Category: राज्य

  • अमृतसर एयरपोर्ट पर फिर ड्रोन से सुरक्षा चिंता, 3 उड़ानें डायवर्ट; सितंबर में भी 7 फ्लाइट हुई थीं प्रभावित

    अमृतसर एयरपोर्ट पर फिर ड्रोन से सुरक्षा चिंता, 3 उड़ानें डायवर्ट; सितंबर में भी 7 फ्लाइट हुई थीं प्रभावित

    अमृतसर
    अमृतसर के श्री गुरु रामदास जी अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट के आसपास संदिग्ध ड्रोन गतिविधि सामने आने के बाद रविवार रात सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट हो गईं। एयरपोर्ट परिसर और आसपास के आसमान में दो से तीन ड्रोन उड़ते देखे जाने के बाद सुरक्षा के मद्देनजर रनवे का संचालन रोक दिया गया। इसके चलते अमृतसर आने वाली तीन उड़ानों को डायवर्ट करना पड़ा। अचानक उड़ानों का मार्ग बदलने से यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ा।

    जानकारी के अनुसार, रात करीब 9:30 बजे एयरपोर्ट पर तैनात केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (सीआईएसएफ) के जवानों ने परिसर और आसपास के आसमान में संदिग्ध ड्रोन उड़ते देखे। जवानों ने तुरंत इसकी सूचना कंट्रोल रूम को दी। इसके बाद सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा की गई और एहतियातन हवाई अड्डे पर उड़ानों का संचालन रोक दिया गया।

    तीन उड़ानों को किया गया डायवर्ट 
    ड्रोन गतिविधि के कारण दिल्ली से अमृतसर आ रही एयर इंडिया की फ्लाइट एआई-855 को वापस दिल्ली भेज दिया गया। मुंबई से अमृतसर आ रही इंडिगो की फ्लाइट 6ई-5028 को चंडीगढ़ और कुआलालंपुर से आ रही मलेशिया एयरलाइंस की फ्लाइट एमएच-118 को दिल्ली डायवर्ट किया गया।

    उड़ानों का मार्ग बदले जाने से कई यात्री एयरपोर्ट पर फंस गए। अचानक टिकट रद्द होने और उड़ानों के प्रभावित होने से यात्रियों में नाराजगी देखने को मिली। कुछ यात्रियों ने अधिकारियों से जानकारी मांगी, लेकिन शुरुआत में उन्हें स्पष्ट जवाब नहीं मिल पाया। हालांकि, रात करीब 10:30 बजे के बाद स्थिति सामान्य होने लगी।

    सितंबर में भी सामने आई थी ड्रोन गतिविधि
    अमृतसर एयरपोर्ट के आसपास ड्रोन गतिविधि का मामला पहले भी सामने आ चुका है। छह सितंबर की रात करीब 9:40 से 9:50 बजे के बीच रनवे और ऑपरेशनल एरिया के पास आसमान में संदिग्ध ड्रोन उड़ते देखे गए थे। उस समय सुरक्षा कारणों से एयरपोर्ट का संचालन करीब 90 मिनट तक रोकना पड़ा था। इसके चलते अमृतसर आने वाली सात व्यावसायिक उड़ानों का मार्ग बदलकर उन्हें दिल्ली और चंडीगढ़ भेजा गया था। 

    रात 9:30 बजे दिखे संदिग्ध ड्रोन
    जानकारी के अनुसार, रविवार रात करीब 9:30 बजे एयरपोर्ट पर तैनात केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (CISF) के जवानों ने परिसर और उसके आसपास आसमान में दो से तीन ड्रोन को उड़ते देखा। जवानों ने तुरंत इसकी सूचना कंट्रोल रूम को दी। इसके बाद सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा की गई।

    सितंबर में भी प्रभावित हुई थीं 7 उड़ानें
    इससे पहले सितंबर में भी एयरपोर्ट के पास ड्रोन गतिविधि सामने आई थी। उस समय भी 7 उड़ानें प्रभावित हुई थीं। 6 सितंबर को रात करीब 9:40 से 9:50 बजे के बीच, एयरपोर्ट के रनवे और ऑपरेशनल एरिया के पास आसमान में कुछ संदिग्ध ड्रोन उड़ते देखे थे।

    इसके बाद सुरक्षा के लिहाज से एयरपोर्ट प्रशासन ने करीब डेढ़ घंटे (90 मिनट) तक हवाई अड्डे का संचालन पूरी तरह से रोक दिया था। इस दौरान अमृतसर आने वाली 7 कमर्शियल उड़ानों (जिसमें मलेशिया एयरलाइंस, एयर इंडिया, और इंडिगो की उड़ानें शामिल थीं) का मार्ग बदलकर उन्हें दिल्ली और चंडीगढ़ भेजा गया था।

    बााद में पंजाब पुलिस और सुरक्षा एजेंसियों की शुरुआती जांच में सामने आया कि ये कोई सुरक्षा चूक या जासूसी ड्रोन नहीं थे, बल्कि एयरपोर्ट के पास के एक गांव में चल रहे स्पोर्ट्स टूर्नामेंट (खेल प्रतियोगिता) के दौरान उड़ाए जा रहे ड्रोन थे।

    पंजाब-चंडीगढ़ में ये विमान दुर्घटनाएं हुईं
        एअर इंडिया का विमान PAK एयरस्पेस में घुसा: दो महीने पहले एअर इंडिया की एक फ्लाइट रात में रास्ता भटककर पाकिस्तान के हवाई क्षेत्र में जा घुसी। इसे पाकिस्तान की एयर ट्रैफिक अथॉरिटी ने चेतावनी देकर वापस भेजा। विमान ने दिल्ली से उड़ान भरी थी और इसे अमृतसर लैंड होना था। 

     एयर स्पेस से जब फ्लाइट लौटी तब तक अमृतसर एयरपोर्ट पर ट्रैफिक बढ़ गया था, ऐसे में इसे वापस दिल्ली भेज दिया गया। एयरपोर्ट अधिकारियों ने बताया है कि तकनीकी खराबी के कारण यह फ्लाइट रास्ता भटक गई थी।

        चंडीगढ़ एयरपोर्ट पर इंडिगो फ्लाइट में धमाका और धुआं: 6 मई 2026 को हैदराबाद से चंडीगड़ एयरपोर्ट पर उतरी इंडिगो की फ्लाइट (6E 108) के रनवे पर लैंड करते ही केबिन के पिछले हिस्से में अचानक धुआं भर गया। जांच में पता चला कि एक यात्री के पावर बैंक में विस्फोट हुआ था। विमान में मची अफरातफरी और इमरजेंसी स्लाइडर से यात्रियों को बाहर निकालने के दौरान 5 से 6 यात्री घायल हो गए, जिनमें से एक महिला का पैर फ्रैक्चर हो गया।

        बठिंडा में सैन्य विमान दुर्घटना: बठिंडा जिले के अकलियां कलां गांव में 7 मई 2025 रात करीब 1:30 बजे एक सैन्य विमान दुर्घटनाग्रस्त होकर गेहूं के खेतों में गिर गया। विमान गिरने के बाद उसमें जोरदार धमाका हुआ और आग लग गई। इस हादसे में मलबे की चपेट में आने और आग बुझाने की कोशिश के दौरान 2 नागरिकों की मौत हो गई और 9 अन्य लोग घायल हो गए। पायलट सुरक्षित रूप से इजेक्ट करने में कामयाब रहा था।

        अपाचे हेलीकॉप्टर की इमरजेंसी लैंडिंग: 13 जून 2025 को भारतीय वायु सेना (IAF) के एक अपाचे लड़ाकू हेलीकॉप्टर को तकनीकी खराबी के कारण पठानकोट जिले के एक गांव के खुले खेतों में एहतियातन उतारना पड़ा। इस घटना में हेलीकॉप्टर और चालक दल दोनों पूरी तरह सुरक्षित रहे और कोई नुकसान नहीं हुआ।

  • योगी सरकार का पेंशन बढ़ाने का प्लान, यूपी के 1.21 करोड़ लाभार्थियों को अब हर महीने मिल सकते हैं 500 रुपये अतिरिक्त

    योगी सरकार का पेंशन बढ़ाने का प्लान, यूपी के 1.21 करोड़ लाभार्थियों को अब हर महीने मिल सकते हैं 500 रुपये अतिरिक्त

     लखनऊ
    उत्तर प्रदेश में बुजुर्गों, निराश्रित महिलाओं और दिव्यांगजनों के लिए राहत भरी खबर है. योगी आदित्यनाथ सरकार इन तीनों श्रेणियों के लाभार्थियों की मासिक पेंशन बढ़ाकर 1,000 रुपये से 1,500 रुपये करने की तैयारी में है. प्रस्ताव को सैद्धांतिक सहमति मिल गई है. अगर इसे कैबिनेट की मंजूरी मिल जाती है, तो प्रदेश के 1.21 करोड़ से अधिक लाभार्थियों को इसका फायदा मिल सकता है। 

    हर महीने मिलेंगे ₹500 ज्यादा
    प्रस्ताव के मुताबिक पेंशन की राशि में हर महीने 500 रुपये की बढ़ोतरी की जाएगी. इससे लाभार्थियों को सालाना 12,000 रुपये के बजाय 18,000 रुपये पेंशन मिल सकती है. यानी प्रत्येक लाभार्थी को एक साल में 6,000 रुपये अतिरिक्त मिलेंगे. हालांकि, बढ़ी हुई पेंशन का लाभ मिलने के लिए प्रस्ताव को अंतिम मंजूरी मिलना जरूरी है। 

    1.21 करोड़ से ज्यादा लोगों को फायदा
    इस प्रस्ताव के लागू होने पर प्रदेश की तीन प्रमुख पेंशन योजनाओं से जुड़े लाभार्थियों को राहत मिलने की उम्मीद है. इनमें वृद्धावस्था पेंशन योजना के 67 लाख से अधिक, निराश्रित महिला पेंशन योजना के 42 लाख से अधिक और दिव्यांगजन पेंशन योजना के करीब 12 लाख लाभार्थी शामिल हैं. इस तरह पेंशन में बढ़ोतरी का लाभ 1.21 करोड़ से अधिक लोगों तक पहुंच सकता है। 

    2017 के बाद बढ़ी थी पेंशन राशि
    प्रदेश में वर्ष 2017 के बाद इन पेंशन योजनाओं की राशि 500 रुपये से बढ़ाकर 1,000 रुपये प्रतिमाह की गई थी. अब इसे 1,500 रुपये करने की तैयारी है. प्रस्ताव को जल्द कैबिनेट के समक्ष रखा जा सकता है. इसके अलावा, दिसंबर में संभावित दूसरे अनुपूरक बजट में इस बढ़ोतरी के लिए धनराशि का प्रावधान किए जाने की तैयारी है। 

    कब से मिल सकती है बढ़ी हुई पेंशन?
    प्रस्ताव को मंजूरी मिलने पर चालू वित्तीय वर्ष की तीसरी तिमाही से लाभार्थियों को बढ़ी हुई पेंशन मिलने की संभावना जताई गई है. हालांकि, इसकी अंतिम समयसीमा सरकारी मंजूरी और बजट प्रावधान पर निर्भर करेगी। 

    विधानसभा चुनाव से पहले योगी सरकार की ओर से अलग-अलग वर्गों के लिए कई फैसले और घोषणाएं की जा रही हैं. इससे पहले रसोइयों, आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं का मानदेय बढ़ाने का आदेश जारी किया गया था. वहीं, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अगले छह महीने में एक लाख युवाओं को नियुक्ति पत्र देने की घोषणा भी की है। 

  • तरनतारन में ASI इकबाल सिंह की हत्या के बाद बढ़ी चिंता, पंजाब में पुलिस पर हमलों के पीछे एक जैसा तरीका चर्चा में

    तरनतारन में ASI इकबाल सिंह की हत्या के बाद बढ़ी चिंता, पंजाब में पुलिस पर हमलों के पीछे एक जैसा तरीका चर्चा में

    अमृतसर
    पंजाब में पुलिसकर्मियों पर टारगेटेड हमलों का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है. रविवार, 11 अक्टूबर को तरनतारन के नौशेहरा पन्नुआं में पंजाब पुलिस की इंटेलिजेंस विंग में तैनात ASI इकबाल सिंह की हत्या कर दी गई. बाइक सवार हमलावरों ने इस वारदात को अंजाम दिया. माना जा रहा है कि हमलावर एक सफेद स्विफ्ट गाड़ी में सवार होकर फरार हो गए थे. इन हमलों में बाइक सवार हमलावर शामिल रहे हैं और ज्यादातर घटनाएं सीमावर्ती जिलों में हुई हैं। 

    इस साल पंजाब में पुलिसकर्मियों पर टारगेटेड हमले की यह पांचवीं घटना है. इन हमलों में अब तक पांच पुलिसकर्मियों की जान जा चुकी है, जबकि दो पुलिसकर्मी गोलीबारी की घटनाओं में बाल-बाल बचे. ज्यादातर हमले पंजाब के पंजाब के सीमावर्ती जिलों जैसे अमृतसर, तरनतारन और गुरदासपुर में हुए हैं. इन हमलों में बाइक सवार हमलावर रहे हैं।  

    2026 में कितनी घटनाएं हुई?
    फरवरी में गुरदासपुर स्थित डोरंगला इलाके के अधियान गांव में दो पुलिसकर्मियों ही हत्या कर दी गई थी. वहीं, मई में मजीठा के पास ASI जोहा सिंह की हत्या हुई. इसके बाद सितंबर में अमृतसर में ASI हरजीत सिंह की हत्या कर दी गई, जबकि राजासांसी इलाके में ASI जसवंत सिंह गोलीबारी के हमले में बाल-बाल बचे। 

    अक्टूबर की शुरुआत में ही अजनाला इलाके में ASI सुखचैन सिंह घायल हो गए थे. वहीं, 11 अक्टूबर को तरनतारन के नौशेहरा पन्नुआं में ASI इकबाल सिंह की हत्या हो गई थी. इस हत्या ने पंजाब में पुलिसकर्मियों की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ा दी है. इस साल पंजाब में पुलिसकर्मियों पर कई टारगेटेड हमले हुए हैं। 

    मान सरकार पर विपक्ष हमलावर
    ASI इकबाल सिंह की हत्या को लेकर बीजेपी, कांग्रेस समेत तमाम विपक्षी दलों ने पंजाब की भगवंत मान सरकार पर सवाल उठाए हैं. दिल्ली सरकार में मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा ने X पर पोस्ट करते हुए कहा कि तरनतारन में दिनदहाड़े ASI इकबाल सिंह की हत्या ने कानून-व्यवस्था को लेकर आम आदमी पार्टी सरकार के दावों की पोल खोल दी है। 

    वहीं, पंजाब कांग्रेस के कद्दावर नेता अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग ने भी इसे लेकर भगवंत मान सरकार को घेरा है. उन्होंने सवाल किया है कि आखिर भगवंत मान सरकार कब जागेगी. उन्होंने भगवंत मान से इस मुद्दे पर जवाब मांगा है। 

  • मॉडल श्रद्धा दुबे को लेकर नए दावे वायरल, शादीशुदा होने और मां बनने की चर्चा के बीच क्या है पूरा मामला?

    मॉडल श्रद्धा दुबे को लेकर नए दावे वायरल, शादीशुदा होने और मां बनने की चर्चा के बीच क्या है पूरा मामला?

    लखनऊ
     रेस्टोरेंट कारोबा
    री शिवा शर्मा की हत्या के मामले में फरार चल रही मॉडल श्रद्धा दुबे को लेकर बड़ा खुलासा हुआ है. पुलिस जब श्रद्धा दुबे के फ्लैट पर पहुंची तो वहां पर आपत्तिजनक दवाईयां मिलीं. बताया जा रहा है कि यह शक्तिवर्धक दवाइयां थीं. साथ ही यह भी पता चला है कि घटना के समय फ्लैट में श्रद्धा दुबे और उसकी बहन रश्मि मौजूद थी. इसके अलावा पुलिस ने जब श्रद्धा की कॉल डिटेल खंगाली तो उसमें बिल्डर, नेता, कई रसूखदारों के नंबर मिले हैं। 

    अयोध्या की तरफ भागी थी श्रद्धा दुबे
    पुलिस सूत्रों के मुताबिक शिवा की मौत के बाद श्रद्धा अयोध्या की तरफ भागी थी. हजरतगंज पुलिस टोल प्लाजा के सीसीटीवी फुटेज खंगाल रही है. दिल्ली से लेकर नेपाल तक पुलिस की टीम सक्रिय हो गई है. पांच संदिग्धों से पुलिस की पूछताछ जारी है. बताया जाता है कि श्रद्धा दुबे की पहले शादी हो चुकी है. पहले पति से तलाक और एक बेटा होने की बात भी सामने आई है. सोशल मीडिया में श्रद्धा दुबे की शादी की एक फोटो भी वायरल हो रही है। 

    पति के साथ रायबरेली रहती थी श्रद्धा दुबे
    प्राप्त जानकारी के मुताबिक रायबरेली में पति प्रिंस दुबे के साथ रहने वाली श्रद्धा दुबे करीब दस साल पहले उसे छोड़कर लखनऊ आ गई थी. बताया जा रहा है कि बड़े स्तर पर पैसा कमाने और करोड़पति बनने की चाह में उसने लखनऊ में मॉडलिंग शुरू की. इसके बाद हाईप्रोफाइल लोगों के बीच अपनी पहचान बनाई और पार्टियों में शामिल होने लगी. रायबरेली में रहने के दौरान श्रद्धा का पति से विवाद होता था. वह लखनऊ आना चाहती थी. जबकि पति रायबरेली में ही रहने के पक्ष में था। 

    लोगों से पैसा ऐंठती थी श्रद्धा दुबे
    दैनिक जागरण की रिपोर्ट में सूत्रों के हवाले से बताया गया है कि श्रद्धा लोगों से नजदीकी बढ़ाकर उनसे रुपये लेती थी. कुछ लोगों के वीडियो बनाने और उनके जरिए दबाव बनाने की भी बात सामने आई है. हालांकि इन आरोपों की पुष्टि नहीं हुई है। 

  • Train Update: दिल्ली जाने वालों के लिए राहत, वंदे भारत-तेजस समेत कई ट्रेनों में वेटिंग हुई कम

    Train Update: दिल्ली जाने वालों के लिए राहत, वंदे भारत-तेजस समेत कई ट्रेनों में वेटिंग हुई कम

     लखनऊ
    दिल्ली में चल रहे प्रदर्शनों का असर रेल सेवाओं पर पड़ने लगा है। दिल्ली जाने वाली लखनऊ मेल और एसी एक्सप्रेस जैसी ट्रेनों में यात्रियों की संख्या कम हो गई है। इस कारण इन ट्रेनों में वेटिंग लिस्ट कम हो गई है।

    इसी तरह शताब्दी एक्सप्रेस, तेजस एक्सप्रेस, वंदे भारत एक्सप्रेस और अरुणाचल एक्सप्रेस सहित कई ट्रेनों में सीटें खाली हैं। आनंद विहार जाने वाली नीलांचल एक्सप्रेस में सोमवार का आरक्षण चार्ट बनने के बाद भी सीटें खाली हैं। दिल्ली जाने वाली ट्रेनों का संचालन पूरी तरह बहाल हो गया है।

    रविवार को नई दिल्ली जाने वाली गोमती एक्सप्रेस निरस्त रही। यह ट्रेन शनिवार को नई दिल्ली से लखनऊ के लिए रवाना नहीं हुई थी। रविवार को नई दिल्ली जाने वाली एसी एक्सप्रेस, लखनऊ मेल और तेजस एक्सप्रेस अपने तय समय पर रवाना हुईं।

    राजधानी एक्सप्रेस की एसी थर्ड में 20 और एसी सेकेंड में 60 सीटें खाली
    सोमवार को नई दिल्ली जाने वाली तेजस एक्सप्रेस की एसी चेयरकार में 109, एक्जक्यूटिव क्लास में नौ, अयोध्या-आनंद विहार वंदे भारत की चेयरकार में 731 और एक्जक्यूटिव क्लास में 49, शताब्दी एक्सप्रेस की चेयरकार में 304 सीटें उपलब्ध हैं। इसी तरह अरुणाचल एक्सप्रेस की एसी थर्ड में 173, एसी सेकेंड में 62, आनंद विहार की एसी थर्ड में 155, राजधानी एक्सप्रेस की एसी थर्ड में 20 और एसी सेकेंड में 60 सीटें खाली हैं।

    लखनऊ नई दिल्ली एसी एक्सप्रेस की वेटिंग तेजी से कम हुई है। सोमवार की एसी एक्सप्रेस की एसी थर्ड इकोनामी में 11, एसी थर्ड में आठ, एसी सेकेंड की वेटिंग 11 ही रह गई है, जबकि तत्काल कोटे में एसी थर्ड इकोनोमी में 28, एसी थर्ड में 62 सीटें उपलब्ध हैं।

  • रांची एयरपोर्ट पर रोजाना 6 हजार यात्री, 3,655 मीटर तक बढ़ेगा रनवे; इंटरनेशनल फ्लाइट्स की उम्मीद तेज

    रांची एयरपोर्ट पर रोजाना 6 हजार यात्री, 3,655 मीटर तक बढ़ेगा रनवे; इंटरनेशनल फ्लाइट्स की उम्मीद तेज

     रांची
     झारखंड के हवाई यात्रियों के लिए राहत और उम्मीद भरी खबर है। राजधानी का बिरसा मुंडा एयरपोर्ट अंतरराष्ट्रीय उड़ानों के संचालन के लिए तैयार है। अब जरूरत किसी एयरलाइन कंपनी के आगे आने की है। एयरपोर्ट प्रबंधन के अनुसार, अंतरराष्ट्रीय उड़ान शुरू करने का प्रस्ताव मिलने पर कस्टम, इमिग्रेशन सहित आवश्यक सेवाओं को सक्रिय किया जा सकता है।

    इससे झारखंड के यात्रियों को भविष्य में विदेश जाने के लिए दिल्ली, कोलकाता या अन्य बड़े एयरपोर्ट पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा। एयरलाइंस अंतरराष्ट्रीय उड़ान शुरू करने के लिए संपर्क करती हैं, तो जरूरी व्यवस्थाएं फिर सक्रिय की जाएंगी।

    हालांकि नियमित उड़ान के लिए संबंधित नियामकीय मंजूरी भी आवश्यक होगी। अंतरराष्ट्रीय सेवा शुरू होने पर यात्रियों को पासपोर्ट और वीजा जांच, इमिग्रेशन काउंटर, कस्टम जांच, अंतरराष्ट्रीय बैगेज हैंडलिंग, सुरक्षा जांच और आवश्यक स्वास्थ्य संबंधी सुविधाएं मिलेंगी। इससे झारखंड के यात्रियों के लिए विदेश यात्रा अधिक सुविधाजनक हो सकेगी।

    रोजाना छह हजार यात्रियों का आवागमन
    रांची एयरपोर्ट पर प्रतिदिन औसतन 44 से 50 विमानों का आगमन और प्रस्थान हो रहा है। करीब पांच से छह हजार यात्री हवाई सफर कर रहे हैं। आठ अक्टूबर को 46 विमानों का परिचालन हुआ और 5,992 यात्रियों ने यात्रा की।

    जुलाई और अगस्त में कुल 3.68 लाख से अधिक यात्रियों ने हवाई सफर किया। बढ़ती यात्री संख्या अंतरराष्ट्रीय कनेक्टिविटी की संभावनाओं को मजबूत करती है।

    बड़े विमानों के लिए लंबा रनवे
    रांची एयरपोर्ट का रनवे 2,748 मीटर लंबा और 45 मीटर चौड़ा है। जिला प्रशासन द्वारा भूमि मिलने के बाद इस रनवे की लंबाई को बढ़ाकर 3,655 मीटर करने की योजना है। इतनी लंबाई कई प्रकार के अंतरराष्ट्रीय यात्री विमानों के संचालन के लिए अनुकूल है। हालांकि विमान के आकार, वजन, मौसम और उपलब्ध तकनीकी सुविधाओं के आधार पर संचालन की अंतिम अनुमति निर्धारित होती है।

    डूरंड कप में श्रीलंका की टीम के लिए हुई थी तैयारी
    जुलाई-अगस्त 2026 में रांची में आयोजित डूरंड कप फुटबाल प्रतियोगिता में श्रीलंका की सेना की डिफेंडर्स एफसी टीम ने हिस्सा लिया था। विदेशी खिलाड़ियों के आगमन को देखते हुए एयरपोर्ट पर कस्टम, इमिग्रेशन और अन्य आवश्यक व्यवस्थाएं की गई थीं। इससे भविष्य में अंतरराष्ट्रीय उड़ानों के लिए तैयारियों को परखने का अवसर मिला।

    यात्रियों को मिल रही नई सुविधाएं
    एयरपोर्ट पर उड़ान यात्री कैफे, फ्लाइब्रेरी, किड्स जोन, अवसार काउंटर और आधुनिक प्रतीक्षालय जैसी सुविधाएं बढ़ाई गई हैं। यात्रियों की सुविधा के लिए अतिरिक्त शौचालय, बैठने की व्यवस्था, सुरक्षा जांच ट्रे, प्रस्थान क्षेत्र की फर्श और एप्रन मार्किंग में सुधार की योजना है। विमानों की आवाजाही सुगम बनाने के लिए समानांतर टैक्सी ट्रैक और रैपिड एग्जिट टैक्सीवे का निर्माण भी प्रस्तावित है।

    रांची एयरपोर्ट अंतरराष्ट्रीय उड़ानों के लिए तैयार है। डूरंड कप फुटबाल प्रतियोगिता के दौरान विदेशी खिलाड़ियों के आगमन पर आवश्यक सुविधाएं बहाल कर उनका परीक्षण किया जा चुका है। एयरलाइंस कंपनियों ने संपर्क किया है। अगर कोई कंपनी इटरनेशनल सेवा बहाल करती है, तो कोई परेशानी नहीं होगी।
        -विनोद कुमार, निदेशक, रांची एयरपोर्ट

     

  • बिहार की बेटियां बनेंगी बिजनेस वुमन! सरकार की स्टार्टअप योजना से मिलेगा आर्थिक सहयोग और मार्गदर्शन

    बिहार की बेटियां बनेंगी बिजनेस वुमन! सरकार की स्टार्टअप योजना से मिलेगा आर्थिक सहयोग और मार्गदर्शन

    पटना
    बिहार में छात्राओं और युवतियों को उद्यमिता के क्षेत्र में आगे बढ़ाने के उद्देश्य से राज्य सरकार ने बिहार की बेटी स्टार्टअप चैलेंज योजना के तहत 2100 महिलाओं को लाभ देने की पहल की है।

    इस योजना के अंतर्गत चयनित प्रतिभागियों को नया व्यवसाय शुरू करने के लिए 50 हजार रुपये से लेकर 2 लाख रुपये तक की आर्थिक सहायता एवं प्रोत्साहन राशि का प्रावधान है।

    इस पहल का उद्देश्य बिहार की बेटियों के नवाचार और स्टार्टअप आइडिया को प्रोत्साहित कर उन्हें आत्मनिर्भर बनाना है।
    योजना के माध्यम से छात्राओं और युवतियों को अपने नए विचारों को व्यवसाय का रूप देने का अवसर मिलेगा।

    जिन युवतियों के पास कोई नया स्टार्टअप आइडिया या उद्यम शुरू करने की योजना है, उन्हें आर्थिक सहयोग के साथ मार्गदर्शन और जरूरी सहायता उपलब्ध कराने पर जोर दिया गया है।

    इससे वे अपने कौशल और प्रतिभा का उपयोग कर स्वरोजगार की दिशा में आगे बढ़ सकेंगी।

    नवाचार और नए व्यवसायों को मिलेगा बढ़ावा
    बदलते दौर में स्टार्टअप और नई तकनीक आर्थिक विकास के महत्वपूर्ण माध्यम बन रहे हैं। ऐसे में योजना को राज्य की युवतियों में उद्यमशीलता की भावना विकसित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है।

    योजना के जरिए नई सोच, तकनीकी नवाचार और व्यावसायिक संभावनाओं वाले विचारों को प्रोत्साहित करने का प्रयास किया जाएगा।

    आर्थिक सहायता मिलने से चयनित प्रतिभागियों को अपने व्यवसाय की शुरुआती जरूरतों को पूरा करने में मदद मिल सकती है।

    आत्मनिर्भर बनेंगी बिहार की बेटियां
    इस योजना का प्रमुख लक्ष्य महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाना और उन्हें रोजगार तलाशने के बजाय रोजगार देने वाला बनाना है।

    आर्थिक सहयोग और मार्गदर्शन के माध्यम से युवतियों को अपने पैरों पर खड़े होने तथा व्यावसायिक क्षेत्र में अपनी पहचान बनाने का अवसर मिलेगा।

    विशेष रूप से उन युवतियों के लिए यह पहल उपयोगी साबित हो सकती है, जो बेहतर विचार और काम करने की क्षमता रखने के बावजूद पूंजी की कमी के कारण अपना व्यवसाय शुरू नहीं कर पाती हैं।

    महिला उद्यमियों की भागीदारी बढ़ने से राज्य में आर्थिक गतिविधियों को गति मिलने और स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए अवसर पैदा होने की उम्मीद है।

    छोटे व्यवसायों और नए स्टार्टअप के विकास से स्थानीय संसाधनों के बेहतर उपयोग के साथ-साथ बिहार की अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिल सकती है।

     

  • गंगा कटाव ने छीनी जीवनभर की कमाई, भागलपुर के बेघर परिवारों ने प्रशासन से लगाई मदद की गुहार

    गंगा कटाव ने छीनी जीवनभर की कमाई, भागलपुर के बेघर परिवारों ने प्रशासन से लगाई मदद की गुहार

    भागलपुर
     गंगा के भीषण कटाव ने राघोपुर पंचायत के कई परिवारों से उनका आशियाना छीन लिया है। वर्षों की मेहनत और जीवनभर की कमाई से बनाए गए पक्के मकान आंखों के सामने गंगा में समा गए।

    अब इन परिवारों के सामने सबसे बड़ी चुनौती अपने बच्चों और परिजनों को सुरक्षित रखने तथा सिर छिपाने के लिए ठिकाना तलाशने की है।

    घर उजड़ने के बाद पीड़ित परिवारों ने जिला प्रशासन से जमीन और मकान के नुकसान का उचित मुआवजा देने के साथ स्थायी पुनर्वास की व्यवस्था करने की मांग की है।

    कटाव से प्रभावित परिवारों की सूची जिला प्रशासन को सौंपी गई है। इसमें पूर्व जिला पार्षद प्रेमशीला देवी, मधुसूदन मंडल, सुनील मंडल, पुरण यादव, कैलाश यादव, मोनू यादव, शिव मंडल मांझी और राजू मंडल सहित अन्य पीड़ितों के नाम शामिल हैं।

    बताया गया कि सूची में कुल 65 कटाव पीड़ित परिवारों को शामिल किया गया है, जिनके घर गंगा के कटाव से प्रभावित हुए हैं।

    पहले खेत गंवाया, अब घर भी छिन गया
    कटाव पीड़ितों कनिक मंडल अनिल मंडल मणिकांत मंडल मनोहर मंगल रेखा देवी अवधेश यादव वकील यादव रजिया देवी अविनाश कुमार बृजेश यादव पूनम देवी सरवन यादव का दर्द यह है कि कई परिवारों की खेती योग्य जमीन पहले ही गंगा में समा चुकी थी

    इसके बाद उन्होंने ठेका पर जमीन लेकर खेती की और किसी तरह परिवार का भरण-पोषण करते हुए अपना आशियाना बनाया। लेकिन गंगा के लगातार कटाव ने उनका यह सहारा भी छीन लिया।

    एक पीड़ित ग्रामीण ने दर्द बयां करते हुए कहा, “हमारी जमीन तो पहले ही गंगा में चली गई थी। परिवार चलाने के लिए ठेका पर खेती करते थे। मेहनत करके किसी तरह घर बनाया था, लेकिन अब वह घर भी गंगा में समा गया। आखिर हम अपने परिवार को लेकर कहां जाएं? सरकार हमारे नुकसान का मुआवजा दे और रहने के लिए जमीन व मकान की व्यवस्था करे।”

    65 परिवारों के पुनर्वास की उठी मांग
    कटाव पीड़ितों का कहना है कि घर और जमीन गंवाने के बाद उनके सामने आजीविका के साथ-साथ रहने की गंभीर समस्या खड़ी हो गई है। ऐसे में केवल राहत सामग्री देना पर्याप्त नहीं होगा।

    सरकार को नुकसान का आकलन कर प्रभावित परिवारों को उचित मुआवजा देना चाहिए, ताकि वे दोबारा अपना आशियाना बना सकें।

    पीड़ितों ने मांग की है कि जिला प्रशासन सौंपी गई सूची के आधार पर प्रत्येक परिवार के नुकसान का सत्यापन कराए। जिन लोगों के मकान और जमीन गंगा में समा चुके हैं, उन्हें नियमानुसार मुआवजा दिया जाए। साथ ही, बेघर परिवारों के लिए सुरक्षित स्थान पर पुनर्वास की व्यवस्था की जाए।

    जिनके घर बचे हैं, वे भी दहशत में
    गंगा की धारा जिस तेजी से गांव की ओर बढ़ रही है, उससे आसपास के परिवार भी भयभीत हैं। जिनके मकान अभी कटाव की चपेट में नहीं आए हैं, उन्हें भी हर पल अपना आशियाना उजड़ने का डर सता रहा है। कई परिवार जरूरी सामान समेटकर सुरक्षित और ऊंचे स्थानों की ओर जाने को मजबूर हैं।

    ग्रामीणों का कहना है कि कटाव से बचाव के लिए प्रभावी कदम उठाने के साथ-साथ पहले से बेघर हो चुके परिवारों की सुध लेना भी जरूरी है।

    उनके लिए यह केवल घर टूटने का मामला नहीं, बल्कि जीवनभर की मेहनत, जमा-पूंजी और भविष्य की उम्मीदों के उजड़ जाने का दर्द है।

    कटाव पीड़ितों की मांग है कि सरकार उनके नुकसान का आकलन कर जमीन और मकान का उचित मुआवजा दे तथा सुरक्षित स्थान पर पुनर्वास की व्यवस्था करे, ताकि वे फिर से अपना घर-परिवार बसा सकें।

     

  • राजस्थान में बारिश से बढ़ी ठंड, करनपुर में 20 MM बरसात; नरमा की फसल को लेकर किसानों की चिंता बढ़ी

    राजस्थान में बारिश से बढ़ी ठंड, करनपुर में 20 MM बरसात; नरमा की फसल को लेकर किसानों की चिंता बढ़ी

    जयपुर
     राजस्थान में मौसम ने अचानक करवट ले ली है। पश्चिमी राजस्थान के बीकानेर संभाग में सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ के असर से बारिश और तेज ठंडी हवाओं का दौर शुरू हो गया है। रविवार सुबह श्रीगंगानगर सहित आसपास के इलाकों में रुक-रुककर बारिश हुई। इस दौरान कई जगह बिजली भी चमकी। मौसम में आए बदलाव से तापमान में 4 डिग्री सेल्सियस तक गिरावट दर्ज की गई है, जिससे सर्दी का असर बढ़ने लगा है। मौसम विभाग ने बीकानेर, श्रीगंगानगर, हनुमानगढ़, चूरू और शेखावाटी क्षेत्र के जिलों में मेघगर्जन, तेज हवाओं और हल्की से मध्यम बारिश की संभावना जताई है।

    मौसम विभाग के अनुसार, पाकिस्तान के मध्य भागों के ऊपर वायुमंडल के ऊपरी स्तर पर परिसंचरण तंत्र बना हुआ है। वहीं, उत्तर-पश्चिमी राजस्थान में ट्रफ लाइन सक्रिय है। अरब सागर की खाड़ी से हवाओं के साथ नमी मिलने के कारण प्रदेश के उत्तरी और पश्चिमी हिस्सों में मौसम का मिजाज बदला है।

    इन जिलों में 3-4 दिन मौसम रहेगा खराब
    बीकानेर, श्रीगंगानगर, हनुमानगढ़, चूरू और शेखावाटी क्षेत्र के जिलों में मेघगर्जन के साथ 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने और कहीं-कहीं हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना है। उत्तर-पश्चिमी राजस्थान और उत्तरी हिस्सों में अगले तीन से चार दिन तक मौसम की ऐसी गतिविधियां जारी रह सकती हैं।

    श्रीगंगानगर में बारिश, करनपुर में 20 एमएम बरसात
    श्रीगंगानगर जिला मुख्यालय सहित आसपास के क्षेत्रों में शनिवार देर रात से रुक-रुककर बारिश हो रही है। रविवार सुबह कई इलाकों में बारिश के साथ बिजली चमकने से मौसम में ठंडक बढ़ गई। मौसम विभाग के अनुसार, पिछले 24 घंटे के दौरान बीकानेर संभाग में कुछ स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश दर्ज की गई। इस दौरान श्रीगंगानगर के करनपुर में सर्वाधिक 20 मिलीमीटर बारिश रिकॉर्ड की गई।

    नरमा की फसल को लेकर चिंता बढ़ी
    सूरतगढ़ क्षेत्र में भी बूंदाबांदी हुई। इससे नरमा की कटाई का काम प्रभावित हुआ है। किसानों को चिंता है कि यदि बारिश का दौर जारी रहा तो खेतों में तैयार फसल की कटाई और उपज को सुरक्षित रखने में परेशानी हो सकती है।

    फलोदी के ग्रामीण इलाकों में बढ़ी सर्दी
    पश्चिमी राजस्थान के फलोदी जिले के देणोक, आऊ, घंटियाली और आसपास के ग्रामीण इलाकों में भी रविवार को मौसम का असर दिखाई दिया। सुबह से आसमान में काले बादल छाए रहे और दिनभर रुक-रुककर तेज ठंडी हवाएं चलती रहीं। दोपहर बाद हवा की रफ्तार बढ़ने से धूल भरी आंधी जैसा माहौल बन गया। इससे खेतों में काम कर रहे किसानों को परेशानी का सामना करना पड़ा। बादलों और ठंडी हवाओं के कारण तापमान में गिरावट के साथ सर्दी का एहसास बढ़ गया।

    दिन के साथ रात के तापमान में भी गिरावट
    मौसम में बदलाव का असर प्रदेश के कई शहरों में दर्ज किया गया है। पिछले 24 घंटे के दौरान जोधपुर, फलोदी, बीकानेर, बाड़मेर, चित्तौड़गढ़, कोटा, सिरोही और हनुमानगढ़ में अधिकतम तापमान में 1 से 3 डिग्री सेल्सियस तक गिरावट आई। दिन में गर्मी कम होने के साथ रातें भी ठंडी होने लगी हैं। शनिवार को प्रदेश के 10 शहरों में न्यूनतम तापमान 20 डिग्री सेल्सियस से नीचे दर्ज किया गया। उदयपुर में न्यूनतम तापमान 17.4 डिग्री सेल्सियस रहा।

    13 और 14 अक्टूबर को फिर बारिश की संभावना
    मौसम विभाग के अनुसार, 12 अक्टूबर को भी उत्तर-पश्चिमी राजस्थान के कुछ इलाकों में बादल छाए रह सकते हैं। वहीं, 13 और 14 अक्टूबर को एक कमजोर मौसम प्रणाली के प्रभाव से बीकानेर संभाग और शेखावाटी क्षेत्र के कुछ हिस्सों में मेघगर्जन, 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलने और कहीं-कहीं हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना है।

    किसानों के लिए मौसम विभाग की सलाह
    बारिश की संभावना को देखते हुए मौसम विभाग ने बीकानेर संभाग और शेखावाटी क्षेत्र के किसानों को सावधानी बरतने की सलाह दी है। खुले आसमान के नीचे रखी तैयार फसलों को भीगने से बचाने के लिए जरूरी इंतजाम करने को कहा गया है। कृषि उपज मंडियों में खुले में रखे अनाज और अन्य जिंसों को भी बारिश से सुरक्षित रखने की सलाह दी गई है। मौसम में लगातार हो रहे बदलाव के बीच किसानों को आने वाले दिनों में बारिश के पूर्वानुमान को ध्यान में रखकर कटाई और उपज के भंडारण की तैयारी करने की जरूरत है।

  • लखनऊ समेत यूपी में अवैध एंबुलेंस पर शिकंजा, फिटनेस और परमिट नहीं होने पर 135 वाहन बंद कराए गए

    लखनऊ समेत यूपी में अवैध एंबुलेंस पर शिकंजा, फिटनेस और परमिट नहीं होने पर 135 वाहन बंद कराए गए

    लखनऊ
     जिस एंबुलेंस से मरीज और उसके परिजन जिंदगी बचने की उम्मीद लेकर अस्पताल पहुंचते हैं, उसकी अपनी सेहत ही ठीक न हो तो भरोसा कैसे किया जाए? प्रदेश में अनफिट और अवैध एंबुलेंस का धड़ल्ले से दौड़ रहे हैं। परिवहन विभाग के तीन दिवसीय विशेष अभियान में अनफिट हो चुके 772 एंबुलेंस के चालान किए गए, जबकि 135 को बंद कराया गया।

    प्रदेश के कई जिलों में अभियान के दौरान परिवहन विभाग की प्रवर्तन टीमों ने निजी क्षेत्र में संचालित एंबुलेंस की जांच की। नियमों का उल्लंघन मिलने पर कार्रवाई की गई। एंबुलेंस का काम मरीज को समय पर अस्पताल पहुंचाना है, लेकिन वाहन अनफिट हो या उसके जरूरी दस्तावेज पूरे न हों तो सफर के दौरान मरीज की सुरक्षा जोखिम में पड़ सकती है।

    सभी जरूरी दस्तावेज पूरे रखने को कहा
    ऐसे में केवल आपातकालीन सेवा के नाम पर वाहनों को सड़क पर दौड़ने की छूट नहीं दी जा सकती। परिवहन आयुक्त आशुतोष निरंजन ने एंबुलेंस संचालकों से पंजीकरण, वैध परमिट और फिटनेस प्रमाणपत्र सहित सभी जरूरी दस्तावेज पूरे रखने को कहा है।

    साथ ही स्पष्ट किया है कि अवैध और अनफिट वाहनों के खिलाफ अभियान आगे भी जारी रहेगा। हालांकि, बड़ी संख्या में एंबुलेंस पर कार्रवाई के बाद निगरानी जरूरी है, ताकि मरीजों की जान बचाने के लिए इस्तेमाल होने वाले वाहन खुद उनकी सुरक्षा के लिए खतरा न बनें।