Category: राज्य

  • वस्त्र उद्योग में यूपी की बढ़ती ताकत, योगी सरकार की नीतियों से टेक्सटाइल सेक्टर को मिला बड़ा बढ़ावा: राकेश सचान

    वस्त्र उद्योग में यूपी की बढ़ती ताकत, योगी सरकार की नीतियों से टेक्सटाइल सेक्टर को मिला बड़ा बढ़ावा: राकेश सचान

    योगी सरकार की नीतियों से यूपी का वस्त्र उद्योग नई ऊंचाइयों पर: राकेश सचान

    यूपी में वस्त्र उद्योग को मिल रहा नया विस्तार, 5,354 करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव मंजूर

    लखनऊ-हरदोई के बीच 1,000 एकड़ में बन रहा पीएम मित्र पार्क, बुनकरों को डिजाइन से डिजिटल मार्केटिंग तक मदद 

    अमरोहा से बनारस तक पांच स्थानों पर टेक्सटाइल पार्क के लिए जमीन उपलब्ध, सस्ते दर पर निवेश का अवसर

    निवेशकों को कैपिटल सब्सिडी से स्टांप ड्यूटी तक राहत, यूपी को टेक्सटाइल हब बनाने की तैयारी

    लखनऊ
     वस्त्र उद्योग मंत्री राकेश सचान ने कहा कि योगी सरकार की नीतियों और निवेश अनुकूल माहौल से प्रदेश में इंफ्रास्ट्रक्चर के साथ उद्योगों को भी नई गति मिली है। उन्होंने बताया कि वित्तीय वर्ष 2025-26 में प्रदेश से करीब 35 हजार करोड़ रुपये का हस्तशिल्प निर्यात हुआ है, जबकि 2 लाख से अधिक हथकरघा बुनकर इस क्षेत्र से जुड़े हैं और 110 करोड़ रुपये से अधिक का निर्यात किया जा रहा है। कहा कि यूपी के वस्त्र उत्पादों को राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी पहचान मिली है।

    5,354 करोड़ के निवेश प्रस्ताव मंजूर
    राकेश सचान ने बताया कि प्रदेश में वस्त्र उद्योग को बढ़ावा देने के लिए सरकार लगातार निवेशकों को प्रोत्साहन दे रही है। आज 5,354 करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव मंजूर किए गए हैं। वर्ष 2017 और 2022 की वस्त्र उद्योग नीतियों के तहत करीब 116 निवेशकों को 322 करोड़ रुपये का इंसेंटिव दिया गया है। इसके अलावा करीब 96 करोड़ रुपये का इंसेंटिव भी दिया जा चुका है। उन्होंने बताया कि उद्यमियों को कैपिटल सब्सिडी, 100 प्रतिशत स्टांप ड्यूटी में छूट और 60 प्रतिशत ब्याज सब्सिडी समेत जमीन आवंटन और बिजली में भी छूट जैसी सुविधाएं दी जा रही हैं। राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय मेलों में हिस्सा लेने वाले उद्यमियों को 90 प्रतिशत तक सब्सिडी दी जा रही है।

    प्रदेश के 17 उत्पादों को जीआई टैग
    मंत्री ने कहा कि गौतमबुद्ध नगर और गाजियाबाद का गारमेंट क्षेत्र, कानपुर का होजरी उद्योग, वाराणसी की सिल्क साड़ी, भदोही-मिर्जापुर की कालीन, लखनऊ की चिकनकारी, पिलखुवा के घरेलू वस्त्र, मेरठ के खेल परिधान और फर्रुखाबाद की वस्त्र छपाई प्रदेश की पहचान बन चुके हैं। प्रदेश के 17 उत्पादों को जीआई टैग मिल चुका है। योगी सरकार बुनकरों को डिजाइन, ब्रांडिंग, पैकेजिंग और डिजिटल मार्केटिंग में मदद दे रही है। वाराणसी में 443 विद्यार्थियों को 84 लाख रुपये की वित्तीय सहायता देकर आगे बढ़ाने का काम किया गया है। इससे पारंपरिक हुनर को आधुनिक बाजार से जोड़ने में मदद मिलेगी।

    1 हजार एकड़ में पीएम मित्र पार्क
    राकेश सचान ने बताया कि लखनऊ-हरदोई के बीच 1 हजार एकड़ में पीएम मित्र पार्क विकसित किया जा रहा है। इसके लिए योगी सरकार 1,100 करोड़ रुपये खर्च कर रही है। पार्क में सिक्स लेन सड़क, 125 केवी की विद्युत लाइन और पानी की सप्लाई पहुंच चुकी है। मास्टर डेवलपर भी तय हो गया है।

    पांच स्थानों पर टेक्सटाइल पार्क के लिए जमीन
    उन्होंने बताया कि सीएम योगी आदित्यनाथ ने प्रदेश में 10 टेक्सटाइल पार्क विकसित करने का लक्ष्य दिया है। इसके तहत अमरोहा, बिजनौर, संत कबीर नगर, बरेली और बनारस में शिल्प पार्क के लिए जमीन उपलब्ध हो चुकी है। करीब 400 एकड़ क्षेत्र में उद्यमियों को निवेश का अवसर मिलेगा और विभाग उन्हें सस्ती दरों पर जमीन उपलब्ध कराएगा। कानपुर समेत अन्य स्थानों पर टेक्सटाइल मैन्युफैक्चरिंग पार्क के लिए भी जमीन चिन्हित की जा रही है।

    उन्होंने कहा कि 2022 की तरह ही 2027 में बनने वाली नई नीति में भी प्रदेश के उद्यमियों के सुझावों को शामिल किया जाएगा। पर्यटन के बढ़ते दायरे और 25 करोड़ की आबादी वाले घरेलू बाजार को देखते हुए वस्त्र एवं ओडीओपी उत्पादों में निवेश की बड़ी संभावनाएं हैं। इसके लिए उद्यमियों को यूपी में बड़े स्तर पर निवेश के लिए आमंत्रित किया।

  • दिल्ली की घटना से नहीं लिया सबक तो रांची में हो सकती है बड़ी त्रासदी, निर्माण नियमों की अनदेखी पर सवाल

    दिल्ली की घटना से नहीं लिया सबक तो रांची में हो सकती है बड़ी त्रासदी, निर्माण नियमों की अनदेखी पर सवाल

    रांची
     दिल्ली में पांच मंजिला भवन के अचानक गिरने की घटना ने निर्माणाधीन और पुराने भवनों की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। दिल्ली की घटना के बाद रांची में भी बड़े भवनों और निर्माण स्थलों की सुरक्षा व्यवस्था की जांच जरूरी हो गई है।

    दिल्ली की घटना ने साफ कर दिया है कि निर्माण में छोटी सी लापरवाही भी बड़ी त्रासदी में बदल सकती है। ऐसे में रांची में पुराने भवनों, बेसमेंट और गहरी खुदाई वाले निर्माण स्थलों का सुरक्षा ऑडिट कराना जरूरी है। समय रहते सचेत नहीं हुए तो शहर में भी बड़ी घटना घट सकती है।

    दो दिन पहले लालपुर इलाके में निर्माणाधीन मकान में पिलर गिरने से मजदूर की मौत हो चुकी है। शहर के अपर बाजार समेत कई घने इलाकों में पुराने भवनों में दोबारा निर्माण और बेसमेंट में काम चलने की स्थिति सामने आ रही है।

    कई जगहों पर बड़े भवनों के ठीक बगल में नई इमारतों का निर्माण हो रहा है। निर्माण के दौरान गहरी खुदाई होने से आसपास के पुराने भवनों की नींव और संरचना पर दबाव पड़ने का खतरा बढ़ गया है।

    क्या हैं नियम?
    झारखंड बिल्डिंग बायलाज में भवन निर्माण के लिए संरचनात्मक सुरक्षा और स्वीकृत नक्शे के अनुरूप निर्माण जरूरी है। बेसमेंट को लेकर भी स्पष्ट प्रावधान हैं। बायलाज के अनुसार बेसमेंट ऐसे स्थान पर नहीं बनाया जा सकता जहां जल निकासी की पर्याप्त व्यवस्था नहीं हो।

    बेसमेंट के निर्माण की अनुमति संबंधित विकास योजना और प्राधिकरण के नियमों के अनुसार ही दी जा सकती है। वहीं छोटे आवासीय भवनों के मामले में भी यदि बेसमेंट बनाया जा रहा है, तो सामान्य छूट के तहत निर्माण की अनुमति नहीं मिलती। नियमों में बिना पूर्व स्वीकृति वाले छोटे आवासीय भवन के लिए बेसमेंट पर रोक का स्पष्ट प्रावधान है

    निर्माणकर्ता दिखा रहे हैं लापरवाही
    रांची में निर्माणकर्ता लापरवाही दिखा रहे हैं। निर्माण के दौरान नियमों का पालन पूरी तरह से नहीं हो रहा है। बेसमेंट की खुदाई से पहले आसपास के भवनों की संरचनात्मक की जांच नहीं होती है।

    गहरी खुदाई के दौरान पड़ोसी भवनों को सुरक्षित रखने के लिए जरूरी सपोर्ट और सुरक्षा उपाय नहीं किए जाते हैं। पुराने भवनों में दोबारा निर्माण होने पर उनकी संरचनात्मक क्षमता की जांच नहीं होती है।

  • CM के कार्यक्रम में ड्यूटी से गैरहाजिरी और लापरवाही पर बड़ा एक्शन, पटना में पुलिसकर्मियों पर गिरी गाज

    CM के कार्यक्रम में ड्यूटी से गैरहाजिरी और लापरवाही पर बड़ा एक्शन, पटना में पुलिसकर्मियों पर गिरी गाज

     पटना
     मुख्यमंत्री के प्रस्तावित कार्यक्रम के दौरान ड्यूटी में लापरवाही व अनुशासनहीनता बरतना एक महिला पुलिसकर्मी और महिला गृहरक्षक को महंगा पड़ गया।

    यातायात पुलिस अधीक्षक ने ड्यूटी से बिना सूचना गायब मिली महिला सिपाही निशा कुमारी को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया। वहीं, महिला गृहरक्षक रुचि कुमारी के खिलाफ भी विभागीय कार्रवाई के लिए जिलाधिकारी को रिपोर्ट भेजी जा रही है।

    मामला दो सितंबर का है। मुख्यमंत्री के चैंबर आफ काॅमर्स में कार्यक्रम के मद्देनजर यातायात व्यवस्था को सुचारु रखने के लिए रूट लाइन की जांच की जा रही थी।

    बाटा मोड़ से गायब मिली थीं दोनों पुलिसकर्मी
    इसी दौरान बाटा मोड़ पर यातायात संचालन के लिए महिला पुलिसकर्मियों की प्रतिनियुक्ति की गई थी। जांच के क्रम निशा कुमारी और रूचि कुमारी अपने निर्धारित पोस्ट से अनुपस्थित पाई गई।

    बिना पूर्व सूचना या अनुमति के अपने ड्यूटी स्थल से वापस चली गई थी। मुख्यमंत्री के वीआईपी कार्यक्रम जैसे अति महत्वपूर्ण अवसर पर ड्यूटी से इस तरह गायब रहना गंभीर लापरवाही, अनुशासनहीनता और आदेशों के उल्लंघन माना गया।

    मामले में निशा कुमारी को तत्काल प्रभाव से जीवनयापन भत्ता पर निलंबित कर दिया गया है। निलंबन अवधि में उनका मुख्यालय यातायात संचालन निर्धारित किया गया है। उनके खिलाफ विभागीय कार्रवाई शुरू करने का भी निर्देश दिया गया है।

    जाम के बीच केबिन में मोबाइल चलाते मिले तीन यातायात पुलिसकर्मी, वेतन रोका
    शहर में यातायात पुलिसकर्मियों की तैनाती के बावजूद कई इलाकों में जाम की समस्या बनी रहती है। इसकी एक वजह ड्यूटी के दौरान पुलिसकर्मियों की लापरवाही भी सामने आ रही है।

    यातायात एसपी के औचक निरीक्षण में बाकरगंज पोस्ट पर इस तरह का मामला उजागर हुआ है। सड़क पर यातायात का दबाव बढ़ा था, बावजूद यातायात व्यवस्था संभालने की बजाय तीन यातायात पुलिसकर्मी केबिन के अंदर मोबाइल चलाते मिले।

    तीनों पुलिसकर्मियों का वेतन रोक इनसे सात दिनों में स्पष्टीकरण मांगा गया है। पांच सितंबर की शाम करीब 6:45 बजे बाकरगंज यातायात पोस्ट का औचक निरीक्षण किया गया।

    इस दौरान एएसआई रविन्द्र कुमार मंडल, महिला सिपाही गीता कुमारी और गृहरक्षक सूरज कुमार केबिन में बैठकर मोबाइल का इस्तेमाल करते पाए गए। निरीक्षण के समय सड़क पर जाम की स्थिति बनी हुई थी।

    जबकि शाम पांच से रात आठ बजे तक पिक आवर में कर्मियों को केबिन से बाहर रहकर यातायात संचालन कराने का निर्देश है। इसके बावजूद तीनों ने निर्देश की अनदेखी की।

    रविन्द्र कुमार मंडल और गीता कुमारी का वेतन तत्काल प्रभाव से धारित कर दिया गया है। गृहरक्षक सूरज कुमार के खिलाफ अनुशासनिक कार्रवाई के लिए अलग से प्रतिवेदन भेजा जा रहा है। इसी तरह कारगिल यातायात पोस्ट पर दो महिला पुलिसकर्मियों को मोबाइल चलाते हुए मिली। इनके खिलाफ भी कार्रवाई की गई।

     

  • लखनऊ में 21 लाख से शुरू होंगे प्लॉट, नैमिष नगर और वरुण विहार में खुलेगी ऑनलाइन बुकिंग

    लखनऊ में 21 लाख से शुरू होंगे प्लॉट, नैमिष नगर और वरुण विहार में खुलेगी ऑनलाइन बुकिंग

    लखनऊ
    राजधानी लखनऊ में अपना प्लॉट लेने का एक बार फिर मौका आ गया है। अगले हफ्ते गणेश चतुर्थी के अवसर पर लखनऊ विकास प्राधिकरण (एलडीए) की दो नई नैमिष नगर और वरुण बिहार आवासीय योजनाओं का शुभारंभ होगा। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ दोनों योजनाओं का शिलान्यास करेंगे। इसी दिन योजनाओं में प्लॉटों की बुकिंग प्रक्रिया भी शुरू कर दी जाएगी। एलडीए ने मुख्यमंत्री से योजनाओं के शुभारंभ के लिए समय मांगा था। जिस पर गणेश चतुर्थी के अवसर पर कार्यक्रम आयोजित करने की सहमति मिली है। संभावना है कि 13 या 14 सितंबर को मुख्यमंत्री दोनों महत्वाकांक्षी योजनाओं का औपचारिक शुभारंभ करेंगे। दोनों योजनाओं में 72 से लेकर 450 वर्गमीटर के प्लाट होंगे।

    एक साथ छह हजार भूखंडों के लिए शुरू होगा पंजीकरण
    एलडीए उपाध्यक्ष प्रथमेश कुमार ने बताया कि दोनों योजनाओं में एक साथ करीब छह हजार भूखंडों की बुकिंग खोली जाएगी। गणेश चतुर्थी के दिन से ही ऑनलाइन पंजीकरण शुरू हो जाएगा।

    शहर के विस्तार को नई दिशा देंगी दोनों योजनाएं
    वरुण विहार योजना आगरा एक्सप्रेसवे के निकट लगभग 6,580 एकड़ क्षेत्र में विकसित की जा रही है। वहीं नैमिष नगर योजना सीतापुर रोड पर करीब 3,600 एकड़ क्षेत्र में आकार ले रही है। दोनों परियोजनाएं शहरी विस्तार को ध्यान में रखकर तैयार की गई हैं।

    72 से 450 वर्ग मीटर तक के प्लॉट
    दोनों योजनाओं में विभिन्न आय वर्गों के लिए 72 वर्ग मीटर से लेकर 450 वर्ग मीटर तक के भूखंड उपलब्ध कराए जाएंगे। ये भूखंड 18 मीटर से लेकर 45 मीटर चौड़ी सड़कों पर स्थित होंगे। इससे आवासीय सुविधाओं के साथ बेहतर यातायात और सुनियोजित विकास सुनिश्चित किया जा सकेगा।

    21 से 22 लाख शुरुआती कीमत
    एलडीए ने दोनों योजनाओं के लिए भूखंडों की दरें भी तय कर दी हैं। वरुण विहार योजना में भूखंड लगभग 2,800 रुपये प्रति वर्ग फुट की दर से उपलब्ध होंगे। नैमिष नगर योजना में दर लगभग 3,200 रुपये प्रति वर्ग फुट रहेगी। बेहतर लोकेशन और विकसित आधारभूत सुविधाओं को देखते हुए इन दरों को प्रतिस्पर्धी माना जा रहा है। यानी सबसे छोटे प्लॉट की कीमत करीब 21 से 22 लाख के बीच होगी।

    सई नदी पर बनेगा दो लेन का पुल
    वहीं, राजधानी में जाम की समस्या को दूर करने और ट्रैफिक की रफ्तार को बढ़ाने के लिए हरौनी और भटगवां पाण्डेय के बीच हुलासखेड़ा के सामने सई नदी पर दो लेन पुल के निर्माण के लिए शासन स्तर पर सहमति मिली है। करीब 19.94 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाले इस पुल की कुल लंबाई 1571.23 मीटर प्रस्तावित है, जिसमें सई नदी के ऊपर पुल का मुख्य हिस्सा 90 मीटर लंबा होगा।

    क्षेत्रीय विधायक राजेश्वर सिंह ने पुल निर्माण के लिए शासन को प्रस्ताव भेजा था। शासन के निर्देश पर सेतु निगम ने निर्माण का खाका तैयार कर अनुमोदन के लिए शासन को भेजा था। 26 अगस्त को शासन ने इस पर सहमति जता दी है। विभागीय अधिकारियों का कहना है कि एक-दो महीने में वित्तीय स्वीकृति मिल जाएगी।

     

  • कैलिफोर्निया में बड़ा ड्रग भंडाफोड़, पंजाबी युवक के ठिकाने से 40 किलो कोकीन और हथियार बरामद

    कैलिफोर्निया में बड़ा ड्रग भंडाफोड़, पंजाबी युवक के ठिकाने से 40 किलो कोकीन और हथियार बरामद

    जालंधर

    अमेरिका के कैलिफोर्निया (California) में पुलिस ने एक बड़े अंतरराष्ट्रीय ड्रग सिंडिकेट (Drug Syndicate) का पर्दाफाश करने का दावा किया है।पुलिस के अनुसार, पंजाब (Punjab) निवासी कवंलप्रीत पिज्जा रेस्टोरेंट (Pizza) की आड़ में कथित तौर पर कोकीन और अन्य नशीले पदार्थों की सप्लाई का नेटवर्क चला रहा था। आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया है।

    पिज्जा डिलीवरी की आड़ में ड्रग्स का कारोबार
    जांच एजेंसियों के मुताबिक, आरोपी पिज्जा बिजनेस और डिलीवरी नेटवर्क का इस्तेमाल कथित तौर पर ड्रग्स की सप्लाई के लिए करता था। पुलिस का आरोप है कि इस नेटवर्क के जरिए स्थानीय स्तर पर कोकीन और मेथ जैसे नशीले पदार्थ पहुंचाए जाते थे।

    बताया जा रहा है कि आरोपी ने धीरे-धीरे एक बड़ा सप्लाई नेटवर्क तैयार कर लिया था और इससे भारी रकम कमाता था।

    रेड में 40 किलो कोकीन, पिस्तौल और कैश बरामद
    गुप्त सूचना के आधार पर पुलिस ने आरोपी के घर और उससे जुड़े ठिकानों पर छापेमारी की। पुलिस के अनुसार, इस कार्रवाई के दौरान करीब 40 किलो कोकीन, कई पिस्तौलें और बड़ी मात्रा में अमेरिकी डॉलर बरामद किए गए।

    हथियारों की बरामदगी ने जांच को और गंभीर बना दिया है। अधिकारियों को आशंका है कि ड्रग नेटवर्क से जुड़े अन्य लोग भी इस अवैध गतिविधि में शामिल हो सकते हैं।

    अवैध तरीके से अमेरिका में रहने का भी आरोप
    जांच में आरोपी के अमेरिका (US) में अवैध तरीके से रहने की बात भी सामने आने का दावा किया गया है। पुलिस अब उसके इमिग्रेशन रिकॉर्ड के साथ-साथ कथित ड्रग नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की भूमिका की जांच कर रही है।

    उम्रकैद तक की सजा का सामना कर सकता है आरोपी
    इतनी बड़ी मात्रा में कोकीन, हथियारों की बरामदगी और कथित ड्रग तस्करी के आरोपों के चलते आरोपी को अमेरिकी कानून के तहत गंभीर कानूनी कार्रवाई का सामना करना पड़ सकता है। दोष सिद्ध होने पर उसे लंबी जेल की सजा, यहां तक कि उम्रकैद, और भारी आर्थिक दंड का सामना करना पड़ सकता है।

    हालांकि अंतिम सजा अदालत के फैसले पर निर्भर करेगी। पुलिस अब कथित अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क के अन्य सदस्यों तक पहुंचने के लिए जांच और छापेमारी आगे बढ़ा रही है।

  • पूर्व मंत्री मोहसिन रजा की नई पारी, यूपी अल्पसंख्यक आयोग के अध्यक्ष नियुक्त; 8 सदस्य भी नामित

    पूर्व मंत्री मोहसिन रजा की नई पारी, यूपी अल्पसंख्यक आयोग के अध्यक्ष नियुक्त; 8 सदस्य भी नामित

    लखनऊ
    यूपी के पूर्व मंत्री मोहसिन रजा को बड़ी जिम्मेदारी मिली है। मोहसिन रजा को यूपी अल्पसंख्यक आयोग का अध्यक्ष बनाया गया है। मोहसिन रजा इससे पहले वह योगी सरकार में अल्पसंख्यक कल्याण, मुस्लिम वक्फ और हज विभाग में राज्य मंत्री रह चुके हैं। मोहसिन रजा के साथ ही आयोग में आठ सदस्य भी नामित किए गए हैं। संदीप जैन, अंशुमान कुमार सिंह मैसी, हनप्रीत सिंह बेदी, मोहम्मद असलम, परविंदर सिंह, नेहा खान, सैयद सिराज अब्बास रिजवी और रूमाना सिद्दीकी को सदस्य बनाया गया है।

    मोहसिन रजा साल 2017 में योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में सरकार बनने के बाद उन्हें मंत्री बनाया गया था। अब पूर्व मंत्री मोहसिन रजा को उत्तर प्रदेश रअल्पसंख्यक आयोग की कमान दी गई है। कैबिनेट रैंक मिलने के साथ उनकी नई जिम्मेदारी को महत्वपूर्ण माना जा रहा है। आपको बता दें कि नई जिम्मेदारी मिलने से कुछ समय पहले ही 12 अगस्त को मोहसिन रजा ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मुलाकात की थी। इस मुलाकात में मोहसिन रजा ने उत्तर प्रदेश के वक्फ बोर्डों में कथित अनियमितताओं का मुद्दा उठाया था। इस दौरान मोहसिन रजा ने दोनों वक्फ बोर्ड की संपत्तियों की जिला स्तर पर एसआईटी जांच कराने की मांग उठाई थी।

    इन्हें मिली जिम्मेदारी
    मोहसिन रजा – लखनऊ

    संदीप जैन – कैलाशगंज चौक एटा

    अंशुमान कुमार सिंह मैसी – एनआईटी कैंपस लोधीपुर शाहजहांपुर

    हनप्रीत सिंह बेदी – लालबाग पचेंडा रोड गांधी कॉलोनी मुजफ्फरनगर

    मोहम्मद असलम – ग्राम पाउली फतेहपुर

    परविंदर सिंह – आलमबाग लखनऊ

    नेहा खान – ग्राम बूढ़नपुर कुर्की बाजार अकबरपुर अंबेडकरनगर

    सैयद सिराज अब्बास रिजवी – निजामाबाद आजमगढ़

    रूमाना सिद्दीकी – लखनऊ

    कौन हैं मोहसिन रजा
    मोहसिन रजा ने अपने क्रिकेट करियर की शुरुआत एमआरएफ पेस फाउंडेशन ( चेन्नई में स्थित ) से की थी। मोहसिन रजा रणजी ट्रॉफी में उत्तर प्रदेश का प्रतिनिधित्व किया है। इसके अलावा मोहसिन रजा ने मॉडलिंग और फिल्म उद्योग में भी अपना करियर बनाया। उन्होंने डीडी नेशनल पर प्रसारित होने वाले टेलीविजन ड्रामा 'नीम का पेड़' में अभिनय किया । उन्हें 1995 में "प्रिंस लखनऊ" का खिताब भी मिला।इसके बाद 2013 में मोहसिन राज भारतीय जनता पार्टी में शामिल हुए और पार्टी के प्रवक्ता बने। 2017 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में पार्टी की जीत के बाद उन्हें राज्य मंत्री बनाया गया। अगस्त 2019 (उत्तर प्रदेश मंत्रिमंडल फेरबदल) में रजा को अल्पसंख्यक कल्याण, मुस्लिम वक्फ एवं हज राज्य मंत्री नियुक्त किया गया। मोहसिन रजा का जन्म 15 जनवरी 1968 को उन्नाव शहर में हुआ था। मोहसिन ज़मींदारों के एक परिवार से आते हैं। वे स्वर्गीय सैयद जिना रज़ा नक़वी के पुत्र हैं।

  • पंजाब में विवादों के बीच घिरी मान सरकार, प्रदर्शन से लेकर स्कूल-कुत्तों के मुद्दे तक विपक्ष का हमला

    पंजाब में विवादों के बीच घिरी मान सरकार, प्रदर्शन से लेकर स्कूल-कुत्तों के मुद्दे तक विपक्ष का हमला

    चंडीगढ़

    पंजाब में विधानसभा चुनाव से पहले सामने आए कुछ विवादों ने सियासी रंग ले लिया है। राजनीतिक दल इन मुद्दों को जोर-शोर से उठा रहे हैं और इनके जरिये सरकार को घेरने के साथ चुनावी समीकरण साधने की कोशिश में हैं। खास बात यह है कि इनमें से कई मामलों पर राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग ने संज्ञान लिया है। आयोग ने मुख्य सचिव, डीजीपी समेत अन्य अधिकारियों से जांच के बाद रिपोर्ट मांगी है।

    अमूमन विधानसभा चुनाव से पहले धरने और प्रदर्शन सियासी माहौल को गर्म करते हैं। राजनीतिक दल भी इन आंदोलनों को अपने एजेंडे से जोड़ते हैं। पंजाब में पिछले कुछ दिनों में सामने आए इन विवादों ने इस सिलसिले को और तेज कर दिया है। विपक्षी दल जहां इन्हें सरकार के खिलाफ माहौल बनाने के लिए इस्तेमाल कर रहे हैं वहीं सरकार डैमेज कंट्रोल में जुटी है। 

    काला झंडा दिखाने से लेकर लाठीचार्ज तक
    मोहनजीत सिंह का मामला
    : सुनाम के शेरों गांव में मुख्यमंत्री की लोक मिलनी के दौरान नशे के खिलाफ आवाज उठाते हुए मोहनजीत सिंह ने छत पर खड़े होकर काला झंडा फहराया था। पुलिस ने उसे हिरासत में लिया था। बाद में मोहनजीत ने पुलिस पर थर्ड डिग्री टॉर्चर का आरोप लगाया। भाजपा, शिअद और कांग्रेस के नेताओं ने उसका समर्थन करते हुए सरकार को घेरा। राज्यसभा सांसद तरुण चुघ की शिकायत पर आयोग ने मुख्य सचिव, डीजीपी, संगरूर एसएसपी और डीसी से तत्काल जांच कर कार्रवाई रिपोर्ट मांगी है।

    पांच करोड़ के आरोप : मुख्यमंत्री की पत्नी के नाम पर दुराचार के आरोपी को बचाने के लिए कथित तौर पर पांच करोड़ रुपये के भ्रष्टाचार का आरोप लगा। पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट के पूर्व जस्टिस रणजीत सिंह की शिकायत पर आयोग ने मुख्य सचिव और डीजीपी से जांच रिपोर्ट मांगी है।

    सफाई कर्मचारियों पर लाठीचार्ज : बरनाला में मांगों को लेकर प्रदर्शन कर रहे सफाई कर्मचारियों पर पुलिस लाठीचार्ज के आरोप लगे। महिलाओं समेत प्रदर्शनकारियों पर बल प्रयोग का आरोप है। आयोग ने स्वत: संज्ञान लेते हुए पूछा है कि लाठीचार्ज का आदेश किन परिस्थितियों में दिया गया और इसकी मंजूरी किस अधिकारी ने दी। घायलों की संख्या, चोटों की प्रकृति, चिकित्सा स्थिति और मुआवजे की जानकारी भी मांगी गई है।

    स्कूलों से छात्राओं और आवारा कुत्तों तक
    सीमावर्ती स्कूलों में स्वतंत्रता दिवस : पंजाब के सीमावर्ती सरकारी स्कूलों में 15 अगस्त को स्वतंत्रता दिवस नहीं मनाने के आरोप लगे। मुख्यमंत्री भगवंत मान ने सरकार की ओर से मोर्चा संभाला। आयोग ने मुख्य सचिव से राज्य, जिला और स्कूल स्तर की कार्रवाई रिपोर्ट मांगी है।

    मोगा में छात्राओं से कथित उत्पीड़न : सरकारी स्कूल में छात्राओं से कथित यौन उत्पीड़न के मामले में आयोग ने स्वत: संज्ञान लिया। मुख्य सचिव और मोगा एसएसपी को नोटिस जारी कर विस्तृत रिपोर्ट मांगी गई। शिक्षा विभाग प्रधानाचार्य को निलंबित कर चुका है।

    रूपनगर में बच्ची की मौत : आवारा कुत्तों के हमले में आठ वर्षीय बच्ची की मौत के मामले में भी आयोग ने स्वत: संज्ञान लिया। पंजाब में आवारा कुत्तों के आतंक और सरकार की ओर से उठाए गए कदमों पर मुख्य सचिव से विस्तृत रिपोर्ट मांगी गई है। इन मामलों को लेकर विपक्षी दल सरकार पर सवाल उठा रहे हैं। चुनाव नजदीक आने के साथ इन विवादों के और सियासी मुद्दा बनने के आसार हैं।

  • टेक्सटाइल सेक्टर में यूपी की नई उड़ान, कारीगर बनें ब्रांड ओनर और युवा बनें एंटरप्रेन्योर: योगी

    टेक्सटाइल सेक्टर में यूपी की नई उड़ान, कारीगर बनें ब्रांड ओनर और युवा बनें एंटरप्रेन्योर: योगी

    यूपी का मतलब अल्टीमेट पोटेंशियल, टेक्सटाइल सेक्टर बनेगा नई औद्योगिक ताकत: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ

    सीएम बोले- कारीगर सिर्फ सप्लायर नहीं, ब्रांड ओनर और युवा जॉब सीकर नहीं, एंटरप्रेन्योर बनें

    टेक्सटाइल सेक्टर में 5,196 करोड़ रुपये के नए निवेश प्रस्तावों के एमओयू, 163 करोड़ के लेटर ऑफ कम्फर्ट जारी
     
    कृषि के बाद सर्वाधिक रोजगार देने वाला सेक्टर है वस्त्र उद्योग, यूपी में दो लाख हैंडलूम और पांच लाख से अधिक पावरलूम बुनकर
     
    मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने किया दो दिवसीय यूपी टेक्सटाइल्स कॉन्क्लेव-2026 का उद्घाटन
     
    यूपी टेक मित्र पोर्टल लॉन्च, हथकरघा बुनकर समृद्धि योजना का भी किया शुभारंभ

    लखनऊ
    मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि यूपी का मतलब ‘अल्टीमेट पोटेंशियल’ है। उत्तर प्रदेश के पास विरासत, हुनर, मानव संसाधन, उद्योग, उद्यमिता और देश का सबसे बड़ा बाजार है। दुनिया की सबसे युवा वर्कफोर्स भी हमारे पास है। अब इसी ताकत के सहारे उत्तर प्रदेश को ग्लोबल टेक्सटाइल हब बनाना है। हमारा लक्ष्य फाइबर से यार्न, यार्न से फैब्रिक, फैब्रिक से गारमेंट और गारमेंट से ब्रांड होते हुए ग्लोबल मार्केट तक पूरी वैल्यू चेन प्रदेश में विकसित करने का है।
     
    मुख्यमंत्री योगी मंगलवार को दो दिवसीय यूपी टेक्सटाइल्स कॉन्क्लेव-2026 के उद्घाटन समारोह को संबोधित कर रहे थे। इस दौरान उन्होंने यूपी टेक मित्र पोर्टल लॉन्च करने के साथ हथकरघा बुनकर समृद्धि योजना का शुभारंभ किया। कार्यक्रम में टेक्सटाइल सेक्टर में 5,196 करोड़ रुपये के नए निवेश प्रस्तावों के एमओयू किए गए। साथ ही 163 करोड़ रुपये के लेटर ऑफ कम्फर्ट और 60 करोड़ रुपये की सब्सिडी का वितरण किया गया।
     
    मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि उत्तर प्रदेश की टेक्सटाइल पहचान हजारों वर्षों पुरानी है। वैदिक साहित्य से लेकर रामायण और महाभारत तक काशी के रेशमी वस्त्रों का उल्लेख मिलता है। वाराणसी की सिल्क साड़ी, भदोही का कारपेट, लखनऊ की चिकनकारी, बरेली की जरी, कानपुर का टेक्सटाइल इकोसिस्टम और मेरठ में टेक्निकल टेक्सटाइल की संभावनाएं प्रदेश की विरासत और औद्योगिक क्षमता का प्रमाण हैं।
     
    उन्होंने कहा कि प्रदेश में दो लाख हैंडलूम और पांच लाख से अधिक पावरलूम बुनकर इस सेक्टर की असली ताकत हैं। कृषि के बाद सर्वाधिक रोजगार का सृजन वस्त्र उद्योग करता है। उत्तर प्रदेश फैब्रिक मैन्युफैक्चरिंग में देश में तीसरे स्थान पर है और कुल फैब्रिक उत्पादन में उसकी हिस्सेदारी 13 से 14 प्रतिशत है। पिछले छह वर्षों में प्रदेश के वस्त्र, परिधान और हस्तशिल्प निर्यात में करीब 56 प्रतिशत की वृद्धि हुई है। यूपी इस सेक्टर में देश का चौथा सबसे बड़ा निर्यातक राज्य बन गया है। वर्ष 2025-26 में 21 हजार करोड़ रुपये से अधिक के निर्यात के साथ गौतमबुद्ध नगर देश के प्रमुख निर्यातक जिलों में दूसरे स्थान पर पहुंचा है।
     
    मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने 2030 तक 350 बिलियन अमेरिकी डॉलर की टेक्सटाइल एवं अपैरल इकोनॉमी और 100 बिलियन डॉलर के निर्यात का लक्ष्य रखा है। इस राष्ट्रीय संकल्प में उत्तर प्रदेश अपनी पूरी क्षमता से भागीदारी करेगा। ओडीओपी के माध्यम से प्रदेश के 35 से अधिक जिलों के वस्त्र और हैंडलूम उत्पादों को नई पहचान मिली है। प्रदेश के 17 टेक्सटाइल उत्पादों को जीआई टैग मिल चुका है। स्वयं सहायता समूहों के माध्यम से लाखों महिलाएं भी इस सेक्टर से जुड़कर आत्मनिर्भर हो रही हैं।
     
    मुख्यमंत्री योगी ने पिछली सरकारों पर हमला करते हुए कहा कि 2017 से पहले प्रदेश की पहचान ‘वन डिस्ट्रिक्ट, वन माफिया’ की बन गई थी। कानून व्यवस्था चौपट थी। निवेशक व्यापार का सपना लेकर आता था और वसूली की पर्ची लेकर लौटता था। दंगे, कर्फ्यू, गुंडा टैक्स और माफिया के कारण उद्योग लगाना मुश्किल था। बिजली और विकास एक परिवार तक सीमित था। आज यूपी कर्फ्यू, दंगा, माफिया और उपद्रव से मुक्त है। उन्होंने कहा, “बेटी, व्यापारी या निवेशक की सुरक्षा में सेंध लगाने का दुस्साहस किया तो दो ही जगह होंगी, या जेल या जहन्नुम।”
     
    उन्होंने कहा कि कानून व्यवस्था में बदलाव और निवेश अनुकूल नीतियों का परिणाम है कि आज प्रदेश के पास 36 सेक्टोरल पॉलिसी हैं। देश के 55 प्रतिशत मोबाइल और 60 प्रतिशत इलेक्ट्रॉनिक कंपोनेंट का उत्पादन यूपी में हो रहा है। यूपी डिफेंस इंडस्ट्रियल कॉरिडोर के छह स्ट्रेटेजिक नोड में 35 हजार करोड़ रुपये से अधिक के निवेश प्रस्ताव मिले हैं। प्रदेश में एमएसएमई के 12 प्लेज पार्क भी तैयार हो रहे हैं।
     
    मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि टेक्सटाइल इंडस्ट्री अब केवल धागे, कपड़े और फैशन तक सीमित नहीं है। डिफेंस, हेल्थकेयर, कृषि और स्पोर्ट्स जैसे क्षेत्रों में टेक्निकल टेक्सटाइल तेजी से उभर रहा है। इसलिए उत्तर प्रदेश को ट्रेडिशनल टेक्सटाइल से आगे बढ़कर टेक्निकल टेक्सटाइल में भी अपनी ताकत बढ़ानी होगी। पीएम मित्रा पार्क और संत कबीर टेक्सटाइल पार्क जैसी पहल इसी दिशा में आगे बढ़ रही हैं। वाराणसी, अमरोहा, बरेली, संतकबीरनगर और बिजनौर में परियोजनाओं के लिए भूमि आरक्षित की गई है। सीतापुर, मऊ, कानपुर, झांसी और रायबरेली में टेक्सटाइल एवं अपैरल पार्क के लिए भूमि चिन्हित करने की प्रक्रिया शुरू की गई है। नोएडा को अपैरल सिटी के रूप में विकसित किया जा रहा है।
     
    मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि सरकार चाहती है कि एमएसएमई केवल सब-कॉन्ट्रैक्टर नहीं, ग्लोबल वैल्यू चेन के पार्टनर बनें। युवा केवल जॉब सीकर नहीं, टेक्सटाइल एंटरप्रेन्योर और इनोवेटर बनें तथा कारीगर केवल सप्लायर नहीं, अपने ब्रांड के मालिक बनें। ‘डिजाइन इन यूपी, मेड इन यूपी और एक्सपोर्टेड फ्रॉम यूपी’ के मंत्र से प्रदेश के हुनर को वैश्विक पहचान मिले। निफ्ट रायबरेली और उत्तर प्रदेश टेक्सटाइल टेक्नोलॉजी इंस्टीट्यूट कानपुर युवाओं को आधुनिक जरूरतों के अनुरूप तैयार कर रहे हैं।
     
    मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि यूपी आज पॉलिसी, इंफ्रास्ट्रक्चर, टैलेंट और मार्केट हर स्तर पर तैयार है। अब प्रदेश की सांस्कृतिक पूंजी को आर्थिक पूंजी में बदलना है। बुनकर का हुनर, उद्यमी का कारोबार, युवाओं का रोजगार, महिलाओं की भागीदारी, निवेश और निर्यात बढ़ाकर उत्तर प्रदेश को दुनिया के प्रमुख टेक्सटाइल केंद्रों में स्थापित किया जाएगा।

    कार्यक्रम में खादी एवं ग्रामोद्योग, रेशम, हथकरघा एवं वस्त्र उद्योग मंत्री राकेश सचान, उत्तर प्रदेश ट्रांसफॉर्मेशन कमीशन के सीईओ मनोज कुमार सिंह, प्रमुख सचिव वस्त्र उद्योग अनिल कुमार सागर सहित देशभर के प्रमुख उद्यमी, निवेशक, निर्यातक और टेक्सटाइल सेक्टर के प्रतिनिधि मौजूद रहे।

  • देशनोक में पुलिस की सख्त नाकेबंदी, लग्जरी कार से भारी मात्रा में अवैध शराब जब्त

    देशनोक में पुलिस की सख्त नाकेबंदी, लग्जरी कार से भारी मात्रा में अवैध शराब जब्त

    जयपुर
    राजस्थान में जारी नगर पालिका और निकाय चुनावों की राजनीतिक सरगर्मियों के बीच बीकानेर जिले के देशनोक क्षेत्र में पुलिस को एक बड़ी सफलता हाथ लगी है। चुनाव प्रक्रिया को पूरी तरह से निष्पक्ष और शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने के उद्देश्य से पुलिस द्वारा की जा रही सख्त नाकेबंदी के दौरान देशनोक में एक लग्जरी कार से भारी मात्रा में अवैध देशी और अंग्रेजी शराब बरामद की गई है। पुलिस की इस मुस्तैद कार्रवाई से पूरे बीकानेर जिले के राजनीतिक और चुनावी गलियारों में हड़कंप मच गया है।

    पुलिस ने कार्रवाई करते हुए मौके से शराब के साथ-साथ संदिग्ध ब्लैक लग्जरी कार को भी जब्त कर लिया है। तलाशी के दौरान गाड़ी के अंदर से एक प्रमुख राजनीतिक दल का दुपट्टा और कुछ अन्य महत्वपूर्ण दस्तावेज मिलने का दावा भी किया जा रहा है। पुलिस प्रशासन अब इस पूरे मामले की जांच इस एंगल से कर रहा है कि कहीं इस अवैध शराब का इस्तेमाल निकाय चुनाव में मतदाताओं को लुभाने या बांटने के लिए तो नहीं किया जाना था।

    देशी-अंग्रेजी पव्वे और बोतलें बरामद
    देशनोक थानाधिकारी सुमन शेखावत के नेतृत्व में पुलिस टीम ने इलाके में विशेष चेकिंग अभियान चला रखा था। इसी दौरान एक संदिग्ध ब्लैक रंग की कार को रोककर जब उसकी बारीकी से तलाशी ली गई, तो पुलिस कर्मी भी हैरान रह गए। कार के अंदर अवैध शराब का जखीरा छिपाकर रखा गया था।

    पुलिस द्वारा की गई आधिकारिक जब्ती के अनुसार, गाड़ी से कुल 141 देशी शराब के पव्वे, 96 अंग्रेजी शराब के पव्वे और 12 बड़ी बोतलें बरामद की गई हैं। पुलिस ने मौके पर ही शराब की पूरी खेप को अपने कब्जे में लेकर वाहन को सीज कर दिया।

    चुनावी माहौल में शराब खपाने की आशंका
    थानाधिकारी सुमन शेखावत ने बताया कि देशनोक पालिका चुनाव के मद्देनजर क्षेत्र में किसी भी तरह की गैर-कानूनी गतिविधि को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। प्रारंभिक जांच में यह आशंका जताई जा रही है कि चुनाव की वोटिंग से ठीक पहले इस शराब की सप्लाई की जानी थी ताकि मतदान को प्रभावित किया जा सके।

    पुलिस ने इस पूरे मामले में आबकारी अधिनियम (Excise Act) की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज कर लिया है। घटना के हर पहलू की गहराई से जांच की जा रही है और यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि शराब कहां से लाई गई थी और इसे कहां डिलीवर किया जाना था।

    पुलिस टीम ने की मुस्तैद कार्रवाई
    देशनोक में हुई इस बड़ी जब्ती को अंजाम देने में स्थानीय पुलिस टीम की सतर्कता की काफी तारीफ हो रही है। इस कार्रवाई को हेड कांस्टेबल अशोक, कांस्टेबल दिनेश और कांस्टेबल कैलाश की विशेष टीम ने अंजाम दिया।

    पुलिस की इस तत्परता से चुनाव में अवैध संसाधनों के इस्तेमाल की कोशिश कर रहे असामाजिक तत्वों में खौफ का माहौल है। देशनोक पुलिस का कहना है कि मतदान की प्रक्रिया पूरी होने तक क्षेत्र में 24 घंटे सघन चेकिंग और निगरानी जारी रहेगी।

  • बिहार पुलिस का बड़ा एक्शन प्लान, 3 महीने में 23,958 वांछित गिरफ्तार; माफियाओं की संपत्ति पर कार्रवाई

    बिहार पुलिस का बड़ा एक्शन प्लान, 3 महीने में 23,958 वांछित गिरफ्तार; माफियाओं की संपत्ति पर कार्रवाई

    पटना
    बिहार में अपराधियों पर कड़ा प्रहार करने की तैयारी कर ली गई। दरअसल अपराध से संपत्ति अर्जित करने वाले बिहार के 4000 से अधिक अपराधी और माफियाओं की संपत्तियां अब जब्त होंगी। एसपी की अनुशंसा के आधार पर बिहार पुलिस मुख्यालय ने इससे संबंधित प्रस्ताव तैयार किया है। इनमें से 800 मामले न्यायालय के स्तर पर प्रक्रियाधीन हैं। सोमवार को बिहार पुलिस के एडीजी (मुख्यालय) सुनील कुमार और एडीजी (विधि-व्यवस्था) केएस अनुपम ने इसकी जानकारी दी। पुलिस मुख्यालय में एडीजी (विधि व्यवस्था) ने कहा कि बीएनएसएस की धारा 107 के तहत संपत्ति जब्ती का प्रस्ताव है।

    पुलिस पर हमले के 1166 आरोपित गिरफ्तार
    एडीजी (विधि व्यवस्था) ने बताया कि विगत तीन माह (जून से अगस्त माह) में 23,958 वांछित अभियुक्तों की गिरफ्तारी की गयी है। इनमें पुलिस पर हमला के मामलों में 1166, सांप्रदायिक हिंसा के मामलों में 42, भीड़ द्वारा हिंसा के मामलों में 11 एवं हर्ष फायरिंग के मामलों में 10 सहित कुल 1229 अभियुक्तों की गिरफ्तारी की गयी है। इसके अलावा, 1270 हत्या, 784 एससी-एसटी एक्ट, 214 डकैती और 473 लूट कांडों के अभियुक्त भी गिरफ्तार हुए।

    जांच के दौरान बिना निबंधन के मिले 400 महिला छात्रावास
    केएस अनुपम ने बताया कि राज्य भर में महिला हॉस्टल और कोचिंग संस्थान की जांच को लेकर अभियान चलाया जा रहा है। इस अभियान के दौरान सिर्फ पटना में 400 महिला हॉस्टल बिना निबंधन के मिले हैं। पुलिस दीदी की मदद से निजी महिला हॉस्टलों पर नजर रखी जा रही है। इनमें सुरक्षा से संबंधित ऑडिट भी कराये जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि बक्सर में स्कूली छात्राओं के साथ गलत हरकत करने वाले आरोपित शिक्षकों के मामले में सभी आरोपितों की गिरफ्तारी कर ली गई है। जल्द ही इनके खिलाफ चार्जशीट दायर की जाएगी। पुलिस मुख्यालय इस मामले पर निरंतर नजर रखे हुए है।

    कांडों के निष्पादन को विशेष अभियान
    एडीजी (मुख्यालय) सुनील कुमार ने बताया कि लंबित कांडों के पर्यवेक्षण और निष्पादन को लेकर भी अभियान चलाया गया है। अभियान के दौरान दस दिन में 33,390 कांडों का निष्पादन किया गया। इनमें 10,875 कांड एसपी, 9159 कांड डीएसपी और 13356 कांड अंचल पुलिस निरीक्षक स्तर पर निष्पादित किए।