Category: राज्य

  • किसानों के लिए बड़ी राहत, 6 लाख तक का लंबी अवधि का ऋण सिर्फ 6% ब्याज पर

    किसानों के लिए बड़ी राहत, 6 लाख तक का लंबी अवधि का ऋण सिर्फ 6% ब्याज पर

    किसानों को छह प्रतिशत ब्याज पर लंबी अवधि के लिए छह लाख तक का ऋण 

    राज्य सरकार द्वारा कृषकों को वितरित ऋणों पर 5 प्रतिशत ब्याज अनुदान प्रदान किया जाएगा

    ऋण की किस्तों का भुगतान नियत तिथि पर करने वाले किसानों को ही मिलेगा ब्याज अनुदान

    लखनऊ, 
     मुख्यमंत्री कृषक समृद्धि योजना के तहत लघु एवं सीमांत किसानों को रियायती ब्याज दर पर दीर्घकालिक ऋण उपलब्ध कराने का निर्णय लिया गया। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में मंगलवार को हुई कैबिनेट बैठक में यह फैसला लिया गया।

    वित्त एवं संसदीय कार्य मंत्री सुरेश कुमार खन्ना ने बताया कि उत्तर प्रदेश सहकारी ग्राम विकास बैंक लिमिटेड के माध्यम से किसानों को छह लाख रुपये तक का ऋण छह प्रतिशत वार्षिक ब्याज दर पर लंबी अवधि के लिए दिया जाएगा। इससे किसानों को कृषि एवं ग्रामीण जरूरतों के लिए कम ब्याज पर वित्तीय सहायता मिल सकेगी।

    दीर्घकालीन ऋण उपलब्ध कराये जाने हेतु राज्य सरकार द्वारा कृषकों को वितरित ऋणों पर 5 प्रतिशत ब्याज अनुदान प्रदान किया जाएगा। इसका आकलन प्रतिवर्ष कृषकों को विगत वर्ष (योजना आरम्भ होने के पश्चात) में दिये गये ऋणों के अवशेष मूलधन व आगामी वर्षों में वितरित ऋणों के आधार पर किया जाएगा। प्रस्तावित योजना में देय 5 प्रतिशत ब्याज अनुदान उन्हीं ऋणी कृषकों को अनुमन्य होगा, जो नियत देय किस्तों का भुगतान नियत तिथि को करेंगे।

  • यूपी में 15 हजार से ज्यादा शिक्षक पदों पर भर्ती, जानें पूरी डिटेल

    यूपी में 15 हजार से ज्यादा शिक्षक पदों पर भर्ती, जानें पूरी डिटेल

    योगी सरकार में शिक्षक बनने का सुनहरा मौका, यूपी में 15,012 पदों पर भर्ती शुरू

    माध्यमिक और बेसिक शिक्षा विभाग में सहायक अध्यापक से लेकर पीजीटी तक के पदों पर विज्ञापन जारी

    897 सहायक अध्यापक सम्बद्ध प्राइमरी, 11,508 सहायक अध्यापक शहरी और 2,607 प्रवक्ता पदों पर होगी भर्ती

    लखनऊ
    मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व वाली प्रदेश सरकार युवाओं को रोजगार के नए अवसर उपलब्ध कराने और शिक्षा व्यवस्था को सुदृढ़ बनाने की दिशा में लगातार कदम उठा रही है। इसी क्रम में उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग ने माध्यमिक एवं बेसिक शिक्षा विभाग में शिक्षक भर्ती का बड़ा अवसर उपलब्ध कराया है। आयोग ने सहायक अध्यापक और प्रवक्ता संवर्ग (पीजीटी) के कुल 15,012 पदों पर भर्ती प्रक्रिया शुरू करने के लिए दो महत्वपूर्ण विज्ञापन जारी किए हैं। इससे प्रदेश के हजारों शिक्षित युवाओं को शिक्षक बनने का अवसर मिलेगा।

    उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग के अध्यक्ष डॉ. प्रशांत कुमार ने बताया कि आयोग द्वारा माध्यमिक शिक्षा विभाग के अंतर्गत अशासकीय सहायता प्राप्त माध्यमिक विद्यालयों में सहायक अध्यापक सम्बद्ध प्राइमरी के 897 रिक्त पदों तथा बेसिक शिक्षा विभाग के अंतर्गत सहायक अध्यापक, शहरी के 11,508 रिक्त पदों का विज्ञापन जारी किया गया है। इसके अतिरिक्त माध्यमिक शिक्षा विभाग के अशासकीय सहायता प्राप्त माध्यमिक विद्यालयों के प्रवक्ता संवर्ग (पीजीटी) के 2,607 रिक्त पदों के लिए भी विज्ञापन प्रकाशित किया गया है।

    15,012 पदों के लिए दो विज्ञापन, आवेदन प्रक्रिया अलग-अलग

    आयोग द्वारा जारी विज्ञापन के अंतर्गत सहायक अध्यापक सम्बद्ध प्राइमरी और सहायक अध्यापक, शहरी के पदों पर भर्ती की जाएगी। इन दोनों श्रेणियों में कुल 12,405 पद शामिल हैं। वहीं विज्ञापन संख्या-06/2026 के तहत प्रवक्ता संवर्ग (पीजीटी) के 2,607 पदों पर भर्ती होगी। इस प्रकार दोनों विज्ञापनों के माध्यम से कुल 15,012 रिक्त पदों को भरा जाएगा।

    12,405 सहायक अध्यापक पदों के लिए 16 सितंबर से आवेदन

    सहायक अध्यापक सम्बद्ध प्राइमरी एवं सहायक अध्यापक, शहरी के पदों के लिए विज्ञापन के तहत 15 सितंबर, 2026 को विज्ञापन जारी किया गया है। ऑनलाइन पंजीकरण एवं आवेदन की प्रक्रिया 16 सितंबर, 2026 से शुरू होगी। अभ्यर्थियों के लिए आवेदन शुल्क जमा करने की अंतिम तिथि 15 अक्टूबर, 2026 निर्धारित की गई है। ऑनलाइन आवेदन में संशोधन की अंतिम तिथि 19 अक्टूबर, 2026 होगी। इन पदों के लिए लिखित परीक्षा का आयोजन 3 एवं 4 दिसंबर, 2026 को प्रस्तावित है। भर्ती प्रक्रिया के माध्यम से माध्यमिक शिक्षा विभाग के अंतर्गत 897 सहायक अध्यापक सम्बद्ध प्राइमरी तथा बेसिक शिक्षा विभाग के अंतर्गत 11,508 सहायक अध्यापक शहरी के पदों पर चयन किया जाएगा।

    पीजीटी के 2,607 पदों के लिए 18 सितंबर से आवेदन

    अशासकीय सहायता प्राप्त माध्यमिक विद्यालयों में प्रवक्ता संवर्ग (पीजीटी) के 2,607 रिक्त पदों के लिए आयोग ने विज्ञापन जारी किया है। इस भर्ती के लिए ऑनलाइन पंजीकरण एवं आवेदन प्रक्रिया 18 सितंबर, 2026 से प्रारम्भ होगी। पीजीटी भर्ती के लिए ऑनलाइन आवेदन शुल्क जमा करने की अंतिम तिथि 17 अक्टूबर, 2026 निर्धारित की गई है। ऑनलाइन आवेदन में संशोधन की अंतिम तिथि 21 अक्टूबर, 2026 होगी। प्रवक्ता संवर्ग के पदों के लिए परीक्षा 15 एवं 16 दिसंबर, 2026 को आयोजित की जाएगी।

    वन टाइम रजिस्ट्रेशन की व्यवस्था लागू

    अभ्यर्थियों की सुविधा के लिए आयोग ने वन टाइम रजिस्ट्रेशन (ओटीआर) व्यवस्था लागू की है। संबंधित पदों के लिए आवेदन करने से पहले अभ्यर्थियों को ओटीआर प्रक्रिया पूर्ण करनी होगी। इसके बाद ही वे विज्ञापित पदों के लिए ऑनलाइन आवेदन कर सकेंगे। आयोग की ओर से अभ्यर्थियों को सलाह दी गई है कि वे आवेदन की अंतिम तिथि का इंतजार किए बिना समय से पंजीकरण और आवेदन की प्रक्रिया पूरी करें।

    विस्तृत विज्ञापन पढ़कर ही करें आवेदन

    आयोग अध्यक्ष डॉ. प्रशांत कुमार ने अभ्यर्थियों से अपील की कि आवेदन करने से पूर्व आयोग की वेबसाइट पर उपलब्ध विस्तृत विज्ञापन एवं निर्देश पुस्तिका का सावधानीपूर्वक अध्ययन कर अपनी पात्रता सुनिश्चित करें। उन्होंने स्पष्ट किया कि आयोग द्वारा विज्ञापित पदों की अर्हता एवं पात्रता के संबंध में अलग से कोई परामर्श नहीं दिया जाएगा। अभ्यर्थी भर्ती से संबंधित विस्तृत विज्ञापन, आवेदन प्रक्रिया, पात्रता, परीक्षा कार्यक्रम एवं अन्य आवश्यक निर्देशों के लिए आयोग की आधिकारिक वेबसाइट upessc.up.gov.in का अवलोकन कर सकते हैं।

  • पंजाब को बड़ी एयर कनेक्टिविटी सौगात, अमृतसर-आबूधाबी के बीच 25 अक्टूबर से सीधी उड़ान

    पंजाब को बड़ी एयर कनेक्टिविटी सौगात, अमृतसर-आबूधाबी के बीच 25 अक्टूबर से सीधी उड़ान

    अमृतसर

    अमृतसर के श्री गुरु रामदास अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे से अब आबूधाबी का सफर सीधी उड़ान से महज 4 घंटे 40 मिनट में पूरा होगा। एयर इंडिया एक्सप्रेस 25 अक्टूबर से अमृतसर-आबूधाबी सीधी उड़ान शुरू करने जा रही है। 
    सप्ताह में तीन दिन बृहस्पतिवार, शनिवार और रविवार को अमृतसर से उड़ान रात 8:40 बजे रवाना होकर 11:50 बजे आबूधाबी पहुंचेगी। वापसी में शुक्रवार, रविवार और सोमवार को उड़ान आबूधाबी से रात 12:55 बजे उड़ान भरकर सुबह 6:15 बजे अमृतसर पहुंचेगी।  

    अमृतसर से आबूधाबी का सफर 4 घंटे 40 मिनट और वापसी का सफर 3 घंटे 50 मिनट का रहेगा। एयर इंडिया एक्सप्रेस की वेबसाइट पर बुकिंग शुरू हो गई है।

    फ्लाई अमृतसर इनिशिएटिव के ग्लोबल कन्वीनर समीप सिंह गुमटाला और भारत कन्वीनर योगेश कामरा ने बताया कि आबूधाबी के लिए सीधी उड़ान की काफी समय से मांग थी। कोरोना काल से पहले भी यह सेवा संचालित होती थी, जिसे अब दोबारा शुरू किया जा रहा है। इससे कारोबारियों, पर्यटकों और यूएई में काम करने वाले पंजाबियों को फायदा होगा। पहले यात्रियों को दिल्ली से उड़ान लेनी पड़ती थी या दुबई-शारजाह पहुंचकर सड़क मार्ग से आबूधाबी जाना पड़ता था। नई उड़ान से समय की बचत होगी। अमृतसर एयरपोर्ट से दुबई, शारजाह और आबूधाबी के लिए सप्ताह में एक तरफ 31 उड़ानें हो जाएंगी। 

    यह उड़ान सप्ताह में तीन दिन गुरुवार, शनिवार और रविवार चलेगी। अमृतसर से फ्लाइट रात 8:40 बजे रवाना होकर उसी दिन रात 11:50 बजे अबू धाबी पहुंचेगी। वापसी की उड़ान अबू धाबी से शुक्रवार, रविवार और सोमवार को रात 12:55 बजे रवाना होगी और सुबह 6:15 बजे अमृतसर पहुंचेगी। अमृतसर से अबू धाबी तक उड़ान का समय करीब 4 घंटे 40 मिनट, जबकि वापसी में लगभग 3 घंटे 50 मिनट रहेगा।

    फ्लाई अमृतसर इनिशिएटिव के ग्लोबल कन्वीनर समीप सिंह गुमटाला ने कहा कि नई सीधी सेवा से उन यात्रियों को विशेष लाभ होगा, जिन्हें अभी अबू धाबी पहुंचने के लिए दिल्ली से उड़ान लेनी पड़ती है या अमृतसर से दुबई अथवा शारजाह जाकर आगे सड़क मार्ग से यात्रा करनी पड़ती है। सीधी उड़ान से समय और यात्रा खर्च दोनों कम हो सकते हैं।

    फ्लाई अमृतसर इनिशिएटिव के कन्वीनर योगेश कामरा ने कहा कि अबू धाबी सेवा शुरू होने से अमृतसर की अंतरराष्ट्रीय कनेक्टिविटी और मजबूत होगी। उन्होंने दावा किया कि नई उड़ान जुड़ने के बाद दुबई, शारजाह और अबू धाबी के लिए अमृतसर से साप्ताहिक उड़ानों की संख्या करीब 31 तक पहुंच सकती है, हालांकि यह एयरलाइंस के शेड्यूल में बदलाव पर निर्भर करेगी। उन्होंने एयरलाइंस से मस्कट और कुवैत जैसे खाड़ी देशों के अन्य प्रमुख शहरों के लिए भी अमृतसर से सीधी उड़ानें शुरू करने की मांग की।

  • अजमेर-रांची साप्ताहिक स्पेशल ट्रेन का ऐलान, 2 अक्टूबर से शुरू होगा संचालन

    अजमेर-रांची साप्ताहिक स्पेशल ट्रेन का ऐलान, 2 अक्टूबर से शुरू होगा संचालन

    लखनऊ 
    त्योहारी सीजन शुरू होने के साथ ट्रेनों में यात्रियों की भीड़ बढ़ने लगी है. इसे देखते हुए रेलवे अलग-अलग रूट पर स्पेशल ट्रेनों का संचालन कर रहा है. इसी कड़ी में अजमेर-रांची-अजमेर के बीच साप्ताहिक स्पेशल ट्रेन चलाने का फैसला लिया गया है. ये ट्रेन यूपी से होकर गुजरेगी तो यूपी के लोगों को भी सीधा फायदा पहुंचाएगी. 

    उत्तर पश्चिम रेलवे की ओर से चलाई जाने वाली ट्रेन नंबर 09619/09620 अजमेर-रांची-अजमेर साप्ताहिक स्पेशल के संचालन से राजस्थान, मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश और झारखंड के बीच सफर करने वाले यात्रियों को राहत मिलेगी.  ट्रेन पश्चिम मध्य रेलवे के 10 स्टेशनों पर ठहरेगी.

    त्योहारों के समय टिकट मिलना यात्रियों के लिए बड़ी परेशानी बन जाता है. ऐसे में इस स्पेशल ट्रेन के संचालन से यात्रियों को अतिरिक्त विकल्प मिलेगा. अब जानते हैं कि ट्रेन कब से चलेगी, कितने फेरे लगाएगी और रास्ते में कहां-कहां रुकेगी.

    अजमेर से रांची जाने वाली ट्रेन कब चलेगी?

    ट्रेन नंबर 09619 अजमेर-रांची साप्ताहिक स्पेशल 2 अक्टूबर 2026 से 27 नवंबर 2026 तक चलेगी. ट्रेन हर शुक्रवार रात 11:05 बजे अजमेर स्टेशन से रवाना होगी. रास्ते में पश्चिम मध्य रेलवे के कई प्रमुख स्टेशनों पर रुकने के बाद ट्रेन तीसरे दिन रविवार सुबह 7:30 बजे रांची स्टेशन पहुंचेगी. इस दिशा में ट्रेन के कुल 9 फेरे होंगे.
    इन 10 स्टेशनों पर रुकेगी ट्रेन

    अजमेर से रांची जाते समय ट्रेन पश्चिम मध्य रेलवे के इन 10 स्टेशनों पर ठहरेगी:

        सवाई माधोपुर: 03:40 से 04:00 बजे
        सोगरिया: 05:25 से 05:35 बजे
        बारां: 06:18 से 06:20 बजे
        छाबड़ा गुगोर: 07:08 से 07:10 बजे
        रूठियाई जंक्शन: 08:40 से 08:42 बजे
        गुना: 09:10 से 09:20 बजे
        सागर: 12:50 से 12:55 बजे
        दमोह: 13:52 से 13:54 बजे
        कटनी मुड़वारा: 15:40 से 15:50 बजे
        ब्योहारी: 17:35 से 17:40 बजे

    रांची से अजमेर वापसी कब होगी?

    वापसी में ट्रेन नंबर 09620 रांची-अजमेर साप्ताहिक स्पेशल 4 अक्टूबर 2026 से 29 नवंबर 2026 तक चलेगी. ट्रेन हर रविवार सुबह 10:50 बजे रांची से रवाना होगी. रांची से चलने के बाद ट्रेन ब्योहारी, कटनी मुड़वारा, दमोह, सागर, गुना, रूठियाई जंक्शन, छाबड़ा गुगोर, बारां, सोगरिया और सवाई माधोपुर समेत पश्चिम मध्य रेलवे के 10 स्टेशनों पर रुकेगी. इसके बाद ट्रेन तीसरे दिन सोमवार शाम 6:35 बजे अजमेर स्टेशन पहुंचेगी. वापसी दिशा में भी ट्रेन के 9 फेरे होंगे.
    रास्ते में इन स्टेशनों पर भी होगा ठहराव

    अजमेर और रांची के बीच इस स्पेशल ट्रेन का ठहराव सिर्फ पश्चिम मध्य रेलवे के 10 स्टेशनों तक सीमित नहीं है. ट्रेन के पूरे रूट पर किशनगढ़, जयपुर जंक्शन, दुर्गापुरा, सवाई माधोपुर, सोगरिया, बारां, छाबड़ा गुगोर, रूठियाई जंक्शन, गुना, सागर, दमोह, कटनी मुड़वारा, ब्योहारी, सिंगरौली, ओबरा डैम, चोपन, रेनुकूट, गढ़वा रोड जंक्शन, डाल्टनगंज, बरवाडीह जंक्शन, लातेहार, टोरी, लोहरदगा और पिस्का स्टेशन शामिल हैं.
    त्योहारों में यात्रियों को मिलेगी राहत

    त्योहारी सीजन में ट्रेनों में बढ़ती भीड़ को देखते हुए रेलवे की स्पेशल ट्रेन यात्रियों के लिए राहत वाली खबर है. खासकर उन यात्रियों को इसका फायदा मिल सकता है जिन्हें नियमित ट्रेनों में कन्फर्म टिकट मिलने में परेशानी हो रही है.

    पश्चिम मध्य रेलवे ने यात्रियों से अपील की है कि त्योहारों के दौरान बढ़ती यात्री मांग को देखते हुए इस पूज स्पेशल ट्रेन का लाभ उठाएं और अपनी यात्रा को सुविधाजनक और सुरक्षित बनाएं.  
     

     

  • यूपी की दीदियों के उत्पादों की बढ़ेगी वैश्विक पहुंच, गांव से दुनिया के बाजार तक पहुंचेंगे 3 हजार से ज्यादा प्रोडक्ट

    यूपी की दीदियों के उत्पादों की बढ़ेगी वैश्विक पहुंच, गांव से दुनिया के बाजार तक पहुंचेंगे 3 हजार से ज्यादा प्रोडक्ट

    अब ग्लोबल मार्केट में दिग्गज कंपनियों को टक्कर देंगी यूपी की दीदियां

    अब गांव से दुनिया के बाजार तक पहुंचेंगे तीन हजार से अधिक उत्पाद

    ओएनडीसी, ई-सरस, प्रेरणा मार्ट, मीशो, अमेजन और फ्लिपकार्ट के जरिए मंगा सकेंगे स्वयं सहायता समूहों के उत्पाद

    योगी सरकार में दीदियों को अब मिलेगी ब्रांडिंग, बिक्री और डिजिटल बाजार की ताकत

    543 प्रेरणा सरस स्टोर और स्थानीय उत्पादों के लिए ऑनलाइन-ऑफलाइन मार्केटिंग प्लेटफॉर्म तैयार

    लखनऊ
     प्रदेश की महिलाएं अब ग्लोबल मार्केट में दिग्गज कंपनियों को टक्कर देंगी। सीएम योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर प्रदेश में स्वयं सहायता समूहों के उत्पादों को बड़े बाजार से जोड़ने के लिए 543 प्रेरणा सरस स्टोर स्थापित किए गए हैं। वहीं 3,000 से अधिक उत्पादों के लिए ऑनलाइन और ऑफलाइन मार्केटिंग प्लेटफॉर्म विकसित किए गए हैं। इससे ग्रामीण उत्पादों को ब्रांडिंग, बिक्री और डिजिटल बाजार की ताकत देने का रास्ता खुला है।
    अब स्वयं सहायता समूहों के उत्पाद ओएनडीसी, ई-सरस, प्रेरणा मार्ट, मीशो, अमेजन और फ्लिपकार्ट जैसे प्लेटफॉर्म के जरिए बड़े बाजार तक पहुंच सकेंगे। जनपद और ब्लॉक स्तर पर स्थापित प्रेरणा सरस स्टोर जहां स्थानीय उत्पादों को व्यवस्थित बिक्री मंच दे रहे हैं, वहीं डिजिटल प्लेटफॉर्म उनकी पहुंच गांव और जिले से बाहर राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय बाजार तक बढ़ाने का माध्यम बन रहे हैं।

    छोटे उद्यमों का विस्तार करने का अवसर मिलेगा : अरुण कुमार

    स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं के लिए उत्पादन के बाद बाजार तक पहुंच उनकी उद्यमिता की सबसे बड़ी जरूरतों में से एक है। योगी सरकार ने इस कड़ी को मजबूत करने के लिए स्थानीय उत्पादों की ब्रांडिंग, पैकेजिंग, मार्केटिंग और बिक्री का नेटवर्क तैयार किया है। इससे समूहों को केवल उत्पाद तैयार करने के बजाय बाजार की मांग समझकर अपने छोटे उद्यमों का विस्तार करने का अवसर मिलेगा। ग्रामीण आजीविका मिशन के मिशन निदेशक अरुण कुमार के अनुसार, स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं को केवल बचत और ऋण तक सीमित रखने के बजाय उन्हें उद्यमिता के अवसर उपलब्ध कराने पर जोर है। उत्पादन के साथ पैकेजिंग, ब्रांडिंग और बाजार से जुड़ाव बढ़ने से ग्रामीण महिलाओं के छोटे उद्यमों को विस्तार का अवसर मिल रहा है।

    स्थानीय उत्पादों को दूर बैठे ग्राहकों तक पहुंचने का अवसर मिलेगा

    डिजिटल बाजार की दिशा में बिजनौर राज्य एग्रीगेशन सेंटर के माध्यम से ऑनलाइन विपणन कार्य शुरू किया जा चुका है। अलग-अलग समूहों के उत्पादों को एक मंच पर लाकर उनकी बिक्री और बाजार तक पहुंच को व्यवस्थित करने की दिशा में इसे महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। इससे स्थानीय उत्पादों को दूर बैठे ग्राहकों तक पहुंचने का अवसर मिलेगा। खासकर किसी जिले या क्षेत्र विशेष की पहचान वाले उत्पादों को व्यापक बाजार उपलब्ध कराने में यह व्यवस्था मददगार होगी।

    बाजार से जुड़ाव से बनेगी ब्रांड वैल्यू

    स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं के लिए बाजार तक पहुंच सिर्फ बिक्री बढ़ाने का माध्यम नहीं, बल्कि उत्पाद की पहचान और ब्रांड वैल्यू बनाने का अवसर भी है। प्रेरणा सरस स्टोर और ऑनलाइन-ऑफलाइन प्लेटफॉर्म के जरिए उत्पादन से आगे बढ़कर ब्रांडिंग और मार्केटिंग पर जोर दिया जा रहा है। मिशन निदेशक अरुण कुमार के मुताबिक, बाजार से जुड़ाव महिलाओं को अपने उत्पादों की मांग समझने और उसी के अनुरूप उत्पादन व विपणन की दिशा तय करने का अवसर देता है। इससे समूहों की गतिविधियां केवल आजीविका तक सीमित न रहकर छोटे उद्यमों का रूप ले सकती हैं।

    लोकल हुनर की ग्लोबल उड़ान

    3,000 से अधिक उत्पादों के लिए 543 प्रेरणा सरस स्टोर, मार्केटिंग प्लेटफॉर्म और ऑनलाइन विपणन ग्रामीण महिला उद्यमिता के बदलते स्वरूप की तस्वीर पेश करते हैं। गांव में तैयार उत्पाद अब गांव में ही बिकने तक सीमित नहीं रहेंगे, बल्कि स्टोर से डिजिटल प्लेटफॉर्म और स्थानीय बाजार से राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय बाजार तक पहुंचेंगे। यह व्यवस्था उत्तर प्रदेश की ग्रामीण ‘दीदियों’ के स्थानीय हुनर को बाजार, पहचान और ब्रांड वैल्यू देने के साथ उन्हें लोकल से ग्लोबल कारोबार की दिशा में आगे बढ़ाने का नया रास्ता तैयार कर रही है।

  • निकाय चुनाव में चौंकाने वाले नतीजे, किन्नर प्रत्याशी जीते और युवा चेहरों ने मचाई धूम

    निकाय चुनाव में चौंकाने वाले नतीजे, किन्नर प्रत्याशी जीते और युवा चेहरों ने मचाई धूम

    जयपुर
     राजस्थान के स्थानीय निकाय चुनावों में रिश्तों के अनोखे समीकरण, नजदीकी मुकाबले और अनूठे नतीजे देखने को मिले। सुमेरपुर में कांग्रेस के देवर-भाभी (हितेश और भगवती देवी) ने जीत दर्ज की, तो नैनवां में देवर-भाभी की जोड़ी हार गई।

    जैसलमेर के वार्ड 34 में भतीजे शुभम शर्मा ने अपने सगे चाचा को 72 वोटों से हराया। चूरू और सुमेरपुर में पति-पत्नी की जोड़ियों ने जीत हासिल की, जबकि सीकर में पति हारा तो पत्नी विजयी रहीं।

    वहीं, जोधपुर (मथानिया), बांसवाड़ा (कुशलगढ़) और कोटा (सांगोद) में बराबरी का मुकाबला रहने पर पर्ची/लॉटरी से विजेताओं का फैसला हुआ। इटावा, रामगंजमंडी और फतहनगर में महज 1 वोट के अंतर से हार-जीत तय हुई। डूंगरपुर और बालोतरा में प्रत्याशी को शून्य वोट भी मिले, जबकि लूणकरनसर से पूजा बाई और लालसोट से मीनू किन्नर ने पार्षदी का चुनाव जीता। अजमेर से 21 वर्षीय बीटेक छात्रा काश्यपी सांखला की बड़ी जीत आकर्षण का केंद्र रही।

    पाली: देवर-भाभी की जीत और हार
    सुमेरपुर नगर पालिका के वार्ड 9 और 10 में कांग्रेस के देवर-भाभी ने जीत दर्ज की। वार्ड 9 से हितेश कुमार 61 वोटों से और वार्ड 10 से भगवती देवी सुमेर मीणा महज 6 वोटों से विजयी हुईं। वहीं, बूंदी जिले के नैनवां में कांग्रेस के टिकट पर चुनाव लड़ रहे देवर मुकेश मारवाड़ा और भाभी मोनिका मारवाड़ा दोनों हार गए। दोनों को निर्दलीय प्रत्याशियों ने मात दी।

    चूरू में पति-पत्नी जीते
    कांग्रेस की पूर्व उप सभापति नसीम निशा वार्ड 37 और उनके पति व पूर्व पार्षद रमजान खान वार्ड 36 से विजयी हुए। वहीं, पाली जिले के सुमेरपुर में तखतगढ़ नगर पालिका चुनाव में वार्ड 16 से कांग्रेस की सरोज मेवाड़ा 81 वोटों से और उनके पति वार्ड 19 से कांग्रेस के अनराज मेवाड़ा 63 वोटों से विजयी हुए।

    जैसलमेर में भतीजे ने चाचा को हराया
    वार्ड 34 में भाजपा के महेश शर्मा और कांग्रेस के शुभम शर्मा आमने-सामने थे। दोनों सगे चाचा-भतीजे हैं। मुकाबले में शुभम ने महेश को 72 मतों से हरा दिया।

    जोधपुर: बराबर मिले वोट…पर्ची से हुआ किस्मत का फैसला
    जोधपुर जिले के मथानिया नगरपालिका के वार्ड 7 में कांग्रेस की रिया भाटी और भाजपा की बेबी देवी को 221-221 वोट मिले। दोनों के नाम की पर्चियां निकाली गईं। रिया भाटी के नाम की पर्ची निकलने पर उन्हें विजेता घोषित किया गया। वहीं, बांसवाड़ा जिले में कुशलगढ़ के वार्ड 14 में कांग्रेस के रजनीकांत खाब्या और भाजपा के कलीमुद्दीन को 157-157 वोट मिले। एक वोट नोटा को पड़ा। लॉटरी में खाब्या विजेता रहे। कोटा जिले में सांगोद के वार्ड 5 में भाजपा के विकास मेहता और निर्दलीय सत्यनारायण गहलोत को 241-241 वोट मिले। पर्ची से निर्दलीय गहलोत विजयी।

    कोटा में 1 वोट से हार-जीत
    कोटा में इटावा के वार्ड 1 में भाजपा के रामस्वरूप को 65 और निर्दलीय विनोद कुमार को 66 वोट मिले। रामस्वरूप एक वोट से हार गए। रामगंजमंडी के वार्ड 33 में कांग्रेस के शुभम सनन को 138 और भाजपा के नरेंद्र राजा को 137 वोट मिले। एक वोट से राजा हारे।

    उदयपुर के फतहनगर-सनवाड़ नगर पालिका के वार्ड 1 में भाजपा के प्रकाशपुरी गोस्वामी ने कांग्रेस के नरेश को एक वोट से हराया। प्रकाशपुरी को 212 और नरेश को 211 वोट मिले, जबकि नोटा को 7 वोट पड़े।

    सीकर में पति हारा, पत्नी जीती
    सीकर के वार्ड 46 में कांग्रेस के सुरेश सैनी भाजपा की मोनिका सैनी से 105 मतों से हार गए। वहीं, वार्ड 47 से उनकी पत्नी कोमल सैनी ने भाजपा की रेखा सैनी को 505 मतों से हरा दिया।

    यहां प्रत्याशियों को 1-1 वोट ही मिला
    डीडवाना-कुचामन में परबतसर के वार्ड 13 से भाजपा प्रत्याशी कैलाश चन्द्र को महज एक वोट मिला। प्रत्याशी का परिवार वार्ड में नहीं रहता और उनका खुद का वोट भी यहां नहीं है। भाजपा प्रत्याशी और नोटा, दोनों को एक-एक वोट मिला। श्रीडूंगरगढ़ के वार्ड 29 में कांग्रेस प्रत्याशी कुसुम को सिर्फ एक वोट मिला। निर्दलीय बबिता स्वामी ने 202 वोट हासिल कर भाजपा की अंजू देवी को नौ मतों से हराया।

    पोकरण में सास हारी, बहू ने बाजी मारी
    पोकरण के वार्ड 7 में कांग्रेस की कल्पना ने भाजपा की मीनाक्षी को 49 वोटों से हराया। वहीं, वार्ड 8 में कल्पना की सास पुष्पा को भाजपा की विमला ने 79 वोटों से शिकस्त दी

    डूंगरपुर में 1 वोट भी नहीं मिला उम्मीदवारों को
    डूंगरपुर नगर परिषद के वार्ड 3 से बीएपी प्रत्याशी आशा रोत को एक भी वोट नहीं मिला। इस वार्ड से कांग्रेस के जस्सु डोडा ने 430 मत प्राप्त कर जीत दर्ज की। वहीं, बालोतरा जिले में सिणधरी के वार्ड संख्या 3 का में आरएलपी के उम्मीदवार ओमप्रकाश को एक भी वोट नहीं मिला। ओमप्रकाश इस वार्ड के मतदाता नहीं हैं, इसलिए खुद का वोट भी नहीं मिला। वहीं नोटा का एक वोट रहा।

    बीकानेर: दो वोट से किन्नर पूजा बाई जीती
    लूणकरनसर के वार्ड 22 में कांग्रेस की पूजा बाई किन्नर ने भाजपा के बृजलाल पुरी को महज दो वोट से हराया। दिलचस्प यह कि नगरपालिका क्षेत्र में सिर्फ दो ट्रांसजेंडर मतदाता बताए गए हैं और दोनों वार्ड 26 में हैं।

    दौसा में मीनू किन्नर बनी पार्षद
    लालसोट में वार्ड 34 से भाजपा की मीनू किन्नर ने जीत दर्ज की। 'बुआजी' के नाम से मशहूर मीनू ने पहले निर्दलीय नामांकन किया था, बाद में भाजपा ने टिकट दिया। चुनाव प्रचार के दौरान पूर्व मंत्री के बयान से भी मुकाबला चर्चित रहा।

    अलवर: जेन-जी चेहरे भी चमके
    थानागाजी के वार्ड 6 में भाजपा की 21 वर्षीय नेहा शर्मा ने 101 वोट से जीत दर्ज की। नेहा को 262 वोट मिले। अजमेर के वार्ड 80 में भाजपा की 21 वर्षीय काश्यपी सांखला ने 3323 वोट लेकर 1275 वोट से जीत हासिल की। बीटेक की छात्रा काश्यपी का यह पहला चुनाव था।

  • प्री-सर्विस मेडिकल एजुकेशन में बाल अधिकारों के दृष्टिकोण को शामिल करने और स्वास्थ्य प्रणालियों को सुदृढ़

    प्री-सर्विस मेडिकल एजुकेशन में बाल अधिकारों के दृष्टिकोण को शामिल करने और स्वास्थ्य प्रणालियों को सुदृढ़

    जयपुर
     राज्य सरकार प्रदेश में मातृ, नवजात, शिशु एवं किशोर स्वास्थ्य सेवाओं को और अधिक प्रभावी, गुणवत्तापूर्ण एवं समान रूप से सुलभ बनाने के लिए निरंतर प्रयासरत है। इसी दिशा में मंगलवार को यूनिसेफ़  इंडिया के उप प्रतिनिधि जेस्पर मोलर ने मंगलवार को शासन सचिवालय में चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग की प्रमुख शासन सचिव गायत्री राठौड़ से मुलाकात कर प्रदेश में स्वास्थ्य सेवाओं की प्रगति एवं आगामी प्राथमिकताओं पर विस्तार से चर्चा की।

    बैठक में मातृ, नवजात, शिशु एवं किशोर स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने के साथ-साथ विशेष रूप से संवेदनशील एवं वंचित वर्गों तक गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच सुनिश्चित करने पर जोर दिया गया। दोनों पक्षों ने स्वास्थ्य क्षेत्र में राजस्थान सरकार एवं यूनिसेफ़ के बीच जारी साझेदारी को और मजबूत करते हुए नई स्वास्थ्य चुनौतियों के समाधान, नवाचार तथा बेहतर स्वास्थ्य परिणामों की दिशा में मिलकर कार्य करने की प्रतिबद्धता व्यक्त की।

    जेस्पर मोलर ने स्वास्थ्य सेवाओं में मौजूद इक्विटी गैप्स पर चर्चा करते हुए कहा कि सरकार के पास व्यापक स्तर पर सेवाओं को पहुंचाने की क्षमता है, जबकि यूनिसेफ़ नवाचार, साक्ष्य आधारित समाधान एवं प्रभावी मॉडल उपलब्ध कराने में सहयोग कर सकता है। बैठक में इन समाधानों को बड़े स्तर पर लागू करने तथा स्वास्थ्य सेवाओं को और अधिक प्रभावी बनाने की संभावनाओं पर विचार-विमर्श किया गया।

    बैठक में लाइफ-साइकिल अप्रोच को और मजबूत करने तथा विभिन्न विभागों के बीच बेहतर कन्वर्जेंस और समन्वय की आवश्यकता पर भी जोर दिया गया। इसका उद्देश्य बच्चों एवं किशोरों से लेकर माताओं एवं नवजातों तक स्वास्थ्य सेवाओं को एक समग्र दृष्टिकोण के साथ मजबूत करना है।

    यूनिसेफ़ के उप प्रतिनिधि ने प्री-सर्विस मेडिकल एजुकेशन में बाल अधिकारों के दृष्टिकोण को शामिल करने का प्रस्ताव रखा। प्रमुख शासन सचिव गायत्री राठौड़ ने इस प्रस्ताव का स्वागत किया और यूनिसेफ़ से इस संबंध में विस्तृत कॉन्सेप्ट नोट उपलब्ध कराने का अनुरोध किया, ताकि प्रस्ताव को आगे बढ़ाने की दिशा में आवश्यक कार्यवाही की जा सके।

    मोलर ने प्रमुख शासन सचिव को राजस्थान दौरे के दौरान किशनगढ़ स्थित स्पेशल न्यूबॉर्न केयर यूनिट के अपने दौरे के बारे में भी जानकारी दी। उन्होंने यहां चिकित्सकों, नर्सिंग स्टाफ एवं अन्य स्वास्थ्यकर्मियों द्वारा कमजोर एवं गंभीर नवजातों की जीवन रक्षा के लिए किए जा रहे समर्पित प्रयासों को देखा और फ्रंटलाइन स्वास्थ्यकर्मियों की प्रतिबद्धता एवं सेवाभाव की सराहना की।

    बैठक में यूनिसेफ़ के आगामी कंट्री प्रोग्राम 2028–2032 को लेकर प्रारंभिक चर्चाओं और राजस्थान की प्राथमिकताओं पर भी विचार-विमर्श हुआ। नई एवं उभरती स्वास्थ्य चुनौतियों का समाधान करने के साथ वर्तमान उपलब्धियों को बनाए रखने तथा जिन क्षेत्रों में अभी गैप हैं, उन्हें भरने के लिए यूनिसेफ़ के निरंतर सहयोग के महत्व पर जोर दिया गया।

    बैठक के अंत में राजस्थान सरकार एवं यूनिसेफ़ ने नवजात एवं बाल स्वास्थ्य प्रणालियों को और सुदृढ़ करने तथा प्रदेश के प्रत्येक बच्चे के लिए बेहतर स्वास्थ्य परिणाम सुनिश्चित करने की दिशा में सहयोग को आगे बढ़ाने की प्रतिबद्धता दोहराई।

    प्रमुख शासन सचिव गायत्री राठौड़ ने कहा कि राज्य सरकार का निरंतर प्रयास है कि स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ समाज के प्रत्येक वर्ग तक समान रूप से पहुंचे और विशेष रूप से माताओं, नवजातों, बच्चों एवं किशोरों जैसे संवेदनशील वर्गों को समय पर गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध हों।

  • पथ निर्माण विभाग की योजना के तहत राज्य के 55 स्टेट हाईवे और 47 पुलों पर चरणबद्ध तरीके से वसूला जाएगा टोल

    पथ निर्माण विभाग की योजना के तहत राज्य के 55 स्टेट हाईवे और 47 पुलों पर चरणबद्ध तरीके से वसूला जाएगा टोल

    पटना
    बिहार में स्टेट हाईवे पर टोल टैक्स की वसूली की शुरुआत दो प्रमुख रोड से होने वाली है। इनमें बिहटा (पटना) से सरमेरा (नालंदा) के बीच स्टेट हाईवे नंबर 78 और उदाकिशुनगंज (मधेपुरा) से भटगामा के बीच एसएच 58 पर टोल नाके लगाए जाएंगे। इसके लिए बिहार सरकार ने टेंडर जारी कर दिया है। सबसे पहले इन्हीं दोनों स्टेट हाईवे से टोल वसूलने की तैयारी की जा रही है। हाईवे पर चलने वाले सिर्फ व्यावसायिक वाहनों से टोल लिया जाएगा, निजी वाहनों से किसी तरह की राशि नहीं वसूली जाएगी।

    इन दोनों स्टेट हाईवे पर टोल प्लाजा बनाने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। पथ निर्माण विभाग ने फैसला लिया है कि राज्य के लगभग भी स्टेट हाईवे और राज्य सरकार के अधीन पुलों पर चरणवार तरीके से टोल टैक्स वसूली की व्यवस्था लागू की जाएगी। सभी हाईवे और पुलों पर एक साथ टोल नाके नहीं लगाए जाएंगे। बल्कि, धीरे-धीरे करके यह व्यवस्था लागू की जाएगी।

    आरा-छपरा पुल पर भी टोल नाका लगाने की तैयारी
    बिहार राज्य पथ विकास निगम की ओर से स्टेट हाईवे और बिहार राज्य पुल निर्माण निगम की ओर से पुलों पर टोल टैक्स वसूले जाने की कार्रवाई चल रही है। पुल निगम के द्वारा प्राथमिकता के तौर पर आरा-छपरा ब्रिज समेत अन्य कुछ बड़े पुलों पर सबसे पहले टोल लिए जाने की तैयारी युद्ध स्तर पर चल रही है।

    बताया जा रहा है कि इन पुलों पर भी टोल वसूलने को लेकर एजेंसी के चयन के लिए जल्द ही टेंडर निकाला जाएगा। आरा-छपरा पुल के लिए पूर्व में भी निविदा जारी की गई थी, लेकिन अपरिहार्य कारणों से उसे वापस ले लिया गया था। अब नए सिरे से टेंडर निकाला जाएगा।

    3 महीने में शुरू हो सकती है टोल वसूली
    पदाधिकारी बताते हैं कि अगले दो से तीन महीने के भीतर कुछ स्टेट हाईवे पर टोल वसूली का काम शुरू हो जाएगा। विदित हो कि बिहार के 55 स्टेट हाईवे और 47 पुलों पर टोल वसूले जाने की राज्य कैबिनेट से मंजूरी मिल चुकी है।

  • बाल विवाह निषेध अधिनियम के तहत 18 वर्ष से कम उम्र की लड़की और 21 वर्ष से कम उम्र का लड़का है नाबालिग

    बाल विवाह निषेध अधिनियम के तहत 18 वर्ष से कम उम्र की लड़की और 21 वर्ष से कम उम्र का लड़का है नाबालिग

    प्रयागराज
    इलाहाबाद हाई कोर्ट ने उत्तर प्रदेश में नाबालिगों की शादी का रजिस्ट्रेशन होने पर गहरी चिंता जताई है। अदालत ने राज्य के सभी विवाह पंजीकरण अधिकारियों को निर्देश दिया कि शादी का रजिस्ट्रेशन करने से पहले दूल्हा और दुल्हन की उम्र की जांच की जाए। यह निर्देश गाजियाबाद में नाबालिग लड़की की शादी का रजिस्ट्रेशन होने के मामले की सुनवाई के दौरान दिया गया। जस्टिस तेज प्रताप तिवारी ने कहा कि नाबालिगों की शादी के रजिस्ट्रेशन के मामले सिर्फ कभी-कभार सामने नहीं आ रहे हैं, बल्कि ऐसे कई मामले देखने को मिले हैं।

    हाई कोर्ट ने साफ किया कि शादी के दिन अगर दूल्हा या दुल्हन में से कोई भी कानून के मुताबिक नाबालिग है, तो उस शादी का रजिस्ट्रेशन नहीं किया जा सकता। इसके लिए अधिकारियों को दोनों की उम्र की जांच भरोसेमंद दस्तावेजों और तय प्रक्रिया के तहत करनी होगी। बाल विवाह निषेध अधिनियम, 2006 के तहत 18 साल से कम उम्र की लड़की और 21 साल से कम उम्र का लड़का नाबालिग माना जाता है।

    हाई कोर्ट का सख्त निर्देश
    अदालत ने कहा कि अगर दस्तावेजों से पता चलता है कि दोनों में से कोई तय उम्र से कम है, तो आवेदन को सामान्य रजिस्ट्रेशन की तरह नहीं लिया जाए। ऐसे मामले की जानकारी तुरंत बाल विवाह निषेध अधिकारी और संबंधित जिले के सक्षम अधिकारी को दी जाए, ताकि आगे की कार्रवाई की जा सके। मामला उस समय सामने आया जब एक व्यक्ति ने पॉक्सो कानून के तहत दर्ज मामले में हाई कोर्ट का रुख किया। आरोपी के वकील ने दावा किया कि लड़की बालिग थी और उसने अपनी मर्जी से शादी की थी। शादी के बाद उसका रजिस्ट्रेशन भी हुआ और प्रमाणपत्र जारी किया गया।

    राज्य सरकार की ओर से इस मामले में कहा गया कि ट्रायल कोर्ट लड़की को नाबालिग मान चुका है। सरकार ने यह भी कहा कि उम्र छिपाकर हासिल किए गए शादी के प्रमाणपत्र से लड़की के बालिग होने की पुष्टि नहीं होती। हाई कोर्ट ने संबंधित विवाह पंजीकरण अधिकारी को तलब कर पूछा कि नाबालिग लड़की की शादी का रजिस्ट्रेशन कैसे हुआ। अधिकारी ने कहा कि उसने पिछले प्रभारी अधिकारी से कार्यभार संभाला था और उसे इस रजिस्ट्रेशन की जानकारी नहीं थी। कोर्ट ने इस जवाब को गंभीर चिंता का विषय बताया। अदालत ने कहा कि विभागीय निर्देशों में पहले से ही दूल्हा-दुल्हन की जन्मतिथि की जांच जरूरी है।

  • रोहतक से लुधियाना, जालंधर और डेरा ब्यास तक के लिए तय किया गया अलग-अलग किराया

    रोहतक से लुधियाना, जालंधर और डेरा ब्यास तक के लिए तय किया गया अलग-अलग किराया

     रोहतक
     हरियाणा रोडवेज से पंजाब का सफर करने वाले यात्रियों के लिए एक अच्छी खबर है। रोहतक से डेरा ब्यास के लिए सीधी बस सर्विस का नया टाइम टेबल सामने आया है।

    सोनीपत डिपो के गोहाना उपकेंद्र की बस रोहतक से सुबह आठ बजकर 25 मिनट पर रवाना होगी। यह बस गोहाना, पानीपत सहित सात शहरों से होकर गुजरेगी।

    कहां-कहां से होकर जाएगी बसें
    हरियाणा रोडवेज के अनुसार, बस रोहतक से सुबह 8 बजकर 25 मिनट पर रवाना होगी। इसके बाद गोहाना, पानीपत, करनाल, अंबाला, राजपुरा, लुधियाना बाईपास, जालंधर और करतारपुर से होते हुए शाम करीब साढ़े पांच बजे डेरा ब्यास तक पहुंचेगी।

    किस शहर से कितने बजे मिलेगी बस
    रोहतक से बस 8 बजकर 25 मिनट पर रवाना होगी। इसके बाद गोहाना से सुबह 9 बजे प्रस्थान करेगी। पानीपत से सुबह 10 बजे और करनाल से सुबह 11 बजे यह बस रवाना होगी।

    अंबाला से दोपहर 12 बजकर 25 मिनट पर रवाना होगी। जालंधर में शाम चार बजकर 20 मिनट पर रवाना होगी। इसके बाद शाम करीब साढ़े पांच बजे बस डेरा ब्यास पहुंचेगी।

    कितना होगा किराया?
        रोहतक से लुधियाना का किराया 410 रुपये।
        रोहतक से जालंधर का किराया 510 रुपये
        रोहतक से डेरा ब्यास का किराया 565 रुपये।
        गोहाना से डेरा ब्यास का किराया 535 रुपये ।
        पानीपत से डेरा ब्यास का किरााय 480 रुपये।

    वापसी का समय
    बस डेरा ब्यास से रात दो बजे रवाना होगी। इसके बाद जालंधर से तीन बजे बस रवाना होगी और अंबाला से सुबह छह बजे बस रोहतक के लिए रवाना होगी