Category: राज्य

  • त्योहारी सीजन में रेलवे का बड़ा तोहफा, इन फेस्टिवल स्पेशल ट्रेनों के बढ़े फेरे

    त्योहारी सीजन में रेलवे का बड़ा तोहफा, इन फेस्टिवल स्पेशल ट्रेनों के बढ़े फेरे

    पटना
     त्योहारों के इस मौसम में घर जाने की सोच रहे यात्रियों के लिए एक राहत भरी खबर सामने आई है। भारतीय रेलवे के पूर्वोत्तर सीमांत रेलवे (एनएफआर) जोन ने यात्रियों की अतिरिक्त भीड़ और लंबी वेटिंग लिस्ट की समस्या से निपटने के लिए दो जोड़ी फेस्टिवल स्पेशल ट्रेनों की सेवाओं का विस्तार कर दिया है। रेलवे के इस महत्वपूर्ण फैसले से बिहार, उत्तर प्रदेश, असम और मुंबई के बीच सफर करने वाले हजारों यात्रियों को आवागमन के लिए बेहतर और सुविधाजनक विकल्प मिल सकेंगे, साथ ही प्रमुख व्यस्त रूटों पर अत्यधिक भीड़भाड़ का दबाव भी कम होगा।
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    मुंबई-कटिहार और कानपुर-गुवाहाटी रूट पर राहत
    ​एनएफआर द्वारा दी गई आधिकारिक जानकारी के अनुसार, जिन दो प्रमुख गाड़ियों के फेरे बढ़ाए गए हैं, उनमें ट्रेन संख्या 09189/09190 मुंबई सेंट्रल कटिहार मुंबई सेंट्रल फेस्टिवल स्पेशल और ट्रेन संख्या 04127/04128 कानपुर सेंट्रल गुवाहाटी कानपुर सेंट्रल फेस्टिवल स्पेशल शामिल हैं। ये सभी स्पेशल ट्रेनें अपने पुराने निर्धारित समय, ठहराव (स्टॉपेज), कोच कंपोजिशन और तयशुदा शेड्यूल के अनुसार ही पटरियों पर दौड़ेंगी, जिससे यात्रियों को किसी भी तरह की भ्रम की स्थिति का सामना नहीं करना पड़ेगा।

    ​ट्रेन संख्या 09189/09190 (मुंबई सेंट्रल कटिहार) की नई तिथियां
    ​मुंबई सेंट्रल से कटिहार के बीच चलने वाली ट्रेन संख्या 09189 फेस्टिवल स्पेशल इस त्योहारी सीजन में कुल सात अतिरिक्त फेरे लगाएगी। यह गाड़ी 5 और 12 सितंबर, 17, 24 और 31 अक्टूबर, तथा 7 और 14 नवंबर 2026 को अपनी यात्रा शुरू करेगी।

    ​वहीं, वापसी की दिशा में कटिहार से मुंबई सेंट्रल जाने वाली ट्रेन संख्या 09190 फेस्टिवल स्पेशल भी सात अतिरिक्त फेरों के साथ संचालित होगी। यह वापसी सेवा 8 और 15 सितंबर, 20 और 27 अक्टूबर, और साथ ही 3, 10 और 17 नवंबर 2026 को यात्रियों के लिए उपलब्ध रहेगी।
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    ट्रेन संख्या 04127/04128 (कानपुर सेंट्रल गुवाहाटी) का विस्तारित शेड्यूल
    ​कानपुर सेंट्रल और गुवाहाटी के बीच यात्रा करने वाले यात्रियों को इस बार लंबी अवधि की राहत दी गई है। कानपुर सेंट्रल से गुवाहाटी के लिए चलने वाली ट्रेन संख्या 04127 स्पेशल को 10 सितंबर से 10 दिसंबर 2026 तक कुल 14 अतिरिक्त फेरों के लिए बढ़ाया गया है।
    ​इसके विपरीत दिशा में, गुवाहाटी से कानपुर सेंट्रल लौटने वाली ट्रेन संख्या 04128 स्पेशल 11 सितंबर से 11 दिसंबर 2026 तक 14 अतिरिक्त फेरों के साथ अपनी सेवाएं प्रदान करेगी, जिससे उत्तर प्रदेश और पूर्वोत्तर के बीच संपर्क और मजबूत होगा।
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    यात्रियों की सुविधा और भीड़ नियंत्रण पर जोर
    ​पूर्वोत्तर सीमांत रेलवे के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी (सीपीआरओ) कपिंजल किशोर शर्मा ने इस संबंध में जानकारी देते हुए बताया कि त्योहारी सीजन के दौरान ट्रेनों में अचानक बढ़ने वाली भारी भीड़ को सुव्यवस्थित करने के उद्देश्य से यह कदम उठाया गया है। उन्होंने कहा कि इन अतिरिक्त फेरों के संचालन से यात्रियों को यात्रा करने के लिए अधिक विकल्प प्राप्त होंगे और व्यस्त मार्गों पर यात्रियों का दबाव घटेगा। रेलवे का मुख्य उद्देश्य हर यात्री को इस व्यस्त समय में एक आसान, सुरक्षित, सुविधाजनक और आरामदायक यात्रा अनुभव प्रदान करना है।

     

  • सोलर पावर से झारखंड को 70 करोड़ तक की बचत, अब डिजिटल सिस्टम से होगी मॉनिटरिंग

    सोलर पावर से झारखंड को 70 करोड़ तक की बचत, अब डिजिटल सिस्टम से होगी मॉनिटरिंग

    रांची
     झारखंड में सरकारी भवनों की छतों का इस्तेमाल सौर ऊर्जा उत्पादन के लिए किया जा रहा है. राज्य के 3500 से अधिक सरकारी भवनों पर रूफटॉप सोलर पावर प्लांट लगाए जा चुके हैं. इनकी कुल उत्पादन क्षमता करीब 82 मेगावाट है.
    617 सोलर मिनी ग्रिड से 30 हजार घरों में पहुंची बिजली

    वहीं, सुदूर और दुर्गम ग्रामीण इलाकों में बिजली पहुंचाने के लिए 617 से अधिक सोलर मिनी ग्रिड स्थापित किए गए हैं. इनकी कुल क्षमता करीब 10.60 मेगावाट है. इन मिनी ग्रिड के जरिए 30 हजार से अधिक घरों तक सौर ऊर्जा पहुंचने का दावा किया गया है.

    अब इन सभी सौर ऊर्जा परियोजनाओं की निगरानी और उनके प्रदर्शन का आकलन डिजिटल तकनीक के जरिए करने की तैयारी है.

    IoT से होगी सोलर प्लांट की निगरानी
    झारखंड रिन्यूएबल एनर्जी डेवलपमेंट एजेंसी (JREDA) इसके लिए एक एजेंसी का चयन करने जा रही है. यह एजेंसी IoT यानी इंटरनेट ऑफ थिंग्स आधारित सिस्टम तैयार करेगी. इसके तहत सोलर प्लांट की स्थिति, उत्पादन, प्रदर्शन और तकनीकी समस्याओं की जानकारी डिजिटल तरीके से मिल सकेगी. इसके अलावा एसेट और इन्वेंट्री मैनेजमेंट सिस्टम तथा IT आधारित परफॉर्मेंस मॉनीटरिंग और इवैल्यूएशन फ्रेमवर्क भी तैयार किया जाएगा.

    तीन साल का व्यापक वार्षिक रखरखाव अनुबंध
    चयनित एजेंसी सिस्टम के डिजाइन, डेवलपमेंट, इंप्लीमेंटेशन, होस्टिंग और संचालन का काम करेगी. राज्यभर की सौर ऊर्जा परियोजनाओं के लिए तीन साल का व्यापक वार्षिक रखरखाव अनुबंध भी किया जाएगा. इससे सोलर प्लांट का समय-समय पर मेंटेनेंस सुनिश्चित किया जा सकेगा.

    66 से 70 करोड़ रुपये की बचत का दावा
    JREDA के अनुसार सरकारी भवनों पर रूफटॉप सोलर प्लांट लगाने से बिजली के खर्च में कमी आई है. इससे राज्य को हर साल करीब 66 से 70 करोड़ रुपये की बिजली बचत होने का दावा किया गया है.

    डिजिटल निगरानी भी जरूरी
    JREDA के एमडी केके वर्मा के अनुसार, एजेंसी का फोकस केवल सरकारी भवनों की छत पर सोलर प्लांट लगाने तक सीमित नहीं है. प्लांट से कितना बिजली उत्पादन हो रहा है, उसकी स्थिति कैसी है, परिसंपत्तियों का रिकॉर्ड क्या है और रखरखाव ठीक से हो रहा है या नहीं, इसकी डिजिटल निगरानी भी जरूरी है.

    हर प्लांट की स्थिति पर रहेगी नजर
    नई डिजिटल व्यवस्था से सौर परियोजनाओं की परिसंपत्तियों और इन्वेंट्री का रिकॉर्ड ऑनलाइन तैयार किया जा सकेगा. IoT आधारित सिस्टम के माध्यम से हर प्लांट के प्रदर्शन की लगातार निगरानी और उसका मूल्यांकन किया जाएगा. इससे यह पता लगाया जा सकेगा कि कौन सा सोलर प्लांट अपनी निर्धारित क्षमता के अनुसार बिजली पैदा कर रहा है और कहां तकनीकी खराबी या उत्पादन में कमी आ रही है.

    सोलर परियोजनाओं के रखरखाव और प्रदर्शन से जुड़ी जानकारी भी एक ही डिजिटल सिस्टम में उपलब्ध रहेगी. इससे खराबी की पहचान और उसके समाधान में तेजी आने की उम्मीद है. साथ ही राज्य में चल रही सौर ऊर्जा परियोजनाओं के प्रबंधन को भी अधिक व्यवस्थित बनाया जा सकेगा.

     

  • 6 सितंबर को बिहार में मौसम का बिगड़ेगा मिजाज, 18 जिलों में येलो अलर्ट जारी

    6 सितंबर को बिहार में मौसम का बिगड़ेगा मिजाज, 18 जिलों में येलो अलर्ट जारी

     पटना
    बिहार में कल यानी 6 सितंबर 2026 को मौसम कई इलाकों में बदला हुआ रह सकता है. मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार राज्य के उत्तर-पूर्वी हिस्सों में बारिश और गरज-चमक की गतिविधि देखने को मिल सकती है. कुछ जिलों में तेज हवा के साथ मौसम खराब होने की संभावना है. उत्तर और उत्तर-पूर्व के कई जिलों को ऑरेंज और येलो अलर्ट जारी किया गया है. दक्षिण-पश्चिम और दक्षिण-मध्य बिहार के कई जिलों में कोई चेतावनी नहीं दी गई है.

    इन सात जिलों में ऑरेंज अलर्ट
    कल उत्तर-पूर्वी बिहार के 7 जिलों में ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है. इनमें सुपौल, अररिया, किशनगंज, सहरसा, मधेपुरा, पूर्णिया और कटिहार शामिल हैं. इन जिलों में मौसम खराब होने के साथ गरज-चमक और तेज बारिश हो सकती हैं.

    बारिश और आंधी-तूफान के दौरान लोगों को खुले स्थानों पर जाने से बचने की सलाह दी गई है. खेतों और खुले इलाकों में काम करने वाले लोगों को भी विशेष रूप से मौसम पर नजर रखने की जरूरत है.

    येलो अलर्ट भी कई जिलों में जारी
    येलो अलर्ट वाले जिलों की संख्या अधिक है. इनमें पश्चिम चंपारण, पूर्वी चंपारण, गोपालगंज, सीवान, सारण, सीतामढ़ी, शिवहर, मुजफ्फरपुर, वैशाली, दरभंगा, मधुबनी, समस्तीपुर, खगड़िया, लखीसराय, मुंगेर, भागलपुर, बांका और जमुई शामिल हैं. इन जिलों में भी मौसम को लेकर सतर्क रहने की जरूरत है. बक्सर, भोजपुर, पटना, अरवल, जहानाबाद, नालंदा, शेखपुरा, नवादा, गया, औरंगाबाद, रोहतास और कैमूर में कोई चेतावनी नहीं दी गई है.

    पिछले 24 घंटे के दौरान कैसा रहा मौसम
    मौसम विभाग के 5 सितंबर तक के आंकड़ों के अनुसार बिहार में पिछले 24 घंटे के दौरान बारिश सामान्य रही. राज्य में अब तक 524.1 मिमी बारिश दर्ज हुई है, जबकि सामान्य बारिश 812.2 मिमी होनी चाहिए थी. इस तरह बारिश में 35 प्रतिशत की कमी दर्ज की गई है. 4 सितंबर को कैमूर के भभुआ में राज्य का सबसे अधिक अधिकतम तापमान 36.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज हुआ.

    5 सितंबर को पश्चिम चंपारण के वाल्मीकि नगर में सबसे कम न्यूनतम तापमान 25 डिग्री सेल्सियस रहा. पिछले 24 घंटे में सीवान के नौतन में 80.8 मिमी बारिश सबसे अधिक दर्ज की गई. इसके बाद सीवान के गोरियाकोठी में 80.2 मिमी और सीवान के भगवानपुर हाट में 78.6 मिमी बारिश दर्ज हुई.

  • सीएम योगी ने बच्चों पर भी लुटाया प्यार, आशीर्वाद के साथ दी चॉकलेट

    सीएम योगी ने बच्चों पर भी लुटाया प्यार, आशीर्वाद के साथ दी चॉकलेट

    गोरखपुर। शुक्रवार रात गोरखपुर आए गोरक्षपीठाधीश्वर एवं मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गोरखनाथ मंदिर में भगवान श्रीकृष्ण का जन्मोत्सव मनाने के बाद शनिवार सुबह मंदिर की गोशाला में गोसेवा की। उन्होंने गोशाला का भ्रमण कर गोवंश का हाल जाना और उन्हें दुलारकर अपने हाथों से गुड़ खिलाया। 

    शुक्रवार देर रात तक श्रीकृष्ण जन्माष्टमी अनुष्ठान में व्यस्त रहने के बावजूद शनिवार सुबह गोरखनाथ मंदिर में सीएम योगी की दिनचर्या परंपरागत रही। उन्होंने प्रातःकाल गोरखनाथ मंदिर में गुरु गोरखनाथ का दर्शन-पूजन किया और अपने गुरु ब्रह्मलीन महंत अवेद्यनाथ की समाधि स्थल पर जाकर मत्था टेका। मंदिर परिसर का भ्रमण करते हुए वह मंदिर की गोशाला में पहुंचे और वहां कुछ समय व्यतीत किया। गोशाला में मुख्यमंत्री ने गोवंश के माथे पर हाथ फेरा, उन्हें खूब दुलारा और अपने हाथों से गुड़ खिलाया। मुख्यमंत्री ने गोशाला के कार्यकर्ताओं से सभी गोवंश के स्वास्थ्य व पोषण की जानकारी ली और देखभाल के लिए जरूरी निर्देश दिए।

    मुख्यमंत्री ने मंदिर परिसर में भ्रमण के दौरान परिजनों के साथ आए बच्चों पर भी खूब प्यार लुटाया। बच्चों को अपने पास बुलाकर उन्होंने सबका नाम पूछा, कहां से आए हैं और किस क्लास में पढ़ते हैं, इसकी जानकारी ली। मुख्यमंत्री ने बच्चों से आत्मीय संवाद कर उन्हें चॉकलेट दी। सबके माथे पर हाथ फेरकर प्यार-दुलार और खूब पढ़ने का आशीर्वाद दिया।

  • ताइवान की टेक कंपनियों पर योगी सरकार की नजर, यूपी में निवेश के लिए दिया खुला आमंत्रण

    ताइवान की टेक कंपनियों पर योगी सरकार की नजर, यूपी में निवेश के लिए दिया खुला आमंत्रण

    योगी सरकार ने ताइवान की टेक कंपनियों को दिया यूपी में निवेश का न्योता

    ताइपे में आयोजित ‘सेमिकॉन 2026’ में सेमीकंडक्टर और उन्नत प्रौद्योगिकी इकोसिस्टम का किया प्रदर्शन

    प्रदेश में डाटा सेंटर परियोजनाओं के लिए उत्तर प्रदेश ने पेश किए निवेश के अवसर

    ताइवान कंपनियों के समक्ष नीतिगत प्रोत्साहनों, बुनियादी ढांचे और कुशल प्रतिभा को किया प्रस्तुत

    ताइपे/लखनऊ
    । मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश सरकार राज्य को सेमीकंडक्टर, इलेक्ट्रॉनिक्स और उन्नत प्रौद्योगिकी के वैश्विक केंद्र के रूप में विकसित करने की दिशा में लगातार प्रयास कर रही है। इसी क्रम में उत्तर प्रदेश ने ताइपे में 2 से 4 सितंबर तक आयोजित ‘सेमिकॉन 2026’ में प्रमुख ताइवानी टेक कंपनियों के समक्ष राज्य में निवेश की संभावनाओं को प्रस्तुत किया और उन्हें सेमीकंडक्टर, डाटा सेंटर तथा इलेक्ट्रॉनिक्स परियोजनाओं में निवेश के लिए आमंत्रित किया।

    ताइवान की कंपनियों के सामने यूपी का निवेश मॉडल
    योगी सरकार की निवेश-अनुकूल नीतियों, तैयार औद्योगिक बुनियादी ढांचे, कुशल मानव संसाधन और तेजी से विकसित हो रहे इलेक्ट्रॉनिक्स इकोसिस्टम को ताइवानी कंपनियों के सामने प्रमुख ताकत के रूप में रखा गया। राज्य ने चिप निर्माण, सेंसर, डाटा सेंटर और सप्लाई चेन के स्थानीयकरण आदि क्षेत्रों में रणनीतिक साझेदारी और निवेश के अवसरों पर जोर दिया।

    प्रमुख ताइवानी कंपनियों से हुई चर्चा
    प्रमुख सचिव, इलेक्ट्रॉनिक्स एवं आईटी आलोक कुमार के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश के प्रतिनिधिमंडल ने इंडिया-ताइवान सेमीकंडक्टर फोरम में भाग लिया। प्रतिनिधिमंडल में इन्वेस्ट यूपी की अपर मुख्य कार्यपालक अधिकारी प्रेरणा शर्मा और यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण (यीडा) के अपर मुख्य कार्यपालक अधिकारी मनीष मीना शामिल रहे। प्रतिनिधिमंडल ने क्रिएटिव सेंसर्स इंक के चेयरमैन यूजीन हुआंग और कंपनी के वरिष्ठ नेतृत्व के साथ बैठक कर भारत में कंपनी के विस्तार की योजनाओं पर चर्चा की। इसके अलावा मीडियाटेक, एडीएटीए टेक्नोलॉजी और टीआईबीए बिजनेस एसोसिएशन के प्रतिनिधियों के साथ भी निवेश, संयुक्त उपक्रम और दीर्घकालिक सहयोग की संभावनाओं पर बातचीत हुई।

    सेमीकंडक्टर हब बनाने की दिशा में कदम
    आलोक कुमार ने उत्तर प्रदेश में सेमीकंडक्टर क्षेत्र की संभावनाओं को रेखांकित करते हुए राज्य के औद्योगिक बुनियादी ढांचे, प्रगतिशील प्रोत्साहन नीतियों, कुशल कार्यबल और मजबूत टेक्नोलॉजी मैन्युफैक्चरिंग इकोसिस्टम विकसित करने की योजनाओं की जानकारी दी। ताइवानी कंपनियों को सेंसर मॉड्यूल, इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग, एप्लीकेशन इंजीनियरिंग, परीक्षण और सप्लाई चेन के व्यापक स्थानीयकरण में निवेश के अवसरों से अवगत कराया गया।

    राष्ट्रीय योजनाओं के साथ कदमताल
    योगी सरकार राज्य की रणनीति को आईएसएम 2.0, ईसीएमएस और एमपीएमएस जैसे राष्ट्रीय कार्यक्रमों के साथ उत्तर प्रदेश सेमीकंडक्टर नीति-2024 और उत्तर प्रदेश एफडीआई नीति-2023 के अनुरूप आगे बढ़ा रही है। इन्वेस्ट यूपी, यीडा तथा आईटी एवं इलेक्ट्रॉनिक्स विभाग निवेशकों को औद्योगिक बुनियादी ढांचे, नीतिगत प्रोत्साहनों और सरल अनुमोदन प्रक्रियाओं के माध्यम से सुविधाएं उपलब्ध करा रहे हैं।

    एनसीआर की निकटता और मजबूत सप्लायर नेटवर्क बना आकर्षण
    निवेशकों के सामने उत्तर प्रदेश के बड़े लैंड बैंक, एनसीआर से निकटता, कुशल कार्यबल, मजबूत आपूर्तिकर्ता आधार और तेजी से विस्तार कर रहे इलेक्ट्रॉनिक्स इकोसिस्टम को प्रमुख निवेश लाभ के रूप में प्रस्तुत किया गया। सरकार का लक्ष्य उत्तर प्रदेश को सेमीकंडक्टर और उन्नत प्रौद्योगिकी क्षेत्र में देश के प्रमुख निवेश केंद्रों में स्थापित करना है।

  • जर्जर और अधूरे स्कूल भवनों को मिलेगी नई जिंदगी, सरकार ने जारी किए 15.43 करोड़

    जर्जर और अधूरे स्कूल भवनों को मिलेगी नई जिंदगी, सरकार ने जारी किए 15.43 करोड़

    लखनऊ
    प्रोजेक्ट अलंकार के तहत प्रदेश के जर्जर, निष्प्रयोज्य और अधूरे माध्यमिक विद्यालय भवनों के पुनर्निर्माण के लिए 15.43 करोड़ रुपये से अधिक की धनराशि जारी की गई है।

    इसमें बिजनौर के राजकीय बालिका इंटर कॉलेज सरकड़ा के जर्जर व निष्प्रयोज्य भवन के पुनर्निर्माण के लिए 6.97 करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए हैं।

    वहीं राजकीय बालिका इंटर कॉलेज मानिकपुर के लिए 5.75 करोड़ रुपये मंजूर हुए हैं, जिसकी पहली किस्त के रूप में 2.75 करोड़ रुपये जारी किए गए हैं। राजकीय बालिका इंटर कॉलेज राजापुर के अधूरे विद्यालय भवन को पूरा करने के लिए 4.11 करोड़ रुपये का आवंटन किया गया है।

    इसके अलावा इटावा के चौ. जवाहर सिंह इंटर कॉलेज सुतियानी व गोरखपुर के राजकीय इंटर कॉलेज बौलिया रेलवे कॉलोनी, जेपी इंटर कॉलेज कैंपियरगंज, राष्ट्रीय कन्या इंटर कॉलेज महुआपार, इंदिरा गांधी उच्चतर माध्यमिक विद्यालय जसवल बाजार, किसान इंटर कॉलेज भूपगढ़, सर्वोदय किसान इंटर कॉलेज कौड़ीराम और श्री ऋषिदेवदास इंटर कॉलेज बांसगांव को पहली किस्त के रूप में कुल 1.59 करोड़ रुपये जारी किए गए हैं। इससे इन विद्यालयों में जरूरी निर्माण और मरम्मत कार्य आगे बढ़ाए जाएंगे।

  • शराब तस्करों का नया जुगाड़ आया सामने, कॉपियां काटकर छिपाईं 360 बोतलें

    शराब तस्करों का नया जुगाड़ आया सामने, कॉपियां काटकर छिपाईं 360 बोतलें

     मुजफ्फरपुर
    शराब की तस्करी करने को लेकर धंधेबाज नए-नए आइडिया अपना रहे हैं। धंधेबाजों ने किताब-कापी को भी नहीं छोड़ा है। उत्पाद विभाग की कार्रवाई में पहली बार चौंकाने वाला मामला सामने आया है। दरअसल, अहियापुर के भिखनपुर से उत्पाद विभाग की टीम ने एक आटो को पकड़ा। इसकी तलाशी लेने पर कापियों का बंडल मिला।

    जब इसे खोला गया तो पाया कि कापियों को काटकर इसके बीच में शराब की बोतलों को छिपाया गया है। गिनती करने पर यह 360 बोतल पाई गई। उत्पाद इंस्पेक्टर प्रकाश कुमार राम ने बताया कि कांटी के आटो चालक सद्दाम अंसारी को गिरफ्तार किया गया है। उसके विरुद्ध अभियाेग दर्ज कर जेल भेजने की कवायद की जा रही है।

    सैंपल लेकर लैब में जांच के लिए भेजा
    उन्होंने बताया कि ऑटो से शराब की आपूर्ति करने की गुप्त सूचना मिली थी। इसी आधार पर एएसआई राजा जन्मेजय के साथ छापेमारी की गई। ऑटो को रोककर तलाशी लेने पर शराब मिली। जब्त शराब की बोतलों पर उत्तर प्रदेश निर्मित लिखा है। हालांकि प्रारंभिक जांच में यह नकली प्रतीत हो रहा है। इसलिए इसका सैंपल लेकर लैब में जांच के लिए भेजा गया है।

    उन्होंने बताया कि बोरियों के बंडल में कापियां रखी गई थी। इसे इस प्रकार की पैकिंग किया गया था कि बाहर से देखने पर संदेह नहीं हो रहा था, लेकिन सटीक सूचना के आधार पर बोरियों के बंडल को खोला गया तो कापियों से 180 एमएस वाली प्लास्टिक की शराब की बोतल मिली।

  • लखनऊ समेत यूपी के 17 नगर निगमों में OTS योजना, करोड़ों के बकाये पर मिलेगी राहत

    लखनऊ समेत यूपी के 17 नगर निगमों में OTS योजना, करोड़ों के बकाये पर मिलेगी राहत

    लखनऊ
    यूपी में हाउस टैक्स के बकाएदारों के लिए अच्छी खबर है। प्रदेश के 17 नगर निगमों में सालों से फंसे हाउस टैक्स की वसूली के लिए अब ओटीएस योजना पर निगाहें टिक गई हैं। नगर निगमों के पोर्टल पर उपलब्ध आंकड़ों के मुताबिक मुरादाबाद में ही 71,612 गृहकर बकायेदार हैं, जिन पर 126.53 करोड़ रुपये हाउस टैक्स बकाया है। इसके अलावा इन बकायेदारों पर 64.02 करोड़ रुपये ब्याज-सरचार्ज भी चढ़ चुका है। ओटीएस योजना के तहत निर्धारित अवधि में बकाया जमा करने पर ब्याज-सरचार्ज में राहत दी जाएगी।

    OTS योजना के तहत ब्याज और सरचार्ज में छूट
    निगमों में पुराने गृहकर की वसूली को गति देने के लिए लागू की गई ओटीएस योजना 15 दिसंबर तक चलेगी। शासन की इस पहल का उद्देश्य लंबे समय से चल रहे बकाये को एकमुश्त जमा कराकर नगर निकायों की आय बढ़ाना और बकायेदारों को ब्याज-सरचार्ज के बोझ से राहत देना है। आंकड़ों के मुताबिक मुरादाबाद नगर निगम के 71,612 बकायेदारों पर 126.53 करोड़ रुपये मूल कर फंसा है। मूल धनराशि के अलावा 64.02 करोड़ रुपये ब्याज-सरचार्ज की देनदारी है। ऐसे में ओटीएस के जरिए यदि बड़ी संख्या में बकायेदार भुगतान करते हैं तो नगर निगम के राजस्व में करोड़ों रुपये की सीधी बढ़ोतरी हो सकती है।

    लखनऊ में 2.43 लाख, गोरखपुर में 1.44 लाख बकाएदार
    लखनऊ में करीब 2.43 लाख और गोरखपुर में करीब 1.44 लाख गृहकर बकायेदार बताए गए हैं। अब नगर निगमों की कोशिश अधिक से अधिक बकायेदारों को ओटीएस का लाभ दिलाना है। नगरायुक्त दिव्यांशु पटेल के निर्देश पर मुरादाबाद नगर निगम द्वारा वार्डवार कैंप लगाकर बकायेदारों को ओटीएस की जानकारी दी जा रही है। मौके पर आवेदन लेकर भुगतान कराया जा रहा है। एक सितंबर को लगाए गए कैंप में 16 आवेदनों से 40,670 रुपये जमा कराए गए।

    15 दिसंबर के बाद सख्ती की तैयारी
    ओटीएस की अवधि खत्म होने के बाद बकायेदारों के खिलाफ नगर निगम सख्ती बढ़ाएगा। इसलिए निगम अधिकारियों का जोर फिलहाल बकायेदारों को योजना का लाभ उठाने के लिए प्रेरित करने पर है। योजना से जहां करदाताओं को ब्याज-सरचार्ज में राहत मिलेगी, वहीं नगर निगमों को वर्षों से अटके गृहकर की वसूली का मौका मिलेगा। वहीं इस मामले पर नगरायुक्त नगर निगम, मुरादाबाद दिव्यांशु पटेल ने बताया कि शासन की इस पहल का उद्देश्य लंबे समय से चल रहे बकाये को एकमुश्त जमा कराकर नगर निकायों की आय बढ़ाना और बकायेदारों को ब्याज-सरचार्ज के बोझ से राहत देना है। वार्ड वाइज कैंप लगाए जा रहे हैं। ओटीएस का प्रचार-प्रसार भी कराया जारहा है, जिससे अधिक से अधिक बकाएदार योजना का लाभ ले सकें।

    किस नगर निगम का कितना बकाया?
    लखनऊ
    बकायेदार- 2,43,479

    कुल बकाया- 650.15 करोड़

    कुल बकाया- 258.47 करोड़

    बकाया- 100 करोड़ से अधिक

    बकाया- 301 करोड़

    बकाया- 400 करोड़

    मुरादाबाद
    बकायेदार- 71,612

    बकाया- 126.53 करोड़
    गाजियाबाद

    बकायेदार- 60,000+

    बकाया- 1,100 करोड़

    सहारनपुर
    बकायेदार- 1,33,172

    बकाया- 25.47 करोड़

  • बिहार में बाढ़ का कहर, पटना हाई अलर्ट पर; 13 प्रभारी मंत्री करेंगे राहत कार्यों की निगरानी

    बिहार में बाढ़ का कहर, पटना हाई अलर्ट पर; 13 प्रभारी मंत्री करेंगे राहत कार्यों की निगरानी

    पटना
    बिहार में भारी बारिश और प्रमुख नदियों में उफान के बाद बाढ़ से हालात बिगड़ते जा रहे हैं। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने 13 मंत्रियों को अपने प्रभार वाले जिलों में बाढ़ की निगरानी का काम सौंपा है। उनके साथ प्रभारी सचिवों की भी ड्यूटी लगाई गई है। बक्सर से पटना, समस्तीपुर और भागलपुर तक कई इलाके जलमग्न हैं। पटना में बाढ़ के चलते अधिकारियों को हाई अलर्ट पर रहने का निर्देश दिया गया है। सीएम सम्राट लगातार दूसरे दिन बाढ़ प्रभावित इलाके के हवाई सर्वे पर निकले हैं। शनिवार को वह भागलपुर में बाढ़ से राहत एवं बचाव कार्य का जायजा ले रहे हैं।

    बिहार सरकार की ओर से गंगा किनारे स्थित जिलों में राहत और बचाव कार्यों की सघन निगरानी का काम प्रभारी मंत्रियों और सचिवों को सौंपा है। जिन 13 जिलों के लिए निर्देश जारी हुए हैं, उनमें बक्सर, भोजपुर, पटना, सारण, वैशाली, बेगूसराय, समस्तीपुर, लखीसराय, खगड़िया, मुंगेर, भागलपुर और कटिहार शामिल हैं। मुख्यमंत्री के निर्देशानुसार, प्रभारी मंत्री और प्रभारी सचिव संबंधित जिले में बाढ़ प्रभावित इलाकों का दौरा करेंगे और जमीन पर राहत एवं बचाव कार्य की निगरानी करेंगे।

    पटना में बाढ़ से हाई अलर्ट
    सीएम सम्राट ने पटना के शहरी क्षेत्र में गंगा के बढ़ते जलस्तर की विशेष निगरानी के आदेश दिए हैं। पटना में तटबंध और आसपास के क्षेत्र पर खास ध्यान दिया जाएगा। पटना नगर निगम, जिला प्रशासन और जल संसाधन विभाग को हाई अलर्ट पर रहने को कहा गया है।

    गंगा नदी का जलस्तर
    पटना में गांधी घाट के पास गंगा नदी खतरे के निशान ऊपर बह रही है। शनिवार सुबह 10 बजे गांधी घाट गेज साइट पर जलस्तर 50.53 मीटर दर्ज किया गया, जो 48.60 मीटर के खतरे के निशान से लगभग 1.93 मीटर ऊपर है। नदी अपने उच्चतम बाढ़ स्तर (HFL) 50.52 मीटर के करीब बह रही है। अधिकारियों ने जलस्तर में और बढ़ोतरी होने की चेतावनी दी है।

    बिहार बाढ़ की स्थिति
    बिहार में बाढ़ की वर्तमान स्थिति की जानकारी डिप्टी सीएम विजय कुमार चौधरी ने ली। वह शनिवार को फिर पटना में सिंचाई भवन स्थित जल संसाधन विभाग के कंट्रोल कमांड सेंटर पहुंचे। उन्होंने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से पूरे राज्य के विभिन्न संवेदनशील स्थलों का जायजा लिया। अधिकारियों को तटबंधों पर सतत निगरानी के निर्देश दिए।

    बिहार बाढ़ से 10 लाख आबादी प्रभावित- सरकार
    आपदा प्रबंधन विभाग ने शनिवार को कहा कि बिहार के 11 जिलों के 50 प्रखंडों की 201 पंचायतों में 10.28 लाख की आबादी बाढ़ से प्रभावित हुई है। यहां राहत एवं बचाव कार्य जारी है।

    इन जिलों में बाढ़ की निगरानी करेंगे प्रभारी मंत्री-
        बक्सर – नंद किशोर राम
        भोजपुर – अरुण शंकर प्रसाद
        पटना – विजय चौधरी
        सारण – बिजेंद्र प्रसाद यादव
        वैशाली – निशांत कुमार
        बेगूसराय – रामकृपाल यादव
        समस्तीपुर – दामोदर रावत
        लखीसराय – सुनील कुमार
        खगड़िया – मदन सहनी
        मुंगेर – संजय पासवान
        भागलपुर – नीतीश मिश्रा
        कटिहार – प्रमोद चंद्रवंशी

  • 10 शिक्षकों को ही सीएम के हाथों मिलना था पुरस्कार, मुख्यमंत्री ने पहले से तय कार्यक्रम को बदलकर सभी को किया सम्मानित

    10 शिक्षकों को ही सीएम के हाथों मिलना था पुरस्कार, मुख्यमंत्री ने पहले से तय कार्यक्रम को बदलकर सभी को किया सम्मानित

    गोरखपुर। शिक्षा व्यवस्था के उत्थान और शिक्षकों के सम्मान के प्रति मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ कितने संवेदनशील हैं, इसकी बानगी शनिवार को शिक्षक दिवस पर योगिराज बाबा गंभीरनाथ प्रेक्षागृह में आयोजित सम्मान समारोह में देखने को मिली। राज्य अध्यापक पुरस्कार और मुख्यमंत्री अध्यापक पुरस्कार के लिए चयनित सभी 81 शिक्षकों को सीएम ने अपने हाथों पुरस्कार दिया, जबकि तय कार्यक्रम के अनुसार उन्हें सिर्फ 10 शिक्षकों को ही सम्मानित करना था। मुख्यमंत्री की इस पहल से प्रदेश भर से आए शिक्षक मुदित हो गए।

    सीएम योगी को मंच पर राज्य अध्यापक पुरस्कार के लिए चयनित बेसिक शिक्षा विभाग के 5 और माध्यमिक शिक्षा विभाग के 5 यानी कुल 10 शिक्षकों को ही अपने हाथ से पुरस्कृत करना था। पर, जब शिक्षकों को पुरस्कृत करने की बारी आई तो मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से कहा कि सभी चयनित 81 शिक्षकों की भावनाओं का सम्मान किया जाएगा और वह सभी को खुद पुरस्कृत करेंगे। इसके बाद पहले से तय 10 शिक्षकों के बाद सीएम योगी ने अन्य सभी 71 शिक्षकों को भी मंच पर बुलवाकर खुद पुरस्कृत किया। 

    मुख्यमंत्री ने पुरस्कृत हुए शिक्षकों को प्रशस्ति पत्र और पुरस्कार राशि के रूप में 25 हजार रुपये का प्रतीकात्मक चेक सौंपा। महिला शिक्षकों को माध्यमिक शिक्षा मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) गुलाब देवी ने और पुरुष शिक्षकों को बेसिक शिक्षा मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) संदीप सिंह ने अंगवस्त्र पहनाया। बाद में सभी पुरस्कृत शिक्षकों को मां सरस्वती की प्रतिमा भी भेंट की गई। उल्लेखनीय है कि राज्य स्तरीय पुरस्कार प्राप्त इन शिक्षकों को आजीवन उत्तर प्रदेश परिवहन निगम की बसों में प्रतिवर्ष 4000 किलोमीटर की निशुल्क यात्रा की सुविधा मिलेगी। साथ ही इनकी सेवानिवृत्ति की सीमा भी दो वर्ष बढ़ जाएगी। 

    बेसिक शिक्षा के इन शिक्षकों को सीएम योगी ने दिया राज्य अध्यापक पुरस्कार
    1. संगीता शर्मा (प्रधानाध्यापक, प्राथमिक विद्यालय धनौली, अकोला, आगरा)
    2. गीता वर्मा (सहायक अध्यापक, प्राथमिक विद्यालय चौबारा, गजरौला, अमरोहा)
    3. प्रीति मिश्रा (सहायक अध्यापक, पीएम श्री उच्च विद्यालय बेलवा, पयागपुर, बहराइच)
    4. सलमा खान (सहायक अध्यापक, कम्पोजिट विद्यालय आदर्श, नगर क्षेत्र, बलरामपुर)
    5. उर्मिला देवी (सहायक अध्यापक, उच्च प्राथमिक विद्यालय खेमईपुर, भदोही)
    6. रचना कपूर (सहायक अध्यापक, उच्च प्राथमिक विद्यालय नंगली छोइया, हल्दौर, बिजनौर)
    7. किरन देवी (प्रधानाध्यापक, उच्च प्राथमिक विद्यालय अंबियापुर, बदायूं)
    8. जूही मलिक (सहायक अध्यापक, उच्च प्राथमिक विद्यालय स्याना, बुलंदशहर)
    9. उषा सिंह (सहायक अध्यापक, पूर्व माध्यमिक विद्यालय सैदपुर, शहबादगंज, चंदौली)
    10. गीता वर्मा (सहायक अध्यापक, कम्पोजिट उच्च प्राथमिक विद्यालय अमानाबाद, फर्रुखाबाद)
    11. अर्चना पांडेय (सहायक अध्यापक, कम्पोजिट स्कूल पर्थला खंजरपुर, गौतमबुद्धनगर)
    12. ज्योत्स्ना गोस्वामी (प्रधानाध्यापक, प्राथमिक विद्यालय ननकागढ़ी, राजापुर, गाजियाबाद)
    13. शुचि त्यागी (सहायक अध्यापक, कम्पोजिट विद्यालय पिपलैडा, दहौलाना, हापुड़)
    14. विजया अवस्थी (सहायक अध्यापक, संविलियन विद्यालय मंसूरनगर, पिहानी, हरदोई)
    15. पल्लवी चतुर्वेदी (सहायक अध्यापक, उच्च प्राथमिक विद्यालय सासनी, हाथरस)
    16. प्रीति श्रीवास्तव (सहायक अध्यापक, कम्पोजिट विद्यालय पठाकरका, बंगरा, झांसी)
    17. डॉ. सुमनलता यादव (प्रधानाध्यापक, प्राथमिक विद्यालय कुंवरपुर बनवारी, छिबरामऊ, कन्नौज)
    18. डॉ. कामायनी शर्मा (सहायक अध्यापक, संविलियन विद्यालय औरोताहरपुर, ककवन, कानपुर नगर)
    19. सुमन कुशवाहा (प्रधानाध्यापक, प्राथमिक विद्यालय भगवानपुर, नेवादा, कौशाम्बी)
    20. प्रीति गुप्ता (प्रधानाध्यापक, प्राथमिक विद्यालय चौकी बस स्टैंड, बिरधा, ललितपुर)
    21. विनीता (सहायक अध्यापक, प्राथमिक विद्यालय अमेठी उर्दू, गोसाईगंज, लखनऊ)
    22. सीमा कुमारी (प्रधानाध्यापक, प्राथमिक विद्यालय महटौली, घिरोर, मैनपुरी)
    23. प्रतिभा रानी भारती (सहायक अध्यापक, प्राथमिक विद्यालय, हर्रा, सरूरपुर, मेरठ)
    24. सुनीता रानी (सहायक अध्यापक, उच्च प्राथमिक विद्यालय सिरसवां, भगतपुर, मुरादाबाद)
    25. आरती शर्मा (प्रधानाध्यापक, प्राथमिक विद्यालय रुस्तमगढ़, मुज्जफरनगर)
    26. वैलेंटिना विक्टर (प्रधानाध्यापक, प्राथमिक विद्यालय अहमदनगर, नगर क्षेत्र, रामपुर)
    27. अमिता टंडन (प्रधानाध्यापक, कम्पोजिट विद्यालय राजपुर रानी, श्रावस्ती)
    28. मीरा सिंह (सहायक अध्यापक, उच्च प्राथमिक विद्यालय गड़ईडीह, चोपन, सोनभद्र)
    29. प्रीति भारती (सहायक अध्यापक, उच्च प्राथमिक विद्यालय नेवलगंज, हसनगंज, उन्नाव)
    30. नीलम राय (सहायक अध्यापक, प्राथमिक विद्यालय मंडुआडीह, वाराणसी)
    31. सय्यदा (प्रधानाध्यापक, प्राथमिक विद्यालय पिपरिया अगरु, मरौरी, पीलीभीत)
    32. सुनीत मित्र पांडेय (प्रधानाध्यापक, प्राथमिक विद्यालय गोकुला, नवाबगंज, गोंडा)
    33. अमर सिंह (प्रधानाध्यापक, उच्च प्राथमिक विद्यालय बहरावद, अतरौली, अलीगढ़)
    34. राम मिलन गुप्ता (सहायक अध्यापक, कम्पोजिट उच्च विद्यालय, नसीरपुर छितौना, जहांगीरगंज, अम्बेडकरनगर)
    35. पंकज कुमार द्विवेदी (प्रधानाध्यापक, प्राथमिक विद्यालय, ठेउंगा, सोहावल, अयोध्या)
    36. प्रदीप कुमार सिंह (सहायक अध्यापक, कम्पोजिट उच्च प्राथमिक विद्यालय भैरवपुर, कोयलसा, आजमगढ़)
    37. अजीत कुमार श्रीवास्तव (सहायक अध्यापक, उच्च प्राथमिक विद्यालय, इब्राहिमाबाद, मुरली छपरा, बलिया)
    38. राहुल कुमार शुक्ल (प्रधानाध्यापक, प्राथमिक विद्यालय बहुता, त्रिवेदीगंज, बाराबंकी)
    39. हरिशंकर त्रिपाठी (प्रधानाध्यापक, उच्च प्राथमिक विद्यालय गढ़चपा, मानिकपुर, चित्रकूट)
    40. ओमवीर सिंह (प्रधानाध्यापक, पीएम श्री उच्च प्राथमिक विद्यालय पिदौरा, मरेहरा, एटा)
    41. वीरेंद्र सिंह (सहायक अध्यापक, उच्च प्राथमिक विद्यालय ताखा, इटावा)
    42. आनंद कुमार मिश्र (सहायक अध्यापक, प्राथमिक विद्यालय मलूकपुर, ऐरायां, फतेहपुर)
    43. संतोष कुशवाहा (सहायक अध्यापक, कन्या उच्च प्राथमिक विद्यालय मनिहारी, गाजीपुर)
    44. नीतिराज सिंह (प्रधानाध्यापक, प्राथमिक विद्यालय, चुनकी का डेरा, सुमेरपुर, हमीरपुर)
    45. राजेश कुमार उपाध्याय (सहायक अध्यापक, पूर्व माध्यमिक विद्यालय बारीगांव, घुघली, महराजगंज)
    46. संजय कुमार मिश्र (प्रधानाध्यापक, कम्पोजिट उच्च प्राथमिक विद्यालय गरियांव, मुंगरा बादशाहपुर, जौनपुर)
    47. विनीत कुमार मिश्र (सहायक अध्यापक, उच्च प्राथमिक विद्यालय अन्ता, रसूलाबाद, कानपुर देहात)
    48. धनंजय प्रताप सिंह (प्रधानाध्यापक, प्राथमिक विद्यालय सलेमपुर लाला, कासगंज)
    49. प्रमोद कुमार (प्रधानाध्यापक, प्राथमिक विद्यालय रतासिया, बेहजम, लखीमपुर खीरी)
    50. नवीन कुमार त्रिपाठी (सहायक अध्यापक, पीएम श्री कम्पोजिट विद्यालय उनवल प्रथम, बांसगांव, गोरखपुर)
    51. ओमप्रकाश तिवारी (सहायक अध्यापक, कन्या उच्च प्राथमिक विद्यालय बिलखी, कबरई, महोबा)
    52. अनिल कुमार मौर्य (सहायक अध्यापक, उच्च प्राथमिक विद्यालय दौलसेपुर, रानीपुर, मऊ)
    53. दयानंद मिश्रा (प्रधानाध्यापक, प्राथमिक विद्यालय सिद्धि, पहारी, मिर्जापुर)
    54. डॉ. देवेंद्र सिंह (सहायक अध्यापक, कम्पोजिट विद्यालय बरना, प्रतापगढ़)
    55. रामलखन मौर्या (सहायक अध्यापक, उच्च प्राथमिक विद्यालय, सिरसा, प्रतापपुर, प्रयागराज)
    56. बृजकिशोर (प्रधानाध्यापक, कम्पोजिट विद्यालय रसूलपुर, गुन्नौर, सम्भल)
    57. अरुण कुमार गुप्ता (सहायक अध्यापक, कम्पोजिट विद्यालय धनौरा, ददरौल, शाहजहांपुर)
    58. दिनकर चौहान (प्रधानाध्यापक, प्राथमिक विद्यालय गंगेरू प्रथम, कांधला, शामली)
    59. महेश कुमार (सहायक अध्यापक, प्राथमिक विद्यालय बूड़ा, बर्डपुर, सिद्धार्थनगर)
    60. अतुल शर्मा (प्रधानाध्यापक, प्राथमिक विद्यालय अडावेनिया ग्रांट, एलिया, सीतापुर)
    61. सत्येंद्र कुमार सिंह (सहायक अध्यापक, उच्च प्राथमिक विद्यालय साढापुर, प्रतापपुर कमैचा, सुल्तानपुर)

    सीएम के हाथों माध्यमिक विद्यालयों के इन शिक्षकों को मिला राज्य अध्यापक पुरस्कार
    1. रेनू तोमर (प्रधानाचार्य, जवाहर लाल मेमोरियल गर्ल्स इंटर कॉलेज, गाजियाबाद)
    2. डॉ. रमेश प्रताप सिंह (प्रधानाचार्य, उदय प्रताप इंटर कॉलेज, वाराणसी)
    3. गिरिजेश कुमार मल्ल (भाषा अध्यापक, श्री गांधी विद्यालय इंटर कालेज, बछरावां, रायबरेली)
    4. डॉ. अनुज कुमार अग्रवाल (भाषा अध्यापक, राजकीय इंटर कॉलेज, सलेमपुर, कांठ, मुरादाबाद)
    5. महेश्वर प्रसाद त्रिपाठी (भाषा अध्यापक एलपीके इंटर कॉलेज, बसडीला, सरदार नगर, गोरखपुर)
    6. अरूण कुमार ओझा (गणित अध्यापक, हीरालाल रामनिवास इंटर कॉलेज, संतकबीरनगर)
    7. डॉ. गौरव वार्ष्णेय (विज्ञान अध्यापक, जैन इंटर कॉलेज, रामपुर)
    8. डॉ. अभिषेक कुमार सिंह (विज्ञान अध्यापक, हीरालाल रामनिवास इंटर कॉलेज, संतकबीरनगर)
    9. अमित कुमार शर्मा (विज्ञान अध्यापक, राजकीय इंटर कॉलेज, अनूपपुर, डिबाई, हापुड़)
    10. डॉ० हरिश्चन्द्र यादव (मानविकी अध्यापक, विभूति नारायण राजकीय इंटर कॉलेज, ज्ञानपुर, भदोही)
    11. अश्वनी कुमार जैन (मानविकी अध्यापक, श्री महावीर दिगम्बर जैन इंटर कॉलेज, फिरोजाबाद)
    12. राजपाल (मानविकी अध्यापक, दरबारी लाल शर्मा इंटर कॉलेज, रिठौरा, बरेली)
    13. डॉ. संजय कुमार सिंह (वाणिज्य अध्यापक, श्री गुलाबराय इंटर कॉलेज, बरेली)
    14. गुणधर लाल जैन (वाणिज्य अध्यापक, एमडी जैन इंटर कॉलेज, आगरा)
    15. प्रकाश नारायण सिंह (कला अध्यापक, बंगाली टोला इंटर कॉलेज, वाराणसी)

    माध्यमिक विद्यालयों के इन शिक्षकों को प्राप्त हुआ मुख्यमंत्री अध्यापक पुरस्कार
    1. डॉ. योगेन्द्र प्रताप सिंह (प्रधानाचार्य, पं. दीनदयाल उपाध्याय सरस्वती विद्या मंदिर इंटर कॉलेज, लखीमपुर खीरी)
    2. विक्रम बहादुर सिंह परिहार (प्रधानाचार्य, ज्वाला देवी सरस्वती विद्या मंदिर इंटर कॉलेज, प्रयागराज)
    3. कल्पना सिंह (प्रधानाचार्य, सरस्वती बालिका विद्या मंदिर इंटर कॉलेज, झांसी)
    4. डॉ. आनन्द कुमार (मानविकी अध्यापक, महर्षि दयानन्द विद्यापीठ इंटरमीडिएट कॉलेज, गोविंदपुरम, गाजियाबाद)
    5. विजय पाल (कला अध्यापक, जयनारायण सरस्वती विद्या मंदिर इंटर कॉलेज, बरेली)