Category: उत्तर प्रदेश

  • योगी के नेतृत्व में 2027 जीत का दावा, यूपी प्रभारी विनोद तावड़े ने CM से की मुलाकात

    योगी के नेतृत्व में 2027 जीत का दावा, यूपी प्रभारी विनोद तावड़े ने CM से की मुलाकात

    लखनऊ
    भाजपा का यूपी प्रभारी बनाए जाने के बाद पहली बार लखनऊ पहुंचे राष्ट्रीय महामंत्री विनोद तावड़े ने रविवार को सीएम योगी आदित्यनाथ से मुलाकात की। रविवार को योगी आदित्यनाथ से उनके सरकारी आवास 5- कालिदास मार्ग, लखनऊ पर भाजपा राष्ट्रीय महामंत्री एवं उत्तर प्रदेश प्रभारी विनोद तावड़े एवं राष्ट्रीय मंत्री तथा उत्तर प्रदेश के सह-प्रभारी जगदीश ईश्वरभाई पटेल ने शिष्टाचार भेंट की। विनोद तावड़े शनिवार को दो दिवसीय दौरे पर राजधानी लखनऊ पहुंचे थे। आज लखनऊ में भाजपा की कोर कमेटी की बैठक भी होनी है।

    कोर कमेटी की बैठक
    विनोद तावड़े के यूपी दौरे के दूसरे दिन भाजपा कोर कमेटी की बैठक होनी है। आज मुख्यमंत्री योगी के साथ विनोद तावड़े की मुलाकात हुई। इसमें बैठक में चुनाव की रणनीति और व्यापक बातचीत करके अहम फैसले लिए जाएंगे। इसके अलावा आज क्षेत्रीय प्रभारियों, क्षेत्रीय अध्यक्षों और क्षेत्रीय महामंत्रियों के साथ भी बैठक प्रस्तावित है। इस बैठक में क्षेत्रवार राजनीतिक स्थितियों का जायजा लेकर उनके मुताबिक चुनावी रणनीति पर बातचीत होगी।
     

    केशव और ब्रजेश पाठक से मिले तावड़े
    यूपी भाजपा के नए प्रभारी विनोद तावड़े ने शनिवार देर शाम दोनों उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य और ब्रजेश पाठक के सरकारी आवास पर जाकर उनसे मुलाकात की।सूत्रों के मुताबिक दोनों उप मुख्यमंत्रियों से प्रदेश सरकार के कामकाज और जनकल्याणकारी योजनाओं के क्रियान्वयन की पर चर्चा हुई। आगामी विधानसभा चुनाव की तैयारियों और संगठन की भावी रणनीति को लेकर भी बातचीत हुई है।विनोद तावड़े और सह प्रभारी जगदीप भाई पटेल का बेहद सादगी से उनका स्वागत हुआ।

    योगी की कप्तानी में फिर जीतेंगे यूपी: तावड़े
    भाजपा का यूपी प्रभारी बनाए जाने के बाद पहली बार लखनऊ पहुंचे राष्ट्रीय महामंत्री विनोद तावड़े ने शनिवार को कहा कि योगी की अगुआई में भाजपा एक बार फिर 2027 में यूपी फतेह करेगी। दो दिवसीय दौरे पर आए तावड़े ने सपा के पीडीए पर तंज भी कसा। उन्होंने कहा कि सपा के पीडीए का मतलब पराया धन अपना है। इससे पहले भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन भी योगी के नेतृत्व में 2027 का विधानसभा चुनाव लड़े जाने की बात कह चुके हैं।

    नारी सुरक्षा को मुद्दा बनाएगी भाजपा
    तावड़े ने पीडीए पर तंज कसते हुए जिस तरह से पराया धन अपना कहा और उसकी व्याख्या करते हुए रुपया-पैसा और जमीन-जायदाद के साथ स्त्रीधन का जिक्र किया, उससे अटकलें लगाई जा रही हैं कि भाजपा सपा शासन काल में महिला सुरक्षा की स्थिति को बड़ा मुद्दा बनाने की तैयारी में है। तावड़े ने कहा कि सपा के पीडीए का मतलब पराया धन अपना है।

  • अवैध इमारत पर कार्रवाई के बाद राजभर का अखिलेश पर हमला- मसूद भाई की बातों का समर्थन करेंगे?

    अवैध इमारत पर कार्रवाई के बाद राजभर का अखिलेश पर हमला- मसूद भाई की बातों का समर्थन करेंगे?

    अवैध इमारत के मलबे पर फातिहा पढ़ेंगे अखिलेश? सहारनपुर मुद्दे पर ओपी राजभर का तीखा सवाल

    सहारनपुर में अवैध मस्जिद पर कार्रवाई, राजभर ने अखिलेश से पूछा-मलबे के सामने फातिहा पढ़ेंगे?

    अवैध इमारत पर कार्रवाई के बाद राजभर का अखिलेश पर हमला- मसूद भाई की बातों का समर्थन करेंगे?
    सहारनपुर 

    सहारनपुर में अवैध इमारत हटाए जाने के मुद्दे पर सुभासपा अध्यक्ष ओम प्रकाश राजभर ने समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव को घेरते हुए तीखा हमला बोला है। राजभर ने रविवार को अपने सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए अखिलेश यादव से सीधे सवाल पूछा है कि क्या वह सहारनपुर जाकर उस अवैध इमारत के मलबे के सामने फातिहा पढ़ेंगे? राजभर ने अपने पोस्ट में लिखा, 'अखिलेश जी, सहारनपुर जाकर अवैध इमारत के मलबे के सामने फातिहा पढ़ेंगे?'

    मसूद भाई की बातों का समर्थन करेंगे?

    ओपी राजभर यहीं नहीं रुके। उन्होंने अखिलेश यादव से यह भी पूछा कि क्या वह 'मसूद भाई' की बातों का समर्थन करेंगे। पोस्ट के आखिर में राजभर ने सवाल को और धार देते हुए लिखा, 'यूपी पूछ रहा है, बताइए ना?'

    दरअसल, सहारनपुर का यह मामला कलेक्ट्रेट परिसर में स्थित उस मस्जिद से जुड़ा है, जिसे प्रशासन ने सरकारी जमीन पर अवैध कब्जा और अनधिकृत निर्माण बताते हुए शनिवार को हटाया। प्रशासन ने ये एक्शन कोर्ट के आदेश के बाद लिया है। लेकिन सपा और कांग्रेस समेत विपक्षी दलों ने इसे लेकर सरकार पर सवाल उठाए हैं।

  • मिजोरम से जुड़ेगा गोरखपुर, आनंद विहार-सायरंग ट्रेन के प्रस्ताव पर जल्द लगेगी मुहर

    मिजोरम से जुड़ेगा गोरखपुर, आनंद विहार-सायरंग ट्रेन के प्रस्ताव पर जल्द लगेगी मुहर

    गोरखपुर
    पूर्वोत्तर रेलवे (NER) जल्द ही पूर्वोत्तर राज्य मिजोरम से जुड़ने वाला है। रेलवे बोर्ड ने सेवाओं में विस्तार करते हुए मिजोरम तक ट्रेन चलाने की कवायद शुरू की है। प्रस्ताव के अनुसार ट्रेन आनंद विहार से चलकर गोरखपुर होते हुए सायरंग (मिजोरम) तक जाएगी। बाद में इसी ट्रेन को राजधानी के रूप में भी बदलने की योजना है। दरअसल सायरंग स्टेशन मिजोरम की राजधानी आइजोल जिले का स्टेशन है। ऐसे में आनंदविहार से सायरंग वाया गोरखपुर ट्रेन को राजधानी के रूप में चलाया जा सकता है। यह गोरखपुर से गुजरने वाली पहली राजधानी एक्सप्रेस होगी।

    इस नई सेवा से मिजोरम भी अब उत्तर प्रदेश (यूपी) और बिहार से सीधे जुड़ जाएगा। रेलवे बोर्ड के निर्देश के बाद अब पूर्वोत्तर रेलवे में इसकी तैयारी तेज हो गई है। बोर्ड के दिशा-निर्देश पर रेलवे प्रशासन ने रूट, ठहराव और समय सारिणी का प्रस्ताव तैयार कर लिया है। जल्द ही इसको लेकर बोर्ड में बैठक प्रस्तावित है और वहीं इस पर प्रस्ताव पर मुहर लगने की उम्मीद है। इसके चल जाने से यात्रियों को एक नई ट्रेन की सेवा तो मिलेगी ही साथ ही गोरखपुर से आनंद विहार की दूरी महज 10 से 11 घंटे में पूरी हो सकेगी। अभी यह दूरी 13 घंटे में पूरी होती है।

    सांसद ने उठाई थी मांग
    सदर सांसद रवि किशन ने गोरखपुर होते हुए राजधानी चलाने की मांग की थी। ऐसे में इस नई ट्रेन के प्रस्ताव से ये साफ है कि उसी दिशा में कवायद चल रही है। सांसद ने कई बार मुद्दे पर रेलमंत्री अश्वनी वैष्णव से मुलाकात की थी।

    सात अक्तूबर से बदले रूट से जाएंगी 10 ट्रेनें
    उत्तर मध्य रेलवे के आगासोद स्टेशन पर यातायात ब्लॉक लिए जाने के चलते कुछ ट्रेनों का मार्ग बदला गया है। यह जानकारी सीपीआरओ सुमित कुमार ने दी है। ट्रेनों का मार्ग परिवर्तन इस प्रकार है।

    -दादर से 10, 11 एवं 13 अक्तूबर को 01027 दादर-गोरखपुर स्पेशल परिवर्तित मार्ग इटारसी-जबलपुर-कटनी-सतना-मानिकपुर के रास्ते चलाई जाएगी।

    -गोरखपुर से 10, 12 एवं 13 अक्तूबर को 01028 गोरखपुर-दादर स्पेशल परिवर्तित मार्ग मानिकपुर-सतना-कटनी-जबलपुर-इटारसी के रास्ते चलाई जाएगी।

    -गोरखपुर से 24 सितम्बर से 15 अक्तूबर तक 15045 गोरखपुर-ओखा एक्सप्रेस परिवर्तित मार्ग गोविन्दपुरी-इटावा-ग्वालियर-गुना के रास्ते चलाई जाएगी।

    -ओखा से 20 सितम्बर से 11 अक्तूबर तक 15046 ओखा-गोरखपुर एक्सप्रेस परिवर्तित मार्ग गुना-ग्वालियर-इटावा-गोविन्दपुरी के रास्ते चलाई जायेगी।

    -सूरत से 18 सितम्बर से 9 अक्तूबर तक 19053 सूरत-मुजफ्फरपुर एक्सप्रेस परिवर्तित मार्ग गुना-ग्वालियर-इटावा-गोविन्दपुरी के रास्ते चलाई जाएगी।

    -मुजफ्फरपुर से 20 सितम्बर से 11 अक्तूबर तक 19054 मुजफ्फरपुर-सूरत एक्सप्रेस परिवर्तित मार्ग गोविन्दपुरी-इटावा-ग्वालियर-गुना के रास्ते चलाई जाएगी।

    -बांद्रा टर्मिनस से 12 अक्तूबर को चलने वाली 19091 बांद्रा टर्मिनस-गोरखपुर एक्सप्रेस परिवर्तित मार्ग मक्सी-रूठिया-गुना-महादेव खेड़ी-मलखेड़ी के रास्ते चलाई जाएगी।

    -अहमदाबाद से 9 से 15 अक्तूबर तक चलने वाली 19489 अहमदाबाद-गोरखपुर एक्सप्रेस परिवर्तित मार्ग मक्सी-रूठिया-गुना-महादेव खेड़ी-मलखेड़ी के रास्ते चलाई जाएगी।

    -गोरखपुर से 7 से 14 अक्तूबर तक चलने वाली 19490 गोरखपुर-अहमदाबाद एक्सप्रेस परिवर्तित मार्ग मलखेड़ी-महादेव खेड़ी-गुना-रूठिया-मक्सी के रास्ते चलाई जाएगी।

  • CM योगी ने बाढ़ पीड़ितों को दिया भरोसा, बोले- संकट में हर कदम पर साथ खड़ी है डबल इंजन सरकार

    CM योगी ने बाढ़ पीड़ितों को दिया भरोसा, बोले- संकट में हर कदम पर साथ खड़ी है डबल इंजन सरकार

    बाढ़ पीड़ितों को CM योगी का भरोसा- आपदा की इस घड़ी में आप अकेले नहीं, डबल इंजन सरकार आपके साथ

    CM योगी ने बाढ़ प्रभावित चित्रकूट दौरे से पहले सेल्फी वीडियो जारी कर दिया बाढ़ राहत का संदेश

    बलिया, फर्रुखाबाद और वाराणसी का दौरा कर चुके हैं CM योगी

     हर जीवन की सुरक्षा और हर परिवार तक राहत हमारा संकल्प : मुख्यमंत्री 

    लखनऊ
     उत्तर प्रदेश के कई जिलों में भारी बारिश के बाद आई बाढ़ को लेकर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने लोगों को भरोसा दिलाया है कि सरकार उनके साथ खड़ी है। सीएम योगी ने रविवार को चित्रकूट के दौरे से पहले अपने इंस्टाग्राम अकाउंट पर एक सेल्फी वीडियो शेयर कर बाढ़ प्रभावित इलाकों में चल रहे राहत और बचाव कार्यों की जानकारी दी।

    सीएम योगी ने कहा कि ज्यादा बारिश के कारण प्रदेश के कुछ जिलों में बाढ़ की स्थिति बनी हुई है। सरकार पूरी तेजी के साथ लोगों तक मदद पहुंचाने में जुटी है। वह खुद बाढ़ प्रभावित इलाकों में जाकर हालात देख रहे हैं और राहत-बचाव के कामों का जायजा ले रहे हैं।

    मुख्यमंत्री ने बताया कि सरकार के मंत्री भी बाढ़ प्रभावित इलाकों में जाकर लोगों से मिल रहे हैं और राहत सामग्री बांट रहे हैं। उन्होंने कहा कि बाढ़ की समस्या का स्थायी समाधान निकालने के लिए भी सरकार काम कर रही है।

    सीएम योगी ने बताया कि वह बलिया, फर्रुखाबाद और वाराणसी का दौरा कर चुके हैं और आज चित्रकूट जा रहे हैं।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार के लिए लोगों की सेवा सिर्फ सरकारी जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि उनके सुख-दुख में साथ खड़े रहना भी है। उन्होंने बाढ़ पीड़ितों से कहा कि संकट की इस घड़ी में वे खुद को अकेला न समझें, सरकार पूरी तरह उनके साथ है।

    सीएम योगी ने कहा कि हर व्यक्ति की जान की सुरक्षा, हर प्रभावित परिवार तक राहत पहुंचाना और जरूरतमंदों की मदद करना सरकार की पहली प्राथमिकता है।

  • यूपी के बदलाव पर युवाओं का मंथन, ‘यूपी डायलॉग’ में 100 से ज्यादा युवाओं ने रखे विचार

    यूपी के बदलाव पर युवाओं का मंथन, ‘यूपी डायलॉग’ में 100 से ज्यादा युवाओं ने रखे विचार

    ‘यूपी डायलॉग’ में जुटे 100 से ज्यादा युवा, उत्तर प्रदेश के एक दशक के बदलाव पर हुई चर्चा

    प्रदेश की अर्थव्यवस्था और एक्सप्रेसवे नेटवर्क पर हुई चर्चा

    – विशेषज्ञों ने कहा, ‘2017 में ₹52 हजार थी प्रति व्यक्ति आय, अब ₹1.20 लाख’

    – जनजातीय समाज और युवाओं के लिए चल रही योजनाओं पर भी चर्चा

    लखनऊ,
    लखनऊ के हजरतगंज स्थित एसेंस बैंक्वेट में फ्रेंड्स ऑफ यूपी की ओर से यूपी डायलॉग कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की थीम 'उत्तर प्रदेश का एक दशक' रही। इसमें ‘फ्रेंड्स ऑफ योगी’ के 100 से ज्यादा युवा वॉलंटियर्स शामिल हुए। इस दौरान पिछले दस वर्षों में उत्तर प्रदेश में हुए बदलाव और आने वाले समय में प्रदेश के विकास को लेकर चर्चा हुई।

    कार्यक्रम में अर्थशास्त्र के प्रोफेसर एम.के. अग्रवाल, प्रोफेसर अमित कुशवाह और पॉलिटिकल एनालिस्ट शशांक शेखर सिंह मुख्य वक्ता के रूप में शामिल हुए। इस दौरान युवाओं ने वक्ताओं से कई मुद्दों पर सवाल पूछे और उत्तर प्रदेश के भविष्य को लेकर अपने सुझाव भी दिए।

    आर्थिक बदलाव और एक्सप्रेसवे पर हुई चर्चा
    प्रोफेसर एम.के. अग्रवाल ने उत्तर प्रदेश की आर्थिक स्थिति में आए बदलावों पर बात की। उन्होंने कहा कि पिछले पांच वर्षों में प्रदेश की जीडीपी में लगातार दो अंकों की बढ़ोतरी हुई है। उत्तर प्रदेश से होने वाले निर्यात में भी बढ़ोतरी दर्ज की गई है। उन्होंने प्रदेश में लिंगानुपात बेहतर होने की बात भी कही। प्रोफेसर अग्रवाल ने कहा कि पहले उत्तर प्रदेश में केवल एक एक्सप्रेसवे था, जबकि अब इनकी संख्या बढ़कर दस हो गई है। उन्होंने दावा किया कि देश के करीब 60 प्रतिशत एक्सप्रेसवे उत्तर प्रदेश में हैं।

    ‘₹52 हजार से बढ़कर ₹1.20 लाख हुई प्रति व्यक्ति आय’
    पॉलिटिकल एनालिस्ट शशांक शेखर सिंह ने कहा कि 2017 के मुकाबले उत्तर प्रदेश की आर्थिक और वित्तीय स्थिति में बड़ा बदलाव आया है। उन्होंने कहा कि प्रदेश अब रेवेन्यू सरप्लस की स्थिति में है। उनके मुताबिक वर्ष 2017 में प्रदेश की प्रति व्यक्ति आय करीब 52 हजार रुपये थी, जो 2026 में बढ़कर करीब 1.20 लाख रुपये हो गई है।

    उन्होंने जनजातीय समाज के लिए किए जा रहे कामों का भी जिक्र किया। सिंह ने बताया कि 65 गांवों में लोगों को जमीन का मालिकाना हक दिया गया है। मुख्यमंत्री आवास योजना के जरिए जरूरतमंद परिवारों तक घर, बिजली और दूसरी बुनियादी सुविधाएं पहुंचाई जा रही हैं। वहीं, अभ्युदय योजना के जरिए युवाओं को प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए मुफ्त कोचिंग की सुविधा दी जा रही है। कार्यक्रम में वक्ताओं ने कहा कि उत्तर प्रदेश के विकास में युवाओं की भागीदारी बेहद जरूरी है। युवाओं से प्रदेश के विकास से जुड़े मुद्दों पर जागरूक रहने और अपने सुझाव सामने रखने की अपील भी की गई।

  • ANM से लैब सहायक तक वेतन में बड़ा अंतर, UP के 98 हजार NHM कर्मियों ने उठाई आवाज

    ANM से लैब सहायक तक वेतन में बड़ा अंतर, UP के 98 हजार NHM कर्मियों ने उठाई आवाज

    लखनऊ
    राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (एनएचएम) में कार्यरत करीब 98 हजार कार्मिकों के वेतन में असमानता दूर कर एकरूप वेतन नीति लागू करने की मांग तेज हो रही है। संयुक्त राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन कर्मचारी संघ ने सेवा अवधि, वरिष्ठता, पद, योग्यता, कार्य की प्रकृति और जिम्मेदारियों के आधार पर वेतन पुनर्निर्धारण के साथ कर्मचारियों को आउटसोर्स सेवा निगम में शामिल करने की मांग की है। मांगों की अनदेखी पर स्वास्थ्य सेवाएं ठप करने की चेतावनी दी गई है।

    एनएचएम कर्मियों को आउटसोर्स सेवा निगम में शामिल करने की मांग
    संघ के प्रदेश महामंत्री योगेंद्र उपाध्याय के मुताबिक, एनएचएम में 13 हजार सेवा प्रदाता (आउटसोर्स) और 75 हजार स्वास्थ्य समिति से अनुबंधित कार्मिक हैं। अन्य श्रेणियों को मिलाकर संख्या करीब 98 हजार है। ये स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे है। बावजूद इसके एनएचएम कर्मियों के लिए समान वेतन नीति नहीं बनी है।

    स्थायी एएनएम को करीब 40 हजार रुपये मासिक जबकि एनएचएम कर्मी को 11 हजार रुपये मिलता है। स्थायी लैब सहायक को करीब 40 हजार रुपये, जबकि एनएचएम कर्मी को 13 हजार रुपये मिलते हैं।

    चतुर्थ श्रेणी के सामान्य संविदा कर्मी को करीब 18 हजार रुपये और एनएचएम कर्मी को 10 हजार रुपये वेतन मिलता है। सभी वर्गों में वेतन विसंगति बनी हुई है।

    मध्य प्रदेश, बिहार और हरियाणा के अनुरूप वेतन निर्धारण किया जाए
    योगेंद्र उपाध्याय ने दावा किया कि वर्ष 2016 से एनएचएम कर्मियों की वेतन विसंगतियां दूर करने के सुझाव दिए जाते रहे हैं। मध्य प्रदेश, बिहार और हरियाणा समेत कुछ राज्यों में कार्य और दायित्व के अनुरूप वेतन का निर्धारण कर भी लिया। संघ के अनुसार, वर्ष 2018 से केंद्र सरकार के अनुमोदित आरओपी (रिकॉर्ड ऑफ प्रोसीडिंग्स) में एनएचएम के वेतन और मानव संसाधन संबंधी जरूरतों के लिए बजट का प्रावधान किया जा रहा है।

    स्वाइन फ्लू के चलते जनहित में आंदोलन की तिथि घोषित नहीं की जा रही है। स्थिति सामान्य होते ही आंदोलन शुरू किया जाएगा।

  • मुख्यमंत्री ने कहा – पहले यही सामग्री, यही पैसा सपाई खाकर डकार जाते थे

    मुख्यमंत्री ने कहा – पहले यही सामग्री, यही पैसा सपाई खाकर डकार जाते थे

    2017 के पहले बाढ़पीड़ितों को देते थे सूखी ब्रेड, अब मिलती है 26 सामानों वाली 50 किलो की किट : सीएम योगी

    वाराणसी में बाढ़ प्रभावितों के राहत सामग्री वितरण कार्यक्रम में सम्मिलित हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ 

    मुख्यमंत्री ने कहा – पहले यही सामग्री, यही पैसा सपाई खाकर डकार जाते थे

    जिन किसानों की फसल डूबी है, उनका सर्वे कर मुआवजा देने का आदेश

    10 वर्ष पहले 45 जिले बाढ़ से प्रभावित होते थे, दर्जनों जनपदों में मस्तिष्क ज्वर से बच्चे कालकवलित होते थे

    सीएम बोले, जब अच्छी सरकार आती है, अच्छी स्कीम लाती है, लूट-खसोट पर रोक लगाती है, गरीब को उसका हक उपलब्ध करवाती है

    मुख्यमंत्री ने प्रभावित परिवारों से बातचीत कर वितरित की राहत सामग्री

    लखनऊ/वाराणसी,
     वाराणसी के विद्या विहार इण्टर कॉलेज में शनिवार को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ बाढ़ प्रभावितों के राहत सामग्री वितरण कार्यक्रम में शामिल हुए। उन्होंने कहा कि आज से 10 वर्ष पहले उत्तर प्रदेश के 45 जिले बाढ़ से प्रभावित होते थे और दर्जनों जनपदों में मस्तिष्क ज्वर से बच्चे कालकवलित होते थे। मुख्यमंत्री ने 2017 से पहले की व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए कहा, इतनी राहत सामग्री पहले नहीं मिलती थी। तब एक सूखी ब्रेड मिलती थी और हम देते हैं 50 किलो की किट, जिसमें 26 प्रकार के सामान होते हैं। उन्होंने कहा कि किसानों की डूबी फसलों का सर्वे किया जा रहा है। उन्हें भी मुआवजा देने के आदेश कर दिए गए हैं।

    सीएम योगी ने कहा कि उस समय न बच्चों के लिए दूध था, न गर्म भोजन, न राशन और न डिग्निटी किट। यही सामग्री या यही पैसा 2017 के पहले ये सपाई सब खा जाते थे। गरीब का हक खाकर डकार जाते थे। जब अच्छी सरकार आती है, अच्छी स्कीम लेकर आती है, लूट-खसोट पर रोक लगाती है और गरीब को उसका हक उपलब्ध करवाती है।

    मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि गत वर्ष भी मुझे इस विद्यालय परिसर में आकर राहत कार्यों की समीक्षा करने और बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में प्रशासन ने क्या व्यवस्थाएं की हैं, इनका निरीक्षण करने का अवसर मिला था। मुख्यमंत्री ने प्रभावित परिवारों से बातचीत की और राहत सामग्री का भी वितरण किया।

    उन्होंने कहा कि प्रत्येक वर्ष वरुणा नदी में जब गंगा जी का जलस्तर बढ़ता है तो वरुणा नदी बैक फ्लो करती है और उसके कारण निचले क्षेत्र में जलजमाव की समस्या खड़ी हो जाती है। आज से 10 साल पहले इसी सीजन में भीषण जलजमाव से लोगों का आवागमन बाधित होता था, उन्हें परेशानी होती थी। उन्होंने कहा कि आज मेरे साथ बाढ़ नियंत्रण के मंत्री स्वतंत्र देव सिंह साथ में हैं। पिछले नौ-साढ़े नौ वर्ष में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन और नेतृत्व में प्रत्येक क्षेत्र में जो कार्य हुए हैं, उसके परिणाम वाराणसी में भी देखने को मिल रहे हैं।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि आध्यात्मिक और सांस्कृतिक विरासत का संरक्षण करते हुए नए कलेवर के रूप में एक नई काशी का हम सब दर्शन कर रहे हैं। काशी विश्वनाथ धाम हो, काशी के घाट हों, काशी के अंदर रेलवे स्टेशन हो, बस स्टेशन हो, एयरपोर्ट हो, सड़कों के चौड़ीकरण का कार्य हो, रिंग रोड का कार्य हो, जनता को बुनियादी सुविधाएं प्रदान करने का कार्य हो या बाढ़ पर प्रभावी नियंत्रण करने के लिए किए गए उपाय हों, ये सभी आज काशी में देखने को मिल रहे हैं। जिस प्रदेश में आज से 10 वर्ष पहले दर्जनों जनपदों में मस्तिष्क ज्वर से बच्चे कालकवलित होते थे, आज इस बात को देखकर संतुष्टि होती है कि कुल मिलाकर 14 ऐसे जिले हैं, जहां आज पानी थोड़ा-बहुत आया है। उन क्षेत्रों का हम दौरा कर राहत सामग्री वितरित कर रहे हैं।

    किट में 26 प्रकार के सामान हर प्रभावित परिवार को उपलब्ध करवाए जा रहे

    सीएम ने कहा कि व्यापक स्तर पर पूरा जिला प्रशासन जनप्रतिनिधियों के साथ मिलकर और भारतीय जनता पार्टी के कार्यकर्ता भी युद्ध स्तर पर राहत कार्य के साथ जुड़े हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जो पैसा भेजा है, आपदा राहत निधि से उसी पैसे से सारी व्यवस्थाएं की जा रहीं हैं। इस किट में ढाई किलो लाई, कच्चा चना दो किलो, भुना चना दो किलो, चीनी एक किलो, 10 पैकेट बिस्किट, माचिस एक पैकेट, मोमबत्ती एक पैकेट, नहाने के दो साबुन, ढक्कनदार बाल्टी, तिरपाल, 10 किलो आटा, 10 किलो चावल, दो किलो अरहर दाल, 10 किलो आलू। हल्दी, मिर्च, मसाले, एक लीटर रिफाइंड या सरसों का तेल, एक किलो नमक, सैनिटरी पैड, कपड़ा धोने के दो साबुन, एक तौलिया, एक सूती कपड़ा, 20 डिस्पोजेबल बैग, एक मग और 100 मिलीलीटर डिटॉल या सेवलॉन। यह 26 प्रकार के आइटम हर प्रभावित परिवार को उपलब्ध करवाए जा रहे हैं।

    मौत पर 24 घंटे के अंदर प्रभावित परिवार को राहत की व्यवस्था

    सीएम योगी ने कहा कि पानी का फैलाव होता है तो सांप, बिच्छू और अन्य कीड़ों के द्वारा काटने की शिकायतें आती हैं। मनुष्य और वन्यजीव संघर्ष के कारण भी बहुत सारी जगह जनहानि की शिकायतें आती हैं। मकान ढहने या बिजली गिरने से भी समस्याएं आती हैं। इन सबको भी आपदा राहत के रूप में शामिल किया गया है। किसी की डूबने से मौत हो गई, आकाशीय बिजली से असामयिक मौत हो गई, किसी किसान की खेत में काम करते समय, बटाईदार के खेत में काम करते समय या उनके परिवार के सदस्य की खेत में काम करते समय मौत हो गई, तो आपदा राहत निधि से अगले 24 घंटे के अंदर उस परिवार को चार लाख रुपये की सहायता हर हाल में मिल जाए, यह व्यवस्था कर दी गई है।

    किसी गरीब का मकान जल गया, किसी गरीब का मकान बाढ़ में बह गया या बाढ़ में टूट गया, तो उसको तत्काल प्रधानमंत्री आवास योजना या मुख्यमंत्री आवास योजना में एक आवास उपलब्ध करवाना है। उन्होंने कहा कि जब अच्छी सरकार आती है कोई भेदभाव किसी के साथ नहीं करती, सबको उसका अधिकार मिले और यही अधिकार देने के लिए और समीक्षा करने के लिए प्रधानमंत्री के निर्देश पर आज वे यहां पर आए हैं।

    21 राहत शिविरों में प्रभावित परिवारों के रहने की व्यवस्था 
    मुख्यमंत्री ने बताया कि वाराणसी के 16 वार्डों में 567 परिवार प्रभावित हैं, जिनमें 2,486 नागरिक रह रहे हैं और 21 राहत शिविरों में इन सभी को रखने की व्यवस्था की गई है। सभी प्रकार की सुविधाएं वहां उपलब्ध करवाने के साथ ही यहां पर बचाव के लिए 48 नाव, एनडीआरएफ, पीएसी और जल पुलिस की टीम भी 24 घंटे उन क्षेत्रों में सक्रिय की गई हैं। बाढ़ से बचाव के लिए मेडिकल शिविर लगाए जा रहे हैं। जिनके पास आयुष्मान कार्ड नहीं हैं, उन्हें आयुष्मान कार्ड और मुफ्त में दवा भी उपलब्ध कराई जा रही है। 1,129 किसान ऐसे हैं, जिनकी 131 हेक्टेयर भूमि जलमग्न हुई है। उसका सर्वे करवाया जा रहा है। सर्वे करवाने के बाद उनको भी हम राहत सामग्री उपलब्ध करवाने का काम करेंगे। ये सभी कार्य इसीलिए संभव हो पाया है, क्योंकि काशी ने देश की संसद में एक सुयोग्य प्रतिनिधि सांसद बनाकर भेजा है। यह हमारा सौभाग्य है कि काशी के सांसद पूरे देश को प्रधानमंत्री के रूप में नेतृत्व दे रहे हैं।

    डबल इंजन की सरकार आपके साथ खड़ी  
    सीएम ने आश्वस्त किया कि आपदा की इस घड़ी में आप अकेले नहीं हैं। डबल इंजन की सरकार आपके साथ खड़ी है और हर प्रकार का सहयोग करने के लिए प्रतिबद्ध हैं, जिससे हर नागरिक के जीवन में परिवर्तन लाया जा सके। 24 घंटे कंट्रोल रूम के माध्यम से एक-एक गतिविधि की जानकारी लेकर हर जरूरतमंद तक उसकी आवश्यकता के अनुरूप सामग्री उपलब्ध कराने का कार्य डबल इंजन की सरकार करेगी।

    इस दौरान जल शक्ति मंत्री स्वतंत्र देव सिंह, श्रम एवं सेवायोजन मंत्री अनिल राजभर, स्टाम्प एवं रजिस्ट्रेशन विभाग के मंत्री रविंद्र जायसवाल, आयुष मंत्री दयाशंकर मिश्र ‘दयालु’, महापौर अशोक तिवारी, जिला पंचायत अध्यक्ष पूनम मौर्या, पूर्व मंत्री डॉ. नीलकंठ तिवारी, विधायक पिंडरा डॉ. अवधेश सिंह, विधायक कैंट सौरभ श्रीवास्तव, विधायक अजगरा त्रिभुवन राम आदि उपस्थित थे।

  • शिक्षक दिवस पर शिक्षा मंत्री की बड़ी पहल, राज्य के सभी 5.80 लाख शिक्षकों को भेजा पत्र

    शिक्षक दिवस पर शिक्षा मंत्री की बड़ी पहल, राज्य के सभी 5.80 लाख शिक्षकों को भेजा पत्र

    पटना
    शिक्षक दिवस के दिन राज्य के सभी पांच लाख 80 हजार शिक्षकों को शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी ने पत्र भेजा। तीन पेज के इस पत्र में मंत्री ने शिक्षकों की महत्वपूर्ण भूमिका, उनके योगदान और समाज एवं राज्य के भविष्य निर्माण में उनकी जिम्मेदारी का उल्लेख किया है।शिक्षा मंत्री ने कहा कि शिक्षक बच्चों को पढ़ाने के साथ उनके व्यक्तित्व, संस्कार और भविष्य को आकार देने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। उन्होंने शिक्षकों से राज्य के बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा देने के साथ उनमें अच्छे संस्कार, अनुशासन, संवेदनशीलता और जिम्मेदारी की भावना विकसित करने की अपील की है।

    उन्होंने कहा कि बिहार का उज्ज्वल भविष्य आज के विद्यालयों और वहां पढ़ने वाले बच्चों से जुड़ा है। ऐसे में शिक्षक राज्य के भविष्य को संवारने में सबसे महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं। शिक्षकों ने इस पहल के लिए शिक्षा मंत्री के प्रति आभार व्यक्त किया और कहा कि वे शिक्षा व्यवस्था को और बेहतर बनाने के लिए पूरी निष्ठा और समर्पण के साथ कार्य करते रहेंगे। शिक्षा मंत्री ने राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार-2026 से सम्मानित गोपालगंज और बांका की दोनों महिला शिक्षकों बधाई दी है।

    डाक विभाग: इंस्पेक्टर पदोन्नति परीक्षा के लिए आवेदन की तिथि 15 तक बढ़ी
    डाक विभाग ने इंस्पेक्टर पदोन्नति के लिए आयोजित होने वाली विभागीय प्रतियोगी परीक्षा के ऑनलाइन आवेदन की अंतिम तिथि बढ़ा दी है। सीमित विभागीय प्रतियोगी परीक्षा (एलडीसीई) के लिए अब उम्मीदवार 15 सितंबर शाम 5:30 बजे तक आवेदन कर सकते हैं। पहले आवेदन की अंतिम तिथि 5 सितंबर निर्धारित थी। इस संबंध में डाक विभाग संचार मंत्रालय भारत सरकार के विभागीय परीक्षा अनुभाव ने अधिसूचना जारी की है। यह फैसला इसलिए लिया गया है ताकि जो योग्य कर्मचारी किसी कारणवश समय पर आवेदन नहीं कर पाए थे, उन्हें एक और मौका मिल सके और कोई भी पात्र व्यक्ति इस पदोन्नति के अवसर से वंचित न रहे। यह परीक्षा 26 और 27 सितंबर 2026 को पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार ही आयोजित की जाएगी। इस परीक्षा के माध्यम से इंस्पेक्टर पदों पर 66.66 प्रतिशत विभागीय कोटे के तहत पदोन्नति दी जानी है। जो केवल डाक विभाग में पहले से ही कार्यरत कर्मचारियों के लिए है।

    विभाग ने स्पष्ट किया है कि यह पदोन्नति वर्ष 2026 की उन रिक्तियों के लिए होगी जो एक जनवरी 2026 से लेकर 31 दिसंबर 2026 के बीच खाली होंगी या हो सकती हैं। आवेदनों के सत्यापन का काम 16 सितंबर तक करना होगा। अगर किसी आवेदन में कोई गलती या कमी पाई जाती है तो उसे सुधारने के लिए उम्मीदवारों को 17 सितंबर तक का समय दिया गया है, जबकि पहले यह तारीख 11 सितंबर थी। इसके बाद जब उम्मीदवार अपने सुधरे हुए आवेदन दोबारा जमा करेंगे, तो नियंत्रण अधिकारी उन्हें 18 सितंबर तक जांचकर पास करेंगे। आवेदनों को अंतिम रूप देने और परीक्षा केंद्र आवंटित करने का काम नोडल अधिकारी अब 19 सितंबर तक करेंगे। प्रवेश पत्र 22 सितंबर शाम 5:30 बजे से डाउनलोड के लिए उपलब्ध कराए जाएंगे। इस परीक्षा का लाभ देश के सभी डाक सर्किलों के कर्मचारियों को मिलेगा। बिहार के सभी जिलों में तैनात पात्र डाक कर्मचारी इस परीक्षा के लिए आवेदन कर सकते हैं और अगर वे सफल होते हैं तो इंस्पेक्टर पद पर पदोन्नत हो सकते हैं।

  • पाकिस्तानी संगठन को लाइव फीड देने का आरोप, दिल्ली कैंट-सोनीपत स्टेशनों पर लगाए थे कैमरे

    पाकिस्तानी संगठन को लाइव फीड देने का आरोप, दिल्ली कैंट-सोनीपत स्टेशनों पर लगाए थे कैमरे

      लखनऊ
    देश के संवेदनशील स्टेशनों, महत्वपूर्ण स्थानों पर सोलर पैनल कैमरा लगाकर पाक स्थित संदिग्ध संगठन को जानकारी भेजने के मामले में एनआईए ने शनिवार को 13 आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की। आरोपपत्र में खुलासा हुआ कि जूते में छुपा कर 12 भारतीय सिम कार्ड दुबई भेजे गए थे। चार्जशीट के अनुसार, आरोपी सरदार जोरा सिंह ने अन्य आरोपियों की मदद से 15 फरवरी को दिल्ली कैंट स्टेशन का दौरा किया। इसके बाद स्टेशन पर सोलर पैनल कैमरा लगाया और पाकिस्तानी संगठन को लाइव प्रसारण उपलब्ध कराई।

    कैमरे का उपयोग करके सैन्य प्रातिष्ठानों की वीडियो भी ली गई। आरोपियों ने कैमरों को चलाने के लिए शिवा बाल्मीकि के नाम से पंजीकृत सिम का प्रयोग किया। आरोपी साने इरम ने भारतीय सिम के साथ व्हाटसऐप इंस्टॉल करने के लिए सरदार जोरा सिंह को दो ओटीपी भेजी थी। राज और शिवा वाल्मीकि ने कौशांबी के कोरियर से जूते में छिपाकर 12 भारतीय सिम दुबई भेजे थे। एनआईए ने विशेष न्यायाधीश ने आरोपी प्रवीण, राज वाल्मीकि, शिवा वाल्मीकि, रितिक गंगवार, समीर उर्फ शूटर, दुर्गेश निषाद, नौशाद, गगन कुमार, विवेक, शिवराज, मीरा ठाकुर और शाने इरम सहित 13 आरोपियों के ख़िलाफ़ सुनवाई शुरू कर दी है।

    पाक की सोलर कैमरे तक पहुंच: एनआईए
    एनआईए की ओर से अदालत को बताया गया कि संदिग्ध पाकिस्तानी संगठन के निर्देश पर आरोपी प्रवीण व शिवराज ने दो जेसीएल के साथ 25 फरवरी को सोनीपत रेलवे स्टेशन का दौरा किया इन आरोपियों ने रेलवे स्टेशन पर सोलर पैनल कैमरा लगाया और पाकिस्तानी संगठन को लाइव कैमरे की पहुंच प्रदान की। यह भी बताया गया कि आरोपियों ने दिल्ली कैंट के कैमरों को चलाने के लिए शिवा बाल्मीकि के नाम से पंजीकृत सिम का प्रयोग किया जबकि आरोपी साने इरम ने भारतीय सिम के साथ वॉट्सएप इनस्टॉल करने के लिए सरदार जोरा सिंह को दो ओटीपी भेजी थी। इसके साथ ही साथ शिवा वाल्मीकि, ऋतिक गंगवार और सुहैल मलिक ने छह कंप्यूटर माउस भेजे थे।

    जबकि राज बाल्मिक और शिवा वाल्मीकि ने कौशांबी के ब्लू डॉट कोरियर से दुबई में स्पोर्ट्स शूज की एक जोड़ी भेजी थी और दोनों मौके पर शिवा वाल्मीकि के मोबाइल नंबर का उपयोग खेप बुक की गई थी। चार्जशीट में आगे कहा गया कि सरदार जोरा सिंह और विक्की जद्दू के निर्देश पर गाजियाबाद के ब्लू डार्ट कोरियर के ज़रिए जूते में छुपा कर 12 भारतीय सिम कार्ड दुबई भेजे गए थे। बताया गया कि संदिग्ध पाकिस्तानी संगठन के निर्देश पर उनके द्वारा जीपीएस मैप कैमरे का उपयोग करके विभिन्न सैन्य प्रातिष्ठानों की वीडियो तस्वीर ली गई।

    अब तक 21 आरोपी गिरफ्तार कर भेजे गए जेल
    कोर्ट में बताया गया कि इस मामले में अब तक 21 आरोपी गिरफ्तार हो चुके हैं। इनमें से 5 नाबालिग आरोपियों के खिलाफ एनआईए ने इसी साल 18 मई को गाज़ियाबाद के किशोर न्याय बोर्ड में अपनी रिपोर्ट दाखिल की थी। जांच में सामने आया है कि आरोपियों ने देश की संप्रभुता और अखंडता के खिलाफ आपराधिक साजिश रची। वे प्रतिबंधित व अति संवेदनशील क्षेत्रों में अवैध रूप से घुसे, वहां जासूसी कैमरे लगाए, और फोटो-वीडियो को जियो-टैगिंग के साथ दुश्मन देश में बैठे हैंडलरों को भेजा। साथ ही आरोपियों ने दुश्मन देश से जुड़े लोगों को भारतीय सिम कार्ड उपलब्ध कराए और उन्हें संवेदनशील प्रतिष्ठानों की सटीक जीपीएस लोकेशन के साथ फोटो-वीडियो जुटाने में मदद की। इससे देश की सुरक्षा को गंभीर खतरा पैदा हुआ।

  • खिलाड़ियों को अब इलाज के लिए नहीं जाना पड़ेगा बाहर, लखनऊ में तैयार हो रहा स्पोर्ट्स इंजरी सेंटर

    खिलाड़ियों को अब इलाज के लिए नहीं जाना पड़ेगा बाहर, लखनऊ में तैयार हो रहा स्पोर्ट्स इंजरी सेंटर

    खिलाड़ियों की चोट का इलाज अब लखनऊ में, तैयार हो रहा अत्याधुनिक स्पोर्ट्स साइंस एंड इंजरी मैनेजमेंट सेंटर

    योगी सरकार का खेल प्रतिभाओं को बड़ा तोहफा, लखनऊ स्पोर्ट्स कॉलेज में बन रहा सेंटर

    अब दूसरे राज्यों का नहीं करना पड़ेगा रुख, राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय स्तर की सुविधाओं से लैस होगा सेंटर

    सेंटर में होंगी क्रायोथेरेपी से लेकर शॉकवेव थेरेपी तक सात अत्याधुनिक मशीनों की सुविधा

    सिविल कार्य प्रगति पर, उपकरणों की खरीद के लिए टेंडर प्रक्रिया पूरी

    करीब 7.17 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाले सेंटर को एक साल की समय-सीमा में पूरा करने का लक्ष्य

    लखनऊ,
     उत्तर प्रदेश में खेल प्रतिभाओं को बेहतर प्रशिक्षण और अत्याधुनिक चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराने की दिशा में योगी सरकार एक और महत्वपूर्ण कदम बढ़ा रही है। राजधानी लखनऊ स्थित गुरु गोविंद सिंह स्पोर्ट्स कॉलेज में स्पोर्ट्स साइंस एंड इंजरी मैनेजमेंट सेंटर की स्थापना की जा रही है। यह प्रदेश का पहला ऐसा सेंटर होगा, जहां खिलाड़ियों की फिटनेस, खेल संबंधी चोटों के उपचार, फिजियोथेरेपी, पुनर्वास, पोषण, मानसिक स्वास्थ्य और खेल प्रदर्शन में सुधार के लिए वैज्ञानिक एवं विशेषज्ञ सुविधाएं एक ही छत के नीचे उपलब्ध होंगी।

    सेंटर के निर्माण के बाद प्रदेश के खिलाड़ियों को खेल संबंधी चोटों के इलाज और आधुनिक पुनर्वास के लिए दूसरे राज्यों का रुख नहीं करना पड़ेगा। यहां राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर की अत्याधुनिक चिकित्सा एवं खेल विज्ञान सुविधाएं उपलब्ध कराने की योजना है। इससे खिलाड़ियों को समय पर उपचार मिलने के साथ उनकी रिकवरी और खेल में वापसी की प्रक्रिया भी अधिक प्रभावी हो सकेगी।

    फिटनेस से लेकर मानसिक स्वास्थ्य तक एकीकृत व्यवस्था

    स्पोर्ट्स साइंस एंड इंजरी मैनेजमेंट सेंटर का उद्देश्य केवल घायल खिलाड़ियों का उपचार करना नहीं, बल्कि उनकी शारीरिक क्षमता का नियमित वैज्ञानिक मूल्यांकन और प्रदर्शन में निरंतर सुधार करना भी है। सेंटर में खिलाड़ियों को फिजियोथेरेपी, स्पोर्ट्स साइंस आधारित प्रशिक्षण, पोषण संबंधी परामर्श और मानसिक स्वास्थ्य से जुड़े मार्गदर्शन की सुविधा मिलेगी। इसके माध्यम से खिलाड़ियों की फिटनेस का वैज्ञानिक आकलन कर उनकी जरूरत के अनुसार प्रशिक्षण और रिकवरी की रणनीति तैयार की जा सकेगी। चोट के बाद पुनर्वास से लेकर मैदान पर वापसी तक खिलाड़ियों को विशेषज्ञों की निगरानी में सहायता उपलब्ध कराने की व्यवस्था होगी।

    करीब 7.17 करोड़ रुपये की लागत से हो रहा तैयार

    स्पोर्ट्स सांइस एंड इंजरी मैनेजमेंट सेंटर की स्थापना के लिए शासन द्वारा 716.77 लाख रुपये (7.17 करोड़ रुपये) की स्वीकृति प्रदान की गयी है। परियोजना के माध्यम से खिलाड़ियों के लिए आधुनिक चिकित्सा, पुनर्वास और खेल विज्ञान से जुड़ा मजबूत सपोर्ट सिस्टम तैयार किया जा रहा है। उत्तर प्रदेश में अभी तक ऐसा सेंटर नहीं था। इसमें बाहर के लोगों को भी इलाज की सुविधा दिए जाने का प्रस्ताव है। फीस देकर आमजन भी अपनी चोटों का इलाज और पुनर्वास करा सकेंगे।

    सात अत्याधुनिक उपकरणों से लैस होगा सेंटर

    खिलाड़ियों के उपचार और रिकवरी के लिए सेंटर में सात प्रमुख अत्याधुनिक उपकरणों की व्यवस्था की जा रही है। इनमें हॉल बॉडी क्रायोथेरेपी चैबर, रेडियल शॉकवेव थेरेपी डिवाइस, टीईसीएआर चिकित्सा उपकरण, वायवीय संपीडन चिकित्सा इकाई, कॉम्बो पेन मैनेजमेट इलेक्ट्रोथेरेपी यूनिट, क्लास-4 चिकित्सीय लेजर प्रणासी, फोकस्ड शॉकवेव थेरेपी यूनिट शामिल हैं। 

    हॉल बॉडी क्रायोथेरेपी चैबर सुविधा में तरल नाइट्रोजन के स्थान पर बिजली से संचालित क्रायोथेरेपी कक्ष की सुविधा होगी। इसमें -120°C से -140°C तक तापमान सीमा उपलब्ध होगी। जबकि रेडियल शॉकवेव थेरेपी डिवाइस दो एकीकृत कंप्रेसर के माध्यम से उच्च आवृत्ति, 20 Hz तक के इम्पल्स देने में सक्षम होगा। इसका डिजाइन आधुनिक और उपयोग में आसान बताया गया है। वहीं टीईसीएआर चिकित्सा उपकरण उच्च आवृत्ति इलेक्ट्रोथेरेपी के जरिए गहरे ऊतकों के उपचार की सुविधा मिलेगी। इसके माध्यम से विभिन्न प्रकार की उपचार प्रणालियां उपलब्ध होंगी, जिनमें धाव, टैडन, लिगामेंट, जोड़ तथा मांसपेशियों के उपचार जैसी सुविधाएं शामिल हैं।

    वायवीय संपीड़न चिकित्सा इकाई (प्न्यूमैटिक कंप्रेशन थेरेपी यूनिट) के माध्यम से दोनों पैरों, भुजाओं, कमर एवं शरीर के विभिन्न हिस्सों का एक साथ उपचार किया जा सकेगा। खिलाड़ियों के रिकवरी और पुनर्वास में यह उपयोगी होगा। कॉम्बो पेन मैनेजमेंट इलेक्ट्रोथेरेपी यूनिट में समकालिक, वैकल्पिक, पृथक एवं क्रमिक चैनल मोड में इलेक्ट्रोस्टिमुलेशन की सुविधा होगी। इसके जरिए गैल्वैनिक, फैराडिक, ट्रेबर्ट, अल्ट्रा राइज, हाई वोल्ट, माइक्रो करंट तथा टीईएनएस जैसी विभिन्न करंट थेरेपी उपलब्ध होगी।

    क्लास-4 चिकित्सीय लेजर प्रणाली में 2 इंच या उससे अधिक बैकलिट टच स्क्रीन डिस्प्ले और क्लास-4 जीएएआईएएस डायोड लेजर स्रोत होगा। इसकी न्यूनतम 10 वाट या उससे अधिक आउटपुट क्षमता होगी। फोकस्ड शॉकवेव थेरेपी यूनिट में मायोफेशियल ट्रिगर प्वाइंट, पीठ दर्द और गर्दन दर्द आदि के उपचार में उपयोगी होगा। इसके जरिए कैल्सिफिक टेंडिनोपैथी जैसी समस्याओं के उपचार में भी सहायता मिलेगी।

    निर्माण कार्य प्रगति पर, उपकरणों की खरीद जल्द

    स्पोर्ट्स साइंस एंड इंजरी मैनेजमेंट सेंटर का सिविल निर्माण कार्य वर्तमान में प्रगति पर है। वहीं अत्याधुनिक चिकित्सा एवं खेल विज्ञान उपकरणों की खरीद के लिए कार्यदायी संस्था द्वारा टेंडर प्रक्रिया पूरी की जा चुकी है। टेंडर प्रक्रिया के बाद उपकरणों की खरीद की कार्यवाही शुरू की जाएगी।
    परियोजना को कार्य प्रारंभ होने की तिथि से एक वर्ष की समय सीमा में पूरा करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। सेंटर के तैयार होने के बाद खिलाड़ियों को उपचार, रिकवरी और प्रदर्शन सुधार के लिए एकीकृत सुविधा उपलब्ध होगी।

    प्रशिक्षकों और खेल विशेषज्ञों की भी बढ़ेगी क्षमता

    इस सेंटर को खिलाड़ियों के साथ-साथ प्रशिक्षकों, खेल अधिकारियों और खेल विज्ञान से जुड़े विशेषज्ञों के लिए भी क्षमता विकास के मंच के रूप में विकसित किया जाएगा। यहां प्रशिक्षण एवं क्षमता विकास की सुविधाएं उपलब्ध होंगी, जिससे खेल से जुड़े मानव संसाधन को भी आधुनिक वैज्ञानिक तकनीकों और चोट प्रबंधन की बेहतर जानकारी मिल सकेगी।

    स्पोर्ट्स साइंस एंड इंजरी मैनेजमेंट सेंटर महत्वपूर्ण पहल 
    प्रदेश सरकार खिलाड़ियों को बेहतर प्रशिक्षण के साथ-साथ अ
    त्याधुनिक चिकित्सा एवं खेल विज्ञान सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए लगातार काम कर रही है। स्पोर्ट्स साइंस एंड इंजरी मैनेजमेंट सेंटर इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है। यह प्रदेश का पहला ऐसा सेंटर होगा, जहां खिलाड़ियों की फिटनेस, चोटों के उपचार, फिजियोथेरेपी, पुनर्वास, पोषण, मानसिक स्वास्थ्य और खेल प्रदर्शन से जुड़ी सुविधाएं एकीकृत रूप से उपलब्ध होंगी।
    -कुमार विनीत, विशेष सचिव, खेल विभाग