Category: राज्य

  • दो की जगह अब मिलेंगी तीन साड़ियां, स्मार्टफोन से रियल टाइम डेटा से जुड़ेंगे आंगनवाड़ी केंद्र

    दो की जगह अब मिलेंगी तीन साड़ियां, स्मार्टफोन से रियल टाइम डेटा से जुड़ेंगे आंगनवाड़ी केंद्र

    अयोध्या

     प्रदेश की 2.91 लाख आंगनवाड़ी कार्यकत्रियों और सहायिकाओं को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मंगलवार को बड़ी सौगात दी। आंगनवाड़ी कार्यकत्रियों का मानदेय आठ हजार से बढ़ाकर 12 हजार रुपये और सहायिकाओं का चार हजार से बढ़ाकर छह हजार रुपये प्रतिमाह किया जाएगा। इसके साथ ही कार्यकत्रियों, सहायिकाओं तथा उनके परिवारों को हर वर्ष पांच लाख रुपये तक कैशलेस इलाज की सुविधा मिलेगी। अब उन्हें दो के बजाय तीन साड़ियां मिलेंगी। सीएम ने स्मार्टफोन और रियल टाइम डेटा के इस्तेमाल से आंगनवाड़ी केंद्रों को स्मार्ट बनाने की भी घोषणा की।
     
    मुख्यमंत्री योगी अयोध्या धाम में आईसीडीएस के तहत आयोजित आंगनवाड़ी कार्यकत्रियों एवं सहायिकाओं के सम्मान समारोह को संबोधित कर रहे थे। अयोध्या में करीब 12 हजार आंगनवाड़ी कार्यकत्रियां और सहायिकाएं मौजूद रहीं, जबकि सभी 75 जिलों में आयोजित कार्यक्रमों से मंत्री, सांसद, विधायक और आंगनवाड़ी कार्यकत्रियां व सहायिकाएं जुड़ीं। बुधवार से शुरू हो रहे पोषण माह से पहले मुख्यमंत्री योगी ने आंगनवाड़ी कार्यकत्रियों व सहायिकाओं को मानदेय वृद्धि, कैशलेस स्वास्थ्य सुविधा, अतिरिक्त साड़ी और स्मार्टफोन की चार प्रमुख सौगातें दीं। अपने संबोधन से पहले सीएम ने कार्यक्रम स्थल पर लगाई गई प्रदर्शनी में विभिन्न विभागों के स्टॉल्स का अवलोकन किया, महिलाओं को पुष्टाहार भेंट किया तथा कई बच्चों का अन्नप्राशन भी कराया।

    सेवा की मिसाल बनीं आंगनवाड़ी कार्यकत्रियां

    मुख्यमंत्री ने कहा कि 2017 में सरकार बनने के समय आंगनवाड़ी कार्यकत्रियों को महज तीन हजार रुपये मानदेय मिलता था। सरकार ने इसे परफॉर्मेंस आधारित व्यवस्था से जोड़ते हुए आठ हजार रुपये किया। अब इसे बढ़ाकर 12 हजार रुपये किया जाएगा। सहायिकाओं का मानदेय भी 1,500 रुपये से बढ़ाकर पहले चार हजार और अब छह हजार रुपये किया जा रहा है। आंगनवाड़ी कार्यकत्रियों और सहायिकाओं ने कोरोना जैसी सदी की सबसे बड़ी महामारी के दौरान एएनएम और आशा कार्यकर्ताओं के साथ मिलकर महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। वे गांव-गांव स्क्रीनिंग से लेकर दस्तक अभियान और संक्रमित लोगों की सेवा तक अपनी जान जोखिम में डालकर जुटी रहीं।

    सीएम योगी ने कहा कि सभी आंगनवाड़ी कार्यकत्रियों और सहायिकाओं के साथ उनके परिवार को हर वर्ष पांच लाख रुपये तक कैशलेस स्वास्थ्य सुविधा मिलेगी। इसका लाभ इम्पैनल्ड अस्पतालों के साथ सरकारी अस्पतालों और मेडिकल कॉलेजों में लिया जा सकेगा। हाल में प्रदेश के करीब 15 लाख शिक्षकों, शिक्षामित्रों और अनुदेशकों को पांच लाख रुपये की कैशलेस स्वास्थ्य सुविधा दी गई है। लगातार मांग आ रही थी कि आंगनवाड़ी कार्यकत्रियों और सहायिकाओं को भी इससे जोड़ा जाए। अब सरकार यह सुविधा उन्हें भी देने जा रही है।
     
    मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रदेश की 2.91 लाख आंगनवाड़ी कार्यकत्रियों और सहायिकाओं के लिए साड़ी की धनराशि जारी कर दी गई है। अब तक उन्हें दो साड़ियां मिलती थीं। अब एक अतिरिक्त साड़ी के लिए 500 रुपये और दिए जाएंगे। इस पर प्रदेश सरकार करीब 20 करोड़ रुपये का अतिरिक्त भार वहन करेगी। पहले चरण में 1.28 लाख स्मार्टफोन भी उपलब्ध कराए गए हैं। इससे योजनाओं का डेटा रियल टाइम में दर्ज किया जा सकेगा और आंगनवाड़ी कार्यकत्रियों का काम भी आसान होगा।

    हर आंगनवाड़ी केंद्र को अपना भवन देना लक्ष्य

    सीएम ने आंगनवाड़ी कार्यकत्रियों की भूमिका को बच्चों के भविष्य से जोड़ते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी ने 2018 में इनकी भूमिका की तुलना माता यशोदा से की थी। मां के बाद छोटे बच्चों का पहला संवाद आंगनवाड़ी कार्यकत्रियों और सहायिकाओं से होता है। बचपन स्वस्थ होगा तो भारत स्वस्थ, समर्थ, आत्मनिर्भर और विकसित बनेगा। पिछले नौ वर्षों में प्रदेश के 70 हजार से अधिक आंगनवाड़ी केंद्रों को व्यवस्थित स्वरूप दिया गया है। सरकार का लक्ष्य प्रत्येक आंगनवाड़ी केंद्र को अपना भवन उपलब्ध कराना है। इसके लिए राज्य वित्त आयोग की धनराशि या अलग बजट से भवनों का निर्माण कराया जाएगा।
     
    शराब माफिया संचालित करता था बच्चों का पोषाहार

    पूर्ववर्ती सरकारों पर हमला करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि 2017 से पहले आंगनवाड़ी केंद्र जर्जर थे। बच्चे बैठने के लिए टाट लेकर आते थे। पेयजल और जरूरी उपकरणों का अभाव था। केंद्र सरकार पैसा देती थी, लेकिन पोषाहार पर माफिया का शिकंजा था। प्रदेश में बच्चों का पोषाहार एक शराब माफिया संचालित करता था। सरकार और माफिया व्यवस्था को चौपट करते थे और बदनामी आंगनवाड़ी कार्यकत्रियों और सहायिकाओं को झेलनी पड़ती थी। अब पोषाहार को माफिया से मुक्त कर 204 स्थानों पर टेक होम राशन प्लांट महिला स्वयं सहायता समूहों के माध्यम से संचालित किए जा रहे हैं।
     
    सपा-कांग्रेस ने किया राममंदिर का विरोध

    अयोध्या के बदलाव को आंगनवाड़ी केंद्रों के कायाकल्प से जोड़ते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि दस वर्ष पहले यहां न पर्याप्त बिजली थी, न सड़कें और न सुविधाएं। आज अयोध्या में फोरलेन सड़कें, भव्य रेलवे स्टेशन और महर्षि वाल्मीकि के नाम पर अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट है। रेलवे की सिंगल लाइन डबल हो चुकी है। राम की पैड़ी का कायाकल्प हुआ और अयोध्या देश की सोलर सिटी बनी है। सपा और कांग्रेस, दोनों दलों ने राम मंदिर का विरोध किया। सपा ने अयोध्या में सड़कों के चौड़ीकरण, रेलवे स्टेशन और एयरपोर्ट निर्माण तक का विरोध किया। ये विरासत के भी विरोधी हैं और विकास के भी। लेकिन, इनके विरोध के बावजूद न राम मंदिर अभियान रुका और न अयोध्या का विकास। आज रामलला भव्य मंदिर में विराजमान हैं और देश-दुनिया के लोग अयोध्या के बदलाव को देख रहे हैं।
     
    समारोह में सैम और मैम श्रेणी से सामान्य पोषण स्थिति में आए बच्चों और उनके अभिभावकों, उत्कृष्ट कार्य करने वाले आंगनवाड़ी केंद्रों तथा एवरेस्ट बेस कैंप अभियान में शामिल बेटियों को सम्मानित किया गया। इस अवसर पर कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही, महिला कल्याण व बाल विकास एवं पुष्टाहार मंत्री बेबी रानी मौर्य, महिला कल्याण राज्य मंत्री प्रतिभा शुक्ला, अयोध्या महापौर पंडित गिरीशपति त्रिपाठी, जिला पंचायत सदस्य रोली सिंह, विधान परिषद सदस्य हरिओम पांडेय, अयोध्या सदर विधायक वेद प्रकाश गुप्ता, रुदौली विधायक रामचंद्र यादव, मिल्कीपुर विधायक चंद्रभानु पासवान, गोसाईंगंज विधायक डॉ. अमित सिंह चौहान, अभय सिंह, महिला कल्याण एवं बाल विकास विभाग की अपर मुख्य सचिव लीना जौहरी, प्रदेश व जिले के अन्य गणमान्य अतिथि उपस्थित रहे।

  • अयोध्या में सीएम योगी ने बजरंगबली का लिया आशीर्वाद, रामलला के दरबार में टेका माथा

    अयोध्या में सीएम योगी ने बजरंगबली का लिया आशीर्वाद, रामलला के दरबार में टेका माथा

    अयोध्या

    आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं के सम्मान समारोह के समापन के बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का काफिला सीधे हनुमानगढ़ी पहुंचा। यहां उन्होंने विधि-विधान से पूजा-अर्चना कर हनुमान जी का आशीर्वाद लिया। इसके बाद मुख्यमंत्री श्रीराम जन्मभूमि मंदिर परिसर पहुंचे। मंदिर के नवनियुक्त मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) जितेंद्र मिश्र ने उनका स्वागत किया। रामलला के दर्शन और पूजन के बाद मुख्यमंत्री ने देश और प्रदेश की सुख-समृद्धि की कामना की। इस दौरान उन्होंने मंदिर परिसर में चल रहे विभिन्न कार्यों की प्रगति की जानकारी भी ली।

    मुख्यमंत्री ने मंदिर परिसर की स्वच्छता, श्रद्धालुओं के लिए उपलब्ध कराई जा रही सुविधाओं और सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों एवं मंदिर प्रबंधन के प्रतिनिधियों को निर्देश दिए कि अयोध्या आने वाले श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा न हो और उन्हें बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं। दर्शन-पूजन के दौरान मंदिर परिसर में व्यवस्थाओं को लेकर भी अधिकारियों से जानकारी ली। हनुमानगढ़ी में मुख्यमंत्री ने पारंपरिक पूजा पद्धति के अनुसार दर्शन-पूजन कर आशीर्वाद लिया। उनके अयोध्या आगमन को लेकर स्थानीय प्रशासन और सुरक्षा तंत्र पूरी तरह सतर्क रहा। मंदिर परिसर एवं आसपास के क्षेत्रों में सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए गए थे।

  • मुख्यमंत्री योगी से मिली ‘हनुमान अंश’ की टीम, गुरु गोरक्षनाथ के प्रसंग पर हुई चर्चा

    मुख्यमंत्री योगी से मिली ‘हनुमान अंश’ की टीम, गुरु गोरक्षनाथ के प्रसंग पर हुई चर्चा

     लखनऊ

    फिल्म ‘हनुमान अंश’ के निर्माता, निर्देशक और प्रमुख कलाकारों ने मंगलवार को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से उनके आवास पर मुलाकात की। टीम ने उन्हें फिल्म के कुछ खास अंश दिखाए। इनमें नीब करोरी बाबा की आध्यात्मिक यात्रा और गुरु गोरक्षनाथ की पंक्तियों से जुड़ा हिस्सा भी शामिल था। मुख्यमंत्री योगी ने फिल्म और टीम के प्रयासों की सराहना कर उनका उत्साह बढ़ाया।
     
    करीब दो करोड़ रुपये के बजट में बनी ‘हनुमान अंश’ के निर्देशक एवं निर्माता विशाल चतुर्वेदी ने मुलाकात के बाद बताया कि फिल्म में नीब करोरी बाबा के घर छोड़कर ईश्वर की खोज में निकलने की यात्रा को दिखाया गया है। बचपन में मां के निधन के बाद लक्ष्मी नारायण शर्मा, जो आगे चलकर नीब करोरी बाबा के नाम से प्रसिद्ध हुए, घर से निकले तो उनका संपर्क नाथ संप्रदाय के संतों से हुआ। संन्यास लेने से पहले उन्होंने इन संतों के साथ समय बिताया था।
     
    विशाल ने बताया कि नीब करोरी बाबा की इसी आध्यात्मिक यात्रा के कारण फिल्म में गुरु गोरक्षनाथ की लिखी पंक्तियों का संदर्भ लिया गया है। उनके अनुसार, नाथ संप्रदाय के संतों के साथ रहने के दौरान नीब करोरी बाबा की अंतर्यात्रा शुरू होने के संदर्भ मिलते हैं। उनके कुंडलिनी जागरण, अन्नपूर्णा समेत कई सिद्धियां प्राप्त होने और पक्षियों की आवाजें सुनने से जुड़े प्रसंगों को भी फिल्म में स्थान दिया गया है।
     
    विशाल ने कहा कि मुख्यमंत्री योगी स्वयं संत परंपरा से आते हैं, इसलिए टीम ने उन्हें फिल्म का वह हिस्सा भी दिखाया जो भारतीय सभ्यता और आध्यात्मिक परंपरा से जुड़ा है। फिल्म में नीब करोरी बाबा की भूमिका निभाने वाले शोभिनव सत्या ने कहा कि मुख्यमंत्री योगी से मुलाकात सुखद रही। टीम को उनका आशीर्वाद मिला है और इसके लिए सभी आभारी हैं।
     
    यूपी में शूटिंग के लिए कई बेहतरीन लोकेशन

    विशाल चतुर्वेदी ने कहा कि उत्तर प्रदेश में फिल्म निर्माण की व्यापक संभावनाएं हैं। नोएडा में बन रही फिल्म सिटी के अलावा वाराणसी, चित्रकूट, मथुरा, वृंदावन, प्रयागराज और आगरा में शूटिंग के लिए बेहतरीन लोकेशन उपलब्ध हैं। उनका प्रोडक्शन हाउस भी उत्तर प्रदेश में पंजीकृत है और फिल्म के लगभग सभी कलाकार उत्तर और मध्य भारत से हैं।
     
    विशाल मूल रूप से झांसी के रहने वाले हैं और उनकी पढ़ाई गोरखपुर में हुई है, जबकि उनका परिवार लखनऊ में रहता है। नीब करोरी बाबा की भूमिका निभाने वाले शोभिनव सत्या भी लखनऊ के हैं। फिल्म में उनकी पत्नी की भूमिका निभाने वाली पूर्णिमा तिवारी और निर्माता रागिनी सोना भी लखनऊ की रहने वाली हैं।
     
    यूपी के शहरों में होगा टैलेंट हंट

    विशाल ने कहा कि आगे भी उत्तर प्रदेश से जुड़े विषयों को केंद्र में रखकर फिल्में बनाई जाएंगी। यूपी की कहानी और यहां की बोली वाली फिल्मों को दक्षिण भारत में भी दर्शक मिल रहे हैं। आने वाली फिल्मों के लिए प्रदेश के अलग-अलग शहरों में टैलेंट हंट किया जाएगा और थिएटर से जुड़े कलाकारों को भी मौका दिया जाएगा। कोशिश उत्तर प्रदेश और आसपास के क्षेत्रों के कलाकारों को फिल्म निर्माण से जोड़ने और उन्हें अपनी प्रतिभा दिखाने के अधिक अवसर देने की है।

  • पंजाब बोर्ड के छात्रों के लिए जरूरी खबर, कॉपियों की री-चेकिंग और री-इवैल्यूएशन के आवेदन शुरू

    पंजाब बोर्ड के छात्रों के लिए जरूरी खबर, कॉपियों की री-चेकिंग और री-इवैल्यूएशन के आवेदन शुरू

    मोहाली.

    पंजाब स्कूल शिक्षा बोर्ड (PSEB) द्वारा जुलाई 2026 में आयोजित की गई मैट्रिक (10वीं) और सीनियर सेकेंडरी (12वीं) की अनुपूरक परीक्षाओं (री-अपीयर/कंपार्टमेंट और अतिरिक्त/वोकेशनल विषय) का परिणाम घोषित किया जा चुका है।

    12वीं कक्षा का परिणाम 25 अगस्त 2026 और 10वीं कक्षा का परिणाम 28 अगस्त 2026 को जारी किया गया था। इस संबंध में जानकारी देते हुए पंजाब स्कूल शिक्षा बोर्ड के एक प्रवक्ता ने बताया कि ​इन परीक्षाओं से संबंधित जो परीक्षार्थी अपने उत्तर-पुस्तिकाओं की री-चेकिंग (पुनः जांच) या री-मूल्यांकन (Re-evaluation) करवाना चाहते हैं, वे 07 सितंबर 2026 से 21 सितंबर 2026 तक ऑनलाइन फॉर्म और फीस जमा कर सकते हैं।

    ​मुख्य बातें:

    • आवेदन की अवधि: 07 सितंबर 2026 से 21 सितंबर 2026 तक।
    • आवेदन प्रक्रिया: फॉर्म और फीस केवल ऑनलाइन माध्यम से ही स्वीकार किए जाएंगे।
    • ​हार्ड कॉपी जमा करने की आवश्यकता नहीं: फॉर्म भरने और फीस का भुगतान करने के बाद परीक्षार्थी प्रिंटआउट अपने पास रिकॉर्ड के लिए संभाल कर रखें। इसे बोर्ड कार्यालय में जमा करवाने की आवश्यकता नहीं है।
    • अधिक जानकारी: विस्तृत दिशा-निर्देशों और अन्य जानकारी के लिए बोर्ड की आधिकारिक वेबसाइट www.pseb.ac.in पर जाएं।
  • हरियाणा में बढ़ेगा हरित क्षेत्र, 635 वन मित्रों ने लगाए 4 लाख पौधे; मंत्री ने दिए अहम निर्देश

    हरियाणा में बढ़ेगा हरित क्षेत्र, 635 वन मित्रों ने लगाए 4 लाख पौधे; मंत्री ने दिए अहम निर्देश

    चंडीगढ़
     हरियाणा के वन एवं पर्यावरण मंत्री राव नरबीर सिंह ने वन मित्रों की वित्तवर्ष 2025-26 और 2026-27 की बकाया मैनटेनेंस राशि का भुगतान 15 सितंबर तक हर हाल में करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने जिला वन अधिकारियों (डीएफओ) को स्पष्ट निर्देश देते हुए कहा कि भुगतान में किसी तरह की मनमानी या देरी बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

    वन मित्रों से जुड़े लंबित मामलों की समीक्षा बैठक में मंत्री ने कहा कि पौधारोपण अभियान में वन मित्र विभाग और आमजन के बीच महत्वपूर्ण कड़ी हैं। उन्होंने वन मित्रों को निजी भूमि के साथ वन विभाग की जमीन पर भी पौधे लगाने की अनुमति देने के निर्देश दिए, ताकि प्रदेश में हरित क्षेत्र बढ़ाने के साथ लगाए गए पौधों की नियमित देखभाल भी सुनिश्चित हो सके।

    बैठक में बताया गया कि वित्तवर्ष 2026-27 में 635 वन मित्रों ने करीब चार लाख पौधे लगाए हैं। इनमें से 2 लाख 14 हजार 992 पौधों का सत्यापन कर उनका विवरण पोर्टल पर अपलोड किया जा चुका है।

    मंत्री ने वन मित्रों के पंजीकरण के लिए पोर्टल को 30 सितंबर 2026 तक खुला रखने के निर्देश दिए। उन्होंने पहले से पंजीकृत वन मित्रों से अधिक लोगों को अभियान से जोड़ने का आह्वान किया। स्वयं सहायता समूहों के माध्यम से महिलाओं को भी वन मित्र बनाने पर जोर दिया गया।

    राव नरबीर सिंह ने वन विभाग की जमीन पर पौधारोपण बढ़ाने और लगाए गए पौधों की चार से पांच वर्ष तक देखभाल सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। बैठक में बताया गया कि प्राण वायु देवता पेंशन योजना के तहत प्रदेश में करीब 5,300 पेड़ों की पहचान की गई है। इनकी देखभाल करने वालों को सालाना एक हजार रुपये पेंशन दी जाती है।

  • बालू घाटों की बंदोबस्ती में बड़ा बदलाव, 5 साल में भी अपडेट हो सकेगी DSR; नए घाटों की नीलामी होगी आसान

    बालू घाटों की बंदोबस्ती में बड़ा बदलाव, 5 साल में भी अपडेट हो सकेगी DSR; नए घाटों की नीलामी होगी आसान

     पटना
    बिहार में बालू घाटों की बंदोबस्ती को अधिक व्यवस्थित और पारदर्शी बनाने के लिए जिलों में नई जिला सर्वेक्षण रिपोर्ट (DSR) तैयार की जाएगी।

    इसी रिपोर्ट के आधार पर बालू घाटों की बंदोबस्ती पांच वर्ष के लिए करने की तैयारी है। नई डीएसआर में जिलों के बालू भंडार, खनन योग्य क्षेत्र और नए विकसित हुए बालू निक्षेपों (डिपाजिट) का आकलन किया जाएगा।

    मंत्री की बैठक में लिया गया फैसला
    खान व भूतत्व मंत्री डाॅ. प्रमोद कुमार के स्तर पर हुई बैठक में यह निर्णय लिया गया है। विभाग से मिली जानकारी के अनुसार अब तक डीएसआर में बदलाव को लेकर बड़ी सीमा थी।

    प्रावधान था जिला सर्वेक्षण रिपोर्ट में पांच वर्ष में केवल एक बार संशोधन किया जा सकता था। ऐसे में यदि डीएसआर तैयार होने के बाद किसी नदी में नया बालू निक्षेप सामने आता था, तो उसे बालू घाट के रूप में रिपोर्ट में शामिल करने का अवसर सीमित हो जाता था।

    इस समस्या के समाधान के लिए खान एवं भूतत्व विभाग ने पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय भारत सरकार के साथ समन्वय किया।

    नए घाट की बंदोबस्ती की प्रक्रिया में आएगी तेजी
    विभाग के प्रयास के बाद केंद्र सरकार ने इस संबंध में अधिसूचना जारी कर नए बालू निक्षेपों को सप्लीमेंट्री, एडेंडम डीएसआर के माध्यम से मूल जिला सर्वेक्षण रिपोर्ट में शामिल करने का प्रावधान कर दिया है।

    इससे अब पांच साल की अवधि के दौरान भी यदि किसी जिले में बालू का नया निक्षेप मिलता है, तो उसे अलग से सप्लीमेंट्री या एडेंडम डीएसआर के माध्यम से शामिल किया जा सकेगा।

    इसके बाद नियमानुसार उस स्थल को बालू घाट के रूप में विकसित कर बंदोबस्ती की प्रक्रिया में लाया जा सकेगा। इसी व्यवस्था के आधार पर नीलामी की प्रक्रिया प्रारंभ होगी।

     

  • आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं एवं सहायिकाओं तथा सुपोषित बच्चों के माता-पिता का सम्मान

    आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं एवं सहायिकाओं तथा सुपोषित बच्चों के माता-पिता का सम्मान

    लखनऊ

     बाल विकास सेवा एवं पुष्टाहार विभाग, उत्तर प्रदेश द्वारा आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं एवं सहायिकाओं के सम्मान तथा कुपोषण से सुपोषित हुए बच्चों के माता-पिता एवं महिला कल्याण विभाग की विभिन्न योजनाओं से लाभान्वित महिलाओं के सम्मान के लिए आयोजित प्रदेशव्यापी कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्यमंत्री  योगी आदित्यनाथ जी द्वारा जनपद अयोध्या से किया गया। इसी क्रम में गाजीपुर के राइफल क्लब सभागार में आयोजित कार्यक्रम में मुख्य अतिथि कैबिनेट मंत्री, पंचायती राज विभाग तथा अल्पसंख्यक कल्याण, मुस्लिम वक्फ एवं हज विभाग,  ओमप्रकाश राजभर जी ने प्रतिभाग किया। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री जी के संबोधन का सजीव प्रसारण किया गया। मुख्यमंत्री जी ने मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य, पोषण एवं महिला सशक्तिकरण में आंगनबाड़ी केंद्रों की भूमिका को महत्वपूर्ण बताते हुए कहा कि स्वस्थ मां और स्वस्थ बच्चे ही स्वस्थ एवं सशक्त समाज की आधारशिला हैं। इस अवसर पर जिला पंचायत अध्यक्ष मती सपना सिंह, विधायक जखनियां  बेदी राम सहितजनप्रतिनिधिगण, अधिकारी, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता-सहायिकाएं एवं लाभार्थी उपस्थित रहे।

    कैबिनेट मंत्री  ओमप्रकाश राजभर जी ने कहा कि आंगनबाड़ी कार्यकर्ता एवं सहायिकाएं सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं को गांव-गांव और पात्र परिवारों तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण कड़ी हैं। उन्होंने उत्कृष्ट कार्य करने वाली आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं एवं सहायिकाओं तथा कुपोषण से सुपोषित हुए बच्चों के माता-पिता को सम्मानित किया। इस अवसर पर बाबा, यश, ऊर्सा फातिमा, सरस्वती, लाडो एवं शिवम कुमारी सहित सुपोषित बच्चों को प्रमाण-पत्र प्रदान किए गए। आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं एवं सहायिकाओं कुसुम सिंह, मधुबाला, सीमा मौर्य, पुनीता कुशवाहा, सीमा यादव, अनीता देवी, लक्ष्मी देवी, आशिया खातून एवं शीला देवी सहित अन्य तथा मुख्य सेविकाओं मीना कुमारी, कंचन कुमारी एवं मंजू सिंह को सम्मानित किया गया। महिला कल्याण विभाग की स्पॉन्सरशिप योजना एवं मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना के लाभार्थी बच्चों पूनम वर्मा, तन्मय पांडे, पुष्पा पांडे, आशुतोष कुशवाहा एवं रुबिका सहित अन्य लाभार्थियों को भी प्रमाण-पत्र प्रदान किए गए।

    कार्यक्रम के दौरान मंत्री जी द्वारा गर्भवती महिलाओं की गोदभराई एवं नवजात शिशुओं का अन्नप्राशन कराया गया। गर्भवती महिलाओं को संतुलित एवं पौष्टिक आहार, नियमित स्वास्थ्य जांच तथा चिकित्सकीय परामर्श के पालन के लिए जागरूक किया गया, जबकि छह माह की आयु के बाद बच्चों को मां के दूध के साथ पौष्टिक पूरक आहार देने के महत्व की जानकारी दी गई।

     माताओं एवं अभिभावकों को बच्चों के पोषण, स्वच्छता, टीकाकरण एवं नियमित स्वास्थ्य परीक्षण के प्रति जागरूक करते हुए कहा गया कि सुपोषण केवल सरकार की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि परिवार और समाज की सामूहिक जिम्मेदारी है। जनप्रतिनिधियों एवं अधिकारियों ने महिला एवं बाल कल्याण योजनाओं का लाभ पात्र लाभार्थियों तक प्राथमिकता से पहुंचाने तथा जनपद को कुपोषण मुक्त बनाने के लिए समन्वित प्रयास जारी रखने पर जोर दिया।
    सम्पर्क सूत्र: राजेश राय

  • निवेश से रोजगार तक नई उड़ान, योगी सरकार की नीतियों ने यूपी में मजबूत किया उद्योगों का भरोसा

    निवेश से रोजगार तक नई उड़ान, योगी सरकार की नीतियों ने यूपी में मजबूत किया उद्योगों का भरोसा

    योगी सरकार की नीतियों से यूपी में उद्योगों का बढ़ा भरोसा, बदली औद्योगिक तस्वीर

    कानून-व्यवस्था, निर्बाध बिजली और बेहतर कनेक्टिविटी ने निवेश को दी रफ्तार, टेक्सटाइल सेक्टर में रोजगार के नए द्वार

    करोड़ों का निवेश, हजारों लोगों को रोजगार; उद्यमियों ने योगी सरकार के प्रयासों को सराहा

    योजनाओं की जानकारी से लेकर निवेश तक, अधिकारियों का सहयोग: उद्यमी

    लखनऊ
    उत्तर प्रदेश में औद्योगिक विकास की तस्वीर तेजी से बदली है। बेहतर कानून-व्यवस्था, मजबूत इंफ्रास्ट्रक्चर, निर्बाध बिजली आपूर्ति, बेहतर सड़क और कनेक्टिविटी के साथ उद्योगों को मिल रही सरकारी सुविधाओं ने निवेशकों का भरोसा बढ़ाया है। मंगलवार को लखनऊ स्थित इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की मौजूदगी में शुरू हुए दो दिवसीय यूपी टेक्सटाइल कॉन्क्लेव-2026 में उद्योगपतियों ने प्रदेश में बदले कारोबारी माहौल की खुलकर सराहना की।

    योजनाओं की जानकारी से लेकर निवेश तक, अधिकारियों का सहयोग

    बरेली के राम कुमार एग्रो के राहुल अग्रवाल ने कहा कि अधिकारियों की ओर से उद्योगपतियों को सरकारी योजनाओं की जानकारी देने के साथ लगातार मार्गदर्शन और सहयोग किया जा रहा है। प्रदेश में नई इंडस्ट्री स्थापित हो रही हैं और कारोबारी अब निडर होकर निवेश करने का माहौल महसूस कर रहे हैं। उनकी फैक्ट्री में करीब 500 लोगों को रोजगार मिलने की जानकारी देते हुए उन्होंने बिजली आपूर्ति, सड़क और इंफ्रास्ट्रक्चर में सुधार को उद्योगों के लिए महत्वपूर्ण बताया।

    सब्सिडी और सरकारी सहायता से विस्तार को मिला प्रोत्साहन

    गाजियाबाद की एफको एक्सपोर्ट्स की आरुषि सिंघल ने कहा कि 2017 के बाद प्रदेश में हर क्षेत्र में सकारात्मक बदलाव देखने को मिला है। सरकारी सहयोग से उद्योगों को विस्तार का प्रोत्साहन मिल रहा है। उनकी इंडस्ट्री में करीब 800 लोग कार्यरत हैं और आने वाले समय में रोजगार बढ़ाने की योजना है। उन्होंने टीयूएफ योजना के तहत करीब 25 प्रतिशत सरकारी सहायता और एक्सपोर्ट लाइसेंस सहित अन्य सब्सिडी का भी उल्लेख किया।

    टेक्सटाइल नीति ने निवेशकों को दिया मजबूत आधार

    टांडा स्थित पार्थ थ्रेड प्राइवेट लिमिटेड के अम्बिका प्रसाद पांडे ने टेक्सटाइल सेक्टर के लिए लागू नीतियों की सराहना की। उन्होंने बताया कि कंपनी को 35 प्रतिशत तक कैपिटल सब्सिडी और 60 प्रतिशत तक ब्याज सब्सिडी का लाभ मिला है। करीब 150 करोड़ रुपये के निवेश और कई हजार लोगों को रोजगार देने की जानकारी देते हुए उन्होंने कहा कि प्रशिक्षण योजनाओं के माध्यम से उद्योगों को कुशल कारीगर भी उपलब्ध हो रहे हैं।

    कानून-व्यवस्था और कनेक्टिविटी बनी निवेश की बड़ी ताकत

    रामपुर के जीएसएल स्पिनर्स के के.के. जैन ने कहा कि सीएम योगी के मार्गदर्शन में यूपी में बदलाव स्पष्ट रूप से दिखाई दे रहा है। बेहतर कानून-व्यवस्था, लगातार बिजली, सिंगल पोर्टल से अप्रूवल और मजबूत परिवहन व्यवस्था ने उद्योग स्थापित करना आसान बनाया है। कंपनी करीब 250 करोड़ रुपये का निवेश कर चुकी है और लगभग 700 लोगों को प्रत्यक्ष रोजगार मिला है। किसी भी निवेशक के लिए कानून-व्यवस्था सबसे महत्वपूर्ण होती है और इस दिशा में प्रदेश में काफी सुधार हुआ है। योगी सरकार की औद्योगिक नीतियां केवल निवेश आकर्षित करने तक सीमित नहीं हैं, बल्कि उद्योगों के विस्तार, रोजगार सृजन और स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूती देने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं।

  • झारखंड हाईकोर्ट का बड़ा आदेश, JSSC CGL से नियुक्त अधिकारियों को नहीं हटाएगी सरकार

    झारखंड हाईकोर्ट का बड़ा आदेश, JSSC CGL से नियुक्त अधिकारियों को नहीं हटाएगी सरकार

    रांची
    झारखंड हाईकोर्ट के जस्टिस दीपक रोशन की अदालत ने जेएसएससी सीजीएल प्रतियोगिता परीक्षा (संख्या-10 /2023) के माध्यम से विभिन्न विभागों में नियुक्त 99 अधिकारियों की ओर से दायर याचिका पर सुनवाई की. मामले की सुनवाई के दाैरान अदालत ने पक्ष सुनने के बाद प्रार्थियों को हटाये जाने से संबंधित राज्य सरकार की अधिसूचना पर रोक लगा दिया. इसी तरह के समान मामले में पूर्व में अदालत द्वारा सरकार की अधिसूचना पर रोक लगाई जा  चुकी है. साथ ही अदालत ने मामले में राज्य सरकार को जवाब दायर करने का निर्देश दिया.

    नियुक्त अभ्यर्थी कर रहे हैं नौकरी, 15 सितंबर को अगली सुनवाई
    मामले की अगली सुनवाई के लिए अदालत ने 15 सितंबर की तिथि निर्धारित की. इससे पूर्व प्रार्थियों की ओर से पूर्व महाधिवक्ता सह वरीय अधिवक्ता राजीव रंजन, अधिवक्ता श्रेय मिश्रा ने पैरवी की. उन्होंने अदालत को बताया कि जेएसएससी द्वारा आयोजित सीजीएल प्रतियोगिता परीक्षा से अनुशंसित अभ्यर्थियों की नियुक्त हो चुकी है. वे नाैकरी कर रहे हैं.

    विज्ञापन रद्द करने की अधिसूचना को 150 अधिकारियों ने दी चुनौती
    अब राज्य सरकार द्वारा परीक्षा का विज्ञापन रद्द कर दिया गया है, जो अवैध है. उल्लेखनीय है कि प्रार्थी आकाश गौरव सहित 150 अधिकारियों ने याचिका दायर की है. प्रार्थियों ने 18 अगस्त को जेएसएससी सीजीएल-2023 का विज्ञापन रद्द करने की राज्य सरकार की अधिसूचना को चुनाैती दी है. साथ ही उसे निरस्त करने की मांग की है.

  • यूपी में नदियों का रौद्र रूप जारी, कई गांव जलमग्न; बाढ़ और हादसों में 9 लोगों की मौत

    यूपी में नदियों का रौद्र रूप जारी, कई गांव जलमग्न; बाढ़ और हादसों में 9 लोगों की मौत

    लखनऊ
     प्रदेश में नदियों के जलस्तर में उतार-चढ़ाव के बीच बाढ़ का संकट अभी टला नहीं है। पूर्वांचल के कई जिलों में गंगा, सरयू, घाघरा और शारदा खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं, जबकि वाराणसी और प्रयागराज में नदियों का पानी धीरे-धीरे घटने से राहत के संकेत मिले हैं।

    बावजूद इसके बाढ़ग्रस्त इलाकों में जनजीवन सामान्य नहीं हो सका है। कई गांवों में पानी घुसने से संपर्क मार्ग बंद हो गए हैं और हजारों परिवार प्रभावित हैं। बारिश और जलभराव के बीच विभिन्न जिलों में दीवार या कच्चे मकान गिरने और नदियों और गड्ढों में डूबने से नौ लोगों की मौत हुई। बलिया में गंगा का जलस्तर खतरे के निशान 57.615 मीटर से 2.05 मीटर ऊपर 59.62 मीटर दर्ज किया गया। हालांकि गंगा में घटाव जारी है।

    सरयू का जलस्तर खतरे के निशान 64.010 मीटर से करीब 55 सेंटीमीटर ऊपर है। मऊ के पहाड़ी क्षेत्रों में वर्षा और नेपाल के बैराजों से पानी छोड़े जाने के कारण सरयू का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है। पिछले 24 घंटे में 10 सेंटीमीटर की वृद्धि हुई है। गाजीपुर में गंगा का पानी घट रहा है और सोमवार शाम जलस्तर खतरे के निशान से 13.5 सेंटीमीटर नीचे रहा। वाराणसी में गंगा का जलस्तर चेतावनी बिंदु से 70 सेंटीमीटर नीचे आ गया।

    फर्रुखाबाद में गंगा की बाढ़ से करीब 80 हजार आबादी प्रभावित
    सोमवार सुबह 69.62 मीटर से शाम छह बजे 69.56 मीटर पर पहुंच गया। घाटों की सीढ़ियां दिखने लगी हैं, लेकिन मणिकर्णिका और हरिश्चंद्र घाट पर शवदाह प्रभावित है। गंगा आरती अब भी घाटों की छतों से हो रही है। नौका संचालन पर रोक जारी है। प्रयागराज में भी गंगा-यमुना का जलस्तर घट रहा है। फर्रुखाबाद में गंगा की बाढ़ से 102 गांवों की करीब 80 हजार आबादी प्रभावित है।

    77 गांवों में पानी पहुंचने से 75 परिषदीय विद्यालय बंद कर दिए गए हैं। समैचीपुर चितार में कटान से पांच मकान और तीन झोपड़ियां गिर गईं। आजमगढ़ में बाढ़ के दबाव से बेलहिया संपर्क मार्ग टूट गया। जालौन में करीब 60 गांवों पर बाढ़ का खतरा है। वहीं, लखीमपुर के पलिया में शारदा खतरे के निशान से 28 सेंटीमीटर ऊपर बह रही है।

    बनबसा से 1.20 लाख क्यूसेक पानी छोड़े जाने के बाद कई संपर्क मार्ग जलमग्न हैं। सीतापुर में बैराजों से करीब 4.95 लाख क्यूसेक पानी छोड़ा गया है। रेउसा, रामपुर मथुरा और बेहटा क्षेत्र के 274 गांवों में संकट बना हुआ है। बहराइच में घाघरा खतरे के निशान से 42 सेंटीमीटर ऊपर है और 15 गांव प्रभावित हैं। बाराबंकी में 60 गांव तथा गोंडा में 20 गांवों के करीब 200 घरों में पानी घुस गया है।

    सीतापुर में दीवार गिरने से महिला की मौत
    अयोध्या में सरयू खतरे के निशान से 31 सेंटीमीटर ऊपर बह रही है। उधर, बांदा में नाले में डूबने से युवक की मौत हो गई, जबकि महोबा में दीवार गिरने से घायल वृद्ध ने दम तोड़ दिया। अयोध्या में पीडब्ल्यूडी कार्यालय की बाउंड्रीवाल गिरने से मोटरसाइकिल मिस्त्री रविंदर गौड़ की भी मौत हो गई।

    सीतापुर में दीवार गिरने से एक महिला की मौत हो गई, जबकि सुलतानपुर में रविवार आधी रात जर्जर खपरैल का कच्चा मकान ढह गया। इसके मलबे में मां व बेटे दब गए, जिसमें महिला की जान चली गई। इटावा में शौचालय की जमीन धंसने से करीब 60 फीट गहरा कुआं निकल आया, जिसे देखने के लिए लोगों की भीड़ जुटी रही।

    बरेली मंडल के शाहजहांपुर में रेलवे ट्रैक की मरम्मत के दौरान दो वर्ष पहले खोदे गए गड्ढे में डूबने से किशोर विनय व करन तथा बरेली में बालक भास्कर की उफनाते नाले और किसान राजवीर की रामगंगा में डूबने से जान चली गई।

    आंवला में अरिल नदी में बाइक सवार तीन युवक बह गए। पीलीभीत में नेपाल सीमावर्ती नौहल्हा नकटाह में नेपाली युवती सृष्टि मोबाइल फोन से रील बनाते समय फिसलकर शारदा में बह गई। उनकी तलाश की जा रही है। बरेली में एक दर्जन से ज्यादा मकान गिर गए हैं। डीएम ने बरेली के आठवीं तक के स्कूल बुधवार तक बंद कर दिए हैं।