Category: राज्य

  • बांदा के शजर पत्थर और पारंपरिक स्वाद की भी रहेगी ट्रेड शो में धमक

    बांदा के शजर पत्थर और पारंपरिक स्वाद की भी रहेगी ट्रेड शो में धमक

    बांदा

    सीएम योगी के विजन और प्रयासों से बुंदेलखंड की गौरवशाली संस्कृति और हुनर को एक बार फिर अंतरराष्ट्रीय मंच मिलने जा रहा है। ग्रेटर नोएडा में आयोजित होने वाले यूपी इंटरनेशनल ट्रेड शो 2026 में बांदा जनपद के हस्तशिल्प और पारंपरिक व्यंजनों की धूम रहेगी। जनपद के स्थानीय कारीगर और उद्यमी इस वैश्विक बाजार में अपनी चमक बिखेरने के लिए पूरी तरह तैयार हैं। 

    ओडीओपी के जरिए बांदा के हस्तशिल्प को मिली संजीवनी

    उत्तर प्रदेश सरकार की महत्वाकांक्षी योजना 'एक जनपद-एक उत्पाद' और एमएसएमई के चलते बांदा के हस्तशिल्प को नई संजीवनी मिली है। उद्योग विभाग के संयुक्त आयुक्त सुधीर श्रीवास्तव ने बताया कि नोएडा में आयोजित हो रहे इस मेगा इवेंट में बांदा जनपद से कुल चार श्रेणियों में उद्यमी शामिल हो रहे हैं। ट्रेड शो में बांदा का गौरव कहे जाने वाले और ओडीओपी में शामिल शजर स्टोन के दो विशेष स्टाल लगाए जाएंगे। इसके लिए ओडीओपी श्रेणी से द्वारिका प्रसाद सोनी और अर्जुन गुप्ता का चयन किया गया है जो शजर पत्थर से तराशे गए खूबसूरत और अनूठे हस्तशिल्प का प्रदर्शन करेंगे। केन नदी के तट पर पाए जाने वाले इस दुर्लभ पत्थर की कलाकृतियां विदेशी खरीदारों के आकर्षण का मुख्य केंद्र होंगी। 

    पारंपरिक व्यंजनों का स्वाद भी अंतर्राष्ट्रीय मंच पर बिखेरेगा स्वाद का जादू

    हस्तशिल्प के साथ-साथ इस बार बुंदेलखंड के पारंपरिक व्यंजनों का स्वाद भी अंतरराष्ट्रीय मंच पर जादू बिखेरेगा। वहीं ओडीओसी के तहत दीपक सोनी इस शो में बांदा की प्रसिद्ध बालूशाही और सोहन हलुआ का स्टाल लगाएंगे। वहीं एमएसएमई श्रेणी से कमल आहूजा अपनी बेकरी उत्पादों के स्टाल के जरिए बांदा के आधुनिक स्वाद का प्रतिनिधित्व करेंगे। इसके अतिरिक्त मुख्यमंत्री युवा उद्यमी योजना के अंतर्गत चयनित युवा उद्यमी रवी नगाइच और शिवम कुशवाहा भी इस अंतर्राष्ट्रीय व्यापार मेले में शामिल होकर जिले का मान बढ़ाएंगे।

    स्थानीय कारीगरों और व्यापारियों का कहना है कि पूर्ववर्ती सरकारों में बांदा के इस हुनर को स्थानीय स्तर पर भी पहचान नहीं मिल पा रही थी लेकिन मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के प्रयासों ने उन्हें सीधे अंतरराष्ट्रीय खरीदारों के सामने ला खड़ा किया है। इस ट्रेड शो के माध्यम से न केवल बांदा के शजर उद्योग को नए एक्सपोर्ट ऑर्डर मिलने की उम्मीद है बल्कि बुंदेलखंड के लजीज व्यंजनों और युवा उद्यमियों को भी एक बड़ा बाजार मिलेगा।

  • सोशल मीडिया ने प्रस्तुत किया अर्धसत्य का नया तथ्य: सीएम योगी

    सोशल मीडिया ने प्रस्तुत किया अर्धसत्य का नया तथ्य: सीएम योगी

    गोरखपु

    गोरक्षपीठाधीश्वर एवं मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि सामान्य जीवन में व्यक्ति यह तय नहीं कर पाता है कि सत्य क्या है और असत्य क्या है। आज के समय में सोशल मीडिया प्लेटफार्म ने सत्य और असत्य के बीच एक नया तथ्य प्रस्तुत कर दिया है, अर्धसत्य का, जो कभी सत्य नहीं होता। ऐसी स्थितियों में पूरी दुनिया की मानवता अवसाद की शिकार है, उसके सामने चुनौती है।

    सीएम योगी गोरखनाथ मंदिर में युगपुरुष ब्रह्मलीन महंत दिग्विजयनाथ जी महाराज की 57वीं एवं राष्ट्रसंत ब्रह्मलीन महंत अवेद्यनाथ जी महाराज की 12वीं पुण्यतिथि समारोह के उपलक्ष्य में बुधवार अपराह्न श्रीमद्भागवत महापुराण कथा ज्ञानयज्ञ के शुभारंभ अवसर पर अपने विचार व्यक्त कर रहे थे। दिग्विजयनाथ स्मृति भवन सभागार में व्यासपीठ का पूजन करने के बाद उपस्थित श्रद्धालुओं को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि आज विज्ञान भले ही कितना ही आगे बढ़ चुका हो, लेकिन जीवन में स्थायी शांति के लिए विश्व की मानवता केवल भारत भूमि को ही देखती है। भारत भूमि पर पावन कथाओं की परंपरा कठिन चुनौतियों में व्यक्ति का मार्ग सुगम बनाने के लिए मार्गदर्शन करती है। पवित्र कथाओं के वाचन और श्रवण की परंपरा, हजारों वर्षों की विरासत को समझने का भी अवसर होती है।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि व्यक्ति के जीवन में जब आचरण और विचार के बीच साम्यता प्रभावकारी होती है। व्यक्ति जब मनसा, वाचा, कर्मणा से एक दिशा में चलता है तो उसे सफलता प्राप्त होती है। मन, वचन और कर्म में एकरूपता न रहने पर भ्रम की स्थिति पैदा होती है। क्या करना है और क्या नहीं करना है, इसे लेकर भ्रम पैदा होने पर ‘न घर का, न घाट का’ वाली स्थिति बन जाती है। श्रीमद्भागवत की कथा मनुष्य के इसी भ्रम को दूर करती है।

    भक्ति, ज्ञान और निष्काम कर्म की प्रेरणा देती है श्रीमद्भागवत कथा

    कथा व्यास मलूकपीठाधीश्वर श्री राजेंद्रदास जी महाराज का गोरक्षपीठ में स्वागत करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि श्रीमद्भागवत महापुराण के वाचन और श्रवण की परंपरा 5000 वर्ष पुरानी है। भारत का श्रद्धालु इस कथा के माध्यम से ज्ञान, भक्ति व निष्काम कर्म की प्रेरणा प्राप्त करता है। जीवन के उद्देश्य व रहस्यों को समझने के लिए यह कथा अत्यंत महत्वपूर्ण है। 5000 वर्ष पहले शुकदेव जी ने राजा परीक्षित को इस कथा का श्रवण कराया, तबसे एक लंबा कालखंड बीत गया। सनातन संस्कृति ने सम-विषम परिस्थितियों सहित तमाम चुनौतियों का सामना किया। उत्थान-पतन की कहानियों के बीच भी यह कथा हम सबकी स्मृतियों में बची रही। यह कथा जीवन की वास्तविकता का एहसास करते हुए अज्ञानता से मुक्ति का मार्ग प्रशस्त करती है।

    मुख्यमंत्री के संबोधन के उपरांत व्यासपीठ पर विराजमान कथा व्यास, वृंदावन से पधारे मलूकपीठाधीश्वर श्रीमदजगद्गुरु द्वाराचार्य अग्रपीठाधीश्वर स्वामी श्री राजेंद्रदास जी महाराज ने श्रद्धालुओं को श्रीमद्भागवत कथा का रसपान कराया। कथा प्रतिदिन अपराह्न 3 बजे से शाम 6 बजे तक सुनाई जाएगी। इसका विराम 29 सितंबर को होगा। 

    वैदिक मंत्रोच्चार के बीच निकली श्रीमद्भागवत महापुराण की शोभायात्रा

    श्रीमद्भागवत महापुराण कथा ज्ञानयज्ञ के शुभारंभ से पूर्व गोरक्षपीठाधीश्वर योगी आदित्यनाथ की अगुवाई में मुख्य मंदिर से कथा स्थल (दिग्विजयनाथ स्मृति भवन सभागार) तक शंख ध्वनि की गूंज तथा वेदपाठी विद्यार्थियों के वैदिक मंत्रोच्चार के बीच महापुराण की शोभायात्रा निकाली गई। शोभायात्रा के कथा स्थल पहुंचने पर अखंड ज्योति स्थापित की गई। पोथी प्रतिष्ठा और कथा व्यास के विराजमान होने के उपरांत मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ व अन्य यजमान ने व्यासपीठ और कथा व्यास की पूजा की। इस अवसर पर जगद्गुरु स्वामी सुग्रीव किलाधीश अयोध्या के विश्वेश प्रपन्नाचार्य, रामलला सदन अयोध्या के जगद्गुरु राघवाचार्य, स्वामी श्रीधराचार्य, महंत नारायण गिरी, अवधेश दास, रामलखन दास, राजू दास, रामानंद दास, बालक दास, जयबख्श दास सहित अनेक संत, यजमानगण और बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे।

  • ‘जो कृष्ण का नहीं हुआ वो किसी का नहीं हो सकता’- डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक का अखिलेश पर जोरदार निशाना

    ‘जो कृष्ण का नहीं हुआ वो किसी का नहीं हो सकता’- डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक का अखिलेश पर जोरदार निशाना

    लखनऊ

    अयोध्या में अतिक्रमण हटाने और सड़क चौड़ीकरण को लेकर हो रही बुलडोजर कार्रवाई का सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने विरोध किया है। जिसको लेकर उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने तीखा पलटवार किया है। ब्रजेश पाठक ने सपा पर तुष्टीकरण की राजनीति करने का आरोप लगाते हुए अयोध्या और काशी के विकास को रोकने का दावा किया। पाठक ने अखिलेश यादव से मथुरा को लेकर उनका रुख स्पष्ट करने को भी कहा।

    ‘जो राम का नहीं हुआ वो कृष्ण का नहीं हो सकता’

    डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक ने कहा कि जब यूपी में सपा सरकार थी, तुष्टीकरण की हद हो गई थी और अयोध्या-काशी के विकास को रोक दिया गया था। उन्होंने कहा, “अखिलेश जी से पूछना चाहिए कि उनका मथुरा पर क्या स्टैंड है? मैंने पहले भी कहा था कि जो राम का नहीं हुआ वो कृष्ण का नहीं हो सकता। जो कृष्ण का नहीं हो सकता वो किसी का नहीं हो सकता।”

    अयोध्या-काशी के विकास पर अखिलेश को घेरा

    अखिलेश यादव की ओर से अयोध्या और काशी के विकास पर सवाल उठाए जाने को लेकर डिप्टी सीएम ने कहा कि अखिलेश यादव हमेशा अयोध्या, काशी के विकास पर सवाल उठाते हैं लेकिन एक बार वो अपने गिरेबां में झांके और बताएं जब सपा सत्ता में थी तो अयोध्या और काशी के विकास में कितना खर्च किया था।

    उन्होंने योगी सरकार की योजनाओं का जिक्र करते हुए कहा, “आज यूपी में हमारी सरकार अयोध्या को वर्ल्ड क्लास सिटी के तौर पर विकसित कर रही है। 14 कोसी परिक्रमा मार्ग का चोड़ीकरण किया जा रहा है। लेकिन सपा सरकार ने 14 कोसी परिक्रमा मार्ग पर प्रतिबंध लगाने तक का काम किया था।”

    ‘सपा को सनातन संस्कृति से कोई लेना देना नहीं’

    ब्रजेश पाठक ने सपा पर धार्मिक और सांस्कृतिक मुद्दों को लेकर भी आरोप लगाए। उन्होंने कहा, “अखिलेश यादव को सनातन संस्कृति से कोई लेना देना नहीं है। ये सिर्फ मुस्लिम तुष्टिकरण करना जानते हैं और ये अयोध्या के विकास को रोकने का रास्ता खोजते रहे हैं।”

    ‘सपा गुंडों और अपराधियों की पक्षधर पार्टी’

    ब्रजेश पाठक ने सपा पर अपराध और कानून-व्यवस्था को लेकर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा, “सपा गुंडों और अपराधियों की पक्षधर पार्टी है। आज यूपी की सभी जेलों में खुशी मनाई जा रही है। अपराधी, गुंडे और माफिया उम्मीद लगाए बैठे हैं कि अखिलेश यादव सत्ता में आएंगे तो गुंडे बाहर आ जाएंगे।” उन्होंने कहा कि सपा जब-जब सत्ता में आई है, गुंडे माफिया सड़कों पर आए हैं।

    वहीं अखिलेश यादव के चुनाव आयोग पर आरोप लगाने को लेकर डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक ने कहा, “अखिलेश यादव हमेशा संवैधानिक संस्थाओं पर सवाल खड़े करते हैं। ये जब चुनाव जीतते हैं तो चुनाव आयोग अच्छा हो जाता है लेकिन जब हार मिलती है तो तरह-तरह के आरोप लगाते हैं।” उन्होंने कहा कि भाजपा हमेशा से निष्पक्ष राजनीति की पक्षधर रही है।

  • योगी सरकार में उद्योगों की जरूरत के अनुरूप बदलेंगे यूपी के आईटीआई, आठ शहरों के क्लस्टर में लागू होगा पीएम-सेतु मॉडल

    योगी सरकार में उद्योगों की जरूरत के अनुरूप बदलेंगे यूपी के आईटीआई, आठ शहरों के क्लस्टर में लागू होगा पीएम-सेतु मॉडल

    लखनऊ

    मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश सरकार युवाओं के कौशल विकास को उद्योगों की वास्तविक जरूरतों से जोड़ने की दिशा में एक और बड़ा कदम बढ़ा रही है। केंद्र सरकार की प्रधानमंत्री स्किलिंग एंड एम्प्लॉयबिलिटी ट्रांसफॉर्मेशन थ्रू अपग्रेडेड आईटीआई (पीएम-सेतु) योजना के तहत प्रदेश के राजकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों (आईटीआई) को उद्योग-आधारित कौशल विकास केंद्रों के रूप में विकसित करने की तैयारी है। इसके पहले चरण में प्रदेश के आठ शहरों- कानपुर, मुजफ्फरनगर, मेरठ, लखनऊ, गोरखपुर, वाराणसी, प्रयागराज और आगरा के राजकीय आईटीआई क्लस्टरों में उद्योगों की भागीदारी सुनिश्चित करने की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जा रही है। योजना का उद्देश्य आईटीआई में दिए जाने वाले प्रशिक्षण और उद्योगों की मौजूदा व भविष्य की कौशल जरूरतों के बीच की दूरी को कम करना है। इसके लिए उद्योगों को केवल रोजगार देने वाली इकाई के बजाय प्रशिक्षण व्यवस्था के सक्रिय भागीदार के रूप में जोड़ा जाएगा। उद्योग पाठ्यक्रम और प्रशिक्षण मानकों को अपडेट करने, आधुनिक तकनीक और उपकरणों को शामिल करने, प्रशिक्षण की गुणवत्ता सुधारने तथा प्रशिक्षकों के प्रशिक्षण तक में भूमिका निभाएंगे। इससे युवाओं को ऐसा कौशल उपलब्ध कराने पर जोर होगा, जिसकी सीधे उद्योगों में मांग है।

    यूपी के आठ शहरों में बनेगा इंडस्ट्री-आईटीआई इकोसिस्टम

    प्रदेश के व्यावसायिक शिक्षा, कौशल विकास और उद्यमशीलता राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) कपिल देव अग्रवाल ने बताया कि उत्तर प्रदेश में पीएम-सेतु के क्रियान्वयन के लिए योगी सरकार ने कानपुर, मुजफ्फरनगर, मेरठ, लखनऊ, गोरखपुर, वाराणसी, प्रयागराज और आगरा के राजकीय आईटीआई क्लस्टरों को उद्योगों से जोड़ने की दिशा में कदम बढ़ाया है। इन क्लस्टरों के लिए एंकर इंडस्ट्री पार्टनर्स (एआईपी) की पहचान और उनकी सहभागिता सुनिश्चित करने की प्रक्रिया शुरू की गई है। सरकार की मंशा है कि इन शहरों के औद्योगिक स्वरूप और स्थानीय स्तर पर रोजगार की जरूरतों के अनुरूप युवाओं को प्रशिक्षण दिया जाए। इससे आईटीआई से निकलने वाले युवाओं के कौशल और स्थानीय उद्योगों की जरूरत के बीच बेहतर तालमेल स्थापित किया जा सकेगा।

    एंकर इंडस्ट्री पार्टनर संभालेंगे अहम जिम्मेदारी

    पीएम-सेतु मॉडल की खासियत उद्योगों की सीधी भागीदारी है। प्रत्येक क्लस्टर के लिए एंकर इंडस्ट्री पार्टनर की व्यवस्था की गई है। एंकर इंडस्ट्री पार्टनर राज्य सरकार के साथ मिलकर प्रशिक्षण मानकों को अपडेट करने, उद्योगों की जरूरत के मुताबिक पाठ्यक्रम विकसित करने और प्रशिक्षण व्यवस्था को आधुनिक बनाने में भूमिका निभाएंगे। इसके साथ ही आधुनिक मशीनों एवं उपकरणों की उपलब्धता, प्रशिक्षकों की ट्रेनिंग ऑफ ट्रेनर्स, एप्रेंटिसशिप, ऑन द जॉब ट्रेनिंग, प्लेसमेंट लिंकेजेस और आरपीएल क्षमता निर्माण जैसी गतिविधियों में भी उद्योगों की भागीदारी होगी। यानी आईटीआई में दाखिले से लेकर प्रशिक्षण और रोजगार तक की पूरी व्यवस्था को इंडस्ट्री से जोड़ने का प्रयास होगा।

    200 से अधिक कर्मचारियों वाले उद्योग बन सकेंगे भागीदार

    उत्तर प्रदेश में एंकर इंडस्ट्री पार्टनर्स की पहचान के लिए उद्योगों की भागीदारी आमंत्रित की गई है। ऐसे पात्र उद्योग, सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रम (पीएसयू), उद्योग संगठन और अन्य संस्थाएं इसमें भागीदारी कर सकती हैं, जिनमें कर्मचारियों की संख्या 200 से अधिक हो। चयन में संबंधित क्लस्टर की औद्योगिक एवं कौशल आवश्यकताओं के अनुरूप उद्योग की भूमिका को महत्व दिया जाएगा। इसके जरिए सरकार की कोशिश प्रत्येक क्लस्टर को वहां मौजूद उद्योगों और भविष्य में पैदा होने वाले रोजगार के अवसरों के अनुरूप विकसित करने की है।

    ₹60 हजार करोड़ से बदलेगी देश के आईटीआई की तस्वीर

    पीएम-सेतु के तहत अगले पांच वर्षों में देशभर के राजकीय आईटीआई के रूपांतरण के लिए करीब 60 हजार करोड़ रुपये के निवेश की परिकल्पना की गई है। इसमें केंद्र सरकार की हिस्सेदारी 30 हजार करोड़ रुपये, राज्य सरकारों की 20 हजार करोड़ रुपये और उद्योगों की हिस्सेदारी 10 हजार करोड़ रुपये प्रस्तावित है। इस प्रकार निवेश में केंद्र की हिस्सेदारी 50 प्रतिशत, राज्यों की 33 प्रतिशत और उद्योगों की करीब 17 प्रतिशत होगी। योजना के तहत देशभर में करीब 1,000 राजकीय आईटीआई को हब एंड स्पोक मॉडल से विकसित करने की परिकल्पना है। इनमें लगभग 200 हब आईटीआई और 800 स्पोक आईटीआई शामिल होंगे।

    हब एंड स्पोक मॉडल से एक-दूसरे से जुड़ेंगे आईटीआई

    पीएम-सेतु के तहत राजकीय आईटीआई को अलग-अलग संस्थानों के बजाय क्लस्टर के रूप में विकसित किया जाएगा। हब एंड स्पोक व्यवस्था में किसी भौगोलिक या औद्योगिक क्लस्टर के भीतर मौजूद संस्थानों को एक एकीकृत कौशल विकास पारिस्थितिकी तंत्र के रूप में जोड़ा जाएगा। हब आईटीआई को मजबूत बुनियादी ढांचे, आधुनिक उपकरणों, उद्योग संबंधों और प्रशिक्षक विकास सुविधाओं के साथ विकसित किया जाएगा। वहीं अन्य स्पोक आईटीआई को इससे जोड़कर प्रशिक्षण की पहुंच और गुणवत्ता बढ़ाई जाएगी। इससे महंगे उपकरण, प्रयोगशालाएं, विशेषज्ञ प्रशिक्षक और अन्य संसाधन केवल एक संस्थान तक सीमित न रहकर कई आईटीआई के लिए उपयोगी हो सकेंगे।

    प्रशिक्षण से प्लेसमेंट तक उद्योगों की भागीदारी

    योगी सरकार की योजना इस मॉडल के जरिए आईटीआई प्रशिक्षण को केवल कक्षा और प्रमाणपत्र तक सीमित रखने के बजाय रोजगार से सीधे जोड़ने की है। उद्योगों की भागीदारी से छात्रों को एप्रेंटिसशिप और ऑन द जॉब ट्रेनिंग के अधिक अवसर उपलब्ध कराने की दिशा में काम होगा। उद्योग क्षेत्रीय आवश्यकताओं के अनुरूप प्रशिक्षण की जरूरत पहचानने, पाठ्यक्रम विकसित करने और प्रशिक्षित मानव संसाधन को रोजगार देने तक की प्रक्रिया में शामिल होंगे। इससे प्रशिक्षण प्राप्त युवाओं और उद्योगों के बीच सीधा संपर्क स्थापित करने में मदद मिलने की अपेक्षा है।

    उद्योगों के साथ संवाद बढ़ाएगी योगी सरकार

    प्रदेश सरकार ने संबंधित जिलों में उद्योगों और एमएसएमई की पहचान कर उनसे संवाद स्थापित करने और पीएम-सेतु में भागीदारी के लिए प्रोत्साहित करने की दिशा में भी प्रक्रिया शुरू की है। जिला प्रशासन के सहयोग से स्थानीय उद्योगों तक पहुंच बनाने और योजना से जोड़ने पर जोर दिया गया है। इस पूरी कवायद का लक्ष्य प्रदेश में आईटीआई- इंडस्ट्री इकोसिस्टम को मजबूत करना है, ताकि प्रशिक्षण और रोजगार के बीच बेहतर समन्वय स्थापित हो सके और युवाओं को रोजगारपरक कौशल उपलब्ध कराया जा सके।

    युवाओं के रोजगार के साथ उद्योगों को मिलेगा प्रशिक्षित मैनपावर

    पीएम-सेतु के माध्यम से योगी सरकार प्रदेश में औद्योगिक विकास और कौशल विकास को एक-दूसरे का पूरक बनाने की दिशा में आगे बढ़ रही है। योजना से एक ओर युवाओं को आधुनिक तकनीक और उद्योगों की जरूरत के अनुरूप प्रशिक्षण मिलने की उम्मीद है, वहीं दूसरी ओर उद्योगों को उनकी जरूरत के मुताबिक प्रशिक्षित मानव संसाधन उपलब्ध कराने की व्यवस्था मजबूत होगी। इससे कानपुर से वाराणसी और मेरठ से गोरखपुर तक अलग-अलग औद्योगिक क्षेत्रों में स्थानीय जरूरत के अनुरूप कौशल तैयार करने का रास्ता खुलेगा। सरकार का जोर ऐसा परिणामोन्मुखी कौशल विकास तंत्र तैयार करने पर है, जिसमें सरकारी निवेश, उद्योगों की भागीदारी और संस्थागत प्रशिक्षण को एक साथ जोड़कर युवाओं को बदलती औद्योगिक एवं रोजगार आवश्यकताओं के लिए तैयार किया जा सके।

  • आप गिनते-गिनते थक जाएंगे, हम युवाओं को नौकरी देते-देते नहीं थकेंगे: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ

    आप गिनते-गिनते थक जाएंगे, हम युवाओं को नौकरी देते-देते नहीं थकेंगे: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ

    गोरखपुर

     मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि घर छोड़ने को मजबूर किसी बेटी या घरेलू हिंसा की शिकार महिला को अब दर-दर की ठोकर नहीं खानी पड़ेगी। गोरखपुर में 100 बेड का राजकीय महिला शरणालय ऐसी महिलाओं का संबल बनेगा। आधी आबादी को सम्मान और सुरक्षा देने के साथ स्वावलंबन के पथ पर आगे बढ़ाकर विकसित भारत की संकल्पना को पूरा करने के लिए सरकार लगातार काम कर रही है। उन्होंने रोजगार को लेकर विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा, आप गिनते जाइए, हम नौकरी बांटते जाएंगे। आप गिनते-गिनते थक जाएंगे, हम यूपी के नौजवानों को नौकरी देते-देते नहीं थकेंगे।
     
    मुख्यमंत्री योगी बुधवार को चरगांवा के सेमरा में 8.05 करोड़ रुपये की लागत से बने राजकीय महिला शरणालय के लोकार्पण समारोह को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने शरणालय का निरीक्षण कर यहां रह रहीं महिलाओं से मुलाकात की और उनके लिए उपलब्ध सुविधाओं की जानकारी ली। मुख्यमंत्री ने विभिन्न योजनाओं को प्रदर्शित करने वाले बोर्ड का भी अवलोकन किया।
     
    मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि बेटी के जन्म से लेकर उसकी पढ़ाई, विवाह, सुरक्षा और स्वावलंबन तक सरकार उसके साथ खड़ी है। मुख्यमंत्री कन्या सुमंगला योजना के तहत जन्म से स्नातक तक बेटी के लिए 25 हजार रुपये की सहायता दी जा रही है। मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना में एक लाख रुपये की व्यवस्था की गई है। बेसिक शिक्षा परिषद के स्कूलों में 1.60 करोड़ बच्चों को यूनिफॉर्म, बैग, किताब, जूते-मोजे और स्वेटर की सुविधा दी जा रही है। उन्होंने कहा कि 1.10 करोड़ परिवारों को सालाना 12 हजार रुपये पेंशन और प्रदेश में 65 लाख गरीबों को प्रधानमंत्री एवं मुख्यमंत्री आवास योजना के तहत आवास दिए गए हैं।
     
    महिला सुरक्षा को लेकर सपा पर साधा निशाना

    मुख्यमंत्री योगी ने पूर्ववर्ती सपा सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि 2017 से पहले प्रदेश में ऐसी स्थिति थी कि कहावत चल पड़ी थी, “देख सपाई, बिटिया घबराई।” बेटियों की पढ़ाई और सुरक्षा को लेकर परिवार चिंतित रहते थे। गुंडागर्दी, जमीन पर कब्जे और अराजकता का माहौल था। आज उत्तर प्रदेश कर्फ्यू, दंगा, भय, गुंडागर्दी और कब्जे से मुक्त है। समाज और सरकार ने एक दिशा में काम किया तो इसके परिणाम सामने आए हैं।
     
    उन्होंने कहा कि अच्छे लोगों को चुनने से अच्छी सुविधाएं मिलती हैं। कोरोना काल में निराश्रित हुए बच्चों को सरकार चार हजार रुपये प्रतिमाह सहायता दे रही है। ऐसे बच्चों को पढ़ाई में मदद के लिए लैपटॉप भी उपलब्ध कराए गए हैं।
     
    साढ़े नौ लाख से अधिक युवाओं को सरकारी नौकरी
    मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि मिशन रोजगार के तहत अब तक साढ़े नौ लाख से अधिक युवाओं को सरकारी नौकरी दी जा चुकी है। अलग-अलग क्षेत्रों में रोजगार की नई संभावनाएं बन रही हैं। प्रदेश में 96 लाख एमएसएमई इकाइयों के माध्यम से तीन करोड़ से अधिक लोगों को रोजगार मिला है। इनमें बड़ी संख्या में इकाइयों का संचालन महिलाएं कर रही हैं। 24 हजार से अधिक स्टार्टअप के साथ उत्तर प्रदेश का युवा अब नौकरी लेने वाला ही नहीं, बल्कि नौकरी देने वाला भी बन रहा है।
     
    उन्होंने कहा कि लखपति दीदी, ड्रोन दीदी और बैंकिंग कॉरेस्पोंडेंट सखी के रूप में महिलाएं स्वावलंबन की नई कहानी लिख रही हैं। नारी वंदन अधिनियम के जरिए लोकसभा और विधानसभा में भी महिलाओं के प्रतिनिधित्व का रास्ता सुनिश्चित किया गया है।
     
    इंसेफेलाइटिस से होने वाली मौतों का आंकड़ा शून्य पर
    मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि 2017 से पहले पूर्वी उत्तर प्रदेश में इंसेफेलाइटिस बच्चों को निगल जाती थी। अकेले बीआरडी मेडिकल कॉलेज में करीब 500 बच्चों की मौत होती थी। सरकार के प्रयासों से आज मौत का आंकड़ा शून्य पर पहुंच गया है। उन्होंने गोरखपुर में सड़क, रेल और हवाई कनेक्टिविटी में आए बदलाव का भी उल्लेख किया। कहा कि बेहतर सड़क संपर्क से वाराणसी की यात्रा अब करीब ढाई घंटे में पूरी हो रही है।
     
    निराश्रित महिलाओं का संबल बनेगा शरणालय
    मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि घरेलू हिंसा की शिकार महिला हो या किसी कारण परिवार से बिछड़ी बेटी, बहन अथवा बुजुर्ग महिला, यह शरणालय उनका सहारा बनेगा। उन्होंने शरणालय में रह रही एक बुजुर्ग महिला का उल्लेख करते हुए कहा कि वह बोल नहीं पा रही हैं और उनके घर-पते की जानकारी नहीं है। ऐसे लोगों का संबल सरकार बनती है और उन्हें उनके वैधानिक अभिभावकों से मिलाने का प्रयास करती है। मुख्यमंत्री ने महिला कल्याण विभाग से शरणालय का बेहतर संचालन करने की अपेक्षा की।
     
    मुख्यमंत्री योगी ने वामन जयंती की शुभकामनाएं देते हुए भगवान विष्णु के वामन अवतार का उल्लेख किया और उपस्थित लोगों को बधाई दी।
     
    रवि किशन बोले- बहन-बेटियों के साथ खड़ी है सरकार
    सांसद रवि किशन शुक्ला ने कहा कि ठंड में कोई निराश्रित बेटी या बहन कहां जाएगी और उसे आश्रय कैसे मिलेगा, इसी सोच के साथ मुख्यमंत्री योगी ने आठ करोड़ रुपये से अधिक की लागत से यह शरणालय बनवाया है। उन्होंने कहा कि 2017 के बाद उत्तर प्रदेश ने नई करवट ली है। कानून के राज ने माफिया और गुंडागर्दी पर अंकुश लगाया है। पहले गरीबों की जमीन पर कब्जे और रंगदारी की घटनाएं होती थीं, जबकि आज सरकार गरीबों और महिलाओं के साथ खड़ी है। उन्होंने रोजगार और जनकल्याणकारी योजनाओं को लेकर भी सरकार के कार्यों का उल्लेख किया।
     
    यूपी उत्तम प्रदेश बनने की ओर अग्रसर: महेंद्रपाल
    पिपराइच विधायक महेंद्रपाल सिंह ने स्वागत संबोधन में कहा कि सरकार ने जनकल्याणकारी योजनाओं को पात्र लोगों तक पहुंचाया है। पूर्वी उत्तर प्रदेश में कभी इंसेफेलाइटिस से बड़ी संख्या में बच्चों की जान जाती थी, लेकिन सरकार के प्रयासों से इस पर प्रभावी नियंत्रण हुआ है। युवाओं को रोजगार और बेटियों को सुरक्षा देने के संकल्प के साथ सरकार काम कर रही है। मुख्यमंत्री योगी के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश बीमारू प्रदेश की छवि से निकलकर उत्तम प्रदेश बनने की ओर अग्रसर है।
     
    बाल सेवा योजना के लाभार्थियों को दिए लैपटॉप
    कार्यक्रम में महिला कल्याण विभाग द्वारा संचालित मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना के अंतर्गत अक्षिता गुप्ता, पलक चौहान, दीपिका, प्रियांशी यादव, उमरा अंजुम, आयुषी यादव, सुधीर कुमार, प्रियांशु यादव, अनीश कुमार सिंह और रुद्र प्रताप रंजन को लैपटॉप प्रदान किए गए।
     
    कार्यक्रम में ये रहे मौजूद
    कार्यक्रम में गोरखपुर सांसद रवि किशन शुक्ला, कुशीनगर सांसद विजय दुबे, महापौर डॉ. मंगलेश कुमार श्रीवास्तव, विधायक फतेह बहादुर सिंह, विपिन सिंह, महेंद्रपाल सिंह, प्रदीप शुक्ला व श्रवण कुमार निषाद, राज्य महिला आयोग की उपाध्यक्ष चारु चौधरी, भाजपा क्षेत्रीय अध्यक्ष विनोद राय, जिलाध्यक्ष जनार्दन तिवारी, महानगर अध्यक्ष रमेश प्रताप गुप्त, चरगांवा ब्लॉक प्रमुख वंदना सिंह समेत जनप्रतिनिधि, महिला कल्याण विभाग के अधिकारी और बड़ी संख्या में लोग उपस्थित रहे।

  • ट्रेड शो में प्रवाहित होगी संगम नगरी के हस्तशिल्प, खानपान और परिधानों की त्रिवेणी

    ट्रेड शो में प्रवाहित होगी संगम नगरी के हस्तशिल्प, खानपान और परिधानों की त्रिवेणी

    प्रयागराज

    ग्रेटर नोएडा में 25 से 29 सितंबर तक आयोजित होने वाले 'उत्तर प्रदेश इंटरनेशनल ट्रेड शो' (यूपीआईटीएस) 2026 में संगम नगरी प्रयागराज के उद्यमी अपनी व्यापारिक क्षमता और हुनर की धमक दिखाने के लिए पूरी तरह तैयार हैं। प्रदेश सरकार की इस पहल से प्रयागराज के स्थानीय उद्यमियों, हस्तशिल्पियों और नवाचारियों को एक बड़ा ग्लोबल मंच उपलब्ध हो रहा है। इस वृहद आयोजन में प्रयागराज जनपद की भागीदारी हर साल बढ़ रही है। इस वर्ष जिले के 10 उद्यमी यूपीआईटीएस में हिस्सा लेंगे, जिनके लिए आवंटित स्टाल में जिले के उत्पादों का डंका बजेगा।

    हस्तशिल्प, खानपान और परिधानों की त्रिवेणी  

    यूपी इंटरनेशनल ट्रेड शो  के चौथे संस्करण में प्रयागराज  के विभिन्न वर्गों के उद्यमियों को अवसर दिया गया है। उपायुक्त उद्योग शरद टंडन बताते हैं कि प्रयागराज से विभिन्न श्रेणियों मे इस बार दस प्रतिभागियों को अवसर दिया गया है। मेले में ओडीओपी ( एक जनपद एक उत्पाद) श्रेणी के तहत 3  इकाइयों के  स्टाल लगेंगे। इसके अलावा  एमएसएमई मे 5  इकाइयां और  'नवोदित निर्यातक' श्रेणी में  एक और ओडीओसी के लिए एक इकाई का चयन किया गया है, जिन्हें कुल 12  स्टाल  दिए गए हैं। चयनित इकाइयों मे संगम नगरी के परंपरागत हस्तशिल्प,  यहां के खानपान और परिधानों का मेल देखने को मिलेगा ।

    * पहचान बनाएंगे परंपरागत हस्तशिल्प मूंज के उत्पाद*

    एक जनपद एक उत्पाद की श्रेणी में चयनित मूंज के उत्पादों को ट्रेड शो मे खास पहचान मिलेगी। इस श्रेणी के अंतर्गत प्रयागराज में मूंज के अंतर्राष्ट्रीय स्तर के उत्पाद बनाने वाली इकाई 'द परफेक्ट बाजार' का चयन किया गया है । ‘द परफ़ैक्ट बाजार' के पार्टनर पवन कुमार मिश्रा बताते हैं कि उन्हें ट्रेड शो के हॉल नंबर 10 मे स्टाल मिला है। उनकी इकाई अलग -अलग श्रेणियों में एक दर्जन से अधिक तरह के उत्पाद के स्टाल यहाँ लगाएगी। उनके सभी उत्पाद ईकोफ़्रेंडली हैं और सभी  ऑनलाइन प्लेटफ़ॉर्म पर पहले से उपलब्ध हैं । 

    खानपान में पैक्ड समोसे के जायके का बिखरेगा स्वाद

    उत्तर प्रदेश के समृद्ध व्यंजनों की विरासत की ग्लोबल ब्रांडिंग के लिए योगी सरकार द्वारा शुरू की गई ‘एक जनपद एक व्यंजन योजना’ में चयनित उत्पाद भी यूपी आईटीएस 2026 में अपने जायके का स्वाद बिखेरेंगे। उपायुक्त उद्योग शरद टंडन का कहना है कि पहली बार यूपी आईटीएस मे ओडीओसी श्रेणी को शामिल किया गया है, जिसे वहां निःशुल्क स्टाल दिया जा रहा है। इस श्रेणी के लिए 11 आवेदन आए थे, जिसमें परम्परागत जायके में अपनी खास पहचान रखने वाले प्रयागराज के पैक्ड समोसे को जगह मिली है। ओडीओसी श्रेणी में चयनित प्रयागराज के बलुआ घाट स्थित मुंडा स्नैक्स के पैक्ड समोसे का जायका इंटरनेशनल ट्रेड शो में जा रहा  है। मुंडा स्नैक्स के प्रतिनिधि अमित यादव का कहना है कि वैसे तो देशी घी, पनीर और ड्राई फ्रूट्स से बने उनके समोसे अपने लज़ीज जायके के लिए मशहूर हैं, लेकिन ट्रेड शो में मूल जायके को बनाए रखने के उनका ड्राई मसाला समोसा जा रहा है। इसके 5  हजार से अधिक ड्राई पीस ट्रेड शो के लिए ले जा रहे हैं | इसकी पैकिंग पर भी खास ध्यान दिया गया है, क्योंकि इसे घर पर 15 दिन रखा जा सकता है । इसके अलावा  खानपान की श्रेणी में ही केशरी गृह उद्योग , इकावा एग्रो और श्याम डेयरी उत्पादों को भी जगह मिली है।
    विशिष्ट परिधानों और फ्रैगनेंस का मेल

    इस बार  ट्रेड शो के लिए चयनित उद्यमियों में हुनर की विविधता भी देखने को मिलेगी। इस बार परिधान और इत्र की इकाइयों का चयन किया गया है। परिधान की श्रेणी में तीन उद्यमी हिस्सा ले रहे हैं, जिसमें पुष्पांजलि की मिली मेहरोत्रा, अकील एम्ब्रायडरी के अकील अहमद और पवन मिश्रा ग्रामोद्योग के पवन मिश्रा शामिल है।  इस श्रेणी के उद्यमी खादी, कॉटन, एम्ब्रॉयडरी और हैंड प्रिंटिंग में अपने हुनर का जादू बिखेरेंगे। पहली बार whiffhaus fragrance इकाई को इसमें जगह मिली है। एमएसएमई श्रेणी के अंतर्गत चयनित इस इकाई के प्रतिनिधि अनवर आजम कहते हैं कि परंपरा और आधुनिकता से जुड़ी 60 तरह की खुशबू के इत्र ट्रेड शो मे अपनी महक बिखेरेंगे ।

  • यूपीआईटीएस-2026 में दिखेगा योगी सरकार के ‘बिजनेस-रेडी’ यूपी का दम

    यूपीआईटीएस-2026 में दिखेगा योगी सरकार के ‘बिजनेस-रेडी’ यूपी का दम

    लखनऊ

    योगी सरकार उत्तर प्रदेश को देश के प्रमुख निवेश और औद्योगिक केंद्र के रूप में स्थापित करने के अपने प्रयासों को अब वैश्विक मंच पर और मजबूती देने जा रही है। ग्रेटर नोएडा के इंडिया एक्सपो सेंटर एंड मार्ट में 25 से 29 सितंबर तक आयोजित होने वाले चौथे उत्तर प्रदेश इंटरनेशनल ट्रेड शो (यूपीआईटीएस)-2026 में प्रदेश के ‘बिजनेस-रेडी’ इकोसिस्टम, निवेश-अनुकूल नीतियों और ईज ऑफ डूइंग बिजनेस में हुए सुधारों को दुनिया के सामने प्रस्तुत किया जाएगा।

    पांच दिवसीय आयोजन में इन्वेस्ट यूपी की ओर से हॉल-1 और हॉल-4 में दो समर्पित पवेलियन स्थापित किए जा रहे हैं। ये पवेलियन देश-विदेश से आने वाले निवेशकों, उद्यमियों और कारोबारी प्रतिनिधियों के लिए प्रदेश में निवेश और व्यापार के अवसरों को समझने तथा सीधे संपर्क का प्रमुख केंद्र होंगे। यहां उत्तर प्रदेश की 36 से अधिक क्षेत्र-विशिष्ट नीतियों, नीतिगत प्रोत्साहनों और एकीकृत निवेश सुविधा प्रणाली की जानकारी उपलब्ध कराई जाएगी।

    वैश्विक निवेशकों के लिए खुलेगा यूपी का बाजार

    यूपीआईटीएस-2026 में वियतनाम, जापान, सिंगापुर, रूस, ऑस्ट्रिया और बेलारूस साझेदार देशों के रूप में शामिल होंगे। इन देशों की कंपनियां अपने उत्पादों, तकनीकों और कारोबारी अवसरों का प्रदर्शन करेंगी। करीब 100 अंतरराष्ट्रीय खरीदार जहां उत्तर प्रदेश के उत्पादों के लिए सोर्सिंग और खरीद के अवसर तलाशेंगे, वहीं 36 विदेशी प्रदर्शक अपने उत्पादों और औद्योगिक तकनीकों को प्रदर्शित करेंगे। विदेशी प्रतिनिधिमंडलों की मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के साथ भी बातचीत प्रस्तावित है।

    योगी सरकार की ओर से प्रदेश में तैयार किए गए निवेश-अनुकूल वातावरण को निवेशकों तक पहुंचाने के लिए आयोजन के दौरान बी2बी बैठकें, कंट्री सेशन, एग्जीक्यूटिव राउंडटेबल और सेक्टरल राउंडटेबल आयोजित किए जाएंगे। इनके माध्यम से निवेशकों को प्रदेश में कारोबार विस्तार, तकनीकी साझेदारी, प्रौद्योगिकी हस्तांतरण और नए निवेश की संभावनाओं से सीधे जोड़ा जाएगा।

    सेक्टरल राउंडटेबल में निवेश और औद्योगिक अवसरों पर मंथन

    उद्घाटन सत्र के बाद इन्वेस्ट यूपी विभिन्न क्षेत्रों पर केंद्रित राउंडटेबल और नॉलेज सेशन का समन्वय करेगा। इनमें ‘रीइमैजिनिंग ग्लोबल सप्लाई चेन्स : व्हाई उत्तर प्रदेश मैटर्स नाउ’, इलेक्ट्रॉनिक्स, सेमीकंडक्टर एवं ईएसडीएम इन्वेस्टर्स राउंडटेबल तथा फार्मा एवं मेडटेक स्ट्रैटेजिक सेशन प्रमुख हैं। इसके अलावा टेक्सटाइल एवं अपैरल, फूड प्रोसेसिंग तथा सीपीएसयू के माध्यम से निवेश और औद्योगिक विकास जैसे विषयों पर भी चर्चा होगी। इन सत्रों में नीति-निर्माता, निवेशक, उद्योग जगत के प्रतिनिधि और विशेषज्ञ संबंधित क्षेत्रों की नीतियों, उभरते अवसरों और विकास की संभावनाओं पर विचार-विमर्श करेंगे।

    ‘लोकल टू ग्लोबल’ विजन को मिलेगी नई गति

    यूपीआईटीएस-2026 उत्तर प्रदेश के ओडीओपी उत्पादों, एमएसएमई, हस्तशिल्प, टेक्सटाइल, कृषि और खाद्य प्रसंस्करण जैसे क्षेत्रों को वैश्विक बाजारों से जोड़ने का महत्वपूर्ण मंच बनेगा। अंतरराष्ट्रीय खरीदारों और विदेशी प्रदर्शकों की भागीदारी से प्रदेश के उद्यमियों को नए कारोबारी संपर्क और बाजार उपलब्ध होने की संभावनाएं बढ़ेंगी। योगी सरकार के ‘लोकल टू ग्लोबल’ विजन के अनुरूप यह आयोजन प्रदेश के स्थानीय उत्पादों को अंतरराष्ट्रीय बाजार तक पहुंचाने, निर्यात विस्तार को गति देने, तकनीकी साझेदारी बढ़ाने और नए निवेश आकर्षित करने के प्रयासों को मजबूत करेगा। यूपीआईटीएस-2026 के जरिए उत्तर प्रदेश अपने मजबूत औद्योगिक आधार, निवेश-अनुकूल नीतियों और कारोबारी सुविधाओं को वैश्विक निवेश समुदाय के सामने प्रभावी ढंग से प्रस्तुत करेगा।

  • लोकतंत्र में कोई आखिरी चुनाव नहीं होता’, अखिलेश के बयान पर मनोज पांडेय का पलटवार

    लोकतंत्र में कोई आखिरी चुनाव नहीं होता’, अखिलेश के बयान पर मनोज पांडेय का पलटवार

    लखनऊ

    समाजवादी पार्टी अध्यक्ष अखिलेश यादव के 2027 के चुनाव को लेकर दिए बयान और सरकार व संवैधानिक संस्थाओं पर सवाल उठाने के बाद भाजपा नेताओं ने सपा पर तीखा हमला बोला। कैबिनेट मंत्री मनोज पांडेय ने अखिलेश यादव के 2027 के चुनाव को आखिरी चुनाव बताए जाने पर कहा कि लोकतंत्र में कोई आखिरी या नया चुनाव नहीं होता। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में जनादेश का सम्मान करना चाहिए और जो लोग जनादेश हासिल नहीं कर पा रहे हैं, उन्हें जनादेश का अपमान करने का अधिकार नहीं है।

    अखिलेश पर जमकर बरसे मनोज पांडेय

    मनोज पांडेय ने सपा शासनकाल के दौरान नौकरियों, छात्रों पर कार्रवाई, दंगों और कानून-व्यवस्था का मुद्दा उठाते हुए कहा कि उत्तर प्रदेश की जनता सब देख चुकी है। उन्होंने कहा कि आज किसान, गरीब, नौजवान, पिछड़ा और अगड़ा वर्ग ऐसा प्रदेश चाहता है, जहां शांति और सुरक्षा के साथ खेती, कारोबार और जीवनयापन किया जा सके। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में बदले की राजनीति का कोई स्थान नहीं है।

    अखिलेश को संवैधानिक संस्थाओं पर भरोसा नहींः कपिल देव अग्रवाल

    योगी सरकार में मंत्री कपिल देव अग्रवाल ने अखिलेश के चुनाव आयोग पर सवाल उठाने को लेकर कहा कि सपा का संवैधानिक संस्थाओं पर भरोसा नहीं है। उन्होंने कहा कि चुनाव दर चुनाव हार के बाद सपा निर्वाचन आयोग, पुलिस व्यवस्था और संविधान पर सवाल उठाती है।

    PDA के मुद्दे पर उन्होंने कहा कि अधिकारियों का चयन जाति के आधार पर नहीं, बल्कि योग्यता और क्षमता के आधार पर होता है। उन्होंने राम मंदिर और कारसेवकों का जिक्र करते हुए सपा पर निशाना साधा।

    दानिश आजाद बोले- ‘सपा एसी में बैठकर भ्रम फैलाती है’

    मंत्री दानिश आजाद अंसारी ने कहा कि सपा नेताओं को एसी में बैठकर प्रेस कॉन्फ्रेंस करने, भ्रम फैलाने और गलत आंकड़े जनता के सामने रखने की आदत हो गई है। यही उनका एजेंडा बन गया है। उन्होंने सपा से 2012 से 2017 तक के दंगों, अपराध, महिलाओं के खिलाफ अपराध और सरकारी नौकरियों से जुड़े आंकड़े जारी करने को कहा।

    PDA के आरोपों पर दानिश ने कहा कि सपा नेता एसी कमरों से बाहर निकलेंगे तो उन्हें धरातल की हकीकत पता चलेगी। उन्होंने मेडिकल कॉलेज, स्वास्थ्य सुविधाओं और स्कॉलरशिप का जिक्र करते हुए कहा कि पिछड़े, दलित और पसमांदा समाज को इनका लाभ मिल रहा है। SIR पर सपा के सवालों को लेकर दानिश ने कहा कि सिर्फ सवाल खड़े करना और भ्रम फैलाना सपा का 'मूल कैरेक्टर' बन गया है।

  • यूपीएसआरटीसी की बसों में दिव्यांगजनों को क्यूआर कोड स्कैन कर निशुल्क टिकट मिलना शुरू

    यूपीएसआरटीसी की बसों में दिव्यांगजनों को क्यूआर कोड स्कैन कर निशुल्क टिकट मिलना शुरू

    लखनऊ

    दिव्यांगजनों को बस यात्रा में और अधिक सहूलियत देने के लिए उत्तर प्रदेश राज्य सड़क परिवहन निगम (यूपीएसआरटीसी) ने ईटीआईएम मशीन के अपडेटेड वर्जन में नि:शुल्क टिकट जारी करने की सुविधा शुरू की है। बुधवार से शुरू हुई इस व्यवस्था में परिचालक दिव्यांगजन पहचान पत्र पर दर्ज क्यूआर कोड को ईटीआईएम मशीन से स्कैन कर सीधे शून्य मूल्य का टिकट जारी कर सकेंगे। इससे टिकट जारी करने की प्रक्रिया आसान और अधिक पारदर्शी होगी। इसी के साथ योगी सरकार ने दिव्यांगजनों के सशक्तीकरण के लिए एक और सुविधा को जोड़ दिया।

    यूपीएसआरटीसी के मुताबिक नई व्यवस्था के तहत परिचालक को सबसे पहले यात्रा का बोर्डिंग और अलाइटिंग स्थान चुनना होगा। इसके बाद ईटीआईएम मशीन में दिए गए ‘दिव्यांगजन’ विकल्प पर क्लिक कर दिव्यांगजन के पहचानपत्र पर मौजूद क्यूआर कोड को स्कैन करना होगा। क्यूआर कोड स्कैन होते ही मशीन की स्क्रीन पर संबंधित दिव्यांगजन की जानकारी प्रदर्शित होगी। इसमें यूआईडी संख्या, नाम, जन्मतिथि, दिव्यांगता का प्रकार, दिव्यांगता प्रतिशत और आधार संख्या जैसी जानकारी शामिल होगी।

    दिव्यांगता प्रतिशत के हिसाब से टिकटों की संख्या

    दिव्यांगता प्रतिशत के आधार पर ईटीआईएम मशीन स्वयं टिकटों की संख्या निर्धारित करेगी। 80 प्रतिशत से कम दिव्यांगता होने पर एक नि:शुल्क टिकट जारी होगा, जबकि 80 प्रतिशत या उससे अधिक दिव्यांगता होने पर दो नि:शुल्क टिकट जारी किए जाएंगे। इससे दिव्यांग व्यक्ति के साथ सहयात्री को भी नियमानुसार शून्य मूल्य का टिकट जारी होगा।

    परिचालक की प्रोत्साहन राशि में भी बढ़ोतरी होगी

    खास बात यह है कि ईटीआईएम से जारी दिव्यांगजन नि:शुल्क टिकट अब परिचालक के लोड फैक्टर में भी शामिल होंगे। इससे परिचालक की प्रोत्साहन राशि में भी बढ़ोतरी होगी। वहीं टिकट का विवरण निगम की रिपोर्टों में भी प्रदर्शित होगा। दिव्यांगजन टिकट के लिए अलग रिपोर्ट की सुविधा भी एएफसी प्रणाली में उपलब्ध कराई गई है। इससे नि:शुल्क यात्रा का रिकॉर्ड डिजिटल रूप से दर्ज होगा। इसके अतिरिक्त यदि किसी दिव्यांगजन पहचान पत्र पर बना क्यूआर कोड स्कैन नहीं हो पाता है, तो परिचालक पूर्व की व्यवस्था के अनुसार दिव्यांगजन को यात्रा करा सकेंगे। इस तरह नई डिजिटल व्यवस्था के साथ मौजूदा सुविधा को भी जारी रखा गया है।

    पहला टिकट आलमबाग डिपो से जारी हुआ

    आलमबाग बस डिपो से गौरी बाजार के लिए दिव्यांगजन निशुल्क यात्रा के तहत बुधवार को पहला शून्य टिकट जारी किया गया। यह सुविधा नॉन एसी साधारण बस सेवा में लागू की गई है।

  • 2017 के पहले प्रदेश का माहौल खराब कर रखा था सपा के गुंडों ने, बेटियों को करते थे परेशान : मुख्यमंत्री

    2017 के पहले प्रदेश का माहौल खराब कर रखा था सपा के गुंडों ने, बेटियों को करते थे परेशान : मुख्यमंत्री

    गोरखपुर

    मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने महिला सुरक्षा को लेकर समाजवादी पार्टी (सपा) पर एक बार फिर निशाना साधा है। उन्होंने कहा कि 2017 से पहले प्रदेश में ऐसी स्थिति थी कि कहावत चल पड़ी थी, ‘देख सपाई, बिटिया घबराई।’ अभिभावक बेटियों की पढ़ाई और सुरक्षा को लेकर चिंतित रहते थे। तत्कालीन सरकार के गुंडों ने माहौल खराब कर रखा था। कई जिलों में बेटियों की पढ़ाई संकट में थी। सपा के शोहदे उन्हें परेशान करते थे, जबरन उठा ले जाते थे। मुख्यमंत्री ने कहा कि पूरे प्रदेश में गुंडागर्दी, जमीन पर कब्जे और अराजकता का माहौल था। जबकि आज उत्तर प्रदेश कर्फ्यू, दंगा, भय, गुंडागर्दी और अवैध कब्जे से मुक्त है। 2017 के बाद समाज और सरकार ने एक दिशा में काम किया तो इसके परिणाम सामने आए हैं।

    सीएम योगी बुधवार को चरगांवा में कृषि विभाग के बीज गोदाम के समीप राजकीय महिला शरणालय के नवनिर्मित भवन के लोकार्पण समारोह को संबोधित कर रहे थे। 100 महिलाओं की क्षमता वाले सभी आवश्यक सुविधाओं से युक्त इस भवन के निर्माण पर 8 करोड़ 5 लाख 42 हजार रुपये की लागत आई है। लोकार्पण समारोह में मुख्यमंत्री ने कहा कि घर छोड़ने को मजबूर किसी बेटी या घरेलू हिंसा की शिकार महिला को अब दर-दर की ठोकर नहीं खानी पड़ेगी। गोरखपुर में 100 बेड का राजकीय महिला शरणालय ऐसी महिलाओं का संबल बनेगा। आधी आबादी को सम्मान और सुरक्षा देने के साथ स्वावलंबन के पथ पर आगे बढ़ाकर विकसित भारत की संकल्पना को पूरा करने के लिए सरकार लगातार काम कर रही है। 

    मुख्यमंत्री ने कहा कि बेटी के जन्म से लेकर उसकी पढ़ाई, विवाह, सुरक्षा और स्वावलंबन तक सरकार उसके साथ खड़ी है। मुख्यमंत्री कन्या सुमंगला योजना के तहत जन्म से स्नातक तक बेटी के लिए 25 हजार रुपये की सहायता दी जा रही है। मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना में एक लाख रुपये की व्यवस्था की गई है। बेसिक शिक्षा परिषद के स्कूलों में 1.60 करोड़ बच्चों को यूनिफॉर्म, बैग, किताब, जूते-मोजे और स्वेटर की सुविधा दी जा रही है। उन्होंने कहा कि 1.10 करोड़ परिवारों को सालाना 12 हजार रुपये पेंशन और प्रदेश में 65 लाख गरीबों को प्रधानमंत्री एवं मुख्यमंत्री आवास योजना के तहत आवास दिए गए हैं। उन्होंने कहा कि अच्छे लोगों को चुनने से अच्छी सुविधाएं मिलती हैं। कोरोना काल में निराश्रित हुए बच्चों को सरकार चार हजार रुपये प्रतिमाह सहायता दे रही है। ऐसे बच्चों को पढ़ाई में मदद के लिए लैपटॉप भी उपलब्ध कराए गए हैं।

    सीएम योगी ने रोजगार को लेकर विपक्ष, खासकर सपा पर निशाना साधते हुए कहा, ‘आप गिनते जाइए, हम नौकरी बांटते जाएंगे। आप गिनते-गिनते थक जाएंगे, हम यूपी के नौजवानों को नौकरी देते-देते नहीं थकेंगे।’ मुख्यमंत्री ने कहा कि मिशन रोजगार के तहत अब तक साढ़े नौ लाख से अधिक युवाओं को सरकारी नौकरी दी जा चुकी है। अलग-अलग क्षेत्रों में रोजगार की नई संभावनाएं बन रही हैं। प्रदेश में 96 लाख एमएसएमई इकाइयों के माध्यम से तीन करोड़ से अधिक लोगों को रोजगार मिला है। इनमें बड़ी संख्या में इकाइयों का संचालन महिलाएं कर रही हैं। 24 हजार से अधिक स्टार्टअप के साथ उत्तर प्रदेश का युवा अब नौकरी लेने वाला ही नहीं, बल्कि नौकरी देने वाला भी बन रहा है। 

    स्वावलंबन की नई कहानी लिख रही हैं महिलाएं
    सीएम योगी ने कहा कि लखपति दीदी, ड्रोन दीदी और बैंकिंग कॉरेस्पोंडेंट सखी के रूप में महिलाएं स्वावलंबन की नई कहानी लिख रही हैं। नारी वंदन अधिनियम के जरिए लोकसभा और विधानसभा में भी महिलाओं के प्रतिनिधित्व का रास्ता सुनिश्चित किया गया है।
     
    इंसेफेलाइटिस से होने वाली मौतों का आंकड़ा शून्य पर
    मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि 2017 से पहले पूर्वी उत्तर प्रदेश में इंसेफेलाइटिस बच्चों को निगल जाती थी। अकेले बीआरडी मेडिकल कॉलेज में करीब 500 बच्चों की मौत होती थी। सरकार के प्रयासों से आज मौत का आंकड़ा शून्य पर पहुंच गया है। उन्होंने गोरखपुर में सड़क, रेल और हवाई कनेक्टिविटी में आए अभूतपूर्व बदलाव का भी उल्लेख किया। कहा कि बेहतर सड़क संपर्क से वाराणसी की यात्रा अब करीब ढाई घंटे में पूरी हो रही है।
     
    निराश्रित महिलाओं का संबल बनेगा शरणालय

    सीएम योगी ने कहा कि घरेलू हिंसा की शिकार महिला हो या किसी कारण परिवार से बिछड़ी बेटी, बहन अथवा बुजुर्ग महिला, यह शरणालय उनका सहारा बनेगा। उन्होंने शरणालय में रह रही एक बुजुर्ग महिला का उल्लेख करते हुए कहा कि वह बोल नहीं पा रही हैं और उनके घर-पते की जानकारी नहीं है। ऐसे लोगों का संबल सरकार बनती है और उन्हें उनके वैधानिक अभिभावकों से मिलाने का प्रयास करती है। मुख्यमंत्री ने महिला कल्याण विभाग से शरणालय का बेहतर संचालन करने की अपेक्षा की। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने वामन जयंती की शुभकामनाएं देते हुए भगवान श्रीविष्णु के वामन अवतार का उल्लेख किया और उपस्थित लोगों को बधाई दी।
     
    रवि किशन बोले- बहन-बेटियों के साथ खड़ी है सरकार

    सांसद रवि किशन शुक्ला ने कहा कि ठंड में कोई निराश्रित बेटी या बहन कहां जाएगी और उसे आश्रय कैसे मिलेगा, इसी सोच के साथ मुख्यमंत्री योगी ने आठ करोड़ रुपये से अधिक की लागत से यह शरणालय बनवाया है। उन्होंने कहा कि 2017 के बाद उत्तर प्रदेश ने नई करवट ली है। कानून के राज ने माफिया और गुंडागर्दी पर अंकुश लगाया है। पहले गरीबों की जमीन पर कब्जे और रंगदारी की घटनाएं होती थीं, जबकि आज सरकार गरीबों और महिलाओं के साथ खड़ी है। उन्होंने रोजगार और जनकल्याणकारी योजनाओं को लेकर भी सरकार के कार्यों का उल्लेख किया।
     
    यूपी उत्तम प्रदेश बनने की ओर अग्रसर: महेंद्रपाल

    कार्यक्रम में मुख्यमंत्री योगी का स्वागत करते हुए पिपराइच के विधायक महेंद्रपाल सिंह ने कहा कि सरकार ने जनकल्याणकारी योजनाओं को पात्र लोगों तक पहुंचाया है। पूर्वी उत्तर प्रदेश में कभी इंसेफेलाइटिस से बड़ी संख्या में बच्चों की जान जाती थी, लेकिन सरकार के प्रयासों से इस पर प्रभावी नियंत्रण हुआ है। युवाओं को रोजगार और बेटियों को सुरक्षा देने के संकल्प के साथ सरकार काम कर रही है। मुख्यमंत्री योगी के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश बीमारू प्रदेश की छवि से निकलकर उत्तम प्रदेश बनने की ओर अग्रसर है।
     
    बाल सेवा योजना के लाभार्थियों को सीएम ने दिए लैपटॉप

    कार्यक्रम में महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा संचालित मुख्यमंत्री बाल सेवा (कोविड) योजना के अंतर्गत अक्षिता गुप्ता, पलक चौहान, दीपिका, प्रियांशी यादव, उमरा अंजुम, आयुषी यादव, सुधीर कुमार, प्रियांशु यादव, अनीश कुमार सिंह और रुद्र प्रताप रंजन को लैपटॉप प्रदान किए गए। इन लाभार्थियों को सीएम योगी ने अपने हाथों से लैपटॉप वितरित किए। 

    कार्यक्रम में इनकी रही प्रमुख सहभागिता

    इस अवसर पर कुशीनगर के सांसद विजय दूबे, महापौर डॉ. मंगलेश श्रीवास्तव, विधायक फतेह बहादुर सिंह, विपिन सिंह, प्रदीप शुक्ल, सरवन निषाद, राज्य महिला आयोग की उपाध्यक्ष चारू चौधरी, भाजपा के क्षेत्रीय अध्यक्ष विनोद राय, जिलाध्यक्ष जनार्दन तिवारी, महानगर अध्यक्ष रमेश प्रताप गुप्ता आदि प्रमुख रूप से उपस्थित रहे। 

    लोकार्पण कर शरणालय भवन का निरीक्षण किया मुख्यमंत्री ने

    महिला कल्याण विभाग की तरफ से बनवाए गए राजकीय महिला शरणालय भवन का फीता काटकर लोकार्पण करने के बाद मुख्यमंत्री ने भवन का भ्रमण कर वहां की व्यवस्थाओं हाल जाना। सीएम ने यहां रह रहीं महिलाओं से मुलाकात भी की और उनके लिए उपलब्ध सुविधाओं की जानकारी ली। मुख्यमंत्री ने विभिन्न योजनाओं को प्रदर्शित करने वाले बोर्ड का भी अवलोकन किया। इस दौरान उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि यहां ऐसी व्यवस्थाएं होनी चाहिए जिससे यहां रहने वाली महिलाओं को किसी भी प्रकार की परेशानी न हो। सीएम योगी ने शरणालय के परिसर में पौधरोपण कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया। 

    सीएम ने निर्माणाधीन राजकीय संप्रेक्षण गृह (किशोर) का भी किया निरीक्षण

    राजकीय महिला शरणालय का लोकार्पण करने से पूर्व मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने किशोरों के लिए निर्माणाधीन संप्रेक्षण गृह का निरीक्षण किया। 100 किशोरों की क्षमता वाले राजकीय संप्रेषण गृह का निर्माण 14 करोड़ 87 लाख रुपये की लागत से कराया जा रहा है।