Category: राज्य

  • यूपीआईटीएस 2026 में ₹6,500 करोड़ के 4,400 एमओयू, ₹15,500 करोड़ के संभावित कारोबार का बना नया रिकॉर्ड

    यूपीआईटीएस 2026 में ₹6,500 करोड़ के 4,400 एमओयू, ₹15,500 करोड़ के संभावित कारोबार का बना नया रिकॉर्ड

    ग्रेटर नोएडा

    उत्तर प्रदेश की कला, उद्यमिता, कौशल और कारोबारी सामर्थ्य को वैश्विक मंच प्रदान करने वाले उत्तर प्रदेश इंटरनेशनल ट्रेड शो (यूपीआईटीएस) 2026 के चौथे संस्करण का मंगलवार को निवेश, कारोबार और अंतरराष्ट्रीय भागीदारी के नए आयामों के साथ भव्य समापन हुआ। 25 से 29 सितंबर तक इंडिया एक्सपो सेंटर एंड मार्ट, ग्रेटर नोएडा में आयोजित पांच दिवसीय मेगा आयोजन ने उत्तर प्रदेश के उत्पादों, एमएसएमई, निर्यातकों, कारीगरों और उद्यमियों को देश-दुनिया के खरीदारों से सीधे जुड़ने का सशक्त मंच उपलब्ध कराया।

    आयोजन के दौरान लगभग 680 मिलियन अमेरिकी डॉलर यानी करीब ₹6,500 करोड़ मूल्य के 4,400 एमओयू पर हस्ताक्षर किए गए। इसके अतिरिक्त, ट्रेड शो के दौरान प्राप्त कारोबारी पूछताछ के आधार पर लगभग ₹15,500 करोड़ के संभावित कारोबार का अनुमान है। ये आंकड़े प्रदेश में निवेश, निर्यात और कारोबारी गतिविधियों के बढ़ते विस्तार को प्रदर्शित करते हैं।

    41,500 बी2बी बैठकें, 5.99 लाख से अधिक विजिटर्स की मौजूदगी

    फेडरेशन ऑफ इंडियन एक्सपोर्ट ऑर्गनाइजेशंस (एफआईईओ) के आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, इस वर्ष यूपीआईटीएस में कुल 41,500 बी2बी बैठकें दर्ज की गईं। इनमें 13,500 बैठकें रिवर्स बायर-सेलर मीट (आरबीएसएम) क्षेत्र में हुईं, जबकि मुख्य प्रदर्शनी क्षेत्र में लगभग 28,000 कारोबारी संवाद दर्ज किए गए।

    इन बैठकों के माध्यम से देश-विदेश से आए खरीदारों ने उत्तर प्रदेश के उद्यमियों, निर्माताओं और निर्यातकों के साथ सीधे संवाद करते हुए कारोबारी साझेदारियों और संभावित ऑर्डरों की दिशा में कदम बढ़ाए। पांच दिनों में ट्रेड शो में कुल 5,98,693 विजिटर्स और बिजनेस बायर्स की उपस्थिति दर्ज की गई। इनमें 1,74,990 घरेलू बिजनेस बायर्स तथा 4,23,703 सामान्य विजिटर्स शामिल रहे।

    पिछले संस्करण से कारोबार के प्रमुख मानकों में उल्लेखनीय उछाल

    मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के विजन के अनुरूप आयोजित यूपीआईटीएस 2026 ने पिछले संस्करण की तुलना में कारोबार और भागीदारी के लगभग सभी प्रमुख मानकों में उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की।

    वर्ष 2025 में दर्ज 31,650 बी2बी बैठकों की तुलना में इस वर्ष यह संख्या बढ़कर 41,500 हो गई, जो 31.12 प्रतिशत की वृद्धि है। आरबीएसएम क्षेत्र में विदेशी खरीदारों के साथ बैठकों में 123.1 प्रतिशत की उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज हुई और यह संख्या 6,050 से बढ़कर 13,500 हो गई। मुख्य प्रदर्शनी क्षेत्र में भी बी2बी बैठकों में 9.38 प्रतिशत की वृद्धि हुई।

    हस्ताक्षरित एमओयू की संख्या 3,900 से बढ़कर 4,400 हो गई, जो 12.82 प्रतिशत की वृद्धि है। वहीं एमओयू के अनुमानित मूल्य में सबसे बड़ी वृद्धि दर्ज की गई। यह ₹2,680 करोड़ (425 मिलियन डॉलर) से बढ़कर ₹6,500 करोड़ (680 मिलियन डॉलर) हो गया, जो 142.54 प्रतिशत की वृद्धि है। कारोबारी पूछताछ में भी 24 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई और संभावित कारोबार का अनुमान ₹12,500 करोड़ से बढ़कर ₹15,500 करोड़ पहुंच गया।

    छह देशों की भागीदारी से अंतरराष्ट्रीय आयाम हुआ और व्यापक

    यूपीआईटीएस 2026 की अंतरराष्ट्रीय पहुंच भी पिछले संस्करणों की तुलना में कहीं अधिक व्यापक रही। पिछले संस्करण में रूस एकमात्र पार्टनर देश था, जबकि इस वर्ष रूस, ऑस्ट्रिया, जापान, सिंगापुर, बेलारूस और वियतनाम सहित छह देशों ने पार्टनर कंट्री के रूप में भागीदारी की। विदेशी प्रतिनिधिमंडलों और खरीदारों ने प्रदेश के मैन्युफैक्चरिंग, आईटी, इलेक्ट्रॉनिक्स, टेक्सटाइल और एग्री-फूड प्रोसेसिंग सहित विभिन्न क्षेत्रों में विशेष रुचि दिखाई। इससे उत्तर प्रदेश के उद्यमियों को वैश्विक बाजार की आवश्यकताओं को समझने और संभावित साझेदारों के साथ सीधे संवाद का अवसर मिला।

    ओडीओसी ने दिखाई उत्तर प्रदेश की पाक विरासत की समृद्ध तस्वीर

    मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की महत्वाकांक्षी ‘वन डिस्ट्रिक्ट, वन कुज़ीन’ (ओडीओसी) पहल यूपीआईटीएस 2026 के प्रमुख आकर्षणों में शामिल रही। प्रदेश के सभी 75 जिलों की विशिष्ट पाक परंपराओं और स्थानीय स्वाद को एक मंच पर प्रस्तुत करते हुए ओडीओसी ने उत्तर प्रदेश की सांस्कृतिक विविधता को कारोबारी संभावनाओं से जोड़ा।

    पांचों दिनों ओडीओसी हॉल में विशेष चहल-पहल रही। आगंतुकों और खरीदारों ने क्षेत्रीय व्यंजनों, पारंपरिक रेसिपी और स्थानीय खाद्य उद्यमों को नजदीक से जाना। सेलिब्रिटी शेफ हरपाल सिंह सोखी सहित अन्य प्रसिद्ध शेफ की मास्टर क्लासेज ने आयोजन को विशेष आकर्षण प्रदान किया। पाक-कौशल, लाइव डेमॉस्ट्रेशन और मनोरंजन के इस संगम ने ओडीओसी को दर्शकों के बीच खासा लोकप्रिय बनाया।

    ओडीओसी ने यह भी रेखांकित किया कि किसी जिले की पाक विरासत केवल सांस्कृतिक पहचान तक सीमित नहीं है, बल्कि यह फूड एंटरप्रेन्योरशिप, फूड प्रोसेसिंग, पैकेजिंग, हॉस्पिटैलिटी, पर्यटन, ब्रांडिंग और रिटेल जैसे क्षेत्रों में रोजगार एवं कारोबार की नई संभावनाओं का आधार बन सकती है।

    75 जिलों के उत्पादों को वैश्विक बाजार से जोड़ने का मंच

    यूपीआईटीएस में प्रदेश के 75 जिलों के पारंपरिक शिल्प, हथकरघा, पीतल उत्पाद, कालीन, चमड़ा उद्योग और विशिष्ट कृषि उत्पादों को व्यापक बाजार उपलब्ध हुआ। एमएसएमई, स्थानीय कारीगरों और उद्यमियों को देश-विदेश से आए खरीदारों के साथ सीधे संवाद और संभावित ऑर्डर हासिल करने का अवसर मिला। इससे यूपीआईटीएस का स्वरूप महज प्रदर्शनी तक सीमित न रहकर व्यावसायिक संपर्क, बाजार विस्तार और वास्तविक कारोबारी अवसरों के सृजन के मंच के रूप में और मजबूत हुआ। नीति एवं उद्योग से जुड़े लगभग 20 नॉलेज सेशंस ने भी उद्यमियों को बदलते कारोबारी परिदृश्य, बाजार की संभावनाओं और नीतिगत विषयों पर विशेषज्ञ संवाद का अवसर दिया।

    कारोबार के साथ संस्कृति और परंपरा का भी संगम

    दिनभर कारोबार और निवेश के संवादों से गुलजार रहने वाला यूपीआईटीएस 2026 हर शाम उत्तर प्रदेश की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत के रंगों से भी सराबोर रहा। पांच दिवसीय आयोजन में शास्त्रीय, लोक, भक्ति और समकालीन प्रस्तुतियों की विविध श्रृंखला ने देश-विदेश से आए आगंतुकों को प्रदेश की सांस्कृतिक विविधता से परिचित कराया। लोक संगीत, कथक, मथुरा के लोकनृत्य, ढेठिया, राई और थारू जनजातीय नृत्य, पखावज एवं सितार वादन, सुगम संगीत, आल्हा गायन, भजन और सूफी संगीत के साथ सेलिब्रिटी कलाकारों और म्यूजिकल बैंड की प्रस्तुतियों ने आयोजन को सांस्कृतिक गरिमा प्रदान की।

    समापन दिवस पर ओम प्रकाश दुबे के भजन गायन, गोरखपुर के राकेश उपाध्याय के लोकगीत गायन और गाजियाबाद की सुश्री मिताली सैनी की कथक प्रस्तुति ने दर्शकों को मंत्रमुग्ध किया। इसके बाद श्रीराम सांखला द्वारा कोरियोग्राफ किए गए ‘कलर्स ऑफ इंडिया’ ने पांच दिवसीय सांस्कृतिक यात्रा को यादगार समापन प्रदान किया।

    युवा सहभागिता ने बढ़ाई आयोजन की जीवंतता

    यूपीआईटीएस 2026 में छात्र और युवा भागीदारी भी आयोजन का महत्वपूर्ण हिस्सा रही। युवाओं ने क्विज, मॉडल यूनाइटेड नेशंस (एमयूएन), माइम, कला एवं संस्कृति गतिविधियों, साइबर सुरक्षा एवं सड़क सुरक्षा जागरूकता कार्यक्रमों और बैटल ऑफ बैंड्स में सक्रिय सहभागिता की। दिल्ली-एनसीआर के स्कूलों की भागीदारी ने आयोजन में नई ऊर्जा का संचार किया। विद्यार्थियों को उद्योग, नवाचार, रचनात्मकता और व्यावहारिक कारोबारी परिवेश से परिचित होने का अवसर मिला।

    उत्तर प्रदेश की नई कारोबारी पहचान का वैश्विक मंच

    यूपीआईटीएस 2026 के चौथे संस्करण का समापन केवल आंकड़ों और फुटफॉल की उपलब्धियों के साथ नहीं हुआ, बल्कि इसने उत्तर प्रदेश की बदलती कारोबारी पहचान की व्यापक तस्वीर भी प्रस्तुत की। एक ही मंच पर सरकारी नीतियों, निवेश, उद्यमिता, निर्यात, अंतरराष्ट्रीय सोर्सिंग, तकनीक, परंपरागत शिल्प, खान-पान और संस्कृति का संगम देखने को मिला। 25 सितंबर से शुरू हुई पांच दिवसीय कारोबारी और सांस्कृतिक यात्रा 29 सितंबर को अपने समापन तक निरंतर गतिशील रही। ₹6,500 करोड़ के एमओयू, ₹15,500 करोड़ के संभावित कारोबार, 41,500 बी2बी बैठकों और करीब 5.99 लाख फुटफॉल के साथ यूपीआईटीएस 2026 ने उत्तर प्रदेश के उत्पादों और प्रतिभाओं को वैश्विक बाजार से जोड़ने की दिशा में एक सशक्त मंच के रूप में अपनी पहचान को और विस्तार दिया।

  • बढ़ेगी दिव्यांगजन की जीवन सुगमता, सीएम योगी करेंगे उपकरण वितरण

    बढ़ेगी दिव्यांगजन की जीवन सुगमता, सीएम योगी करेंगे उपकरण वितरण

    गोरखपुर

    समान अवसर और पूरा सम्मान देकर दिव्यांगजन के सशक्तीकरण और कल्याण के लिए क्रियाशील योगी सरकार बड़े पैमाने पर दिव्यांगजन के लिए आवश्यक कृत्रिम अंग और सहायक उपकरणों का वितरण करती है। इसी क्रम में दिव्यांगजन की जीवन सुगमता बढ़ाने के लिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ बुधवार (30 सितंबर) को गोरखपुर में कृत्रिम अंग और सहायक उपकरण वितरण समारोह में सम्मिलित होंगे। समारोह में 509 दिव्यांगजन को समाज के मुख्य धारा से जोड़ने के लिए विभिन्न प्रकार के 664 सहायक उपकरणों का वितरण किया जाएगा।

    उपकरण वितरण का यह समारोह सिविल लाइंस स्थित गोरखपुर क्लब में दोपहर बाद होगा। इसमें दिव्यांगजन को उनकी दिव्यांगता के अनुकूल करीब सवा करोड़ रुपये के उपकरण वितरित किए जाएंगे। समारोह में 127 दिव्यांगजन को मोटराइज्ड ट्राईसाइकिल, 25 को ई-ट्राईसाइकिल, 70 को ट्राईसाइकिल, 155 दिव्यांगजन को 319 स्मार्ट केन एवं ब्रेल किट, 90 को हियरिंग एड, 5 को स्मार्टफोन, 1 को ब्रेल लिपि की गीता, 1 को ब्रेल लिपि की रामायण, 10 को कृत्रिम अंग, 20 को वयोश्री योजना का लाभ, और 5 को पाठ्य पुस्तकों का वितरण किया जाएगा।

  • 7500 आबादी पर बनेंगी नई पंचायतें, बिहार पंचायत चुनाव अब 2027 में संभव

    7500 आबादी पर बनेंगी नई पंचायतें, बिहार पंचायत चुनाव अब 2027 में संभव

     पटना
     बिहार(Bihar News) में होने वाले त्रिस्तरीय पंचायत चुनावों(Bihar Panchayat Chunav) के समय पर आयोजन पर फिलहाल रोक लग गई है। राज्य सरकार द्वारा पंचायतों और वार्डों की सीमाओं के पुनर्गठन (परिसीमन) और नए प्रशासनिक नियमों के लागू होने के कारण चुनाव प्रक्रिया में देरी हो रही है।

    इस चुनावी प्रक्रिया के पिछड़ने की मुख्य वजह राज्य में व्यापक स्तर पर चल रहा परिसीमन का काम है। सरकार की योजना के अनुसार, लगभग 7,500 की जनसंख्या के आधार पर एक नई पंचायत का गठन किया जा रहा है। इस बड़े बदलाव से राज्य भर की पंचायतों और उनके वार्डों के ढांचे में महत्वपूर्ण फेरबदल होना तय माना जा रहा है।

    पंचायत चुनाव नए आरक्षण रोस्टर पर
    परिसीमन के अलावा, चुनाव से जुड़े प्रशासनिक और कानूनी मापदंडों को पूरा करने में भी समय लग रहा है। इस बार पंचायत चुनाव नए आरक्षण रोस्टर और तीसरे चक्र के पदवार आरक्षण नियमों के तहत आयोजित किए जाने हैं। इसके तहत जिन सीटों पर लगातार दो बार से आरक्षण लागू था, वहां के समीकरण अब बदल जाएंगे।

    इसके साथ ही, पिछड़े वर्ग के आरक्षण को पारदर्शी बनाने के लिए गठित डेडिकेटेड कमीशन (समर्पित आयोग) की रिपोर्ट और आवश्यक सरकारी मंजूरियां हासिल करने में प्रशासनिक समय लग रहा है।

    अगले साल होगा पंचायत चुनाव
    इन सभी तकनीकी औपचारिकताओं, आपत्ति-निवारण और नए रोस्टर की मंजूरी के कारण चुनावी शेड्यूल आगे खिसक गया है। अधिकारियों के मुताबिक, सभी प्रक्रियाओं को पूरा करके चुनाव कराना अब अगले साल (2027) तक संभव हो पाएगा।

    इस फैसले से चुनाव लड़ने की तैयारी कर रहे भावी प्रत्याशियों का इंतजार बढ़ गया है, जबकि जमीनी स्तर पर प्रशासनिक निरंतरता बनाए रखने की तैयारियां चल रही हैं।

  • यूपीआईटीएस-2026 में सिंगारी इंडस्ट्रीज ने 15 देशों के साथ किए 201 करोड़ रुपये से अधिक के एमओयू

    यूपीआईटीएस-2026 में सिंगारी इंडस्ट्रीज ने 15 देशों के साथ किए 201 करोड़ रुपये से अधिक के एमओयू

    ग्रेटर नोएडा

     उत्तर प्रदेश इंटरनेशनल ट्रेड शो-2026 प्रदेश में निर्मित उत्पादों को वैश्विक बाजार से जोड़ने और स्थानीय उद्यमों के लिए अंतरराष्ट्रीय कारोबारी अवसर सृजित करने का प्रभावी मंच साबित हुआ। यूपीआईटीएस-2026 में पहली बार शामिल हुई नोएडा स्थित सिंगारी इंडस्ट्रीज ने पांच दिवसीय आयोजन के दौरान 15 देशों के प्रतिनिधियों के साथ 201 करोड़ रुपये से अधिक मूल्य के एमओयू किए। कंपनी ने इस दौरान 50 से अधिक बी2बी बैठकें कर अपने उत्पादों और विनिर्माण क्षमता को अंतरराष्ट्रीय खरीदारों के समक्ष प्रस्तुत किया।

    हॉल नंबर-14, स्टॉल 01/61 पर सिंगारी इंडस्ट्रीज ने अपने यहां निर्मित एयर कूलर और वॉशिंग मशीनों का प्रदर्शन किया। कंपनी का विनिर्माण संयंत्र नोएडा के सेक्टर-80 में स्थापित है। पहली बार यूपीआईटीएस में भाग लेने वाली कंपनी के लिए यह आयोजन घरेलू बाजार के साथ-साथ वैश्विक बाजार में अपनी उपस्थिति मजबूत करने और नए कारोबारी साझेदारों से सीधे संवाद का महत्वपूर्ण अवसर बना।

    15 देशों के प्रतिनिधियों से कारोबारी संवाद

    सिंगारी इंडस्ट्रीज के मुख्य कार्यकारी अधिकारी देवेंद्र सिंह ने बताया कि ट्रेड शो के दौरान विभिन्न देशों से आए संभावित खरीदारों और कारोबारी प्रतिनिधियों के साथ विस्तृत चर्चा की। इनमें नाइजीरिया, इथियोपिया, बोत्सवाना, श्रीलंका, दुबई, केन्या, तंजानिया, ओमान, ब्रिटेन, भूटान, कैमरून और युगांडा सहित विभिन्न देशों के प्रतिनिधि शामिल रहे। इन बैठकों में एयर कूलर और वॉशिंग मशीनों की गुणवत्ता, डिजाइन, कीमत, उत्पादन क्षमता, आपूर्ति व्यवस्था और अंतरराष्ट्रीय बाजार की आवश्यकताओं जैसे विषयों पर बातचीत हुई। पांच दिनों में हुई 50 से अधिक बी2बी बैठकों के परिणामस्वरूप कंपनी को विभिन्न देशों में अपने उत्पादों के लिए कारोबारी संभावनाएं तलाशने का अवसर मिला।

    ‘मेड इन यूपी’ उत्पादों की वैश्विक बाजार में दस्तक

    प्रबंध निदेशक डॉ. योगेंद्र सिंह ने बताया कि सिंगारी इंडस्ट्रीज के उत्पादों का यूपीआईटीएस में प्रदर्शन इस दृष्टि से भी महत्वपूर्ण रहा कि नोएडा में निर्मित उत्पादों को अंतरराष्ट्रीय खरीदारों के सामने सीधे प्रस्तुत किया गया। कंपनी ने अपने ‘मेड इन इंडिया’ और ‘मेड इन यूपी’ उत्पादों की गुणवत्ता, आधुनिक डिजाइन और प्रतिस्पर्धी मूल्य को प्रदर्शित किया। कंपनी के प्रतिनिधियों के अनुसार, विदेशी खरीदारों ने उत्पादों में विशेष रुचि दिखाई और कई देशों के प्रतिनिधियों के साथ कारोबारी बातचीत को आगे बढ़ाने पर सहमति बनी। अंतरराष्ट्रीय प्रतिनिधियों के साथ हुए संवाद ने कंपनी को विभिन्न देशों की बाजार आवश्यकताओं को समझने और उसी अनुरूप अपने उत्पादों तथा आपूर्ति रणनीति को विकसित करने का अवसर भी दिया।

    ‘मेड इन यूपी’ उत्पादों को अंतरराष्ट्रीय बाजार में स्थापित करने का अवसर
    सिंगारी इंडस्ट्रीज के प्रतिनिधियों ने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा उपलब्ध कराया गया यूपीआईटीएस जैसा मंच प्रदेश के उद्यमियों को वैश्विक बाजार से सीधे जोड़ने की दिशा में महत्वपूर्ण अवसर प्रदान कर रहा है। पहली बार यूपीआईटीएस में भाग लेने वाली कंपनी को पांच दिनों में 15 देशों के प्रतिनिधियों के साथ संवाद और 201 करोड़ रुपये से अधिक के एमओयू का अवसर मिला। प्रतिनिधियों के अनुसार, इस प्रकार के आयोजन ‘मेड इन यूपी’ उत्पादों को अंतरराष्ट्रीय बाजार में स्थापित करने तथा प्रदेश के विनिर्माण क्षेत्र को वैश्विक व्यापार से जोड़ने में सहायक हैं।

    उत्तर प्रदेश के औद्योगिक इकोसिस्टम को मिला नया आयाम

    नोएडा स्थित सिंगारी इंडस्ट्रीज की यूपीआईटीएस में भागीदारी प्रदेश के औद्योगिक विकास और निर्यात क्षमता के विस्तार की दिशा में भी महत्वपूर्ण संकेत देती है। नोएडा-ग्रेटर नोएडा क्षेत्र पहले से ही इलेक्ट्रॉनिक्स, विनिर्माण और उपभोक्ता उत्पादों के लिए प्रमुख औद्योगिक केंद्र के रूप में विकसित हो रहा है। ऐसे में स्थानीय स्तर पर निर्मित एयर कूलर और वॉशिंग मशीनों को अंतरराष्ट्रीय खरीदारों के समक्ष प्रस्तुत किए जाने से प्रदेश के विनिर्माण क्षेत्र को नए बाजारों से जोड़ने की संभावनाएं बढ़ी हैं। इस दौरान कंपनी के निदेशक गजेंद्र सिंह तथा निदेशक-वित्त नीरज गर्ग भी उपस्थित रहे।

  • 38 वोटरों ने डाले वोट, अब सुप्रीम कोर्ट तय करेगा RCA चुनाव का नतीजा

    38 वोटरों ने डाले वोट, अब सुप्रीम कोर्ट तय करेगा RCA चुनाव का नतीजा

    जयपुर
    राजस्थान क्रिकेट एसोसिएशन (RCA) के बहुचर्चित चुनावों के दौरान एक बेहद नाटकीय और सनसनीखेज मोड़ सामने आया है। जयपुर स्थित आरसीए एकेडमी में जब एक तरफ मंगलवार को कड़े मुकाबले और सरगर्मी के बीच मतदान की प्रक्रिया चल रही थी, ठीक उसी समय देश की सर्वोच्च अदालत यानी सुप्रीम कोर्ट से एक बड़ा आदेश जारी हो गया। सुप्रीम कोर्ट ने आरसीए चुनाव के परिणामों की घोषणा पर रोक लगा दी है। अदालत के इस नए निर्देश के बाद अब चुनाव प्रक्रिया के तहत डाले गए वोट और नतीजे सीधे तौर पर सीलबंद लिफाफे में बंद कर दिए जाएंगे, और कोर्ट के आगामी आदेश के बाद ही परिणामों से पर्दा उठेगा।

    वोटिंग के ऐन वक्त पर आया सुप्रीम कोर्ट का निर्देश
    मंगलवार सुबह निर्धारित समय के अनुसार 11:30 बजे से आरसीए के 6 प्रमुख पदों और 11 प्रत्याशियों के भाग्य का फैसला करने के लिए 38 मतदाता अपने मताधिकार का प्रयोग कर रहे थे। एक तरफ जहां बृजकिशोर उपाध्याय पैनल और धनंजय सिंह गुट के बीच कड़ा मुकाबला चल रहा था, वहीं दूसरी तरफ अदालती हलकों से आए इस निर्देश ने पूरी चुनावी तस्वीर को अचानक बदलकर रख दिया है। मतदान तो तय कार्यक्रम के अनुसार जारी है, लेकिन सर्वोच्च न्यायालय के सख्त रुख के चलते अब परिणामों के ऐलान पर ब्रेक लग गया है।

    लिफाफे में बंद होंगे नतीजे, अदालत करेगी तय
    सुप्रीम कोर्ट के इस ताजा आदेश के बाद चुनाव संपन्न होने के बाद भी विजयी उम्मीदवारों के नामों की आधिकारिक घोषणा नहीं की जाएगी। मतपेटियों में बंद हुए वोटों के नतीजे अब सीलबंद लिफाफे में सुरक्षित रख दिए जाएंगे। अदालत के अगले निर्देश और कानूनी स्थिति स्पष्ट होने के बाद ही यह तय हो पाएगा कि आरसीए की नई कार्यकारिणी की कमान आधिकारिक रूप से किसके हाथों में सौंपी जाएगी। इस हाई-प्रोफाइल मामले में अचानक आए इस कानूनी मोड़ ने खेल और राजनीतिक गलियारों में हलचल को और अधिक तेज कर दिया है।

    जानिए क्या है विवाद की वजह ?
    इस पूरे विवाद के केंद्र में मुख्य रूप से तीन नए जिलों—बालोतरा, खैरथल-तिजारा और डीडवाना-कुचामन—को मतदाता सूची में शामिल करने और उन्हें वोटिंग राइट्स दिए जाने का गंभीर मुद्दा है, जिसके खिलाफ कानूनी लड़ाई लड़ी जा रही है।

    तीन नए जिलों की वोटर लिस्ट और वोटिंग राइट्स का पेंच
    इस पूरे विवाद की मुख्य वजह आरसीए की अंतिम मतदाता सूची में कुछ नए जिलों का नाम जुड़ना और उन्हें मतदान का अधिकार दिया जाना है। सवाई माधोपुर जिला क्रिकेट संघ के अध्यक्ष और आरसीए एडहॉक कमेटी के पूर्व कन्वीनर डीडी कुमावत (D.D. Kumawat) की तरफ से इस मामले में याचिका दायर की गई थी। याचिका में आपत्ति जताई गई थी कि जिन जिलों को लेकर प्रक्रिया विवादित है, उन्हें मताधिकार देना नियमों के विपरीत है।

    आरसीए की आधिकारिक वेबसाइट पर 22 सितंबर को अंतिम वोटर लिस्ट जारी किए जाने की जानकारी सामने आई थी, जिसके बाद से ही अंदरूनी विरोध के सुर उठने लगे थे। मामले की गंभीरता को देखते हुए अदालत ने सुनवाई के दौरान राजस्थान सरकार के अतिरिक्त महाधिवक्ता (AAG) को भी इस मामले में हस्तक्षेप करने और पक्ष रखने के निर्देश दिए हैं।

    पहले से लंबित हैं लोकपाल और प्रशासक के मामले
    आरसीए से जुड़े मामलों में यह पहली बार नहीं है जब कानूनी दांवपेंच सामने आए हों। इससे पहले भी आरसीए में लोकपाल की नियुक्ति, प्रशासक के अधिकार क्षेत्र और अन्य संगठनात्मक बदलावों से जुड़े कई मामले विभिन्न अदालतों में लंबित चल रहे हैं। खेल संस्था के भीतर चल रही इन प्रशासनिक और कानूनी खींचतान के बीच नए जिलों के वोटिंग राइट्स का मुद्दा सबसे बड़ा अड़चन बनकर उभरा।

    कौन बनेगा नया अध्यक्ष, सस्पेंस बढ़ा
    राजस्थान क्रिकेट एसोसिएशन (आरसीए) की सियासी पिच पर सुलह-समझौते की तमाम कोशिशें सोमवार को नाकाम हो गईं। सत्ता-संगठन के करीब माने जा रहे बृजकिशोर उपाध्याय पैनल के सामने मंत्री, सांसद और विधायक पुत्रों ने मोर्चा खोल दिया है। चिकित्सा मंत्री गजेंद्र सिंह खींवसर के पुत्र धनंजय खींवसर और उनके पैनल में शामिल राज्यसभा सांसद घनश्याम तिवाड़ी के पुत्र आशीष तिवाड़ी और भाजपा विधायक जसवंत यादव के पुत्र मोहित यादव ने चुनाव मैदान में डटे रहकर सत्ता-संगठन को सीधी चुनौती दी है। इससे राजनीतिक गलियारों में चर्चाओं का बाजार गर्म है और इसके कई मायने निकाले जा रहे हैं

    वहीं, दूसरी ओर भाजपा के वरिष्ठ नेता राजेंद्र राठौड़ के पुत्र पराक्रम सिंह और उनके पैनल के नाम वापस लेकर सत्ता समर्थित पैनल को समर्थन दिए जाने को लेकर राठौड़ की छवि को पार्टी में और मजबूती मिली है। वहीं शिक्षा मंत्री मदन दिलावर के पुत्र पवन दिलावर ने भी नामांकन वापिस ले लिया। हालांकि, पराक्रम गुट से कार्यकारी सदस्य पद के लिए नामांकन करने वाले धर्मवीर सिंह शेखावत मैदान में बने हुए है और अब उनके धनंजय गुट के साथ जाने की चर्चा है।

    6 पद… 11 प्रत्याशी… 38 मतदाता

    बृजकिशोर पैनल-

    अध्यक्ष: बृजकिशोर उपाध्याय

    कोषाध्यक्ष: विष्णू अग्रवाल

    संयुक्त सचिव: राजेश सारस्वत

    कार्यकारी सदस्य: अरिष्ट सिंघव
    धनंजय पैनल-

    अध्यक्ष: धनंजय सिंह

    सचिव व उपाध्यक्ष: मोहित यादव

    कोषाध्यक्ष: आशीष तिवाड़ी

    संयुक्त सचिव: विनोद सहारन

    कार्यकारी सदस्य: धर्मवीर सिंह शेखावत

     

  • यूपी पुलिस के स्टॉल ने लगातार तीसरी बार जीता बेस्ट डिस्प्ले अवार्ड

    यूपी पुलिस के स्टॉल ने लगातार तीसरी बार जीता बेस्ट डिस्प्ले अवार्ड

    ग्रेटर नोएडा

    यूपी इंटरनेशनल ट्रेड शो-26 में उत्तर प्रदेश पुलिस के स्टॉल ने तीसरे वर्ष भी ‘बेस्ट डिस्प्ले अवार्ड’ हासिल किया। ट्रेड शो के हॉल नंबर-4 में लगाए गए यूपी पुलिस के स्टॉल पर पूरे आयोजन के दौरान लाखों की संख्या में विजिटर्स पहुंचे थे। स्टॉल पर योगी सरकार की यूपी पुलिस की आधुनिक कार्यप्रणाली, जनसुरक्षा के लिए इस्तेमाल की जा रही तकनीक और विभिन्न पुलिस सेवाओं की जानकारी दी गई। यह अवार्ड सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम राज्य मंत्री हंसराज विश्वकर्मा ने प्रदान किया, जिसे पुलिस अधीक्षक साइबर क्राइम, मुख्यालय उत्तर प्रदेश राजेश कुमार यादव तथा प्रभारी मीडिया सेल, यूपी 112 करुणा शंकर सिंह ने ग्रहण किया।

    वर्ष 2024 और 2025 में भी मिला था सम्मान

    यूपी पुलिस के स्टॉल को यह सम्मान लगातार तीसरी बार मिला है। इससे पहले वर्ष 2024 और 2025 में भी ट्रेड शो में यूपी पुलिस के स्टॉल को बेस्ट डिस्प्ले अवार्ड से सम्मानित किया गया था। इस वर्ष भी स्टॉल पर बड़ी संख्या में लोगों की मौजूदगी रही और पुलिस की तकनीक एवं सेवाओं को लेकर दर्शकों ने रुचि दिखाई। पुलिस के स्टॉल पर साइबर अपराध से बचाव, यूपी 112 की सेवाओं, आधुनिक पुलिसिंग और जनसुरक्षा में तकनीक के इस्तेमाल को प्रमुखता से प्रदर्शित किया गया। यूपी इंटरनेशनल ट्रेड शो-26 में यूपी पुलिस के स्टॉल को मिला लगातार तीसरा बेस्ट डिस्प्ले अवार्ड पुलिस की आधुनिक कार्यप्रणाली और तकनीक आधारित सेवाओं की प्रदर्शनी का प्रमुख आकर्षण रहा। स्टॉल के माध्यम से आम लोगों को पुलिस की सेवाओं और सुरक्षा व्यवस्था में तकनीक की बढ़ती भूमिका से परिचित कराया गया। इसके साथ ही उत्तर प्रदेश पुलिस के गौरवशाली इतिहास और बदलती पुलिस व्यवस्था की भी जानकारी दी गई। स्टॉल पर युवाओं और बच्चों ने भी पुलिस की तकनीक और सेवाओं को करीब से जाना।

  • पांच दिवसीय आयोजन में 50 से अधिक बी2बी बैठकें, पहली बार यूपीआईटीएस में शामिल हुई नोएडा की कंपनी

    पांच दिवसीय आयोजन में 50 से अधिक बी2बी बैठकें, पहली बार यूपीआईटीएस में शामिल हुई नोएडा की कंपनी

    ग्रेटर नोएडा

    उत्तर प्रदेश इंटरनेशनल ट्रेड शो-2026 प्रदेश में निर्मित उत्पादों को वैश्विक बाजार से जोड़ने और स्थानीय उद्यमों के लिए अंतरराष्ट्रीय कारोबारी अवसर सृजित करने का प्रभावी मंच साबित हुआ। यूपीआईटीएस-2026 में पहली बार शामिल हुई नोएडा स्थित सिंगारी इंडस्ट्रीज ने पांच दिवसीय आयोजन के दौरान 15 देशों के प्रतिनिधियों के साथ 201 करोड़ रुपये से अधिक मूल्य के एमओयू किए। कंपनी ने इस दौरान 50 से अधिक बी2बी बैठकें कर अपने उत्पादों और विनिर्माण क्षमता को अंतरराष्ट्रीय खरीदारों के समक्ष प्रस्तुत किया।

    हॉल नंबर-14, स्टॉल 01/61 पर सिंगारी इंडस्ट्रीज ने अपने यहां निर्मित एयर कूलर और वॉशिंग मशीनों का प्रदर्शन किया। कंपनी का विनिर्माण संयंत्र नोएडा के सेक्टर-80 में स्थापित है। पहली बार यूपीआईटीएस में भाग लेने वाली कंपनी के लिए यह आयोजन घरेलू बाजार के साथ-साथ वैश्विक बाजार में अपनी उपस्थिति मजबूत करने और नए कारोबारी साझेदारों से सीधे संवाद का महत्वपूर्ण अवसर बना।

    15 देशों के प्रतिनिधियों से कारोबारी संवाद

    सिंगारी इंडस्ट्रीज के मुख्य कार्यकारी अधिकारी देवेंद्र सिंह ने बताया कि ट्रेड शो के दौरान विभिन्न देशों से आए संभावित खरीदारों और कारोबारी प्रतिनिधियों के साथ विस्तृत चर्चा की। इनमें नाइजीरिया, इथियोपिया, बोत्सवाना, श्रीलंका, दुबई, केन्या, तंजानिया, ओमान, ब्रिटेन, भूटान, कैमरून और युगांडा सहित विभिन्न देशों के प्रतिनिधि शामिल रहे। इन बैठकों में एयर कूलर और वॉशिंग मशीनों की गुणवत्ता, डिजाइन, कीमत, उत्पादन क्षमता, आपूर्ति व्यवस्था और अंतरराष्ट्रीय बाजार की आवश्यकताओं जैसे विषयों पर बातचीत हुई। पांच दिनों में हुई 50 से अधिक बी2बी बैठकों के परिणामस्वरूप कंपनी को विभिन्न देशों में अपने उत्पादों के लिए कारोबारी संभावनाएं तलाशने का अवसर मिला।

    ‘मेड इन यूपी’ उत्पादों की वैश्विक बाजार में दस्तक

    प्रबंध निदेशक डॉ. योगेंद्र सिंह ने बताया कि सिंगारी इंडस्ट्रीज के उत्पादों का यूपीआईटीएस में प्रदर्शन इस दृष्टि से भी महत्वपूर्ण रहा कि नोएडा में निर्मित उत्पादों को अंतरराष्ट्रीय खरीदारों के सामने सीधे प्रस्तुत किया गया। कंपनी ने अपने ‘मेड इन इंडिया’ और ‘मेड इन यूपी’ उत्पादों की गुणवत्ता, आधुनिक डिजाइन और प्रतिस्पर्धी मूल्य को प्रदर्शित किया। कंपनी के प्रतिनिधियों के अनुसार, विदेशी खरीदारों ने उत्पादों में विशेष रुचि दिखाई और कई देशों के प्रतिनिधियों के साथ कारोबारी बातचीत को आगे बढ़ाने पर सहमति बनी। अंतरराष्ट्रीय प्रतिनिधियों के साथ हुए संवाद ने कंपनी को विभिन्न देशों की बाजार आवश्यकताओं को समझने और उसी अनुरूप अपने उत्पादों तथा आपूर्ति रणनीति को विकसित करने का अवसर भी दिया।

    ‘मेड इन यूपी’ उत्पादों को अंतरराष्ट्रीय बाजार में स्थापित करने का अवसर

    सिंगारी इंडस्ट्रीज के प्रतिनिधियों ने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा उपलब्ध कराया गया यूपीआईटीएस जैसा मंच प्रदेश के उद्यमियों को वैश्विक बाजार से सीधे जोड़ने की दिशा में महत्वपूर्ण अवसर प्रदान कर रहा है। पहली बार यूपीआईटीएस में भाग लेने वाली कंपनी को पांच दिनों में 15 देशों के प्रतिनिधियों के साथ संवाद और 201 करोड़ रुपये से अधिक के एमओयू का अवसर मिला। प्रतिनिधियों के अनुसार, इस प्रकार के आयोजन ‘मेड इन यूपी’ उत्पादों को अंतरराष्ट्रीय बाजार में स्थापित करने तथा प्रदेश के विनिर्माण क्षेत्र को वैश्विक व्यापार से जोड़ने में सहायक हैं।

    उत्तर प्रदेश के औद्योगिक इकोसिस्टम को मिला नया आयाम

    नोएडा स्थित सिंगारी इंडस्ट्रीज की यूपीआईटीएस में भागीदारी प्रदेश के औद्योगिक विकास और निर्यात क्षमता के विस्तार की दिशा में भी महत्वपूर्ण संकेत देती है। नोएडा-ग्रेटर नोएडा क्षेत्र पहले से ही इलेक्ट्रॉनिक्स, विनिर्माण और उपभोक्ता उत्पादों के लिए प्रमुख औद्योगिक केंद्र के रूप में विकसित हो रहा है। ऐसे में स्थानीय स्तर पर निर्मित एयर कूलर और वॉशिंग मशीनों को अंतरराष्ट्रीय खरीदारों के समक्ष प्रस्तुत किए जाने से प्रदेश के विनिर्माण क्षेत्र को नए बाजारों से जोड़ने की संभावनाएं बढ़ी हैं। इस दौरान कंपनी के निदेशक गजेंद्र सिंह तथा निदेशक-वित्त नीरज गर्ग भी उपस्थित रहे।

  • चंडीगढ़ में ED का बड़ा एक्शन, ₹656 करोड़ गबन केस में 14 जगह छापे

    चंडीगढ़ में ED का बड़ा एक्शन, ₹656 करोड़ गबन केस में 14 जगह छापे

    चंडीगढ़.

    ईडी चंडीगढ़ जोनल ऑफिस-II ने चंडीगढ़, मोहाली और पंचकूला में 14 जगहों पर तलाशी की। यह जांच हरियाणा सरकार, चंडीगढ़ म्युनिसिपल कॉरपोरेशन आदि के 645 करोड़ सार्वजनिक फंड के कथित गबन से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में है।

    जांच हरियाणा पुलिस के फरवरी 2026 के एफआईआर पर आधारित है, जिसमें डेवलपमेंट एंड पंचायत विभाग के आईडीएफसी फर्स्ट बैंक और एयू स्मॉल फाइनेंस बैंक खातों में गड़बड़ी पाई गई थी। तलाशी मलिक ज्वेलर्स, केएलजी ज्वेल्स, एमबी गोल्ड ट्रेडर्स, शाम ज्वेलर्स, सुंदर ज्वेलर्स और बिचौलिये गौरव कंसल सहित ज्वेलरी फर्मों पर हुई। कथित गबन की रकम ज्वेलर्स के खातों से व्यापारिक लेनदेन दिखाकर लेयर्ड की गई और आईएएस अधिकारियों तक पहुंचाई गई।

    सीबीआई ने पहले ही छह हरियाणा कैडर आईएएस समेत आरोपियों के खिलाफ तीसरा चार्जशीट दाखिल किया है। ईडी ने पहले 4 गिरफ्तार किए, 211 करोड़ की संपत्ति अटैच/जब्त की और 14 आरोपियों के खिलाफ अभियोजन शिकायत दायर की। नई तलाशियों से और सबूत मिले। जांच जारी है।

  • यूपीआईटीएस-2026 का समापन, यूपीएसडीएम को मिला ‘सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन स्टॉल’ का पुरस्कार

    यूपीआईटीएस-2026 का समापन, यूपीएसडीएम को मिला ‘सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन स्टॉल’ का पुरस्कार

    ग्रेटर नोएडा

    उत्तर प्रदेश की कला, कौशल और कारीगरी को वैश्विक मंच देने वाले उत्तर प्रदेश अंतरराष्ट्रीय व्यापार शो-2026 (यूपीआईटीएस) का मंगलवार को सफल समापन हो गया। पांच दिनों तक चले इस शो में उत्तर प्रदेश कौशल विकास मिशन (यूपीएसडीएम) का पवेलियन आकर्षण का केंद्र बना रहा और अंतिम दिन उसे बड़ी उपलब्धि हासिल हुई। यूपीएसडीएम को हॉल नंबर-7 में ‘सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन स्टॉल’ के प्रतिष्ठित पुरस्कार से नवाजा गया।

    मिशन के स्टॉल की भव्यता, संवादात्मक प्रस्तुति और 16 कौशलों के जीवंत प्रदर्शन ने निर्णायकों और दर्शकों का ध्यान आकर्षित किया। मिशन की ओर से सहायक निदेशक डॉ. एम.के. सिंह ने यह पुरस्कार ग्रहण किया। इस उपलब्धि पर मिशन निदेशक पुलकित खरे ने पूरी टीम को बधाई एवं शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि यह सम्मान प्रदेश के युवाओं के हुनर और टीम की मेहनत का परिणाम है।

    व्यापार शो के अंतिम दिन भी यूपीएसडीएम पवेलियन में रौनक बरकरार रही। अंतिम दिन डॉ. मालविका हरिओम ने अपनी टीम के साथ लोक गायन की शानदार प्रस्तुति दी। जैसे ही उनकी प्रस्तुतियों का सिलसिला शुरू हुआ, पूरा पवेलियन सुरों से गूंज उठा और यह दौर देर शाम तक चलता रहा। खासतौर पर युवाओं ने लोकगीतों को खूब सराहा और उनके साथ गुनगुनाते नजर आए। इसके अलावा ‘हुनर मंच’ पर भी दिनभर शानदार प्रस्तुतियों का दौर जारी रहा। व्यापार शो में आए आगंतुकों ने हुनर मंच की प्रस्तुतियों का आनंद लिया। साथ ही यूपीएसडीएम के स्टॉल पर पहुंचकर विभिन्न कौशलों को नजदीक से जाना और समझा।

    पांच दिनों तक चले इस व्यापार शो में यूपीएसडीएम ने प्रदेश के युवाओं के कौशल, रचनात्मकता और हुनर को प्रभावी ढंग से प्रदर्शित किया। मिशन के पवेलियन में लाइव कौशल प्रदर्शन, संवादात्मक गतिविधियों और सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने आगंतुकों को आकर्षित किया। यूपीआईटीएस-2026 के माध्यम से प्रदेश के युवाओं की प्रतिभा और कौशल को वैश्विक मंच मिला।

  • यूपीआईटीएस में काशी के स्वाद का जलवा, 100 किलो से ज्यादा बिकी लौंगलता और तिरंगा बर्फी

    यूपीआईटीएस में काशी के स्वाद का जलवा, 100 किलो से ज्यादा बिकी लौंगलता और तिरंगा बर्फी

    ग्रेटर नोएडा/वाराणसी

    उत्तर प्रदेश इंटरनेशनल ट्रेड शो-2026 में इस बार यूपी के पारंपरिक स्वाद भी आकर्षण का बड़ा केंद्र बने हुए हैं। देशी-विदेशी खरीदारों, निर्यातकों और आगंतुकों ने बनारस के पारंपरिक व्यंजनों का स्वाद चखा तो उनकी खूब सराहना की। काशी की मशहूर लौंगलता और तिरंगा बर्फी की ऐसी मांग रही कि 100 किलो से अधिक लौंगलता की बिक्री हो गई। वहीं, बनारसी पान के लाइव काउंटर पर भी देशी-विदेशी कारोबारियों और पान के शौकीनों की भीड़ नजर आई। जौनपुर की प्रसिद्ध इमरती और चंदौली के काला चावल ने भी लोगों का स्वाद जीता। एक जनपद-एक व्यंजन के कारोबारियों ने ट्रेड शो में योगी सरकार की ओर से उपलब्ध कराई जा रही सुविधाओं को भी सराहा।

    काशी की लौंगलता-तिरंगा बर्फी का चला जादू, 100 किलो से ज्यादा मिठाई की बिक्री

    उत्तर प्रदेश इंटरनेशनल ट्रेड शो-2026 में वाराणसी की प्रसिद्ध लौंगलता, तिरंगा बर्फी और बनारसी पान से जुड़े कुल चार उद्यमी ट्रेड शो में पहुंचे हैं। लौंगलता के कारोबारी चंद्रबली यादव ने बताया कि लोगों ने लौंगलता के स्वाद को खूब पसंद किया और करीब एक क्विंटल लौंगलता की बिक्री हो चुकी है। उन्होंने बताया कि जिस तरह से लोगों का रुझान देखने को मिल रहा है, उससे आने वाले समय में और ऑर्डर मिलने की उम्मीद है। वहीं, तिरंगा बर्फी के कारोबारी राजीव सिंह ने बताया कि उन्हें उम्मीद नहीं थी कि ट्रेड शो में इतनी अधिक बिक्री होगी। 

    जौनपुर की इमरती भी बनी लोगों की पसंद, एक क्विंटल बिकी

    जौनपुर की प्रसिद्ध इमरती ने भी यूपीआईटीएस में अपनी अलग पहचान बनाई है। इमरती व्यवसायी आशीष गुप्ता ने बताया कि अब तक लगभग 100 किलो इमरती की बिक्री हो चुकी है। मांग इतनी अधिक रही कि इमरती कम पड़ गई। उन्होंने बताया कि ट्रेड शो में सभी व्यवस्थाएं काफी अच्छी हैं और स्थानीय प्रशासन की ओर से भी पूरा सहयोग मिला है। उन्होंने कहा कि योगी सरकार ने कारोबारियों को अपने उत्पादों को बड़े बाजार तक पहुंचाने के लिए अच्छा मंच दिया है। ट्रेड शो में नए ग्राहकों और कारोबारियों से मुलाकात हुई है, जिससे आने वाले समय में व्यापार बढ़ने की उम्मीद है।

    चंदौली के काला चावल-खीर का चढ़ा खुमार, 75 किलो काला चावल की बिक्री

    चंदौली का काला चावल और इससे तैयार की गई पौष्टिक खीर का जायका भी ट्रेड शो में लोगों को खूब भा रहा है। कारोबारी रामाश्रय कुमार पाल ने बताया कि काला चावल की खेती गो-आधारित प्राकृतिक तरीके से की जाती है, जो इसे पौष्टिक और सेहतमंद बनाती है। उन्होंने बताया कि यूपीआईटीएस में अब तक करीब 75 किलो काला चावल की बिक्री हो चुकी है। लोगों का इस खास उत्पाद के प्रति अच्छा रुझान देखने को मिला है और आगे भी ऑर्डर मिलने की संभावना है। रामाश्रय कुमार पाल ने बताया कि सरकार किसानों की हर स्तर पर मदद और सहयोग कर रही है। 

    लाइव काउंटर पर बनारसी पान का दिखा अलग अंदाज
    ट्रेड शो में बनारसी पान का लाइव काउंटर भी लोगों के आकर्षण का केंद्र बना हुआ है। देशी-विदेशी कारोबारी और आगंतुक यहां बनारसी पान का स्वाद लेते नजर आ रहे हैं। काशी के खानपान की पारंपरिक पहचान को एक ही मंच पर अलग-अलग उत्पादों के जरिए पेश किया जा रहा है, जिससे कारोबारियों को नए बाजार से जुड़ने का अवसर मिल रहा है।

    पहली बार एक जनपद-एक व्यंजन को मिला मंच

    उपायुक्त उद्योग अभिषेक प्रियदर्शी ने बताया कि इस वर्ष उत्तर प्रदेश इंटरनेशनल ट्रेड शो में पहली बार एक जनपद-एक व्यंजन के तहत विभिन्न जिलों के पारंपरिक व्यंजनों को भी प्रदर्शित किया गया है। एक जनपद-एक व्यंजन के तहत उद्यमियों को निशुल्क काउंटर उपलब्ध कराया गया है।