Category: राज्य

  • जमुई कांड पर सरकार का एक्शन, SIT जांच के बीच BJP बोली- पीड़िता को मिलेगा न्याय

    जमुई कांड पर सरकार का एक्शन, SIT जांच के बीच BJP बोली- पीड़िता को मिलेगा न्याय

    पटना
    जमुई में नाबालिग छात्रा के साथ कथित दुर्व्यवहार की घटना को लेकर बिहार में सियासत तेज हो गई है। विपक्ष के सरकार पर हमले के बीच भाजपा प्रदेश अध्यक्ष संजय सरावगी ने कहा है कि बेटियों के सम्मान और सुरक्षा से खिलवाड़ करने वालों को किसी भी परिस्थिति में बख्शा नहीं जाएगा।

    उन्होंने कहा कि महिला सुरक्षा के मामले में सरकार की नीति स्पष्ट है, न ढिलाई होगी और न समझौता। जमुई मामले में पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू की है और तीन आरोपितों की गिरफ्तारी की सूचना सामने आई है।

    ‘अपराधी कोई भी हो, कानून से ऊपर नहीं’
    सरावगी ने कहा कि जमुई की घटना दुखद और पीड़ादायक है। उनके अनुसार, पुलिस ने मामले में त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपितों को पकड़ने की प्रक्रिया शुरू की।

    उन्होंने कहा कि बिहार में कानून का राज कायम है और अपराधी कोई भी हो, उसे कानून के दायरे में लाया जाएगा। सरकार का उद्देश्य निष्पक्ष जांच और कानून के तहत कठोर कार्रवाई सुनिश्चित करना है।

    पीड़िता को न्याय, दोषियों पर कार्रवाई की बात
    भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि पीड़िता को न्याय दिलाना और उसके परिवार के साथ खड़ा होना सरकार की प्राथमिकता है।

    उन्होंने घटना में शामिल सभी लोगों की भूमिका की निष्पक्ष जांच और दोष सिद्ध होने पर कानून के तहत कड़ी सजा की प्रक्रिया सुनिश्चित करने की बात कही। पुलिस ने मामले की जांच के लिए एसआईटी भी गठित की है और अन्य आरोपितों की तलाश जारी है।

    मंत्री बोले- पुलिस अपना काम कर रही
    बिहार के मंत्री प्रमोद कुमार चंद्रवंशी ने भी जमुई घटना पर सरकार की कार्रवाई का बचाव किया। उन्होंने कहा कि महिलाओं और बच्चियों के सम्मान के साथ खिलवाड़ करने वालों के खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए।

    उनके अनुसार, किन धाराओं में कार्रवाई होगी और किसके खिलाफ क्या कानूनी कदम उठाया जाएगा, यह पुलिस का काम है और पुलिस अपना काम कर रही है।

    ‘सरकार को जानकारी मिलते ही एक्शन’
    मंत्री ने कहा कि जैसे ही सरकार को घटना की जानकारी मिली, कार्रवाई शुरू कर दी गई और पुलिस ने भी कदम उठाया। उन्होंने पुराने पटना के शिल्पी-गौतम मामले का उल्लेख करते हुए कहा कि उस समय आरोपितों की गिरफ्तारी के लिए आंदोलन करना पड़ा था, जबकि अब सरकार की ओर से तत्काल कार्रवाई की गई। यह बयान सरकार की ओर से जमुई मामले में त्वरित कार्रवाई को रेखांकित करने के रूप में आया है।

    कांग्रेस के प्रदर्शन से बढ़ा राजनीतिक दबाव
    उधर, जमुई मामले को लेकर कांग्रेस ने भी सरकार को घेरने की तैयारी की है। पार्टी ने 22 सितंबर को राज्य के जिला मुख्यालयों पर धरना-प्रदर्शन का कार्यक्रम रखा है। कांग्रेस ने आरोपितों पर कड़ी कार्रवाई और पीड़िता को न्याय की मांग उठाई है।

    पुलिस कार्रवाई के साथ बयानबाजी भी तेज
    जमुई मामले में पुलिस कार्रवाई के साथ राजनीतिक बयानबाजी भी तेज हो गई है। भाजपा जहां सरकार की त्वरित कार्रवाई और महिला सुरक्षा को लेकर अपना पक्ष रख रही है, वहीं विपक्ष घटना को लेकर सरकार से जवाब मांग रहा है।

     

  • मुख्यमंत्री ने कहा- शिक्षक केवल नौकरी नहीं, नए भारत के निर्माण की आधारशिला तैयार करने का दायित्व संभालें

    मुख्यमंत्री ने कहा- शिक्षक केवल नौकरी नहीं, नए भारत के निर्माण की आधारशिला तैयार करने का दायित्व संभालें

    नियुक्ति पाने वालों से पैसे मांगने वाले को जेल में सड़ना पड़ेगा: सीएम योगी

    अब कोई सैफई सिंडिकेट प्रतिभावान छात्रों के हितों पर डकैती डालने का दुस्साहस नहीं कर सकता: मुख्यमंत्री

    पिछले एक सप्ताह में 5297 युवाओं को नियुक्ति पत्र मिले, हम नियुक्ति पत्र देते जाएंगे, सैफई सिंडिकेट गिनती रहे: सीएम योगी

    जिनके कारनामों से प्रदेश थर्राता था और दुनिया शक की निगाहों से देखती थी, वे आज उपदेश देते फिर रहे: मुख्यमंत्री

    मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग द्वारा चयनित 3567 अभ्यर्थियों को वितरित किए नियुक्ति पत्र

    चयनितों में प्रधानाचार्य, प्रधानाध्यापक, प्रवक्ता (पीजीटी) और सहायक अध्यापक (टीजीटी) के पद शामिल

    2015-16 में जिस अभ्यर्थी से मांगे गए थे आठ लाख रुपये, उसी अभ्यर्थी का सपना हुआ साकार: मुख्यमंत्री

    मुख्यमंत्री ने कहा- शिक्षक केवल नौकरी नहीं, नए भारत के निर्माण की आधारशिला तैयार करने का दायित्व संभालें

    लखनऊ
     मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मंगलवार को इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में आयोजित कार्यक्रम में उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग द्वारा चयनित अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र वितरित करते हुए कहा कि अब कोई सैफई सिंडिकेट प्रतिभावान छात्रों के हितों पर डकैती डालने का दुस्साहस नहीं कर सकता। इसीलिए उत्तर प्रदेश पुलिस में अच्छा काम करने वाले अधिकारियों को आयोग और बोर्डों की दिशा-दशा सुधारने का दायित्व दिया गया है। पहले युवाओं को उनके अधिकार से वंचित कर दिया जाता था। लेकिन, अब नियुक्ति पाने वाले किसी भी अभ्यर्थी से पैसे की मांग करने वाले को जेल में सड़ना पड़ेगा। आज का कार्यक्रम केवल नियुक्ति पत्र वितरण का कार्यक्रम नहीं है, बल्कि उत्तर प्रदेश की माध्यमिक शिक्षा से जुड़े चारों स्तंभ, सहायक अध्यापक, प्रवक्ता, प्रधानाध्यापक और प्रधानाचार्य को एक साथ जोड़ने वाला विशेष अवसर है। यहां 3,567 लोगों का चयन कर उनके हाथों में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी के आत्मनिर्भर एवं विकसित भारत के संकल्प को पूरा करने का महत्वपूर्ण दायित्व दिया गया है। 

    हम नियुक्ति पत्र देते जाएंगे, वे गिनते जाएं
    मुख्यमंत्री ने कहा कि आज 3,567 अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र दिए जा रहे हैं और पिछले एक सप्ताह में वह 5,297 युवाओं को नियुक्ति पत्र वितरित कर चुके हैं। पिछले नौ वर्ष में 9.5 लाख युवाओं को नियुक्ति पत्र वितरित किए गए हैं। हमने सैफई सिंडिकेट से कहा है कि हम नियुक्ति पत्र देते जाएंगे, वे गिनते जाएं। सीएम ने तंज कसा कि यदि गिनती नहीं आती हो तो शिवपाल जी के सानिध्य में बैठ जाएं, बहुत अच्छी गिनती सीख जाएंगे। 

    2015-16 में घूसखोरी का शिकार बने युवा का सपना साकार
    मुख्यमंत्री ने हाल में नियुक्ति पत्र प्राप्त करने वाले एक नौजवान के इंटरव्यू का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि उस युवक की आंखों में आंसू भरे थे और उसने बताया कि 2015-16 में भी उसने इस पद के लिए आवेदन किया था। उससे आठ लाख रुपये की मांग की गई थी। वह खेत बेचकर पैसा लेकर आया, लेकिन तब तक उससे अधिक पैसा देने वाला दूसरा व्यक्ति आ गया और वह नौकरी से वंचित रह गया। आज उसका सपना साकार हुआ है और जिस पद के लिए उसने आवेदन किया था, उसी पद पर उसे नियुक्ति मिल गई है। पूरी प्रक्रिया निरस्त की गई और उस युवा को नियुक्ति पत्र प्राप्त हुआ। 

    किसी ने लेनदेन की बात की तो जेल में सड़ेगा
    मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार ने कैशलेस चिकित्सा सुविधा सभी शिक्षकों को दी है। यह सुविधा शासकीय सहायता प्राप्त विद्यालयों के शिक्षकों और शिक्षणेत्तर कर्मचारियों को भी दी गई है। बेसिक शिक्षा में रसोइयों, शिक्षामित्रों और अन्य संबंधित कर्मियों को भी इसका लाभ दिया गया है, जिससे वे निश्चिंत होकर कार्य कर सकें। किसी भी शिक्षक को ज्वाइनिंग में दिक्कत नहीं होनी चाहिए। यदि किसी प्रबंधक की कोई जिज्ञासा है तो वह शासन के समक्ष उपलब्ध कराए, लेकिन नियुक्ति पत्र प्राप्त होने के बाद यदि किसी प्रधानाचार्य, प्रधानाध्यापक, प्रवक्ता या शिक्षक से किसी ने लेनदेन की बात की तो उसे जेल में सड़ना पड़ेगा। हमें सख्त सख्त कार्रवाई पर मजबूर होना पड़ेगा।

    अगले छह महीने में एक लाख और युवाओं को सरकारी नौकरी
    मुख्यमंत्री ने कहा कि नौ साल में साढ़े नौ लाख युवाओं को सरकारी नौकरी दी गई है। अगले छह महीने के अंदर एक लाख और युवाओं को सरकारी नौकरी देने जा रहे हैं। जब लोग परिणाम पूछते हैं तो मैं कहता हूं कि परिणाम यह है कि जो उत्तर प्रदेश नौ वर्ष पहले बीमारू राज्य कहा जाता था, आज भारत की अर्थव्यवस्था का ग्रोथ इंजन बना हुआ है। बॉटम फाइव से टॉप-थ्री में आया है। उत्तर प्रदेश की अर्थव्यवस्था को तीन गुना करने और प्रति व्यक्ति आय को तीन गुना करने में सफलता मिली है। यही युवाओं की ऊर्जा और प्रतिभा है।

    यूपी के सामने पहचान का संकट खड़ा किया गया था
    सीएम योगी ने कहा कि आज यूपी के नौजवानों के लिए पूरी दुनिया खुली है। जिन लोगों ने उनके सामने पहचान का संकट खड़ा किया था, वे यहां नौकरी देते नहीं थे और दुनिया ‘यूपी वाला’ कहकर हमारे युवाओं को शक की निगाहों से देखती थी। जिनके कारनामों से प्रदेश थर्राता था, वही लोग आज उपदेश देते फिर रहे हैं। आज नियुक्ति पाने वालों में बहुत से ऐसे होंगे जिन्होंने पहली बार प्रतियोगी परीक्षा दी होगी। कई ऐसे भी होंगे जिन्हें पहले अवसर नहीं मिला होगा। यदि किसी ने पहली बार प्रतियोगी परीक्षा दी है तो स्वाभाविक रूप से दस वर्ष पहले उसकी उम्र 13 से 16-17 वर्ष के बीच रही होगी। उस उम्र में बच्चा मां-बाप पर ज्यादा आश्रित रहता है और माता-पिता उसकी हर जरूरत पूरी करने में योगदान देते हैं। ऐसे बच्चों को यह बताने की आवश्यकता है कि 2017 के पहले क्या होता था। परीक्षा कोई देता था और नियुक्ति पत्र उसे दिया जाता था, जिसने फॉर्म तक नहीं भरा होता था। यह अराजकता, बेईमानी और भ्रष्टाचार की पराकाष्ठा थी।

    एक शिक्षक 100 छात्रों से संवाद करे तो 3,567 शिक्षक 3.5 लाख से अधिक बच्चों का मार्गदर्शन करेंगे
    मुख्यमंत्री ने कहा कि यदि एक शिक्षक प्रतिवर्ष 100 छात्रों के साथ इंटरेक्शन करता है तो 3,567 शिक्षक एक वर्ष में 3.5 लाख से अधिक बच्चों के साथ संवाद और उनका मार्गदर्शन करेंगे। बच्चों को गाइड करना, उनका मार्गदर्शन करना ही नए भारत की आधारशिला है। भारत तब विश्वगुरु था, जब वह दुनिया के सबसे प्रतिष्ठित विश्वविद्यालयों का संचालन करता था। तक्षशिला और नालंदा जैसे विश्व प्रसिद्ध विश्वविद्यालय भारत की धरोहर रहे हैं। यह धरोहर पहले से मौजूद है, केवल उसे पहचानने और जानने की आवश्यकता है। सरकार इंफ्रास्ट्रक्चर दे सकती है, लेकिन उस इंफ्रास्ट्रक्चर पर गति कैसे होनी चाहिए, यह शिक्षक द्वारा प्रशिक्षित विद्यार्थी तय करेगा। सरकार उद्योग लगाने का माहौल दे सकती है और उद्योग लगाने में मदद कर सकती है, लेकिन वह उद्योग इनोवेशन और रोजगार का आधार बनेगा या नहीं, यह प्रशिक्षित छात्र तय करेंगे। सरकार लैब बना सकती है, लेकिन वह लैब बेहतरीन शोध का आधार बने और छात्र उसके योग्य बनें, यह शिक्षक द्वारा प्रशिक्षित विद्यार्थी तय करेंगे। जब यह प्रक्रिया आगे बढ़ेगी, तभी आत्मनिर्भर और विकसित भारत की संकल्पना पूरी होगी।

    श्रीराम, कृष्ण, चाणक्य से लेकर मालवीय और कलाम तक, गुरु की भूमिका रही विशिष्ट
    मुख्यमंत्री ने कहा कि आज नियुक्ति पाने वाले सभी लोग एक बड़े और पवित्र अभियान के साथ जुड़ रहे हैं। उन्होंने श्रीराम के जीवन का उदाहरण देते हुए कहा कि उनके जीवन में पग-पग पर ऐसी परिस्थितियां आईं, जहां गुरु की भूमिका महत्वपूर्ण रही। पहले गुरु वशिष्ठ का सानिध्य मिला। गुरुकुल में रहकर भगवान राम ने अपने अनुजों के साथ जीवन के बारे में जाना और गुरु विश्वामित्र के सानिध्य में आने पर जीवन का उद्देश्य समझा तथा दिव्य अस्त्र-शस्त्र का ज्ञान प्राप्त किया। राम मर्यादा के आदर्श हैं और आने वाली पीढ़ी के लिए प्रेरणा हैं। जब यही गुरुतर दायित्व महर्षि वाल्मीकि के हाथों में आया तो उन्होंने वाल्मीकि रामायण के माध्यम से इसे आगे बढ़ाया। उत्तर और दक्षिण को जोड़ने का दायित्व जब महर्षि अगस्त्य के सामने आया तो उन्होंने भी उस कार्य को पूरा किया। चाणक्य का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि वह तक्षशिला विश्वविद्यालय के आचार्य थे, लेकिन भारत के सामने मौजूद संकटों और विभाजित राजनीतिक ताकतों को देखकर उन्हें लगा कि केवल इससे काम नहीं चलेगा। किसी चंद्रगुप्त को तैयार करना होगा और उन्होंने पाटलिपुत्र में वह साम्राज्य खड़ा कर दिया।

    धरनारत बच्चों के लिए एनसीटीई को पत्र लिखने का निर्देश
    मुख्यमंत्री ने कहा कि हर व्यक्ति का समाज में योगदान है, लेकिन शिक्षक की भूमिका अन्य से भिन्न है। एक प्रशासनिक अधिकारी अपने प्रशासनिक उत्तरदायित्वों का निर्वहन कर सकता है, लेकिन वह अच्छा शिक्षक नहीं हो सकता। पुलिस अधिकारी अपने कार्यों के माध्यम से लोगों के मन में सुरक्षा का भाव पैदा कर सकता है, लेकिन शिक्षक होने के लिए उसे भी सीखना पड़ता है। मैंने माध्यमिक शिक्षा मंत्री से कहा है कि राष्ट्रीय अध्यापक शिक्षा परिषद (एनसीटीई) को पत्र लिखा जाए। प्रयागराज में कुछ युवा धरने पर बैठे हैं। एक बार के लिए उन बच्चों के लिए रिलैक्सेशन किया जाए अथवा ऐसी व्यवस्था बनाई जाए कि एक समय के बाद वे बच्चे प्रतियोगी परीक्षाओं में अपीयर हो सकें। कोई एक सिस्टम तैयार किया जाना चाहिए। जड़ता की शिकार व्यवस्था नौजवानों के हौसलों को रोकने का काम करती है।

    9 साल में शिक्षा व्यवस्था में आमूलचूल परिवर्तन
    सीएम योगी ने कहा कि 2017 के पहले बेसिक शिक्षा और माध्यमिक शिक्षा दोनों की स्थिति बहुत बदहाल थी। बेसिक शिक्षा में जर्जर भवन थे, टॉयलेट की व्यवस्था नहीं थी, पेयजल की व्यवस्था नहीं थी। स्मार्ट क्लास और डिजिटल लाइब्रेरी की बात तो दूर थी। बच्चों के लिए यूनिफॉर्म की भी व्यवस्था नहीं थी। ऑपरेशन कायाकल्प और निपुण भारत के तहत बेसिक शिक्षा परिषद में अभूतपूर्व कार्य हुआ है। सैचुरेशन के टारगेट को 36 प्रतिशत से बढ़ाकर 96 प्रतिशत करने में सफलता मिली है। माध्यमिक शिक्षा में प्रोजेक्ट अलंकार के अंतर्गत अब तक 2,300 से अधिक विद्यालयों के नए भवन बने हैं और नया इंफ्रास्ट्रक्चर आया है। अच्छी लैब, लाइब्रेरी और क्लासरूम बनाए गए हैं।

    स्मार्ट क्लास, डिजिटल लाइब्रेरी व अटल टिंकरिंग लैब से बच्चों को मिलेगा नया वातावरण
    मुख्यमंत्री ने कहा कि अच्छा इंफ्रास्ट्रक्चर, स्मार्ट क्लास, डिजिटल लाइब्रेरी और अच्छी लैबोरेटरी होगी तो बच्चे उससे प्रभावित होंगे। विद्यालयों में अटल टिंकरिंग लैब बन रही हैं। औद्योगिक घरानों के साथ मिलकर स्किल डेवलपमेंट के नए-नए कार्यक्रम भी आगे बढ़ाए जा रहे हैं। यह काम 2017 के पहले भी हो सकता था, लेकिन रुचि का अभाव था। सरकार का विजन नहीं था और करने की इच्छाशक्ति नहीं थी। अपना एक सीमित एजेंडा था और उस सीमित एजेंडे के साथ यूपी के युवाओं के जीवन के साथ खिलवाड़ होता था।

    2047 के भारत का नेतृत्व करने वाली पीढ़ी को तैयार करेंगे शिक्षक
    सीएम ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देशवासियों के सामने 2047 का लक्ष्य रखा है। आज जो नौजवान 13, 14 या 15 वर्ष का है, उसकी उम्र तब 33 से 38 वर्ष के बीच होगी। यही वर्ग उस समय भारत को नेतृत्व देने वाला होगा। कोई डॉक्टर बनेगा, कोई इंजीनियर, कोई सोशल वर्कर, कोई शिक्षक और कोई साइंटिस्ट। अलग-अलग क्षेत्रों में जाने वाले ये छात्र भारत को नेतृत्व देंगे और आगे बढ़ाने में योगदान करेंगे। कभी उन्हें स्मरण करना हो तो उनकी स्मृति में शिक्षक की तस्वीर होनी चाहिए। छात्र को यह भाव होना चाहिए कि आप उसके निर्माता हैं और आपके प्रति उसके मन में श्रद्धा हो। यह गुरुतर दायित्व शिक्षक को निभाना होगा। एक प्रिंसिपल का काम केवल विद्यालय का अनुशासन बनाए रखना नहीं है, बल्कि विद्यालय को छात्र की जिज्ञासा का केंद्र बनाना भी है। इसके लिए सकारात्मक वातावरण और परिस्थितियां पैदा करनी होंगी।

    छात्रों को नकारात्मकता से बचाना और महापुरुषों से परिचित कराना भी शिक्षक का दायित्व
    मुख्यमंत्री ने कहा कि एक शिक्षक को सदैव शिक्षक की भूमिका में रहना चाहिए। समाज को बांटने वाले बहुत लोग होंगे। ऐसे लोगों से छात्रों को सावधान कराना भी शिक्षा का दायित्व होना चाहिए। बच्चों को पाठ्यक्रम के अलावा महापुरुषों की जीवनी के बारे में भी बताया जाए। देश और दुनिया में प्रतिदिन घटित होने वाली घटनाओं की जानकारी से अपडेट किया जाए। यह उनके जनरल नॉलेज के लिए भी उपयोगी होगा।

    इस अवसर पर उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक, माध्यमिक शिक्षा मंत्री गुलाब देवी, अध्यक्ष उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग प्रशांत कुमार, सचिव माध्यमिक शिक्षा किंजल सिंह एवं माध्यमिक शिक्षा के अधिकारीगण उपस्थित रहे। 

    योग्यता और मेरिट के आधार पर चयन: ब्रजेश पाठक
    उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने नवनियुक्त शिक्षकों को बधाई देते हुए कहा कि शिक्षक केवल बच्चों को पढ़ाने का कार्य नहीं करते, बल्कि समाज को दिशा देने की भी महत्वपूर्ण जिम्मेदारी निभाते हैं। भारत में गुरु-शिष्य परंपरा का गौरवशाली इतिहास रहा है और शिक्षकों ने हमेशा ज्ञान के साथ जीवन-मूल्यों की शिक्षा देने का काम किया है। नवनियुक्त शिक्षकों पर समाज और राष्ट्र के भविष्य के निर्माण की बड़ी जिम्मेदारी है। शिक्षक प्रदेश की वर्तमान स्थिति और पूर्व की स्थिति का तुलनात्मक अध्ययन करते हुए समाज को सही दिशा देने का कार्य करें। 2017 से पहले प्रदेश में कानून-व्यवस्था, सड़क, बिजली, शिक्षा और स्वास्थ्य सहित विभिन्न क्षेत्रों में अनेक चुनौतियां थीं, जबकि वर्तमान सरकार के कार्यकाल में इन क्षेत्रों में व्यापक बदलाव हुए हैं। प्रदेश में सड़कों का विस्तार हुआ है, बिजली की उपलब्धता में सुधार हुआ है और मेडिकल कॉलेजों की संख्या में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में गरीब कल्याण की योजनाओं को प्रभावी ढंग से लागू किया गया है। वर्तमान सरकार में नियुक्तियां पारदर्शी और मेरिट के आधार पर हो रही हैं और आज का कार्यक्रम इसका उदाहरण है।

     

    शिक्षकों की जिम्मेदारी चरित्र निर्माण की भी: गुलाब देवी
    माध्यमिक शिक्षा मंत्री गुलाब देवी ने कहा कि आज योग्यता, परिश्रम और लगन के बल पर चयनित अभ्यर्थियों को नियुक्ति मिल रही है। अब उनकी वास्तविक जिम्मेदारी शुरू हो रही है। शिक्षक और विद्यार्थी का संबंध भावनात्मक होता है और अभिभावक अपने बच्चों को शिक्षकों को इस विश्वास के साथ सौंपते हैं कि वे उन्हें ज्ञान के साथ संस्कार, अनुशासन, चरित्र निर्माण, देशभक्ति और अच्छे व्यक्तित्व का विकास प्रदान करेंगे। शिक्षक स्वयं बच्चों के लिए आदर्श बनें, क्योंकि विद्यार्थी शिक्षक के व्यवहार, आचरण और कार्यशैली से सीखते हैं। नई शिक्षा नीति-2020 की भावना भी विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास की है। सरकार शिक्षा व्यवस्था में गुणवत्ता, पारदर्शिता और तकनीक के उपयोग पर विशेष ध्यान दे रही है तथा शिक्षकों और उनके परिवारों के कल्याण के लिए भी अनेक सुविधाएं उपलब्ध करा रही है। उन्होंने चयनित शिक्षकों से निष्ठा, सजगता, उमंग और उत्साह के साथ अपने दायित्वों का निर्वहन करने तथा विद्यार्थियों के उज्ज्वल भविष्य के निर्माण में योगदान देने का आह्वान किया।

     

    इन्हें मंच पर मिला नियुक्ति पत्र

    प्रधानाचार्य

    राम सिंह, कानपुर नगर
    राघवेंद्र प्रताप सिंह, वाराणसी

    प्रवक्ता (पीजीटी)

    आंचल शुक्ला, वाराणसी
    अनुराग श्रीवास्तव, बरेली
    प्रज्ञा सिंह, प्रयागराज
    गोपाल प्रजापति, आजमगढ़
    मोहम्मद शादाब, मुजफ्फरनगर

    सहायक अध्यापक (टीजीटी)

    कु. ऊषा सिंह, गोरखपुर
    आकाश कुमार, संभल
    रीना यादव, लखनऊ
    सोनम त्रिपाठी, झांसी
    अमन कुमार, कुशीनगर

  • UP Police की वैज्ञानिक जांच होगी मजबूत, 32 विशेषज्ञों को मिलेगी मास्टर ट्रेनिंग

    UP Police की वैज्ञानिक जांच होगी मजबूत, 32 विशेषज्ञों को मिलेगी मास्टर ट्रेनिंग

    यूपी में अपराधियों पर और कसेगा शिकंजा, ‘स्पेशल 32’ संभालेंगे क्राइम सीन मैनेजमेंट

    योगी सरकार के जीरो टॉलरेंस को वैज्ञानिक जांच की धार, मुख्यमंत्री योगी के निर्देश पर 75 जिलों की पुलिस होगी अपग्रेड

    छह बैच में प्रशिक्षित 600 अफसरों में से चुने गए 32 विशेषज्ञों को फॉरेंसिक साइंस और क्राइम सीन मैनेजमेंट की मास्टर ट्रेनिंग

    लखनऊ
    उत्तर प्रदेश में अपराधियों के खिलाफ अब और सख्ती की तैयारी है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर सरकार की जीरो टॉलरेंस नीति को अब वैज्ञानिक जांच की धार देने की कवायद शुरू की गई है। अपराध के बाद घटनास्थल पर छूटे साक्ष्यों को सुरक्षित रखने और वैज्ञानिक तरीके से जांच को आगे बढ़ाने के लिए पुलिस के ‘स्पेशल 32 अफसर’ तैयार किए जा रहे हैं। छह बैच में 100-100 अफसरों को 40 दिन का प्रशिक्षण दिए जाने के बाद चयनित इन 32 अधिकारियों को अब फॉरेंसिक साइंस और क्राइम सीन मैनेजमेंट में मास्टर ट्रेनिंग दी जा रही है। आगे इनकी विशेषज्ञता का इस्तेमाल सभी 75 जिलों में पुलिस की क्राइम सीन मैनेजमेंट क्षमता को मजबूत करने में किया जाएगा।

    अब वैज्ञानिक तरीके से घटनास्थल को सुरक्षित कर छोटे से छोटे साक्ष्य की पहचान के जरिए जांच को मजबूत आधार मिलेगा। इसके साथ ही अपराधियों के खिलाफ तेजी से सख्त कार्रवाई की जा सकेगी। इसी सोच के साथ उत्तर प्रदेश स्टेट इंस्टीट्यूट आफ फॉरेंसिक साइंस (UPSIFS), लखनऊ में 32 अधिकारियों को मास्टर ट्रेनिंग के जरिए विशेष रूप से तैयार कर रहा है। प्रशिक्षण में कृत्रिम घटनास्थल तैयार कर अधिकारियों की व्यावहारिक दक्षता भी परखी जाएगी।

    600 की ट्रेनिंग से चुने गए ‘स्पेशल अफसर’

    छह बैच में 100-100 पुलिस अधिकारियों को पहले ही 40 दिन का प्रशिक्षण दिया जा चुका है। इन अधिकारियों ने अपने-अपने जिलों में अन्य पुलिसकर्मियों को भी प्रशिक्षित किया। अब इन्हीं प्रशिक्षित अधिकारियों में से चयनित टॉप 32 अफसरों को फॉरेंसिक और क्राइम सीन मैनेजमेंट में विशेषज्ञता के अगले स्तर तक ले जाया जा रहा है। यूपीएसआईएफएस के संस्थापक निदेशक डॉ. जीके गोस्वामी ने बताया कि यह स्पेशल ट्रेनिंग उन पुलिस अधिकारियों को दी जा रही है, जो प्रशिक्षण के दौरान टॉप पर रहे हैं। उन्होंने बताया कि इस बार पुलिस अधिकारियों की व्यावहारिक दक्षता को और बेहतर किया जाएगा। इसके लिए कृत्रिम घटनास्थल तैयार कर उनकी क्षमता का परीक्षण भी किया जाएगा।

    क्राइम सीन मैनेजमेंट पर विशेष ध्यान देने की जरूरत : डॉ. जीके गोस्वामी 

    डॉ. गोस्वामी ने कहा कि आपराधिक जांच में आने वाली चुनौतियों से निपटने के लिए क्राइम सीन मैनेजमेंट पर विशेष ध्यान देने की जरूरत है। इसी उद्देश्य से यूपीएसआईएफएस ने हैंड्स-ऑन ट्रेनिंग की पहल की है। फॉरेंसिक साइंस और क्राइम सीन मैनेजमेंट की मास्टर ट्रेनिंग में व्यावहारिक अनुभव यानी एक्सपीरिएंशियल लर्निंग पर जोर दिया जा रहा है। विशेषज्ञों के लेक्चर के साथ हैंड्स-ऑन सेशन के जरिए अधिकारियों को विभिन्न पहलुओं की जानकारी दी जा रही है।

    हर सुराग की होगी वैज्ञानिक पड़ताल

    प्रशिक्षण में घटनास्थल से तलाशी और जब्ती के नियम, क्राइम सीन नोट्स, फोटोग्राफी, वीडियोग्राफी, पहचान और साक्ष्य जुटाने की प्रक्रिया पर फोकस किया जा रहा है। फिंगरप्रिंट और खून के नमूने जैसे साक्ष्यों को वैज्ञानिक तरीके से पहचानने और सुरक्षित रूप से एकत्र करने की बारीकियां भी सिखाई जा रही हैं। इसका उद्देश्य यह है कि घटनास्थल पर मौजूद महत्वपूर्ण साक्ष्य अनदेखे न रह जाएं और उन्हें सही तरीके से संरक्षित कर आगे की विवेचना में इस्तेमाल किया जा सके। इससे जांच को साक्ष्य आधारित मजबूत आधार मिलने की संभावना बढ़ेगी।

    दिन हो या रात, हर क्राइम सीन की तैयारी

    प्रशिक्षण में दिन और रात के अलग-अलग समय तथा विभिन्न स्थानों पर क्राइम सीन समेत व्यावहारिक जानकारी भी दी जा रही है। इसके अलावा वास्तविक घटनास्थल पर आने वाली चुनौतियों को ध्यान में रखते हुए अधिकारियों को फील्ड वर्क का महत्व समझाया जा रहा है। पुलिस अधिकारियों को ऐसी परिस्थितियों से निपटने के लिए भी तैयार किया जा रहा है, जहां अपराध के साक्ष्य नष्ट करने, साक्ष्य छिपाने या गलत जानकारी देने का प्रयास किया जा सकता है। इसके जरिए घटनास्थल को सुरक्षित रखने और वैज्ञानिक जांच की प्रक्रिया को व्यवस्थित ढंग से आगे बढ़ाने पर जोर है।

    ‘स्पेशल 32’ बनेंगे विशेषज्ञ कड़ी

    छह बैच में प्रशिक्षित 600 अफसरों के बाद अब 32 अधिकारियों को मास्टर ट्रेनिंग देने से प्रशिक्षण व्यवस्था को अगले स्तर पर ले जाने की तैयारी है। इनकी विशेषज्ञता का लाभ आगे जिलों में क्राइम सीन मैनेजमेंट से जुड़े अन्य पुलिस अधिकारियों की क्षमता बढ़ाने में लिया जा सकेगा। इस पूरी कवायद का बड़ा उद्देश्य अपराध की जांच में घटनास्थल, सुराग, वैज्ञानिक साक्ष्य और विवेचना के बीच की कड़ी को मजबूत करना है। साक्ष्यों का बेहतर संरक्षण और वैज्ञानिक तरीके से संग्रह जांच को बेहतर आधार देगा और न्यायिक प्रक्रिया में तथ्य प्रस्तुत करने की गुणवत्ता को भी मजबूत करेगा।

    जीरो टॉलरेंस को मिलेगी वैज्ञानिक जांच की धार

    मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर अपराध के प्रति जीरो टॉलरेंस की नीति के साथ पुलिस की जांच व्यवस्था को भी लगातार मजबूत करने पर जोर है। प्रदेशवासियों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देने वाली व्यवस्था में गंभीर अपराधों के घटनास्थल से साक्ष्य जुटाने और उनकी वैज्ञानिक जांच की क्षमता महत्वपूर्ण है। ‘स्पेशल 32’ इसी व्यवस्था की विशेषज्ञ कड़ी होंगे। इनका प्रशिक्षण पूरा होने के बाद इनके अनुभव और विशेषज्ञता का इस्तेमाल व्यापक पुलिस प्रशिक्षण में किया जाएगा, जिससे 75 जिलों में क्राइम सीन मैनेजमेंट और वैज्ञानिक विवेचना की क्षमता को और मजबूत करने की दिशा में काम आगे बढ़ सकेगा।

  • जमुई बदसलूकी केस में बड़ा एक्शन, कुंदर बराज में घेराबंदी के दौरान पुलिस फायरिंग; दो आरोपी गिरफ्तार

    जमुई बदसलूकी केस में बड़ा एक्शन, कुंदर बराज में घेराबंदी के दौरान पुलिस फायरिंग; दो आरोपी गिरफ्तार

      जमुई
    जमुई में 19 सितंबर की शाम नाबालिग छात्र और छात्रा के साथ बदसलूकी का वीडियो सामने आने के बाद पुलिस ने आरोपियों की पहचान शुरू की. वीडियो में दिख रहे लोगों की पहचान के लिए पुलिस ने कई सुराग जुटाए. जमुई एसपी विश्वजीत दयाल के मुताबिक, वीडियो में दिखाई दे रहे वाहन के रजिस्ट्रेशन नंबर की मदद से पुलिस पीड़ितों तक पहुंची और इसके बाद आरोपियों की तलाश तेज हुई.

    पुलिस ने मामले की जांच के लिए एसआईटी बनाई. वीडियो और दूसरी जानकारी के आधार पर कई लोगों की पहचान की गई. नंदन यादव को इस मामले का मुख्य आरोपी बताया गया और वह लगातार पुलिस की पकड़ से बाहर था.

    पुलिस को कुंदर बराज में छिपे होने की सूचना मिली
    नंदन की तलाश में पुलिस अलग-अलग जगहों पर छापेमारी कर रही थी. इसी दौरान मंगलवार तड़के एसआईटी को सूचना मिली कि नंदन यादव कुंदर बराज इलाके में छिपा हुआ है. इसके बाद पुलिस टीम ने कुंदर बराज के आसपास पहुंचकर घेराबंदी शुरू की.

    घेराबंदी के बाद क्या हुआ?
    पुलिस के मुताबिक, टीम ने इलाके को घेरा तो नंदन ने वहां से निकलने की कोशिश की. इस दौरान उसने पुलिस टीम पर हमला किया और भागने लगा. इसके बाद पुलिस ने जवाबी फायरिंग की.

    इसी फायरिंग में नंदन यादव के पैर में गोली लगी. उसके साथ मौजूद हरेराम यादव भी घायल हुआ और उसका पैर टूट गया. दोनों को पुलिस ने पकड़ लिया और इलाज के लिए जमुई सदर अस्पताल ले जाया गया. अस्पताल में दोनों का इलाज पुलिस की निगरानी में चल रहा है.

    नंदन तक पहुंचने में वीडियो बना बड़ा सुराग
    इस पूरे मामले में वायरल वीडियो जांच की शुरुआत का सबसे अहम सुराग बना. वीडियो सामने आने के बाद पुलिस ने पहले पीड़ितों को ट्रेस किया, फिर वीडियो में दिख रहे आरोपियों की पहचान शुरू हुई. इसके बाद नंदन समेत फरार आरोपियों की तलाश के लिए छापेमारी चलती रही.

    नंदन के कुंदर बराज में होने की सूचना मिलने के बाद पुलिस ने वहां ऑपरेशन चलाया. पुलिस को उसकी सटीक लोकेशन किस व्यक्ति या किस तकनीकी माध्यम से मिली. इसकी पूरी जानकारी अधिकारियों की ओर से अभी सार्वजनिक नहीं की गई है.

    अब जांच में आगे क्या होगा?
    मुठभेड़ के बाद पुलिस अब मामले में शामिल बाकी लोगों की भूमिका की जांच कर रही है. साथ ही यह भी देखा जा रहा है कि घटना में कौन-कौन शामिल था और किसकी क्या भूमिका थी. पुलिस ने वीडियो और दूसरे सबूतों के आधार पर आरोपियों की पहचान की है. इसलिए आगे की जांच में इन सभी कड़ियों को जोड़ा जाएगा.

     

  • मीरजापुर के कालीन कारोबार को मिलेगी वैश्विक पहचान

    मीरजापुर के कालीन कारोबार को मिलेगी वैश्विक पहचान

    मीरजापुर

    योगी सरकार की ओर से उद्योग एवं व्यापार को बढ़ावा देने के उद्देश्य से नोएडा में 25 सितंबर से उत्तर प्रदेश इंटरनेशनल ट्रेड शो (यूपीआईटीएस) का आयोजन किया जा रहा है। प्रदेश सरकार की यह पहल मीरजापुर के कालीन उद्योग को वैश्विक बाजार में नई पहचान दिलाने में मील का पत्थर साबित होगी। इस ट्रेड शो में जनपद के 10 कालीन कारोबारी व 2 मिष्ठान कारोबारी हिस्सा लेकर अपने उत्पादों का प्रदर्शन करेंगे। इस आयोजन में देश-विदेश से आने वाले कारोबारियों और 86 देशों के आयातकों को मीरजापुर में तैयार होने वाले आकर्षक कालीन, दरी और अन्य हस्तशिल्प उत्पादों को करीब से देखने का अवसर मिलेगा। इससे स्थानीय कालीन कारोबारियों को नए बाजार और विदेशी खरीदारों से जुड़ने का मंच मिलेगा।

    जिला उद्योग प्रोत्साहन एवं उद्यमिता विकास केंद्र के उपायुक्त संदीप कुमार ने बताया कि इंटरनेशनल ट्रेड शो मीरजापुर के कालीन उद्योग को नई उड़ान देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। मिडिल ईस्ट में जारी तनाव के बीच अंतरराष्ट्रीय कारोबार के बदलते परिदृश्य में स्थानीय कालीन कारोबारियों को नए विदेशी खरीदारों और कारोबारियों से संपर्क स्थापित करने का अवसर मिलेगा। इससे निर्यात के नए रास्ते खुलने की संभावना है। उन्होंने बताया कि ट्रेड शो में मेसर्स रमाशंकर कारपेट, मेसर्स शबनूर कारपेट, मेसर्स इस्तेखार कारपेट तथा मेसर्स बृजेश दरी एवं कारपेट हाल नंबर-9 में अपने उत्पाद प्रदर्शित करेंगे। वहीं मेसर्स परी हैंडीक्राफ्ट, मेसर्स आरएस हैंडीक्राफ्ट, मेसर्स नंदिनी हैंडीक्राफ्ट तथा मेसर्स चैंपियन ट्रेडर्स हाल नंबर-10 में उत्पादों का प्रदर्शन करेंगे। मेसर्स वन पैलेस ऑफ रग्स हाल नंबर-14 और मेसर्स आर्टलाइन क्रिएशन हाल नंबर-15 में अपने उत्पाद प्रदर्शित करेंगे।

    उपायुक्त ने बताया कि प्रदेश सरकार की एक जनपद एक उत्पाद (ओडीओपी) योजना मीरजापुर के कालीन उद्योग के लिए 'संजीवनी' साबित हुई है। ओडीओपी के माध्यम से मिलने वाली सुविधाओं और आर्थिक सहायता से कालीन कारोबार को प्रोत्साहन मिला है। कारोबार में वृद्धि का सकारात्मक असर कालीन बुनकरों की आर्थिक स्थिति पर भी पड़ा है। स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर बढ़ने के साथ ही पारंपरिक कालीन निर्माण से जुड़े परिवारों को भी इसका लाभ मिल रहा है।

    विदेशी मेहमान चखेंगे लाल पेड़ा और बालूशाही का स्वाद

    उन्होंने बताया कि एक जिला, एक व्यंजन (ओडीओसी) के तहत मीरजापुर के लाल पेड़ा और बालूशाही जैसे प्रसिद्ध स्थानीय उत्पादों को भी इंटरनेशनल ट्रेड शो में वैश्विक मंच मिलेगा। ओम मिष्ठान भंडार और गुरुकृपा स्वीट्स हाल नंबर-16 में अपने उत्पाद प्रदर्शित करेंगे। ट्रेड शो में शामिल होने वाले विदेशी मेहमान मीरजापुर के प्रसिद्ध लाल पेड़े और बालूशाही का स्वाद भी चख सकेंगे। उपायुक्त ने बताया कि स्थानीय कालीनों के साथ मीरजापुर की पारंपरिक मिठाइयों की अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रस्तुति से जिले के उत्पादों को व्यापक बाजार उपलब्ध होने की उम्मीद है। इंटरनेशनल ट्रेड शो के माध्यम से मीरजापुर की हस्तशिल्प और खाद्य उत्पादों की पहचान देश वैश्विक स्तर पर पहुंचाने का प्रयास किया जा रहा है। इससे स्थानीय कारोबारियों, बुनकरों और कारीगरों को नए ग्राहक और बाजार मिलने के साथ ही जिले की पारंपरिक कला एवं उत्पादों को वैश्विक पहचान मिलेगी।

  • यूपीआईटीएस में युवाओं की भागीदारी को नया आयाम दे रही योगी सरकार, गौतम बुद्ध विश्वविद्यालय के विद्यार्थी बनेंगे आयोजन का हिस्सा

    यूपीआईटीएस में युवाओं की भागीदारी को नया आयाम दे रही योगी सरकार, गौतम बुद्ध विश्वविद्यालय के विद्यार्थी बनेंगे आयोजन का हिस्सा

    लखनऊ
     उत्तर प्रदेश की योगी सरकार प्रदेश में आयोजित होने वाले उत्तर प्रदेश इंटरनेशनल ट्रेड शो (यूपीआईटीएस) 2026 को केवल व्यापार और निवेश का मंच ही नहीं, बल्कि युवाओं और विद्यार्थियों के लिए सीखने, संवाद करने और वैश्विक कारोबारी वातावरण को समझने का अवसर बनाने पर भी जोर दे रही है। इसी क्रम में गौतम बुद्ध विश्वविद्यालय के विद्यार्थियों की आयोजन में सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित की जा रही है। विद्यार्थियों को आयोजन की विभिन्न गतिविधियों में उनकी रुचि और क्षमता के अनुरूप जिम्मेदारियां दी जा रही हैं। यह पहल विद्यार्थियों को कक्षा और परिसर से बाहर निकलकर वास्तविक कारोबारी, उद्यमिता और अंतरराष्ट्रीय व्यापार के माहौल को समझने का अवसर देगी।

    आयोजन प्रबंधन से लेकर बी2बी बैठकों तक निभाएंगे भूमिका
    योजना के अनुसार 25 से 29 सितंबर के दौरान विद्यार्थियों की भागीदारी शटल संचालन, स्कैनिंग, सांस्कृतिक गतिविधियों, नॉलेज सेशन, इंफॉर्मेशन डेस्क और बी2बी मीटिंग्स सहित विभिन्न कार्यों में रहेगी। विद्यार्थियों को केवल दर्शक के रूप में नहीं, बल्कि आयोजन की व्यवस्थाओं में सक्रिय भूमिका निभाने वाले वालेंटियर्स के रूप में जोड़ा गया है।इसके लिए वालेंटियर्स की चार टीमें गठित की गई हैं। इन टीमों के माध्यम से विद्यार्थियों को आयोजन से जुड़ी अलग-अलग जिम्मेदारियों का व्यावहारिक अनुभव मिलेगा। छात्र सहभागिता के लिए फैकल्टी सुपरविजन और नोडल संपर्क की व्यवस्था भी की गई है।

    स्टार्टअप और उद्यमिता से सीधे जुड़ेंगे विद्यार्थी
    योगी सरकार की ओर से युवाओं को उद्यमिता और नवाचार से जोड़ने की दिशा में यूपीआईटीएस में विद्यार्थियों के लिए कई विशेष गतिविधियां प्रस्तावित हैं। इनमें यंग एंटरप्रेन्योर हंट के साथ स्टार्टअप/फाउंडर जोन प्रमुख है। स्टार्टअप और फाउंडर जोन में विद्यार्थियों को उद्यमियों एवं फाउंडर्स के साथ 15 मिनट की इंटरैक्शन का अवसर मिलेगा।इसके अलावा करियर कॉर्नर में इंटर्नशिप और लाइव प्रोजेक्ट से संबंधित अवसरों की जानकारी दी जाएगी। इससे विद्यार्थी उद्योग जगत की अपेक्षाओं, रोजगार के अवसरों और वास्तविक प्रोजेक्ट्स की कार्यप्रणाली को करीब से समझ सकेंगे।

    इंटरनेशनल पासपोर्ट’ से सीखेंगे वैश्विक व्यापार की बारीकियां
    छात्रों की सहभागिता को सीखने की गतिविधियों से जोड़ने के लिए इंटरनेशनल पासपोर्ट की भी व्यवस्था की गई है। इसमें विद्यार्थियों को 10 से 15 स्टांप अर्जित करने होंगे। इसके साथ फोटो इंस्टॉलेशन और अलग-अलग देशों को प्रदर्शित करने वाली कंट्री वॉल्स भी विद्यार्थियों के लिए आकर्षण का केंद्र रहेंगी। कॉलेज एक्सपो एंबेसडर्स के माध्यम से भी विद्यार्थियों की भागीदारी बढ़ाने की योजना है। इसके तहत प्रत्येक कॉलेज से प्रस्तावित रूप से 5 से 10 विद्यार्थी एंबेसडर के तौर पर जोड़े जा सकते हैं।

    एक्सपो पासपोर्ट से 8-10 डिस्कवरी टास्क
    छात्रों के लिए तैयार लर्निंग एंड रिकॉग्निशन एंड फ्रेमवर्क में एक्सपो पासपोर्ट को विशेष स्थान दिया गया है। इसके माध्यम से विद्यार्थियों को 8 से 10 डिस्कवरी टास्क्स पूरे करने होंगे। इसके अलावा 45 से 60 मिनट की गाइडेड थीम्ड ट्रेल्स भी आयोजित की जाएंगी। निर्धारित गतिविधियां पूरी करने वाले विद्यार्थियों को सर्टिफिकेट्स ऑन कंप्लीशन दिए जाएंगे। इस पूरी व्यवस्था का उद्देश्य विद्यार्थियों की यूपीआईटीएस में मौजूदगी को केवल भ्रमण तक सीमित न रखकर उसे अनुभवात्मक सीख से जोड़ना है।

    युवाओं को वैश्विक अवसरों से जोड़ने की दिशा में कदम
    गौतम बुद्ध विश्वविद्यालय के विद्यार्थियों की यह भागीदारी यूपीआईटीएस को व्यापार, निवेश और शिक्षा के बीच सेतु बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल साबित होगी। एक ओर विद्यार्थी आयोजन प्रबंधन और स्वयंसेवा का व्यावहारिक अनुभव हासिल करेंगे, वहीं दूसरी ओर उन्हें स्टार्टअप, फाउंडर्स, उद्योग, करियर अवसरों और अंतरराष्ट्रीय व्यापार की गतिविधियों को नजदीक से देखने का अवसर मिलेगा। इस तरह योगी सरकार के नेतृत्व में यूपीआईटीएस में व्यापार और निवेश के साथ युवा सहभागिता, कौशल, उद्यमिता और अनुभवात्मक शिक्षा को भी आयोजन का हिस्सा बनाया जा रहा है।

  • नहरों की बढ़ेगी जल वहन क्षमता, किसानों के खेतों तक सुचारु पहुंचेगा पानी

    नहरों की बढ़ेगी जल वहन क्षमता, किसानों के खेतों तक सुचारु पहुंचेगा पानी

     झज्जर
     नहरों को अब टूटने, क्षतिग्रस्त होने और पानी की बर्बादी से बचाने के लिए मजबूत कवच दिया जाएगा। प्रदेश की 106 नहरों के सुदृढ़ीकरण पर 2484.87 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। विश्व बैंक की सहायता से संचालित होने वाली महत्वाकांक्षी ‘जल संरक्षित हरियाणा’ परियोजना के तहत नहरों के कमजोर हिस्सों को मजबूत करने के साथ उनकी जल वहन क्षमता भी बढ़ाई जाएगी।

    इससे नहरों के क्षतिग्रस्त होने की घटनाओं पर अंकुश लगेगा और किसानों के खेतों तक नहरी पानी की आपूर्ति अधिक सुचारु हो सकेगी। परियोजना को धरातल पर उतारने की तैयारी तेज हो गई है। प्रस्तावित कार्यों की विस्तृत रूपरेखा तैयार करने के लिए डिटेल प्रोजेक्ट रिपोर्ट (डीपीआर) तैयार कराने का जिम्मा निजी एजेंसी को सौंपा गया है।

    डीपीआर तैयार होने के बाद नहरों पर होने वाले कार्यों की लागत, प्राथमिकता और क्रियान्वयन की पूरी तस्वीर साफ हो जाएगी। इसके बाद औपचारिक स्वीकृति की प्रक्रिया आगे बढ़ेगी। विभाग को उम्मीद है कि इसी वित्त वर्ष में बजट जारी कर दिया जाएगा। ‘जल संरक्षित हरियाणा’ परियोजना का कुल अनुमानित बजट करीब 5714 करोड़ रुपये है।

    इसमें विश्व बैंक की ओर से लगभग 4000 करोड़ रुपये का ऋण उपलब्ध कराया जा रहा है। परियोजना का उद्देश्य केवल नहरों की मरम्मत करना नहीं, बल्कि प्रदेश के जल संसाधनों को संरक्षित करने और उपलब्ध पानी का अधिकतम एवं प्रभावी इस्तेमाल सुनिश्चित करना है। परियोजना के तहत प्रदेश को 15 क्लस्टरों में बांटा गया है।

     

  • धान खरीद में देरी से नाराज किसान, कुरुक्षेत्र में GT रोड पर चक्का जाम

    धान खरीद में देरी से नाराज किसान, कुरुक्षेत्र में GT रोड पर चक्का जाम

    शाहाबाद/कुरुक्षेत्र.

    धान की सरकारी खरीद शुरू न होने को लेकर मंगलवार को किसान राष्ट्रीय राजमार्ग की ओर कूच कर दिया है। इससे पहले किसानों के प्रतिनिधिमंडल ने उपायुक्त विश्राम कुमार मीणा के साथ बैठक की। वार्ता बेनतीजा रही, जिससे किसान जीटी रोड जाम करने के लिए निकल पड़े।

    किसानों को रोकने के लिए बराड़ा रोड पर पुलिस ने बैरिकेडिंग की। प्रदर्शनकारी बैरिकेडिंग की ओर बढ़े तो पुलिस ने उन्हें रोकने के लिए वाटर कैनन का इस्तेमाल किया और आंसू गैस के गोले छोड़े। इसके बावजूद कई किसान फ्लाईओवर पर चढ़ गए। पुलिस ने किसानों को रोकने के लिए वाटर कैनन चलाया और आंसू गैस के गोले दागे। इसके बावजूद कुछ किसान फ्लाईओवर पर चढ़ गए, जिन्हें पुलिस ने नीचे उतार लिया।

    आधे घंटे चले बवाल के बाद किसानों ने बराड़ा रोड पर शहीद उधम सिंह स्मारक के पास धरना शुरू कर दिया। SP चंद्रमोहन भी हालात का जायजा लेने मौके पर पहुंचे। DSP रणधीर ने कहा कि GT रोड पर ट्रैफिक चल रहा है। भारतीय किसान यूनियन (चढ़ूनी) के अध्यक्ष गुरनाम सिंह चढ़ूनी ने कहा, “देश का पेट पालने वालों पर बमबारी हुई। हम पाकिस्तानी नहीं हैं। सैंकड़ों गोले दागे, पानी छोड़ा, लाठचार्ज किया। मेरे भी पैर पर चोट आई। जब तक हमारी बात नहीं मानी जाएगी, हम यहीं रहेंगे। हमने मोर्चा लगा दिया है।”

    22 सितंबर तक का दिया था अल्टीमेटम
    गुरनाम सिंह चढ़ूनी ने कहा कि 16 सितंबर को धान की सरकारी खरीद को लेकर शाहाबाद अनाज मंडी में किसानों की बैठक हुई थी। इसमें कुरुक्षेत्र के DC विश्राम कुमार मीणा भी पहुंचे थे। किसानों ने मंडियों में फसल पहुंचने का हवाला देते हुए जल्द खरीद शुरू करने की मांग की थी। प्रशासन ने बताया था कि राज्य सरकार ने केंद्र से तय समय से पहले 20 सितंबर से खरीद शुरू कराने का अनुरोध किया है। इस आश्वासन के बाद किसानों ने 20 सितंबर तक खरीद शुरू करने का अल्टीमेटम दिया था और मांग पूरी न होने पर 22 सितंबर को जाम लगाने की चेतावनी दी थी।

    'मेरी फसल-मेरा ब्योरा' पोर्टल 27 सितंबर तक खुला
    सरकार ने किसानों को फसल रजिस्ट्रेशन का एक और मौका दिया है। मेरी फसल-मेरा ब्योरा पोर्टल 21 से 27 सितंबर तक दोबारा खोला गया है। किसान 27 सितंबर तक फसल का रजिस्ट्रेशन करा सकते हैं। किसानों की मांग है कि पोर्टल पर रजिस्ट्रेशन, वेरिफिकेशन और खरीद प्रक्रिया में तालमेल रहे, ताकि मंडियों में फसल खरीद के लिए इंतजार न करना पड़े।

    पिछले साल से शुरू हुई खरीद
    धान खरीद की तारीख को लेकर पिछले साल भी किसानों ने सरकार पर दबाव बनाया था। 2025 में हरियाणा में धान की सरकारी खरीद 22 सितंबर से शुरू हुई थी। पहले खरीद 1 अक्टूबर से होनी थी, लेकिन किसानों की मांग और विरोध के बाद तारीख आगे बढ़ाई गई थी। पिछले साल करीब 59.62 लाख मीट्रिक टन धान की खरीद हुई थी।

  • MLC चुनाव से पहले यूपी में सियासी हलचल, शिक्षक संघ के 7 प्रत्याशी तय; 1 सीट पर पेंच

    MLC चुनाव से पहले यूपी में सियासी हलचल, शिक्षक संघ के 7 प्रत्याशी तय; 1 सीट पर पेंच

    लखनऊ
    यूपी विधान परिषद चुनाव की तारीखों का ऐलान कर दिया गया है। 11 विधान परिषद सीट के लिए 23 अक्टूबर को वोटिंग होगी और 27 अक्टूबर को नतीजे आएंगे। वहीं नामांकन की आखिरी तारीख 6 है। वहीं, विधान परिषद की खंड स्नातक और शिक्षक सीटों पर चुनाव के लिए उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षक संघ ने सोमवार को सात प्रत्याशी घोषित किए। फैजाबाद-गोरखपुर शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र से तीन बार चुनाव जीतने वाले ध्रुव कुमार त्रिपाठी की सीट पर अभी निर्णय नहीं लिया गया है। सुरेश त्रिपाठी ने अध्यक्ष पद छोड़ दिया है और प्रमोद मिश्रा को कार्यकारी अध्यक्ष बनाया गया है।

    बता दें कि 23 अक्टूबर को होने वाले विधान परिषद की शिक्षक और स्नातक कोटे की 11 सीटों के चुनाव के लिए भाजपा ने पांच कैंडिडेट के नाम पहले ही घोषित कर दिए हैं। भाजपा ने इन पांचों सीटों पर मौजूदा एमएलसी को ही दोबारा टिकट दिया है। 11 सीटों में फिलहाल छह भाजपा, तीन सपा, एक शिक्षक दल और एक निर्दलीय के पास है।

    इन्हें मिला टिकट
    उप्र माध्यमिक शिक्षक संघ की राज्य परिषद की बैठक में वाराणसी खंड शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र से डॉक्टर प्रमोद कुमार मिश्रा, लखनऊ खंड शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र से जगजीवन प्रसाद शुक्ला, बरेली-मुरादाबाद खंड शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र से डा. सुनीत गिरि, आगरा खंड शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र से डा. दिलीप कुमार अमौरिया, मेरठ खंड शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र से डॉक्टर सुशील कुमार पुंडीर, वाराणसी खंड स्नातक निर्वाचन क्षेत्र से चौधरी दिनेश चंद्र रॉय और मेरठ खंड स्नातक निर्वाचन क्षेत्र से डॉक्टर अमित जैन को प्रत्याशी बनाया गया है।

    इस सीट से अभी किसी को नहीं मिला टिकट
    उप्र माध्यमिक शिक्षक संघ से फैजबाद-गोरखपुर खंड शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र से एमएलसी ध्रुव कुमार त्रिपाठी की सीट पर अभी किसी को टिकट नहीं दिया गया है। यह सीट अभी छोड़ दी गई है। प्रदेशीय उपाध्यक्ष व प्रवक्ता डा. आरपी मिश्रा ने बताया कि इस सीट पर चुनाव लड़ने के लिए किसी भी प्रत्याशी ने अभी तक दावा नहीं किया गया। ध्रुव कुमार त्रिपाठी ने भी टिकट नहीं मांगा है। सूत्रों की मानें तो ध्रुव कुमार त्रिपाठी सत्ताधारी दल से टिकट मिलने की आस में अभी इंतजार कर रहे हैं।

    वहीं इलाहाबाद-झांसी खंड शिक्षक सीट पर उप्र माध्यमिक शिक्षक संघ से चुनाव हार चुके सुरेश कुमार त्रिपाठी ने संगठन के अध्यक्ष का पद छोड़ दिया है। अब उप्र माध्यमिक शिक्षक संघ का कार्यकारी अध्यक्ष प्रमोद मिश्रा को बनाया गया है। सुरेश कुमार त्रिपाठी भी सत्ताधारी दल से खंड स्नातक चुनाव में टिकट की चाह रखते हैं और यही कारण है कि व्यक्तिगत कारणों से उन्होंने अध्यक्ष पद छोड़ दिया है। कभी विधान परिषद में उप्र माध्यमिक शिक्षक संघ के शर्मा गुट का दबदबा हुआ करता था। शिक्षक और खंड स्नातक की ज्यादातर सीटों पर उनके प्रत्याशी ही चुनाव जीतते रहे हैं।

  • यूपी इंटरनेशनल ट्रेड शो 2026: ग्लोबल मंच पर चमकेगा आगरा, 36 उद्यमी लगाएंगे 60 स्टाल

    यूपी इंटरनेशनल ट्रेड शो 2026: ग्लोबल मंच पर चमकेगा आगरा, 36 उद्यमी लगाएंगे 60 स्टाल

    आगरा

    ग्रेटर नोएडा में 25 से 29 सितंबर तक आयोजित होने वाले 'उत्तर प्रदेश इंटरनेशनल ट्रेड शो' (यूपीआईटीएस) 2026 में ताजनगरी के उद्यमी अपनी व्यापारिक क्षमता और हुनर की धमक दिखाने के लिए पूरी तरह तैयार हैं। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व वाली उत्तर प्रदेश सरकार की इस शानदार पहल से आगरा के स्थानीय उद्यमियों, हस्तशिल्पियों और नवाचारियों को एक बड़ा ग्लोबल मंच उपलब्ध हो रहा है। इस वृहद आयोजन में आगरा जनपद की भागीदारी हर साल बढ़ रही है। इस वर्ष जिले के 36 उद्यमी यूपीआईटीएस में हिस्सा लेंगे, जिनके लिए 60 स्टाल आरक्षित किए गए हैं। 

    नवोदित और महिला उद्यमियों को बड़ा मंच

    यूपी इंटरनेशनल ट्रेड शो में इस बार आगरा के विभिन्न वर्गों के उद्यमियों को अवसर दिया गया है। मेले में ओडीओपी ( एक जनपद एक उत्पाद) श्रेणी के तहत 8 इकाइयों के 10 स्टाल लगेंगे। इसके अलावा महिला उद्यमी, एमएसएमई और युवा उद्यमियों की श्रेणी में 7 इकाइयों के 7 स्टाल लगाए जा रहे हैं। इनमें 4 महिला उद्यमी और 3 युवा उद्यमी शामिल हैं, जो अपने नवाचार को वैश्विक खरीदारों के सामने पेश करेंगे। वहीं व्यापार को निर्यात के स्तर पर ले जाने के लिए 'नवोदित निर्यातक' श्रेणी में 17 इकाइयों के 25 स्टाल और 'नियमित निर्यातक' श्रेणी में 9 इकाइयों के 10 स्टाल लगाए जा रहे हैं। मुख्यमंत्री युवा उद्यमी विकास अभियान के तहत भी एक इकाई पूरे उत्साह के साथ प्रतिभाग कर रही है।

    आगरा के शिल्प और हुनर की दिखेगी व्यापक रेंज

    ग्रेटर नोएडा के इंडिया एक्सपो मार्ट में सजने वाले इस ट्रेड शो में आगरा के उत्पादों की शानदार रेंज देखने को मिलेगी। स्टॉलों पर मुख्य रूप से आगरा का विश्व प्रसिद्ध लेदर उत्पाद, मार्बल स्टोन उत्पाद, फुटवियर, लेदर फुटवियर, होम डेकोर, कारपेट, हैंडीक्राफ्ट, हैंडलूम साड़ियां, गारमेंट्स, जरी जरदोजी और इमीटेशन ज्वेलरी का भव्य कलेक्शन प्रदर्शित किया जाएगा। विदेशी मेहमान और बड़े खरीदार आगरा की इस समृद्ध शिल्प कला और हुनर से सीधे रूबरू होंगे।

    लाइव किचन और लजीज व्यंजनों की रहेगी धूम

    यूपीआईटीएस में न केवल शिल्प बल्कि ताजनगरी के जायके की भी विशेष धूम रहेगी। ओडीओसी श्रेणी के तहत 5 इकाइयां हिस्सा ले रही हैं। ट्रेड शो में आने वाले देशी-विदेशी खरीदार आगरा के विश्व प्रसिद्ध पेठे का स्वाद चख सकेंगे। इसके साथ ही आगरा की पारंपरिक मिठाइयों व नमकीन का बेहतरीन डिस्प्ले किया जाएगा। एक विशेष 'लाइव किचन' भी यहां का प्रमुख आकर्षण होगी, जहां ताजे और स्वादिष्ट व्यंजन परोसे जाएंगे।

    वर्जन-
    उ.प्र. सरकार के प्रयासों से यूपी इंटरनेशनल ट्रेड शो स्थानीय उद्यमियों के लिए व्यापार विस्तार का एक बेहतरीन मंच बन चुका है। इस वृहद आयोजन से हमारे नवोदित और युवा उद्यमियों, विशेषकर महिला उद्यमियों को अंतरराष्ट्रीय व राष्ट्रीय खरीदारों से सीधा संवाद करने, बी2बी मीटिंग करने और अपने व्यापार को नई ऊंचाइयों पर ले जाने का सुनहरा अवसर मिलेगा। विभाग द्वारा सभी प्रतिभागियों को हर संभव सहयोग व मार्गदर्शन प्रदान किया जा रहा है। शैलेंद्र कुमार, उपायुक्त उद्योग