Category: राज्य

  • जैन विरासत को संवार रही योगी सरकार, अक्टूबर में पूरा होगा छदामी लाल जैन मंदिर का विकास

    जैन विरासत को संवार रही योगी सरकार, अक्टूबर में पूरा होगा छदामी लाल जैन मंदिर का विकास

    उप्र में जैन पर्यटन को रफ्तार, फिरोजाबाद के छदामी लाल जैन मंदिर का 80 फीसदी काम पूरा

    जैन विरासत को संवार रही योगी सरकार, अक्टूबर में जैन मंदिर का विकास कार्य पूरा होने की उम्मीद 

    1.28 करोड़ से संवर रहा छदामी लाल जैन मंदिर, बहुउद्देश्यीय सभागार और डॉरमेट्री का काम अंतिम चरण में 

    जैन विरासत को संवारकर पर्यटन से जोड़ रही योगी सरकार- संस्कृति/पर्यटन मंत्री 

    लखनऊ/फिरोजाबाद
    उत्तर प्रदेश में जैन पर्यटन सर्किट को विकसित करने की कवायद तेज हो गई है। इसी क्रम में फिरोजाबाद के ऐतिहासिक छदामी लाल जैन मंदिर में पर्यटन सुविधाओं के विकास का काम तेजी से चल रहा है। 1.28 करोड़ रुपये की परियोजना का करीब 80 फीसदी काम पूरा हो चुका है। परियोजना अक्टूबर में पूरी होने की उम्मीद है।

    परियोजना के तहत मंदिर परिसर में बहुउद्देश्यीय सभागार, डॉरमेट्री और म्यूरल वॉल समेत अन्य सुविधाएं विकसित की जा रही हैं। सभागार और डॉरमेट्री का करीब 85 प्रतिशत काम पूरा हो चुका है, जबकि म्यूरल वॉल का काम 60 फीसद तक पहुंच गया है। इससे श्रद्धालुओं/ पर्यटकों के ठहरने, आयोजन तथा अन्य गतिविधियों की सुविधाएं बढ़ेंगी।

    42 फीट ऊंची बाहुबली प्रतिमा आकर्षण का केंद्र
    फिरोजाबाद के मुख्य जैन चौराहे पर स्थित छदामी लाल जैन मंदिर भव्य स्थापत्य कला और आध्यात्मिक महत्व के लिए देशभर में पहचान रखता है। मंदिर में भगवान बाहुबली की 42 फुट ऊंची विशाल पत्थर की प्रतिमा श्रद्धालुओं के आकर्षण का प्रमुख केंद्र है। इसे उत्तर भारत की प्रमुख बाहुबली प्रतिमाओं में शुमार किया जाता है। मंदिर की इसी खासियत को देखने के लिए कई राज्यों से श्रद्धालु और पर्यटक आते हैं। 

    64 पहाड़ियां पार कर पहुंची बाहुबली प्रतिमा
    कर्नाटक के कारकल से 42 फुट ऊंची बाहुबली प्रतिमा को फिरोजाबाद लाने की कहानी भी खास है। सेठ छदामी लाल ने विशेष ट्रॉली के जरिए प्रतिमा को तीन महीने में फिरोजाबाद पहुंचवाया था। इस दौरान ट्रॉली ने 64 पहाड़ियों का सफर तय किया। मंदिर के निर्माण में करीब 10 वर्ष लगे और इसे संगमरमर के पत्थरों से तैयार किया गया। वर्ष 1947 में सेठ छदामी लाल ने मंदिर ट्रस्ट की स्थापना की। इसके साथ ही मंदिर के संरक्षण और देखरेख के लिए व्यवस्थित व्यवस्था की नींव पड़ी।

    'जैन विरासत को संवार रही योगी सरकार'
    पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह ने बताया कि योगी सरकार प्रदेश की समृद्ध जैन विरासत को संरक्षित करने के साथ उसे पर्यटन से जोड़ने पर भी जोर दे रही है। जैन तीर्थ और विरासत स्थल प्रदेश के पर्यटन सर्किट का अहम हिस्सा है। इन स्थलों पर श्रद्धालुओं और पर्यटकों के लिए आधुनिक सुविधाएं विकसित करने के साथ उनकी धार्मिक परंपराओं और स्थापत्य विरासत को सुरक्षित रखा जा रहा है, ताकि देशभर से आने वाले पर्यटक यहां सहजता से पहुंचकर जैन संस्कृति और विरासत से रूबरू हो सकें।'

    जैन पर्यटन सर्किट को मिल रहा विस्तार
    अपर मुख्य सचिव, पर्यटन, संस्कृति एवं धर्मार्थ कार्य विभाग अमृत अभिजात ने बताया कि 'फिरोजाबाद का छदामी लाल जैन मंदिर प्रदेश की समृद्ध जैन विरासत का अहम केंद्र है। मंदिर परिसर में चल रहे विकास कार्यों से श्रद्धालुओं और पर्यटकों के लिए सुविधाएं बढ़ेंगी। साथ ही इसे प्रदेश के जैन पर्यटन सर्किट से जोड़ने में भी मदद मिलेगी।

  • 3 चरणों की स्क्रीनिंग के बाद फाइनल में पहुंचीं 15 टीमें, TMU के स्टार्टअप ने जीता खिताब

    3 चरणों की स्क्रीनिंग के बाद फाइनल में पहुंचीं 15 टीमें, TMU के स्टार्टअप ने जीता खिताब

    मुरादाबाद में ‘यूपी राइज 2026’ का महामंच: 100 टीमों की जंग में टीएमयू के 3 युवा स्टार्टअप्स ने मारी बाजी

     विजेता ‘ओरल केयर इनोवेटर्स’ को मिला 25,000 रुपये का चेक

    3 चरणों की स्क्रीनिंग के बाद फाइनल में पहुंची थीं 15 टीमें

     आत्मनिर्भर यूपी के विजन से युवाओं को नौकरी मांगने के बजाय देने वाला बनने की मिली प्रेरणा

    डेंटल कॉलेज ने झटके पहले दो स्थान, तीसरे पर कंप्यूटर साइंस

    मुरादाबाद,
     मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के आत्मनिर्भर उत्तर प्रदेश के संकल्प को धरातल पर उतारने और युवाओं को नवाचार से जोड़ने के उद्देश्य से तीर्थंकर महावीर यूनिवर्सिटी (टीएमयू) में यूपी राइज 2026 सम्मेलन का भव्य आयोजन हुआ। प्रदेश सरकार और टाइम्स नेटवर्क की सहभागिता में संवाद, संकल्प, सफलता थीम पर आयोजित इस मंच पर विद्यार्थियों ने अपने नए-नए स्टार्टअप्स और व्यावसायिक मॉडलों से मेंटर्स को प्रभावित किया। 

    पहले चरण में पंजीकृत 100 टीमों से शुरू हुआ यह मुकाबला दूसरे दौर में 35 और तीसरे चरण के फाइनल राउंड तक 15 शीर्ष टीमों के बीच पहुंचा। कड़े तकनीकी मूल्यांकन के बाद तीन सर्वश्रेष्ठ स्टार्टअप्स को सम्मानित किया गया, जिसमें प्रथम स्थान हासिल करने वाली टीम को 25,000 रुपये के चेक से पुरस्कृत किया गया। सम्मेलन ने यह स्पष्ट संदेश दिया कि बदलते दौर में युवाओं को सिर्फ नौकरी तलाशने तक सीमित नहीं रहना है, बल्कि नवाचार के जरिए दूसरों के लिए रोजगार के नए अवसर पैदा करने हैं।

    पहला पुरस्कार: पानी के दबाव से जीभ साफ कर सांसों की बदबू दूर करेगा ‘ओरल केयर’, मिला ₹25,000 का चेक

    प्रतियोगिता में शीर्ष स्थान हासिल करते हुए डेंटल कॉलेज की टीम ‘ओरल केयर इनोवेटर्स’ ने ₹25,000 का चेक अपने नाम किया। टीम सदस्यों ने बताया कि लोग दांतों की सफाई तो कर लेते हैं, लेकिन जीभ की अनदेखी से 'हैलिटोसिस' (मुंह की दुर्गंध) और 'कैंडिडिआसिस' जैसी फंगल दिक्कतों का शिकार होते हैं। टीम पिछले एक साल से एक विशेष प्रोटोटाइप पर काम कर रही थी, जिसमें वाटर प्रेशर (पानी के नियंत्रित दबाव) की मदद से जीभ पर जमी मैल की परत को पूरी तरह साफ किया जा सकेगा। यह आधुनिक तकनीक पारंपरिक टंग क्लीनर से कहीं अधिक सुरक्षित, प्रभावी और आसान सिद्ध होगी।

    दूसरा पुरस्कार: दांत उखाड़ने के दर्द से मुक्ति दिलाएगी ‘सॉकेट सेवर्स’ की नई सूई

    उपविजेता का खिताब डेंटल कॉलेज की समर्पिता गाबा और आशिका जैन की टीम ‘सॉकेट सेवर्स’ ने अपने नाम किया। टीम ने दंत चिकित्सा के सबसे संवेदनशील दर्द का समाधान पेश किया है। छात्राओं का कहना है कि वर्ष 2026 में भी डॉक्टर दांत निकालने के लिए पुराने औजारों और यांत्रिक खिंचाव (मैकेनिकल फोर्स) का सहारा लेते हैं, जिससे एनेस्थीसिया उतरते ही मरीज असहनीय दर्द से जूझता है। टीम ने लोकल एनेस्थीसिया के साथ एक विशेष इंजेक्शन तकनीक ईजाद की है, जिससे बिना भारी खिंचाव के दांत आसानी से निकल सकेगा। टीम का लक्ष्य जल्द क्लिनिकल ट्रायल पूरे कर स्थानीय स्तर पर मैन्युफैक्चरिंग यूनिट लगाना है, जिससे स्थानीय युवाओं को रोजगार मिल सके।

    तीसरा पुरस्कार: बेहोशी में भी डॉक्टर को मरीज का इतिहास बताएगा ‘टीम वास्तव’ का एसओएस सिस्टम

    कॉलेज ऑफ कंप्यूटिंग साइंसेज के छात्र तन्मय, विनीत, कार्तिक और नमन की ‘टीम वास्तव’ तीसरे स्थान पर रही। उन्होंने सड़क हादसों में त्वरित जान बचाने वाला आपातकालीन मेडिकल डेटा सिस्टम विकसित किया है। सड़क दुर्घटना में मरीज अक्सर बेहोश हो जाता है और डॉक्टर उसकी मेडिकल हिस्ट्री (एलर्जी, एंग्जाइटी, पुरानी बीमारियां) नहीं जान पाते, जिससे गलत दवा से मरीज के कोमा में जाने का खतरा रहता है। टीम के एसओएस हेल्पलाइन नंबर पर कॉल करते ही संबंधित अस्पताल को मरीज का ब्लड ग्रुप, उम्र और पूरी मेडिकल हिस्ट्री का समराइज्ड डेटा तुरंत मिल जाएगा। टीम जल्द ही इसका व्यापक पायलट प्रोजेक्ट शुरू करने जा रही है।

    16 हजार विद्यार्थियों वाले वेस्ट यूपी के सबसे बड़े केंद्र पर मंथन

    टीएमयू के कुलपति डॉ. वी.के. जैन ने बताया कि मुरादाबाद मंडल ही नहीं, बल्कि समूचे पश्चिमी उत्तर प्रदेश में टीएमयू सबसे बड़ा उच्च शिक्षण संस्थान है, जहां 16 हजार से अधिक विद्यार्थी आधुनिक संसाधनों के बीच अध्ययनरत हैं। इसी व्यापक आधारिक संरचना के चलते शासन ने इसे ‘यूपी राइज’ के आयोजन का मुख्य केंद्र चुना। उन्होंने बताया कि नवाचार, रचनात्मकता और उद्यमिता के व्यावहारिक प्रशिक्षण के जरिए विद्यार्थियों को तैयार किया गया। जजों के पैनल में खुद कई सफल स्टार्टअप्स के संचालक शामिल रहे, जिन्होंने छात्र-छात्राओं के आइडिया की उपयोगिता, सामाजिक प्रभाव और व्यावसायिक संभावनाओं को परखकर विजेताओं का चयन किया।

    ‘शक्ति क्षेत्र’ में साझा किए विचार, प्रतियोगिताओं में भी दिखाई प्रतिभा

    परिसर में विद्यार्थियों की रचनात्मकता को मंच देने के लिए विशेष ‘शक्ति क्षेत्र’ स्थापित किया गया था, जहां छात्र-छात्राओं ने विकसित व आत्मनिर्भर उत्तर प्रदेश के निर्माण को लेकर अपने विचार और सपने साझा किए। आयोजन के दौरान युवाओं के उत्साहवर्धन के लिए विभिन्न गतिविधियां भी आयोजित की गईं, जिनमें सक्रिय भागीदारी करने वाले विद्यार्थियों को किट, उपहार व प्रमाणपत्र देकर प्रोत्साहित किया गया।

  • प्रकाश सिंह का पुलिसकर्मियों को संदेश, सिद्धांतों पर अडिग रहना ही सफलता का आधार

    प्रकाश सिंह का पुलिसकर्मियों को संदेश, सिद्धांतों पर अडिग रहना ही सफलता का आधार

    पुलिस सेवा समाज सेवा का सशक्त माध्यम, सिद्धांतों पर अडिग रहना ही सफलता का आधार : प्रकाश सिंह

    लखनऊ, 
     पद्मएवं पूर्व पुलिस महानिदेशक प्रकाश सिंह ने अपनी पुस्तक ‘संघर्ष’ के विमोचन के अवसर पर कहा कि उन्होंने यह पुस्तक आत्मकथा के रूप में नहीं, बल्कि अपने सेवाकाल के कुछ अविस्मरणीय अनुभवों और उनसे मिलने वाली सीख को आने वाली पीढ़ियों तक पहुंचाने के उद्देश्य से लिखी है। 
    उन्होंने कहा कि उनके पुलिस सेवाकाल की शुरुआत ही चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों से हुई और उन्हें नगालैंड में विद्रोह की चुनौती के बीच करीब चार वर्ष कार्य करने का अवसर मिला। इसके बाद असम में उग्रवाद की चुनौती के बीच पुलिस महानिदेशक के रूप में जिम्मेदारी मिली। उत्तर प्रदेश में भी उस समय संगठित अपराध और माफिया की चुनौती थी। उन्होंने कहा कि पंजाब में आतंकवाद के चरम दौर में बीएसएफ में रहते हुए उन्हें बेहद चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में काम करना पड़ा। पाकिस्तान से सीमा पार कर आने वाले आतंकवादियों और हथियारों की आवाजाही रोकने के लिए सीमा सुरक्षा को मजबूत करने की रणनीति पर काम किया गया और बेहतर तकनीक का उपयोग करते हुए बॉर्डर फेंसिंग तैयार की गई, जिसके बाद पाकिस्तान से आतंकवादियों की आवाजाही पर प्रभावी रोक लगी और आतंकवाद को मिलने वाली ‘ऑक्सीजन’ धीरे-धीरे समाप्त हुई। 
    उन्होंने कश्मीर में आतंकवाद के विरुद्ध अपने अनुभवों और अपने ऊपर हुए जानलेवा हमलों का भी उल्लेख किया। इन अनुभवों को देवी दुर्गा की कृपा और ईश्वर की रक्षा से जोड़ा तथा पुस्तक को देवी दुर्गा को समर्पित किया। उन्होंने कहा कि पीड़ित और परेशान व्यक्ति अपनी समस्या लेकर पुलिस के पास आता है। किसी की बेटी का अपहरण हुआ हो, संपत्ति पर कब्जा हुआ हो या उसके साथ कोई अन्य अपराध हुआ हो। ऐसे व्यक्ति की पीड़ा दूर करना, उसके आंसू पोंछना और उसके साथ संवेदनशीलता से पेश आना पुलिस अधिकारी के लिए समाज सेवा का अवसर है। उन्होंने कहा कि पीड़ित व्यक्ति की समस्या दूर करने के बाद मिलने वाला आशीर्वाद किसी ईश्वर के आशीर्वाद से कम नहीं है। इसी भावना ने उन्हें कठिन परिस्थितियों के बावजूद 35 वर्ष तक पुलिस सेवा में बने रहने की प्रेरणा दी। 
    उन्होंने कहा कि ‘संघर्ष’ में उन्होंने अपने सेवाकाल के अनुभवों, चुनौतियों, सिद्धांतों और आने वाली पीढ़ियों के लिए कुछ महत्वपूर्ण सीख को संकलित किया है। उन्होंने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के प्रति आभार व्यक्त करते हुए सभी उपस्थित लोगों को शुभकामनाएं दीं।

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    हर पुलिसकर्मी वर्दी में एक नागरिक है और हर नागरिक बिना वर्दी का पुलिसकर्मी : स्वामी धर्मबंधु
    स्वामी धर्मबंधु जी ने कहा कि राष्ट्र निर्माण के लिए राजनीति, अर्थव्यवस्था और सुरक्षा के साथ आध्यात्मिकता भी आवश्यक है। नागरिकों में नैतिकता, अनुशासन, करुणा, न्याय, शांति और राष्ट्र के प्रति समर्पण जैसे मूल्यों का विकास होना चाहिए। 
    उन्होंने कहा कि युवाओं में राष्ट्रीय चेतना और देशभक्ति जगाने में भारतीय संस्कृति एवं शिक्षा की महत्वपूर्ण भूमिका है। उन्होंने प्रकाश सिंह को कर्तव्यनिष्ठा, राष्ट्रीयता और ईमानदारी का प्रतीक बताते हुए कहा कि उनका जीवन और योगदान आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा है। सादगी और राष्ट्रसेवा के प्रति उनका समर्पण अनुकरणीय है। स्वामी धर्मबंधु ने कहा कि इतिहास हमें वर्तमान को समझने और भविष्य की चुनौतियों के लिए तैयार होने की सीख देता है। भारतीय परंपरा में राष्ट्र और कर्तव्य के प्रति समर्पण को सर्वोच्च महत्व दिया गया है। उन्होंने पुलिस सेवा का उल्लेख करते हुए कहा कि हर पुलिसकर्मी वर्दी में एक नागरिक है और हर नागरिक बिना वर्दी का पुलिसकर्मी है। पुलिस और नागरिकों के बीच बेहतर सामंजस्य तथा पारस्परिक जिम्मेदारी की भावना से ही मजबूत समाज और सशक्त राष्ट्र का निर्माण संभव है।

    सड़क सुरक्षा और पुलिस आधुनिकीकरण से सुरक्षित यातायात को मिलेगी मजबूती : डीजीपी

    पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) राजीव कृष्ण ने कहा कि आज का समारोह उत्तर प्रदेश पुलिस के लिए गौरव और प्रेरणा का अवसर है, जिसमें पुलिस सेवा के तीन महत्वपूर्ण पक्ष- शौर्य एवं उत्कृष्ट सेवा का सम्मान, सड़क सुरक्षा के लिए आधुनिक संसाधनों का सुदृढ़ीकरण तथा पुलिस सेवा के अनुभवों एवं विचारों का संरक्षण और उन्हें आगे बढ़ाने का कार्य एक साथ हो रहा है। समारोह में 16 राष्ट्रपति वीरता पदक और 10 मुख्यमंत्री वीरता पदक प्रदान किए जा रहे हैं। 

    उन्होंने निरीक्षक स्वर्गीय सुनील कुमार को मरणोपरांत कीर्ति चक्र प्रदान किए जाने का उल्लेख करते हुए कहा कि उनका सर्वोच्च बलिदान सदैव प्रेरणा का स्रोत रहेगा। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री के निर्देशन में 87 आधुनिक इंटरसेप्टर वाहनों को प्रदेश के सर्वाधिक दुर्घटना बहुल जनपदों के लिए रवाना किया जा रहा है। 

    डीजीपी ने कहा कि प्रदेश के सभी 75 जिलों में जीरो फैटलिटी डिस्ट्रिक्ट योजना लागू की गई है, जिसके तहत इंफोर्समेंट, इंजीनियरिंग, एजुकेशन और अवेयरनेस, इलेक्ट्रॉनिक इंफोर्समेंट तथा इमरजेंसी रिस्पांस के माध्यम से सड़क दुर्घटनाओं और जनहानि को कम करने पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। जनवरी से अगस्त 2026 के बीच पिछले वर्ष की समान अवधि की तुलना में सड़क दुर्घटनाओं में 7.89 प्रतिशत, मृत्यु में 9.08 प्रतिशत और घायलों की संख्या में 8.1 प्रतिशत की कमी दर्ज की गई है, जिससे 1,100 से अधिक बहुमूल्य जीवन बचाए गए हैं। उन्होंने बताया कि उत्तर प्रदेश पुलिस द्वारा विकसित ‘यूपी गति’ एप के माध्यम से 20 शहरों के 109 सिटी रूट्स पर यातायात की 24×7 लाइव और रियल टाइम मॉनिटरिंग की जा रही है तथा अप्रैल 2026 से छह माह में कंजेशन प्वाइंट्स में चार प्रतिशत की कमी दर्ज की गई है। उन्होंने कहा कि आधुनिक तकनीक, डेटा ड्रिवन एनालिसिस और टारगेटेड एनफोर्समेंट के माध्यम से ‘सुरक्षित यातायात, सुरक्षित नागरिक’ के संकल्प को मजबूती मिल रही है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री के नेतृत्व और मार्गदर्शन में अपराध एवं अपराधियों के प्रति जीरो टॉलरेंस की नीति उत्तर प्रदेश पुलिस की कार्यप्रणाली का महत्वपूर्ण आधार बन चुकी है और एटीएस, एसटीएफ, साइबर क्राइम, एंटी करप्शन, विजिलेंस, महिला एवं बाल सुरक्षा, ट्रैफिक तथा फॉरेंसिक सहित सभी इकाइयां अपने दायित्वों का प्रभावी, समन्वित और विधिसम्मत निर्वहन कर रही हैं।

     

    अत्याधुनिक उपकरणों से लैस हैं इंटरसेप्टर वाहन
    मुख्यमंत्री ने अत्याधुनिक उपकरणों से सुसज्जित 87 इंटरसेप्टर वाहनों (चार पहिया एवं दो पहिया) को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। ये उन्नत इंटरसेप्टर वाहन प्रदेश में यातायात व्यवस्था को और अधिक प्रभावी बनाने के साथ सड़क यात्रियों को सुरक्षित माहौल उपलब्ध कराने में सहायक होंगे। इन वाहनों में 360 डिग्री व्यू कैमरा, लेजर स्पीड गन, ब्रीथ एनालाइजर, पीए सिस्टम, मोबाइल फोन डिटेक्शन, एवीएन तथा टिंट मीटर जैसे आधुनिक उपकरण लगाए गए हैं। इनके माध्यम से शराब पीकर वाहन चलाने, निर्धारित सीमा से अधिक गति से वाहन चलाने तथा अन्य यातायात नियमों के उल्लंघन पर तत्काल कार्रवाई सुनिश्चित की जा सकेगी। साथ ही यातायात उल्लंघनों की लाइव रिकॉर्डिंग भी संभव होगी। इंटरसेप्टर वाहनों में वायरलेस संचार सुविधा उपलब्ध होगी, जिससे यातायात पुलिस के बीच त्वरित समन्वय स्थापित किया जा सकेगा। कम ईंधन खपत वाले ये वाहन पर्यावरण के अनुकूल भी हैं। हाईवे, शहरों के प्रमुख मार्गों और भीड़भाड़ वाले क्षेत्रों में इनकी त्वरित पहुंच से यातायात नियंत्रण और सड़क सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूती मिलेगी।

  • योगी सरकार बनाएगी प्रदेश में करीब 6 करोड़ बच्चों के लिए हाई-लेवल, कम लागत वाला पीडियाट्रिक ट्रॉमा केयर मॉडल

    योगी सरकार बनाएगी प्रदेश में करीब 6 करोड़ बच्चों के लिए हाई-लेवल, कम लागत वाला पीडियाट्रिक ट्रॉमा केयर मॉडल

    योगी सरकार पीडियाट्रिक ट्रॉमा इंटीग्रेशन से हर साल बचाएगी करीब 1,800 जानें 

    – योगी सरकार ने तैयार किया बाल ट्रॉमा केयर को इमरजेंसी स्वास्थ्य व्यवस्था से जोड़ने का रोडमैप

    – योगी सरकार बनाएगी प्रदेश में करीब 6 करोड़ बच्चों के लिए हाई-लेवल, कम लागत वाला पीडियाट्रिक ट्रॉमा केयर मॉडल 

    – बच्चों में ट्रॉमा से होने वाली मौतों को कम करने पर फोकस, त्वरित उपचार और समन्वित देखभाल को बनाया जाएगा आधार

    लखनऊ,
     योगी सरकार ने बच्चों को गंभीर दुर्घटनाओं और चोटों के बाद समय पर विशेषज्ञ चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने की दिशा में पीडियाट्रिक ट्रॉमा केयर को मौजूदा इमरजेंसी स्वास्थ्य व्यवस्था से जोड़ने का रोडमैप तैयार कर लिया है। इसका उद्देश्य प्रदेश के करीब 6 करोड़ बच्चों के लिए हाई-लेवल कम लागत वाली एकीकृत ट्रॉमा केयर व्यवस्था विकसित करना है। इसके तहत अस्पतालों, इमरजेंसी सेवाओं, एंबुलेंस, विशेषज्ञ चिकित्सकों और रेफरल सिस्टम को एक साझा नेटवर्क में जोड़ने पर जोर दिया जा रहा है। इस व्यवस्था से हर साल करीब 1,800 जानें बचाने का लक्ष्य रखा गया है।

    ट्रॉमा बेड की हिस्सेदारी 12 से 15 प्रतिशत ले जाने का लक्ष्य
    योगी सरकार ने बाल ट्रॉमा को यूनिफाइड इमरजेंसी केयर आर्किटेक्चर विकसित करने की योजना बनायी है। इसका आधार गंभीर रूप से घायल बच्चे को दुर्घटना स्थल से लेकर प्राथमिक उपचार, ट्रॉमा सेंटर, विशेषज्ञ उपचार और आगे की देखभाल तक हर स्तर पर समयबद्ध और समन्वित चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराना है। इससे इलाज में होने वाली देरी और मरीज को एक अस्पताल से दूसरे अस्पताल भेजने में लगने वाले अतिरिक्त समय को कम किया जाएगा। वर्तमान में इमरजेंसी विभागों में ट्रॉमा बेड की हिस्सेदारी करीब 3 से 5 प्रतिशत है, जबकि एकीकृत ट्रामा केयर के जरिये इसे 12 से 15 प्रतिशत तक ले जाने का लक्ष्य है। इसके तहत प्रदेश में अलग-अलग स्तर की ट्रॉमा सुविधाओं का नेटवर्क विकसित करने की योजना है। इसमें लेवल-1 का एक, लेवल-2 के 36 और लेवल-3 के 126 इंटीग्रेटेड ट्रॉमा एवं इमरजेंसी यूनिट (आईटीईएमयू) को विकसित किया जाएगा। इससे कुल 173 इंटरकनेक्टेड सुविधाएं तैयार होंगी और करीब 2,853 नए बेड जुड़ेंगे। इसका मकसद गंभीर रूप से घायल बच्चों को जरूरत के अनुसार जल्द विशेषज्ञ उपचार उपलब्ध कराना है। 

    'गोल्डन ऑवर' में इलाज पर विशेष फोकस
    पीडियाट्रिक ट्रॉमा में शुरुआती समय बेहद महत्वपूर्ण होता है इसलिए दुर्घटना के बाद तत्काल रिस्पांस, प्रशिक्षित मेडिकल टीम, एंबुलेंस कनेक्टिविटी और उपयुक्त ट्रॉमा सेंटर तक त्वरित रेफरल को एक साथ जोड़ने पर जोर है। इसमें 'गोल्डन ऑवर' के दौरान इलाज उपलब्ध कराने पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। इसके लिए प्रशिक्षित मेडिकल टीम, एंबुलेंस कनेक्टिविटी और उचित ट्रॉमा सेंटर तक तेजी से पहुंचाने की व्यवस्था को मजबूत किया जाएगा। इसके लिए योगी सरकार करीब 45 करोड़ रुपये खर्च करेगी।

  • ‘एक्स्प्रेसवे के नाम पर सपाइयों ने भरी अपनी तिजोरी, लूट का जरिया बनाया’, अनिल राजभर ने अखिलेश पर साधा निशाना, कहा- शर्म तो उन्हें आती नहीं

    ‘एक्स्प्रेसवे के नाम पर सपाइयों ने भरी अपनी तिजोरी, लूट का जरिया बनाया’, अनिल राजभर ने अखिलेश पर साधा निशाना, कहा- शर्म तो उन्हें आती नहीं

    'इमरजेंसी लगाने वालों के साथ गलबहियां करते हैं और ज्ञान लोकतंत्र पर देते हैं', अनिल राजभर ने अखिलेश यादव पर बोला तीखा हमला

    'आपातकाल लगाने वालों के साथ खड़े होकर लोकतंत्र पर ज्ञान देते हैं', मंत्री अनिल राजभर ने अखिलेश पर कसा तंज, कहा- ये दोहरा चरित्र

    'एक्स्प्रेसवे के नाम पर सपाइयों ने भरी अपनी तिजोरी, लूट का जरिया बनाया', अनिल राजभर ने अखिलेश पर साधा निशाना, कहा- शर्म तो उन्हें आती नहीं

    ‘लोकतंत्र की बात पर जनता हंसेगी’, आपातकाल से एक्सप्रेसवे तक अखिलेश पर जमकर बरसे दानिश आजाद

    ‘आपातकाल वालों से दोस्ती, फिर लोकतंत्र पर ज्ञान’, मंत्री दानिश आजाद का अखिलेश यादव पर जोरदार पलटवार

    'पत्रकार को जिंदा जलाने वाली सपा आज उनके सम्मान का दिखावा कर रही है', मंत्री दानिश आजाद का अखिलेश पर निशाना; कहा- ऐसी बातों पर हंसी आती है

    ‘जिसने लोकतंत्र का गला घोंटा, अखिलेश उसी के साथ’, अनिल राजभर-दानिश आजाद का सपा पर तीखा वार

    लखनऊ, 
     समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव के लोकतंत्र सेनानियों के सम्मान और एक्सप्रेसवे समेत पत्रकारों के सम्मान से जुड़े बयानों पर यूपी सरकार के मंत्री अनिल राजभर और दानिश आजाद अंसारी ने तीखा पलटवार किया है। दोनों मंत्रियों ने सपा-कांग्रेस की नजदीकी और सपा सरकार के कार्यकाल को लेकर अखिलेश यादव पर जमकर निशाना साधा। 

    ‘आपातकाल लगाने वाली कांग्रेस के साथ सपा क्यों?’
    अनिल राजभर ने कहा कि कांग्रेस ने देश में आपातकाल लगाकर लोकतंत्र का अपमान किया था। उन्होंने सवाल किया कि अगर सपा वास्तव में लोकतंत्र सेनानियों का सम्मान करती है तो वह कांग्रेस के साथ राजनीतिक रूप से क्यों चल रही है। उन्होंने सपा के रुख को ‘दोहरा चरित्र’ बताते हुए कहा कि जनता भी इसे देख रही है। 

    'सैफई परिवार के लिए लूट का जरिया बना एक्सप्रेसवे'
    एक्सप्रेसवे पर अनिल राजभर ने आरोप लगाया कि सपा सरकार में बनाया गया एक्सप्रेसवे सैफई परिवार के लिए लूट का जरिया बना। इसके विपरीत उन्होंने योगी सरकार में उत्तर प्रदेश को ‘एक्सप्रेसवे प्रदेश’ बनाने का दावा किया। उन्होंने कहा कि देश के कुल एक्सप्रेसवे का 56 प्रतिशत उत्तर प्रदेश में है।

    पत्रकारों के मुद्दे पर उन्होंने सपा सरकार के दौरान एक पत्रकार को जिंदा जलाए जाने का आरोप लगाया और कहा कि सपा नेताओं पर पत्रकारों से नाम, चैनल और जाति पूछकर दबाव बनाने के आरोप हैं।

    ‘लोकतंत्र की बात पर जनता हंसेगी’
    वही इस मुद्दे पर यूपी सरकार के मंत्री दानिश आजाद अंसारी ने भी अखिलेश पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि सपा जब लोकतंत्र की बात करती है तो जनता सिवाय हंसने के कुछ नहीं करेगी। उन्होंने कहा कि जिस कांग्रेस ने देश पर इमरजेंसी थोपी, उसी के साथ सपा की दोस्ती है। उन्होंने आरोप लगाया कि सत्ता की कुर्सी हासिल करने के लिए सपा को अब लोकतंत्र सेनानियों की याद आ रही है।

    योगी सरकार में इंफ्रास्ट्रक्चर मजबूत हुआ है
    एक्सप्रेसवे के मुद्दे पर दानिश ने गंगा, पूर्वांचल और बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे का जिक्र करते हुए कहा कि इन परियोजनाओं से प्रदेश का इंफ्रास्ट्रक्चर मजबूत हुआ है। उन्होंने आरोप लगाया कि सपा के कार्यकाल में एक्सप्रेसवे का रूट अपने लोगों को लाभ पहुंचाने के लिए तय किया गया और जमीनें पहले ही खरीदवा दी गईं।

    'जब सीएम थे तब पत्रकार को जिंदा जला दिया गया था'
    अखिलेश यादव द्वारा पत्रकारों के सम्मान के वादे पर दानिश आजाद ने कहा कि जब वो सीएम थे तब एक पत्रकार को शाहजहांपुर में जिंदा जला दिया गया था। उन्होंने कहा कि आज भी अखिलेश अपनी प्रेस वार्ता में पत्रकारों से जाति पूछकर उनके सवालों का जवाब देते हैं और उन्हें अपमानित करते हैं। जब ऐसे लोग पत्रकारों के सम्मान की बात करते हैं तो उन्हें हंसी आती है। उन्होंने सपा को ‘नकारात्मक एजेंडे’ से घिरी पार्टी बताया।

  • वृद्धजनों के सम्मान को नई मजबूती, अंतरराष्ट्रीय वृद्धजन दिवस पर 7 वरिष्ठजन सम्मानित

    वृद्धजनों के सम्मान को नई मजबूती, अंतरराष्ट्रीय वृद्धजन दिवस पर 7 वरिष्ठजन सम्मानित

    अनुभव की विरासत को सम्मान, शतायु बुजुर्गों का बढ़ा मान

    अंतरराष्ट्रीय वृद्धजन दिवस पर समाज कल्याण विभाग का विशेष समारोह, 3 शतायु और 4 वरिष्ठ अचीवर्स सम्मानित

    योगी सरकार में वरिष्ठजनों के सम्मान और संरक्षण को मिल रही नई मजबूती

    स्वास्थ्य, सुरक्षा, सामाजिक संरक्षण और पेंशन जैसी सुविधाओं के साथ बुजुर्गों के सम्मान को प्राथमिकता

    लखनऊ
     अंतरराष्ट्रीय वृद्धजन दिवस पर योगी सरकार ने वरिष्ठजनों के सम्मान और सामाजिक संरक्षण के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराई। समाज कल्याण विभाग, हेल्पेज इंडिया और वरिष्ठ नागरिक महासमिति के संयुक्त तत्वावधान में गोमती नगर स्थित भागीदारी भवन में आयोजित समारोह में 100 वर्ष की आयु पूरी कर चुके तीन वरिष्ठजनों को शतायु सम्मान और समाज में रचनात्मक योगदान दे रहे चार वरिष्ठजनों को ‘सीनियर अचीवर्स सम्मान’ प्रदान किया गया।

    100 साल की उम्र पूरी करने वालों को शतायु सम्मान

    समारोह के मुख्य अतिथि समाज कल्याण राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) असीम अरुण ने लल्ली देवी, रानी कपूर और सेवानिवृत्त न्यायाधीश कमलेश्वर नाथ को शतायु सम्मान से सम्मानित किया। वहीं विनोद कुमार शुक्ल, ललित सिंह पोखरिया, इतिहासकार एवं लेखक डॉ. रवि भट्ट और डॉ. किशन वीर सिंह शाक्य को सीनियर अचीवर्स सम्मान मिला।

    वरिष्ठजनों के अनुभव से समृद्ध होता है समाज

    मंत्री असीम अरुण ने कहा कि वरिष्ठजन अनुभव, संस्कार और जीवन मूल्यों की अमूल्य धरोहर हैं। उनके अनुभव और आशीर्वाद से समाज समृद्ध होता है। बुजुर्गों का सम्मान केवल जिम्मेदारी नहीं, बल्कि जीवनशैली का हिस्सा बनना चाहिए। योगी सरकार वरिष्ठजनों के स्वास्थ्य, सुरक्षा, सम्मान और सामाजिक संरक्षण के लिए लगातार कार्य कर रही है।

    केयर इकोनॉमी को रोजगार से जोड़ने पर जोर

    मंत्री ने बताया कि बुजुर्गों की देखभाल के लिए प्रशिक्षित देखभालकर्ताओं की उपलब्धता बढ़ाने की दिशा में केयर इकोनॉमी को रोजगार और सामाजिक सुरक्षा से जोड़ा जा रहा है। वरिष्ठ नागरिकों के कल्याण के लिए माता-पिता एवं वरिष्ठ नागरिकों का भरण-पोषण तथा कल्याण अधिनियम और राष्ट्रीय वृद्धावस्था पेंशन योजना संचालित हैं। प्रदेश के सभी 75 जनपदों में एसडीएम की अध्यक्षता में भरण-पोषण अधिकरण गठित हैं।

    युवाओं ने लिया बुजुर्गों के सम्मान का संकल्प

    कार्यक्रम में समाज कल्याण विभाग के वृद्धाश्रमों की सुविधाओं पर डॉक्युमेंट्री दिखाई गई। सीएमएस, आरडीएसओ शाखा के बच्चों ने अपने मां-बाप का तू दिल न दुखा गीत पर सांस्कृतिक प्रस्तुति दी। युवाओं ने वरिष्ठजनों के सम्मान का संकल्प लिया। इस दौरान निदेशक समाज कल्याण संजीव सिंह, हेल्पेज इंडिया के स्टेट हेड अनूप पंत, अनुसूचित जाति/जनजाति आयोग के अध्यक्ष बैजनाथ रावत, संयुक्त निदेशक आरपी सिंह, जिला समाज कल्याण अधिकारी अनामिका सिंह समेत अन्य अधिकारी मौजूद रहे।

  • ₹2.34 करोड़ से 586 PM श्री स्कूलों में मिलेगा रॉ मैटेरियल, बच्चों को मिलेगी एक्टिविटी बेस्ड लर्निंग

    ₹2.34 करोड़ से 586 PM श्री स्कूलों में मिलेगा रॉ मैटेरियल, बच्चों को मिलेगी एक्टिविटी बेस्ड लर्निंग

    योगी सरकार में 586 पीएम श्री स्कूलों में ‘लर्निंग बाय डूइंग’ को मिलेगी नई गति

    – ₹2.34 करोड़ से उपलब्ध कराई जाएगी कंज्यूमेबल्स/ रॉ मैटेरियल सामग्री, बच्चों को गतिविधि आधारित सीखने के मिलेंगे अधिक अवसर

    – वर्ष 2024-25 के लिए चयनित 586 उच्च प्राथमिक एवं कंपोजिट पीएम श्री विद्यालयों को मिलेगा लाभ

    – प्रत्येक चयनित विद्यालय के लिए ₹40 हजार की धनराशि, सीखने को प्रयोग और गतिविधियों से जोड़ने पर जोर

    – कक्षा-कक्ष में ‘करके सीखने’ की अवधारणा को प्रभावी बनाने के लिए आवश्यक मैटेरियल उपलब्ध कराया जाएगा

    – विद्यालय स्तर पर सामग्री के उपयोग, गतिविधियों के अनुश्रवण और अभिलेखीकरण पर रहेगा जोर

    लखनऊ
    मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश के पीएम श्री विद्यालयों में पढ़ाई को किताबों की सीमाओं से आगे ले जाकर प्रयोग, गतिविधि और अनुभव से जोड़ने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है। वर्ष 2024-25 के लिए चयनित 586 उच्च प्राथमिक एवं कंपोजिट पीएम श्री विद्यालयों में लर्निंग बाय डूइंग को और प्रभावी बनाया जाएगा।

    इसके लिए ₹2.34 करोड़ की धनराशि से कंज्यूमेबल्स/ रॉ मैटेरियल क्रय किया जाएगा तथा प्रत्येक चयनित विद्यालय के लिए ₹40 हजार की धनराशि की सीमा निर्धारित की गई है। इससे 586 पीएम श्री विद्यालयों में गतिविधि आधारित शिक्षण के लिए आवश्यक संसाधन उपलब्ध होंगे और बच्चों को पुस्तकीय ज्ञान के साथ प्रयोग एवं अनुभव के माध्यम से सीखने के अधिक अवसर मिलेंगे।

    ‘करके सीखने’ से मजबूत होगी अवधारणात्मक समझ
    लर्निंग बाय डूइंग के माध्यम से विद्यार्थियों को विषयवस्तु को केवल पढ़ने के बजाय गतिविधियों, प्रयोगों और प्रत्यक्ष अनुभवों के जरिए समझने के अवसर मिलेंगे। उपलब्ध कराई जाने वाली कंज्यूमेबल्स/रॉ मैटेरियल सामग्री का उपयोग विद्यालयों में गतिविधि आधारित शिक्षण को प्रभावी बनाने के लिए किया जाएगा, जिससे बच्चे सीखने की प्रक्रिया में सक्रिय भागीदार बन सकें।

    586 पीएम श्री विद्यालयों तक पहुंचेगा संसाधन
    महानिदेशक, स्कूल शिक्षा एवं राज्य परियोजना निदेशक मोनिका रानी के निर्देशानुसार चयनित 586 विद्यालयों में लर्निंग बाय डूइंग के लिए आवश्यक कंज्यूमेबल्स/ रॉ मैटेरियल क्रय किया जाएगा। इसके लिए कुल ₹2,34,40,000 का प्रावधान किया गया है, जिससे विद्यालयों में गतिविधियों के संचालन के लिए आवश्यक संसाधन उपलब्ध होंगे।

    गतिविधि, प्रयोग और अनुभव से सीखेंगे बच्चे
    इस पहल का उद्देश्य कक्षा-कक्ष में सीखने की प्रक्रिया को अधिक सक्रिय और अनुभवपरक बनाना है। विद्यार्थी विषयवस्तु को देखकर, प्रयोग करके और गतिविधियों में भाग लेकर समझ सकेंगे, जिससे पुस्तकीय ज्ञान को व्यावहारिक अनुभव से जोड़ने में मदद मिलेगी और उनकी सीखने की प्रक्रिया अधिक सहज एवं रोचक बनेगी।

    उपयोग और अनुश्रवण पर रहेगा जोर
    विद्यालयों को उपलब्ध कराई जाने वाली सामग्री का उचित एवं उद्देश्यपरक उपयोग सुनिश्चित करने के साथ गतिविधियों के संचालन और अभिलेखीकरण का अनुश्रवण किया जाएगा। पूर्व में संचालित लर्निंग बाय डूइंग गतिविधियों के अनुभवों को भी आगे की गतिविधियों से जोड़ने पर जोर दिया गया है।

    कोट:
    “लर्निंग बाय डूइंग के माध्यम से बच्चों को प्रयोग और अनुभव से सीखने के अवसर मिलेंगे। हमारा प्रयास है कि सीखने की प्रक्रिया रोचक, सहभागितापूर्ण और बच्चों की जिज्ञासा के अनुरूप बने।”
    संदीप सिंह, राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार), बेसिक शिक्षा

  • अब मोबाइल से निपटाएं एस्टेट ऑफिस के काम, चंडीगढ़ में ‘ई-संपदा CHD’ लॉन्च

    अब मोबाइल से निपटाएं एस्टेट ऑफिस के काम, चंडीगढ़ में ‘ई-संपदा CHD’ लॉन्च

    चंडीगढ़.

    एस्टेट ऑफिस की दो नागरिक-केंद्रित ई-पहल ई-संपदा सीएचडी मोबाइल एप और फेसलेस सेवा वितरण सुविधा शुरू हो गई हैं। राम दरबार स्थित सामुदायिक केंद्र में आयोजित समाधान शिविर के दौरान पंजाब के राज्यपाल एवं चंडीगढ़ के प्रशासक गुलाब चंद कटारिया ने दोनों सुविधाओं की औपचारिक शुरुआत की।

    डीसी-सह-एस्टेट ऑफिसर निशांत कुमार यादव ने दोनों पहलों की जानकारी देते हुए बताया कि ई-संपदा सीएचडी ऐप के माध्यम से लोग मोबाइल से एस्टेट ऑफिस की सेवाओं का लाभ ले सकेंगे। ऐप पर संपत्ति का विवरण देखने, पहले जमा आवेदन की स्थिति जांचने, बकाया राशि की जानकारी लेने और ऑनलाइन शिकायत दर्ज कर उसका निपटान देखने की सुविधा मिलेगी। इसके लिए एस्टेट ऑफिस आने की जरूरत नहीं होगी। ऐप फिलहाल एंड्रॉयड प्ले स्टोर पर उपलब्ध है और जल्द ही आईओएस ऐप स्टोर पर भी आएगा।

    बिना अपॉइंटमेंट ऑनलाइन जमा होंगे दस्तावेज
    फेसलेस सेवा के तहत आवेदक बिना अपॉइंटमेंट लिए या एस्टेट ऑफिस आए आवेदन और दस्तावेज ऑनलाइन जमा कर सकेंगे। ये संबंधित शाखा को डिजिटल माध्यम से भेजे जाएंगे। संपत्ति संबंधी सेवाओं में आवेदन से अंतिम निपटान तक प्रक्रिया ऑनलाइन होगी और आवेदक व अधिकारी के बीच सीधे संपर्क की जरूरत नहीं होगी। इससे सेवाएं अधिक पारदर्शी, कागजरहित और नागरिक-अनुकूल होने के साथ कार्यालय में लोगों की आवाजाही भी कम होगी।

  • सपा राज में पत्रकार को जिंदा जलाया गया था, अखिलेश पर चौधरी भूपेंद्र का तीखा प्रहार

    सपा राज में पत्रकार को जिंदा जलाया गया था, अखिलेश पर चौधरी भूपेंद्र का तीखा प्रहार

    अखिलेश के खिलाफ मंत्रियों ने खोला मोर्चा, चौधरी भूपेंद्र सिंह और राजभर ने गिनाए पुराने कारनामे

    अखिलेश ने तिजोरी भरने के लिए बनाया था एक्सप्रेसवे: चौधरी भूपेंद्र सिंह

    सपा राज में पत्रकार को जिंदा जलाया गया था, अखिलेश पर चौधरी भूपेंद्र का तीखा प्रहार

    पीडीए मतलब परिवार, दौलतमंद और अपराधी: ओम प्रकाश राजभर

    ‘लोकतंत्र की देते हैं दुहाई और इमरजेंसी वाली कांग्रेस से करते हैं गलबहियां’: भूपेंद्र और राजभर

    लखनऊ, 
     समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव द्वारा लोकतंत्र सेनानियों के सम्मान, लोकतंत्र की रक्षा, एक्सप्रेसवे निर्माण और पत्रकारों की सुरक्षा को लेकर दिए गए बयानों पर उत्तर प्रदेश के कैबिनेट मंत्री चौधरी भूपेंद्र सिंह और ओम प्रकाश राजभर ने कड़ा पलटवार किया है। दोनों नेताओं ने अखिलेश यादव के बयानों को उनके पुराने राजनीतिक फैसलों और सपा सरकार के कार्यकाल की याद दिलाते हुए आड़े हाथ लिया।

    लोकतंत्र की दुहाई पर चौधरी भूपेंद्र सिंह का निशाना
    चौधरी भूपेंद्र सिंह ने अखिलेश यादव द्वारा लोकतंत्र सेनानियों को 51 हजार सम्मान राशि देने के ऐलान पर सवाल उठाते हुए कहा कि लोकतंत्र की बात करने वालों को पहले अपने गिरेबान में झांकना चाहिए। उन्होंने कहा कि अखिलेश एक तरफ इमरजेंसी का रोना रोते हैं, वहीं दूसरी तरफ उसी कांग्रेस के साथ गलबहियां कर चुनाव लड़ रहे हैं, जिसने देश पर तानाशाही थोपकर इमरजेंसी लगाने का ऐतिहासिक पाप किया था।

    एक्सप्रेसवे के मुद्दे पर घेरा
    अखिलेश यादव के एक्सप्रेसवे संबंधी दावों पर चौधरी भूपेंद्र सिंह ने सपा सरकार को कटघरे में खड़ा किया। उन्होंने कहा कि सपा कार्यकाल के दौरान सड़क और एक्सप्रेसवे निर्माण में हुई संगठित लूट जगजाहिर है। उन्होंने आरोप लगाया कि अखिलेश के कार्यकाल में केवल एक एक्सप्रेसवे बना, जिसमें भारी भ्रष्टाचार हुआ। निजी और पारिवारिक तिजोरी भरने के लिए एक्सप्रेसवे का रूट जानबूझकर बदला गया था, और सपा इस खुली धांधली से मुंह नहीं मोड़ सकती।

    'सपा राज में पत्रकार को जिंदा जलाया गया था'
    पत्रकारों के सम्मान और सुरक्षा के दावों पर पलटवार करते हुए चौधरी भूपेंद्र सिंह ने शाहजहांपुर में पत्रकार को जिंदा जलाए जाने की घटना याद दिलाई। उन्होंने कहा कि सपा सरकार में एक मंत्री के खिलाफ स्टोरी करने पर पत्रकार को जिंदा जला दिया गया और बाद में अस्पताल में भी उसकी जान लेने की कोशिश हुई।

    उन्होंने आगे कहा कि जब अखिलेश यादव को प्रेस वार्ता में किसी पत्रकार का सवाल पसंद नहीं आता, तो वे उसकी जाति पूछने लगते हैं। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि पत्रकारों को धमकाने, सपा कार्यकर्ताओं द्वारा मारपीट करने और 'मुर्दाबाद' के उस मामले में अखिलेश की मौजूदगी और उनके इशारे पर पत्रकारों से बर्बरता की गई थी।

    राजभर बोले- अखिलेश की किसी बात का भरोसा नहीं
    कैबिनेट मंत्री ओम प्रकाश राजभर ने अखिलेश यादव की राजनीतिक विश्वसनीयता पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि 2017 में कांग्रेस के साथ गठबंधन की विफलता के बाद खुद अखिलेश ने इसे अपनी 'सबसे बड़ी भूल' करार दिया था। इसके बाद मध्य प्रदेश विधानसभा चुनाव में जाकर जनता से कांग्रेस को वोट न देने की अपील की और उसे धोखेबाज बताया। राजभर ने उत्तराखंड उपचुनाव का उदाहरण देते हुए कहा कि वहां सपा के 2,200 वोट काटने की वजह से ही कांग्रेस मामूली अंतर से हारी थी।

    इमरजेंसी के इतिहास पर राजभर का वार
    इमरजेंसी का जिक्र करते हुए ओम प्रकाश राजभर ने कहा कि रायबरेली से राज नारायण के चुनाव मामले में अदालत द्वारा इंदिरा गांधी को 6 साल के लिए अयोग्य ठहराए जाने के बाद कांग्रेस ने देश में इमरजेंसी थोपी थी। लाखों नेताओं, कार्यकर्ताओं और पत्रकारों को सलाखों के पीछे डाला गया। राजभर ने सवाल उठाया कि उसी कांग्रेस के साथ खड़े होकर अखिलेश किस मुंह से लोकतंत्र सेनानियों को पेंशन और सम्मान देने की बात कर रहे हैं।

    PDA मतलब परिवार, दौलतमंद और अपराधी
    अखिलेश के 'पीडीए' (PDA) फार्मूले की धज्जियां उड़ाते हुए राजभर ने कहा कि इनके PDA का असली अर्थ है- 'P' से परिवार, 'D' से धनी राम यानी दौलतमंद, और 'A' से अपराधी। राजभर ने सवाल उठाया कि जिन निष्ठावान कार्यकर्ताओं ने खून-पसीना बहाकर, लाठियां खाकर सपा को सींचा, उनके हक को दरकिनार कर केवल धनकुबेरों और अपराधियों को तरजीह दी जा रही है।

    मुस्लिम व अन्य वर्गों के प्रतिनिधित्व पर सवाल
    राजभर ने सपा के भीतर मुस्लिम प्रतिनिधित्व पर सवाल उठाते हुए कहा कि मुसलमानों के एकतरफा वोट से सपा विधायक जीतते हैं, लेकिन जब राज्यसभा भेजने की बात आती है तो मुसलमानों को नजरअंदाज कर दिया जाता है। उन्हें केवल वोट बैंक और गुलाम बनाकर रखा गया है। उन्होंने यह भी पूछा कि PDA में पंडित और सामान्य वर्ग की हिस्सेदारी कहां है? एक बार किसी को भेजा गया, उसके बाद उन्हें भी दरकिनार कर दिया गया।

    डिंपल यादव के निर्विरोध चुनाव पर उठाए सवाल
    राजभर ने डिंपल यादव के पूर्व में हुए निर्विरोध चुनाव का उल्लेख करते हुए गंभीर आरोप लगाया कि उस समय विरोधी प्रत्याशियों को कथित तौर पर अगवा कर जबरन पर्चे वापस कराए गए थे। उन्होंने कहा कि अखिलेश यादव का सरोकार न तो पिछड़ों से है, न दलितों से, न मुसलमानों से और न ही सामान्य वर्ग से, उनकी राजनीति केवल परिवार और निजी स्वार्थ तक सीमित है।

  • CM योगी ने वीर पुलिसकर्मियों को किया सम्मानित, वीरता पदक पाकर बोले- बढ़ा जनता का भरोसा

    CM योगी ने वीर पुलिसकर्मियों को किया सम्मानित, वीरता पदक पाकर बोले- बढ़ा जनता का भरोसा

    वीरता पदक पाकर बोले पुलिसकर्मी- अत्याधुनिक संसाधनों से मजबूत हुई पुलिसिंग, जनता में बढ़ा सुरक्षा का भरोसा

    लोकभवन में मुख्यमंत्री योगी ने वीर पुलिसकर्मियों को विभिन्न वीरता पदकों से किया सम्मानित

    अशोक कुमार मीणा को गैलेंट्री मेडल, अमित श्रीवास्तव को राष्ट्रपति और मुख्यमंत्री वीरता पदक

    कुलदीप कुमार बोले- तकनीक के इस्तेमाल से बदली पुलिसिंग, जीरो टॉलरेंस नीति का दिख रहा असर

    घनश्याम यादव ने मुख्यमंत्री के हाथों पदक मिलने को बताया गौरव का क्षण

    लखनऊ, 
    मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने लोकभवन में आयोजित कार्यक्रम में वीर पुलिसकर्मियों को विभिन्न वीरता पदकों से सम्मानित किया। पदक प्राप्त करने वाले पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों ने इसे अपने और परिवार के लिए गौरव का क्षण बताया। पुलिसकर्मियों ने एक स्वर में कहा कि पिछले कुछ वर्षों में प्रदेश की पुलिसिंग में व्यापक बदलाव आया है और अत्याधुनिक संसाधनों व तकनीक के इस्तेमाल से पुलिस की कार्यक्षमता बढ़ी है।

    अपराधियों में पुलिस का डर बढ़ा

    हरदोई के पुलिस अधीक्षक अशोक कुमार मीणा को गैलेंट्री मेडल से सम्मानित किया गया। उन्होंने कहा कि यह उनके लिए गर्व का पल है। पुलिसिंग में काफी बदलाव आया है और अपराधियों में पुलिस का डर बढ़ा है। ऋतुल कुमार वर्मा को राष्ट्रपति वीरता पदक से सम्मानित किया गया है। 
    उन्होंने कहा कि करीब 15-16 वर्षों की सेवा में उन्होंने पुलिसिंग का बदलता स्वरूप देखा है और वर्तमान में पहले से बेहतर माहौल है।

    मुख्यमंत्री के हाथों सम्मान मिलना गौरव की बात

    एसटीएफ वाराणसी यूनिट के इंस्पेक्टर अमित श्रीवास्तव को राष्ट्रपति वीरता पदक और मुख्यमंत्री वीरता पदक से सम्मानित किया गया। उन्होंने कहा कि सम्मान उनके और परिवार के लिए खुशी का क्षण है। पुलिस को कार्य करने की स्वतंत्रता मिलने और प्रभावी कार्रवाई का परिणाम है कि अपराध में कमी आई है और अपराधियों में भय का माहौल बना है। इसी क्रम में संभल में सीओ के पद पर तैनात कुलदीप कुमार को राष्ट्रपति वीरता पदक मिला। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री के हाथों सम्मान मिलना गौरव की बात है। पुलिस ने समय के साथ खुद को बदला है और तकनीक का इस्तेमाल बढ़ा है। 

    आज यूपी पुलिस देश में नंबर वन

    कुलदीप कुमार ने कहा कि मुख्यमंत्री जी की जीरो टॉलरेंस नीति का नतीजा है कि यूपी पुलिस आज देश की नंबर वन पुलिस है। एसटीएफ मुख्यालय लखनऊ के इंस्पेक्टर घनश्याम यादव को मुख्यमंत्री वीरता पदक से सम्मानित किया गया। उन्होंने कहा कि जिन मुख्यमंत्री को अब तक टीवी और अखबारों में देखते थे, उनके हाथों से पदक मिलना उनके लिए बेहद गर्व का क्षण है। एसटीएफ में तैनात अंगद सिंह यादव को गैलेंट्री पदक मिला। उन्होंने कहा कि अच्छे कार्य के लिए मिला यह सम्मान उनके और परिवार के लिए गर्व का विषय है। जीरो टॉलरेंस नीति के तहत पुलिस अपराधियों के खिलाफ कार्रवाई कर रही है। 

    पुलिस की कार्रवाई से अपराधियों में डर

    मुख्यमंत्री वीरता पदक से सम्मानित धर्मेंद्र सिंह राठौर ने कहा कि पुलिस की कार्रवाई से अपराधियों में डर और जनता में सुरक्षा की भावना बढ़ी है। पुलिस सुधारों पर भी काम हो रहा है और पुलिसकर्मियों की आवास समेत मूलभूत सुविधाओं में सुधार किया गया है। उपनिरीक्षक अजय वर्मा को मुख्यमंत्री वीरता पदक से सम्मानित किया गया है। उन्होंने कहा कि अत्याधुनिक संसाधनों के आने से पुलिसिंग बेहतर हुई है और पुलिसकर्मी अधिक प्रभावी ढंग से अपना कार्य कर पा रहे हैं।