Category: राज्य

  • फ्री iPhone लंगर पर पुलिस-प्रशासन सख्त, कारोबारी बोला- नहीं जुटाऊंगा भीड़

    फ्री iPhone लंगर पर पुलिस-प्रशासन सख्त, कारोबारी बोला- नहीं जुटाऊंगा भीड़

    चंडीगढ़ 

    चंडीगढ़ में पुलिस और प्रशासन की रोक के बावजूद कारोबारी राकेश त्रेहन iPhone का लंगर लगाएंगे। जिसमें 18 साल से बड़ी उम्र की महिलाओं को iPhone के 17 या उससे ऊपर के मॉडल मुफ्त में दिए जाएंगे। पिछली बार पेट्रोल के लंगर के वक्त प्रशासन ने कारोबारी त्रेहन को समझाइस दी थी। 

    सेक्टर 10 में रहने वाले कारोबारी त्रेहन ने कहा कि iPhone के लंगर में भीड़ नहीं जुटाई जा रही। इस दौरान सिर्फ मीडिया मौजूद रहेगी। उनकी मौजूदगी में ड्रॉ निकाला जाएगा। जिसका भी मोबाइल निकलेगा, वह उसके घर जाकर मोबाइल देंगे। ड्रॉ का टाइम दोपहर 12 से 2 बजे तक रखा गया है। त्रेहन ने लोगों से भी अपील की कि कोई भी उनके घर आकर भीड़ जमा न करे।

    कैसे तय होगा, किसे मिलेगा फ्री iPhone

    कारोबारी राकेश त्रेहन ने बताया कि उन्होंने चंडीगढ़ और मोहाली की 18 साल से बड़ी उम्र की महिलाओं का वॉट्सऐप ग्रुप बनाया है। इसमें जिन महिलाओं को जोड़ा गया है, उन्हें रोजाना ग्रुप में जय माता दी लिखना है। जो सदस्य ऐसा नहीं करेगा, उसे ग्रुप से रिमूव कर दिया जाएगा। अब ड्रॉ वाले दिन त्रेहन ग्रुप में जुड़े मेंबरों के नाम को स्क्रॉल करेंगे। जिस भी मेंबर के नाम पर स्क्रीन रुकेगी, उसे ही विजेता माना जाएगा।

        मोहाली में पैसों का लंगर 15 सितंबर 2026 को राजा ने मोहाली के फेज-3बी1 स्थित श्री वैष्णो माता मंदिर के बाहर पैसों का लंगर लगाया। यहां लोगों को “जय माता दी” बोलने पर नकद राशि दी गई। ज्यादातर लोगों को ₹500, जबकि कुछ लोगों को ₹1,000 और ₹1,500 तक दिए गए। आयोजन से पहले टीम ने लोगों के मोबाइल नंबर लेकर कूपन भी बांटे और बाद में लोगों को लाइन में खड़ा किया गया। राजा ने इसे माता रानी का प्रसाद बताया।

        चंडीगढ़ में पैसे, बर्गर और कोल्ड ड्रिंक का लंगर अगस्त 2026 में राजा ने चंडीगढ़ के सेक्टर-8 में अनोखा “पैसों का लंगर” लगाया। इसमें लोगों को पारंपरिक लंगर के बजाय ₹500 के नकद नोट, बर्गर और कोल्ड ड्रिंक बांटे गए। आयोजन में काफी भीड़ पहुंची थी। राजा ने इसे सेवा और माता रानी की कृपा से जोड़ा।

        चंडीगढ़ में पेट्रोल का लंगर स्थगित हुआ राजा ने चंडीगढ़ में पेट्रोल का लंगर लगाने की घोषणा की थी। शुरुआती कार्यक्रम 18 अगस्त 2026, शाम 5 बजे सेक्टर-7 और सेक्टर-10 के पेट्रोल पंपों पर रखा गया था। लोगों को ₹500 और ₹1,000 के पेट्रोल कूपन देने की योजना थी। लेकिन 18 अगस्त को भारी बारिश और जलभराव के कारण आयोजन नहीं हो सका। इसके बाद राजा किंग ने इसकी नई तारीख 21 अगस्त घोषित की। मगर, उसके बाद प्रशासन ने इसकी परमिशन नहीं दी।

    अमृतसर के राकेश त्रेहन, पिता कपड़ा कारोबारी थे

    राकेश त्रेहन को सोशल मीडिया पर ‘राजा दी किंग’ के नाम से जाना जाता है। वह मूल रूप से अमृतसर के रहने वाले हैं। उनके पिता कपड़े के कारोबारी थे और अब उनका निधन हो चुका है। राकेश के मुताबिक, पिता की संपत्ति का आधा हिस्सा उन्हें मिला है। राकेश त्रेहन की कंपनी डिजिटल करेंसी और ऑनलाइन फाइनेंस मार्केट में निवेश व ट्रेडिंग से जुड़ी है। उनका कारोबार रियल एस्टेट और प्रॉपर्टी डीलिंग से भी जुड़ा है।

  • ‘वर्दी पहनकर न आएं’ ऑडियो पर कांग्रेस का दावा, पंजाब पुलिस ने बताया फर्जी

    ‘वर्दी पहनकर न आएं’ ऑडियो पर कांग्रेस का दावा, पंजाब पुलिस ने बताया फर्जी

    चंडीगढ़

    पंजाब में पुलिसकर्मियों के लिए एक नए निर्देश को लेकर सियासत गरमा गई है। एक वायरल ऑडियो में दावा किया गया है कि पुलिसकर्मियों को घर से वर्दी पहनकर न आने का आदेश दिया गया है। इस ऑडियो के सामने आने के बाद विपक्षी दलों ने सरकार पर तीखा हमला बोला है।

    ऑडियो में कहा गया है कि पुलिसकर्मी थाने आकर ही वर्दी पहनें। इस दावे ने राज्य की कानून व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। अकाली नेता बिक्रम मजीठिया ने इस पर तंज कसते हुए कहा कि जिस वर्दी पर गर्व था, आज वही छिपानी पड़ रही है। उन्होंने सवाल उठाया कि फिर इतनी सुरक्षा का क्या फायदा। मजीठिया ने आरोप लगाया कि पुलिस गैंगस्टरों के सामने बेबस है। उन्होंने कहा कि आम पंजाबियों में डर का माहौल है। उनके अनुसार, कानून व्यवस्था पूरी तरह से पुलिस के हाथ से निकल चुकी है। 

    कांग्रेस ने भी साधा निशाना
    कांग्रेस के प्रदेश प्रधान अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग ने भी प्रसारित ऑडियो साझा किया। उन्होंने कहा कि पंजाब जल रहा है और भगवंत मान मंचों पर चुटकुले सुना रहे हैं। वड़िंग ने स्थिति की तुलना "रोम जल रहा था और नीरो बांसुरी बजा रहा था" से की। उन्होंने राज्य सरकार की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाए।

    अमृतसर देहात, बटाला, गुरदासपुर और पठानकोट के SSP को पुलिस कर्मचारियों की निजी सुरक्षा, ड्यूटी पॉइंट और संवेदनशील स्थानों की सुरक्षा को लेकर विशेष हिदायतें जारी की गई हैं। अधिकारियों को इन निर्देशों की सख्ती से पालन करवाने के लिए कहा गया है।

    ऑडियो में किसी महिला की आवाज है, जो अपने आप को पुलिस मुलाजिम ही बता रही है। वह कह रही है कि अधिकारियों से सभी पुलिसवालों को निर्देश मिले हैं कि वर्दी, बेल्ट, पहचान चिन्ह, पुलिस उपकरण या ऐसा कोई सामान प्रदर्शित नहीं करना है, जिससे उनकी पहचान आसानी से हो सके।

    कर्मचारियों को निजी सुरक्षा प्रोटोकॉल का पालन करने और आने-जाने की दिनचर्या में संभव बदलाव रखने को कहा गया है। पूर्व अकाली मंत्री बिक्रम मजीठिया ने भी ये ऑडियो पोस्ट की है।

    हालांकि, पंजाब पुलिस ने पोस्ट कर इन दावों को झूठा बताया है। पंजाब पुलिस की पोस्ट में कहा गया है कि अधिकारियों की ओर से ऐसा कोई दावा नहीं किया गया है। मंत्री हरपाल चीमा ने भी इन दावों को फर्जी बताया है।

    पंजाब पुलिस की ओर से ये बातें लिखी गईं
        ऐसा कोई निर्देश जारी नहीं किया: पुलिस की पोस्ट में लिखा गया है- पंजाब पुलिस मुख्यालय या उसके अधीन किसी भी पंजाब पुलिस कार्यालय की ओर से पुलिस कर्मचारियों को ड्यूटी पर जाते या ड्यूटी से लौटते समय वर्दी न पहनने का कोई निर्देश जारी नहीं किया गया है।

        दावे फर्जी: सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे ऐसे संदेश फर्जी हैं। इनमें पुलिस कर्मचारियों को ड्यूटी पर आने-जाने के दौरान सिविल कपड़े पहनने की बात कही जा रही है, लेकिन ऐसा कोई आधिकारिक आदेश जारी नहीं हुआ है।

        लोगों से अपील: नागरिकों और पुलिस कर्मचारियों से अपील है कि वे सही और प्रामाणिक जानकारी के लिए केवल पंजाब पुलिस के आधिकारिक माध्यमों पर भरोसा करें।

    पढ़िए, वायरल ऑडियो में क्या कहा जा रहा

        इस्लामाबाद में एनकाउंटर के बाद निर्देश आए: वायरल ऑडियो में कोई महिला कह रही है- सभी मुलाजिम इस ऑडियो को ध्यान से सुन लें। अभी सीपी साहब की मीटिंग हुई है। इस्लामाबाद में, ASI हरजीत सिंह के मर्डर के बाद हुए एनकाउंटर के बाद ये निर्देश दिए गए हैं।

        कोई भी मुलाजिम वर्दी में न आए: ऑडियो में कहा जा रहा है- जांच में पता चला है कि पुलिस मुलाजिमों को आप मारेंगे तो मारने वाले को आगे काम दिया जाएगा। इसलिए, सीपी साहब की ओर से सख्त हिदायत है कि कोई भी मुलाजिम, चाहे गाड़ी में आ रहा हो या साइकिल पर, वह अपनी वर्दी में नहीं होगा। जूते से लेकर पगड़ी तक कोई भी पुलिसकर्मी वर्दी में नजर नहीं आना चाहिए। सभी सिविल ड्रेस में आएंगे। अगर किसी भी मुलाजिम को आते-जाते वर्दी में देखा गया तो एक्शन होगा।

        और मुलाजिमों को निशाना बनाया जा सकता है: वायरल ऑडियो में कहा जा रहा है- जब ड्यूटी पर आना है, थाने तक सिविल ड्रेस में ही आना है और ड्यूटी खत्म होने के बाद भी थाने में ही वर्दी बदलकर जाना है। जांच में यह भी पता चला है कि 5-6 और मुलाजिमों को निशाना बनाए जाने की आशंका है। एक एनकाउंटर होने के बाद ऐसी घटनाएं और बढ़ गई हैं। इनमें शहर के पुलिस मुलाजिम भी निशाने पर होंगे।

        महिला कर्मियों के लिए भी मैसेज: ऑडियो में सुनाई दे रहा है- महिला पुलिस मुलाजिम भी इस निर्देश को ध्यान से सुनें। जो हरविंदर या शरण आदि हैं, वे भी वर्दी पहनकर एक्टिवा पर घूम रही हैं। उन्हें भी सिविल ड्रेस में ही आना-जाना है। थाने पहुंचकर वर्दी पहननी है और ड्यूटी खत्म होने पर थाने में ही वर्दी बदलकर जाना है।

    वायरल पोस्टों में और क्या दावे किए जा रहे

    थानों-चौकियों के आसपास संदिग्धों पर नजर

    सोशल मीडिया पर राजा वड़िंग और बिक्रम मजीठिया की पोस्ट के साथ कुछ कागज भी डाले गए हैं। जिनमें भी दावा किया जा रहा है कि पुलिस अधिकारियों ने पुलिस कैंपों, थानों, चौकियों और न्यायिक स्थानों के आसपास संदिग्ध व्यक्तियों, वाहनों और गतिविधियों पर विशेष निगरानी रखने के निर्देश दिए गए हैं। किसी भी संदिग्ध गतिविधि की जानकारी तुरंत वरिष्ठ अधिकारियों को देने और जरूरी कानूनी व सुरक्षा कार्रवाई करने को कहा गया है।

    रात के समय थानों, चौकियों और संवेदनशील पॉइंटों की चेकिंग के लिए गजटेड अधिकारियों और SHO को व्यक्तिगत तौर पर निगरानी करने के निर्देश दिए गए हैं। चेकिंग को केवल औपचारिकता तक सीमित न रखते हुए संतरी ड्यूटी, सुरक्षा व्यवस्था और कर्मचारियों की सतर्कता की वास्तविक स्थिति जांचने को कहा गया है।

    नाके पर 360 डिग्री सुरक्षा के निर्देश, अकेले आने-जाने से बचें, बडी पेयर सिस्टम अपनाएं

    दावा किया जा रहा है कि पुलिसकर्मियों को नाके और चेकिंग पॉइंटों पर 360 डिग्री सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश हैं। सभी कर्मचारियों को एक ही जगह पर बैठने से बचने, एक हथियारबंद और सतर्क संतरी तैनात रखने व संदिग्ध व्यक्ति या वाहन की जांच के दौरान पूरी सावधानी बरतने को कहा गया है।

    ड्यूटी के दौरान मोबाइल फोन के गैर-जरूरी इस्तेमाल और किसी भी तरह की लापरवाही से बचने की हिदायत दी गई है। कर्मचारियों को जहां तक संभव हो, अकेले आने-जाने से बचने और बडी पेयर सिस्टम के तहत आवाजाही करने को कहा गया है।

    संदिग्ध विदेशी संपर्क सामने आने पर उसकी गहन जांच के निर्देश भी दिए गए हैं। इसके अलावा गैंगस्टर और संगठित अपराध से जुड़े मामलों में एजीटीएफ और नशा तस्करी से जुड़े मामलों में एएनटीएफ के साथ तुरंत सूचना शेयर करने और जरूरत के अनुसार इंटर-एजेंसी कोऑर्डिनेशन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।

    भाजपा बोली-क्या विडंबना है
    भाजपा नेता आरपी सिंह ने कहा कि पंजाब में कानून-व्यवस्था की स्थिति ऐसी हो गई है कि पुलिसकर्मियों की सुरक्षा के लिए उन्हें निर्देश दिया गया है कि वे सड़कों पर या सार्वजनिक और निजी वाहनों में यात्रा करते समय पुलिस की वर्दी न पहनें। जिस वर्दी से अधिकार का भाव झलकता है और जो सुरक्षा का एहसास कराती है, अब उसे ही ऐसा माना जा रहा है जिससे पुलिस अधिकारी किसी हमले का निशाना बन सकते हैं। यह उन लोगों की सुरक्षा का मामला है, जिन पर पंजाब के नागरिकों की सुरक्षा की जिम्मेदारी है। सम्मान तो है, लेकिन वर्दी पहनना भी खतरे से खाली नहीं है! 

    पुलिस ने ऑडियो को बताया फर्जी
    पंजाब पुलिस ने इस प्रसारित ऑडियो को पूरी तरह फर्जी बताया है। पंजाब पुलिस के आधिकारिक माध्यम से इस मामले में स्पष्टीकरण जारी किया गया है। पुलिस ने कहा कि मुख्यालय या उसके अधीन किसी भी कार्यालय ने ऐसा कोई निर्देश या सलाह जारी नहीं की है। सोशल मीडिया पर फैल रहे ऐसे संदेशों को फर्जी बताया गया है। नागरिकों और पुलिस कर्मियों को सही जानकारी के लिए केवल आधिकारिक माध्यमों पर भरोसा करने की सलाह दी गई है।

     

  • झारखंड के आवासीय विद्यालयों में शिक्षकों को राहत, मानदेय बढ़ाने पर हर साल 8.51 करोड़ का खर्च

    झारखंड के आवासीय विद्यालयों में शिक्षकों को राहत, मानदेय बढ़ाने पर हर साल 8.51 करोड़ का खर्च

    रांची
     समग्र शिक्षा अभियान के तहत संचालित कस्तूरबा गांधी बालिका आवासीय विद्यालय सहित सभी आवासीय विद्यालयों में कार्यरत शिक्षक-शिक्षिकाओं का मानदेय बढ़ेगा। इसके तहत संविदा पर कार्यरत शिक्षक-शिक्षिकाओं का मानदेय 10 प्रतिशत बढ़ेगा।

    वहीं, अंशकालीन शिक्षकों के मानदेय में एक हजार रुपये की वृद्धि होगी। समग्र शिक्षा अभियान की मुख्य सचिव की अध्यक्षता वाली राज्य कार्यकारिणी समिति ने इस प्रस्ताव पर इस शर्त के साथ अपनी स्वीकृति प्रदान कर दी है कि इसपर सक्षम प्राधिकार से भी अनुमोदन लिया जाएगा। इस तरह, वित्त विभाग की मंजूरी मिलने के बाद बढ़ा हुआ मानदेय लागू होगा।

    कस्तूरबा गांधी बालिका आवासीय विद्यालयों में कक्षा आठ तक के लिए अनुबंध पर 1,015 शिक्षिकाएं कार्यरत हैं। वर्तमान में इनके मानदेय पर प्रतिवर्ष 3,410 लाख रुपये खर्च होते हैं। 10 प्रतिशत मानदेय वृद्धि होने पर प्रतिवर्ष 341 लाख रुपये का खर्च बढ़ेगा।

    इन विद्यालयों में कक्षा नौ से 12 के लिए 1,015 अंशकालीन शिक्षिकाएं कार्यरत हैं। इन्हें प्रति माह 14,400 रुपये मानदेय के रूप में दिए जाते हैं। इनके मानदेय में एक हजार रुपये की वृद्धि होगी। इन विद्यालयों में कक्षा आठ तक के लिए अनुबंध के स्वीकृत पदों में रिक्त पदों पर अंशकालीन शिक्षिकाओं की नियुक्ति होगी। इन्हें 14 हजार रुपये मानदेय देने का प्रस्ताव है।

    चूंकि यह राशि समग्र शिक्षा अभियान के तहत स्वीकृत है, इसलिए इसपर राज्य सरकार को अतिरिक्त बोझ नहीं पड़ेगा। इसी तरह, झारखंड बालिका आवासीय विद्यालयों में कार्यरत 456 अंशकालीन शिक्षिकाओं को वर्तमान में 13,200 रुपये मानदेय दिए जाते हैं।

    मानदेय बढ़ने पर इन्हें प्रतिमाह 14,200 रुपये का भुगतान होगा। वहीं, नेताजी सुभाष चंद्र बोस आवासीय विद्यालय में कार्यरत 78 शिक्षकों को अब प्रतिमाह 12 हजार की जगह 13 हजार रुपये मानदेय दिए जाएंगे।

    851.95 लाख रुपये बढ़ेगा बोझ
    प्रस्ताव के अनुसार, मानदेय बढ़ाने से पड़नेवाले अतिरिक्त वित्तीय भार का वहन राज्य बजट से किया जाएगा। इसपर प्रतिवर्ष 851.95 लाख रुपये अतिरिक्त खर्च होंगे।

     

  • ‘शुद्ध ही शुभ है’ अभियान: कानपुर-वाराणसी में छापेमारी, कई रेस्टोरेंट में मिलीं खामियां

    ‘शुद्ध ही शुभ है’ अभियान: कानपुर-वाराणसी में छापेमारी, कई रेस्टोरेंट में मिलीं खामियां

    लखनऊ
     यूपी में शुद्ध ही शुभ है अभियान के तहत 38 टीमों ने अलग-अलग इलाकों में छापेमारी कर 52 प्रतिष्ठानों का निरीक्षण किया। इसी क्रम में प्रदेश की खाद्य सुरक्षा एवं औषधि विभाग की ओर से सोमवार को कानपुर समेत प्रदेश के पांच जिलों में अधिकारियों की विशेष टीम ने व्यापक छापेमारी की। इस दौरान मॉल और रेस्टोरेंट में गंदगी का अंबार मिला।

    कानपुर में खाद्य विभाग ने रेव मोती मॉल के फूड कोर्ट में छापेमारी की। जहां अत्यंत खराब हाइजीन एवं सैनिटरी कंडीशन, अत्यधिक गंदगी, क्षतिग्रस्त दीवारें और खाद्य सामग्री फर्श पर रखे जाने की स्थिति पाई गई। इसके तहत फूड कोर्ट में संचालित सभी 10 प्रतिष्ठानों को सुधार होने तक बंद रखने की कार्रवाई की गई। टीम ने ला पीनोज पिज्जा (सप्पायर मॉल) में इंसेक्ट इन्फेक्शन, एक्सपायर सॉस/ड्रेसिंग्स, वेज एवं नॉन वेज खाद्य पदार्थों के लिए एक ही बर्तनों के इस्तेमाल व खराब गुणवत्ता का पनीर पाए जाने पर लाइसेंस निलंबन की संस्तुति की गई।

    स्क्वायर मॉल के फूड कोर्ट में भी मिली खामियां
    स्वरूप नगर स्थित वेलफेल सैम/केशव राज एंड संस में प्रोपराइटरी फूड्स पर मैन्युफैक्चरिंग डेट, एक्सपायर डेट एवं इंग्रेडिएंट्स का विवरण अंकित नहीं पाया गया। उपभोक्ताओं को आवश्यक खाद्य संबंधी जानकारी उपलब्ध न कराने के कारण सुधार होने तक कारोबार बंद करने की संस्तुति की गई। स्क्वॉयर मॉल में नी हाउ में चोक्ड ड्रेनेज, अत्यंत खराब हाइजीन एवं सैनिटरी कंडीशन तथा वेज एवं नॉन वेज खाद्य पदार्थों के लिए एक ही बर्तनों के प्रयोग की स्थिति मिली।

    बिरयानी क्वीन के आटे में कीड़े
    इन कमियों के दृष्टिगत सुधार होने तक कारोबार बंद करने की संस्तुति की गई। बिरयानी क्वीन में आटे में कीड़े, निर्माण स्थल पर अत्यधिक गंदगी तथा खाद्य तेल के बार-बार इस्तेमाल के साथ तेल में अत्यधिक गंदगी पाई गई। किदवई नगर एम ब्लॉक स्थित स्पाइसी फास्ट फूड रेस्टोरेंट में खुले नाले के समीप प्रतिष्ठान का संचालन और किचन एरिया में दुर्गंध पाई गई। सोमवार को फूड विभाग की टीम ने छापेमारी कर सैंपल भरे।

    रेस्टोरेंटों की रसोई में नहीं मिली पर्याप्त साफ-सफाई
    उधर, वाराणसी में खाद्य विभाग की 20 टीमों ने फास्ट फूड रिटेल चेन और रेस्टोरेंट इकाइयों के खिलाफ अभियान चलाकर 40 प्रतिष्ठानों का निरीक्षण किया। टीमों ने खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता के साथ रसोई की स्वच्छता, खाद्य भंडारण, कीट नियंत्रण और साफ-सफाई की जांच की। इस दौरान कहीं स्टोर में गंदगी मिली तो कहीं कीड़े मिले। एक रेस्टोरेंट में शाकाहारी और मांसाहारी खाद्य पदार्थों की तैयारी के लिए अलग-अलग पर्याप्त व्यवस्था नहीं थी।

    महमूरगंज स्थित कैफे कॉफी डे ग्लोबल लिमिटेड के निरीक्षण में प्रतिष्ठान के बुनियादी ढांचे की स्थिति खराब मिली। फॉल्स सीलिंग क्षतिग्रस्त थी। उसके हिस्से टूटकर खाद्य पदार्थों में गिरने और उनके दूषित होने की आशंका सामने आई। स्टोरेज एरिया में अत्यधिक गंदगी मिली। टॉयलेट में भी साफ-सफाई नहीं थी। अर्दली बाजार के मियां महल स्थित ला पीनोज के निरीक्षण में डस्टबिन के आसपास कीटों का संक्रमण पाया गया। वहीं, शाकाहारी और मांसाहारी खाद्य पदार्थों की तैयारी के लिए अलग-अलग व्यवस्था नहीं थी।

    विभाग की टीमों ने केवल तैयार खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता नहीं देखी, बल्कि रसोई की स्वच्छता, सेनिटेशन, पेस्ट कंट्रोल, ड्रेनेज, खाद्य भंडारण, कच्चे माल की गुणवत्ता, शाकाहारी-मांसाहारी खाद्य पदार्थों के अलगाव और खाद्य लेबलिंग की भी जांच की। अ

  • करम पर्व 2026: भाई की लंबी उम्र से प्रकृति संरक्षण तक, जानें इस लोकपर्व की खासियत

    करम पर्व 2026: भाई की लंबी उम्र से प्रकृति संरक्षण तक, जानें इस लोकपर्व की खासियत

    रांची
     झारखंड की समृद्ध लोक संस्कृति और परंपराओं में करम पर्व का विशेष महत्व है. यह पर्व प्रकृति की पूजा, अच्छी फसल, सुख-समृद्धि और पारिवारिक खुशहाली से जुड़ा है. इस दिन बहनें अपने भाइयों की लंबी उम्र और सुख-समृद्धि की कामना करती हैं. 2026 में करम पर्व 22 सितंबर, मंगलवार को मनाया जा रहा है.

    आखिर क्या है करम पर्व
    एक हरी-भरी करम की डाल, मांदर की थाप पर झूमता गांव और पूजा में सराबोर लोग—यही करम पर्व की खूबसूरत तस्वीर है. लेकिन यह पर्व सिर्फ पूजा और उत्सव तक सीमित नहीं है. इसके पीछे प्रकृति, कृषि, मेहनत और समृद्धि से जुड़ी सदियों पुरानी मान्यताएं हैं.

    लोकविश्वास में करम वृक्ष को कर्म देवता का प्रतीक माना जाता है. इसलिए पर्व के दिन करम की डाल को विधि-विधान से स्थापित कर उसकी पूजा की जाती है. बुवाई के बाद मनाए जाने वाले इस पर्व में लोग अच्छी फसल और प्रकृति की कृपा की कामना करते हैं.

    पूजा में मिट्टी, बीज, पेड़ और फसल जीवन के प्रतीक माने जाते हैं. जावा के रूप में अंकुरित बीज नई जिंदगी और उर्वरता की उम्मीद जगाते हैं, जबकि करम की हरी डाल प्रकृति की शक्ति और समृद्धि का प्रतीक बनती है. कुछ आदिवासी परंपराओं में ‘करम रानी’ की पूजा का भी विशेष महत्व है.

    अलग-अलग क्षेत्रों में करम पर्व की मान्यताएं और पूजा की विधियां भले ही अलग हों, लेकिन इसके केंद्र में एक ही भावना है—प्रकृति का सम्मान और बेहतर जीवन की कामना.

    कैसे मनाया जाता है करम पर्व और क्या है इसकी परंपराएं ?
    इस त्योहार को कई अनुष्ठानों का पालन करके मनाया जाता है. करम पूजा की तैयारियों में एक हफ्ते का समय लगता है. नदी के किनारे से ताजा रेत लाकर गांव और हर घर में रखी जाती हैं. इसके बाद इसमें सात बीज- जौ, मक्का, गेहूं, चावल, चना, कुल्थी और मसूर बोए जाते हैं. यही नहीं करम वृक्ष के तीन शाखाओं को आंगन की मिट्टी या गांव के अखाड़े या कहे सामुदायिक केंद्र में लगाया जाता है. ये तीनों शाखाएं त्रिदेवों- ब्रह्मा, विष्णु, महेश्वर और आकाश, पृथ्वी, पाताल, भूत, वर्तमान, भविष्य का प्रतीक माना जाता है. इस दिन बहनें अपने भाइयों की लंबी उम्र और समृद्धि के लिए दुआएं मांगती हैं और करम वृक्ष की पूजा करती हैं. भेलवा की शाखाओं को धान की खेत में लगी फसलों को कीड़ों और अन्य हानिकारक तत्वों से बचाने के लिए डाला जाता है.

    करम पर्व से जुड़ी क्या है मान्यताएं ?
    आदिवासी समुदायों की मानें तो करम पूजा के बाद ही उनके लिए शुभ समय शुरू होता है. इस दौरान शादियां तय की जाती हैं. माना जाता है कि इससे मित्रता और मजबूत होती हैं. इस त्योहार से जुड़ी एक परंपरा ‘सहिया’ का लोग पालन करते हैं. सहिया का अर्थ है दोस्ती और समुदायों के बीच आपसी संबंधों को मजबूत करना. आदिवासियों में ऐसी मान्यता है कि इस सहिया को मनाने से पीढ़ियों तक दोस्ती कायम रहती हैं. करम पूजा की सबसे आकर्षक विशेषताओं में से एक है “करम नृत्य”. पूजा के बाद लोग पारंपरिक गीत पर सामूहिक रूप से नृत्य करते हैं और करम गीत गाते हैं. इसमें केवल मनोरंजन नहीं होता बल्कि लोकगीतों के माध्यम से समाज की परंपरा, प्रेम, प्रकृति, खेती और जीवन का अनुभव अगली पीढ़ी तक पहुंचता है. यह एक सामाजिक एकता का पर्व हैं. ये पूजा या पर्व सामूहिक रूप से मनाया जाने वाला पर्व है. इस दिन गांव के लोग एक स्थान पर इकट्ठा होते हैं और पूजा करते हैं. इस पर्व को लेकर एक लोक कथा ये है बहुत समय पहले करम और धरम नाम के दो भाई रहते थे, दोनों स्वभाव से अलग थे. धरम मेहनत और अपने कर्तव्य को महत्व देता था, जबकि करम का विश्वास था कि जीवन में सुख-समृद्धि के लिए कर्म के साथ प्रकृति और परंपराओं का सम्मान भी जरूरी है एक बार दोनों भाइयों के बीच किसी बात को लेकर विवाद हो गया. गुस्से में करम ने करम वृक्ष की डाल को अपमानित कर दिया. इसके बाद उनके परिवार पर परेशानियां आने लगीं. घर की सुख-समृद्धि चली गई और जीवन कठिनाइयों से भर गया. धरम को अपनी गलती का एहसास हुआ फिर उसने करम देवता से क्षमा मांगी और करम वृक्ष की पूजा की, परिवार के लोगों ने भी श्रद्धा से करम देवता की आराधना की, इसके बाद धीरे-धीरे उनके जीवन में सुख-समृद्धि लौटने लगी,इसी लोकविश्वास के आधार पर करमा पर्व में करम वृक्ष की डाल को पवित्र मानकर उसकी पूजा की जाती है. माना जाता है कि करम देवता की पूजा करने से परिवार में सुख-शांति, समृद्धि और खुशहाली आती है.

    प्रकृति संरक्षण का संदेश
    करम पर्व का सबसे बड़ा संदेश प्रकृति और पर्यावरण के संरक्षण से जुड़ा है. यह पर्व पेड़-पौधों, जंगल, खेती और प्रकृति के प्रति आदिवासी समाज की गहरी आस्था को दर्शाता है. साथ ही यह भाई-बहन के रिश्ते, दोस्ती, सामुदायिक एकता और आपसी सहयोग को मजबूत करने का अवसर भी है. यही वजह है कि करम पर्व आज भी झारखंड की लोक संस्कृति और परंपरा में अपनी खास पहचान बनाए हुए है.

  • खरड़ से चमकौर साहिब जाएगी BJP की नशा मुक्त पंजाब यात्रा, मोहाली में कार्यक्रम

    खरड़ से चमकौर साहिब जाएगी BJP की नशा मुक्त पंजाब यात्रा, मोहाली में कार्यक्रम

    मोहाली

    पंजाब में भाजपा द्वारा निकाली जा रही नशा मुक्त पंजाब यात्रा आज मोहाली पहुंचेगी। यहां यात्रा के दो प्रमुख पड़ाव होंगे। पहला कार्यक्रम फेज-11 में पेट्रोल पंप के पीछे होगा, जहां जनसभा को संबोधित किया जाएगा। 

    यात्रा का उद्देश्य नशे के खिलाफ जागरूकता फैलाना है। आयोजकों ने कार्यक्रमों में लोगों से शामिल होने की अपील की है। पुलिस की तरफ से भी पुख्ता इंतजाम किए गए हैं। यात्रा को लेकर बीजेपी की तरफ से उचित इंतजाम किए गए हैं। भव्य पंडाल लगाए गए हैं।

    भाजपा सांसद सतनाम सिंह संधू समेत कई हस्तियों के कार्यक्रम में शामिल होने की उम्मीद है। बीजेपी प्रधान केवल सिंह ढिल्लों भी हाजिरी लगा सकते हैं। मोहाली बीजेपी के नेता संजीव वशिष्ट बताते हैं कि इंतजाम पूरे कर लिए गए हैं। यात्रा राजनीतिक कार्यक्रम नहीं है, बल्कि इसके माध्यम से नशे के खिलाफ सोशल संदेश देने की कोशिश की जाएगी।

    19 सितंबर को फतेहगढ़ साहिब से शुरू हुई यात्रा यात्रा 19 सितंबर को गुरुद्वारा श्री फतेहगढ़ साहिब में नतमस्तक होने के बाद शुरू हुई। जालंधर में संपन्न होने से पहले यह पंजाब के कई विधानसभा क्षेत्रों से होकर गुजरेगी। यात्रा का रूट समराला, पायल, खन्ना, अमलोह, फतेहगढ़ साहिब, बस्सी पठाना, डेराबस्सी, एसएएस नगर, खरड़, चमकौर साहिब, रोपड़, आनंदपुर साहिब, गढ़शंकर, चब्बेवाल, होशियारपुर, शाम चौरासी, दसूहा, मुकेरियां, उड़मुड़, आदमपुर, बलाचौर, नवांशहर, बंगा और फगवाड़ा से होकर तय किया गया है।

  • चंडीगढ़ में SIR के बाद बदलेगी वोटर लिस्ट, 56 हजार से अधिक नामों पर सवाल

    चंडीगढ़ में SIR के बाद बदलेगी वोटर लिस्ट, 56 हजार से अधिक नामों पर सवाल

    चंडीगढ़
     विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) के बाद मतदाता सूची में हुए बड़े बदलाव को लेकर मुख्य निर्वाचन अधिकारी प्रेरणा पुरी मंगलवार को प्रेस वार्ता करेंगी।दोपहर 1:15 बजे सेक्टर-18 स्थित निर्वाचन विभाग के नगर योजना भवन के सी-विंग के भूतल पर होने वाली प्रेस वार्ता में SIR की पूरी प्रक्रिया, अब तक हुए सत्यापन और मतदाता सूची में हुए बदलाव की जानकारी दी जाएगी।

    चंडीगढ़ में SIR के बाद मतदाताओं की संख्या में बड़ी गिरावट सामने आई है। पुनरीक्षण से पहले शहर में 5,16,427 मतदाता दर्ज थे, जबकि उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार अब यह संख्या करीब 4,60,109 रह गई है। हालांकि, अंतिम मतदाता सूची मंगलवार को जारी होने के बाद ही स्पष्ट तस्वीर सामने आएगी।

    किस वार्ड में कितने नाम घटे, आज मिल सकती है जानकारी
    प्रेस वार्ता में सबसे अहम सवाल यह रहेगा कि SIR के दौरान किस वार्ड में कितने नाम हटे, कितने नाम बरकरार रहे और कितने नए मतदाता जोड़े गए। डुप्लीकेट, मृत और दूसरे स्थान पर जा चुके मतदाताओं के नामों के सत्यापन के साथ दावे और आपत्तियों पर हुई कार्रवाई की जानकारी भी सामने आ सकती है।

    निगम चुनाव से पहले अहम सूची
    दिसंबर में प्रस्तावित नगर निगम चुनाव से पहले अंतिम मतदाता सूची महत्वपूर्ण होगी। चंडीगढ़ में 35 वार्डों में चुनाव होना है। ऐसे में वार्डवार मतदाता संख्या में हुए बदलाव से चुनावी समीकरण पर असर पड़ना स्वाभाविक है।

    2024 के लोकसभा चुनाव में शहर में 6,59,696 मतदाता थे। इसके मुकाबले मौजूदा आंकड़ा करीब दो लाख कम है। मंगलवार को जारी होने वाली अंतिम सूची से ही यह साफ होगा कि वास्तविक कटौती कितनी हुई है।

    3,521 पंजीकृत मतदाताओं की मृत्यु : विशेष पुनरीक्षण अभियान के दौरान ये भी सामने आया कि 3,521 पंजीकृत मतदाताओं की मृत्यु हो चुकी है, जबकि 43,878 मतदाता स्थायी रूप से अन्य स्थानों पर स्थानांतरित हो चुके हैं. इसके अलावा 12,886 मतदाता ऐसे मिले, जो सत्यापन के दौरान अनुपस्थित पाए गए और उनके एन्यूमरेशन फॉर्म निर्वाचन विभाग को प्राप्त नहीं हुए। 

    मतदाता सूची को सटीक बनाना लक्ष्य : निर्वाचन विभाग ने स्पष्ट किया कि विशेष गहन पुनरीक्षण का उद्देश्य मतदाता सूची को अधिक सटीक बनाना है, ताकि आगामी चुनावों में केवल पात्र और सत्यापित मतदाताओं के नाम ही सूची में शामिल हों। 

  • मंत्री पद के बंटवारे पर राजभर का तंज, चुनाव से पहले सपा पर उठाए सवाल

    मंत्री पद के बंटवारे पर राजभर का तंज, चुनाव से पहले सपा पर उठाए सवाल

    चुनाव हुआ नहीं, सपा में बंटने लगे मंत्री पद, राजभर ने अखिलेश पर कसा तंज

    इंद्रजीत सरोज के मंत्री बनने और बालू खनन वाले बयान को लेकर सुभासपा अध्यक्ष ने सपा प्रमुख को घेरा

    कहा, पहले जनता की अदालत का फैसला तो आने दीजिए, फिर बांटिए विभाग

    बोले, सरकार बनने से पहले ही मंत्री पद और बालू-मिट्टी का हिसाब-किताब लगाया जा रहा

    अखिलेश से पूछा, 2027 के लिए किस-किस नेता को कौन-कौन सा विभाग सपने में बांट रखा है

     लखनऊ
     सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी के अध्यक्ष और प्रदेश सरकार में मंत्री ओम प्रकाश राजभर ने सपा के राष्ट्रीय महासचिव इंद्रजीत सरोज के बयान को लेकर सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव पर निशाना साधा है। उन्होंने कहा कि विधानसभा चुनाव में अभी समय है और जनता का फैसला भी नहीं आया है, लेकिन सपा में अभी से मंत्री पद और विभाग बांटने के सपने देखे जाने लगे हैं।

    राजभर ने मंगलवार को एक्स पर पोस्ट कर कहा कि सपा नेता इंद्रजीत सरोज अभी से बता रहे हैं कि 2027 में सपा की सरकार बनी तो उन्हें मंत्री बनने से कोई नहीं रोक पाएगा। उन्होंने सरोज के उस बयान का भी जिक्र किया, जिसमें उन्होंने कहा था कि जब वह पार्टी के बुरे दिनों के साथी रहे हैं तो बड़े मंत्री भी वही बनेंगे।

    राजभर ने सरोज की जेसीबी, डंपर और बालू खनन को लेकर की गई टिप्पणी पर भी अखिलेश यादव को घेरा। उन्होंने सवाल किया कि चुनाव होने में अभी समय है, लेकिन सपा में मंत्री कौन बनेगा और कार्यकर्ताओं को जेसीबी-डंपर लगाकर बालू-मिट्टी खोदने की छूट कैसे मिलेगी, इसकी तैयारी अभी से शुरू हो गई है क्या?

    सुभासपा अध्यक्ष ने तंज कसते हुए कहा कि ये चुनाव की तैयारी चल रही है या सरकार बनने से पहले ही मंत्री पद और बालू-मिट्टी का हिसाब-किताब लगाया जा रहा है? उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश की जनता कोई खाली कुर्सी नहीं है कि किसी ने चाहा और उस पर बैठ गया। पहले जनता की अदालत का फैसला आने देना चाहिए।

    राजभर ने पोस्ट के आखिर में अखिलेश से पूछा कि 2027 के लिए और किस-किस नेता को कौन-कौन सा विभाग सपने में बांट रखा है। उन्होंने तंज किया कि चच्चू भी अपने विभाग का इंतजार कर रहे हैं। सपने में ही सही, लेकिन बता दीजिए कि पीडब्ल्यूडी देंगे या सिंचाई, ताकि नींद अच्छी आए।

  • गरीबी ने बदली राह, मेडिकल टॉपर शेना अग्रवाल ने UPSC में किया टॉप

    गरीबी ने बदली राह, मेडिकल टॉपर शेना अग्रवाल ने UPSC में किया टॉप

    चंडीगढ़ 

    यूपीएससी और नीट यूजी को देश की दो सबसे ज्यादा कड़े मुकाबले वाली परीक्षाएं माना जाता है। यूपीएससी में जहां 8-9 लाख युवाओं में से सिर्फ करीब हजार का चयन हो पाता है, वहीं नीट यूजी देने वाले 20 लाख बच्चों में से सिर्फ 1.30 लाख को ही एमबीबीएस मिल पाता है। लाखों अभ्यर्थी सालों साल इन परीक्षाओं की तैयारी करते रहते हैं और बार बार अटेम्प्ट देते हैं। लेकिन इन्हीं में से कुछ ऐसे होनहार छात्र भी होते हैं जो इन दोनों परीक्षाओं को अच्छी रैंक के साथ क्रैक करते हैं। यहां हम एक ऐसी अद्भुत प्रतिभा वाली शख्सियत के बारे में बताने जा रहे हैं जिसने न सिर्फ एमबीबीएस प्रवेश परीक्षा सीबीएसई पीएमटी (अब इसका नाम नीट यूजी हो गया है) में टॉप किया बल्कि यूपीएससी सिविल सेवा परीक्षा में भी टॉप किया। ये कहानी है हरियाणा की आईएएस बेटी डॉ. शेना अग्रवाल की जिन्होंने देश की दोनों सबसे चुनौतिपूर्ण परीक्षाओं में टॉप कर साबित कर दिया कि छोरियां भी किसी से कम नहीं।

    अपनी कामयाबी से शेना ने हरियाणा के उन लोगों को उन लोगों को कड़ा संदेश दिया जो बेटियों को गर्भ में मार देते हैं और उन्हें बोझ समझते हैं। बेहद खराब लिंगानुपात के लिए बदनाम हरियाणा की बेटी ने अपने टैलेंट से यह बता दिया कि बेटियों को किसी भी तरह से बोझ नहीं समझा जाना चाहिए, बल्कि वह परिवार, समाज और राष्ट्र का गौरव हैं। लड़कियां हर वह मुकाम हासिल कर सकती हैं जो लड़के कर सकते हैं। आज शेना अग्रवाल पंजाब कैडर की 2012 बैच की आईएएस अफसर हैं। वर्तमान में वह जॉइंट डेवलपमेंट कमिश्नर, IRD और एडिशनल कमिश्नर, NREGA के तौर पर काम कर रही हैं।

    यमुनानगर की रहने वाली, पिता डॉक्टर
    आईएएस शेना अग्रवाल मूल रूप से हरियाणा के यमुनानगर की रहने वाली हैं। उनके पिता डॉ. केसी अग्रवाल एक डेंटिस्ट हैं।

    बचपन से ही पढ़ाई में होनहार
    शेना स्कूल दिनों से ही पढ़ाई में काफी तेज थीं। उन्होंने अपनी 10वीं की पढ़ाई संत निश्चल सिंह पब्लिक स्कूल (यमुनानगर) से की। 10वीं में उनके 95 फीसदी अंक आए। फिर 12वीं की पढ़ाई दयानंद पब्लिक स्कूल (नाभा) से की जिसमें 92 फीसदी अंक हासिल किए।

    एमबीबीएस एंट्रेस में टॉपर
    शेना ने 2004 में सीबीएसई प्री मेडिकल टेस्ट में पूरे देश में टॉप किया। एम्स (AIIMS) प्रवेश परीक्षा में उनकी 19वीं रैंक आई। उन्होंने दिल्ली एम्स से एमबीबीएस किया और डॉक्टर बन गईं। एमबीबीएस की डिग्री हासिल करने के बाद प्रैक्टिस शुरू की। लेकिन उन्हें जल्द ही महसूस हुआ कि गरीबी से बड़ी कोई बीमारी नहीं है।

    डॉक्टरी छोड़ी, यूपीएससी करने का फैसला
    एम्स से एमबीबीएस करने के बाद जब शेना एक गांव में अपनी इंटर्नशिप कर रही थीं, तो उन्होंने देखा कि देश में गरीबी स्वास्थ्य समस्याओं से भी बड़ी बीमारी है। उन्हें लगा कि एक डॉक्टर के रूप में वे सीमित इलाज कर सकती हैं, जबकि आईएएस अधिकारी बनकर वे सामाजिक और आर्थिक स्तर पर बड़ा बदलाव ला सकती हैं। उन्हें अहसास हुआ कि जब तक वे किसी बड़े प्रशासनिक पद पर नहीं होंगी, तब तक वे इस सामाजिक समस्या का व्यापक इलाज नहीं कर सकतीं। इसी सोच के साथ उन्होंने आईएएस बनने का संकल्प लिया।

    दूसरे प्रयास में यूपीएससी क्रैक, तीसरे प्रयास में टॉपर
    उन्होंने एमबीबीएस की इंटर्नशिप करते हुए साल 2009 में पहली बार यूपीएससी सिविल सेवा परीक्षा दी। इसमें वे प्रीलिम्स भी पार नहीं कर सकीं इसे उन्होंने निराश होने के बजाय परीक्षा को समझने का एक अवसर माना।

    दूसरा अटेम्प्ट साल 2010 में जूनियर रेजिडेंट डॉक्टर के तौर पर काम करते हुए दिया। इस बार वह कामयाब रहीं और भारतीय राजस्व सेवा (आईआरएस) में सेलेक्शन हुआ। दूसरे प्रयास में उन्होंने 305वीं रैंक हासिल की और उनका चयन भारतीय राजस्व सेवा (IRS) में हुआ।

    तीसरे प्रयास में यूपीएससी ऑल इंडिया टॉप
    शेना अग्रवाल आईआरएस की ट्रेनिंग के लिए नागपुर जाने की तैयारी कर ही रही थीं कि यूपीएससी सिविल सेवा परीक्षा 2011 का रिजल्ट आ गया। अपने तीसरे प्रयास में उन्होंने यूपीएससी ऑल इंडिया रैंक 1 हासिल की।

  • UPITS-2026 में संभल का जलवा, हॉर्न-बोन क्राफ्ट और सोनपापड़ी को मिला मंच

    UPITS-2026 में संभल का जलवा, हॉर्न-बोन क्राफ्ट और सोनपापड़ी को मिला मंच

    यूपीआईटीएस-2026: संभल के हॉर्न-बोन क्राफ्ट और सोनपापड़ी का दुनिया में बजेगा डंका, सात फर्मों को मिले स्टॉल

    ओडीओपी और ओडीओसी योजना के तहत वैश्विक पटल पर चमकेगा संभल का हुनर, एमएसएमई हॉल में भी दिखेगी जिले की मजबूत धमक

    संभल
     प्रदेश को एक ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनाने और स्थानीय दस्तकारी को सात समंदर पार पहचान दिलाने की दिशा में प्रदेश सरकार का महत्वाकांक्षी आयोजन 'यूपी इंटरनेशनल ट्रेड शो' 25 से 29 सितंबर तक ग्रेटर नोएडा के इंडिया एक्सपो सेंटर एंड मार्ट में आयोजित होने जा रहा है। इस अंतरराष्ट्रीय महामंच पर पश्चिमी उत्तर प्रदेश के संभल जनपद के हुनर का जलवा बिखरेगा। प्रदेश सरकार की महत्वाकांक्षी 'एक जनपद-एक उत्पाद', 'एक जनपद-एक व्यंजन' तथा एमएसएमई नीति के तहत संभल की सात प्रमुख औद्योगिक इकाइयों व दस्तकारों को विभिन्न हॉल में स्टॉल आवंटित कर दिए गए हैं। कुल 1.10 लाख वर्ग मीटर से अधिक के विशाल प्रदर्शनी क्षेत्र में आयोजित होने वाले इस पांच दिवसीय मेले में 2,400 से अधिक प्रदर्शक भाग लेंगे, जिसमें संभल के विश्वविख्यात 'हॉर्न एवं बोन क्राफ्ट' और लजीज सोनपापड़ी का स्वाद अंतरराष्ट्रीय खरीदारों (बायर्स) के सामने पेश किया जाएगा।

    हॉल-9 में दिखेगी सींग व हड्डी की नायाब नक्काशी
    संभल का हॉर्न एवं बोन क्राफ्ट वैश्विक स्तर पर अपनी अनूठी पहचान रखता है। यूपीआईटीएस-2026 के हॉल नंबर 9 (ओडीओपी पवेलियन) में संभल के तीन प्रमुख दस्तकारों को स्थान दिया गया है। इनमें मोहम्मद आरिफ को स्टॉल नंबर एच9-0116/ और शाह आलम को स्टॉल नंबर एच9-02/72 आवंटित किया गया है, जो हॉर्न व बोन से बने हस्तशिल्प उत्पादों का प्रदर्शन करेंगे। वहीं, अमेजिंग क्राफ्ट होम के विकास जैन को स्टॉल नंबर एच9-03/126, 127, 128 और 129 यानी चार स्टॉलों का बड़ा स्पेस मिला है, जहां वे काष्ठ शिल्प (वुडन हैंडीक्राफ्ट्स) का भव्य प्रदर्शन करेंगे।

    एमएसएमई और एक्सपोर्ट पवेलियन में भी संभल का दबदबा
    जिले के उद्यमियों ने केवल पारंपरिक ओडीओपी तक सीमित न रहकर आधुनिक कला और निर्यात क्षेत्र में भी कदम बढ़ाए हैं। हॉल नंबर 10 (एमएसएमई) में जुबैर उमर (फर्म: जुबैर उमर मिस्टर जुबैर) को स्टॉल नंबर एच10-08/457 मिला है, जहां वे हॉर्न-बोन के साथ रेजिन आर्ट और वुडन क्राफ्ट का अनूठा सम्मिश्रण प्रस्तुत करेंगे। इसके अलावा हॉल नंबर 14 (ओडीओपी) में हैंडीक्राफ्ट्स वेलफेयर एसोसिएशन के बैनर तले नीलकंठ ओवरसीज के कमल कौशल वार्ष्णेय को स्टॉल एच14-14/44 तथा शहादत हुसैन को स्टॉल एच14-14/42 आवंटित किया गया है। हॉल नंबर 11 में डेकोर वर्ल्ड एक्सपो के मोहम्मद आकिब यूपी एक्सपोर्ट प्रमोशन काउंसिल के तहत जिले के एक्सपोर्ट क्वालिटी उत्पादों को प्रदर्शित करेंगे।

    ओडीओसी में घुलेगी संभल की मशहूर सोनपापड़ी की मिठास
    हस्तशिल्प के साथ-साथ इस बार संभल के लजीज स्वाद को भी वैश्विक मंच दिया गया है। 'एक जिला, एक व्यंजन' योजना के तहत हॉल नंबर 16 में खाद्य प्रसंस्करण क्षेत्र को बढ़ावा देने के लिए संभल के दक्ष स्वीट सेंटर के संचालक राजेंद्र कुमार को स्थान दिया गया है। यहां देश-विदेश से आने वाले मेहमानों और ट्रेडर्स को संभल की मशहूर सोनपापड़ी का मुरीद बनाया जाएगा। 

    वैश्विक बाजार में संभल के हुनर को मिलेगा नया मुकाम
    "यूपी इंटरनेशनल ट्रेड शो संभल के उद्यमियों और दस्तकारों के लिए अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपने उत्पादों की पहचान स्थापित करने का एक स्वर्णिम अवसर है। ओडीओपी और ओडीओसी योजना के तहत चयनित इकाइयों को वैश्विक मंच उपलब्ध कराने के लिए स्टॉल आवंटित किए जा चुके हैं। प्रशासन का पूरा प्रयास है कि हमारे पारंपरिक हॉर्न-बोन हस्तशिल्प और स्थानीय मिठास को देश-विदेश के बड़े खरीदारों से सीधे ऑर्डर्स मिलें, जिससे जिले के निर्यात को नई गति और कारीगरों को बेहतर आय मिल सके।"
    — मुकेश कुमार, उपायुक्त उद्योग, जिला उद्योग एवं उद्यम प्रोत्साहन केंद्र, संभल