Category: राज्य

  • ‘सपा सरकार में निषादों को गोली मारी गई, फर्जी मुकदमे हुए’, संजय निषाद का अखिलेश पर तीखा हमला

    ‘सपा सरकार में निषादों को गोली मारी गई, फर्जी मुकदमे हुए’, संजय निषाद का अखिलेश पर तीखा हमला

    लखनऊ

     गोंडा में बर्तन व्यवसायी विनोद साहनी हत्याकांड पर कैबिनेट मंत्री और निषाद पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष संजय निषाद ने समाजवादी पार्टी और उसके मुखिया अखिलेश यादव पर तीखा हमला बोला है। संजय निषाद ने विपक्ष पर होनहार युवाओं को भड़काकर उनकी मौतों पर राजनीति करने का आरोप लगाया।

    दोषी सलाखों के पीछे, लेकिन असली गुनाहगार कोई और

    संजय निषाद ने घटना पर त्वरित कार्रवाई के लिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का आभार के जताते हुए कहा कि मामले के आरोपी जेल भेजे जा चुके हैं और जांच के दायरे में आने वाले अन्य लोगों पर भी सख्त कार्रवाई होगी। इसके बाद सपा पर निशाना साधते हुए संजय निषाद ने कहा की एक होता है दोषी और दूसरा होता है गुनाहगार। दोषी तो वे हैं जिन्होंने अपराध किया और वे सलाखों के पीछे हैं। लेकिन असली गुनाहगार वे नेता हैं जो एक होनहार युवक को अपने पाले में लाते हैं, उससे भड़काऊ बातें लिखवाते हैं, और फिर उसकी मौत का इंतजार कर राजनीति चमकाते हैं। ऐसे नेताओं को शर्म आनी चाहिए। 

    इलाज कराने के बजाय मौत का इंतजार क्यों किया?
     
    संजय निषाद ने विपक्ष की मंशा पर सवाल उठाते हुए कहा कि जब पीड़ित गंभीर रूप से घायल था और विपक्षी नेता लखनऊ में बैठकें कर रहे थे तब उन्होंने उसका इलाज क्यों नहीं कराया। संजय निषाद ने बड़ा सवाल उठाते हुए कहा की जो महोदय उसे तोड़कर अपने साथ ले गए थे और उससे प्रचार करवा रहे थे, वे दूसरे दिन लखनऊ की मीटिंग में मौजूद थे। फिर वे घायल को अस्पताल ले जाने के बजाय किसका इंतजार कर रहे थे। उन्होंने कहा कि जब मुझे पता चला तो मैं दिल्ली से आया लेकिन वो लोग इंतज़ार में थे।  

    अखिलेश यादव द्वारा मंत्री पद पर रहते हुए अपनी ही सरकार के खिलाफ धरने पर बैठने के तंज पर संजय निषाद ने दोटूक जवाब दिया। संजय निषाद ने कहा की हमेशा अपने समाज के साथ खड़ा रहूंगा। आज मेरा समाज जहां है, मैं वहां रहूंगा वो धरने पर है तो मै भी रहूंगा, वो दुखी तो हमें भी दुख होगा। 

    सपा सरकार में निषाद समाज पर गोलियां चलवाई गई थी

    सपा सरकार के पुराने कार्यकाल की याद दिलाते हुए संजय निषाद ने कहा कि सपा के समय निषाद समाज के आंदोलनों को कुचलने के लिए गोलियां चलवाई गईं, बेकसूरों पर धारा 302 के मुकदमे दर्ज किए गए और सिर्फ निषाद होने के कारण 37 से अधिक लोगों को बेरहमी से पीटा गया था, क्या अखिलेश यादव भूल गए। 

    युवाओं के दिमाग में जहर घोल रहा है विपक्ष
     
    संजय निषाद ने युवाओं से अपील करते हुए कहा कि देश में अपनी बात रखने का तरीका लोकतांत्रिक और संवैधानिक है। असली ताकत वोट की चोट में है। मंत्री ने बड़ा आरोप लगाया कि विपक्ष के लोग जानबूझकर समाज के होनहार बच्चों के दिमाग में जहर घोल रहे हैं और उन्हें आंदोलन की आग में झोंक रहे हैं केवल अपने फायदे के लिए।  

    योगी सरकार में अपराध पर जीरो टॉलरेंस

    अखिलेश यादव द्वारा सरकार पर लगाए गए कमीशनखोरी के आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए कैबिनेट मंत्री संजय निषाद ने साफतौर पर कहा कि योगी सरकार जीरो टॉलरेंस की नीति पर काम करती है। उन्होंने कहा कि सपा-बसपा और कांग्रेस के राज में अपराधियों को सरकारी संरक्षण मिलता था, जबकि आज पुख्ता सबूतों के आधार पर दोषियों को जेल भेजा जाता है। अगर विपक्षी दलों की व्यवस्था इतनी ही साफ-सुथरी थी, तो जनता ने उन्हें सत्ता से उखाड़ क्यों फेंका।

  • खनन क्षेत्र में बिहार का बड़ा प्लान, आधुनिक तकनीक और पारदर्शी नीलामी से बढ़ेगा निवेश व राजस्व

    खनन क्षेत्र में बिहार का बड़ा प्लान, आधुनिक तकनीक और पारदर्शी नीलामी से बढ़ेगा निवेश व राजस्व

     पटना
     बिहार में खनिज संसाधनों की खोज और उनके व्यवस्थित दोहन की दिशा में खान एवं भूतत्व विभाग ने पहल तेज कर दी है।

    केंद्र सरकार के सहयोग से खनन क्षेत्र में आधुनिक तकनीक के इस्तेमाल, बेहतर खनिज अन्वेषण और पारदर्शी नीलामी व्यवस्था को मजबूत करने की तैयारी है।

    इसके जरिए राज्य में मौजूद खनिज संसाधनों की संभावनाओं को चिह्नित कर उन्हें आर्थिक गतिविधियों से जोड़ने पर जोर दिया जा रहा है।

    विशेष बैठक का एजेंडा तैयार
    सरकार ने खनिज खोज को गति देने के लिए भारतीय भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण (जीएसआइ) के पदाधिकारियों के साथ विशेष बैठक का मसौदा तैयार किया है।

    खान एवं भू-तत्व विभाग के अनुसार राज्य में उपलब्ध खनिज संसाधनों की संभावनाओं का वैज्ञानिक तरीके से आकलन करने और नए क्षेत्रों में अन्वेषण गतिविधियों को आगे बढ़ाने के लिए जीआइएस अधिकारियों से बैठक की तिथि जल्द घोषित होगी।

    प्रस्तावित बैठक में खनिजों की उपलब्धता, गुणवत्ता और भंडार की वास्तविक स्थिति का आकलन करने में मदद मिलेगी। उद्देश्य ऐसे संभावित क्षेत्रों की पहचान करना है, जहां अभी तक खनिज संसाधनों का पर्याप्त अन्वेषण नहीं हो सका है।

    अन्वेषण के बाद उपलब्ध आंकड़ों के आधार पर खनिज ब्लाकों को विकसित करने और नीलामी की प्रक्रिया आगे बढ़ाने की योजना है।
    बड़े खनिज ब्लाकों की ई-नीलामी पर जोर

    बिहार में वृहद खनिजों के खनिज ब्लाकों की ई-नीलामी को और पारदर्शी बनाने के लिए यूनिफाइड माइनिंग पोर्टल के इस्तेमाल पर भी विस्तार से विचार किया जा रहा है।

    पोर्टल के माध्यम से नीलामी प्रक्रिया को एकीकृत और तकनीक आधारित बनाने का प्रयास है। इससे नीलामी में अधिक प्रतिस्पर्धा आने के साथ प्रक्रिया की निगरानी और पारदर्शिता बेहतर होने की उम्मीद है।

    खान एवं भू-तत्वि विभाग के मंत्री डाॅ. प्रमोद कुमार के अनुसार वैज्ञानिक अन्वेषण, तकनीक के इस्तेमाल और पारदर्शी ई-नीलामी को साथ लेकर चलने से खनन क्षेत्र में निवेश और राजस्व बढ़ाने की संभावनाएं मजबूत होंगी।

  • प्रदेश की 90 प्रतिशत आपराधिक घटनाओं में सामने आता है सपा कनेक्शन : अनिल राजभर

    प्रदेश की 90 प्रतिशत आपराधिक घटनाओं में सामने आता है सपा कनेक्शन : अनिल राजभर

     लखनऊ
    जौनपुर में विशाल यादव की हत्या को लेकर प्रदेश सरकार के कैबिनेट मंत्री अनिल राजभर ने समाजवादी पार्टी पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में कहीं भी अपराध की घटना होती है तो 90 प्रतिशत मामलों में कहीं न कहीं समाजवादी पार्टी का कनेक्शन सामने आता है। विशाल यादव हत्याकांड में भी पीड़ित परिवार ने स्थानीय सपा विधायक के खिलाफ गंभीर शिकायत की है। सरकार पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराकर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई सुनिश्चित करेगी।
     
    कैबिनेट मंत्री ने कहा कि अपराध और अपराधियों को संरक्षण देने वालों के खिलाफ सरकार की नीति स्पष्ट है। ऐसे मामलों में कार्रवाई ऐसी होनी चाहिए जो भविष्य के लिए नजीर बने। विशाल यादव के परिजनों ने जो आरोप लगाए हैं, उनकी भी गंभीरता से जांच की जाएगी। उन्होंने कहा कि पीड़ित परिवार जब तक कार्रवाई से पूरी तरह संतुष्ट नहीं हो जाता, तब तक सरकार की कार्रवाई नहीं रुकेगी।
     
    उल्लेखनीय है कि 11 सितंबर को जौनपुर के तिवारीपुर निवासी विशाल यादव उर्फ बिच्छी सैलून से बाल कटवाकर घर लौट रहा था। इसी दौरान अराजक तत्वों ने उस पर लाठी-डंडों और लोहे की रॉड से हमला कर दिया। गंभीर चोटों के कारण विशाल की मौत हो गई। घटना से आक्रोशित परिजनों ने शव जौनपुर-मिर्जापुर हाईवे पर रखकर प्रदर्शन किया था।
     
    विशाल की मां मालती देवी और अन्य परिजनों ने स्थानीय सपा विधायक लकी यादव पर आरोपियों को संरक्षण देने का आरोप लगाया है। मामले में 28 नामजद और 50 अज्ञात लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई है। विशाल गुजरात में ट्रेलर चलाकर अपने परिवार का भरण-पोषण करता था।

  • लखीमपुर में मस्जिद से जुड़े भूमि विवाद में नया मोड़, बेदखली और जुर्माने के आदेश पर पुनर्विचार याचिका दाखिल

    लखीमपुर में मस्जिद से जुड़े भूमि विवाद में नया मोड़, बेदखली और जुर्माने के आदेश पर पुनर्विचार याचिका दाखिल

    लखनऊ
    यूपी के सहारनपुर में मस्जिद ध्वस्तीकरण के बाद अब लखीमपुर में सार्वजनिक उपयोग की जमीन पर कब्जा कर बनाई गई मस्जिद के हिस्से को हटाने के साथ ही 36750 रुपए का जुर्माना तहसीलदार धौरहरा कोर्ट ने लगाया है। हालांकि, इस मुकदमे में दूसरे पक्ष ने आदेश के विरुद्ध पुनः सुनवाई के लिए बाजदायर प्रार्थनापत्र दिया गया है। इसे तहसीलदार ने स्वीकार करते हुए फिर से सुनवाई का आदेश दिया है।

    मामला धौरहरा तहसील के ग्राम व परगना धौरहरा का है। यहां की गाटा संख्या 1954/1.121 हेक्टेयर सड़क के नाम दर्ज है। इसके 0.105 भाग पर प्रतिवादी जियाउल्ला खां पुत्र कुर्बान निवासी जवाहर नगर कस्बा व तहसील धौरहरा पर कब्जा कर मस्जिद का हिस्सा निर्माण करने की रिपोर्ट लेखपाल द्वारा तहसीलदार कोर्ट में पेश की गई। इस पर सुनवाई के बाद जारी आदेश में तहसीलदार आदित्य विशाल ने कहा कि क्षेत्रीय लेखपाल ने ग्रामीणों के समक्ष भूमि का निरीक्षण कर सर्वेक्षण आख्या प्रस्तुत की। रकबा 0.040 की लम्बाई 220 कड़ी, चौड़ाई 120 कड़ी 0.105 हेक्टेयर पर जियाउल्ला खां पुत्र कुरबान द्वारा पक्का निर्माण कर कब्जा पाया गया।

    तहसीलदार के आदेश में जियाउल्ला के खिलाफ जमीन से बेदखली करते हुए 36750 रुपए का अर्थदंड जमा कराने का निर्देश दिया गया है। न्यायालय तहसीलदार धौरहरा में गांव सभा धौरहरा बनाम जियाउल्ला खां उत्तर प्रदेश राजस्व संहिता की धारा 67 में अंतिम फैसला नौ सितम्बर को तहसीलदार ने किया है।

    उधर, प्रतिवादी जियाउल्ला खान का कहना है कि तहसीलदार न्यायालय से जो आदेश प्राप्त हुआ है, उसमें मेरे द्वारा पुनर्विचार प्रार्थना दिया गया है। मामला अभी अदालत में चल रहा है। इस बाबत तहसीलदार आदित्य विशाल ने बताया कि हालांकि यह आदेश पारित किया गया है किंतु इस मामले में विपक्षी जियाउल्ला खां की ओर से बाजदायर प्रार्थना पत्र प्रस्तुत किया गया है। अब इस पर दुबारा सुनवाई के बाद ही पुनः फैसला किया जाएगा।

    लोक अदालत में 80000 से अधिक वादों का निस्तारण
    लखीमपुर जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के अध्यक्ष जिला जज शिवकुमार सिंह की अध्यक्षता में आयोजित राष्ट्रीय लोक अदालत में पूरे जनपद की अदालतों में 80000 से अधिक वादों का निस्तारण आपसी सुलह समझौते के आधार पर किया गया। इसमें जिले की राजस्व अदालतों ने 75497 वादों का निस्तारण किया।

    इस लोक अदालत में परिवार न्यायालय से तीस जोड़े अपने गिले शिकवे भुलाकर साथ रहने के लिए विदा हुए। दुर्घटना दावा प्राधिकरण की जज डॉ कपिला राघव ने दुर्घटना प्रतिकर के 187 मुकदमों को सुलह समझौते के आधार पर निस्तारित करते हुए पीड़ित पक्षों को 10 करोड़ 65 लाख 76 हजार से अधिक की प्रतिकर धनराशि दिलायी। प्राधिकरण के सचिव अम्बरीष त्रिपाठी ने बताया कि राष्ट्रीय लोक अदालत में जिला जज शिवकुमार सिंह ने चार वाद, विशेष न्यायाधीश विद्युत अधिनियम ने 356 वाद निस्तारित किए।

  • सीएम योगी के विजन का वैश्विक विस्तार : अमेरिका की नई पीढ़ी को एआई, साइबर सिक्योरिटी, ब्लॉकचेन और क्वांटम क्रिप्टोग्राफी पढ़ाएंगे

    सीएम योगी के विजन का वैश्विक विस्तार : अमेरिका की नई पीढ़ी को एआई, साइबर सिक्योरिटी, ब्लॉकचेन और क्वांटम क्रिप्टोग्राफी पढ़ाएंगे

    लखनऊ

    उत्तर प्रदेश की फॉरेंसिक और तकनीकी प्रतिभा अब अमेरिका की नई पीढ़ी को तकनीक सिखाएगी। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश को फॉरेंसिक साइंस, साइबर सिक्योरिटी और आधुनिक तकनीक के क्षेत्र में वैश्विक पहचान दिलाने के प्रयासों को बड़ी अंतरराष्ट्रीय उपलब्धि मिली है। यूपीएसआईएफएस के संस्थापक निदेशक डॉ. जीके गोस्वामी ने बताया कि उत्तर प्रदेश स्टेट इंस्टीट्यूट ऑफ फॉरेंसिक साइंस के एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. कमलेश कुमार दुबे को अमेरिका के प्रतिष्ठित ‘फुलब्राइट स्कॉलर-इन-रेजिडेंस’ के रूप में आमंत्रित किया गया है।
    यह उपलब्धि उत्तर प्रदेश की उस बदलती तस्वीर का प्रमाण है, जहां फॉरेंसिक साइंस को आधुनिक तकनीक, अनुसंधान और वैश्विक अकादमिक सहयोग से जोड़कर नई दिशा दी जा रही है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के फॉरेंसिक साइंस को मजबूत करने और उत्तर प्रदेश को इस क्षेत्र में विश्व पटल पर स्थापित करने के प्रयासों की दिशा में इसे एक बढ़ते हुए महत्वपूर्ण कदम के रूप में देखा जा रहा है। इससे भारत-अमेरिका के बीच गणित, डेटा एनालिटिक्स और उभरती तकनीकों में शोध सहयोग के नए द्वार खुलेंगे।

    डॉ. कमलेश कुमार दुबे को वर्ष 2026-27 के लिए अमेरिका के लिविंगस्टोन कॉलेज, सैलिसबरी, नॉर्थ कैरोलिना में ‘फुलब्राइट स्कॉलर-इन-रेजिडेंस’ के रूप में आमंत्रित किया गया है। वह वहां दो अकादमिक सेमेस्टर तक (मई 2027) शैक्षणिक एवं अकादमिक गतिविधियों में भाग लेंगे।
    अमेरिका में डॉ. दुबे गणित के साथ प्रेडिक्टिव एनालिटिक्स, बिजनेस एनालिटिक्स, डिस्क्रिप्टिव एनालिटिक्स और डेटा माइनिंग जैसे आधुनिक विषयों से अमेरिकी जेन जी को रूबरू करवाएंगे। गणित से आगे बढ़कर आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, डेटा एनालिटिक्स, साइबर सिक्योरिटी, क्रिप्टोग्राफी, क्वांटम क्रिप्टोग्राफी और ब्लॉकचेन जैसे भविष्य की तकनीकों तक उनकी विशेषज्ञता है।
        
    ‘फुलब्राइट’ दुनिया के सबसे प्रतिष्ठित अंतरराष्ट्रीय शैक्षणिक एवं सांस्कृतिक आदान-प्रदान कार्यक्रमों में शामिल है। डॉ. दुबे का चयन उत्तर प्रदेश की अकादमिक और तकनीकी क्षमता को अंतरराष्ट्रीय मंच पर मिली महत्वपूर्ण मान्यता है। 
    यूपीएसआईएफएस के संस्थापक निदेशक डॉ. जीके गोस्वामी ने बताया कि डॉ. कमलेश कुमार दुबे की यात्रा से भारत और अमेरिका के बीच मैथमेटिक्स, डेटा एनालिटिक्स, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, साइबर सिक्योरिटी, क्रिप्टोग्राफी और अन्य उभरती तकनीकों के क्षेत्र में नए शैक्षणिक एवं शोध सहयोग की संभावनाएं मजबूत होंगी। गणित को एआई और डेटा की दुनिया से जोड़कर पढ़ाने का उनका अनुभव दोनों देशों के शिक्षकों, विद्यार्थियों और शोधार्थियों के बीच नए अकादमिक संवाद का आधार बन सकता है। डॉ. जीके गोस्वामी स्वयं फुलब्राइट फ्लेक्स अवार्ड फेलो रह चुके हैं।

    सीएम योगी के विजन से फॉरेंसिक साइंस को वैश्विक पहचान दिलाने की दिशा में बड़ा कदम

    मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश में फॉरेंसिक साइंस, साइबर सिक्योरिटी और आधुनिक तकनीकी क्षमताओं को संस्थागत रूप से मजबूत करने पर विशेष जोर दिया जा रहा है। इसी विजन के अनुरूप उत्तर प्रदेश स्टेट इंस्टीट्यूट ऑफ फॉरेंसिक साइंस प्रदेश में आधुनिक फॉरेंसिक इकोसिस्टम तैयार करने की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है।
    अपराध का स्वरूप तेजी से बदल रहा है। पारंपरिक अपराधों के साथ-साथ साइबर अपराध, डिजिटल फ्रॉड और डेटा आधारित अपराध लगातार बढ़ रहे हैं। ऐसे में फॉरेंसिक साइंस को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, डेटा एनालिटिक्स, साइबर सिक्योरिटी और क्रिप्टोग्राफी जैसी आधुनिक तकनीकों से जोड़ना समय की आवश्यकता बन चुका है।

    फॉरेंसिक से साइबर सिक्योरिटी तक बदल रहा यूपी का चेहरा

    उत्तर प्रदेश में तैयार हो रहा यह नया फॉरेंसिक इकोसिस्टम केवल अपराध जांच तक सीमित नहीं है। इसका विस्तार साइबर सिक्योरिटी, डिजिटल फॉरेंसिक, डेटा एनालिटिक्स और उभरती तकनीकों तक हो रहा है। यूपीएसआईएफएस में प्रदेश के विभिन्न जिलों के अधिकारियों को फॉरेंसिक साइंस की आधुनिक तकनीकों का प्रशिक्षण दिया जा रहा है। इसका उद्देश्य प्रदेश की जांच व्यवस्था को वैज्ञानिक, तकनीकी और साक्ष्य आधारित बनाना है। इसी व्यापक परिवर्तन का एक महत्वपूर्ण अंतरराष्ट्रीय विस्तार डॉ. दुबे का अमेरिका जाना है। वहां वे न केवल अमेरिकी विद्यार्थियों के साथ अपने ज्ञान और अनुभव को साझा करेंगे, बल्कि उत्तर प्रदेश में विकसित हो रही फॉरेंसिक और तकनीकी क्षमताओं की झलक भी वैश्विक अकादमिक समुदाय के सामने रखेंगे।

    40 से अधिक शोध-पत्र, 10 पेटेंट और चार पुस्तकें प्रकाशित

    डॉ. कमलेश कुमार दुबे की यह उपलब्धि 19 वर्षों से अधिक की अकादमिक यात्रा का परिणाम है। उन्होंने दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय, गोरखपुर से गणित में पीएच.डी. तथा इलाहाबाद विश्वविद्यालय से बी.एससी. एवं एम.एससी. की उपाधियां प्राप्त की हैं। उन्होंने अब तक 40 से अधिक शोध-पत्र, 10 पेटेंट और चार पुस्तकें प्रकाशित की हैं। उनके निर्देशन में छह शोधार्थी पीएचडी पूरी कर चुके हैं।

    वैश्विक ज्ञान-विनिमय में योगदान देने वाला प्रदेश बना यूपी

    डॉ. दुबे का ‘फुलब्राइट स्कॉलर-इन-रेजिडेंस’ के रूप में अमेरिका जाना इस बात का संकेत है कि उत्तर प्रदेश अब केवल तकनीकी प्रतिभा तैयार करने वाला प्रदेश नहीं, बल्कि वैश्विक ज्ञान-विनिमय में योगदान देने वाला प्रदेश बन रहा है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के विजन के अनुरूप फॉरेंसिक साइंस और आधुनिक तकनीक को प्रदेश की ताकत बनाने की दिशा में उठाए जा रहे कदम अब अंतरराष्ट्रीय स्तर पर दिखाई देने लगे हैं।

  • पंजाबी सिंगर गुलाब सिद्धू के घर फायरिंग से हड़कंप, गैंगस्टर डोली बल्ल ने जिम्मेदारी का किया दावा

    पंजाबी सिंगर गुलाब सिद्धू के घर फायरिंग से हड़कंप, गैंगस्टर डोली बल्ल ने जिम्मेदारी का किया दावा

    बरनाला.

    प्रसिद्ध पंजाबी गायक गुलाब सिद्धू के गांव फरवाही स्थित घर पर शनिवार देर रात मोटरसाइकिल सवार नकाबपोशों द्वारा फायरिंग किए जाने का मामला सामने आया है। यह घटना सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई। घटना के समय सिंगर का पूरा परिवार घर के अंदर ही मौजूद था, जबकि गुलाब सिंद्धू काम के सिलसिले में बाहर थे।

    पुलिस घटनाक्रम की जांच में जुट गई हैं, साथ ही ये खबर भी है कि गैंगस्टर डोली बल्ल ने फायरिंग की जिम्मेवारी ली है। अच्छी बात ये रही ही हमले में किसी को भी कोई नुकसान नहीं पहुंचा। बताया जा रहा है कि हमलावरों ने करीब 10 से 12 राउंड गोलियां चलाईं। इस हमले में किसी को किसी प्रकार की हानि नहीं पहुंची है। पुलिस घटनाक्रम की जांच में जुट गई हैं। गांव के सरपंच जगसीर सिंह ने बताया कि रात करीब 12 बजे मोटरसाइकिल पर सवार कुछ व्यक्ति, जिन्होंने अपने चेहरे ढके हुए थे, गुलाब सिद्धू के घर के बाहर पहुंचे और गोलियां चलाकर फरार हो गए। फायरिंग की आवाज से आसपास के लोगों में भी दहशत फैल गई।

    उन्होंने बताया कि गुलाब सिद्धू इन दिनों टूर कार्यक्रमों में व्यस्त हैं और घटना के समय घर पर नहीं थे। हालांकि उनका परिवार घर में मौजूद था। घटना के बाद गांव में भय का माहौल है। सरपंच ने पुलिस प्रशासन से मांग की कि फायरिंग करने वाले आरोपितों की पहचान कर उन्हें जल्द गिरफ्तार किया जाए। बता दें कि गुलाब सिद्धू के पास दो सुरक्षा कर्मी भी हैं। वहीं गायक के घर पर जिन हमलावरों ने फायरिंग की उनमें से 2 ने करीब 6 ने गोलियां चलाई थी व तीसरे ने वीडियो बनाई थी। इस फायरिंग की जिम्मेदारी गैंगस्टर डोली बल्ल ने ली है। एसपी डी संजीव कुमार गोयल के अनुसार गुलाब सिद्धू के घर पर हुई फायरिंग की सीसीटीवी फुटेज चेक की जा रही है। फुटेज के आधार पर पुलिस हमलावरों की पहचान करने में जुट गई हैं।

  • CM सम्राट चौधरी का बड़ा ऐलान, 211 कॉलेजों में 2,451 नए सहायक प्राध्यापक; शिक्षा बजट का 21% खर्च

    CM सम्राट चौधरी का बड़ा ऐलान, 211 कॉलेजों में 2,451 नए सहायक प्राध्यापक; शिक्षा बजट का 21% खर्च

     पटना
    मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने रविवार को बापू सभागार में नवसृजित 211 डिग्री कॉलेजों के 2,451 नवनियुक्त सहायक प्राध्यापकों के उन्मुखीकरण कार्यक्रम का शुभारंभ किया।

    कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि शिक्षक केवल विद्यार्थियों को विषय का ज्ञान देने तक सीमित नहीं होते, बल्कि उनके व्यक्तित्व, सोच और भविष्य निर्माण में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

    एक दिन में 211 डिग्री कॉलेज शुरू करने वाला पहला राज्य
    उन्होंने सहायक प्राध्यापकों से पूरी प्रतिबद्धता और मनोयोग के साथ काम करने का आह्वान किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि बिहार प्राचीन काल से ही ज्ञान की भूमि रहा है।

    नालंदा और विक्रमशिला जैसी शिक्षण परंपराओं ने पूरी दुनिया को ज्ञान का मार्ग दिखाया। अब जरूरत है कि इस गौरवशाली परंपरा को आधुनिक तकनीक, गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और बेहतर शैक्षणिक सुविधाओं के साथ आगे बढ़ाया जाए।

    उन्होंने कहा कि बिहार एक ही दिन में 211 डिग्री कॉलेज शुरू करने वाला देश का पहला राज्य बना है। आने वाले समय में राज्य की शिक्षा व्यवस्था और शैक्षणिक आधारभूत संरचना का और विस्तार किया जाएगा।

    100 प्राध्यापकों को ऑक्सफोर्ड समेत प्रतिष्ठित संस्थानों में भेजने की तैयारी
    मुख्यमंत्री ने शिक्षा की गुणवत्ता सुधारने के लिए शिक्षकों की क्षमता बढ़ाने पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि 100 प्राध्यापकों को चिन्हित कर ऑक्सफोर्ड सहित दुनिया के अन्य प्रतिष्ठित संस्थानों में प्रशिक्षण के लिए भेजने की पहल की जाएगी।

    इसके अलावा विश्व के बेहतर शिक्षण संस्थानों के शिक्षकों और विशेषज्ञों के साथ बिहार के शिक्षकों को संवाद और अनुभव साझा करने का अवसर भी उपलब्ध कराया जाएगा।

    शिक्षा बजट का 21 प्रतिशत खर्च कर रही सरकार
    मुख्यमंत्री ने कहा कि बिहार सरकार शिक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दे रही है। राज्य के कुल बजट का 21 प्रतिशत शिक्षा क्षेत्र पर खर्च किया जा रहा है।

    सरकार का लक्ष्य केवल शिक्षण संस्थानों की संख्या बढ़ाना नहीं, बल्कि ऐसी शिक्षा व्यवस्था विकसित करना है जो आधुनिक, गुणवत्तापूर्ण और विद्यार्थियों के भविष्य के लिए उपयोगी हो।

    700 मॉडल स्कूलों में प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी
    मुख्यमंत्री ने विद्यालयी शिक्षा के क्षेत्र में किए जा रहे प्रयासों का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि राज्य में 700 सरस्वती विद्या निकेतन मॉडल स्कूल विकसित किए जा रहे हैं।इन स्कूलों में बेहतर शैक्षणिक वातावरण के साथ विद्यार्थियों को NEET और JEE जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए कोचिंग, लाइव क्लास और 24 घंटे ऑनलाइन ट्यूटर की सुविधा उपलब्ध कराने की दिशा में काम किया जा रहा है।

    उन्होंने नवनियुक्त सहायक प्राध्यापकों से कहा कि वे यह सुनिश्चित करें कि विद्यार्थी नियमित रूप से कॉलेज आएं और कक्षाओं में सक्रिय रूप से भाग लें।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि केवल कॉलेजों की संख्या बढ़ाना पर्याप्त नहीं है। विद्यार्थियों की नियमित उपस्थिति, शिक्षकों के साथ संवाद और उपलब्ध शैक्षणिक संसाधनों का उपयोग ही उच्च शिक्षा संस्थानों की स्थापना के उद्देश्य को पूरा करेगा।

    प्रतिभा की कमी नहीं, बेहतर मार्गदर्शन की जरूरत
    सम्राट चौधरी ने कहा कि बिहार के युवाओं में प्रतिभा की कोई कमी नहीं है। जरूरत उन्हें गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, आधुनिक संसाधन और उचित मार्गदर्शन उपलब्ध कराने की है। नवनियुक्त सहायक प्राध्यापक इस दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।
    खबरें और भी

    उन्होंने विश्वास जताया कि नए सहायक प्राध्यापकों के योगदान से बिहार की उच्च शिक्षा व्यवस्था को नई मजबूती मिलेगी और राज्य के युवाओं के भविष्य को नई दिशा मिलेगी।

    कार्यक्रम को उच्च शिक्षा मंत्री संजय सिंह टाइगर तथा राज्यपाल के अपर मुख्य सचिव दीपक कुमार सिंह ने भी संबोधित किया।

    इस अवसर पर भारत सरकार में अपर सचिव राहुल सिंह, मुख्यमंत्री के सचिव संजय कुमार सिंह, जय प्रकाश नारायण विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. पी.के. वाजपेयी, पटना विश्वविद्यालय के पूर्व कुलपति रास बिहारी सिंह समेत अन्य प्राध्यापक और वरीय अधिकारी मौजूद रहे।

     

  • वृद्धावस्था पेंशन की नई किस्त प्रणाली लागू, जानें 60 साल के बाद कौन कर सकता है आवेदन

    वृद्धावस्था पेंशन की नई किस्त प्रणाली लागू, जानें 60 साल के बाद कौन कर सकता है आवेदन

     बाराबंकी
     वृद्धावस्था पेंशन योजना के लाभार्थियों के लिए नई किस्त प्रणाली लागू कर दी गई है। अब तीन माह की 3000 रुपये की पेंशन राशि सीधे लाभार्थियों के बैंक खाते में डीबीटी के माध्यम से दो बराबर किस्तों में भेजी जाएगी। 1.19 लाख वृद्धावस्था पेंशन लाभार्थी हैं और इनके खातों में पेंशन की राशि आनी शुरू हो गई है।

    नई व्यवस्था में 80 वर्ष से अधिक उम्र के लाभार्थियों को मिलने वाली 3000 रुपये की त्रैमासिक पेंशन में राज्य और केंद्र सरकार का योगदान बराबर रहेगा। दोनों की ओर से 1500-1500 रुपये दिए जाएंगे। वहीं, 80 वर्ष से कम उम्र के लाभार्थियों की पेंशन में राज्य सरकार का योगदान 2400 रुपये और केंद्र सरकार का अंश 600 रुपये होगा।

    यह पात्रता, करें आवेदन
    जिला समाज कल्याण अधिकारी डॉ. नीलम सिंह ने बताया कि ग्रामीण क्षेत्र में 46 हजार 80 और शहरी क्षेत्र में 56 हजार 460 रुपये वार्षिक आय होनी चाहिए। परिवार रजिस्टर नकल, आधार कार्ड, बैंक पास बुक, शैक्षिक योग्यता यदि हो, पासपोर्ट साइज फोटो लगेगा। एकीकृत सामाजिक पेंशन पोर्टल (एसएसपीवाई.यूपी.जीओवी.इन) पर आवेदन किया जाता है। कोई व्यक्ति जिसकी 60 वर्ष की उम्र पूरी हो चुकी है, वह आवेदन कर सकता है।

    नई किस्त प्रणाली के मुख्य बिंदु
        तीन माह की कुल पेंशन : 3,000 रुपये
        भुगतान : दो किस्तों में
        प्रत्येक किस्त : 1500 रुपये
        प्रत्येक किस्त 1.5 माह यानी 45 दिन में जारी होगी
        भुगतान : डीबीटी के माध्यम से सीधे बैंक खाते में
        भुगतान की स्थिति : एसएमएस और पोर्टल पर उपलब्ध
        पात्रता के लिए : आयु प्रमाण और आधार से लिंक बैंक खाता जरूरी
        80 साल से अधिक उम्र के लाभार्थी
        राज्य सरकार : 1500 रुपये
        केंद्र सरकार : 1500 रुपये
        80 साल से कम उम्र के लाभार्थी
        राज्य सरकार : 2400 रुपये
        केंद्र सरकार : 600 रुपये

     

  • मुख्य लाइन जाम कर सहायक गलियों में सीवर ओवरफ्लो कराने की साजिश, नगर निगम ने भेलूपुर थाने में दी तहरीर

    मुख्य लाइन जाम कर सहायक गलियों में सीवर ओवरफ्लो कराने की साजिश, नगर निगम ने भेलूपुर थाने में दी तहरीर

    ​ वाराणसी
     काशी की छवि को योजनाबद्ध तरीके से धूमिल करने का प्रयास किया जा रहा है। सीवर लाइनों की सफाई के दौरान शिवाला, सरायनंदन, नगवा समेत आधा दर्जन वार्डों में मुख्य सीवर लाइनों के भीतर बालू की बोरियां, लकड़ी का बुरादा, पत्थर, प्लाई और प्लास्टिक की सामग्री ठूंसी हुई मिली है। प्रथम दृष्टया यह किसी बड़े षड्यंत्र का हिस्सा प्रतीत हो रहा है। मुख्य मार्ग की सीवर लाइन जाम होने के कारण सहायक गलियों में सीवर का पानी ओवरफ्लो करने लगा, जिससे आम जनजीवन प्रभावित हुआ और जलभराव का दृश्य बना। नगर निगम प्रशासन ने इस पूरे मामले को अत्यंत गंभीरता से लेते हुए अज्ञात अराजक तत्वों के खिलाफ एफआईआर (प्राथमिकी) दर्ज कराने हेतु पुलिस को लिखित तहरीर सौंप दी है।

     महापौर अशोक कुमार तिवारी एवं नगर आयुक्त हिमांशु नागपाल ने शनिवार को पार्षदों व अधिकारियों के साथ शिवाला वार्ड में अग्रवाल रेडियों के समीप मौका मुआयना किया। इस दौरान महापौर ने कहा कि नगर निगम और जलकल विभाग की टीमें दिन-रात सड़कों पर मुस्तैद रहकर जलजमाव निस्तारण में जुटी हुई हैं। इसके बावजूद पिछले दस दिनों से सोशल मीडिया के विभिन्न प्लेटफार्मों पर नगर निगम को टारगेट कर जलभराव की भ्रामक फोटो व वीडियो प्रसारित की जा रही हैं। जबकि धरातल पर सच्चाई यह है कि दर्जनों जलभराव वाले प्वाइंट्स को पूरी तरह समाप्त कर दिया गया है और निचले इलाकों से पानी पंपों के जरिए लगातार निकाला जा रहा है। ​महापौर ने बताया कि शुक्रवार की रात शिवाला क्षेत्र में सीवर लाइन सफाई के दौरान करीब 12 बोरी बालू निकाली गई। सीवर लाइन में इस प्रकार बालू भरी बोरियां मिलना सीधे तौर पर साजिश की ओर इशारा करता है, जो गहन जांच व विवेचना का विषय है। निगम प्रशासन क्षेत्र के सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाल रहा है ताकि दोषियों की पहचान कर उनके खिलाफ सख्त से सख्त कानूनी कार्रवाई की जा सके। वहीं, नगर आयुक्त हिमांशु नागपाल ने इस कृत्य के पीछे अवांछनीय तत्वों का हाथ होने की आशंका व्यक्त करते हुए कहा कि निगम इस साजिश का पर्दाफाश करने में पूरी ताकत से जुटा है। उन्होंने सम्मानित शहरवासियों से अपील की है कि यदि कोई भी व्यक्ति सीवर लाइन या सरकारी परिसंपत्तियों के साथ ऐसी छेड़छाड़ करता दिखे तो तुरंत नगर निगम को सूचित करें।

    ​जलकल विभाग ने भेलूपुर थाने में दर्ज कराई प्राथमिकी की तहरीर
    ​अधिशासी अभियंता (जोन-2), जलकल विभाग, इस प्रकरण में अज्ञात लोगों के खिलाफ भेलूपुर थाने में प्राथमिकी दर्ज करने के लिए तहरीर दी है है। तहरीर में शिवाला वार्ड संख्या-75 के अंतर्गत कूड़ा घर रत्नाकर पार्क के पास अग्रवाल रेडियों के निकट जलभराव समस्या के निस्तारण हेतु मुख्य सीवर लाइन सफाई के दौरान अत्यधिक मात्रा में बालू से भरे बोरे पाए गए। इसमें स्पष्ट उल्लेख है कि अज्ञात लोगों द्वारा मुख्य सीवर लाइन को चोक कर जलकल विभाग एवं शहर की छवि धूमिल करने की नीयत से यह साजिश रची गई है।

    ​मौके पर मौजूद प्रमुख जन प्रतिनिधि व अधिकारी:
    निरीक्षण के दौरान उपसभापति नरसिंह दास, पार्षद सुरेश चौरसिया, चंद्रनाथ मुखर्जी, मदनमोहन तिवारी, विजय द्विवेदी, महेंद्र पटेल, इंद्रदेव सिंह, मनीष गुप्ता, सोमनाथ यादव, अक्षयवर सिंह, अतुल पांडेय, रविंद्र कुमार सिंह, जलकल के महाप्रबंधक अनूप सिंह एवं सचिव सुधीर वर्मा सहित कई अन्य अधिकारी व प्रतिनिधि उपस्थित रहे।

  • अकाली दल के वरिष्ठ नेता वरिंदर सिंह बाजवा नहीं रहे, सुखबीर बादल ने जताया गहरा दुख

    अकाली दल के वरिष्ठ नेता वरिंदर सिंह बाजवा नहीं रहे, सुखबीर बादल ने जताया गहरा दुख

    होशियारपुर.

    शिरोमणि अकाली दल के वरिष्ठ नेता एवं राज्यसभा सदस्य वरिंदर सिंह बाजवा का शनिवार को निधन हो गया। वह पिछले कुछ समय से अस्वस्थ चल रहे थे। उनके निधन की खबर सामने आते ही अकाली दल के खेमे में शोक की लहर दौड़ गई। पार्टी के वरिष्ठ नेताओं और कार्यकर्ताओं ने बाजवा के निधन को अकाली दल के लिए बड़ी क्षति बताया।

    वरिंदर सिंह बाजवा लंबे समय से अकाली राजनीति से जुड़े रहे और पार्टी में उन्होंने विभिन्न स्तरों पर अपनी जिम्मेदारी निभाई। वरिष्ठ नेता के तौर पर पार्टी के संगठनात्मक मामलों में उनकी सक्रिय भूमिका रही। राज्यसभा सदस्य के रूप में भी उन्होंने पंजाब और पार्टी से जुड़े मुद्दों को प्रमुखता से उठाया। उनके राजनीतिक अनुभव और संगठन के भीतर मजबूत पकड़ के कारण उन्हें अकाली दल के महत्वपूर्ण नेताओं में गिना जाता था। बाजवा के निधन की सूचना मिलने के बाद शिरोमणि अकाली दल के अध्यक्ष सुखबीर सिंह बादल शनिवार को मॉडल टाउन स्थित उनके आवास पर पहुंचे। सुखबीर बादल ने परिवार के सदस्यों से मुलाकात की और उनके साथ दुख साझा करते हुए गहरी संवेदना व्यक्त की। उन्होंने दिवंगत नेता को श्रद्धांजलि देते हुए कहा कि पार्टी ने अनुभवी स और समर्पित नेता खो दिया है।

    कार्यकर्ताओं में भी शोक
    बाजवा के निधन की खबर फैलते ही अकाली दल के स्थानीय नेताओं और कार्यकर्ताओं में शोक का माहौल बन गया। बड़ी संख्या में पार्टी से जुड़े लोगों ने उनके निधन पर दुख जताया। नेताओं ने कहा कि बाजवा ने अपने लंबे राजनीतिक जीवन में पार्टी को मजबूती देने के लिए लगातार काम किया। उनका सहज व्यवहार और कार्यकर्ताओं के साथ जुड़ाव लंबे समय तक याद रखा जाएगा। राजनीतिक क्षेत्र से जुड़े लोगों का कहना है कि बाजवा का निधन ऐसे समय में हुआ है, जब पंजाब की राजनीति में अकाली दल एक बार फिर अपने संगठन को मजबूत करने की कोशिश कर रहा है। ऐसे में पार्टी के अनुभवी नेता का निधन संगठन के लिए भावनात्मक और राजनीतिक दोनों स्तरों पर बड़ी क्षति है। परिवार की ओर से अंतिम संस्कार संबंधी कार्यक्रमों की जानकारी बाद में साझा की जाएगी। बाजवा के निधन पर विभिन्न राजनीतिक दलों के नेताओं ने भी शोक व्यक्त करते हुए परिवार के प्रति संवेदना जताई।