Category: राज्य

  • बड़गाईं जमीन मामले में 24 सितंबर को होगी अगली सुनवाई, हेमंत सोरेन की याचिका खारिज

    बड़गाईं जमीन मामले में 24 सितंबर को होगी अगली सुनवाई, हेमंत सोरेन की याचिका खारिज

    रांची
    बड़गाईं अंचल की 8.86 एकड़ जमीन से जुड़े कथित फर्जीवाड़े और मनी लॉन्ड्रिंग मामले में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को कोर्ट ने राहत नहीं दी है. पीएमएलए के विशेष न्यायाधीश योगेश कुमार की अदालत ने आरोप तय करने और ट्रायल की कार्यवाही स्थगित रखने की मांग को लेकर मुख्यमंत्री की ओर से दाखिल याचिका खारिज कर दी. अदालत ने स्पष्ट किया कि मामले में आगे की जांच जारी रहने का मतलब यह नहीं है कि मूल शिकायत पर आरोप तय करने की प्रक्रिया रोक दी जाए.

    सोमवार को सिविल कोर्ट में सर्वर डाउन रहने के कारण मुख्यमंत्री की वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से पेशी नहीं हो सकी. इसके बाद अदालत ने आरोप तय करने की अगली तारीख 24 सितंबर निर्धारित की है.

    आरोप तय करने की प्रक्रिया रोकने की मांग
    मुख्यमंत्री की ओर से दाखिल याचिका में आरोप तय करने और ट्रायल की कार्यवाही को स्थगित रखने का आग्रह किया गया था. सुनवाई के दौरान उनके अधिवक्ता ने सुप्रीम कोर्ट के विभिन्न आदेशों का हवाला देते हुए दलील दी कि ईडी ने शिकायत पत्र के पैरा-16 में पूरक शिकायत दाखिल करने की अनुमति मांगी है. अधिवक्ता का तर्क था कि जब मामले में आगे की जांच जारी है, तो जांच पूरी होने से पहले आरोप तय कर ट्रायल शुरू करना कानून के सिद्धांतों के विपरीत होगा. इसलिए आरोप गठन की प्रक्रिया को जांच पूरी होने तक स्थगित रखा जाए.

    ईडी ने याचिका का किया विरोध
    ईडी के विशेष लोक अभियोजक ने मुख्यमंत्री की याचिका का विरोध किया. ईडी की ओर से इसे सुनवाई में देरी करने की रणनीति बताया गया. ईडी का कहना था कि पूरक जांच या शिकायत की संभावना से मूल शिकायत के आधार पर आरोप तय करने की प्रक्रिया पर रोक नहीं लगती. अदालत ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद मुख्यमंत्री की याचिका खारिज कर दी. अदालत ने कहा कि आगे की जांच जारी रहने के आधार पर मूल शिकायत में आरोप तय करने की प्रक्रिया को नहीं रोका जा सकता.
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    हाईकोर्ट से भी नहीं मिली थी राहत
    इससे पहले 18 सितंबर को झारखंड हाईकोर्ट ने भी पीएमएलए की विशेष अदालत में चल रही कार्यवाही पर रोक लगाने की हेमंत सोरेन की मांग को खारिज कर दिया था. हाईकोर्ट में यह मामला बड़गाईं की 8.86 एकड़ जमीन से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग केस में विशेष अदालत द्वारा उनकी डिस्चार्ज याचिका खारिज किए जाने के बाद पहुंचा था. अब 24 सितंबर को पीएमएलए की विशेष अदालत में आरोप तय करने की प्रक्रिया पर सुनवाई होगी.

  • लखनऊ में प्लॉट और फ्लैट का बड़ा मौका, 24 सितंबर को 5 आवासीय योजनाओं का भी शिलान्यास

    लखनऊ में प्लॉट और फ्लैट का बड़ा मौका, 24 सितंबर को 5 आवासीय योजनाओं का भी शिलान्यास

    लखनऊ
    राजधानी लखनऊ में अपना घर बनाने के लिए प्लॉट का इंतजार कर रहे लोगों के लिए खुशखबरी है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ आगरा रोड पर प्रस्तावित वरुण विहार योजना में आयोजित समारोह में 24 सितम्बर को एलडीए की नव विकसित वरुण विहार और नैमिषनगर योजना का भूमि पूजन कर शुभारंभ करेंगे। मुख्यमंत्री के हाथों शुभारंभ के साथ ही दोनों योजनाओं में लगभग 5000 भूखंडों के लिए पंजीकरण भी खोल दिया जाएगा।

    एलडीए की ओर से समारोह की तैयारियां तेज कर दी गई हैं। नया हेलीपैड भी बनाया जा रहा है। एलडीए की टीम रात दिन काम में लग गई है। यह दोनों योजनाएं राजधानी के भविष्य के शहरी विस्तार का आधार बनेंगी और आधुनिक सुविधाओं से युक्त विकसित नगरों के रूप में तैयार की जाएंगी।

    पहले चरण में 5,000 भूखंडों के लिए पंजीकरण
    एलडीए उपाध्यक्ष प्रथमेश कुमार ने बताया कि दोनों योजनाओं में पहले चरण में लगभग 5,000 भूखंडों के लिए पंजीकरण शुरू किया जाएगा। मुख्यमंत्री के भूमि पूजन के बाद आम नागरिकों के लिए आवेदन प्रक्रिया खोल दी जाएगी।

    वरुण विहार और नैमिष नगर योजना को कुल 10,680 एकड़ क्षेत्र में विकसित किया जाएगा। दोनों परियोजनाओं पर लगभग 12,000 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। योजनाओं के तहत सड़क, जलापूर्ति, सीवरेज, हरित क्षेत्र, सार्वजनिक सुविधाएं और आधुनिक शहरी ढांचा विकसित किया जाएगा जिससे सुव्यवस्थित नगर तैयार हों सकें।

    यह होगी भूखंडों की दर, मिलेंगे कई विकल्प
    एलडीए के अनुसार वरुण विहार योजना में भूखंड 2,800 रुपये प्रति वर्गफुट की दर से उपलब्ध होंगे जबकि नैमिषनगर योजना में भूखंडों की दर 3,800 रुपये प्रति वर्गफुट निर्धारित की गई है। दोनों योजनाओं में विभिन्न आकार के भूखंड उपलब्ध कराए जाएंगे ताकि अलग-अलग वर्गों को विकल्प मिल सके।

    नैमिषनगर में सुविधाओं आध्यात्मिकता का संगम
    सीतापुर रोड पर विकसित की जा रही नैमिषनगर योजना को धार्मिक और आध्यात्मिक पर्यटन के साथ आधुनिक जीवनशैली से जोड़कर विकसित किया जाएगा। यहां आध्यात्मिक साधना, योग एवं शांति जीवनशैली केंद्र, ध्यान केंद्र, आश्रम और सांस्कृतिक केंद्र बनाए जाएंगे। एक जिला एक उत्पाद केंद्र, वाणिज्यिक केंद्र, शिक्षा केंद्र, खुले व्यायाम स्थल, सामुदायिक पार्क और खरीदारी मार्ग जैसी सुविधाएं भी प्रस्तावित हैं। योजना में 800 वर्गफुट से 5000 वर्गफुट तक के प्लॉट होंगे जिनकी कीमत 30 लाख से 1.90 करोड़ तक होगी। सबसे छोटे प्लॉट के लिए 1.52 लाख और सबसे बड़े प्लॉट के लिए 9.50 लाख पंजीकरण राशि देनी होगी।

    हाईटेक सुविधाओं पर रहेगा फोकस
    प्राधिकरण का दावा है कि दोनों योजनाओं को आधुनिक और हाईटेक स्वरूप में विकसित किया जाएगा। चौड़ी सड़कों, बेहतर यातायात व्यवस्था, आधुनिक आधारभूत ढांचे और सुनियोजित विकास के जरिए इन्हें राजधानी की नई पहचान बनाने की तैयारी है।

    पांच अपार्टमेंट योजनाओं का भी होगा शिलान्यास
    मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ 24 सितंबर को वरुण विहार योजना में होने वाले भूमि पूजन कार्यक्रम के दौरान लखनऊ विकास प्राधिकरण की पांच अपार्टमेंट योजनाओं का भी शिलान्यास करेंगे। इन पांच परियोजनाओं में कुल 4150 फ्लैट बनाए जाएंगे। एलडीए ने अपनी विभिन्न आवासीय योजनाओं में इन अपार्टमेंट के निर्माण की तैयारी की है। कुछ योजनाओं में पंजीकरण हो चुका है, कुछ में प्रक्रिया चल रही है।

    एलडीए की पांचों योजनाओं में सबसे अधिक फ्लैट अनंत नगर में प्रस्तावित आदिती अपार्टमेंट में बनाए जाएंगे। 1932 फ्लैट प्रस्तावित हैं। विराज खंड में लेक व्यू अपार्टमेंट में 646 फ्लैट बनाए जाएंगे।

    चार अन्य योजनाओं में भी निर्माण प्रस्तावित
    बागेश्वरी अपार्टमेंट में 824 फ्लैट होंगे। ऐशबाग स्क्वायर में 384 फ्लैट बनाए जाएंगे। वहीं बसंत कुंज स्थित राष्ट्र प्रेरणा स्थल के पास पार्क व्यू अपार्टमेंट में 364 फ्लैट प्रस्तावित हैं। मुख्यमंत्री के कार्यक्रम में वरुण बिहार योजना के भूमि पूजन के साथ इन पांच अपार्टमेंट परियोजनाओं का शिलान्यास भी प्रस्तावित है।

  • आपने युवाओं को शूटर बनाया, पैसे लेकर नौकरी दी’, अखिलेश यादव पर ओमप्रकाश राजभर का सीधा हमला

    आपने युवाओं को शूटर बनाया, पैसे लेकर नौकरी दी’, अखिलेश यादव पर ओमप्रकाश राजभर का सीधा हमला

    लखनऊ
    सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी के अध्यक्ष और कैबिनेट मंत्री ओमप्रकाश राजभर ने समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव पर बेहद तीखे अंदाज में हमला बोला है। राजभर ने सोशल मीडिया पर पोस्ट करते हुए अखिलेश यादव को संबोधित कर पूछा- 'का भइया अखिलेश जी, हाल-चाल ठीक है न?' इसके साथ ही उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि लगता नहीं है कि हाल ठीक होगा, क्योंकि चुनाव से पहले एक लाख युवाओं को नौकरी मिलने जा रही है।

    राजभर ने अपनी पोस्ट में कहा कि ये नौकरियां बिना लेन-देन, बिना भेदभाव, बिना जात-पात और बिना क्षेत्रवाद के दी जा रही हैं। उन्होंने कहा कि योगी सरकार में नौ साल में साढ़े नौ लाख नौकरियां दी जा चुकी हैं और कुछ ही हफ्तों में दस लाख का आंकड़ा भी पूरा हो जाएगा।

    राजभर ने इसी मुद्दे पर अखिलेश यादव पर व्यंग्य करते हुए लिखा कि मुख्यमंत्री ने कहा है कि 'बस गिनती करते जाइए।' उन्होंने अखिलेश से भी गिनती शुरू करने को कहा। साथ ही तंज कसा कि अगर वह ठीक से गिनती न कर पाएं तो 'चच्चू को लगा दीजिएगा।' राजभर ने आरोप लगाया कि अखिलेश सरकार के समय लूट का पूरा हिसाब-किताब चच्चू (शिवपाल यादव) ही करते थे।

    ‘चुनाव आ रहा है, दोपहर 12 बजे तक सोना छोड़ दीजिए’
    राजभर ने अपने पोस्ट में आगामी चुनाव को लेकर भी अखिलेश यादव पर सीधा निशाना साधा। उन्होंने लिखा- 'सुनिए महाराज, चुनाव आ रहा है। दोपहर 12 बजे तक सोना छोड़ दीजिए।'

    इसके बाद उन्होंने सपा के पिछले विधानसभा चुनावों के प्रदर्शन का जिक्र करते हुए लिखा कि 2017 में 47 और 2022 में 111 सीट मिली थी। राजभर ने तंज किया कि इस बार 47 सीट भी आ जाए तो कहिएगा।

    ‘आपने युवाओं को शूटर बनाया’
    राजभर ने अपने पोस्ट में सपा सरकार के कार्यकाल पर गंभीर आरोप भी लगाए। उन्होंने लिखा कि जब अखिलेश यादव का समय था, तब उन्होंने 'युवाओं को शूटर बनाया' और भेदभाव करके, पैसे लेकर नौकरी दी। राजभर ने आगे लिखा कि शूटरों के भरोसे चुनाव जीतने के चक्कर में थे, लेकिन 'शूटर तो ढेर हो गए।' इसके बाद उन्होंने आरोप लगाया कि अब कुछ अपराधी सपा के कार्यकर्ता बनकर घूम रहे हैं और उन्हें उम्मीद है कि सरकार आने पर वे फिर लूट और अपराध करेंगे।

    अपने पोस्ट के अगले हिस्से में राजभर ने लिखा कि 'यकीन मानिए, सरकार तो आयेगी नहीं।' उन्होंने आगे कहा कि जो अपराधी बचे हैं, वे भी जल्दी ही निपट जाएंगे। पोस्ट के अंत में राजभर ने अखिलेश यादव पर फिर तंज कसते हुए लिखा- 'ख़ैर, ठीक से चुनाव लड़िए महाराज। एकतरफा चुनाव में मज़ा नहीं आता है।

  • MLC चुनाव 2026: बिहार, यूपी समेत 4 राज्यों में तारीखों का ऐलान, जानें पूरा शेड्यूल

    MLC चुनाव 2026: बिहार, यूपी समेत 4 राज्यों में तारीखों का ऐलान, जानें पूरा शेड्यूल

    पटना
     भारत निर्वाचन आयोग (ECI) ने बिहार समेत चार राज्यों में एमएलसी इलेक्शन की घोषणा कर दी। बिहार, कर्नाटक, महाराष्ट्र और उत्तर प्रदेश के विधान परिषद द्विवार्षिक चुनाव की अधिकारिक टाइम-टेबल जारी कर दी गई। ये चुनाव स्नातक (Graduates) और शिक्षक (Teachers) निर्वाचन क्षेत्रों की सीटों पर सदस्यों का कार्यकाल समाप्त होने के कारण आयोजित किया जा रहा है। आयोग के अनुसार बिहार के 8, कर्नाटक के 4, महाराष्ट्र के 5 और उत्तर प्रदेश के 11 सदस्यों की कार्यकाल समाप्त होने से सीटें खाली हो रही हैं। चुनाव की अधिसूचना जारी होने के साथ ही इन निर्वाचन क्षेत्रों में तत्काल प्रभाव से आदर्श आचार संहिता भी लागू हो गई है।

    MLC चुनाव का पूरा कार्यक्रम
    निर्वाचन आयोग की जारी नोटिस के मुताबिक, चुनावों की औपचारिक अधिसूचना 29 सितंबर 2026 (मंगलवार) को जारी होगी। नामांकन दाखिल करने की अंतिम तिथि 6 अक्टूबर निर्धारित की गई है। इसके बाद 7 अक्टूबर को नामांकनों की जांच (Scrutiny) होगी और उम्मीदवार 9 अक्टूबर 2026 तक अपना नाम वापस ले सकेंगे।

    मतदान और मतगणना की तारीखें
    निर्वाचन प्रक्रिया के तहत चारों राज्यों की संबंधित स्नातक और शिक्षक सीटों पर 23 अक्टूबर 2026 (शुक्रवार) को सुबह 8 बजे से शाम 4 बजे तक मतदान कराया जाएगा। इसके बाद 27 अक्टूबर 2026 (मंगलवार) को वोटों की गिनती की जाएगी और 31 अक्टूबर तक चुनाव प्रक्रिया पूरी कर ली जाएगी।

    बिहार के इन सीटों पर चुनाव
    बिहार विधान परिषद की 4 स्नातक और 4 शिक्षक सीटों के सदस्यों का कार्यकाल 16 नवंबर 2026 को समाप्त हो रहा है।
        पटना स्नातक: नीरज कुमार
        दरभंगा स्नातक: सर्वेश कुमार
        तिरहुत स्नातक: बंशीधर ब्रजवासी
        कोशी स्नातक: डॉ एनके यादव
        पटना शिक्षक: नवल किशोर यादव
        दरभंगा शिक्षक: डॉ मदन मोहन झा
        तिरहुत शिक्षक: संजय कुमार सिंह
        सारण शिक्षक: अफाक अहमद

    आचार संहिता लागू
    आयोग के सचिव सुमन कुमार दास की ओर से जारी इस आदेश के तहत संबंधित निर्वाचन क्षेत्रों में आदर्श आचार संहिता (Model Code of Conduct) तुरंत प्रभाव से लागू कर दी गई है। आयोग ने कहा कि चुनाव से संबंधित सभी नियम और निर्देश आयोग की आधिकारिक वेबसाइट पर उपलब्ध हैं और सभी पक्षों को इनका कड़ाई से पालन करना होगा।

  • घर छोड़कर निकाह करने वाली 17 साल की युवती को हाईकोर्ट से सुरक्षा

    घर छोड़कर निकाह करने वाली 17 साल की युवती को हाईकोर्ट से सुरक्षा

    चंडीगढ़
     पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट ने मुस्लिम व्यक्तिगत कानून से जुड़े एक मामले में महत्वपूर्ण टिप्पणी करते हुए कहा है कि यौवन प्राप्त कर चुका मुस्लिम लड़का या लड़की अपनी पसंद के व्यक्ति से विवाह कर सकता है। अदालत ने कहा कि मुस्लिम व्यक्तिगत कानून में सामान्यतः 15 वर्ष की आयु को यौवन की आयु माना जाता है, जब तक इसके विपरीत कोई प्रमाण सामने न हो। हालांकि, हाईकोर्ट ने संबंधित निकाह की वैधता पर कोई अंतिम राय नहीं दी है।

    मामला लुधियाना का है, जहां 17 वर्ष 8 माह की युवती ने परिवार की इच्छा के विरुद्ध 26 वर्षीय युवक से निकाह किया था। दोनों मुस्लिम हैं और उनका कहना था कि वे एक-दूसरे को कुछ समय से जानते हैं तथा आपसी सहमति से साथ रहना चाहते हैं। याचिका के अनुसार युवती के पिता इस रिश्ते के खिलाफ थे। इसके बाद युवती ने 22 अगस्त 2026 को अपना पैतृक घर छोड़ दिया और उसी दिन मुस्लिम रीति-रिवाज के अनुसार युवक से निकाह कर लिया।

    परिवार की धमकियों के बाद पुलिस से मांगी सुरक्षा
    परिवार की ओर से विरोध और कथित धमकियों के चलते दोनों ने 30 अगस्त को पुलिस के समक्ष जीवन और स्वतंत्रता की सुरक्षा के लिए शिकायत दी। उन्होंने अदालत से पुलिस सुरक्षा उपलब्ध कराने की मांग की और आशंका जताई कि परिवार की ओर से उन्हें नुकसान पहुंचाया जा सकता है। मामले की सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट ने मुस्लिम व्यक्तिगत कानून के प्रावधानों पर विचार किया।

    पसंद से विवाह की स्वतंत्रता
    अदालत ने कहा कि मुस्लिम कानून के तहत यौवन प्राप्त कर चुका लड़का या लड़की अपनी पसंद से विवाह करने के लिए स्वतंत्र है। मुस्लिम व्यक्तिगत कानून में सामान्यतः 15 वर्ष की आयु को यौवन प्राप्त करने की उम्र माना जाता है, जब तक इसके विपरीत कोई प्रमाण उपलब्ध न हो।

    हालांकि, अदालत ने स्पष्ट किया कि वह इस स्तर पर दोनों के निकाह की वैधता पर कोई अंतिम निष्कर्ष नहीं दे रही है। याचिका का उद्देश्य मुख्य रूप से जीवन और व्यक्तिगत स्वतंत्रता की सुरक्षा प्राप्त करना था।

    हाईकोर्ट ने अंततः याचिका का निपटारा करते हुए लुधियाना ग्रामीण के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक को निर्देश दिया कि वह 30 अगस्त को दी गई सुरक्षा संबंधी शिकायत पर विचार करें। पुलिस को मामले के तथ्यों और परिस्थितियों के अनुसार कानून के तहत आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए।

     

  • 650वें प्रकाश पर्व पर भव्य आयोजन, 4 राज्यों से होकर गुजरेंगी गुरु रविदास जी की यात्राएं

    650वें प्रकाश पर्व पर भव्य आयोजन, 4 राज्यों से होकर गुजरेंगी गुरु रविदास जी की यात्राएं

    चंडीगढ़.

    श्री गुरु रविदास जी के 650वें प्रकाश पर्व के पावन अवसर को भव्य रूप से मनाने के लिए आम आदमी पार्टी की पंजाब सरकार ने एक बड़ी योजना की घोषणा की है।

    सरकार इस ऐतिहासिक अवसर को समर्पित करते हुए चार विशाल यात्राएं आयोजित करने जा रही है, जो देश के अलग-अलग हिस्सों और पंजाब के प्रमुख शहरों से शुरू होकर पवित्र स्थान खुरालगढ़ साहिब में संपन्न होंगी।आज आयोजित एक उच्चस्तरीय बैठक के बाद कैबिनेट मंत्रियों और सलाहकारों ने इस योजना की विस्तृत जानकारी साझा की। कैबिनेट मिनिस्टर हरपाल चीमा ने बताया कि तय कार्यक्रम के अनुसार, पहली यात्रा 30 नवंबर को गुरु रविदास जी की पावन जन्मस्थली वाराणसी से रवाना होगी। दूसरी यात्रा 30 नवंबर को ही जम्मू से शुरू की जाएगी।

    दो यात्राएं पंजाब से निकलेंगी
    इसके अलावा, पंजाब के भीतर से भी दो प्रमुख यात्राएं निकाली जाएंगी। इनमें से तीसरी यात्रा 1 दिसंबर को बठिंडा से शुरू होगी, जबकि चौथी यात्रा 2 दिसंबर को फरीदकोट से अपनी मंजिल के लिए रवाना होगी। ये सभी चार यात्राएं विभिन्न धार्मिक व सामाजिक पड़ावों से होती हुई अंततः खुरालगढ़ साहिब पहुंचेंगी, जहां एक विशाल समागम का आयोजन किया जाएगा।

    बैठक के बाद हुई आधिकारिक घोषणा
    इस महत्वपूर्ण योजना की औपचारिक घोषणा राज्य सरकार के मंत्री हरपाल सिंह चीमा, मंत्री तरुणप्रीत सिंह सोंद और एडवाइजर दीपक बाली ने एक संयुक्त प्रेस वार्ता के दौरान की। उन्होंने बताया कि इन यात्राओं के माध्यम से गुरु रविदास जी के शांति, समानता और मानवता के संदेश को जन-जन तक पहुंचाया जाएगा। सरकार ने इन यात्राओं के सुचारू संचालन और श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए सभी प्रशासनिक व्यवस्थाएं पुख्ता करने के निर्देश दिए हैं।

  • पंपों पर लगेगा बोर्ड, बिना वैध नंबर प्लेट ईंधन देने पर होगी कार्रवाई

    पंपों पर लगेगा बोर्ड, बिना वैध नंबर प्लेट ईंधन देने पर होगी कार्रवाई

    अमृतसर 

      पंजाब के अमृतसर में अब सड़क पर बिना वैध नंबर प्लेट के वाहन दौड़ाना भारी पड़ सकता है। शहर में बढ़ते अपराधों और ट्रैफिक नियमों की अनदेखी पर लगाम कसने के लिए पुलिस प्रशासन ने बेहद सख्त कदम उठाया है।

    पुलिस कमिश्नर हरमनबीर सिंह गिल ने भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता यानी बीएनएसएस (BNSS) की धारा 163 के तहत एक आदेश जारी किया है, जिसके तहत कमिश्नरेट क्षेत्र के किसी भी फ्यूल स्टेशन पर बिना वैध नंबर प्लेट वाले वाहनों को पेट्रोल, डीजल या सीएनजी नहीं दी जाएगी। पुलिस का यह फैसला शहर की सुरक्षा व्यवस्था को चाक-चौबंद करने की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है।

    अपराधियों पर शिकंजा कसने की तैयारी
    प्रशासन के संज्ञान में आया था कि कई वाहन चालक
    जानबूझकर अपनी नंबर प्लेट को मोड़कर, तोड़कर, ढककर या उसमें छेड़छाड़ करके वाहन चलाते हैं। इस तरह की कारगुजारियों से ट्रैफिक पुलिस के साथ-साथ स्थानीय पुलिस को भी वाहनों की सही पहचान करने में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ता था।

    पुलिस अधिकारियों का मानना है कि अस्पष्ट या फर्जी नंबर प्लेट वाले इन वाहनों का इस्तेमाल अक्सर हिट एंड रन, चेन स्नैचिंग, वाहन चोरी और लूटपाट जैसी आपराधिक वारदातों को अंजाम देने के लिए किया जाता है। ऐसे में ईंधन मिलने पर रोक लगने से अपराधियों की गतिविधियों पर काफी हद तक लगाम लगेगी।

    नए वाहनों और आपातकालीन सेवाओं को छूट
    जारी किए गए आदेश के मुताबिक, अमृतसर की सीमा में उन्हीं वाहनों को ईंधन मिलेगा जिनके आगे और पीछे वैध हाई सिक्योरिटी रजिस्ट्रेशन प्लेट यानी एचएसआरपी (HSRP) लगी होगी। यदि नंबर प्लेट टूटी हुई, मुड़ी हुई, ढकी हुई या बदली हुई पाई गई, तो फ्यूल पंप पर सरेआम मनाही होगी।

    हालांकि, इस पाबंदी से कुछ जरूरी रियायतें भी दी गई हैं। जिन नए वाहनों पर वैध रजिस्ट्रेशन नंबर या वैध अस्थायी (टारानी) नंबर चस्पा होगा, उन्हें इस नियम से छूट दी गई है। इसके अलावा एंबुलेंस, फायर ब्रिगेड और अन्य आवश्यक आपातकालीन सेवाओं में लगे सरकारी व गैर-सरकारी वाहनों पर भी यह प्रतिबंध लागू नहीं होगा।

    पेट्रोल पंप संचालकों के लिए निर्देश और सीसीटीवी की अनिवार्यता
    इस नियम को सख्ती से लागू करने के लिए पेट्रोल पंप और सीएनजी स्टेशन मालिकों की जिम्मेदारी भी तय कर दी गई है। सभी पंप संचालकों को अपने प्रवेश द्वार और ईंधन भरने वाली जगह के पास कम से कम 3 गुणा 3 फीट का एक बड़ा सूचना बोर्ड लगाना होगा, जिस पर साफ शब्दों में लिखा हो कि बिना वैध नंबर प्लेट के ईंधन नहीं दिया जाएगा।

    इसके अलावा, पंप परिसरों में लगे सीसीटीवी और एएनपीआर (ANPR) कैमरों को चौबीसों घंटे चालू रखना अनिवार्य किया गया है ताकि आने-जाने वाले हर वाहन की आगे और पीछे की नंबर प्लेट साफ-साफ रिकॉर्ड हो सके। पंप संचालकों को यह फुटेज कम से कम 30 दिनों तक संभाल कर रखनी होगी और पुलिस द्वारा मांगे जाने पर तुरंत उपलब्ध करानी होगी।

        बिना वैध नंबर प्लेट ईंधन नहीं, नए वाहनों को छूट: आदेश के मुताबिक, अमृतसर में जिन वाहनों के आगे और पीछे वैध हाई सिक्योरिटी रजिस्ट्रेशन प्लेट यानी HSRP नहीं लगी होगी, उन्हें पेट्रोल, डीजल या सीएनजी नहीं दी जाएगी। नंबर प्लेट हटाई, टूटी, मुड़ी, ढकी या बदली हुई होने पर भी ईंधन नहीं मिलेगा। जिन नए वाहनों पर वैध रजिस्ट्रेशन नंबर या वैध अस्थायी रजिस्ट्रेशन नंबर लगा होगा, उन्हें इस पाबंदी से छूट दी गई है। एंबुलेंस, फायर ब्रिगेड और अन्य जरूरी वाहनों को भी छूट रहेगी।

        पेट्रोल पंप पर बोर्ड लगाना जरूरी: सभी पेट्रोल पंप और सीएनजी स्टेशन संचालकों को प्रवेश द्वार व ईंधन भरने वाली जगह के पास कम से कम 3 गुणा 3 फीट का सूचना बोर्ड लगाना होगा। बोर्ड पर साफ लिखा होगा कि बिना वैध नंबर प्लेट वाले वाहन को ईंधन नहीं दिया जाएगा। पेट्रोल पंप और सीएनजी स्टेशन संचालकों को अपने सीसीटीवी और एएनपीआर कैमरे हर समय चालू रखने होंगे।

        कैमरों में स्पष्ट रूप से रिकॉर्ड होनी चाहिए नंबर प्लेट: आने-जाने वाले वाहनों की आगे और पीछे की नंबर प्लेट कैमरों में स्पष्ट रूप से रिकॉर्ड होनी चाहिए। पेट्रोल पंप संचालकों को कैमरों की रिकॉर्डिंग कम से कम 30 दिनों तक सुरक्षित रखनी होगी। पुलिस की जरूरत पड़ने पर यह फुटेज उपलब्ध कराना अनिवार्य होगा।

        बोतल या कंटेनर में ईंधन नहीं, विवाद पर 112 पर सूचना: पेट्रोल और डीजल पंपों पर किसी गैर-अधिकृत व्यक्ति को बोतल, कंटेनर या किसी अन्य बर्तन में पेट्रोल-डीजल देने पर भी रोक रहेगी। अगर बिना नंबर प्लेट वाले वाहन को ईंधन देने से इनकार करने पर चालक विवाद, हंगामा या गाली-गलौज करता है, तो पेट्रोल पंप संचालक तुरंत नजदीकी पुलिस थाने या 112 पर सूचना दे सकता है।

    नियम तोड़ने पर कार्रवाई आदेश का उल्लंघन करने वाले वाहन मालिक, चालक, पेट्रोल पंप संचालक या कर्मचारी के खिलाफ BNSS की धारा 223 और मोटर व्हीकल एक्ट की लागू धाराओं के तहत कानूनी कार्रवाई की जा सकती है। पुलिस के मुताबिक, इस आदेश का उद्देश्य वाहनों की पहचान सुनिश्चित करना, ट्रैफिक नियमों की निगरानी मजबूत करना और आपराधिक गतिविधियों में इस्तेमाल होने वाले वाहनों पर नजर रखना है।

    बोतल में पेट्रोल देने पर रोक और विवाद पर तुरंत एक्शन
    सुरक्षा के लिहाज से पेट्रोल और डीजल पंपों पर किसी भी गैर-अधिकृत व्यक्ति को खुली बोतल, डिब्बे या किसी अन्य कंटेनर में ईंधन देने पर पूरी तरह रोक लगा दी गई है। यदि कोई वाहन चालक बिना नंबर प्लेट के फ्यूल मांगता है और पंप कर्मचारी द्वारा मना करने पर किसी तरह का विवाद, हंगामा या बदसलूकी करता है, तो संचालक या कर्मचारी तुरंत नजदीकी पुलिस थाने या इमरजेंसी नंबर 112 पर कॉल करके पुलिस को सूचना देंगे।

    यदि कोई भी व्यक्ति या पंप संचालक इन आदेशों की अवहेलना करता पाया गया, तो उसके खिलाफ बीएनएसएस की धारा 223 और मोटर व्हीकल एक्ट के प्रासंगिक प्रावधानों के तहत सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

  • निकाय चुनाव में BJP की बड़ी जीत, भजनलाल शर्मा के नेतृत्व पर पार्टी ने जताया भरोसा

    निकाय चुनाव में BJP की बड़ी जीत, भजनलाल शर्मा के नेतृत्व पर पार्टी ने जताया भरोसा

    जयपुर
    राजस्थान निकाय चुनाव में भारतीय जनता पार्टी ने दमदार प्रदर्शन करते हुए 309 में से 199 नगर निकायों पर जीत दर्ज की है. पार्टी सूत्रों का कहना है कि यह परिणाम मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व और सरकार के कामकाज पर जनता की मुहर है. चुनाव प्रचार के दौरान भजनलाल शर्मा ने जिस तरह रोड शो किए थे और सरकार की उपलब्धियों को जनता के सामने रखा था. उससे 10 नगर निगमों में से अधिकांश पर भाजपा की बढ़त या जीत दर्ज होने के बाद पार्टी का उत्साह बढ़ गया है. अब भाजपा की नजर आगामी पंचायत चुनावों पर है, जिन्हें अगली बड़ी राजनीतिक परीक्षा माना जा रहा है.

    पहले जानिए क्या कह रहे हैं चुनावी परिणाम
    राजस्थान के 309 नगर निकायों में से 199 पर भाजपा ने जीत दर्ज की है. 10 में से सात नगर निगम के परिणाम आ चुके हैं इनमें से छह पर भाजपा के मेयर बने हैं. तीन के परिणाम बाकी है जिसमें से दो में भाजपा के पास स्पष्ट बहुमत है और तीसरे में भी बीजेपी आगे है यानी 10 में से 9 नगर निगम भाजपा के पास आने वाले हैं.

    भजनलाल के लिए क्यों खास है ये बंपर जीत
    राजस्थान में यह एकतरफा जीत मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में मिली है. यह जीत उस वक्त मिली है जब भजनलाल शर्मा अपना आधा कार्यकाल पूरा कर चुके हैं. यह जीत उस वक्त मिली है जब आमतौर पर राजस्थान की जनता में एंटी इनकंबेंसी वाले भाव आना शुरू हो जाते हैं. यह जीत उस वक्त मिली है जब बीजेपी का कोर वोटर बीजेपी से नाराज बताया जा रहा है.

    इस चुनाव को मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने पूरी तरह लीड किया था. 10 के 10 नगर निगम क्षेत्रों में भजनलाल शर्मा ने रोड शो किए थे. चुनाव से पहले संकल्प पत्र जारी किया था. दावा किया था कि हम हमारे घोषणा पत्र के 78 फीसदी वादे पूरे कर चुके हैं.

    कुल मिलाकर यह चुनाव भजनलाल शर्मा ने अपने काम के आधार पर लड़ा और अपने चेहरे पर लड़ा. सफलता को आप आंकड़ों में देख सकते हैं और आंकड़े कह रहे हैं कि इस चुनाव में भाजपा ने बहुत बड़ी जीत हासिल की है.

    आगे पंचायत चुनाव की परीक्षा बाकी
    अब आगे पंचायत चुनाव भी आ रहे हैं और एक बार फिर परीक्षा के मैदान में उतरना है. आज नतीजों के बाद बीजेपी दफ्तर में आए भजनलाल शर्मा का कॉन्फिडेंस बता रहा है कि वे एक और परीक्षा के लिए तैयार हैं. करीब ढाई साल पहले जब भजनलाल शर्मा मुख्यमंत्री बने थे तो वे विधायक भी पहली बार ही बने थे. कोई प्रशासनिक और सरकारी अनुभव नहीं था लेकिन इन दी वर्षों में उन्होंने चुपचाप अपना काम किया. नतीजा आज सबके सामने हैं.

  • SIR ड्राफ्ट में VIP वोटर्स के नाम पर EC की सफाई, जनप्रतिनिधियों के लिए क्या है खास प्रावधान?

    SIR ड्राफ्ट में VIP वोटर्स के नाम पर EC की सफाई, जनप्रतिनिधियों के लिए क्या है खास प्रावधान?

    नई दिल्ली
     कैबिनेट मंत्रियों के उनके सामान्य निवास स्थान के बजाय किसी अन्य जगह की वोटर लिस्ट में नाम दर्ज होने को लेकर उठे सवालों के बीच चुनाव आयोग ने स्थिति स्पष्ट की है।

    आयोग ने कहा है कि SIR के ड्राफ्ट रोल में पहले से फ्लैग किए गए जनप्रतिनिधियों और कुछ अन्य वर्गों के नाम शामिल किए गए हैं, ताकि क्लेम-ऑब्जेक्शन की अवधि में जरूरी डॉक्युमेंट्स जुटाए जा सकें।

    चुनाव आयोग ने आरपी एक्ट की धाराओं का दिया हवाला
    चुनाव आयोग ने रिप्रेजेंटेशन ऑफ द पीपल एक्ट, 1950 की धारा 20(1बी) का भी उल्लेख किया। इसके मुताबिक, कोई सांसद या राज्य विधानमंडल का सदस्य अपने कार्यकाल के दौरान केवल अपने कर्तव्यों के सिलसिले में निर्वाचन क्षेत्र से एलॉट रहने के कारण उस निर्वाचन क्षेत्र का सामान्य निवासी होना बंद नहीं माना जाएगा, जहां चुनाव के वक्त वह वोटर के रूप में रजिस्टर्ड था। वहीं, धारा 20(4) के तहत राष्ट्रपति द्वारा चुनाव आयोग से परामर्श के बाद कुछ पदों को इस प्रावधान के दायरे में घोषित किया गया है।

    कई संवैधानिक और सरकारी पद शामिल
    18 अप्रैल 1960 की अधिसूचना के तहत राष्ट्रपति, उपराष्ट्रपति, राज्यों के राज्यपाल, कैबिनेट मंत्री, राज्यसभा और विधानसभा के कुछ पीठासीन पदों के साथ-साथ केंद्र या राज्य के मंत्री, उपमंत्री और संसदीय सचिव जैसे पद इस प्रावधान में शामिल किए गए हैं। इसमें लोकसभा और विधानसभा के अध्यक्ष और उपाध्यक्ष, विधान परिषद के सभापति और उपसभापति भी शामिल हैं।

    ड्राफ्ट रोल में दस्तावेजों की जांच का मौका
    वीआईपी नामों को लेकर आयोग ने कहा कि इन प्रावधानों का मकसद ऐसे पदों पर रहने वाले लोगों के वोटर रजिस्ट्रेशन को लेकर स्थिति स्पष्ट रखना है। ड्राफ्ट रोल के दौरान ऐसे नामों पर जरूरी दस्तावेजों की जांच की प्रक्रिया भी पूरी की जा सकती है।

  • भिवानी में केमिकल टैंकर हादसे के बाद फिर भड़की आग, बिजली सप्लाई बंद; इलाके में दहशत

    भिवानी में केमिकल टैंकर हादसे के बाद फिर भड़की आग, बिजली सप्लाई बंद; इलाके में दहशत

    भिवानी
     मिक्स जाइलीन केमिकल से भरा टैंकर पलटने के बाद लगी आग पर भलेही रविवार को काबू पा लिया था मगर 50घंटे बाद सुरपुरा रोड पर गंदे नाले में फैला केमिकल फिर धधक उठा।

    नाले में भयंकरआग लग गई। आग की लपट और धूएं का गुब्बार दूर तक देखा गया। सूचना के बाद दमकल विभाग की गाड़ियां पहुंची और आग बुझाने के प्रयास शुरू किए।

    उल्लेखनीय है कि शनिवार रात करीब 11 बजे केमिकल मिक्स जाइलीन से भरा टैंकर बहल के बस स्टैंड के पास राजगढ़ मार्ग पर पलट गया था। गनीमत रही कि वह नाले पर पलटा।

    टैंकर उठाते वक्त लगी आग
    उसके अंदर 30 क्विंटल से अधिक केमिकल था, जो नाले में बह गया। रविवार सुबह टैंकर को उठाते समय उसमें भयंकर आग लग गई। आग की लपटे आसमान में काफी ऊंचाई तक देखी गई। आग में वहां मौजूद करीब 25 रेहड़ी व खोखे भी जल गए।

    दमकल विभाग की हिसार, भिवानी,सिवानी से आई करीब छह गाड़ियों ने करीब साढे़ तीन घंटे की मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। नाले में फैले केमिकल में मंगलवार सुबह फिर से आग लग गई। जिससे क्षेत्र में अफरा तफरी मच गई।

    क्यों लगी आग सामने आया कारण?
    आज लगी आग के बाद कयास लगाए जा रहे है कि टैंकर से रिसाव के बाद रसायन नालों में जमा हो गया है और अभी भी नालों में मौजूद है। जो आज आग लगने का कारण बना है।

    आग की लपटों में बिजली आपूर्ति की लाइनों को भी क्षति पहुंची है और क्षेत्र की बिजली को ऐतिहातन काट दिया गया है। प्रशासन व अधिकारी स्थिति पर नजरें रखे हुए हैं। सिवानी से दमकल गाड़ी को बुलाया गया है।

    कस्बे के लोग व खासकर बस अड्डा, अनाज मंडी, झूंपा-सुरपुरा रोड क्षेत्र की कालोनियों व दुकानदारों में भय की स्थिति है। नालों में लगी आग को लोगों ने मिट्टी डालकर बुझाने का प्रयास किया, लेकिन नालों में मौजूद केमिकल के कारण बार बार आग लगती रही।