Category: राज्य

  • यूपी का मतलब अनलिमिटेड पोटेंशियल, टेक्सटाइल सेक्टर बनेगा नई औद्योगिक ताकत: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ

    यूपी का मतलब अनलिमिटेड पोटेंशियल, टेक्सटाइल सेक्टर बनेगा नई औद्योगिक ताकत: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ

    लखनऊ

    मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि यूपी का मतलब अप यानी ‘अनलिमिटेड पोटेंशियल’ है। उत्तर प्रदेश के पास विरासत, हुनर, मानव संसाधन, उद्योग, उद्यमिता और देश का सबसे बड़ा बाजार है। दुनिया की सबसे युवा वर्कफोर्स भी हमारे पास है। अब इसी ताकत के सहारे उत्तर प्रदेश को ग्लोबल टेक्सटाइल हब बनाना है। हमारा लक्ष्य फाइबर से यार्न, यार्न से फैब्रिक, फैब्रिक से गारमेंट और गारमेंट से ब्रांड होते हुए ग्लोबल मार्केट तक पूरी वैल्यू चेन प्रदेश में विकसित करने का है।
     
    मुख्यमंत्री योगी मंगलवार को दो दिवसीय यूपी टेक्सटाइल्स कॉन्क्लेव-2026 के उद्घाटन समारोह को संबोधित कर रहे थे। इस दौरान उन्होंने यूपी टेक मित्र पोर्टल लॉन्च करने के साथ हथकरघा बुनकर समृद्धि योजना का शुभारंभ किया। कार्यक्रम में टेक्सटाइल सेक्टर में 5,196 करोड़ रुपये के नए निवेश प्रस्तावों के एमओयू किए गए। साथ ही 163 करोड़ रुपये के लेटर ऑफ कम्फर्ट और 60 करोड़ रुपये की सब्सिडी का वितरण किया गया। मुख्यमंत्री ने देशभर से आए टेक्सटाइल सेक्टर के प्रतिष्ठित उद्यमियों, निवेशकों, निर्यातकों, प्रदेश के परंपरागत बुनकरों, हथकरघा संचालकों और इस क्षेत्र में भविष्य तलाश रहे युवाओं का स्वागत और अभिनंदन किया।

    फैब्रिक सेक्टर में यूपी चौथा सबसे बड़ा निर्यातक राज्य

    मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि उत्तर प्रदेश की टेक्सटाइल पहचान हजारों वर्षों पुरानी है। वैदिक साहित्य से लेकर रामायण और महाभारत तक में काशी के रेशमी वस्त्रों का उल्लेख मिलता है। वाराणसी की सिल्क साड़ी, भदोही का कारपेट, लखनऊ की चिकनकारी, बरेली की जरी, कानपुर का टेक्सटाइल इकोसिस्टम और मेरठ में टेक्निकल टेक्सटाइल की संभावनाएं प्रदेश की विरासत और औद्योगिक क्षमता का प्रमाण हैं। प्रदेश में दो लाख हैंडलूम और पांच लाख से अधिक पावरलूम बुनकर इस सेक्टर की असली ताकत हैं। कृषि के बाद सर्वाधिक रोजगार का सृजन वस्त्र उद्योग करता है। उत्तर प्रदेश फैब्रिक मैन्युफैक्चरिंग में देश में तीसरे स्थान पर है और कुल फैब्रिक उत्पादन में उसकी हिस्सेदारी 13 से 14 प्रतिशत है। पिछले छह वर्षों में प्रदेश के वस्त्र, परिधान और हस्तशिल्प निर्यात में करीब 56 प्रतिशत की वृद्धि हुई है। यूपी इस सेक्टर में देश का चौथा सबसे बड़ा निर्यातक राज्य बन गया है। वर्ष 2025-26 में 21 हजार करोड़ रुपये से अधिक के निर्यात के साथ गौतमबुद्ध नगर देश के प्रमुख निर्यातक जिलों में दूसरे स्थान पर पहुंचा है।
     
    यूपी के 17 टेक्सटाइल उत्पादों को जीआई टैग

    मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी ने 2030 तक 350 बिलियन अमेरिकी डॉलर की टेक्सटाइल एवं अपैरल इकोनॉमी और 100 बिलियन डॉलर के निर्यात का लक्ष्य रखा है। इस राष्ट्रीय संकल्प में उत्तर प्रदेश अपनी पूरी क्षमता से भागीदारी करेगा। ओडीओपी के माध्यम से प्रदेश के 35 से अधिक जिलों के वस्त्र और हैंडलूम उत्पादों को नई पहचान मिली है। प्रदेश के 17 टेक्सटाइल उत्पादों को जीआई टैग मिल चुका है। स्वयं सहायता समूहों के माध्यम से लाखों महिलाएं भी इस सेक्टर से जुड़कर आत्मनिर्भर हो रही हैं। दुनिया की सबसे युवा वर्कफोर्स प्रदेश में उपलब्ध है, जो टेक्सटाइल सेक्टर को नई ऊंचाइयों तक ले जाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है।

    2017 से पहले वसूली की पर्ची लेकर लौट जाते थे निवेशक

    मुख्यमंत्री ने पिछली सरकारों पर हमला करते हुए कहा कि 2017 से पहले प्रदेश की पहचान ‘वन डिस्ट्रिक्ट-वन माफिया’ की बन गई थी। हर जनपद में माफिया की समानांतर सरकार चलती थी। कानून व्यवस्था चौपट थी। माफिया जहां हाथ रख देता, वह जमीन उसकी हो जाती और तत्कालीन सरकार मौन बनी रहती थी। निवेशक व्यापार का सपना लेकर आता था और वसूली की पर्ची लेकर लौट जाता था। दंगे, कर्फ्यू, गुंडा टैक्स और माफिया के कारण उद्योग लगाना मुश्किल था। बिजली और विकास एक परिवार तक सीमित था। आज यूपी कर्फ्यू, दंगा, माफिया और उपद्रव से मुक्त है। अब किसी ने बेटी, व्यापारी या निवेशक की सुरक्षा में सेंध लगाने का दुस्साहस किया तो उसके लिए दो ही जगह होंगी- जेल या जहन्नुम। अब कोई यूपी में खुलेआम पिस्टल लहरा कर नहीं चल सकता।

    यूपी का नाम सुनकर दूरी बना लेते थे लोग

    सीएम ने कहा कि 2017 से पहले प्रदेश के नागरिकों के सामने पहचान का संकट पैदा हो गया था। यूपी का नाम सुनकर प्रदेश के बाहर लोग यहां के नागरिकों को किराये पर मकान देने और होटल में कमरा देने तक से कतराते थे। किसी समाज और नागरिक के लिए इससे बड़ी त्रासदी क्या हो सकती है। यूपी का परिचय देने पर व्यक्ति को कई बार सामाजिक रूप से दूरी का सामना करना पड़ता था। यहां कोई पर्व और त्योहार शांतिपूर्ण तरीके से नहीं गुजरता था। उत्सव से पहले ही उपद्रव शुरू हो जाता था। पूरे प्रदेश में लोग दंगों की आग में झुलसते थे। बरेली, मथुरा के कोसीकलां, मुजफ्फरनगर और सहारनपुर जैसे स्थानों पर बड़े दंगे हुए। व्यापक पैमाने पर पलायन हुआ और महीनों तक कर्फ्यू लगा रहा।

    अराजकता का शिकार बनीं कानपुर की ऐतिहासिक कपड़ा मिलें

    मुख्यमंत्री ने कहा कि कानपुर की ऐतिहासिक कपड़ा मिलें भी इसी अराजक व्यवस्था की शिकार बनीं। मगहर की कताई मिल 1977 में बनी और 1997 में बंद हो गई। बुनकरों और छोटे टेक्सटाइल उद्यमियों को बैंक से ऋण मिलने में भी कठिनाई होती थी। डीबीटी की व्यवस्था के अभाव में सरकारी योजनाओं का लाभ न तो नागरिकों तक पहुंचता था और न ही उद्यमियों तक। 2017 के बाद उत्तर प्रदेश में बड़ा बदलाव आया है। अब यहां कानून का राज है।

    यूपी के पास हैं 36 सेक्टोरल पॉलिसी

    सीएम ने कहा कि कानून व्यवस्था में बदलाव और निवेश अनुकूल नीतियों का परिणाम है कि आज प्रदेश के पास 36 सेक्टोरल पॉलिसी हैं। देश के 55 प्रतिशत मोबाइल और 60 प्रतिशत इलेक्ट्रॉनिक कंपोनेंट का उत्पादन यूपी में हो रहा है। यूपी डिफेंस इंडस्ट्रियल कॉरिडोर के 6 स्ट्रेटेजिक नोड में 35 हजार करोड़ रुपये से अधिक के निवेश प्रस्ताव मिले हैं। प्रदेश में एमएसएमई के 12 प्लेज पार्क भी तैयार हो रहे हैं। पिछले 9 वर्ष में यूपी पर कैपिटा इनकम तीन गुना करने और वूमेन वर्कफोर्स की भागीदारी भी तीन गुना बढ़ाने में सफल रहा है। यूपी पिछले 6 वर्षों से रेवेन्यू सरप्लस स्टेट है। यह निवेशकों का भरोसा है कि हमें पिछले 9 वर्षों में 50 लाख करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए, जिसमें 15 लाख करोड़ रुपये के प्रस्ताव धरातल पर उतर चुके हैं। 65 लाख से अधिक युवाओं को रोजगार दिलाने में सफलता मिली है। हमने हर एमएसएमई को 5 लाख रुपये की सोशल सिक्योरिटी गारंटी दी है। आज यूपी में सर्वाधिक 96 लाख एमएसएमई यूनिट हैं।

    नोएडा बन रहा है अपैरल सिटी

    उन्होंने कहा कि टेक्सटाइल इंडस्ट्री अब केवल धागे, कपड़े और फैशन तक सीमित नहीं है। डिफेंस, हेल्थकेयर, कृषि और स्पोर्ट्स जैसे क्षेत्रों में टेक्निकल टेक्सटाइल तेजी से उभर रहा है। इसलिए उत्तर प्रदेश को ट्रेडिशनल टेक्सटाइल से आगे बढ़कर टेक्निकल टेक्सटाइल में भी अपनी ताकत बढ़ानी होगी। पीएम मित्र पार्क और संत कबीर टेक्सटाइल पार्क जैसी पहल इसी दिशा में आगे बढ़ रही हैं। वाराणसी, अमरोहा, बरेली, संतकबीरनगर और बिजनौर में परियोजनाओं के लिए भूमि आरक्षित की गई है। सीतापुर, मऊ, कानपुर, झांसी और रायबरेली में टेक्सटाइल एवं अपैरल पार्क के लिए भूमि चिन्हित करने की प्रक्रिया शुरू की गई है। नोएडा को अपैरल सिटी के रूप में विकसित किया जा रहा है।

    ग्लोबल वैल्यू चेन पार्टनर बनें एमएसएमई

    मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार चाहती है कि एमएसएमई केवल सब-कॉन्ट्रैक्टर नहीं, ग्लोबल वैल्यू चेन के पार्टनर बनें। युवा केवल जॉब सीकर नहीं, टेक्सटाइल एंटरप्रेन्योर और इनोवेटर बनें तथा कारीगर केवल सप्लायर नहीं, अपने ब्रांड के मालिक बनें। ‘डिजाइन इन यूपी, मेड इन यूपी और एक्सपोर्टेड फ्रॉम यूपी’ के मंत्र से प्रदेश के हुनर को वैश्विक पहचान मिले। निफ्ट रायबरेली और उत्तर प्रदेश टेक्सटाइल टेक्नोलॉजी इंस्टीट्यूट कानपुर युवाओं को आधुनिक जरूरतों के अनुरूप तैयार कर रहे हैं। यूपी आज पॉलिसी, इन्फ्रास्ट्रक्चर, टैलेंट और मार्केट हर स्तर पर तैयार है। अब प्रदेश की सांस्कृतिक पूंजी को आर्थिक पूंजी में बदलना है। बुनकर का हुनर, उद्यमी का कारोबार, युवाओं का रोजगार, महिलाओं की भागीदारी, निवेश और निर्यात बढ़ाकर उत्तर प्रदेश को दुनिया के प्रमुख टेक्सटाइल केंद्रों में स्थापित किया जाएगा।

    कार्यक्रम में खादी एवं ग्रामोद्योग, रेशम, हथकरघा एवं वस्त्र उद्योग मंत्री राकेश सचान, उत्तर प्रदेश ट्रांसफॉर्मेशन कमीशन के सीईओ मनोज कुमार सिंह, प्रमुख सचिव वस्त्र उद्योग अनिल कुमार सागर सहित देशभर के प्रमुख उद्यमी, निवेशक, निर्यातक और टेक्सटाइल सेक्टर के प्रतिनिधि मौजूद रहे।

  • योगी सरकार की जीरो टॉलरेंस नीति: लापरवाही पर पांच तहसीलदार निलंबित, 13 अन्य को नोटिस

    योगी सरकार की जीरो टॉलरेंस नीति: लापरवाही पर पांच तहसीलदार निलंबित, 13 अन्य को नोटिस

    लखनऊ

    योगी सरकार की जीरो टॉलरेंस नीति के तहत राजस्व मामलों में लापरवाही और उदासीनता पर कड़ी कार्रवाई की गई है। राजस्व अदालतों में लंबित वादों के समयबद्ध निस्तारण में अपेक्षित प्रगति नहीं मिलने पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर राजस्व परिषद ने पांच तहसीलदारों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है, जबकि 13 तहसीलदारों व नायब तहसीलदारों को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है। 7 सितंबर को प्रदेश के सभी राजस्व न्यायालयों में उत्तर प्रदेश राजस्व संहिता, 2006 की धारा-34 के तहत दाखिल वादों की तहसीलवार और अधिकारीवार गहन समीक्षा की गई थी, जिसके बाद यह सख्त कार्रवाई की गई।

    निलंबित किए गए अधिकारियों में अमित यादव तहसीलदार संडीला हरदोई, कृष्ण कुमार मिश्रा तहसीलदार देवरिया, सौरभ कुमार तहसीलदार जौनपुर, रंजन वर्मा तत्कालीन नायब तहसीलदार अयोध्या व सम्प्रति तहसीलदार गाजीपुर और अलख शुक्ला तहसीलदार जनपद प्रतापगढ़ शामिल हैं। इससे पहले 1 सितंबर 2026 को भी चार तहसीलदारों और एक नायब तहसीलदार को निलंबित किया गया था। यह कार्रवाई 29 अगस्त 2026 को मुख्यमंत्री द्वारा राजस्व अदालतों में लंबित वादों के समयबद्ध निस्तारण की उच्चस्तरीय समीक्षा के बाद दिए गए निर्देशों के क्रम में की जा रही है। समीक्षा में राजस्व वादों का निर्धारित समय सीमा के भीतर हर स्थिति में निस्तारण सुनिश्चित करने और किसी भी स्तर पर बरती गई लापरवाही अथवा उदासीनता पर नियमानुसार कठोर कार्रवाई के निर्देश दिए गए थे।

    13 तहसीलदारों व नायब तहसीलदारों को कारण बताओ नोटिस

    इसके अलावा वादों के निस्तारण में बरती गई लापरवाही के दृष्टिगत 13 तहसीलदारों व नायब तहसीलदारों के खिलाफ कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है। इनमें चंद्रशेखर वर्मा तत्कालीन तहसीलदार देवरिया व सम्प्रति तहसीलदार गोरखपुर, गोपाल जी तत्कालीन नायब तहसीलदार देवरिया व सम्प्रति नायब तहसीलदार कुशीनगर, रविरंजन कश्यप तहसीलदार जौनपुर, राकेश कुमार तत्कालीन तहसीलदार जौनपुर व सम्प्रति तहसीलदार बलरामपुर, कविता ठाकुर तत्कालीन तहसीलदार बाराबंकी व सम्प्रति तहसीलदार गोंडा, देवानन्द तिवारी तत्कालीन तहसीलदार सुल्तानपुर व सम्प्रति तहसीलदार फिरोजाबाद, स्नेहल वर्मा तत्कालीन नायब तहसीलदार अयोध्या व सम्प्रति नायब तहसीलदार लखनऊ, राहुल सिंह तहसीलदार अमेठी, अनिल कुमार तहसीलदार प्रतापगढ़, यजुवेन्द्र सिंह नायब तहसीलदार लखनऊ, सुखवीर सिंह नायब तहसीलदार लखनऊ, रमाशंकर मिश्रा नायब तहसीलदार रायबरेली और शार्द सिंह तहसीलदार लखनऊ शामिल हैं।

    राजस्व परिषद की ओर से इन अधिकारियों के खिलाफ नियमानुसार अनुशासनात्मक कार्रवाई भी शुरू की जा रही है। मामलों में जवाबदेही निर्धारित करते हुए नियमानुसार अग्रेतर कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। राजस्व न्यायालयों में लंबित वादों का समयबद्ध और प्रभावी निस्तारण शासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। मुख्यमंत्री द्वारा की गई समीक्षा के क्रम में राजस्व परिषद द्वारा राजस्व न्यायालयों के कार्यों की प्रगति और निस्तारण की स्थिति पर विशेष निगरानी रखते हुए अधिकारियों की जवाबदेही सुनिश्चित की जा रही है।

    राजस्व परिषद ने स्पष्ट किया है कि यह कार्रवाई सिर्फ एक बार होने वाली कार्रवाई नहीं, बल्कि एक सतत और निरंतर प्रक्रिया का हिस्सा है। राजस्व न्यायालयों में लंबित वादों के निस्तारण में लापरवाही और उदासीनता किसी भी स्तर पर स्वीकार्य नहीं होगी। वादों के समयबद्ध निस्तारण में अपेक्षित प्रगति नहीं पाए जाने अथवा कार्यों में लापरवाही पर संबंधित अधिकारियों के खिलाफ बिना किसी शिथिलता के नियमानुसार दंडात्मक कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी, जिससे प्रदेश के किसानों और आम नागरिकों को त्वरित, पारदर्शी और सुलभ न्याय उपलब्ध हो सके।

  • आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं-सहायिकाओं के मानदेय वृद्धि का शासनादेश जारी

    आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं-सहायिकाओं के मानदेय वृद्धि का शासनादेश जारी

    लखनऊ

    मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की घोषणा के अनुपालन में शासन ने आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं एवं सहायिकाओं के मानदेय में वृद्धि का शासनादेश जारी कर दिया है। मंगलवार को अपर मुख्य सचिव, महिला कल्याण एवं बाल विकास लीना जौहरी ने इस संबंध में शासनादेश जारी किया। इसके तहत आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं के राज्यांश में 4,000 रुपये प्रतिमाह और सहायिकाओं के राज्यांश में 2,000 रुपये प्रतिमाह की अतिरिक्त वृद्धि की गई है। इसके बाद कार्यकर्ताओं को कुल 12,000 रुपये और सहायिकाओं को 6,000 रुपये प्रतिमाह मानदेय मिलेगा।  
     
    राज्यांश में फिक्स्ड व वैरिएबल पीएलआई शामिल

    शासनादेश के अनुसार, कार्यकर्ताओं के राज्यांश में 1,500 रुपये अतिरिक्त फिक्स्ड मानदेय तथा 2,500 रुपये अतिरिक्त वैरिएबल पीएलआई मानदेय की वृद्धि की गई है। सहायिकाओं के राज्यांश में 750 रुपये अतिरिक्त फिक्स्ड मानदेय और 1,250 रुपये अतिरिक्त वैरिएबल पीएलआई मानदेय बढ़ाया गया है। वर्तमान में भारत सरकार के मानदेय एवं प्रोत्साहन राशि तथा राज्य सरकार के अतिरिक्त मानदेय को मिलाकर कार्यकर्ताओं को 8,000 और सहायिकाओं को 4,000 रुपये प्रतिमाह मिल रहे हैं।  

    सितंबर से लागू, अक्टूबर में भुगतान

    शासनादेश में स्पष्ट किया गया है कि बढ़ा हुआ मानदेय सितंबर 2026 से प्रभावी होगा और इसका भुगतान अक्टूबर 2026 में किया जाएगा। यह निर्णय आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं एवं सहायिकाओं के बढ़े कार्य-दायित्व, प्रारंभिक बाल्यावस्था देखभाल एवं शिक्षा (ईसीसीई), पोषण सेवाओं, डिजिटल माध्यमों के बढ़ते उपयोग तथा विभिन्न विभागीय योजनाओं के अभिसरण में उनकी भूमिका को देखते हुए लिया है।

    निदेशक को कार्रवाई के निर्देश
     
    अपर मुख्य सचिव लीना जौहरी ने निदेशक, बाल विकास सेवा एवं पुष्टाहार हर्षिता माथुर को शासनादेश के अनुरूप आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। शासनादेश में यह भी स्पष्ट किया गया है कि भविष्य में इस व्यवस्था में किसी भी बदलाव का निर्णय मुख्यमंत्री, उत्तर प्रदेश के अनुमोदन के अधीन होगा।

  • बांटे नियुक्ति पत्र, किया सम्मानित, बढ़े हुए मानदेय का चेक वितरण भी

    बांटे नियुक्ति पत्र, किया सम्मानित, बढ़े हुए मानदेय का चेक वितरण भी

    लखनऊ,

     मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने ‘आंगनवाड़ी की आवाज स्वस्थ बच्चा-शिक्षित समाज’ के तहत अयोध्या में आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं, सहायिकाओं, मेधावी बच्चों तथा पोषण, शिक्षा एवं महिला कल्याण से जुड़ी उत्कृष्ट अधीक्षिकाओं को सम्मानित किया। उन्होंने नव नियुक्त आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं व सहायिकाओं को नियुक्ति पत्र का वितरण भी किया। बढ़े हुए मानदेय के चेक वितरित किए गए। साथ ही 2,51,162 आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं को साड़ी के लिए डीबीटी के माध्यम से 29.11 करोड़ रुपये की धनराशि अंतरण किया। इस दौरान ‘नवीन टेक होम राशन’ (टीएचआर) कॉफी टेबल बुक का विमोचन भी हुआ।
     
    इनका किया गया सम्मान व दिया गया चेक, साड़ी, प्रशस्ति पत्र आदि 

    बढ़े हुए मानदेय का चेक वितरण
     सुनीता पांडेय – आंगनवाड़ी कार्यकर्ता
     सोनी साहू – आंगनवाड़ी सहायिका

    साड़ी वितरण
     ममता पांडेय – आंगनवाड़ी कार्यकर्ता
     नीलम यादव – आंगनवाड़ी कार्यकर्ता
     अर्चना मिश्रा – आंगनवाड़ी सहायिका
     सोनी साहू – आंगनवाड़ी सहायिका

    नव नियुक्त आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं व सहायिकाओं को नियुक्ति पत्र का वितरण
    ज्योति निषाद – आंगनवाड़ी सहायिका
    अमृता निषाद – आंगनवाड़ी सहायिका

    अति कुपोषित श्रेणी से सामान्य पोषण स्थिति प्राप्त करने वाले बच्चों तथा संबंधित आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं का सम्मान
    अनाया पुत्री  आरती
    परी कन्नौजिया पुत्री  सारिका
     मिथलेश कुमारी (आंगनवाड़ी कार्यकर्ता)

    महिला कल्याण विभाग द्वारा संचालित संवासिनी गृह के निवासरत बच्चों द्वारा शिक्षा संस्थान में उत्कृष्ट परिणाम के अंतर्गत
    मोहिनी पाल (इंटर में 82.02 प्रतिशत अंक) – प्रशस्ति पत्र व बैग
    भाविनी शर्मा (हाईस्कूल में 89.16 प्रतिशत अंक) – प्रशस्ति पत्र व बैग
    देवेश यादव (हाईस्कूल में 77 प्रतिशत अंक) – प्रशस्ति पत्र व बैग

    महिला कल्याण विभाग की उत्कृष्ट विभागीय सेवाओं हेतु सम्मान
     सफलता (अधीक्षिका राजकीय बाल गृह बालिका, लखनऊ) – प्रशस्ति पत्र
     नीतू सिंह (पर्यवेक्षक राजकीय बाल गृह बालिका, प्रयागराज) – प्रशस्ति पत्र

    बेटी-बचाओ, बेटी पढ़ाओ के अंतर्गत माउंट एवरेस्ट बेस कैंप का विजय अभियान करने वाली बालिकाएं
    नीलांशु – प्रशस्ति पत्र व बैग
    प्रियंका उपाध्याय – प्रशस्ति पत्र व बैग
    प्रियंका प्रजापति – प्रशस्ति पत्र व बैग

    वहीं आईआरएफसी नई दिल्ली के श्वेतकेतु मिश्रा (चीफ जनरल मैनेजर) व अवनीश प्रकाश ने दो करोड़ रुपये के सीएसआर के जरिए जनपद के 1,250 आंगनबाड़ी केंद्रों को प्री स्कूल किट उपलब्ध कराई। भारत केयर्स के सीईओ भोमिक शाह ने 5 हजार छात्राओं को स्कॉलरशिप दी और जगमग अयोध्या कार्यक्रम का क्रियान्वयन कराया। इन्हें भी सीएम योगी ने प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया।

  • अनुभवी चिकित्सकों की विशेषज्ञता का लाभ मिलेगा मरीजों को, अस्पतालों को भी मिलेगी बड़ी राहत

    अनुभवी चिकित्सकों की विशेषज्ञता का लाभ मिलेगा मरीजों को, अस्पतालों को भी मिलेगी बड़ी राहत

    लखनऊ

    उत्तर प्रदेश की सरकारी स्वास्थ्य सेवाओं को और सुदृढ़ करने की दिशा में प्रदेश सरकार ने महत्वपूर्ण पहल की है। अब सरकारी चिकित्सक सेवानिवृत्ति के बाद 70 वर्ष की आयु तक पुनर्नियुक्ति के माध्यम से अपनी सेवाएं दे सकेंगे। वर्तमान व्यवस्था के तहत सरकारी डॉक्टर 65 वर्ष की आयु तक सेवाएं दे रहे हैं। उप मुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक के निर्देश पर स्वास्थ्य विभाग के अपर मुख्य सचिव स्तर से इस संबंध में आदेश जारी करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।

    प्रदेश के सरकारी अस्पतालों, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों (सीएचसी) और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों (पीएचसी) में प्रतिदिन बड़ी संख्या में मरीज उपचार के लिए पहुंचते हैं। ऐसे में अनुभवी चिकित्सकों की सेवाएं लंबे समय तक उपलब्ध होने से मरीजों को विशेषज्ञ चिकित्सा परामर्श और बेहतर उपचार की सुविधा मिल सकेगी। अस्पतालों और स्वास्थ्य केंद्रों को भी इस पहल से राहत मिलेगी। 
    उप मुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने कहा कि प्रांतीय चिकित्सा एवं स्वास्थ्य सेवा संवर्ग स्वास्थ्य विभाग का प्रमुख चिकित्सकीय संवर्ग है। इसमें चिकित्सा अधिकारी एवं विशेषज्ञ चिकित्सक शामिल हैं, जो प्रदेश के सरकारी अस्पतालों, सीएचसी और पीएचसी में स्वास्थ्य सेवाओं की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी संभालते हैं। उन्होंने कहा कि सेवानिवृत्ति के बाद योग्य एवं अनुभवी चिकित्सकों को 70 वर्ष की आयु तक सेवाएं देने का अवसर मिलने से उनके लंबे अनुभव का सीधा लाभ मरीजों को मिलेगा। 

    अधिक सक्षम बनेंगी स्वास्थ्य सेवाएं

    डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक ने बताया कि इस निर्णय से विशेष रूप से विशेषज्ञ चिकित्सकों की कमी वाले चिकित्सकीय विभागों में यह व्यवस्था प्रभावी साबित होगी। ग्रामीण क्षेत्रों की स्वास्थ्य व्यवस्था को मजबूत करने में भी अनुभवी डॉक्टरों की भूमिका महत्वपूर्ण होगी। उन्होंने बताया कि स्वास्थ्य विभाग के अपर मुख्य सचिव को चिकित्सकों की सेवानिवृत्ति के बाद 70 वर्ष की आयु तक पुनर्नियुक्ति संबंधी आदेश जारी करने की प्रक्रिया आगे बढ़ाने के निर्देश दिए गए हैं। सरकार का उद्देश्य अनुभवी चिकित्सकों की विशेषज्ञता का अधिकतम उपयोग करते हुए प्रदेश की सरकारी स्वास्थ्य सेवाओं को और अधिक सक्षम, सुलभ एवं गुणवत्तापूर्ण बनाना है।

  • मुख्यमंत्री ने गुरु गोरखनाथ व नाथ संप्रदाय से संबंधित फिल्म के दृश्य भी देखे

    मुख्यमंत्री ने गुरु गोरखनाथ व नाथ संप्रदाय से संबंधित फिल्म के दृश्य भी देखे

    लखनऊ

    फिल्म 'हनुमान अंश' की टीम ने मंगलवार को उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से उनके आवास पर शिष्टाचार भेंट की। टीम में फिल्म के निर्माता, निर्देशक व सभी प्रमुख कलाकार शामिल रहे। निर्देशक विशाल चतुर्वेदी और मुख्य अभिनेता शोभिनव ने सीएम योगी को फिल्म के विषय और इसकी आध्यात्मिक पृष्ठभूमि के बारे में विस्तार से जानकारी दी।

    इस दौरान मुख्यमंत्री ने गुरु गोरखनाथ जी की पावन पंक्तियों और नाथ संप्रदाय से जुड़े फिल्म के अहम दृश्यों को देखा। निर्देशक विशाल चतुर्वेदी ने बताया कि फिल्म में परम पूज्य बाबा नीब करौरी और नाथ संप्रदाय के सिद्ध संतों की ऐतिहासिक मुलाकातों का विशेष चित्रण किया गया है। शोध बताते हैं कि अपने शुरुआती दौर में बाबा नीब करौरी लंबे समय तक नाथ संप्रदाय के संतों के सान्निध्य में रहे थे, जहां से उन्होंने दिव्य आध्यात्मिक ऊर्जा और शक्तियों को ग्रहण किया था।

    सीएम योगी ने फिल्म एवं इसके निर्माण से जुड़े सभी सदस्यों के प्रयासों को सराहा और अपनी शुभकामनाएं भी दीं। गौरतलब है कि फिल्म 'हनुमान अंश' प्रसिद्ध संत बाबा नीब करौरी (नीम करौली बाबा) के जीवन और उनकी हनुमान भक्ति पर आधारित है। कम बजट में बनी इस फिल्म को दर्शकों का भारी समर्थन मिल रहा है।

  • खाद के लिए दुकानों के चक्कर खत्म, मोबाइल ऐप से होगी बुकिंग; बटाईदार भी उठा सकेंगे लाभ

    खाद के लिए दुकानों के चक्कर खत्म, मोबाइल ऐप से होगी बुकिंग; बटाईदार भी उठा सकेंगे लाभ

    पूर्णिया
     किसानों को अब खाद के लिए उर्वरक दुकानों की दौड़ नहीं लगानी पड़ेगी। किसान अब ऐप के माध्यम से खाद की बुकिंग कर सकेंगे। फ्रेमवर्क फॉर फर्टिलाइजर सेल के नाम से डिजिटल प्रणाली विकसित किया गया है। इसके तहत किसान घर बैठे मोबाइल ऐप के माध्यम से अपनी जरूरत के अनुसार खाद की बुकिंग कर सकेंगे।

    इसके लिए किसान की फार्मर आईडी होना अनिवार्य है। मोबाइल ऐप पर आधार संख्या और ओटीपी के माध्यम से किसान की पहचान का सत्यापन होगा। ऐप पर किसान अपने खेत और फसल का विवरण दर्ज कर आसानी से मोबाइल से ही खाद की बुकिंग कर रहे हैं।

    बुकिंग के बाद मोबाइल पर मिलने वाले क्यूआर कोड को अधिकृत विक्रेता के पास स्कैन कराने पर तुरंत खाद उपलब्ध कराई जाएगी।

    कृषि कर्मियों को दी गई है जागरूकता की जिम्मेदारी
    अधिकारियों का मानना है कि इससे खाद के वितरण में पारदर्शिता आएगी और वास्तविक किसानों तक उर्वरक पहुंचाने में मदद मिलेगी। नई व्यवस्था को लेकर किसानों को जानकारी देने की जिम्मेदारी पंचायत एवं प्रखंड स्तर के कृषि कर्मियों को दी गई है।

    किसान सलाहकार, कृषि फसल की जानकारी ऐप में दर्ज करेंगे तो उसके अनुसार उर्वरक की उचित मात्रा ऐप पर दिखेगी।

    जिला कृषि पदाधिकारी ने बताया कि जिन किसानों की फार्मर आईडी नहीं बनी है, उन्हें पहले इसे बनवाना होगा। फार्मर आईडी बनने के बाद किसान मोबाइल ऐप के माध्यम से खाद की बुकिंग कर सकेंगे।

    कृषि विभाग का मानना है कि डिजिटल बुकिंग शुरू होने के बाद खाद की उपलब्धता और वितरण पर निगरानी पहले से अधिक प्रभावी होगी।

    बटाइदार भी कर सकेंगे खाद का उठाव
    जिन किसानों की जमीन उनके नाम पर दर्ज है, वे आसानी से इस व्यवस्था का लाभ उठा सकेंगे। जिन किसानों के पूर्वजों के नाम जमीन दर्ज है या जिनका नाम जमाबंदी में नहीं है, उनके लिए भी निर्धारित प्रक्रिया के तहत फार्मर आईडी बनाने की व्यवस्था की गई है।

    संयुक्त स्वामित्व वाली जमीन समेत जिन किसानों की फार्मर रजिस्ट्री आईडी नहीं बनी है, जो बटाईदार हैं या फिर सामुदायिक, मंदिर, सरकारी अथवा संस्थागत जमीन पर खेती करते हैं, उनके लिए भी इस निर्धारित प्रक्रिया के तहत खाद लेने की पूरी व्यवस्था की गई है।

    विभिन्न प्रकार की जमीन पर खेती करने वाले किसान भी निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार इस व्यवस्था से जुड़ सकेंगे।

    जिले में ऐप के माध्यम से एक सितंबर से खाद की बुकिंग शुरू हो गई है। इस डिजिटल पहल का उद्देश्य किसानों को उनकी जरूरत के अनुसार अनुशंसित मात्रा में उर्वरक उपलब्ध कराना और पूरी बिक्री व्यवस्था में पारदर्शिता लाना है। जिले में अब तक 4,846 किसानों ने ऐप के माध्यम से खाद की बुकिंग की है जिन्हें नियमानुसार उर्वरक उपलब्ध कराया जा रहा है। – विजय प्रकाश, जिला कृषि पदाधिकारी, पूर्णिया

     

  • अखिलेश यादव ने लॉन्च की समाजवादी छात्र सभा की नई यूनिफॉर्म, नीली टी-शर्ट और जींस में दिखेंगे छात्र

    अखिलेश यादव ने लॉन्च की समाजवादी छात्र सभा की नई यूनिफॉर्म, नीली टी-शर्ट और जींस में दिखेंगे छात्र

     लखनऊ

    समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने बुधवार को समाजवादी पार्टी प्रदेश मुख्यालय लखनऊ में आयोजित कार्यक्रम में सपा के छात्र संगठन समाजवादी छात्र सभा के लिए नया यूनिफार्म लॉन्च किया। समाजवादी छात्र सभा के नये यूनिफार्म में नीले रंग की टी-शर्ट और नीले रंग की जींस है। टी शर्ट पर समाजवादी छात्र सभा का लोगो छपा है।

    कार्यक्रम में समाजवादी छात्र सभा की राष्ट्रीय एवं प्रदेश कार्यकारिणी के पदाधिकारियों को संबोधित करते हुए  अखिलेश यादव ने कहा कि समाजवादी छात्र सभा दो सप्ताह का कार्यक्रम तय कर कॉलेज और विश्वविद्यालयों में छात्र जागरूकता अभियान चलाएगी। छात्रों को सदस्य बनाकर, समाजवादी विचारधारा को छात्रों तक पहुंचायेंगे।

    पीडीए वृक्षारोपण के बाद विश्वविद्यालय और महाविद्यालयों में शिविर लगाकर सम्पर्क कार्यक्रम तथा पर्चा वितरण, विश्वविद्यालय, महाविद्यालयों में छात्र-छात्राओं से सुझाव पत्र भरवाए जाएंगे। संगोष्ठी में वर्तमान राजनीति में छात्र-छात्राओं एवं युवाओं की भूमिका पर चर्चा होगी जबकि मेधावी छात्र-छात्राओं का सम्मान समारोह आयोजित होगा।  

     अखिलेश यादव ने कहा कि नई पीढ़ी की सोच नई होती है। उसी दिशा में काम कर समाजवादी पार्टी छात्रसभा को नई यूनिफार्म देकर छात्रों के बीच समाजवादी विचारधारा को पहुंचाने का काम करेगी। उन्होंने कहा कि यूनिफार्म सिर्फ यूनिफार्म नहीं होती है, इससे गैरबराबरी खत्म होती है। सब एक तरह से दिखाई देता है। यूनिफार्म यूनिफॉर्मिटी लाती है। इसीलिए छात्रसभा के नौजवान नई सोच, नई विचारधारा के साथ काम करते हुए कालेज-विश्वविद्यालयों में छात्रों को जोड़ेंगे। सपा छात्रसभा के पदाधिकारी छात्रों के बीच समाजवादी विचारों और मूल्यों को लेकर जाएंगे।

      अखिलेश यादव ने कहा कि समाजवादी पार्टी अपनी प्रोगेसिव एप्रोच, पॉजिटिव सोच, लोकतांत्रिक तरीका, अपने अफरमेटिव और डेमोक्रेटिक एक्शन, सोशलिस्ट विचारधारा को छात्रों के बीच पहुंचाने और पीडीए आंदोलन से छात्रों नौजवानों को जोड़ने के लिए कार्य करेगी। उन्होंने कहा कि समाजवादी पार्टी का पीडीए पॉजिटिव, डेमोक्रेटिक और अफरमेटिव एक्शन के लिए जाना जाता है। वहीं हमारा पीडीए भाजपा सरकार से पीड़ित, दुखी, अपमानित लोगों को जोड़कर काम कर रहा है। हम सब एक सकारात्मक सोच के साथ एकजुट होकर जमीन पर समाजवादी विचारधारा के लिए काम करेंगे।

     अखिलेश यादव ने कहा कि पीडीए का मतलब प्रेेम, दया, अपनापन भी है। हम लोग जितने प्रेम से व्यवहार, दया और अपनापन से काम करेंगे, उसी से समाजवादी छात्रसभा और लोगों को जोड़ेगी। उन्होंने कहा कि सामाजिक न्याय की बात वर्षों पुरानी है। सिर्फ न्याय से बात नहीं बनेगी इसलिए पीडीए के लोगों को जोड़कर सामाजिक न्याय के राज की स्थापना का काम करेंगे। सपा के सामाजिक न्याय के राज में किसी के साथ भेदभाव,पक्षपात नहीं होगा। इसमें कोई नकारात्मक चीज नहीं होगी।  अखिलेश यादव ने कहा कि हमारे देश की पहचान अनेकता में एकता है। अनेक जाति धर्म के लोग मिलकर कर एक साथ रहते हैं। हमारे महापुरुषों ने वसुधैव कुटुंबकम का संदेश दिया। हम लोग उसी रास्ते पर चलकर बंधुराष्ट्र बनाने का काम करेंगे। उन्होंने कहा कि जो लोग नकारात्मक है। समाज को बांटने का काम करते हैं उनके लिए समाजवादी छात्र सभा का संदेश बंधुराष्ट्र का होगा।

        उन्होंने कहा कि समाज में जितना सौहार्द होगा, भविष्य उतना बेहतर होगा। लोकतंत्र यही रास्ता दिखाता है। बाबा साहब डा. भीमराव अंबेडकर का संविधान भी यही रास्ता दिखाता है।  यादव ने कहा कि इधर जेन जी, एल्फा और नई पीढ़ी की बात हो रही है। उनके बीच में नई सोच और नए विचारों के साथ सपा के छात्र नौजवान जोड़ने का काम करेंगे। उन्होंने कहा कि नई टेक्नोलॉजी में नए तरह के कार्य और रोजगार विकसित हो रहे हैं। छात्र सभा के नौजवान जब कालेज कैम्पस में जाएंगे तो नए विचार मिलेंगे, समाजवादी पार्टी छात्रों के नए विचारों को अपने चुनाव घोषणा पत्र में शामिल करेगी जिससे हम लोग नियो इंडिया बनाने में सफल हो। उन्होंने कहा समाजवादी पार्टी का रास्ता लोकतांत्रिक मूल्यों और मानवता का है।

         अखिलेश यादव ने कहा कि प्रदेश में समाजवादी सरकार बनने के बाद छात्रसंघों के जीते हुए पदाधिकारियों की एक कमेटी बनाकर दुनिया के बेहतरीन विश्वविद्यालय कैम्पस कैम्ब्रिज, आक्सफोर्ड और यूरोपियन यूनियन के विश्वविद्यालयों में टाईअप कर भेंजेगे, भविष्य में छात्रसंघ का क्या रूप हो उस दिशा में काम करेंगे।

         अखिलेश यादव ने कहा कि मुझे खुशी है कि लोगों ने समाजवादी छात्र सभा की नई ड्रेस के नीले रंग को लोकतंत्र, विचारधारा और संविधान से जोड़ा है। नीला रंग बहुजन समाज और बाबा साहब के साथ तो रहा ही है, इधर हम लोग देखते हैं खेल मैदान ग्रीन से ब्लू टर्फ हो गए है। इस नीलू ब्लू कलर में नौजवान अच्छे दिख रहे है। नीले कलर में उम्र कम दिखती है। उन्होंने कहा कि जींस अपने आप में खास कर ब्लू कलर अन्याय के खिलाफ माना जाता है। आज जींस एक फैशन है। हर नौजवान जींस पहनता है। हम नौजवानों को जोड़ने के लिए बदलाव ला रहे हैं। उन्होंने कहा कि भाजपा के विचार नकारात्मक हैं। ये लोग रंगों से डरते हैं, नफरत करते हैं। लेकिन भाजपाई भगवान से नहीं डरते हैं। चढ़ावा और चंदा चोरी कर लेते हैं। चढ़ावा चोरी और चंदा चोरी करने वाले सबसे बड़े बहुरूपिया हैं।

     इस अवसर पर गोरखपुर की सामाजिक कार्यकर्ता सुशीला चौहान पत्नी राजकुमार चौहान, पूर्व पार्षद विराट चौहान, अंकुश निषाद, गोरखपुर से जिला पंचायत सदस्य कुलदीप निषाद, बीडीसी सदस्य प्रमोद चौहान अपने समर्थकों के साथ समाजवादी पार्टी में शामिल हुए।

    समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री  अखिलेश यादव ने सभी का स्वागत करते हुए कहा कि इस परिवार के साथ बहुत अन्याय हुआ है। अभी भी न्याय नहीं मिला।
           

  • बाबा रामदेव के दर्शन के लिए आसान होगा सफर, जोधपुर-रामदेवरा के बीच नियमित और मेला स्पेशल ट्रेनें

    बाबा रामदेव के दर्शन के लिए आसान होगा सफर, जोधपुर-रामदेवरा के बीच नियमित और मेला स्पेशल ट्रेनें

     जैसलमेर
    किसी के हाथ में बाबा की ध्वजा है, किसी के सिर पर चुनरी, आंखों में दर्शन की चमक और जयकारों से मेले की आस्था परवान चढ़ रही है। भोर की पहली किरण के साथ कोई बाबा के दरबार के लिए निकल रहा है तो कोई शाम ढलते ही ट्रेन पकड़कर धोरों की उस धरती की ओर बढ़ रहा है, जहां हर रास्ता आस्था से जुड़ जाता है। जोधपुर से रामदेवरा के बीच चल रही नियमित ट्रेनों ने श्रद्धालुओं के इस आस्था-सफर को आसान बना दिया है। इस वर्ष रामदेवरा मेला 13 सितंबर 2026 से शुरू होकर 21 सितंबर 2026 (भादवा सुदी दशमी) तक चलेगा।

    उत्तर पश्चिम रेलवे के जोधपुर मंडल रेल प्रबंधक अनुराग त्रिपाठी ने बताया कि मेले में बढ़ते यात्री भार को देखते हुए नियमित ट्रेनों के साथ मेला स्पेशल ट्रेन का भी संचालन किया जा रहा है। श्रद्धालुओं की सुविधा और सुगम आवागमन के लिए रेलवे की ओर से आवश्यक व्यवस्थाएं की गई हैं।

    रामदेवरा जाने वाली ट्रेनें
    जोधपुर से रामदेवरा के लिए सुबह से रात तक नियमित ट्रेनों के विकल्प हैं। ट्रेन संख्या 12249 शकूरबस्ती-जैसलमेर स्वर्णनगरी एक्सप्रेस सुबह 4 बजे जोधपुर से रवाना होकर 7.01 बजे रामदेवरा पहुंचती है वहीं ट्रेन संख्या 20492 साबरमती-जैसलमेर सुपरफास्ट सुबह 6.10 बजे चलकर 9.07 बजे रामदेवरा पहुंचती है।

    इसी तरह दोपहर में ट्रेन संख्या 74844 भगत की कोठी-जैसलमेर डेमू दोपहर 2 बजे जोधपुर से रवाना होकर 5.25 बजे रामदेवरा पहुंचती है। दोपहर में ही ट्रेन 20486 साबरमती-जैसलमेर सुपरफास्ट जोधपुर से दोपहर 2.50 बजे रवाना होकर शाम 6.25 बजे रामदेवरा, जबकि शाम को ट्रेन संख्या 15014 काठगोदाम-जैसलमेर रानीखेत एक्सप्रेस और 25014 काठगोदाम-जैसलमेर कॉर्बेट पार्क लिंक एक्सप्रेस शाम 5 बजे रवाना होकर करीब 8 बजे रामदेवरा पहुंचती हैं।

    ट्रेन संख्या 14087 दिल्ली-जैसलमेर रुणिचा एक्सप्रेस शाम 7.40 बजे जोधपुर से रवाना होती है जो रात 11.20 बजे रामदेवरा पहुंचा देती है। साप्ताहिक ट्रेन के रूप में ट्रेन संख्या 22931 बांद्रा टर्मिनस-जैसलमेर सुपरफास्ट प्रत्येक शनिवार को सुबह 3.50 बजे जोधपुर से रवाना होकर 6.40 बजे रामदेवरा पहुंचती है।

    दर्शन के बाद वापसी की भी राह आसान
    बाबा के दर्शनों के बाद जोधपुर लौटने वालों के लिए भी सुबह से रात तक ट्रेनें हैं। ट्रेन संख्या 15013 जैसलमेर-काठगोदाम रानीखेत एक्सप्रेस सुबह 4.55 बजे रामदेवरा से रवाना होकर 8.20 बजे जोधपुर पहुंचती है। जबकि ट्रेन संख्या 20485 जैसलमेर-साबरमती सुपरफास्ट सुबह 7.53 बजे चलकर 11.30 बजे जोधपुर पहुंचती है। वहीं 74843 जैसलमेर-भगत की कोठी डेमू सुबह 9.10 बजे रामदेवरा से रवाना होकर 1.10 बजे जोधपुर, 20491 जैसलमेर-साबरमती सुपरफास्ट शाम 5.35 बजे चलकर रात 9 बजे और 12250 जैसलमेर-शकूरबस्ती स्वर्णनगरी एक्सप्रेस शाम 6.21 बजे चलकर रात 9.50 बजे जोधपुर आती है। इसी प्रकार रात में ट्रेन संख्या 14088 जैसलमेर-दिल्ली रुणिचा एक्सप्रेस 8.24 बजे रामदेवरा से रवाना होकर 11.40 बजे जोधपुर पहुंच रही है। वहीं ट्रेन संख्या 22932 जैसलमेर-बांद्रा टर्मिनस साप्ताहिक सुपरफास्ट प्रत्येक शनिवार रात 8.10 बजे रामदेवरा से चलकर 11.30 बजे जोधपुर आने का समय निर्धारित है।

  • ‘कोटा’ हेरोइन ने बढ़ाई बिहार पुलिस की चिंता, पूर्वोत्तर से आ रही खेप; डेढ़ साल में 17 किलो से ज्यादा बरामद

    ‘कोटा’ हेरोइन ने बढ़ाई बिहार पुलिस की चिंता, पूर्वोत्तर से आ रही खेप; डेढ़ साल में 17 किलो से ज्यादा बरामद

    पटना
    ड्रग्स तस्करी के अंतरराष्ट्रीय सिंडिकेट ने सिर्फ रूट ही नहीं बदला है, बल्कि हेरोइन की हाई क्वालिटी तैयार कर उसका स्वरूप भी बदल दिया है, जिसे 'कोटा' (हेरोइन) के नाम से जाना जाता है।

    सरसों के दाने की तरह दिखने वाले 'कोटा' (हेरोइन) की तस्करी भी साबुन और माचिस की डिब्बी में रखकर ठिकाने तक पहुंचाया जा रहा है। पहले बिहार एसटीएफ के हाथ 'कोटा' (हेरोइन) लगा था, जिसकी मात्रा कम थी, लेकिन इसका असर बेहद खतरनाक बताया गया। इसका दिमाग और शरीर पर बहुत घातक प्रभाव पड़ता है।

    बिहार पुलिस कुछ दिन पहले इसका एक वीडियो क्लिप बनाकर इंटरनेट मीडिया पर अपलोड कर लोगों को जागरूक भी किया था। एसटीएफ 'कोटा' (हेरोइन) बरामदगी मामले में अब तक 27 केस दर्ज करा चुकी है और 71 आरोपितों को जेल भेजा जा चुका है। इनमें 15 महिलाएं शामिल थीं।

    बिहार पुलिस ने अपील की कि आपके पास नशीले पदार्थों की खरीद-फरोख्त, तस्करी या सेवन से संबंधित कोई सूचना है, तो तुरंत 1933 पर काल करें। आपकी पहचान गोपनीय रखी जाएगी। नशीले पदार्थों का नेटवर्क तेजी से बढ़ा है, जिसके खिलाफ बिहार पुलिस और एसटीएफ लगातार बड़े स्तर पर छापेमारी कर रही हैं।

    कुछ दिन पूर्व बरौनी रेलवे स्टेशन के प्लेटफार्म पर बने नए फुटओवर ब्रिज के नीचे से पुलिस ने दो महिलाओं समेत चार ड्रग तस्करों को गिरफ्तार किया है। इनके पास से 118 ग्राम कोटा हेरोइन बरामद की गई है। यह हेरोइन बिहार या उसके आसपास के राज्यों से नहीं, बल्कि पूर्वोत्तर राज्य नागालैंड से लाई गई थी।

    उन्हें यह मादक पदार्थ नागालैंड के ज्यूरक शहर के रहने वाले एक तस्कर ने सप्लाई किया था। चारों आरोपित कविगुरु एक्सप्रेस ट्रेन से सफर तय कर असम के कामाख्या से होते हुए बरौनी स्टेशन पहुंचे थे। इसी तरह मुजफ्फरपुर के कच्ची पक्की ओपी क्षेत्र में पुलिस ने घर में चल रहे रैकेट का भंडाफोड़ किया था।

    वहां से 25 ग्राम अवैध 'कोटा' हेरोइन की 64 पुड़िया बरामद कर एक तस्कर दंपती को गिरफ्तार किया था। बख्तियारपुर में एसटीएफ और पटना पुलिस ने संयुक्त कार्रवाई में सौ ग्राम हेरोइन के साथ चार तस्करों को दबोचा था।

    इसे आठ साबुनदानीनुमा डिब्बों में रखा गया था। इसी तरह नदी थाना क्षेत्र में छापेमारी कर एक घर से 162 ग्राम 'कोटा' (हेरोइन) और पैकिंग के 1,500 खाली डिब्बे जब्त किए गए थे।

    छिपाने के लिए अपना रहे शातिराना तरीका
    चेकिंग से बचने के लिए हेरोइन छिपाने का बेहद शातिराना तरीका अपना रहे हैं। बरौनी से गिरफ्तार दोनों महिलाओं ने हेरोइन से भरे प्लास्टिक के डिब्बों को अपने ब्लाउज के अंदर छिपा रखा था।

    दो अन्य तस्करों ने हेरोइन के पैकेटों को अपनी पैंट की जेब और पिठ्ठू बैग व प्लास्टिक के झोले में छिपा रखा था। तस्करी के दौरान किसी को संदेह नहीं हो, इसके लिए इसे सरसों के दाने की तरह तैयार कर कैरियर के जरिए तय ठिकाने पर भेजा जा रहा है।

    असम के दीमापुर और मणिपुर से पहुंच रही खेप
    सूत्रों की मानें तो पुलिस की छानबीन में सिंडिकेट से लेकर चेन से जुड़े कई राज उजागर हुए। स्थानीय लोगों को कैरियर के रूप में इस्तेमाल कर बस या ट्रेन से उन्हें पूर्वोत्तर राज्यों में बुला रहे हैं।

    असम के दीमापुर और मणिपुर के इम्फाल जैसे पूर्वोत्तर राज्यों से हेरोइन/कोटा की खेप लाकर बिहार के अलग-अलग जिलों में सप्लाई कर रहे हैं। नेपाल सीमा से सटे सीतामढ़ी और मुजफ्फरपुर के रास्ते चरस और अन्य ड्रग्स को बिहार के बाहर भी तस्करी की जा रही है।

    डेढ़ वर्ष में 17 किलोग्राम से अधिक हेरोइन/स्मैक बरामद
    एसटीएफ और उसकी नार्कोटिक्स सेल की टीम ने वर्ष 2025 में अप्रैल से दिसंबर तक 7.662 किलोग्राम हेरोइन और 4.215 किलोग्राम स्मैक जब्त किया गया।

    इसी तरह वर्ष 2026 में जनवरी से आठ अगस्त तक 5.724 किलोग्राम हेरोइन/स्मैक बरामद किया गया। एसटीएफ का अभियान जारी है और लगातार किसी न किसी क्षेत्र में मादक पदार्थ के साथ गिरफ्तारी की जा रही है।