Category: राज्य

  • बार और बेंच के समन्वय पर जोर देते हुए कहा कि अधिवक्ताओं को आधुनिक कार्य सुविधाएं देना सरकार का संकल्प

    बार और बेंच के समन्वय पर जोर देते हुए कहा कि अधिवक्ताओं को आधुनिक कार्य सुविधाएं देना सरकार का संकल्प

    लखनऊ
     यूपी के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने प्रयागराज में अधिवक्ताओं को संबोधित करते हुए न्यायिक व्यवस्था और प्रदेश की कानून व्यवस्था पर बड़ा बयान दिया। नए भवन की चाभी सौंपे जाने के अवसर पर डिप्टी सीएम ने अधिवक्ताओं को बधाई देते हुए कहा कि इलाहाबाद हाईकोर्ट का गौरवशाली इतिहास पूरे देश की न्यायिक परंपरा की अमूल्य धरोहर है। प्रयागराज एक ओर आस्था का संगम है, तो दूसरी ओर न्याय की समृद्ध परंपरा का प्रतीक। राजनीतिक संदर्भ जोड़ते हुए उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में जनप्रतिनिधि हर पांच वर्ष में जनता की अदालत में जाते हैं। उन्होंने अधिवक्ताओं से कहा, ‘आप सबका मुकदमा लड़ते हैं, हम 2027 का मुकदमा आपकी अदालत में छोड़कर जा रहे हैं। हमें पूरा भरोसा है कि सरकार के अच्छे कार्यों को आपका समर्थन, न्याय और आशीर्वाद मिलेगा।’

    प्रदेश की कानून-व्यवस्था का जिक्र करते हुए केशव मौर्य ने पिछली सरकारों पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि पहले उत्तर प्रदेश में कानून का राज केवल कागजों पर था और जमीन पर गुंडाराज चलता था। प्रयागराज इसका प्रमुख केंद्र बना हुआ था। आज योगी सरकार की नीति स्पष्ट है, निर्दोष को छेड़ा नहीं जाएगा और दोषी को किसी भी कीमत पर छोड़ा नहीं जाएगा। उन्होंने कहा कि सरकार कानून बनाती है, लेकिन उसका लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने में अधिवक्ता एक महत्वपूर्ण सेतु की भूमिका निभाते हैं।

    डिप्टी सीएम ने आगे कहा कि न्याय व्यवस्था में प्राथमिकता यही होनी चाहिए कि कानून सबके लिए समान हो, चाहे कोई गरीब हो या प्रभावशाली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि देश में ‘ईज ऑफ लिविंग’ के साथ-साथ डिजिटल व्यवस्था और बेहतर इंफ्रास्ट्रक्चर के जरिए ‘ईज ऑफ जस्टिस’ को बढ़ावा मिल रहा है। पुराने औपनिवेशिक कानूनों को हटाकर नए न्याय-केंद्रित आपराधिक कानून लागू करना देश की न्याय प्रणाली में युगांतरकारी बदलाव है। ​उपमुख्यमंत्री ने बार और बेंच के समन्वय की महत्ता पर जोर देते हुए कहा कि अधिवक्ताओं को सम्मान, सुरक्षा और आधुनिक कार्य सुविधाएं देना सरकार का संकल्प है, ताकि आम नागरिक को समयबद्ध और सुलभ न्याय मिल सके।

    चुनौतियों का सामना कर कानून व्यवस्था में किया बदलाव
    वहीं, हाईकोर्ट बार एसोसिएशन की ओर से आयोजित सम्मान समारोह में उपस्थित अधिवक्ताओं को संबोधित करते हुए सीएम ने प्रदेश में भाजपा सरकार बनने के पूर्व की चुनौतियों का जिक्र करते हुए बताया कि 2017 में भाजपा सरकार बनने के बाद किस तरह से इन चुनौतियों का सामना कर कानून और न्याय व्यवस्था में व्यापक बदलाव किया गया।

  • प्राधिकरण और बैंकों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने के लिए जल्द एनबीएफसी और एलडीएम के साथ होगी बैठक

    प्राधिकरण और बैंकों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने के लिए जल्द एनबीएफसी और एलडीएम के साथ होगी बैठक

    गोरखपुर
    अब सिर्फ भू-प्रयोग सही होने के आधार पर घर बनाने के लिए के लिए होम लोन पास नहीं किया जा सकेगा। उत्तर प्रदेश के गोरखपुर विकास प्राधिकरण ने बैंकों को सख्त निर्देश दिए हैं कि भवन का मानचित्र स्वीकृत होने या मानचित्र स्वीकृति के लिए आवेदन किए जाने के बाद ही होम लोन की स्वीकृति की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जाए। इससे बिना मानचित्र स्वीकृति के भवन निर्माण के लिए लोन मिलने की संभावना पर रोक लगेगी। अवैध निर्माण पर भी अंकुश लगाने में मदद मिलेगी।

    गोरखपुर के एनेक्सी भवन में सोमवार को प्राधिकरण और विभिन्न बैंकों के अधिकारियों की बैठक में गृह ऋण प्रक्रिया को लेकर यह महत्वपूर्ण निर्णय लिया गया। बैठक की अध्यक्षता जीडीए उपाध्यक्ष अभिनव गोपाल ने की। उन्होंने बैंकों और प्राधिकरण के बीच बेहतर समन्वय के साथ ऐसी व्यवस्था बनाने पर जोर दिया, जिससे ऋण प्रक्रिया सरल भी हो और भवन निर्माण के नियमों का पालन भी सुनिश्चित हो। प्राधिकरण उपाध्यक्ष ने आश्वस्त किया कि प्राधिकरण की ओर से अपने एलटीपी (लाइसेंस्ड टाउन प्लानर) का पूरा डेटा संबंधित बैंकों को उपलब्ध कराया जाएगा। बैंकों को निर्देश दिया कि जनसामान्य की सुविधा और जागरूकता के लिए इस डेटा के साथ संबंधित मोबाइल नंबर अपनी शाखाओं में प्रमुखता से प्रदर्शित करें। इससे भवन मानचित्र से जुड़ी जानकारी लेने वाले आवेदकों को सही संपर्क उपलब्ध हो सकेगा। प्रक्रिया में अनावश्यक भ्रम कम होगा।

    इस बैठक में यह भी तय हुआ कि बैंक गृह ऋण से संबंधित प्राप्त आवेदनों का आवश्यक डेटा नियमित रूप से प्राधिकरण को उपलब्ध कराएंगे। इससे प्राधिकरण अवगत हो सकेगा कि किन क्षेत्रों और भवनों के लिए गृह ऋण के आवेदन मिल रहे हैं। इसके आधार पर मानचित्र स्वीकृति की प्रक्रिया में भी बेहतर समन्वय स्थापित होगा।

    एनबीएफसी और लीड बैंक मैनेजर संग बैठक जल्द
    बैंक अधिकारियों ने बताया कि गृह ऋण केवल पारंपरिक बैंकों के माध्यम से ही नहीं, बल्कि एनबीएफसी के जरिये भी मिलता है। एसबीआइ और पीएनबी के शाखा प्रबंधकों ने प्रक्रिया में लीड बैंक मैनेजर (एलडीएम) को भी शामिल करने का सुझाव दिया। जीडीए उपाध्यक्ष ने सहमति जताते हुए एनबीएफसी और एलडीएम के साथ शीघ्र अलग बैठक करने का आश्वासन दिया।

    एक प्लेटफॉर्म पर मिलेंगी जीडीए की सुविधाएं
    गोरखपुर विकास प्राधिकरण अपनी आंतरिक कार्यप्रणाली को और अधिक पारदर्शी, जवाबदेह और तेज बनाने की तैयारी में है। इसके लिए प्राधिकरण में इंटीग्रेटेड ईआरपी (एंटरप्राइज रिसोर्स प्लानिंग) एवं सिटीजन सर्विसेज प्लेटफॉर्म लागू करेगा। इसके जरिए प्राधिकरण के विभिन्न अनुभागों की कार्यप्रणाली को एकीकृत करने के साथ नागरिक सेवाओं को भी डिजिटल प्लेटफॉर्म पर लाया जाएगा। प्रस्तावित सिटीजन सर्विसेज पोर्टल पर ही नागरिकों को ऑनलाइन आवेदन, भुगतान, शिकायत निवारण, नीलामी और आवेदन की स्थिति की ट्रैकिंग जैसी सुविधाएं मिल सकेंगी।

    डिजिटल होगी फाइलों की आवाजाही
    ईआरपी में वर्कफ्लो ऑटोमेशन की व्यवस्था होगी। इसके तहत डिजिटल अनुमोदन, फाइल ट्रैकिंग और अधिकारियों-कर्मचारियों को सूचनाएं भेजने की सुविधा रहेगी। प्रत्येक प्रक्रिया का ऑडिट ट्रेल उपलब्ध होने से यह भी पता लगाया जा सकेगा कि फाइल किस स्तर पर और कितने समय से लंबित है। ई-ऑफिस की कार्यक्षमता को भी इसी व्यवस्था से जोड़ा जाएगा।

    रियल टाइम डैशबोर्ड से होगी निगरानी
    प्राधिकरण रियल टाइम एमआईएस और डैशबोर्ड विकसित करेगा। इसके जरिए प्राधिकरण की परियोजनाओं, वित्तीय स्थिति, नागरिक सेवाओं की डिलीवरी और संगठनात्मक प्रदर्शन की निगरानी की जा सकेगी। प्रस्तावित प्रणाली में पेमेंट गेटवे, ओबीपीएएस-फास्टपास, आधार सत्यापन और डॉक्यूमेंट मैनेजमेंट सिस्टम (डीएमएस) के एकीकरण की व्यवस्था होगी। भूमिका आधारित एक्सेस कंट्रोल से अधिकारियों और कर्मचारियों को उनके कार्यक्षेत्र के अनुसार सिस्टम तक पहुंच दी जाएगी। प्राधिकरण का मानना है कि इससे आंतरिक कार्यप्रणाली मजबूत होने के साथ फास्टर पब्लिक डिलीवरी और कार्यों में तेजी आएगी।

    बोर्ड की मंजूरी के बाद टेंडर की प्रक्रिया शुरू
    प्राधिकरण की ओर से इस प्रस्ताव का उद्देश्य अधिकारियों-कर्मचारियों की जवाबदेही तय करने, आंतरिक कार्यप्रणाली को मजबूत करने और नागरिक सेवाओं की डिलीवरी में तेजी लाना है। बोर्ड से सैद्धांतिक सहमति मिलने के बाद इसके क्रियान्वयन की दिशा में आगे की प्रक्रिया शुरू की जा सकेगी।

  • शिवपाल के हाथों से लिया लोहिया ट्रस्ट, सियासत तेज; ओपी राजभर बोले- अखिलेश को चाचा पर भरोसा नहीं

    शिवपाल के हाथों से लिया लोहिया ट्रस्ट, सियासत तेज; ओपी राजभर बोले- अखिलेश को चाचा पर भरोसा नहीं

    अखिलेश ने शिवपाल से छीनी लोहिया ट्रस्ट की कमान, राजभर बोले- भरोसा नहीं; मंत्री नरेंद्र कश्यप ने भी उठाए सवाल

    पार्टी के बाद शिवपाल से छिना लोहिया ट्रस्ट, अखिलेश यादव पर राजभर-कश्यप ने साधा निशाना

    शिवपाल के हाथों से लिया लोहिया ट्रस्ट, सियासत तेज; ओपी राजभर बोले- अखिलेश को चाचा पर भरोसा नहीं

    लखनऊ
     सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव के हाथों अब लोहिया ट्रस्ट की कमान होगी। अब तक इसकी कमान पूर्व कैबिनेट मंत्री और उनके चाचा शिवपाल सिंह यादव के हाथों थी। शिवपाल सिंह यादव से कमान लिए जाने को लेकर भाजपा ने सपा पर निशाना साधा है।

    योगी सरकार के मंत्री ओपी राजभर और नरेंद्र कश्यप ने इसे लेकर अखिलेश यादव पर हमला बोलते हुए कहा कि अखिलेश यादव को शिवपाल यादव पर भरोसा नहीं है, इसलिए उनसे ट्रस्ट की कमान ले ली गई।

    ओपी राजभर ने साधा निशाना, भरोसे पर उठाया सवाल
    योगी सरकार में कैबिनेट मंत्री ओपी राजभर ने इस बदलाव को लेकर अखिलेश यादव पर सीधा हमला बोला है। उन्होंने कहा कि अखिलेश यादव को शिवपाल यादव पर भरोसा नहीं है।

    राजभर ने शिवपाल के पुराने राजनीतिक रुख का जिक्र करते हुए कहा कि अखिलेश यादव को शिवपाल यादव जी पर भरोसा नहीं है। इससे पहले शिवपाल यादव अखिलेश यादव को छोड़कर चले गए थे। उन्होंने अपनी खुद की पार्टी बना ली थी। उस दौरान उन्होंने सपा को क्या-क्या नहीं कहा। चोर-उचक्कों की पार्टी बताया, शराब-माफियाओं की पार्टी, जमीन हड़पने वाली पार्टी तक बताया था। ऐसे में अखिलेश यादव शिवपाल यादव पर कैसे ट्रस्ट करेंगे? इसीलिए उन्होंने शिवपाल यादव से लोहिया ट्रस्ट की कमान ले ली है।

    मंत्री नरेंद्र कश्यप बोले- सपा में लोकतांत्रिक प्रक्रिया नहीं
    योगी सरकार में पिछड़ा वर्ग कल्याण एवं दिव्यांगजन सशक्तिकरण राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) नरेंद्र कश्यप ने भी इस फैसले पर सवाल खड़े किए हैं। उन्होंने कहा कि ट्रस्ट की जिम्मेदारी शिवपाल यादव से अखिलेश यादव के पास जाना अपने आप में कोई बड़ा बदलाव नहीं है, क्योंकि कमान अब भी परिवार के ही हाथों में है।

    नरेंद्र कश्यप ने कहा कि किसी संस्था की जिम्मेदारी परिवार के सदस्यों के बीच ही केंद्रित रहना लोकतांत्रिक प्रक्रिया नहीं कहा जा सकता। उन्होंने यह भी कहा कि संभव है अखिलेश यादव को आशंका रही हो कि आगे चलकर शिवपाल यादव अपनी शर्तों या अपने तरीके से ट्रस्ट चलाएं, इसलिए उन्होंने खुद इसकी जिम्मेदारी संभाल ली।

    बता दें कि शिवपाल और अखिलेश के बीच राजनीतिक रिश्तों में उतार-चढ़ाव का लंबा इतिहास रहा है। शिवपाल सिंह यादव अलग होकर अपनी पार्टी बना चुके हैं और बाद में दोबारा समाजवादी पार्टी के साथ आए। ऐसे में ट्रस्ट का जिम्मा उनके हाथों से निकलकर अखिलेश के पास जाना सामान्य बदलाव नहीं, बल्कि परिवार और पार्टी की मौजूदा शक्ति-संरचना के बीच भरोसे को लेकर भी देखा जा रहा है।

    अखिलेश के पास अब पार्टी, लोहिया ट्रस्ट और जनेश्वर मिश्र ट्रस्ट की कमान
    शिवपाल यादव से लोहिया ट्रस्ट लिए जाने और उसकी कमान खुद के हाथों में लेने के बाद अब अखिलेश के पास सपा के साथ लोहिया ट्रस्ट और जनेश्वर मिश्र ट्रस्ट की भी कमान आ गई है। बता दें कि लोहिया ट्रस्ट का गठन सपा के गठन से पहले हुआ था। इसका उद्देश्य समाजवादी विचारधारा और डॉ. राम मनोहर लोहिया के विचारों का प्रचार-प्रसार करना रहा है।

  • पीडीए को एकजुट कर यूपी से भाजपा सरकार का सफाया करेगी सपा: अखिलेश

    पीडीए को एकजुट कर यूपी से भाजपा सरकार का सफाया करेगी सपा: अखिलेश

    लखनऊ 

    यूसीसी को लेकर अमित शाह के बयान पर अखिलेश की प्रतिक्रिया आई है।
    समान नागरिक संहिता (यूसीसी) को लेकर सियासत तेज होती जा रही है। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने यूसीसी लागू करने के ऐलान पर पहली प्रतिक्रिया दी है। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष ने भाजपा पर निशाना साधते हुए यूसीसी के मुद्दे को लेकर तंज कसा है। अखिलेश ने कहा कि हम तो बस इतना कहेंगे कि पहले पिछले वादे निभाओ, यूसीसी फिर बाद में लाओ। नया जुमला न लेकर आओ और न जनता को बहकाओ। 15 लाख खाते में पहुंचाओ। दरअसल, गृहमंत्री अमित शाह ने बीते दिनों NDA शासित राज्यों में समान नागरिक संहिता लागू करने का ऐलान किया था।

    अखिलेश यादव ने मंगलवार को कहा कि जनता समझ रही है कि भाजपा जिस यूसीसी की बात कर रही है, दरअसल उसकी पूर्ण रूप "अंडरग्राउंड कम्युनल कॉन्सपिरेसी" है। उन्होने सोशल मीडिया पर जारी बयान में भाजपा के पुराने चुनावी वादों को याद दिलाते हुए कहा कि सरकार को नए मुद्दे उठाने से पहले पिछले वादों को पूरा करना चाहिए। इसमें लोगों के खातों में 15 लाख रुपये पहुंचाने और दो करोड़ रोजगार देने जैसे वादों का जिक्र किया गया।

    अखिलेश ने भाजपा के 'सबका साथ, सबका विकास' के नारे पर भी सवाल उठाया
    बयान में तंज कसते हुए कहा गया- "पहले पिछले वादे निभाओ, यूसीसी फिर बाद में लाओ। नया जुमला न लेकर आओ और न जनता को बहकाओ।" अखिलेश ने भाजपा के 'सबका साथ, सबका विकास' के नारे पर भी सवाल उठाया और कहा कि सरकार को पहले इन दावों को जमीन पर साबित करना चाहिए।

    सपा पीडीए को एकजुट कर भाजपा सरकार हटाएगी: अखिलेश
    इससे पहले समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने कहा है कि यूपी के भविष्य और आने वाली पीढ़ी की खुशहाली के लिए भाजपा को सत्ता से हटाना लोकतंत्र के हित में है। यूपी की पूरी प्रशासनिक व्यवस्था चौपट है। भाजपा सरकार में भ्रष्टाचार की हद हो गई है। इसलिए भाजपा सरकार को सत्ता से हटाना ही एकमात्र उपाय है। समाजवादी पार्टी पीडीए को एकजुट करके यूपी से भाजपा सरकार का सफाया करने के लिए संकल्पित है।

    बुनियादी मुद्दों से जनता का ध्यान हटाने के लिए नए राजनीतिक मुद्दे उठाए जा रहे
    उन्होंने कहा है कि इसके साथ ही स्कूलों को बंद होने से बचाने, बेटियों को सुरक्षा देने, महिलाओं के सम्मान की रक्षा करने और युवाओं को रोजगार उपलब्ध कराने की मांग उठाई गई। बयान में लगातार दोहराया गया कि "यूसीसी फिर बाद में लाओ"। विपक्ष ने आरोप लगाया कि रोजगार, महंगाई, शक्षिा, महिला सुरक्षा और अन्य बुनियादी मुद्दों से जनता का ध्यान हटाने के लिए नए राजनीतिक मुद्दे उठाए जा रहे हैं।

  • आरा-छपरा पुल समेत 55 स्टेट हाईवे और 47 पुलों पर चरणबद्ध तरीके से लागू होगी टोल व्यवस्था

    आरा-छपरा पुल समेत 55 स्टेट हाईवे और 47 पुलों पर चरणबद्ध तरीके से लागू होगी टोल व्यवस्था

    पटना 
     बिहार में स्टेट हाईवे पर टोल टैक्स वसूली की शुरुआत होने जा रही है. शुरुआत दो प्रमुख सड़कों से होगी. बिहटा-सरमेरा और उदाकिशुनगंज-भटगामा स्टेट हाईवे पर टोल नाके बनाए जाएंगे. खास बात यह है कि निजी वाहनों से कोई शुल्क नहीं लिया जाएगा.

    इन दो स्टेट हाईवे पर लगेगा टोल
    पथ निर्माण विभाग ने सबसे पहले दो स्टेट हाईवे पर टोल वसूली की तैयारी शुरू की है. इनमें बिहटा से सरमेरा के बीच SH-78 और उदाकिशुनगंज से भटगामा के बीच SH-58 शामिल हैं. दोनों सड़कों पर टोल प्लाजा बनाने की प्रक्रिया शुरू हो गई है. इसके लिए सरकार की ओर से टेंडर भी जारी किया जा चुका है.

    सिर्फ कमर्शियल वाहनों से लिया जाएगा टोल
    स्टेट हाईवे पर सफर करने वाले निजी वाहन चालकों को टोल नहीं देना होगा. टोल की वसूली सिर्फ व्यावसायिक वाहनों से की जाएगी. यानी कार, बाइक जैसे निजी वाहनों पर इस व्यवस्था का सीधा असर नहीं पड़ेगा. वहीं ट्रक, बस और अन्य कमर्शियल वाहनों से निर्धारित शुल्क लिया जाएगा.

    सभी स्टेट हाईवे पर धीरे-धीरे लागू होगी व्यवस्था
    पथ निर्माण विभाग ने राज्य के स्टेट हाईवे और राज्य सरकार के अधीन आने वाले पुलों पर भी टोल व्यवस्था लागू करने का फैसला लिया है.
    हालांकि, सभी जगह एक साथ टोल नाके नहीं लगाए जाएंगे. विभाग चरणवार तरीके से इस व्यवस्था को लागू करेगा. पहले कुछ प्रमुख सड़कों और पुलों को चुना जाएगा. इसके बाद दूसरे स्थानों पर टोल वसूली शुरू होगी.

    आरा-छपरा पुल पर भी टोल की तैयारी
    स्टेट हाईवे के साथ बड़े पुलों पर भी टोल वसूली की तैयारी चल रही है. बिहार राज्य पथ विकास निगम स्टेट हाईवे पर टोल की प्रक्रिया देख रहा है.
    वहीं, बिहार राज्य पुल निर्माण निगम पुलों पर टोल वसूली की तैयारी कर रहा है. प्राथमिकता के आधार पर आरा-छपरा ब्रिज समेत कुछ बड़े पुलों को चुना गया है. इन पुलों पर टोल वसूली के लिए एजेंसी के चयन की प्रक्रिया शुरू होगी. इसके लिए जल्द ही नया टेंडर जारी किया जा सकता है.

    पहले भी निकला था आरा-छपरा पुल का टेंडर
    आरा-छपरा पुल के लिए पहले भी टोल वसूली को लेकर निविदा जारी की गई थी. हालांकि, अपरिहार्य कारणों से उस टेंडर को वापस लेना पड़ा था. अब विभाग नए सिरे से टेंडर जारी करने की तैयारी में है. इसके बाद एजेंसी का चयन किया जाएगा.
    2-3 महीने में शुरू हो सकती है टोल वसूली
    पथ निर्माण विभाग के अधिकारियों के मुताबिक, अगले दो से तीन महीने में कुछ स्टेट हाईवे पर टोल वसूली शुरू हो सकती है.
    बता दें कि बिहार कैबिनेट पहले ही 55 स्टेट हाईवे और 47 पुलों पर टोल वसूलने को मंजूरी दे चुकी है. ऐसे में आने वाले समय में राज्य की कई प्रमुख सड़कों और पुलों पर टोल व्यवस्था धीरे-धीरे लागू होने वाली है. 

  • संजीवनी आश्रम में आयोजित गणेश महोत्सव के दौरान निकाली गई भव्य कलश यात्रा, उमड़े श्रद्धालु

    संजीवनी आश्रम में आयोजित गणेश महोत्सव के दौरान निकाली गई भव्य कलश यात्रा, उमड़े श्रद्धालु

    सिवानी
     हरियाणा शहर के संजीवनी आश्रम में सोमवार को 15वें गणेश महोत्सव का भव्य शुभारंभ हुआ। इस अवसर पर भगवान गणेश के भव्य मंदिर निर्माण की नींव विधि-विधान के साथ रखी गई।

    वृंदावन स्थित राधा रमण मंदिर के निज पुजारी के सानिध्य में मंदिर की आधारशिला रखी गई। मंदिर का निर्माण संगमरमर के पत्थरों से किया जाएगा और करीब तीन वर्ष में इसके तैयार होने की उम्मीद है। करीबन दस करोड की लागत से ये मंदिर बनेगा।

    महोत्सव के शुभारंभ से पहले शहर में भव्य कलश यात्रा निकाली गई। कलश यात्रा अनाज मंडी से शुरू होकर संजीवनी आश्रम पहुंची। यात्रा में सैकड़ों की संख्या में श्रद्धालुओं और बड़ी संख्या में महिलाओं ने भाग लिया। श्रद्धालु भजनों और जयकारों के साथ यात्रा में शामिल हुए।

    रखी गई गणेश मंदिर की नींव
    संजीवनी आश्रम पहुंचने के बाद विधि-विधान से भगवान गणेश की प्रतिमा विराजित की गई। इसके बाद भजन-कीर्तन का आयोजन हुआ। धार्मिक माहौल के बीच दोपहर 12:12 बजे भव्य गणेश मंदिर की नींव रखी गई।

    मंदिर निर्माण का संचालन श्री मेहंदीपुर बालाजी जन कल्याण सेवा समिति के मार्गदर्शन में किया जा रहा है। मंदिर निर्माण को लेकर श्रद्धालुओं में खासा उत्साह देखने को मिला।

    नींव रखने के दौरान पार्षद समेत कई हस्तियां रहीं मौजूद
    मंदिर की नींव रखे जाने के अवसर परसंजीवनी आश्रम के संचालक पारुल भगत, पार्षद आनन्द जांगडा, दीपक शर्मा, संजय कौशिक, पार्षद मांगेराम देहडू , जिला पार्षद मुकेश डालमिया, युवा उद्योगपति एवं भाजपा नेता अमित लोहिया, बहल अलख आश्रम के संचालक विकास गिरि महाराज, श्रीश्याम मित्र मंडल के प्रधान सत्यनारायण धारणिया,दीवान सिंह, प्रदीप खारिया, रामभगत बंसल, प्रेम किंगर, नवीन सूरतपुरिया, अंकुर जांगड़ा, चंद्र बंसल, राहूल गर्ग ढिगावा, संदीप अग्रवाल, नाहर सिंह तंवर, धीरजा शर्मा, अनिल केडिया, सुशील बिश्नोई, दीपक गर्ग सहित शहर के सैकड़ों गणमान्य लोग और श्रद्धालु मौजूद रहे।

     

  • आयुक्त राजेश्वर सिंह ने फेसबुक प्रबंधन को पत्र लिखकर फेक आईडी को हटाने के दिए निर्देश

    आयुक्त राजेश्वर सिंह ने फेसबुक प्रबंधन को पत्र लिखकर फेक आईडी को हटाने के दिए निर्देश

    जयपुर
    राजस्थान में एक तरफ जहां 309 नगरीय निकायों और आगामी पंचायती राज चुनावों को लेकर सरगर्मियां बेहद तेज हैं, वहीं दूसरी तरफ प्रशासनिक और राजनीतिक गलियारों में एक चौंकाने वाली खबर सामने आई है। राज्य निर्वाचन आयोग के मुख्य निर्वाचन आयुक्त राजेश्वर सिंह (IAS) के नाम और फोटो का गलत इस्तेमाल करके सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म फेसबुक पर एक फर्जी प्रोफ़ाइल बना दी गई है। किसी शरारती तत्व द्वारा चुनावी माहौल के बीच आम जनता और मतदाताओं को भ्रमित करने की मंशा से यह फर्जी पेज तैयार किया गया है।

    मामला सामने आते ही राज्य निर्वाचन आयोग में हड़कंप मच गया। आयुक्त राजेश्वर सिंह ने तुरंत संज्ञान लेते हुए फेसबुक प्रबंधन को पत्र लिखकर इस फेक आईडी को हटाने के निर्देश दिए हैं और अपने आधिकारिक सोशल मीडिया हैंडल से अलर्ट जारी कर लोगों से इस फर्जी अकाउंट से सावधान रहने की अपील की है।

    सोशल मीडिया पर प्रशासनिक अधिकारियों की फर्जी आईडी बनाकर लोगों को ठगने या भ्रामक सूचनाएं फैलाने का यह कोई पहला मामला नहीं है।

    निर्वाचन आयुक्त राजेश्वर सिंह ने अपनी असली प्रोफ़ाइल पर जानकारी साझा करते हुए लिखा, "किसी शरारती व्यक्ति ने 'राजेश्वर सिंह आईएएस' के नाम से मेरी फेक प्रोफाइल बनाई है। मैंने इसे रिपोर्ट कर दिया है, कृपया आप सभी इससे सावधान रहें।"

    चुनावी मौसम में जब हर छोटे-बड़े अपडेट पर जनता की नजरें टिकी होती हैं, ऐसे समय में चुनाव आयोग के प्रमुख की फर्जी प्रोफाइल बनने से साइबर सुरक्षा पर भी सवाल खड़े हो गए हैं। पुलिस की साइबर सेल टीम ने मामले की जांच शुरू कर दी है और जिस आईपी एड्रेस से यह फर्जी आईडी बनाई गई है, उसकी लोकेशन ट्रैक की जा रही है।

    ये है आईएएस राजेश्वर सिंह के नाम से फेक प्रोफ़ाइल
    डिजिटल दौर में किसी की फोटो और नाम चुराकर फर्जी आईडी बनाना एक गंभीर कानूनी अपराध है। यदि आपके या आपके किसी रिश्तेदार के नाम से फेसबुक पर ऐसी कोई फेक आईडी बन जाती है, तो उसे तुरंत डिलीट और बैन कराने के लिए इन स्टेप्स का पालन करें:

    1. प्रोफ़ाइल को सीधे फेसबुक पर रिपोर्ट करें: सबसे पहले उस फर्जी प्रोफाइल पर जाएं। कवर फोटो के नीचे दाईं तरफ दिख रहे थ्री डॉट्स (…) पर क्लिक करें। वहां "Find support or report" विकल्प को चुनें। इसके बाद "Impersonation" (नकल करना) ऑप्शन को सेलेक्ट करके सबमिट कर दें। अपने 5 से 10 करीबी दोस्तों से भी इसी तरह रिपोर्ट कराएं, जिससे फेसबुक इसे तेजी से ब्लॉक करेगा।

    2. बिना अकाउंट के भी कर सकते हैं रिपोर्ट: अगर आपका खुद का फेसबुक अकाउंट नहीं है, तब भी आप गूगल पर "Report an Impersonation Account on Facebook" सर्च करके फेसबुक का आधिकारिक वेब फॉर्म भर सकते हैं। वहां फेक प्रोफाइल का लिंक और अपनी पहचान के लिए कोई भी एक सरकारी आईडी कार्ड अपलोड करके सीधे शिकायत दर्ज कराई जा सकती है।

    साइबर सेल में शिकायत दर्ज कराने की प्रक्रिया
    सोशल मीडिया पर किसी दूसरे व्यक्ति की पहचान बनाकर अकाउंट चलाना केवल नियमों का उल्लंघन नहीं है, बल्कि यह भारतीय कानून के तहत दंडनीय अपराध है।

    IT Act की धारा 66D: किसी की पहचान चुराकर कंप्यूटर या इंटरनेट के जरिए धोखाधड़ी करना सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम (IT Act) की धारा 66D के तहत अपराध है, जिसमें 3 साल तक की जेल और जुर्माना हो सकता है।

    ऑनलाइन शिकायत: पीड़ित व्यक्ति तुरंत भारत सरकार के राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल cybercrime.gov.in पर जाकर अपनी शिकायत ऑनलाइन दर्ज करा सकते हैं।

    सबूत संभाल कर रखें: शिकायत दर्ज कराते समय फर्जी प्रोफाइल का वेब लिंक (URL), प्रोफाइल का स्क्रीनशॉट और उससे की गई पोस्ट का स्क्रीनशॉट अपने पास सुरक्षित रखें। आप अपने नजदीकी पुलिस स्टेशन के साइबर सेल में जाकर भी लिखित शिकायत दे सकते हैं।

    अपनी असली प्रोफ़ाइल से जारी करें अलर्ट मैसेज
    जब तक साइबर सेल या फेसबुक द्वारा उस फर्जी अकाउंट को पूरी तरह से हटा या बैन नहीं कर दिया जाता, तब तक लोगों को ठगी या भ्रम से बचाने के लिए अलर्ट पोस्ट जारी करना बेहद जरूरी है।

    अपनी असली प्रोफ़ाइल, व्हाट्सएप स्टेटस या इंस्टाग्राम हैंडल पर तुरंत एक संदेश साझा करें। उसमें स्पष्ट लिखें, "कोई व्यक्ति मेरे नाम और फोटो का गलत इस्तेमाल करके फेक फेसबुक आईडी चला रहा है। अगर वह व्यक्ति आपसे पैसे मांगे, कोई संदिग्ध लिंक भेजे या गलत मैसेज करे, तो उस पर बिल्कुल भरोसा न करें और उस अकाउंट को तुरंत ब्लॉक व रिपोर्ट करें।"

    चुनाव आयोग ने भी सभी नागरिकों से अपील की है कि वे किसी भी प्रशासनिक अधिकारी के नाम से आने वाले संदिग्ध मैसेज या फ्रेंड रिक्वेस्ट से सतर्क रहें।

  • जंगल नकहा नंबर 2 में 3.09 करोड़ रुपये की लागत से हुआ है निर्माण, 300 लोगों की क्षमता का दो तल में बना है कल्याण मंडपम

    जंगल नकहा नंबर 2 में 3.09 करोड़ रुपये की लागत से हुआ है निर्माण, 300 लोगों की क्षमता का दो तल में बना है कल्याण मंडपम

    गोरखपुर
     मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ अपनी विधायक निधि से गोरखपुर विकास प्राधिकरण (जीडीए) द्वारा बनवाए गए कल्याण मंडपम का लोकार्पण 16 सितंबर (बुधवार) को अपराह्न में करेंगे। समाज के अल्प एवं मध्यम आय वर्ग के लोगों के मांगलिक-पारिवारिक आयोजनों के लिए मैरिज हाउस का रियायती विकल्प देने के लिए वार्ड नंबर 54 उर्वरक नगर के जंगल नकहा नंबर 2 में यह भव्य ‘कल्याण मंडपम’ बनकर तैयार है। इसके पहले मुख्यमंत्री ने 29 अगस्त को बशारतपुर में कल्याण मंडपम का उपहार दिया था।

    सीएम योगी के ईज ऑफ लिविंग (जीवन सुगमता) विजन के अनुरूप गोरखपुर में वार्ड स्तर पर सर्वसुविधायुक्त कल्याण मंडपम की श्रृंखला खड़ी हो रही है। समाज के हर वर्ग के जीवन में सुगमता लाने के लिए योगी सरकार ने बीते साढ़े नौ वर्षों में आधारभूत संरचना के सुदृढ़ीकरण से लेकर जनकल्याण तक कई पहल की है। कल्याण मंडपम की मुख्यमंत्री की परिकल्पना भी इसी कड़ी का हिस्सा है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गोरखपुर विकास प्राधिकरण (जीडीए) और नगर निगम को यह विजन दिया था कि वे निम्न और मध्यम आय वर्ग के लोगों को उनके मांगलिक आयोजनों के लिए कल्याण मंडपम बनाकर मैरिज हाउस का बेहतरीन विकल्प दें। मुख्यमंत्री के निर्देश के बाद कल्याण मंडपम का निर्माण शुरू हुआ। कल्याण मंडपम की पहल के साथ ही मुख्यमंत्री ने अपनी विधायक निधि से धनराशि की व्यवस्था भी कराई। गोरखपुर में अब तक सात कल्याण मंडपम का लोकार्पण मुख्यमंत्री के हाथों हो चुका है और आठवें का लोकार्पण बुधवार (16 सितंबर) को जंगल नकहा नंबर 2 में होने जा रहा है।

    जीडीए के उपाध्यक्ष अभिनव गोपाल ने बताया कि वार्ड नंबर 54, उर्वरक नगर के अंतर्गत जंगल नकहा नंबर 2 में कल्याण मंडपम का निर्माण 2461 वर्गमीटर भूमि पर 3.08 करोड़ रुपये की लागत से कराया गया है। आधुनिक शहरी सुविधाओं और आकर्षक वास्तुकला से सुसज्जित कल्याण मण्डप दो तल में बना है जहां 300 व्यक्तियों की क्षमता के विभिन्न मांगलिक, सामाजिक और उत्सवी आयोजन किए जा सकेंगे। कल्याण मंडपम में बड़े हाल के साथ किचन, स्टोर, ऑफिस, चेंज रूम और दोनों तलों पर महिलाओं एवं पुरुषों के लिए अलग-अलग टॉयलेट बनाए गए हैं।

    कल्याण मंडपम आने वाले वाहनों के लिए परिसर के अंदर ही इंटरलॉकिंग टाइल्स लगाकर अलग से पर्याप्त पार्किंग का प्रावधान किया गया है। परिसर में फव्वारे के साथ लॉन भी विकसित किया गया है। कल्याण मंडपम से विवाह, समाजिक आयोजन, सांस्कृतिक कार्यक्रम तथा सामूहिक उत्सवों के लिए आमजन को काफी सहूलियत मिलेगी। जीडीए के उपाध्यक्ष अभिनव गोपाल बताते हैं कि जीडीए के दो अन्य कल्याण मंडपम का निर्माण भी प्रगति पर है। इनमें से एक वार्ड नंबर 7 महादेव झारखंडी तथा दूसरा वार्ड नंबर 2 बाबा राघवदास नगर के सेमरा में बनाया जा रहा है। दोनों के निर्माण पर क्रमशः ढाई-ढाई करोड़ रुपये की लागत आएगी।

    अब तक लोकार्पित कल्याण मंडपम
    खोराबार, सूरजकुंड, मानबेला, राप्तीनगर विस्तार क्षेत्र के टोला पीरू शहीद, बिछिया जंगल तुलसीराम, जंगल बेनी माधव और बशारतपुर।

    आईएमए के चैरिटेबल ब्लड सेंटर का उद्घाटन करेंगे मुख्यमंत्री
    बुधवार को गोरखपुर दौरे पर आ रहे मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (आईएमए) गोरखपुर के चैरिटेबल ब्लड सेंटर का उद्घाटन करेंगे। यह ब्लड सेंटर आईएमए के तारामंडल क्षेत्र स्थित भवन में स्थापित किया गया है।

  • बारिश और जलजमाव के चलते ट्रांसपोर्टcost बढ़ने से आम लोगों की रसोई का बजट बिगड़ा

    बारिश और जलजमाव के चलते ट्रांसपोर्टcost बढ़ने से आम लोगों की रसोई का बजट बिगड़ा

     पटना
    लगातार हो रही बारिश और बाढ़ का असर अब सब्जियों की कीमतों पर साफ दिखने लगा है। मंडियों में आवक प्रभावित होने से हरी सब्जियों समेत आलू-प्याज और मसाला वर्ग की सब्जियों के भाव बढ़ने लगे हैं।

    कारोबारियों के अनुसार तीन माह पहले की तुलना में इस समय अधिकांश सब्जियां महंगी बिक रही हैं। इससे आम लोगों की रसोई का बजट बिगड़ने लगा है।

    वर्तमान में प्याज 280 रुपये प्रति पांच किलो तक पहुंच गया है। धनिया पत्ता 160, शिमला मिर्च 100, लाल आलू 90 का पांच किलो तथा ओल और अदरक 80 रुपये किलो बिक रहे हैं।

    वहीं, परवल और बैंगन 60, लाल साग व हरी मिर्च 60, बोरो 60, चठैल 50 और मूली 50 रुपये किलो है। कद्दू 50 रुपये पीस बिक रहा है। भिंडी, नेनुआ, टमाटर, बंदागोभी, खीरा और करैला 40 रुपये किलो के आसपास है।

    फूलगोभी भी 40 रुपये पीस बिक रही है। उजला आलू 70 रुपये के पांच किलो है। कारोबारियों का कहना है कि बारिश के कारण खेतों से सब्जियों की तुड़ाई और मंडियों तक पहुंच प्रभावित होने लगी है।

    रास्तों में जलजमाव के कारण परिवहन लागत भी बढ़ रही है। कारोबारियों के अनुसार यदि बारिश का दौर जारी रहा और खेतों से आवक सामान्य नहीं हुई तो आने वाले दिनों में सब्जियों के भाव में और उछाल आ सकता है। खासकर हरी सब्जियों के दाम मौसम पर काफी निर्भर हैं।

    अभी बाजार में प्रमुख सब्जियों के भाव
    सब्जी          वर्तमान भाव     पूर्व का भाव
    प्याज               56 रुपये     25 रुपये
    धनिया पत्ता       160 रुपये     120 रुपये
    शिमला मिर्च     100 रुपये     80 रुपये
    लाल आलू        18 रुपये     15 रुपये
    ओल                  80 रुपये     70 रुपये
    अदरक                80 रुपये     120 रुपये
    उजला आलू     14 रुपये     12 रुपये
    परवल            60 रुपये     40 रुपये
    बैंगन              60 रुपये     30 रुपये
    हरी मिर्च     60 रुपये     80 रुपये
    लाल साग     60 रुपये     40 रुपये
    बोरो            60 रुपये     30 रुपये
    मूली            50 रुपये     50 रुपये
    चठैल       50 रुपये     80 रुपये
    कद्दू           50 रुपये/पीस     30 रुपये/पीस
    नेनुआ      40 रुपये     30 रुपये
    भिंडी       40 रुपये     30 रुपये
    टमाटर     40 रुपये     30 रुपये
    बंदागोभी     40 रुपये     30 रुपये
    खीरा         40 रुपये     20 रुपये
    करैला     40 रुपये     30 रुपये
    फूलगोभी     40 रुपये/पीस     20 रुपये/पीस

  • बुनकरों के हुनर को मिलेगा सरकारी बाजार, अस्पतालों में गूंजेगी हथकरघे की पहचान

    बुनकरों के हुनर को मिलेगा सरकारी बाजार, अस्पतालों में गूंजेगी हथकरघे की पहचान

    लखनऊ
     प्रदेश की योगी सरकार हथकरघा क्षेत्र को मजबूत करने और बुनकरों को उनके उत्पादों के लिए स्थायी बाजार उपलब्ध कराने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल कर रही है। अब सरकारी अस्पतालों, मेडिकल कॉलेजों और अन्य चिकित्सा संस्थानों में इस्तेमाल होने वाले हथकरघा निर्मित उत्पादों की खरीद के जरिए प्रदेश के बुनकरों को बड़ा और सुनिश्चित बाजार उपलब्ध कराने की तैयारी है। इससे सरकारी संस्थानों की जरूरतें पूरी होने के साथ बुनकर परिवारों को नियमित रोजगार और आर्थिक मजबूती मिलने का रास्ता तैयार होगा।

    मंगलवार को खादी एवं ग्रामोद्योग बोर्ड, तिलक मार्ग, डालीबाग स्थित सभाकक्ष में खादी एवं ग्रामोद्योग, रेशम, हथकरघा एवं वस्त्रोद्योग मंत्री राकेश सचान की अध्यक्षता में स्वास्थ्य विभाग में प्रयुक्त होने वाले हथकरघा उत्पादों की खरीद एवं आपूर्ति व्यवस्था को लेकर समीक्षा बैठक हुई। बैठक में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देशों के अनुपालन में सरकारी चिकित्सा संस्थानों में हथकरघा निर्मित बेडशीट और गॉज बैंडेज की खरीद एवं आपूर्ति सुनिश्चित करने की कार्ययोजना पर विस्तार से विचार-विमर्श किया गया।

    सरकारी खरीद से बुनकरों को मिलेगा बड़ा बाजार
    मंत्री राकेश सचान ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि आपूर्ति व्यवस्था को शीघ्र अंतिम रूप दिया जाए। सरकार का उद्देश्य सरकारी खरीद को केवल सामान की खरीद तक सीमित रखना नहीं, बल्कि इसके माध्यम से बुनकर परिवारों को निरंतर रोजगार, स्थायी बाजार और आर्थिक मजबूती देना है। सरकारी संस्थानों में स्थानीय बुनकरों द्वारा निर्मित उत्पादों की खरीद बढ़ने से बुनकरी क्षेत्र को नई गति मिलने की उम्मीद है।

    प्रस्तावित व्यवस्था के तहत उत्तर प्रदेश राज्य हथकरघा निगम लिमिटेड के माध्यम से सरकारी अस्पतालों, मेडिकल कॉलेजों और अन्य चिकित्सा संस्थानों में आवश्यकतानुसार बेडशीट, तकिया कवर और गॉज बैंडेज क्लॉथ की आपूर्ति सुनिश्चित की जाएगी। इसके लिए प्रदेश के बुनकरों और बुनकर सहकारी समितियों से गुणवत्तापूर्ण उत्पादन कराया जाएगा।

    गुणवत्ता और समयबद्ध आपूर्ति पर जोर
    मंत्री ने निर्देश दिए कि चिकित्सा संस्थानों को उपलब्ध कराए जाने वाले उत्पाद निर्धारित मानकों के अनुरूप उच्च गुणवत्ता वाले होने चाहिए। इसके साथ ही प्राथमिकता के आधार पर अंतिम रूप देने और आवश्यक दिशा-निर्देश शीघ्र जारी करने के निर्देश दिए। बैठक में प्रमुख सचिव हथकरघा एवं वस्त्रोद्योग अनिल सागर, विशेष सचिव शेषमणि पांडेय, संयुक्त आयुक्त पीसी ठाकुर सहित चिकित्सा, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।