Category: राज्य

  • बोधगया से राजगीर तक सड़क नेटवर्क मजबूत करने की तैयारी, आमस-दरभंगा एक्सप्रेसवे पर बनेंगे चार स्पर

    बोधगया से राजगीर तक सड़क नेटवर्क मजबूत करने की तैयारी, आमस-दरभंगा एक्सप्रेसवे पर बनेंगे चार स्पर

    पटना
    आमस-दरभंगा फाेरलेन सड़क जो एक्सप्रेस वे के स्वरूप में तैयार किया जा रहा है, को प्रदेश के कई जगहों से स्पर (लिंक रोड) के माध्यम से संपर्कता देने की तैयारी आगे बढ़ी है।

    स्पर के निर्माण को ले तय एलायनमेंट (मार्गरेखन) पर राज्य सरकार की सहमति है। राष्‍ट्रीय राजमार्ग प्राध‍िकरण (NHAI) के स्तर पर इसके लिए विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (DPR) तैयार कराए जाने की प्रक्रिया ने रफ्तार पकड़ी है।

    हाल ही में अपने बिहार दौरे के क्रम में केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी के समक्ष इन स्परों के निर्माण पर चर्चा भी हुई थी।

    बोधगया स्पर के निर्माण पर 613.19 करोड़ का खर्च
    आमस-दरभंगा एक्सप्रेस वे का एक स्पर बोधगया को इस प्रोजेक्ट से जोड़ेगा। इसकी लंबाई 19.26 किमी है तथा इसके निर्माण पर 613.19 करोड़ रुपए का खर्च होगा। वर्तमान में इसके एलायनमेंट को अंतिम रूप दिए जाने का मामला प्रक्रिया में है।

    राजगीर स्पर की लंबाई 38.78 किमी
    एक्सप्रेस वे का एक स्पर राजगीर से संपर्कता उपलब्ध कराएगा। इसकी लंबाई 38,78 किमी है और इसके निर्माण पर 1213.74 करोड़ रुपए खर्च होंगे।

    22.70 किमी लंबा होगा डोभी स्पर
    आमस-दरभंगा एक्सप्रेस वे का एक स्पर डोभी की संपर्कता के लिए बनाया जाना है। इसकी लंबाई 22.70 किमी है। इसके निर्माण पर 849.34 करोड़ रुपए खर्च होंगे। इस स्पर के एलायनमेंट की स्वीकृति का प्रस्ताव एनएचएआई को समर्पित किया गया है।

    दरभंगा में भी एक स्पर का निर्माण
    आमस-दरभंगा एक्सप्रेस वे दरभंगा शहर के बाहर खत्म हो रहा। इस एक्सप्रेस वे को शहर के भीतरी हिस्से से संपर्कता दिए जाने को ले भी एक स्पर का निर्माण कराया जा रहा। इसकी लंबाई 12.70 किमी है और निर्माण पर 866 करोड़ रुपए खर्च होंगे।

    बक्सर-भागलपुर हाई स्पीड कारिडोर पटना में बिहटा से जुड़ेगा
    बक्सर-भागलपुर हाई स्पीड काॅरिडोर के नि्र्माण के लिए भी डीपीआर की प्रक्रिया आरंभ है। भागलपुर तक जाने के क्रम में यह बक्सर होते हुए भोजपुर के रास्ते पटना के बिहटा होते हुए रामनगर से मिलेगा। यहां से पटना आउटर रिंग रोड की कनेक्टिवटी है। इस प्रोजेक्ट की कुल लंबाई 217 किमी है।

     

  • विदेशी संस्था फुलियाओ हांगकांग लिमिटेड से भुगतान मिलने की बात भी सामने आई, जांच टीम अलर्ट

    विदेशी संस्था फुलियाओ हांगकांग लिमिटेड से भुगतान मिलने की बात भी सामने आई, जांच टीम अलर्ट

    लखनऊ
    योगी सरकार में संगठित अपराध और अवैध गतिविधियों के खिलाफ कार्रवाई जारी है। उत्तर प्रदेश स्पेशल टास्क फोर्स (एसटीएफ) ने ऑनलाइन गेमिंग, वीडियो कॉलिंग और लाइव होस्टिंग ऐप के माध्यम से अवैध वित्तीय गतिविधियां संचालित करने वाले गिरोह का पर्दाफाश करते हुए उसके सरगना समेत तीन आरोपियों को मथुरा से गिरफ्तार किया है। आरोपियों की पहचान प्रवीण कुमार उर्फ प्रकाश, विपिन कुमार और अर्जुन दिवाकर के रूप में हुई है। एसटीएफ और मथुरा पुलिस की संयुक्त टीम ने यह कार्रवाई की। टीम ने आरोपियों से कार्रवाई के दौरान मोबाइल फोन, एक सीपीयू, तीन चेकबुक, एक पासबुक, एक आधार कार्ड, तीन डेबिट कार्ड, 58 स्क्रीनशॉट के प्रिंटआउट समेत अन्य सामान बरामद किया है।

    एसटीएफ को लंबे समय से चैमेट ऐप के जरिए संदिग्ध वित्तीय गतिविधियां संचालित किए जाने की सूचनाएं मिल रही थीं। इसके बाद एसटीएफ मुख्यालय की साइबर टीम ने तकनीकी विश्लेषण, मुखबिरों से मिली जानकारी और अन्य माध्यमों से साक्ष्य जुटाए। जांच में सामने आया कि मथुरा में कुछ लोगों ने संगठित गिरोह बनाकर ऐप के जरिए कथित तौर पर अवैध धन अर्जित करने की व्यवस्था विकसित की थी।

    लड़कियों से करा रहे थे लाइव होस्टिंग
    एसटीएफ के मुताबिक गिरोह के सदस्य कथित तौर पर फर्जी तस्वीरों और पहचान का इस्तेमाल करके ऐप पर खाते बनाते थे। इन खातों के माध्यम से लड़कियों से लाइव होस्टिंग, वीडियो कॉलिंग और ऑनलाइन गेमिंग जैसी गतिविधियां कराई जाती थीं। आरोप है कि भुगतान और कमीशन की रकम प्राप्त करने के लिए बैंक खातों को ऐप से जोड़ा गया था। जांच में विदेशी संस्था फुलियाओ हांगकांग लिमिटेड से भुगतान मिलने की बात भी सामने आई है।

    गिरफ्तार आरोपियों के बयानों के मुताबिक, गिरोह की गतिविधियों में लाइव होस्टिंग के साथ ऑनलाइन गेमिंग भी शामिल थी। एसटीएफ को संदेह है कि इस माध्यम का इस्तेमाल पेड वीडियोकॉल, अश्लील सामाग्री दिखाने समेत अवैध वित्तीय लेन-देन के लिए किया जा रहा था।

    हैकर से मिलकर बनाया प्लान
    पूछताछ में आरोपी प्रवीण कुमार ने बताया कि वर्ष 2023 में उसकी मुलाकात एक हैकर से हुई थी। हैकर ने उसे चैमेट वीडियो कॉलिंग ऐप के बारे में बताया और समझाया कि इस पर किसी दूसरे व्यक्ति की फोटो लगाकर फर्जी पहचान से खाता बनाया जा सकता है। खाते को यूपीआई, क्रेडिट कार्ड या डेबिट कार्ड से रिचार्ज किया जाता है। आरोपी के मुताबिक 300 रुपये में करीब 10 हजार कॉइन मिलते हैं। ऐप पर लड़कियां लाइव होस्टिंग करती हैं और उपयोगकर्ता उन्हें कॉइन के रूप में उपहार भेजते हैं। उपहार में मिले कॉइन का 50 प्रतिशत होस्ट को और बाकी 50 प्रतिशत कंपनी को मिलता है।

    वीडियो कॉलिंग से होने वाली कमाई में 60 प्रतिशत होस्ट और 40 प्रतिशत कंपनी का हिस्सा होता है। कॉइन जमा होने पर वे डॉलर के रूप में दिखाई देते हैं, जिन्हें अरी पे या ई-पे ऐप के जरिए बैंक खाते में स्थानांतरित किया जा सकता है। ऐप पर रंग का अनुमान लगाने, कार रेसिंग और लकीबॉल जैसे ऑनलाइन खेल भी उपलब्ध थे।

    होटल में काम करने वाली लड़कियों को रखा
    प्रवीण ने बताया कि ऐप की कार्यप्रणाली समझने के बाद उसने अपने होटल में काम करने वाली एक युवती के साथ मिलकर होस्टिंग के लिए लड़कियों की तलाश शुरू की। वह लड़कियों को 12 से 15 हजार रुपये मासिक वेतन देता था और उनके नाम से चैमेट पर फर्जी खाते बनाता था, जिन पर होस्ट अपनी असली पहचान छिपाकर काम करती थीं। कमाई प्राप्त करने के लिए उसने अपने, विपिन और सोनिया के बैंक खाते ऐप से जोड़ रखे थे।

    इन खातों में कमीशन की रकम ‘फुलियाओ हांगकांग लिमिटेड’ के नाम से आती थी। पूछताछ में बताया गया कि चैमेट ऐप का नाम बदलकर अब चिलचैट हो गया है और यह प्ले स्टोर पर इसी नाम से पंजीकृत है। प्रवीण ने इस ऐप के माध्यम से अपने और गिरोह के अन्य सदस्यों के बैंक खातों में करोड़ों रुपये अवैध रूप से अर्जित किए।

    कई गिरोह ने अपनाया यही रास्ता
    पूछताछ में अर्जुन दिवाकर ने बताया कि उसने वर्ष 2023 में यूट्यूब पर चैमेट ऐप के बारे में जानकारी देखी थी। इसके बाद उसने मथुरा के मोतीकुंज में एक ऑफिस किराये पर लिया, लड़कियों को काम पर रखा और ऐप पर होस्टिंग का काम शुरू कराया। वह फर्जी तस्वीरों और गलत नामों से खाते बनाता था, जिन पर उसके ऑफिस की होस्ट काम करती थीं। अर्जुन के अनुसार, ऐप का नाम बदलकर चिलचैट होने के बाद भी वे इस पर काम कर रहे हैं। आरोपियों ने यह भी बताया कि उनके अलावा देश और प्रदेश में अन्य गिरोह भी नियमों के विरुद्ध ऑनलाइन गेमिंग और वीडियो कॉलिंग के माध्यम से धन अर्जित कर रहे हैं।

    तीनों आरोपियों के खिलाफ मथुरा के थाना हाईवे में मुकदमा संख्या 990/2026 दर्ज किया गया है। मामले में भारतीय न्याय संहिता, सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम और ऑनलाइन गेमिंग के नियमन से संबंधित कानूनों की विभिन्न धाराओं के तहत कार्रवाई की गई है। आगे की विधिक कार्रवाई स्थानीय पुलिस कर रही है।

  • पहले दिन हुई माता आदिशक्ति के शैलपुत्री स्वरूप की हुई आराधना

    पहले दिन हुई माता आदिशक्ति के शैलपुत्री स्वरूप की हुई आराधना

    गोरखपुर
     शारदीय नवरात्र के प्रथम दिन (प्रतिपदा), रविवार को शिवावतार गुरु गोरखनाथ की साधनास्थली गोरक्षपीठ में लोक कल्याण की मंगलकामना के साथ मां जगतजननी की उपासना के विशेष अनुष्ठान का शुभारंभ गोरक्षपीठाधीश्वर एवं मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के सानिध्य में पीठ की समृद्ध परंपरा के अनुसार हुआ। रविवार सायंकाल गोरक्षपीठाधीश्वर ने मठ के प्रथम तल पर स्थित शक्तिपीठ में वैदिक मंत्रोच्चार के बीच कलश स्थापना कर प्रथम दिन मां शैलपुत्री की विधि विधान से पूजा अर्चना की। शारदीय नवरात्र प्रतिपदा का अनुष्ठान मां जगत जननी की आराधना, देवी पाठ, आरती और क्षमा प्रार्थना के साथ पूर्ण हुआ।

    कलश स्थापना के पूर्व गोरखनाथ मंदिर परिसर में भव्य कलश शोभायात्रा पारंपरिक तरीके और श्रद्धाभाव से निकाली गई। सायंकाल गोरखनाथ मंदिर के प्रधान पुजारी योगी कमलनाथ की अगुवाई में साधु-संतों की शोभायात्रा परंपरागत वाद्ययंत्रों घंट-घड़ियाल, तुरही, शंख की ध्वनियों और मां दुर्गा के जयघोष के बीच पौराणिक मान्यता वाले भीम सरोवर पर पहुंची। जहां कलश भरने और सरोवर की परिक्रमा के बाद शोभायात्रा वापस शक्तिपीठ आई। इसके बाद जल से भरा कलश मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने स्वयं उठाया और शक्तिपीठ के गर्भगृह में वैदिक मंत्रोच्चार के बीच वरुण देवता का आवाहन कर इसे स्थापित किया। गोरक्षपीठाधीश्वर ने सबसे पहले मां दुर्गा, भगवान शिव और गुरु गोरखनाथ के शस्त्र त्रिशूल को प्रतिष्ठित करके गौरी-गणेश की आराधना की। इसके साथ ही दुर्गा मंदिर (शक्तिपीठ) के गर्भगृह में देवीभागवत का पारायण पाठ एवं श्रीदुर्गासप्तशती के पाठ का भी शुभारंभ हो गया। पाठ के उपरांत आरती एवं प्रसाद वितरण किया गया।

  • योगिराज बाबा गंभीरनाथ प्रेक्षागृह में आयोजित होगा भव्य कार्यक्रम, कई जनप्रतिनिधि रहेंगे मौजूद

    योगिराज बाबा गंभीरनाथ प्रेक्षागृह में आयोजित होगा भव्य कार्यक्रम, कई जनप्रतिनिधि रहेंगे मौजूद

    लखनऊ
    मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ सोमवार (12 अक्टूबर) को गोरखपुर की धरा से प्रदेश के किसानों को बड़ा आर्थिक संबल प्रदान करेंगे। मुख्यमंत्री बाढ़, अतिवृष्टि, ओलावृष्टि एवं चक्रवात से प्रभावित प्रदेश भर के 9 लाख से अधिक कृषकों को प्रत्यक्ष लाभ अंतरण के माध्यम से 493 करोड़ रुपए की कृषि निवेश अनुदान राशि का अंतरण करेंगे। यह राज्यस्तरीय कार्यक्रम गोरखपुर स्थित योगिराज बाबा गंभीरनाथ प्रेक्षागृह एवं सांस्कृतिक केंद्र में आयोजित होगा। इसके बाद सीएम योगी, गोरखपुर-फैजाबाद शिक्षक निर्वाचन खंड एमएलसी चुनाव से संबंधित कार्यक्रम में शामिल होंगे।

    किसानों के खाते में सीधे पहुंचेगी सहायता राशि
    हाल के दिनों में प्राकृतिक आपदाओं, बाढ़ और बेमौसम बारिश की वजह से किसानों की फसलों को भारी नुकसान पहुंचा था। किसानों के नुकसान की भरपाई करने और उनके खेतों-खलिहानों में खुशहाली लौटाने के उद्देश्य से मुख्यमंत्री खुद डीबीटी प्रणाली के जरिए एक क्लिक से सहायता राशि सीधे किसानों के बैंक खातों में अंतरित करेंगे।

    कई जनप्रतिनिधि रहेंगे उपस्थित
    इस दौरान उत्तर प्रदेश सरकार के कृषि, कृषि शिक्षा एवं कृषि अनुसंधान मंत्री सूर्य प्रताप शाही की उपस्थिति रहेगी। इसके अलावा सांसद रवि किशन शुक्ल, महापौर डॉ. मंगलेश कुमार श्रीवास्तव, प्रशासक जिला पंचायत साधना सिंह, विधान परिषद सदस्य डॉ. धर्मेन्द्र सिंह, सी.पी. चन्द, देवेन्द्र प्रताप सिंह तथा विधायक फतेह बहादुर सिंह, महेन्द्र पाल सिंह, बिपिन सिंह, डॉ. विमलेश पासवान, प्रदीप शुक्ल, श्रीराम चौहान, राजेश त्रिपाठी, इंजीनियर सरवन कुमार निषाद आदि उपस्थित रहेंगे।

    शिक्षक मतदाता संवाद (रैली) में सीएम होंगे शामिल
    गोरखपुर स्थित योगिराज बाबा गंभीरनाथ प्रेक्षागृह एवं सांस्कृतिक केंद्र में आयोजित कार्यक्रम के बाद सीएम योगी, गोरखपुर-फैजाबाद शिक्षक निर्वाचन खंड एमएलसी चुनाव से संबंधित कार्यक्रम में शामिल होंगे, यहां सीएम योगी शिक्षक मतदाता संवाद (रैली) को संबोधित करेंगे। शिक्षक एमएलसी चुनाव में भाजपा प्रत्याशी ध्रुव कुमार त्रिपाठी के पक्ष में यह आयोजन रामगढ़ताल क्षेत्र स्थित महंत दिग्विजयनाथ पार्क में होगा।

  • 19 अक्टूबर को सांसद रवि किशन निभाएंगे श्रीराम की भूमिका, अभिनेता अरुण बख्शी बनेंगे रावण

    19 अक्टूबर को सांसद रवि किशन निभाएंगे श्रीराम की भूमिका, अभिनेता अरुण बख्शी बनेंगे रावण

    अयोध्या
    भारतीय संस्कृति और रामायण की शिक्षाओं को नई पीढ़ी तक पहुंचाने के उद्देश्य से मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की पहल से शुरू हुई फिल्मी सितारों की रामलीला के आठवें संस्करण का शनिवार को दिल्ली के रफी मार्ग स्थित मावलंकर हॉल में शुभारंभ हुआ। इस आयोजन में परंपरा और आधुनिक तकनीक का संगम देखने को मिला। इस बार पहली बार बाल कलाकारों ने संपूर्ण रामायण का मंचन किया। तीन से 17 वर्ष तक के बच्चों ने अपने अभिनय से रामकथा के प्रमुख प्रसंगों को मंच पर जीवंत किया। वहीं, 120 फीट की विशाल एलईडी स्क्रीन और आधुनिक मंच सज्जा ने प्रस्तुति को आकर्षक स्वरूप दिया।

    पहली बार बाल कलाकारों ने किया संपूर्ण रामायण का मंचन
    रामलीला के इस संस्करण में पहली बार बच्चों को संपूर्ण रामायण के मंचन का अवसर मिला। तीन से 17 वर्ष तक के बाल कलाकारों ने श्रीराम जन्म से लेकर उनके राज्याभिषेक तक के विभिन्न प्रसंगों को संवाद और अभिनय के माध्यम से प्रस्तुत किया। उनकी प्रस्तुति ने सभागार में मौजूद दर्शकों का ध्यान खींचा और खूब तालियां बटोरीं।मंचन में श्रीराम जन्म, विश्वामित्र आगमन, ताड़का वध, अहिल्या उद्धार, जनकपुर आगमन, सीता स्वयंवर एवं विवाह, राम वनवास, भरत मिलाप, चित्रकूट प्रसंग, शूर्पणखा प्रसंग, सीता हरण, किष्किंधा कांड, हनुमान मिलन, लंका दहन, रामसेतु निर्माण, रावण वध, अयोध्या वापसी और श्रीराम के राज्याभिषेक जैसे प्रसंग शामिल रहे।रामलीला के फाउंडर अध्यक्ष सुभाष मलिक, महासचिव शुभम मलिक और सीनियर वाइस प्रेसिडेंट जतिन मलिक ने संयुक्त रूप से बताया कि आयोजन में पहली बार बच्चों को अभिनय का अवसर दिया गया। उनके मुताबिक, हीरा पब्लिक स्कूल, एचएसवी ग्लोबल, पार्थ इंटरनेशनल, एचएसवी इंटरनेशनल और मिसरी देवी ज्ञान निकेतन स्कूल के विद्यार्थियों ने अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया। इस पहल के माध्यम से नई पीढ़ी को रामायण की शिक्षाओं, भारतीय संस्कृति और नैतिक मूल्यों से जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है।

    अयोध्या की सांस्कृतिक विरासत को वैश्विक मंच देने का प्रयास
    मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की पहल से शुरू हुई इस रामलीला के माध्यम से भगवान श्रीराम के आदर्शों और भारतीय सांस्कृतिक परंपराओं को व्यापक दर्शक वर्ग तक पहुंचाने का प्रयास किया जा रहा है। लोकप्रिय कलाकारों की भागीदारी और आधुनिक प्रसारण माध्यमों के जरिए आयोजन को देश-विदेश के दर्शकों से जोड़ने की तैयारी है।आयोजकों के अनुसार, पिछले सात संस्करणों को मिली सफलता के बाद आठवें संस्करण को और भव्य बनाने की तैयारी की गई है। इस बार आकर्षक मंच सज्जा और आधुनिक तकनीकी संसाधनों के जरिए रामायण के प्रमुख प्रसंगों को प्रभावशाली रूप में प्रस्तुत किया जा रहा है। आयोजन का उद्देश्य मनोरंजन के साथ भगवान श्रीराम के जीवन से जुड़े मर्यादा, त्याग, सत्य और कर्तव्य जैसे मूल्यों का प्रसार करना भी है।

    63 फिल्मी कलाकारों से सजेगी दिल्ली की रामलीला, 10 से 20 अक्टूबर तक होगा आयोजन
    विश्व की सबसे बड़ी रामलीला के रूप में चर्चित अयोध्या की रामलीला का आयोजन 10 से 20 अक्टूबर 2026 तक दिल्ली में किया जाएगा। इसमें मनोज तिवारी, रवि किशन, रजा मुराद, बिंदु दारा सिंह, मालिनी अवस्थी और मिस यूनिवर्स इंडिया 2026 काजिया लिज मेजो समेत 63 फिल्मी कलाकार विभिन्न किरदारों में नजर आएंगे। मेले का आयोजन दोपहर 12 बजे से रात 11 बजे तक होगा, जबकि रामलीला का मंचन शाम 7 बजे से रात 10 बजे तक किया जाएगा।

    19 अक्टूबर को सांसद रवि किशन निभाएंगे श्रीराम की भूमिका
    रामलीला में फिल्म और मनोरंजन जगत की कई जानी-मानी हस्तियां प्रमुख पात्रों के रूप में नजर आएंगी। आयोजकों के मुताबिक, 19 अक्टूबर को सांसद रवि किशन भगवान श्रीराम की भूमिका निभाएंगे, जबकि अभिनेता अरुण बख्शी रावण का किरदार अदा करेंगे। दोनों कलाकारों की सहभागिता कार्यक्रम के प्रमुख आकर्षणों में शामिल होगी। संवाद, अभिनय और मंचीय प्रभावों के जरिए रामायण के प्रसंगों को नए अंदाज में प्रस्तुत करने की तैयारी है, जिससे विभिन्न आयु वर्ग के दर्शक भारतीय परंपराओं से जुड़ सकें।

    40 भाषाओं में प्रसारण, 60 देशों तक पहुंचेगा रामकथा का संदेश
    आयोजकों के मुताबिक, रामलीला का प्रसारण 80 से अधिक उपग्रह चैनलों के माध्यम से 40 भाषाओं में किया जाएगा। इसके जरिए भगवान श्रीराम के आदर्शों और रामभक्ति का संदेश 60 देशों तक पहुंचाने की योजना है। इस बहुभाषी प्रसारण से विदेशों में रहने वाले भारतीयों सहित विभिन्न देशों के दर्शकों को अपनी भाषा में रामलीला देखने का अवसर मिलेगा। इसके माध्यम से भारतीय आध्यात्मिक विरासत और रामायण की शिक्षाओं को अंतरराष्ट्रीय दर्शकों तक पहुंचाने का प्रयास किया जाएगा।

    परंपरा और आधुनिक तकनीक का संगम
    रामलीला के आठवें संस्करण में 120 फीट की विशाल एलईडी स्क्रीन, आकर्षक मंच सज्जा और कलाकारों के अभिनय के जरिए रामायण के प्रसंगों को प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत किया जा रहा है। पारंपरिक कथा शैली के साथ आधुनिक तकनीक का इस्तेमाल आयोजन को खास बना रहा है। बाल कलाकारों की भागीदारी, लोकप्रिय फिल्मी कलाकारों की भूमिकाएं और बहुभाषी प्रसारण इस संस्करण की प्रमुख विशेषताएं हैं। आयोजन के जरिए रामायण की सांस्कृतिक विरासत को नई पीढ़ी से जोड़ने और प्रभु श्रीराम के आदर्शों को देश-दुनिया तक पहुंचाने का प्रयास किया जा रहा है।

  • 10वीं, 12वीं, आईटीआई, डिप्लोमा और बीएससी उत्तीर्ण अभ्यर्थी ले सकेंगे हिस्सा

    10वीं, 12वीं, आईटीआई, डिप्लोमा और बीएससी उत्तीर्ण अभ्यर्थी ले सकेंगे हिस्सा

    लखनऊ
    मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में प्रदेश के युवाओं को रोजगार और स्वरोजगार के अवसर उपलब्ध कराने के लिए चलाए जा रहे रोजगार मिशन को लगातार गति मिल रही है। इसी क्रम में राजकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान (आईटीआई), अलीगंज, लखनऊ में आगामी 16 अक्टूबर 2026 को वृहद रोजगार मेले (कैंपस प्लेसमेंट) का आयोजन किया जा रहा है। प्रातः 10 बजे से आयोजित होने वाले इस रोजगार मेले में प्रतिष्ठित औद्योगिक कंपनियों द्वारा कुल 800 रिक्त पदों पर युवाओं का चयन किया जाएगा।

    रोजगार मेले में ऑटोमोबाइल क्षेत्र की प्रमुख कंपनी हीरो मोटोकॉर्प लिमिटेड और नवीकरणीय ऊर्जा क्षेत्र की कंपनी बैक्स एनर्जी प्राइवेट लिमिटेड युवाओं को रोजगार के अवसर उपलब्ध कराएंगी। यह पहल प्रदेश के युवाओं को उनके तकनीकी कौशल और शैक्षिक योग्यता के अनुरूप सीधे उद्योगों से जोड़ने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।

    हीरो मोटोकॉर्प में 300 पदों पर चयन
    हीरो मोटोकॉर्प लिमिटेड द्वारा अप्रेंटिसशिप योजना एवं प्रधानमंत्री इंटर्नशिप योजना (पीएमआईएस) के तहत कुल 300 पदों पर चयन किया जाएगा। इनमें 150 पद पुरुष और 150 पद महिला अभ्यर्थियों के लिए हैं।आईटीआई अप्रेंटिस के 150 पदों पर फिटर, टर्नर, एमएमवी, मशीनिस्ट, वेल्डर और इलेक्ट्रीशियन ट्रेड से आईटीआई उत्तीर्ण 18 से 25 वर्ष आयु वर्ग के अभ्यर्थियों का चयन होगा। चयनित अभ्यर्थियों को ₹17,060 प्रतिमाह स्टाइपेंड मिलेगा। एक वर्ष की अप्रेंटिसशिप के बाद एक वर्ष टीटीएस के तहत ₹18,060 प्रतिमाह वेतन देय होगा।

    वहीं पीएमआईएस-स्टूडेंट ट्रेनी के 150 पदों पर 10वीं/12वीं उत्तीर्ण गैर-आईटीआई अभ्यर्थियों का चयन किया जाएगा। चयनित अभ्यर्थियों को कुल ₹23,321 प्रतिमाह का लाभ मिलेगा, जिसमें ₹15,221 कंपनी तथा ₹8,100 केंद्र सरकार द्वारा डीबीटी के माध्यम से सीधे बैंक खाते में दिए जाएंगे।

    बैक्स एनर्जी में 500 पदों पर रोजगार
    नवीकरणीय ऊर्जा क्षेत्र में कार्यरत बैक्स एनर्जी प्राइवेट लिमिटेड द्वारा सौर एवं पवन ऊर्जा परियोजनाओं के लिए 500 पुरुष अभ्यर्थियों का कंपनी रोल्स पर चयन किया जाएगा। इसके लिए 18 से 35 वर्ष आयु वर्ग के अभ्यर्थी पात्र होंगे।

    द्वारका (गुजरात) सोलर प्रोजेक्ट तथा तमिलनाडु-कर्नाटक विंड पावर प्लांट के लिए आईटीआई तकनीकी एवं बीएससी ग्रेजुएट अभ्यर्थियों का टेक्नीशियन/हेल्पर पद पर ₹17,000 मासिक सीटीसी तथा मैकेनिकल, इलेक्ट्रिकल और इलेक्ट्रॉनिक्स में डिप्लोमा धारकों का ट्रेनी/टेक्नीशियन पद पर ₹18,000 मासिक सीटीसी पर चयन किया जाएगा। चयनित अभ्यर्थियों को पीएफ, ईएसआईसी सहित अन्य लागू सुविधाएं भी मिलेंगी।

    युवाओं के लिए रोजगार के साथ सुविधाएं भी
    हीरो मोटोकॉर्प में चयनित अभ्यर्थियों को रेवाड़ी, हरियाणा स्थित प्लांट के लिए तीन दिन का होटल स्टे, यूनिफॉर्म, सुरक्षा जूते, कैंटीन सुविधा, ₹1 लाख का मेडिक्लेम, सवेतन अवकाश और अनुभव प्रमाण पत्र जैसी सुविधाएं भी प्रदान की जाएंगी। चयन में निर्धारित शारीरिक मानकों के साथ ड्राइविंग लाइसेंस धारकों को वरीयता दी जाएगी।

    16 अक्टूबर को आईटीआई अलीगंज में पहुंचें अभ्यर्थी
    प्लेसमेंट अधिकारी एम. ए. खां ने बताया कि इच्छुक एवं पात्र अभ्यर्थी 16 अक्टूबर 2026 को प्रातः 10 बजे राजकीय आईटीआई, अलीगंज, लखनऊ परिसर में पहुंचकर साक्षात्कार में शामिल हो सकते हैं। अभ्यर्थियों को अपने साथ 10वीं, 12वीं, आईटीआई अथवा डिप्लोमा की अंकतालिका व प्रमाण पत्र, आधार कार्ड की छायाप्रति, पैन कार्ड, बैंक पासबुक की प्रति तथा चार पासपोर्ट साइज फोटो लाना अनिवार्य होगा। हीरो मोटोकॉर्प से संबंधित जानकारी के लिए हेल्पलाइन नंबर 9118561562 जारी किया गया है।

  • मंत्री संजय निषाद ने निषाद समाज की आर्थिक प्रगति पर रखे अपने विचार

    मंत्री संजय निषाद ने निषाद समाज की आर्थिक प्रगति पर रखे अपने विचार

    कानपुर
    मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश में कृषि क्षेत्र को आधुनिक तकनीक से जोड़ने, किसानों की आय बढ़ाने और ग्रामीण आजीविका मजबूत बनाने के प्रयासों के बीच ‘उत्तर प्रदेश 2.0: कृषि से समृद्धि’ यूपी संवाद आयोजित किया गया। इसमें खेती की लागत कम करने, उत्पादन बढ़ाने, कृषि उत्पादों का बेहतर मूल्य दिलाने और सरकारी योजनाओं का लाभ किसानों तक पहुंचाने पर चर्चा हुई। कृषि विशेषज्ञों, जनप्रतिनिधियों और प्रगतिशील किसानों ने बताया कि तकनीक, फसल विविधीकरण, बाजार तक पहुंच और खेती के साथ दूसरे व्यवसाय अपनाकर किसानों के लिए आय के नए अवसर तैयार किए जा सकते हैं।

    पंचायती राज मंत्री ओम प्रकाश राजभर ने सुनाए खेती के अनुभव
    प्रदेश सरकार के पंचायती राज मंत्री ओम प्रकाश राजभर ने ‘किसान भाई-बंपर कमाई’ सत्र में अपने खेती-किसानी के दिनों के अनुभव साझा किए। उन्होंने बताया कि उनके खेत में एक-एक किलो वजनी आलू पैदा हुए थे। उन्होंने लहसुन की फसल में मेड़ों पर शलगम उगाने और पांच-पांच किलो तक के शलगम उपजने का भी जिक्र किया। मटर की पैदावार के बारे में उन्होंने बताया कि मंडी में उनकी उपज देखकर कारोबारियों को पहले विश्वास नहीं हुआ, लेकिन खेत देखने के बाद वे हैरान रह गए। उन्होंने मनहर धान का उल्लेख करते हुए इसे करीब 60 दिनों में तैयार होने वाली फसल बताया। अपने राजनीतिक सफर के बारे में राजभर ने कहा कि कांशीराम के विचारों और उनसे जुड़े कार्यक्रमों में भागीदारी ने राजनीति के प्रति उनकी रुचि बढ़ाई। इसके बाद वह धीरे-धीरे राजनीति में बढ़े।

    कैबिनेट मंत्री संजय निषाद ने निषाद समाज की प्रगति पर रखी बात
    प्रदेश सरकार के कैबिनेट मंत्री संजय निषाद ने ‘पशु नहीं, प्रॉफिट पालन’ सत्र में निषाद समाज की सामाजिक और आर्थिक प्रगति पर अपने विचार व्यक्त किए। उन्होंने समाज को आगे बढ़ाने में शिक्षा, सरकारी सुविधाओं और रोजगार के अवसरों की भूमिका पर जोर दिया। मत्स्य पालन से जुड़े परिवारों की आजीविका मजबूत करने और मछली पालन को आय के साधन के रूप में विकसित करने की संभावनाएं भी इस चर्चा का हिस्सा रहीं। सत्र में समाज के लोगों तक योजनाओं का लाभ पहुंचाने और उन्हें आर्थिक रूप से आगे बढ़ने के अवसर उपलब्ध कराने का मुद्दा प्रमुख रहा।

    किसानों को बाजार से जोड़ने पर जोर
    ‘सरकार और बाजार मेरे द्वार’ सत्र में कानपुर के सांसद रमेश अवस्थी ने किसानों की उपज के उचित मूल्य और बाजार तक उनकी पहुंच से जुड़े मुद्दों पर चर्चा की। उन्होंने कहा कि खेती में उत्पादन बढ़ाने के साथ उपज की बिक्री की बेहतर व्यवस्था होना भी जरूरी है, ताकि किसानों को उनकी मेहनत का उचित लाभ मिल सके। सरकारी योजनाओं की जानकारी, कृषि उत्पादों की खरीद और बाजार से जुड़ाव के जरिए किसानों की आर्थिक स्थिति मजबूत होती है।

    आधुनिक तकनीक से खेती को लाभकारी बनाने पर चर्चा
    ‘खेती हाईटेक, लाइफ सेट’ सत्र में चंद्रशेखर आजाद कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. संजीव गुप्ता, आईआईटी कानपुर के केमिकल इंजीनियरिंग विभाग के प्रो. जयंत कुमार सिंह और पद्मश्री सम्मानित प्रगतिशील किसान राम शरण वर्मा ने आधुनिक खेती की संभावनाओं पर चर्चा की। इसमें सेंसर आधारित तकनीक और कृत्रिम बुद्धिमत्ता के इस्तेमाल से मिट्टी की स्थिति समझने तथा फसल के लिए जरूरी पोषक तत्वों का आकलन करने पर जोर रहा। चर्चा के मुताबिक, सेंसर आधारित तकनीक से मिट्टी की जांच लगभग एक मिनट में की जा सकती है। इससे जरूरत के अनुसार खाद और अन्य कृषि संसाधनों का इस्तेमाल करने में मदद मिल सकती है। ऐसी तकनीकों का उद्देश्य खेती की लागत घटाने और संसाधनों का बेहतर इस्तेमाल करने में किसानों की मदद करना है।

    सरकारी योजनाओं से लाभार्थियों के अनुभवों पर चर्चा
    ‘लाभार्थी लाइव’ सत्र में विधायक महेश त्रिवेदी और कल्याणपुर की विधायक नीलिमा कटियार ने किसानों तथा लाभार्थियों से बातचीत की। चर्चा में किसान सम्मान निधि, किसान दुर्घटना बीमा योजना और आयुष्मान भारत जैसी योजनाओं के लाभ का उल्लेख हुआ। नीलिमा कटियार ने महिला स्वयं सहायता समूहों और लखपति दीदियों की भूमिका पर चर्चा करते हुए ग्रामीण महिलाओं की आर्थिक भागीदारी के महत्व को रेखांकित किया। महिला किसान नीतू देवी ने बताया कि मछली पालन, कृषि मशीनों और दूसरी सुविधाओं से उन्हें आजीविका के नए अवसर मिले। किसान सुनील कुमार ने बीज, खाद और कृषि उपकरणों से जुड़े अनुभव साझा किए तथा प्राकृतिक खेती के बारे में बताया। उन्होंने किसानों के समूहों के माध्यम से खेती की तकनीकी जानकारी साझा करने का भी उल्लेख किया।

    नए प्रयोगों से खेती में आय के अवसर बढ़ा रहे किसान
    ‘यूपी का स्मार्ट अन्नदाता’ सत्र में कानपुर में कश्मीर के सेब उगाने वाले किसान मंजीत, उन्नाव में नीदरलैंड के फूल उगाने वाले किसान शांतनु शुक्ला और बेंगलुरु में आईटी नौकरी छोड़कर कानपुर में जैविक खेती करने वाले किसान दंपती रश्मि और अंकुर सचान ने अपने अनुभव साझा किए। विधान परिषद सदस्य सलिल बिश्नोई भी चर्चा में शामिल हुए। इन किसानों के प्रयोगों से यह सामने आया कि पारंपरिक फसलों के अलावा सेब, फूलों और जैविक उत्पादों की खेती भी आय के नए अवसर खोल सकती है। हालांकि, ऐसी खेती में स्थानीय जलवायु के अनुकूल किस्मों का चयन, उत्पादन की गुणवत्ता और बाजार में बिक्री की व्यवस्था महत्वपूर्ण है। किसानों के अनुभवों के जरिए खेती में नवाचार और वैकल्पिक आजीविका की संभावनाओं पर चर्चा हुई।

  • 74 अभ्यर्थियों का यूपीपीएससी में हुआ चयन,  युवाओं को मिली नई उड़ान

    74 अभ्यर्थियों का यूपीपीएससी में हुआ चयन, युवाओं को मिली नई उड़ान

    लखनऊ
    मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में प्रदेश के युवाओं को प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए बेहतर अवसर उपलब्ध कराने की दिशा में समाज कल्याण विभाग की पहल रंग ला रही है। इसी क्रम में रविवार को गोमतीनगर स्थित भागीदारी भवन में पहली एल्यूमिनाई मीट का आयोजन किया गया। इस दौरान समाज कल्याण राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) असीम अरुण ने सफल अभ्यर्थियों से अपने अनुभव और ज्ञान को दूसरे विद्यार्थियों के साथ साझा करने का आह्वान किया। इस वर्ष समाज कल्याण विभाग की ओर से संचालित कोचिंग संस्थानों से यूपीपीएससी में 74 अभ्यर्थियों का चयन हुआ है। यह उपलब्धि विभाग की तैयारी संबंधी व्यवस्थाओं और विद्यार्थियों के परिश्रम को दर्शाती है।

    सफलता के साथ समाज के प्रति जिम्मेदारी निभाने का आह्वान
    मंत्री असीम अरुण ने कहा कि भागीदारी भवन से सफलता हासिल करना कठिन परिश्रम, अनुशासन और दृढ़ संकल्प का परिणाम है। वास्तविक सफलता तभी सार्थक होती है, जब उससे समाज के अंतिम पायदान पर खड़े व्यक्ति के जीवन में सकारात्मक बदलाव आए। उन्होंने सफल अभ्यर्थियों से ‘गिव बैक टू सोसाइटी’ की भावना के साथ आगे आने की अपील की। उन्होंने कहा कि चयनित अधिकारी वर्तमान विद्यार्थियों को नियमित मार्गदर्शन दें और अपनी तैयारी के अनुभव साझा करें, ताकि अधिक से अधिक युवा प्रतियोगी परीक्षाओं में सफलता हासिल कर सकें।

    मेंटरशिप और डिजिटल शिक्षा से मजबूत होगी तैयारी
    कार्यक्रम में चयनित अभ्यर्थियों को ऑनलाइन और ऑफलाइन मेंटरशिप सत्र आयोजित करने, मॉक इंटरव्यू कराने तथा अध्ययन सामग्री और परीक्षा रणनीति से जुड़ी जानकारी साझा करने के लिए प्रेरित किया गया। दूरदराज के क्षेत्रों में रहने वाले प्रतिभाशाली युवाओं तक गुणवत्तापूर्ण मार्गदर्शन पहुंचाने के लिए ऑनलाइन कक्षाओं, वीडियो रिकॉर्डिंग और डिजिटल संसाधनों के माध्यम से निरंतर ‘चेन रिएक्शन’ व्यवस्था विकसित करने पर जोर दिया गया। इसके तहत सफल अभ्यर्थियों से मिले मार्गदर्शन का लाभ आगे अन्य विद्यार्थियों तक पहुंचाने की परिकल्पना की गई है।

    पारदर्शी प्रशासन और युवाओं के सहयोग का संकल्प
    एल्यूमिनाई मीट में चयनित अभ्यर्थियों ने जरूरतमंद विद्यार्थियों को निरंतर मेंटरशिप देने और अध्ययन सामग्री, परीक्षा रणनीति तथा साक्षात्कार के अनुभव साझा करने के लिए स्थायी नेटवर्क तैयार करने का संकल्प लिया। मंत्री ने प्रशासनिक सेवाओं में कार्यरत अधिकारियों से वंचित, ग्रामीण और जरूरतमंद वर्गों की समस्याओं को संवेदनशीलता से समझने तथा निष्पक्षता, पारदर्शिता और ईमानदारी के साथ दायित्व निभाने की अपेक्षा की। इस दौरान समाज कल्याण विभाग के प्रमुख सचिव अनुराग यादव, एडिशनल एसपी संजय सागर, उप निदेशक आनंद कुमार सिंह, जॉइंट कमिश्नर (राज्य कर) सुरेंद्र सिंह, जिला समाज कल्याण अधिकारी पवन कुमार यादव और शैलेश राम सहित कई अधिकारी, शिक्षक एवं अभ्यर्थी उपस्थित रहे।

  • नवरात्रि में पूर्व IAS दिव्या करेंगी बड़ा खुलासा

    नवरात्रि में पूर्व IAS दिव्या करेंगी बड़ा खुलासा

    मिर्जापुर
    पूर्व आईएएस दिव्या मित्तल इस्तीफे के बाद पहली बार मिर्जापुर में विध्ंयधाम पहुंची। इस दौरान दिव्या मित्तल ने अपनी नई पारी की ओर इशारा कर दिया। मां विंध्यवासिनी के दर्शन-पूजन के बाद पत्रकारों से हुई बातचीत के दौरान उन्होंने कहा कि मैंने राजनीति में आने की घोषणा की है, लेकिन किसी पार्टी में शामिल नहीं होने जा रही हूं। नवरात्र में ही नए कदम को सार्वजनिक करूंगी।

    नवरात्र के पहले दिन रविवार को पूर्व आईएएस दिव्या मित्तल ने मां विंध्यवासिनी का विधि-विधान से दर्शन-पूजन किया। वह गेट नंबर दो पर पहुंचकर सामान्य कतार में खड़ी हुईं और करीब डेढ़ घंटे लाइन में लगे रहने के बाद गर्भगृह में मां का दर्शन किया। इसके बाद हवनकुंड में पहुंचकर आहुति अर्पित की। इसके बाद उन्होंने नौ दिनों का अनुष्ठान संकल्पित किया। विंध्यधाम के पुरोहित ने मां की चुनरी और माला पहनाकर उनका स्वागत किया। वहीं, दिव्या मित्तल ने मंदिर की छत पर पहुंचकर विशेष अनुष्ठान के लिए पुरोहित से संकल्प कराया।
     
    मां के दर्शन को आई हूं : दिव्या
    पत्रकारों से वार्ता में उन्होंने कहा कि नवरात्र के प्रथम दिन मां के दर्शन के लिए आई हूं। अभी मैं नौ दिनों तक विंध्याचल में ही रहूंगी। इन्हीं नौ दिनों में आगे की रूपरेखा तय करूंगी। मेरे आने वाले जीवन में जो भी नए कदम होंगे, उसकी घोषणा भी जल्द करूंगी। मैं जानती हूं कि मेरे राजनीति में आने की घोषणा के बाद आप लोगों की जिज्ञासा बढ़ गई है। इसकी जल्द घोषणा करूंगी। हां, इतना पक्का है कि किसी पार्टी में शामिल नहीं हो रही हूं। इस दौरान लहुरियादह की दुईजी देवी से भी भेंट करूंगी। उनकी तबीयत इन दिनों खराब है। उनका हमें आशीर्वाद मिला है।

    राहुल से नहीं हुई मुलाकात
    कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी से मुलाकात पर बोलीं कि मेरी कोई मुलाकात राहुल गांधी से नहीं हुई है। राजनीति एक ऐसी जगह है, जो देश को दिशा देती है। मैं सही दिशा में अपना पूरा समय लगाना चाहती हूं।

    भारतीय प्रशासनिक सेवा (आईएएस) से इस्तीफा देकर राजनीति में आने की घोषणा कर चुकीं उत्तर प्रदेश के मिर्जापुर की पूर्व जिलाधिकारी दिव्या मित्तल का रविवार को जिगना में समर्थकों ने भव्य स्वागत किया। ग्रामीणों ने इस दौरान 'दिव्या मित्तल जिंदाबाद' और 'दिव्या दीदी जिंदाबाद' के नारे लगाए। राजनीति में आने की घोषणा के बाद मित्तल का इस क्षेत्र का यह पहला दौरा था। उनके पहुंचने पर महिलाओं ने गुलाब की मालाएं पहनाकर उनका स्वागत किया, जबकि लोगों ने उनकी गाड़ी पर फूलों की पंखुड़ियां बरसाईं। मित्तल ने समर्थकों को संबोधित करते हुए कहा, ‘आप लोगों ने मुझ पर इतने फूल बरसाये हैं। यह आपका प्यार है।’ उन्होंने कहा, 'आप हर बार मुझे भावुक कर देते हैं। ऐसा लगता है कि मिर्जापुर ने मुझे भावनाओं में रुलाने का ठेका ले लिया है। मिर्जापुर को हमेशा हंसते रहना चाहिए। किसी को रोना नहीं है।'

  • कांग्रेस मुख्यालय में विवाद के बाद अजय राय ने की कार्रवाई की मांग, ममता चौधरी पर लगाए गंभीर आरोप

    कांग्रेस मुख्यालय में विवाद के बाद अजय राय ने की कार्रवाई की मांग, ममता चौधरी पर लगाए गंभीर आरोप

    लखनऊ
    लखनऊ में कांग्रेस मुख्यालय में पूर्व प्रदेश अध्यक्ष अजय राय और ममता चौधरी के समर्थकों के बीच हंगामा हो गया. दोनों गुटों के बीच विवाद के दौरान जमकर विरोध हुआ. बता दें कि आज यूपी कांग्रेस की नई प्रदेश अध्यक्ष आराधना मिश्रा और कार्यकारी अध्यक्ष इमरान मसूद के पदभार ग्रहण का कार्यक्रम आयोजित किया गया था.

    कार्यक्रम के दौरान अजय राय के कांग्रेस मुख्यालय पहुंचने पर ममता चौधरी की तरफ से अजय राय को लेकर अपशब्दों के इस्तेमाल किए जाने का आरोप है. इसके बाद अजय राय के समर्थकों ने ममता चौधरी के खिलाफ जमकर हंगामा किया. समर्थकों ने हाथों में जूते लेकर विरोध जताया.

    मामले को लेकर अजय राय ने कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और राज्यसभा सांसद प्रमोद तिवारी, प्रदेश अध्यक्ष आराधना मिश्रा मोना और कार्यकारी अध्यक्ष इमरान मसूद से शिकायत की. अजय राय ने कहा कि ऐसे लोग पार्टी की छवि को खराब कर रहे हैं और ऐसे लोग पार्टी में रहेंगे तो पार्टी का माहौल खराब होगा. उन्होंने ममता चौधरी को पार्टी से बाहर करने की मांग की है. अजय राय को मामले में कार्रवाई का आश्वासन दिया गया है.

    इस बात पर मचा बवाल
    प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, पूर्व प्रदेश अध्यक्ष अजय राय अपने समर्थकों के साथ कांग्रेस कार्यालय पहुंचे थे. इसी दौरान वहां मौजूद भीड़ को देखते हुए अजय राय के समर्थकों ने कहा कि 'अध्यक्ष जी निकलेंगे, रास्ता दे दीजिए.' इस पर ममता चौधरी की तरफ से पूछा गया, 'कौन अध्यक्ष?' इसके बाद दोनों गुटों के बीच विवाद बढ़ गया.

    प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, विवाद के बाद अजय राय और ममता चौधरी के समर्थकों के बीच झगड़ा और मारपीट हुई. इस दौरान जूता फेंके जाने की भी बात सामने आई है. पूरे घटनाक्रम के बाद अजय राय ने मामले की शिकायत कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं से की और ममता चौधरी के खिलाफ कार्रवाई की मांग की.