Category: राज्य

  • यूपी में चुनाव से पहले बजट खर्च की रफ्तार धीमी, कई विभाग 10% भी रकम नहीं कर पाए खर्च

    यूपी में चुनाव से पहले बजट खर्च की रफ्तार धीमी, कई विभाग 10% भी रकम नहीं कर पाए खर्च

    लखनऊ
     बजट पास हुए पांच महीने बीत चुके हैं, लेकिन विभागों के रकम खर्च करने की रफ्तार बेहद सुस्त है। यह हाल तब है जब अगले साल की शुरुआत में यूपी विधान सभा चुनाव प्रस्तावित है। सरकार अधिसूचना लगने के पहले ही बजट का ज्यादा से ज्यादा इस्तेमाल करके परियोजनाओं को जमीन पर उतारना चाहती है। अगले साल जनवरी में अधिसूचना संभावित है।

    योगी सरकार ने इस साल फरवरी में 9.12 लाख करोड़ रुपये का मूल बजट पास किया था। इसके बाद अनुपूरक बजट लाई थी। कोषवाणी के आंकड़ों के मुताबिक सरकार के प्रस्तावित बजट 9.99 लाख करोड़ रुपये से सापेक्ष अगस्त तक 2.08 लाख करोड़ रुपये का वास्तविक खर्च किया गया। सितंबर तक के आंकड़े देखें तो यह खर्च 2.27 लाख करोड़ रुपये है। इस लिहाज से सितंबर तक खर्च की गई रकम बजट के सापेक्ष 22.78% है।

    मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बजट और अनुपूरक बजट पास होने के बाद मंत्रियों को नवंबर तक ज्यादा से ज्यादा वित्तीय स्वीकृतियां जारी करवाने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा था कि इसी वित्तीय वर्ष चुनाव होने की वजह से रकम का इस्तेमाल करने के लिए कम वक्त मिलेगा, लिहाजा इसमें तेजी रखी जाए। शुरुआती दिनों में विभागों ने तेजी दिखाई, लेकिन बाद में सुस्त हो गई। कोषवाणी के आंकड़ों के मुताबिक अब तक कुल बजट के सापेक्ष विभागों को 4.46 लाख करोड़ रुपये की वित्तीय स्वीकृतियां जारी हुई हैं। बजट के सापेक्ष वित्तीय स्वीकृति का आंकड़ा 44.64% है। वित्तीय स्वीकृति के सापेक्ष विभागों को 3.40 लाख करोड़ रुपये की रकम आवंटित की गई है।

    यहां के आंकड़े राहत भरे
    बजट के सापेक्ष रकम खर्च करने के आंकड़ों में भले ही सुस्ती दिखाई दे रही है, लेकिन आवंटित रकम की सापेक्ष खर्च के आंकड़े फिर भी राहत भरे हैं। मसलन आवास विभाग ने आवंटित बजट का 95% खर्च किया है। लघु उद्योग एवं निर्यात प्रोत्साहन ने आवंटित बजट का 65.40% खर्च किया है। हथकरघा उद्योग ने आवंटित बजट का 99.25% बजट इस्तेमाल किया है।

    कई विभागों का वास्तविक खर्च 10% से भी कम
    तमाम विभाग ऐसे हैं, जिनका वास्तविक बजट खर्च 10% से भी कम है। स्टांप एवं पंजीकरण 7.61%, समाज कल्याण के अधीन आने वाला जनजाति कल्याण विभाग 4.48%, विकलांग एवं पिछड़ा वर्ग कल्याण 9.38%, वित्त विभाग के अधीन सामूहिक बीमा 6.59%, लोक निर्माण के अधीन भवन निर्माण मद में 9.18%, राष्ट्रीय एकीकरण विभाग 5.62%, आपदा राहत में 3.03%, पर्यटन में 2.82%, नियोजन में 5.34% है। नागरिक उड्डयन 2.14%, मत्स्य 5.62%, पंचायतीराज 9.76% और लघु उद्योग एवं निर्यात प्रोत्साहन में 8.54% है।

    विभागों के अब तक बजट खर्च की स्थिति (प्रतिशत में)
    विभाग    खर्च
    आबकारी    27.73
    आवास    27.86
    खनन    28.27
    ऊर्जा    32.74
    कृषि    24.87
    ग्राम्य विकास    13.99
    सहकारिता    36.60
    खाद्य तथा रसद    18.07
    खेल    17.67
    गृह (पुलिस)    33.12
    चिकित्सा (सार्वजनिक स्वास्थ्य)    16.98
    नगर विकास    11.94
    परिवहन    20.40
    महिला एवं बाल कल्याण    16.24
    लोक निर्माण (सड़कें)    15.97
    बेसिक शिक्षा     38.78
    माध्यमिक शिक्षा    32.14

  • दिल्ली के गणेश पंडालों में दिखेगी भारत की ताकत, ड्रोन-ब्रह्मोस से सजेगा बप्पा का दरबार

    दिल्ली के गणेश पंडालों में दिखेगी भारत की ताकत, ड्रोन-ब्रह्मोस से सजेगा बप्पा का दरबार

    नई दिल्ली
    गणेश चतुर्थी के साथ आज से राजधानी में गणपति उत्सव की रौनक बढ़ जाएगी। मुंबई के प्रसिद्ध 'लाल बाग के राजा' की तर्ज पर दिल्ली में भी कई बड़े सार्वजनिक गणेश महोत्सव आयोजित किए जा रहे हैं। पीतमपुरा से लेकर लक्ष्मी नगर तक इस बार धार्मिक आस्था के साथ सामाजिक और पर्यावरण से जुड़े संदेश भी इस बार पंडालों में दिखाई देंगे।

    पीतमपुरा के डीडीए ग्राउंड में लाल बाग का राजा ट्रस्ट दिल्ली की ओर से 14 से 24 सितंबर तक 10वां गणपति पूजा महा महोत्सव आयोजित किया जा रहा है। आयोजकों के मुताबिक 14 सितंबर शाम 6 बजे रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह गणपति प्रतिमा का अनावरण करेंगे। इस दौरान 2100 श्रद्धालु एक साथ शंखनाद कर रिकॉर्ड बनाने का प्रयास करेंगे।

    गणपति पंडाल में दिखेगी भारत की तकनीकी ताकत
    इसके साथ ही लक्ष्मी नगर में श्री गणेश सेवा मंडल की ओर से 14 से 25 सितंबर तक प्रियदर्शिनी विहार स्थित डीडीए मिनी क्रिकेट स्टेडियम, बैंक एन्क्लेव में 12 दिवसीय गणेशोत्सव का आयोजन होगा। इस बार यहां गणेश महोत्सव की सिल्वर जुबली है।
    ऐसे में इस बार की थीम 'विघ्नहर्ता से विकासकर्ता
    25 वर्ष की आस्था, 2047 विकसित आधुनिक भारत का संकल्प' रखी गई है। गणपति बप्पा के हाथों में मेड इन इंडिया ड्रोन, ब्रह्मोस मिसाइल और सेमीकंडक्टर की प्रस्तुति इस बार खास आकर्षण होगी।

    पूजा में क्या क्या खास…
        2100 श्रद्धालु पीतमपुरा में एक साथ करेंगे शंखनाद
        12 दिनों का गणेशोत्सव लक्ष्मी नगर में मनाया जाएगा
        12 ज्योतिर्लिंगों की झलक के साथ ही केदारनाथ मंदिर का डिजाइन भी यहां
    आएगा नजर

    इस बार 12 दिन गूंजेगा ‘गणपति बप्पा मोरया’
    विघ्नहर्ता, प्रथम पूज्य और सिद्धियों के दाता भगवान श्री गणेश के स्वागत की तैयारी घरों और पंडालों में पूरी हो गई है। महापर्व इस बार 12 दिनों का होगा। अनंत चतुर्दशी यानी 25 सितंबर को गणपति विसर्जन होगा। आम तौर पर 11वें दिन विसर्जन होता था, लेकिन इस बार 12वें दिन होगा।

    बप्पा की स्थापना के तीन उत्तम मुहूर्त
        मुंबई के प्रख्यात ज्योतिर्विद् आचार्य पं. घनश्याम तिवारी के अनुसार, 14 सितंबर को बप्पा की
        आज से शुरू होगा गणेश महापर्व, 25 को अनंत चतुर्दशी पर होगा विसर्जन
        तिथि बढ़ने से एक दिन ज्यादा मिलेगा पूजा का अवसर
        स्थापना के तीन शुभ मुहूर्त हैं। पहला सुबह 7:15 से 7:59 बजे, दूसरा 9:30 से 11:02 बजे और तीसरा दोपहर 12:09 से 12:58 बजे तक रहेगा।

    क्या कहते हैं दिल्ली के ज्योतिषाचार्य
    वहीं, पंडितों की मानें तो दिल्ली में गणेश पूजा और मूर्ति स्थापना के लिए दोपहर का समय सबसे शुभ माना गया है। पंचांग के अनुसार सुबह 11:02 बजे से दोपहर 1:31 बजे तक गणेश पूजा का शुभ मुहूर्त रहेगा। इस दौरान श्रद्धालु गणपति की स्थापना कर विधि-विधान से पूजा-अर्चना कर सकते हैं। ज्योतिषाचार्य आशीष शास्त्री के मुताबिक इस बार गणेश चतुर्थी 14 सितंबर को मनाई जा रही है। चतुर्थी तिथि सोमवार सुबह करीब 7:07 बजे शुरू होकर 15 सितंबर की सुबह 7:44 बजे तक रहेगी। गणेश चतुर्थी पर मध्याह्न काल में पूजा को विशेष महत्व दिया जाता है। इसी वजह से गणपति की स्थापना के लिए दोपहर का समय रखा गया है।

  • जॉर्डन में भारत का परचम, अंशिका भारद्वाज ने अंडर-21 एशियाई कराटे चैंपियनशिप में जीता रजत पदक

    जॉर्डन में भारत का परचम, अंशिका भारद्वाज ने अंडर-21 एशियाई कराटे चैंपियनशिप में जीता रजत पदक

     पठानकोट
     पंजाब के पठानकोट जिले के गाँव बड़ा भनवाल की होनहार बेटी अंशिका भारद्वाज ने अंतरराष्ट्रीय मंच पर भारत का परचम लहराते हुए इतिहास रच दिया है। जॉर्डन की राजधानी अम्मान में 8 से 11 सितंबर तक आयोजित 24वीं एशियाई कराटे चैंपियनशिप में अंशिका ने अंडर-21 महिला 68 किलोग्राम भार वर्ग में देश के लिए रजत पदक (सिल्वर मेडल) हासिल किया।

    टूर्नामेंट के दौरान अंशिका ने असाधारण तकनीकी दक्षता और मानसिक दृढ़ता का परिचय दिया। उन्होंने ईरान, जॉर्डन और सऊदी अरब जैसी मजबूत टीमों की प्रतिद्वंद्वियों को मात देकर फाइनल में जगह बनाई। कड़े खिताबी मुकाबले में सऊदी अरब की खिलाड़ी से हार का सामना करने के बाद उन्हें रजत पदक से संतोष करना पड़ा। यह उनके अंतरराष्ट्रीय करियर की अब तक की सबसे बड़ी उपलब्धि है।

    अंशिका के पिता भारतीय सेना में सेवारत हैं, जबकि उनकी माता एक शिक्षिका हैं। बचपन से ही घर में फौजी अनुशासन को देखकर बड़ी हुईं अंशिका ने 12वीं की पढ़ाई के साथ ही कराटे को अपना ध्येय बना लिया था।

    उसने 10वीं बीएस एम एस डी राजपूत पब्लिक स्कूल सुजानपुर 12वीं महाराणा प्रताप सीनियर सेकेंडरी स्कूल भनवाल से की है 22 सितंबर 2025 को वे केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (CISF) में भर्ती हुईं और वर्तमान में 6वीं बटालियन, गोवा में तैनात हैं।

    अंतरराष्ट्रीय सफलता से पहले अंशिका ने नई दिल्ली के तालकटोरा स्टेडियम में आयोजित 5वीं केआईओ (KIO) सीनियर नेशनल कराटे चैंपियनशिप के -61 किग्रा वर्ग में देश भर के शीर्ष एथलीटों के बीच कांस्य पदक जीता था।

    अंशिका की इस शानदार सफलता पर सीआईएसएफ बल, खेल प्रेमियों और पठानकोट में खुशी की लहर है। अंशिका ने साबित कर दिखाया है कि कड़े अनुशासन और निरंतर अभ्यास के दम पर किसी भी मुकाम को हासिल किया जा सकता है।

     

  • पैदाइश पर टिप्पणी से भड़के ओम प्रकाश राजभर, बोले- राजभर समाज में गरीब परिवार में जन्म लेना क्या गुनाह है?

    पैदाइश पर टिप्पणी से भड़के ओम प्रकाश राजभर, बोले- राजभर समाज में गरीब परिवार में जन्म लेना क्या गुनाह है?

    गरीब राजभर समाज में पैदा हुआ, इसलिए मेरी पैदाइश पर टिप्पणी: ओम प्रकाश राजभर
     
    ओम प्रकाश सिंह पर पलटवार, बोले, मैं भी अनर्गल टिप्पणी कर सकता हूं लेकिन माता-पिता का अपमान करना हमारे संस्कार नहीं
     
    सपा पर भी साधा निशाना, कहा, विधानसभा टिकट के लिए अपमान का घूंट पीकर पड़े हैं
     
    लखनऊ

     कैबिनेट मंत्री ओम प्रकाश राजभर ने अपनी पैदाइश को लेकर की गई टिप्पणी पर सपा नेता ओम प्रकाश सिंह पर तीखा पलटवार किया है। सोशल मीडिया पर उन्हें ‘मित्र ओम प्रकाश सिंह जी’ संबोधित करते हुए राजभर ने कहा कि पिछले दो दिनों से उनका बयान सामने आ रहा है। बयान सुनकर उन्हें हैरानी नहीं हुई, बल्कि ओम प्रकाश सिंह पर तरस आया। उन्होंने कहा कि उनकी पैदाइश पर टिप्पणी इसलिए की गई, क्योंकि वह किसी जमींदार या ऊंची जाति में नहीं, बल्कि बेहद गरीब और असहाय राजभर समाज में पैदा हुए हैं।
     
    राजभर ने कहा कि उन्हें राजभर होने का कभी दुख नहीं रहा। बल्कि इस बात की खुशी है कि जिस समाज में पैदा हुए, उसके लिए कुछ करने की नीयत और हौसला उनके अंदर है। उन्होंने कहा कि चाहें तो वह भी ओम प्रकाश सिंह पर अनर्गल टिप्पणी कर सकते हैं, लेकिन छोटी जाति में पैदा होने के बावजूद राजभर समाज ने किसी व्यक्ति के माता-पिता पर गलत बयानबाजी करना नहीं सिखाया। उन्होंने ओम प्रकाश सिंह के माता-पिता को प्रणाम करते हुए कहा कि कौन कब, कहां, किस कुल और किस जाति में पैदा होगा, यह कोई व्यक्ति तय नहीं करता। इसे परमात्मा तय करते हैं।
     
    इसके बाद राजभर ने सपा और ओम प्रकाश सिंह पर सियासी हमला तेज करते हुए कहा कि शायद वे लोग ईश्वर को नहीं मानते। अगर मानते होते तो भगवान राम, रघुकुल, सूर्यवंश और सनातन का अपमान करने वाली समाजवादी पार्टी में एक विधानसभा टिकट के लिए अपमान का घूंट पीकर नहीं पड़े रहते।
     
    राजभर ने कहा कि वह कर्म करने में विश्वास रखते हैं और कर्म के फल की चिंता नहीं करते। उन्होंने राजभर समाज के साथ पिछड़ों, दलितों और शोषितों की आवाज बुलंद करने का प्रण लिया है और उसी को पूरा करने में लगे हैं। उन्होंने ओम प्रकाश सिंह पर तंज कसते हुए कहा कि उन्हें सपा का टिकट चाहिए तो बेशक लें। जनता सब देख रही है। वह उन्हें भी देख रही है और उनकी पार्टी को भी। समय आने पर नतीजा भी जनता ही देगी।
     
    कैबिनेट मंत्री ने कहा कि उन्हें उम्मीद नहीं है कि ओम प्रकाश सिंह अपनी टिप्पणी के लिए माफी मांगेंगे और वह उनसे माफी की अपेक्षा भी नहीं रखते। लेकिन एक बार अपने माता-पिता को याद करके जरूर सोचें कि उनके जैसे छोटी जाति में पैदा हुए व्यक्ति की पैदाइश को लेकर इस तरह की टिप्पणी करना उचित है या नहीं।
     
    राजभर ने आखिर में लिखा कि बाकी ईश्वर उनका भला करे। इसके साथ उन्होंने ‘जय श्रीराम’ लिखकर अपनी पोस्ट समाप्त की।

  • हॉकी फैंस के लिए बड़ी खुशखबरी, जालंधर में शुरू होगी एशियन चैंपियंस ट्रॉफी; मोहाली में होगा फाइनल

    हॉकी फैंस के लिए बड़ी खुशखबरी, जालंधर में शुरू होगी एशियन चैंपियंस ट्रॉफी; मोहाली में होगा फाइनल

    जालंधर

    एशियन चैंपियंस ट्रॉफी पंजाब 2026 की शुरुआत 27 अक्टूबर से जालंधर से होगी। फाइनल मुकाबला 5 नवंबर को मोहाली में खेला जाएगा। टूर्नामेंट में भारत, पाकिस्तान, जापान, मलेशिया, चीन और कोरिया की टीमें हिस्सा लेंगी। ओमान और बांग्लादेश को रिजर्व टीमों के तौर पर रखा। 

    इस दौरान टूर्नामेंट का लोगो भी जारी किया गया। हॉकी इंडिया के खिलाड़ी भी मौजूद रहे। सरकार ने 25 करोड़ 40 लाख रुपए का बजट रखा है। पूरे टूर्नामेंट में दर्शकों की एंट्री फ्री रहेगी। सरकार की तरफ से सभी उचित इंतजाम किए जाएंगे।

    मोहाली में होंगे निर्णायक मुकाबले लीग चरण के बाद टूर्नामेंट के मुकाबले मोहाली में खेले जाएंगे। 4 नवंबर को सेमीफाइनल मुकाबले होंगे। इसके साथ ही तीसरे और चौथे स्थान के लिए भी मुकाबला खेला जाएगा। 5 नवंबर को शाम 7 बजे फाइनल मुकाबला होगा। इसी के साथ एशियन चैंपियंस ट्रॉफी पंजाब 2026 के विजेता का फैसला होगा।

    खिलाड़ियों को इंडस्ट्री व मैदान घुमाएंगे टूर्नामेंट में आने वाले खिलाड़ियों को पंजाब की स्पोर्ट्स इंडस्ट्री से भी रूबरू करवाया जाएगा। उन्हें हॉकी के मैदानों से लेकर स्पोर्ट्स इंडस्ट्री तक ले जाया जाएगा। साथ ही, उन्हें पंजाब के पारंपरिक व्यंजनों का स्वाद भी चखाया जाएगा। खिलाड़ियों को सरसों का साग और मक्की की रोटी खिलाने के साथ अमृतसर, बाघा बॉर्डर और जलियांवाला बाग भी ले जाने की योजना है। कोशिश रहेगी कि खिलाड़ियों को पंजाब की संस्कृति और विरासत का पूरा अनुभव कराया जाए।

    पुराने हॉकी खिलाड़ी भी सम्मानित होंगे इस टूर्नामेंट में बच्चों पर भी विशेष ध्यान रहेगा। हर मैच के दौरान सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। पुराने और दिग्गज हॉकी खिलाड़ियों को सम्मानित किया जाएगा। पंजाब सरकार अब जूनियर और सीनियर हॉकी लीग आयोजित करने की दिशा में भी काम कर रही है। इसके अलावा, हॉकी इंडिया लीग में महिला और पुरुष दोनों वर्गों की पंजाब की टीमें शामिल होंगी।

  • न पढ़ाने और न SIR करने वाले शिक्षकों पर गिरेगी गाज, निर्वाचन अधिकारी ने दिए सख्त निर्देश

    न पढ़ाने और न SIR करने वाले शिक्षकों पर गिरेगी गाज, निर्वाचन अधिकारी ने दिए सख्त निर्देश

    रांची
     मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) कार्य में प्रतिनियुक्त शिक्षकों को इसमें लापरवाही महंगी पड़ेगी। मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी के. रवि कुमार ने एसआइआर के लिए प्रतिनियुक्त सभी शिक्षकों की उपस्थिति तथा एसआइआर के कार्यों में उनकी पूरी सहभागिता सुनिश्चित करने को कहा है।

    साथ ही इसमें रुचि नहीं लेने तथा जानबूझकर लापरवाही बरतनेवाले शिक्षकों के विरुद्ध अनुशासनिक कार्रवाई करने के निर्देश सभी निर्वाचन निबंधन पदाधिकारियों को दिए है। मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी ने निर्वाचन निबंधन पदाधिकारियों एवं सहायक निर्वाचन निबंधन पदाधिकारियों को पत्र भेजकर कहा है कि बच्चों के पठन-पाठन में अनावश्यक व्यवधान नहीं होना चाहिए।

    साथ ही एसआइआर की प्रक्रिया भी निर्धारित समय सीमा में पूरा किया जाना आवश्यक है। दोनों महत्वपूर्ण दायित्वों के बीच संतुलन स्थापित करते हुए उपलब्ध मानव संसाधन का अधिकतम एवं प्रभावी उपयोग किया जाना आवश्यक है।

    इसलिए शिक्षकों की आवश्यकता के अनुसार ही एसआइआर के लिए प्रतिनियुक्ति की जाए। साथ ही प्रतिनियुक्त शिक्षकों के समय एवं सेवाओं का पूर्ण एवं प्रभावी उपयोग सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने अतिरिक्त शिक्षकों की प्रतिनियुक्ति समाप्त करने के भी निर्देश दिए हैं।

    मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी ने प्रतिनियुक्त शिक्षकों के लिए प्रत्येक दिन रजिस्टर में उपस्थिति दर्ज कराने के भी निर्देश दिए हैं। उनके अनुसार, इससे यह स्पष्ट हो सकेगा कि शिक्षक प्रतिनियुक्ति अवधि में निर्धारित निर्वाचन कार्य का वास्तविक रूप से निर्वहन कर रहे हैं अथवा नहीं।

    उन्होंने यह भी कहा है कि यदि कोई शिक्षक एसआईआर के लिए विधिवत प्रतिनियुक्त किए जाने के बावजूद निर्धारित कार्य का निष्पादन नहीं करता है, कार्य के प्रति अपेक्षित रुचि नहीं लेता है अथवा जानबूझकर कार्य में लापरवाही करता है, तो तथ्यात्मक रिपोर्ट उपलब्ध कराते हुए उसके विरुद्ध नियमानुसार तत्काल अनुशासनात्मक कार्रवाई प्रारंभ की जाए।

    उन्होंने सभी जिलों में प्रतिनियुक्त शिक्षक एवं शिक्षकेत्तर कर्मियों की सूची विधानसभा क्षेत्रवार तैयार कर दिनांक 16 सितंबर शाम पांच बजे तक उपलब्ध कराने को भी कहा है।

    कई शिक्षक न तो पढ़ा रहे और न ही SIR का कार्य कर रहे
    दरअसल, एसआईआर में शिक्षकों की प्रतिनियुक्ति पर मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी तथा स्कूली शिक्षा एवं साक्षरता विभाग के सचिव उमाशंकर सिंह के बीच विमर्श हुआ था।

    इसमें शिक्षा सचिव ने उन्हें अवगत कराया कि विभिन्न विद्यालयों में कुछ शिक्षक मतदाता सूची का एसआइआर के लिए प्रतिनियुक्ति के नाम पर विद्यालय में नियमित शिक्षण कार्य नहीं कर रहे हैं और अनधिकृत रुप से अनुपस्थित हैं। इस कारण विद्यालयों में पठन-पाठन का कार्य प्रभावित हो रहा है।

     

  • राजस्थान निकाय चुनाव: धरियावद में BJP-कांग्रेस बराबर, सलूंबर में भाजपा सबसे बड़ी पार्टी

    राजस्थान निकाय चुनाव: धरियावद में BJP-कांग्रेस बराबर, सलूंबर में भाजपा सबसे बड़ी पार्टी

     उदयपुर
    उदयपुर नगर निगम चुनाव की मतगणना सूरजपोल स्थित राजस्थान कृषि महाविद्यालय (RCA) में सुबह 8 बजे से कड़ी सुरक्षा के बीच जारी है। 80 वार्डों के 220 प्रत्याशियों के भाग्य का फैसला आज हो रहा है। शुरुआती दौर में सबसे पहले डाक मतपत्रों की गणना की गई। निगम के सभी 80 वार्डों की मतों की गिनती के लिए 5 अलग-अलग गणना कक्ष बनाए गए हैं, जहां अधिकतम 8 टेबल पर तेजी से गिनती चल रही है।

    चुनाव के शुरुआती रुझानों और परिणामों में बड़े उलटफेर और कड़े मुकाबले देखने को मिल रहे हैं। महापौर पद के लिए भाजपा के सबसे प्रबल दावेदार प्रमोद सामर ने वार्ड नंबर 51 से शानदार जीत हासिल की है। उन्होंने अपने निकटतम प्रतिद्वंद्वी कांग्रेस के गजेंद्र सिंह को शिकस्त दी। वहीं दूसरी ओर, वार्ड 17 से कांग्रेस के शहर जिला अध्यक्ष फतेह सिंह राठौर की पत्नी पूनम कंवर (डॉ. पूनम राठौड़) ने जीत का परचम लहराया है।

    अब तक घोषित प्रमुख परिणामों में भाजपा के जतिन श्रीमाली (वार्ड 33) और दीपक नागदा (वार्ड 49) विजयी रहे हैं। वहीं कांग्रेस के संजय शर्मा (वार्ड 1), हर्षवर्धन सिंह केलावत (वार्ड 2) और किशन गमेती (वार्ड 65) ने अपने-अपने वार्डों में जीत दर्ज की है। मतगणना स्थल के बाहर समर्थकों का जमावड़ा लगा हुआ है और अंतिम नतीजों की घोषणा जल्द होने की उम्मीद है।

    प्रतापगढ़: धरियावद में भाजपा-कांग्रेस बराबरी पर, सलूंबर में भाजपा बोर्ड की संभावना
    धरियावद नगर पालिका चुनाव में भाजपा और कांग्रेस के बीच कांटे का मुकाबला देखने को मिला। कुल 20 सीटों में से भाजपा ने 10 और कांग्रेस ने भी 10 सीटों पर जीत दर्ज की। ऐसे में दोनों दल बराबर सीटों पर हैं और मुकाबला टाई हो गया है। अब बोर्ड गठन को लेकर निर्दलीय या अन्य समीकरण महत्वपूर्ण होंगे।

    वहीं, सलूंबर नगर परिषद के 25 वार्डों के चुनाव परिणाम में भाजपा सबसे बड़ी पार्टी बनकर सामने आई है। भाजपा ने 12 सीटों पर जीत दर्ज की, जबकि कांग्रेस को 11 सीटें मिली हैं। इसके अलावा एक सीट पर निर्दलीय और एक सीट पर बीएपी प्रत्याशी विजयी हुआ है।

    सलूंबर में किसी भी दल को स्पष्ट बहुमत नहीं मिला है, लेकिन निर्दलीय विजेता को भाजपा समर्थक माना जा रहा है। ऐसे में यदि निर्दलीय पार्षद भाजपा के साथ जाता है तो भाजपा के पास 13 पार्षदों का समर्थन हो सकता है। इस स्थिति में भाजपा के बोर्ड बनाने की संभावना मजबूत हो गई है।

  • दरभंगा और मुजफ्फरपुर में बनेंगे औद्योगिक पार्क, हजारों युवाओं को रोजगार के अवसर मिलेंगे

    दरभंगा और मुजफ्फरपुर में बनेंगे औद्योगिक पार्क, हजारों युवाओं को रोजगार के अवसर मिलेंगे

    मुजफ्फरपुर
    दरभंगा और मुजफ्फरपुर में विकसित हो रहे दो नए औद्योगिक पार्क में 95 हजार से अधिक लोगों को रोजगार मिलेगा। रोजगार यहां स्थापित होने वाली इकाइयों में मिलेगा। औद्योगिक पार्क विकसित करने के लिए डीपीआर तैयार कर ली गई है। केंद्र सरकार की भारत औद्योगिक विकास योजना (भाव्या) के तहत बिहार सरकार ने इसका प्रस्ताव किया है। इसकी डीपीआर और मास्टर प्लान सहित निवेश-रोजगार का पूरा ब्योरा केंद्र सरकार को भेज दिया गया है। दरभंगा में विकसित हो रहे औद्योगिक पार्क में 32 हजार 900 और मुजफ्फरपुर में 59 हजार 600 लोगों को प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार मिलेगा।

    यहां बीस हजार करोड़ रुपये से अधिक का निवेश प्रस्तावित है। दोनों औद्योगिक पार्क में प्लग एंड प्ले योजना के तहत औद्योगिक इकाइयों को भूमि आवंटित की जानी है। दरभंगा के बहादुरपुर और हनुमान नगर प्रखंड में 385 एकड़ और मुजफ्फरपुर के पारू में 700 एकड़ में औद्योगिक पार्क विकसित हो रहा है। दोनों जगह भूमि अधिग्रहण का काम चल रहा है। दरभंगा के बहादुरपुर और हनुमान नगर के तरलाही, मोटनाजा, बिहारीमुकुंद, अम्माडीह में औद्योगिक पार्क के लिए जमीन ली जाएगी।

    वहीं, मुजफ्फरपुर के पारू में चानपुर-चिहुटहा, भोजपट्टी, चतुर्पट्टी, विष्णुपुर-सरैया में जमीन ली जाएगी। दरभंगा में भूमि अधिग्रहण पर 601 करोड़ और मुजफ्फरपुर में 474.55 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। डीपीआर के अनुसार दोनों औद्योगिक इकाइयों में मिश्रित श्रेणी के उद्योग लगेंगे। प्लग एंड प्ले योजना के तहत स्थापित होने वाली इकाइयों में 6000 से 8100 करोड़ रुपये के बीच निवेश प्रस्तावित है। वहीं, मुजफ्फरपुर में 11 हजार करोड़ से 13500 करोड़ रुपये निवेश प्रस्तावित है। दोनों औद्योगिक पार्क में प्रशिक्षण केंद्र भी होंगे। साथ ही उत्पादों की टेस्टिंग के लिए भी सेंटर की स्थापना की जाएगी।

    ● दोनों औद्योगिक पार्क की डीपीआर तैयार, मिश्रित उद्योग लगेंगे

    ● दरभंगा में 385 और मुजफ्फरपुर में 700 एकड़ में बनेगा पार्क

    ● भारत औद्योगिक विकास योजना के तहत किया जाना है विकसित

  • UP Transfer: IAS-PCS अफसरों के तबादले, काशी विश्वनाथ मंदिर के CEO समेत कई अधिकारियों का स्थानांतरण

    UP Transfer: IAS-PCS अफसरों के तबादले, काशी विश्वनाथ मंदिर के CEO समेत कई अधिकारियों का स्थानांतरण

    लखनऊ
    उत्तर प्रदेश शासन ने रविवार को देर रात बड़ा प्रशासनिक फेरबदल करते हुए 14 आईएएस और 34 पीसीएस अधिकारियों के तबादले कर दिए। इसमें तीन जिलों के मुख्य विकास अधिकारियों (सीडीओ) समेत कई मंडलों के अपर आयुक्तों को नई तैनाती दी गई है। सहारनपुर के मुख्य विकास अधिकारी सुमित राजेश महाजन को मुख्य कार्यपालक अधिकारी, उत्तर प्रदेश स्टार्ट-अप मिशन बनाया गया है। उनकी जगह राज्य कर विभाग में तैनात अपर आयुक्त डॉ. सुनील कुमार वर्मा को सीडीओ सहारनपुर की जिम्मेदारी दी गई है।

    लखीमपुर खीरी के सीडीओ अभिषेक कुमार को विशेष सचिव, आईटी एवं इलेक्ट्रॉनिक्स विभाग बनाया गया है, जबकि अयोध्या में अपर जिलाधिकारी (नगर) के पद पर तैनात योगानन्द पाण्डेय को लखीमपुर खीरी का नया सीडीओ बनाया गया है। इसी तरह अम्बेडकर नगर के सीडीओ आनन्द कुमार शुक्ला को विशेष सचिव रेशम विभाग एवं निदेशक रेशम बनाया गया है और कुशीनगर के अपर जिलाधिकारी (वित्त/राजस्व) वैभव मिश्रा को अम्बेडकर नगर का सीडीओ बनाया गया है।

    राजस्व परिषद प्रयागराज में बड़ा फेरबदल
    राजस्व परिषद प्रयागराज में भी बड़ा फेरबदल हुआ है। सदस्य (न्यायिक) साहब सिंह को सचिवालय प्रशासन विभाग में सचिव बनाया गया है। उनकी जगह पर डॉ. विश्राम, अपर आयुक्त विन्ध्याचल मंडल और देवेन्द्र कुमार सिंह कुशवाहा, विशेष सचिव रेशम विभाग को सदस्य (न्यायिक), राजस्व परिषद प्रयागराज बनाया गया है। आईटी विभाग के विशेष सचिव राहुल सिंह को विशेष सचिव, लोक निर्माण विभाग, संयुक्त निदेशक युवा कल्याण अशोक कुमार कनौजिया को विशेष सचिव, माध्यमिक शिक्षा विभाग और अपर आयुक्त अलीगढ़ मंडल अरुण कुमार को विशेष सचिव, ग्राम्य विकास विभाग बनाया गया है।

    अपर नगर आयुक्त सहारनपुर प्रदीप कुमार यादव को अपर आयुक्त अलीगढ़ मंडल की जिम्मेदारी दी गई है। महानिदेशक चिकित्सा शिक्षा एवं सचिव चिकित्सा शिक्षा नेहा शर्मा* को सचिव चिकित्सा शिक्षा के पद से अवमुक्त किया गया है। दूसरी ओर यूपी में 34 पीसीएस अफसरों के तबादले, कई एसडीएम, नगर आयुक्त और एसडीएम बदल दिए गए हैं। अपर नगर आयुक्त गाजियाबाद जंग बहादुर यादव को संयुक्त आयुक्त (प्रशासन), आयुक्त ग्राम्य विकास के कार्यालय में भेजा गया है। वहीं प्रधान प्रबंधक, सहकारी चीनी मिल संघ सुश्री बरखा सिंह को अपर नगर आयुक्त, वाराणसी नगर निगम बनाया गया है।

    काशी विश्वनाथ मंदिर के सीईओ हटे
    श्री काशी विश्वनाथ मंदिर एवं विशिष्ट क्षेत्र विकास परिषद के मुख्य कार्यपालक अधिकारी विश्वभूषण मिश्रा को उपसचिव, उत्तर प्रदेश अधीनस्थ सेवा चयन आयोग बनाया गया है।
    गौतमबुद्धनगर और प्रयागराज की अदला-बदली

    अपर जिलाधिकारी (नजूल) प्रयागराज और उपसंचालक चकबंदी प्रयागराज संजय कुमार पाण्डेय को अपर जिलाधिकारी (प्रशासन), गौतमबुद्धनगर और वहां तैनात एडीएम (प्रशासन) मंगलेश दुबे को उपसंचालक चकबंदी, प्रयागराज भेजा गया है।

    इसके अलावा एडीएम (वि/रा) बहराइच अमित कुमार-2 और एडीएम (वि/रा) बागपत विनीत उपाध्याय को प्रधान प्रबंधक, उत्तर प्रदेश सहकारी चीनी मिल संघ। एडीएम वि/रा) देवरिया राम शंकर को उपायुक्त (प्रशासन), आयुक्त खाद्य एवं रसद। एडीएम वि/रा) कासगंज दिग्विजय प्रताप सिंह को उपनिदेशक, राज्य कृषि उत्पादन मंडी परिषद। एडीएम (प्रशासन) एटा संगम लाल को एडीएम (नमामि गंगे एवं ग्रामीण जलापूर्ति), मिर्जापुर के पद पर भेजा गया है।

    एडीएम न्यायिक) जालौन योगेंद्र सिंह को उपनिदेशक (प्रशासन), रेशम निदेशालय। नगर मजिस्ट्रेट मुजफ्फरनगर पंकज प्रकाश राठौड़ को (एडीएम वि/रा), देवरिया और उपजिलाधिकारी बुलंदशहर दीपक कुमार पाल को नगर मजिस्ट्रेट, मुजफ्फरनगर।उपजिलाधिकारी हापुड़ श्रीमती रेणु को अपर नगर आयुक्त, गाजियाबाद। उपजिलाधिकारी औरैया अजय आनंद वर्मा को उपजिलाधिकारी, आजमगढ़ और आजमगढ़ की एसडीएम श्रीमती दिव्या सिकरवार को एसडीएम औरैया भेजा गया है।

    एसडीएम सिद्धार्थनगर श्रीमती रेणु मिश्रा को एसडीएम फर्रुखाबाद, एसडीएम गोंडा प्रदीप कुमार सिंह को एसडीएम गौतमबुद्धनगर, एसडीएम कानपुर देहात प्रद्युम्न कुमार को एसडीएम बस्ती। उपसचिव अधीनस्थ सेवा चयन आयोग श्रीमती वंदना त्रिवेदी को उपनिदेशक, डॉ. राम मनोहर लोहिया प्रशासन अकादमी में तैनाती दी गई है।

    एडीएम (प्रशासन) बदायूं अरुण कुमार को एडीएम (वि/रा) बहराइच और एसडीएम सहारनपुर मानवेंद्र सिंह (2019) को एडीएम (प्रशासन) बदायूं। उपनिदेशक मंडी परिषद राजीव कुमार राय को एडीएम (वि/रा) बागपत, एडीएम (नागरिक आपूर्ति) आगरा अजय नारायण सिंह को एडीएम (प्रशासन) एटा, एसडीएम आजमगढ़ प्रशांत कुमार को एडीएम (नागरिक आपूर्ति) आगरा और एसडीएम आजमगढ़ श्रीमती प्रियंका सिंह को अपर नगर आयुक्त, मथुरा भेजा गया है।

    सचिव कानपुर विकास प्राधिकरण अभय कुमार पाण्डेय को एडीएम (वि/रा) कासगंज, एसडीएम कौशांबी सुखलाल प्रसाद वर्मा कोएडीएम (नजूल) प्रयागराज, एसडीएम बस्ती शत्रुहन पाठक को एडीएम (न्यायिक) जालौन। मुख्य राजस्व अधिकारी मिर्जापुर देवेंद्र प्रताप सिंह-2 को सचिव, मुरादाबाद विकास प्राधिकरण और एडीएम (नमामि गंगे) मिर्जापुर श्रीमती विजेता को मुख्य राजस्व अधिकारी, मिर्जापुर में तैनात किया गया है।

    एसडीएम संभल सुश्री शुभी गुप्ता को सहायक निदेशक, लोहिया अकादमी, एसडीएम मैनपुरी अशोक कुमार को एसडीएम हापुड़ और एसडीएम झांसी शुभेन्दु शेखर सिंह को विशेष कार्याधिकारी, यूपीडा बनाया गया है।

  • मानसून की विदाई से पहले हरियाणा में फिर सक्रिय होगा मौसम, कई जिलों में येलो अलर्ट

    मानसून की विदाई से पहले हरियाणा में फिर सक्रिय होगा मौसम, कई जिलों में येलो अलर्ट

     हिसार
     हरियाणा में मानसून का अंतिम दौर चल रहा है। भारत मौसम विज्ञान विभाग के आंकड़ों के अनुसार सितंबर में अब तक प्रदेश में सामान्य से 51 प्रतिशत कम वर्षा हुई है। रविवार को सिरसा, फतेहाबाद, हिसार में उकलाना व बरवाला क्षेत्र, अंबाला और यमुनानगर क्षेत्रों में हल्की से मध्यम वर्षा की गतिविधियां देखने को मिली। हिसार व रोहतक जिलों का अधिकतम तापमान 35.4 डिग्री सेल्सियस रहा।

    वहीं कई जिलों में तापमान 28 से 36 डिग्री सेल्सियस के बीच बना रहा। एक जून से 13 सितंबर तक हरियाणा में 303.2 मिलीमीटर वर्षा दर्ज हुई है, जबकि इस अवधि में सामान्य वर्षा 403.2 मिलीमीटर होती है। 19 जिलों में सामान्य से कम वर्षा दर्ज हुई है, जबकि भिवानी, गुरुग्राम और कुरुक्षेत्र में वर्षा सामान्य के आसपास रही है।

    कई जिलों में सामान्य से कम वर्षा
    सितंबर में रविवार से पहले सिरसा में सामान्य 20 मिलीमीटर के मुकाबले शून्य वर्षा दर्ज हुई है। वहीं हिसार में 96 प्रतिशत, करनाल में 93 प्रतिशत और भिवानी में 93 प्रतिशत वर्षा की कमी रही। जींद में 80 और कुरुक्षेत्र में 82 प्रतिशत कम वर्षा हुई है। दूसरी ओर पंचकूला में सामान्य से 57, पलवल में 48 और गुरुग्राम में 16 प्रतिशत अधिक वर्षा हुई है।

    मानसून पर अल नीनो का असर : डा. चंद्रमोहन
    मौसम विशेषज्ञ डा. चंद्रमोहन ने बताया कि इस साल अल-नीनो का असर मानसून पर साफ तौर पर देखने को मिला। अब मानसून की विदाई से पहले अगले सप्ताह वर्षा की गतिविधियां बढ़ने की संभावना है। 15 सितंबर को उत्तरी पर्वतीय क्षेत्रों में नया पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होने की संभावना है।

    इसके प्रभाव से मानसून टर्फ हरियाणा-एनसीआर-दिल्ली की ओर आने व पश्चिमी विक्षोभ व मानसून गतिविधियों के बीच संपर्क बनने की संभावना है

    15 से 19 सितंबर के बीच प्रदेश के करीब 60 से 70 प्रतिशत हिस्से में वर्षा की गतिविधियां हो सकती हैं। पश्चिमी हरियाणा के सिरसा, फतेहाबाद, हिसार, भिवानी, चरखी दादरी और महेंद्रगढ़ तथा उत्तरी जिलों पंचकूला, अंबाला, यमुनानगर, कुरुक्षेत्र, कैथल और जींद में हल्की से मध्यम वर्षा व कुछ स्थानों पर तेज वर्षा की संभावना है। वर्षा की गतिविधियों को देखते हुए हरियाणा-एनसीआर-दिल्ली में एक बार फिर येलो अलर्ट की स्थिति बनी है।

    मानसून की विदाई की प्रक्रिया तेज होने की संभावना
    वर्षा व बूंदाबांदी से दिन व रात के तापमान में गिरावट आएगी। प्रदेश के मौसमी वर्षा के आंकड़े में भी कुछ सुधार हो सकता है। इसके बाद मानसून की विदाई की प्रक्रिया तेज होने की संभावना है।

    राजस्थान में प्रति चक्रवातीय परिसंचरण बनने के बाद पश्चिमी हवाएं सक्रिय होने पर मानसून की विदाई लगभग तय मानी जा रही है। मौसम विशेषज्ञ ने किसानों को सलाह दी है कि लावणी की फसलों की कटाई और अन्य कृषि कार्य मौसम की गतिविधियों को ध्यान में रखकर करें।

    वर्षा की संभावना को देखते हुए कटी फसल को सुरक्षित स्थान पर रखें और तिरपाल आदि की व्यवस्था पहले से कर लें।

    तापमान का ब्योरा (डिग्री सेल्सियस में)
    जिला – अधिकतम – न्यूनतम
    हिसार – 35.4 – 26.3
    रोहतक -35.4 – 26.6
    अंबाला – 34.5 – 27.5
    सिरसा – 34.4 – 26.9
    महेंद्रगढ़ – 35.3 – 25.4
    करनाल – 29.3 – 27.4