Category: राज्य

  • धनबाद की शिक्षिका ने रचा इतिहास, अंग्रेजी का डर मिटाने से लेकर वैदिक गणित तक के नवाचारों ने दिलाया राष्ट्रीय पुरस्कार

    धनबाद की शिक्षिका ने रचा इतिहास, अंग्रेजी का डर मिटाने से लेकर वैदिक गणित तक के नवाचारों ने दिलाया राष्ट्रीय पुरस्कार

    धनबाद
    शनिवार को शिक्षक दिवस के अवसर पर विज्ञान भवन, नई दिल्ली में आयोजित शिक्षक सम्मान समारोह में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने धनबाद के राजकीयकृत मध्य विद्यालय बरमसिया की प्रभारी प्रधानाध्यापिका मुनमुन भट्टाचार्य को राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार से सम्मानित किया। देश के 48 चयनित शिक्षकों में शामिल मुनमुन को प्रशस्ति पत्र, शाल एवं 50 हजार रुपये की सम्मान राशि प्रदान की गई।

    सीमित संसाधनों और सरकारी व्यवस्था की पुरानी छवि में सुधार लाते हुए मुनमुन भट्टाचार्य ने शिक्षा के क्षेत्र में इतिहास रचा है। उनके नवाचारों और अथक प्रयासों ने इस साधारण से सरकारी स्कूल को राष्ट्रीय स्तर की उत्कृष्ट शिक्षण संस्था के रूप में स्थापित कर दिया है।

    धनबाद से विज्ञान भवन तक का सफर
    धनबाद से विज्ञान भवन तक का सफर तय करने के लिए मुनमुन के नवाचारों ने मुख्य भूमिका निभाई। अंग्रेजी की शिक्षिका के रूप में कक्षा से निरंतर जुड़ाव रखते हुए बच्चों के मन से अंग्रेजी भाषा का भय समाप्त किया। बच्चों की भाषा दक्षता और अभिव्यक्ति क्षमता बढ़ाने के लिए इंग्लिश अराउंड मी जैसी अनूठी गतिविधि शुरू की गई है।

    बच्चे अपने दैनिक जीवन और आसपास के माहौल की कहानियों के माध्यम से अंग्रेजी बोलने, पढ़ने और अपनी बात बेझिझक रखने का अभ्यास करते हैं। रीडिंग बडी सिस्टम से वरिष्ठ बच्चे छोटे सहपाठियों के पठन-पाठन में मदद करते हैं। आधुनिक तकनीक और डिजिटल संसाधनों का समावेश किया।

    स्मार्टफोन, शैक्षणिक वीडियो, दीक्षा पोर्टल और ई-कंटेंट का उपयोग कर बच्चों को सीखने के अतिरिक्त अवसर दिए गए। साउंड वाल, शब्द भंडार, बिग बुक, फ्लैश कार्ड, स्थानीय व अनुपयोगी सामग्रियों से तैयार खिलौनों के माध्यम से पढ़ाई को बोझिल होने से बचाया गया

    गणित विषय को सरल और रुचिकर बनाने के लिए विद्यालय में सभी बच्चों के लिए वैदिक गणित और अबेकस की शिक्षा अनिवार्य की गई। बालिका सशक्तिकरण के लिए स्थानीय मार्शल आर्ट प्रशिक्षकों के सहयोग से बालिकाओं के लिए नियमित आत्मरक्षा प्रशिक्षण शिविर आयोजित किए जाते हैं।

    विद्यालय के शिक्षक नियमित गृह भ्रमण करते हैं, ताकि ड्रापआउट बच्चों की पहचान कर दोबारा शिक्षा की मुख्यधारा से जोड़ा जा सके।

    मध्य विद्यालय बरमसिया पूरे जिले के स्कूलों के लिए उत्कृष्ट माडल है। नवाचार से बच्चों की संख्या बढ़ी है। बहुत कुछ सीखने को भी मिल रहा है। राष्ट्रपति पुरस्कार मिलना धनबाद के लिए गर्व की बात है। अन्य शिक्षकों के लिए भी प्रेरणास्रोत है।

    अभिषेक झा, जिला शिक्षा पदाधिकारी धनबाद

  • गंगा के उफान से पटना में दहशत, DM-SP को 24 घंटे अलर्ट रहने के निर्देश; दियारा इलाकों पर खास नजर

    गंगा के उफान से पटना में दहशत, DM-SP को 24 घंटे अलर्ट रहने के निर्देश; दियारा इलाकों पर खास नजर

    पटना
    बिहार में बाढ़ हाहाकारी रूप अख्तियार करता जा रहा है। राजधानी पटना के शहरी इलाके पर बाढ़ का खतरा गहराने लगा है। जल संसाधन विभाग से जारी रिपोर्ट में कहा गया है कि गांधीघाट पर गंगा नदी के जलस्तर में मात्र चार घंटे में 10 सेंटीमीटर की भारी बढ़ोतरी दर्ज की गयी है। रविवार सुबह 8 बजे तक संकट और गहराने की आशंका है। जल संसाधन विभाग ने राज्य के सभी डीएम और एसपी को बाढ़ के खतरे से निपटने की तैयारी करने के लिए चौबीसों घंटे अलर्ट पर रहने को कहा है।

    जल संसाधन विभाग की ओर से बताया गया है कि पटना के गांधी घाट पर गंगा नदी के जलस्तर में पिछले 4 घंटे में 10 सेंटीमीटर की अप्रत्याशित वृद्धि दर्ज की गई है। सुबह 10 बजे जलस्तर 50.53 सेंटीमीटर पाया गया है। यह उच्चतम जल स्तर (HFL) 50.52 मीटर से 1 सेंटीमीटर अधिक है। नए पूर्वानुमान के मुताबिक कल रविवार को सुबह 8 बजे तक यह 50.62 सेमी तक जा सकता है। विभाग की ओर से आवश्यक सतर्कता बरतने का परामर्श दिया जाता है। राजधानी थोड़ा दबाव बढ़ेगा। गंगा के दियारा क्षेत्र में इस बढ़ोतरी का विशेष प्रभाव रहेगा। पटना में गंगा नदी पर अन्य घाटों पर भी जलस्तर में बढ़ोतरी का ट्रेंड देखा जा रहा है। शनिवार के दीघा इलाके में गंगा नदी का जलस्तर 51.77 मीटर दर्ज किया गया। हथीदह में यह 43.37 मीटर पाया गया तो मुंगेर में नदी का जलस्तर 39.58 मीटर, भागलपुर में 34.16 मीटर और कहलगांव में 32.31 मीटर रिकॉर्ड किया गया।

    इन स्थितियों को देखते हुए जल संसाधन विभाग के अभियंता प्रमुख की ओर से सभी जिलों के डीएम और पुलिस अधीक्षक को चेतावनी संवाद भेजा गया है। इसमें कहा गया है कि नदी के प्रवाह क्षेत्र विशेषकर दियारा क्षेत्रों में दबाव बढ़ सकता है, जिस हेतु आवश्यक सतर्कता बरतें और संकट की स्थिति से निपटने के लिए पूरी तरह से तैयार हो जाएं। आसन्न खतरे के मद्देनजर बाढ़ आपदा के दृष्टिकोण से सभी आवश्यक ऐहतियाती कदम उठायी जाय, तथा तटबंध के नदी भाग में रहने वाले परिवारों को इसकी सूचना देते हुए आवश्यक कार्रवाई की जाय। साथ ही बाढ़ आपदा के लिए जिलास्तर पर गठित दल की लगातार गश्ती सुनिश्चित कराई जाय।

     

  • अदालत के आदेश पर सहारनपुर में मस्जिद पर चला बुलडोजर, कार्रवाई के बीच इकरा हसन समेत कई नेता नजरबंद

    अदालत के आदेश पर सहारनपुर में मस्जिद पर चला बुलडोजर, कार्रवाई के बीच इकरा हसन समेत कई नेता नजरबंद

    सहारनपुर
    उत्तर प्रदेश के सहारनपुर कलेक्ट्रेट परिसर में जिला अदालत के आदेश पर मस्जिद पर बुलडोजर ऐक्शन हुआ है। इसे लेकर गरम होते सियासी माहौल के बीच प्रशासन ने समाजवादी पार्टी सांसद इकरा हसन सहित वेस्ट यूपी के कई मुस्लिम नेताओं को हाउस अरेस्ट कर लिया है। इकरा हसन और अन्य नेताओं के घरों के बाहर फोर्स तैनात कर दी गई है। इकरा हसन ने आरोप लगाया है कि प्रशासन ने उनके आवास पर रात में भारी पुलिस बल तैनात कर उन्हें बाहर निकलने से रोक दिया है। उन्होंने इसे हाउस अरेस्ट बताते हुए सवाल उठाया है कि क्या है जनता की आवाज उठाना, उनके मुद्दे पर अधिकारियों से मिलना अब अपराध हो गया है। इकरा हसन ने कहा कि इस तरह जनप्रतिनिधियों को रोककर उनकी आवाज नहीं दबाई जा सकती है।

    बता दें कि सहारनपुर जिला जज की अदालत ने चार सितंबर को सिटी मजिस्ट्रेट के आदेश को चुनौती देने वाली मुस्लिम पक्ष की अपील खारिज कर दी थी। दोनों पक्षों की दलीलों को सुनने और पेश किए गए सबूतों की जांच के बाद मस्जिद अवैध घोषित करने वाले सिटी मजिस्ट्रेट के आदेश को जिला जज की कोर्ट ने बरकरार रखा। इसके पहले 17 जुलाई को सिटी मजिस्ट्रेट की कोर्ट ने मस्जिद को गिराने का आदेश दिया था।

    रात भर चली बेदखली, सुबह-सुबह बुलडोजर ऐक्शन
    रातभर चली बेदखली और सीलिंग की कार्रवाई के बाद प्रशासन ने शनिवार को सुबह-सुबह ध्वस्तीकरण के दौरान कलेक्ट्रेट के आसपास सुरक्षा और बढ़ा दी। कई थानों की पुलिस के साथ पीएसी तैनात रही और कलेक्ट्रेट के सभी प्रवेश द्वार बंद कर दिए गए। ध्वस्तीकरण की कार्रवाई के दौरान कलेक्ट्रेट में बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात रहा। सुरक्षा व्यवस्था के तहत 10 से ज्यादा थानों की फोर्स को कलेक्ट्रेट के आसपास लगाया गया। मस्जिद और उसके आसपास के क्षेत्र में पुलिस की निगरानी लगातार बनी रही। कार्रवाई के दौरान प्रशासनिक और पुलिस अधिकारी भी मौके पर मौजूद रहे।

    आधा दर्जन डंपर मलबा लेकर निकले
    सहारनपुर कलेक्ट्रेट में मस्जिद पर बुलडोजर ऐक्शन के बाद नगर निगम के आधा दर्जन से अधिक डंपर मलबा लेकर कलेक्ट्रेट से बाहर निकले। ध्वस्तीकरण के दौरान कलेक्ट्रेट में 10 से ज्यादा थानों की फोर्स और पीएसी तैनात रही। डीआईजी अभिषेक सिंह ने कहा कि अदालत के आदेश के क्रम में निर्धारित प्रक्रिया पूरी कर कानूनी कार्रवाई के तहत ध्वस्तीकरण हो रहा है। सिटी मजिस्ट्रेट की कोर्ट ने पाया था कि यह मस्जिद सरकारी जमीन पर अवैध रूप से बनाई गई थी। इसके बाद मस्जिद कमेटी ने अपील की थी जो जिला अदालत से खारिज कर दी गई। प्रशासन यह कार्रवाई सभी कानूनी प्रक्रियाओं का पालन करते हुए कर रहा है। कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए सभी एहतियाती कदम उठाए गए हैं

  • CBI की कार्रवाई पर हाई कोर्ट की मुहर, एक महीने के नोटिस से सेवा समाप्ति को नहीं माना मनमाना

    CBI की कार्रवाई पर हाई कोर्ट की मुहर, एक महीने के नोटिस से सेवा समाप्ति को नहीं माना मनमाना

     रांची
     हाई कोर्ट के जस्टिस दीपक रोशन की अदालत में सीबीआई के लोक अभियोजक शिवकांत श्रीवास्तव की सेवा समाप्त करने के आदेश को चुनौती देने वाली याचिका खारिज कर दी है। अदालत ने कहा कि सीबीआइ ने तय नियमों के तहत एक महीने का नोटिस देकर उनकी सेवा समाप्त की है। इसलिए इस आदेश में न्यायिक हस्तक्षेप की जरूरत नहीं है।

    शिवकांत श्रीवास्तव ने आठ जुलाई को जारी उस आदेश को हाई कोर्ट में चुनौती दी थी, जिसके तहत उनकी लोक अभियोजक के रूप में सेवा समाप्त कर दी गई थी। उन्होंने कहा था कि सेवा समाप्त करने से पहले उन्हें अपना पक्ष रखने का मौका नहीं दिया गया।

    उन्होंने कार्रवाई को भेदभावपूर्ण और दुर्भावना से प्रेरित बताया था।सीबीआइ की ओर से अदालत को बताया गया कि 30 जनवरी 1997 की केंद्र सरकार की अधिसूचना के तहत अधिवक्ता की नियुक्ति एक महीने के लिखित नोटिस पर समाप्त की जा सकती है।

    किसी एक अधिवक्ता की सेवाएं जारी रखने के लिए सरकार को बाध्य नहीं किया जा सकता। अदालत ने पाया कि आठ जुलाई के आदेश में श्रीवास्तव को स्पष्ट रूप से एक महीने का नोटिस दिया गया था और उनकी सेवा नौ अगस्त से समाप्त हुई।

    अदालत ने कहा कि जब सेवा समाप्ति निर्धारित नियम के मुताबिक की गई है तो इसे मनमाना नहीं माना जा सकता। अदालत ने पशुपालन घोटाले से जुड़े मामलों का भी उल्लेख किया। शिवकांत श्रीवास्तव की ओर से कहा गया था कि वे इन मामलों को देख रहे थे और वर्ष 2013 के एक पत्र के कारण अधिवक्ता बदलने के लिए हाई कोर्ट की अनुमति जरूरी थी।

    अदालत ने इस दलील को स्वीकार नहीं किया। अदालत ने कहा कि पशुपालन घोटाले से जुड़े मुकदमों की सुनवाई पहले ही पूरी हो चुकी है। दुर्भावना के आरोप पर भी अदालत ने कहा कि केवल आरोप लगाने से बात साबित नहीं होती।

    इसके लिए ठोस सामग्री या प्रमाण जरूरी है। अदालत ने कहा कि इस मामले में दुर्भावना के आरोप के समर्थन में कोई ठोस प्रमाण रिकार्ड पर नहीं है।

  • नई पीढ़ी का भविष्य संवार रहे शिक्षक, आधुनिक शिक्षा-तकनीक से जोड़ रहे ज्ञान परंपरा: CM योगी

    नई पीढ़ी का भविष्य संवार रहे शिक्षक, आधुनिक शिक्षा-तकनीक से जोड़ रहे ज्ञान परंपरा: CM योगी

    आधुनिक शिक्षा और नवाचार से नई पीढ़ी का भविष्य गढ़ रहे शिक्षक : मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ 

     शिक्षक दिवस पर सीएम योगी का प्रदेश के शिक्षकों के नाम खास संदेश

    मुख्यमंत्री ने सेल्फी वीडियो साझा कर शिक्षकों को दी शुभकामनाएं 

     काशी, सारनाथ और नैमिषारण्य तक यूपी की प्राचीन ज्ञान परंपरा का किया उल्लेख

    लखनऊ, 
     शिक्षक दिवस के अवसर पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रदेश के सभी शिक्षकों और गुरुजनों को शुभकामनाएं दी हैं। मुख्यमंत्री ने शनिवार को अपने इंस्टाग्राम अकाउंट पर सेल्फी वीडियो साझा करते हुए उत्तर प्रदेश की प्राचीन ज्ञान परंपरा को याद किया और आधुनिक शिक्षा व्यवस्था में शिक्षकों की भूमिका को महत्वपूर्ण बताया।

    सीएम योगी ने कहा कि प्रदेश की विशिष्ट ज्ञान परंपरा को आधुनिक स्वरूप में नई पीढ़ी तक पहुंचाने वाले सभी गुरुजनों और शिक्षकों को वह शिक्षक दिवस की हार्दिक बधाई देते हैं। उत्तर प्रदेश प्राचीन काल से ज्ञान, साधना और संस्कारों की पावन भूमि रहा है। काशी ने विश्व को ज्ञान का प्रकाश दिया, जबकि सारनाथ में भगवान बुद्ध ने अपना प्रथम उपदेश दिया था। अयोध्या, मथुरा-वृंदावन और प्रयागराज भी सनातन ज्ञान परंपरा के प्रमुख केंद्र रहे हैं।

    मुख्यमंत्री ने शुकतीर्थ और नैमिषारण्य की ज्ञान परंपरा का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि करीब पांच हजार वर्ष पूर्व शुकतीर्थ में महर्षि शुकदेव जी ने श्रीमद्भागवत का प्रथम वाचन किया था। वहीं नैमिषारण्य में 88 हजार ऋषियों की साधना ने भारतीय ज्ञान परंपरा को समृद्ध किया। इसी भूमि से आयुर्वेद, अध्यात्म, दर्शन और भारतीय ज्ञान-विज्ञान की महान परंपराएं विकसित हुईं।

    सीएम योगी ने कहा कि आज प्रदेश के शिक्षक इसी गौरवशाली ज्ञान परंपरा को आधुनिक शिक्षा, तकनीक और नवाचार से जोड़कर नई पीढ़ी का भविष्य गढ़ रहे हैं। उन्होंने शिक्षकों का अभिनंदन करते हुए उनके प्रति मंगलमय शुभकामनाएं व्यक्त कीं।

  • गोरखनाथ मंदिर में धूमधाम से मना श्रीकृष्ण जन्मोत्सव, सीएम योगी ने की पूजा-अर्चना

    गोरखनाथ मंदिर में धूमधाम से मना श्रीकृष्ण जन्मोत्सव, सीएम योगी ने की पूजा-अर्चना

    गोरक्षपीठ में सीएम योगी ने मनाया गोपाल का प्राकट्योत्सव

    मुख्यमंत्री ने गोरखनाथ मंदिर के गर्भगृह में विधि विधान से की पूजा-अर्चना, प्राकट्य के बाद प्रभु श्रीकृष्ण के लड्डू गोपाल स्वरूप को पालने में झुलाया

    महंत दिग्विजयनाथ स्मृति भवन के सभागार में बाल गोपाल को दुलारकर भजनों का भी आनंद उठाया गोरक्षपीठाधीश्वर ने

    श्रीकृष्ण जन्माष्टमी पर मथुरा से लेकर गोरखपुर तक, योगेश्वर की साधना में रमे रहे गोरक्षपीठाधीश्वर

    गोरखपुर

    भक्ति, प्रेम व धर्म के शाश्वत आलोक, गोपाल, जगतपाल, पूर्ण परब्रह्म, भगवान श्रीकृष्ण के प्राकट्योत्सव का पवित्र पर्व श्रीकृष्ण जन्माष्टमी शिवावतार महायोगी गोरखनाथ की साधनास्थली गोरखनाथ मंदिर में पारंपरिक श्रद्धा, भव्यता एवं हर्षोल्लास से मनाया गया। गोरक्षपीठ के इस पारंपरिक कार्यक्रम का नेतृत्व करने के लिए गोरक्षपीठाधीश्वर एवं मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ शुक्रवार रात लखनऊ से गोरखपुर पहुंचे।

    श्रीकृष्ण जन्माष्टमी के पावन पर्व पर गोरक्षपीठाधीश्वर एवं मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ शुक्रवार सुबह से मध्य रात्रि तक, मथुरा से लेकर लखनऊ और गोरखपुर तक, समस्त योगियों के परमेश्वर माने जाने वाले योगेश्वर श्रीकृष्ण की साधना में रमे रहे। सुबह उन्होंने भगवान श्रीकृष्ण की जन्मभूमि मथुरा स्थित जन्मभूमि मंदिर में कान्हा की विधि विधान से आराधना कर प्रदेशवासियों के सुखमय जीवन की प्रार्थना की। शाम को वह लखनऊ पुलिस लाइन में आयोजित श्रीकृष्ण जन्माष्टमी समारोह में सम्मिलित हुए और फिर रात में गोरखनाथ मंदिर पहुंचकर उन्होंने पारंपरिक श्रीकृष्ण जन्मोत्सव समारोह में प्रभु के प्राकट्य अनुष्ठान को पूर्ण कराया। 

    गोरखनाथ मंदिर पहुंचने पर मुख्यमंत्री ने सबसे पहले शिवावतार महायोगी गुरु गोरखनाथ का दर्शन पूजन किया। इसके बाद उन्होंने अपने गुरुदेव ब्रह्मलीन महंत अवेद्यनाथ की समाधि पर मत्था टेक पुष्पार्चन किया, उनका आशीर्वाद लिया। गोरखनाथ मंदिर में श्रीकृष्ण जन्मोत्सव के पावन उपलक्ष्य में महंत दिग्विजयनाथ स्मृति भवन के सभागार में भजन संध्या का आयोजन किया गया था। मुख्यमंत्री यहां पहुंचे और सुमधुर भजनों का आनंद उठाते हुए राधा-कृष्ण बने बच्चों को दुलारकर उन्हें उपहार देते रहे। 

    गोरक्षपीठाधीश्वर ने मध्य रात्रि गोरखनाथ मंदिर के गर्भगृह में श्रीकृष्ण जन्मोत्सव पर विधि विधान से विशिष्ट पूजा अर्चना की। रात 12 बजे भगवान श्रीकृष्ण के प्राकट्य के बाद 'नंद घर आनंद भयो, जय कन्हैयालाल की' और ‘श्रीकृष्ण गोविंद हरे मुरारी, हे नाथ नारायण वासुदेव’ की मंगल धुन, सोहर गीत और घंटों-घड़ियाल की ध्वनि के बीच गोरक्षपीठाधीश्वर उन्हें गोद में लेकर गर्भगृह से बाहर आए। सीएम योगी ने, प्रभु श्रीहरि के बाल स्वरूप ‘लड्डू गोपाल’ को फूलों से सजे पालने में बैठाकर श्रद्धाभाव से उन्हें झुलाया और आरती उतारी। प्रभु श्रीकृष्ण का प्राकट्य अनुष्ठान पूर्ण होने के उपरांत मंदिर की तरफ से श्रद्धालुओं को फलाहार और प्रसाद वितरित किया गया। 

    गोरखनाथ मंदिर में श्रीकृष्ण जन्मोत्सव परंपरागत रूप से धूमधाम से मनाया जाता है। इस अवसर पर मंदिर के महंत दिग्विजयनाथ स्मृति सभागार में भजन संध्या कार्यक्रम सुपरिचित लोक गायक डॉ. राकेश श्रीवास्तव के संयोजन में शाम से ही जारी था। दूसरी तरफ श्रीकृष्ण जन्माष्टमी का मुख्य धार्मिक अनुष्ठान मंदिर के गर्भगृह में रात करीब साढ़े ग्यारह बजे से प्रारंभ हुआ और ठीक मध्य रात्रि भगवान श्रीकृष्ण के जन्मोपरांत मंगल गीत व प्रसाद वितरण के साथ संपन्न हुआ। इस अवसर पर प्रदेश सरकार के बेसिक शिक्षा राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) संदीप सिंह, महापौर डॉ. मंगलेश श्रीवास्तव, भाजपा के प्रदेश उपाध्यक्ष एवं एमएलसी डॉ. धर्मेंद्र सिंह, विधायक फतेह बहादुर सिंह, कई साधु-संत और बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे। मध्य रात्रि तक मंदिर परिसर श्रद्धालुओं से खचाखच भरा रहा। 

    राधा-कृष्ण बने बच्चों को मिला सीएम योगी का स्नेह व उपहार
    श्रीकृष्ण जन्मोत्सव समारोह में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने महंत दिग्विजयनाथ स्मृति सभागार में भजन कीर्तन के मध्य श्रीकृष्ण रूप सज्जा प्रतियोगिता में राधा व कृष्ण बने बच्चों को खूब स्नेह दिया। उनसे खूब हंसी ठिठोली भी की। उन्हें खिलौने व चॉकलेट उपहार में दिए। इस दौरान कई मासूमों को अपनी गोद में लेकर वह काफी देर तक खिलाते रहे, प्यार-दुलार करते रहे। कुछ बच्चों ने सीएम योगी को दोहे और श्लोक सुनाए तो कुछ ने उनके साथ सेल्फी ली। मुख्यमंत्री सभी बच्चों का अनुरोध पूरा करते रहे। 

     बालरूप सज्जा नयनाभिराम
    भगवान श्रीकृष्ण के जन्मोत्सव पर गोरखनाथ मंदिर के ब्रह्मलीन महंत दिग्विजयनाथ स्मृति भवन सभागार में आयोजित श्रीकृष्ण बालरूप सज्जा प्रतियोगिता में सजधज कर आए बच्चों ने लोगों का मन मोह लिया। प्रतियोगिता में कोई श्रीकृष्ण के रूप में था तो कोई राधा। इन बच्चों के वेश और रूप से सभागार एकबारगी गोकुल का भान करा रहा था। दो वर्गों में हुई इस प्रतियोगिता में शामिल सभी बच्चे कार्यक्रम का आकर्षण बढ़ा रहे थे। बाल रूप सज्जा प्रतियोगिता के कान्हा वर्ग में प्रथम पुरस्कार शर्विल पांडेय को, द्वितीय पुरस्कार सौम्या प्रजापति और तृतीय पुरस्कार हिमांशी श्रीवास्तव को दिया गया। गोपाल वर्ग में प्रथम पुरस्कार सार्थक, द्वितीय राजवीर और तृतीय पुरस्कार रूद्र को मिला। श्रीकृष्ण रूप सज्जा में विजेताओं को मुख्यमंत्री ने प्रशस्ति पत्र और उपहार देकर पुरस्कृत किया। निर्णायक की भूमिका सारिका राय, मनीषा सिंह और हृदया त्रिपाठी ने निभाई जबकि संचालन शिवेंद्र पांडेय ने किया।

    भजनों में गूंजा जय कान्हा-श्याम
    श्रीकृष्ण जन्माष्टमी पर दिग्विजयनाथ स्मृति भवन में, डॉ. राकेश श्रीवास्तव के संयोजन में आयोजित भजन संध्या में कान्हा-श्याम की आराधना की गूंज रही। शुभारंभ पुनीत श्रीवास्तव ने एक सुमधुर भक्ति गीत से किया। इसके पश्चात हृदया त्रिपाठी व अनीता सिंह ने सोहर और लक्ष्मी गुप्ता ने बधाई गीत की कर्णप्रिय प्रस्तुति दी। गायक उमेश मिश्रा और एकता शुक्ला ने कृष्ण भजन सुनाकर सबको भाव विभोर कर दिया। डॉ. राकेश श्रीवास्तव ने पारंपरिक बधाई गीत एवं सोहर के गायन से वातावरण को उल्लासमय बना दिया। वाद्य यंत्रों पर श्यामसुंदर लाल श्रीवास्तव हंसलोना, दीपक, आभास पाठक एवं सुधाकर सिन्हा ने संगत की।

    गर्भगृह में हनुमत संगीत आश्रम ने सजाई भजन संध्या
    श्रीकृष्ण जन्मोत्सव के पावन अवसर पर गोरखनाथ मंदिर के गर्भगृह में हनुमत संगीत आश्रम एवं सेवा संस्थान की तरफ से रात आठ बजे से बारह बजे तक भजनों की प्रस्तुति की गई। जन्मोत्सव से पूर्व, गर्भगृह में भजनों का श्रवण मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भी किया। कार्यक्रम की शुरुआत गायक और संगीतकार अभिषेक पांडेय बिट्टू के भजनों से हुई। तत्पश्चात सिद्धि सिंह, निशांत शुक्ला, श्रेयांश तेजस्वी, ओम सिंह, हृदयांश श्रीवास्तव, अपूर्व नमन, आकांक्षा त्रिपाठी, प्रीति अग्रहरि और अलका जायसवाल ने अपने भजनों की प्रस्तुति से लोगों को खूब झुमाया। कार्यक्रम का संयोजन धर्मेंद्र कुमार श्रीवास्तव एवं संगीत निर्देशन अभिषेक पांडेय बिट्टू का था। वाद्य यंत्र पर अजीत राज, शैलेश दुबे व रुद्राक्ष शुक्ला ने संगत की।

  • ‘ट्रिपल इंजन सरकार’ के मिशन पर BJP, BL संतोष ने बनाई रणनीति; Gen-Z वोटरों और सोशल मीडिया पर फोकस

    ‘ट्रिपल इंजन सरकार’ के मिशन पर BJP, BL संतोष ने बनाई रणनीति; Gen-Z वोटरों और सोशल मीडिया पर फोकस

    जयपुर
    राजस्थान में होने जा रहे नगरीय निकाय चुनाव 2026 के बीच भारतीय जनता पार्टी (BJP) के राष्ट्रीय संगठन महामंत्री बीएल संतोष का जयपुर दौरा केवल औपचारिक समीक्षा तक सीमित नहीं रहा, बल्कि इसने प्रदेश की भावी राजनीति का नया रुख तय कर दिया है। जयपुर स्थित भाजपा प्रदेश कार्यालय में शुक्रवार को दिनभर चली मैराथन बैठकों में बीएल संतोष ने साफ संदेश दिया कि स्थानीय निकाय चुनाव को कोई भी कार्यकर्ता या बड़ा नेता हल्के में न ले। उन्होंने नेताओं को आगाह करते हुए कहा कि निकाय चुनाव भले ही देखने में छोटा लगे, लेकिन इसका सीधा असर राष्ट्रीय स्तर के चुनावों और राजनीतिक नैरेटिव पर पड़ता है। इस दौरान उन्होंने पार्टी में टिकट वितरण के बाद पनपे असंतोष और भीतरघात करने वाले नेताओं के खिलाफ गोपनीय सूची तैयार कर तुरंत सख्त अनुशासनात्मक कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं।

    दिनभर चली इन बैठकों में मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा, प्रदेशाध्यक्ष मदन राठौड़, प्रदेश प्रभारी राधामोहन दास अग्रवाल, चुनाव प्रभारी हरीश द्विवेदी और संगठन महामंत्री अजय कुमार सहित पार्टी के शीर्ष पदाधिकारी मौजूद रहे।

    भीतरघातियों की बनाओ अलग लिस्ट: बीएल संतोष
    निकाय चुनाव के दौरान अक्सर पार्टी के भीतर ही खड़े होने वाले बागियों और भीतरघातियों को लेकर राष्ट्रीय संगठन महामंत्री ने बेहद कड़ा रुख अपनाया है।

    बैठक में मौजूद सूत्रों के अनुसार, उन्होंने स्पष्ट कहा-
    गोपनीय सूची तैयार होगी: जो भी नेता या कार्यकर्ता पार्टी के घोषित प्रत्याशियों के खिलाफ काम कर रहे हैं या चुपचाप विरोधियों की मदद कर रहे हैं, उनकी जिलेवार सूची बनाई जाए।

    जीरो टॉलरेंस पॉलिसी: पार्टी विरोधी गतिविधियों में शामिल लोगों के खिलाफ चुनाव के बाद नहीं, बल्कि चुनाव के दौरान ही सख्त एक्शन लिया जाएगा।

    पार्टी अनुशासन सर्वोपरि: उन्होंने पदाधिकारियों को निर्देशित किया कि व्यक्तिगत मतभेदों को किनारे रखकर सभी को केवल कमल के निशान के लिए मैदान में उतरना होगा।

    'प्रत्याशी कमजोर हो तो संगठन बने ताकत'
    भाजपा के राष्ट्रीय संगठन महामंत्री बीएल संतोष ने कहा कि जिसे जो जिम्मेदारी दी गई है, वह उसे पूरी मजबूती से निभाए। उन्होंने कहा कि निकाय चुनाव को हल्के में न लें और हर निकाय में जीत के लक्ष्य के साथ पूरी ताकत से चुनाव लड़ा जाए।

    एयरपोर्ट जाते समय बीएल संतोष जयपुर शहर कार्यालय पहुंचे और जयपुर नगर निगम की कोर कमेटी की बैठक ली। जयपुर नगर निगम में बोर्ड कैसे बनेगा, इसका प्लान समझा। उन्होंने स्पष्ट किया कि पार्टी प्रत्याशी कमजोर होने के बावजूद संगठन को उसके साथ मजबूती से खड़ा रहकर हर हाल में जीत का प्रयास करना होगा।

    स्थानीय नेतृत्व का बनेगा रिपोर्ट कार्ड
    विधायकों, मंत्रियों और स्थानीय नेताओं ने निकाय चुनाव में संगठन के लिए कितना काम किया, किन क्षेत्रों में नेतृत्व प्रभावी रहा और कहां कमी रही, इसका फीडबैक भी केंद्रीय संगठन तक पहुंचेगा।

    युवाओं को गढ़ने का समय
    उन्होंने चुनावी रणनीति में युवाओं (जेन-जी) को केंद्र में रखने की जरूरत जताई। कहा कि युवाओं की बदलती सोच और उनकी अपेक्षाओं को समझना होगा। अब युवाओं को गढ़ने और उनमें नेतृत्व क्षमता विकसित करने का भी समय है। संतोष ने कहा कि केवल डबल इंजन नहीं, अब ट्रिपल इंजन सरकार बनानी है। इसके लिए प्रदेश के हर निकाय में भाजपा की जीत जरूरी है।

    बैठक के दूसरे अहम सत्र में बीएल संतोष ने मीडिया और सोशल मीडिया टीम के साथ अलग से बैठक की। इस बैठक का मुख्य केंद्र नए दौर के युवाओं यानी 'Gen-Z' (18 से 25 वर्ष के मतदाताओं) को पार्टी से जोड़ना रहा।

    डिजिटल नैरेटिव पर जोर: उन्होंने निर्देश दिए कि केंद्र और राज्य सरकार की योजनाओं को युवाओं की भाषा में रील्स, इंफोग्राफिक्स और शॉर्ट वीडियो के जरिए पेश किया जाए।

    लोकल इश्यूज पर घेराबंदी: विरोधी दलों द्वारा फैलाए जा रहे भ्रामक नैरेटिव का तुरंत और तथ्यों के आधार पर जवाब देने के लिए सोशल मीडिया टीमों को 24 घंटे एक्टिव रहने को कहा गया है।

    CM भजनलाल शर्मा से मैराथन चर्चा
    शुक्रवार शाम को बीएल संतोष ने मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के साथ अलग से एक बंद कमरे में लंबी बैठक की। इस बैठक में राज्य सरकार की योजनाओं के धरातल पर क्रियान्वयन, नगरीय क्षेत्रों में चल रहे विकास कार्यों और जनता के बीच सरकार की छवि को लेकर विस्तार से चर्चा हुई। बीएल संतोष ने इस बात पर विशेष जोर दिया कि सरकार के 32 महीनों के कामकाज का सीधा लाभ निकाय चुनाव में पार्टी को मिलना चाहिए।

    स्पीकर देवनानी के खिलाफ कांग्रेस पहुंची चुनाव आयोग
    एक तरफ जहां जयपुर में भाजपा अपनी चुनावी रणनीति को धार दे रही थी, वहीं दूसरी तरफ अजमेर में इस चुनाव को लेकर बड़ा सियासी विवाद खड़ा हो गया है। शहर जिला कांग्रेस कमेटी ने जिला निर्वाचन अधिकारी (कलेक्टर) को विधानसभा अध्यक्ष वासुदेव देवनानी के खिलाफ आदर्श आचार संहिता (MCC) के उल्लंघन की लिखित शिकायत सौंपी है।

    शहर कांग्रेस अध्यक्ष डॉ. राजकुमार जयपाल ने आरोप लगाया है कि विधानसभा अध्यक्ष जैसे संवैधानिक पद पर रहते हुए वासुदेव देवनानी लगातार भाजपा प्रत्याशियों के पक्ष में चुनाव प्रचार कर रहे हैं। प्रचार के दौरान वे सरकारी गाड़ियों और संसाधनों का उपयोग कर रहे हैं तथा भाजपा का दुपट्टा पहनकर बैठकों में हिस्सा ले रहे हैं। कांग्रेस ने चुनाव आयोग से इस मामले में तुरंत संज्ञान लेकर निष्पक्ष कार्रवाई करने की मांग की है।

  • UP में बाढ़ के बीच मजबूत हुआ राहत तंत्र, 591 करोड़ चेतावनी संदेशों ने समय रहते लाखों लोगों को किया सतर्क

    UP में बाढ़ के बीच मजबूत हुआ राहत तंत्र, 591 करोड़ चेतावनी संदेशों ने समय रहते लाखों लोगों को किया सतर्क

     लखनऊ
     उत्तर प्रदेश में भारी बारिश, आंधी-तूफान, वज्रपात और बाढ़ के बीच योगी सरकार का मजबूत चेतावनी एवं राहत-बचाव तंत्र लोगों के लिए जीवनरक्षक साबित हुआ है।

    राहत आयुक्त कार्यालय की ओर से बड़े पैमाने पर भेजे गए 591 करोड़ से अधिक अलर्ट मैसेज ने लाखों लोगों को समय रहते मौसम और बाढ़ के संभावित खतरे से सतर्क किया। समय पर मिली चेतावनी, स्थानीय प्रशासन की तत्परता और आमजन की सजगता का नतीजा रहा कि बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में अब तक एक भी जनहानि नहीं हुई है।

    करोड़ों संदेशों से समय रहते मिली चेतावनी
    प्रदेश में लोगों को भारी बारिश, आंधी-तूफान, वज्रपात और बाढ़ से बचाव के लिए मोबाइल संदेशों के माध्यम से लगातार अलर्ट भेजे गए। जुलाई में 306 करोड़ और अगस्त में 285 करोड़ यानी कुल 591 करोड़ अलर्ट मैसेज प्रसारित किए गए। इसके अलावा सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के माध्यम से एक करोड़ से अधिक लोगों तक मौसम संबंधी सूचनाएं और चेतावनियां पहुंचाई गईं। इस व्यापक सूचना तंत्र ने लोगों को समय रहते सावधान होने, सुरक्षित स्थानों पर जाने और जरूरी सुरक्षा उपाय अपनाने में मदद की।

    चेतावनी मिलते ही खुद सुरक्षित हुए लोग
    अलर्ट सिस्टम की सबसे बड़ी उपलब्धि यह रही कि मौसम और नदियों के जलस्तर से जुड़ी सूचनाएं लोगों तक समय पर पहुंचीं। इससे प्रभावित क्षेत्रों में रहने वाले लोग संभावित खतरे को समझकर स्वयं भी सुरक्षित स्थानों की ओर जाने में सक्षम हुए। स्थानीय प्रशासन ने भी इन चेतावनियों के आधार पर लगातार लोगों को जागरूक किया। इस तरह तकनीक, प्रशासनिक सतर्कता और आमजन की सजगता ने मिलकर जनसुरक्षा को मजबूत किया।

    3.52 लाख से अधिक लोगों तक पहुंची मदद
    अलर्ट और राहत-बचाव व्यवस्था के जरिए बाढ़ की स्थिति में अब तक 3.52 लाख से अधिक लोगों तक मदद पहुंचाई गई। वहीं राहत एवं बचाव अभियानों के दौरान समय रहते 17.54 हजार से अधिक लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया।

    1070 हेल्पलाइन से तत्काल राहत
    राहत आयुक्त कार्यालय की 1070 हेल्पलाइन भी संकट के समय लोगों के लिए महत्वपूर्ण सहारा बनी। सूचना मिलते ही संबंधित जिला प्रशासन को जानकारी उपलब्ध कराई गई और जरूरत के अनुसार राहत एवं बचाव दलों को मौके पर भेजा गया।

    चित्रकूट, प्रयागराज और मिर्जापुर समेत अन्य प्रभावित जिलों में बाढ़ में फंसे लोगों की लोकेशन प्राप्त कर बचाव दलों तक पहुंचाई गई, जिसके बाद नागरिकों को सुरक्षित बाहर निकालने की कार्रवाई की गई। यही प्रयास बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में अब तक शून्य जनहानि सुनिश्चित करने में महत्वपूर्ण साबित हुआ है।

  • पंजाब में बिजली की खपत ने बनाया नया रिकॉर्ड, बारिश भी नहीं दे सकी राहत; मांग 16 हजार मेगावाट पार

    पंजाब में बिजली की खपत ने बनाया नया रिकॉर्ड, बारिश भी नहीं दे सकी राहत; मांग 16 हजार मेगावाट पार

    अमृतसर 

    पंजाब में शुक्रवार को बारिश से भी पावरकाॅम की मुश्किलें कम नहीं हुईं। शुक्रवार को बिजली की मांग ने पिछले दो साल का रिकॉर्ड तोड़ दिया। यह मांग 16182 मेगावाट तक पहुंच गई। पावरकाॅम के पास बिजली की भारी कमी रही। विभिन्न थर्मल और जलविद्युत परियोजनाओं के सात यूनिट बंद होने से कुल 1275 मेगावाट बिजली उत्पादन ठप रहा। इस कमी के कारण उद्योगों और कृषि क्षेत्र को बिजली कटौती का सामना करना पड़ा।

    पावरकाॅम के पास अपने सभी स्रोतों से केवल 4114 मेगावाट बिजली उपलब्ध थी। शुक्रवार को तलवंडी साबो थर्मल की 660 मेगावाट की तीन नंबर यूनिट बंद रही। रोपड़ प्लांट की 210 मेगावाट की पांच नंबर यूनिट भी ठप रही। लहरा मुहब्बत थर्मल की 210 मेगावाट की एक नंबर यूनिट भी बंद रही। इसके अलावा, रणजीत सागर बांध की 150 मेगावाट की एक नंबर यूनिट और यूबीडीसी के 45 मेगावाट की तीन यूनिट भी बंद रहीं। इस स्थिति के कारण पावरकाॅम को बाहर से महंगी बिजली खरीदनी पड़ रही है।

    तलवंडी साबो थर्मल प्लांट की 660 मेगावाट की तीन नंबर यूनिट बॉयलर ट्यूब में लीकेज के कारण वीरवार को बंद हुई थी। इसके रविवार तक ही दोबारा चलने की संभावना है। बिजली की कमी के चलते उद्योगों में पौने चार घंटे के रोटेशन में कट लगाए जा रहे हैं।

    खेतीबाड़ी क्षेत्र को भी आठ घंटे की पूरी बिजली आपूर्ति नहीं मिल रही है। किसानों को ट्यूबवेल के लिए पांच से सात घंटे ही बिजली मिल रही है, जिससे उनमें सरकार के प्रति रोष है। थर्मल संयंत्रों में कोयला संकट भी बना हुआ है। तलवंडी साबो में मात्र छह दिन का, राजपुरा प्लांट में सात दिन का और गोइंदवाल में 13 दिन का कोयला शेष है। लहरा मुहब्बत थर्मल में 15 दिन का कोयला बचा है, जबकि रोपड़ थर्मल में 29 दिन का कोयला स्टॉक नियमानुसार पर्याप्त है।

    थर्मल संयंत्रों में शिविर कार्यालय स्थापित होंगे 
    बिजली की बढ़ती मांग को देखते हुए पावरकाॅम ने महत्वपूर्ण निर्णय लिए हैं। प्रबंध निदेशक और अध्यक्ष (सीएमडी) तथा निदेशक तुरंत साइटों का दौरा करेंगे। वे थर्मल संयंत्रों में शिविर कार्यालय स्थापित करेंगे। इसके अतिरिक्त, मुख्य अभियंता और संयंत्र प्रभारी को यह सुनिश्चित करना होगा कि वे अपने-अपने स्टेशनों पर लगातार मौजूद रहें। उन्हें संयंत्र की अधिकतम क्षमता पर बिना रुकावट बिजली उत्पादन बनाए रखने के लिए काम करना होगा। 

    फैसले के अनुसार, राजपुरा थर्मल प्लांट में प्रबंध निदेशक और अध्यक्ष डॉ. बसंत गर्ग शिविर कार्यालय लगाएंगे। वाणिज्यिक निदेशक इंजीनियर हरशरण कौर त्रेहन गोइंदवाल साहिब थर्मल प्लांट में जिम्मेदारी संभालेंगी। वितरण निदेशक इंजीनियर इंद्रपाल सिंह गुरु गोबिंद सिंह सुपर थर्मल पावर प्लांट रोपड़ में मौजूद रहेंगे। वित्त निदेशक चार्टर्ड अकाउंटेंट सुरिंदर कुमार बेरी तलवंडी साबो पावर स्टेशन में शिविर कार्यालय स्थापित करेंगे। वितरण निदेशक इंजीनियर पुनरदीप सिंह बराड़ गुरु हरगोबिंद साहिब थर्मल प्लांट लहरा मोहब्बत में अपनी सेवाएं देंगे। 

  • ग्रामीण वोट बैंक साधने में जुटी AAP, बादल-कैप्टन की सियासी विरासत को चुनौती देने की तैयारी

    ग्रामीण वोट बैंक साधने में जुटी AAP, बादल-कैप्टन की सियासी विरासत को चुनौती देने की तैयारी

    बठिंडा
     पंजाब की राजनीति में कभी बेहद मजबूत रहे दो सियासी घरानों बादल परिवार और कैप्टन अमरिंदर सिंह- के प्रभाव वाले इलाकों में मुख्यमंत्री भगवंत मान की लगातार सक्रियता ने राजनीतिक चर्चाओं को हवा दे दी है।

    मुख्यमंत्री मान दो दिनों में पूर्व मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल के पैतृक गांव घुद्दा और पूर्व मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह के पैतृक गांव महराज में ‘लोक मिलनी’ कर रहे हैं। इसे महज सरकारी कार्यक्रम के बजाय 2027 के विधानसभा चुनाव की तैयारियों से जोड़कर देखा जा रहा है।

    दिलचस्प बात यह है कि दोनों गांव पंजाब की उस पारंपरिक सियासत के प्रतीक माने जाते हैं, जिसने लंबे समय तक राज्य की राजनीति की दिशा तय की।

    प्रकाश सिंह बादल का नाम शिरोमणि अकाली दल की सियासत और मालवा क्षेत्र में पार्टी के प्रभाव से जुड़ा रहा है, जबकि कैप्टन अमरिंदर सिंह कांग्रेस की पंजाब राजनीति का बड़ा चेहरा रहे हैं। ऐसे में मुख्यमंत्री मान का दोनों दिग्गज़ों के पैतृक गांवों में पहुंचना राजनीतिक संदेश देने की कोशिश के तौर पर देखा जा रहा है।

    घुद्दा में पहुंचकर अकाली राजनीति को संदेश
    प्रकाश सिंह बादल का पैतृक गांव घुद्दा बठिंडा जिले की सियासत में खास महत्व रखता है। बादल परिवार का मालवा क्षेत्र में लंबे समय तक मजबूत प्रभाव रहा है। ऐसे में मुख्यमंत्री की ‘लोक मिलनी’ के लिए घुद्दा का चयन राजनीतिक रूप से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

    आप के लिए यह कार्यक्रम अकाली दल के पुराने गढ़ में अपनी मौजूदगी और स्वीकार्यता दिखाने का मौका भी है। मुख्यमंत्री यहां लोगों की समस्याएं सुनने के साथ-साथ सरकार की उपलब्धियां गिनाते हुए यह संदेश देने की कोशिश कर सकते हैं कि पंजाब की राजनीति अब पुराने सियासी परिवारों के इर्द-गिर्द नहीं, बल्कि आम लोगों के मुद्दों के इर्द-गिर्द केंद्रित है।

    महराज में कैप्टन के प्रभाव को चुनौती
    इसके अगले दिन मुख्यमंत्री का कैप्टन अमरिंदर सिंह के पैतृक गांव महराज पहुंचना कांग्रेस के पुराने प्रभाव क्षेत्र में आप की राजनीतिक पैठ का संकेत माना जा रहा है। कैप्टन लंबे समय तक पंजाब कांग्रेस का सबसे बड़ा चेहरा रहे हैं और मुख्यमंत्री भी रह चुके हैं।

    ऐसे में उनके पैतृक गांव में ‘लोक मिलनी’ को कांग्रेस के पुराने सियासी आधार को चुनौती देने के प्रयास के तौर पर देखा जा रहा है।

    राजनीतिक जानकारों की नजर में मुख्यमंत्री का यह दौरा केवल विकास कार्यों और जनसमस्याओं तक सीमित नहीं है। आप लगातार मालवा क्षेत्र को अपने मजबूत आधार के रूप में स्थापित करने की कोशिश कर रही है।

    घुद्दा और महराज जैसे प्रतीकात्मक स्थानों पर पहुंचकर सरकार यह संदेश देना चाहती है कि वह पुराने राजनीतिक गढ़ों में भी अपनी पकड़ मजबूत कर चुकी है।

    2027 की तैयारी का ट्रेलर
    पंजाब विधानसभा चुनाव 2027 में होने हैं। चुनाव से पहले मुख्यमंत्री का गांव-गांव पहुंचकर सीधे लोगों से संवाद करना आप की चुनावी रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है। ‘लोक मिलनी’ के जरिए सरकार एक तरफ प्रशासन को जनता के दरवाजे तक ले जाने का दावा कर रही है, वहीं दूसरी तरफ राजनीतिक तौर पर उन इलाकों में अपनी जमीन मजबूत करने में जुटी है, जहां कभी बादल और कैप्टन जैसे दिग्गज़ों का दबदबा रहा।

    अब सवाल यह है कि घुद्दा और महराज में मुख्यमंत्री की दस्तक क्या सिर्फ जनसुनवाई है या फिर 2027 के चुनावी मुकाबले का राजनीतिक संदेश। दो दिग्गज़ों के पैतृक गांवों का लगातार चयन इस बात के संकेत जरूर दे रहा है कि आप अब पंजाब की पारंपरिक सियासी विरासत को सीधे चुनौती देने की रणनीति पर आगे बढ़ रही है।