Category: राज्य

  • वायरल वीडियो से आरोपियों तक पहुंची पुलिस, जमुई कांड में 3 गिरफ्तार; जहानाबाद केस की याद ताजा

    वायरल वीडियो से आरोपियों तक पहुंची पुलिस, जमुई कांड में 3 गिरफ्तार; जहानाबाद केस की याद ताजा

    जहानाबाद
    बिहार के जमुई में 19 सितंबर की शाम दो नाबालिग छात्रों के साथ सड़क पर हुई हैवानियत ने पूरे राज्य को झकझोर दिया है। दोनों 10वीं कक्षा के छात्र हैं और एक ही कोचिंग संस्थान में पढ़ते हैं। कोचिंग के बाद दोनों मड़वा पहाड़ी इलाके की तरफ गए थे। लौटते समय कुछ युवकों ने उन्हें सड़क पर रोक लिया। इसके बाद दोनों को घेरकर उनके साथ मारपीट और बदसलूकी की गई। वीडियो में जिस तरह लड़की को घेरकर उसके साथ अभद्र व्यवहार किए जाने की बात सामने आई है, उसने आठ साल पुराने जहानाबाद कांड की यादें भी ताजा कर दी हैं। अप्रैल 2018 में जहानाबाद में एक नाबालिग लड़की को सड़क पर युवकों के एक समूह ने घेर लिया था। उस घटना को भी कैमरे में रिकॉर्ड किया गया था और वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था।

    2018 के जहानाबाद कांड में क्या हुआ था?
    जमुई की घटना ने अप्रैल 2018 में बिहार के जहानाबाद में हुए एक मामले की याद इसलिए ताजा कर दी क्योंकि वहां भी एक नाबालिग लड़की को सड़क पर युवकों के समूह ने घेर लिया था और पूरी घटना का वीडियो बनाया गया था।

    30 अप्रैल 2018 को सामने आई रिपोर्टों के मुताबिक, जहानाबाद जिले में 14 साल की एक लड़की के साथ दिनदहाड़े सड़क पर कथित तौर पर छेड़छाड़ की गई और उसे जबरन निर्वस्त्र करने की कोशिश की गई। पुलिस ने इसे संभावित दुष्कर्म के प्रयास के तौर पर भी देखा था। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद पुलिस हरकत में आई।

    उस मामले में सात युवकों के खिलाफ FIR दर्ज की गई थी। पुलिस ने चार युवकों को गिरफ्तार किया था। गिरफ्तार लोगों में तीन 18 साल के युवक थे और एक नाबालिग था। पुलिस के मुताबिक वीडियो में दो युवक लड़की के साथ दिखाई दे रहे थे, जबकि दो अन्य वीडियो रिकॉर्ड कर रहे थे।

    पुलिस ने उस मामले में एक SIT भी बनाई थी। जहानाबाद के SP और पटना के ASP स्तर के अधिकारियों को जांच में शामिल किया गया था और पटना, गया तथा जहानाबाद में छापेमारी की गई थी। घटना में इस्तेमाल बाइक को भी पुलिस ने जब्त किया था।

    जहानाबाद में भी वीडियो से खुला था पूरा मामला
    जहानाबाद केस में भी पुलिस की शुरुआती कार्रवाई वायरल वीडियो के सामने आने के बाद तेज हुई थी। पुलिस ने वीडियो में दिखाई दे रहे लोगों और बाइक के जरिए आरोपियों तक पहुंचने की कोशिश की।

    उस समय पटना जोन के IG नैयर हसनैन खान ने बताया था कि पुलिस ने चार लोगों को गिरफ्तार किया है और अन्य युवकों की तलाश की जा रही है। पुलिस के मुताबिक घटना में शामिल युवकों ने अपराध को रिकॉर्ड भी किया था। जिस मोबाइल फोन से वीडियो बनाया गया था, उसे भी पुलिस ने बरामद किया था। पुलिस ने तब भी वीडियो के गलत इस्तेमाल और पीड़िता की पहचान सार्वजनिक होने से रोकने की कोशिश की थी।

    19 सितंबर की शाम जमुई में क्या हुआ?
    ताजा मामला जमुई का है। शहर के रहने वाले 10वीं कक्षा के एक लड़के और लड़की ने 19 सितंबर की शाम कोचिंग की कक्षा खत्म की। इसके बाद दोनों मड़वा पहाड़ी इलाके की तरफ स्कूटर से गए थे। लौटते समय कुछ युवकों ने उन्हें सड़क पर रोक लिया। पुलिस के अनुसार दोनों एक ही कोचिंग संस्थान में पढ़ते हैं और दोस्त हैं।

    घटना जमुई-लखीसराय मुख्य मार्ग से करीब तीन किलोमीटर दूर पहाड़ी इलाके में शाम करीब 6:30 बजे हुई बताई गई है। सामने आए वीडियो में कई लोग दोनों को घेरते दिखाई देते हैं। पुलिस के मुताबिक लड़की से उसका नाम-पता पूछा गया और उसके साथ अभद्र व्यवहार किया गया। वीडियो के कुछ हिस्सों में लड़की को खींचे जाने की बात भी सामने आई है। लड़के को भी समूह ने घेरा और उसके साथ बदसलूकी की। सबसे परेशान करने वाली बात यह है कि घटनाक्रम के दौरान वीडियो भी बनाया गया। एक रिपोर्ट के मुताबिक, दोनों को कथित तौर पर यह धमकी भी दी गई कि वीडियो सोशल मीडिया पर डाल दिया जाएगा। बाद में इसी घटना के वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से फैल गए।

    पुलिस को दो दिन तक नहीं मिली शिकायत
    इस मामले में पुलिस की कार्रवाई का सबसे अहम पहलू यह है कि घटना 19 सितंबर को हुई, लेकिन शुरुआत में पुलिस के पास पीड़ितों की ओर से कोई शिकायत नहीं पहुंची। जमुई के एसपी विश्वजीत दयाल के मुताबिक, रविवार तक लड़के या लड़की ने पुलिस से शिकायत नहीं की थी। इसके बाद जब वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ तो पुलिस ने वीडियो में दिखाई दे रहे वाहन के नंबर के आधार पर पीड़ितों तक पहुंच बनाई। इसके बाद उनके बयान दर्ज किए गए और FIR की प्रक्रिया शुरू हुई। यानी इस मामले में पुलिस को घटना की जानकारी किसी मौके पर मौजूद व्यक्ति की शिकायत से नहीं, बल्कि सोशल मीडिया पर वायरल हुए वीडियो से मिली। इसके बाद पुलिस ने POCSO एक्ट और भारतीय न्याय संहिता की संबंधित धाराओं के तहत केस दर्ज किया। मामले की जांच SDPO दीप्ति मोनाली के नेतृत्व में गठित SIT कर रही है।

    वीडियो से हुई आरोपियों की पहचान, तीन गिरफ्तार
    पुलिस के मुताबिक पीड़ितों ने FIR में आरोपियों के नाम नहीं बताए थे। इसके बावजूद वायरल वीडियो की मदद से करीब सात लोगों की पहचान की गई। इनमें से तीन को गिरफ्तार किया जा चुका है। पुलिस बाकी आरोपियों की तलाश में छापेमारी कर रही है। पुलिस ने वीडियो में लड़की के साथ कथित तौर पर अभद्र व्यवहार करते दिखाई दे रहे व्यक्ति की भी पहचान कर ली है और उसे गिरफ्तार करने की कोशिश की जा रही है। साथ ही सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म से वीडियो हटाने की प्रक्रिया भी शुरू की गई है। रिपोर्टों के मुताबिक गिरफ्तार किए गए तीन आरोपियों में दो नाबालिग हैं। यही वजह है कि मामले में POCSO की धाराएं विशेष रूप से महत्वपूर्ण हो जाती हैं।

  • नियुक्ति पत्र मिलते ही खिले शिक्षकों के चेहरे, मुख्यमंत्री के प्रति जताया आभार

    नियुक्ति पत्र मिलते ही खिले शिक्षकों के चेहरे, मुख्यमंत्री के प्रति जताया आभार

    नियुक्ति पत्र पाकर बोले चयनित शिक्षक, पारदर्शी प्रक्रिया से मिला रोजगार, मुख्यमंत्री के प्रति जताया आभार

    पहले की सरकारों में रद्द हो जाती थीं परीक्षाएं, योगी सरकार में मिला नियुक्त पत्र: ममता मौर्या

    योगी सरकार में महिलाओं को बिना भेदभाव मिल रहे रोजगार के अवसर: आंचल शुक्ला

    पूर्व की सरकारों में होने वाली अव्यवस्था को योगी सरकार ने किया खत्म: गोपाल प्रजापति

    लखनऊ
     उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग से चयनित अभ्यर्थियों के चेहरे मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के हाथों नियुक्ति-पत्र पाकर खिल उठे। पारदर्शी और त्वरित चयन प्रक्रिया के लिए उन्होंने योगी सरकार की खुलकर सराहना की। अभ्यर्थियों ने कहा कि निष्पक्ष प्रक्रिया के जरिए युवाओं को यह अवसर मिला है। उन्होंने इसके लिए मुख्यमंत्री के प्रति आभार भी प्रकट किया।

    आंचल शुक्ला ने बताया कि उनकी नियुक्ति अग्रसेन कन्या इंटर कॉलेज टाउनहॉल वाराणसी में कला विषय, प्रवक्ता (पीजीटी) के पद पर हुई है। मुख्यमंत्री के हाथों नियुक्ति-पत्र मिलने पर उन्होंने खुशी जताते हुए कहा कि उनका बड़ा सपना पूरा हुआ है। योगी सरकार में महिलाओं को बिना भेदभाव रोजगार के अवसर मिल रहे हैं। विभिन्न क्षेत्रों में महिलाओं की भागीदारी भी तेजी से बढ़ी है। योगी सरकार ने महिला सुरक्षा पर भी विशेष ध्यान दिया है। इसी सुरक्षा के माहौल से महिलाओं की प्रदेश में भागीदारी बढ़ी है।

    पिछली सरकारों में रद्द हो जाती थी परीक्षाएं
    ममता मौर्या ने बताया कि उनका चयन टीजीटी संस्कृत के पद पर हुआ है। वह 2005 में एमए करने के बाद से इसके लिए प्रयास कर रही थीं। पहले बार-बार परीक्षाएं रद्द हो जाती थीं या लंबे समय तक परिणाम नहीं आता था। आज योगी सरकार की पारदर्शी व्यवस्था का नतीजा है कि परीक्षा में सफल होने के साथ ही नियुक्ति-पत्र भी मिल गया। इतने लंबे इंतजार के बाद चयनित होने पर खुशी का कोई ठिकाना नहीं है। इसके लिए वह योगी सरकार का आभार व्यक्त करना चाहती हैं।

    टीजीटी गणित के पद पर चयनित मऊ के शिवम बरनवाल ने नियुक्ति-पत्र मिलने पर खुशी जताई। उन्होंने कहा कि योगी सरकार बहुत अच्छा काम कर रही है। बिना रिश्वतखोरी, पारदर्शी और निष्पक्ष तरीके से युवाओं को रोजगार के अवसर दिए जा रहे हैं।

    योगी सरकार ने खत्म की अव्यवस्था
    गोपाल प्रजापति ने बताया कि उनका चयन श्री वैष्णव हरिहर दास इंटर कॉलेज, आजमगढ़ में प्रवक्ता (पीजीटी) रसायन विज्ञान के पद पर हुआ है। योगी सरकार की त्वरित प्रक्रिया से उनका पूरा परिवार उत्साहित और खुश है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने पूर्व की सरकारों में होने वाली अव्यवस्था को खत्म कर व्यवस्था को सुदृढ़ किया है। इससे प्रदेश के युवाओं को रोजगार के अवसर स्पष्ट और पारदर्शी तरीके से मिल रहे हैं।

    कुमारी ऊषा सिंह ने बताया कि उनका चयन पं. दीनदयाल इंटर कॉलेज, गोरखपुर में गृह विज्ञान सहायक अध्यापक (टीजीटी) के पद पर हुआ है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के विजन से चयन प्रक्रिया निष्पक्ष तरीके से पूरी हो सकी है। मुख्यमंत्री के हाथों नियुक्ति-पत्र पाकर वह और उनका पूरा परिवार गौरवान्वित महसूस कर रहा है। मुख्यमंत्री की अपेक्षानुसार वह अपने सेवाकाल में पूरी निष्ठा के साथ जिम्मेदारियों का निर्वहन करेंगी।

    हजारों अभ्यर्थियों को मिला सीधा लाभ
    अमेठी के शिव प्रसाद मिश्रा ने बताया कि उनका चयन टीजीटी संस्कृत के पद पर हुआ है। उन्होंने योगी सरकार और उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग की निष्पक्ष चयन प्रक्रिया की सराहना की। कहा कि चयन प्रक्रिया त्वरित गति से पूरी हुई, जिससे हजारों अभ्यर्थियों को सीधे लाभ मिला है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शिक्षकों से जिस ईमानदारी की अपेक्षा की है, उसे वह पूरी निष्ठा से पूरा करेंगे।

  • हरियाणा पंचायत का फरमान: प्रेम विवाह करने वालों के बहिष्कार का ऐलान

    हरियाणा पंचायत का फरमान: प्रेम विवाह करने वालों के बहिष्कार का ऐलान

    हिसार.

    हिसार के आर्य नगर गांव में बीते रविवार को हुई एक सामाजिक पंचायत में गांव के लोगों के बीच होने वाले प्रेम विवाह के सामाजिक बहिष्कार का प्रस्ताव पारित किया गया।

    पंचायत में कहा गया कि गांव में ऐसे विवाह करने वाले लोगों और इसका समर्थन करने वाले परिवार के सदस्यों का सामाजिक बहिष्कार किया जाएगा। पिछले कुछ महीनों में गांव में ऐसे तीन विवाह होने के बाद यह प्रस्ताव पारित किए जाने की बात सामने आई है। गांव के बुजुर्गों की मौजूदगी में हुई सभा में करीब एक हजार ग्रामीण शामिल हुए।

    पंचायत की अध्यक्षता गांव के बुजुर्ग कुलवंत गोसला ने की। प्रस्ताव में यह भी कहा गया कि ऐसे विवाह का समर्थन करने वाले परिवार के सदस्यों या अन्य लोगों के खिलाफ भी सामाजिक बहिष्कार की कार्रवाई की जाएगी।

  • बिहार में सोलर पैनल लगाना हुआ आसान, केंद्र-राज्य से मिलेंगे 98 हजार रुपये तक

    बिहार में सोलर पैनल लगाना हुआ आसान, केंद्र-राज्य से मिलेंगे 98 हजार रुपये तक

     पटना
    अपने घर की छत पर सोलर पैनल लगाकर बिजली की जरूरतों को पूरा करने की दिशा में कदम बढ़ाने वाले बिहार के 25 हजार परिवारों के लिए मंगलवार का दिन खास है।

    पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना के तहत रूफटॉप सोलर लगाने वाले इन लाभार्थियों को मंगलवार को राज्य सरकार की ओर से वित्तीय सहायता प्रदान की जाएगी।

    ऊर्जा ऑडिटोरियम में आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी लाभार्थियों को राज्य वित्तीय सहायता का हस्तांतरण करेंगे। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ‘मुख्यमंत्री सोलर प्रोत्साहन योजना’ का शुभारंभ भी करेंगे।

    कार्यक्रम के दौरान सौर ऊर्जा के फायदे और इसके उपयोग के प्रति जागरूक करने के उद्देश्य से नौ सोलर रथों को हरी झंडी दिखाकर रवाना करेंगे।

    कार्यक्रम से पहले मुख्यमंत्री ‘सेवा सेतु कैंप’ का निरीक्षण करेंगे और वित्तीय सहायता के हस्तांतरण के बाद पीएम सूर्य घर योजना के लाभार्थियों से सीधे संवाद भी करेंगे।

    केंद्र की सहायता के साथ बिहार सरकार भी दे रही अतिरिक्त सहायता
    पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना के तहत केंद्र सरकार की ओर से एक किलोवाट के सोलर संयंत्र पर 30 हजार रुपये, दो किलोवाट पर 60 हजार रुपये तथा तीन किलोवाट या उससे अधिक क्षमता के संयंत्र पर अधिकतम 78 हजार रुपये की सब्सिडी दी जा रही है।

    इसके अतिरिक्त बिहार सरकार की ओर से भी राज्य वित्तीय सहायता का प्रावधान किया गया है। बिहार सरकार 1.1 किलोवाट क्षमता पर 10 हजार रुपये तथा तीन किलोवाट तक की क्षमता पर अधिकतम 20 हजार रुपये की अतिरिक्त सब्सिडी देगी।

    इस प्रकार तीन किलोवाट का रूफटाप सोलर सिस्टम लगाने वाले पात्र उपभोक्ता को केंद्र और राज्य सरकार की सहायता मिलाकर अधिकतम 98 हजार रुपये तक का अनुदान प्राप्त हो सकेगा। योजना का उद्देश्य उपभोक्ताओं को सौर ऊर्जा के माध्यम से बिजली बिल के बोझ को कम करना है।

  • कनाडा का बड़ा एक्शन: वीजा या PR के लिए फर्जी शादी करने वालों पर होगी जेल

    कनाडा का बड़ा एक्शन: वीजा या PR के लिए फर्जी शादी करने वालों पर होगी जेल

    अमृतसर.

    इमिग्रेशन आवेदनों की गहन जांच और वीजा नियमों में सख्ती के बीच कनाडाई सरकार ने शादियों के जरिए होने वाली धोखाधड़ी के खिलाफ एक नई चेतावनी जारी की है। अधिकारियों ने अपने नागरिकों, स्थायी निवासियों और विदेशी नागरिकों को आगाह किया है कि केवल इमिग्रेशन या पक्की रिहाइश (PR) पाने के मकसद से बनाए गए झूठे, कॉन्ट्रैक्ट और स्वार्थी रिश्तों के गंभीर कानूनी परिणाम भुगतने पड़ सकते हैं।

    इमिग्रेशन, शरणार्थी और नागरिकता विभाग द्वारा इंटरनेट मीडिया पर जारी इस सलाह में फर्जी शादियों के जरिए वीजा हासिल करने की कोशिशों पर गहरी चिंता व्यक्त की गई है। विभाग ने नागरिकों से अपील की है कि किसी जीवनसाथी को स्पॉन्सर करने से पहले अच्छी तरह जांच-पड़ताल कर लें। खासकर तब, जब वह व्यक्ति हाल ही में मिला हो, तुरंत शादी का दबाव बना रहा हो, या उसका पारिवारिक इतिहास संदिग्ध हो। फर्जी शादियों के आधार पर स्पॉन्सरशिप करने वालों पर आपराधिक केस भी दर्ज हो सकते हैं।

    Think carefully before marrying someone and sponsoring them to come to Canada, especially if:
    🚩 you’ve just met
    🚩 the person wants to get married quickly
    🚩 the person has been married or in a common-law relationship many times before
    🚩 the person hasn’t shared much…

    — IRCC (@CitImmCanada) September 21, 2026 

    फर्जी शादियों की पहचान के लिए विशेष ट्रेनिंग
    अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि वीजा अफसरों को ऐसे फर्जी रिश्तों और कागजी शादियों को पहचानने के लिए विशेष प्रशिक्षण दिया गया है। दस्तावेजों की बारीक जांच और साक्षात्कार के जरिए असली और नकली रिश्तों का आसानी से पता लगाया जा रहा है।

    कॉन्ट्रैक्ट मैरिज के मामलों पर नकेल
    यह चेतावनी ऐसे समय में आई है जब भाषा परीक्षा (IELTS) के आधार पर होने वाली अनुबंध शादियों (कॉन्ट्रैक्ट मैरिज) के मामले लगातार बढ़ रहे हैं। अक्सर देखा गया है कि योग्यता न होने पर लड़का किसी योग्य लड़की की पढ़ाई और विदेश जाने का पूरा खर्च उठाता है ताकि बाद में स्पॉउज वीजा पर विदेश जा सके। लेकिन विदेश पहुंचते ही रिश्ते टूटने और धोखाधड़ी के मामले बढ़ जाते हैं। कनाडाई सरकार ने स्पष्ट किया है कि इमिग्रेशन प्रणाली में पारदर्शिता बनाए रखने के लिए यह कदम उठाया गया है। साथ ही, घरेलू हिंसा का शिकार हो रहे जीवनसाथियों को राहत देते हुए साफ किया गया है कि वे बिना अपना इमिग्रेशन स्टेटस खोए कानूनी मदद ले सकते हैं।

  • रांची की रैंकिंग में बड़ा सुधार, 792वें स्थान पर पहुंची; जमशेदपुर 844वें नंबर पर

    रांची की रैंकिंग में बड़ा सुधार, 792वें स्थान पर पहुंची; जमशेदपुर 844वें नंबर पर

    जमशेदपुर
     स्टील सिटी के नाम से मशहूर जमशेदपुर ने एक बार फिर वैश्विक स्तर पर अपनी औद्योगिक पहचान दर्ज करायी है. वैश्विक आर्थिक थिंक टैंक ऑक्सफोर्ड इकोनॉमिक्स की ग्लोबल सिटीज इंडेक्स 2026 रिपोर्ट में जमशेदपुर को दुनिया के 1,000 प्रमुख शहरों की सूची में 844वां स्थान मिला है. रिपोर्ट में जमशेदपुर को एक स्थापित इंडस्ट्रियल हब के रूप में जगह दी गयी है.

    जमशेदपुर की पहचान मुख्य रूप से स्टील, ऑटोमोबाइल और कोर मैन्युफैक्चरिंग क्लस्टर के रूप में दर्ज की गयी है. शहर की औद्योगिक ताकत के बावजूद इसकी वैश्विक रैंकिंग में बड़ा उछाल नहीं आया. रिपोर्ट में इसके पीछे शहर की अर्थव्यवस्था का पारंपरिक मैन्युफैक्चरिंग पर अधिक निर्भर होना बताया गया है. आधुनिक आईटी, सर्विस सेक्टर और कॉरपोरेट बेस का विस्तार सीमित रहने का असर भी रैंकिंग पर पड़ा है.

    स्टील और ऑटो सेक्टर जमशेदपुर की सबसे बड़ी ताकत
    जमशेदपुर लंबे समय से देश के प्रमुख औद्योगिक शहरों में शामिल रहा है. ग्लोबल सिटीज इंडेक्स में भी इसकी पहचान स्टील, ऑटोमोबाइल और मैन्युफैक्चरिंग से जुड़े मजबूत औद्योगिक क्लस्टर के तौर पर हुई है.

    हालांकि, वैश्विक शहरों के बीच प्रतिस्पर्धा अब केवल उद्योगों तक सीमित नहीं है. आईटी, आधुनिक सर्विस सेक्टर, कॉरपोरेट गतिविधियां, मानव पूंजी और दूसरी नयी अर्थव्यवस्थाएं भी शहरों की स्थिति को प्रभावित कर रही हैं. रिपोर्ट में जमशेदपुर की रैंकिंग के संदर्भ में इन्हीं क्षेत्रों के सीमित विस्तार को एक वजह के तौर पर बताया गया है.

    रांची ने 74 पायदान की छलांग लगायी
    इसी रिपोर्ट में झारखंड की राजधानी रांची ने जमशेदपुर की तुलना में रैंकिंग में तेज सुधार दर्ज किया है. रांची 74 पायदान ऊपर चढ़कर 792वें स्थान पर पहुंची है. रिपोर्ट के अनुसार रांची में रिंग रोड और फोर-लेन हाइवे कनेक्टिविटी, बैंकिंग, आईटी इनेबल्ड सर्विसेज, फिनटेक और सरकारी सेवाओं के विस्तार का असर दिखाई दिया है.

    आईआईएम, बीआईटी मेसरा, रिम्स और केंद्रीय संस्थानों की मौजूदगी के कारण रांची में शिक्षा और स्वास्थ्य क्षेत्र का आधार भी मजबूत हुआ है. इसके अलावा रिटेल, ऑटोमोबाइल और रियल एस्टेट में निवेश तथा बड़े महानगरों की तुलना में जमीन, ऑफिस स्पेस और जीवनयापन की कम लागत को भी शहर की प्रगति से जोड़ा गया है.

    रैंकिंग में सुधार के मामले में प्रयागराज 70 स्थान, लखनऊ 58 स्थान और विशाखापत्तनम 54 स्थान ऊपर आये हैं. रांची ने इन शहरों से अधिक 74 पायदान की बढ़त दर्ज की है.

    देश के दूसरे शहरों की क्या स्थिति
    बिहार का पटना 783वें स्थान पर है, जबकि गयाजी को 897वीं रैंक मिली है. पटना को मजबूत जनसंख्या और कंजम्पशन ड्रिवन सेंटर के रूप में दर्ज किया गया है. वहीं, गयाजी को पर्यटन और सांस्कृतिक महत्व के कारण वैश्विक सूची में जगह मिली है.

    पश्चिम बंगाल की राजधानी कोलकाता 496वें स्थान पर है. वहीं, आसनसोल 852वें स्थान पर है. आसनसोल कोयला, इस्पात और भारी इंजीनियरिंग के केंद्र के रूप में सूची में शामिल है.

    टॉप-100 विकास केंद्रों में 55 भारतीय शहर
    रिपोर्ट में भारत के शहरों की वैश्विक मौजूदगी भी मजबूत दिखी है. दुनिया के शीर्ष 100 विकास केंद्रों में 55 भारतीय शहर शामिल हैं. अमरावती को वैश्विक विकास रैंकिंग में सातवां, सूरत को 11वां और तिरुचिरापल्ली को 13वां स्थान मिला है.

    बेंगलुरु को 'सिटीज टू वॉच' सूची में रखा गया है. 2026 से 2030 के बीच यहां 9.2% सालाना जीडीपी वृद्धि का अनुमान दिया गया है. समग्र इंडेक्स में बेंगलुरु 20 पायदान ऊपर चढ़कर 311वें स्थान पर पहुंचा है.

    मुंबई कॉरपोरेट मुख्यालय के मामले में वैश्विक स्तर पर 23वें स्थान पर है, जबकि दिल्ली मानव पूंजी के मामले में दुनिया में 13वें स्थान पर है.

  • हिसार गांव में प्रेम विवाह पर रोक का प्रस्ताव, निर्वाचित पंचायत ने फैसले से बनाई दूरी

    हिसार गांव में प्रेम विवाह पर रोक का प्रस्ताव, निर्वाचित पंचायत ने फैसले से बनाई दूरी

     हिसार
     हिसार के आर्य नगर गांव में बीते रविवार को हुई एक सामाजिक पंचायत में गांव के लोगों के बीच होने वाले प्रेम विवाह के सामाजिक बहिष्कार का प्रस्ताव पारित किया गया।

    पंचायत में कहा गया कि गांव में ऐसे विवाह करने वाले लोगों और इसका समर्थन करने वाले परिवार के सदस्यों का सामाजिक बहिष्कार किया जाएगा। पिछले कुछ महीनों में गांव में ऐसे तीन विवाह होने के बाद यह प्रस्ताव पारित किए जाने की बात सामने आई है।

    गांव के बुजुर्गों की मौजूदगी में हुई सभा में करीब एक हजार ग्रामीण शामिल हुए। पंचायत की अध्यक्षता गांव के बुजुर्ग कुलवंत गोसला ने की। प्रस्ताव में यह भी कहा गया कि ऐसे विवाह का समर्थन करने वाले परिवार के सदस्यों या अन्य लोगों के खिलाफ भी सामाजिक बहिष्कार की कार्रवाई की जाएगी।

    इसके अलावा 21 सदस्यीय एक समिति गठित कर घर-घर जाकर ग्रामीणों की राय जानने की बात कही गई है, ताकि प्रेम विवाह पर रोक लगाने के संबंध में लोगों के विचार लिए जा सकें।

    तीन विवाह के बाद लिया निर्णय
    मामले से जुड़े लोगों के अनुसार, पिछले कुछ महीनों में गांव में तीन ऐसे विवाह हुए हैं, जिनमें गांव के ही रहने वाले युवक-युवतियों ने विवाह किया। गांव के सरपंच रतन सिंह के अनुसार इनमें दो जोड़े अलग-अलग जातियों से थे, जबकि एक जोड़ा एक ही जाति से था।

    निर्वाचित पंचायत ने फैसले से बनाई दूरी
    गांव के सरपंच रतन सिंह ने बताया कि दो दिन पहले सभी ग्रामीणों ने एकत्रित होकर फैसला लिया है कि गांव के ही युवक-युवती आपस में प्रेम विवाह नहीं करेंगे, ऐसा करते है तो उनका सामाजिक बहिष्कार किया जाएगा। गांव में पुलिस भी तैनात नहीं की गई है।

    सरपंच ने बताया कि इस निर्णय में निर्वाचित ग्राम पंचायत की कोई भूमिका नहीं है। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह फैसला सामाजिक पंचायत की ओर से लिया गया है।
    अधिवक्ता बोले- वयस्कों को जीवनसाथी चुनने का अधिकार

    वरिष्ठ अधिवक्ता लाल बहादूर खोवाल ने बताया कि सहमति से विवाह करने वाले वयस्कों को संविधान के अनुच्छेद-21 के तहत अपनी पसंद का जीवनसाथी चुनने का मौलिक अधिकार है।

    उनके अनुसार सामाजिक बहिष्कार का आदेश देने वाली पंचायत के ऐसे फरमान की कानूनी वैधता नहीं है और परिस्थितियों के आधार पर आपराधिक व अन्य कानूनी कार्रवाई हो सकती है।

    उन्होंने कहा कि ऐसे मामलों में संवाद के माध्यम से स्थिति को संभालना चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि धमकी देने या दबाव बनाने की स्थिति में भारतीय न्याय संहिता के तहत आपराधिक कार्रवाई हो सकती है।

    नहीं हुई कोई अप्रिय घटना
    पुलिस प्रवक्ता ने बताया कि गांव आर्य नगर में शांतिप्रिय माहौल है। वहां किसी तरह की कोई अप्रिय घटना सामने नहीं आई है। अगर कोई समस्या आती है तो गांव में सुरक्षा मुहैया करवा दी जाएगी।

     

  • जमुई वीडियो कांड में सख्ती, 2 दर्जन से ज्यादा वीडियो हटाए गए; 120 पर केस

    जमुई वीडियो कांड में सख्ती, 2 दर्जन से ज्यादा वीडियो हटाए गए; 120 पर केस

    पटना
     जमुई में नाबालिग छात्रा से छेड़खानी की घटना से जुड़ा वीडियो इंटरनेट मीडिया पर वायरल होने के बाद बिहार पुलिस मुख्यालय ने सख्त कार्रवाई शुरू की है।

    अलग-अलग सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर प्रसारित हो रहे आपत्तिजनक वीडियो को हटाने की कार्रवाई की गई है। पुलिस मुख्यालय के अनुसार, घटना से जुड़े दो दर्जन से अधिक वीडियो फेसबुक और एक्स से टेकडाउन कराए गए हैं।

    नाबालिग की पहचान उजागर करने और उसका वीडियो सोशल मीडिया पर प्रसारित करने के आरोप में पुलिस ने 120 सोशल मीडिया अकाउंट संचालकों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की है।

    बिहार पुल‍िस ने आमजन से की अपील
    पुलिस अब ऐसे अन्य लोगों, अकाउंट, पेज और वेबसाइट की पहचान कर रही है, जिन्होंने नाबालिग से संबंधित आपत्तिजनक सामग्री पोस्ट या प्रसारित की है।

    बिहार पुलिस ने लोगों से ऐसे वीडियो को साझा या रीपोस्ट नहीं करने की अपील की है। पुलिस का कहना है कि संवेदनशील सामग्री को आगे प्रसारित करने के बजाय उसकी सूचना संबंधित एजेंसी को देनी चाहिए।

    ऐसे में सवाल है कि यदि किसी नाबालिग से जुड़ा आपत्तिजनक वीडियो या फोटो सोशल मीडिया पर वायरल हो जाए तो क्या करना चाहिए? ऐसी स्थिति में कुछ जरूरी सावधानियां बरतनी चाहिए।

    वीडियो वायरल हो तो सबसे पहले क्या करें?
    किसी नाबालिग से संबंधित आपत्तिजनक वीडियो सामने आने पर उसे आगे शेयर, रीपोस्ट या किसी दूसरे प्लेटफॉर्म पर अपलोड नहीं करना चाहिए। इससे वीडियो का प्रसार और बढ़ सकता है।

    यदि किसी अकाउंट से ऐसी सामग्री पोस्ट की गई है तो संबंधित सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के रिपोर्ट विकल्प से उसकी शिकायत की जा सकती है। जरूरत होने पर पुलिस या साइबर सेल को भी सूचना दें।

    पीड़िता की पहचान उजागर न करें
    नाबालिग का नाम, चेहरा, पता, स्कूल, परिवार, मोहल्ला या ऐसी कोई अन्य जानकारी साझा नहीं करनी चाहिए, जिससे उसकी पहचान सामने आ सके।

    POCSO की धारा 23 के तहत मीडिया में बच्चे की पहचान उजागर करने वाली जानकारी प्रकाशित करने पर रोक है। इसमें नाम, पता, फोटो, परिवार, स्कूल, पड़ोस या पहचान सामने लाने वाली अन्य जानकारी शामिल है।

    आपात स्थिति में 112 पर करें कॉल
    यदि किसी महिला या बच्चे को तत्काल खतरा है या घटना उसी समय हो रही है तो 112 पर पुलिस सहायता ली जा सकती है। बिहार पुलिस की वेबसाइट पर 112 को आपातकालीन हेल्पलाइन के रूप में सूचीबद्ध किया गया है।

    जरूरी हेल्पलाइन:
    112 — आपातकालीन पुलिस सहायता
    181 — महिला हेल्पलाइन
    1098 — चाइल्ड प्रोटेक्शन हेल्पलाइन
    1930 — साइबर क्राइम हेल्पलाइन

    यदि किसी नाबालिग का आपत्तिजनक वीडियो या फोटो सोशल मीडिया पर प्रसारित किया जा रहा है तो इसकी शिकायत साइबर अपराध तंत्र को की जा सकती है।

    बिहार पुलिस की आधिकारिक वेबसाइट पर साइबर अपराध की शिकायत के लिए 1930 और राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग की सुविधा उपलब्ध है।

    शिकायत करते समय वीडियो को दोबारा सार्वजनिक रूप से पोस्ट करने के बजाय संबंधित अकाउंट या पोस्ट की जानकारी पुलिस को देना उचित है।

    घटना होने पर तुरंत क्या करें?

    • यदि छेड़खानी या किसी अन्य तरह की बदसलूकी की घटना हो रही है तो सबसे पहले सुरक्षित स्थान पर पहुंचने की कोशिश करें। आसपास मौजूद भरोसेमंद लोगों से मदद लें और आवश्यकता होने पर पुलिस को सूचना दें।
    • किसी तरह की बदसलूकी होने पर घटना को छिपाने के बजाय माता-पिता, अभिभावक या किसी भरोसेमंद वयस्क को तुरंत जानकारी दें। बच्चे को अकेले स्थिति संभालने के लिए मजबूर न करें।
    • घटना की सूचना जल्द देने से पुलिस को उपलब्ध साक्ष्यों और संबंधित डिजिटल सामग्री की जांच करने में मदद मिल सकती है। सोशल मीडिया पर प्रसारित सामग्री की जानकारी भी पुलिस को दी जा सकती है।
    • किसी संज्ञेय अपराध की स्थिति में क्षेत्राधिकार को लेकर तत्काल सहायता लेने में देरी नहीं करनी चाहिए। पीड़िता या उसके अभिभावक पुलिस से संपर्क कर शिकायत दर्ज कराने की प्रक्रिया शुरू कर सकते हैं। आवश्यकता होने पर पुलिस से जीरो एफआईआर की प्रक्रिया के बारे में जानकारी ली जा सकती है।
    • अपने स्मार्टफोन में सुरक्षा ऐप्स (जैसे 112 India App) इंस्टॉल रखें, जिसमें पैनिक बटन (Panic Button) की सुविधा होती है।
    • देर शाम या रात के समय अपरिचित या कम रोशनी वाले रास्तों (जैसे पहाड़ियों के पास, सुनसान हाईवे या खाली मैदानों) पर अकेले जाने से बचें।
    • चलते समय हमेशा सतर्क और आत्मविश्वासी दिखें। आस-पास के माहौल पर नज़र रखें ।
    • अपने बैग में सुरक्षा के लिहाज से पेपर स्प्रे (Pepper Spray) या चाबी का गुच्छा जैसी चीजें रखें, जिनका उपयोग आत्मरक्षा में किया जा सके।

    सोशल मीडिया पर वीडियो डालने वालों पर कार्रवाई
    पुलिस मुख्यालय ने स्पष्ट किया है कि नाबालिग पीड़िता का चेहरा दिखाने अथवा उसकी पहचान उजागर करने वाली सामग्री को इंटरनेट मीडिया पर प्रसारित करना गंभीर कानूनी मामला है। पुलिस ऐसे अकाउंट संचालकों की पहचान कर कार्रवाई कर रही है।

     

  • 19 सितंबर को 818, 20 को पुलिस के 912 और 22 सितंबर को 3,567 युवाओं को मिले नियुक्ति पत्र

    19 सितंबर को 818, 20 को पुलिस के 912 और 22 सितंबर को 3,567 युवाओं को मिले नियुक्ति पत्र

    लखनऊ
     छह महीने में एक लाख सरकारी नौकरियां देने के लक्ष्य के साथ योगी सरकार का जॉब कैलेंडर ऑन हो गया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने महज चार दिन में तीन बड़े नियुक्ति पत्र वितरण कार्यक्रमों के जरिए 5,297 युवाओं को सरकारी सेवा से जोड़ा है। 19 सितंबर को स्वास्थ्य, आयुष और कौशल विकास विभाग से शुरू हुआ नियुक्तियों का सिलसिला अगले दिन पुलिस और मंगलवार को शिक्षा विभाग तक पहुंचा। तीनों कार्यक्रमों में मुख्यमंत्री योगी ने खुद नवचयनित युवाओं को नियुक्ति पत्र सौंपे।
     
    आंकड़े भी जॉब कैलेंडर की रफ्तार बता रहे हैं। 19 सितंबर को 818 नियुक्तियां हुईं। अगले ही दिन पुलिस के मिनिस्टीरियल कैडर में चयनित 912 अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र मिले। एक दिन के अंतराल के बाद मंगलवार को इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में एक साथ 3,567 प्रधानाचार्यों, प्रधानाध्यापकों, प्रवक्ताओं और सहायक अध्यापकों को नियुक्ति पत्र दिए गए। इसके साथ चार दिन में नियुक्तियों का आंकड़ा 5,297 पहुंच गया।
     
    पहले 818, अगले दिन 912 को नियुक्ति
    19 सितंबर को लोकभवन में उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग और उत्तर प्रदेश अधीनस्थ सेवा चयन आयोग से चयनित 818 अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र दिए गए। इनमें चिकित्सा एवं स्वास्थ्य सेवा विभाग के एक्स-रे टेक्नीशियन, आयुष विभाग के होम्योपैथिक फार्मासिस्ट, प्रोफेसर, रीडर और प्रवक्ता के अलावा एमएसएमई और व्यावसायिक शिक्षा एवं कौशल विकास विभाग के विभिन्न पदों पर चयनित युवा शामिल रहे।
     
    अगले ही दिन पुलिस के मिनिस्टीरियल कैडर में 912 नियुक्तियां हुईं। इनमें 259 पुलिस उपनिरीक्षक गोपनीय, 449 पुलिस सहायक उपनिरीक्षक लिपिक और 204 पुलिस सहायक उपनिरीक्षक लेखा शामिल हैं।
     
    तीसरे कार्यक्रम में 5,297 पहुंचा आंकड़ा
    मंगलवार को इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में तीसरा और चार दिनों का सबसे बड़ा नियुक्ति पत्र वितरण कार्यक्रम हुआ। उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग से चयनित 3,567 अभ्यर्थियों को अशासकीय सहायता प्राप्त माध्यमिक विद्यालयों में नियुक्ति मिली।
     
    इनमें 319 प्रधानाचार्य, 258 प्रधानाध्यापक, 618 प्रवक्ता पीजीटी और 2,372 सहायक अध्यापक टीजीटी हैं। चयनित अभ्यर्थियों में 1,090 महिलाएं और 2,477 पुरुष शामिल हैं।
     
    नौकरी के साथ पारदर्शी भर्ती का संदेश
    लगातार हो रहे नियुक्ति पत्र वितरण कार्यक्रमों के जरिए सरकार निष्पक्ष, पारदर्शी और योग्यता आधारित भर्ती का संदेश भी दे रही है। मंगलवार को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने साफ कहा कि नियुक्ति मिलने के बाद किसी शिक्षक से पैसे मांगने की शिकायत मिली तो संबंधित व्यक्ति के खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी। उन्होंने कहा कि युवाओं को उनकी योग्यता के आधार पर नौकरी मिलनी चाहिए।
     
    5,297 के बाद अब एक लाख पर नजर
    सरकार के मुताबिक पिछले नौ वर्षों में साढ़े नौ लाख युवाओं को सरकारी नौकरी दी जा चुकी है। अब अगले छह महीने में एक लाख और युवाओं को सरकारी नौकरी देने का लक्ष्य रखा गया है। पुलिस और होमगार्ड समेत विभिन्न विभागों की भर्तियां भी इसी रोजगार महाभियान का हिस्सा हैं।
     
    चार दिन में तीन बड़े कार्यक्रम और 5,297 नियुक्तियां जॉब कैलेंडर की शुरुआती तस्वीर हैं। अब अगले छह महीने में अलग-अलग विभागों की भर्तियों और नियुक्ति पत्र वितरण के जरिए एक लाख सरकारी नौकरियों के लक्ष्य को आगे बढ़ाया जाएगा।

  • चंडीगढ़ में 56 हजार वोटरों के नाम पर सस्पेंस, आज आएगी फाइनल मतदाता सूची

    चंडीगढ़ में 56 हजार वोटरों के नाम पर सस्पेंस, आज आएगी फाइनल मतदाता सूची

    चंडीगढ़.

    विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) के बाद मतदाता सूची में हुए बड़े बदलाव को लेकर मुख्य निर्वाचन अधिकारी प्रेरणा पुरी मंगलवार को प्रेस वार्ता करेंगी।

    दोपहर 1:15 बजे सेक्टर-18 स्थित निर्वाचन विभाग के नगर योजना भवन के सी-विंग के भूतल पर होने वाली प्रेस वार्ता में SIR की पूरी प्रक्रिया, अब तक हुए सत्यापन और मतदाता सूची में हुए बदलाव की जानकारी दी जाएगी। चंडीगढ़ में SIR के बाद मतदाताओं की संख्या में बड़ी गिरावट सामने आई है। पुनरीक्षण से पहले शहर में 5,16,427 मतदाता दर्ज थे, जबकि उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार अब यह संख्या करीब 4,60,109 रह गई है। हालांकि, अंतिम मतदाता सूची मंगलवार को जारी होने के बाद ही स्पष्ट तस्वीर सामने आएगी।

    किस वार्ड में कितने नाम घटे, आज मिल सकती है जानकारी
    प्रेस वार्ता में सबसे अहम सवाल यह रहेगा कि SIR के दौरान किस वार्ड में कितने नाम हटे, कितने नाम बरकरार रहे और कितने नए मतदाता जोड़े गए। डुप्लीकेट, मृत और दूसरे स्थान पर जा चुके मतदाताओं के नामों के सत्यापन के साथ दावे और आपत्तियों पर हुई कार्रवाई की जानकारी भी सामने आ सकती है।