Category: राज्य

  • बिहार में पेयजल व्यवस्था को मजबूत करने की तैयारी, पानी टंकियों को सोलर ऊर्जा से जोड़ने का प्रस्ताव

    बिहार में पेयजल व्यवस्था को मजबूत करने की तैयारी, पानी टंकियों को सोलर ऊर्जा से जोड़ने का प्रस्ताव

     पटना
     बिहार की पंचायतों में पेयजल व्यवस्था को सुचारू बनाने एवं बिजली पर निर्भरता कम करने के लिए पानी टंकी पर सौर ऊर्जा प्लांट लगाने की योजना सरकार लाने जा रही है।

    राज्य में लगभग 70 हजार पानी टंकी पंचायती राज विभाग के एवं 50 हजार से अधिक पानी टंकी लोक स्वास्थ्य अभियंत्रण विभाग (PHED) के हैं।

    ऐसे में मिलाकर 1.23 लाख से अधिक पानी टंकी हैं। इसमें इन्हें सौर ऊर्जा से जोड़ने से ग्रामीण क्षेत्रों में पेयजल आपूर्ति व्यवस्था को अधिक सुगम एवं टिकाऊ बनाने में मदद मिलेगी।

    पंचायती राज विभाग व पीएचईडी ने तैयार किया प्रस्ताव
    साथ ही बिजली खर्च में कमी आने और बिजली कटौती के दौरान जलापूर्ति प्रभावित होने की समस्या से राहत मिलने की उम्मीद है।

    ग्रामीण क्षेत्रों में हर घर नल का जल योजना के तहत बड़ी संख्या में पानी टंकी के माध्यम से पेयजल की आपूर्ति की जाती है। पानी पहुंचाने के लिए मोटर पंप का इस्तेमाल होता है, जो मुख्य रूप से बिजली पर निर्भर हैं।

    पौने पांच सौ करोड़ रुपये खर्च आने का विभाग को अनुमान
    बिजली आपूर्ति बाधित होने या तकनीकी खराबी के कारण कई जगहों पर पानी की आपूर्ति प्रभावित होती है। सौर ऊर्जा का विकल्प मिलने से इस समस्या को कम करने में मदद मिल सकती है।

    सरकार के लोक वित्त समिति ने 4809 करोड़ रुपये खर्च की मंजूरी दे दी है। प्रत्येक टंकी पर पांच-पांच किलोवाट के सोलर पैनल लगाने का प्रस्ताव तैयार किया गया है।अब आगे की प्रक्रिया पंचायती राज विभाग पूर्ण करनी है।

    बिजली खर्च में आएगी कमी
    पानी टंकी पर सौर ऊर्जा लगाने से बिजली बिल का बोझ कम करने में भी मदद मिलेगी। इससे पंचायत स्तर पर पेयजल व्यवस्था के संचालन की लागत घटाने की संभावना है

    सोलर पैनल लगाने के साथ उनके नियमित रखरखाव और खराब होने की स्थिति में त्वरित मरम्मत की व्यवस्था जरूरी होगी। इससे योजना का लाभ लंबे समय तक मिल सकेगा।

    पंचायतों में सौर ऊर्जा आधारित जलापूर्ति व्यवस्था विकसित होने से स्वच्छ ऊर्जा को बढ़ावा मिलेगा और ग्रामीण पेयजल व्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में मदद मिलेगी।

     

  • जनगणना 2027 की तैयारी तेज, लिव-इन जोड़ों और चार शादियों के विकल्प को लेकर चर्चा तेज़

    जनगणना 2027 की तैयारी तेज, लिव-इन जोड़ों और चार शादियों के विकल्प को लेकर चर्चा तेज़

    गोरखपुर
    दूसरे चरण की जनगणना में 16 नवंबर से स्वगणना और एक दिसंबर से जनगणना शुरू होगी। जनगणना के लिए गोरखपुर के एमएमएमयूटी में प्रशिक्षण शुरू हो गया है। पहले चरण में प्रशिक्षित फिल्ड ट्रेनर अन्य कर्मचारियों को प्रशिक्षण देंगे। प्रशिक्षण में मिल रही जानकारियों क अनुसार इस बार जनगणना में हर व्यक्ति से 40 सवाल पूछे जाएंगे।

    जनगणना में इस बार पुरुषों एवं महिलाओं की चार शादी दर्शाने का विकल्प है, जबकि लिव इन रिलेशनशिप में रहने वाले जोड़े शादी से पहले ही दंपति माने जाएंगे। भारत सरकार के राजपत्र के अनुसार किसी भी जाति धर्म के लोग चार शादी को जनगणना में दर्शा सकते हैं।

    बेघर लोगों की होगी गणना
    पहले चरण में मकान गणना की गई, जिसके आधार पर जनगणना होगी। इस बार बेघर लोगों की भी गणना की जाएगी। लोगों की नागरिकता के बजाए घोषित राष्ट्रीयता को जनगणना में दर्ज किया जाएगा। जाति भी पूछी जाएगी।

    जनगणना की ट्रेनिंग शुरू
    जिलाधिकारी दीपक मीणा ने बताया कि दूसरे चरण की जनगणना के लिए ट्रेनिंग शुरू हो गया है। प्रशिक्षण लेने वाले लोगों से कहा गया कि सभी सवालों के बारे में अच्छी तरह समझ लें। जनगणना के आंकड़े पूरी तरह सही होने चाहिए। इसी के अनुसार भविष्य की योजनाएं बनतीं हैं। जो लोग स्वगणना कर सकते हैं, उन्हें स्वगणना करने से सुविधा होगी।

    ये सवाल भी पूछे जाएंगे
    नाम से लेकर मोबाइल तकः नाम, परिवार से संबंध, लिंग, जन्मतिथि, आयु और वैवाहिक स्थिति।

    सामाजिक जानकारीः धर्म, जाति, अनुसूचित जाति/जनजाति, दिव्यांगता, मातृभाषा और शिक्षा।

    रोजगार और व्यवसायः काम की स्थिति, व्यवसाय, उद्योग, कामगार की श्रेणी और आर्थिक गतिविधि।

    प्रवास और परिवारः जन्म स्थान, अंतिम निवास, प्रवास का कारण, अवधि, स्थायी पत्ता।

    अन्य जानकारी: कोविड टीकाकरण, बैंक खाता, मोबाइल, आधार, मतदाता पहचान पत्र, पासपोर्ट और ड्राइविंग लाइसेंस।

    इन लोगों की नहीं लगेगी ट्यूटी
    उधर, यूपी सरकार ने तीन महीने में रिटायर्ड होने वाले कार्मिकों को जनगणना ड्यूटी से राहत दे दी है। ऐसे कर्मचारियों की जनगणना में ड्यूटी नहीं लगाए जाने को लेकर कार्यक्रम कार्यान्वयन विभाग के संयुक्त सचिव कृपा शंकर यादव की ओर से सभी विभागों को निर्देश भेज दिया गया है। इसमें स्पष्ट किया गया है कि जनगणना-2027 के दूसरे चरण के अंतर्गत निकटतम तीन माह के अंदर सेवानिवृत्त होने वाले कार्मिकों को दूसरे चरण के जनगणना कार्यों से मुक्त रखा जाएगा। दूसरे चरण के जनगणना का काम अप्रशिक्षित कार्मिकों से नहीं कराया जाएगा। प्रशिक्षण प्राप्त करने के बाद किसी भी कार्मिक को विशेष परिस्थितियों को छोड़कर जनगणना के काम से छूट नहीं दी जाएगी। छावनी परिषद के अतिरिक्त किसी भी अन्य इकाई को स्पेशल नहीं बताया जाएगा।

  • उत्तर प्रदेश के 68 हजार ग्राम प्रहरियों के लिए बड़ा अपडेट, मानदेय बढ़ाने और आयुष्मान कार्ड देने की तैयारी

    उत्तर प्रदेश के 68 हजार ग्राम प्रहरियों के लिए बड़ा अपडेट, मानदेय बढ़ाने और आयुष्मान कार्ड देने की तैयारी

    बरेली
     गांवों की सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने में अहम भूमिका निभाने वाले ग्राम प्रहरियों का मानदेय अब 2500 से बढ़ाकर 3500 रुपये प्रतिमाह किया जाएगा। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मंगलवार को ग्राम प्रहरियों के सम्मान समारोह में मानदेय में एक हजार रुपये की वृद्धि के साथ पांच लाख रुपये तक कैशलेस स्वास्थ्य सुविधा देने की घोषणा की

    उन्होंने ग्राम प्रहरियों को गांव की सुरक्षा व्यवस्था की आंख और कान बताते हुए कहा कि उनकी सतर्कता से अपराध, अफवाह और अवैध गतिविधियों पर समय रहते अंकुश लगाया जा सकता है।

    इससे पहले मुख्यमंत्री ने बरेली जोन के 11 ग्राम प्रहरियों को मंच से पगड़ी पहनाकर और गिफ्ट हैंपर देकर सम्मानित किया। फिर प्रदेश के 68000 ग्राम प्रहरियों के मानदेय बढ़ोतरी और कैशलेस इलाज की सुविधा की घोषणा की।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि ग्राम प्रहरी गांव में सीसीटीवी कैमरे की तरह हैं। गांव में होने वाली संदिग्ध गतिविधियों की जानकारी तत्काल पुलिस तक पहुंचाना उनकी जिम्मेदारी है।

    ग्राम प्रहरी पुलिस के लगातार संपर्क में रहें तो अपराधियों के मंसूबों पर समय रहते पानी फेरा जा सकता है। उन्होंने कहा कि गांव का अंतिम व्यक्ति भी सजग हो तो सुरक्षा व्यवस्था की नींव मजबूत होती है।

    उन्होंने ग्राम प्रहरियों को बरसात के मौसम में फैलने वाली अफवाहों के प्रति विशेष सतर्क रहने को कहा। पीलीभीत, लखीमपुर खीरी और बहराइच जैसे जिलों का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि ऐसी परिस्थितियों में सही सूचना समय पर मिलना जरूरी है। किसी संदिग्ध गतिविधि या अफवाह की सूचना तत्काल पुलिस को दी जाए, ताकि समय रहते कार्रवाई हो सके।

    मुख्यमंत्री ने ग्राम प्रहरियों से गांवों में जमीनों पर अवैध कब्जे और भूमाफिया की गतिविधियों पर भी नजर रखने को कहा। उन्होंने कहा कि जहां पहले सड़कें नहीं थीं, वहां अब विकास कार्य हो रहे हैं।

    विकास के साथ जमीनों की गतिविधियां भी बढ़ती हैं। ऐसे में किसी भी अवैध कब्जे या संदिग्ध गतिविधि की सूचना पुलिस-प्रशासन को तत्काल दी जानी चाहिए।

    मुख्यमंत्री ने ग्राम प्रहरियों को सम्मान मिलने पर बधाई देते हुए कहा कि यह उनके परिश्रम का परिणाम है। इस सम्मान को बनाए रखने के लिए उन्हें जिम्मेदारी और निष्ठा के साथ काम करना होगा। संबोधन के अंत में उन्होंने भारत माता की जय और हर-हर महादेव का उद्घोष किया। इसके बाद ग्राम प्रहरियों के साथ सेल्फी भी ली।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि गांव सजग होगा तो आत्मनिर्भर बनेगा। ग्राम प्रहरियों को अपने कार्यों के जरिये नींव के पत्थर की तरह योगदान देना होगा। गांव से लेकर जनपद और प्रदेश तक सुरक्षा व विकास की मजबूत कड़ी तैयार करने में उनकी भूमिका अहम है।

    उन्होंने कहा कि प्रदेश में विकास और कल्याणकारी योजनाओं का लाभ लोगों तक पहुंचाने का प्रयास किया जा रहा है। माफिया के खिलाफ कार्रवाई के साथ विरासत और विकास के संगम को आगे बढ़ाया जा रहा है।

    2019 के बाद अब फिर बढ़ा मानदेय
    मुख्यमंत्री ने ग्राम प्रहरियों के मानदेय में वृद्धि का उल्लेख करते हुए कहा कि वर्ष 2017 में उन्हें 1500 रुपये प्रतिमाह मिलते थे। वर्ष 2019 में इसमें एक हजार रुपये की वृद्धि कर मानदेय 2500 रुपये किया गया था।

    अब एक बार फिर एक हजार रुपये बढ़ाकर इसे 3500 रुपये प्रतिमाह करने की घोषणा की गई है। इसके साथ ही ग्राम प्रहरियों को प्रतिवर्ष पांच लाख रुपये तक कैशलेस स्वास्थ्य सुविधा का लाभ देने की बात कही। उन्होंने कहा कि जिम्मेदारी निभाने वाले ग्राम प्रहरियों को अपनी भूमिका के प्रति सजग रहना होगा।

    2017 से पहले त्योहारों पर रहता था उपद्रव का अंदेशा
    मुख्यमंत्री ने कानून-व्यवस्था में बदलाव का उल्लेख करते हुए कहा कि 2017 से पहले त्योहार आते ही उपद्रव की आशंका पैदा हो जाती थी। अब प्रदेश में धार्मिक आयोजन और मेले उत्साह के साथ हो रहे हैं।

    शारदीय नवरात्र में जगह-जगह मां जगतजननी की प्रतिमाएं स्थापित कर अनुष्ठान किए जा रहे हैं। शाकुंभरी पीठ समेत विभिन्न मंदिरों में श्रद्धालु सुरक्षित वातावरण में दर्शन कर रहे हैं।

    उन्होंने कहा कि सरकार ने ऐसा माहौल तैयार किया है, जिसमें लोग भयमुक्त होकर अपने धार्मिक और सामाजिक आयोजन कर पा रहे हैं।मुख्यमंत्री ने कहा कि सुरक्षित उत्तर प्रदेश की छवि से देश और दुनिया में प्रदेश के प्रति धारणा बदली है।

    पहले कुछ लोगों की गलतियों के कारण प्रदेश के लोगों को भी पहचान के संकट का सामना करना पड़ता था। अब लोग उत्तर प्रदेश के लोगों से परहेज नहीं करते, बल्कि सहजता से मिलते हैं।

    सुरक्षा से निवेश और रोजगार का रास्ता खुलता है
    मुख्यमंत्री ने कहा कि सुरक्षा का सीधा संबंध विकास से है। जब माहौल सुरक्षित होता है तो सड़कें बनती हैं, निवेश आता है और रोजगार के अवसर बढ़ते हैं। लोगों का विश्वास मजबूत होता है तो उन्हें आगे बढ़ने से कोई नहीं रोक सकता।

    प्रदेश में आयोजित हो रहे मेले और उत्सव इसी विश्वास का परिणाम हैं। उन्होंने कहा कि गांवों की सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने में ग्राम प्रहरियों की भूमिका महत्वपूर्ण है।

    उन्होंने कहा कि बेटियों की सुरक्षा से खिलवाड़ करने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जा रही है। सीसीटीवी कैमरों और एआइ आधारित तकनीक से भी आरोपितों की पहचान करने में मदद मिल रही है।

    ग्राम प्रहरियों को मोबाइल फोन उपलब्ध कराए गए हैं, ताकि वे पुलिस से संपर्क बनाए रख सकें और सूचनाओं का तत्काल आदान-प्रदान हो सके।

  • योगी सरकार के मिशन रोजगार को मिलेगी गति, ‘उद्यमी बडी’ युवाओं को स्वरोजगार और सरकारी योजनाओं से जोड़ेगा

    योगी सरकार के मिशन रोजगार को मिलेगी गति, ‘उद्यमी बडी’ युवाओं को स्वरोजगार और सरकारी योजनाओं से जोड़ेगा

    नवरात्र पर यूपीकॉन की नई पहल, उद्यमिता की राह दिखाएगी ‘उद्यमी बडी’

    यूथ अड्डा का मैस्कॉट ‘उद्यमी बडी’ लॉन्च, ‘मेरा सपना, मेरी शक्ति’ से युवाओं और बेटियों को मिला उद्यमिता का संदेश

    योगी सरकार के मिशन रोजगार को गति देने की पहल, युवाओं को स्वरोजगार और सरकारी योजनाओं से जोड़ रहा यूपीकॉन

    लखनऊ, 
     मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश में युवाओं को रोजगार के साथ-साथ स्वरोजगार और उद्यमिता के अवसरों से जोड़ने के प्रयासों को लगातार विस्तार दिया जा रहा है। इसी क्रम में नवरात्र के अवसर पर उत्तर प्रदेश इंडस्ट्रियल कंसल्टेंट्स लिमिटेड (यूपीकॉन) ने युवाओं और महिला उद्यमियों को प्रोत्साहित करने के लिए प्रदेश के विभिन्न यूथ अड्डा केंद्रों पर ‘उद्यमी बडी’ मैस्कॉट का शुभारंभ किया। इस पहल के जरिए युवाओं, विशेषकर बेटियों को अपने सपनों को पहचानने, कौशल विकसित करने और अपने विचारों को व्यवसाय में बदलने के लिए प्रेरित किया गया।

    लखनऊ, मुरादाबाद, आजमगढ़, मिर्जापुर, गोरखपुर, प्रयागराज, गोंडा और वाराणसी समेत विभिन्न जिलों के यूथ अड्डा केंद्रों पर आयोजित कार्यक्रमों में सैकड़ों युवाओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। इनमें अपना व्यवसाय शुरू करने की इच्छुक युवतियों के साथ पहले से उद्यम कर रहीं महिला उद्यमी भी शामिल रहीं।

    ‘मेरा सपना, मेरी शक्ति’ से मिला आत्मनिर्भरता का संदेश

    कार्यक्रम के दौरान ‘मेरा सपना, मेरी शक्ति’ गतिविधि आयोजित की गई। प्रतिभागियों से अपने सपने लिखने और भविष्य में सीखना चाहने वाले कौशल की जानकारी देने को कहा गया। इसका उद्देश्य युवतियों और युवाओं को अपनी रुचि एवं क्षमता पहचानने तथा अपने विचारों को उद्यम के रूप में विकसित करने के लिए प्रेरित करना था। उत्कृष्ट प्रतिभागियों को पुरस्कृत भी किया गया।

    नई पीढ़ी के सपनों का प्रतीक है ‘उद्यमी बडी’

    ‘उद्यमी बडी’ एक युवा लड़की के रूप में तैयार किया गया मैस्कॉट है। यह नई पीढ़ी की उस सोच का प्रतिनिधित्व करता है, जिसमें युवा अपनी प्रतिभा और कौशल के आधार पर नए अवसर तलाशने के साथ अपनी अलग पहचान बनाना चाहते हैं। नवरात्र के दौरान महिला शक्ति और आत्मनिर्भरता के संदेश के साथ इस पहल को जोड़कर युवतियों को आर्थिक रूप से सशक्त बनने के लिए प्रेरित किया गया।

    सरकारी योजनाओं से जोड़े जा रहे युवा

    कार्यक्रमों में प्रतिभागियों को मुख्यमंत्री युवा उद्यमी विकास अभियान (सीएम युवा), मुख्यमंत्री युवा स्वरोजगार योजना (एनवाईएसवाई) और एमएसएमई विभाग की अन्य ऋण एवं सहायता योजनाओं की जानकारी दी गई। युवाओं को बताया गया कि सरकारी योजनाओं के माध्यम से उपलब्ध वित्तीय सहायता और मार्गदर्शन का लाभ लेकर वे अपने व्यावसायिक विचारों को धरातल पर उतार सकते हैं। यूथ अड्डा के माध्यम से युवाओं को उद्यमिता संबंधी जानकारी, मार्गदर्शन और सरकारी योजनाओं से जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है। इससे योगी सरकार के युवाओं को रोजगार मांगने वाला नहीं, रोजगार देने वाला बनाने के संकल्प को भी मजबूती मिल रही है।

    रोजगार तलाशने के साथ रोजगार देने की सोच

    इस अवसर पर यूपीकॉन के प्रबंध निदेशक प्रवीण सिंह ने कहा कि यूपीकॉन की पहल का उद्देश्य युवाओं, विशेषकर महिलाओं को उद्यमिता के अवसरों से जोड़ना और उन्हें रोजगार तलाशने के साथ-साथ स्वयं रोजगार सृजित करने के लिए प्रेरित करना है। यूथ अड्डा के माध्यम से युवाओं को उद्यमिता संबंधी जानकारी, मार्गदर्शन और सरकारी योजनाओं से जुड़ने का अवसर उपलब्ध कराया जा रहा है। उन्होंने कहा कि ‘उद्यमी बडी’ केवल एक मैस्कॉट नहीं, बल्कि युवाओं को सपने देखने, कौशल सीखने और अपने पैरों पर खड़े होने की प्रेरणा देने वाला संदेश है।

  • मोहाली में मतदाताओं की संख्या घटी, डेराबस्सी में सबसे ज्यादा 2.79 लाख वोटर

    मोहाली में मतदाताओं की संख्या घटी, डेराबस्सी में सबसे ज्यादा 2.79 लाख वोटर

    मोहाली
     विधानसभा क्षेत्र मोहाली जो कि पंजाब की सबसे अहम सीट मानी जाती है की मतदाता सूची में आए बदलाव ने चुनावी गणित को लेकर नई चर्चा छेड़ दी है। विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के बाद जारी अंतिम मतदाता सूची में मोहाली हलके में 2,02,010 मतदाता दर्ज किए गए हैं। यह संख्या 2024 के लोकसभा चुनाव के दौरान दर्ज 2,33,573 मतदाताओं से 31,563 कम है। वहीं, 2022 के विधानसभा चुनाव में हलके में 2,39,357 मतदाता थे। उस आंकड़े के मुकाबले मौजूदा सूची में 37,347 मतदाताओं का अंतर सामने आया है। जिले के खरड़ और डेराबस्सी विधानसभा क्षेत्रों के मुकाबले मोहाली हलके में पुराने चुनावी आंकड़ों और मौजूदा मतदाता सूची के बीच सबसे बड़ा अंतर दिखाई देता है।

    मोहाली में स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) के बाद वोटरों की संख्या 7.8% घट गई है। सोमवार को जारी अंतिम मतदाता सूची के मुताबिक जिले में अब 7,47,569 वोटर हैं। 2024 के लोकसभा चुनाव के दौरान यह संख्या 8,10,719 थी। इस हिसाब से 63,150 वोटरों की कमी आई है।

    हालांकि यह हटाए गए वोटरों की वास्तविक संख्या नहीं है, क्योंकि अंतिम सूची में नए वोट भी जुड़े हैं। प्रशासन बाद में हटाए गए वोटरों का अंतिम आंकड़ा जारी करेगा। डिप्टी कमिश्नर-कम-जिला चुनाव अधिकारी कोमल मित्तल ने रोल ऑब्जर्वर मोहम्मद तैय्यब की मौजूदगी में राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों के साथ बैठक कर अंतिम मतदाता सूची जारी होने की जानकारी दी। प्रतिनिधियों को मतदाता सूची की प्रतियां भी सौंपी गईं।

    डेराबस्सी में सबसे ज्यादा वोटर अंतिम मतदाता सूची के मुताबिक, डेराबस्सी विधानसभा क्षेत्र में सबसे ज्यादा 2,79,857 वोटर हैं। खरड़ में 2,65,702 और मोहाली में 2,02,010 वोटर दर्ज किए गए हैं। 13 अगस्त को जारी मसौदा मतदाता सूची में जिले के 7,00,719 वोटर थे। इनमें 3,62,751 पुरुष, 3,37,954 महिलाएं और थर्ड जेंडर के 14 वोटर शामिल थे। उस समय खरड़ में 2,46,922, मोहाली में 1,92,715 और डेराबस्सी में 2,61,082 वोटर थे। मसौदा सूची के मुकाबले अंतिम सूची में 46,850 वोटर बढ़े हैं।

    84,795 वोटरों की नहीं हुई थी मैपिंग SIR के दौरान जिले में 84,795 ऐसे वोटर मिले, जिनकी मैपिंग नहीं हो पाई थी। इसके अलावा, 1,09,419 मामलों में तार्किक विसंगतियां मिली थीं। संबंधित वोटरों को नोटिस देकर जरूरी दस्तावेज जमा कराने और अपना पक्ष रखने का मौका दिया गया। दावे और आपत्तियां दर्ज कराने की अवधि 13 अगस्त से 12 सितंबर तक थी।

    25 जून से शुरू हुई थी प्रक्रिया नोटिस जारी करने और उनके निपटारे की प्रक्रिया 8 अक्टूबर तक चली। मोहाली जिले में SIR की प्रक्रिया 25 जून से शुरू हुई थी। 838 बूथ लेवल अधिकारियों (बीएलओ) को 8,54,423 वोटरों तक पहुंचकर गणना फॉर्म भरवाने और जानकारी का सत्यापन करने की जिम्मेदारी दी गई थी। बीएलओ ने 25 जून से 24 जुलाई तक घर-घर जाकर जानकारी जुटाई। इस दौरान अनुपस्थित, दूसरी जगह शिफ्ट हो चुके, मृत और दोहरी एंट्री वाले वोटरों की जांच की गई।

    नाम नहीं तो फॉर्म-6 भरकर बनवा सकते हैं वोट अंतिम मतदाता सूची में नाम नहीं होने पर पात्र व्यक्ति फॉर्म-6 भरकर नया वोट बनवा सकता है। इसके लिए ऑनलाइन आवेदन करने के अलावा संबंधित बीएलओ या निर्वाचक रजिस्ट्रेशन अधिकारी के कार्यालय में भी संपर्क किया जा सकता है। एसआईआर के लिए अर्हता तिथि 1 अक्टूबर 2026 रखी गई थी।

     राजनीतिक दृष्टि से यह आंकड़ा इसलिए महत्वपूर्ण है, क्योंकि मतदाता सूची बूथ स्तर पर राजनीतिक दलों की तैयारी, मतदाताओं तक पहुंच और चुनावी प्रबंधन का आधार होती है। हालांकि, मतदाताओं की संख्या में कमी के आधार पर किसी राजनीतिक दल के समर्थन या चुनावी नतीजों पर असर का अनुमान नहीं लगाया जा सकता। यहां एक महत्वपूर्ण सवाल यह है कि मौजूदा सूची में कितने नाम हटाए गए, कितने नए मतदाता जुड़े और कितने नामों में संशोधन हुआ। 

    जिला प्रशासन की ओर से जारी अंतिम सूची के कुल आंकड़े इन सवालों का पूरा जवाब नहीं देते। एसआईआर के दौरान वास्तव में हटाए गए नामों की संख्या जानने के लिए पुनरीक्षण से पहले की सूची और अंतिम सूची का आधिकारिक तुलनात्मक ब्योरा जरूरी है।

  • गोरखपुर-सिलीगुड़ी एक्सप्रेसवे की रफ्तार पर ब्रेक! केंद्र की मंजूरी का इंतजार, भूमि अधिग्रहण में देरी की आशंका

    गोरखपुर-सिलीगुड़ी एक्सप्रेसवे की रफ्तार पर ब्रेक! केंद्र की मंजूरी का इंतजार, भूमि अधिग्रहण में देरी की आशंका

    पटना
     बिहार के आठ जिलों से होकर गुजरने वाली गोरखपुर-सिलीगुड़ी एक्सप्रेसवे के निर्माण पर संकट मंडराने लगा है। अगर केन्द्रीय कैबिनेट की जल्द स्वीकृति नहीं मिलती है तो भूमि अधिग्रहण कार्य प्रभावित हो सकता है। इसको लेकर पथ निर्माण विभाग ने केंद्रीय सड़क, परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय से आग्रह किया है कि जन-निजी भागीदीर के तहत इसके निर्माण की जल्द मंजूरी दें। साथ ही विभाग ने इस परियोजना को चार से बढ़ाकर छह लेन के रूप में विसकित करने का अनुरोध किया है। विभाग से मिली जानकारी के अनुसार, इस परियोजना को लेकर भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) ने सार्वजनिक-निजी भागीदारी मूल्यांकन समिति की मंजूरी के लिए भेजा है। इसकी मंजूरी मिलने के बाद ही इस सड़क के निर्माण की दिशा में कदम आगे बढ़ेंगे। उधर, किशनगंज को छोड़कर अन्य जिलों के लिए भूमि अधिग्रहण को लेकर अधिसूचना जारी कर दी गई है।

    इसमें बताया गया है कि कौन-कौन सी जमीन किस जिले में चिह्नित की गई है। विभाग ने कहा है कि इस साल के अंत तक अगर भूमि अधिग्रहण का अगला चरण शुरू नहीं हुआ तो नये सिरे से इसकी अधिसूचना जारी करनी पड़ेगी। इसकी वजह यह है कि भूमि अधिग्रहण की अधिसूचना के सालभर के भीतर जमीन किसानों से लेने की प्रक्रिया शुरू होती है। इसके पूर्व किसानों को उनकी जमीन परियोजना के दायरे में आने तथा अधिग्रहण के संबंध में सूचना दी जाती है। यदि दूसरे चरण के अधिग्रहण की प्रक्रिया जल्द शुरू नहीं हुई तो इस एक्सप्रेसवे के लिए भूमि अधिग्रहण के कार्य में विलंब होने की आशंका है। विभाग ने कहा है कि गोरखपुर-सिलीगुड़ी एक्सप्रेसवे को चार लेन की जगह छह लेन बनाने का आग्रह पूर्व में भी किया गया था, जिस पर अभी तक सहमति नहीं मिली है।

    बिहार के इन जिलों से गुजरेगा एक्सप्रेसवे
    गोरखपुर-सिलीगुड़ी एक्सप्रेसवे की कुल लंबाई 568 किलोमीटर है। बिहार में इसकी लंबाई करीब 417 किलोमीटर है। यह राज्य के आठ जिलों पश्चिम चंपारण, पूर्वी चंपारण, सीतामढ़ी, शिवहर, मधुबनी, सुपौल, अररिया और किशनगंज से गुजरेगा। इस एक्सप्रेस-वे की शुरुआत गोरखपुर से होगी और देवरिया होते हुए बिहार में प्रवेश करेगी। इस एक्सप्रेस-वे से चार राज्यों में आवागमन बेहतर हो सकेगा। इसमें उत्तर प्रदेश, बिहार, पश्चिम बंगाल और असम शामिल हैं।। सीतामढ़ी माता सीता की जन्मभूमि है और वहां अयोध्या की तर्ज पर मां जानकी मंदिर का निर्माण हो रहा है। इस तरह से उत्तर बिहार में धार्मिक पर्यटन को भी इस एक्सप्रेस-वे से बढ़ावा मिलेगा। बिहार से सिलीगुड़ी और फिर इसके बाद असम तक एक्सप्रेस-वे से जाना आसान हो जाएगा। इस तरह इससे कामाख्या मंदिर तक की सुगम संपर्कता मिले।

  • दिल्ली में वोटर लिस्ट में नाम जुड़वाने का मौका, 30 अक्टूबर तक भरें फॉर्म-6

    दिल्ली में वोटर लिस्ट में नाम जुड़वाने का मौका, 30 अक्टूबर तक भरें फॉर्म-6

    नई दिल्ली
     दिल्ली में वोटर लिस्ट के स्पेशल समरी रिवीजन (SIR) के तहत लॉजिकल डिस्क्रिपेंसी और अनमैच्ड कैटिगरी में शामिल करीब 33 लाख एंट्री में से लगभग 20 लाख मामलों का समाधान कर लिया गया है। सीईओ दिल्ली ऑफिस के अनुसार हर एलिजिबल वोटर को लिस्ट में शामिल करने के लिए काम लगातार किया जा रहा है।

    31 अगस्त को जारी ड्राफ्ट वोटर लिस्ट में 97 लाख लोगों के नाम शामिल हुए थे। इनमें 33 लाख को फोटो मिसमैच, नाम मिसमैच, स्पेलिंग मिस्टेक और अन्य वजहों से नोटिस जारी किए गए थे। नोटिस के निस्तारण के आदेश बीएलओ को घर-घर जाकर करने के निर्देश सीईओ ऑफिस ने दिए हैं। इसके अलावा हर रविवार को स्पेशल कैंप लगाकर लोगों की समस्याएं अलग से सुनी जा रही हैं। मटियामहल विधानसभा में आने वाले तुर्कमान गेट बुलबुल खाना पोलिंग स्टेशन की एक बीएलओ ने बताया कि उनके बूथ में 1134 वोटर थे। इनमें 212 को नोटिस जारी हुए थे।

    18 और 25 को सभी पोलिंग स्टेशनों पर लगेंगे स्पेशल कैंप
    इन सभी के नोटिस को हम लोग क्लियर कर चुके हैं। एक अन्य बीएलओ ने कहा, उनके पोलिंग स्टेशन में 334 वोटर्स को नोटिस जारी हुए थे। इनमें अब सिर्फ 50 नोटिस के समाधान रह गए हैं। हम लोग कोशिश कर रहे हैं कि सभी के नाम जुड़ जाएं। चुनाव आयोग के एक अधिकारी ने कहा, कोशिश की जा रही है कि अक्टूबर में ही नोटिस का निस्तारण कर लिया जाए। दो हफ्ते में लगभग सभी नोटिस का समाधान हो जाएगा। अब 18 और 25 अक्टूबर को भी स्पेशल कैंप लगाए जाएंगे।

    फॉर्म-6 भरकर करा सकते हैं रजिस्ट्रेशन
    दिल्ली के सीईओ ने भरोसा दिया है कि सभी एलिजिबल वोटर अगर जरूरी डॉक्यूमेंट्स के साथ फॉर्म-6 जमा करते हैं, तो उनका नाम वोटर लिस्ट में शामिल किया जाएगा। इसके लिए ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों तरह से आवेदन किया जा सकता है। ऑनलाइन आवेदन 30 अक्टूबर तक संबंधित निर्वाचन पंजीकरण अधिकारी (ERO), सहायक निर्वाचन पंजीकरण अधिकारी (AERO), BLO या निर्धारित पोलिंग स्टेशन पर जमा किए जा सकते हैं।

     

  • यूपी में चुनावी तैयारियों के बीच बड़ा सवाल, 51 लाख छात्रों की परीक्षा पहले या विधानसभा चुनाव?

    यूपी में चुनावी तैयारियों के बीच बड़ा सवाल, 51 लाख छात्रों की परीक्षा पहले या विधानसभा चुनाव?

    लखनऊ
    उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव पिछली बार फरवरी-मार्च में हुआ था। इस बार फरवरी में चुनाव कराने पर संकट मंडराने लगा है। यह संकट सोमवार को जारी हुए यूपी बोर्ड की हाईस्कूल और इंटरमीडिएट की परीक्षा के कारण हुआ है। बोर्ड ने अपना परीक्षा कार्यक्रम जारी कर दिया है। 5 फरवरी से 24 फरवरी तक परीक्षाएं आयोजित होंगी। ऐसे में दोनों एक साथ कराना संभव नहीं है। अगर विधानसभा चुनाव पिछली बार की तरह फरवरी में कराने का फैसला होता है तो परीक्षाएं दो महीने टालनी होंगी और नया कार्यक्रम जारी करना होगा। पिछली बार 10 फरवरी से 7 मार्च तक चुनाव हुए थे और नतीजे 10 मार्च को आए थे।

    यूपी बोर्ड की हाईस्कूल व इंटरमीडिएट की परीक्षा में 51 लाख से अधिक विद्यार्थी शामिल होंगे। वहीं परीक्षा के लिए सरकारी व निजी स्कूलों को परीक्षा केंद्र बनाया जाएगा। यही स्कूल विधानसभा चुनाव में मतदान केंद्र बनाए जाते हैं। नवंबर में अपर मुख्य निर्वाचन आयुक्त मनीष गर्ग व दिसंबर में भारत निर्वाचन आयोग की टीम यूपी के चुनाव की तैयारियों का जायजा लेने आएगी।

    विधानसभा चुनाव के लिए आयोग के पास मई तक का समय
    फिलहाल, तैयारियां तेजी से चल रही हैं लेकिन यूपी विधानसभा चुनाव कराने के लिए आयोग के पास अभी पर्याप्त वक्त भी है। यूपी में 18वीं विधानसभा की पहली बैठक 23 मई को हुई थी। ऐसे में 22 मई 2026 को यूपी विधानसभा का पांच साल का कार्यकाल खत्म हो रहा है। ऐसे में यह भी हो सकता है कि चुनाव कुछ चरणों में अब मार्च-अप्रैल में हों। फिलहाल फरवरी में अगर विधानसभा चुनाव हुए तो फिर बोर्ड परीक्षा टलेगी। अब आगे विधानसभा चुनाव का कार्यक्रम ही बताएगा कि बोर्ड परीक्षाएं तय किए गए शेड्यूल से होंगी या फिर विधानसभा चुनाव पहले आयोजित किए जाएंगे।

    दिसंबर में ही अंतरिम बजट लाएगी सरकार
    वहीं, विधानसभा चुनाव को देखते हुए यूपी की योगी सरकार दिसंबर में ही अंतरिम बजट लाने की तैयारी कर रही है। सूत्र बताते हैं कि शीतकालीन सत्र में अनुपूरक बजट के साथ ही चुनाव के दरमियान भी वेतन, पेंशन और तय खर्चे की व्यवस्था होने तक के लिए यह अंतरिम बजट लाया जाएगा। पहले माना जा रहा था कि सरकार अनुपूरक के बाद विशेष सत्र में अंतरिम बजट पेश करेगी। हालांकि, अब संभावना जताई जा रही है कि दिसंबर में ही अंतरिम बजट भी लाया जाएगा। 2022 के विधानसभा चुनाव के बाद योगी सरकार ने 26 मई को बजट पेश किया था।

  • पंजाब में नशे के खिलाफ अभियान चलाने वाले कार्यकर्ता की हत्या से सनसनी, हमलावरों ने मारी गोली

    पंजाब में नशे के खिलाफ अभियान चलाने वाले कार्यकर्ता की हत्या से सनसनी, हमलावरों ने मारी गोली

    मानसा.

    पंजाब के मानसा जिले में मेडिकल स्टोरों से नशा बिक्री के खिलाफ अभियान चलाने वाले परविंदर सिंह झोटा की गोली मारकर हत्या कर दी गई है। ये गोली एक मेडिकल स्टोर मालिक ने ही चलाई। जिस समय परविंदर झोटा को गोली मारी गई, वह सोशल मीडिया पर लाइव थे और पूरी घटना उनके लाइव वीडियो में कैद हो गई।

    यह दर्दनाक घटना सुबह करीब 9:00 बजे की है। परविंदर झोटा शहर के रेलवे फाटक के नजदीक एक मेडिकल स्टोर संचालक अश्विनी के पास पहुंचे थे और नशा बेचने का आरोप लगाते हुए उससे बहस कर रहे थे। बहस इतनी बढ़ गई कि मेडिकल स्टोर मालिक ने अपनी पिस्तौल निकाल ली। पिस्तौल देखकर परविंदर झोटा और अधिक उग्र हो गए और उन्होंने संचालक को गोली मारने की चुनौती दे दी। इसके बाद गुस्साए मेडिकल स्टोर मालिक ने परविंदर पर गोलियां चला दीं।

    परविंदर के दो समर्थक भी घायल
    गोली लगने के बाद परविंदर जान बचाने के लिए सड़क की तरफ भागे और साथ की दुकान में जा गिरे। वहां मौजूद आसपास के लोगों ने तुरंत उन्हें एक गाड़ी में लादा और अस्पताल पहुंचाया। हालांकि, इलाज के दौरान अस्पताल में परविंदर की मौत हो गई। इस घटना में परविंदर सिंह को तीन गोलियां लगी हैं। दो गोली पेट और एक टांग पर लगी, जिससे उसकी मौत हुई। इस घटना में एक अन्य दुकान के संचालक हैप्पी, कुलविंदर सिंह, बलदेव सिंह और गोविंद सिंह छर्रे लगे हैं और उनका इलाज सिविल अस्पताल में चल रहा है।

    अस्पताल में सामाजिक संगठनों का प्रदर्शन शुरू
    घटना की सूचना मिलते ही पुलिस प्रशासन में हड़कंप मच गया। डीएसपी हरजिंदर सिंह तुरंत मौके पर पहुंचे और स्थिति का जायजा लेते हुए मामले की गहन जांच शुरू कर दी है। उधर, घटना से गुस्साए परविंदर के माता-पिता और विभिन्न सामाजिक संगठनों के लोग सिविल अस्पताल पहुंचे। उन्होंने पंजाब सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और आरोपी के खिलाफ सख्त कार्रवाई तथा जल्द इंसाफ की मांग की। इस सनसनीखेज वारदात के बाद पूरे इलाके में तनाव का माहौल बना हुआ है और लोग सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठा रहे हैं।

    2023 में भी हो चुका विवाद
    परविंदर झोटा का इसी केमिस्ट शॉप मालिक से पहले भी विवाद हो चुका है। परविंदर झोटा ने इसी केमिस्ट शॉप मालिक को 2023 में मुंह काला कर जूतों की माला पहना कर सड़कों पर घुमाया था। उस समय पुलिस को केमिस्ट शॉप मालिक की दुकान से 39 नशे के पत्ते बरामद हुए थे और उसके खिलाफ मामला दर्ज किया गया था। इस घटना के बाद भी कई बार अश्विनी कुमार के साथ परविंदर झोटा की बहस हो चुकी है।

    एसएसपी अस्पताल में पहुंचे
    घटना के बाद एसएसपी वैभव चौधरी मानसा के सिविल अस्पताल पहुंचे। वहां परविंदर झोटा के समर्थकों की काफी समय बहस हुई। परविंदर झोटा के समर्थकों ने शहर बंद करने की घोषणा कर दी है। वहीं, एसएसपी मानसा ने साफ किया है कि अभी केमिस्ट शॉप मालिक अश्विनी कुमार फरार है, लेकिन उसे जल्द अरेस्ट कर लिया जाएगा।

  • ₹700 करोड़ के घोटाले में नया खुलासा, कालका नगर परिषद के ₹18.46 करोड़ भी जांच के घेरे में

    ₹700 करोड़ के घोटाले में नया खुलासा, कालका नगर परिषद के ₹18.46 करोड़ भी जांच के घेरे में

    चंडीगढ़
     हरियाणा के विभिन्न विभागों, चंडीगढ़ स्मार्ट सिटी और क्रेस्ट सोसायटी में 700 करोड़ रुपये से अधिक की धोखाधड़ी के मामले में सीबीआई ने सोमवार को चार और आरोपितों को गिरफ्तार किया।

    इनमें सेक्टर-35 के बर्तन कारोबारी गौरव कांसल के अलावा सिद्धार्थ नरूला, मोहित और मनोज शामिल हैं। चारों को पंचकूला की सीबीआई अदालत में पेश किया, जहां से उन्हें तीन दिन के रिमांड पर भेजा है।

    सीबीआई के अनुसार, गौरव ने सरकारी खातों से निकाली गई रकम को कैश में बदलने और उसे दोबारा बैंक खातों में जमा कराने में अहम भूमिका निभाई। दो वर्षों के दौरान उसने आइडीएफसी बैंक के पूर्व ब्रांच मैनेजर और मामले के कथित मास्टरमाइंड रिभव ऋषि के साथ मिलकर 94 करोड़ रुपये ठिकाने लगाए।

    एजेंसी का आरोप है कि आरोपितों ने गिरोह की तरह काम किया। अब जांच की जा रही है कि रकम किन लोगों तक पहुंची और उससे कहां संपत्ति खरीदी गई। सीबीआई के मुताबिक, छह दिसंबर 2023 से पांच दिसंबर 2025 के बीच जाली कंपनियों आरएस ट्रेडर्स, कैपको फिनटेक सर्विसेज और स्वास्तिक देश प्रोजेक्ट्स से भारत डिस्ट्रिब्यूटर्स के खाते में 82 लेन-देन के जरिए 26.78 करोड़ रुपये भेजे गए।

    इसके बदले 66 लेन-देन के माध्यम से 25.18 करोड़ रुपये वापस भेजे गए। एजेंसी का आरोप है कि इस लेन-देन के बदले कैश भी दिया गया। सरकारी खातों से निकाली गई रकम को सीधे खर्च करने के बजाय कई बैंक खातों से घुमाकर कैश में बदला जाता था, ताकि स्रोत और अंतिम लाभार्थियों का पता लगाना मुश्किल हो।

    सीबीआई के अनुसार, प्रक्रिया का संचालन रिभव ऋषि के इंडस्ट्रियल एरिया स्थित कार्यालय से होता था। गौरव कैश कन्वर्टर के तौर पर काम करता था। उसके एक चचेरे भाई की भूमिका की भी जांच हो रही है। सीबीआई के मुताबिक, गौरव ने 140 से अधिक लेन-देन के जरिए रिभव ऋषि के लिए सरकारी धन ठिकाने लगाया और कैश कन्वर्टर्स तक करीब 94 करोड़ रुपये पहुंचाए।

    नगर परिषद कालका के 18 करोड़ और आइएएस के बेटे तक हवाला
    सबसे सनसनीखेज खुलासा 20 जनवरी 2026 का है। एमसी कालका के खाते से 18.46 करोड़ रुपये उड़ाए गए। इसमें से 4 करोड़ रुपये एसआरआर प्लानिंग गुरुज के आरबीएल खाते में गए, जिसने उसी दिन 2.50 करोड़ रुपये मेगा स्टोर को भेज दिए।

    21 और 22 जनवरी को स्वास्तिक ने 80 लाख और 1.10 करोड़ रुपये और भेजे। 22 जनवरी 2026 को रिभव ऋषि के कहने पर मोहित गोयल ने अपने स्टोर और अपने जानकारों के जरिए 2 करोड़ रुपये कैश का इंतजाम किया। यही 2 करोड़ रुपये उसी शाम हवाला चैनल से दिल्ली में आरोपित आइएएस आरके सिंह के बेटे तक पहुंच गए। इस तरह कालका नगर परिषद का सरकारी पैसा 48 घंटे के अंदर कैश बनकर एक लोकसेवक तक पहुंच गया।

    सरकारी खजाने के 59.50 करोड़ डकारे
    वहीं गिरफ्तार तीसरा आरोपित सेक्टर-32डी में एससीओ 357 में संचालित चंडीगढ़ मेगा स्टोर का मालिक मोहित गोयल है। आरोपित सेक्टर-37बी का रहने वाला है। सीबीआइ के मुताबिक, मोहित गोयल जानता था कि आरएस ट्रेडर्स और कैपको फिनटेक सर्विसेज, रिभव ऋषि की फर्में हैं।

    आइडीएफसी फर्स्ट बैंक के ब्रांच मैनेजर रिभव ऋषि ने ही उसके स्टोर का खाता खुलवाया था। 11 अक्टूबर 2023 से 28 जनवरी 2026 के बीच आरोपित फर्मों आरएस ट्रेडर्स, कैपको फिनटेक, स्वास्तिक देश और एसआरआर प्लानिंग गुरुज ने मोहित गोयल और उसकी दो फर्मों -चंडीगढ़ मेगा स्टोर और भगवती एजेंसीज को 112 बार में 59 करोड़ 50 लाख 47 हजार 515 रुपये भेजे। बदले में उसने सिर्फ 14 करोड़ 5 लाख 24 हजार रुपये ही बैंक से वापस भेजे।