Category: राज्य

  • मुख्यमंत्री जन विश्वास शिविर बहगढ़ में विधायक, डीआईजी, कलेक्टर एवं सीईओ जिला पंचायत ने किया जन संवाद

    मुख्यमंत्री जन विश्वास शिविर बहगढ़ में विधायक, डीआईजी, कलेक्टर एवं सीईओ जिला पंचायत ने किया जन संवाद

    मुख्यमंत्री जन विश्वास शिविर बहगढ़ में विधायक, डीआईजी, कलेक्टर एवं सीईओ जिला पंचायत ने किया जन संवाद

    आमजन की समस्याएं सुनीं, मौके पर ही 20 समस्याओं का किया गया निराकरण

    शहडोल 
     मुख्यमंत्री जन विश्वास अभियान के अंतर्गत जनपद पंचायत बुढार के ग्राम बहगढ़ में मुख्यमंत्री जन विश्वास शिविर का आयोजन किया गया। शिविर में विधायक जय सिंह मरावी, डीआईजी, कलेक्टर पार्थ जायसवाल, पुलिस अधीक्षक एवं मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत ने आमजन से सीधा संवाद कर उनकी समस्याएं सुनीं। अधिकारियों ने संबंधित विभागों के अधिकारियों को आवश्यक निर्देश देते हुए शिविर में प्राप्त 20 समस्याओं का मौके पर ही निराकरण कराया।
    शिविर में संबल योजना के अंतर्गत हितग्राहियों को शासन की योजनाओं का लाभ प्रदान किया गया। उर्मिला तिवारी, राजकुमार बैगा, मुन्नी पांव एवं तैरसिया बाई सहित हितग्राहियों को अनुग्रह राशि, पात्रता पर्ची तथा संबल पंजीयन कार्ड का वितरण किया गया। योजना का लाभ मिलने पर हितग्राहियों ने शासन के प्रति आभार व्यक्त किया।
    स्व-सहायता समूह की महिलाओं से लिया कौशल प्रशिक्षण का फीडबैक
    शिविर के दौरान कलेक्टर पार्थ जायसवाल एवं विधायक जय सिंह मरावी ने वन धन केन्द्र बहगढ़ की स्व-सहायता समूह से जुड़ी महिलाओं से संवाद किया। उन्होंने महिलाओं से स्वरोजगार के लिए प्राप्त किए जा रहे कौशल प्रशिक्षण, प्रशिक्षण से मिलने वाले लाभ तथा समूह की गतिविधियों के संबंध में जानकारी ली। उन्होंने महिलाओं को प्रशिक्षण के माध्यम से अपनी आजीविका को और बेहतर बनाने तथा स्थानीय संसाधनों से जुड़े रोजगार के अवसर विकसित करने के लिए प्रोत्साहित किया।
    विधायक जय सिंह मरावी ने कहा
    विधायक जय सिंह मरावी ने कहा कि मुख्यमंत्री जन विश्वास शिविर शासन और आमजन के बीच सीधा संवाद स्थापित करने का प्रभावी माध्यम है। सरकार की योजनाओं का उद्देश्य पात्र हितग्राहियों को उनका अधिकार और लाभ समय पर उपलब्ध कराना है। उन्होंने कहा कि आमजन अपनी समस्याओं को शिविर में रखें, ताकि उनका नियमानुसार शीघ्र निराकरण किया जा सके। उन्होंने स्व-सहायता समूहों एवं युवाओं से शासन की स्वरोजगार योजनाओं का लाभ लेकर आत्मनिर्भर बनने तथा अन्य लोगों को भी रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने का आह्वान किया।
    कलेक्टर पार्थ जायसवाल ने कहा
    कलेक्टर पार्थ जायसवाल ने कहा कि मुख्यमंत्री जन विश्वास अभियान के माध्यम से प्रशासन गांव-गांव पहुंचकर आमजन की समस्याओं का समाधान कर रहा है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि शिविर में प्राप्त आवेदनों का परीक्षण कर पात्र हितग्राहियों को योजनाओं का लाभ दिलाना सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि जिन समस्याओं का निराकरण मौके पर संभव है, उनका तत्काल निराकरण किया जाए तथा अन्य प्रकरणों में निर्धारित समय-सीमा में कार्यवाही सुनिश्चित की जाए। कलेक्टर ने स्व-सहायता समूह की महिलाओं को कौशल प्रशिक्षण का लाभ लेकर आर्थिक रूप से सशक्त बनने के लिए प्रोत्साहित किया।
    संवाद कार्यक्रम में सीईओ जिला पंचायत शिवम प्रजापति, एसडीएम जैतपुर दीपक मण्डावी, सीईओ जनपद संहित संबंधित विभागीय अधिकारी उपस्थित रहे।

  • SIR के बीच दिल्ली में बढ़े वोटर लिस्ट से जुड़े आवेदन, Form-6 के बाद Form-8 के आंकड़े भी बढ़े

    SIR के बीच दिल्ली में बढ़े वोटर लिस्ट से जुड़े आवेदन, Form-6 के बाद Form-8 के आंकड़े भी बढ़े

    नई दिल्ली
     राजधानी दिल्ली में चल रहे स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) के तहत फाइनल वोटर लिस्ट में शामिल होने के लिए क्लेम और ऑब्जेक्शन की प्रक्रिया जारी है। ड्राफ्ट रोल में नाम न आने के बाद लोग फॉर्म-6 भरकर अपना नाम जुड़वाने के लिए आवेदन कर रहे हैं। सभी 13 जिलों में 9 सितंबर तक 2,12,400 फॉर्म-6 के आवेदन दाखिल मिनट पते हुए है। जबकि ड्राफ्ट रोल में करीब 43 लाख लोगों के नाम अबसेंट, शिफ्टेड, डेड, डप्लीकेट (ASDD) लिस्ट में शामिल किए गए हैं। उसके अनुपात में यह आंकड़ा अभी काफी कम है। हालांकि, 30 सितंबर तक आवेदन का वक्त है और उम्मीद की जा रही है कि यह आंकड़ा और बढ़ेगा।

    35,495 और नए आवेदन प्राप्त हुए
    31 अगस्त से 9 सितंबर की अवधि के दौरान 35,495 और नए आवेदन प्राप्त हुए हैं। नए आवेदनों के मामले में वेस्ट दिल्ली जिला सबसे आगे रहा, जहां इस अवधि में 4,387 आवेदन मिले। इसके बाद नॉर्थ वेस्ट में 3,586, ईस्ट में 3,583, साउथ ईस्ट में 3,400 और नॉर्थ ईस्ट में 3,150 आवेदन दर्ज किए गए। साउथ वेस्ट में 3,025, साउथ में 3,030, नॉर्थ में 2,604, सेंट्रल नॉर्थ में 2,488, आउटर नॉर्थ में 2,433, ओल्ड दिल्ली में 1,529, सेंट्रल में 1,518 और नई दिल्ली जिले में 762 नए आवेदन फॉर्म-6 के तहत प्राप्त हुए।
    30 अगस्त तक 1,351 आवेदन मिले थे

    प्रवासी या ओवरसीज भारतीय वोटर्स के लिए भरे जाने वाले फॉर्म-6A के तहत 30 अगस्त तक 1,351 आवेदन मिले थे, जबकि 31 अगस्त से 9 सितंबर के बीच 83 अतिरिक्त आवेदन दर्ज हुए। वोटर लिस्ट से नाम हटाने या किसी प्रविष्टि पर ऑब्जेक्शन दर्ज कराने के लिए भरे जाने वाले फॉर्म-7 की संख्या में भी बढ़ोतरी देखी गई है। 30 अगस्त तक जहां 51,471 फॉर्म-7 प्राप्त हुए थे, वहीं 31 अगस्त से 9 सितंबर के बीच 374 नए आवेदन मिले।

    वोटर लिस्ट में एड्रेस के बदलाव, सुधार या नया फोटो पहचान पत्र (EPIC) जारी करने के लिए भरे जाने वाले फॉर्म-8 के आवेदनों की संख्या सबसे ज्यादा दर्ज की गई है। 30 अगस्त तक दिल्ली भर में 2.60,768 फॉर्म 8 प्राप्त हुए थे, जबकि 31 अगस्त से 9 सितंबर के बीच 14,538 नए फॉर्म-8 मिले हैं। 29 अक्टूबर तक सभी भेजे गए क्लेम और ऑब्जेक्शन का निपटारा किया जाएगा।

  • Bank Strike: बैंक कर्मचारियों की हड़ताल से बढ़ी मुश्किलें, ठप रहा कामकाज

    Bank Strike: बैंक कर्मचारियों की हड़ताल से बढ़ी मुश्किलें, ठप रहा कामकाज

    बठिंडा.

    विभिन्न बैंक कर्मचारी यूनियनों की ओर से अपनी मांगों को लेकर शुक्रवार को देशव्यापी हड़ताल की गई। हड़ताल का असर बठिंडा में भी सरकारी बैंकों की कई शाखाओं के कामकाज पर देखने को मिल रहा है।

    बैंक कर्मचारियों के हड़ताल पर रहने के कारण शाखाओं में पहुंचने वाले ग्राहकों को कई बैंकिंग सेवाओं के लिए परेशानी का सामना करना पड़ सकता है। हालांकि डिजिटल बैंकिंग, एटीएम और अन्य ऑनलाइन सेवाएं उपलब्ध रहने के कारण नियमित बैंकिंग से जुड़े कुछ काम इन माध्यमों से किए जा सकेंगे।

    पांच दिवसीय बैंकिंग सप्ताह लागू करने की मांग
    हड़ताल के दौरान कर्मचारियों ने केंद्र सरकार और बैंक प्रबंधन के समक्ष लंबे समय से लंबित मांगों को पूरा करने की मांग उठाई। कर्मचारियों की प्रमुख मांगों में पांच दिवसीय बैंकिंग सप्ताह लागू करना, परफॉर्मेंस लिंक्ड इंसेंटिव से संबंधित मांगों पर कार्रवाई करना सहित अन्य मांगें शामिल हैं। कर्मचारियों का कहना है कि बैंकिंग क्षेत्र में काम का दबाव लगातार बढ़ रहा है, लेकिन कर्मचारियों से जुड़ी कई मांगों पर अपेक्षित स्तर पर कार्रवाई नहीं हो रही है। हड़ताल के चलते सरकारी बैंकों की शाखाओं में सामान्य दिनों की तरह कामकाज नहीं हो सकेगा। शाखाओं में नकदी लेन-देन, चेक जमा और भुगतान, विभिन्न दस्तावेज जमा करवाने, खातों से जुड़े कार्य तथा अन्य शाखा स्तर की बैंकिंग सेवाएं प्रभावित रहेंगी। जिन ग्राहकों को बैंक शाखा में जाकर ही काम करवाना जरूरी था, उन्हें हड़ताल समाप्त होने तक इंतजार करना पड़ेगा।

    ग्राहकों को हो रही परेशानी
    शहर के विभिन्न क्षेत्रों में स्थित सरकारी बैंकों की शाखाओं के बाहर कुछ ग्राहकों को हड़ताल के कारण वापस लौटना पड़ा रहा है ।विशेषकर चेक संबंधी कार्य और दस्तावेज जमा करवाने जैसे कार्यों के लिए शाखा में पहुंचे लोगों को परेशानी हो रही है ।बैंक कर्मचारियों ने अपनी मांगों के समर्थन में हड़ताल को जरूरी बताते हुए कहा कि मांगों पर सकारात्मक पहल होने तक कर्मचारियों का संघर्ष जारी रहेगा। बैंकिंग सेवाओं पर हड़ताल का असर हालांकि शाखा स्तर पर अधिक रहा। ऑनलाइन ट्रांसफर, मोबाइल बैंकिंग और इंटरनेट बैंकिंग जैसी डिजिटल सेवाओं के माध्यम से किए जाने वाले काम सामान्य रूप से जारी रहेगे।

  • पानी घटने के बाद भी दियारा में संकट बरकरार, कीचड़-जलजमाव से घरों पर मंडरा रहा खतरा

    पानी घटने के बाद भी दियारा में संकट बरकरार, कीचड़-जलजमाव से घरों पर मंडरा रहा खतरा

    बख्तियारपुर
    प्रखंड के दियारा क्षेत्र में गंगा के जलस्तर में धीरे-धीरे कमी के साथ ही स्थानीय लोगों की समस्याएं भी बढ़ती जा रही हैं। रूपस महाजी दियारा के निवासी विशाल सिंह के अनुसार, कीचड़ और बदबू के बीच टोले से टोले में जाना कठिन हो गया है।

    चिरैया रूपस के पूर्व मुखिया नवल यादव ने बताया कि गंगा के किनारे के हिस्से अभी भी गीले हैं, जिससे वहां से गुजरना मुश्किल हो रहा है। जलजमाव के कारण दिवालों के पास घर गिरने का खतरा बना हुआ है।

    बटाई या नगदी खेती करने वाले भी प्रभावित
    खरीफ फसल के मौसम में जलस्तर बढ़ने से खेतों में लगे मकई और सब्जियों को भारी नुकसान हुआ है। सरकारी आंकड़ों के अनुसार, 836 हेक्टेयर फसल का नुकसान हुआ है, जिससे दियारा के किसान पूरी तरह टूट चुके हैं। गंगा के दूसरी ओर के किसान और बटाई या नगदी खेती करने वाले भी प्रभावित हुए हैं।

    बेनीपुर दियारा और मकसूदपुर दियारा में लगे मिर्च और गोभी की फसल बर्बाद हो गई है। लखनपुरा और करौटा के बटाईदारों ने बताया कि उन्होंने किसी तरह पैसे का जुगाड़ कर उधार लेकर उर्वरक खरीदा और सब्जी की खेती की, जो अब गंगा में विलीन हो गई है। अब किसानों को सरकारी अनुदान का ही भरोसा है, जिससे कुछ भरपाई हो सके, अन्यथा रोजगार बदलने की मजबूरी उत्पन्न हो जाएगी।

    दियारा क्षेत्र की भूमि असर्वेक्षित होने की चिंता
    हालांकि, मुआवजे को लेकर किसानों के मन में दियारा क्षेत्र की भूमि असर्वेक्षित होने की चिंता बनी हुई है। इस बीच, प्रभावित क्षेत्र में प्रशासन की टीम प्लास्टिक शीट और दवा वितरण का कार्य कर रही है। ब्लीचिंग के छिड़काव की भी तैयारी चल रही है।

    इस स्थिति ने किसानों के लिए चिंता का विषय बना दिया है, और उन्हें उम्मीद है कि सरकार उनकी समस्याओं का समाधान करेगी।

  • सोनम का कहना है कि प्रतिभा और मेहनत हो तो सरकार की योजनाएं सफलता तक पहुंचने का रास्ता आसान बनाती हैं

    सोनम का कहना है कि प्रतिभा और मेहनत हो तो सरकार की योजनाएं सफलता तक पहुंचने का रास्ता आसान बनाती हैं

    सीएम योगी के भरोसे से बढ़ा मनोबल, बेटियों के लिए प्रेरणा बनीं सोनम यादव 

    मुख्यमंत्री अभ्युदय योजना से मिली दिशा, आज एसडीएम पद पर चयनित होकर प्रशिक्षण प्राप्त कर रहीं सोनम

    सोनम का कहना है कि प्रतिभा और मेहनत हो तो सरकार की योजनाएं सफलता तक पहुंचने का रास्ता आसान बनाती हैं

    लखनऊ
    युवाओं को अपना सपना पूरा करने में आर्थिक अभाव अब आड़े नहीं आएगा, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का दिलाया गया यह भरोसा अयोध्या की सोनम यादव जैसी युवाओं की सफलता से और मजबूत हुआ है। योगी सरकार की मुख्यमंत्री अभ्युदय योजना का लाभ लेकर यूपीपीसीएस-2024 में उप जिलाधिकारी (एसडीएम) पद पर चयनित हुईं सोनम यादव आज प्रदेश के हजारों युवाओं, विशेषकर ग्रामीण क्षेत्र की बेटियों के लिए प्रेरणा का स्रोत बन चुकी हैं। वर्तमान में वह डॉ. राम मनोहर लोहिया उत्तर प्रदेश प्रशासन एवं प्रबंधन अकादमी, लखनऊ में प्रशासनिक प्रशिक्षण प्राप्त कर रही हैं।

    अभ्युदय योजना से मिली सफलता, अब निभा रहीं नई जिम्मेदारियां

    अयोध्या जिले के मवई ब्लॉक स्थित हारिका पांडे का पुरवा, गड़ौरा गांव की रहने वाली सोनम यादव ने मुख्यमंत्री अभ्युदय योजना के मार्गदर्शन का लाभ लेकर यूपीपीसीएस-2024 में सफलता प्राप्त की थी। आज चयन के बाद उनके जीवन में जिम्मेदारियों का नया अध्याय शुरू हो चुका है। सोनम बताती हैं कि प्रशिक्षण के दौरान उन्हें प्रशासनिक प्रक्रियाओं, कानून-व्यवस्था, राजस्व प्रशासन, जनकल्याणकारी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन तथा आम जनता के साथ संवाद से जुड़े विभिन्न पहलुओं का व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया जा रहा है। उनके अनुसार यह प्रशिक्षण उन्हें एक संवेदनशील, जिम्मेदार और जन केंद्रित प्रशासनिक अधिकारी के रूप में तैयार कर रहा है।

    मुख्यमंत्री अभ्युदय योजना ने दिखाई सफलता की राह

    सोनम का कहना है कि मुख्यमंत्री अभ्युदय योजना ने उनकी सफलता में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। योजना के माध्यम से उन्हें गुणवत्तापूर्ण मार्गदर्शन, अध्ययन सामग्री और विषय विशेषज्ञों से सीखने का अवसर मिला। वह बताती हैं कि प्रतियोगी परीक्षाओं में सफलता के लिए केवल मेहनत ही नहीं, बल्कि सही दिशा और मार्गदर्शन भी आवश्यक होता है। अभ्युदय योजना के तहत मिले नियमित मार्गदर्शन, अध्ययन वातावरण और विशेषज्ञों के सहयोग ने उनकी तैयारी को नई दिशा दी तथा आत्मविश्वास को मजबूत किया।

    युवाओं और बेटियों को दे रही हैं प्रेरणा

    सोनम यादव आज युवाओं और छात्राओं को यह संदेश देती हैं कि सफलता का कोई शॉर्टकट नहीं होता। वह विद्यार्थियों को स्पष्ट रणनीति, नियमित अध्ययन, निरंतर अभ्यास और आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ने की सलाह देती हैं। ग्रामीण क्षेत्र की बेटियों और आर्थिक रूप से सीमित संसाधनों वाले विद्यार्थियों के लिए उनका संदेश है कि वे अपनी परिस्थितियों को अपने सपनों की सीमा न बनने दें। उनका मानना है कि मेहनत, अनुशासन और दृढ़ इच्छाशक्ति के बल पर किसी भी लक्ष्य को हासिल किया जा सकता है।

    सरकार की योजनाएं बन रहीं अवसर का माध्यम 

    मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की युवाओं और छात्राओं के लिए संचालित योजनाओं को सोनम अवसरों की समानता और युवा सशक्तीकरण की दिशा में महत्वपूर्ण पहल मानती हैं। उनका कहना है कि शिक्षा, प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी, कौशल विकास और महिला सशक्तीकरण से जुड़ी योजनाएं प्रतिभाशाली युवाओं को आगे बढ़ने का अवसर दे रही हैं। एक भावी प्रशासनिक अधिकारी के रूप में उनकी प्राथमिकता पारदर्शी, संवेदनशील और जन केंद्रित प्रशासन सुनिश्चित करना होगी, ताकि सरकार की योजनाओं का लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक प्रभावी ढंग से पहुंच सके। सोनम यादव की सफलता केवल एक व्यक्तिगत उपलब्धि नहीं है, बल्कि उन हजारों युवाओं के लिए प्रेरणा है जो सीमित संसाधनों के बावजूद बड़े सपने देखने का साहस रखते हैं। आज वह नई पीढ़ी के लिए उम्मीद, आत्मविश्वास और सकारात्मक बदलाव की पहचान बन चुकी हैं।

  • लखनऊ के विकास का नया खाका: किसान पथ पर सर्विस लेन, एयरपोर्ट के दोनों ओर एयरोसिटी और संग्रहालय का पुनर्विकास

    लखनऊ के विकास का नया खाका: किसान पथ पर सर्विस लेन, एयरपोर्ट के दोनों ओर एयरोसिटी और संग्रहालय का पुनर्विकास

    लखनऊ
    दिल्ली एनसीआर की तर्ज पर लखनऊ के साथ छह जिलों को मिलाकर बनने वाले उत्तर प्रदेश राज्य राजधानी क्षेत्र यानी एससीआर की प्रस्तावित योजनाओं में जिला प्रशासन ने कई बदलाव के सुझाव दिए हैं। जिलाधिकारी की अध्यक्षता में हुई समिति की बैठक में एयरपोर्ट के उत्तर और दक्षिण दोनों तरफ दिल्ली की ही तरह एयरोसिटी विकसित करने की बात तय हुई। इसी के साथ पेरिफेरल रोड के निर्माण के औचित्य न होने पर भी बात हुई। राज्य संग्रहालय को मौजूदा स्थान पर ही पुर्नविकसित करने का सुझाव दिया गया। राजधानी की भविष्य की पेयजल जरूरतों को देखते हुए यूपीएससीआर में प्रस्तावित 300 एमएलडी वाटर वर्क्स की क्षमता बढ़ाने की भी सिफारिश की गई है।

    जिलाधिकारी की अध्यक्षता में यूपीएससीआर व अन्य योजनाओं के बारे में डीएम ने 29 जुलाई को बैठक की थी। इस बैठक में विभिन्न विभागों के 23 अधिकारी शामिल हुए। बैठक में एससीआर के प्रस्तावों व योजनाओं पर गहन मंत्रणा की गई जिसमें कई सुझाव दिए गए। पांच दिन पहले जिला प्रशासन ने बैठक का मिनट्स जारी कर दिया है।

    दोनों हिस्सों के बीच बेहतर संपर्क व्यवस्था होगी
    एयरपोर्ट के आसपास एयरोसिटी विकसित करने की योजना में अब उत्तर और दक्षिण दोनों हिस्सों को शामिल करने का सुझाव दिया गया है। इससे एयरपोर्ट के आसपास व्यावसायिक, आवासीय और अन्य सुविधाओं के विकास के लिए व्यापक क्षेत्र उपलब्ध हो सकेगा। दोनों हिस्सों के बीच बेहतर संपर्क व्यवस्था विकसित करने पर जोर है। पहले एयरपोर्ट के दक्षिण तरफ सैनिक स्कूल की खाली जमीन पर ही एयरोसिटी बनाने का प्रस्ताव था लेकिन बैठक में उत्तर तरफ भी रिक्त जमीनों का इसके लिए इस्तेमाल करने की बात हुई है।

    300 एमएलडी वाटर वर्क्स की क्षमता बढ़ेगी बढ़ती आबादी को देखते हुए
    राजधानी और आसपास के क्षेत्रों में भविष्य की बढ़ती आबादी को देखते हुए प्रस्तावित 300 एमएलडी वाटर वर्क्स की क्षमता को कम माना गया। जलापूर्ति की दीर्घकालीन जरूरतों का आकलन कर इसकी क्षमता बढ़ाने का सुझाव दिया गया है। सिंचाई विभाग और जल निगम को इसके लिए दोबारा आकलन करना होगा।

    संग्रहालय का पुनर्विकास होगा
    राज्य संग्रहालय को मौजूदा स्थान से दूसरी जगह स्थानांतरित करने के प्रस्ताव को भी जिला प्रशासन ने उचित नहीं माना। समिति ने संग्रहालय को उसी स्थान पर रखते हुए उसके विकास और आधुनिकीकरण की योजना तैयार करने का सुझाव दिया है। हालांकि इसे हटाने का निर्देश खुद मुख्यमंत्री ने दिया था। इसे राष्ट्र प्रेरणा स्थल पर ले जाने की बात चल रही है। मुख्यमंत्री कार्यालय ने एलडीए को इस सम्बंध में निर्देश भी दिया है।

    किसान पथ के दोनों हिस्से में सर्विस लेन बनाई जाएगी
    वहीं, सुल्तानपुर रोड से अयोध्या रोड के बीच करीब 12 किमी हिस्से में किसान पथ के दोनों ओर सर्विस लेन बनाई जाएगी। भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) ने प्रस्ताव बनाकर दिल्ली स्थित मुख्यालय भेज दिया है। मंजूरी और आगे की प्रक्रिया पूरी होने के बाद काम निर्माण कार्य शुरू कर दिया जाएगा।

    प्रस्ताव के मुताबिक किसान पथ के दोनों तरफ बनने वाली सर्विस लेन 7.5-7.5 मीटर चौड़ी होगी। इससे आसपास की कॉलोनियों, गांवों और स्थानीय बाजारों से आने-जाने वाले वाहन सीधे मुख्य किसान पथ पर चढ़ने के बजाय सर्विस लेन का इस्तेमाल कर सकेंगे। इसका सबसे बड़ा फायदा यह होगा कि स्थानीय और लंबी दूरी के वाहनों का ट्रैफिक अलग हो सकेगा। फिलहाल किसान पथ के आसपास तेजी से विकसित हो रही आवासीय कॉलोनियों और स्थानीय आबादी के वाहनों को मुख्य मार्ग का इस्तेमाल करना पड़ता है।

    फ्लाईओवर की डिजाइन में भी होगा बदलाव
    अयोध्या रोड पर ब्लैक स्पॉट खत्म करने के लिए किसान पथ के पास फ्लाईओअर का निर्माण किया जाना है। इसके निर्माण के लिए दिल्ली स्थित मुख्यालय से मंजूरी मिल चुकी है और धनराशि भी स्वीकृत हो चुकी है। एनएचएआई के अनुसार अब सर्विस लेन के प्रस्ताव के कारण फ्लाईओवर के डिजाइन में बदलाव किया जाएगा। इसके लिए भी दिल्ली मुख्यालय से मिले दिशा-निर्देशों का इंतजार है।

  • हरियाणा में खौफनाक हत्या, दुकान में झाड़ू लगा रहे युवक पर सिरफिरे ने किया रॉड से हमला

    हरियाणा में खौफनाक हत्या, दुकान में झाड़ू लगा रहे युवक पर सिरफिरे ने किया रॉड से हमला

    करनाल.

    करनाल के घरौंडा में एक युवक के सिर में रॉड से हमला कर हत्या कर दी गई। आरोपित ने दुकान पर सफाई कर रहे युवक के सिर में 9 बार हमला किया, इससे युवक की मौके पर ही मौत हो गई। आरोपित ने बाद में भागने की कोशिश की, लेकिन बाहर खड़े लोगों ने उसको पकड़ लिया और उसके पिटाई की।

    बाद में आरोपित को पुलिस के हवाले कर दिया गया। वारदात शुक्रवार सुबह की है। पूरी वारदात दुकान में लगे सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई है। बालीनगर निवासी 30 वर्षीय तेजबीर सिंह पुत्र सुभाष एक दुकान पर नौकरी करता था। सुबह वह दुकान पर सफाई कर रहा था। इसी दौरान आरोपित नेपाल निवासी उत्तम कुमार वहां पर आया और रॉड से हमला शुरू कर दी।

    तेजबीर गिर गया और लगातार उसके सिर पर 9 बार रॉड से हमला किया। वारदात को अंजाम देने के बाद आरोपित ने भागने की कोशिश की, लेकिन बाहर खड़े लोगों ने उसको पकड़ा लिया और उसके साथ मारपीट की। बाद में पुलिस को बुलाया गया। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम हाउस में रखवा दिया है। पुलिस परिजनों की शिकायत पर केस दर्ज करने में जुटी है।

  • बहबल कलां गोलीकांड में बढ़ी हलचल, सुखबीर बादल आज SIT के सामने फिर होंगे पेश

    बहबल कलां गोलीकांड में बढ़ी हलचल, सुखबीर बादल आज SIT के सामने फिर होंगे पेश

    चंडीगढ़.

    बहबल कलां गोलीकांड मामले में शिरोमणि अकाली दल के अध्यक्ष सुखबीर सिंह बादल आज चंडीगढ़ में विशेष जांच दल (SIT) के सामने पेश होंगे। वर्ष 2015 में बरगाड़ी में श्री गुरु ग्रंथ साहिब की बेअदबी की घटनाओं के बाद हुए विरोध प्रदर्शन के दौरान बहबल कलां में पुलिस फायरिंग हुई थी।

    कृष्ण भगवान सिंह और गुरजीत सिंह की इस घटना के दौरान मौत हो गई थी। इस घटना के बाद पंजाब की राजनीति में काफी विवाद हुआ और पुलिस कार्रवाई को लेकर कई सवाल उठे। मामले की जांच अलग-अलग समय पर विभिन्न जांच दलों और आयोगों ने की। बाद में पंजाब पुलिस के विशेष जांच दल ने भी इसकी जांच शुरू की।

    सुखबीर बादल की भूमिका पर सवाल
    जांच में उस समय के पुलिस प्रशासन से जुड़े फैसलों और तत्कालीन उपमुख्यमंत्री एवं गृह विभाग संभाल रहे सुखबीर बादल की भूमिका को लेकर भी सवाल उठाए गए हैं। हालांकि, किसी व्यक्ति की आपराधिक जिम्मेदारी अदालत में साबित होना अलग कानूनी प्रक्रिया है।

    20 जुलाई को हुई थी पूछताछ
    इससे पहले 20 जुलाई 2026 को सुखबीर बादल चंडीगढ़ में एसआइटी के सामने पेश हुए थे। उनसे करीब दो घंटे तक पूछताछ की गई थी। पूछताछ के बाद सुखबीर बादल ने जांच की प्रक्रिया पर सवाल उठाते हुए इसे राजनीतिक रूप से प्रेरित कार्रवाई बताया था। इसके बाद एसआइटी ने उन्हें दोबारा पूछताछ के लिए 11 सितंबर को पेश होने का समन भेजा। जानकारी अनुसार एसआइटी के सामने उनकी पांचवीं पेशी होगी। इस दौरान उनसे वर्ष 2015 की घटनाओं, पुलिस कार्रवाई और उस समय लिए गए फैसलों से जुड़े सवाल पूछे जाने की संभावना है।

  • नशामुक्त पंजाब के मिशन पर BJP का जोर, पूनिया ने कार्यकर्ताओं को साधा; संगठन मजबूत करने की रणनीति

    नशामुक्त पंजाब के मिशन पर BJP का जोर, पूनिया ने कार्यकर्ताओं को साधा; संगठन मजबूत करने की रणनीति

    चंडीगढ़

    पंजाब भाजपा के नए प्रभारी एवं राष्ट्रीय महासचिव डॉ. सतीश पूनिया ने गुरुवार को पार्टी नेताओं के साथ प्रस्तावित ‘नशामुक्त पंजाब यात्रा’ की तैयारियों को लेकर बैठक की। बैठक में यात्रा के आयोजन और इसकी रूपरेखा के साथ पंजाब में संगठन को और मजबूत करने को लेकर चर्चा हुई। पूनिया ने पार्टी की चुनावी तैयारियों को गति देने और संगठन को जमीनी स्तर तक मजबूत करने पर जोर दिया।

    बैठक में पंजाब के सह-प्रभारी डॉ. नरेंद्र रैना और प्रदेश महासचिव (संगठन) मंत्री श्रीनिवासुलु समेत पार्टी के वरिष्ठ नेता मौजूद रहे। बैठक के दौरान पंजाब से जुड़े राजनीतिक और संगठनात्मक विषयों पर भी विचार-विमर्श किया गया।

    117 सीटों पर चुनाव लड़ने का दावा
    पूनिया के पंजाब प्रभारी बनने के बाद पार्टी ने राज्य में संगठन को मजबूत करने और आगामी विधानसभा चुनाव की तैयारियों को तेज किया है। वह पहले ही स्पष्ट कर चुके हैं कि भाजपा पंजाब की सभी 117 विधानसभा सीटों पर अपने दम पर चुनाव लड़ने की तैयारी कर रही है। साथ ही उन्होंने नशे को पंजाब के प्रमुख मुद्दों में शामिल करते हुए इसके खिलाफ पार्टी की ओर से एक सुव्यवस्थित अभियान चलाने की बात कही है।

    भाजपा की प्रस्तावित नशामुक्त पंजाब यात्रा को इसी अभियान की तैयारियों से जोड़कर देखा जा रहा है। पार्टी नेतृत्व का फोकस नशे के मुद्दे को चुनावी स्तर पर प्रमुखता से उठाने के साथ-साथ संगठन को मजबूत करने पर है। पूनिया ने हालिया बैठकों में बूथ स्तर तक संगठन को मजबूत करने और पुराने अनुभवी नेताओं तथा नए कार्यकर्ताओं के बीच बेहतर समन्वय पर भी जोर दिया है।

    पूनिया के सामने पंजाब में भाजपा के संगठनात्मक विस्तार के साथ चुनावी आधार मजबूत करने की चुनौती है। ऐसे में नशामुक्त पंजाब यात्रा को लेकर हुई बैठक को पार्टी की आगामी राजनीतिक गतिविधियों की तैयारियों के लिहाज से अहम माना जा रहा है।  

  • शाही इमाम ईदगाह लखनऊ, मौलाना ख़ालिद रशीद फ़रंगी महली ने कहा

    शाही इमाम ईदगाह लखनऊ, मौलाना ख़ालिद रशीद फ़रंगी महली ने कहा

    शाही इमाम ईदगाह लखनऊ, मौलाना ख़ालिद रशीद फ़रंगी महली ने कहा

    सहारनपुर

    “सहारनपुर मस्जिद के ध्वस्तीकरण से संबंधित मामले में माननीय उच्च न्यायालय द्वारा दिए गए निर्देश का हम स्वागत करते हैं। माननीय न्यायालय ने राज्य सरकार को इस मामले में अपना जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया है और मस्जिद के संबंध में लगाए गए जुर्माने पर भी रोक लगा दी है।

    हम इसे न्याय की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानते हैं और हमें उम्मीद है कि माननीय उच्च न्यायालय मस्जिद के अधिकारों की रक्षा करेगा तथा इस मामले में न्याय सुनिश्चित करेगा।

    हमें पूरा विश्वास है कि, इंशाअल्लाह, सहारनपुर मस्जिद का यथाशीघ्र पुनर्निर्माण होगा और अंततः न्याय की जीत होगी, क्योंकि धार्मिक स्थलों को Places of Worship (Special Provisions) Act, 1991 तथा वक्फ़ से संबंधित लागू कानूनी प्रावधानों, जिसमें वक्फ़ बाय यूज़र भी शामिल है, के तहत संरक्षण प्राप्त है।

    हमें उम्मीद है कि वर्तमान मामले में इन सभी कानूनी संरक्षणों को उचित रूप से ध्यान में रखा जाएगा और न्याय सुनिश्चित किया जाएगा।”