Category: उत्तर प्रदेश

  • लखनऊ के विकास का नया खाका: किसान पथ पर सर्विस लेन, एयरपोर्ट के दोनों ओर एयरोसिटी और संग्रहालय का पुनर्विकास

    लखनऊ के विकास का नया खाका: किसान पथ पर सर्विस लेन, एयरपोर्ट के दोनों ओर एयरोसिटी और संग्रहालय का पुनर्विकास

    लखनऊ
    दिल्ली एनसीआर की तर्ज पर लखनऊ के साथ छह जिलों को मिलाकर बनने वाले उत्तर प्रदेश राज्य राजधानी क्षेत्र यानी एससीआर की प्रस्तावित योजनाओं में जिला प्रशासन ने कई बदलाव के सुझाव दिए हैं। जिलाधिकारी की अध्यक्षता में हुई समिति की बैठक में एयरपोर्ट के उत्तर और दक्षिण दोनों तरफ दिल्ली की ही तरह एयरोसिटी विकसित करने की बात तय हुई। इसी के साथ पेरिफेरल रोड के निर्माण के औचित्य न होने पर भी बात हुई। राज्य संग्रहालय को मौजूदा स्थान पर ही पुर्नविकसित करने का सुझाव दिया गया। राजधानी की भविष्य की पेयजल जरूरतों को देखते हुए यूपीएससीआर में प्रस्तावित 300 एमएलडी वाटर वर्क्स की क्षमता बढ़ाने की भी सिफारिश की गई है।

    जिलाधिकारी की अध्यक्षता में यूपीएससीआर व अन्य योजनाओं के बारे में डीएम ने 29 जुलाई को बैठक की थी। इस बैठक में विभिन्न विभागों के 23 अधिकारी शामिल हुए। बैठक में एससीआर के प्रस्तावों व योजनाओं पर गहन मंत्रणा की गई जिसमें कई सुझाव दिए गए। पांच दिन पहले जिला प्रशासन ने बैठक का मिनट्स जारी कर दिया है।

    दोनों हिस्सों के बीच बेहतर संपर्क व्यवस्था होगी
    एयरपोर्ट के आसपास एयरोसिटी विकसित करने की योजना में अब उत्तर और दक्षिण दोनों हिस्सों को शामिल करने का सुझाव दिया गया है। इससे एयरपोर्ट के आसपास व्यावसायिक, आवासीय और अन्य सुविधाओं के विकास के लिए व्यापक क्षेत्र उपलब्ध हो सकेगा। दोनों हिस्सों के बीच बेहतर संपर्क व्यवस्था विकसित करने पर जोर है। पहले एयरपोर्ट के दक्षिण तरफ सैनिक स्कूल की खाली जमीन पर ही एयरोसिटी बनाने का प्रस्ताव था लेकिन बैठक में उत्तर तरफ भी रिक्त जमीनों का इसके लिए इस्तेमाल करने की बात हुई है।

    300 एमएलडी वाटर वर्क्स की क्षमता बढ़ेगी बढ़ती आबादी को देखते हुए
    राजधानी और आसपास के क्षेत्रों में भविष्य की बढ़ती आबादी को देखते हुए प्रस्तावित 300 एमएलडी वाटर वर्क्स की क्षमता को कम माना गया। जलापूर्ति की दीर्घकालीन जरूरतों का आकलन कर इसकी क्षमता बढ़ाने का सुझाव दिया गया है। सिंचाई विभाग और जल निगम को इसके लिए दोबारा आकलन करना होगा।

    संग्रहालय का पुनर्विकास होगा
    राज्य संग्रहालय को मौजूदा स्थान से दूसरी जगह स्थानांतरित करने के प्रस्ताव को भी जिला प्रशासन ने उचित नहीं माना। समिति ने संग्रहालय को उसी स्थान पर रखते हुए उसके विकास और आधुनिकीकरण की योजना तैयार करने का सुझाव दिया है। हालांकि इसे हटाने का निर्देश खुद मुख्यमंत्री ने दिया था। इसे राष्ट्र प्रेरणा स्थल पर ले जाने की बात चल रही है। मुख्यमंत्री कार्यालय ने एलडीए को इस सम्बंध में निर्देश भी दिया है।

    किसान पथ के दोनों हिस्से में सर्विस लेन बनाई जाएगी
    वहीं, सुल्तानपुर रोड से अयोध्या रोड के बीच करीब 12 किमी हिस्से में किसान पथ के दोनों ओर सर्विस लेन बनाई जाएगी। भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) ने प्रस्ताव बनाकर दिल्ली स्थित मुख्यालय भेज दिया है। मंजूरी और आगे की प्रक्रिया पूरी होने के बाद काम निर्माण कार्य शुरू कर दिया जाएगा।

    प्रस्ताव के मुताबिक किसान पथ के दोनों तरफ बनने वाली सर्विस लेन 7.5-7.5 मीटर चौड़ी होगी। इससे आसपास की कॉलोनियों, गांवों और स्थानीय बाजारों से आने-जाने वाले वाहन सीधे मुख्य किसान पथ पर चढ़ने के बजाय सर्विस लेन का इस्तेमाल कर सकेंगे। इसका सबसे बड़ा फायदा यह होगा कि स्थानीय और लंबी दूरी के वाहनों का ट्रैफिक अलग हो सकेगा। फिलहाल किसान पथ के आसपास तेजी से विकसित हो रही आवासीय कॉलोनियों और स्थानीय आबादी के वाहनों को मुख्य मार्ग का इस्तेमाल करना पड़ता है।

    फ्लाईओवर की डिजाइन में भी होगा बदलाव
    अयोध्या रोड पर ब्लैक स्पॉट खत्म करने के लिए किसान पथ के पास फ्लाईओअर का निर्माण किया जाना है। इसके निर्माण के लिए दिल्ली स्थित मुख्यालय से मंजूरी मिल चुकी है और धनराशि भी स्वीकृत हो चुकी है। एनएचएआई के अनुसार अब सर्विस लेन के प्रस्ताव के कारण फ्लाईओवर के डिजाइन में बदलाव किया जाएगा। इसके लिए भी दिल्ली मुख्यालय से मिले दिशा-निर्देशों का इंतजार है।

  • शाही इमाम ईदगाह लखनऊ, मौलाना ख़ालिद रशीद फ़रंगी महली ने कहा

    शाही इमाम ईदगाह लखनऊ, मौलाना ख़ालिद रशीद फ़रंगी महली ने कहा

    शाही इमाम ईदगाह लखनऊ, मौलाना ख़ालिद रशीद फ़रंगी महली ने कहा

    सहारनपुर

    “सहारनपुर मस्जिद के ध्वस्तीकरण से संबंधित मामले में माननीय उच्च न्यायालय द्वारा दिए गए निर्देश का हम स्वागत करते हैं। माननीय न्यायालय ने राज्य सरकार को इस मामले में अपना जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया है और मस्जिद के संबंध में लगाए गए जुर्माने पर भी रोक लगा दी है।

    हम इसे न्याय की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानते हैं और हमें उम्मीद है कि माननीय उच्च न्यायालय मस्जिद के अधिकारों की रक्षा करेगा तथा इस मामले में न्याय सुनिश्चित करेगा।

    हमें पूरा विश्वास है कि, इंशाअल्लाह, सहारनपुर मस्जिद का यथाशीघ्र पुनर्निर्माण होगा और अंततः न्याय की जीत होगी, क्योंकि धार्मिक स्थलों को Places of Worship (Special Provisions) Act, 1991 तथा वक्फ़ से संबंधित लागू कानूनी प्रावधानों, जिसमें वक्फ़ बाय यूज़र भी शामिल है, के तहत संरक्षण प्राप्त है।

    हमें उम्मीद है कि वर्तमान मामले में इन सभी कानूनी संरक्षणों को उचित रूप से ध्यान में रखा जाएगा और न्याय सुनिश्चित किया जाएगा।”

  • सेवा से विकसित भारत के संकल्प तक, प्रदेश में 17 सितंबर से शुरू होगा एक महीने का सेवा संकल्प अभियान

    सेवा से विकसित भारत के संकल्प तक, प्रदेश में 17 सितंबर से शुरू होगा एक महीने का सेवा संकल्प अभियान

    प्रदेश में 17 सितम्बर से 17 अक्टूबर तक चलेगा सेवा संकल्प अभियान

    गांव से शहर तक होंगे सेवा, सहभागिता और विकसित भारत के संकल्प से जुड़े आयोजन

    भोपाल

    मध्यप्रदेश में जनसेवा को जनभागीदारी से जोड़ने और शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ अधिक से अधिक पात्र लोगों तक पहुंचाने के उद्देश्य से 17 सितम्बर से 17 अक्टूबर तक ‘सेवा संकल्प अभियान’ चलाया जाएगा। एक माह के इस अभियान में सेवा, स्वच्छता, सामाजिक सहभागिता, हितग्राही कल्याण, युवा नवाचार और नागरिक दायित्व से जुड़ी गतिविधियों के माध्यम से आमजन को ‘विकसित भारत 2047’ के संकल्प से जोड़ा जाएगा।

    अभियान में कार्यक्रमों के आयोजन पर जोर के साथ योजनाओं का वास्तविक लाभ, नागरिकों की भागीदारी और गतिविधियों के परिणाम भी फोकस किया जाएगा। प्रत्येक जिले में गतिविधियों का दिनांकवार, स्थानवार और उत्तरदायी अधिकारीवार कैलेंडर तैयार होगा तथा नियमित समीक्षा की जाएगी। जनप्रतिनिधियों के साथ सामाजिक एवं स्वयंसेवी संस्थाओं, शैक्षणिक संस्थानों, युवाओं, महिलाओं, स्व-सहायता समूहों, वरिष्ठ नागरिकों तथा सामाजिक-आध्यात्मिक संगठनों की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित की जाएगी, जिससे अभियान को जनआंदोलन का स्वरूप दिया जा सके।

    होंगे दीपोत्सव और ‘कहानी बदलाव की’ जैसे आयोजन

    अभियान में ‘आशीर्वाद का दीया’ के तहत हितग्राहीमूलक योजनाओं से लाभान्वित लोगों की अद्यतन एवं प्रमाणित सूची तैयार कर चिन्हित क्षेत्रों में परिवारों की सहभागिता से दीप प्रज्ज्वलन कार्यक्रम होंगे। उज्जैन के महाकाल लोक और निवाड़ी के रामराजा लोक, ओरछा में भव्य दीपोत्सव आयोजित किए जाएंगे।

    ‘सेवा चित्र’ के तहत 17 सितम्बर से 7 अक्टूबर के बीच शासकीय एवं अशासकीय विद्यालयों में प्रधानमंत्री द्वारा किए गए सेवा कार्यों और विकसित भारत की संकल्पना पर चित्रकला एवं भाषण प्रतियोगिताएं होंगी। श्रेष्ठ चित्रों की प्रदर्शनी और उत्कृष्ट प्रतिभागियों का सम्मान किया जाएगा तथा चयनित प्रविष्टियों की राज्य स्तरीय प्रदर्शनी भी होगी।

    ‘सेवा स्मरण’ में सेवा कार्यों, जनकल्याणकारी योजनाओं और विकास कार्यों को संगीतमय नाट्य प्रस्तुतियों के जरिए आमजन तक पहुंचाया जाएगा। प्रत्येक जिले में 18 से 20 सांस्कृतिक दलों/नुक्कड़ नाट्य टोलियों को सूचीबद्ध कर विद्यालयों, महाविद्यालयों, ग्राम पंचायतों और सार्वजनिक स्थलों पर प्रस्तुतियां कराई जाएंगी। कार्यक्रम 17 सितम्बर से शुरू होंगे और 2 अक्टूबर को सभी जिला मुख्यालयों पर इनका मंचन होगा।

    ‘आंगन का मिलन’ 25 सितम्बर से 7 अक्टूबर तक सभी आंगनवाड़ी केंद्रों पर आयोजित होगा। तीन दिवसीय आयोजनों में माताओं और बच्चों को पोषण, स्वास्थ्य एवं महिला कल्याण योजनाओं की जानकारी दी जाएगी। लाभार्थी माताएं अनुभव साझा करेंगी, आंगनवाड़ी एवं आशा कार्यकर्ताओं तथा लाभार्थी माताओं का सम्मान होगा और बच्चों के लिए मनोरंजक गतिविधियां की जाएंगी।

    ‘कहानी बदलाव की’ में शासन की योजनाओं से जीवन में उल्लेखनीय सकारात्मक परिवर्तन लाने वाले हितग्राहियों की वास्तविक कहानियां संक्षिप्त वीडियो एवं डिजिटल माध्यम से सामने लाई जाएंगी। लाभार्थी, योजना, स्थान और बदलाव का विवरण दर्ज कर उत्कृष्ट सफलता-कथाओं को प्रोफेशनल तरीके से प्रस्तुत किया जाएगा।

    सेवा ज्योति यात्रा से लेंगे विकसित भारत का संकल्प

    प्रत्येक जिले और ग्राम स्तर पर ‘सेवा ज्योति यात्रा’ आयोजित होगी। अलग-अलग दिशाओं से निकलने वाली यात्राएं निर्धारित स्थल पर एकत्र होंगी, जहां शासन की प्रमुख विकास उपलब्धियों और सेवा कार्यों की जानकारी दी जाएगी। यहां नागरिक ‘विकसित भारत 2047’ का सामूहिक संकल्प लेंगे। स्थानीय नागरिकों, युवाओं, सामाजिक संस्थाओं और जनप्रतिनिधियों की भागीदारी के साथ जिला विकास पुस्तिका का वितरण भी किया जाएगा।

    मध्यप्रदेश से गुजरने वाली ‘बड़नगर से वाराणसी—जल, जन और सेवा संकल्प यात्रा’ के पड़ावों पर स्थानीय नागरिकों और विभिन्न योजनाओं से लाभान्वित हितग्राहियों को जोड़ते हुए कार्यक्रमों को संवादात्मक और सहभागी स्वरूप दिया जाएगा।

    ‘सेवा मेरा योगदान’ में 25 गतिविधियों से जुड़ेंगे नागरिक

    अभियान के दौरान ‘सेवा मेरा योगदान’ के तहत नागरिकों को 25 प्रमुख सेवा गतिविधियों से जोड़ा जाएगा। इनमें रक्तदान, अनाथालय/वृद्धाश्रम भ्रमण, वृक्षारोपण, स्वच्छता, स्वास्थ्य जांच, एक गांव गोद लेकर सेवा कार्य, योग-ध्यान, प्लास्टिक-मुक्त जागरूकता, महिला स्वास्थ्य एवं स्वच्छता, वंचित बच्चों को शिक्षा सहयोग, करियर काउंसलिंग, वरिष्ठ नागरिकों के लिए डिजिटल साक्षरता, अंगदान संकल्प, नशा-मुक्त भारत, पोषण एवं एनीमिया जागरूकता, सड़क सुरक्षा, जल संरक्षण एवं जल स्रोत सफाई, कचरा पृथक्करण एवं कम्पोस्टिंग, साइबर सुरक्षा, फिट इंडिया, वीर गाथा एवं सैनिक सम्मान, दिव्यांगजन सहयोग, मतदाता जागरूकता एवं पंजीयन, वोकल फॉर लोकल और सरकारी योजनाओं की जागरूकता शामिल हैं। नागरिकों को स्वप्रेरणा से सेवा गतिविधियों में भाग लेने के लिए प्रोत्साहित किया जाएगा। सेवा कार्यों का फोटो-वीडियो दस्तावेजीकरण और सोशल मीडिया प्रचार होगा। चयनित गतिविधियों के बिफोर/आफ्टर वीडियो रील माई भारत पोर्टल पर अपलोड कर डिजिटल प्रमाण-पत्र प्राप्त करने के लिए भी नागरिकों को प्रेरित किया जाएगा। नदी घाटों और सार्वजनिक स्थलों पर स्वच्छता अभियान एवं श्रमदान होंगे तथा श्रमदान करने वालों को सम्मानित किया जाएगा।

    ‘सेवा सेतु’ में मौके पर मिलेगा योजनाओं का लाभ

    ‘सेवा सेतु—सरकार आपके द्वार’ के तहत विधानसभा और विकासखंड स्तर पर शिविर होंगे। संबंधित विभागों के अधिकारी नागरिकों की योजनावार पात्रता का परीक्षण करेंगे तथा पात्र लोगों को आवेदन, दस्तावेज और योजना लाभ प्राप्त करने में मार्गदर्शन देंगे। प्राप्त आवेदनों के निराकरण की पृथक मॉनिटरिंग होगी।

    ह्यूमन रंगोली से नवाचार तक

    ‘सेवा के रंग’ में प्रमुख सार्वजनिक स्थलों पर ह्यूमन रंगोली बनाई जाएगी। इसके विषय जनकल्याणकारी योजनाओं, राष्ट्रीय प्रतीकों और विकसित भारत की संकल्पना पर आधारित होंगे। चयनित शहरों में एक ही दिन 108 मीटर व्यास का ‘भारत मंडल’ बनाने की भी योजना है।

    ‘हैकाथॉन और इनोवेशन चैलेंज’ में युवा, विद्यार्थी, स्टार्टअप, प्रोफेशनल्स और नवाचारकर्ताओं को जोड़ा जाएगा। उत्कृष्ट नवाचारों की प्रदर्शनी, लाइव डेमो और विशेषज्ञ संवाद आयोजित किए जाएंगे। ‘जनसेवक महाकुंभ—पंचायत से पार्लियामेंट’ के तहत 17 अक्टूबर को प्रस्तावित राष्ट्रीय कार्यक्रम में प्रदेश की भागीदारी सुनिश्चित की जाएगी।

    ‘25 साल, 25 कहानियां’ में विकास और उपलब्धियों के प्रमुख पड़ावों को दर्शाने वाली क्यूरेटेड किट वितरित की जाएगी। इसमें 25 प्रमुख योजनाओं एवं उपलब्धियों की प्रतिकृतियां और विस्तृत जानकारी के लिए क्यूआर कोड होंगे।

    कार्यक्रमों की संख्या नहीं, परिणाम भी होंगे दर्ज

    अभियान की गतिविधियों की जिलेवार एवं गतिविधिवार मॉनिटरिंग के लिए सीएम हेल्पलाइन पोर्टल पर पृथक मॉड्यूल तैयार किया जा रहा है। प्रत्येक जिले की 13 गतिविधियों का कैलेंडर 12 सितम्बर तक पोर्टल पर अपलोड किया जाएगा और अभियान अवधि में दैनिक प्रगति अपडेट होगी। केवल कार्यक्रमों की संख्या नहीं, बल्कि वास्तविक परिणाम, फोटो-वीडियो और जहां लागू हो वहां पहले और बाद के साक्ष्य भी दर्ज किये जायेंगे।

    ‘सेवा सेतु’ में आने वाले नागरिकों, प्राप्त एवं स्वीकृत आवेदनों तथा वास्तविक रूप से लाभान्वित हितग्राहियों का पृथक विवरण रखा जाएगा। ‘सेवा मेरा योगदान’ में स्वयंसेवकों की संख्या और श्रमदान के घंटे तथा ‘कहानी बदलाव की’ में सत्यापित सफलता-कथाओं का रिकॉर्ड रखा जाएगा। कलेक्टर नियमित समीक्षा करेंगे और राज्य स्तर पर भी अभियान की प्रगति की समीक्षा होगी।

    ‘सेवा संकल्प अभियान’ का लक्ष्य सेवा को उत्सव, सहभागिता को संकल्प और संकल्प को जनआंदोलन में बदलते हुए शासन की योजनाओं का लाभ पात्र हितग्राहियों तक पहुंचाना और नागरिकों को सामूहिक रूप से ‘विकसित भारत 2047’ के संकल्प से जोड़ना है।

     

  • जुमे की नमाज से पहले मुजफ्फरनगर में कड़ा पहरा, सहारनपुर घटना के बाद पुलिस ने किया फ्लैग मार्च

    जुमे की नमाज से पहले मुजफ्फरनगर में कड़ा पहरा, सहारनपुर घटना के बाद पुलिस ने किया फ्लैग मार्च

    सहारनपुर
       
    सहारनपुर में मस्जिद ध्वस्तीकरण के बाद पश्चिमी उत्तर प्रदेश में पुलिस सतर्क है. जुमे की नमाज से एक दिन पहले गुरुवार शाम मुजफ्फरनगर पुलिस भी अलर्ट मोड पर नजर आई. जिले के वरिष्ठ अधिकारियों ने पुलिस बल के साथ शहर के व्यस्त बाजारों और संवेदनशील इलाकों में फ्लैग मार्च किया। 

    इस दौरान पुलिस ने लोगों के बीच सुरक्षा और शांति का संदेश दिया. पुलिस की तैयारियों में ड्रोन कैमरों से निगरानी भी शामिल रही. अधिकारियों के मुताबिक, कानून-व्यवस्था पर असर डालने की किसी भी कोशिश पर नजर रखी जा रही है और सोशल मीडिया की भी लगातार मॉनिटरिंग की जा रही है। 

    सहारनपुर में मस्जिद ध्वस्तीकरण के बाद जुमे की नमाज को देखते हुए मुजफ्फरनगर पुलिस ने सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सतर्कता बरती. गुरुवार शाम जिले के आला अधिकारी सड़क पर उतरे. पुलिस बल के साथ शहर के प्रमुख बाजारों और संवेदनशील इलाकों में पैदल मार्च और फ्लैग मार्च किया गया। 

    फ्लैग मार्च में पुलिस अधिकारियों के साथ विभिन्न थानों की फोर्स भी मौजूद रही. पुलिस ने लोगों से शांति बनाए रखने और किसी भी तरह की अफवाह पर ध्यान न देने की अपील की. पुलिस का कहना है कि इस तरह के फ्लैग मार्च का उद्देश्य सिर्फ कानून-व्यवस्था बनाए रखना नहीं, बल्कि आम लोगों में सुरक्षा का भरोसा पैदा करना भी है

    फ्लैग मार्च के दौरान ड्रोन कैमरों के जरिए निगरानी भी की गई. पुलिस संवेदनशील इलाकों में सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के लिए तकनीकी संसाधनों का इस्तेमाल कर रही है। 

    पुलिस अधिकारियों का कहना है कि किसी भी संदिग्ध गतिविधि या कानून-व्यवस्था को प्रभावित करने वाली स्थिति पर नजर रखी जा रही है. इसके साथ ही सोशल मीडिया की भी विशेष निगरानी की जा रही है. पुलिस का फोकस उन लोगों पर है, जो अफवाह फैलाने या भ्रामक सामग्री के जरिए माहौल खराब करने की कोशिश कर सकते हैं। 

    पूरे मामले को लेकर एएसपी ने क्या बताया?
    एएसपी सिद्धार्थ के मिश्रा ने बताया कि मुजफ्फरनगर पुलिस और शहर की पुलिस खासकर बहुत सतर्क रहती है. लगभग रोज हर थाना क्षेत्र में पैदल मार्च किया जाता है. आपराधिक गतिविधियों को मॉनिटर किया जाता है. एसपी सिटी के स्तर से पूरे शहर सर्कल में पूरी फोर्स, चारों थानों की फोर्स, चारों एसएचओ और मेरे द्वारा पैदल मार्च किया गया है। 

    शहर में फ्लैग मार्च किया गया है. शांति और सुरक्षा का जो भाव है, जो मैसेज है, पुलिस वही रिप्रेजेंट कर रही है. वही मैसेज लोगों के बीच पहुंचाने की कोशिश कर रही है. कोई भी किसी प्रकार की संभावना जो कानून व्यवस्था को बिगाड़ सकती है या फिर बिगाड़ने की कोशिश कर सकती है, उन सभी के अगेंस्ट पुलिस लगातार इंटेलिजेंस के स्तर पर सोशल मीडिया को मॉनिटर कर रही है. जुमे की नमाज शांतिपूर्वक होगी. पुलिस द्वारा सभी के साथ संवाद किया गया है. सम्मानित व्यक्ति और समाज के जितने भी जरूरी लोग हैं, हर व्यक्ति तक पुलिस का मैसेज पहुंचा है. आने वाले त्योहार भी शांतिपूर्वक होंगे। 

  • पटाखा उद्योग पर योगी सरकार का फोकस, कारोबार बढ़ाने के साथ सुरक्षा पर जोर; ब्रजेश पाठक ने दिए बड़े संकेत

    पटाखा उद्योग पर योगी सरकार का फोकस, कारोबार बढ़ाने के साथ सुरक्षा पर जोर; ब्रजेश पाठक ने दिए बड़े संकेत

    सुरक्षा मानकों के साथ आतिशबाजी कारोबार को बढ़ावा देना सरकार की प्राथमिकता : ब्रजेश पाठक

    फायर वर्क्स डीलर्स एसोसिएशन के वार्षिक अधिवेशन में डिप्टी सीएम ने व्यापारियों से किया संवाद

    लखनऊ

    उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने कहा कि प्रदेश में सुरक्षित, जिम्मेदार और नियमसम्मत आतिशबाजी कारोबार को बढ़ावा देने के साथ व्यापारियों के हितों और जनसुरक्षा के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करना सरकार की प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि आतिशबाजी कारोबार से जुड़े व्यापारियों की समस्याओं और आवश्यकताओं को गंभीरता से लेते हुए उनके समाधान के लिए हरसंभव सहयोग किया जाएगा। 
    डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक गुरुवार को लखनऊ में उत्तर प्रदेश फायर वर्क्स डीलर्स वेलफेयर एसोसिएशन के वार्षिक अधिवेशन को संबोधित कर रहे थे। इस दौरान उन्होंने एसोसिएशन के पदाधिकारियों एवं सदस्यों से आत्मीय संवाद किया और उनके सुझावों, अपेक्षाओं एवं विभिन्न समस्याओं के संबंध में विस्तार से जानकारी ली।
    उपमुख्यमंत्री ने कहा कि आतिशबाजी उद्योग से जुड़े व्यापारियों के हितों का संरक्षण महत्वपूर्ण है, लेकिन इसके साथ जनसुरक्षा और निर्धारित नियमों का पालन भी सर्वोच्च प्राथमिकता है। सरकार का प्रयास है कि संबंधित सभी पक्षों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करते हुए सुरक्षित एवं व्यवस्थित तरीके से कारोबार को आगे बढ़ाया जाए।
    उन्होंने एसोसिएशन के पदाधिकारियों और सदस्यों को वार्षिक अधिवेशन के सफल आयोजन पर बधाई एवं शुभकामनाएं देते हुए संगठन की निरंतर प्रगति और उज्ज्वल भविष्य की कामना की।
    कार्यक्रम में अध्यक्ष, राज्य अल्पसंख्यक आयोग मोहसिन रजा, सदस्य, विधान परिषद रजनीकांत माहेश्वरी, सदस्य, विधान परिषद डॉ० सुधीर गुप्ता, फायर वर्क्स डीलर्स एसोसिएशन उत्तर प्रदेश के अध्यक्ष हेमंत चांदना, व्यापारी कल्याण बोर्ड के उपाध्यक्ष मनीष गुप्ता, एसोसिएशन के महासचिव महेश गुप्ता, पार्षद राजीव वाजपेयी, समाजसेवी नारायण शुक्ला, सतीश चंद्र मिश्र, अमरीश अग्रवाल, अखिलेश गुप्ता एवं अन्य गणमान्यजन उपस्थित रहे।

  • BJP के 125 विधायकों का कट सकता है टिकट? आंतरिक सर्वे से पार्टी सतर्क, जीतने वाले चेहरों पर फोकस

    BJP के 125 विधायकों का कट सकता है टिकट? आंतरिक सर्वे से पार्टी सतर्क, जीतने वाले चेहरों पर फोकस

    लखनऊ

    उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में अब छह महीने से भी कम वक्त बचा है. इस चुनाव में 10 साल से सत्तारूढ़ योगी आदित्यनाथ की अगुवाई वाली भाजपा सरकार के सामने हैट्रिक लगाने की चुनौती है. भाजपा ने स्थानीय विधायकों के कामकाज और लोकप्रियता का सर्वे कराते हुए जनता का मूड भांपने की कोशिश की है. 2024 के लोकसभा चुनाव से लगे झटके से सबक लेकर भाजपा ने 403 विधानसभा सीटों पर एक गोपनीय और बहुस्तरीय आंतरिक सर्वे कराया है. इस सर्वे रिपोर्ट ने सत्ता के गलियारों में हड़कंप मचा दिया है। 

    भाजपा का आंतरिक सर्वे
    सूत्रों की मानें तो इस सर्वे रिपोर्ट के मुताबिक, यूपी में करीब 125 से 128 मौजूदा विधायकों के खिलाफ उनके ही क्षेत्रों में जबर्दस्त एंटी इनकंबेंसी है. सीधे तौर पर कहें तो करीब भाजपा में 128 सीटों पर मौजूदा विधायकों के टिकट काटा या बदला जा  सकता है. पश्चिम यूपी से लेकर पूरब तक मंत्रियों से लेकर दिग्गज विधायकों तक के नाम इस रेड लिस्ट में शामिल हैं. भाजपा यूपी को अपने संगठन के लिहाज से 6 क्षेत्रों में बांटती है. ऐसे में कहां किस क्षेत्र से कितने टिकट कट सकते हैं, ये आंकड़ा चौंकाने वाला है. यूपी विधानसभा चुनाव 2027 को 2029 के लोकसभा चुनाव से पहले सेमीफाइनल माना जा रहा है। 

        पश्चिम क्षेत्र की 71 सीटों में 23-25 टिकट कटने के आसार
        ब्रज क्षेत्र कुल 65 सीटों में 24-26 टिकट कटने की संभावना
        अवध क्षेत्र में कुल 82 सीट में 26-28 टिकट कटने का संकेत
        कानपुर क्षेत्र की कुल 52 सीट में 22-24 कटने के कयास
        काशी क्षेत्र में कुल 72 सीट में 19-21 का पत्ता कट सकता है
        गोरखपुर क्षेत्र की 62 सीटों में 18-22 टिकट कटने की संभावना

    यूपी में भाजपा की हैट्रिक की चुनौती
    भाजपा यूपी में हैट्रिक लगाने को पूरी ताकत झोंक रही है. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने पिछले एक-डेढ़ महीने में ही राज्य के ज्यादातर जिलों का दौरा कर विकास परियोजनाओं की झड़ी लगा दी है.2022 की जीत की बात करें तो 1985 के बाद यूपी में यह पहला मौका था जब किसी मुख्यमंत्री और सत्तारूढ़ पार्टी ने लगातार दूसरी बार पूरे बहुमत के साथ सत्ता में वापसी की थी. वहीं सपा-कांग्रेस गठबंधन 2024 के लोकसभा चुनाव के नतीजों से उत्साहित है. अखिलेश यादव जहां पीडीए के सामाजिक समीकरणों पर ध्यान केंद्रित किए हैं, वहीं कांग्रेस दलित-मुस्लिम वोटों को एकजुट करके अपना जनाधार बढ़ाने में जुटी है। 

    2022 विधानसभा चुनाव में किसको कितनी सीटें

    भारतीय जनता पार्टी (BJP)- 255
    अपना दल (सोनेलाल)-1 2
    निषाद पार्टी (NISHAD)- 06
    एनडीए (NDA)-  273
    कुल सीटें 403: बहुमत 202

    गठबंधन में सीटों का बंटवारा भी चुनौती
    उत्तर प्रदेश में मोदी-योगी लहर को कायम रखते हुए भाजपा को अकेले 41.29% वोट मिले थे. भाजपा का पिछले चुनाव में अपना दल सोनेलाल, निषाद पार्टी जैसे दलों के साथ गठबंधन रहा है. अब एनडीए के खेमे में पश्चिमी उत्तर प्रदेश से राष्ट्रीय लोकदल शामिल है. एनडीए का सपा-कांग्रेस गठबंधन से मुख्य मुकाबला होना तय है. मायावती की बहुजन समाज पार्टी, आजाद समाज पार्टी, एआईएमआईएम जैसे दल भी ताल ठोकने को तैयार हैं। 

  • 17 सितंबर को सभी विधानसभाओं में विश्वकर्मा पूजन और शिल्पकारों को टूलकिट वितरण, ‘आशीर्वाद का दीया’ में सभी विधायक अपने क्षेत्र में रहें मौजूद

    17 सितंबर को सभी विधानसभाओं में विश्वकर्मा पूजन और शिल्पकारों को टूलकिट वितरण, ‘आशीर्वाद का दीया’ में सभी विधायक अपने क्षेत्र में रहें मौजूद

    लखनऊ
     
    मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गुरुवार को प्रदेश के सभी सांसदों, जिला पंचायत अध्यक्षों, विधायकों, विधान परिषद सदस्यों, महापौरों, नगर पालिका एवं नगर पंचायत अध्यक्षों और ब्लॉक प्रमुखों के साथ वर्चुअल बैठक की। उन्होंने सभी जनप्रतिनिधियों से ‘सेवा संकल्प अभियान’ से जुड़ने और अपने-अपने क्षेत्रों में जनता के साथ मिलकर इसे सफल बनाने का आह्वान किया। मुख्यमंत्री ने अभियान के 12 प्रमुख कार्यक्रमों की जानकारी देते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी के 25 वर्षों के निरंतर सेवा काल को समर्पित यह अभियान तभी सार्थक होगा, जब इसमें समाज के हर वर्ग की भागीदारी हो। सांसदों, विधायकों और अन्य जनप्रतिनिधियों की सक्रिय भागीदारी से अभियान की पहुंच गांव से लेकर शहर तक और समाज के हर वर्ग तक होगी।

    मुख्यमंत्री ने 17 सितंबर को ‘सेवा दिवस-आशीर्वाद का दीया’ कार्यक्रम में भी जनप्रतिनिधियों की भागीदारी सुनिश्चित करने को कहा। 17 सितंबर को सेवा दिवस के साथ विश्वकर्मा जयंती पर सभी विधानसभा क्षेत्रों में विश्वकर्मा पूजन और शिल्पकारों को टूलकिट वितरण किया जाएगा। ‘आशीर्वाद का दीया’ कार्यक्रम में शाम सात बजे लाभार्थी परिवारों के साथ दीप प्रज्ज्वलित किए जाएंगे। डबल इंजन सरकार की योजनाओं से बने प्रमुख भवनों और विकास परियोजनाओं के स्थलों पर भी दीप जलाए जाएं। मुख्यमंत्री ने सभी विधायकों से अपने-अपने क्षेत्रों में इन कार्यक्रमों में उपस्थित रहने को कहा। 

    उन्होंने कहा कि ‘मेरे सपनों का भारत’ कार्यक्रम में सभी सरकारी और निजी बेसिक, माध्यमिक तथा उच्च शिक्षण संस्थानों को जोड़ा जाए। विद्यार्थियों की चित्रकला, भाषण और वाद-विवाद प्रतियोगिताओं के साथ शिक्षकों और स्थानीय जनप्रतिनिधियों की भागीदारी भी सुनिश्चित की जाए। इससे बच्चों और युवाओं को देश की विकास यात्रा से जोड़ने का अवसर मिलेगा।

    ‘नमो सेवा, अनकही कहानियां’ कार्यक्रम 18 सितंबर से प्रदेश की सभी 403 विधानसभाओं में आयोजित किया जाना है। मुख्यमंत्री ने कहा कि इसमें पर्यटन विभाग नोडल विभाग की भूमिका निभाए। स्थानीय कलाकारों को प्राथमिकता देने के साथ विद्यार्थियों और शिक्षकों को भी कार्यक्रम से जोड़ा जाए। उनके माध्यम से सेवा, सुशासन और विकास की उन कहानियों को लोगों तक पहुंचाया जाए, जो हमारे आसपास ही आकार ले रही हैं।

    ‘आंगन मिलन सेवा’ के तहत उत्कृष्ट कार्य करने वाली आशा और आंगनबाड़ी कार्यकर्त्रियों का सम्मान किया जाएगा। इसके साथ हेल्दी बेबी प्रतियोगिता भी होगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि इस कार्यक्रम को केवल आयोजन तक सीमित न रखा जाए। माताओं तक पोषण, स्वास्थ्य और महिला एवं बाल विकास से जुड़ी जरूरी जानकारी भी सहज ढंग से पहुंचाई जाए।

    ‘सेवा की कहानी’ के तहत पिछले साढ़े नौ वर्षों में आए बदलावों को लाभार्थियों की अपनी कहानियों के जरिए सामने लाने पर जोर दिया। मुख्यमंत्री ने कहा कि समाज के हर क्षेत्र में बदलाव आया है और बिना भेदभाव लोगों को सरकार की योजनाओं का लाभ मिल रहा है। इन बदलावों की असली तस्वीर लाभार्थियों के अनुभवों से ही सामने आएगी। उन्होंने कहा कि वीडियो रील में लाभार्थी का नाम, ग्राम, जनपद और योजना का नाम जरूर दिया जाए। मुख्यमंत्री विवेकाधीन कोष और आयुष्मान भारत के लाभार्थियों को भी इसमें शामिल किया जाए।

    ‘सेवा ज्योति कलश यात्रा’ के संबंध में मुख्यमंत्री ने कहा कि 7 अक्टूबर का दिन विशेष महत्व रखता है। इसी दिन 25 वर्ष पहले प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी ने गुजरात के मुख्यमंत्री के रूप में अपनी जनसेवा की एक नई यात्रा शुरू की थी। इस अवसर पर प्रत्येक जनपद के एक प्रमुख चौराहे पर ‘सेवा कलश’ स्थापित किया जाएगा और वहां प्रधानमंत्री जी का विशेष संबोधन होगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि जनप्रतिनिधि इसमें सक्रिय रूप से भाग लें, ताकि यह आयोजन सेवा, समर्पण और संकल्प का प्रतीक बन सके।

    ‘सेवा मेरा योगदान’ के तहत नागरिकों को अलग-अलग सेवा गतिविधियों से जोड़ा जाए। प्रत्येक विधानसभा में कम से कम दो स्थलों के कायाकल्प का काम भी जनभागीदारी से कराया जाए। वहीं ‘सेवा सेतु अभियान’ के तहत प्रत्येक विकासखंड में सात दिवसीय बहुउद्देशीय सेवा शिविर लगाए जाएंगे। मुख्यमंत्री ने कहा कि शिविरों का उद्देश्य साफ होना चाहिए, नागरिक को लाभ लेने के लिए अलग-अलग सरकारी कार्यालयों के चक्कर न लगाने पड़ें। एक ही जगह केंद्र और राज्य सरकार की योजनाओं की जानकारी मिले, आवेदन हो, पात्रता का सत्यापन हो और पात्र लोगों के मामलों में स्वीकृति की प्रक्रिया आगे बढ़े। इन शिविरों के साथ स्वास्थ्य मेले भी लगाए जाएंगे।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि ‘सेवा संकल्प अभियान’ की असली ताकत लोगों की भागीदारी है। इसलिए इसमें सांसदों और विधायकों के साथ ग्राम स्तर तक के जनप्रतिनिधि, युवा, महिलाएं, विद्यार्थी, शिल्पकार, स्वयं सहायता समूह और सामाजिक संगठन भी जुड़ें। उन्होंने सभी जनप्रतिनिधियों से 17 सितंबर से 17 अक्टूबर तक चलने वाले इस अभियान को अपने-अपने क्षेत्रों में सेवा, सुशासन और जनभागीदारी का उत्सव बनाने का आह्वान किया।

  • सेवा संकल्प अभियान से स्वच्छता को जन आंदोलन बनाएगी योगी सरकार

    सेवा संकल्प अभियान से स्वच्छता को जन आंदोलन बनाएगी योगी सरकार

    लखनऊ

     योगी सरकार प्रदेश में स्वच्छता को जनआंदोलन का स्वरूप देने की दिशा में एक और बड़ी पहल करने जा रही है। इसके तहत प्रदेश में 17 सितंबर से 17 अक्टूबर तक सेवा संकल्प अभियान चलाया जाएगा। अभियान के दौरान स्वच्छता को लेकर विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। इसके साथ ही उत्तर प्रदेश सरकार अपनी ओर से भी विशेष कार्यक्रमों का आयोजन करेगी।
    नगर विकास मंत्री अरविंद कुमार शर्मा ने बताया कि 25 सितंबर से 2 अक्टूबर तक प्रदेश के सभी नगरीय निकायों में कुल 157 घंटे का अनवरत स्वच्छता अभियान चलाया जाएगा। अभियान के दौरान नगर स्तर से लेकर वार्ड स्तर तक व्यापक साफ-सफाई, स्वच्छता और जनजागरूकता के कार्यक्रम आयोजित होंगे। इसमें अधिक से अधिक लोगों की भागीदारी सुनिश्चित की जाएगी, जिससे स्वच्छता सरकारी प्रयास तक सीमित न रहकर जनआंदोलन का रूप ले सके।

    महापुरुषों की जयंती पर होंगे विशेष कार्यक्रम

    नगर विकास मंत्री ने बताया कि 17 सितंबर को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिवस, 25 सितंबर को पंडित दीनदयाल उपाध्याय की जयंती और 2 अक्टूबर को राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की जयंती के अवसर पर विशेष कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। वहीं 7 अक्टूबर को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सार्वजनिक जीवन के 25 वर्ष पूर्ण होने के अवसर को भी विशेष रूप से मनाया जाएगा। 17 अक्टूबर को पूरे सेवा संकल्प अभियान का समापन होगा।

    1 अक्टूबर को एक घंटे का विशेष स्वच्छता अभियान

    मंत्री शर्मा ने बताया कि 1 अक्टूबर को एक घंटे का विशेष स्वच्छता कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा। इसमें नगर विकास विभाग के साथ प्रदेश के सभी विभागों, स्कूल-कॉलेजों, शैक्षणिक संस्थानों और अन्य संस्थाओं की सहभागिता सुनिश्चित की जाएगी। सभी विभाग और संस्थान अपने परिसरों तथा आसपास के क्षेत्रों में स्वच्छता अभियान चलाकर लोगों को स्वच्छता के प्रति जागरूक करेंगे।

    सभी राज्यों के नगर विकास मंत्रियों के साथ हुई बैठक

    सेवा संकल्प अभियान के तहत प्रस्तावित कार्यक्रमों की विस्तृत कार्ययोजना को लेकर केंद्रीय आवासन एवं शहरी कार्य मंत्री मनोहर लाल खट्टर की अध्यक्षता में सभी राज्यों के नगर विकास मंत्रियों के साथ वर्चुअल बैठक आयोजित हुई। केंद्रीय मंत्री ने अभियान को व्यापक स्तर पर आयोजित करने के निर्देश दिए। बैठक में उत्तर प्रदेश के नगर विकास एवं ऊर्जा मंत्री ए.के. शर्मा ने भी वर्चुअल माध्यम से सहभागिता की। इस अवसर पर सचिव/निदेशक नगरीय निकाय अनुज कुमार झा, अपर निदेशक ऋतु सुहास सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।

  • बॉल, क्राउन और कैनपैक का उत्तर प्रदेश में ₹6,566 करोड़ का प्रस्तावित निवेश, मेरठ और उन्नाव में लगेंगी अत्याधुनिक मैन्युफैक्चरिंग यूनिट

    बॉल, क्राउन और कैनपैक का उत्तर प्रदेश में ₹6,566 करोड़ का प्रस्तावित निवेश, मेरठ और उन्नाव में लगेंगी अत्याधुनिक मैन्युफैक्चरिंग यूनिट

    लखनऊ

     मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश में वैश्विक निवेशकों का बढ़ता भरोसा अब प्रदेश को एल्युमिनियम बेवरेज कैन और एडवांस पैकेजिंग मैन्युफैक्चरिंग के बड़े केंद्र के रूप में स्थापित करने की दिशा में आगे बढ़ा रहा है। दुनिया की तीन प्रमुख पैकेजिंग कंपनियां बॉल कॉर्पोरेशन, क्राउन होल्डिंग्स और कैनपैक उत्तर प्रदेश में बड़े मैन्युफैक्चरिंग प्रोजेक्ट स्थापित करने जा रही हैं। तीनों परियोजनाओं के जरिए मेरठ और उन्नाव में कुल ₹6,566 करोड़ का प्रस्तावित निवेश होगा। इसी कड़ी में गुरुवार को क्राउन होल्डिंग्स और बॉल कॉर्पोरेशन के शीर्ष प्रतिनिधियों ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मुलाकात की। प्रतिनिधिमंडल में क्राउन के कार्यकारी उपाध्यक्ष एवं मुख्य परिचालन अधिकारी डाल्मा नोवेस और बेवरेज कैन, यूरोप-मध्य पूर्व एवं अफ्रीका के अध्यक्ष मार्क केचेसन के अतिरिक्त बॉल कॉर्पोरेशन के सीईओ रॉन लुईस और बोर्ड मेंबर्स कैरी कॉजी और मैंडी ग्लू शामिल रहे। उत्तर प्रदेश में कंपनी की प्रस्तावित निवेश परियोजना के बीच शीर्ष नेतृत्व की मुख्यमंत्री से यह मुलाकात महत्वपूर्ण मानी जा रही है।

    क्राउन पैकेजिंग इंडिया प्रा. लि. उन्नाव में भारत की अपनी पहली मैन्युफैक्चरिंग यूनिट स्थापित कर रही है। वहीं बॉल बेवरेज पैकेजिंग इंडिया प्रा. लि. मेरठ में और कैनपैक इंडिया उन्नाव में बड़े निवेश की तैयारी में हैं। इन तीनों ग्लोबल कंपनियों की मौजूदगी प्रदेश में एकीकृत एल्युमिनियम पैकेजिंग इकोसिस्टम विकसित करने की मजबूत जमीन तैयार करेगी।

    उन्नाव में ₹2,078.44 करोड़ लगाएगी क्राउन

    क्राउन होल्डिंग्स की पूर्ण स्वामित्व वाली सहायक कंपनी क्राउन पैकेजिंग इंडिया प्रा. लि. उन्नाव के इंटीग्रेटेड मैन्युफैक्चरिंग एंड लॉजिस्टिक्स क्लस्टर (आईएमएलसी) में अपना ग्रीनफील्ड एल्युमिनियम बेवरेज कैन प्लांट स्थापित कर रही है। बुधवार को ही प्लांट का भूमिपूजन कार्यक्रम भी संपन्न हुआ है। करीब 40 एकड़ में प्रस्तावित इस परियोजना में ₹2,078.44 करोड़ का निवेश होगा। यह परियोजना इसलिए भी महत्वपूर्ण है, क्योंकि क्राउन भारत में अपनी पहली मैन्युफैक्चरिंग यूनिट उत्तर प्रदेश में स्थापित कर रही है। प्लांट की शुरुआती उत्पादन क्षमता 116.2 करोड़ एल्युमिनियम कैन प्रतिवर्ष होगी, जिसे भविष्य में बढ़ाकर 178.6 करोड़ कैन सालाना किया जा सकेगा। परियोजना से 209 प्रत्यक्ष और 1,500 से अधिक अप्रत्यक्ष रोजगार के अवसर पैदा होने की उम्मीद है। परियोजना को योगी सरकार के निवेश प्रोत्साहन फ्रेमवर्क के तहत यूपीडा द्वारा फैसिलिटेट किया जा रहा है। क्राउन के निवेश से प्रदेश में टेक्नोलॉजी ट्रांसफर, स्थानीय स्तर पर कच्चे माल और सेवाओं की सोर्सिंग तथा सप्लायर डेवलपमेंट को भी बढ़ावा मिलने की संभावना है। इससे उत्तर प्रदेश के स्थानीय उद्यमियों और मैन्युफैक्चरिंग इकाइयों के लिए ग्लोबल वैल्यू चेन से जुड़ने के नए अवसर पैदा होंगे।

    मेरठ में ₹2,913 करोड़ का निवेश करेगी बॉल

    ग्लोबल पैकेजिंग कंपनी बॉल कॉर्पोरेशन की इकाई बॉल बेवरेज पैकेजिंग इंडिया प्रा. लि. मेरठ के आईएमएलसी में एल्युमिनियम बेवरेज कैन की बड़ी मैन्युफैक्चरिंग यूनिट स्थापित करने के लिए ₹2,913 करोड़ के निवेश का प्रस्ताव लेकर आई है। करीब 40 एकड़ क्षेत्र में प्रस्तावित इस परियोजना को भी यूपीडा द्वारा फैसिलिटेट किया जा रहा है।  बॉल की मौजूदगी उत्तर प्रदेश में एडवांस पैकेजिंग मैन्युफैक्चरिंग को मजबूती देने के साथ बेवरेज, एफएमसीजी, फूड प्रोसेसिंग, लॉजिस्टिक्स, वेयरहाउसिंग और एंसिलरी मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर के लिए भी नए अवसर पैदा करेगी। परियोजना से टेक्नोलॉजी ट्रांसफर, स्किल डेवलपमेंट, लोकल सोर्सिंग और स्थानीय सप्लायर नेटवर्क के विस्तार को भी गति मिलने की उम्मीद है।

    कैनपैक उन्नाव में लगाएगी ₹1,574.62 करोड़
    ग्लोबल पैकेजिंग सेक्टर की एक और प्रमुख कंपनी कैनपैक इंडिया भी उन्नाव स्थित यूपीडा के आईएमएलसी में ग्रीनफील्ड एल्युमिनियम बेवरेज कैन मैन्युफैक्चरिंग यूनिट स्थापित कर रही है। उत्तर प्रदेश सरकार की नवीनतम मंजूरी के अनुसार परियोजना में ₹1,574.62 करोड़ का प्रस्तावित निवेश है। करीब 26 हेक्टेयर में विकसित होने वाली इकाई की उत्पादन क्षमता लगभग 130 करोड़ कैन प्रतिवर्ष होगी। इन निवेश परियोजनाओं से उत्तर प्रदेश में एल्युमिनियम बेवरेज कैन मैन्युफैक्चरिंग का नया औद्योगिक नक्शा तैयार हो रहा है। अकेले उन्नाव में क्राउन और कैनपैक जैसे दो बड़े अंतरराष्ट्रीय प्लेयर्स की इकाइयां प्रस्तावित हैं, जबकि मेरठ में बॉल कॉर्पोरेशन की बड़ी परियोजना पश्चिमी उत्तर प्रदेश में इस सेक्टर का मजबूत आधार तैयार करेगी। 

    मेरठ और उन्नाव में तीनों कंपनियों का संयुक्त ₹6,566 करोड़ का प्रस्तावित निवेश उत्तर प्रदेश में एडवांस पैकेजिंग की पूरी वैल्यू चेन विकसित करने की क्षमता रखता है।

    कैन बनाने तक सीमित नहीं रहेगा निवेश, विकसित होगी पूरी सप्लाई चेन

    इन परियोजनाओं का आर्थिक प्रभाव केवल एल्युमिनियम कैन के उत्पादन तक सीमित नहीं रहेगा। बड़े मैन्युफैक्चरिंग प्लांट के आसपास कच्चे माल, मशीनरी, पैकेजिंग, ट्रांसपोर्टेशन, लॉजिस्टिक्स, वेयरहाउसिंग, मेंटेनेंस और दूसरी एंसिलरी गतिविधियों की मांग भी बढ़ेगी। इससे बेवरेज और एफएमसीजी उद्योगों को उत्तर प्रदेश में ही बड़े पैमाने पर पैकेजिंग सप्लाई मिलने का आधार तैयार होगा। साथ ही स्थानीय एमएसएमई और सप्लायर्स को इन ग्लोबल कंपनियों की सप्लाई चेन से जुड़ने के अवसर मिल सकते हैं। फूड प्रोसेसिंग और बेवरेज सेक्टर में उत्तर प्रदेश के बढ़ते औद्योगिक आधार के बीच एल्युमिनियम पैकेजिंग की स्थानीय मैन्युफैक्चरिंग सप्लाई चेन को और मजबूत कर सकती है।

    योगी सरकार के आईएमएलसी बन रहे बड़े निवेश के नए ठिकाने

    तीनों परियोजनाओं में यूपीडा के इंटीग्रेटेड मैनयुफैक्चरिंग एंड लॉजिस्टिक्स क्लस्टर्स (आईएमएलसी) की महत्वपूर्ण भूमिका है। बॉल की परियोजना मेरठ आईएमएलसी में प्रस्तावित है, जबकि क्राउन और कैनपैक उन्नाव आईएमएलसी में अपनी इकाइयां स्थापित कर रही हैं। योगी सरकार औद्योगिक भूमि, आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर, एक्सप्रेसवे कनेक्टिविटी और लॉजिस्टिक्स सुविधाओं को एक साथ जोड़कर प्रदेश में बड़े मैन्युफैक्चरिंग क्लस्टर विकसित करने पर जोर दे रही है। इन क्लस्टर्स में ग्लोबल कंपनियों का निवेश इस औद्योगिक मॉडल को नई मजबूती देने जा रहा है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में प्रदेश सरकार का फोकस केवल निवेश प्रस्ताव हासिल करने तक सीमित नहीं है, बल्कि निवेश को जमीन पर उतारकर उसके आसपास रोजगार, कौशल, स्थानीय सोर्सिंग और एंसिलरी इंडस्ट्री का इकोसिस्टम तैयार करने पर है। बॉल, क्राउन और कैनपैक की परियोजनाएं इसी दिशा में महत्वपूर्ण साबित हो सकती हैं।

  • बच्चों की पढ़ाई में अभिभावक बनेंगे भागीदार, डीबीटी की मदद से संवरेंगी उनकी जरूरी सुविधाएं

    बच्चों की पढ़ाई में अभिभावक बनेंगे भागीदार, डीबीटी की मदद से संवरेंगी उनकी जरूरी सुविधाएं

    लखनऊ

     मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में प्रदेश सरकार सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चों की शैक्षिक जरूरतों को पूरा करने के साथ अभिभावकों की सहभागिता को भी मजबूत कर रही है। इसी क्रम में शैक्षिक सत्र 2026-27 में बेसिक शिक्षा विभाग द्वारा कक्षा 1 से 8 तक के विद्यार्थियों के लिए स्कूल ड्रेस, जूता-मोजा, स्वेटर, स्कूल बैग एवं स्टेशनरी के लिए डीबीटी के माध्यम से उपलब्ध कराई जा रही धनराशि के निर्धारित उद्देश्य में ही उपयोग को सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। महानिदेशक, स्कूल शिक्षा एवं राज्य परियोजना निदेशक मोनिका रानी ने सभी जिला बेसिक शिक्षा अधिकारियों को इसके व्यापक प्रचार-प्रसार और प्रभावी अनुपालन के निर्देश दिए हैं। 

    अभिभावकों की भागीदारी पर जोर

    विभाग ने विकासखंड एवं विद्यालय स्तर पर अभिभावकों को स्पष्ट रूप से अवगत कराने को कहा है कि डीबीटी के माध्यम से प्राप्त धनराशि का उपयोग केवल निर्धारित सामग्री की खरीद में किया जाए। अभिभावकों को ऐसी सामग्री खरीदने के लिए प्रेरित किया जाएगा, जिसकी गुणवत्ता और उपयोगिता पूरे शैक्षिक सत्र में बनी रहे और बच्चे उसका नियमित रूप से उपयोग कर सकें।

    प्रधानाध्यापक एवं शिक्षक अभिभावकों के साथ संवाद करते हुए यह भी सुनिश्चित करेंगे कि विद्यार्थियों के लिए निर्धारित सामग्री क्रय कर उपलब्ध कराई जा रही है और बच्चे विद्यालय में उसका नियमित उपयोग कर रहे हैं। 

    बच्चों की सामग्री का होगा सत्यापन

    विद्यालय स्तर पर विद्यार्थियों को प्राप्त सामग्री का कक्षावार एवं विद्यार्थीवार सत्यापन कराया जाएगा। इसके माध्यम से यह देखा जाएगा कि बच्चे स्कूल ड्रेस, जूता-मोजा एवं स्वेटर में विद्यालय आ रहे हैं तथा स्कूल बैग और आवश्यक स्टेशनरी का उपयोग कर रहे हैं। विभाग ने स्कूल ड्रेस के संरक्षण पर भी विशेष ध्यान दिया है। अभिभावकों एवं विद्यार्थियों को स्कूल ड्रेस का उपयोग मुख्य रूप से विद्यालय एवं विद्यालयीय गतिविधियों के दौरान करने के लिए जागरूक किया जाएगा। साथ ही ड्रेस, स्वेटर, जूता-मोजा, बैग एवं स्टेशनरी के नियमित रखरखाव और सुरक्षित संरक्षण के लिए भी प्रेरित किया जाएगा, जिससे इनकी उपयोगिता अवधि बढ़ाई जा सके। 

    अन्य मदों में खर्च पर रोक

    निर्देशों में स्पष्ट किया गया है कि डीबीटी की धनराशि का उपयोग निर्धारित सामग्री के अतिरिक्त अन्य प्रयोजनों में नहीं किया जाना है। जिन विद्यार्थियों के संबंध में निर्धारित सामग्री की खरीद नहीं होने अथवा डीबीटी धनराशि के अन्य उपयोग की जानकारी प्राप्त होगी, उनके अभिभावकों से संपर्क कर आवश्यक परामर्श दिया जाएगा। विद्यालय निरीक्षण के दौरान खंड शिक्षा अधिकारी और जिला स्तरीय अधिकारी इस व्यवस्था की निगरानी करेंगे। जनपद स्तर पर प्राप्त शिकायतों एवं फीडबैक का समयबद्ध निस्तारण कराने के भी निर्देश दिए गए हैं। पूरी प्रक्रिया में पारदर्शिता, संवेदनशीलता और अभिभावकों के साथ सहयोगात्मक व्यवहार सुनिश्चित करने पर जोर दिया गया है। 

    योगी सरकार का प्रयास है कि बच्चों को पढ़ाई के लिए जरूरी सभी सुविधाएं समय पर मिलें और सरकारी सहायता का वास्तविक लाभ उन तक पहुंचे। डीबीटी के माध्यम से उपलब्ध धनराशि का निर्धारित सामग्री पर उपयोग होने से बच्चों की शैक्षिक जरूरतें पूरी होंगी और विद्यालय के प्रति उनका जुड़ाव और मजबूत होगा।

    संदीप सिंह, बेसिक शिक्षा राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार)

    डीबीटी के माध्यम से उपलब्ध कराई गई धनराशि के निर्धारित उपयोग और विद्यार्थियों तक सामग्री की पहुंच का विद्यालय स्तर पर सत्यापन सुनिश्चित कराया जा रहा है। अभिभावकों और विद्यार्थियों को सामग्री के नियमित उपयोग, रखरखाव और संरक्षण के लिए जागरूक करने पर भी विशेष जोर है।