Category: राज्य

  • फिजिक्स से लेकर दूसरे विषयों तक AI ट्रेनिंग, बिहार में 23-24 सितंबर को बनेगा प्रशिक्षण का प्लान

    फिजिक्स से लेकर दूसरे विषयों तक AI ट्रेनिंग, बिहार में 23-24 सितंबर को बनेगा प्रशिक्षण का प्लान

    पटना
     माध्यमिक व प्लस टू विद्यालयों में पढ़ा रहे शिक्षकों का क्षमतावर्धन गूगल की टीम करेगी। शिक्षक दिवस के दिन इस वर्ष शिक्षा विभाग ने गूगल एजुकेशन के साथ करार किया था।

    अब गूगल की टीम शिक्षकों के क्षमतावर्धन की दिशा में काम आरंभ करने वाली है। इस क्रम में इसी माह 23-24 को गूगल के वरीय अधिकारियों की टीम फिर बिहार आ रही है। शिक्षकों के क्षमतावर्धन का क्रियान्वयन किस तरह से आगे बढ़े इस पर विमर्श होना है।

    शिक्षकों को उनके विषय में एआई के माध्यम से दक्ष किया जाएगा
    इस संबंध में मिली जानकारी के अनुसार माध्यमिक व इंटर स्कूलों में पढ़ा रहे शिक्षकों को एआई के माध्यम से उनके विषय में दक्ष किया जाएगा।

    अगर कोई शिक्षक विद्यालय में फिजिक्स पढ़ा रहे तो पाठ्यक्रम के हिसाब से उन्हें संबंधित विषय के सभी पहलुओं के बारे में प्रशिक्षित किया जाएगा। संबंधित विषय में अगर हाल में कोई नयी चीज आयी है तो गूगल की टीम उसे भी संबंधित शिक्षकों को बताएगी।

    अध्यापन के सिस्टम में हो जाएगा बदलाव
    गूगल एजुकेशन द्वारा क्षमतावर्धन से शिक्षकों द्वारा पढ़ाने के सिस्टम में आ जाएगा बदलाव। शिक्षक अभी पाठ्य पुस्तक में उपलब्ध सामग्री के माध्यम से ही पढ़ाते हैं।

    अब एआई के प्रशिक्षण से उन्हें संबंधित विषय पर कई तरह की सामग्री उपलब्ध करायी जाएगी। अलग किस्म के नोट्स मिलेंगे। शिक्षक अपने विद्यार्थियों को नए सिरे से पढ़ाएंगे। यही नहीं प्रश्नों के नए सेट्स भी उपलब्ध होंगे।

    गूगल एजुकेशन की टीम तय करेगी प्रशिक्षण का फार्मेट
    गूगल एजुकेशन की टीम इसी माह तय करेगी कि प्रशिक्षण का फारमेट क्या होगा। जिला स्तर पर शिक्षकों का क्षमतवर्धन कार्यक्रम चलेगा या फिर राज्य स्तर पर। पहले किन-किन विषयों के प्रशिक्षण कार्यक्रम चलेंगे यह भी तय होना है।

     

  • जयपुर में एक घर से मिलीं 4 लाशें, पत्नी-बेटियों की हत्या के बाद पिता को चाय पिलाकर भागा राहुल

    जयपुर में एक घर से मिलीं 4 लाशें, पत्नी-बेटियों की हत्या के बाद पिता को चाय पिलाकर भागा राहुल

    करधनी
    जयपुर के करधनी इलाके में एक ही घर से चार लाशें मिलने की वारदात ने पूरे इलाके को हिला दिया। गुरुवार रात एक व्यक्ति ने अपनी पत्नी और तीन बेटियों की हत्या कर दी। चारों के सिर और मुंह पर पत्थर से वार किए गए। सबसे चौंकाने वाली बात यह रही कि वारदात के बाद भी आरोपी सामान्य तरीके से घर में रहा। शुक्रवार सुबह दूध लिया, बुजुर्ग पिता के लिए चाय बनाई और उन्हें चाय पिलाने के बाद घर से निकल गया। इसके बाद वह वापस नहीं लौटा।

    एक घर में चार मौतें
    DCP वेस्ट प्रशांत किरण ने बताया कि शुक्रवार सुबह करीब 10 बजे पुलिस को गोविंद वाटिका स्थित प्लॉट नंबर ए-169 में हत्या की सूचना मिली। पुलिस मौके पर पहुंची तो घर के अलग-अलग कमरों में चार शव मिले। मृतकों की पहचान गीता झा और उनकी बेटियों नंदनी (23), राधिका (18) और गौरी (14) के रूप में हुई है। पुलिस ने हत्या में इस्तेमाल किया गया पत्थर भी बरामद कर लिया है।

    अलग-अलग कमरों में मिलीं लाशें
    पुलिस के मुताबिक गीता झा का शव मकान की पहली मंजिल पर बने कमरे में मिला। वहीं तीनों बेटियों के शव ग्राउंड फ्लोर के दो अलग-अलग कमरों में मिले। शवों की स्थिति और घर में मिले साक्ष्यों के आधार पर आशंका है कि हत्या रात में की गई। पुलिस यह भी जांच कर रही है कि आरोपी ने पत्नी और बेटियों को किस क्रम में और कैसे निशाना बनाया।

    सुबह दूध लिया, फिर पिता को चाय पिलाई
    इस हत्याकांड का सबसे हैरान करने वाला पहलू आरोपी राहुल का वारदात के बाद का व्यवहार है। पुलिस के अनुसार राहुल ने शुक्रवार सुबह करीब 7 बजे दूध वाले से दूध लिया। इसके बाद उसने अपने बुजुर्ग पिता लक्ष्मीनाथ झा के लिए चाय बनाई और उन्हें पिलाई। पिता को उस वक्त घर में हुई चार हत्याओं की जानकारी नहीं थी। चाय पिलाने और तैयार होने के बाद राहुल घर से निकल गया। इसके बाद से वह फरार है।

    पिता को खून देखकर हुआ शक
    राहुल के पिता ने बताया कि सुबह उठने के बाद बेटे ने उन्हें चाय बनाकर दी थी। इसके बाद राहुल तैयार होकर चला गया। बाद में जब घर के कमरों में खून दिखाई दिया तो उन्होंने पड़ोसियों को इसकी जानकारी दी। पिता का कहना है कि घर में कौन आया और क्या हुआ, इसकी उन्हें कोई जानकारी नहीं थी।

    शेयर ट्रेडिंग करता था राहुल
    पड़ोसियों के मुताबिक राहुल झा शेयर ट्रेडिंग का काम करता था। उसकी पत्नी गीता झा घर की पहली मंजिल पर ही बुटीक चलाती थी। तीनों बेटियां पढ़ाई कर रही थीं। बड़ी बेटी नंदनी पढ़ाई के साथ प्राइवेट जॉब भी करती थी। राहुल करीब तीन दिन पहले ही गुजरात से जयपुर लौटा था।

    तीन दिन पहले मांगे थे 50 हजार
    पड़ोस में रहने वाली एक महिला ने बताया कि राहुल ने तीन दिन पहले उससे 50 हजार रुपए उधार मांगे थे। महिला के मुताबिक उसने राहुल को 25 हजार रुपए दिए थे। पुलिस अब परिवार की आर्थिक स्थिति और राहुल के लेन-देन से जुड़े पहलुओं की भी जानकारी जुटा रही है।

    छह साल पहले खरीदा था मकान
    परिवार जिस मकान में रहता था, उसे राहुल ने करीब छह साल पहले खरीदा था। इसी मकान की पहली मंजिल पर गीता बुटीक चलाती थीं। शुक्रवार को वारदात सामने आने के बाद घर के बाहर रिश्तेदारों और पड़ोसियों की भीड़ जमा हो गई। पुलिस ने पूरे इलाके में घेराबंदी कर घर में किसी के प्रवेश पर रोक लगा दी।

    तीन दिन पहले साथ बैठकर खाया था खाना
    राहुल के भाई संजय कुमार झा और भतीजे राज ने बताया कि पति-पत्नी के बीच किसी विवाद की जानकारी उन्हें नहीं थी। उनके मुताबिक राहुल तीन दिन पहले ही घर आया था और उस दौरान परिवार के सभी लोगों ने साथ बैठकर खाना भी खाया था। उस समय किसी तरह का विवाद या तनाव महसूस नहीं हुआ था।

    अब हत्या की वजह और फरारी की जांच
    चार लोगों की हत्या के बाद राहुल के अचानक फरार होने से पुलिस की जांच उसके संभावित ठिकानों और हत्या के कारण पर केंद्रित है। पुलिस घर से मिले साक्ष्यों, परिजनों और पड़ोसियों से पूछताछ के आधार पर पूरी कड़ी जोड़ने में जुटी है। फिलहाल सबसे बड़ा सवाल यही है कि आखिर ऐसी क्या वजह थी कि राहुल ने अपनी पत्नी और तीन बेटियों की जान ले ली और फिर सुबह अपने पिता को चाय पिलाकर घर से निकल गया।

     

  • सहारनपुर मस्जिद केस: हाईकोर्ट ने जुर्माना वसूली पर लगाई रोक, सरकार से मांगा जवाब

    सहारनपुर मस्जिद केस: हाईकोर्ट ने जुर्माना वसूली पर लगाई रोक, सरकार से मांगा जवाब

     सहारनपुर
    यूपी के सहारनपुर में मस्जिद ध्वस्तीकरण को लेकर दाखिल याचिका पर आज हाईकोर्ट में सुनवाई हुई। हाईकोर्ट ने सुनवाई के दौरान राज्य सरकार से जवाबी हलफनामा मांगा। यूपी सरकार को जवाबी हलफनामा देने के लिए समय दिया गया। ​न्यायमूर्ति रोहित रंजन अग्रवाल ने सरकार को जवाब दाखिल करने का समय देते हुए मामले की अगली सुनवाई 12 अक्टूबर तय की है। वहीं, हाईकोर्ट ने अगली तारीख तक छह करोड़ रुपये से अधिक के जुर्माने की मस्जिद कमेटी से वसूली के सिटी मजिस्ट्रेट के आदेश पर रोक लगा दी है।

    गौरतलब हो कि हाईकोर्ट में मस्जिद कमेटी प्रबंधन की ओर से मुतवल्ली तनवीर अहमद ने मंगलवार को याचिका दाखिल की थी। याचिका में प्रशासन की कार्रवाई को चुनौती दी गई थी। मामले में सरकार को विपक्षी बनाया गया है। याचिका में आरोप लगाया गया है कि प्रशासन ने शनिवार को कलक्ट्रेट परिसर स्थित मस्जिद को बिना नोटिस और सक्षम आदेश के ध्वस्त कर दिया। याचिका में वर्शिप एक्ट के उल्लंघन का भी आरोप लगाया गया है। इसके अलावा बिजली का बिल स्वीकार नहीं करने, गवाहों की पूरी गवाही नहीं कराने और फाइल को बहस में लगाकर अंतिम निर्णय किए जाने समेत प्रक्रिया से जुड़े कई बिंदुओं को चुनौती का आधार बनाया गया है।

    याचिका में यह भी तर्क दिया गया है कि पब्लिक प्रिमाइसेज (एविक्शन ऑफ अनऑथराइज्ड ऑक्यूपेंट्स) एक्ट यानी पीपी एक्ट के तहत कार्रवाई से पहले वादी पक्ष को अपना स्वामित्व साबित करना होता है।मस्जिद कमेटी का आरोप है कि सरकार और प्रशासन की ओर से इस संबंध में पर्याप्त आधार प्रस्तुत नहीं किया गया। मस्जिद कमेटी का कहना है कि मामले में न्यायिक प्रक्रिया और संबंधित कानूनी प्रावधानों का पालन किया जाना चाहिए था।

    उल्लेखनीय है कि सिटी मजिस्ट्रेट की अदालत ने 16 जुलाई 2026 को मस्जिद को अवैध करार देते हुए मस्जिद प्रबंधन पर 6.41 करोड़ रुपये का अर्थदंड लगाया था। मस्जिद कमेटी की ओर से दाखिल याचिका में ध्वस्तीकरण की कार्रवाई के साथ उस प्रक्रिया को भी चुनौती दी गई है, जिसके आधार पर प्रशासन ने कार्रवाई की। याचिका में आरोप लगाया गया है कि मस्जिद को ध्वस्त करने से पहले संबंधित पक्ष को नोटिस नहीं दिया गया और न ही ऐसा आदेश दिखाया गया, जिसके आधार पर तत्काल ध्वस्तीकरण की कार्रवाई की जा सके।

    कलक्ट्रेट परिसर स्थित मस्जिद के ध्वस्तीकरण के मामले में शुक्रवार को इलाहाबाद हाईकोर्ट में सुनवाई हुई। मस्जिद प्रबंधन की ओर से दाखिल रिट कॉज लिस्ट में 35वें नंबर पर सूचीबद्ध रहा। मामले की सुनवाई कोर्ट नंबर-9 में हुई। सुनवाई को लेकर प्रशासन और पुलिस पूरी तरह सतर्क रहा। मस्जिद प्रबंधन की अपील जिला जज की अदालत में भी खारिज हो गई थी। इसके बाद मुतव्वली की ओर से आठ सितंबर को हाईकोर्ट में रिट दाखिल की गई, जिस पर शुक्रवार को सुनवाई हुई है।

  • गंगा-गंडक-कोसी के उफान से बिहार बेहाल, 52 लाख लोगों के लिए चल रहीं 1194 सामुदायिक रसोइयां

    गंगा-गंडक-कोसी के उफान से बिहार बेहाल, 52 लाख लोगों के लिए चल रहीं 1194 सामुदायिक रसोइयां

    पटना
    बिहार में बाढ़ का दायरा लगातार बढ़ने के साथ प्रभावित आबादी का आंकड़ा 47 लाख के पार पहुंच गया है। राज्य के 15 जिलों के 88 प्रखंडों और 561 पंचायतों में 47 लाख लोग बाढ़ से प्रभावित हुए हैं।

    इस बीच प्रभावित क्षेत्रों में राहत एवं बचाव कार्यों को तेज करने के साथ खाद्यान्न, पशु चारा, दवा एवं अन्य जरूरी सामग्री की उपलब्धता सुनिश्चित करने की चुनौती बढ़ती जा रही है। गंगा, गंडक, कोसी एवं सोन के कारण परेशानी बरकरार है।

    बाढ़ प्रभावितों के लिए सामुदायिक रसोई की संख्या बढ़ाकर 1194 कर दी गई है। इन रसोइयों के माध्यम से करीब 52 लाख लोगों को दो समय का भोजन उपलब्ध कराया जा रहा है।

    सरकार की ओर से जिलाधिकारियों को निर्देश दिया गया है कि किसी भी प्रभावित परिवार को भोजन की कमी नहीं होनी चाहिए। आपदा प्रबंधन विभाग की ओर से सामुदायिक रसोई (कम्युनिटी किचन) की संख्या और बढ़ाने को भी कहा गया है।

    पशुओं के लिए चारे की व्यवस्था पर बल
    बाढ़ के कारण बड़ी संख्या में पशुधन भी प्रभावित हुआ है। ऐसे में प्रभावित इलाकों में हरा और सूखा चारा उपलब्ध कराने के साथ पशुओं के लिए आवश्यक दवाओं की व्यवस्था की जा रही है।

    डेयरी, पशु एवं मत्स्य संसाधन विभाग ने बाढ़ग्रस्त क्षेत्रों में चारा आपूर्ति की लगातार व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।

    पशुओं में संक्रमण और बीमारी की आशंका को देखते हुए पशु चिकित्सा दलों को भी सक्रिय करने में निगरानी करने को कहा गया है।

    दवाओं का पर्याप्त स्टॉक रखने का निर्देश
    बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं को लेकर भी विशेष सतर्कता बरती जा रही है। जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग को आवश्यक दवाओं का पर्याप्त स्टॉक रखने, प्रभावित आबादी के बीच चिकित्सा दल भेजने और बीमारियों की रोकथाम के लिए आवश्यक कदम उठाने को कहा गया है।

    जलजमाव वाले क्षेत्रों में डायरिया, बुखार, त्वचा रोग और अन्य जलजनित बीमारियों को लेकर विशेष निगरानी की जा रही है।

    राहत सामग्री की आपूर्ति पर नजर
    सरकार ने प्रभावित परिवारों तक राशन और अन्य जरूरी सामग्री पहुंचाने की व्यवस्था को भी मजबूत करने का निर्देश दिया है। जिन इलाकों में सड़क संपर्क बाधित है, वहां नाव समेत अन्य माध्यमों से राहत सामग्री पहुंचाने पर बल है।

    जिला प्रशासन को स्थानीय स्तर पर उपलब्ध संसाधनों का इस्तेमाल करते हुए राहत कार्यों में तेजी लाने को कहा गया है।

    बाढ़ प्रभावित जिले
    बक्सर, भोजपुर, पटना, वैशाली, सारण, बेगूसराय, मुंगेर, कटिहार, लखीसराय, खगड़िया, पूर्णिया, भागलपुर, मधेपुरा, समस्तीपुर एवं अरवल है।

  • दो साल पहले लगा टावर, फिर भी नेटवर्क का संकट; गुस्साए ग्रामीणों ने कर्मी को बांधा, वीडियो वायरल

    दो साल पहले लगा टावर, फिर भी नेटवर्क का संकट; गुस्साए ग्रामीणों ने कर्मी को बांधा, वीडियो वायरल

    फहतेपुर
    फतेहपुर जिले में बिंदकी कोतवाली क्षेत्र के हरदौली गांव में नेटवर्क की समस्या से परेशान ग्रामीणों ने गुरुवार शाम एक टावर कर्मी को टावर परिसर में ही खंभे से बांधकर बंधक बना लिया। सूचना पर पहुंची पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। इसका वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। हालांकि, ‘हिन्दुस्तान ’ इस वीडियो की पुष्टि नहीं करता है। हरदौली गांव में करीब दो साल पहले एक टेलीकॉम कंपनी का टावर लगाया गया था। टावर शुरू होने के बाद ग्रामीणों को उम्मीद थी कि मोबाइल नेटवर्क की समस्या दूर हो जाएगी। इसके बावजूद पिछले कुछ महीनों से गांव में नेटवर्क की समस्या बनी हुई है।

    महीनों से नेटवर्क नहीं आने से ग्रामीण परेशान
    ग्रामीणों के मुताबिक, न तो ठीक से कॉल हो पा रही है और न ही इंटरनेट चल रहा है। लंबे समय से समस्या से परेशान ग्रामीणों का गुस्सा गुरुवार शाम फूट पड़ा। इसी दौरान टावर कर्मी के गांव पहुंचने पर ग्रामीणों ने उसे पकड़ लिया और टावर परिसर में खंभे से बांधकर बंधक बना लिया। कोतवाल शैलेष सिंह ने बताया कि मामले की जांच की जा रही है। जांच के आधार पर कार्रवाई की जाएगी।

    टेलीकॉम कर्मी को टावर से बांध दिया
    बताया जा रहा है कि नेटवर्क नहीं आने से नाराज ग्रामीणों ने टावर की देखरेख के लिए गांव पहुंचे टेलीकॉम कर्मी को पकड़कर टावर में ही बांध दिया। ग्रामीणों ने कर्मी से कहा कि जब तक अधिकारी मौके पर नहीं आएंगे, उसे नहीं छोड़ा जाएगा। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद मामले ने तूल पकड़ लिया। जानकारी मिलते ही स्थानीय पुलिस मौके पर पहुंची और बंधक बनाए गए कर्मी को ग्रामीणों के कब्जे से छुड़ाकर थाने ले गई। पुलिस ने वायरल वीडियो के आधार पर मामले की जांच शुरू की।

    सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा वीडियो
    एसपी अभिमन्यु मांगलिक ने बताया कि बिंदकी के एक गांव का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था। इसमें टावर टेक्नीशियन को लोगों ने बंधक बना रखा था। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार 5G नेटवर्क नहीं मिलने से नाराज होकर ग्रामीणों ने यह कदम उठाया। मामले में केस दर्ज कर पांच लोगों को हिरासत में लिया गया है। आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है। घटना के दौरान मौके पर ग्रामीणों की भारी भीड़ इकट्ठा हो गई। इस बीच पूरे मामले का किसी ने वीडियो बनाकर सोशल मीडिया में वायरल कर दिया।

  • Chandigarh Weather: मानसून विदा होते ही बदलेगा मौसम, घूमने-फिरने का बनेगा शानदार प्लान

    Chandigarh Weather: मानसून विदा होते ही बदलेगा मौसम, घूमने-फिरने का बनेगा शानदार प्लान

    चंडीगढ़.

    सड़कों के किनारे पेड़ों की वजह से हरियाली, चौक-चौराहे एक जैसे और स्मूथली ट्रैफिक मैनेजमेंट। चंडीगढ़ यानी स्मार्टसिटी में प्रवेश करते ही एक अलग तरह का अहसास होता है। सितंबर महीने में इस शहर में काफी कुछ बदला-बदला सा नजर आता है।

    शहर के मुख्य पर्यटन स्थल अपने सबसे खूबसूरत रूप में होते हैं। यह महीना मानसून की विदाई का होता है। वर्षा की वजह से इस समय पूरा शहर बारिश के बाद हरी-भरी चादर ओढ़ लेता है, जिससे आउटडोर एक्टिविटीज और घूमने का मजा दोगुना हो जाता है। टेम्प्रेचर 23 से 31 डिग्री सेल्सियस के बीच रहने की वजह से मौसम सुहावना होता है। मौसम अच्छा होने के कारण सेक्टर 17 की ओपन-एयर मार्केट में शाम बिताना, स्ट्रीट फूड का लुत्फ उठाना और लाइव म्यूजिकल फाउंटेन देखना बेहद सुखद होता है। इनडोर शॉपिंग के लिए आप एलांते मॉल भी जा सकते हैं। इस महीने ट्राईसिटी का एंटरटेनमेंट कैलेंडर भी लाइव म्यूजिक, कॉमेडी और लाइफस्टाइल प्रदर्शनियों से भरा हुआ है। यदि आपको होम डेकोर और आर्किटेक्चर में रुचि है, तो 25 सितंबर से सेक्टर-15 के परेड ग्राउंड में सबसे बड़ा इंटीरियर शो शुरू हो रहा है। त्योहारों और शादियों के सीजन की खरीदारी के लिए 12 से 14 सितंबर तक सेक्टर-35 स्थित किसान भवन में वेडिंग लाइफस्टाइल और होम डेकोर एग्जीबिशन का आयोजन किया जा रहा है।

    सुखना लेक: मानसून के बाद झील पानी से पूरी तरह भरी होती है। सुबह और शाम के समय सुहावनी हवाओं के बीच बोटिंग (शिकारा राइड) करना और शिवालिक की पहाड़ियों का नजारा देखना इस महीने सबसे खास अनुभव है।

    रॉक गार्डन: वेस्ट मटेरियल से बनी नेकचंद की जादुई दुनिया सितंबर की हल्की धूप और खिले मौसम में फोटोग्राफी के लिए बिल्कुल सटीक है। यहां के मानव निर्मित झरने इस समय पूरे वेग से बहते हैं।

    रोज गार्डन और लेजर वैली: एशिया का सबसे बड़ा जाकिर हुसैन रोज़ गार्डन और लेजर वैली बारिश के बाद पूरी तरह हरे-भरे हो जाते हैं, जो शांतिपूर्ण वॉक और पिकनिक के लिए बेहतरीन हैं।

  • योगी सरकार का बड़ा फैसला! यूपी की 681 प्रमुख सड़कें होंगी गड्ढामुक्त, त्योहारों से पहले शुरू होगी कवायद

    योगी सरकार का बड़ा फैसला! यूपी की 681 प्रमुख सड़कें होंगी गड्ढामुक्त, त्योहारों से पहले शुरू होगी कवायद

     लखनऊ
    यूपी में बारिश और बाढ़ के कारण खराब हुई सड़कों को लेकर योगी सरकार ने अब तेजी से काम करने की तैयारी शुरू कर दी है. आगामी त्योहारों को देखते हुए प्रदेश के 681 महत्वपूर्ण मार्ग चिन्हित किए गए हैं. इन सड़कों को प्राथमिकता के आधार पर गड्ढामुक्त और आवागमन के लिए बेहतर बनाया जाएगा। 

    मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शुक्रवार को लोक निर्माण विभाग की समीक्षा बैठक में अधिकारियों को निर्देश दिया कि बारिश से क्षतिग्रस्त सड़कों को तत्काल ठीक कर मोटरेबल बनाया जाए. उन्होंने साफ कहा कि अभी बरसात पूरी तरह खत्म नहीं हुई है, इसलिए जहां तत्काल मरम्मत जरूरी है, वहां काम किया जाए और बारिश समाप्त होने के बाद जरूरत के मुताबिक सड़क का स्थायी नवीनीकरण कराया जाए. मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि गड्ढामुक्ति अभियान सिर्फ गड्ढों में पैचवर्क करने तक सीमित नहीं रहना चाहिए. सड़क की वास्तविक स्थिति का आकलन करके जरूरत के अनुसार मरम्मत और नवीनीकरण की कार्रवाई की जाए। 

    त्योहारों से पहले 681 मार्गों पर खास नजर

    आने वाले दिनों में प्रदेश में लगातार पर्व-त्योहार हैं. गणेश चतुर्थी, विश्वकर्मा पूजा, नवरात्रि, दीपावली, छठ पूजा और कार्तिक पूर्णिमा जैसे पर्वों के दौरान बड़ी संख्या में लोग एक स्थान से दूसरे स्थान पर जाते हैं. इसी को देखते हुए सरकार ने 681 महत्वपूर्ण मार्गों की पहचान की है. इन मार्गों पर त्योहारों से पहले जरूरी मरम्मत और नवीनीकरण का काम पूरा कराने पर जोर दिया जा रहा है. इन सड़कों पर भीड़ और वाहनों की आवाजाही अधिक रहने की संभावना है. मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से कहा कि पर्वों के दौरान लोगों को खराब सड़कों के कारण परेशानी नहीं होनी चाहिए। 

    बारिश अभी जारी, इसलिए दो स्तर पर होगा काम
    अधिकारियों का कहना है कि सरकार के सामने फिलहाल एक चुनौती यह भी है कि प्रदेश के कई हिस्सों में बारिश अभी जारी है. ऐसे में किसी सड़क की पूरी तरह स्थायी मरम्मत करना हर जगह संभव नहीं है. इसी वजह से मुख्यमंत्री ने दो स्तर पर काम करने को कहा है. पहले चरण में बारिश से खराब सड़क को तुरंत आवागमन योग्य बनाया जाएगा. जहां गड्ढे हैं या सड़क का हिस्सा टूट गया है, वहां जरूरी मरम्मत की जाएगी. दूसरे चरण में बरसात समाप्त होने के बाद सड़क की स्थिति का दोबारा आकलन किया जाएगा. जहां ज्यादा नुकसान हुआ है, वहां स्थायी नवीनीकरण कराया जाएगा. इससे फिलहाल लोगों को आने-जाने में राहत मिलेगी और बाद में सड़क को स्थायी रूप से बेहतर किया जा सकेगा। 

    सिर्फ बारिश से ही नहीं टूटीं सड़कें
    समीक्षा बैठक में यह भी सामने आया कि प्रदेश में सड़कों के खराब होने की वजह केवल बारिश और बाढ़ नहीं है. कई जगह एक्सप्रेसवे, राष्ट्रीय राजमार्ग, रेलवे और दूसरी निर्माणाधीन परियोजनाओं के चलते भारी वाहनों की आवाजाही बढ़ी है. लगातार भारी वाहनों के चलने से भी कई सड़कों को नुकसान पहुंचा है. अब ऐसे मार्गों का विभागवार सर्वे कराया जा रहा है. सर्वे में जिन सड़कों को क्षतिग्रस्त पाया जाएगा, उन्हें चिन्हित करके संबंधित विभाग के लिए गड्ढामुक्ति का लक्ष्य तय किया जाएगा। 

    9 विभागों की 4.36 लाख किमी सड़कों की समीक्षा
    बैठक में प्रदेश के नौ विभागों के अधीन आने वाली सड़कों की स्थिति की समीक्षा की गई. अधिकारियों के मुताबिक इन विभागों के अधीन करीब 4.36 लाख किलोमीटर सड़कें हैं. मौजूदा गड्ढामुक्ति अभियान के तहत करीब 50 हजार किलोमीटर मार्गों को बेहतर बनाने का लक्ष्य रखा गया है. अब तक करीब 5,751 किलोमीटर सड़कों पर गड्ढामुक्ति का काम पूरा होने की जानकारी बैठक में दी गई. बाकी सड़कों पर भी काम चल रहा है. इसके साथ ही बारिश और अन्य कारणों से क्षतिग्रस्त हुए नए मार्गों का सर्वे पूरा होने के बाद विभागवार लक्ष्य को अंतिम रूप दिया जाएगा। 

    30 हजार किमी सड़क के नवीनीकरण का लक्ष्य
    सरकार ने सिर्फ गड्ढे भरने का लक्ष्य नहीं रखा है. जहां सड़क की स्थिति ज्यादा खराब है, वहां नवीनीकरण और विशेष मरम्मत भी कराई जाएगी. बैठक में बताया गया कि करीब 30 हजार किलोमीटर सड़कों के नवीनीकरण का लक्ष्य रखा गया है. इसमें अब तक करीब 14 हजार किलोमीटर पर काम होने की जानकारी दी गई. इसी तरह करीब 5 हजार किलोमीटर मार्गों पर विशेष मरम्मत का लक्ष्य है. अब तक करीब 700 किलोमीटर पर विशेष मरम्मत का काम पूरा होने की बात कही गई। 

    स्कूल-अस्पताल वाली सड़कें पहले ठीक होंगी
    मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को यह भी निर्देश दिया कि सड़क सुधार के लिए प्राथमिकता तय करते समय केवल सड़क की लंबाई नहीं देखी जाए, बल्कि वहां लोगों की जरूरत को भी ध्यान में रखा जाए. उन्होंने शिक्षण संस्थानों, अस्पतालों, मुख्य बाजारों, सरकारी कार्यालयों और अधिक आवाजाही वाले स्थानों तक पहुंचने वाली सड़कों को प्राथमिकता देने के निर्देश दिए. इसका मतलब साफ है कि जिस सड़क से रोजाना बड़ी संख्या में छात्र, मरीज, कर्मचारी और आम लोग गुजरते हैं, वहां मरम्मत का काम पहले कराया जाएगा. मुख्यमंत्री ने कहा कि सड़क आम आदमी की रोजमर्रा की जिंदगी से सीधे जुड़ी है. इसलिए इसकी खराब स्थिति का असर सीधे लोगों पर पड़ता है. सड़कों की मरम्मत को लेकर अक्सर गुणवत्ता पर सवाल उठते रहे हैं. इसे देखते हुए मुख्यमंत्री ने काम में तेजी के साथ गुणवत्ता का भी ध्यान रखने को कहा. उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि सड़क की मरम्मत सिर्फ औपचारिकता के लिए न हो. जहां पैचवर्क से काम चल सकता है वहां उसे किया जाए, लेकिन जहां सड़क का व्यापक नवीनीकरण जरूरी है वहां स्थायी समाधान किया जाए. बारिश खत्म होने के बाद सड़कों की वास्तविक स्थिति के अनुसार आगे की कार्रवाई करने के निर्देश भी दिए गए हैं। 

    सभी विभाग मिलकर करेंगे काम
    सड़कें केवल लोक निर्माण विभाग के अधीन नहीं हैं. अलग-अलग क्षेत्रों में अलग विभागों की सड़कें हैं. ऐसे में मुख्यमंत्री ने सभी संबंधित विभागों के बीच बेहतर समन्वय पर जोर दिया. बैठक में केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय, मंडी परिषद, पंचायती राज, सिंचाई, ग्राम्य विकास, नगर विकास, आवास एवं शहरी नियोजन तथा अवस्थापना एवं औद्योगिक विकास विभाग की कार्ययोजनाओं की भी समीक्षा की गई। 

  • हरियाणा में ग्रामीण स्वच्छता कर्मियों की बल्ले-बल्ले, बढ़ेगा मासिक मानदेय और सुधरेंगी सुविधाएं

    हरियाणा में ग्रामीण स्वच्छता कर्मियों की बल्ले-बल्ले, बढ़ेगा मासिक मानदेय और सुधरेंगी सुविधाएं

    चंडीगढ़ 
     हरियाणा सरकार की ओर से ग्रामीण सफाई कर्मियों के लिए कई वित्तीय और लाभकारी घोषणा की गई है। इनमें उनका मानदेय बढ़ाना, यूनिफॉर्म और धुलाई के लिए ज्यादा भत्ता देना, गांव से बाहर ड्यूटी करने पर मुआवजा देना और ड्यूटी के दौरान मौत होने पर परिवार के किसी सदस्य को नौकरी देना शामिल है। हरियाणा के विकास और पंचायत विभाग के निदेशक की ओर से 10 सितंबर को एक आधिकारिक मेमोरेंडम जारी करके इन फायदों की जानकारी दी गई। यह मेमोरेंडम राज्य भर के डिप्टी कमिश्नरों, जिला परिषदों के मुख्य कार्यकारी अधिकारियों और जिला व ब्लॉक स्तर के विकास और पंचायत अधिकारियों को भेजा गया था। इस फैसले के तहत, ग्रामीण सफाई कर्मियों को जनवरी 2026 से उनके मासिक मानदेय में 2,100 रुपये की बढ़ोतरी से मिलने वाला बकाया पैसा (एरियर) मिलेगा। मानदेय 16,000 रुपये से बढ़ाकर 18,100 रुपये कर दिया गया है, और 30 जून 2026 तक की अवधि के लिए बकाया राशि का भुगतान किया जाएगा।

    सरकार ने अक्टूबर 2023 के लिए बकाया मानदेय जारी करने की भी मंजूरी दे दी है। यह उन सफाई कर्मियों के लिए है, जिन्हें हड़ताल के दौरान उस महीने का भुगतान नहीं मिला था। आदेश में ढांड में 48, फारुखनगर में 54, सिहमा में 25 और निजामपुर में 15 कर्मियों के नाम शामिल हैं, जिससे कुल संख्या 139 है।

    जो सफाई कर्मी अपने गांव से बाहर ड्यूटी करेंगे, उन्हें 200 रुपये प्रतिदिन का भत्ता मिलेगा। यह राशि संबंधित ब्लॉक विकास और पंचायत अधिकारी (बीडीपीओ) कार्यालय की ओर से ऐसी तैनाती के लिए छोटे-मोटे खर्चों से दी जाएगी।

    सरकार ने सालाना यूनिफॉर्म भत्ता भी 2,000 रुपये बढ़ा दिया है, जिससे यह 4,000 रुपये से बढ़कर 6,000 रुपये हो गया है। सालाना धुलाई भत्ता 500 रुपये बढ़ाकर 1,000 रुपये से 1,500 रुपये कर दिया गया है। आदेश में यह भी कहा गया है कि अगर ड्यूटी के दौरान किसी ग्रामीण सफाई कर्मी की मौत हो जाती है, तो परिवार के एक सदस्य को मानवीय आधार पर नौकरी दी जाएगी।

    निजी एजेंसियों की ओर से परिवारों के शोषण को रोकने के लिए, बीडीपीओ कार्यालयों को यह भी निर्देश दिया गया है कि वे मृत सफाई कर्मियों के परिवारों को ईपीएफ और ईएसआई डेथ-क्लेम से जुड़े कागजी काम पूरा करें।

    सरकार की ओर से यह भी निर्देश दिया गया है कि ग्रामीण सफाई कर्मियों का मासिक मानदेय हर महीने की सात तारीख तक दे दिया जाना चाहिए। देरी होने पर 2,500 रुपये का जुर्माना देना होगा।

  • 10 हजार मांगे, नहीं दिए तो पिस्टल तानी और कार लूट ले गए; तीन बदमाश गिरफ्तार

    10 हजार मांगे, नहीं दिए तो पिस्टल तानी और कार लूट ले गए; तीन बदमाश गिरफ्तार

    चंडीगढ़
     मनीमाजरा के राजीव विहार में बुधवार देर रात पिस्टल की नोक पर प्राॅपर्टी डीलर से होंडा सिटी कार लूटने के मामले में पुलिस ने तीन आरोपितों को गिरफ्तार किया है।

    आरोपितों की पहचान पंचकूला राजीव कॉलोनी निवासी 19 वर्षीय कृष्ण, रैला गांव निवासी 21 वर्षीय सोनू, चंडीगढ़ के सेक्टर-16 निवासी 24 वर्षीय संजू उर्फ कांचा के रूप में हुई है। पुलिस ने उनके कब्जे से लूटी गई होंडा सिटी कार भी बरामद कर ली है। पुलिस गिरोह के अन्य सदस्यों की तलाश कर रही है।

    राजीव विहार निवासी 24 वर्षीय पुलकित शर्मा बुधवार रात करीब 12 बजे अपने घर के बाहर कार में बैठकर ऑनलाइन खाना आने का इंतजार कर रहा था। इसी दौरान तीन बाइक और एक्टिवा पर सवार छह बदमाश वहां पहुंचे। दो बदमाशों ने अपने वाहन कार के आगे लगा दिए, जबकि अन्य ड्राइवर सीट की तरफ पहुंच गए।

    आरोपितों ने पुलकित से 10 हजार रुपये मांगे और कहा कि उन्हें नशा करना है। नकदी नहीं होने पर पुलकित ने गूगल-पे से भुगतान करने की बात कही, लेकिन आरोपित नहीं माने। इसके बाद उन्होंने उसके साथ हाथापाई की, कार की चाबी निकाल ली और हाथ में पहनी घड़ी उतरवा ली। उसका मोबाइल फोन भी छीन लिया।

    पिस्टल तानकर कार लेकर फरार
    कुछ देर बहस के बाद आरोपितों ने पुलकित को कार से बाहर निकाल दिया। जाते समय उसका मोबाइल वापस कर दिया, लेकिन पिस्टल की नोक पर धमकाते हुए उसकी होंडा सिटी कार लूट ली। तीन बदमाश कार में सवार होकर फरार हुए, जबकि तीन अन्य बाइक और एक्टिवा से उनके पीछे निकल गए।

    पुलकित ने घर पहुंचकर अपने पिता संजीव को घटना की जानकारी दी। इसके बाद पुलिस को सूचना दी गई। संजीव चंडीगढ़ से सटे कैंबवाला क्षेत्र में प्राॅपर्टी कारोबार करते हैं। पढ़ाई पूरी करने के बाद पुलकित भी पिता के साथ प्राॅपर्टी के काम में हाथ बंटा रहा है।

    पेट्रोल पंप पर 3,200 रुपये का तेल डलवाया
    कार लूटने के बाद आरोपित डप्पर स्थित अंबाला-चंडीगढ़ टोल प्लाजा के पास एक पेट्रोल पंप पर पहुंचे। वहां उन्होंने करीब 3,200 रुपये का तेल डलवाया, लेकिन बिना भुगतान किए कार लेकर फरार हो गए। इसके बाद पुलिस ने कार का नंबर फ्लैश कर हरियाणा पुलिस को सूचना दी। कार के अंबाला में देखे जाने की जानकारी भी पुलिस को मिली।

    ढकोली से दबोचे गए तीन आरोपित
    चंडीगढ़ पुलिस ने हरियाणा के विभिन्न क्षेत्रों में टीमें सक्रिय कर दी थीं। मनीमाजरा थाना पुलिस और डीसीसी की टीम ने कार्रवाई करते हुए ढकोली से कृष्ण, सोनू और संजू उर्फ कांचा को गिरफ्तार कर लिया। उनके कब्जे से लूटी गई होंडा सिटी बरामद कर ली गई। पुलिस आरोपितों से पूछताछ कर गिरोह के अन्य सदस्यों और वारदात में इस्तेमाल वाहनों के बारे में जानकारी जुटा रही है।

     

  • BRICS Summit को लेकर दिल्ली में सख्ती, मेट्रो रहेगी चालू; कई जगह ट्रैफिक डायवर्ट

    BRICS Summit को लेकर दिल्ली में सख्ती, मेट्रो रहेगी चालू; कई जगह ट्रैफिक डायवर्ट

    नई दिल्ली
     राष्ट्रीय राजधानी में 18वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन को लेकर जबरदस्त तैयारी की गई है। ऐसे में दिल्ली के कई रूट पर ट्रैफिक पाबंदियों के बीच छात्रों और आम लोगों की असुविधा न हो, इसके दिल्ली मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन ने बड़ा फैसला लिया है। डीएमआरसी ने कहा कि मेट्रो सेवाएं रविवार 13 सितंबर को सुबह 6 बजे से शुरू हो जाएंगी। डीएमआरसी ने 'एक्स' पर पोस्ट करते हुए बताया कि परीक्षा देने जा रहे छात्रों और आम जनता की सुचारू और समय पर आवाजाही को सुविधाजनक बनाने के लिए, ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के कारण ट्रैफिक पाबंदियों के बीच, रविवार 13 सितंबर को सभी लाइनों पर मेट्रो ट्रेन सेवाएं सुबह 06:00 बजे से शुरू होंगी।

    डीएमआरसी ने क्यों लिया ये फैसला
    डीएमआरसी ने इस फैसले को लेकर कहा कि छात्रों और यात्रियों को सलाह दी जाती है कि वे अपनी यात्रा की योजना उसी के अनुसार बनाएं। आम तौर पर दिल्ली के कई रूट जिनमें पिंक, मजेंटा और ग्रे लाइन पर रविवार को मेट्रो सेवाएं सुबह सात बजे शुरू होती हैं। हालांकि, इस रविवार मेट्रो सेवाएं सुबह 6 बजे से शुरू होंगी। 18वां ब्रिक्स शिखर सम्मेलन इस बार नई दिल्ली के भारत मंडपम में आयोजित किया जा रहा है। इसे लेकर दिल्ली में सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं। कई प्रमुख स्थान अगले तीन दिन तक बंद रहेंगे, जिनमें राष्ट्रपति भवन म्यूजियम और अमृत उद्यान भी शामिल हैं।

    राष्ट्रपति भवन म्यूजियम और अमृत उद्यान रहेंगे बंद
    अधिकारियों ने बताया कि राष्ट्रपति भवन म्यूजियम और अमृत उद्यान को शुक्रवार से रविवार तक विजिटर्स के लिए बंद रखा गया है। एक अधिकारी ने बयान में कहा कि शनिवार को राष्ट्रपति भवन के प्रांगण में 'चेंज ऑफ गार्ड' सेरेमनी भी नहीं होगी। यह कदम ब्रिक्स प्रतिनिधियों को होने वाली परेशानी को कम करने और शिखर सम्मेलन स्थल के आसपास आम लोगों की आवाजाही पर रोक लगाकर सड़कों पर भीड़ कम करने की कोशिश का हिस्सा है।

    स्कूल, ऑफिस रहेंगे बंद, जानें ट्रैफिक एडवाइजरी
    दिल्ली सरकार ने पहले ही 11 सितंबर को अपने कार्यालयों में छुट्टी की घोषणा कर दी है। कार्मिक, लोक शिकायत और पेंशन मंत्रालय ने भी उस दिन केंद्र सरकार के कार्यालयों में छुट्टी की घोषणा करते हुए एक आधिकारिक सर्कुलर जारी किया है। शुक्रवार को दिल्ली पुलिस ने ब्रिक्स सम्मेलन को लेकर ट्रैफिक एडवाइजरी जारी की। इसमें बताया गया कि शिखर सम्मेलन के चलते दिल्ली के मुख्य रास्तों पर दोपहर 2 बजे से रात 8.30 बजे तक ट्रैफिक को डायवर्ट किया जाएगा और आवाजाही को नियंत्रित किया जाएगा।

    ब्रिक्स समिट, मेट्रो के इस्तेमाल की सलाह
    पुलिस ने यात्रियों को सलाह दी है कि वे अपनी यात्रा की योजना पहले से बना लें, यात्रा के लिए अतिरिक्त समय लेकर चलें, पब्लिक ट्रांसपोर्ट, खासकर मेट्रो का इस्तेमाल करें। तय डायवर्जन रूट और ट्रैफिक कर्मियों के निर्देशों का पालन करें। पुलिस ने कहा कि इमरजेंसी और जरूरी सेवाओं वाली गाड़ियों को निकलने में प्राथमिकता दी जाएगी। राजधानी में होने वाले ब्रिक्स समिट को लेकर फैली अटकलों के बीच दिल्ली मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन (डीएमआरसी) ने यात्रियों के लिए महत्वपूर्ण जानकारी जारी की है। डीएमआरसी ने साफ किया है कि मेट्रो सेवा सामान्य रूप से जारी रहेगी।

    डीएमआरसी ने की है खास तैयारी
    डीएमआरसी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर पोस्ट कर कहा कि सेवा से जुड़ी जानकारी यात्रियों को सूचित की जाती है कि अगले आदेश तक सभी मेट्रो स्टेशन खुले रहेंगे। जब तक कोई विशेष घोषणा न की जाए, तब तक कामकाज सामान्य रूप से चलता रहेगा। यात्रियों को सलाह दी जाती है कि वे आगे की जानकारी के लिए डीएमआरसी की वेबसाइट, सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म या 'दिल्ली मेट्रो सारथी' ऐप देखते रहें। यह जानकारी इस मामले पर कई सवाल मिलने के बाद जारी की जा रही है।

    क्या बंद रहेंगे मेट्रो स्टेशन? जानिए अपडेट
    दरअसल, ब्रिक्स समिट के दौरान सुरक्षा और ट्रैफिक पाबंदियों को लेकर लोगों में भ्रम था कि क्या मेट्रो स्टेशन बंद रहेंगे? इसे लेकर डीएमआरसी को यह स्पष्टीकरण देना पड़ा। इससे पहले डीएमआरसी ने एक अन्य एडवाइजरी में बताया था कि सुप्रीम कोर्ट मेट्रो स्टेशन पर स्थित दिल्ली मेट्रो म्यूजियम ब्रिक्स समिट के दौरान बंद रहेगा। डीएमआरसी ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट मेट्रो स्टेशन पर स्थित दिल्ली मेट्रो म्यूजियम 11 से 13 सितंबर, 2026 (शुक्रवार से रविवार) तक बंद रहेगा। हम 15 सितंबर, 2026 (मंगलवार) को आप सभी का स्वागत करने के लिए वापस आएंगे, क्योंकि 14 सितंबर (सोमवार) को म्यूजियम की साप्ताहिक छुट्टी होती है।

    ब्रिक्स समिट को लेकर लिए गए कई अहम फैसले
    दिल्ली ट्रैफिक पुलिस ने भी ब्रिक्स समिट को देखते हुए एडवाइजरी जारी की है। पुलिस ने जनता को अदालतों में कामकाज और मामलों की तारीखों में बदलाव के बारे में जानकारी दी है, खासकर भारत मंडपम में ब्रिक्स समिट स्थल के पास स्थित अदालतों के लिए। ट्रैफिक पुलिस के अनुसार, 12 सितंबर को होने वाली नेशनल लोक अदालत अब 10 अक्टूबर को आयोजित की जाएगी। निचली अदालतों में 11 और 12 सितंबर को छुट्टी रहेगी, इसलिए इन दो तारीखों पर सूचीबद्ध मामले अब 14 सितंबर को सुने जाएंगे।