Category: राज्य

  • IAS अधिकारियों तक पहुंची गबन की रकम? ED ने ज्वेलरी फर्मों पर की ताबड़तोड़ रेड

    IAS अधिकारियों तक पहुंची गबन की रकम? ED ने ज्वेलरी फर्मों पर की ताबड़तोड़ रेड

    चंडीगढ़
     ईडी चंडीगढ़ जोनल ऑफिस-II ने चंडीगढ़, मोहाली और पंचकूला में 14 जगहों पर तलाशी की। यह जांच हरियाणा सरकार, चंडीगढ़ म्युनिसिपल कॉरपोरेशन आदि के 645 करोड़ सार्वजनिक फंड के कथित गबन से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में है।

    जांच हरियाणा पुलिस के फरवरी 2026 के एफआईआर पर आधारित है, जिसमें डेवलपमेंट एंड पंचायत विभाग के आईडीएफसी फर्स्ट बैंक और एयू स्मॉल फाइनेंस बैंक खातों में गड़बड़ी पाई गई थी।

    तलाशी मलिक ज्वेलर्स, केएलजी ज्वेल्स, एमबी गोल्ड ट्रेडर्स, शाम ज्वेलर्स, सुंदर ज्वेलर्स और बिचौलिये गौरव कंसल सहित ज्वेलरी फर्मों पर हुई। कथित गबन की रकम ज्वेलर्स के खातों से व्यापारिक लेनदेन दिखाकर लेयर्ड की गई और आईएएस अधिकारियों तक पहुंचाई गई।

    सीबीआई ने पहले ही छह हरियाणा कैडर आईएएस समेत आरोपियों के खिलाफ तीसरा चार्जशीट दाखिल किया है। ईडी ने पहले 4 गिरफ्तार किए, 211 करोड़ की संपत्ति अटैच/जब्त की और 14 आरोपियों के खिलाफ अभियोजन शिकायत दायर की। नई तलाशियों से और सबूत मिले। जांच जारी है।

  • 35 से अधिक बड़े खरीदारों ने दिखाई दिलचस्पी, शुरुआती दिनों में 150 से ज्यादा उपभोक्ताओं ने की खरीदारी

    35 से अधिक बड़े खरीदारों ने दिखाई दिलचस्पी, शुरुआती दिनों में 150 से ज्यादा उपभोक्ताओं ने की खरीदारी

    ग्रेटर नोएडा/अमरोहा

     ग्रेटर नोएडा के इंडिया एक्सपो सेंटर एंड मार्ट में चल रहे 'उत्तर प्रदेश इंटरनेशनल ट्रेड शो' में अमरोहा के ग्रामीण हुनर और जैविक उत्पादों का डंका बज रहा है। उत्तर प्रदेश कृषि विभाग द्वारा लगाए गए स्टाल पर प्रदर्शित प्रखंड बायो एनर्जी किसान प्रोड्यूसर कंपनी लिमिटेड (ब्रांड नाम: किसान वेदा) के उत्पादों को विदेशी और घरेलू खरीदारों ने हाथों-हाथ लिया। कभी गांव की चौखट से शुरू हुआ यह सफर अब ट्रेड शो के मंच पर अंतरराष्ट्रीय बाजार तक पहुंच गया है। इटली, ओमान और नीदरलैंड की कंपनियों ने बड़े निर्यात सौदों के लिए एमओयू किए हैं। 

    विदेशी खरीदारों को भाया नीम-मोरिंगा शहद, इटली ने ₹2,000 प्रति किलो के भाव में मांगी कुकीज

    ट्रेड शो में पहुंचे विदेशी खरीदारों के बीच हितेश चौधरी के एफपीओ द्वारा तैयार किए गए प्राकृतिक शहद और मिलेट्स कुकीज की सबसे अधिक मांग रही। ओमान, जापान और नीदरलैंड के प्रतिनिधिमंडलों ने शहद के आयात के लिए आधिकारिक एमओयू किया है। नीदरलैंड के खरीदारों ने टन के हिसाब से बल्क सप्लाई की मांग रखी है, जबकि शुरुआत में 1,000 से 1,500 बोतलों के पहले बैच पर सहमति बनी है। वहीं, इटली के खरीदारों ने ज्वार और रागी से बनी कुकीज के लिए अनुबंध किया है, जिसके लिए ₹1,600 से ₹2,000 प्रति किलो के भाव पर समझौता हुआ है। एफपीओ के सभी उत्पाद एपीडा और पीजीएस द्वारा अंतरराष्ट्रीय मानकों पर प्रमाणित हैं।

    घरेलू कंपनियों और स्थानीय खरीदारों में भी उत्साह, बी2बी स्तर पर मिले अग्रिम ऑर्डर

    ट्रेड शो के बी2बी (बिजनेस-टू-बिजनेस) और बी2सी सत्रों में स्थानीय कारोबारियों ने भी खासा उत्साह दिखाया है। बागपत के प्रमुख एफपीओ और 'डॉक्टर मोरिंगा' सहित करीब 10 से 15 घरेलू कंपनियों और एफपीओ ने उत्पादों की आपूर्ति के लिए बातचीत पूरी कर ली है। इसके अलावा, नोएडा और दिल्ली-एनसीआर से पहुंचे परिवारों ने बड़ी संख्या में स्टॉल पर आकर खरीदारी की। 

    कमल ककड़ी का अचार और लेमनग्रास उत्पाद बने आकर्षण का केंद्र

    प्रदर्शनी में आने वाले खरीदारों के लिए एफपीओ के नवाचारी उत्पाद भी आकर्षण का केंद्र बने हुए हैं। सब्जी के रूप में खाई जाने वाली कमल ककड़ी का अचार, करौंदे, आंवले और लहसुन के पारंपरिक अचार को खरीदारों ने खूब पसंद किया। वहीं, दूध से 10 गुना अधिक कैल्शियम वाले मोरिंगा पाउडर, नीम शहद, मिलेट्स नमकीन, मल्टीग्रेन आटा तथा लेमनग्रास से तैयार टी, ऑयल, हैंड सैनिटाइजर और फिनाइल की भी जमकर बिक्री हुई। पूरी तरह हैंडमेड और केमिकल-मुक्त होने के कारण स्वास्थ्य के प्रति जागरूक शहरी उपभोक्ताओं ने इन उत्पादों को प्राथमिकता दी।

    120 हेक्टेयर में ताइवान पिंक अमरूद और मल्टी क्रॉपिंग का मॉडल

    ट्रेड शो में पहुंचीं हितेश चौधरी ने बताया कि इन उत्पादों के पीछे 3,000 किसानों और 1,000 ग्रामीण महिलाओं की कड़ी मेहनत जुड़ी है। पश्चिमी उत्तर प्रदेश के गन्ना बेल्ट में बदलाव लाते हुए उन्होंने कोलकाता से टिश्यू कल्चर पौधे लाकर 120 हेक्टेयर में 'एडवांस ताइवान पिंक अमरूद' की खेती कराई। किसानों की आमदनी सुनिश्चित करने के लिए गन्ने के साथ अमरूद, मोरिंगा, गेहूं और मिलेट्स (रागी, ज्वार) की मल्टी क्रॉपिंग कराई जाती है। बाजार में बिचौलियों से बचाने के लिए एफपीओ खुद खरीदार बनता है। जैसे रागी का बाजार भाव यदि ₹60 प्रति किलो है, तो एफपीओ किसानों से ₹63 प्रति किलो की दर से खरीद करता है।

    शुरुआती दौर में पशुओं को खिलाना पड़ा तैयार माल, अब सालाना ₹50 लाख का कारोबार

    ट्रेड शो में मिली यह कामयाबी संघर्षों से निकलकर हासिल हुई है। एफपीओ शुरू करने से पहले हितेश एक इंटर कॉलेज में शिक्षिका थीं और बच्चों को योग सिखाती थीं। वर्ष 2020 में उन्होंने एनआरएलएम के तहत महिला स्वयं सहायता समूह बनाया और गन्ने की सिंगल बड चिप नर्सरी तथा गाय के गोबर के दीपक बनाने शुरू किए। 17 अप्रैल 2021 को उन्होंने निजी एफपीओ की स्थापना की। आज उनके एफपीओ का वार्षिक टर्नओवर ₹50 लाख पहुंच चुका है, जिसमें उनकी व्यक्तिगत आय ₹10 से 11 लाख है। इस वित्तीय वर्ष में ₹1 करोड़ का टर्नओवर पार करने का लक्ष्य रखा गया है।

    सरकारी मंचों से मिला संबल, अब मोरिंगा बर्फी और हल्दी अचार की तैयारी

    कृषि विभाग, नमामि गंगे और परंपरागत कृषि विकास योजना के तहत बने क्लस्टरों के माध्यम से हितेश किसानों और सखियों को प्राकृतिक खेती का प्रशिक्षण देती रही हैं। ट्रेड शो में मिली वैश्विक पहचान के बाद अब वह मोरिंगा के लड्डू, मोरिंगा की बर्फी और कस्तूरी, काली व सुगंधा हल्दी के साथ हल्दी का विशेष अचार लॉन्च करने जा रही हैं। राष्ट्रीय स्तर पर सम्मानित और प्रधानमंत्री व मुख्यमंत्री द्वारा सराही जा चुकीं हितेश चौधरी का यह सफर ट्रेड शो के माध्यम से अब वैश्विक बाजार तक पहुंच रहा है।

    वर्जन

    “यह सब सरकार के सहयोग की ही देन है कि आज हम जैसे साधारण लोग इस अंतरराष्ट्रीय मुकाम पर पहुंचे हैं। यूपी इंटरनेशनल ट्रेड शो हमारे एफपीओ के लिए टर्निंग पॉइंट साबित हुआ है। यहां कृषि विभाग के माध्यम से हमें स्टॉल मिला, जिसने सीधे विदेशी खरीदारों तक हमारी पहुंच बना दी। हैं।”

    — हितेश चौधरी, संस्थापक, प्रखंड बायो एनर्जी एफपीओ (किसान वेदा)

  • साढ़े पांच लाख आगंतुकों ने देखा पर्यटन पवेलियन, करीब 10 हजार यात्रा मार्गदर्शिकाओं और यात्रा कार्यक्रमों की रही मांग

    साढ़े पांच लाख आगंतुकों ने देखा पर्यटन पवेलियन, करीब 10 हजार यात्रा मार्गदर्शिकाओं और यात्रा कार्यक्रमों की रही मांग

    लखनऊ/ग्रेटर नोएडा
    उत्तर प्रदेश की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत, आध्यात्मिक परंपराओं, ऐतिहासिक धरोहरों, प्राकृतिक संपदा और विविध पर्यटन अनुभवों ने यूपीआईटीएस-2026 में देश-दुनिया का ध्यान आकर्षित किया। ग्रेटर नोएडा स्थित इंडिया एक्सपो सेंटर एंड मार्ट में आयोजित इस आयोजन में उत्तर प्रदेश पर्यटन विभाग का पवेलियन आगंतुकों के लिए महज पर्यटन स्थलों की जानकारी का केंद्र नहीं रहा, बल्कि यात्रा की संभावनाओं, निवेश के अवसरों और पर्यटन क्षेत्र में सहयोग के नए द्वार खोलने वाला प्रभावी मंच बनकर उभरा।

    यूपीआईटीएस-2026 के दौरान करीब साढ़े पांच लाख आगंतुकों ने उत्तर प्रदेश पर्यटन के पवेलियन का भ्रमण किया। इस दौरान लगभग 10 हजार मुद्रित यात्रा मार्गदर्शिकाओं और यात्रा कार्यक्रमों की मांग रही। करीब 100 आगंतुकों एवं उद्योग प्रतिनिधियों ने निवेश और सहयोग से जुड़ी संभावनाओं में रुचि दिखाई, जबकि विभागीय अधिकारियों ने लगभग 20 टूर ऑपरेटरों के साथ उत्तर प्रदेश के पर्यटन स्थलों और विविध पर्यटन उत्पादों को देश-दुनिया के पर्यटकों तक पहुंचाने को लेकर विस्तृत चर्चा की।

    प्रमुख गंतव्यों के साथ नए पर्यटन अनुभवों पर जोर
    पवेलियन में अयोध्या, प्रयागराज और वाराणसी जैसे देश-विदेश में प्रसिद्ध आध्यात्मिक एवं धार्मिक गंतव्यों के साथ-साथ नीब करौरी बाबा यात्रा मार्ग, कन्नौज की सदियों पुरानी इत्र विरासत, वन्यजीव एवं ईको-टूरिज्म को विशेष रूप से प्रदर्शित किया गया। इस प्रस्तुति के माध्यम से उत्तर प्रदेश की पर्यटन क्षमता को केवल चुनिंदा प्रसिद्ध स्थलों तक सीमित न रखते हुए बहुआयामी और अनुभव आधारित पर्यटन के रूप में सामने रखा गया।

    पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह ने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश अपनी पर्यटन विविधता को अनुभव आधारित यात्रा मार्गों के माध्यम से देश-दुनिया के सामने प्रस्तुत कर रहा है। यूपीआईटीएस में मिले रिस्पॉन्स से स्पष्ट है कि पर्यटक राज्य के प्रमुख गंतव्यों के साथ-साथ अन्य जिलों और नए पर्यटन अनुभवों को जानने तथा देखने में भी रुचि ले रहे हैं। विभाग का प्रयास है कि इस रुचि को प्रदेश के अधिक से अधिक जिलों तक पहुंचाया जाए, स्थानीय उद्यमिता को प्रोत्साहन मिले और पर्यटन के माध्यम से व्यापक आर्थिक अवसरों का सृजन हो।

    डिजिटल माध्यम से यात्रा योजना को मिला नया आयाम
    पर्यटन पवेलियन में डिजिटल तकनीक के प्रभावी उपयोग ने भी आगंतुकों को आकर्षित किया। क्यूआर कोड आधारित डिजिटल सामग्री को करीब 500 लोगों ने एक्सेस किया। इसके माध्यम से आगंतुकों को विभिन्न पर्यटन स्थलों और यात्रा मार्गों से जुड़ी जानकारी डिजिटल रूप में उपलब्ध हुई। मुद्रित यात्रा मार्गदर्शिकाओं के साथ डिजिटल सामग्री ने संभावित पर्यटकों को भविष्य की यात्राओं की योजना बनाने के लिए उपयोगी और व्यावहारिक जानकारी उपलब्ध कराई।

    निवेशकों और पर्यटन उद्योग के लिए खुली संभावनाएं
    पवेलियन में पर्यटन क्षेत्र से जुड़े निवेश और सहयोग के अवसरों को भी प्रमुखता से प्रदर्शित किया गया। हॉस्पिटैलिटी परियोजनाओं, गंतव्य विकास, पर्यटक सुविधाओं और अनुभव आधारित पर्यटन से संबंधित संभावनाओं पर निवेशकों एवं उद्योग प्रतिनिधियों के साथ संवाद हुआ। सार्वजनिक-निजी भागीदारी के माध्यम से पर्यटन अवसंरचना और सेवाओं के विस्तार में संभावित सहयोगियों को उपलब्ध अवसरों की जानकारी दी गई।

    आयोजन के दौरान प्राप्त निवेश एवं सहयोग संबंधी पूछताछ और प्रस्तावों को आगे की कार्रवाई के लिए संबंधित टीमों को भेजा गया है। इससे यूपीआईटीएस में उत्पन्न कारोबारी रुचि को प्रदेश में पर्यटन परियोजनाओं और नई साझेदारियों में परिवर्तित करने का मार्ग प्रशस्त होगा।

    पर्यटन, संस्कृति एवं धार्मिक कार्य विभाग के अपर मुख्य सचिव अमृत अभिजात ने कहा कि पर्यटन पवेलियन ने एक साथ आगंतुक सहभागिता केंद्र और पर्यटन व्यापार मंच की भूमिका निभाई। करीब 10 हजार यात्रा कार्यक्रमों का वितरण, डिजिटल माध्यमों से जुड़ाव, निवेश संबंधी पूछताछ तथा टूर ऑपरेटरों के साथ हुई चर्चाओं ने आगे की कार्ययोजना के लिए उपयोगी आधार तैयार किया है। विभाग का उद्देश्य यूपीआईटीएस के दौरान उत्पन्न रुचि को वास्तविक यात्राओं, नए पर्यटन उत्पादों और प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों में सार्थक साझेदारियों में बदलना है।

    तकनीक और परंपरा का अनूठा संगम
    उत्तर प्रदेश पर्यटन पवेलियन में भगवान श्रीकृष्ण की ब्रज लीला पर आधारित आभासी वास्तविकता प्रस्तुति विशेष आकर्षण का केंद्र रही। इसके माध्यम से आगंतुकों को ब्रज की आध्यात्मिक एवं सांस्कृतिक परंपराओं का ऐसा अनुभव कराया गया, जिसने तकनीक और विरासत के बीच सुंदर समन्वय स्थापित किया। संवर्धित एवं आभासी वास्तविकता आधारित अन्य प्रस्तुतियों ने भी उत्तर प्रदेश के विभिन्न पर्यटन स्थलों की जीवंत झलक आगंतुकों के सामने रखी।

    इंटरैक्टिव मैग्नेटिक फील्ड गेम, क्विज, सिनेमाई फोटो बूथ और थीम आधारित सेल्फी जोन ने भी बड़ी संख्या में लोगों को अपनी ओर आकर्षित किया। बच्चों से लेकर विद्यार्थियों, युवाओं, परिवारों और वरिष्ठ नागरिकों तक ने इन गतिविधियों में उत्साहपूर्वक भाग लिया। इस प्रकार पर्यटन जानकारी को केवल प्रदर्शन तक सीमित रखने के बजाय उसे सहभागिता और अनुभव से जोड़ा गया।

    कला, शिल्प और स्वाद ने बढ़ाई पवेलियन की रौनक
    पवेलियन में लाइव जरदोजी कढ़ाई के प्रदर्शन ने उत्तर प्रदेश की पारंपरिक शिल्पकला की बारीकियों से आगंतुकों को रूबरू कराया। वहीं कन्नौज के इत्र ने प्रदेश की सुगंधित विरासत और सदियों पुरानी इत्र निर्माण परंपरा को देश-दुनिया के सामने प्रस्तुत किया। मार्बल डस्ट से निर्मित उत्पादों ने भी आगंतुकों का ध्यान आकर्षित किया। इस तरह स्थानीय शिल्प, कला और उत्पादों को प्रदेश के पर्यटन अनुभव से जोड़ने का प्रभावी प्रयास किया गया।

     

  • चंडीगढ़ में बुजुर्गों के लिए नई पहल, बैठक स्थल पर मिलेंगी खेल सुविधाएं

    चंडीगढ़ में बुजुर्गों के लिए नई पहल, बैठक स्थल पर मिलेंगी खेल सुविधाएं

    चंडीगढ़.

    चंडीगढ़ में वरिष्ठ नागरिकों के लिए प्रशासन ने बड़ी पहल की है। सेक्टर-17 के प्लाजा में एक बैठक स्थल को संवारा गया है। नई कुर्सियां और मेजें लगाई गई हैं। छतरियां, पीने का पानी, समाचार पत्र और पत्रिकाओं की व्यवस्था की गई है। मनोरंजन के लिए शतरंज, लूडो और कैरम जैसे खेल भी उपलब्ध कराए गए हैं।

    यह पहल उपायुक्त निशांत कुमार यादव के मार्गदर्शन में चंडीगढ़ रेडक्रॉस की ओर से की गई है। इसका उद्देश्य वरिष्ठ नागरिकों को उनके खाली समय में बैठने, आराम करने और आपस में बातचीत करने के लिए सुरक्षित और सुविधाजनक स्थान उपलब्ध कराना है। मंगलवार को एडीसी अमनदीप सिंह भट्टी ने प्लाजा बैठक स्थल का दौरा कर वहां उपलब्ध सुविधाओं का जायजा लिया। मौके पर मौजूद वरिष्ठ नागरिकों से उपलब्ध सुविधाओं के बारे में उनसे बातचीत की। उनकी आवश्यकताओं और सुझावों की जानकारी भी ली, ताकि इस सुविधा को और अधिक उपयोगी बनाया जा सके।

    अमनदीप सिंह भट्टी ने कहा कि चंडीगढ़ रेडक्रॉस वरिष्ठ नागरिकों के कल्याण के लिए प्रतिबद्ध है। वरिष्ठ नागरिकों के सामाजिक मेल-जोल और बेहतर जीवन गुणवत्ता के लिए सुरक्षित और आरामदायक स्थान उपलब्ध कराना जरूरी है। उन्होंने बताया कि आने वाले समय में चंडीगढ़ में उपयुक्त स्थानों पर वरिष्ठ नागरिकों के लिए ऐसी और बैठकें स्थापित की जाएंगी।

  • पूजा पंडालों में आग से बचाव की तैयारी तेज, अतिरिक्त बल के साथ तैनात होंगे फायर वाहन

    पूजा पंडालों में आग से बचाव की तैयारी तेज, अतिरिक्त बल के साथ तैनात होंगे फायर वाहन

    रांची
     दुर्गा पूजा के दौरान अग्नि सुरक्षा पर इस बार विशेष इंतजाम रहेगा। अभी एक महीने पहले अग्निशमन विभाग को मिले 58 मिनी वाटर टेंडर भी आपात स्थिति से निपटने को तैयार हैं। पूर्व में दुर्गा पूजा पंडालों में लगी आग की घटनाओं के बाद प्रशासन भी तैयार है।

    अब जिलों से जो आवश्यकताएं आएंगी, उसके अनुसार अग्निशमन विभाग से अग्निशमन के इंतजाम किए जाएंगे। सभी 24 जिलों में मिनी वाटर टेंडर की भी तैनाती की जाएगी। आपात स्थिति में तुरंत रेस्क्यू होगी।

    जान माल की सुरक्षा को लेकर प्रशासन अलर्ट है। एक दिन पहले ही डीजीपी ने भी सभी जिलों के एसएसपी-एसपी, रेंज डीआईजी, जोनल आईजी के साथ दुर्गा पूजा के दौरान विधि व्यवस्था को लेकर समीक्षा बैठक की थी।

    अब जल्द ही दुर्गा पूजा, दीपावली व छठ को लेकर मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में भी विधि व्यवस्था पर सभी जिलों के उपायुक्तों, एसएसपी, एसपी, बिजली विभाग, अग्निशमन विभाग व अन्य सभी सहयोगी विभाग के पदाधिकारियों के साथ बैठक प्रस्तावित है। उक्त बैठक में जो आवश्यकताएं सामने आएंगी, उस अनुरूप संबंधित विभाग संसाधन उपलब्ध कराएंगे।

    पूजा पंडालों का जल्द भ्रमण करेगी जिलों में वहां की समिति
    राज्य के पूजा पंडालों में संबंधित जिले की कमेटी वहां के पूजा पंडालों का भ्रमण करेगी। जिलों की कमेटी में वहां के डीसी, एसएसपी, एसपी व अन्य पदाधिकारी मौजूद रहते हैं। यह कमेटी संबंधित पूजा पंडाल में सुरक्षा के तमाम इंतजाम की समीक्षा करती है।

    यह समिति उक्त पूजा पंडाल में आने-जाने वाले मार्ग, सीसीटीवी कैमरे, पानी, बिजली की व्यवस्था, अग्निशमन की व्यवस्था व आपात स्थिति से निपटने के इंतजाम देखती है। समिति पूजा समितियों को आवश्यक दिशा-निर्देश देती है और उसका अनुपालन सुनिश्चत करने के लिए निर्देशित करती है।

    अस्थाई नियंत्रण कक्ष भी बनेंगे, अतिरिक्त बल व अग्निशमन वाहन तैनात होगा
    पुलिस के वरीय अधिकारियों के अनुसार पूजा पंडालों की संख्या, संभावित भीड़ को देखते हुए बड़े शहरों में अस्थाई नियंत्रण कक्ष भी बनाए जाएंगे। प्रत्येक नियंत्रण कक्ष के आसपास अतिरिक्त सुरक्षा बल के अलावा अग्निशमन वाहनों की तैनाती होगी। इस बार बड़े वाटर टेंडर के अलावा मिस्ट टेक्नोलोजी वाले मिनी वाटर टेंडर को भी तैनात किया जाएगा। इतना ही नहीं, सभी अग्निशामालयों में भी सभी वाहन अलर्ट मोड पर रहेंगे, ताकि तुरंत रेस्क्यू अभियान चलाया जा सके

  • ट्रेड शो में युवाओं ने विभिन्न पुस्तकों से प्रतियोगी परीक्षाओं की सामग्री और प्रदेश की सांस्कृतिक विरासत को समझा

    ट्रेड शो में युवाओं ने विभिन्न पुस्तकों से प्रतियोगी परीक्षाओं की सामग्री और प्रदेश की सांस्कृतिक विरासत को समझा

    ग्रेटर नोएडा
     उत्तर प्रदेश इंटरनेशनल ट्रेड शो में सूचना एवं जनसंपर्क विभाग का पवेलियन पांच दिनों तक युवाओं के ज्ञान, करियर और प्रदेश की सांस्कृतिक पहचान से जुड़ने का केंद्र बना रहा। पुस्तकों की प्रदर्शनी से लेकर प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी की सामग्री और प्रदेश के प्रमुख धार्मिक-सांस्कृतिक स्थलों को डिजिटल माध्यम से देखने का अवसर युवाओं को मिला। यही वजह रही कि पवेलियन पर दिनभर युवाओं की आवाजाही बनी रही।

    किताबों में करियर की राह, ज्ञान में बढ़ा भरोसा
    पवेलियन में भारतीय इतिहास, संस्कृति, राजनीतिक विज्ञान, उभरते भारत, उभरते उत्तर प्रदेश और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी से संबंधित पुस्तकों ने युवाओं का ध्यान खींचा। कई युवा किताबें लेकर वहीं बैठकर पढ़ते दिखाई दिए तो कुछ ने पसंद आई पुस्तकों के प्रकाशकों की जानकारी अपने मोबाइल में दर्ज की। उत्तर प्रदेश वार्षिकी जैसी पुस्तकें प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे युवाओं के लिए खास आकर्षण रहीं।
    सिकंदराबाद से आईं पीसीएस अभ्यर्थी निधि यादव ने बताया कि उनकी क्लासमेट ने उन्हें ट्रेड शो में उपलब्ध उत्तर प्रदेश वार्षिकी के बारे में बताया था। इसी पुस्तक को देखने और लेने के लिए वह विशेष रूप से यहां पहुंचीं। उनके अनुसार प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के दौरान उत्तर प्रदेश से जुड़े सामान्य ज्ञान की प्रमाणिक सामग्री उपयोगी रहती है। पवेलियन में बनारस तेरे रंग हजार, योगी का राम राज्य, लोक आराधना की अभिव्यक्ति, तीर्थनामा अयोध्या, न्यू यूपी फॉर ए न्यू इंडिया और विकसित यूपी विकसित भारत जैसी पुस्तकों में भी युवाओं ने रुचि दिखाई।

    सेल्फी से संस्कृति और विरासत से जुड़ा युवा
    युवाओं के बीच पवेलियन का सेल्फी जोन भी खास आकर्षण रहा। राम मंदिर अयोध्या, वाराणसी का नमो घाट, वृंदावन का प्रेम मंदिर और सारनाथ जैसे धार्मिक एवं सांस्कृतिक स्थलों को बैकग्राउंड में चुनकर युवाओं ने सेल्फी ली। इलेक्ट्रॉनिक ग्लोब के माध्यम से युवाओं और बच्चों को उभरते भारत और उभरते उत्तर प्रदेश की तस्वीर भी प्रस्तुत की गई। इलेक्ट्रॉनिक ग्लोब के साथ भी युवाओं और बच्चों में सेल्फी लेने का क्रेज रहा। भीड़ का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि कई युवाओं को अपनी बारी के लिए करीब आधे घंटे तक इंतजार करना पड़ा। सेल्फी लेने के बाद सूचना विभाग की ओर से उन्हें उपहार भी दिए गए।

    इस तरह पांच दिनों में पवेलियन ने सूचना देने की पारंपरिक भूमिका से आगे बढ़कर युवाओं को किताबों के जरिए ज्ञान, प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए सामग्री, प्रदेश की संस्कृति और डिजिटल माध्यम से अपनी विरासत से जुड़ने का अवसर दिया। ट्रेड शो में युवाओं की मौजूदगी ने यह भी दिखाया कि मनोरंजन के साथ ज्ञान और करियर से जुड़ी सामग्री को एक ही मंच पर उपलब्ध कराया जाए तो युवा उसमें सक्रिय रुचि लेते हैं।

  • UP Weather Update: 1 अक्टूबर से मौसम होगा शुष्क, बढ़ेगा तापमान

    UP Weather Update: 1 अक्टूबर से मौसम होगा शुष्क, बढ़ेगा तापमान

    लखनऊ
     भारत मौसम विज्ञान विभाग द्वारा आज जारी ताजा अपडेट के अनुसार, दक्षिण-पश्चिम मानसून देश के कई हिस्सों से वापस लौट रहा है। मानसून की वापसी की रेखा वर्तमान में उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर और अलीगढ़ क्षेत्रों से होकर गुजर रही है।

    मौसम विभाग के अनुसार, निचले क्षोभमंडल के स्तर पर पूर्वी उत्तर प्रदेश के ऊपर एक ऊपरी हवा का साइक्लोन सर्कुलेशन बना हुआ है। इस मौसमी प्रणाली के प्रभाव से राज्य के मौसम में बदलाव देखने को मिल रहा है।

    पूर्वी यूपी में हल्की बारिश की संभावना
    29 और 30 सितंबर को पूर्वी उत्तर प्रदेश के वाराणसी, मीरजापुर, सोनभद्र और आजमगढ़ समेत कुछ जिलों में हल्की या छिटपुट बारिश होने की संभावना व्यक्त की गई है। इसके बाद 1 अक्टूबर से 5 अक्टूबर के दौरान मौसम के मुख्य रूप से शुष्क रहने का अनुमान है।

    पश्चिमी यूपी में ऐसा रहेगा मौसम का हाल
    पश्चिमी उत्तर प्रदेश के लगभग सभी जिलों में 30 सितंबर से 5 अक्टूबर तक मौसम पूरी तरह शुष्क रहने की संभावना है। इस दौरान तापमान में भी बढ़ोतरी देखने को मिलेगी।

    कब होगी मानसून की विदाई
    देश में मानसून की विदाई अब शुरू हो चुकी है। मानसून के पीछे हटने के कारण आने वाले दिनों में राज्य के अधिकतम और न्यूनतम तापमान में बदलाव देखा जा सकता है।

    अक्टूबर के पहले हफ्ते में मानसून के पूरी तरह खत्म होने के आसार हैं। किसानों को सलाह दी गई है कि मौसम के शुष्क रहने के दौरान वे अपनी फसलों की देखभाल और कटाई का कार्य योजनाबद्ध तरीके से करें।

     

  • नशा मुक्ति अभियान में आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं की भूमिका बढ़ी, बांटी गई खेल किट

    नशा मुक्ति अभियान में आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं की भूमिका बढ़ी, बांटी गई खेल किट

    चंडीगढ़.

    पंजाब भर में आंगनवाड़ी कार्यकर्ता भगवंत मान सरकार के ‘युद्ध नशेआं विरुद्ध’ अभियान से ‘नशा मुक्ति मित्र’ के रूप में जुड़ते हुए परिवारों और समुदायों को नशे के दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक करने के लिए ज़मीनी स्तर पर एक नेटवर्क तैयार कर रही हैं।

    आंगनवाड़ी कार्यकर्ता ज़मीनी स्तर पर एक नेटवर्क तैयार कर रही हैं, जिसमें खेल और सामुदायिक भागीदारी नशे की रोकथाम की रणनीति के प्रमुख घटक बनकर उभर रहे हैं। श्री मुक्तसर साहिब के मलोट में आयोजित राज्य स्तरीय कार्यक्रम ने यह झलक पेश की कि भगवंत मान सरकार का ‘युद्ध नशेआं विरुद्ध’ अभियान एनफोर्समेंट और नशा मुक्ति से आगे बढ़कर सामुदायिक स्तर पर नशे की रोकथाम को मज़बूत करने की दिशा में काम कर रहा है।

  • दुनिया में यूपी की बढ़ती साख का प्रतीक बना इंटरनेशनल ट्रेड शो : भूपेंद्र चौधरी

    दुनिया में यूपी की बढ़ती साख का प्रतीक बना इंटरनेशनल ट्रेड शो : भूपेंद्र चौधरी

    ग्रेटर नोएडा
    सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम मंत्री भूपेंद्र चौधरी ने कहा कि उत्तर प्रदेश इंटरनेशनल ट्रेड शो प्रदेश की बढ़ती औद्योगिक और कारोबारी साख का प्रतीक बन गया है। देश-विदेश से आए उद्यमियों, निर्यातकों, कारीगरों और खरीदारों को एक मंच मिलने से उत्तर प्रदेश के उत्पादों को वैश्विक बाजार तक पहुंचाने की नई संभावनाएं बनी हैं। उन्होंने कहा कि ट्रेड शो का समापन दरअसल प्रदेश के उद्यमियों के लिए नए अवसरों की शुरुआत है।

    उन्होंने कहा कि ओडीओपी, विश्वकर्मा श्रम सम्मान और मुख्यमंत्री युवा योजना जैसी योजनाएं प्रधानमंत्री के मार्गदर्शन और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में प्रदेश की आर्थिक प्रगति को गति दे रही हैं। सरकार की जीरो टॉलरेंस नीति, बेहतर कानून-व्यवस्था, सिंगल विंडो सिस्टम और उद्योगों के लिए प्रोत्साहन नीतियों से उत्तर प्रदेश को उद्यम प्रदेश के रूप में स्थापित करने में मदद मिली है। बिजनेस रिफॉर्म एक्शन प्लान में भी प्रदेश लगातार टॉप एचीवर' के रूप में सामने आया है।

    उन्होंने कहा कि सीएम योगी के प्रयास से यहां की योजनाएं रोल मॉडल बन गई हैं। आज दुनिया में योगी के कानून के मॉडल की चर्चा होती है। पिछले नौ वर्षों में झांसी, चित्रकूट, अलीगढ़, कानपुर, लखनऊ और आगरा में डिफेंस कॉरिडोर से रक्षा उत्पादन को बढ़ावा मिल रहा है। ग्रेटर नोएडा डेटा सेंटर हब के रूप में उभर रहा है।

    उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री युवा योजना के तहत लाखों युवाओं को बिना गारंटी और बिना ब्याज के ऋण दिया गया। अयोध्या में श्रीराम मंदिर, काशी विश्वनाथ धाम और प्रयागराज महाकुंभ जैसे आयोजनों से प्रदेश में धार्मिक पर्यटन को भी नई गति मिली है। भूपेंद्र चौधरी ने ट्रेड शो में शामिल पार्टनर देशों वियतनाम, जापान, सिंगापुर, रूस, ऑस्ट्रेलिया और बेलारूस के प्रतिनिधियों, देश-विदेश से आए बिजनेस लीडरों, उद्यमियों, निर्यातकों, कारीगरों का स्वागत कर आभार व्यक्त किया।

    यूपीआईटीएस बना यूपी के हुनर को ग्लोबल बाजार तक पहुंचाने का मंच : नंदी
    औद्योगिक विकास मंत्री नंद गोपाल गुप्ता ‘नंदी’ ने कहा कि उत्तर प्रदेश इंटरनेशनल ट्रेड शो (यूपीआईटीएस)-2026 प्रदेश की नई आर्थिक पहचान का उत्सव है। चार साल पहले शुरू हुआ यह आयोजन प्रदेश के उद्यमियों, कारीगरों और बुनकरों के उत्पादों को घरेलू बाजार से वैश्विक बाजार तक पहुंचाने का महत्वपूर्ण मंच बन चुका है। उन्होंने कहा कि इस बार ट्रेड शो में 90 देशों के 600 से अधिक विदेशी बायर्स ने हिस्सा लिया। जापान, रूस, वियतनाम, सिंगापुर, ऑस्ट्रेलिया और बेलारूस पार्टनर कंट्री के रूप में शामिल हुए। इससे उत्तर प्रदेश की कारोबारी संभावनाओं को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रदर्शित करने का अवसर मिला।

    नंदी ने कहा कि यूपीआईटीएस में बनारस की साड़ी, मुरादाबाद का पीतल, भदोही का कालीन और लखनऊ की चिकनकारी समेत प्रदेश की पारंपरिक कला और शिल्प को आधुनिक बाजार, तकनीक और ब्रांडिंग से जोड़ने का प्रयास किया गया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के लोकल को ग्लोबल बनाने के विजन और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में ईज ऑफ डूइंग बिजनेस, बेहतर इंफ्रास्ट्रक्चर, एक्सप्रेसवे, एयर कनेक्टिविटी और निवेश अनुकूल वातावरण से उद्योगों के लिए नई संभावनाएं बनी हैं। उन्होंने कहा कि प्रदेश की अर्थव्यवस्था में एमएसएमई, मैन्युफैक्चरिंग, हस्तशिल्प और निर्यात की महत्वपूर्ण भूमिका है। यूपीआईटीएस इस योगदान को और विस्तार देने का मजबूत मंच बन रहा है

  • योगी सरकार के निवेश, निर्यात और ‘ब्रांड यूपी’ को वैश्विक बाजार से जोड़ने का अहम मंच बनकर उभरा आईईएमएल

    योगी सरकार के निवेश, निर्यात और ‘ब्रांड यूपी’ को वैश्विक बाजार से जोड़ने का अहम मंच बनकर उभरा आईईएमएल

    ग्रेटर नोएडा
    ग्रेटर नोएडा स्थित इंडिया एक्सपो सेंटर एंड मार्ट (आईईएमएल) में उत्तर प्रदेश इंटरनेशनल ट्रेड शो (यूपीआईटीएस) के चौथे संस्करण का मंगलवार शाम समापन हो गया। वर्ष 2023 में शुरू हुआ यह आयोजन अब उत्तर प्रदेश के उद्योग, उद्यमिता, निर्यात और वैश्विक कारोबार को एक मंच पर लाने वाले प्रमुख व्यापारिक आयोजनों में अपनी पहचान बना चुका है। वर्ष 2003 में स्थापित इंडिया एक्सपो मार्ट पिछले चार वर्षों में यूपी के उत्पादों और उद्यमियों को देश-दुनिया के खरीदारों, निवेशकों और कारोबारी प्रतिनिधियों से जोड़ने का महत्वपूर्ण केंद्र बनकर उभरा है।

    उत्तर प्रदेश की बदलती आर्थिक तस्वीर के बीच इंडिया एक्सपो मार्ट अब केवल प्रदर्शनी स्थल नहीं, बल्कि वैश्विक व्यापार के लिए एक महत्वपूर्ण ट्रेड प्लेटफॉर्म के रूप में विकसित हुआ है। प्रदेश में निवेश, निर्यात और रोजगार को बढ़ावा देने के लिए विकसित एक्सप्रेसवे, एयर कनेक्टिविटी, औद्योगिक पार्क, लॉजिस्टिक्स और आधुनिक ट्रेड इन्फ्रास्ट्रक्चर के साथ ऐसे प्लेटफॉर्म उत्तर प्रदेश के उत्पादों और उद्यमियों को वैश्विक आपूर्ति शृंखला से जोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं।

    2003 में रखी नींव, 2026 में बना वैश्विक व्यापार का बड़ा मंच
    इंडिया एक्सपोजिशन मार्ट लिमिटेड का गठन 12 अप्रैल 2001 को हुआ। वर्ष 2003 में ग्रेटर नोएडा स्थित परिसर की आधारशिला रखी गई और 2006 में इसका उद्घाटन हुआ। शुरुआत में स्थायी मार्ट और प्रदर्शनी अवसंरचना के माध्यम से भारतीय निर्यातकों को अंतरराष्ट्रीय खरीदारों तक पहुंच उपलब्ध कराने का उद्देश्य रखा गया। समय के साथ यहां स्थायी शो-रूम, बड़े प्रदर्शनी हॉल, बिजनेस मीटिंग स्पेस, हॉस्पिटैलिटी और आयोजन संबंधी सुविधाएं विकसित होती गईं। आज यह परिसर विभिन्न क्षेत्रों के उद्योगों को अपने उत्पाद प्रदर्शित करने और कारोबार के नए अवसर तलाशने का मंच उपलब्ध कराता है।

    योगी सरकार के ‘ब्रांड यूपी’ को वैश्विक मंच
    उत्तर प्रदेश सरकार ने पिछले वर्षों में ओडीओपी, निर्यात प्रोत्साहन, एमएसएमई, स्टार्टअप, निवेश और रोजगार को आर्थिक विकास के प्रमुख आधारों के रूप में आगे बढ़ाया है। इस पूरी रणनीति में ऐसे ट्रेड प्लेटफॉर्म की भूमिका महत्वपूर्ण हो जाती है, जहां यूपी के उत्पाद सीधे देश-दुनिया के खरीदारों तक पहुंच सकें। इसी सोच को आगे बढ़ाते हुए उत्तर प्रदेश इंटरनेशनल ट्रेड शो (यूपीआईटीएस) की शुरुआत वर्ष 2023 में हुई। इंडिया एक्सपो मार्ट में आयोजित यह आयोजन प्रदेश के उद्यमियों, निर्यातकों, कारीगरों और उत्पादकों को वैश्विक बाजार से जोड़ने का बड़ा माध्यम बन गया है। इसके जरिए उत्तर प्रदेश के ओडीओपी, हस्तशिल्प, टेक्सटाइल, फूड प्रोसेसिंग, इलेक्ट्रॉनिक्स, कृषि उत्पादों, मैन्युफैक्चरिंग और अन्य औद्योगिक क्षेत्रों को अंतरराष्ट्रीय खरीदारों और निवेशकों के सामने प्रस्तुत किया जा रहा है।

    यूपीआईटीएस ने बढ़ाया ग्लोबल कनेक्ट
    वर्ष 2025 के यूपीआईटीएस में 2,200 से अधिक प्रदर्शकों और 80 से अधिक देशों की भागीदारी दर्ज की गई। आयोजन के दौरान 288 एमओयू हुए, जिनका कुल घोषित मूल्य लगभग 89 करोड़ रुपये था। 2026 में यूपीआईटीएस का विस्तार और व्यापक हुआ। चौथे उत्तर प्रदेश इंटरनेशनल ट्रेड शो में 2,400 से अधिक प्रदर्शक, 90 देशों की भागीदारी और 550 से अधिक अंतरराष्ट्रीय खरीदारों ने इसे प्रदेश के बढ़ते वैश्विक व्यापार संपर्क का बड़ा मंच बना दिया है। इस आयोजन में उत्तर प्रदेश के उत्पादों के साथ-साथ छह साझेदार देशों- वियतनाम, जापान, सिंगापुर, रूस, ऑस्ट्रिया और बेलारूस की भागीदारी भी अंतरराष्ट्रीय सहयोग के बढ़ते दायरे को दर्शाती है।

    ‘लोकल से ग्लोबल’ तक पहुंच रहा यूपी
    योगी सरकार की नीतियों में स्थानीय उत्पादों को वैश्विक बाजार उपलब्ध कराने पर विशेष जोर रहा है। यूपीआईटीएस इसी दिशा में एक व्यावहारिक प्लेटफॉर्म बनकर सामने आया है। इंडिया एक्सपो मार्ट के स्थायी मार्ट में 31 जुलाई 2026 तक 1,800 शो-रूम और 774 निर्यातकों की मौजूदगी दर्ज की गई। इससे पूरे वर्ष खरीदारों और विक्रेताओं के बीच संपर्क बनाए रखने की व्यवस्था मजबूत होती है। मार्ट सोर्सिंग डेज जैसे आयोजनों के जरिए खरीदार प्रमुख प्रदर्शनियों के बाहर भी उत्पादों और आपूर्तिकर्ताओं से जुड़ सकते हैं। इस प्रकार ट्रेड कनेक्ट केवल पांच-दिन के किसी आयोजन तक सीमित नहीं रहता, बल्कि सालभर चलने वाली व्यावसायिक गतिविधि में बदल जाता है।

    16 प्रदर्शनी हॉल, 76 हजार वर्गमीटर से अधिक ऑपरेशनल एरिया
    इंडिया एक्सपो मार्ट ने मांग के अनुरूप लगातार अपनी क्षमता बढ़ाई है। 31 मार्च 2024 तक जहां 14 प्रदर्शनी हॉल संचालित थे, वहीं 31 मार्च 2026 तक इनकी संख्या बढ़कर 16 हो गई। इसी अवधि में ऑपरेशनल हॉल क्षेत्रफल 64,888 वर्गमीटर से बढ़कर 76,484 वर्गमीटर हो गया, लगभग 17.87 प्रतिशत की वृद्धि। यह विस्तार ऐसे समय में हुआ है जब उत्तर प्रदेश देश के प्रमुख निवेश और औद्योगिक केंद्रों में अपनी भूमिका मजबूत कर रहा है।

    दुनिया के प्रमुख सेक्टर एक ही परिसर में
    इंडिया एक्सपो मार्ट का विस्तार केवल आकार में नहीं, बल्कि सेक्टरों की विविधता में भी हुआ है। यहां हस्तशिल्प और होम डेकोर से लेकर रिन्यूएबल एनर्जी, बैटरी, इलेक्ट्रिक मोबिलिटी, फार्मास्युटिकल मैन्युफैक्चरिंग, फूड, हॉस्पिटैलिटी, पैकेजिंग और औद्योगिक तकनीक तक के आयोजन होते हैं। आईएचजीएफ दिल्ली फेयर, रिन्यूएबल एनर्जी इंडिया एक्सपो, बैटरी शो इंडिया, सीपीएचआई एंड पी – एमईसी इंडिया और इंडस फूड जैसे बड़े आयोजनों ने इसे विभिन्न उद्योगों के कारोबारियों के लिए महत्वपूर्ण मंच बनाया है।

    यूपी की अर्थव्यवस्था को मिलने वाला बहुआयामी लाभ
    इंडिया एक्सपो मार्ट का प्रभाव केवल प्रदर्शनी में शामिल कंपनियों तक सीमित नहीं है। बड़े आयोजनों से होटल, परिवहन, कैटरिंग, स्टॉल निर्माण, सुरक्षा, लॉजिस्टिक्स, तकनीकी सेवाओं और अन्य स्थानीय व्यवसायों के लिए मांग पैदा होती है।