Category: राज्य

  • बाइक चोरी करने वाले गिरोह पर शिकंजा, जालंधर में 2 आरोपी गिरफ्तार; मोटरसाइकिलें बरामद

    बाइक चोरी करने वाले गिरोह पर शिकंजा, जालंधर में 2 आरोपी गिरफ्तार; मोटरसाइकिलें बरामद

    जालंधर.

    जालंधर के थाना भोगपुर पुलिस ने क्षेत्र में बढ़ते चोरी के मामलों पर संज्ञान लेते हुए वाहन चोर गिरोह के दो सदस्यों को चोरी के मोटरसाइकिल सहित गिरफ्तार करने में सफलता हासिल की है। पुलिस के अनुसार पकड़े गए दोनों आरोपित वाहन चोरी की वारदातों में शामिल रहे हैं और चोरी किए गए मोटरसाइकिल को बेचने के लिए ग्राहक की तलाश कर रहे थे।

    पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से चोरी का मोटरसाइकिल भी बरामद की है। जांच में सामने आया है कि आरोपितों के और भी साथी हैं, जो गिरोह में शामिल हैं‌। पुलिस के मुताबिक एएसआइ सरबजीत सिंह पुलिस टीम के साथ संदिग्ध व्यक्तियों और वाहनों की जांच के संबंध में नाकाबंदी कर मौजूद थे। इसी दौरान पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली कि अवतार सिंह निवासी गांव बूनदड़ा, थाना भोगपुर और उसका साथी अलीशा मसीह निवासी गांव ऊटर, थाना भोगपुर वाहन चोरी करने के आदी हैं।

    चोर चोरी का माल बेचने के लिए ग्राहक तलाश रहे थे
    दोनों आरोपी चोरी किए गए मोटरसाइकिल के साथ इलाके में मौजूद हैं और उसे बेचने के लिए ग्राहक की तलाश कर रहे हैं। मुखबिर से मिली सूचना के आधार पर पुलिस ने आरोपितों के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू की और कार्रवाई करते हुए दोनों को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने उनके कब्जे से चोरी का मोटरसाइकिल भी बरामद किया है। पुलिस अब आरोपितों से पूछताछ कर रही है। जांच में यह पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि दोनों ने अब तक कितने वाहन चोरी किए हैं और चोरी के वाहनों को किन लोगों को बेचा जाता था। पुलिस यह भी पता लगाने में जुटी है कि गिरोह में इनके अलावा और कितने लोग शामिल हैं। एसएसपी हरविंदर सिंह विर्क ने बताया कि आरोपितों से पूछताछ के बाद वाहन चोरी की अन्य वारदातों के संबंध में भी वारदातें हल होने की संभावना है।

  • बिहार में बाढ़ पर सरकार अलर्ट, सम्राट चौधरी बोले- 2-3 दिनों में हालात सुधरने की उम्मीद

    बिहार में बाढ़ पर सरकार अलर्ट, सम्राट चौधरी बोले- 2-3 दिनों में हालात सुधरने की उम्मीद

    पटना
     बिहार में कई जिलों में बाढ़ से काफी तबाही हुई है। इस बीच मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने बाढ़ प्रभावित लोगों को हर तरह की सहूलियत मुहैया कराने का निर्देश दिया है। उन्होंने कहा कि प्रभावित परिवारों के लिए भोजन, इलाज, पढ़ाई एवं अन्य आवश्यक सुविधाओं की व्यवस्था की गई है। आगे स्थिति सामान्य होने के बाद एक-एक घर की जांच कर बाढ़ से हुए नुकसान का आकलन किया जाएगा। साथ ही प्रभावित लोगों को हरसंभव राहत प्रदान की जाएगी। बाढ़ के कारण हुई फसल क्षति का आकलन कर प्रभावित किसानों को समुचित मुआवजा भी दिया जाएगा। मुख्यमंत्री ने सोमवार को वैशाली एवं सारण जिले के बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का दौरा किया। साथ ही हाजीपुर तथा सोनपुर में संचालित राहत शिविरों और सामुदायिक रसोई का निरीक्षण भी किया। इस दौरान पत्रकारों से बातचीत में उन्होंने कहा कि लोगों को आपदा से निजात दिलाने की व्यवस्था और बाढ़ प्रभावित लोगों को हर प्रकार की सहायता उपलब्ध कराई जा रही है।

    शिविर में रह रहे लोगों से बात की
    मुख्यमंत्री ने राहत शिविरों में रह रहे लोगों से बातचीत की और उपलब्ध सुविधाओं की जानकारी ली। राहत शिविर में संचालित आंगनबाड़ी केंद्र का निरीक्षण किया और बच्चों से बातचीत की। वहीं, शैक्षणिक शिविर में भी बच्चों से उनकी पढ़ाई, शैक्षणिक गतिविधियों और खान-पान के बारे में जानकारी ली। स्वास्थ्य शिविर के निरीक्षण के दौरान उन्होंने निर्देश दिया कि बीमार होने की स्थिति में बाढ़ पीड़ितों को तत्काल चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराई जाए। पशुओं के लिए पर्याप्त दवा उपलब्ध रखने के भी निर्देश दिये। बाढ़ के पानी में डूबने से हुए मृत्यु के मामलों में मृतकों के आश्रितों को चार-चार लाख रुपये की सहायता राशि प्रदान की जाए।

    लोगों ने व्यवस्थाओं के लिए मुख्यमंत्री को धन्यवाद दिया
    मुख्यमंत्री ने निरीक्षण के दौरान सामुदायिक रसोई की व्यवस्था देखी। हाजीपुर में बाढ़ पीड़ितों को अपने हाथों से भोजन परोसा। वहीं, सोनपुर में शिविर में रह रहे लोगों से बातचीत कर भोजन एवं अन्य सुविधाओं की जानकारी ली। साथ ही बाढ़ पीड़ितों के साथ उन्होंने भोजन भी किया। लोगों ने शिविर में की गई व्यवस्थाओं के लिए मुख्यमंत्री को धन्यवाद दिया और कहा कि यहां खाने-पीने से लेकर रहने तक की बहुत अच्छी व्यवस्था की गई है। निरीक्षण के दौरान उपमुख्यमंत्री विजय कुमार चौधरी, उपमुख्यमंत्री बिजेंद्र प्रसाद यादव, विधायक जनक सिंह, संजय सिंह, सिद्धार्थ पटेल के अलावा मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव दीपक कुमार, आपदा प्रबंधन विभाग के प्रधान सचिव संतोष कुमार मल्ल, गृह विभाग के प्रधान सचिव पंकज कुमार आदि उपस्थित थे।

    अगले दो-तीन दिनों में बाढ़ से राहत मिलेगी
    मुख्यमंत्री ने कहा कि गंगा नदी के जलस्तर में लगभग 17 से 18 सेंटीमीटर की गिरावट दर्ज की गई है। फरक्का बराज से अभी लगभग 15 लाख क्यूसेक पानी का लगातार डिस्चार्ज हो रहा है। अगले दो-तीन दिनों में स्थिति में और राहत मिलने की संभावना है। गंगा नदी के स्ट्रेच को एक सीमा में बांधने के संबंध में केंद्रीय जल आयोग से भी बातचीत की गई है, ताकि प्रत्येक वर्ष बाढ़ से उत्पन्न होने वाली समस्या से लोगों को स्थायी रूप से निजात दिलाई जा सके।

    मुख्यमंत्री ने अफसरों को कई निर्देश दिए
    ● बाढ़ प्रभावित परिवारों को हर सहूलियत मुहैया कराई जाए

    ● फसल क्षति का आकलन कर प्रभावित किसानों को उचित मुआवजा दिया जाएगा

    ● बीमार होने की स्थिति में बाढ़ पीड़ितों को तत्काल चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराएं

    ● मृतकों के आश्रितों को चार-चार लाख रुपये की सहायता राशि प्रदान की जाए

  • यूपी-बिहार के यात्रियों के लिए खुशखबरी, योगी सरकार बढ़ाएगी अंतरराज्यीय बस कनेक्टिविटी

    यूपी-बिहार के यात्रियों के लिए खुशखबरी, योगी सरकार बढ़ाएगी अंतरराज्यीय बस कनेक्टिविटी

    योगी सरकार की पहल से यूपी-बिहार के यात्रियों को मिलेगी बेहतर अंतरराज्यीय बस सुविधा

    यूपी-बिहार के बीच और मजबूत होगा बस सेवा नेटवर्क, परिवहन मंत्रियों की अहम बैठक

    सीमावर्ती जिलों के यात्रियों को बड़ी राहत, यूपी-बिहार के नए बस मार्गों पर बनी सहमति

    यूपी-बिहार के बीच नए हाईवे पर दौड़ेंगी बसें, नए मार्ग तय करने की तैयारी, किराये में एकरूपता पर भी सहमति

    बिहार सरकार की तरफ से दिए गए कई आश्वासन, दूसरे चरण की बैठक जल्द, यात्रियों को होगा सीधा लाभ

    लखनऊ
     उत्तर प्रदेश और बिहार के बीच आवागमन को और आसान बनाने की दिशा में योगी सरकार ने महत्वपूर्ण पहल की है। दोनों राज्यों की जनता, खासकर सीमावर्ती जिलों के यात्रियों को बेहतर परिवहन सुविधा उपलब्ध कराने के उद्देश्य से सोमवार को लखनऊ में उत्तर प्रदेश के परिवहन मंत्री दयाशंकर सिंह और बिहार के परिवहन मंत्री दामोदर रावत की महत्वपूर्ण बैठक हुई। इसमें यूपी रोडवेज और बिहार राज्य पथ परिवहन निगम के बीच बस सेवाओं के विस्तार और नए मार्गों को लेकर विस्तार से चर्चा हुई।

    नए मार्गों पर बस संचालन की तैयारी
    बैठक में वर्ष 2016 से प्रभावी उत्तर प्रदेश-बिहार अंतरराज्यीय परिवहन करार और मई 2026 में हुए उसके विस्तार के तहत निर्धारित 25 मार्गों पर बस संचालन की वर्तमान स्थिति की समीक्षा की गई। इसके साथ ही बिहार राज्य पथ परिवहन निगम की ओर से बिहार के अलग-अलग जिलों से उत्तर प्रदेश के विभिन्न जिलों के लिए बस सेवा शुरू करने का प्रस्ताव रखा गया।

    नए हाईवे से जुड़ेंगे नए बस मार्ग
    दोनों राज्यों के बीच हाल के वर्षों में कई नए हाईवे और सड़क मार्ग तैयार हुए हैं। इन्हें बस सेवा से जोड़ने के लिए नए मार्गों का निर्धारण किया जाएगा। इसके लिए जल्द ही दूसरे चरण की बैठक आयोजित करने पर सहमति बनी है। बिहार सरकार की ओर से प्रस्तावित मार्गों का मानचित्र सहित विस्तृत विवरण जल्द उपलब्ध कराया जाएगा।

    यात्रियों की सुविधा और किराये में एकरूपता पर जोर
    बैठक में दोनों राज्यों की जनता को बेहतर परिवहन सुविधा देने पर विशेष जोर दिया गया। खासतौर पर सीमावर्ती जिलों के लोगों के लिए बस सेवाओं का विस्तार करने की दिशा में आपसी सहयोग बढ़ाने पर सहमति बनी। वहीं दोनों राज्यों की बस सेवाओं में किराये के निर्धारण में एकरूपता लाने पर भी सहमति बनी है। साथ ही नए मार्गों का दोबारा परीक्षण कर समान किलोमीटर के आधार पर परिवहन करार करने पर विचार किया गया।

    यूपी रोडवेज की बसों के संचालन में नहीं आएगी बाधा
    बिहार सरकार ने भरोसा दिलाया कि बिहार में उत्तर प्रदेश राज्य सड़क परिवहन निगम की बसों के संचालन में किसी प्रकार की बाधा या असुविधा नहीं होने दी जाएगी। दोनों राज्यों के परिवहन विभाग और परिवहन निगम के अधिकारी प्रस्तावित मार्गों का परीक्षण कर आगे की कार्रवाई करेंगे।

  • AI और इनोवेशन से बदलेगा युवाओं का भविष्य, बाराबंकी में ‘रंग दे बसंती’ युवा संवाद

    AI और इनोवेशन से बदलेगा युवाओं का भविष्य, बाराबंकी में ‘रंग दे बसंती’ युवा संवाद

    बाराबंकी में रंग दे बसंती का युवा संवाद, छात्रों को मिला नवाचार और एआई का गुरुमंत्र

    साईं कॉलेज में इंटर के छात्र-छात्राओं ने क्विज और टैलेंट क्रिएशन में लिया हिस्सा

     रंग दे बसंती टीम ने विजेताओं को ट्रॉफी से किया सम्मानित

    प्रदेशभर में प्रतिभाओं का चयन, नवाचार के लिए छात्रों को 15 हजार रुपये तक की आर्थिक मदद

    कवि सम्मेलन से वॉल पेंटिंग तक, रचनात्मक कार्यक्रमों के जरिए युवाओं को मंच दे रहा रंग दे बसंती

    लखनऊ
     उत्तर प्रदेश में युवाओं को रचनात्मक अभिव्यक्ति का मंच देने और माफिया राज व भय की संस्कृति के खिलाफ सकारात्मक संदेश देने के उद्देश्य से ‘रंग दे बसंती’ अभियान के तहत विभिन्न शहरों में कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। इसी क्रम में बाराबंकी के लखपेड़ाबाग स्थित साईं कॉलेज में अभियान की टीम ने इंटरमीडियट के छात्र-छात्राओं से संवाद किया।

    इस दौरान विद्यार्थियों को परीक्षा की तैयारी के साथ भविष्य की चुनौतियों के लिए तैयार रहने तथा शिक्षा के साथ नवाचार और एआई आधारित शिक्षा की उपयोगिता के बारे में जानकारी दी गई। कार्यक्रम में विद्यार्थियों ने क्विज प्रतियोगिता और टैलेंट क्रिएशन जैसी गतिविधियों में उत्साहपूर्वक भाग लिया। कॉलेज के प्रिंसिपल सुरेंद्र वर्मा ने कहा कि रंग दे बसंती जैसे मंच विद्यार्थियों के लिए उपयोगी साबित होंगे। ऐसे आयोजनों के माध्यम से छात्र-छात्राओं को अपनी प्रतिभा को निखारने और आत्मविश्वास के साथ उसे प्रस्तुत करने का अवसर मिलता है।

    रंग दे बसंती की टीम ने प्रतियोगिताओं में विजयी छात्र-छात्राओं नैतिक, शगुन यादव, प्रखर, उमैरा कुल्सुंग और अदिति सोनी को ट्रॉफी प्रदान कर सम्मानित किया गया। रंग दे बसंती के प्रदेश संयोजक ने बताया कि अभियान के तहत प्रदेश के विभिन्न जनपदों से योग्य छात्र-छात्राओं का चयन किया जा रहा है। चयनित प्रतिभाओं को शैक्षिक गतिविधियों के साथ नवाचार के क्षेत्र में आगे बढ़ने के लिए 15 हजार रुपये तक की आर्थिक मदद भी दी जा रही है। इसके लिए प्रदेश के सभी जनपदों में फॉर्म भरवाए जा रहे हैं। आवेदन फॉर्म रंग दे बसंती के इंस्टाग्राम पेज और वेबसाइट पर उपलब्ध हैं।

    अभियान के तहत प्रदेश के कई प्रमुख शैक्षणिक संस्थानों और जिलों में कार्यक्रम आयोजित किए जा चुके हैं। इलाहाबाद विश्वविद्यालय में कवि सम्मेलन, लखनऊ विश्वविद्यालय में वॉल पेंटिंग तथा मुजफ्फरनगर के एसडी कॉलेज में कॉमिक बुक विमोचन जैसे कार्यक्रमों के जरिए युवाओं तक अभियान की पहुंच बढ़ाई जा रही है।

    अभियान की मूल भावना बंदूक की जगह ब्रश, डर की जगह डायलॉग है। इसके माध्यम से युवाओं को डर और दबाव की संस्कृति के बजाय अभिव्यक्ति, रचनात्मकता और संवाद का मंच देने पर जोर दिया जा रहा है। योगी सरकार की ओर से युवाओं को शिक्षा, कौशल, तकनीक और नवाचार से जोड़ने पर दिए जा रहे जोर के बीच रंग दे बसंती जैसे अभियान सकारात्मक और रचनात्मक युवा ऊर्जा को दिशा देने की पहल के रूप में सामने आ रहे हैं।

  • गांवों में LPG सिलेंडर बुकिंग के नियम बदले! अब 25 दिन बाद मिलेगा दूसरा सिलेंडर, जानें नया नियम

    गांवों में LPG सिलेंडर बुकिंग के नियम बदले! अब 25 दिन बाद मिलेगा दूसरा सिलेंडर, जानें नया नियम

     पटना
     गांव में रसोई गैस जल्दी खत्म हो जाए तो अगला सिलेंडर बुक कराने के लिए 45 दिन का इंतजार… यह परेशानी अब दूर होगी।ग्रामीण और शहरी उपभोक्ताओं के लिए एलपीजी रिफिल बुकिंग का अंतर अब एक समान 25 दिन कर दिया गया है। यानी पिछली रिफिल की डिलीवरी के 25 दिन बाद ग्रामीण क्षेत्र के उपभोक्ता भी अगला सिलेंडर बुक करा सकेंगे।

    अब तक ग्रामीण वितरकों से जुड़े उपभोक्ताओं के लिए रिफिल बुकिंग का अंतर 45 दिन था। ऐसे में चार-पांच सदस्यों वाले परिवार में गैस जल्दी खत्म होने पर उपभोक्ताओं को बुकिंग की निर्धारित अवधि पूरी होने तक इंतजार करना पड़ता था। कई उपभोक्ताओं को इस दौरान परेशानी का सामना करना पड़ता था। नई व्यवस्था से ऐसे परिवारों को राहत मिलने की उम्मीद है।

    गांव में भी शहर जैसी सुविधा
    एलपीजी उपभोक्ताओं के बीच लंबे समय से ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों के बुकिंग अंतर को लेकर सवाल उठते रहे हैं। शहरी क्षेत्र में 25 दिन बाद रिफिल बुक कराने की सुविधा थी, जबकि ग्रामीण उपभोक्ताओं को 45 दिन इंतजार करना पड़ता था। अब दोनों के लिए 25 दिन का समान अंतराल होने से यह अंतर समाप्त हो गया है।
    उपभोक्ताओं का कहना है कि गैस की खपत परिवार के आकार और खाना पकाने की जरूरत पर निर्भर करती है, क्षेत्र पर नहीं। ऐसे में ग्रामीण उपभोक्ताओं के लिए भी समान बुकिंग व्यवस्था होने से उन्हें समय पर रिफिल मिल सकेगा।

    पटना में घरेलू सिलेंडर 1031.50 रुपये
    पटना में 14.2 किलोग्राम के घरेलू एलपीजी सिलेंडर की कीमत 1031.50 रुपये है। सितंबर में घरेलू सिलेंडर की कीमत में बदलाव नहीं किया गया है। वहीं, 19 किलोग्राम के व्यावसायिक सिलेंडर की कीमत 3034.50 रुपये बताई गई है।

    उपभोक्ताओं के लिए बदलाव एक नजर में
    व्यवस्था
    पहले
    अब
    ग्रामीण क्षेत्र में रिफिल बुकिंग
    45 दिन
    25 दिन
    शहरी क्षेत्र में रिफिल बुकिंग
    25 दिन
    25 दिन
    पटना में घरेलू सिलेंडर
    14.2 किलो
    1031.50
    कमर्शियल सिलेंडर
    19 किलो
    3034.50

  • अहिल्याबाई मातृशक्ति यात्रा योजना बनी बुजुर्ग महिलाओं का सहारा, यूपी सरकार की पहल से मुफ्त यात्रा का लाभ

    अहिल्याबाई मातृशक्ति यात्रा योजना बनी बुजुर्ग महिलाओं का सहारा, यूपी सरकार की पहल से मुफ्त यात्रा का लाभ

    अंबेडकरनगर
     सुलतानपुर के कादीपुर की चंद्रावती देवी पांच सौ रुपये लेकर जिला मुख्यालय के निजी चिकित्सक से इलाज करवाने आई थीं। 100 रुपये डॉक्टर की फीस जमा की, 300 रुपये की दवा ले ली।

    वापस घर जाने के लिए 100 रुपये किराये के लिए बचा लिए। पटेल नगर से बस अड्डे तक करीब एक किमी पैदल पहुंचीं। यहां सोमवार दोपहर 12 बजे अकबरपुर से कादीपुर-प्रयागराज जाने वाली रोडवेज बस खड़ी थी।

    कंडक्टर सूरज यादव जोर-जोर से कादीपुर, सुलतानपुर, प्रयागराज जाने के लिए आवाज लगा रहे थे। बोले, दादी बैठो बस में, तुम्हारा तो किराया भी नहीं लगेगा। इतना सुनते ही चंद्रावती के चेहरा खिल उठा। आधार कार्ड निकाला, कंडक्टर ने इसे देखकर जीरो टिकट बना दिया।

    अकबरपुर से कादीपुर का 51 टिकट का दाम बच गया। गर्मी और भूख से परेशान दादी ने तुरंत 20 रुपये का समोसा खाकर पानी पीया। कहा-अब फ्री में बस से घर जाएंगे, किराया बच रहा है।

    आजमगढ़ से अयोध्या जाने वाली बस में सवार गोसाईंगंज की 60 वर्षीय गीता देवी न्यायालय तारीख पर आई थीं। बताया कि आधार कार्ड दिखाकर मुफ्त यात्रा हुई। जो किराया लगता, उसे वकील की फीस में दे दिया। सरकार ने बहुत अच्छी सुविधा दी है

    आजमगढ़ की सावित्री देवी बस से मरैला स्थित मायके पहुंचीं। कहा- बहुत अच्छा लग रहा है, सरकार ने हम लोग के बारे में सोचा। अब किराये की टेंशन खत्म। हर महीना जब भी समय मिलेगा, मैं मायके आ जाऊंगी। पहले 100-50 रुपये भी बचाना मुश्किल था, अब मुफ्त सफर हो रहा है। अहिल्याबाई मातृशक्ति यात्रा योजना बुजुर्ग महिलाओं के लिए वरदान साबित हो रही है।

    एक सप्ताह के भीतर 60 वर्ष से अधिक उम्र की 200 से अधिक महिलाओं ने रोडवेज बसों में निश्शुल्क यात्रा की है। अकबरपुर डिपो की 94 बसों में योजना के तहत दिल्ली, आजमगढ़, लखनऊ, मऊ, गोरखपुर, प्रयागराज रूट पर बुजुर्ग महिलाओं को सिर्फ आधार कार्ड दिखाना होता है, जिसके बाद उन्हें टिकट नहीं लेना पड़ता।

    स्टेशन इंचार्ज लक्ष्मी सिंह ने बताया कि आधार कार्ड की उम्र के अनुसार सफर का लाभ दिया जा रहा है। यात्री स्मार्ट कार्ड अभी बनना शुरू नहीं हुआ है,शीघ्र ही इसका शुभारंभ होगा।

  • ‘देश को योगी आदित्यनाथ जैसे और नेताओं की जरूरत’, सुहेल सेठ ने जमकर सराहा यूपी मॉडल

    ‘देश को योगी आदित्यनाथ जैसे और नेताओं की जरूरत’, सुहेल सेठ ने जमकर सराहा यूपी मॉडल

    सुहेल सेठ ने की 'योगी मॉडल ऑफ गवर्नेंस' की तारीफ, बोले-देश को चाहिए योगी आदित्यनाथ जैसे और नेता

    नोएडा से ग्रेटर नोएडा तक के शानदार इंफ्रास्ट्रक्चर की सराहना, बोले- मजबूत और निर्णायक नेतृत्व से ही दिखता है बदलाव

    गलगोटियास यूनिवर्सिटी में नई किताब 'डब्ल्यूटीएफ इंडिया: आर वी लूजिंग द प्लॉट?' का विमोचन, छात्रों से भारत के भविष्य और नागरिक जिम्मेदारियों पर खुलकर संवाद

    ग्रेटर नोएडा

    जाने-माने लेखक, ब्रांड स्ट्रैटेजिस्ट और कमेंटेटर सुहेल सेठ ने गलगोटियास यूनिवर्सिटी में आयोजित संवाद कार्यक्रम के दौरान उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के शासन मॉडल की जमकर सराहना की। नोएडा से ग्रेटर नोएडा तक सफर के दौरान नजर आए इंफ्रास्ट्रक्चर की तारीफ करते हुए उन्होंने कहा कि देश को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जैसे और नेताओं की जरूरत है।

    सुहेल सेठ गलगोटियास यूनिवर्सिटी में अपनी नई किताब 'डब्ल्यूटीएफ इंडिया: आर वी लूजिंग द प्लॉट?' के विमोचन के लिए पहुंचे थे। यह कार्यक्रम विश्वविद्यालय की संवाद श्रृंखला का हिस्सा था, जिसमें अलग-अलग क्षेत्रों की जानी-मानी हस्तियों को छात्रों से बातचीत के लिए आमंत्रित किया जाता है। क्षेत्र में तेजी से हो रहे बदलाव का जिक्र करते हुए सेठ ने यहां के इंफ्रास्ट्रक्चर की गुणवत्ता और विकास की रफ्तार को प्रभावी शासन की पहचान बताया।

    उन्होंने कहा कि विश्वस्तरीय और जमीन पर दिखाई देने वाला इंफ्रास्ट्रक्चर अचानक तैयार नहीं होता। इसके पीछे मजबूत और निर्णायक नेतृत्व होता है, जो स्पष्ट दिशा तय करता है और उसे जमीन पर लागू करने की क्षमता रखता है। उनके मुताबिक क्षेत्र में बदलाव की रफ्तार बताती है कि जब स्पष्ट सोच के साथ उसे लागू करने की इच्छाशक्ति और क्षमता जुड़ती है, तो प्रभावी शासन के जरिए कितना बड़ा बदलाव किया जा सकता है।

    किताब के विमोचन के बाद गलगोटियास यूनिवर्सिटी के चीफ एग्जीक्यूटिव ऑफिसर डॉ. ध्रुव गलगोटिया के साथ सुहेल सेठ की विस्तृत बातचीत हुई। इसके बाद उन्होंने छात्रों के साथ भी संवाद किया। बातचीत में भारत की दिशा, नागरिकों की जिम्मेदारियों और देश के भविष्य के प्रति उदासीन रहने के बजाय सक्रिय रूप से जुड़े रहने जैसे मुद्दों पर चर्चा हुई।

    छात्रों के साथ संवाद कार्यक्रम दौरे के प्रमुख आकर्षणों में रहा। छात्रों ने भारत की दिशा और अपनी पीढ़ी की भूमिका को लेकर सुहेल सेठ से कई सवाल किए। सेठ ने अपने खास बेबाक और सहज अंदाज में जवाब देते हुए छात्रों से सवाल करने, भागीदारी निभाने और भारत की कहानी को खुद आकार देने की जिम्मेदारी लेने का आह्वान किया।

    डॉ. ध्रुव गलगोटिया ने सुहेल सेठ की मेजबानी पर खुशी जताई। उन्होंने कहा, “हमारे कैंपस में सुहेल सेठ की मेजबानी करना हमारे लिए सम्मान की बात है। विश्वविद्यालय अपने छात्रों को सबसे बड़ी चीज यह दे सकता है कि वे उन लोगों के साथ बड़े विचारों पर चर्चा और बहस कर सकें, जो उन विचारों को आकार देते हैं। साथ ही वे खुद और देश के बारे में पहले से ज़्यादा सोचकर यहां से निकलें। हमारे छात्रों ने आज बिल्कुल यही किया और उनकी ऊर्जा मुझे भरोसा दिलाती है कि हम सही तरह का माहौल तैयार कर रहे हैं।”

    गलगोटियास यूनिवर्सिटी की संवाद श्रृंखला विश्वविद्यालय की उस पहल का हिस्सा है, जिसके तहत उद्योग, विचार और सार्वजनिक जीवन को प्रभावित करने वाली हस्तियों को कैंपस में बुलाया जाता है। इसका उद्देश्य छात्रों को ऐसे लोगों से सीखने और संवाद करने का अवसर देना है, जिन्होंने अपने-अपने क्षेत्रों को प्रभावित किया है।

    50 हजार से ज्यादा छात्र, एक लाख से अधिक पूर्व छात्र

    गलगोटियास यूनिवर्सिटी भारत की प्रमुख मल्टीडिसिप्लिनरी यूनिवर्सिटी में शामिल है। विश्वविद्यालय को अकादमिक उत्कृष्टता, रिसर्च, इनोवेशन, ग्लोबल सहयोग और इंडस्ट्री से जुड़ी शिक्षा के लिए जाना जाता है। यहां 50,000 से अधिक छात्र पढ़ते हैं, जबकि इसका ग्लोबल एलुमनाई नेटवर्क 1,00,000 से अधिक पूर्व छात्रों का है। विश्वविद्यालय ने टेक्नोलॉजी, उद्यमिता, अलग-अलग विषयों के बीच सीखने और वास्तविक दुनिया में काम आने वाली शिक्षा पर केंद्रित एक तेजी से बढ़ता इकोसिस्टम तैयार किया है।

    क्यूएस और टाइम्स हायर एजुकेशन रैंकिंग में भी स्थान

    क्वाक्वेरेली साइमंड्स की क्यूएस वर्ल्ड यूनिवर्सिटी रैंकिंग्स 2027 में गलगोटियास यूनिवर्सिटी को वैश्विक स्तर पर 1201 – 1400 बैंड में जगह मिली है। भारत में यह निजी विश्वविद्यालयों में 16वें और सभी विश्वविद्यालयों में 46वें स्थान पर रही। वहीं टाइम्स हायर एजुकेशन वर्ल्ड यूनिवर्सिटी रैंकिंग्स 2026 में विश्वविद्यालय को वैश्विक स्तर पर 1201-1500 बैंड में स्थान मिला और भारत में निजी विश्वविद्यालयों में 27वां तथा सभी विश्वविद्यालयों में 65वां स्थान मिला। विश्वविद्यालय को एनएएसी 'ए प्लस' मान्यता भी प्राप्त है, जो भारत की उच्च संस्थागत गुणवत्ता रेटिंग में शामिल है।

    विश्वविद्यालय में इंजीनियरिंग, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, कंप्यूटर साइंस, सेमीकंडक्टर्स, बिजनेस, लॉ, मीडिया, डिजाइन, हेल्थ साइंसेज, हॉस्पिटैलिटी, लिबरल एजुकेशन और नए इंटरडिसिप्लिनरी क्षेत्रों में विभिन्न पाठ्यक्रम संचालित किए जाते हैं। वर्ष 2026 में छात्रों को 1,250 से अधिक रिक्रूटर्स की ओर से 5,500 से ज्यादा जॉब ऑफर मिले। विश्वविद्यालय ने एप्पल, एक्सेंचर, इन्फोसिस, आईबीएम, इंटेल, सिस्को, टाटा टेक्नोलॉजीज, एलएंडटी एडुटेक, कैपजेमिनी और सेल्सफोर्स जैसी संस्थाओं के साथ इंडस्ट्री और इनोवेशन पार्टनरशिप भी विकसित की हैं। साथ ही ग्लोबल अकादमिक सहयोग और स्टार्टअप इकोसिस्टम को मजबूत करने पर भी काम जारी है।

  • सहारनपुर में अवैध इमारत हटाने पर अखिलेश क्यों बौखलाए? संगीत सोम ने पूछा- ‘क्या भूमाफियाओं के साथ हैं?’

    सहारनपुर में अवैध इमारत हटाने पर अखिलेश क्यों बौखलाए? संगीत सोम ने पूछा- ‘क्या भूमाफियाओं के साथ हैं?’

    'मुजफ्फरनगर में हिंदू कट रहे थे, अखिलेश सैफई में डांस देख रहे थे', संगीत सोम ने सपा को घेरा

    मुजफ्फरनगर दंगे की बरसी पर अखिलेश की PC, संगीत सोम बोले- ‘सनातनी न भूले हैं, न भूलेंगे’

    सहारनपुर में अवैध इमारत हटाने पर अखिलेश क्यों बौखलाए? संगीत सोम ने पूछा- ‘क्या भूमाफियाओं के साथ हैं?’

    मर्डर पर राजनीति, एनकाउंटर पर माफियाओं का साथ? अंकित बालियान केस पर अखिलेश को संगीत सोम ने घेरा

    ‘P से पापी, D से डकैत, A से अपराधी’- संगीत सोम ने अखिलेश के PDA को बताया छलावा

    ‘अखिलेश यादव मुगल शासन के आखिरी शासक थे’- संगीत सोम बोले, अब यूपी में नहीं चलेगा मुगल राज

    लखनऊ
     मुजफ्फरनगर दंगे की बरसी पर अखिलेश यादव की प्रेस कॉन्फ्रेंस को लेकर बीजेपी के पूर्व विधायक संगीत सोम ने सपा पर तीखा हमला बोला। संगीत सोम ने आरोप लगाया कि जब मुजफ्फरनगर में हिंदू काटे जा रहे थे और पश्चिमी यूपी जल रहा था, तब अखिलेश यादव सैफई में डांस देख रहे थे। उन्होंने कहा कि सनातनी मुजफ्फरनगर दंगे को न भूले हैं और न भूलेंगे। संगीत सोम ने कहा कि 'हम न माफ किए थे, न करेंगे।'

    संगीत सोम ने कहा कि उन्हें उम्मीद थी कि आज (सोमवार) प्रेस कॉन्फ्रेंस में अखिलेश यादव मुजफ्फरनगर दंगे की बरसी पर कुछ बोलेंगे और सनातनियों से माफी मांगेंगे कि कैसे उन्होंने हजारों हिंदुओं को कटवाने और मरवाने का काम किया गया था, लेकिन अखिलेश यादव कुछ बोले तक नहीं। उन्होंने कहा कि दुर्भाग्य है कि अखिलेश यादव को आज भी याद नहीं आया कि उन्होंने क्या किया था।

    ‘मुजफ्फरनगर में अखिलेश के इशारे पर पुलिस वाले हिंदुओं को गोली मार रहे थे’

    संगीत सोम ने कहा कि मुजफ्फरनगर में अखिलेश यादव के इशारे पर पुलिस वाले हिंदुओं को गोली मार रहे थे। उन्होंने कहा कि अखिलेश यादव ने मुजफ्फरनगर में दंगे कराए और आज उसकी बरसी पर बाकायदा प्रेस कॉन्फ्रेंस की। उन्होंने कहा कि अंदाजा लगा लीजिए कि अखिलेश यादव क्या कर रहे हैं। संगीत सोम ने आरोप लगाया कि अखिलेश यादव का इतिहास ही सनातन विरोधी रहा है। उन्होंने कहा, 'कभी राम मंदिर भक्तों पर गोली चलवाते हैं तो कभी दंगे करवाते हैं।'

    संगीत सोम ने कहा कि अखिलेश यादव केवल एक ही धर्म की राजनीति करते हैं। उन्हें सनातनियों से कोई मतलब नहीं है। उन्होंने कहा कि भगवान अखिलेश यादव को कभी माफ नहीं करेगा।

    सहारनपुर में कार्रवाई पर अखिलेश को घेरा, पूछा- ‘क्या वो भूमाफियाओं के साथ हैं?’

    संगीत सोम ने सहारनपुर में अवैध निर्माण के खिलाफ हुई कार्रवाई को लेकर भी अखिलेश यादव को घेरा। उन्होंने कहा कि एक सरकारी बिल्डिंग पर अवैध इमारत थी और उसे हटाया गया है। इसके बावजूद अखिलेश यादव इस कार्रवाई को लेकर बौखला गए हैं। उन्होंने सवाल किया, 'क्या वो भूमाफियाओं के साथ हैं?'

    संगीत सोम ने कहा कि जितनी इस तरह की कब्जे वाली जमीन है और जितनी इस तरह की अवैध मस्जिद और मजार बनी हैं, उसे तोड़ा जाएगा।

    'अंकित बालियान के मर्डर पर गिद्ध जैसी नजर, एनकाउंटर होते ही पलट गए'

    मुरादाबाद के अंकित बालियान हत्याकांड का जिक्र करते हुए भी संगीत सोम ने अखिलेश यादव पर निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि अखिलेश यादव राजनीति के लिए इस तरह की घटनाओं पर गिद्ध जैसे नजर रखेंगे, लेकिन जैसे ही एनकाउंटर होगा, वह तुरंत पलट जाएंगे और माफियाओं के साथ देने लगेंगे। उन्होंने कहा कि अब उत्तर प्रदेश में दंगा नहीं हो सकता है। अब प्रदेश में कानून का राज है।

    ‘अखिलेश को पर्यटन स्थल, एम्स और एक्सप्रेस-वे से मतलब नहीं’

    संगीत सोम ने कहा कि अखिलेश यादव को उत्तर प्रदेश में बन रहे पर्यटन स्थल, एम्स और एक्सप्रेस-वे से मतलब नहीं है। उन्होंने आरोप लगाया कि अखिलेश यादव केवल डांस देखने में व्यस्त रहते थे और उन्हें केवल माफियाओं से मतलब है।

    उन्होंने कहा, 'अखिलेश यादव मुगल शासन के आखिरी शासक थे। अब यूपी में मुगल शासन नहीं चलेगा।' संगीत सोम ने अपने ऊपर हुई कार्रवाई का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि अखिलेश यादव ने उन पर फर्जी रासुका लगाई थी और कई निर्दोषों को जेल भेजा था।

    सपा-कांग्रेस गठबंधन पर भी हमला, बोले- ‘इनका कुछ पता नहीं कब होगा, कैसे होगा’

    सपा और कांग्रेस के बीच सीट बंटवारे को लेकर चल रही खींचतान पर भी संगीत सोम ने निशाना साधा। उन्होंने कहा कि दोनों दलों में अभी सीट बंटवारे को लेकर ही लड़ाई मची है। सपा सोचती है कि वह बड़ी पार्टी है और कांग्रेस भी खुद को बड़ी पार्टी समझती है।

    संगीत सोम ने कहा कि अखिलेश यादव सोच रहे हैं कि कांग्रेस को 20-30 सीट में निपटा दें, जबकि कांग्रेस वाले 200 सीट मांग रहे हैं। ऐसे में इनके गठबंधन का कुछ पता नहीं है कि कब होगा और कैसे होगा। इसके उलट उन्होंने दावा किया कि बीजेपी 300 सीटों के साथ यूपी में सरकार बनाने जा रही है। बीजेपी जमीन पर चुनाव लड़ रही है और जमीन पर काम कर रही है।

    ‘पी से पापी, डी से डकैत, ए से अपराधी… ये केवल छलावा कर रहे हैं’

    सपा के PDA फॉर्मूले पर हमला बोलते हुए संगीत सोम ने कहा, 'पी से पापी, डी से डकैत, ए से अपराधी।' उन्होंने कहा कि ये केवल छलावा कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि आज यूपी में काम हो रहा है। सड़कें बन रही हैं, स्कूल-कॉलेज बन रहे हैं, निवेश आ रहा है और इंफ्रास्ट्रक्चर सुधर रहा है। उन्होंने दावा किया कि सपा कहीं है ही नहीं और चुनाव में वह बसपा से भी पीछे रहेगी।

  • जेल में बंदी अब लिखेंगे अपनी कहानी, पंजाब की 27 जेलों में साहित्य उत्सव का आयोजन

    जेल में बंदी अब लिखेंगे अपनी कहानी, पंजाब की 27 जेलों में साहित्य उत्सव का आयोजन

     चंडीगढ़
     जेल की सलाखें भले ही बंदियों की बाहरी दुनिया से दूरी तय करती हों, लेकिन अब उनकी कलम को अभिव्यक्ति की आजादी देने की तैयारी है। पंजाब की 27 जेलों में बंद कैदियों और बंदियों को अपनी भावनाओं, अनुभवों और कल्पनाओं को शब्दों में ढालने का अवसर देने के लिए जेल साहित्य उत्सव आयोजित करने की तैयारी की जा रही है। अक्टूबर के पहले सप्ताह में प्रस्तावित इस उत्सव में प्रदेश की सभी 27 जेलों के बंदी हिस्सा ले सकेंगे।

    इस पहल का उद्देश्य बंदियों को रचनात्मक गतिविधियों से जोड़कर उन्हें सकारात्मक दिशा देना और पुनर्वास की प्रक्रिया को मजबूत करना है। बंदियों को रचनात्मक रूप से व्यस्त रखना इस पहल के प्रमुख उद्देश्यों में शामिल है।

    जेल में रहने के दौरान बंदियों के पास अपनी भावनाओं और अनुभवों को व्यक्त करने के सीमित अवसर होते हैं। ऐसे में लेखन उनके लिए अपनी बात कहने का प्रभावी माध्यम बन सकता है। कहानी, कविता और अन्य रचनात्मक विधाओं के माध्यम से बंदी अपने भीतर चल रहे विचारों और भावनाओं को कागज पर उतार सकेंगे।

    ‘गुलदस्ता’ परियोजना से मिलेगा साहित्यिक माहौल
    इस पहल को ‘गुलदस्ता’ परियोजना के तहत आगे बढ़ाया जा रहा है। बेल्बा फाउंडेशन के सहयोग से संचालित इस परियोजना के माध्यम से जेलों में साहित्यिक सामग्री उपलब्ध कराई जाएगी। बंदियों को विभिन्न प्रकार की साहित्यिक सामग्री पढ़ने के लिए प्रोत्साहित किया जाएगा। इसके साथ ही उन्हें अपनी रचनाएं लिखने के लिए भी प्रेरित किया जाएगा। जेल प्रशासन का मानना है कि पढ़ने और लिखने की आदत बंदियों को सकारात्मक गतिविधि से जोड़ सकती है।

    जेल में खाली समय का इस्तेमाल केवल समय बिताने के बजाय रचनात्मक कार्यों में किया जा सकेगा। बंदी अपने जीवन की घटनाओं, अनुभवों, यादों, सपनों और भविष्य की उम्मीदों को कहानी या कविता का रूप दे सकेंगे। इससे उन्हें अपने जीवन और परिस्थितियों को नए नजरिये से देखने का अवसर मिल सकता है।

    पुनर्वास की दिशा में अलग तरह का प्रयोग
    जेल साहित्य उत्सव को केवल साहित्यिक आयोजन के तौर पर नहीं देखा जा रहा है। इसे बंदियों के सुधार और पुनर्वास से जोड़कर भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। लेखन व्यक्ति को अपने विचारों और भावनाओं पर आत्ममंथन करने का अवसर देता है। बंदी अपने अतीत की घटनाओं को शब्दों में व्यक्त करते हुए भविष्य को लेकर नई सोच विकसित कर सकते हैं।

    इस पहल की खास बात यह है कि इसमें बंदियों को अपनी कहानी खुद लिखने का मंच दिया जाएगा। जेल में बंद व्यक्ति के लिए यह अवसर इसलिए भी अहम है क्योंकि समाज से दूरी के बीच उसकी आवाज अक्सर सीमित हो जाती है। साहित्य उस आवाज को अभिव्यक्ति देने का माध्यम बन सकता है।

    कलम के जरिये दूसरी तरह की आजादी
    पंजाब की सभी 27 जेलों को इस साहित्यिक पहल से जोड़ना इसे व्यापक स्वरूप देता है। जेल प्रशासन के लिए यह प्रयोग बंदियों को अनुशासन और रचनात्मकता के साथ जोड़ने का अवसर भी है। वहीं बंदियों के लिए यह अपनी प्रतिभा को पहचानने और उसे सामने लाने का माध्यम बन सकता है।

    सलाखों के पीछे बाहरी दुनिया की आजादी भले सीमित हो, लेकिन विचारों और कल्पनाओं पर कोई पहरा नहीं होता। ऐसे में एक कलम बंदी को उसकी यादों, कल्पनाओं और आत्ममंथन की दुनिया तक पहुंचाने का रास्ता खोल सकती है। जेल साहित्य उत्सव इसी सोच के साथ बंदियों को शब्दों की दुनिया से जोड़ने की एक नई पहल के रूप में सामने आ रहा है।

  • यूपी फतह के लिए BJP की नई रणनीति, तावड़े ने बूथ मजबूत करने और हर जाति को साधने का दिया मंत्र

    यूपी फतह के लिए BJP की नई रणनीति, तावड़े ने बूथ मजबूत करने और हर जाति को साधने का दिया मंत्र

       लखनऊ
    उत्तर प्रदेश में बीजेपी ने सत्ता की हैट्रिक लगाने का ताना-बाना बुनना शुरू कर दिया है. बीजेपी के राष्ट्रीय महासचिव और यूपी प्रभारी विनोद तावड़े ने अपने दो दिवसीय लखनऊ दौरे के दौरान मिशन-2027 के लिए पार्टी के रणनीतिक खाके यानी ब्लूप्रिंट की नींव रखी. बिना किसी भारी तामझाम और सादगी के साथ लखनऊ पहुंचे तावड़े ने जीत की हैट्रिक लगाने के लिए संगठन को चुस्त-दुरुस्त करने से लेकर नैरेटिव सेट करने तक कई अहम दिशा-निर्देश दिए। 

    बीजेपी के राष्ट्रीय महासचिव विनोद तावड़े ने अपने दो दिवसीय प्रवास के दौरान विधानसभा चुनाव के लिए पार्टी की तैयारियों को परखा. इसके लिए उन्होंने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के साथ-साथ दोनों उप-मुख्यमंत्रियों से मुलाकात और बातचीत भी की. इसके अलावा संगठन के लोगों के साथ मंथन कर सारा ब्लूप्रिंट तैयार कर लिया है। 

    विनोद तावड़े ने पार्टी पदाधिकारियों को विधानसभा चुनाव 2027 के लिए टारगेट दिया. उन्होंने कहा कि हमें हर बूथ को मजबूत करना होगा, कोई बूथ छूटना नहीं चाहिए और उसके लिए विशेष कार्ययोजना बनाएं. इसके साथ ही उन्होंने सभी जातियों को साधने का मंत्र भी दिया और कहा कि संख्या चाहे कम हो या ज्यादा, लेकिन कोई जाति छूट न जाए, हमें सबको जोड़ना होगा। 

    यूपी फतह का खाका खींच गए तावड़े
    बिहार चुनावों में एनडीए के चुनावी प्रबंधन और तालमेल के सफल फार्मूले को यूपी की जमीन पर उतारने का काम तावड़े ने शुरू कर दिया है. उत्तर प्रदेश के बीजेपी प्रभारी बनने के बाद पहली बार लखनऊ पहुंचे राष्ट्रीय महामंत्री विनोद तावड़े ने 2027 का विधानसभा चुनाव मजबूत संगठन के बलबूते और पीएम मोदी व सीएम योगी के नाम और काम पर लड़ने के संकेत दिएच इस तरह सरकार और संगठन दोनों के साथ समन्वय बनाकर 2027 के चुनाव में उतरने का खाका खींच गए। 

    विनोद तावड़े ने रविवार सुबह मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मुलाकात के बाद दिनभर पार्टी दफ्तर में क्षेत्रीय पदाधिकारियों से मुलाकात की. उन्होंने प्रदेश के महामंत्रियों, क्षेत्रीय अध्यक्षों और प्रभारियों के साथ बैठक की. बीजेपी संगठन के नेताओं से मुलाकात के दौरान विनोद तावड़े ने साफ कहा कि बूथ की मजबूती ही 2027 के चुनाव की जीत का आधार बनेगी। 

    तावड़े ने पदाधिकारियों से कहा कि वे हर बूथ के अनुसार कार्ययोजना बनाएं. किस बूथ पर जीत की क्या स्थिति है, इसकी ठीक से समीक्षा करें. इसके अलावा जहां कमी नजर आए, उसे दुरुस्त करें. इस तरह हारी हुई बूथों को चिह्नित करते हुए वहां पार्टी को मजबूत करने के निर्देश भी दिए। 

    सपा के पीडीए का काउंटर प्लान तैयार
    अखिलेश यादव के 'PDA' (पिछड़ा, दलित, अल्पसंख्यक) कार्ड की काट के लिए तावड़े ने 'परफॉर्मेटिव नैरेटिव' पेश किया. उन्होंने सपा के पीडीए पर तंज कसते हुए इसे 'पराया धन अपना' करार दिया और जमीन पर अवैध कब्जे तथा महिला सुरक्षा (स्त्रीधन) जैसे मुद्दों को उठाकर सपा को घेरने का संकेत दिया. इसके साथ ही बीजेपी की सोशल इंजीनियरिंग को मजबूत करने का खाका भी खींचा। 

    तावड़े ने कहा कि हमें सभी वर्गों का साथ चाहिए, ऐसी कोई भी जाति न हो जो अछूती रह जाए. यूपी बड़ा प्रदेश है और हर क्षेत्र में अलग-अलग जातियों का प्रभाव है. यदि किसी जाति के वोटरों की संख्या कम है, तो भी हमें उसे छोड़ना नहीं है, उनसे संपर्क करके उन्हें पार्टी से जोड़ने का प्रयास करना है. इसके साथ ही उन्होंने विपक्ष की तैयारी पर नजर रखकर अपनी रणनीति बनाने की नसीहत दी। 

    विपक्ष के प्रत्याशी का तोड़ तलाशने का टास्क
    बीजेपी प्रभारी ने कहा कि विपक्षी तैयारियों पर हमें पूरी नजर रखनी होगी. विपक्ष का कोई नेता या प्रत्याशी मजबूत है, तो उसकी मजबूती का आधार पता करना होगा और फिर उसी के अनुसार अपनी रणनीति तैयार करके मजबूत होना होगा. पार्टी सूत्रों का कहना है कि उन्होंने विपक्ष के मजबूत प्रत्याशियों पर खास नजर रखने और उनका तोड़ निकालने के लिए कहा है. इसका यह संदेश भी है कि यदि विपक्ष के मजबूत प्रत्याशी को अपने पाले में लाकर जीत मिलती है, तो आखिर में यह भी एक विकल्प हो सकता है। 

    बीजेपी संगठन को निर्देश दिए गए कि 2022 के चुनाव में गंवाई गई 57 सीटों और एनडीए की हारी हुई 130 सीटों की गहन समीक्षा की जाए और बूथ स्तर पर शक्ति केंद्रों में युवाओं को जोड़ा जाए. इस तरह से विनोद तावड़े 2027 के विधानसभा चुनाव में सत्ता की हैट्रिक लगाने ही नहीं, बल्कि बिहार की तरह क्लीन स्वीप करने का प्लान बना रहे हैं। 

    वीआईपी कल्चर से दूरी बनाकर दिया संदेश
    बीजेपी के प्रदेश प्रभारी बनाए जाने के बाद विनोद तावड़े ने उत्तर प्रदेश आने से पहले ही साफ कर दिया था कि उनके स्वागत की एक भी होर्डिंग शहर में नहीं लगनी चाहिए और न ही उनका नाम दिखाई देना चाहिए. ऐसे में जिन लोगों ने विनोद तावड़े के लिए बैनर, पोस्टर और होर्डिंग लगाए थे, उन्हें रातों-रात उन्हीं लोगों ने हटा लिया। 
    अब विनोद तावड़े ने नया मंत्र दिया और पदाधिकारियों को निर्देश दिया कि वे लखनऊ में समय बिताने के बजाय अपने-अपने आवंटित विधानसभा क्षेत्रों में जाएं, रात को वहीं प्रवास करें और स्वागत-सत्कार के चक्कर में न पड़ें. मार्च 2027 तक, यानी विधानसभा चुनाव होने तक सभी पदाधिकारियों की छुट्टियां रद्द कर दी गईं और चुनावी अभियानों को अंतिम रूप देने के निर्देश दिए गए। 

    संगठन-सरकार के साथ मजबूत समन्वय
    प्रदेश प्रभारी तावड़े ने भाजपा के सभी प्रदेश मोर्चों के अध्यक्षों से भी संवाद किया. इस दौरान उन्होंने निर्देश दिए कि वे जल्द से जल्द अपनी कार्यसमिति बनाएं. सूत्रों के अनुसार हफ्तेभर के अंदर कार्यकारिणी गठित करने के लिए उन्होंने कहा है. यह भी कहा गया कि जब कार्यकारिणी गठित हो जाए, तो उन्हें आगे का टारगेट दिया जाएगा जिसे पूरा करने के लिए सभी को मिलकर जुटना होगा। 

    तावड़े ने रविवार सुबह मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से भी उनके सरकारी आवास पर मुलाकात की. सूत्रों के अनुसार उन्होंने सरकार के कामकाज की जानकारी ली और कल्याणकारी योजनाओं पर बात की. सरकार और संगठन में समन्वय के मुद्दे पर भी दोनों नेताओं के बीच चर्चा हुई। 

    सीएम के साथ बैठक में संगठन के सहयोग से सरकार की योजनाओं को जनता तक पहुंचाने और विकास को मुद्दा बनाने पर सहमति बनी. इससे पहले उन्होंने शनिवार को दोनों डिप्टी सीएम से अलग से मुलाकात की थी. मुख्यमंत्री, दोनों डिप्टी सीएम और प्रदेश अध्यक्ष के साथ बैठकें करके सरकार और संगठन के बीच बेहतर तालमेल बिठाने पर सहमति बनाई गई।