Category: राज्य

  • 100 दिनों के कामों को जनता तक पहुंचाने पर जोर, मंत्री श्रवण कुमार ने विभागीय कार्यों की समीक्षा की

    100 दिनों के कामों को जनता तक पहुंचाने पर जोर, मंत्री श्रवण कुमार ने विभागीय कार्यों की समीक्षा की

    सरकार के 100 दिनों के कार्यों का हो अधिक प्रचार-प्रसार : मंत्री श्रवण कुमार

    आईपीआरडी के माननीय मंत्री श्रवण कुमार ने विभाग के कामकाज की समीक्षा की

    पटना
    ग्रामीण विकास तथा सूचना एवं जनसंपर्क विभाग (आईपीआरडी) के मंत्री एवं जदयू विधायक दल के नेता माननीय मंत्री श्री श्रवण कुमार ने विभाग के कामकाज की गहन समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि माननीय मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी सरकार के 100 दिनों में किए गए कार्यों और शुभारंभ हुई जनहित योजनाओं का अधिकतम प्रचार किया जाए, ताकि कल्याणकारी योजनाओं की जानकारी हर व्यक्ति तक पहुंचे। समीक्षा बैठक में मंत्री ने कहा कि समाचार पत्रों, टीवी, रेडियो और सोशल मीडिया के माध्यम से सरकार, विभागों तथा जिला स्तर पर हुए सकारात्मक कार्यों को जनता तक प्रभावी ढंग से पहुंचाया जाए। उन्होंने नकारात्मक खबरों के त्वरित आधिकारिक खंडन पर भी जोर दिया, ताकि गलत जानकारी या अफवाहें न फैले।
          श्री कुमार ने विभाग को मीडिया संबंधी कार्यों को और सुचारू व मजबूत बनाने का निर्देश दिया। सोशल मीडिया में बढ़ती रुचि को देखते हुए उन्होंने सरकार और आमजन के बीच विश्वास व सकारात्मक रवैया अपनाने पर बल दिया। उन्होंने कहा कि सरकार की विभिन्न योजनाओं और कार्यों का फेसबुक, एक्स, इंस्टाग्राम आदि प्लेटफॉर्म्स पर उत्तम गुणवत्ता के साथ नियमित प्रचार हो और इसकी नियमित समीक्षा भी की जाए। कार्यालय में कार्य समन्वय और पारदर्शिता के साथ किया जाए। बैठक में विभाग के सचिव श्री नवीन कुमार, निदेशक अनिल कुमार, संयुक्त सचिव राजीव कुमार सिंह सहित सभी वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

  • नालंदा में ग्रामीण विकास मंत्री श्रवण कुमार ने 119 लाभुकों को दिया योजनाओं का लाभ

    नालंदा में ग्रामीण विकास मंत्री श्रवण कुमार ने 119 लाभुकों को दिया योजनाओं का लाभ

    नालंदा में ग्रामीण विकास मंत्री श्रवण कुमार ने 119 लाभुकों को दिया योजनाओं का लाभ
    – 5 लाख रुपये से अधिक का सौंपा चेक
    पटना

    ग्रामीण विकास तथा सूचना एवं जनसंपर्क विभाग के मंत्री एवं जदयू विधायक दल के नेता माननीय श्री श्रवण कुमार ने शुक्रवार को नालंदा जिले के सिलाव प्रखंड में 119 लाभुकों को विभिन्न सरकारी योजनाओं का लाभ प्रदान किया। इस मौके पर उन्होंने पांच लाख रुपये से अधिक राशि के चेक लाभुकों को सौंपे।

    माननीय मंत्री ने शौचालय निर्माण के लिए जीविका दीदियों को आर्थिक सहयोग दिया। कुल 29 जीविका दीदियों को 10-10 हजार रुपये की सहयोग राशि का चेक प्रदान किया है। मुख्यमंत्री परिवार लाभ योजना के अंतर्गत दो लाभुकों को 20-20 हजार रुपये का चेक सौंपा। इसके अलावा 54 लाभुकों को बंदोबस्ती पर्चा का वितरण किया, जिससे उन्हें भूमि संबंधी अधिकार मिल सकेंगे।
    अग्निकांड से फसल क्षति झेलने वाले किसानों को भी माननीय मंत्री ने सहायता राशि देकर राहत पहुंचाई है। कुल 34 लाभुकों को फसल क्षति के मुआवजे के रूप में 1,90,524 रुपये का चेक माननीय मंत्री ने वितरित किया।

  • गंगा से जुड़ेगा रोजगार का नया सफर, बिहार के 70 वाटर टूरिज्म हब देंगे 10 हजार लोगों को काम

    गंगा से जुड़ेगा रोजगार का नया सफर, बिहार के 70 वाटर टूरिज्म हब देंगे 10 हजार लोगों को काम

    पटना.

    राज्य की झील, तालाब, डैम और नदियां पर्यटकों के आकर्षण का नया केंद्र बनेंगी। पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग ने राज्य में वाटर टूरिज्म को बड़े स्तर पर विकसित करने का मास्टरप्लान तैयार किया है।

    इसके तहत बिहार के 276 जल स्रोतों को पर्यटन की दृष्टि से विकसित किया जाएगा। पहले चरण में 70 से अधिक जल स्रोतों पर पर्यटकीय सुविधाएं विकसित करने की तैयारी है। इनमें पटना की गंगा नदी के साथ बेगूसराय की कांवर झील, गया की फल्गु नदी, नालंदा के घोड़ाकटोरा, नवादा के ककोलत समेत कई जल स्रोतों को विकसित किया जाएगा।

    नद‍ियों में भी होग बोट‍िंग और वाटर स्‍पोर्ट्स की सुविधाएं –
    गंडक, कोसी, सोन और पुनपुन जैसी नदियों में भी बोटिंग और वाटर स्पोर्ट्स की सुविधाएं विकसित करने की तैयारी है। इसके लिए जल स्रोतों पर फ्लोटिंग जेटी बनाई जाएगी। पर्यटक स्पीड बोट और क्रूज की सवारी कर सकेंगे। वहीं, प्रकृति प्रेमियों के लिए बर्ड वाचिंग और रिवर सफारी जैसे अनुभव भी उपलब्ध होंगे। विभाग की योजना के अनुसार हर महीने करीब 12 लाख पर्यटकों को आकर्षित करने का लक्ष्य है। पीपीपी मोड पर तालाबों और डैम को विकसित किया जाएगा।

    शिकारा से जेट स्की तक, पसंद के हिसाब से चुन सकेंगे बोट
    वाटर टूरिज्म को हर वर्ग के लोगों के लिए आकर्षक बनाने की तैयारी है। यहां स्पीड बोट, जेट स्की, शिकारा, हाउस बोट, पैडल बोट, मोटर बोट, कयाक, कैनो, राफ्ट और रोइंग बोट जैसी करीब 10 तरह की बोट उपलब्ध कराने की योजना है। विभाग के अनुसार, इससे दस हजार से अधिक लोगों को रोजगार भी मिलेगा। बोट चलाने वालों, लाइफगार्ड, टूर गाइड, सुरक्षा कर्मियों से लेकर होटल, रिसार्ट, रेस्तरां और स्थानीय परिवहन से जुड़े लोगों को काम के अवसर मिलेंगे। छोटे दुकानदारों, स्थानीय खान-पान और हस्तशिल्प कारोबार को भी नया बाजार मिलेगा।

  • IIT-IIM से IAS तक का सफर खत्म, दिव्या मित्तल ने दिया इस्तीफा; वजह पर साधी चुप्पी

    IIT-IIM से IAS तक का सफर खत्म, दिव्या मित्तल ने दिया इस्तीफा; वजह पर साधी चुप्पी

     लखनऊ
    यूपी के तीन जिलों में डीएम के पद पर सेवा दे चुकी आईएएस दिव्या मित्तल ने आईएएस से रिजाइन कर दिया है। रविवार को उनकी सोशल मीडिया पोस्ट से इसकी जानकारी हुई तो पूरे यूपी में हलचल मच गई। दिव्या मित्तल ने त्यागपत्र देने की जानकारी के साथ एक अंतिम चिट्ठी भी लिखी है, जिसमें उन्होंने अपने अनुभव साझा किए हैं। हालांकि, इसमें कहीं यह जिक्र नहीं किया है कि उन्होंने रिजाइन क्यों किया।

    कौन हैं आईएएस दिव्या मित्तल?
    यूपी की चर्चित आईएएस अधिकारियों में गिनी जाने वाली दिव्या मित्तल 2013 बैच की आईएएस हैं, जिन्हें 2015 में कंफर्मेशन मिला और मेरठ में ज्वांइट मजिस्ट्रेट के पद नियुक्त किया गया। मूलरूप से दिल्ली की रहने वाली 42 वर्षीय दिव्या मित्तल यूपी में तीन जिलों संतकबीरनगर, मिर्जापुर और देवरिया की डीएम रह चुकी हैं। उन्होंने आईआईटी दिल्ली से बीटेक और आईआईएम से पीजीडीएम किया है।

    कहां-कहां मिली पोस्टिंग?
    पद / स्थान                                           अवधि
    मेरठ में ज्वाइंट मजिस्ट्रेट                        नवंबर 2015 से मई 2017
    गोंडा में सीडीओ                                 मई 2017 से अप्रैल 2018
    कानपुर नगर में संयुक्त प्रबंध निदेशक (UPSIDC)     अप्रैल 2018 से फरवरी 2019
    बरेली में उपाध्यक्ष (बरेली विकास प्राधिकरण)     फरवरी 2019 से सितंबर 2020
    संत कबीर नगर में डीएम एवं कलेक्टर     सितंबर 2020 से सितंबर 2022
    मिर्जापुर में डीएम एवं कलेक्टर     सितंबर 2022 से सितंबर 2023
    लखनऊ में प्रतीक्षा सूची में     सितंबर 2023 से फरवरी 2024
    लखनऊ में सीईओ (UPRRDA)     फरवरी 2024 से जुलाई 2024
    देवरिया में डीएम एवं कलेक्टर     जुलाई 2024 से मई 2026
    लखनऊ में विशेष सचिव (राजस्व विभाग)     मई 2026 से अब तक
    दिव्या मित्तल ने चिट्‌ठी वाली पोस्ट का पूरा वर्जन

    आईएएस दिव्या मित्तल ने लिखा,
        ‘आज मैंने 13 वर्षों की अविस्मरणीय यात्रा को अपनी इच्छा से विराम देते हुए IAS से त्यागपत्र दे दिया है।

        साधारण परिवेश में पलते हुए मैंने एक अच्छे, सफल जीवन का सपना देखा था। दिन-रात एक कर IIT दिल्ली और IIM बैंगलोर से पढ़ने के बाद, लंदन में नौकरी लग गयी। पर 'सब कुछ' पा लेने पर भी कुछ अधूरा था। अपने देश में न होना खलता था। मेरी पढ़ाई, आत्मविश्वास, दुनिया में कहीं भी सिर उठाकर चलने की ताक़त, सब इस मिट्टी का कर्ज़ था मुझ पर। वो कर्ज़ चुकाना था। चाहती थी जिस भारत का सपना देखा था, उसे बनाने वाली ईंटों पर मेरे भी हाथों के निशान हों। सो लौट आई, और IAS अधिकारी बनने का सौभाग्य मिला।

        बहुत कुछ करने का मौका मिला और बहुत सीखा। देवरिया ने सिखाया कि सही के साथ खड़ा होना विकल्प नहीं, कर्तव्य है। मीरजापुर ने सिखाया कि 'असंभव' कोई तथ्य नहीं, बस एक राय है। और माँ विंध्यवासिनी के चरणों में बैठकर सीखा कि शक्ति किसी पद से नहीं, उनकी कृपा और लोगों के विश्वास से आती है। सबसे बड़ी सीख यह थी कि अपने लिए देखे सपने तो पूरे हो चुके थे, अब अपने लोगों के लिए देखे सपनों को जीना था। इस जीवन का असली सुकून उन आँखों में दिखा, जिस परिवार को पहली बार ज़मीन का हक़ मिला, जिस दिव्यांग को सम्मान से जीने का अवसर मिला, और जिस किसान के खेत को पानी मिला। उनके संघर्षों में साथ चलते हुए मैंने सीखा कि हर सरकारी फ़ाइल के पीछे एक व्यक्ति है, और उसकी गरिमा बनाये रखना ही न्याय है।

        मूर्ख थी जो सोचा था कि कुछ देने आयी हूँ। सच यह है कि सबसे ज़्यादा मैंने ही पाया, और वो कर्ज़ और भी बढ़ता गया। लोग मेरी ख़ुशी में मुझसे ज़्यादा ख़ुश हुए। उन्होंने मुझे तब भी उसी विश्वास से देखा, जब मैं खुद ही थकी या टूटी थी। और इसी ने आगे बढ़ते रहने की हिम्मत दी। इतना प्यार, इतना सम्मान, इतना अपनापन मिला, कि मेरी झोली पूरी भर गयी। और इसमें उन साथियों, अधिकारियों और कर्मचारियों का भी बहुत बड़ा श्रेय है जिन्होंने मेरे कंधे से कंधा मिलाकर काम किया और साथ डटे रहे।

        आज आभार से आँखें नम हैं। बस एक दृश्य इनमें बसा है। लहुरिया दह की पहाड़ी की वो वृद्ध माँ, जो अपने गाँव में पहली बार पानी पहुँचता देख कुछ नहीं बोली, बस काँपते हाथों से मेरा सिर छूकर आशीर्वाद दे गई। पद तो आज छूट गया, पर वह स्पर्श जीवन भर नहीं छूटेगा। और वह सपना भी नहीं छूटेगा, जो देश की इस मिट्टी ने मुझे दिया है।

       

     

  • कैलाश मानसरोवर यात्रा में एक दिन की देरी ने टाला बड़ा हादसा, CA समेत 20 दोस्तों की जान बची

    कैलाश मानसरोवर यात्रा में एक दिन की देरी ने टाला बड़ा हादसा, CA समेत 20 दोस्तों की जान बची

    चंडीगढ़.

    नेपाल में आई बाढ़ से अब तक 724 लोगों की मौत हो चुकी है और 275 से अधिक भारतीय लापता हैं। 108 भारतीयों को बचाया जा चुका है और चीन में मौजूद करीब 900 भारतीय सुरक्षित हैं। इसी बीच चंडीगढ़ के लिए भी राहत की खबर आई है।

    भगवान शिव के धाम कैलाश मानसरोवर की यात्रा पर गए चंडीगढ़ के सेक्टर-19 निवासी चार्टर्ड अकाउंटेंट (सीएम) रचित गोयल और उनके 20 दोस्त सुरक्षित हैं। उनके लिए कैलाश मानसरोवर यात्रा जिंदगी का ऐसा अनुभव बन गई, जिसे वे कभी नहीं भूल पाएंगे। यात्रा के दौरान उनके एक साथी की तबीयत अचानक बिगड़ गई। ऊंचाई पर सांस लेने में तकलीफ होने के कारण वह आगे बढ़ने की स्थिति में नहीं था। साथी की हालत को देखते हुए दल ने कैलाश पर्वत की चढ़ाई एक दिन के लिए टाल दी। बाद में उन्हें पता चला कि जिस दिन उन्होंने चढ़ाई स्थगित की थी, उसी दिन नेपाल में बड़ा हादसा हुआ था।

    रचित गोयल के मुताबिक, अगर उस दिन उनका दल तय कार्यक्रम के अनुसार आगे बढ़ गया होता तो परिस्थितियां बेहद गंभीर हो सकती थीं। रचित बताते हैं कि उन्हें आज भी वह पल याद है। जिस दिन नेपाल में घटना हुई, उसी दौरान उनके दल के 12 सदस्य कैलाश पर्वत की ओर चढ़ाई कर रहे थे, जबकि वे साथी की तबीयत खराब होने के कारण एक दिन पीछे रह गए थे। सांस लेने में परेशानी के कारण उनका साथी चलने में भी असमर्थ था। रचित गोयल कहते हैं कि यह महज संयोग नहीं, बल्कि भगवान शिव की कृपा थी कि उनके साथी की तबीयत उस समय खराब हुई और उन्हें एक दिन रुकना पड़ा। उन्होंने कहा कि उस एक दिन की देरी ने उन्हें मौत के बेहद करीब जाने से बचा लिया। आज भी जब वे उस यात्रा को याद करते हैं तो उनके मन में यही भाव आता है कि भोलेनाथ ने ही उन्हें उस संकट से बचाया।

  • पटना में ट्रैफिक जाम से जल्द मिलेगी राहत, कच्ची दरगाह-बिदुपुर पुल तैयार; नवंबर में मीठापुर फ्लाईओवर भी खुलेगा

    पटना में ट्रैफिक जाम से जल्द मिलेगी राहत, कच्ची दरगाह-बिदुपुर पुल तैयार; नवंबर में मीठापुर फ्लाईओवर भी खुलेगा

    पटना 
    कच्ची दरगाह-बिदुपुर 6 लेन पुल बनकर तैयार हो गया है। गंगा नदी पर करीब 5000 करोड़ की लागत से निर्मित कच्ची दरगाह-बिदुपुर पुल राज्य के सड़क नेटवर्क दक्षिण और उत्तर बिहार को जोड़ने वाला महत्वपूर्ण सेतु होगा। अधिकारियों के अनुसार यह एक्स्ट्राडोज्ड केबल ब्रिज अपनी आधुनिक तकनीक और शानदार इंजीनियरिंग के लिए जाना जाएगा।

    पथ निर्माण विभाग की देखरेख में बीएसआरडीसीएल की ओर से निर्मित कच्ची दरगाह-बिदुपुर 6 लेन पुल की लंबाई करीब 9.76 किमी है, जो 67 मजबूत पिलरों पर टिका हुआ है। पहुंच पथों को शामिल करने पर इस पूरी मेगा परियोजना की लंबाई 19.30 किमी हो जाती है। इसके निर्माण से पटना का समस्तीपुर समेत संपूर्ण उत्तर बिहार से सीधा और सुगम संपर्क स्थापित हो जाएगा।

    पथ निर्माण सचिव पंकज पाल ने बताया कि कच्ची दरगाह-बिदुपुर 6 लेन गंगा पुल के चालू होने से वाणिज्यिक वाहनों की आवाजाही आसान होगी। यह पुल पटना में लगने वाले भारी ट्रैफिक जाम से राहत दिलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। पंकज पाल के अनुसार इस महासेतु के माध्यम से पटना रिंग रोड और आमस-दरभंगा मार्ग का भी जुड़ाव होगा।

    मीठापुर सब्जी मंडी फ्लाईओवर नवंबर में चालू होगा
    राजधानी पटना के मीठापुर सब्जी मंडी 5000 करोड़ का कच्ची दरगाह-बिदुपुर 6 लेन पुल तैयार, पटना से उत्तर बिहार का सफर होगा आसानइलाके में क्षतिग्रस्त फ्लाईओवर के हिस्से का पुनर्निर्माण कार्य तेजी से चल रहा है। बिहार राज्य पुल निर्माण निगम ने नवंबर तक इस फ्लाईओवर पर वाहनों का आवागमन फिर से शुरू करने का लक्ष्य रखा है। पुल के चार पिलर और गार्डर का काम बचा हुआ जो पूरा किया जा रहा है। पिछले साल मानसून के दौरान भारी बारिश के कारण मीठापुर सब्जी मंडी के समीप सर्विस रोड के धसने से फ्लाईओवर का एक हिस्सा क्षतिग्रस्त हो गया था। सुरक्षा के दृष्टिकोण से फ्लाईओवर पर यातायात रोक दिया गया है।

    पुल के क्षतिग्रस्त भाग को ठीक करने के लिए चार पिलरों का काम अंतिम चरण में है। एजेंसी का प्रयास है कि काम को तय सीमा के भीतर पूरा कर लिया जाए। सब्जी मंडी के पास फ्लाईओवर का हिस्सा बंद रहने की वजह से पिछले एक साल से नीचे की सड़कों पर वाहनों का भारी दबाव बना रहता है। मीठापुर सब्जी मंडी इलाके में सुबह और शाम के पीक समय के दौरान घंटों जाम लगा रहता है। इस मार्ग के प्रभावित होने से कंकड़बाग, चितकोहरा, मीठापुर बस स्टैंड (पुराना) और न्यू बाइपास की ओर जाने-आने वाले यात्रियों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।

    मीठापुर-करबिगहिया और महुली फ्लाईओवर से मिली राहत
    शहरवासियों के लिए एक राहत है कि मीठापुर-करबिगहिया फ्लाईओवर और मीठापुर-महुली एलिवेटेड रोड चालू हो गया। इससे पटना जंक्शन के करबिगहिया साइड, जीपीओ, आर-ब्लॉक और गया-जहानाबाद मार्ग पर जाने वाले लोगों को काफी सहूलियत मिल रही है। पुल निर्माण निगम के अधिकारियों का कहना है कि सब्जी मंडी वाले हिस्से का बचा हुआ चार पिलर और गर्डर का काम नवंबर तक पूरा होगा। इसके बाद इसपर आवागमन शुरू हो जाएगा। लोगों को जाम से हमेशा के लिए निजात मिल जाएगी।

  • टांगरी नदी के कटाव से किसानों की बढ़ी चिंता, जमीन बचाने और मुआवजे की मांग

    टांगरी नदी के कटाव से किसानों की बढ़ी चिंता, जमीन बचाने और मुआवजे की मांग

    रायपुररानी (पंचकूला)
     टांगरी नदी के तेज बहाव ने रायपुररानी क्षेत्र के किसानों और ग्रामीणों की चिंता बढ़ा दी है। नदी के लगातार बदलते रुख और तेज कटाव के कारण खेड़ी, ढंडारडू, बटवाल, हरीपुर, मौली, नटवाल और टोडा सहित कई गांवों में कृषि भूमि प्रभावित हुई है।

    कई स्थानों पर किसानों की जमीन कटकर नदी में समा चुकी है, जिससे उन्हें भारी नुकसान उठाना पड़ रहा है। तेज बहाव के कारण खटौली से खेड़ी को जोड़ने वाली सड़क का भी काफी हिस्सा नदी में बह गया है। सड़क का हिस्सा क्षतिग्रस्त होने से ग्रामीणों के आवागमन में परेशानी बढ़ गई है।

    वहीं नदी के किनारे लगातार हो रहे कटाव के चलते आसपास की और कृषि भूमि पर भी खतरा मंडरा रहा है। ग्रामीणों और किसानों का कहना है कि नदी का बहाव लगातार अपना रुख बदल रहा है।

    यदि समय रहते कटाव रोकने के लिए प्रभावी कदम नहीं उठाए गए तो आने वाले दिनों में और अधिक कृषि भूमि तथा संपर्क मार्ग नदी की चपेट में आ सकते हैं। इससे क्षेत्र के किसानों को बड़ा आर्थिक नुकसान होने की आशंका है।

    प्रशासनिक इंतजामों पर उठाए सवाल
    किसानों ने प्रशासनिक प्रबंधों पर सवाल उठाते हुए रोष जताया है। उनका आरोप है कि टांगरी नदी के कटाव को रोकने के लिए समय रहते पर्याप्त सुरक्षा इंतजाम नहीं किए गए।

    किसानों का कहना है कि बरसात और नदी के तेज बहाव से पहले यदि संवेदनशील स्थानों पर सुरक्षा कार्य कराए जाते तो कृषि भूमि और सड़क को होने वाले नुकसान को काफी हद तक रोका जा सकता था।

    ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि प्रभावित गांवों और नदी किनारे के क्षेत्रों का तत्काल निरीक्षण कराया जाए। कटाव प्रभावित स्थानों पर पत्थरों, क्रेट वायर और अन्य आवश्यक उपायों के माध्यम से पुख्ता सुरक्षा व्यवस्था की जाए, ताकि आगे होने वाले नुकसान को रोका जा सके।

    नुकसान का सर्वे कर मुआवजे की मांग
    किसानों ने नदी में समाई कृषि भूमि और फसलों के नुकसान का सर्वे कराने की मांग की है। उनका कहना है कि प्रशासन द्वारा नुकसान का आकलन कर प्रभावित किसानों को उचित मुआवजा दिया जाना चाहिए। इसके साथ ही खटौली-खेड़ी सड़क के क्षतिग्रस्त हिस्से की तत्काल मरम्मत कराकर ग्रामीणों के लिए सुरक्षित आवागमन सुनिश्चित करने की मांग भी की गई है।

     

  • महिला सुरक्षा को लेकर बिहार पुलिस का बड़ा अभियान, 1,024 ‘पुलिस दीदी’ टीमें सक्रिय

    महिला सुरक्षा को लेकर बिहार पुलिस का बड़ा अभियान, 1,024 ‘पुलिस दीदी’ टीमें सक्रिय

    पटना
    महिलाओं और लड़कियों की सुरक्षा के लिए बनाई गई अभया ब्रिगेड (पुलिस दीदी) ने पिछले सात माह में 790 मनचलों के विरुद्ध कार्रवाई की है।

    इनमें सबसे अधिक 284 मनचलों के विरुद्ध पटना में निरोधात्मक कार्रवाई की गई। इसके बाद मधेपुरा में 137, गया में 87, सुपौल में 70 और बक्सर में 64 मनचलों पर कार्रवाई की गई है। इस लिहाज से मधेपुरा दूसरे, गया तीसरे, सुपौल चौथे और बक्सर पांचवें स्थान पर है।

    दरअसल, मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के गृहमंत्री बनने के कुछ दिनों बाद ही महिलाओं और लड़कियों की सुरक्षा के लिए महिला पुलिसकर्मियों की विशेष टीम अभया ब्रिगेड गठित करने का निर्देश दिया गया था।

    अभया ब्र‍िगेड बनी पुल‍िस दीदी
    थानास्तर पर इस ब्रिगेड की निगरानी की व्यवस्था की गई थी। अब अभया ब्रिगेड को 'पुलिस दीदी' के रूप में विकसित करते हुए टीमों को स्कूटी भी उपलब्ध कराई गई है।

    जनवरी में गठित अभया ब्रिगेड की राज्य के सभी 40 पुलिस जिलों में जुलाई तक कुल 1,024 टीमें कार्यरत थीं। इनमें सबसे अधिक 84 टीमें पटना में थीं।

    इसके अलावा गया में 55, मोतिहारी में 53, मुजफ्फरपुर और रोहतास में 42-42 तथा भागलपुर में 41 टीमें गठित की गई थीं।

    पुलिस दीदी की टीमों ने जिन 790 मनचलों के विरुद्ध निरोधात्मक कार्रवाई की, उनमें करीब 21 मामलों में प्राथमिकी भी दर्ज की गई है।

    इनमें पटना में चार, नालंदा में तीन, जहानाबाद, बेगूसराय, बगहा और बेतिया में दो-दो तथा भोजपुर, बक्सर, रोहतास, नवादा, मुजफ्फरपुर और मधेपुरा में एक-एक प्राथमिकी दर्ज की गई है।

    भागलपुर समेत 22 जिलों में शून्य कार्रवाई
    राज्य के कई ऐसे जिले भी हैं, जहां पिछले सात माह में मनचलों के विरुद्ध एक भी निरोधात्मक कार्रवाई नहीं की गई। इनमें भागलपुर, औरंगाबाद, अरवल, सारण, सिवान, गोपालगंज, मोतिहारी, वैशाली, सीतामढ़ी, शिवहर, दरभंगा, समस्तीपुर, मधुबनी, पूर्णिया, अररिया, किशनगंज, बांका, मुंगेर, शेखपुरा, लखीसराय, जमुई और खगड़िया शामिल हैं।

    जागरूकता के 15 हजार से अधिक आयोजन
    पुलिस दीदी की टीमों ने महिला सुरक्षा और किशोर अपराध को लेकर स्कूल-कॉलेजों एवं अन्य शिक्षण संस्थानों में जागरूकता अभियान भी चलाया।

    पिछले सात-आठ महीनों में राज्यभर में 15 हजार से अधिक जागरूकता एवं सुरक्षा जांच कार्यक्रम आयोजित किए गए। इनमें पटना, भभुआ और औरंगाबाद में सबसे अधिक कार्यक्रम हुए।

    सर्वाधिक मनचलों पर कार्रवाई वाले जिले
    जिला     कार्रवाई
    पटना     284
    मधेपुरा     137
    गया     87
    सुपौल     70
    बक्सर     64
    नालंदा     58
    नवादा     18
    भोजपुर     16
    मुजफ्फरपुर     15
    बेगूसराय     10
    बगहा     10

  • खट्टर ने दीपेंद्र हुड्डा पर कसा तंज, ‘फितरत के हिसाब से बयान देते हैं नेता’

    खट्टर ने दीपेंद्र हुड्डा पर कसा तंज, ‘फितरत के हिसाब से बयान देते हैं नेता’

    करनाल.

    कांग्रेस सांसद दीपेंद्र सिंह हुड्डा की ओर से सज्जन सिंह को लेकर की गई टिप्पणी पर विवाद के बीच केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल ने कांग्रेस पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि जिस प्रकार का चरित्र किसी व्यक्ति का होता है, वह उसी प्रकार की बातें करता है।

    सज्जन सिंह पर किस प्रकार के आरोप लगे और किस तरह वह कटघरे में खड़े हुए, यह सभी जानते हैं। ऐसे व्यक्ति का इस प्रकार के शब्दों में व्याख्यान करना कहीं से भी उचित नहीं है। केंद्रीय मंत्री ने इस मामले में बिना कोई नई बात जोड़े सज्जन सिंह के पुराने विवाद और उन पर लगे आरोपों का हवाला देते हुए हुड्डा की टिप्पणी को अनुचित बताया। उन्होंने मेजर ध्यानचंद की जयंती पर शनिवार की शाम राष्ट्रीय खेल दिवस के कार्यक्रम में शामिल होने के बाद पत्रकारों से बातचीत की।

    नेपाल की त्रासदी पर जताई चिंता
    नेपाल में आई प्राकृतिक आपदा पर मनोहर लाल ने गहरी चिंता जताई। उन्होंने कहा कि नेपाल में इस तरह की बड़ी प्राकृतिक त्रासदी पहले कभी हुई हो, ऐसा उन्होंने नहीं सुना। हिमालयी क्षेत्र में बनी कृत्रिम झीलों के टूटने, ग्लेशियरों के नीचे गिरने और नदियों में पानी एकत्र होने के बाद झीलों के टूटने से सैलाब की स्थिति पैदा हुई है। इससे बड़ी संख्या में लोग लापता हुए हैं और जान-माल का भारी नुकसान होने की आशंका है। फिलहाल यह कहना मुश्किल है कि कितने लोगों की मौत हुई है, लेकिन नुकसान बड़े स्तर पर होने की आशंका है। नेपाल छोटा देश है, इसलिए उसके लिए इस त्रासदी से उबरना चुनौतीपूर्ण होगा। हालांकि दुनिया के कई देश नेपाल की सहायता के लिए आगे आ रहे हैं। भारत भी वहां की आवश्यकता के अनुसार हरसंभव सहयोग करेगा।

    सफाई कर्मचारियों की हड़ताल पर बोले- जल्द होगा समाधान
    प्रदेश में कई सप्ताह से चल रही सफाई कर्मचारियों की हड़ताल पर भी केंद्रीय मंत्री ने प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि सरकार के संज्ञान में यह मामला है और उम्मीद है कि जल्द इसका समाधान हो जाएगा। सफाई कर्मचारियों की पहले भी कई मांगें पूरी की गई हैं और यदि अभी कोई छोटी-मोटी कमी रह गई है तो उसे भी दूर करने का प्रयास किया जाएगा। उन्होंने संकेत दिया कि सरकार कर्मचारियों की मांगों को लेकर समाधान की दिशा में आगे बढ़ रही है।

  • लुधियाना में बड़ा जासूसी नेटवर्क बेनकाब, सैन्य वाहनों पर नजर रखने वाले दो और गिरफ्तार

    लुधियाना में बड़ा जासूसी नेटवर्क बेनकाब, सैन्य वाहनों पर नजर रखने वाले दो और गिरफ्तार

    लुधियाना.

    पाकिस्तान के इशारे पर चलाए जा रहे कथित जासूसी नेटवर्क की जांच में काउंटर इंटेलिजेंस इकाई को बड़ी सफलता मिली है। टीम ने दो और संदिग्धों को गिरफ्तार किया है। आरोप है कि नेटवर्क से जुड़े एक दुकानदार ने अवैध निगरानी कैमरे लगाकर सैन्य वाहनों की आवाजाही की लाइव तस्वीरें पाकिस्तान में बैठे संचालकों तक पहुंचाई थीं।

    जानकारी के अनुसार, संदिग्ध रछपाल सिंह की गिरफ्तारी के बाद दुकान के बाहर लगाए गए कैमरों की लाइव फीड बंद हो गई थी। इसके बाद पाकिस्तान में बैठे कथित संचालकों ने रछपाल से संपर्क करने की कोशिश की, लेकिन वह पहले ही पुलिस हिरासत में था। इसके बाद कैमरों की स्थिति जांचने के लिए दो युवकों को भेजा गया।

    दुकान की आड़ में चल रहा था कथित नेटवर्क
    पुलिस को इसकी भनक पहले ही लग चुकी थी। टीम ने सादे कपड़ों में इलाके में निगरानी बढ़ाकर जाल बिछाया। जैसे ही दोनों युवक कैमरों और उनकी व्यवस्था की जांच करने पहुंचे, पुलिस ने उन्हें दबोच लिया। गिरफ्तार आरोपितों की पहचान अमृतसर निवासी रोहित और वरिंदर मसीह के रूप में हुई है। जांच में सामने आया है कि रछपाल सिंह ने लुधियाना-फिरोजपुर मार्ग पर किराये की दुकान लेकर जूते का कारोबार शुरू किया था। पुलिस का आरोप है कि यह दुकान कथित जासूसी नेटवर्क के लिए सामने से सामान्य कारोबार और पीछे से निगरानी के काम आ रही थी।

    आरोपियों से पूछताछ शुरू
    पुलिस के मुताबिक, दुकान के बाहर ऐसे ऐप आधारित कैमरे लगाए गए थे, जिनका रुख सड़क की ओर था। इन कैमरों के जरिए सैन्य वाहनों की गतिविधियों पर नजर रखी जाती थी। सैन्य प्रतिष्ठानों और पुलों की तस्वीरें भी पाकिस्तान में बैठे कथित संचालकों तक भेजे जाने का आरोप है। गिरफ्तार दोनों संदिग्धों से पूछताछ की जा रही है। पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि नेटवर्क में और कौन-कौन लोग शामिल हैं और पाकिस्तान में बैठे कथित संचालकों से इनके संपर्क किस माध्यम से होते थे।