Category: राज्य

  • स्कूलों में बेटियों के लिए सुरक्षित और संवेदनशील माहौल, आत्मसम्मान से नेतृत्व तक योगी सरकार का खास प्लान

    स्कूलों में बेटियों के लिए सुरक्षित और संवेदनशील माहौल, आत्मसम्मान से नेतृत्व तक योगी सरकार का खास प्लान

    बेटियों के आत्मसम्मान, सुरक्षा, गरिमा और नेतृत्व क्षमता के लिए विद्यालयी वातावरण को अधिक संवेदनशील बना रही योगी सरकार

     रूप-रंग और शारीरिक बनावट को लेकर चिढ़ाने की प्रवृत्ति को समझेंगे शिक्षक

    सोशल मीडिया के प्रभाव और बॉडी इमेज पर बच्चों से संवाद की होगी तैयारी

    – लैंगिक रूढ़ियों की पहचान और कक्षा में संवेदनशील व्यवहार का होगा अभ्यास

    पॉक्सो अधिनियम और मासिक धर्म स्वास्थ्य से बाल सुरक्षा व गरिमापूर्ण वातावरण पर जोर

    लखनऊ,
    योगी सरकार बालिकाओं की शिक्षा को उनके आत्मसम्मान, सुरक्षा, गरिमा और नेतृत्व क्षमता से जोड़ते हुए विद्यालयी वातावरण को अधिक संवेदनशील बनाने की दिशा में काम कर रही है। इसी क्रम में बच्चों के आत्मसम्मान को प्रभावित करने वाले संवेदनशील मुद्दों पर शिक्षकों की समझ विकसित की जा रही है। रूप-रंग अथवा शारीरिक बनावट को लेकर चिढ़ाना, स्वयं और दूसरों को केवल शरीर या रूप-रंग के आधार पर देखना, अपने शरीर और उसकी क्षमताओं को पहचानना, सोशल मीडिया का प्रभाव तथा लैंगिक रूढ़ियां प्रशिक्षण के प्रमुख विषय हैं। 

    विशेष परियोजना फॉर इक्विटी के अंतर्गत मीना मंच कार्यक्रम एवं सेल्फ-एस्टीम परियोजना के लिए आज से दो बैच में 100 प्रतिभागियों का दो दिवसीय मास्टर ट्रेनर प्रशिक्षण शुरू हो गया है। व्यापक प्रशिक्षण रूपरेखा में कुल 450 मास्टर ट्रेनर्स को तैयार करने का लक्ष्य है। 

    इस पहल का उद्देश्य शिक्षकों को बच्चों के संवेदनशील अनुभवों को समझने और उनके साथ प्रभावी संवाद के लिए तैयार करना है, ताकि विद्यालयों में सुरक्षित, सहभागी और सम्मानजनक वातावरण मजबूत हो तथा हर बालिका आत्मविश्वास के साथ अपनी शिक्षा और भविष्य की ओर आगे बढ़ सके।

    आत्मसम्मान से जुड़े मुद्दों पर समझ
    प्रशिक्षण में नव-विकसित चार कॉमिक पुस्तकों को शिक्षण संसाधन के रूप में शामिल किया गया है। इनके माध्यम से रूप-रंग और शारीरिक बनावट के आधार पर चिढ़ाने एवं परेशान करने, शरीर को लेकर बच्चों की धारणाओं, अपने शरीर से जुड़ाव एवं उसकी क्षमताओं तथा सोशल मीडिया के प्रभाव जैसे विषयों को समझाया जा रहा है। इन संसाधनों के उपयोग से बच्चों के नामांकन, नियमित उपस्थिति और विद्यालयी गतिविधियों में सक्रिय भागीदारी बढ़ाने के तरीकों का भी प्रदर्शन होगा। 

    लैंगिक रूढ़ियों पर संवेदनशील संवाद
    प्रशिक्षण में मीना मंच के गठन, ‘पॉवर एंजिल’ की भूमिका और सहभागितापूर्ण सहजीकरण की प्रक्रिया पर काम हो रहा है। एसटीएआरएस सिद्धांत के माध्यम से सुरक्षित वातावरण में बच्चों की बात सुनने, बिना पूर्वधारणा के संवाद करने, सभी आवाजों को महत्व देने और अनुभवों से सीखने की प्रक्रिया समझाई जा रही है। लैंगिक रूढ़ियों की पहचान तथा कॉमिक्स और कक्षा गतिविधियों के माध्यम से इन विषयों पर संवाद का भी अभ्यास हो रहा है। 

    पॉक्सो अधिनियम से बाल सुरक्षा पर जोर
    प्रशिक्षण के पहले दिन लैंगिक अपराधों से बालकों का संरक्षण अधिनियम (पॉक्सो अधिनियम) पर चर्चा के माध्यम से बाल सुरक्षा के प्रमुख संदेशों को स्पष्ट किया गया। मॉक प्रदर्शन और रचनात्मक प्रतिक्रिया के माध्यम से प्रतिभागियों के सहजीकरण कौशल को मजबूत करने का प्रयास हुआ। बच्चों और शिक्षकों की कहानियों को एकत्रित, दस्तावेजीकृत और प्रस्तुत करने की प्रक्रिया पर भी काम होगा। 

    किशोर-किशोरियों के जीवन से जोड़ने का अभ्यास होगा
    दूसरे दिन संशोधित ‘प्रगति के पंख’ मॉड्यूल के चार नए अध्यायों, 13 सत्रों और शिक्षक मार्गदर्शिका की समझ विकसित की जाएगी। समूह अभ्यास और मॉक सत्रों के माध्यम से इसके सत्रों को पाठ्यक्रम तथा किशोर-किशोरियों के जीवन से जोड़ने का अभ्यास होगा। ‘अरमान’ मॉड्यूल और अभिभावक सत्रों की जानकारी भी दी जाएगी। 

    मासिक धर्म स्वास्थ्य और गरिमा पर चर्चा
    उच्चतम न्यायालय के डॉ. जया ठाकुर बनाम भारत सरकार एवं अन्य (2026) निर्णय के प्रमुख निहितार्थों पर भी चर्चा होगी। मासिक धर्म स्वास्थ्य, गरिमा और विद्यालय की जिम्मेदारियों के अंतर्गत सुरक्षित शौचालय, पानी, आवश्यक उत्पाद, निस्तारण, गोपनीयता और जागरूकता जैसे विषयों पर विद्यालयी स्तर पर व्यावहारिक कदम तय करने का अभ्यास कराया जाएगा। 

    कोट:
    योगी सरकार बालिकाओं को शिक्षा के साथ आत्मसम्मान, सुरक्षा और नेतृत्व का वातावरण देने के लिए प्रतिबद्ध है। रूप-रंग, शारीरिक बनावट, सोशल मीडिया और लैंगिक रूढ़ियों जैसे संवेदनशील विषयों को समझना शिक्षकों के लिए बेहद आवश्यक है। मीना मंच के माध्यम से शिक्षकों को तैयार करने से विद्यालयों में बच्चों के साथ अधिक संवेदनशील और प्रभावी संवाद को मजबूती मिलेगी।
    संदीप सिंह, राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार), बेसिक शिक्षा

    कोट:
    बच्चों के आत्मसम्मान और सुरक्षित वातावरण के लिए शिक्षकों का संवेदनशील होना महत्वपूर्ण है। प्रशिक्षण में बॉडी इमेज, सोशल मीडिया के प्रभाव, लैंगिक रूढ़ियों, बाल सुरक्षा और मासिक धर्म स्वास्थ्य जैसे विषयों को व्यावहारिक गतिविधियों से जोड़कर समझाया जा रहा है। प्रशिक्षित मास्टर ट्रेनर्स के माध्यम से यह समझ विद्यालय स्तर तक प्रभावी रूप से पहुंचाई जाएगी।
    मोनिका रानी, महानिदेशक, स्कूल शिक्षा

  • पंजाब जेल में सख्ती के बावजूद नशे-मोबाइल का खेल जारी, 10 हवालाती नामजद

    पंजाब जेल में सख्ती के बावजूद नशे-मोबाइल का खेल जारी, 10 हवालाती नामजद

    फिरोजपुर.

    केंद्रीय जेल फिरोजपुर में जेल प्रशासन की ओर से समय-समय पर चलाए गए तलाशी अभियान के दौरान 9 मोबाइल फोन , नशीले कैप्सूल और डाटा केबल बरामद हुए हैं।

    यह जानकारी देते हुए थाना सिटी फिरोजपुर के सब इंस्पेक्टर सुखदेव सिंह ने बताया कि इस बरामदगी को लेकर थाना सिटी फिरोजपुर की पुलिस द्वारा जेल अधिकारियों की ओर से भेजी गई लिखित जानकारी के आधार पर थाना सिटी फिरोजपुर की पुलिस द्वारा 10 हवालातियों के खिलाफ पंजाब प्रिजन करेक्शनल सर्विस एक्ट 2026 के तहत मामला दर्ज किया गया है।

    उन्होंने बताया कि केंद्रीय जेल फिरोजपुर के सुपरीटेंडेंट ने थाना सिटी फिरोजपुर की पुलिस को भेजे लिखती पत्र में बताया है कि हवालाती संदीप सिंह, हवालाती आकाश उर्फ छोटू, हवालाती गुरदीप सिंह, हवालाती करण कुमार, हवालाती सुमित, हवालाती अरुण उर्फ सरबजीत सिंह, हवालाती दीपक उर्फ दीपा, भवनेश पुत्र हरमेश वासी जम्मू, हवालाती दीपक वासी गुरदासपुर और हवालाती राजीव कुमार 6 टच स्क्रीन और 3 कीपैड मोबाइल फोन तथा 7 लाल रंग के नशीले कैप्सूल और एक सफेद रंग की डाटा केबल बरामद हुई है। सब इंस्पेक्टर सुखदेव सिंह ने बताया कि पुलिस द्वारा नामजद हवालातियों के खिलाफ आगे की कार्रवाई की जा रही है।

  • जलाशय से खेत तक पहुंचेगा पानी, बूंद-बूंद के बेहतर इस्तेमाल का मॉडल तैयार, 31 दिसंबर तक निर्माण पूरा करने का लक्ष्य

    जलाशय से खेत तक पहुंचेगा पानी, बूंद-बूंद के बेहतर इस्तेमाल का मॉडल तैयार, 31 दिसंबर तक निर्माण पूरा करने का लक्ष्य

    इंडिया-इजराइल परियोजना: बुंदेलखंड में जल संकट का समाधान निकाल रहा योगी सरकार का आधुनिक जल प्रबंधन मॉडल

    19.1 करोड़ की इंडिया-इजराइल परियोजना में तेजी, गंगावली में सोलर पंप, इंटेक पाइप व नेचुरल एसटीपी का काम पूरा

    जलाशय से खेत तक पहुंचेगा पानी, बूंद-बूंद के बेहतर इस्तेमाल का मॉडल तैयार, 31 दिसंबर तक निर्माण पूरा करने का लक्ष्य

    8.5 हेक्टेयर में दिखेगी कम पानी में बेहतर खेती की तकनीक, गंगावली मॉडल का 24 गांवों तक विस्तार करने की तैयारी

    72 प्रशिक्षण सत्रों से किसानों को मिलेंगे आधुनिक सिंचाई और खेती के गुर, हर सत्र में हिस्सा लेंगे 100 किसान

    लखनऊ
     बुंदेलखंड में जल संकट और सीमित जल संसाधनों के बीच योगी सरकार जल संरक्षण, सिंचाई दक्षता और आधुनिक कृषि तकनीक को बढ़ावा देने के लिए इंडिया-इजराइल बुंदेलखंड वाटर प्रोजेक्ट को आगे बढ़ा रही है। झांसी के विकासखंड बड़ागांव स्थित ग्राम गंगावली में करीब 19.1 करोड़ रुपये की लागत से चल रहे मिनी पायलट प्रोजेक्ट में कई महत्वपूर्ण कार्य पूरे हो चुके हैं। जलाशय का अर्थवर्क और जियोमेम्ब्रेन लाइनिंग, सोलर पंप की स्थापना, नहर से जलाशय तक इंटेक पाइप और इंटेक वेल, पीयूएफ पैनल आधारित भवनों समेत कई प्रमुख काम पूरे किए जा चुके हैं। अब अगले चरण में माइक्रो इरिगेशन, ग्रीनहाउस, सिंचाई ऑटोमेशन और किसान प्रशिक्षण जैसे कार्यों को आगे बढ़ाया जाएगा।

    जल संरक्षण से आधुनिक खेती तक एक ही मॉडल
    नमामि गंगे और ग्रामीण जलापूर्ति विभाग के विशेष सचिव एवं निदेशक, भूगर्भ जल विभाग डॉ राजेश कुमार प्रजापति ने कहा कि योगी सरकार की इस पहल का उद्देश्य बुंदेलखंड की स्थानीय जल उपलब्धता और कृषि परिस्थितियों के अनुसार ऐसा मॉडल तैयार करना है, जिसमें उपलब्ध पानी का अधिकतम और वैज्ञानिक तरीके से उपयोग किया जा सके। परियोजना में जल संरक्षण, जल भंडारण, सौर ऊर्जा, माइक्रो इरिगेशन, आधुनिक कृषि तकनीक और किसान प्रशिक्षण को एक साथ जोड़ा गया है। इसके तहत जलाशय, नहर से पानी लाने की व्यवस्था, पाइपलाइन, सोलर पंप, ड्रिप-स्प्रिंकलर, प्राकृतिक एसटीपी, कृषि मशीनरी और आधुनिक खेती की सुविधाएं विकसित की जा रही हैं। इसका मकसद किसानों को सीमित पानी में बेहतर सिंचाई और खेती का व्यावहारिक मॉडल उपलब्ध कराना है।

    नेचुरल एसटीपी का भी निर्माण
    गंगावली में परियोजना की प्रगति अब जमीन पर दिखाई देने लगी है। जलाशय क्षेत्र की डिमार्केशन और फेंसिंग का कार्य पूरा हो चुका है। जलाशय का अर्थवर्क और जियोमेम्ब्रेन लाइनिंग भी पूरी हो गई है। पीयूएफ पैनल आधारित भवनों का निर्माण पूरा होने के साथ वहां सीसीटीवी की व्यवस्था भी की जा चुकी है। इसके अलावा सोलर पंप स्थापित किया गया है। नहर से जलाशय तक इंटेक पाइप और जलाशय में इंटेक वेल का निर्माण भी पूरा हो चुका है। गांव से आने वाले अपशिष्ट जल को जलाशय में पहुंचने से रोकने और उसके उपचार के लिए नेचुरल एसटीपी का निर्माण किया गया है। जलाशय के आसपास सड़क का काम अभी प्रगति पर है।

    8.5 हेक्टेयर में होगा आधुनिक खेती का प्रदर्शन
    मिनी पायलट प्रोजेक्ट के तहत करीब 8.5 हेक्टेयर क्षेत्र में आधुनिक कृषि गतिविधियों का प्रदर्शन प्रस्तावित है। अगले चरण में ड्रिप और स्प्रिंकलर आधारित माइक्रो इरिगेशन सिस्टम को स्थापित और क्रियाशील किया जाएगा। इसके साथ ही ग्रीनहाउस, टनल, पाइपलाइन और सिंचाई ऑटोमेशन-एससीएडीए व्यवस्था को भी क्रियाशील किया जाएगा।

    इससे किसानों को यह समझने का अवसर मिलेगा कि फसल की जरूरत के अनुसार कितनी मात्रा में पानी दिया जाए और कम पानी में बेहतर उत्पादन कैसे हासिल किया जा सकता है। परियोजना में पानी की खपत, सिंचाई दक्षता, फसल उत्पादन, लागत और जल उत्पादकता जैसे मानकों पर तकनीकों के परिणामों का मूल्यांकन भी किया जाएगा।

    किसानों को खेत पर मिलेगा व्यावहारिक प्रशिक्षण
    परियोजना में केवल आधारभूत ढांचा तैयार करने के बजाय कि
    सानों को आधुनिक तकनीकों से जोड़ने पर भी जोर दिया गया है। प्रस्तावित प्रशिक्षण कार्यक्रम में कुल 72 प्रैक्टिकल ट्रेनिंग सेशन आयोजित किए जाएंगे। प्रत्येक सत्र में करीब 100 किसानों की भागीदारी का प्रावधान है। प्रशिक्षण में किसानों को वाटर बजटिंग, फर्टिगेशन, क्रॉप प्लानिंग, सिंचाई संचालन और कृषि मशीनरी के इस्तेमाल की जानकारी दी जाएगी। इससे किसान उपलब्ध पानी के आधार पर फसल क्षेत्र तय करने और सिंचाई का बेहतर प्रबंधन करने में सक्षम होंगे।

    24 गांवों तक पहुंचेगा गंगावली का मॉडल
    डॉ. राजेश कुमार प्रजापति ने कहा कि गंगावली में तैयार हो रहे मिनी पायलट प्रोजेक्ट के अनुभवों को आगे बड़े क्षेत्र में लागू करने की भी तैयारी है। अगले चरण में बड़ागांव विकासखंड में पाहुज नहर के डाउनस्ट्रीम स्थित 24 अन्य गांवों में विस्तृत प्रदर्शनात्मक प्रोजेक्ट प्रस्तावित है। इससे गंगावली में सफल रहने वाली उपयोगी तकनीकों को दूसरे गांवों तक पहुंचाने का रास्ता तैयार होगा।

    31 दिसंबर तक निर्माण पूरा करने का लक्ष्य
    भूगर्भ जल विभाग के अधिशासी अभियांता व वैयक्तिक सहायक निदेशक अनुपम ने कहा कि परियोजना के वर्तमान निर्माण एवं क्रियान्वयन चरण को 31 दिसंबर 2026 तक पूरा करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। इसके बाद ऑपरेशन एंड मेंटेनेंस के साथ परियोजना को जून 2029 तक संचालित करने का प्रस्ताव है। वहीं विस्तारित डेमोंस्ट्रेशन और किसान प्रशिक्षण कार्यक्रम अक्टूबर 2026 से मई 2029 तक प्रस्तावित है।

  • खेलकूद, सांस्कृतिक गतिविधियों और प्रतियोगिताओं के प्रतिभावान विद्यार्थियों का होगा सम्मान

    खेलकूद, सांस्कृतिक गतिविधियों और प्रतियोगिताओं के प्रतिभावान विद्यार्थियों का होगा सम्मान

    मेहनत और प्रतिभा को सम्मान देगी योगी सरकार, विद्यालयों के वार्षिकोत्सव में मिलेगा पुरस्कार

    चमकेगी बच्चों की प्रतिभा, 1.32 लाख परिषदीय विद्यालयों में होगा उपलब्धियों का सम्मान

     खेलकूद, सांस्कृतिक गतिविधियों और प्रतियोगिताओं के प्रतिभावान विद्यार्थियों का होगा सम्मान

    मेधावी बच्चों के साथ उनके अभिभावकों और सहयोगी एसएमसी सदस्यों को भी किया जाएगा सम्मानित

     

    लखनऊ
    मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में प्रदेश सरकार परिषदीय विद्यालयों के बच्चों की प्रतिभा को पहचान, प्रोत्साहन और सम्मान से जोड़ने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल कर रही है। योगी सरकार का जोर है कि पढ़ाई में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाला बच्चा हो, नियमित विद्यालय आने वाला हो, खेल के मैदान में अपनी प्रतिभा दिखाने वाला हो या सांस्कृतिक एवं विभिन्न प्रतियोगिताओं में आगे रहने वाला; हर उपलब्धि को मंच मिले और हर प्रतिभा को प्रोत्साहन मिले। इसी उद्देश्य से वर्ष 2026-27 की वार्षिक कार्ययोजना एवं बजट के अंतर्गत प्रदेश के 1,31,918 परिषदीय विद्यालयों में वार्षिकोत्सव के अंतर्गत पुरस्कार वितरण समारोह आयोजित किए जाएंगे।  

    वार्षिकोत्सव के अंतर्गत पुरस्कार वितरण समारोह 15 फरवरी 2027 से 15 मार्च 2027 के मध्य आयोजित किए जाएंगे। समारोह में ग्राम पंचायत के निर्वाचित प्रतिनिधि, विद्यालय प्रबंध समिति के सदस्य, अभिभावक और अन्य संबंधित लोगों को आमंत्रित किया जाएगा। कार्यक्रम में उपस्थित होने के लिए अध्यापकों द्वारा व्यक्तिगत रूप से तथा बच्चों द्वारा निर्मित निमंत्रण कार्ड के माध्यम से आमंत्रित करने के निर्देश दिए गए हैं। 

    योगी सरकार की इस पहल से बच्चों की मेधा, मेहनत, नियमितता और बहुआयामी प्रतिभा को पहचान मिलने के साथ उन्हें आगे बढ़ने के लिए प्रोत्साहन मिलेगा। पढ़ाई, खेलकूद, सांस्कृतिक गतिविधियों और प्रतियोगिताओं में उपलब्धि हासिल करने वाले बच्चों को सार्वजनिक मंच पर सम्मानित करने से परिषदीय विद्यालयों में उपलब्धि आधारित सकारात्मक वातावरण को और मजबूती मिलेगी।

    मेहनत और प्रतिभा के आधार पर बच्चों का सम्मान
    विद्यालय स्तर पर प्रत्येक कक्षा से विगत परीक्षा में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले एक छात्र और एक छात्रा को पुरस्कृत किया जाएगा। प्रत्येक कक्षा से सर्वाधिक उपस्थिति वाले एक छात्र और एक छात्रा को भी सम्मानित किया जाएगा। विभिन्न खेलकूद, सांस्कृतिक कार्यक्रमों और प्रतियोगिताओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले एक छात्र-छात्रा को भी पुरस्कृत किया जाएगा। इसके अलावा ऐसे अभिभावकों को सम्मानित किया जाएगा, जिनके बच्चे ने विगत परीक्षा में सर्वाधिक अंक प्राप्त किए हों अथवा विद्यालय में सर्वाधिक दिन उपस्थित रहे हों। विद्यालय की गतिविधियों एवं कार्यक्रमों में सहयोग करने वाले विद्यालय प्रबंध समिति के सदस्यों को भी सम्मानित किया जाएगा। समारोह में उपस्थित सभी छात्र-छात्राओं के उत्साहवर्धन और प्रोत्साहन के लिए यथासंभव टॉफी, चॉकलेट एवं रचनात्मक सामग्री का वितरण भी किया जा सकता है। 

    पुरस्कार में बच्चों के उपयोग की सामग्री
    पुरस्कार वितरण के लिए लंच बॉक्स, पानी की बोतल, ड्राइंग नोटबुक, कंपास एवं वाटर कलर, स्टेशनरी-ज्योमैट्रिक बॉक्स, पेंसिल, रबर, कटर एवं स्केल सहित पेन आदि सामग्री क्रय की जा सकती है। कहानी की किताब तथा महापुरुषों के जीवन चरित्र पर आधारित पुस्तकों को भी पुरस्कार के रूप में दिया जा सकता है। अभिभावकों के लिए शॉल, मोमेंटो तथा स्थानीय स्तर पर उपलब्ध हरित पौधे भी सम्मान सामग्री के रूप में दिए जा सकते हैं। 

    स्कूल स्तर से राज्य स्तर तक होगा अनुश्रवण
    पुरस्कार वितरण कार्यक्रम के प्रभावी आयोजन के लिए विभिन्न स्तरों पर अनुश्रवण की व्यवस्था की गई है। डायट, जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान द्वारा कम से कम दो ब्लॉक के कुल चार विद्यालयों में कार्यक्रम का अनुश्रवण किया जाएगा। सहायक शिक्षा निदेशक (बेसिक) द्वारा कम से कम दो जनपदों के कुल चार विद्यालयों में कार्यक्रम का अनुश्रवण किया जाएगा। जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी द्वारा कम से कम दो ब्लॉक के कुल चार विद्यालयों में पुरस्कार वितरण कार्यक्रम का अनुश्रवण किया जाएगा। प्रत्येक एसआरजी एवं एआरजी द्वारा कम से कम तीन विद्यालयों में कार्यक्रम का अनुश्रवण किया जाएगा। खंड शिक्षा अधिकारी द्वारा विकासखंड के कम से कम पांच विद्यालयों में तथा प्रत्येक एआरपी द्वारा कम से कम तीन ब्लॉक के कुल छह विद्यालयों में पुरस्कार वितरण कार्यक्रम का अनुश्रवण किया जाएगा। 

    कोट:
    योगी सरकार बच्चों की प्रतिभा को पहचान देने और उन्हें आगे बढ़ने के लिए प्रोत्साहित करने के लिए निरंतर प्रयास कर रही है। पढ़ाई में उत्कृष्ट प्रदर्शन के साथ खेलकूद, सांस्कृतिक गतिविधियों और अन्य क्षेत्रों में बेहतर करने वाले बच्चों को सम्मानित करने से उनमें आत्मविश्वास और आगे बढ़ने की प्रेरणा मजबूत होगी। यह पहल परिषदीय विद्यालयों के बच्चों की प्रतिभा को उचित मंच देने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।
    संदीप सिंह, बेसिक शिक्षा राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार)

    कोट:
    बच्चों की उपलब्धियों को सम्मान देना उनके भीतर सीखने और बेहतर करने की प्रेरणा को मजबूत करता है। पुरस्कार वितरण समारोह के माध्यम से शैक्षिक उपलब्धि, नियमित उपस्थिति, खेलकूद और सांस्कृतिक गतिविधियों में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को प्रोत्साहित किया जाएगा। हमारा प्रयास है कि प्रत्येक बच्चे की प्रतिभा को पहचान मिले और उसे आगे बढ़ने के लिए सकारात्मक वातावरण उपलब्ध हो।
    मोनिका रानी, महानिदेशक स्कूल शिक्षा, उत्तर प्रदेश

  • ‘लव क्लास’ में अनिरुद्धाचार्य की खास सीख, प्रेम, विवाह और परिवार के रिश्तों पर किया मार्गदर्शन

    ‘लव क्लास’ में अनिरुद्धाचार्य की खास सीख, प्रेम, विवाह और परिवार के रिश्तों पर किया मार्गदर्शन

    करनाल.

    श्रीमद्भागवत कथा के दौरान कथा वाचक अनिरुद्धाचार्य महाराज श्रद्धालुओं के धार्मिक सवालों के साथ उनके पारिवारिक और व्यक्तिगत जीवन से जुड़े प्रश्नों का भी सहज अंदाज में जवाब दे रहे हैं। कथा के दौरान एक दंपती का सवाल-जवाब खासा रोचक रहा।

    पति ने अपनी पत्नी के रहते दूसरी शादी करने की इच्छा जता दी। बातचीत में उसने बताया कि उसके पांच बच्चे हैं। उसका बड़ा बेटा 21 वर्ष का है और उसकी शादी भी हो चुकी है। इतना ही नहीं वह बेटा करीब दो माह पहले पिता बन चुका है और परिवार में पोते का भी आगमन हो चुका है। इसके बावजूद पति ने दूसरी शादी की इच्छा जताई। इस पर महाराज ने उसे समझाते हुए पत्नी के साथ प्रेम से रहने की बात कही। महाराज ने पहले पति से पत्नी के प्रति अपने व्यवहार पर विचार करने को कहा और फिर उससे पत्नी से माफी मांगने के लिए कहा। इसके बाद उन्होंने पति से पत्नी की ओर देखकर आइ लव यू बोलने को कहा। पति ने पत्नी से आइ लव यू कहा, इसके बाद पत्नी से भी यही बात कहने के लिए कहा गया तो उसने भी पति को आइ लव यू कहा। इस प्रसंग के जरिए महाराज ने दंपती को आपसी प्रेम, समझ और परिवार को साथ लेकर चलने की सीख दी।

    प्रेम के लिए परिवार से दूर हुई युवती का सवाल
    एक युवती ने अंतरजातीय प्रेम विवाह से जुड़े सवाल पर अपनी परेशानी बताई। उसने कहा कि परिवार की असहमति के बावजूद वह अपने प्रेमी के साथ रहने लगी और अब परिवार उसे वापस आने के लिए कह रहा है। इस पर महाराज ने धर्म, परिवार और निर्णय के प्रति जिम्मेदारी से सोचने की बात कही। उन्होंने कहा कि जीवन के महत्वपूर्ण फैसले जल्दबाजी में नहीं बल्कि उनके परिणामों को समझकर लेने चाहिए।

    कारोबार छूटा तो बोले- भगवान में मन नहीं लगता
    एक व्यक्ति ने बताया कि कभी उसका बड़ा फर्नीचर कारोबार था, लेकिन पत्नी को ब्रेन हेमरेज होने के बाद परिस्थितियां बिगड़ गईं। अब वह छोटे-मोटे काम कर गुजारा कर रहा है और उसका भगवान में मन नहीं लगता। इस पर महाराज ने कहा कि पहले अपने काम में मन लगाएं। मेहनत और कर्म से परिस्थितियों को बदलने का प्रयास करें। उन्होंने सफलता के समय अहंकार से बचने की सीख देते हुए कहा कि समय हमेशा एक जैसा नहीं रहता।

    माया के पीछे भागता इंसान
    एक श्रद्धालु ने पूछा कि जब इंसान जानता है कि एक दिन सब कुछ छोड़कर जाना है, फिर भी मोह-माया क्यों नहीं छोड़ पाता। महाराज ने इसे ईश्वर की माया बताते हुए कहा कि मनुष्य को संसार में रहते हुए अपने कर्म करने चाहिए, लेकिन भगवान को भूलना नहीं चाहिए। उन्होंने समझाया कि धन-संपत्ति और सांसारिक वस्तुएं यहीं रह जाती हैं, इसलिए इनके पीछे भागते हुए जीवन का उद्देश्य नहीं भूलना चाहिए।

    सभी को मनुष्य बनाकर भेजा
    धर्म और मजहब को लेकर पूछे गए सवाल पर उन्होंने कहा कि ईश्वर ने मनुष्य बनाकर भेजा है। समाज ने अपनी-अपनी पहचान और पंथ बनाए हैं। उन्होंने लोगों को आपसी भेदभाव और विवाद से दूर रहकर मानवता को प्राथमिकता देने का संदेश दिया। कथा के दौरान श्रद्धालु लगातार अपने जीवन से जुड़े सवाल लेकर पहुंचे और महाराज ने उनके जवाब देकर उन्हें कर्म, परिवार, प्रेम और संयम के साथ जीवन जीने की सीख दी।

  • मोहाली के सनटेक सिटी केस में ED एक्टिव, SSP को तलब कर मांगी जानकारी

    मोहाली के सनटेक सिटी केस में ED एक्टिव, SSP को तलब कर मांगी जानकारी

    चंडीगढ़.

    एनफोर्समेंट डायरेक्टरेट (ED) ने सनटेक सिटी रियल एस्टेट प्रोजेक्ट मामले में जानकारी मुहैया करवाने के लिए मोहाली के SSP को समन भेजा है। सूत्रों के मुताबिक न्हें 10 सितंबर को पेश होकर जरूरी डिटेल्स देने को कहा गया है।

    यह समन डायरेक्टरेट की तरफ से प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट के सेक्शन 54 के तहत जांच रिकॉर्ड शेयर करने की बार-बार रिक्वेस्ट के बाद जारी किया गया है। ED ने पहले 27, 29 और 31 अगस्त को पुलिस जांच की डिटेल्स मांगी थीं। हांलाकि SSP ऑफिस ने कोई जानकारी शेयर नहीं की गई। ED ने इससे पहले 1 जुलाई, 21 जुलाई, 14 अगस्त, 24 अगस्त और 25 अगस्त को पत्र और ईमेल के जरिए मोहाली पुलिस को अपनी जांच के नतीजे भेजे थे। इस बीच नए केस रजिस्टर करने की मांग की गई थी। नए अपराध रजिस्टर करने की रिक्वेस्ट पर अब तक कोई जवाब नहीं मिला है।

    शिकायत में आरोप है कि न्यू चंडीगढ़ में सनटेक सिटी प्रोजेक्ट के लिए जमीन की तबदीली की मंजूरी लेने के लिए फर्जी सहमति पत्रों के जरिए किसानों से उनकी जमीन की असली कीमत ठगी गई। यह मामला पंजाब और हरियाणा हाई कोर्ट में भी उठाया गया था। 2022 की FIR के आधार पर सहगल को ED पहले ही मनी लॉन्ड्रिंग की जांच के दौरान गिरफ्तार कर चुका है और लगभग 348 करोड़ रुपये के कथित जुर्म का मामला दर्ज किया गया है। इस मामले में पूर्व मुख्य सचिव अनुराग वर्मा से भी रिकॉर्ड तलब किए गए हैं। अब इस मामले में आगे की जांच और कार्रवाई के लिए SSP को तलब किया गया है। 

  • दिल्ली में अवैध निर्माण पर बड़ा प्रहार, रेखा गुप्ता ने दिए बुलडोजर चलाने के आदेश; जानें किन इलाकों में होगी कार्रवाई

    दिल्ली में अवैध निर्माण पर बड़ा प्रहार, रेखा गुप्ता ने दिए बुलडोजर चलाने के आदेश; जानें किन इलाकों में होगी कार्रवाई

    नई दिल्ली

    सत्य निकेतन हादसे के बाद दिल्ली सरकार ने अवैध निर्माणों के खिलाफ सख्त कार्रवाई शुरू कर दी है। दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने एमसीडी को अवैध निर्माण पर बुलडोजर चलाने का निर्देश दिया है। मंगलवार को 17 इमारतों को ध्वस्त किए जाने के बाद बुधवार को दिल्ली के कई इलाकों में बुलडोजर ऐक्शन लिया जाएगा।

    मुख्यमंत्री ने कहा है कि नगर निगम के सभी वरिष्ठ अधिकारी ग्राउंड पर रहें। उन्होंने दिल्ली के सभी पीजी-हॉस्टल का सघन निरीक्षण करने को कहा है और अवैध निर्माण पर तेजी से कार्रवाई करने को कहा है। मुख्यमंत्री ने यह भी आदेश दिया है कि जो भी निर्माण अवैध पाया जाता है उसके लिए दोषी अधिकारियों की पहचान की जाए। बिल्डिंग रिकॉर्ड खंगाला जाए और यह पता लगाया जाए कि किस वर्ष और किसके अधिकार क्षेत्र में उसका निर्माण किया गया था।

    ताबड़तोड़ चल रही है कार्रवाई
    सत्य निकेतन में इमारत गिरने की घटना के बाद दिल्ली नगर निगम ने खतरनाक और अवैध भवनों के खिलाफ कार्रवाई तेज कर दी है। मंगलवार को निगम ने अलग-अलग इलाकों में 17 इमारतों को ध्वस्त किया और पांच संपत्तियों को सील कर दिया। इसके अलावा 9 लोगों को कारण बताओ नोटिस, दो को सीलिंग नोटिस और 15 को ध्वस्तीकरण आदेश जारी किया गया है।

    किन इलाकों में कार्रवाई
    मंगलवार को एमसीडी ने सैदुलाजाब, लक्ष्मी नगर, विश्वास नगर, मुखर्जी नगर, जामिया नगर, शाहीन बाग, तिलक नगर, करमपुरा, करोलबाग, रमेश नगर, मानसरोवर गार्डन, चांदनी चौक और नेहरू विहार समेत कई इलाकों में कार्रवाई की। इन इलाकों में बड़ी संख्या में अवैध इमारतों का निर्माण किया गया है। किसी मकान का नक्शा पास नहीं कराया गया है तो कई को तय मापदंड से अधिक ऊंचा बनाया गया है। कई इमारतों का ढांचा बेहद कमजोर पाया गया है।

    बड़े पैमाने पर जारी किए गए हैं नोटिस
    सोमवार को दिल्ली के उपराज्यपाल तरनजीत सिंह संधू और मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने शीर्ष सरकारी और एमसीडी अधिकारियों के साथ बैठक की और अधिकारियों को पेइंग गेस्ट (पीजी) आवास वाले इलाकों में निरीक्षण अभियान चलाने के निर्देश दिए। खासतौर पर उन मकानों का निरीक्षण करने को कहा गया है, जिनमें प्रथम दृष्टया ऊंचाई और मंजिल संबंधी नियमों का उल्लंघन किया गया है। अधिकारियों के अनुसार, एक से 8 सितंबर के बीच नगर निकाय ने 48 संपत्तियों के खिलाफ तोड़फोड़ की कार्रवाई की और 15 संपत्तियों को सील किया। इसी अवधि के दौरान, निगम ने अनधिकृत निर्माण के लिए 90 कारण बताओ नोटिस, सीलिंग के लिए 124 कारण बताओ नोटिस और 66 तोड़फोड़ आदेश जारी किए। रिपोर्ट में कहा गया है कि एक जून से 31 अगस्त के बीच एमसीडी ने 959 संपत्तियों के खिलाफ तोड़फोड़ की कार्रवाई की और 456 संपत्तियों को सील किया। इस अवधि के दौरान अनधिकृत निर्माण के लिए 1,461 कारण बताओ नोटिस, सीलिंग के लिए 590 कारण बताओ नोटिस और 687 तोड़फोड़ आदेश जारी किए गए।

  • आंगनबाड़ी बहनों की बड़ी जिम्मेदारी, बच्चों के पोषण से मजबूत होगा भविष्य; बेबी रानी मौर्य ने दिया संदेश

    आंगनबाड़ी बहनों की बड़ी जिम्मेदारी, बच्चों के पोषण से मजबूत होगा भविष्य; बेबी रानी मौर्य ने दिया संदेश

    आंगनबाड़ी बहनें बच्चों के पोषण का ध्यान रख विकसित भारत की नींव रखें : बेबी रानी मौर्य
     
    केंद्रीय मंत्री अन्नपूर्णा देवी बोलीं, योगी के नेतृत्व में डबल इंजन सरकार ने जनविश्वास को बनाया विकास की आधारशिला
     
    देश के 14 लाख से अधिक आंगनबाड़ी केंद्र स्वस्थ और सशक्त भारत के संकल्प को बढ़ा रहे आगे
     
     वाराणसी

    नौवें राष्ट्रीय पोषण माह के शुभारंभ अवसर पर प्रदेश की महिला कल्याण, बाल विकास एवं पुष्टाहार मंत्री बेबी रानी मौर्य ने कहा कि इस वर्ष पोषण माह की थीम ‘हमारी आंगनबाड़ी, हमारी जिम्मेदारी’ है। आंगनबाड़ी बहनों पर बच्चों के पोषण की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी है। वे बच्चों के पोषण और प्रारंभिक विकास का ध्यान रखकर विकसित भारत की मजबूत नींव रखने का कार्य कर रही हैं।
     
    बेबी रानी मौर्य ने कहा कि आंगनबाड़ी केंद्रों पर हॉट कुक्ड मील, सामुदायिक स्वामित्व एवं जवाबदेही, पोषण के साथ प्रारंभिक बाल्यावस्था विकास और प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना के माध्यम से मातृ स्वास्थ्य की चिंता जैसे आयामों को धरातल पर उतारा जा रहा है। आंगनबाड़ी केंद्रों पर बच्चों के लिए किताबें और खिलौने भी उपलब्ध कराए जा रहे हैं।
     
    केंद्रीय महिला एवं बाल विकास मंत्री अन्नपूर्णा देवी ने कहा कि पोषण माह अभियान कुपोषण से मुक्ति के साथ स्वस्थ और सशक्त भारत के निर्माण का संकल्प है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने वर्ष 2018 में पोषण अभियान की शुरुआत की थी। आज पोषण का यह संकल्प जनभागीदारी के माध्यम से आगे बढ़ रहा है। सरकार की नीतियां जब जनता के जीवन से जुड़ती हैं तो वे संस्कृति का हिस्सा बन जाती हैं।
     
    उन्होंने कहा कि देशभर में 14 लाख से अधिक आंगनबाड़ी केंद्र स्वस्थ और सशक्त भारत के संकल्प की दिशा में आगे बढ़ रहे हैं। उत्तर प्रदेश में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में डबल इंजन सरकार ने जनविश्वास को विकास की आधारशिला बनाया है। एक समय उत्तर प्रदेश में महिलाओं की सुरक्षा गंभीर चिंता का विषय थी, लेकिन 2017 के बाद प्रदेश सरकार ने महिला सुरक्षा को अपनी प्राथमिकता में शामिल किया।
     
    केंद्रीय महिला एवं बाल विकास राज्य मंत्री एवं मध्य प्रदेश के धार से सांसद सावित्री ठाकुर ने बाबा विश्वनाथ की नगरी काशी को नमन करते हुए कहा कि पिछले आठ वर्षों में पोषण अभियान के अंतर्गत देशभर में 150 करोड़ से अधिक जनजागरूकता गतिविधियां आयोजित की गई हैं। प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना के माध्यम से गर्भवती महिलाओं को आर्थिक सहयोग प्रदान किया जा रहा है। वहीं, सुकन्या समृद्धि योजना बच्चियों के भविष्य को सुरक्षित करने का कार्य कर रही है।
     
    विभिन्न प्रदेशों की आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं ने साझा किए अनुभव
    कार्यक्रम में विभिन्न प्रदेशों से आईं आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं ने अपने अनुभव साझा किए। गांधीनगर, गुजरात से आईं भावना ने बताया कि आंगनबाड़ी केंद्रों की स्थिति अब काफी बेहतर हुई है। लोगों का भरोसा बढ़ा है और वे अपने बच्चों को केंद्रों पर भेज रहे हैं। गर्भवती महिलाएं पोषाहार को लेकर आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं से सलाह लेती हैं। बच्चों के जन्म के बाद भी अभिभावक उनके खानपान को लेकर मार्गदर्शन लेते हैं। कई बच्चे घर पर खाना खाने में आनाकानी करते थे, लेकिन केंद्र पर उनकी जरूरत को समझकर भोजन दिया गया तो वे चाव से खाने लगे।
     
    तमिलनाडु के तिरुवन्नामलाई से आईं आर. शंकरी ने बताया कि जन्म से छह माह तक शिशुओं के स्वास्थ्य और विकास पर विशेष ध्यान दिया जाता है। बच्चों का बेहतर विकास देखकर आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को खुशी होती है कि उनके प्रयास से देश का भविष्य बेहतर हो रहा है। उन्होंने आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को पोषण और बाल विकास के क्षेत्र का ‘फ्रंटलाइन वॉरियर’ बताया।
     
    गोरखपुर के बसियाखोर आंगनबाड़ी केंद्र की संध्या सिंह ने बताया कि बच्चों का समय-समय पर वजन और लंबाई मापी जाती है। इससे उनके पोषण की स्थिति का पता चलता है। कुपोषण की ओर बढ़ रहे बच्चों की विशेष निगरानी की जाती है और उनके अभिभावकों से मिलकर खानपान एवं देखभाल के बारे में जानकारी दी जाती है।

  • Ludhiana बंद के कारण जाम में फंसे हजारों वाहन, जालंधर-पानीपत हाईवे पर लंबी कतारें

    Ludhiana बंद के कारण जाम में फंसे हजारों वाहन, जालंधर-पानीपत हाईवे पर लंबी कतारें

    लुधियाना.

    लुधियाना के जालंधर बाईपास चौक पर स्थित बाबा साहेब डॉ. भीम राव अंबेडकर की मूर्ति की कथित छेड़छाड़ की घटना को लेकर आज शहर बंद का ऐलान किया गया है। दलित भाईचारे द्वारा जालंधर बाईपास चौक में जालंधर-पानीपत नेशनल हाईवे जाम कर दिया गया है।

    चौक को चारों तरफ से जाम करके विरोध प्रदर्शन किया जा रहा है, इस दौरान ट्रैफिक जाम लग गया और वाहनों की लंबी कतारें लग गई हैं। आम लोगों को भारी ट्रैफिक का सामना करना पड़ रहा है। जालंधर से आने और जालंधर जाने वाली गाड़ियों को गुजरने नहीं दिया जा रहा है। समुदाय ने बेअदबी के विरोध में लुधियाना बंद का आह्वान किया है, जिसे देखते हुए कमिश्नरेट पुलिस ने जालंधर बाईपास चौक पर भारी पुलिस फोर्स तैनात कर दी है, ताकि बंद के दौरान कोई अनहोनी न हो।

    मौके पर मौजूद SP नॉर्थ किक्कर सिंह भुल्लर ने कहा कि पूरी स्थिति शांतिपूर्ण और कंट्रोल में है। गौरतलब है कि दलित समुदाय ने आज सुबह 10 बजे से शाम 4 बजे तक पूरे शहर की सड़कें और बाजार बंद रखने की अपील की है। समुदाय बाबा साहेब की मूर्ति और उसके आस-पास की सफाई कर रहा है। बंद के आह्वान को लेकर प्रशासन शहर में सुरक्षा और ट्रैफिक की स्थिति पर नजर रख रहा है।

  • संपत्ति मालिकों के लिए बड़ी सुविधा, 10-25 सितंबर तक लगेगा CHB का जन सुविधा शिविर

    संपत्ति मालिकों के लिए बड़ी सुविधा, 10-25 सितंबर तक लगेगा CHB का जन सुविधा शिविर

     चंडीगढ़
     लीजहोल्ड संपत्तियों को फ्रीहोल्ड में बदलवाने के इच्छुक चंडीगढ़ हाउसिंग बोर्ड (सीएचबी) के आवंटियों और संपत्ति मालिकों के लिए राहत की खबर है। हाउसिंग बोर्ड की ओर से कन्वर्जन प्रक्रिया को आसान बनाने और लोगों को एक ही जगह पर जरूरी सुविधा उपलब्ध कराने के लिए जन सुविधा शिविर लगाया जा रहा है।

    शिविर में आवासीय इकाइयों के साथ व्यावसायिक संपत्तियों को फ्रीहोल्ड में बदलवाने के मामलों पर भी कार्रवाई की जाएगी। यह शिविर 10 सितंबर से 25 सितंबर तक सभी कार्य दिवसों में आयोजित किया जाएगा। अवकाश के दिनों में कैंप नहीं लगेगा।

    आवंटी और संपत्ति मालिक सुबह 11 बजे से शाम चार बजे तक सेक्टर-9 डी स्थित चंडीगढ़ हाउसिंग बोर्ड कार्यालय की छठी मंजिल के बहुउद्देशीय हॉल में पहुंच सकते हैं। बोर्ड का प्रयास है कि शिविर के माध्यम से कन्वर्जन से जुड़े मामलों की प्रक्रिया को सरल और जल्द पूरा किया जा सके।

    यह शिविर 10 सितंबर से 25 सितंबर 2026 तक सभी कार्य दिवसों में लगेगा। छुट्टी वाले दिन कैंप नहीं लगाया जाएगा। आवंटी और संपत्ति मालिक सुबह 11 बजे से शाम 4 बजे तक सेक्टर-9 स्थित चंडीगढ़ हाउसिंग बोर्ड कार्यालय की छठी मंजिल के बहुउद्देशीय हॉल में पहुंच सकते हैं।

    ये दस्तावेज साथ लेकर आएं
    कैंप में आने वाले आवंटियों और संपत्ति मालिकों को अपने साथ आवंटन पत्र या ट्रांसफर डीड की कॉपी, नवीनतम भुगतान रसीद, पहचान और पते का प्रमाण सहित कन्वर्जन से जुड़े अन्य जरूरी दस्तावेज लाने होंगे। दस्तावेज पूरे होने पर आवेदन की जांच और आगे की प्रक्रिया जल्दी पूरी हो सकेगी।

    पहले ऑनलाइन चेक कर लें शुल्क और बकाया
    CHB ने लोगों को सलाह दी है कि कैंप में आने से पहले अपने मामले में लागू कन्वर्जन शुल्क और किसी भी बकाया राशि की जानकारी बोर्ड के ऑनलाइन पोर्टल पर जांच लें। इससे उन्हें पहले से पता रहेगा कि कितनी राशि जमा करनी है और कैंप में प्रक्रिया पूरी करने में कम समय लगेगा।

    एक ही जगह मिलेगी सुविधा
    जन सुविधा शिविर का मकसद लीजहोल्ड से फ्रीहोल्ड कन्वर्जन से जुड़े काम को आसान बनाना है। CHB ने पात्र आवंटियों और संपत्ति मालिकों से इस सुविधा का लाभ उठाने की अपील की है।

    दस्तावेज साथ लाना जरूरी
    सीएचबी ने आवंटियों और मालिकों से कहा है कि वे शिविर में आते समय अपने आवंटन पत्र या हस्तांतरण विलेख की प्रति, नवीनतम भुगतान रसीदें, पहचान और पते का प्रमाण तथा कन्वर्जन से संबंधित अन्य जरूरी दस्तावेज साथ लेकर आएं। दस्तावेज पूरे होने से आवेदन की जांच और आगे की प्रक्रिया में तेजी आएगी।

    पहले ऑनलाइन जांच लें शुल्क और बकाया
    बोर्ड ने आवेदकों को सलाह दी है कि कैंप में आने से पहले अपने मामले में लागू कन्वर्जन शुल्क और यदि कोई बकाया राशि है तो उसकी जानकारी सीएचबी के ऑनलाइन पोर्टल पर जांच लें। इससे आवेदकों को पहले से देय राशि की जानकारी मिल जाएगी और शिविर के दौरान आवेदन प्रक्रिया में अनावश्यक देरी से बचा जा सकेगा।

    सीएचबी ने सभी पात्र आवंटियों और संपत्ति मालिकों से इस सुविधा का लाभ उठाने की अपील की है। बोर्ड के अनुसार, शिविर लोगों को लीजहोल्ड संपत्तियों को फ्रीहोल्ड में बदलवाने की प्रक्रिया के संबंध में आवश्यक सहायता उपलब्ध कराने के उद्देश्य से आयोजित किया जा रहा है।