अधिकारी- कर्मचारियों को एआई के उपयोग से जोड़ा जाएगा। साथ ही, शासन की 50 से अधिक सेवाओं को एआई के जरिए अधिक प्रभावी बनाया जाएगा। युवाओं को जॉब सीकर (नौकरी तलाशने वाला) की बजाय जॉब क्रिएटर (नौकरी पैदा करने वाला) बनाने के लिए मशीन लर्निंग और डेटा साइंस का प्रशिक्षण दिया जा रहा है।

    कृषि, स्वास्थ्य और प्रशासन में एआई का प्रयोग

              इस मिशन का दायरा केवल आईटी तक सीमित नहीं है, बल्कि इसे धरातल पर आम जनता के जीवन को आसान बनाने के लिए उतारा जा रहा है। कृषि मौसम, फसल, कीट और रोगों के आंकड़ों के विश्लेषण से किसानों को समय पर सटीक सलाह मिल सकेगी। एआई आधारित तकनीक से जांच, रोग पहचान और स्वास्थ्य संसाधनों के प्रबंधन में सुधार होगा।

    सुशासन एवं उद्योग

             सरकारी पोर्टलों (जैसे सेवा सेतु) के विस्तार और एआई के उपयोग से योजनाओं की मॉनिटरिंग और नागरिक सेवाओं को सुगम बनाया जा रहा है। वहीं उद्योगों में उत्पादकता और ऊर्जा दक्षता बढ़ेगी। कारखानों में रोबोटिक्स और मशीन लर्निंग के उपयोग से उत्पादन की गति बढ़ती है और त्रुटियाँ कम होती हैं। AI सेंसर मशीनों की स्थिति पर लगातार नजर रखते हैं और खराबी आने से पहले ही चेतावनी दे देते हैं, जिससे लागत बचती है। उद्योगों में व्यक्तिगत प्राथमिकताओं को समझने और 24X7 सहायता प्रदान करने के लिए AI संचालित टूल का उपयोग किया जाता है।

    नवा रायपुर बन रहा तकनीक और एआई का नया हब

             नवा रायपुर को आईटी, एआई और डाटा सेंटर के प्रमुख केंद्र के रूप में विकसित किया जा रहा है। यहाँ लगभग 1 हजार करोड़ रुपये के निवेश से एआई आधारित डाटा सेंटर और एआई एसईजेड विकसित किया जा रहा है। इसके अलावा, नवा रायपुर में करीब 200 करोड़ रुपये की लागत से नेशनल स्किल ट्रेनिंग इंस्टीट्यूट की स्थापना का निर्णय लिया गया है। एनआईटी रायपुर और ट्रिपल आईटी (IIIT) नवा रायपुर में एआई सेंटर ऑफ एक्सीलेंस के माध्यम से खनन, इस्पात, स्वास्थ्य, कृषि और स्मार्ट गवर्नेंस जैसे क्षेत्रों में अनुसंधान और स्टार्टअप को बढ़ावा मिल रहा है, जिससे छत्तीसगढ़ के युवाओं के लिए उच्च तकनीक आधारित रोजगार के नए द्वार खुल रहे हैं।

    नवा रायपुर में देश का पहला एआइ आधारित डेटा सेंटर

              नवा रायपुर अटल नगर में देश का पहला एआइ आधारित डेटा सेंटर सेक्टर-22 में 13.5 एकड़ में विकसित हो रहा यह प्रोजेक्ट न केवल प्रदेश की पहचान को नई ऊंचाई देगा, बल्कि आम जनता के लिए भी बड़े बदलाव लेकर आएगा।  प्रदेश के युवाओं को बेहतर करियर के लिए बड़े शहरों की ओर पलायन नहीं करना पड़ेगा। इसके साथ ही एआइ तकनीक का फायदा किसानों, विद्यार्थियों और आम नागरिकों को भी मिलेगा। डिजिटल सेवाएं मजबूत होने से शिक्षा, स्वास्थ्य और सरकारी योजनाओं का लाभ दूरदराज के क्षेत्रों तक आसानी से पहुंच सकेगा।

           धनंजय राठौर
           सयुक्त संचालक, जनसंपर्क

  • PM मोदी पर CM मोहन यादव का बड़ा बयान, बोले- भगवान विश्वकर्मा के आदर्शों पर आगे बढ़ रहे

    PM मोदी पर CM मोहन यादव का बड़ा बयान, बोले- भगवान विश्वकर्मा के आदर्शों पर आगे बढ़ रहे

    भगवान विश्वकर्मा के सच्चे अनुयायी हैं प्रधानमंत्री  मोदी : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

    तपोनिष्ठ प्रधानमंत्री  मोदी की राष्ट्र निर्माण के प्रति कमर्ठता और सृजनशीलता सभी के लिए प्रेरणादायी
    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रदेशवासियों को दी विश्वकर्मा जयंती पर दी बधाई

    भोपाल 

    मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने प्रदेशवासियों को विश्वकर्मा जयंती की बधाई दी है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के जन्मदिवस पर भगवान महाकाल और भगवान विश्वकर्मा से उनके दीर्घायु होने की प्रार्थना की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने विश्वकर्मा जयंती पर प्रदेशवासियों को मीडिया के माध्यम से बधाई देते हुए यह भाव व्यक्त किए।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि भगवान विश्वकर्मा ने अपनी सृजनशीलता और कौशल से सृष्टि के निर्माण को सुंदर स्वरूप प्रदान किया। आज का दिन इसलिए भी विशेष है कि क्योंकि प्रधानमंत्री श्री मोदी का जन्मदिन भी है। भारत जिस सामर्थ्य और गौरव के साथ विश्व पटल पर खड़ा है, उसमें प्रधानमंत्री श्री मोदी का महत्वपूर्ण योगदान है। प्रधानमंत्री के रूप में अपनी यात्रा में उन्होंने भारत की प्रतिभा, सामर्थ्य और शक्ति को हर क्षेत्र में विश्व पटल पर प्रतिष्ठित किया है। हम सबकी आस्था और श्रद्धा, सृजन के देवता भगवान विश्वकर्मा में है। सच्चे अर्थों में प्रधानमंत्री श्री मोदी भगवान विश्वकर्मा के अनुयायी हैं। उन्होंने प्रत्येक व्यक्ति की जरूरतों का ध्यान रखते हुए गरीबों को आवास से लेकर उनके भोजन तक की व्यवस्था सुनिश्चित की है। विश्व भारत की ओर उम्मीद और विश्वास से देख रहा है। राष्ट्र निर्माण के प्रति तपोनिष्ठ प्रधानमंत्री श्री मोदी की कर्मठता और सृजनशीलता सभी के लिए प्रेरणादायी है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रधानमंत्री श्री मोदी के जन्मदिन के अवसर पर प्रदेश के हर घर में दीप प्रज्ज्वलित करने का आह्वान किया।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि हम सभी के लिए आज का दिन विशेष है। आज राज्यसभा सांसद एवं राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री नितिन नवीन प्रदेश में पधार रहे हैं। उज्जैन में आज व्यापक स्तर पर दीप प्रज्जवलन का भव्य और दिव्य कार्यक्रम होगा। इसके साथ ही इंदौर से प्रदेश के 50 लाख से अधिक ग्रामीण परिवारों के लिए आवासों की निःशुल्क रजिस्ट्री कराने के स्वामित्व अधिकार अभिलेख निष्पादन एवं पंजीयन योजना का शुभारंभ भी किया जाएगा।

  • मुख्यमंत्री ने श्रमवीरों, शिल्पकारों, कारीगरों और तकनीकी क्षेत्र से जुड़े लोगों को दी विश्वकर्मा जयंती की शुभकामनाएं

    मुख्यमंत्री ने श्रमवीरों, शिल्पकारों, कारीगरों और तकनीकी क्षेत्र से जुड़े लोगों को दी विश्वकर्मा जयंती की शुभकामनाएं

    सृजन, कौशल और श्रम के सम्मान का संदेश देती है भगवान विश्वकर्मा की आराधना : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय

    मुख्यमंत्री निवास में भगवान विश्वकर्मा की विधि-विधान से पूजा-अर्चना, प्रदेश की सुख-समृद्धि और खुशहाली की कामना की

    मुख्यमंत्री ने श्रमवीरों, शिल्पकारों, कारीगरों और तकनीकी क्षेत्र से जुड़े लोगों को दी विश्वकर्मा जयंती की शुभकामनाएं

    रायपुर 
     मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने आज भगवान विश्वकर्मा जयंती के अवसर पर राजधानी रायपुर स्थित मुख्यमंत्री निवास में सृजन, शिल्प और निर्माण के अधिष्ठाता भगवान विश्वकर्मा की विधि-विधान से पूजा-अर्चना की। मुख्यमंत्री ने भगवान विश्वकर्मा से प्रदेश की सुख-समृद्धि, खुशहाली और निरंतर प्रगति की कामना की। इस अवसर पर मुख्यमंत्री के सलाहकार आर. कृष्णा दास, मुख्यमंत्री के प्रेस अधिकारी आलोक सिंह सहित मुख्यमंत्री निवास के अन्य अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित थे।

    मुख्यमंत्री साय ने भगवान विश्वकर्मा को नमन करते हुए प्रदेशवासियों, विशेषकर श्रमवीरों, शिल्पकारों, कारीगरों, अभियंताओं, तकनीशियनों तथा उद्योग और निर्माण क्षेत्र से जुड़े सभी लोगों को विश्वकर्मा जयंती की हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दीं।

    मुख्यमंत्री साय ने कहा कि भगवान विश्वकर्मा सृजनशीलता, कौशल, कर्मनिष्ठा और उत्कृष्टता के प्रतीक हैं। उनकी आराधना हमें अपने ज्ञान, हुनर और परिश्रम से समाज एवं राष्ट्र के निर्माण में योगदान देने की प्रेरणा देती है। विश्वकर्मा जयंती केवल हमारी आस्था और परंपरा से जुड़ा पर्व नहीं है, बल्कि यह श्रम की प्रतिष्ठा, कौशल के सम्मान और सृजन की शक्ति के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करने का भी अवसर है।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि किसी भी प्रदेश और राष्ट्र की प्रगति के पीछे उसके श्रमवीरों, कारीगरों, शिल्पकारों, तकनीशियनों और निर्माणकर्ताओं का महत्वपूर्ण योगदान होता है। खेत-खलिहानों से लेकर कारखानों तक, छोटे-छोटे प्रतिष्ठानों से लेकर बड़े उद्योगों तक और पारंपरिक शिल्प से लेकर आधुनिक तकनीक तक, हमारे कुशल हाथ अपने परिश्रम और प्रतिभा से विकास को आकार देते हैं।

    उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ की पहचान सदैव मेहनतकश लोगों और समृद्ध शिल्प परंपरा की रही है। हमारे शिल्पकारों और कारीगरों ने पीढ़ियों से अपने हुनर के माध्यम से प्रदेश की सांस्कृतिक विरासत को सहेजा है। वहीं आज के श्रमिक, अभियंता और तकनीकी क्षेत्र से जुड़े युवा आधुनिक छत्तीसगढ़ के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। परंपरागत कौशल और आधुनिक तकनीक का यह समन्वय प्रदेश के विकास को नई दिशा देने की क्षमता रखता है।

    मुख्यमंत्री साय ने कहा कि श्रम केवल आजीविका का माध्यम नहीं, बल्कि सृजन और राष्ट्र निर्माण की शक्ति है। प्रत्येक श्रमिक के परिश्रम और प्रत्येक कारीगर के हुनर का सम्मान करना हमारी सामाजिक जिम्मेदारी है। छत्तीसगढ़ के श्रमिक, कारीगर और निर्माण से जुड़े लाखों हाथ अपने परिश्रम से प्रदेश की प्रगति को निरंतर गति दे रहे हैं। उनका श्रम और कौशल समृद्ध एवं विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण की मजबूत नींव है।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि विश्वकर्मा जयंती हमें यह संदेश भी देती है कि हम अपने प्रत्येक कार्य को पूरी निष्ठा, अनुशासन, समर्पण और उत्कृष्टता के साथ करें। बदलते समय के अनुरूप कौशल को निरंतर निखारना और नई तकनीक को अपनाना आज की आवश्यकता है। कौशलयुक्त और परिश्रमी मानव संसाधन के बल पर ही हम आत्मनिर्भर, आधुनिक और विकसित छत्तीसगढ़ के संकल्प को साकार कर सकते हैं।

    मुख्यमंत्री साय ने भगवान विश्वकर्मा से प्रार्थना की कि वे प्रदेश के सभी श्रमवीरों, कारीगरों, शिल्पकारों, तकनीशियनों, अभियंताओं और उद्यमियों को अपने कार्य में निरंतर सफलता प्रदान करें तथा उनके कौशल और परिश्रम से छत्तीसगढ़ प्रगति, समृद्धि और खुशहाली के पथ पर निरंतर आगे बढ़ता रहे।

  • आनंदपुर साहिब में CM मान का विपक्ष पर हमला, सरकार की उपलब्धियां भी गिनाईं

    आनंदपुर साहिब में CM मान का विपक्ष पर हमला, सरकार की उपलब्धियां भी गिनाईं

    अमृतसर  

    मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने एक बार फिर साफ किया कि आम आदमी पार्टी सरकार की प्राथमिकता पंजाब और इसके लोग हैं, जबकि कांग्रेस, भाजपा और अकाली दल कुर्सी की लड़ाई में उलझे हुए हैं. जिंदवड़ी गांव में आयोजित लोक मिलनी कार्यक्रम के दौरान उन्होंने दावा किया कि आप सरकार से पहले केवल 22 फीसदी के मुकाबले अब पंजाब के 80 फीसदी खेतों तक नहरी पानी पहुंच चुका है और इसे 100 फीसदी तक ले जाने का लक्ष्य है। 

    मुख्यमंत्री ने यह भी ऐलान किया कि पंजाब को अपने पानी, चंडीगढ़ और पंजाब विश्वविद्यालय की रक्षा के लिए भाजपा और अकाली दल से दूर रहने की जरूरत है, उन्होंने सरकार के 14,000 किलोमीटर नहरी पानी की पाइपलाइन नेटवर्क, मुफ्त बिजली, मैरिट आधारित नौकरियों और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा पर प्रकाश डालते हुए कहा कि सरकार एक खुशहाल और रंगला पंजाब बनाने के लिए काम कर रही है। 

    इस लोक मिलनी के कुछ अंश साझा करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने एक्स पर लिखा, “श्री आनंदपुर साहिब के गांव जिंदवड़ी में लोगों के साथ दिल की बातें साझा कीं. पारंपरिक पार्टियों ने हमेशा कुर्सी और परिवारवाद की राजनीति की है, लेकिन हमारी सरकार आम लोगों के लिए काम कर रही है. हमने युवाओं को मैरिट पर नौकरियां, बेहतरीन शिक्षा, खेतों तक नहरी पानी पहुंचाने के लिए 14,000 किलोमीटर पाइपलाइन और मुफ्त बिजली दी है. गांवों के विकास को तेज करने के लिए हमने छह पंचायतों को 20-20 लाख रुपये के चेक भी सौंपे. हमारा एकमात्र उद्देश्य खुशहाल और प्रगतिशील ‘रंगला पंजाब’ बनाना है। इंकलाब जिंदाबाद। 

    विपक्षी पार्टियों पर बरसे मान
    लोक मिलनी के दौरान सभा को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, "हमारी सरकार के पिछले साढ़े चार साल से अधिक के कार्यकाल के दौरान हमने राज्य के लोगों की भलाई और पंजाब की तरक्की के लिए पूरी लगन से काम किया है. दूसरी ओर विपक्षी पार्टियों ने हमेशा राज्य को बेरहमी से लूटा है और लोगों के संसाधनों की लूट कर उनका शोषण किया है. ये लोग किसी रहम के हकदार नहीं हैं और उन्हें उनके पापों का सबक सिखाया जाना चाहिए। 

    उन्होंने कहा, "कुछ दिन पहले तक अकाली नेता सुखबीर बादल भाजपा के खिलाफ झंडा उठाए घूम रहे थे, लेकिन अब वह राज्य में सत्ता हासिल करने के लिए भाजपा के साथ गठबंधन करने के लिए पबों के बल आ गए हैं. उनका एकमात्र उद्देश्य बिना किसी वैचारिक समानता के सत्ता हासिल करके राज्य को तबाह करना है, जो पंजाब के लिए बेहद घातक होगा. ये लोग अवसरवादी हैं, जिनका राज्य से कोई सरोकार नहीं है. मैं लोगों से अपील करता हूं कि वे इन पार्टियों के गुमराह करने वाले हथकंडों में कभी न आएं, जिन्हें पंजाब की कोई चिंता नहीं है। 

    मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान आगे कहा, "इन पार्टियों का राज्य और इसके लोगों के खिलाफ काम करने का रिकॉर्ड दागी रहा है और इन्हें कभी माफ नहीं किया जा सकता, भाजपा पंजाब विरोधी मानसिकता की शिकार है और इसने हमेशा पंजाब के साथ अन्याय किया है, चाहे वह पंजाब विश्वविद्यालय, चंडीगढ़, भाखड़ा ब्यास मैनेजमेंट बोर्ड (बी.बी.एम.बी.), सतलुज यमुना लिंक (एस.वाई.एल.) नहर, हरिके नहर, गणतंत्र दिवस की झांकियां, ग्रामीण विकास फंड (आर.डी.एफ.) या सीमावर्ती क्षेत्र के फंडों का मुद्दा हो। 

    बीजेपी पर हमला बोलते हुए मान ने कहा- "काले कृषि कानूनों के खिलाफ विरोध प्रदर्शन के दौरान शहीद हुए पंजाब के 700 से अधिक किसानों की हत्या से भाजपा के हाथ रंगे हुए हैं। 

    मुख्यमंत्री ने कहा, "आप अपनी जनहितैषी और विकासोन्मुखी नीतियों के कारण देशभर में अपने पंख फैला रही है. राजस्थान में स्थानीय निकायों के चुनावों में पार्टी की जीत इसका प्रत्यक्ष प्रमाण है. पारंपरिक पार्टियों ने अपने बेबुनियाद और विभाजनकारी हथकंडों से हमेशा आम आदमी को मूर्ख बनाया है। 

    मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, "वास्तव में इन पार्टियों ने अपने सत्ता के दिनों में एक-दूसरे के हितों की रक्षा की, जिसके कारण इनके कुकर्म कभी सामने नहीं आए. आज लोग ‘आप’ को चुन रहे हैं और इस पार्टी का चुनाव चिन्ह ‘झाड़ू’ राज्य और देश की राजनीतिक व्यवस्था की सफाई कर रहा है, इसलिए कोई कसर बाकी नहीं छोड़ी जाएगी। 

    अकाली दल को आड़े हाथों लेते हुए मुख्यमंत्री ने कहा, "अपने लंबे कुशासन के दौरान अकालियों ने श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी की बेअदबी का पाप किया, इस घिनौने अपराध के दोषियों को संरक्षण दिया और निर्दोष लोगों पर गोलीबारी की अनुमति दी. अकालियों ने पंजाबियों की मानसिकता को भावनात्मक ठेस पहुंचाने और राज्य में कई तरह के माफिया को संरक्षण देने के अलावा राज्य को बेरहमी से लूटा, अकालियों को दिया गया हर वोट बेअदबी के पक्ष में होगा। 

    उन्होंने कहा, "अकाली नेतृत्व को कभी माफ नहीं किया जा सकता क्योंकि वह राज्य की कई पीढ़ियों की नस्लकुशी के लिए जिम्मेदार था, क्योंकि उनके लंबे कुशासन के दौरान नशे के कारोबार को संरक्षण दिया गया और यह फलता-फूलता रहा. लोग इन पार्टियों के गुमराह करने वाले प्रचार में नहीं आएंगे और आने वाले दिनों में इन्हें उचित सबक सिखाएंगे। 

    अकाली नेता सुखबीर बादल पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा, "सुखबीर बादल जमीनी हकीकतों से अनजान हैं क्योंकि उन्होंने पूरी जिंदगी सुख-सुविधाओं और आलीशान माहौल में बिताई है. सुखबीर बादल कॉन्वेंट के पढ़े हुए हैं, जिन्हें राज्य की बुनियादी भौगोलिक स्थिति का भी ज्ञान नहीं है, लेकिन वह पंजाब में सत्ता हासिल करना चाहते हैं. बाकी सब छोड़िए, पूर्व उपमुख्यमंत्री राज्य की बुनियादी फसलों में भी अंतर नहीं कर सकते क्योंकि उन्हें बुनियादी मुद्दों के बारे में बहुत कम ज्ञान है। 

    मुख्यमंत्री ने दावा करते हुए कहा, "मैं राज्य का बेमिसाल विकास सुनिश्चित करने के लिए अपना खून-पसीना बहा रहा हूं और हर गुजरते दिन के साथ हम लोगों के जीवन स्तर को ऊंचा उठाने के लिए कई नई जनहितैषी पहल कर रहे हैं. पुराने नेताओं के विपरीत मैंने सरकारी खजाने से एक पैसा भी नहीं मांगा, बल्कि यह सुनिश्चित किया है कि करदाताओं का एक-एक रुपया जनकल्याण के लिए समझदारी से खर्च किया जाए। 

    उन्होंने कहा, "लोगों का बेटा और भाई होने के नाते मैंने पुराने नेताओं की तरह आलीशान जिंदगी जीने के बजाय लोगों के दुख-दर्द और मुश्किलों को साझा करने पर ध्यान केंद्रित किया है, पहले किसी भी शासक ने लोगों की मुश्किलों के बारे में विस्तारपूर्वक बातचीत करने और मिशनरी भावना से उन्हें हल करने के लिए इस तरह लोगों के बीच आकर काम नहीं किया। 

    मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, "उन अहंकारी राजनेताओं ने लोगों से मिलने की बजाय हमेशा खुद को अपनी बड़ी कोठियों की ऊंची दीवारों तक सीमित रखा और अब वे राज्य सरकार के हर कदम से घबराए हुए हैं. इसके विपरीत मैं विकासोन्मुखी और नागरिक-केंद्रित नीतियां बनाने के लिए लोगों से फीडबैक लेने हेतु हमेशा फील्ड में रहा हूं, जिससे राज्य के विकास को बड़ा प्रोत्साहन मिला है। 

    मुख्यमंत्री ने कहा, "आप सरकार राज्य के खजाने के एक-एक पैसे का इस्तेमाल राज्य के लोगों की भलाई के लिए कर रही है. राज्य के 90 फीसदी से अधिक परिवारों को मुफ्त बिजली मिल रही है. यहां तक कि किसानों को भी आज दिन के समय बिजली मिल रही है, जो पहले कभी नहीं हुआ था. लोगों के टैक्स का पैसा राज्य का है और हम इसे लोगों की भलाई पर समझदारी से खर्च कर रहे हैं। लोगों का पैसा विकास, स्कूलों, अस्पतालों और सड़कों के माध्यम से लोगों के पास वापस आ रहा है। 

    मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने अपनी सरकार की सराहना करते हुए कहा, "पंजाब सरकार लोगों के लिए काम कर रही है और इसने घरों को मुफ्त बिजली, 70,000 से अधिक युवाओं को बिना भ्रष्टाचार के नौकरियां, बेहतर सड़कें, गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाएं, बुनियादी ढांचे का निर्माण करने के अलावा कई अन्य प्रमुख पहल की हैं, जिन्हें पुराने नेताओं द्वारा नजरअंदाज किया गया था। 

    उन्होंने कहा, "युवाओं को नशे की बीमारी से दूर करने के लिए राज्य में 3,100 खेल स्टेडियम बनाए जा रहे हैं, हमने शिक्षा को प्राथमिकता दी है और लोगों के जीवन को बदलने के लिए शिक्षा क्षेत्र में क्रांतिकारी पहल की हैं। 

    मुख्यमंत्री ने कहा, "कोई भी मुफ्त की चीजें या रियायती कार्ड राज्य से गरीबी या अन्य सामाजिक बुराइयों को खत्म नहीं कर सकते, लेकिन शिक्षा ही एक ऐसी चाबी है, जो लोगों के जीवन स्तर को ऊंचा उठाकर उन्हें इस चक्र से बाहर निकाल सकती है. इस कारण हमारी सरकार आम आदमी को सशक्त बनाने के लिए शिक्षा के स्तर में सुधार के लिए निरंतर प्रयास कर रही है."

    उन्होंने कहा, "राज्यवासियों की सुविधा के लिए 45,000 किलोमीटर सड़कों की मरम्मत और अपग्रेडेशन की जा रही है। 

    मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, "मेरे पद संभालने के बाद नहरी सिंचाई के अधीन क्षेत्र बढ़कर 80 फीसदी हो गया है, जिससे किसानों को बहुत लाभ हुआ है. लोगों को व्यापक स्वास्थ्य सेवाएं देने के लिए राज्य सरकार ने ‘मुख्यमंत्री सेहत योजना’ शुरू की है, जो देश में अपनी तरह की पहली योजना है, जो पंजाब के प्रत्येक निवासी परिवार के लिए 10 लाख रुपये तक का कैशलेस इलाज प्रदान करती है. यह बहुत गर्व और संतोष की बात है कि पंजाब ऐसा व्यापक स्वास्थ्य कवरेज देने वाला पहला भारतीय राज्य है, जिसने गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं सुनिश्चित करते हुए आम जनता पर वित्तीय बोझ को काफी कम किया है। 

    मुख्यमंत्री ने बताया कि "‘मावां धीयां सत्कार योजना’ के तहत 1 जुलाई से 18 वर्ष से अधिक उम्र की प्रत्येक महिला लाभार्थी को 1,000 रुपये और एस.सी. महिलाओं के मामले में 1,500 रुपये की वित्तीय सहायता के बारे में उनके मोबाइल पर नोटिफिकेशन मिल रहे हैं, ये फंड सीधे बैंक खातों में ट्रांसफर किए जाएंगे और पहले से सामाजिक सुरक्षा पेंशन प्राप्त कर रही महिलाएं भी इसकी पात्र होंगी. पंजाब की 97 फीसदी महिलाओं को इस योजना का लाभ मिला है और राज्य सरकार ने बजट में 9,300 करोड़ रुपये आवंटित किए हैं, इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री हरजोत सिंह बैंस, लोकसभा सदस्य मालविंदर सिंह कंग और अन्य उपस्थित थे। 

  • EPFO Pension Calculation: ₹25 हजार वेतन पर कितनी पेंशन? जानें नए नियम का पूरा हिसाब

    EPFO Pension Calculation: ₹25 हजार वेतन पर कितनी पेंशन? जानें नए नियम का पूरा हिसाब

    नई दिल्ली

    केंद्र सरकार ने  प्राइवेट सेक्‍टर में काम करने वाले लोगों को एक बड़ा तोहफा दिया. पेंशन कटौती के लिए अनिवार्य सैलरी लिमिट को 15,000 रुपये से बढ़ाकर 25,000 रुपये कर दिया है. सरकार का कहना है कि इससे 51 लाख कर्मचारियों के लिए पेंशन कटौती अनिवार्य हो जाएगी और सरकार को अनुमानित 11,339 करोड़ रुपये का बोझ उठाना होगा। 

    पेंशन में योगदान
    पेंशन के लिए कंट्रीब्‍यूशन कर्मचारी की सैलरी से नहीं, बल्कि नियोक्‍ता के योगदान से जाएगा. नियोक्‍ता अपने 8.33 फीसदी पेंशन में योगदान देगा और बाकी पीएफ अकाउंट में जमा करेगा. ऐसे में बिना इन हैंड सैलरी कटे, कर्मचार‍ियों को पेंशन कटौती का लाभ दिया जाएगा. केंद्र सरकार के अनुसार, कर्मचारियों के सोशल सिक्‍योंरिटी को बढ़ाने के लिए यह फैसला लिया गया है। 

    रिटायरमेंट के बाद पेंशन
    इस नए नियम को आज यानी 17 सितंबर 2026 से लागू कर दिया गया है. अब ऐसे में ज्‍यादातर लोग ये जानना चाहते हैं कि अगर उनका बेसिक और डीए मिलाकर सैलरी 25,000 रुपये की कैटेगरी में आती है, तो रिटायरमेंट के बाद उनकी पेंशन कितनी बनेगी? 

    EPS के तहत पेंशन का फार्मूला? 
    एमप्‍लॉई पेंशन स्‍कीम (EPS) के तहत पेंशन कैलकुलेट करने का एक खास फार्मूला दिया गया है, जिसके तहत आप आप अपनी सैलरी और साल के अनुसार ये अनुमान लगा सकते हैं कि आपकी कितनी सैलरी कटेगी? 

    मासिक पेंशन = पेंशन योग्‍य सैलरी × पेंशन योग्‍य सेवा के साल ÷ 70

    20 साल या उससे अधिक की सेवा पर 2 साल का अतिरिक्त सर्विस वेटेज भी मिलता है। 

    अब अगर 58 साल रिटायरमेंट की उम्र मानी जाए, तो कितनी पेंशन बनेगी? 
    अगर आप 25 साल के हैं और आपकी बेसिक और डीए मिलाकर 25,000 रुपये है, तो आपके पेंशन योग्‍य साल- 33 साल होगा. इसपर 2 साल का बोनस भी दिया जाएगा. ऐसे में अनुमानित पेंशन ₹12,500 महीना होगा. 
    इसी तरह, अगर आपकी उम्र 30 साल है और आपकी Basic + DA 25,000 रुपये है, तो पेंशन योग्‍य सर्विस- 28 साल होगी. इसपर 2 सला का बोनस भी दिया जाएगा. ऐसे में अनुमानित पेंशन  ₹10,714 मंथली होगा। 

    यहां देखें पूरा कैलकुलेशन
    25 साल की उम्र में पेंशन कैलकुलेशन
    ₹25,000 × 35 ÷ 70 = ₹12,500 प्रति महीना 

    30 साल की उम्र में पेंशन कैलकुलेशन 
    ₹25,000 × 30 ÷ 70 = ₹10,714 प्रति महीना

    कब मिलेगी इतनी पेंशन?       
    यह तभी संभव है, जब 25000 रुपये आपकी पेंशन योग्‍य सैलरी रहे. वास्तविक EPS गणना में अंतिम अवधि की पेंशन योग्‍य सैलरी और सेवा अ‍वधि देखी जाती है. अगर ये दोनों इस सेनारियो में फिट बैठते हैं तो आपकी पेंशन ऊपर बताए गए कैलकुलेशन के आधार पर मिलेगी। 

  • पंजाब में नशे और अपराध पर सरकार का सख्त रुख, AAP बोली- गैंगस्टर कहीं नहीं बचेंगे

    पंजाब में नशे और अपराध पर सरकार का सख्त रुख, AAP बोली- गैंगस्टर कहीं नहीं बचेंगे

    चंडीगढ़ 

    पंजाब की भगवंत मान सरकार नशे के खिलाफ अभियान चला रही है. आम आदमी पार्टी (AAP) के मीडिया प्रभारी बलतेज पन्नू ने कहा कि भगवंत मान सरकार द्वारा राज्य में तेजी से नशे और गैंगस्टर्स के खिलाफ कार्रवाई की जा रही है. बलतेज पन्नू के मुताबिक पंजाब पुलिस दुनिया भर से एक दर्जन से ज्यादा गैंगस्टर्स को वापस ला चुकी है. उनका कहना है कि इसमें लॉरेंस बिश्नोई का करीबी करमवीर देव भी शामिल हैं. इन्हें हाल ही में कनाडा से डिपोर्ट किए जाने के बाद दिल्ली एयरपोर्ट पर पकड़ा गया था। 

    बलतेज पन्नू का कहना है कि अमेरिका, दुबई, मलेशिया से लेकर मोल्दोवा तक, भगवंत मान सरकार ने पंजाब पुलिस को हाई टेक बनाया है. उनके मुताबिक,  अपराध रोकने और गैंगस्टरों का पीछा करने के लिए पंजाब पुलिस को बेहतर इक्विपमेंट से लैस किया गया है. यह साफ संदेश दिया गया है कि पंजाब में अपराध में शामिल कोई भी गैंगस्टर दुनिया के किसी भी कोने को सुरक्षित जगह नहीं मान सकता। 

    एक प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए, AAP पंजाब के मीडिया इंचार्ज बलतेज पन्नू ने कहा, “सत्ता में आने के बाद, भगवंत मान सरकार ने नशों और गैंगस्टरों के खिलाफ तेजी से अभियान चलाया है. हमने पंजाब में सक्रिय आपराधिक नेटवर्क को खत्म करने के लिए निर्णायक कार्रवाई की हैं और विदेश भागे गैंगस्टरों  का भी पीछा किया है। 

    पंजाब AAP मीडिया इंचार्ज का विपक्ष पर निशाना
    AAP पंजाब मीडिया इंचार्ज ने विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा कि विपक्ष के पास पंजाब के लोगों को देने के लिए कुछ नहीं है, इसलिए वह बार-बार मुद्दे उठाकर पंजाब सरकार को बदनाम करने की कोशिश कर रहा है. उनका कहना है कि विपक्ष संगठित अपराध के खिलाफ हो रही कार्रवाई को नज़रअंदाज़ कर रहा है। 

    AAP पंजाब मीडिया इंचार्ज बलतेज पन्नू ने कहा कि पंजाब का इतिहास बताता है कि 2007-2017 के समय में गैंगस्टरवाद में बहुत ज़्यादा बढ़ोतरी हुई थी. उन्होंने कहा, "अगर हम पंजाब में गैंगस्टरवाद के इतिहास को देखें, तो 2007-2017 के समय में गैंगस्टरवाद की घटनाएं काफ़ी बढ़ी थी. यह वह समय था जब 'गैंगस्टर' शब्द पंजाब की पहचान और पब्लिक डिस्कोर्स का हिस्सा बना था। 

    बलतेज पन्नू का कांग्रेस पर निशाना
    उन्होंने कांग्रेस के सरकार पर भी निशाना साधा है. उनका कहना है कि 2017-2022 के बीच कांग्रेस की सरकार के समय पंजाब का यही हाल था. उनका आरोप है कि कांग्रेस ने इस नेटवर्क को खत्म करने की बजाय उत्तर प्रदेश से एक गैंगस्टर को पंजाब में जेल में लाकर उसे VIP सुविधाएं दी. उन्होंने बताया कि उत्तर प्रदेश सरकार को उसकी वापसी के लिए सुप्रीम कोर्ट जाना पड़ा। 

    बलतेज पन्नू ने कांग्रेस और भगवंत मान सरकार के कार्यकाल की तुलना की है. उनका कहना है कि भगवंत मान सरकार ने इस तरीके को बदला है. उन्होंने बताया कि भगवंत मान सरकार के कार्यकाल में पंजाब पुलिस ने गैंगस्टरों के खिलाफ लगातार कार्रवाई शुरू की और उनके विदेश भागने के बाद भी उनका पीछा करती रही. उन्होंने कहा, "पंजाब पुलिस की लगातार कोशिशों की वजह से अब तक 10 से ज़्यादा गैंगस्टर विदेश से वापस लाए जा चुके हैं। 

    उन्होंने बताया कि वापस लाए गए गैंगस्टरों में सचिन बिश्नोई, मनप्रीत सिंह उर्फ पीता, रमनजीत सिंह उर्फ रोमी, परमिंदर सिंह उर्फ पिंडी, अनमोल बिश्नोई, अमृतपाल उर्फ मेहरो, गुरविंदर सिंह और जोबनदीप सिंह उर्फ जोबन बिल्ला शामिल हैं। 

    लॉरेस बिश्नोई के साथी को वापस लाया गया: बलतेज पन्नू
    बलतेज पन्नू ने बताया कि लॉरेंस बिश्नोई के साथी अनमोल बिश्नोई को अमेरिका से वापस लाया गया. उन्होंने कहा, "अमृतपाल उर्फ मेहरो, जिस पर विदेश भागने से पहले एक इंस्टाग्राम इन्फ्लुएंसर की हत्या का आरोप है, उसे दुबई से लाया गया. गुरविंदर सिंह को मलेशिया से लाया गया था." पन्नू ने बताया कि दो दिन पहले, एजीटीएफ टीम गैंगस्टर अमृतपाल उर्फ अमृत ढल्लम को मोल्डोवा से वापस लाई है। 

    पन्नू ने बताया कि एक और बड़े गैंगस्टर करमवीर सिंह उर्फ करमवीर देव (देव) को भी पंजाब वापस लाने की प्रक्रिया पूरी हो गई है. उन्होंने कहा, "करमवीर सिंह उर्फ करमवीर देव, जिसे देव के नाम से भी जाना जाता है, लॉरेंस बिश्नोई का करीबी साथी है. उसे कनाडा से डिपोर्ट किया गया है और दिल्ली एयरपोर्ट पर गिरफ्तारी के बाद एजीटीएफ टीम उसे पंजाब ला रही है। 

    AAP पंजाब मीडिया इंचार्ज के मुताबिक, पंजाब सरकार ने पंजाब पुलिस को बहुत मजबूत और मॉडर्न बनाया है. उनका कहना है कि पंजाब सरकार ने अपने जवानों को एडवांस्ड टेक्नोलॉजी और इक्विपमेंट से लैस किया है. लुधियाना में हाल ही में हुए एनकाउंटर का ज़िक्र करते हुए बलतेज पन्नू ने कहा, "पुलिस को ब्लड डोनेशन कैंप पर हमले की पहले से जानकारी थी. इस जानकारी की वजह से पुलिस अपराधियों के अपने प्लान को अंजाम देने से पहले ही एक्शन ले पाई। 

  • सेवा संकल्प अभियान में सामने आईं सफलता की कहानियां, ग्रामीणों से मिले मंत्री राजेश अग्रवाल

    सेवा संकल्प अभियान में सामने आईं सफलता की कहानियां, ग्रामीणों से मिले मंत्री राजेश अग्रवाल

    सेवा संकल्प अभियान के तहत ग्रामीणों के बीच पहुंचे पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री राजेश अग्रवाल

    पीएम जनमन आवास के हितग्राहियों से की आत्मीय मुलाकात,  लखपति दीदी भानुकला बैगा की सफलता को सराहा

    जनकल्याणकारी योजनाओं से बदली जिंदगी, सेवा संकल्प अभियान में सामने आईं सफलता की कहानियां

    रायपुर, 
     प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सार्वजनिक जीवन में 25 वर्षों की समर्पित जनसेवा के अवसर पर 17 सितंबर से 17 अक्टूबर तक आयोजित सेवा संकल्प अभियान के तहत पर्यटन, संस्कृति, धार्मिक न्यास एवं धर्मस्व मंत्री राजेश अग्रवाल ने गौरेला-पेंड्रा-मरवाही जिले के ग्रामीण क्षेत्रों का दौरा कर हितग्राहियों से आत्मीय संवाद किया। उन्होंने गौरेला विकासखंड के ग्राम पंचायत धनौली पहुंचकर शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं से लाभान्वित परिवारों से मुलाकात की और उनके जीवन में आए सकारात्मक बदलावों की जानकारी ली।

    मंत्री अग्रवाल ने पीएम जनमन आवास योजना के हितग्राही कार्तिक राम बैगा एवं धीरपाल सिंह बैगा के नवनिर्मित आवासों का अवलोकन किया। उन्होंने दोनों परिवारों से चर्चा कर आवास मिलने के बाद उनके जीवन में आए बदलावों के बारे में जाना। हितग्राहियों ने पक्का आवास मिलने पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रति आभार जताया।

    सेवा संकल्प अभियान के दौरान ग्रामीणों से संवाद करते हुए मंत्री राजेश अग्रवाल ने धीरपाल सिंह बैगा की पत्नी श्रीमती भानुकला बैगा की सफलता की कहानी भी जानी। श्रीमती भानुकला बैगा ग्रामीण आजीविका मिशन बिहान के महिला स्वसहायता समूह से जुड़ी हैं और बकरी पालन सहित विभिन्न आजीविका गतिविधियों के माध्यम से अपनी आय बढ़ा रही हैं।

    स्वसहायता समूह से जुड़कर निरंतर मेहनत और आजीविका गतिविधियों के विस्तार के माध्यम से उन्होंने लखपति दीदी बनने की उपलब्धि हासिल की है। मंत्री अग्रवाल ने उनकी सफलता की सराहना करते हुए कहा कि ग्रामीण महिलाओं का स्वसहायता समूहों से जुड़कर आत्मनिर्भरता की दिशा में आगे बढ़ना समाज के लिए प्रेरणादायी है। उन्होंने श्रीमती भानुकला बैगा को आगे भी अपनी आजीविका गतिविधियों को विस्तार देने के लिए प्रोत्साहित किया।

    आयुष्मान भारत योजना के हितग्राही से जाना योजना का लाभ

    सेवा संकल्प अभियान के अंतर्गत जनकल्याणकारी योजनाओं के लाभार्थियों से संवाद की कड़ी में मंत्री राजेश अग्रवाल ने आयुष्मान भारत योजना के हितग्राही नेमचंद गुर्जर से भी मुलाकात की। उन्होंने गुर्जर एवं उनके परिवार से स्वास्थ्य संबंधी जानकारी ली और आयुष्मान भारत योजना से मिले लाभ के बारे में जाना।

    नेमचंद गुर्जर ने बताया कि उन्होंने आयुष्मान कार्ड के माध्यम से उपचार का लाभ लिया है। उन्होंने रेबीज का टीकाकरण भी कराया है। मंत्री अग्रवाल ने योजना से मिले लाभ की जानकारी लेते हुए परिवार के स्वास्थ्य का हालचाल जाना।

    ग्रामीणों की आत्मीयता से अभिभूत हुए मंत्री अग्रवाल

    मुलाकात के दौरान गुर्जर परिवार ने मंत्री राजेश अग्रवाल का आत्मीय स्वागत किया और उन्हें गरमा-गरम स्वादिष्ट भुट्टा खिलाया। ग्रामीण परिवार के इस सहज और आत्मीय आतिथ्य के लिए मंत्री अग्रवाल ने परिवार का धन्यवाद किया। इस दौरान ग्रामीणों और मंत्री के बीच सहज संवाद का वातावरण बना रहा।

    मंत्री राजेश अग्रवाल ने ग्रामीणों से सेवा संकल्प अभियान में अधिक से अधिक सहभागिता की अपील की। उन्होंने कहा कि यह अभियान सेवा, समर्पण और जनभागीदारी की भावना को मजबूत करने का अवसर है। उन्होंने ग्रामीणों से ‘आशीर्वाद का दीप’ जलाकर अभियान से जुड़ने और जनसेवा की भावना को आगे बढ़ाने का आग्रह किया।

    उन्होंने कहा कि शासन की योजनाओं का वास्तविक उद्देश्य तभी सार्थक होता है, जब उनका लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे और लाभार्थी अपने अनुभव साझा कर दूसरे लोगों को भी योजनाओं का लाभ लेने के लिए प्रेरित करें। सेवा संकल्प अभियान इसी जनभागीदारी और सेवा भावना को व्यापक बनाने का माध्यम है।

    इस अवसर पर विधायक प्रणव कुमार मरपची, जिला पंचायत अध्यक्ष सुसमीरा पैकरा, कलेक्टर विजय दयाराम के., जिला पंचायत सीईओ मुकेश रावटे, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अविनाश मिश्रा सहित अनेक जनप्रतिनिधि, गणमान्य नागरिक एवं प्रशासनिक अधिकारी उपस्थित थे।

  • रीवा में सेवा संकल्प अभियान के तहत रक्तदान शिविर, डिप्टी CM बोले- रक्तदान है महादान

    रीवा में सेवा संकल्प अभियान के तहत रक्तदान शिविर, डिप्टी CM बोले- रक्तदान है महादान

    रक्तदान महादान, पीड़ित मानवता की सेवा का महत्वपूर्ण माध्यम: उप मुख्यमंत्री शुक्ल

    सेवा संकल्प अभियान के तहत रीवा में वृहद रक्तदान शिविर

    कृष्णा राजकपूर ऑडिटोरियम में उपमुख्यमंत्री शुक्ल ने रक्तदान कर किया शिविर का शुभारंभ

    रक्तदान का किया आह्वान 

    कमिश्नर, अधिकारियों सहित जनप्रतिनिधियों, सामाजिक कार्यकर्ताओं, जागरूक नागरिकों ने किया रक्तदान

    भोपाल 

    सेवा संकल्प अभियान के तहत संभागीय मुख्यालय रीवा के कृष्णा राज कपूर ऑडिटोरियम में वृहद स्वैच्छिक रक्तदान शिविर आयोजित किया गया। उप मुख्यमंत्री राजेन्द्र शुक्ल ने स्वयं रक्तदान कर शिविर का शुभारंभ किया। पूर्व विधायक केपी त्रिपाठी, वीरेंद्र गुप्ता सहित अन्य जनप्रतिनिधियों ने भी रक्तदान किया।

      उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने कहा कि आज प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी के जन्मदिन के अवसर पर देशभर में रक्तदान शिविर आयोजित किए जा रहे हैं। रक्तदान महादान है और पीड़ित मानवता की सेवा का महत्वपूर्ण माध्यम है। दुर्घटना में घायल व्यक्तियों तथा गंभीर रोगों से पीड़ित मरीजों के उपचार में रक्त की आवश्यकता होती है। उन्होंने नागरिकों से आह्वान किया कि स्वस्थ एवं पात्र व्यक्ति स्वैच्छिक रक्तदान के लिए आगे आएं और जरूरतमंदों की जीवन रक्षा में अपना योगदान दें।

      उन्होंने कहा कि सामान्यतः स्वस्थ 18 से 65 वर्ष आयु वर्ग के पात्र व्यक्ति चिकित्सकीय जांच के उपरांत रक्तदान कर सकते हैं। नियमित रक्तदान के लिए निर्धारित अंतराल एवं रक्त केंद्र की चिकित्सकीय सलाह का पालन किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि स्वयं रक्तदान करने से उन्हें आत्मिक प्रसन्नता हुई और अधिक से अधिक नागरिकों को इस सेवा कार्य में सहभागी बनना चाहिए। शिविर में रीवा संभाग के कमिश्नर शीलेंद्र सिंह सहित अधिकारियों, कर्मचारियों और सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधियों ने रक्तदान किया।

    रीवा जिले में यहां भी रक्तदान शिविर

    रीवा जिले में इच्छुक एवं पात्र नागरिक मनगवां, जवा, सिरमौर, सेमरिया, गंगेव एवं गोविंदगढ़ स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों तथा त्योंथर के सिविल अस्पताल में आयोजित स्वैच्छिक रक्तदान शिविरों में पहुंचकर रक्तदान कर सकते हैं। नागरिकों से अपील है कि वे अधिक से अधिक संख्या में सहभागिता कर पीड़ित मानवता की सेवा में अपना योगदान दें।

  • काशी में रक्षा मंत्री और मुख्यमंत्री ने की विशेष पूजा, PM मोदी की दीर्घायु के लिए मांगा आशीर्वाद

    काशी में रक्षा मंत्री और मुख्यमंत्री ने की विशेष पूजा, PM मोदी की दीर्घायु के लिए मांगा आशीर्वाद

    रक्षा मंत्री व मुख्यमंत्री ने किया बाबा विश्वनाथ का दर्शन-पूजन 

    प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के यशस्वी, स्वस्थ व सुदीर्घ जीवन की कामना

    भंडारे में श्रद्धालुओं को प्रसाद वितरित किया, पुरोहितों, आचार्यों व स्वच्छताकर्मियों का किया सम्मान

    आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू, केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान, प्रदेश भाजपा अध्यक्ष पंकज चौधरी, लोकसभा सांसद वीडी शर्मा ने भी किया दर्शन-पूजन

    वाराणसी
    काशी के सांसद
    एवं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिवस पर गुरुवार को रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह व मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बाबा विश्वनाथ का विशेष अनुष्ठान व दर्शन-पूजन किया। सभी ने मंदिर में जलाभिषेक व आरती कर बाबा के चरणों में श्रद्धा निवेदित की। नेताओं ने प्रधानमंत्री के यशस्वी सुदीर्घ जीवन के साथ ही देश-प्रदेश की खुशहाली की भी कामना की।

    स्वच्छता प्रहरियों का किया सम्मान, श्रद्धालुओं में मिष्ठान वितरण
    प्रधानमंत्री के 76वें जन्मदिवस के अवसर पर रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह व मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने काशी विश्वनाथ धाम में दर्शन-पूजन कर काशी के पुरोहितों और आचार्यों का सम्मान किया। वाराणसी से वडनगर तक सेवा संकल्प यात्रा से जुड़े बाइकर्स के साथ संवाद तथा काशी विश्वनाथ धाम में अपनी सेवाएं दे रहे स्वच्छता प्रहरियों को सम्मानित भी किया। इसके बाद सभी ने मंदिर परिसर में ही श्रद्धालुओं को मिष्ठान वितरण किया। इसके लिए 19-19 किलो के चार लड्डू (76 किलो) तैयार किए गए थे।

    ‘विकसित भारत’ लक्ष्य प्राप्ति के लिए प्रार्थना: राजनाथ सिंह
    रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि 17 सितंबर को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का जन्मदिन है। इस अवसर पर सभी ने काशी विश्वनाथ मंदिर में पूजा-अर्चना की। सभी ने ईश्वर से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दीर्घायु और आजीवन स्वस्थ रहने की प्रार्थना के साथ ही भारत को विकसित भारत के लक्ष्य तक पहुंचाने की कामना की। 

    सीएम योगी ने की बाबा से प्रार्थना- लंबे समय तक भारत का नेतृत्व करें पीएम मोदी
    मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि प्रधानमंत्री व काशी के लोकप्रिय सांसद नरेंद्र मोदी जी के पावन जन्मदिन पर रक्षा मंत्री, आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री, केंद्रीय मंत्री व भाजपा उप्र के अध्यक्ष समेत वरिष्ठ नेताओं ने बाबा विश्वनाथ के पावन धाम में विशेष पूजा-अनुष्ठान संपन्न किया है। बाबा विश्वनाथ से प्रधानमंत्री के स्वस्थ व सुदीर्घ जीवन की प्रार्थना की। वह लंबे समय तक भारत का नेतृत्व करें, जिससे देशवासी उनके नेतृत्व में आत्मनिर्भर, सुरक्षित व विकसित भारत की संकल्पना देख सकें और उनके यशस्वी नेतृत्व में भारत दुनिया की नंबर-1 अर्थव्यवस्था की तरफ से तेजी से आगे बढ़े। 

    कार्यक्रम के दौरान आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू, केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान, केंद्रीय वित्त राज्यमंत्री एवं भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी, खजुराहो के सांसद विष्णुदत्त शर्मा, उप्र के सहकारिता राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) जेपीएस राठौर, विधायक नीलकंठ तिवारी आदि भी मौजूद रहे।