Category: राज्य

  • नई पीढ़ी का भविष्य संवार रहे शिक्षक, आधुनिक शिक्षा-तकनीक से जोड़ रहे ज्ञान परंपरा: CM योगी

    नई पीढ़ी का भविष्य संवार रहे शिक्षक, आधुनिक शिक्षा-तकनीक से जोड़ रहे ज्ञान परंपरा: CM योगी

    आधुनिक शिक्षा और नवाचार से नई पीढ़ी का भविष्य गढ़ रहे शिक्षक : मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ 

     शिक्षक दिवस पर सीएम योगी का प्रदेश के शिक्षकों के नाम खास संदेश

    मुख्यमंत्री ने सेल्फी वीडियो साझा कर शिक्षकों को दी शुभकामनाएं 

     काशी, सारनाथ और नैमिषारण्य तक यूपी की प्राचीन ज्ञान परंपरा का किया उल्लेख

    लखनऊ, 
     शिक्षक दिवस के अवसर पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रदेश के सभी शिक्षकों और गुरुजनों को शुभकामनाएं दी हैं। मुख्यमंत्री ने शनिवार को अपने इंस्टाग्राम अकाउंट पर सेल्फी वीडियो साझा करते हुए उत्तर प्रदेश की प्राचीन ज्ञान परंपरा को याद किया और आधुनिक शिक्षा व्यवस्था में शिक्षकों की भूमिका को महत्वपूर्ण बताया।

    सीएम योगी ने कहा कि प्रदेश की विशिष्ट ज्ञान परंपरा को आधुनिक स्वरूप में नई पीढ़ी तक पहुंचाने वाले सभी गुरुजनों और शिक्षकों को वह शिक्षक दिवस की हार्दिक बधाई देते हैं। उत्तर प्रदेश प्राचीन काल से ज्ञान, साधना और संस्कारों की पावन भूमि रहा है। काशी ने विश्व को ज्ञान का प्रकाश दिया, जबकि सारनाथ में भगवान बुद्ध ने अपना प्रथम उपदेश दिया था। अयोध्या, मथुरा-वृंदावन और प्रयागराज भी सनातन ज्ञान परंपरा के प्रमुख केंद्र रहे हैं।

    मुख्यमंत्री ने शुकतीर्थ और नैमिषारण्य की ज्ञान परंपरा का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि करीब पांच हजार वर्ष पूर्व शुकतीर्थ में महर्षि शुकदेव जी ने श्रीमद्भागवत का प्रथम वाचन किया था। वहीं नैमिषारण्य में 88 हजार ऋषियों की साधना ने भारतीय ज्ञान परंपरा को समृद्ध किया। इसी भूमि से आयुर्वेद, अध्यात्म, दर्शन और भारतीय ज्ञान-विज्ञान की महान परंपराएं विकसित हुईं।

    सीएम योगी ने कहा कि आज प्रदेश के शिक्षक इसी गौरवशाली ज्ञान परंपरा को आधुनिक शिक्षा, तकनीक और नवाचार से जोड़कर नई पीढ़ी का भविष्य गढ़ रहे हैं। उन्होंने शिक्षकों का अभिनंदन करते हुए उनके प्रति मंगलमय शुभकामनाएं व्यक्त कीं।

  • गोरखनाथ मंदिर में धूमधाम से मना श्रीकृष्ण जन्मोत्सव, सीएम योगी ने की पूजा-अर्चना

    गोरखनाथ मंदिर में धूमधाम से मना श्रीकृष्ण जन्मोत्सव, सीएम योगी ने की पूजा-अर्चना

    गोरक्षपीठ में सीएम योगी ने मनाया गोपाल का प्राकट्योत्सव

    मुख्यमंत्री ने गोरखनाथ मंदिर के गर्भगृह में विधि विधान से की पूजा-अर्चना, प्राकट्य के बाद प्रभु श्रीकृष्ण के लड्डू गोपाल स्वरूप को पालने में झुलाया

    महंत दिग्विजयनाथ स्मृति भवन के सभागार में बाल गोपाल को दुलारकर भजनों का भी आनंद उठाया गोरक्षपीठाधीश्वर ने

    श्रीकृष्ण जन्माष्टमी पर मथुरा से लेकर गोरखपुर तक, योगेश्वर की साधना में रमे रहे गोरक्षपीठाधीश्वर

    गोरखपुर

    भक्ति, प्रेम व धर्म के शाश्वत आलोक, गोपाल, जगतपाल, पूर्ण परब्रह्म, भगवान श्रीकृष्ण के प्राकट्योत्सव का पवित्र पर्व श्रीकृष्ण जन्माष्टमी शिवावतार महायोगी गोरखनाथ की साधनास्थली गोरखनाथ मंदिर में पारंपरिक श्रद्धा, भव्यता एवं हर्षोल्लास से मनाया गया। गोरक्षपीठ के इस पारंपरिक कार्यक्रम का नेतृत्व करने के लिए गोरक्षपीठाधीश्वर एवं मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ शुक्रवार रात लखनऊ से गोरखपुर पहुंचे।

    श्रीकृष्ण जन्माष्टमी के पावन पर्व पर गोरक्षपीठाधीश्वर एवं मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ शुक्रवार सुबह से मध्य रात्रि तक, मथुरा से लेकर लखनऊ और गोरखपुर तक, समस्त योगियों के परमेश्वर माने जाने वाले योगेश्वर श्रीकृष्ण की साधना में रमे रहे। सुबह उन्होंने भगवान श्रीकृष्ण की जन्मभूमि मथुरा स्थित जन्मभूमि मंदिर में कान्हा की विधि विधान से आराधना कर प्रदेशवासियों के सुखमय जीवन की प्रार्थना की। शाम को वह लखनऊ पुलिस लाइन में आयोजित श्रीकृष्ण जन्माष्टमी समारोह में सम्मिलित हुए और फिर रात में गोरखनाथ मंदिर पहुंचकर उन्होंने पारंपरिक श्रीकृष्ण जन्मोत्सव समारोह में प्रभु के प्राकट्य अनुष्ठान को पूर्ण कराया। 

    गोरखनाथ मंदिर पहुंचने पर मुख्यमंत्री ने सबसे पहले शिवावतार महायोगी गुरु गोरखनाथ का दर्शन पूजन किया। इसके बाद उन्होंने अपने गुरुदेव ब्रह्मलीन महंत अवेद्यनाथ की समाधि पर मत्था टेक पुष्पार्चन किया, उनका आशीर्वाद लिया। गोरखनाथ मंदिर में श्रीकृष्ण जन्मोत्सव के पावन उपलक्ष्य में महंत दिग्विजयनाथ स्मृति भवन के सभागार में भजन संध्या का आयोजन किया गया था। मुख्यमंत्री यहां पहुंचे और सुमधुर भजनों का आनंद उठाते हुए राधा-कृष्ण बने बच्चों को दुलारकर उन्हें उपहार देते रहे। 

    गोरक्षपीठाधीश्वर ने मध्य रात्रि गोरखनाथ मंदिर के गर्भगृह में श्रीकृष्ण जन्मोत्सव पर विधि विधान से विशिष्ट पूजा अर्चना की। रात 12 बजे भगवान श्रीकृष्ण के प्राकट्य के बाद 'नंद घर आनंद भयो, जय कन्हैयालाल की' और ‘श्रीकृष्ण गोविंद हरे मुरारी, हे नाथ नारायण वासुदेव’ की मंगल धुन, सोहर गीत और घंटों-घड़ियाल की ध्वनि के बीच गोरक्षपीठाधीश्वर उन्हें गोद में लेकर गर्भगृह से बाहर आए। सीएम योगी ने, प्रभु श्रीहरि के बाल स्वरूप ‘लड्डू गोपाल’ को फूलों से सजे पालने में बैठाकर श्रद्धाभाव से उन्हें झुलाया और आरती उतारी। प्रभु श्रीकृष्ण का प्राकट्य अनुष्ठान पूर्ण होने के उपरांत मंदिर की तरफ से श्रद्धालुओं को फलाहार और प्रसाद वितरित किया गया। 

    गोरखनाथ मंदिर में श्रीकृष्ण जन्मोत्सव परंपरागत रूप से धूमधाम से मनाया जाता है। इस अवसर पर मंदिर के महंत दिग्विजयनाथ स्मृति सभागार में भजन संध्या कार्यक्रम सुपरिचित लोक गायक डॉ. राकेश श्रीवास्तव के संयोजन में शाम से ही जारी था। दूसरी तरफ श्रीकृष्ण जन्माष्टमी का मुख्य धार्मिक अनुष्ठान मंदिर के गर्भगृह में रात करीब साढ़े ग्यारह बजे से प्रारंभ हुआ और ठीक मध्य रात्रि भगवान श्रीकृष्ण के जन्मोपरांत मंगल गीत व प्रसाद वितरण के साथ संपन्न हुआ। इस अवसर पर प्रदेश सरकार के बेसिक शिक्षा राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) संदीप सिंह, महापौर डॉ. मंगलेश श्रीवास्तव, भाजपा के प्रदेश उपाध्यक्ष एवं एमएलसी डॉ. धर्मेंद्र सिंह, विधायक फतेह बहादुर सिंह, कई साधु-संत और बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे। मध्य रात्रि तक मंदिर परिसर श्रद्धालुओं से खचाखच भरा रहा। 

    राधा-कृष्ण बने बच्चों को मिला सीएम योगी का स्नेह व उपहार
    श्रीकृष्ण जन्मोत्सव समारोह में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने महंत दिग्विजयनाथ स्मृति सभागार में भजन कीर्तन के मध्य श्रीकृष्ण रूप सज्जा प्रतियोगिता में राधा व कृष्ण बने बच्चों को खूब स्नेह दिया। उनसे खूब हंसी ठिठोली भी की। उन्हें खिलौने व चॉकलेट उपहार में दिए। इस दौरान कई मासूमों को अपनी गोद में लेकर वह काफी देर तक खिलाते रहे, प्यार-दुलार करते रहे। कुछ बच्चों ने सीएम योगी को दोहे और श्लोक सुनाए तो कुछ ने उनके साथ सेल्फी ली। मुख्यमंत्री सभी बच्चों का अनुरोध पूरा करते रहे। 

     बालरूप सज्जा नयनाभिराम
    भगवान श्रीकृष्ण के जन्मोत्सव पर गोरखनाथ मंदिर के ब्रह्मलीन महंत दिग्विजयनाथ स्मृति भवन सभागार में आयोजित श्रीकृष्ण बालरूप सज्जा प्रतियोगिता में सजधज कर आए बच्चों ने लोगों का मन मोह लिया। प्रतियोगिता में कोई श्रीकृष्ण के रूप में था तो कोई राधा। इन बच्चों के वेश और रूप से सभागार एकबारगी गोकुल का भान करा रहा था। दो वर्गों में हुई इस प्रतियोगिता में शामिल सभी बच्चे कार्यक्रम का आकर्षण बढ़ा रहे थे। बाल रूप सज्जा प्रतियोगिता के कान्हा वर्ग में प्रथम पुरस्कार शर्विल पांडेय को, द्वितीय पुरस्कार सौम्या प्रजापति और तृतीय पुरस्कार हिमांशी श्रीवास्तव को दिया गया। गोपाल वर्ग में प्रथम पुरस्कार सार्थक, द्वितीय राजवीर और तृतीय पुरस्कार रूद्र को मिला। श्रीकृष्ण रूप सज्जा में विजेताओं को मुख्यमंत्री ने प्रशस्ति पत्र और उपहार देकर पुरस्कृत किया। निर्णायक की भूमिका सारिका राय, मनीषा सिंह और हृदया त्रिपाठी ने निभाई जबकि संचालन शिवेंद्र पांडेय ने किया।

    भजनों में गूंजा जय कान्हा-श्याम
    श्रीकृष्ण जन्माष्टमी पर दिग्विजयनाथ स्मृति भवन में, डॉ. राकेश श्रीवास्तव के संयोजन में आयोजित भजन संध्या में कान्हा-श्याम की आराधना की गूंज रही। शुभारंभ पुनीत श्रीवास्तव ने एक सुमधुर भक्ति गीत से किया। इसके पश्चात हृदया त्रिपाठी व अनीता सिंह ने सोहर और लक्ष्मी गुप्ता ने बधाई गीत की कर्णप्रिय प्रस्तुति दी। गायक उमेश मिश्रा और एकता शुक्ला ने कृष्ण भजन सुनाकर सबको भाव विभोर कर दिया। डॉ. राकेश श्रीवास्तव ने पारंपरिक बधाई गीत एवं सोहर के गायन से वातावरण को उल्लासमय बना दिया। वाद्य यंत्रों पर श्यामसुंदर लाल श्रीवास्तव हंसलोना, दीपक, आभास पाठक एवं सुधाकर सिन्हा ने संगत की।

    गर्भगृह में हनुमत संगीत आश्रम ने सजाई भजन संध्या
    श्रीकृष्ण जन्मोत्सव के पावन अवसर पर गोरखनाथ मंदिर के गर्भगृह में हनुमत संगीत आश्रम एवं सेवा संस्थान की तरफ से रात आठ बजे से बारह बजे तक भजनों की प्रस्तुति की गई। जन्मोत्सव से पूर्व, गर्भगृह में भजनों का श्रवण मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भी किया। कार्यक्रम की शुरुआत गायक और संगीतकार अभिषेक पांडेय बिट्टू के भजनों से हुई। तत्पश्चात सिद्धि सिंह, निशांत शुक्ला, श्रेयांश तेजस्वी, ओम सिंह, हृदयांश श्रीवास्तव, अपूर्व नमन, आकांक्षा त्रिपाठी, प्रीति अग्रहरि और अलका जायसवाल ने अपने भजनों की प्रस्तुति से लोगों को खूब झुमाया। कार्यक्रम का संयोजन धर्मेंद्र कुमार श्रीवास्तव एवं संगीत निर्देशन अभिषेक पांडेय बिट्टू का था। वाद्य यंत्र पर अजीत राज, शैलेश दुबे व रुद्राक्ष शुक्ला ने संगत की।

  • ‘ट्रिपल इंजन सरकार’ के मिशन पर BJP, BL संतोष ने बनाई रणनीति; Gen-Z वोटरों और सोशल मीडिया पर फोकस

    ‘ट्रिपल इंजन सरकार’ के मिशन पर BJP, BL संतोष ने बनाई रणनीति; Gen-Z वोटरों और सोशल मीडिया पर फोकस

    जयपुर
    राजस्थान में होने जा रहे नगरीय निकाय चुनाव 2026 के बीच भारतीय जनता पार्टी (BJP) के राष्ट्रीय संगठन महामंत्री बीएल संतोष का जयपुर दौरा केवल औपचारिक समीक्षा तक सीमित नहीं रहा, बल्कि इसने प्रदेश की भावी राजनीति का नया रुख तय कर दिया है। जयपुर स्थित भाजपा प्रदेश कार्यालय में शुक्रवार को दिनभर चली मैराथन बैठकों में बीएल संतोष ने साफ संदेश दिया कि स्थानीय निकाय चुनाव को कोई भी कार्यकर्ता या बड़ा नेता हल्के में न ले। उन्होंने नेताओं को आगाह करते हुए कहा कि निकाय चुनाव भले ही देखने में छोटा लगे, लेकिन इसका सीधा असर राष्ट्रीय स्तर के चुनावों और राजनीतिक नैरेटिव पर पड़ता है। इस दौरान उन्होंने पार्टी में टिकट वितरण के बाद पनपे असंतोष और भीतरघात करने वाले नेताओं के खिलाफ गोपनीय सूची तैयार कर तुरंत सख्त अनुशासनात्मक कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं।

    दिनभर चली इन बैठकों में मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा, प्रदेशाध्यक्ष मदन राठौड़, प्रदेश प्रभारी राधामोहन दास अग्रवाल, चुनाव प्रभारी हरीश द्विवेदी और संगठन महामंत्री अजय कुमार सहित पार्टी के शीर्ष पदाधिकारी मौजूद रहे।

    भीतरघातियों की बनाओ अलग लिस्ट: बीएल संतोष
    निकाय चुनाव के दौरान अक्सर पार्टी के भीतर ही खड़े होने वाले बागियों और भीतरघातियों को लेकर राष्ट्रीय संगठन महामंत्री ने बेहद कड़ा रुख अपनाया है।

    बैठक में मौजूद सूत्रों के अनुसार, उन्होंने स्पष्ट कहा-
    गोपनीय सूची तैयार होगी: जो भी नेता या कार्यकर्ता पार्टी के घोषित प्रत्याशियों के खिलाफ काम कर रहे हैं या चुपचाप विरोधियों की मदद कर रहे हैं, उनकी जिलेवार सूची बनाई जाए।

    जीरो टॉलरेंस पॉलिसी: पार्टी विरोधी गतिविधियों में शामिल लोगों के खिलाफ चुनाव के बाद नहीं, बल्कि चुनाव के दौरान ही सख्त एक्शन लिया जाएगा।

    पार्टी अनुशासन सर्वोपरि: उन्होंने पदाधिकारियों को निर्देशित किया कि व्यक्तिगत मतभेदों को किनारे रखकर सभी को केवल कमल के निशान के लिए मैदान में उतरना होगा।

    'प्रत्याशी कमजोर हो तो संगठन बने ताकत'
    भाजपा के राष्ट्रीय संगठन महामंत्री बीएल संतोष ने कहा कि जिसे जो जिम्मेदारी दी गई है, वह उसे पूरी मजबूती से निभाए। उन्होंने कहा कि निकाय चुनाव को हल्के में न लें और हर निकाय में जीत के लक्ष्य के साथ पूरी ताकत से चुनाव लड़ा जाए।

    एयरपोर्ट जाते समय बीएल संतोष जयपुर शहर कार्यालय पहुंचे और जयपुर नगर निगम की कोर कमेटी की बैठक ली। जयपुर नगर निगम में बोर्ड कैसे बनेगा, इसका प्लान समझा। उन्होंने स्पष्ट किया कि पार्टी प्रत्याशी कमजोर होने के बावजूद संगठन को उसके साथ मजबूती से खड़ा रहकर हर हाल में जीत का प्रयास करना होगा।

    स्थानीय नेतृत्व का बनेगा रिपोर्ट कार्ड
    विधायकों, मंत्रियों और स्थानीय नेताओं ने निकाय चुनाव में संगठन के लिए कितना काम किया, किन क्षेत्रों में नेतृत्व प्रभावी रहा और कहां कमी रही, इसका फीडबैक भी केंद्रीय संगठन तक पहुंचेगा।

    युवाओं को गढ़ने का समय
    उन्होंने चुनावी रणनीति में युवाओं (जेन-जी) को केंद्र में रखने की जरूरत जताई। कहा कि युवाओं की बदलती सोच और उनकी अपेक्षाओं को समझना होगा। अब युवाओं को गढ़ने और उनमें नेतृत्व क्षमता विकसित करने का भी समय है। संतोष ने कहा कि केवल डबल इंजन नहीं, अब ट्रिपल इंजन सरकार बनानी है। इसके लिए प्रदेश के हर निकाय में भाजपा की जीत जरूरी है।

    बैठक के दूसरे अहम सत्र में बीएल संतोष ने मीडिया और सोशल मीडिया टीम के साथ अलग से बैठक की। इस बैठक का मुख्य केंद्र नए दौर के युवाओं यानी 'Gen-Z' (18 से 25 वर्ष के मतदाताओं) को पार्टी से जोड़ना रहा।

    डिजिटल नैरेटिव पर जोर: उन्होंने निर्देश दिए कि केंद्र और राज्य सरकार की योजनाओं को युवाओं की भाषा में रील्स, इंफोग्राफिक्स और शॉर्ट वीडियो के जरिए पेश किया जाए।

    लोकल इश्यूज पर घेराबंदी: विरोधी दलों द्वारा फैलाए जा रहे भ्रामक नैरेटिव का तुरंत और तथ्यों के आधार पर जवाब देने के लिए सोशल मीडिया टीमों को 24 घंटे एक्टिव रहने को कहा गया है।

    CM भजनलाल शर्मा से मैराथन चर्चा
    शुक्रवार शाम को बीएल संतोष ने मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के साथ अलग से एक बंद कमरे में लंबी बैठक की। इस बैठक में राज्य सरकार की योजनाओं के धरातल पर क्रियान्वयन, नगरीय क्षेत्रों में चल रहे विकास कार्यों और जनता के बीच सरकार की छवि को लेकर विस्तार से चर्चा हुई। बीएल संतोष ने इस बात पर विशेष जोर दिया कि सरकार के 32 महीनों के कामकाज का सीधा लाभ निकाय चुनाव में पार्टी को मिलना चाहिए।

    स्पीकर देवनानी के खिलाफ कांग्रेस पहुंची चुनाव आयोग
    एक तरफ जहां जयपुर में भाजपा अपनी चुनावी रणनीति को धार दे रही थी, वहीं दूसरी तरफ अजमेर में इस चुनाव को लेकर बड़ा सियासी विवाद खड़ा हो गया है। शहर जिला कांग्रेस कमेटी ने जिला निर्वाचन अधिकारी (कलेक्टर) को विधानसभा अध्यक्ष वासुदेव देवनानी के खिलाफ आदर्श आचार संहिता (MCC) के उल्लंघन की लिखित शिकायत सौंपी है।

    शहर कांग्रेस अध्यक्ष डॉ. राजकुमार जयपाल ने आरोप लगाया है कि विधानसभा अध्यक्ष जैसे संवैधानिक पद पर रहते हुए वासुदेव देवनानी लगातार भाजपा प्रत्याशियों के पक्ष में चुनाव प्रचार कर रहे हैं। प्रचार के दौरान वे सरकारी गाड़ियों और संसाधनों का उपयोग कर रहे हैं तथा भाजपा का दुपट्टा पहनकर बैठकों में हिस्सा ले रहे हैं। कांग्रेस ने चुनाव आयोग से इस मामले में तुरंत संज्ञान लेकर निष्पक्ष कार्रवाई करने की मांग की है।

  • UP में बाढ़ के बीच मजबूत हुआ राहत तंत्र, 591 करोड़ चेतावनी संदेशों ने समय रहते लाखों लोगों को किया सतर्क

    UP में बाढ़ के बीच मजबूत हुआ राहत तंत्र, 591 करोड़ चेतावनी संदेशों ने समय रहते लाखों लोगों को किया सतर्क

     लखनऊ
     उत्तर प्रदेश में भारी बारिश, आंधी-तूफान, वज्रपात और बाढ़ के बीच योगी सरकार का मजबूत चेतावनी एवं राहत-बचाव तंत्र लोगों के लिए जीवनरक्षक साबित हुआ है।

    राहत आयुक्त कार्यालय की ओर से बड़े पैमाने पर भेजे गए 591 करोड़ से अधिक अलर्ट मैसेज ने लाखों लोगों को समय रहते मौसम और बाढ़ के संभावित खतरे से सतर्क किया। समय पर मिली चेतावनी, स्थानीय प्रशासन की तत्परता और आमजन की सजगता का नतीजा रहा कि बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में अब तक एक भी जनहानि नहीं हुई है।

    करोड़ों संदेशों से समय रहते मिली चेतावनी
    प्रदेश में लोगों को भारी बारिश, आंधी-तूफान, वज्रपात और बाढ़ से बचाव के लिए मोबाइल संदेशों के माध्यम से लगातार अलर्ट भेजे गए। जुलाई में 306 करोड़ और अगस्त में 285 करोड़ यानी कुल 591 करोड़ अलर्ट मैसेज प्रसारित किए गए। इसके अलावा सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के माध्यम से एक करोड़ से अधिक लोगों तक मौसम संबंधी सूचनाएं और चेतावनियां पहुंचाई गईं। इस व्यापक सूचना तंत्र ने लोगों को समय रहते सावधान होने, सुरक्षित स्थानों पर जाने और जरूरी सुरक्षा उपाय अपनाने में मदद की।

    चेतावनी मिलते ही खुद सुरक्षित हुए लोग
    अलर्ट सिस्टम की सबसे बड़ी उपलब्धि यह रही कि मौसम और नदियों के जलस्तर से जुड़ी सूचनाएं लोगों तक समय पर पहुंचीं। इससे प्रभावित क्षेत्रों में रहने वाले लोग संभावित खतरे को समझकर स्वयं भी सुरक्षित स्थानों की ओर जाने में सक्षम हुए। स्थानीय प्रशासन ने भी इन चेतावनियों के आधार पर लगातार लोगों को जागरूक किया। इस तरह तकनीक, प्रशासनिक सतर्कता और आमजन की सजगता ने मिलकर जनसुरक्षा को मजबूत किया।

    3.52 लाख से अधिक लोगों तक पहुंची मदद
    अलर्ट और राहत-बचाव व्यवस्था के जरिए बाढ़ की स्थिति में अब तक 3.52 लाख से अधिक लोगों तक मदद पहुंचाई गई। वहीं राहत एवं बचाव अभियानों के दौरान समय रहते 17.54 हजार से अधिक लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया।

    1070 हेल्पलाइन से तत्काल राहत
    राहत आयुक्त कार्यालय की 1070 हेल्पलाइन भी संकट के समय लोगों के लिए महत्वपूर्ण सहारा बनी। सूचना मिलते ही संबंधित जिला प्रशासन को जानकारी उपलब्ध कराई गई और जरूरत के अनुसार राहत एवं बचाव दलों को मौके पर भेजा गया।

    चित्रकूट, प्रयागराज और मिर्जापुर समेत अन्य प्रभावित जिलों में बाढ़ में फंसे लोगों की लोकेशन प्राप्त कर बचाव दलों तक पहुंचाई गई, जिसके बाद नागरिकों को सुरक्षित बाहर निकालने की कार्रवाई की गई। यही प्रयास बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में अब तक शून्य जनहानि सुनिश्चित करने में महत्वपूर्ण साबित हुआ है।

  • पंजाब में बिजली की खपत ने बनाया नया रिकॉर्ड, बारिश भी नहीं दे सकी राहत; मांग 16 हजार मेगावाट पार

    पंजाब में बिजली की खपत ने बनाया नया रिकॉर्ड, बारिश भी नहीं दे सकी राहत; मांग 16 हजार मेगावाट पार

    अमृतसर 

    पंजाब में शुक्रवार को बारिश से भी पावरकाॅम की मुश्किलें कम नहीं हुईं। शुक्रवार को बिजली की मांग ने पिछले दो साल का रिकॉर्ड तोड़ दिया। यह मांग 16182 मेगावाट तक पहुंच गई। पावरकाॅम के पास बिजली की भारी कमी रही। विभिन्न थर्मल और जलविद्युत परियोजनाओं के सात यूनिट बंद होने से कुल 1275 मेगावाट बिजली उत्पादन ठप रहा। इस कमी के कारण उद्योगों और कृषि क्षेत्र को बिजली कटौती का सामना करना पड़ा।

    पावरकाॅम के पास अपने सभी स्रोतों से केवल 4114 मेगावाट बिजली उपलब्ध थी। शुक्रवार को तलवंडी साबो थर्मल की 660 मेगावाट की तीन नंबर यूनिट बंद रही। रोपड़ प्लांट की 210 मेगावाट की पांच नंबर यूनिट भी ठप रही। लहरा मुहब्बत थर्मल की 210 मेगावाट की एक नंबर यूनिट भी बंद रही। इसके अलावा, रणजीत सागर बांध की 150 मेगावाट की एक नंबर यूनिट और यूबीडीसी के 45 मेगावाट की तीन यूनिट भी बंद रहीं। इस स्थिति के कारण पावरकाॅम को बाहर से महंगी बिजली खरीदनी पड़ रही है।

    तलवंडी साबो थर्मल प्लांट की 660 मेगावाट की तीन नंबर यूनिट बॉयलर ट्यूब में लीकेज के कारण वीरवार को बंद हुई थी। इसके रविवार तक ही दोबारा चलने की संभावना है। बिजली की कमी के चलते उद्योगों में पौने चार घंटे के रोटेशन में कट लगाए जा रहे हैं।

    खेतीबाड़ी क्षेत्र को भी आठ घंटे की पूरी बिजली आपूर्ति नहीं मिल रही है। किसानों को ट्यूबवेल के लिए पांच से सात घंटे ही बिजली मिल रही है, जिससे उनमें सरकार के प्रति रोष है। थर्मल संयंत्रों में कोयला संकट भी बना हुआ है। तलवंडी साबो में मात्र छह दिन का, राजपुरा प्लांट में सात दिन का और गोइंदवाल में 13 दिन का कोयला शेष है। लहरा मुहब्बत थर्मल में 15 दिन का कोयला बचा है, जबकि रोपड़ थर्मल में 29 दिन का कोयला स्टॉक नियमानुसार पर्याप्त है।

    थर्मल संयंत्रों में शिविर कार्यालय स्थापित होंगे 
    बिजली की बढ़ती मांग को देखते हुए पावरकाॅम ने महत्वपूर्ण निर्णय लिए हैं। प्रबंध निदेशक और अध्यक्ष (सीएमडी) तथा निदेशक तुरंत साइटों का दौरा करेंगे। वे थर्मल संयंत्रों में शिविर कार्यालय स्थापित करेंगे। इसके अतिरिक्त, मुख्य अभियंता और संयंत्र प्रभारी को यह सुनिश्चित करना होगा कि वे अपने-अपने स्टेशनों पर लगातार मौजूद रहें। उन्हें संयंत्र की अधिकतम क्षमता पर बिना रुकावट बिजली उत्पादन बनाए रखने के लिए काम करना होगा। 

    फैसले के अनुसार, राजपुरा थर्मल प्लांट में प्रबंध निदेशक और अध्यक्ष डॉ. बसंत गर्ग शिविर कार्यालय लगाएंगे। वाणिज्यिक निदेशक इंजीनियर हरशरण कौर त्रेहन गोइंदवाल साहिब थर्मल प्लांट में जिम्मेदारी संभालेंगी। वितरण निदेशक इंजीनियर इंद्रपाल सिंह गुरु गोबिंद सिंह सुपर थर्मल पावर प्लांट रोपड़ में मौजूद रहेंगे। वित्त निदेशक चार्टर्ड अकाउंटेंट सुरिंदर कुमार बेरी तलवंडी साबो पावर स्टेशन में शिविर कार्यालय स्थापित करेंगे। वितरण निदेशक इंजीनियर पुनरदीप सिंह बराड़ गुरु हरगोबिंद साहिब थर्मल प्लांट लहरा मोहब्बत में अपनी सेवाएं देंगे। 

  • ग्रामीण वोट बैंक साधने में जुटी AAP, बादल-कैप्टन की सियासी विरासत को चुनौती देने की तैयारी

    ग्रामीण वोट बैंक साधने में जुटी AAP, बादल-कैप्टन की सियासी विरासत को चुनौती देने की तैयारी

    बठिंडा
     पंजाब की राजनीति में कभी बेहद मजबूत रहे दो सियासी घरानों बादल परिवार और कैप्टन अमरिंदर सिंह- के प्रभाव वाले इलाकों में मुख्यमंत्री भगवंत मान की लगातार सक्रियता ने राजनीतिक चर्चाओं को हवा दे दी है।

    मुख्यमंत्री मान दो दिनों में पूर्व मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल के पैतृक गांव घुद्दा और पूर्व मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह के पैतृक गांव महराज में ‘लोक मिलनी’ कर रहे हैं। इसे महज सरकारी कार्यक्रम के बजाय 2027 के विधानसभा चुनाव की तैयारियों से जोड़कर देखा जा रहा है।

    दिलचस्प बात यह है कि दोनों गांव पंजाब की उस पारंपरिक सियासत के प्रतीक माने जाते हैं, जिसने लंबे समय तक राज्य की राजनीति की दिशा तय की।

    प्रकाश सिंह बादल का नाम शिरोमणि अकाली दल की सियासत और मालवा क्षेत्र में पार्टी के प्रभाव से जुड़ा रहा है, जबकि कैप्टन अमरिंदर सिंह कांग्रेस की पंजाब राजनीति का बड़ा चेहरा रहे हैं। ऐसे में मुख्यमंत्री मान का दोनों दिग्गज़ों के पैतृक गांवों में पहुंचना राजनीतिक संदेश देने की कोशिश के तौर पर देखा जा रहा है।

    घुद्दा में पहुंचकर अकाली राजनीति को संदेश
    प्रकाश सिंह बादल का पैतृक गांव घुद्दा बठिंडा जिले की सियासत में खास महत्व रखता है। बादल परिवार का मालवा क्षेत्र में लंबे समय तक मजबूत प्रभाव रहा है। ऐसे में मुख्यमंत्री की ‘लोक मिलनी’ के लिए घुद्दा का चयन राजनीतिक रूप से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

    आप के लिए यह कार्यक्रम अकाली दल के पुराने गढ़ में अपनी मौजूदगी और स्वीकार्यता दिखाने का मौका भी है। मुख्यमंत्री यहां लोगों की समस्याएं सुनने के साथ-साथ सरकार की उपलब्धियां गिनाते हुए यह संदेश देने की कोशिश कर सकते हैं कि पंजाब की राजनीति अब पुराने सियासी परिवारों के इर्द-गिर्द नहीं, बल्कि आम लोगों के मुद्दों के इर्द-गिर्द केंद्रित है।

    महराज में कैप्टन के प्रभाव को चुनौती
    इसके अगले दिन मुख्यमंत्री का कैप्टन अमरिंदर सिंह के पैतृक गांव महराज पहुंचना कांग्रेस के पुराने प्रभाव क्षेत्र में आप की राजनीतिक पैठ का संकेत माना जा रहा है। कैप्टन लंबे समय तक पंजाब कांग्रेस का सबसे बड़ा चेहरा रहे हैं और मुख्यमंत्री भी रह चुके हैं।

    ऐसे में उनके पैतृक गांव में ‘लोक मिलनी’ को कांग्रेस के पुराने सियासी आधार को चुनौती देने के प्रयास के तौर पर देखा जा रहा है।

    राजनीतिक जानकारों की नजर में मुख्यमंत्री का यह दौरा केवल विकास कार्यों और जनसमस्याओं तक सीमित नहीं है। आप लगातार मालवा क्षेत्र को अपने मजबूत आधार के रूप में स्थापित करने की कोशिश कर रही है।

    घुद्दा और महराज जैसे प्रतीकात्मक स्थानों पर पहुंचकर सरकार यह संदेश देना चाहती है कि वह पुराने राजनीतिक गढ़ों में भी अपनी पकड़ मजबूत कर चुकी है।

    2027 की तैयारी का ट्रेलर
    पंजाब विधानसभा चुनाव 2027 में होने हैं। चुनाव से पहले मुख्यमंत्री का गांव-गांव पहुंचकर सीधे लोगों से संवाद करना आप की चुनावी रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है। ‘लोक मिलनी’ के जरिए सरकार एक तरफ प्रशासन को जनता के दरवाजे तक ले जाने का दावा कर रही है, वहीं दूसरी तरफ राजनीतिक तौर पर उन इलाकों में अपनी जमीन मजबूत करने में जुटी है, जहां कभी बादल और कैप्टन जैसे दिग्गज़ों का दबदबा रहा।

    अब सवाल यह है कि घुद्दा और महराज में मुख्यमंत्री की दस्तक क्या सिर्फ जनसुनवाई है या फिर 2027 के चुनावी मुकाबले का राजनीतिक संदेश। दो दिग्गज़ों के पैतृक गांवों का लगातार चयन इस बात के संकेत जरूर दे रहा है कि आप अब पंजाब की पारंपरिक सियासी विरासत को सीधे चुनौती देने की रणनीति पर आगे बढ़ रही है।

  • BRICS समिट से पहले नई दिल्ली का बदलेगा नजारा, सजावटी रोशनी से चमकेंगे गोलचक्कर और प्रमुख सड़कें

    BRICS समिट से पहले नई दिल्ली का बदलेगा नजारा, सजावटी रोशनी से चमकेंगे गोलचक्कर और प्रमुख सड़कें

    नई दिल्ली
     भारत मंडपम् में 11 से 13 सितंबर तक होने वाले ब्रिक्स समिट के लिए एनडीएमसी ने समिट की दृष्टि से सबसे महत्वपूर्ण हिस्से को सजाने-संवारने का काम तेज कर दिया है। विदेशी मेहमानों के स्वागत के लिए सम्मेलन स्थल, वीआईपी रूट, प्रमुख सड़कों, बाजारों और होटल क्षेत्रों में स्वच्छता से लेकर सजावटी रोशनी और सौंदर्याकरण तक तैयारियां की जा रही है। एनडीएमसी के डिप्टी चेयरमैन कुलजीत सिंह चहल ने बताया कि सारे काम 9 सितंबर तक पूरे हो जाएंगे।

    रोशनी से जगमग होंगे नई दिल्ली क्षेत्र गोलचक्कर
    पटेल चौक, विंडसर प्लेस, मंडी हाउस, तीन मूर्ति, क्यू-पॉइंट, शांतिपथ के प्रमुख चौराहों, अशोका होटल, सम्राट होटल, मान सिंह और पीएम गोलचक्कर सहित 17 प्रमुख गोलचक्करों पर सजावटी रोशनी लगाई जाएगी। 11 प्रमुख होटल परिसरों और आसपास के पेड़ों को भी सजाया जाएगा। एनडीएमसी की 10 प्रमुख इमारतों और स्थलों पर भी सजावटी लाइटिंग होगी। विदेश मंत्रालय के डिजाइन के मुताबिक, एनडीएमसी क्षेत्र में 309 ब्रैडिंग साइट्स तैयार की गई हैं। इनमें 154 डिजिटल मीडिया स्क्रीन, S3 सीटीयू और पीटीयू फ्लेक्स साइट्स और 72 बस क्यू शेल्टर शामिल हैं।

    41 प्रमुख सड़कों पर खास निगरानी
    डेलिगेट्स और वीआईपी रूट की 41 प्रमुख सड़को की सर्कलवार निगरानी की जा रही है। सड़क, फुटपाथ और बस शेल्टर की मरम्मत पूरी हो चुकी है। 32 सड़कों की पेंटिंग पूरी हो गई है, जबकि नौ सड़कों पर काम जारी है। हरित सौदर्शीकरण के लिए 15 हजार से अधिक गमले प्रमुख मार्गों और चौराहों पर लगाए जाएंगे। 15 जगहों पर फूलों से तैयार किए गए बोर्ड और नौ स्थानों पर फूलों के आकार वाले फव्वारे लगाए जाएंगे।

    पांच जगह मिस्ट स्प्रे की व्यवस्था की गई
    धूल और प्रदूषण नियंत्रण के लिए लोदी रोड, तिलक मार्ग, अफ्रीका एवेन्यू, शातिपथ और जाकिर हुसैन मार्ग पर पांच जगह मिस्ट स्प्रे की व्यवस्था की गई है। जलभराव वाले हॉटस्पॉट का 100 प्रतिशत सत्यापन और स्टॉर्म वाटर ड्रेनों की 100 प्रतिशत डीसिल्टिंग पूरी हो चुकी है। वीवीआईपी मार्गों पर अतिरिक्त पंपिंग सेट लगाए गए है।

    बरसात से निपटने के लिए अतिरिक्त पंप
    14 स्वच्छता सर्कलों को 14 निरीक्षण सर्कलों से मैप किया गया है। प्रमुख सड़कों पर 24×7 सफाई की व्यवस्था रहेगी। रात में 7 मिकैनिकल रोड स्वीपर्स लगाए जाएंगे। डीप क्लीनिंग के लिए 10 प्रेशर जेटिंग मशीनें लगेंगी। प्रमुख मार्गों की डीप वॉशिंग की जा रही है। कंट्रोल रूम से 24 घंटे निगरानी रखी जाएगी। बरसात में प्रभावित बाबा खड़क सिंह मार्ग पर मौजूदा 80 HP पंप के अलावा एक और 80 HP पंप तथा 24 IIP क्षमता की मोबाइल पंपिंग वैन लगाई गई है।

  • हरियाणा में रोजगार मेलों की धूम: 4 महीने में कई जिलों में लगेंगे मेगा जॉब फेयर, मंत्री-सांसद भी पहुंचेंगे

    हरियाणा में रोजगार मेलों की धूम: 4 महीने में कई जिलों में लगेंगे मेगा जॉब फेयर, मंत्री-सांसद भी पहुंचेंगे

    अंबाला
     प्रदेश में नौकरी की तलाश कर रहे युवाओं के लिए आने वाले चार महीने उनकी तकदीर बदलने वाले होंगे। यह चार महीने केवल रोजगार मेले आयोजन तक सीमित नहीं रहेंगे बल्कि सरकार और युवाओं के बीच सीधे संवाद का बड़ा मौका बनेंगे।

    प्रदेश सरकार ने सितंबर से दिसंबर तक अलग-अलग जिलों में मेगा जॉब फेयर आयोजित करने का कार्यक्रम तैयार किया है। खास बात यह है कि इन आयोजनों में मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी से लेकर कैबिनेट मंत्री, राज्य मंत्री और सांसद तक सीधे युवाओं के बीच पहुंचेंगे।

    इसी कड़ी में नौ सितंबर को कुरुक्षेत्र, सात अक्टूबर को रोहतक, 21 अक्टूबर को पलवल और एक नवंबर को हिसार में राज्यस्तरीय रोजगार मेला लगेगा जिसमें सीएम सैनी शिरकत करेंगे।

    सरकार की ओर से जारी कार्यक्रम के मुताबिक सितंबर में अंबाला और रेवाड़ी से मेगा जॉब फेयर की शुरुआत होगी। कुरुक्षेत्र में मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी की मौजूदगी में पहला राज्यस्तरीय आयोजन होगा।

    सितंबर में यमुनानगर, सिरसा, भिवानी, कैथल और चरखी दादरी में भी रोजगार मेले प्रस्तावित हैं। अक्टूबर में यह अभियान रोहतक से लेकर फरीदाबाद, महेंद्रगढ़, पलवल, गुरुग्राम, पानीपत और झज्जर तक पहुंचेगा। नवंबर में हिसार और जींद समेत अन्य स्थानों पर आयोजन होंगे।

    रोजगार निदेशालय को बनाया नोडल एजेंसी रोजगार निदेशालय को इन मेलों की नोडल एजेंसी बनाया गया है। वहीं कौशल विकास एवं औद्योगिक प्रशिक्षण विभाग को आयोजन स्थल, लॉजिस्टिक्स, प्रचार-प्रसार और सुरक्षा जैसी व्यवस्थाओं की जिम्मेदारी दी गई है। सरकार ने निजी क्षेत्र के नियोक्ताओं को जोड़ने के साथ विश्वविद्यालयों, पालिटेक्निक और उच्च शिक्षण संस्थानों के माध्यम से अधिक से अधिक युवाओं को मेलों तक लाने के निर्देश दिए हैं।

    कौन कहां संभालेगा कमान
        7 सितंबर को अंबाला में राज्यसभा सांसद संजय भाटिया व रेवाड़ी में राज्य मंत्री राजेश नागर।
        14 सितंबर को यमुनानगर में मंत्री अनिल विज।
        16 सितंबर को सिरसा मंत्री कृष्ण लाल पंवार।
        17 सितंबर को भिवानी में मंत्री महिपाल ढांडा।
        21 सितंबर को कैथल में मंत्री श्याम सिंह राणा व चरखी दादरी में मंत्री श्रुति चौधरी

    अक्टूबर में रोजगार अभियान
        9 अक्टूबर को फतेहाबाद में मंत्री कृष्ण कुमार व नूंह में राज्य मंत्री गौरव गौतम।
        16 अक्टूबर को फरीदाबाद में सांसद कृष्ण पाल गुर्जर व महेंद्रगढ़ में मंत्री राव नरबीर सिंह।
        21 अक्टूबर को पलवल में मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी मुख्य अतिथि।
        23 अक्टूबर को गुरुग्राम में मंत्री विपुल गोयल।
        28 अक्टूबर को पानीपत में मंत्री अरविंद कुमार शर्मा।
        30 अक्टूबर को झज्जर में मंत्री आरती सिंह राव मुख्य अतिथि।

    नवंबर और दिसंबर में
        16 नवंबर को करनाल में सांसद नवीन जिंदल। l
        14 दिसंबर को पंचकूला में सांसद मनोहर लाल इसी दिन सोनीपत में सांसद सुभाष बराला।
        28 दिसंबर को हांसी में सांसद धर्मबीर सिंह।

     

  • झारखंड SIR: नाम कटने वालों को राहत, वंशावली समेत इन दस्तावेजों से पेश कर सकेंगे अपना पक्ष

    झारखंड SIR: नाम कटने वालों को राहत, वंशावली समेत इन दस्तावेजों से पेश कर सकेंगे अपना पक्ष

    रांची
    मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के दौरान प्रारंभिक सूची से नाम हटाए गए मतदाताओं को संबंधित निर्वाचक निबंधन पदाधिकारी (ईआरओ) की ओर से नोटिस जारी किया गया है।नोटिस में नाम हटाए जाने की तिथि और स्थान का उल्लेख किया गया है। जिसके बाद लोग अंचल कार्यालय में उपस्थित हो रहे है।

    मतदाताओं को निर्धारित तिथि पर अंचल कार्यालय पहुंचकर आवश्यक दस्तावेजों के साथ अपना पक्ष रखना है। जिला उपनिर्वाचन पदाधिकारी विवेक कुमार सुमन ने बताया कि जिन मतदाताओं के माता-पिता उपलब्ध नहीं हैं और जिनका नाम 2003 की मतदाता सूची में भी नहीं है, वे वंशावली के माध्यम से अपने माता पिता, के व रिश्तेदार की ट्रैकिंग, कर अपनी नागरिकता का प्रमाण प्रस्तुत कर सकते हैं।

    सुनवाई के लिए 200 मतदाताओं को समय दिया गया
    दूसरे राज्य से झारखंड में बसने वाले लोग पूर्व राज्य का स्थायी प्रमाण पत्र, राशन कार्ड सहित अन्य दस्तावेज प्रस्तुत कर सकते हैं। वर्तमान स्थायी निवासी प्रमाण पत्र सीओ के माध्यम से बनवाकर वंशावली के साथ जमा किया जा सकता है।

    उन्होंने बताया कि नोटिस पाने वाले मतदाताओं की संख्या पिछले दिनों की तुलना में कम हुई है। गुरुवार को सुनवाई के लिए 200 मतदाताओं को समय दिया गया था, जिनमें 140 उपस्थित हुए।

    तीन माह तक ऑनलाइन व्यवस्था की गई
    इसके लिए जाति, आय, स्थानीय निवासी और ईडब्ल्यूएस प्रमाण पत्र बनवाने के लिए तीन माह तक ऑनलाइन व्यवस्था की गई है। जिससे ग्रामीण इलाकों के मतदाता अपना आय प्रमाण पत्र बना सकते हैं।

    कार्मिक, प्रशासनिक विभाग की ओर से जिलों में इन प्रमाण पत्रों के लिए बड़ी संख्या में आवेदन आने के कारण लंबित आवेदनों का दबाव बढ़ रहा था। इसे देखते हुए आवेदकों की सुविधा और समय पर प्रमाण पत्र उपलब्ध कराने के लिए आफलाइन प्रक्रिया को भी मंजूरी दी गयी है।

  • वार्ड आरक्षण के ड्रॉ से बदलेगा चंडीगढ़ निगम चुनाव का गणित, 11 सितंबर को तय होगी तस्वीर

    वार्ड आरक्षण के ड्रॉ से बदलेगा चंडीगढ़ निगम चुनाव का गणित, 11 सितंबर को तय होगी तस्वीर

    चंडीगढ़
     नगर निगम चुनाव के लिए 11 सितंबर को होने वाले वार्ड आरक्षण ड्राॅ से पहले सबसे ज्यादा नजर उन वार्डों पर है, जो अनुसूचित जाति (एससी) और महिलाओं के लिए आरक्षित हो सकते हैं।

    2011 की जनगणना में वार्डवार एससी आबादी के प्रतिशत और पिछले आरक्षण की रोटेशन व्यवस्था को आधार मानें तो वार्ड नंबर-1, 3, 4, 9, 15, 29 और 32 एससी आरक्षण के लिए संभावित वार्डों की सूची में सबसे आगे हैं।

    सात एससी वार्डों में से तीन को 11 सितंबर के ड्रा में एससी महिला के लिए आरक्षित किया जाएगा, जबकि बाकी चार एससी वर्ग की महिला-पुरुष के लिए ओपन रहेंगे।

    इसलिए इन वार्डों के आरक्षित होने की संभावना अधिक
    वार्ड-1, 3, 4, 9, 15, 29, 32 इन सात वार्डों को संभावित एससी वार्डों के तौर पर इसलिए देखा जा रहा है क्योंकि 2021 में एससी के लिए आरक्षित रहे सात वार्डों को रोटेशन के तहत इस बार बाहर रखा गया है।

    2021 में वार्ड-7, 16, 19, 24, 26, 28 और 31 एससी वर्ग के लिए आरक्षित किए गए थे। इनमें वार्ड-16, 19 और 28 एससी महिला के लिए आरक्षित थे।

    आरक्षण के तय फार्मूले के अनुसार एक चुनाव में एससी के लिए आरक्षित वार्डों को अगले चुनाव में दोबारा उसी श्रेणी में आरक्षित करने के बजाय एससी आबादी के प्रतिशत के आधार पर अगले वार्डों को मौका दिया जाता है।

    महिलाओं के लिए भी 12 वार्ड आरक्षित होंगे
    35 में से कुल 12 वार्ड महिलाओं के लिए आरक्षित किए जाएंगे। इनमें तीन एससी महिला और नौ सामान्य महिला वार्ड होंगे। कई पुरुष नेताओं को अपनी पत्नी को चेहरा बनाना होगा। पहले भी देवेंद्र बबला जैसे नेता ने महिला आरक्षण के बाद पत्नी हरप्रीत कौर बबला को चुनाव लड़ाया था।

    इन पार्षदों को तलाशना पड़ सकता है नया वार्ड
    वार्ड-1 में अभी आप पार्षद जसविंद्र कौर सामान्य वर्ग श्रेणी से हैं। वार्ड-3 पर भाजपा पार्षद दलीप शर्मा के सामने आरक्षण तीसरी बार जीत का क्रम रोकेगा। उन्हें नई राजनीतिक जमीन तलाशनी होगी। वार्ड-4 में आप से भाजपा में शामिल होने के बाद डिप्टी मेयर की कुर्सी पर पहुंची सुमन शर्मा काबिज हैं। उनको भी अब नए वार्ड से टिकट लेने के लिए लड़ाई लड़नी होगी।

    वार्ड-9 में भाजपा पार्षद बिमला दुबे हैं। 2021 में वार्ड-7 आरक्षित होने के कारण उन्होंने वार्ड-9 से चुनाव लड़ा था। अब वार्ड-9 छोड़ना पड़ सकता है। वह वापस वार्ड-7 लौट सकते हैं। वार्ड-15 में आप पार्षद रामचंद्र यादव की मुश्किल बढ़ने वाली है। उन्हें टिकट के लिए नई जगह तलाशनी पड़ सकती है।

    वार्ड-29 से आप की टिकट पर पार्षद बने मुन्नवर अब कांग्रेस में जा चुके हैं। आरक्षण को देखते हुए ही नई जगह टिकट की तलाश में उनके पार्टी बदलने की बात कही जा रही है। वहीं अंतिम वार्ड-32 में भाजपा पार्षद एवं सीनियर डिप्टी मेयर जसमनप्रीत सिंह हैं। अगर वार्ड रिजर्व होता है तो उन्हें भी टिकट के लिए दूसरी जगह तलाशनी होगी।