Category: उत्तर प्रदेश

  • यूपी में EV चार्जिंग नेटवर्क को मिली रफ्तार, पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर में देश का तीसरा स्थान

    यूपी में EV चार्जिंग नेटवर्क को मिली रफ्तार, पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर में देश का तीसरा स्थान

    मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में पब्लिक ईवी चार्जिंग इन्फ्रास्ट्रक्चर में यूपी देश में तीसरे स्थान पर

    उत्तर प्रदेश में अब तक 17.67 लाख इलेक्ट्रिक वाहन हुए पंजीकृत

    इलेक्ट्रिक वाहनों के इस्तेमाल से पेट्रोल-डीजल पर निर्भरता हुई कम

    इलेक्ट्रिक वाहनों की बढ़ती संख्या से यूपी में स्वच्छ और हरित परिवहन को मिल रहा बढ़ावा

    लखनऊ
     मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश इलेक्ट्रिक मोबिलिटी के क्षेत्र में तेजी से आगे बढ़ रहा है। प्रदेश में इलेक्ट्रिक वाहनों के बढ़ते इस्तेमाल के साथ पब्लिक ईवी चार्जिंग इन्फ्रास्ट्रक्चर का भी लगातार विस्तार किया जा रहा है। इसी का परिणाम है कि पब्लिक ईवी चार्जिंग इन्फ्रास्ट्रक्चर के मामले में उत्तर प्रदेश देश में तीसरे स्थान पर पहुंच गया है। प्रदेश में इलेक्ट्रिक वाहनों की स्वीकार्यता भी लगातार बढ़ रही है। अब तक 17.67 लाख इलेक्ट्रिक वाहन उत्तर प्रदेश में पंजीकृत हो चुके हैं। इलेक्ट्रिक वाहनों की बढ़ती संख्या यह दर्शाती है कि प्रदेश में लोग पारंपरिक ईंधन आधारित वाहनों के विकल्प के रूप में इलेक्ट्रिक वाहनों को तेजी से अपना रहे हैं।

    पेट्रोल-डीजल पर निर्भरता कम करने में मदद
    इलेक्ट्रिक वाहनों के बढ़ते इस्तेमाल से पेट्रोल और डीजल पर निर्भरता कम करने में मदद मिल रही है। विशेष रूप से शहरी क्षेत्रों में ई-रिक्शा, इलेक्ट्रिक दोपहिया और चार पहिया वाहनों के साथ-साथ अन्य इलेक्ट्रिक वाहनों की संख्या में वृद्धि हुई है। इससे परिवहन क्षेत्र में स्वच्छ ऊर्जा के इस्तेमाल को बढ़ावा मिल रहा है। इलेक्ट्रिक वाहनों का संचालन पारंपरिक पेट्रोल-डीजल वाहनों की तुलना में अलग ऊर्जा व्यवस्था पर आधारित होने के कारण जीवाश्म ईंधन की खपत कम करने में सहायक है। इससे ऊर्जा के क्षेत्र में वैकल्पिक एवं टिकाऊ विकल्पों को बढ़ावा मिल रहा है।

    चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर का लगातार हो रहा विस्तार
    यूपी नेडा के डायरेक्टर रविन्दर सिंह ने बताया कि इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा देने के लिए मजबूत चार्जिंग नेटवर्क बेहद जरूरी है। इसी को ध्यान में रखते हुए प्रदेश में पब्लिक ईवी चार्जिंग इन्फ्रास्ट्रक्चर को लगातार मजबूत किया जा रहा है। चार्जिंग स्टेशनों की उपलब्धता बढ़ने से इलेक्ट्रिक वाहन चालकों को लंबी दूरी की यात्रा के दौरान चार्जिंग की सुविधा मिल रही है और ईवी अपनाने को लेकर लोगों का भरोसा बढ़ रहा है। पब्लिक चार्जिंग नेटवर्क का विस्तार विशेष रूप से प्रमुख शहरों, राष्ट्रीय एवं राज्य राजमार्गों तथा महत्वपूर्ण परिवहन मार्गों पर इलेक्ट्रिक मोबिलिटी को गति देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है।

    स्वच्छ और हरित परिवहन को बढ़ावा
    उत्तर प्रदेश में इलेक्ट्रिक वाहनों की बढ़ती संख्या प्रदेश में स्वच्छ और हरित परिवहन व्यवस्था के निर्माण की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। प्रदेश सरकार की नीतियों और इन्फ्रास्ट्रक्चर विकास के प्रयासों से इलेक्ट्रिक वाहन बाजार को भी मजबूती मिल रही है। आने वाले समय में चार्जिंग सुविधाओं के और विस्तार तथा इलेक्ट्रिक वाहनों की बढ़ती स्वीकार्यता से प्रदेश में ग्रीन मोबिलिटी का दायरा और व्यापक होने की उम्मीद है।

    ग्रीन मोबिलिटी की दिशा में बढ़ता यूपी
    उत्तर प्रदेश का पब्लिक ईवी चार्जिंग इन्फ्रास्ट्रक्चर में देश में तीसरे स्थान पर पहुंचना और प्रदेश में 17.67 लाख इलेक्ट्रिक वाहनों का पंजीकरण, इलेक्ट्रिक मोबिलिटी के क्षेत्र में राज्य की बढ़ती क्षमता को दर्शाता है। यह बदलाव न केवल परिवहन व्यवस्था को आधुनिक बनाने में सहायक है, बल्कि स्वच्छ, टिकाऊ और पर्यावरण के अनुकूल भविष्य की दिशा में भी महत्वपूर्ण कदम है।

  • आंधी-बारिश के बावजूद रोशन रहा उत्तर प्रदेश, बिजली व्यवस्था को लेकर योगी सरकार का बड़ा दावा

    आंधी-बारिश के बावजूद रोशन रहा उत्तर प्रदेश, बिजली व्यवस्था को लेकर योगी सरकार का बड़ा दावा

    आंधी-बारिश में भी रोशन उत्तर प्रदेश, योगी सरकार कर रही निर्बाध बिजली आपूर्ति

    फॉल्ट पर तत्काल एक्शन, दिन-रात मोर्चे पर डटे बिजलीकर्मी

    आंधी-बारिश के बीच यूपीपीसीएल की टीमें युद्धस्तर पर कर रहीं फॉल्ट दूर

    स्थानीय फॉल्ट कम से कम समय में ठीक करने के अधिकारियों को निर्देश

    त्योहारों के मद्देनजर बिजली व्यवस्था दुरुस्त रखने पर विशेष फोकस

    लखनऊ
     उत्तर प्रदेश में आंधी और बारिश के बीच बिजली आपूर्ति को सुचारु बनाए रखने के लिए योगी सरकार पूरी सक्रियता के साथ जुटी है। प्रदेश के विभिन्न जनपदों में मौसम खराब होने से कहीं-कहीं बिजली आपूर्ति प्रभावित हुई, लेकिन विभागीय टीमें तत्काल मौके पर पहुंचकर फॉल्ट दूर करने और आपूर्ति बहाल करने में जुटी हैं। बिजलीकर्मी दिन-रात फील्ड में रहकर हर चुनौती का सामना कर रहे हैं। यही वजह है कि मौसम की प्रतिकूल परिस्थितियों के बावजूद प्रदेश में बिजली व्यवस्था को सामान्य बनाए रखने की लगातार कोशिश की जा रही है।

    फॉल्ट पर तत्काल एक्शन, युद्धस्तर पर बहाली

    आंधी और तेज बारिश के कारण बिजली के तार टूटने, पोल प्रभावित होने या अन्य तकनीकी फॉल्ट आने पर बिजली विभाग की टीमें युद्धस्तर पर काम कर रही हैं। विभाग की ओर से उपभोक्ताओं से धैर्य बनाए रखने की अपील करते हुए कहा गया है कि जहां भी आपूर्ति प्रभावित हुई है, वहां टीमों को भेजकर जल्द से जल्द बिजली बहाल करने का प्रयास किया जा रहा है। अधिकारियों द्वारा विभिन्न जनपदों के बिजली उपकेंद्रों का निरीक्षण कर कर्मचारियों को निर्बाध और सुरक्षित बिजली आपूर्ति के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश भी दिए जा रहे हैं।

    रात में भी मोर्चे पर डटे बिजलीकर्मी

    बेहतर बिजली आपूर्ति के लिए विभागीय कर्मचारी केवल दिन में ही नहीं, बल्कि रात्रिकालीन ड्यूटी के दौरान भी पूरी प्रतिबद्धता के साथ मेंटेनेंस कार्यों में जुटे हैं। रात के समय नियमित रखरखाव और जरूरी तकनीकी कार्यों के जरिए बिजली नेटवर्क को मजबूत करने पर जोर दिया जा रहा है। 

    स्थानीय दोषों को कम से कम समय में ठीक करने के निर्देश

    वहीं बरसात के मौसम में विद्युत आपूर्ति पर विशेष ध्यान देने को लेकर यूपीपीसीएल अध्यक्ष डॉ. आशीष कुमार गोयल ने जरूरी निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि बरसात के मौसम में विद्युत आपूर्ति में बाधाओं की संभावना रहती है, इसलिए अधिकारी अधिक सावधानी बरतें। अधिकारी अपने क्षेत्रों में भ्रमण कर आवश्यक अनुरक्षण कार्य कराना सुनिश्चित करें, जिससे विद्युत आपूर्ति बेहतर बनी रहे। साथ ही स्थानीय दोषों को कम से कम समय में ठीक किया जाए। 

    इसके साथ ही यूपीपीसीएल अध्यक्ष ने आगामी त्योहारों को देखते हुए विद्युत आपूर्ति व्यवस्था पर विशेष ध्यान देने के लिए निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि अगर स्थानीय दोष के कारण कहीं विद्युत आपूर्ति बाधित होती है तो उसे कम से कम समय में ठीक कर आपूर्ति बहाल की जाए। स्थानीय फाल्ट की सूचना सोशल मीडिया एवं अन्य माध्यमों से उपभोक्ताओं तक पहुंचाई जाए। साथ ही आपूर्ति बहाल होने में लगने वाले संभावित समय की जानकारी भी दी जाए, ताकि उपभोक्ता वास्तविक स्थिति से अवगत रहें।

    योगी सरकार का फोकस, सुविधा के साथ सुरक्षा भी

    योगी सरकार में ऊर्जा व्यवस्था को मजबूत बनाने के साथ-साथ उपभोक्ताओं की सुरक्षा को भी प्राथमिकता दी जा रही है। बिजली विभाग की टीमें क्षेत्र में नियमित निरीक्षण और मेंटेनेंस कर संभावित खतरों को दूर करने में लगी हैं। यूपीपीसीएल ने उपभोक्ताओं से अपील की है कि अगर कहीं बिजली का तार टूटा हुआ दिखाई दे या करंट लीकेज की आशंका हो तो उसके पास जाने अथवा उसे छूने का प्रयास न करें। ऐसी स्थिति में तत्काल नजदीकी बिजली कार्यालय या टोल फ्री नंबर 1912 पर सूचना दें।

    नंगे या गीले पैर विद्युत उपकरणों से रहें दूर

    यूपीपीसीएल के वितरण निदेशक ज्ञानेंद्र धर द्विवेदी ने बारिश और नमी के दौरान लोगों से विद्युत सुरक्षा को लेकर विशेष सावधानी बरतने की अपील की है। उन्होंने कहा कि नंगे या गीले पैर विद्युत उपकरणों और तंत्र से दूर रहें। बारिश के दौरान पार्कों या विद्युतीकृत क्षेत्रों में जमा पानी में न जाएं और लोहे की जालियों व बाउंड्री से दूरी बनाए रखें। घरों में भी कूलर, फ्रिज, स्विच बोर्ड समेत अन्य उपकरणों को जूते-चप्पल पहने बिना न छुएं।

  • स्मार्ट कार्ड, बैग, साड़ी व मिठाई देकर मातृशक्ति को सम्मानित किया सीएम योगी ने, बस में महिलाओं के साथ ली सेल्फी

    स्मार्ट कार्ड, बैग, साड़ी व मिठाई देकर मातृशक्ति को सम्मानित किया सीएम योगी ने, बस में महिलाओं के साथ ली सेल्फी

    रक्षाबंधन के अवसर पर 27 से 29 अगस्त तक सहयात्री के साथ निशुल्क यात्रा कर सकेंगी माताएं-बहनें

    ‘लोकमाता अहिल्याबाई मातृशक्ति यात्रा’ का शुभारंभ कर सीएम योगी आदित्यनाथ ने विशेष बसों को झंडी दिखाकर रवाना किया

    स्मार्ट कार्ड, बैग, साड़ी व मिठाई देकर मातृशक्ति को सम्मानित किया सीएम योगी ने, बस में महिलाओं के साथ ली सेल्फी

    लखनऊ
    मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने रक्षाबंधन के अवसर पर प्रदेश की माताओं, बेटियों और बहनों को विशेष उपहार दिया। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश राज्य सड़क परिवहन निगम व सिटी बसों में 27 अगस्त की सुबह 6 बजे से 29 अगस्त की मध्यरात्रि तक की निःशुल्क यात्रा जा सकेगी। निगम की बसों में महिला यात्री एक सहयोगी के साथ निःशुल्क यात्रा कर सकेंगी। इस अवसर पर सीएम ने ‘लोकमाता अहिल्याबाई मातृशक्ति यात्रा’ का शुभारंभ करते हुए विशेष बसों को झंडी दिखाकर रवाना किया। इन बसों में 60 वर्ष से अधिक आयु की महिलाओं ने निशुल्क यात्रा की।

    विशेष बसों को दिखाई झंडी, महिलाओं के साथ ली सेल्फी 
    इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में बुधवार को आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने बारिश के बीच झंडी दिखाकर विशेष बसों को रवाना किया। बसों में बैठी महिलाओं ने इस उपहार के लिए हाथ जोड़कर सीएम का अभिनंदन किया तो सीएम योगी ने भी हाथ हिलाकर उनके प्रति आभार जताया। इस दौरान मुख्यमंत्री ने बस में यात्रा करने वाली महिलाओं के साथ सेल्फी भी ली।

    मुख्यमंत्री ने महिलाओं को दिए स्मार्ट कार्ड, बैग, साड़ी व मिठाई
    मुख्यमंत्री ने रक्षाबंधन से पहले आयोजित कार्यक्रम में मंच पर ‘लोकमाता अहिल्याबाई मातृशक्ति यात्रा’ योजना के तहत 60 वर्ष या इससे अधिक आयु की महिलाओं को स्मार्ट कार्ड प्रदान किए। सीएम ने उपहार स्वरूप इन महिलाओं को बैग, साड़ी व मिठाई भी दी। मुख्यमंत्री ने महिलाओं से संवाद कर उनका हालचाल जाना, सभी को रक्षाबंधन की बधाई भी दी। सीएम के हाथों उपहार पाने वाली महिलाओं में राजरानी, गणेश देवी, कलावती, मिठाना, प्रभुदेई, शम्मी, शांति देवी, मंजूलता, शिवकली, द्रौपदी व मीरा आदि शामिल रहीं।

  • बेटियां बोलीं- हमें योगी जी पर गर्व,  सीएम को देखते ही महिलाओं ने किया हर-हर महादेव का उद्घोष

    बेटियां बोलीं- हमें योगी जी पर गर्व, सीएम को देखते ही महिलाओं ने किया हर-हर महादेव का उद्घोष

    ‘अब जब चाहे अयोध्या-काशी जाएंगे’, निशुल्क सफर की सौगात पर भावुक हुईं बुजुर्ग

    मुख्यमंत्री से संवाद में बोलीं- अब यात्रा के लिए किसी पर नहीं रहना पड़ेगा निर्भर

    बेटियां बोलीं- हमें योगी जी पर गर्व,  सीएम को देखते ही महिलाओं ने किया हर-हर महादेव का उद्घोष

    लखनऊ
     निशुल्क बस यात्रा की सुविधा मिलने के शुभारंभ कार्यक्रम में पहुंचीं महिलाओं का उत्साह देखते ही बना। मुख्यमंत्री से संवाद के दौरान कई महिलाएं भावुक हो गईं और बोलीं कि अब उन्हें यात्रा के लिए किसी पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा। अयोध्या, काशी या प्रदेश में कहीं और जाने के लिए किराये की चिंता नहीं करनी होगी। इस दौरान उत्साहित बेटियों ने कहा कि हमें योगी जी पर गर्व है। सीएम को देखते ही सभी महिलाओं ने हर-हर महादेव का उद्घोष किया।

    ‘अब जहां चाहेंगे, वहां जाएंगे’

    गोसाईंगंज की गणेश देवी ने मुख्यमंत्री की इस पहल पर खुशी जताते हुए कहा कि अब वह निश्चिंत होकर यात्रा कर सकेंगी। वहीं, राजरानी ने कहा कि अब जहां जाने की इच्छा होगी, वहां जा सकेंगी। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने माताओं को बड़ा उपहार दिया है। लखनऊ के निजामपुर की मिठाना देवी ने कहा कि योगी सरकार ने ऐसी सुविधा दी है कि अब यात्रा के लिए किसी दूसरे पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा।

    महिलाओं के लिए यह सुविधा केवल पारिवारिक यात्राओं तक सीमित नहीं रहेगी। कार्यक्रम में आईं कई बुजुर्ग महिलाओं ने अयोध्या और काशी जैसे धार्मिक स्थलों की यात्रा की इच्छा जताई। उनका कहना था कि किराये की चिंता खत्म होने से अब तीर्थयात्रा करना भी आसान होगा।

    छात्राओं में रक्षाबंधन के सफर को लेकर उत्साह

    मुंशी पुलिया की रहने वाली और नारी शिक्षा निकेतन पीजी कॉलेज में बीएससी द्वितीय वर्ष की छात्रा अंजली श्रीवास्तव ने कहा कि वह रक्षाबंधन पर अपने भाई को राखी बांधने जाएंगी और मुफ्त यात्रा सुविधा का लाभ लेंगी। जानकीपुरम की आस्था राजपूत ने बताया कि वह अपनी मां के साथ राखी बांधने जाएंगी और दोनों इस सुविधा का लाभ उठाएंगी।

    खदरा की शगुन निषाद भी योजना को लेकर उत्साहित दिखीं। उन्होंने बताया कि कार्यक्रम में महिलाओं को साड़ी और मिठाई का उपहार भी दिया गया। अहमामऊ की रचना रावत ने कहा कि पहली बार मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मिलकर उन्हें बहुत अच्छा लगा। महिलाओं के लिए मुख्यमंत्री की योजनाओं के बारे में सुनना उत्साह बढ़ाने वाला है।

    ‘महिलाओं और बच्चों की चिंता करते हैं मुख्यमंत्री’

    फैजुल्लागंज की हिना परवीन ने कहा कि महिलाओं और बच्चों के लिए मुख्यमंत्री की सोच और योजनाएं देखकर गर्व महसूस होता है। वहीं, सिद्धार्थनगर की दिव्या पाठक ने कहा कि महिलाओं को लेकर मुख्यमंत्री की सम्मान देने वाली सोच है। युवाओं से लेकर बुजुर्गों तक के लिए योजनाएं चलाई जा रही हैं।

    कार्यक्रम में सरोजनीनगर की कृष्णावती, जनक दुलारी और उबराजा समेत बड़ी संख्या में बुजुर्ग महिलाएं भी पहुंचीं। उम्र के इस पड़ाव पर भी उनका उत्साह युवाओं जैसा था। इनमें कई महिलाएं स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी हैं और योगी सरकार के सहयोग से सिलाई, कताई-बुनाई जैसे काम कर आत्मनिर्भर बन रही हैं।

    महिलाओं को दी जा रही सुविधाओं को लेकर सीएम का जताया आभार 

    महिलाओं ने संवाद के दौरान सीएम योगी आदित्यनाथ के समक्ष अपने मन की बात रखी और अपने अनुभव साझा किए। उन्नाव की सुनीता अवस्थी ने योगी सरकार की ओर से महिलाओं को दी जा रही सुविधाओं को लेकर सीएम का आभार जताया। बेहद भावुक होकर उन्होंने सीएम से कहा कि आपने इतनी बड़ी सौगात दी है कि अगर परिवार वाले पैसा रुपया न भी दें, तो भी हम लोग मुफ्त में यात्रा कर सकेंगे। आपने महिलाओं के लिए बहुत अच्छा काम किया है। हम यही चाहेंगे कि आपकी सरकार बार-बार आए। वहीं, उन्नाव की ही पुष्पा ने कहा कि मुख्यमंत्री के प्रयास से मुफ्त बस सेवा की सुविधा उपलब्ध कराई गई है। बहुत अच्छा लग रहा है।

    लखनऊ की उषा पाल ने कहा कि अब महिलाओं को कहीं आने-जाने के लिए किसी का मोहताज नहीं रहना पड़ेगा। वे जब चाहें, निश्चिंत होकर यात्रा कर सकेंगी। उन्होंने सीएम से कहा कि जो महिलाएं सफर करेंगी, वे आपका ही नाम लेंगी। इस पर मुख्यमंत्री ने कहा कि जब आप अच्छे लोगों को चुनते हैं तो अच्छा ही होता है।

    वहीं, सीतापुर की रीता सक्सेना ने महिलाओं के लिए मुफ्त बस यात्रा की सुविधा देने पर मुख्यमंत्री को बधाई दी। उन्होंने कहा कि अब सीतापुर से लखनऊ आना जाना आसान हो जाएगा। रीता ने खुशी जताते हुए योजना को महिलाओं के लिए बड़ी सहूलियत बताया। उन्होंने कहा कि अब किसी के आश्रित नहीं रहना पड़ेगा। जब भी इच्छा करेगी मंदिर, अयोध्या, बनारस अब कहीं भी जा सकते हैं। इसके बाद गाजीपुर की रहने वाली लायका खातून ने भी मुख्यमंत्री का आभार जताया। उन्होंने कहा कि अब हमारा सफर आसान हो गया है। इस पर सीएम ने कहा कि जब अच्छी सरकार चुनी जाती है तो ढेर सारी सुविधाओं का लाभ ऐसे ही सभी को प्राप्त होता है।

  • नेपाल में बाढ़ के बाद मुख्यमंत्री का बड़ा निर्देश, सीमावर्ती क्षेत्रों में सतर्कता बरतने को कहा

    नेपाल में बाढ़ के बाद मुख्यमंत्री का बड़ा निर्देश, सीमावर्ती क्षेत्रों में सतर्कता बरतने को कहा

    नेपाल में आई भीषण बाढ़ को लेकर मुख्यमंत्री ने सतर्कता बरतने के दिए निर्देश

    सभी आवश्यक तैयारियां सुनिश्चित करें : सीएम योगी

    मुख्यमंत्री योगी ने भगवान पशुपतिनाथ से सभी के सकुशल रहने की प्रार्थना की

    लखनऊ
    नेपाल के रसुवा क्षेत्र में भोटेकोशी नदी में आई भीषण बाढ़ को देखते हुए उत्तर प्रदेश के सीमावर्ती महाराजगंज और कुशीनगर जिलों में सतर्कता बढ़ा दी गई है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने नेपाल में भीषण बाढ़ से हुई क्षति को अत्यंत चिंताजनक बताते हुए महाराजगंज और कुशीनगर में स्थानीय प्रशासन को सभी जरूरी तैयारियां सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं।

    नेपाल में बाढ़ के प्रभाव से महाराजगंज और कुशीनगर में गंडक एवं नारायणी नदियों का जलस्तर बढ़ने की आशंका है। इसे लेकर मुख्यमंत्री ने स्थानीय प्रशासन को नदियों के जलस्तर पर नजर रखते हुए पूरी सतर्कता बरतने को कहा है।
    उन्होंने कहा है कि नेपाल में आई बाढ़ से हुई क्षति अत्यंत चिंताजनक है। उन्होंने भगवान पशुपतिनाथ से सभी के सकुशल रहने की प्रार्थना की है।

  • मायावती का बड़ा फैसला: तीन राज्यों में बिना गठबंधन अकेले चुनावी मैदान में उतरेगी बसपा

    मायावती का बड़ा फैसला: तीन राज्यों में बिना गठबंधन अकेले चुनावी मैदान में उतरेगी बसपा

    लखनऊ 
    बहुजन समाज पार्टी (बसपा) प्रमुख मायावती ने मं घोषणा की कि उनकी पार्टी उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड और पंजाब में होने वाले आगामी विधानसभा चुनाव बिना किसी गठबंधन के अपने दम पर लड़ेगी। लखनऊ स्थित केंद्रीय कार्यालय में पंजाब इकाई की समीक्षा बैठक के बाद जारी बयान में मायावती ने कहा कि पंजाब में पार्टी के जनाधार को बढ़ाने और संगठन को बूथ स्तर तक मजबूत करने पर विशेष जोर दिया जा रहा है।

    उन्होंने कहा कि बसपा पंजाब का चुनाव भी उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड की तरह बिना किसी से कोई गठबंधन एवं समझौता किए हुए अकेले अपने बलबूते पर ही लड़ेगी। मायावती ने कहा कि चुनावी गठबंधन से पार्टी को सीट और वोट प्रतिशत दोनों में नुकसान होने की आशंका रहती है, जिससे कार्यकर्ताओं का मनोबल प्रभावित होता है। उन्होंने आगामी चुनाव में कर्मठ और ईमानदार लोगों को ही पार्टी का उम्मीदवार बनाए जाने की बात कही।

    जनविरोधी रवैये से जनता त्रस्त
    बसपा प्रमुख ने कहा कि बेहतर चुनाव परिणाम हासिल कर पंजाब की सत्तारूढ़ आम आदमी पार्टी के साथ-साथ कांग्रेस और भाजपा की ''जनविरोधी नीतियों'' से त्रस्त जनता को राहत दिलाने का प्रयास किया जाएगा। बसपा प्रमुख ने अगले वर्ष की शुरुआत में प्रस्तावित पंजाब विधानसभा चुनाव में कर्मठ और ईमानदार लोगों को उम्मीदवार बनाने पर जोर दिया, ताकि आम आदमी पार्टी (आप), कांग्रेस और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के जनविरोधी रवैये से त्रस्त जनता को 'सर्वजन हिताय व सर्वजन सुखाय' की आंबेडकरवादी नीतियों का लाभ मिल सके।

    मायावती ने कार्यकर्ताओं से की ये अपील
    उन्होंने कार्यकर्ताओं से नौ अक्टूबर को बसपा संस्थापक मान्यवर कांशीराम की पुण्यतिथि पूरी तैयारी के साथ मनाने तथा 15 जनवरी 2027 को 'जनकल्याणकारी दिवस' के अवसर पर पार्टी के आर्थिक सहयोग को पिछली बार से बेहतर बनाने का आह्वान किया। मायावती ने कहा कि पिछली अखिल भारतीय बैठक में दिए गए दिशा-निर्देशों पर मिले फीडबैक के आधार पर कमियों को समयबद्ध तरीके से दूर किया जाए। उन्होंने कार्यकर्ताओं से विरोधियों के ''साम, दाम, दंड, भेद'' जैसे हथकंडों का डटकर मुकाबला करते हुए आगामी चुनावों में बेहतर परिणाम के लिए पूरी तैयारी करने को कहा है।

  • वंचित छात्रों के लिए बड़ी राहत: छात्रवृत्ति आवेदन का पोर्टल फिर खुलेगा

    वंचित छात्रों के लिए बड़ी राहत: छात्रवृत्ति आवेदन का पोर्टल फिर खुलेगा

    छात्रवृत्ति से वंचित छात्रों को मिलेगा एक और मौका, पोर्टल खोलने के लिए कैबिनेट की मंजूरी

    वित्तीय वर्ष 2025-26 में तकनीकी व अन्य कारणों से छात्रवृत्ति से वंचित रह गए छात्रों को मिलेगा लाभ

    सभी पात्र वर्गों के छात्रों की छात्रवृत्ति/शुल्क प्रतिपूर्ति के लिए विशेष मामले में पोर्टल फिर खोलने का निर्णय

    लखनऊ
     मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में आयोजित कैबिनेट बैठक में वित्तीय वर्ष 2025-26 में विभिन्न कारणों से छात्रवृत्ति एवं शुल्क प्रतिपूर्ति का लाभ पाने से वंचित रह गए पात्र छात्रों को एक और अवसर दिए जाने का निर्णय किया गया। इसके लिए मंत्रिमंडल ने विशेष मामले के रूप में छात्रवृत्ति पोर्टल को दोबारा खोलने की मंजूरी प्रदान की है।

    प्रेसवार्ता में वित्त मंत्री सुरेश खन्ना ने बताया कि समाज कल्याण, पिछड़ा वर्ग कल्याण और अल्पसंख्यक कल्याण विभाग से संबंधित विभिन्न पात्र वर्गों के कुल 2,76,057 छात्र इस निर्णय से लाभान्वित होंगे। इन छात्रों को छात्रवृत्ति एवं शुल्क प्रतिपूर्ति के लिए कुल 551 करोड़ 85 लाख रुपये की धनराशि उपलब्ध कराई जाएगी। इनमें सामान्य वर्ग के 51,078 छात्रों के लिए 163.42 करोड़ रुपये, अनुसूचित जाति के 64,971 छात्रों के लिए 58.17 करोड़ रुपये, अनुसूचित जनजाति के 5,192 छात्रों के लिए 9.21 करोड़ रुपये और अन्य पिछड़ा वर्ग के 1,36,136 छात्रों के लिए 300 करोड़ रुपये की धनराशि स्वीकृत की गई है। इसी क्रम में अल्पसंख्यक वर्ग के 18,680 छात्रों को 21.05 करोड़ रुपये की धनराशि दी जाएगी।

    वित्तीय वर्ष 2025-26 में दशमोत्तर छात्रवृत्ति योजना के तहत कई पात्र छात्रों की छात्रवृत्ति की प्रक्रिया विभिन्न कारणों से पूरी नहीं हो सकी। कहीं शिक्षण संस्थानों की ओर से आवेदन अग्रसारित नहीं किए गए, तो कहीं आवेदन में कमियां रहने अथवा अन्य तकनीकी कारणों से पीएफएमएस स्तर पर भुगतान नहीं हो सका। कुछ मामलों में शिक्षण संस्थानों द्वारा समय से परीक्षा परिणाम घोषित नहीं किए जाने, जनपद स्तरीय समिति में आवेदन लंबित रहने, फीस जमा न होने अथवा अन्य तकनीकी कारणों से भी छात्रों को छात्रवृत्ति एवं शुल्क प्रतिपूर्ति की धनराशि नहीं मिल सकी।

    मंत्रिमंडल ने अब ऐसे सभी पात्र छात्रों को राहत देने का निर्णय लिया है। सामान्य, अन्य पिछड़ा वर्ग, अल्पसंख्यक वर्ग सहित अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति के पात्र छात्रों को छात्रवृत्ति एवं शुल्क प्रतिपूर्ति का लाभ दिलाने के लिए विशेष मामले के रूप में एक बार फिर छात्रवृत्ति पोर्टल को खोला जाएगा। इसके लिए वर्तमान वित्तीय वर्ष 2026-27 के बजट से 551 करोड़ 85 लाख रुपये की धनराशि व्यय किए जाने की अनुमति भी प्रदान की गई है।

    सरकार के इस निर्णय से उन छात्रों को बड़ी राहत मिलेगी, जो पात्र होने के बावजूद प्रक्रिया संबंधी तकनीकी अथवा अन्य कारणों से वित्तीय वर्ष 2025-26 में छात्रवृत्ति एवं शुल्क प्रतिपूर्ति के लाभ से वंचित रह गए थे। सरकार का उद्देश्य है कि कोई भी पात्र छात्र केवल प्रक्रियागत या तकनीकी कारणों से अपने अधिकार के लाभ से वंचित न रहे।

  • पर्यटन और जैव विविधता को बढ़ावा, मैनपुरी में बनेगा मयंक ऋषि पक्षी विहार

    पर्यटन और जैव विविधता को बढ़ावा, मैनपुरी में बनेगा मयंक ऋषि पक्षी विहार

    योगी सरकार का बड़ा फैसला, मैनपुरी में विकसित होगा मयंक ऋषि पक्षी विहार

    योगी कैबिनेट में 6 हेक्टेयर ग्रामसभा भूमि पर्यटन विभाग को निःशुल्क हस्तांतरित करने की मंजूरी मिली

    इको-टूरिज्म को मिलेगा बढ़ावा, आधारभूत सुविधाओं से संवरेगा क्षेत्र

    लखनऊ
     मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में मंगलवार को कैबिनेट बैठक में प्राकृतिक और पर्यावरणीय स्थलों को पर्यटन की नई पहचान देने की दिशा में समान पक्षी विहार के निकट पर्यटन विकास के लिए 6 हेक्टेयर ग्रामसभा भूमि पर्यटन विभाग के पक्ष में निःशुल्क हस्तांतरित किए जाने को मंजूरी मिली है, यह स्थल मयंक ऋषि पक्षी विहार के नाम से जाना जाएगा। इस फैसले से पर्यटन सुविधाओं से जोड़ने और देश-विदेश के पर्यटकों को आकर्षित करने का रास्ता साफ होगा।

    मैनपुरी स्थित समान पक्षी विहार उत्तर प्रदेश का एक महत्वपूर्ण वेटलैंड और रामसर साइट है। यह बड़ी संख्या में प्रवासी पक्षियों का प्रमुख आश्रय स्थल है। विशेष रूप से गंगा के मैदानी क्षेत्र में स्थित यह मौसमी झील पक्षी प्रेमियों, प्रकृति प्रेमियों और फोटोग्राफी के शौकीनों के लिए आकर्षण का केंद्र बनी हुई है।

    प्रवासी पक्षियों का प्रमुख ठिकाना, पर्यटन की अपार संभावनाएं
    वित्त एवं संसदीय कार्य मंत्री सुरेश कुमार खन्ना ने बताया कि समान पक्षी विहार में देश के विभिन्न हिस्सों के साथ ही विदेश से भी अनेक प्रजातियों के पक्षी प्रवास के दौरान पहुंचते हैं। उत्तर प्रदेश में चंद्रशेखर आजाद पक्षी विहार, सैंडी पक्षी विहार, हरदोई, बखिरा पक्षी विहार, संत कबीरनगर, विजय सागर पक्षी विहार, महोबा, लाख बहोसी पक्षी विहार, हमीरपुर, समसरोवर पक्षी विहार, आगरा सहित कई महत्वपूर्ण पक्षी विहार हैं। इन स्थलों पर बड़ी संख्या में प्रवासी पक्षी विशेष रूप से शरद ऋतु में पहुंचते हैं। समान पक्षी विहार की प्राकृतिक सुंदरता और जैव विविधता इसे बर्ड वॉचिंग, फोटोग्राफी और प्रकृति पर्यटन के लिए आदर्श स्थल बनाती है। यहां नाव से पक्षियों को नजदीक से देखने और वॉच टावर के माध्यम से पक्षियों का अवलोकन करने की संभावनाएं भी हैं।

    इको-टूरिज्म को बढ़ावा, आधारभूत सुविधाओं से संवरेगा क्षेत्र
    योगी सरकार की ओर से पक्षी विहारों के विकास के लिए राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय बर्ड-वॉचिंग सर्किट में इन्हें शामिल करने, आधारभूत सुविधाओं का विकास, वॉच टावर, साइन बोर्ड, सोलर लाइटिंग और जैव विविधता अध्ययन केंद्र जैसी सुविधाएं विकसित करने पर जोर दिया जा रहा है। इसके साथ ही प्रवासी पक्षियों के संरक्षण और पर्यटकों की सुविधा के लिए कार्ययोजनाएं तैयार की जा रही हैं। समान पक्षी विहार के निकट 6 हेक्टेयर भूमि पर्यटन विभाग को हस्तांतरित होने से यहां पर्यटक सुविधाओं के विस्तार की संभावनाएं बढ़ेंगी।

  • गन्ना किसानों के खातों में पहुंची बड़ी रकम, सरकार ने किया 3.25 लाख करोड़ रुपये का भुगतान

    गन्ना किसानों के खातों में पहुंची बड़ी रकम, सरकार ने किया 3.25 लाख करोड़ रुपये का भुगतान

    योगी सरकार ने गन्ना किसानों को किया 3.25 लाख करोड़ रुपये का भुगतान 

    सर्वाधिक गन्ना मूल्य भुगतान करने वाला राज्य बना उत्तर प्रदेश 

    वर्तमान पेराई सत्र में भी 94 प्रतिशत से अधिक गन्ना मूल्य का किया जा चुका भुगतान 

    गन्ना, शीरा और एथेनॉल के उत्पादन में देश में शीर्ष पर बना है उत्तर प्रदेश 

    लखनऊ
     मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश सर्वाधिक गन्ना मूल्य भुगतान करने वाला राज्य बना हुआ है। योगी सरकार ने अब तक गन्ना किसानों को 3.25 लाख करोड़ का भुगतान किया। उत्तर प्रदेश गन्ना उत्पादन, शीरा उत्पादन और एथेनॉल उत्पादन में देश में शीर्ष स्थान पर बना हुआ है। वर्तमान पेराई सत्र में भी 94 प्रतिशत से अधिक गन्ना मूल्य का भुगतान पूरा हो चुका है।

    मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में चीनी उद्योग एवं गन्ना विकास विभाग ने किसान कल्याण, चीनी उत्पादन और एथेनॉल में नए आयाम स्थापित किए हैं। योगी सरकार की दूरदर्शी नीतियों के कारण उत्तर प्रदेश गन्ना उत्पादन, शीरा उत्पादन और एथेनॉल उत्पादन में देश में शीर्ष स्थान पर बना हुआ है। सरकार ने न केवल गन्ना किसानों को उनके उत्पाद का उचित मूल्य दिलाना प्राथमिकता माना, बल्कि ऐतिहासिक कदम उठाते हुए अब तक रिकॉर्ड ₹3.25 लाख करोड़ का गन्ना मूल्य भुगतान सीधे किसानों के खातों में हस्तांतरित भी किया। 

    वर्तमान पेराई सत्र में भी 94 प्रतिशत से अधिक गन्ना मूल्य का भुगतान पूरा हो चुका है, जबकि प्रदेश की 99 चीनी मिलों ने गन्ना मूल्य का 100 प्रतिशत भुगतान सुनिश्चित कर दिया है। इन प्रयासों के परिणामस्वरूप प्रदेश के गन्ना किसानों की औसत आय में ₹40,720 प्रति हेक्टेयर की उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई है।

    गन्ना विकास विभाग ने बताया कि विगत नौ वर्ष में प्रदेश की चीनी मिलों ने रिकॉर्ड 9,220 लाख टन गन्ने की पेराई करते हुए 968.58 लाख टन चीनी का उत्पादन किया है। वर्ष 2016-17 से वर्ष 2025-26 के बीच गन्ने का उत्पादन 1486.57 लाख टन से बढ़कर 2362 लाख टन हो गया है, जबकि चीनी का उत्पादन भी 87.73 लाख टन से बढ़कर 89.52 लाख टन पहुंच गया है। औसत गन्ना उत्पादकता 72.38 मीट्रिक टन प्रति हेक्टेयर से बढ़कर 82.56 मीट्रिक टन प्रति हेक्टेयर हो गई है, जिससे किसानों को प्रति हेक्टेयर 10.18 मीट्रिक टन अतिरिक्त गन्ने की उपज प्राप्त हो रही है। इसी अवधि में औसत चीनी परता भी 10.61 प्रतिशत से बढ़कर 10.83 प्रतिशत तक दर्ज किया गया है।

    गन्ना पेराई क्षमता को आधुनिक और सुदृढ़ बनाने के लिए 04 नई चीनी मिलों की स्थापना की गई। 07 बंद चीनी मिलों को पुनः चालू किया गया और 44 चीनी मिलों की क्षमता का विस्तार किया गया। इससे प्रदेश में 1,28,500 टी.सी.डी. की अतिरिक्त पेराई क्षमता का सृजन हुआ। इसके अतिरिक्त खांडसारी उद्योग में ऑनलाइन लाइसेंसिंग व्यवस्था लागू करने और सुलभ नीतियों के कारण 285 नई खांडसारी इकाइयां स्थापित हुई हैं, जिनसे 41,900 लोगों को प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष रोजगार प्राप्त हुआ है।

  • दोगुने से ज्यादा बढ़ा इंटर्नशिप भत्ता, एमबीबीएस-बीडीएस छात्रों को मिलेंगे 25 हजार रुपये

    दोगुने से ज्यादा बढ़ा इंटर्नशिप भत्ता, एमबीबीएस-बीडीएस छात्रों को मिलेंगे 25 हजार रुपये

    एमबीबीएस-बीडीएस इंटर्नशिप भत्ता दोगुने से ज्यादा, 12 हजार से बढ़ाकर 25 हजार रुपये

    मेडिकल इंटर्न युवा डॉक्टरों को योगी सरकार का तोहफा, 2021 में भी बढ़ाया गया था इंटर्नशिप भत्ता

    लखनऊ
    प्रदेश के राजकीय मेडिकल कालेजों, संस्थानों और चिकित्सा विश्वविद्यालयों से एमबीबीएस व बीडीएस परीक्षा उत्तीर्ण कर रोटेटिंग इंटर्नशिप करने वाले छात्रों को अब हर माह 12 हजार के बजाय 25 हजार रुपये इंटर्नशिप भत्ता मिलेगा। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में मंगलवार को हुई कैबिनेट बैठक में भत्ता बढ़ाने के प्रस्ताव को मंजूरी दी गई। गौरतलब है कि योगी सरकार ने इससे पहले भी 2021 में यह भत्ता 7500 हजार से बढ़ाकर 12 हजार रुपये किया था।

    दोगुने से ज्यादा बढ़ाया इंटर्नशिप भत्ता
    अभी इंटर्नशिप के दौरान मेडिकल छात्रों को 12 हजार रुपये प्रतिमाह बतौर भत्ता मिलता है। कैबिनेट ने यह राशि दोगुने से ज्यादा बढ़ाकर 25 हजार रुपये प्रतिमाह किए जाने के प्रस्ताव को मंजूरी देकर इन छात्रों को आर्थिक राहत दी है। इससे प्रदेश के सरकारी चिकित्सा संस्थानों में प्रशिक्षण लेने वाले एमबीबीएस और बीडीएस इंटर्न को प्रोत्साहन मिलेगा।

    ओपीडी व रात्रि ड्यूटी में निभाते हैं महत्वपूर्ण भूमिका
    प्रदेश में एमबीबीएस और बीडीएस परीक्षा उत्तीर्ण करने वाले छात्रों के लिए रोटेटिंग इंटर्नशिप अनिवार्य है। इंटर्नशिप के दौरान छात्र राजकीय चिकित्सा संस्थानों में मरीजों के उपचार में चिकित्सकीय सहयोग देने के साथ ही आपातकालीन सेवाओं, वार्ड, ओपीडी और रात्रि ड्यूटी में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।