Category: राज्य

  • पंजाब में 7वां वित्त आयोग बना, पंचायतों और निकायों को सशक्त करने पर फोकस

    पंजाब में 7वां वित्त आयोग बना, पंचायतों और निकायों को सशक्त करने पर फोकस

    चंडीगढ़.

    मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने आज शहरी और ग्रामीण स्थानीय निकायों के लिए मजबूत वित्तीय ढांचे की वकालत की। उन्होंने वित्तीय स्थिरता और जमीनी स्तर पर प्रभावी शासन सुनिश्चित करने के लिए राज्यों के लिए अनुशासित वित्तीय मार्ग और टिकाऊ वित्तीय संस्थाओं की आवश्यकता पर जोर दिया।

    नवगठित सातवें पंजाब वित्त आयोग के साथ बैठक की अध्यक्षता करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, "आयोग का गठन पंचायतों/नगरपालिकाओं और राज्य के बीच करों, शुल्कों, रोड टैक्स और अन्य की हिस्सेदारी के लिए विशेष सिफारिशें करने के अलावा इन नागरिक संस्थाओं की वित्तीय स्थिति सुधारने के लिए अन्य सिफारिशें करने हेतु किया गया है।" मुख्यमंत्री ने कहा, "आयोग पंचायती राज संस्थाओं और नगरपालिकाओं को वित्तीय विकेंद्रीकरण सुनिश्चित करने का संवैधानिक माध्यम है। इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि 73वें संविधान संशोधन के तहत बनाई गईं जमीनी स्तर की संस्थाओं के पास अपनी जिम्मेदारियों को प्रभावी ढंग से निभाने के लिए वित्तीय क्षमता हो।" आयोग के अध्यक्ष और सदस्यों का स्वागत करते हुए उन्होंने कहा, "राज्य वित्त आयोग के पास पंचायती राज संस्थाओं और नगरपालिकाओं की वित्तीय स्थिति की जांच करने और स्थानीय सरकारों की वित्तीय देनदारियों तथा वित्तीय स्थिरता को मजबूत करने के लिए एक ढांचे की सिफारिश करने की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी है।" उन्होंने कहा, "आवश्यक नागरिक सेवाएं प्रदान करने और स्थानीय बुनियादी ढांचे के निर्माण में पंचायतों और शहरी स्थानीय निकायों की बढ़ती जिम्मेदारियों को ध्यान में रखते हुए संसाधनों के आवंटन की एक पारदर्शी, न्यायसंगत और टिकाऊ प्रणाली की आवश्यकता है।"

    आयोग वित्तीय आवश्यकतों को मूल्यांकन करेगा: मान
    मुख्यमंत्री ने कहा, "मुझे उम्मीद है कि आयोग स्थानीय निकायों की आय क्षमता, व्यय संबंधी जिम्मेदारियों और वित्तीय आवश्यकताओं का व्यापक मूल्यांकन करेगा और उनकी वित्तीय क्षमता को मजबूत करने तथा उन्हें अपने कार्यों को प्रभावी ढंग से निभाने में सक्षम बनाने के लिए व्यावहारिक और भविष्य को ध्यान में रखकर सिफारिशें करेगा।" मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, "आयोग के पास यह अधिकार है कि वह राज्य द्वारा लगाए जाने वाले करों, शुल्कों, टोल और फीस की कुल प्राप्ति को राज्य और पंचायतों/नगरपालिकाओं के बीच बांट सकता है।" उन्होंने कहा, "आयोग के महत्व का अंदाजा इस बात से आसानी से लगाया जा सकता है कि यह सभी स्तरों पर पंचायतों/नगरपालिकाओं के बीच ऐसी प्राप्तियों में हिस्सेदारी के वितरण की सिफारिश भी करता है।" मुख्यमंत्री ने आगे कहा, "पंचायतों/नगरपालिकाओं की वित्तीय स्थिति सुधारने आवश्यक कदमों की सिफारिश करने के लिए भी आयोग बहुत जरूरी है।"

    सातवें पंजाब वित्त आयोग का गठन किया जाएगा
    इसी तरह मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, "आयोग गैर-उत्पादक राजस्व व्यय को कम करने के उपायों और पूंजीगत संसाधनों के कुशल एवं प्रभावी उपयोग के लिए प्रशासन की गुणवत्ता तथा तकनीकी सहायता में सुधार करने के कदमों की सिफारिश भी करता है। इस महत्वपूर्ण कार्य को पूरा करने के लिए राज्य सरकार द्वारा पंजाब के पूर्व अतिरिक्त मुख्य सचिव के. शिव प्रसाद की अध्यक्षता में 'पंचायतों और नगरपालिकाओं के लिए पंजाब वित्त आयोग अधिनियम, 1994' की धारा 3(1) के तहत सातवें पंजाब वित्त आयोग का गठन किया गया है।" उन्होंने बताया, "आयोग में शौकत राय को विशेषज्ञ सदस्य, प्रशासनिक सचिव (ग्रामीण विकास एवं पंचायतें, पंजाब सरकार) और प्रशासनिक सचिव (स्थानीय निकाय, पंजाब सरकार) पदेन सदस्यों के रूप में तथा विशेष सचिव (वित्त, पंजाब सरकार) को एक्स ऑफिसिओ सदस्य सचिव के रूप में शामिल किया गया है।"

    राज्य सरकार दे रही सहयोग और सहायता
    आयोग के नवनियुक्त अध्यक्ष और सदस्यों को शुभकामनाएं देते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, "राज्य सरकार इस महत्वपूर्ण कार्य के लिए आयोग को पूरा सहयोग और सहायता देगी।" मुख्यमंत्री ने कहा, "आयोग का पांच वर्ष का कार्यकाल 1 अप्रैल, 2026 से शुरू होगा और यह 30 सितंबर, 2027 तक अपनी रिपोर्ट उपलब्ध करवाएगा। व्यापक जनहित में आयोग उस आधार का भी संकेत देगा, जिस पर वह अपने निष्कर्षों पर पहुंचा है।" इस अवसर पर अतिरिक्त मुख्य सचिव आलोक शेखर, सचिव ग्रामीण विकास, सचिव स्थानीय निकाय और अन्य अधिकारी भी उपस्थित थे।

  • कोयले की कमी से नहीं प्रभावित होगी बिजली सप्लाई, डिस्कॉम एमडी करेंगे रोज समीक्षा

    कोयले की कमी से नहीं प्रभावित होगी बिजली सप्लाई, डिस्कॉम एमडी करेंगे रोज समीक्षा

    योगी सरकार का निर्बाध बिजली आपूर्ति पर जोर, युद्धस्तर पर प्रयास के निर्देश

    त्योहारों पर नहीं होगी बिजली की किल्लत, वैकल्पिक व्यवस्था और फीडरवार निगरानी पर फोकस

    कोयले की कमी से न प्रभावित हो विद्युत आपूर्ति, बेहतर वैकल्पिक योजना बनाने के निर्देश

    डिस्कॉम के एमडी प्रतिदिन करेंगे समीक्षा, हर दो घंटे में फीडरवार रिपोर्ट भेजने का निर्देश

    लखनऊ
     योगी सरकार प्रदेश में निर्धारित शेड्यूल के अनुरूप बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए लगातार प्रयासरत है। इसी क्रम में प्रमुख सचिव ऊर्जा एवं उत्तर प्रदेश पावर कारपोरेशन के अध्यक्ष रणवीर प्रसाद ने प्रदेश की विद्युत आपूर्ति की समीक्षा की। उन्होंने सभी क्षेत्रों में निर्धारित शेड्यूल के अनुसार बिजली उपलब्ध कराने के लिए युद्धस्तर पर प्रयास करने के निर्देश दिए। रणवीर प्रसाद ने कहा कि बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए जहां से भी विद्युत की व्यवस्था संभव हो, वहां से आवश्यक इंतजाम किए जाएं। उन्होंने भविष्य में कोयले की कमी के कारण बिजली आपूर्ति प्रभावित न हो, इसके लिए वैकल्पिक व्यवस्था की बेहतर योजना तैयार करने पर जोर दिया।

    प्रमुख सचिव ने निर्देशित किया कि आपूर्ति की फीडर वाइज मॉनिटरिंग की जाए। साथ ही विद्युत वितरण व्यवस्था को और अधिक प्रभावी बनाने के लिए अधिकारियों को स्पष्ट कार्ययोजना के साथ परिणाम देने के निर्देश दिए। उन्होंने नगरीय, तहसील एवं ग्रामीण क्षेत्रों में विद्युत आपूर्ति की स्थिति, फीडर मीटरों के आंकड़ों तथा वितरण व्यवस्था से जुड़े विभिन्न मानकों की जानकारी ली। अध्यक्ष ने कहा कि फीडर स्तर के आंकड़ों का नियमित विश्लेषण करते हुए जहां भी कमियां सामने आएं, वहां तत्काल सुधारात्मक कार्रवाई करें। अधिक लाइन हानि वाले फीडरों एवं क्षेत्रों में फीडरवार कार्य योजना बनाकर नियमित कार्रवाई की जाए।

    अध्यक्ष ने प्रदेश के वितरण निगम के कार्यों की भी समीक्षा की। उन्होंने निर्देशित किया कि आगामी त्योहारों को देखते हुए अभी से प्रभावी योजना बना ली जाए, जिसे उस दौरान सभी को निर्बाध विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित की जा सके। अध्यक्ष ने निर्देशित किया कि डिस्कॉम स्तर पर सभी प्रबन्ध निदेशक विद्युत आपूर्ति की समीक्षा प्रतिदिन करें। उसकी एक विस्तृत रिपोर्ट लखनऊ भेजें। जिसमें जिलेवार फीडर की जानकारी होगी। ब्रेकडाउन के बारे में पूरी जानकारी दी जाएगी। इसी तरह रोस्टिंग की जानकारी भी फीडर वाइज रहेगी।

    उन्होंने कहा कि डिस्कॉम स्तर पर कंट्रोल रूम में हर दो घंटे की फीडरवाइज रिपोर्ट मंगाई जाए। जिसमें कभी भी किसी फीडर की जानकारी मांगी जाए। शक्ति भवन में सम्पन्न इस बैठक में उन्होंने विद्युत आपूर्ति, व्यवस्थागत ढ़ाचे का सुदृढ़ीकरण, बिल वितरण, बिल वसूली, बिजली चोरी रोकने, विद्युत दुर्घटनाओं पर प्रभावी नियन्त्रण तथा विद्युत कार्यों में गुणवत्ता सुनिश्चित करने आदि मुद्दों पर समीक्षा की तथा आवश्यक निर्देश दिए। अध्यक्ष ने निर्देशित किया कि इंडीपेन्डेन्ट फीडर के उपभोक्ताओं से विद्युत निगमों के वरिष्ठ अधिकारी सम्पर्क कर विद्युत आपूर्ति का फीड बैक लेते रहें और बेहतर विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित करें।

    अध्यक्ष ने बिजनेस प्लान के कार्यों को समय से पूर्ण कराने हेतु सख्त निर्देश दिये। अध्यक्ष ने कहाकि बिजनेस प्लान में लखनऊ सहित प्रदेश के ऐसे स्थानों के लिए विशेष कार्य योजना बनाई जाय, जहां विद्युत आपूर्ति को लेकर बार-बार समस्या आ रही है। शक्ति भवन में हुई आपूर्ति संबंधी इस समीक्षा बैठक में प्रबन्ध निदेशक नितीश कुमार सहित उत्पादन निगम एवं एस.एल.डी.सी. के अधिकारी तथा कारपोरेशन के निदेशक आदि वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

  • हिसार के होटलों में रेड से हड़कंप, 22 युवतियों के साथ 19 युवक पकड़े गए

    हिसार के होटलों में रेड से हड़कंप, 22 युवतियों के साथ 19 युवक पकड़े गए

    हिसार.

    जिला पुलिस की तरफ से अवैध गतिविधियों पर अंकुश लगाने के लिए लगातार कार्रवाई की जा रही है। इसी कड़ी में महिला डीएसपी महिला प्रिया शर्मा के नेतृत्व में अर्बन एस्टेट पुलिस थाना की टीम ने माडल टाउन एक्टेंशन वाले क्षेत्र की एक गली में होटल राज और होटल 999 पर छापेमार कार्रवाई की गई।

    इस दौरान पुलिस टीम को होटल राज से नौ युवतियां, आठ युवक और होटल 999 से 13 युवतियां और 11 युवक संदिग्ध परिस्थितियों में मिले। पुलिस टीम की तरफ से सभी को सुरक्षित रूप से रेस्क्यू कर आवश्यक पूछताछ एवं नियमानुसार कार्रवाई के बाद छोड़ दिया गया। पुलिस ने देह व्यापार के मामले में होटल 999 के मैनेजर कौथकलां निवासी कुलदीप और होटल राज के मैनेजर कैथल निवासी अंकुश को गिरफ्तार किया।

  • सचिन पायलट के आते ही बदला टिकटों का गणित, ’50-अंडर-50′ पर नजर

    सचिन पायलट के आते ही बदला टिकटों का गणित, ’50-अंडर-50′ पर नजर

    चंडीगढ़.

    पंजाब में आगामी 2027 विधानसभा चुनावों को लेकर सियासी बिसात बिछने लगी है। आम आदमी पार्टी, बीजेपी, अकाली दल और कांग्रेस सत्ता पर काबिज होने के लिए अपनी रणनीति को धार देने में जुटी हैं।

    इसी बीच, पंजाब कांग्रेस के सांगठनिक ढांचे को मजबूत करने के लिए राजस्थान के फायरब्रांड नेता सचिन पायलट की एंट्री को पार्टी का सबसे बड़ा मास्टरस्ट्रोक माना जा रहा है। पंजाब में पूर्व मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी और प्रदेश अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वडिंग के खेमों के बीच चल रही गुटबाजी को साधने के साथ ही पायलट की मौजूदगी से 'उदयपुर डिक्लेरेशन 50-अंडर-50' (Udaipur Declaration 50-Under-50) का मुद्दा गरमा गया है।

    इस फॉर्मूले के कड़ाई से लागू होने की सुगबुगाहट ने पंजाब के कई पुराने और दिग्गज कांग्रेस नेताओं के टिकट कटने की चिंता बढ़ा दी है। जिन लोगों को नहीं पता वो आज के लेख में विस्तार से जानें कि क्या है 'उदयपुर डिक्लेरेशन 50-अंडर-50'? साथ ही पंजाब की राजनीति में कांग्रेस ने क्यों लगाया सचिन पर दाव?

  • NRI मिलनी में पंजाब सरकार का फोकस, अमृतसर में सुनी जाएंगी प्रवासी पंजाबियों की समस्याएं

    NRI मिलनी में पंजाब सरकार का फोकस, अमृतसर में सुनी जाएंगी प्रवासी पंजाबियों की समस्याएं

    अमृतसर.

    पंजाब सरकार की ओर से प्रवासी पंजाबियों (NRIs) की वर्षों से लंबित समस्याओं और शिकायतों के त्वरित समाधान के लिए अमृतसर में विशेष ‘एनआरआई मिलनी’ (NRI Milni) का आयोजन किया है।

    राजासांसी एयरपोर्ट के पास स्थित होटल ली मेरिडियन में होने वाले कार्यक्रम की तैयारियां पूरी कर ली गई हैं और मिलनी थोड़ी देर में शुरू होने वाली है। कार्यक्रम में अमृतसर, गुरदासपुर, पठानकोट और तरनतारन जिलों से जुड़े प्रवासी पंजाबी अपनी शिकायतें और मामले सीधे सरकार के वरिष्ठ प्रशासनिक एवं पुलिस अधिकारियों के समक्ष रखेंगे।

    मौके पर संबंधित अधिकारियों की ओर से समस्याओं के समाधान को लेकर कार्रवाई भी की जाएगी। फिलहाल कार्यक्रम स्थल पर एनआरआई मामलों संबंधी मंत्री डा. रवजोत सिंह और विधायकों के पहुंचने का इंतजार किया जा रहा है। उनके पहुंचने के बाद मिलनी शुरू होगी। कार्यक्रम में शीर्ष प्रशासनिक एवं पुलिस अधिकारियों के भी मौजूद रहने की संभावना है।

  • भारत टैक्सी में नहीं लगेगा कमीशन, ड्राइवरों को ₹5 लाख की सामाजिक सुरक्षा- CM योगी

    भारत टैक्सी में नहीं लगेगा कमीशन, ड्राइवरों को ₹5 लाख की सामाजिक सुरक्षा- CM योगी

    जीरो कमीशन पर चलेगी भारत टैक्सी, चालक को पांच लाख की सामाजिक सुरक्षा: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ
     
    केंद्रीय सहकारिता एवं नागर विमानन राज्यमंत्री मुरलीधर मोहोल और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने किया भारत टैक्सी एवं मुख्यमंत्री कृषक समृद्धि योजना का शुभारंभ
     
    लखनऊ, गोरखपुर, वाराणसी और प्रयागराज में संचालन शुरू, टैक्सी के साथ टू और थ्री व्हीलर चालक भी जुड़ेंगे
     
    भारत टैक्सी की तर्ज पर ग्रामीण बस सेवा को आगे बढ़ाने के निर्देश, लाखों युवाओं के लिए खुलेगा रोजगार का रास्ता
     
    महाकुंभ में रैपिडो की सेवा का दिया उदाहरण, बोले- यात्रियों को सुविधा मिली और यातायात भी नहीं हुआ बाधित
     
    मुख्यमंत्री कृषक समृद्धि योजना के तहत एलडीबी के ऋण की ब्याज दर 11 से घटाकर छह प्रतिशत
     
    पांच लाख लघु और सीमांत किसानों को ऋण देने का लक्ष्य, खेती और मशीनरी के लिए मिलेगा दीर्घकालिक कर्ज
     
    लखनऊ

     मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बुधवार को भारत टैक्सी और मुख्यमंत्री कृषक समृद्धि योजना का शुभारंभ करते हुए टैक्सी चालकों और किसानों के लिए दो बड़े कदम उठाए। भारत टैक्सी से टैक्सी, टू व्हीलर और थ्री व्हीलर चालक रजिस्ट्रेशन के साथ जीरो कमीशन पर जुड़ सकेंगे। उन्हें पांच लाख रुपये की सामाजिक सुरक्षा भी मिलेगी। वहीं मुख्यमंत्री कृषक समृद्धि योजना के तहत एलडीबी से किसानों को मिलने वाले ऋण की ब्याज दर 11 से घटाकर छह प्रतिशत कर दी गई है।
     
    मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि सहकारिता की कमान किन हाथों में है, उसी पर उसकी सफलता निर्भर करती है। अच्छा नेतृत्व सहकारिता को समृद्धि का माध्यम बनाता है, जबकि गलत नेतृत्व इसे अराजकता की ओर ले जा सकता है। आजादी के बाद पहली बार देश में अलग सहकारिता मंत्रालय बना और अब इसके परिणाम सामने आ रहे हैं।
     
    भारत की गति को प्रगति में बदलेगी भारत टैक्सी
    मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि टैक्सी, टू व्हीलर और थ्री व्हीलर चालकों के बारे में पहले कोई नहीं सोचता था। अब वे रजिस्ट्रेशन के साथ जीरो कमीशन पर भारत टैक्सी का हिस्सा बनेंगे और पांच लाख रुपये की सामाजिक सुरक्षा पाएंगे। सामाजिक सुरक्षा मिलने से चालक निश्चिंत होकर जिम्मेदारी के साथ अपना काम कर सकेगा।
     
    उन्होंने कहा कि भारत टैक्सी केवल यात्रियों को ढोने वाली टैक्सी नहीं है। यह पूरे भारत की टैक्सी है, जो भारत की गति को प्रगति में बदलने का काम करेगी। लखनऊ, गोरखपुर, वाराणसी और प्रयागराज में इसका संचालन शुरू किया गया है। लखनऊ एयरपोर्ट, लखनऊ मेट्रो और लखनऊ पुलिस समेत विभिन्न संस्थाओं के साथ एमओयू भी हुए हैं।
     
    महाकुंभ में देखा था रैपिडो का सफल प्रयोग
    मुख्यमंत्री योगी ने प्रयागराज महाकुंभ 2025 का जिक्र करते हुए कहा कि वहां लाखों नौजवान रैपिडो के माध्यम से अपनी बाइक पर श्रद्धालुओं को सुरक्षित संगम तक पहुंचा रहे थे। संगम से रेलवे स्टेशन और एयरपोर्ट तक पहुंचाने में भी उनका योगदान रहा। इससे यातायात बाधित नहीं हुआ और लोगों को आसानी से आवागमन की सुविधा मिली।
     
    उन्होंने परिवहन मंत्री दयाशंकर सिंह से ग्रामीण बस सेवा को भी भारत टैक्सी की तर्ज पर आगे बढ़ाने को कहा। मुख्यमंत्री ने कहा कि इस मॉडल को आगे बढ़ाया गया तो लाखों नौजवानों के लिए रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे।
     
    पांच लाख किसानों को छह प्रतिशत पर ऋण
    मुख्यमंत्री कृषक समृद्धि योजना का शुभारंभ करते हुए मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि उत्तर प्रदेश सहकारी ग्राम्य विकास बैंक से किसानों को 11 प्रतिशत ब्याज पर ऋण मिलता था। इसे अब घटाकर छह प्रतिशत कर दिया गया है। खेती-बाड़ी और मशीनरी के लिए किसानों को पैसे की कमी न हो, इसके लिए दीर्घकालिक ऋण की व्यवस्था की गई है। आगामी कुछ वर्षों में पांच लाख लघु और सीमांत किसानों को इसका लाभ देने का लक्ष्य है।
     
    मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि अन्नदाता किसान खुशहाल होगा तो भारत खुशहाल होगा। अन्नदाता किसान समृद्ध होगा तो भारत समृद्ध होगा। सहकारिता क्षेत्र जितना मजबूत होगा, देश भी उतना ही मजबूत होगा।
     
    86 लाख किसानों का 36 हजार करोड़ का ऋण माफ किया

    मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि 2017 में सरकार बनने के बाद 86 लाख लघु और सीमांत किसानों के 36 हजार करोड़ रुपये से अधिक के ऋण माफ किए गए। दशकों से लंबित सिंचाई परियोजनाओं को पूरा किया गया। सरयू नहर राष्ट्रीय परियोजना को पूरा होने में करीब 50 वर्ष लगे। अर्जुन सहायक, बाणसागर और मध्य गंगा जैसी परियोजनाओं को भी आगे बढ़ाया गया।
     
    उन्होंने कहा कि पिछले करीब साढ़े नौ वर्षों में प्रदेश में 24 लाख हेक्टेयर भूमि को अतिरिक्त सिंचाई सुविधा से जोड़ा गया है। 16 लाख से अधिक निजी ट्यूबवेल वाले किसानों को मुफ्त बिजली दी जा रही है। नहर और सरकारी ट्यूबवेल से सिंचाई भी मुफ्त है।
     
    3.30 लाख करोड़ रुपये गन्ना मूल्य का भुगतान
    मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि प्रदेश में वर्तमान में 122 चीनी मिलें चल रही हैं। इनमें 100 से अधिक मिलें चौथे दिन गन्ना मूल्य का भुगतान कर रही हैं। पिछले नौ वर्षों में किसानों को 3.30 लाख करोड़ रुपये गन्ना मूल्य का भुगतान किया गया है। उन्होंने आरोप लगाया कि पिछली सरकारों ने 29 चीनी मिलें बंद की थीं और इनमें से 21 को औने-पौने दाम पर बेच दिया था।
     
    उन्होंने कहा कि किसानों को बीज से बाजार तक सुविधा देने के लिए काम किया गया है। पैक हाउस बने, फूड प्रोसेसिंग यूनिट लगीं और एफपीओ के गठन के साथ कृषि विज्ञान केंद्रों से तकनीकी सहयोग दिया गया। सहकारिता के माध्यम से प्रदेश में अलग-अलग स्थानों पर 50 हजार मीट्रिक टन क्षमता के वेयरहाउस भी तैयार किए जा रहे हैं।
     
    54 लाख नए सदस्य, 15 सहकारी बैंक मुनाफे में
    मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि 2017 से पहले प्रदेश के 16 सहकारी बैंक निष्क्रिय हो चुके थे और उनके लाइसेंस जब्त हो गए थे। इनमें किसानों के हजारों करोड़ रुपये जमा थे। अब 16 में से 15 बैंक फिर मुनाफे में आ चुके हैं। एक अन्य बैंक को भी बेहतर करने पर काम चल रहा है।
     
    उन्होंने बताया कि पैक्स को पहले 10 लाख रुपये तक ब्याज मुक्त कैश क्रेडिट की सुविधा दी गई थी, जिसे बढ़ाकर 15 लाख रुपये कर दिया गया है। सहकारिता से 54 लाख नए सदस्य जुड़े हैं। किसानों को समय पर खाद, कीटनाशक और दूसरी सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए डिजिटल व्यवस्था को भी मजबूत किया जा रहा है।
     
    कृषक समृद्धि पोर्टल लॉन्च, भारत टैक्सी को किया रवाना
    कार्यक्रम में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बटन दबाकर मुख्यमंत्री कृषक समृद्धि पोर्टल ऐप यूपीसीडीसी लॉन्च किया। उर्वरक के लिए मोबाइल ऐप और सहकारिता की सेवाओं को आसानी से उपलब्ध कराने के लिए कोऑपरेटिव डाटा सेंटर तथा मोबाइल ऐप की भी शुरुआत की गई। मुख्यमंत्री ने पांच सारथियों को भारत टैक्सी के शेयर प्रमाण पत्र और मुख्यमंत्री कृषक समृद्धि योजना के पांच लाभार्थियों को ऋण स्वीकृति पत्र सौंपे।
     
    भारत टैक्सी के सीईओ कर्नल हिमांशु और अडानी एयरपोर्ट लखनऊ के चीफ कमर्शियल ऑफिसर शिव मोहन ने विभिन्न संस्थाओं के साथ हुए एमओयू का आदान-प्रदान किया। इसके बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, केंद्रीय सहकारिता एवं नागर विमानन राज्यमंत्री मुरलीधर मोहोल समेत अतिथियों ने फ्लैग ऑफ कर भारत टैक्सी को रवाना किया।
     
    कार्यक्रम में ये रहे मौजूद
    कार्यक्रम में केंद्रीय सहकारिता राज्यमंत्री मुरलीधर मोहोल, उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक, कृषि, कृषि शिक्षा एवं कृषि अनुसंधान मंत्री सूर्य प्रताप शाही, सहकारिता राज्यमंत्री स्वतंत्र प्रभार जेपीएस राठौर, परिवहन राज्यमंत्री स्वतंत्र प्रभार दयाशंकर सिंह, उत्तर प्रदेश सहकारी ग्राम विकास बैंक के सभापति डॉ. विवेक कुमार सिंह तोमर, सहकारिता मंत्रालय के अपर सचिव पंकज कुमार बंसल, भारत टैक्सी के उपाध्यक्ष रोहित गुप्ता मौजूद रहे।

  • मजीठिया से पूछताछ करने वाले पूर्व ED अफसर निरंजन सिंह जॉइन करेंगे पार्टी

    मजीठिया से पूछताछ करने वाले पूर्व ED अफसर निरंजन सिंह जॉइन करेंगे पार्टी

    जालंधर
    एनफोर्समेंट डायरेक्टोरेट (ED) के पूर्व अधिकारी निरंजन सिंह आज पंजाब के खडूर साहिब से सांसद अमृतपाल सिंह की पार्टी अकाली दल (वारिस पंजाब दे) में शामिल होंगे। दोपहर 12 बजे वो चंडीगढ़ में पार्टी जॉइन करेंगे। निरंजन सिंह ने इसकी पुष्टि की। 

    उन्होंने अपने कार्यकाल में करीब 6 हजार करोड़ रुपए के चर्चित ड्रग केस की जांच की थी। इसी केस की जांच के दौरान उन्होंने शिरोमणि अकाली दल के नेता बिक्रम सिंह मजीठिया से भी पूछताछ की थी। मजीठिया से पूछताछ के कुछ समय बाद निरंजन सिंह के ट्रांसफर को लेकर विवाद खड़ा हो गया था।

    उन्होंने ट्रांसफर को पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट में चुनौती भी दी थी। वह जालंधर में ED ऑफिस में लंबे समय तक तैनात रहे। यहां से उन्होंने रिटायरमेंट ली।

    निरंजन सिंह की अहम बातें…
        मेरे पास कोई और ऑप्शन नहीं थी: निरंजन कुमार ने कहा कि मेरे पास कोई और ऑप्शन नहीं थी। 10 साल पहले अकालियों की सरकार रही, उस वक्त भी लोगों को कोई रिलीफ नहीं मिला। उनसे भी पंजाब नहीं संभला। कैप्टन की सरकार आई लेकिन वह भी माफिया की सरकार थी। उन्होंने ड्रग वाले लोगों को प्रोटेक्ट किया।

        सांसद अमृतपाल के पिता आए थे घर: उन्होंने कहा कि सभी सरकारें अपने वादे में फेल हुई हैं। सिर्फ नशा ही नहीं बल्कि करप्शन और लॉ एंड ऑर्डर का भी इश्यू है। अमृतपाल पर लगे आरोपों को लेकर उन्होंने कहा कि कानून अपना काम करेगा। कोर्ट फैसला करेगा। उन्होंने कहा कि सांसद अमृतपाल के पिता तरसेम सिंह आज ही मेरे घर आए थे। उन्होंने मुझे अपने साथ आने की अपील की।

        चुनाव लड़ने पर कहा- कोई विचार नहीं: निरंजन सिंह ने कहा कि अभी चुनाव लड़ने का मेरा कोई विचार नहीं है। अमृतपाल की कट्‌टरपंथी विचारों को लेकर उन्होंने कहा कि मैं कानून को मानने वाला हूं। पार्टी की विचारधारा भी कानून को मानने वाली है।

    कौन हैं निरंजन सिंह
    निरंजन सिंह ED के जालंधर ऑफिस में लंबे समय तक तैनात रहे। अपने कार्यकाल के दौरान उन्होंने पंजाब से जुड़े कई मनी लॉन्ड्रिंग और FEMA मामलों की जांच की। 2013-14 के आसपास वह जगदीश सिंह भोला से जुड़े ड्रग-मनी लॉन्ड्रिंग मामले की जांच से भी प्रमुख रूप से जुड़े रहे। 2016 में उन्हें असिस्टेंट डायरेक्टर से डिप्टी डायरेक्टर के पद पर पदोन्नत किया गया।

    2018 में उन्होंने ED छोड़ने का फैसला किया, जबकि उस समय उनकी सेवानिवृत्ति में करीब तीन साल बाकी थे। बाद में वे 31 मई 2021 को औपचारिक रूप से सेवानिवृत्त हुए।

    राजा कंदोला से भोला ड्रग रैकेट तक जांच
    जानकारी के अनुसार, निरंजन सिंह ने 2012 में ड्रग तस्कर राजा कंदोला के खिलाफ मामला दर्ज किया था। इसके बाद 2013 में उन्होंने अनूप काहलों से जुड़े ड्रग मामले की जांच संभाली। आगे की जांच में यह मामला करीब 6,000 करोड़ रुपए के भोला ड्रग रैकेट से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग केस में तब्दील हो गया।

    ED ने 2013 में PMLA के तहत मामला दर्ज करके ड्रग कारोबार से कमाए पैसे, संपत्तियों और लेन-देन की जांच शुरू की। 2024 में इसी PMLA मामले की विशेष अदालत ने जगदीश सिंह भोला सहित 17 लोगों को दोषी ठहराया।

    निरंजन सिंह इस मामले में इन्वेस्टिगेटिंग ऑफिसर (IO) रहे। उपलब्ध रिपोर्टों के अनुसार, 2013-14 से 2016 तक उन्होंने मामले की जांच की। बाद में डिप्टी डायरेक्टर के पद पर पदोन्नति होने के बाद भी वह मामले की जांच की निगरानी करते रहे।

    73 लोगों को चार्जशीट किया गया था
    निरंजन सिंह की जांच के दौरान 73 लोगों को चार्जशीट किया गया था। इनमें भोला के 11 परिवारजन भी शामिल थे। जांच के दौरान करीब 24 आरोपियों की 200 करोड़ रुपए से अधिक की संपत्तियां अटैच की गई थीं।

    2024 में लंबे समय से चल रहे इस PMLA मामले में विशेष अदालत ने 23 आरोपियों में से 17 को दोषी ठहराया। ट्रायल के दौरान 4 आरोपियों की मौत हो गई, जबकि 2 को घोषित अपराधी यानी प्रोक्लेम्ड ऑफेंडर घोषित किया गया।

    2014 में बिक्रम मजीठिया से पूछताछ 26 दिसंबर 2014 को ED ने तत्कालीन पंजाब राजस्व मंत्री बिक्रम सिंह मजीठिया से भोला ड्रग-मनी-लॉन्ड्रिंग जांच के सिलसिले में जालंधर ऑफिस में पूछताछ की। पूछताछ में निरंजन सिंह के साथ ED के वरिष्ठ अधिकारी भी शामिल थे। भोला ने मजीठिया का नाम लिया था। मजीठिया ने इन आरोपों से इनकार किया था।

    2015 में कोलकाता ट्रांसफर विवाद 16 जनवरी 2015 को मजीठिया से पूछताछ के करीब तीन सप्ताह बाद ED ने निरंजन सिंह का जालंधर से कोलकाता ट्रांसफर कर दिया। उन्हें पश्चिम बंगाल के शारदा चिटफंड मामले में काम करने को कहा गया था। इसके बाद निरंजन सिंह ने पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट में चुनौती दी और दावा किया कि मजीठिया से पूछताछ करना ही उनके ट्रांसफर का कारण था। उनके वकील ने अदालत में यही तर्क रखा था।

    हाईकोर्ट का दखल और ट्रांसफर रद्द
    पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट ने मामले में दखल दिया। कोर्ट में यह सवाल भी उठा कि जिस ड्रग केस की निगरानी अदालत कर रही थी, उस जांच के प्रमुख अधिकारी को अचानक बाहर कैसे भेजा जा सकता है। आखिरकार नवंबर 2015 में ED ने उनका ट्रांसफर रद्द कर दिया। ED के तत्कालीन निदेशक कर्नल सिंह ने पुष्टि की कि निरंजन सिंह जालंधर में रहकर ड्रग केस की जांच जारी रखेंगे।

    2016 में मजीठिया को दोबारा समन
    निरंजन सिंह के अनुसार उन्होंने जांच छोड़ी नहीं। 2016 में उन्होंने मजीठिया को दोबारा समन किया। इस बार मजीठिया व्यक्तिगत रूप से पेश नहीं हुए और उन्होंने लिखित जवाब दिया। इसी साल निरंजन सिंह को असिस्टेंट डायरेक्टर से डिप्टी डायरेक्टर के पद पर पदोन्नत किया गया। पदोन्नति के बाद तकनीकी कारणों से उनके IO के रूप में काम करने की स्थिति बदली, क्योंकि ED में असिस्टेंट डायरेक्टर स्तर के अधिकारी जांच अधिकारी होते हैं।

    हाईकोर्ट के निर्देश के बाद आगे की जांच असिस्टेंट डायरेक्टर स्तर के अधिकारियों को दी गई, लेकिन निरंजन सिंह को मॉनिटरिंग रोल में रखा गया। 2017 में हाईकोर्ट ने ED को निर्देश दिया कि दो असिस्टेंट डायरेक्टर स्तर के अधिकारियों के माध्यम से जांच आगे बढ़ाई जाए और निरंजन सिंह उसकी निगरानी करें।

    2018 में निरंजन सिंह ने अदालत में कहा कि उन्होंने 2013 से मामले पर काम किया था और उनकी जांच के दौरान बड़ी संख्या में आरोपियों तथा संपत्तियों पर कार्रवाई हुई थी।

    2018 में ED से उनका जाना
    5 अक्टूबर 2018 को निरंजन सिंह ने ED से इस्तीफा देने का फैसला किया। उनकी सेवानिवृत्ति 2021 में होनी थी, यानी लगभग तीन साल बाकी थे। निरंजन ने कहा था कि उन्होंने व्यक्तिगत कारणों से इस्तीफा दिया है और राजनीतिक दबाव की बात से इनकार किया। कुछ रिपोर्टों में ED से जुड़े सूत्रों के हवाले से कहा गया कि वे दबाव-तनाव महसूस कर रहे थे। 11 अक्टूबर 2018 को निरंजन सिंह ने अपना इस्तीफा वापस ले लिया। 31 मई 2021 को निरंजन सिंह डिप्टी डायरेक्टर के पद से सेवानिवृत्त हुए।

  • Punjab Employees के लिए बड़ी खबर, 8% DA बढ़ा; सितंबर से मिलेगा बढ़ा वेतन

    Punjab Employees के लिए बड़ी खबर, 8% DA बढ़ा; सितंबर से मिलेगा बढ़ा वेतन

    चंडीगढ़.

    पंजाब सरकार ने प्रदेश के सरकारी कर्मचारियों को महंगाई भत्ते (डीए) में आठ प्रतिशत की बढ़ोतरी की है। वित्त विभाग ने बुधवार को इस संबंध में आदेश जारी कर दिया। इसके साथ ही कर्मचारियों का मौजूदा महंगाई भत्ता 42 प्रतिशत से बढ़कर 50 प्रतिशत हो गया है।

    बढ़ा हुआ डीए एक सितंबर 2026 से प्रभावी माना जाएगा और इसका भुगतान सितंबर के वेतन के साथ किया जाएगा। सरकार के इस फैसले से राज्य के लाखों कर्मचारियों को सीधे वित्तीय लाभ मिलेगा। वित्त विभाग के वित्त कार्मिक-1 शाखा की ओर से जारी आदेश के अनुसार, पंजाब के राज्य सरकारी कर्मचारियों के लिए महंगाई भत्ते की दर में आठ प्रतिशत की वृद्धि की गई है। विभाग ने विशेष मुख्य सचिवों, अतिरिक्त मुख्य सचिवों, वित्तीय आयुक्तों, प्रधान सचिवों और प्रशासनिक सचिवों के अलावा विभागाध्यक्षों, मंडलायुक्तों, उपायुक्तों तथा अन्य संबंधित अधिकारियों को आदेश की प्रतियां भेज दी हैं।

    42 से बढ़कर 50 प्रतिशत हुआ डीए
    वित्त विभाग के आदेश में स्पष्ट किया गया है कि कर्मचारियों को अब मूल वेतन पर 50 प्रतिशत की दर से महंगाई भत्ता मिलेगा। इससे पहले डीए की दर 42 प्रतिशत थी। नई दर एक सितंबर 2026 से लागू होगी। सितंबर का वेतन जारी होने के साथ कर्मचारियों को बढ़े हुए डीए का लाभ मिलने की उम्मीद है।

  • बरेली की जरी से पीलीभीत की नक्काशी तक, यूपी ट्रेड शो में दिखेगी रुहेलखंड की पहचान

    बरेली की जरी से पीलीभीत की नक्काशी तक, यूपी ट्रेड शो में दिखेगी रुहेलखंड की पहचान

    यूपी ट्रेड शो: अंतरराष्ट्रीय व्यापार मेले में चमकेगा रुहेलखंड, बरेली की जरी से मेंथा-फार्मा को मिलेगा बड़ा बाजार

    मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के विजन के अनुरूप स्थानीय हुनर को मिलेगा बड़ा बाजार

    बरेली की सबसे बड़ी भागीदारी, जरी से मेंथा तक दिखेगा दम

    पीलीभीत की नक्काशी, शाहजहांपुर की जरी और रुहेलखंड का स्वाद

    बरेली
    मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के विजन के अनुरूप स्थानीय हुनर और उत्पादों को देश-दुनिया के बाजार तक पहुंचाने की मुहिम में रुहेलखंड बड़ी छलांग लगाने जा रहा है। यूपी अंतरराष्ट्रीय व्यापार मेला-2026 में बरेली की जरी-जरदोजी, मेंथा, दवा, बांस-बेंत और खाद्य उत्पादों की चमक दिखाई देगी। पीलीभीत की लकड़ी की नक्काशी और शाहजहांपुर की जरी कारीगरी भी खरीदारों के सामने होगी। नए निर्यातकों से लेकर पहले से विदेशों में कारोबार कर रही इकाइयों तक को अलग-अलग मंडप में जगह दी गई है। मंडलायुक्त बरेली शंभू कुमार ने बताया कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की मंशा स्थानीय उत्पादों और छोटे उद्यमों को बड़ा बाजार उपलब्ध कराने की रही है। इसी दिशा में यूपी अंतरराष्ट्रीय व्यापार मेला स्थानीय कारीगरों, उद्यमियों और निर्यातकों के लिए बड़ा मंच बन रहा है। बरेली मंडल से पारंपरिक जरी-जरदोजी और लकड़ी की नक्काशी के साथ दवा, मेंथा, खाद्य प्रसंस्करण, पैकेजिंग और बांस-बेंत से जुड़े उद्यम भी इसमें शामिल हो रहे हैं। 

    बरेली की जरी-जरदोजी दिखाएगी अपना जलवा

    एक जिला-एक उत्पाद में बरेली की छह इकाइयों को जगह मिली है। मनीषा ज्वेलरी सुनारी उद्योग के हस्तशिल्प उत्पाद लेकर पहुंचेगी। कमल ट्रेडर्स, पिंकी जरी आर्ट्स, शिखा जरी आर्ट, ज्योत्सना जरी वर्क और कृष्णा गारमेंट्स बरेली की जरी-जरदोजी की कारीगरी प्रदर्शित करेंगे। पीलीभीत से राशिद हैंडीक्राफ्ट और फाइजाह मलिक लकड़ी की नक्काशी के उत्पाद लेकर पहुंचेंगे। 

    मसालों से रेजिन कला तक, छोटे उद्योग दिखाएंगे ताकत

     बरेली के छोटे और मझोले उद्योगों की विविधता भी दिखाई देगी। सृष्टिपूर्ति मसाले और मसाला मिश्रण, जबकि नंदू शेफ खाद्य प्रसंस्करण से जुड़े उत्पाद प्रदर्शित करेगा। शील कलाकृति हाथ से तैयार रेजिन कला और ग्लिट्ज एंड थ्रेड्स आभूषण लेकर पहुंचेगा। हंकरी आर्ट एंड एसेंस सुगंधित मोमबत्तियां, रेजिन उत्पाद और धागे की चूड़ियां प्रदर्शित करेगा। फार्म टैब हेल्थ केयर दवा उत्पाद लेकर पहुंचेगा। इसके अलावा राजेश जरी गुड्स और रूबी जरी फैशन जरी-जरदोजी, हाथ की कढ़ाई और कृत्रिम आभूषणों के जरिए बरेली की कारीगरी दिखाएंगे। 

    नए निर्यातकों को बड़ा मौका, बरेली की तीन इकाइयों के पांच स्टॉल

    स्टॉल 14 नए निर्यातकों के लिए रखा गया है। इसमें बरेली की तीन इकाइयों को कुल पांच स्टॉल मिले हैं। एचएनवी फार्मा लिमिटेड (हम्बल हेल्थकेयर) दवा उत्पादों के लिए दो स्टॉल लगाएगी। दस्तकार बैम्बू केन डेवलपमेंट प्रोड्यूसर कंपनी लिमिटेड बांस और बेंत से तैयार उत्पाद लेकर पहुंचेगी। सिरमौर सोप्स एंड एलाइड प्रोडक्ट्स साबुन, कपड़े धोने के उत्पाद और झाड़ू के साथ दो स्टॉल लगाएगी। पीलीभीत की पीटीआर ग्लोबल एक्सपोर्ट प्राइवेट लिमिटेड भारतीय लकड़ी से तैयार उत्पादों के साथ यहां मौजूद रहेगी। इसे एक स्टॉल मिला है। 

    मेंथा की खुशबू से कपड़ों और पैकेजिंग तक बरेली की पहुंच

    नियमित निर्यातकों के लिए निर्धारित मंडप 15 में बरेली की तीन इकाइयां शामिल हैं। एसए इंटरनेशनल परिधान लेकर पहुंचेगी। केल्विन नेचुरल मिंट प्राइवेट लिमिटेड मेंथा तेल, पुदीना तेल, मेंथॉल क्रिस्टल और स्पीयरमिंट तेल जैसे उत्पाद प्रदर्शित करेगी। अंजनिनंदन प्रीमियर पैकेजिंग प्राइवेट लिमिटेड पॉलीप्रोपाइलीन के थैले पेश करेगी। तीनों इकाइयों को एक-एक स्टॉल मिला है। वहीं पीलीभीत की राशिद हैंडीक्राफ्ट लकड़ी की नक्काशी के उत्पाद प्रदर्शित करेगी। दारक्षा मलिक और सुभुही जरी-जरदोजी के उत्पाद लेकर पहुंचेंगी। शाहजहांपुर से कुमकुम जरी वर्क्स जरी और उससे तैयार वस्तुओं के जरिए जिले की कारीगरी को खरीदारों के सामने रखेगी। 

    कारोबार के साथ बदायूं का पेड़ा और बरेली की बर्फी का स्वाद

    व्यापार मेले में सिर्फ उत्पादों का कारोबार नहीं होगा, रुहेलखंड का स्वाद भी लोगों को अपनी ओर खींचेगा। बरेली की अजंता स्वीट्स, रामपुर गार्डन और किप्स की बर्फी को पैकेज्ड खाद्य काउंटर में जगह मिली है। वहीं मोहित शर्मा नाश्ता कॉर्नर के छोले-भटूरे सीधे तैयार कर परोसे जाएंगे। वहीं बदायूं के हब्बू हलवाई का मशहूर पेड़ा भी व्यापार मेले में पहुंचेगा। पीलीभीत का पवन स्वीट हाउस खोया आधारित मिठाइयां और लौंज पेश करेगा। शाहजहांपुर से लोंजे को जगह मिली है। बदायूं के सूरज मिष्ठान भंडार, ककराला को भी स्थानीय व्यंजन के लिए स्टॉल संख्या 33 दिया गया है।  

    जरी के धागे से निर्यात की उड़ान तक

    रुहेलखंड की कारोबारी तस्वीर अब सिर्फ पारंपरिक हुनर तक सीमित नहीं है। एक तरफ बरेली की जरी-जरदोजी और पीलीभीत की लकड़ी की नक्काशी है तो दूसरी ओर दवा, मेंथा, खाद्य प्रसंस्करण, पैकेजिंग और बांस-बेंत जैसे उद्योग भी हैं। यूपी अंतरराष्ट्रीय व्यापार मेले में इन सभी को एक मंच मिलने जा रहा है। सबसे ज्यादा भागीदारी बरेली की दिखाई दे रही है, जिससे देश-विदेश से आने वाले खरीदारों के सामने जिले के पारंपरिक हुनर के साथ बदलती औद्योगिक तस्वीर भी रखी जाएगी।

  • 14 साल की उम्र में गोल्ड जीत चुके अंकुश पंघाल अब Asian Games के Round of 16 में

    14 साल की उम्र में गोल्ड जीत चुके अंकुश पंघाल अब Asian Games के Round of 16 में

    हिसार.

    गांव भेरियां के मुक्केबाज अंकुश पंघाल ने एशियन गेम्स में बुधवार को शानदार जीत के साथ अपने अभियान की शुरुआत की। पुरुषों के 80 किलोग्राम वर्ग के राउंड आफ 32 मुकाबले में अंकुश ने बहरीन के हम्सा वोगेल को 5-0 से हराकर राउंड आफ 16 में जगह बनाई।

    कामनवेल्थ गेम्स 2026 में स्वर्ण पदक जीतने के बाद एशियन गेम्स में उतरे अंकुश ने पूरे मुकाबले में शानदार प्रदर्शन किया और पांचों जजों ने उन्हें विजेता माना। अंकुश ने मुकाबले की शुरुआत संभलकर की, लेकिन जल्द ही अपनी लय हासिल कर ली। पहले राउंड में उन्होंने प्रभावी पंच लगाए और सभी पांच जजों ने यह राउंड उनके पक्ष में दिया। दूसरे राउंड में वोगेल ने आक्रामक शुरुआत करने का प्रयास किया, लेकिन अंकुश ने मजबूत पंचों के काम्बिनेशन से जवाब देते हुए दबदबा बनाए रखा। दूसरे राउंड में भी सभी जजों ने अंकुश को 5-0 से आगे रखा। अंतिम राउंड में भी अंकुश ने अपनी बढ़त कायम रखी और वोगेल भारतीय मुक्केबाज को परेशान करने में सफल नहीं हो सके। जजों ने सर्वसम्मति से अंकुश के पक्ष में फैसला सुनाया।

    कबड्डी से शुरू किया था खेल सफर
    अंकुश के लिए अंतरराष्ट्रीय स्तर तक पहुंचने का सफर आसान नहीं रहा। उन्होंने खेल करियर की शुरुआत कबड्डी से की थी और स्टेट स्तर पर स्वर्ण पदक भी जीता था। बाद में पिता सुरेश पंघाल की सलाह पर उन्होंने बाक्सिंग को अपना खेल चुना। शुरुआत में गांव के लोग उनके इस फैसले को लेकर मजाक भी करते थे, लेकिन अंकुश ने मेहनत जारी रखी। 14 वर्ष की उम्र में अंकुश ने स्कूली नेशनल प्रतियोगिता में स्वर्ण पदक जीता। कोरोना काल में भी उन्होंने प्रशिक्षण जारी रखा। वर्ष 2024 में वह सेना में हवलदार बने। उनके पिता सुरेश पंघाल पूर्व राष्ट्रीय कबड्डी खिलाड़ी हैं और होटल का संचालन करते हैं। मां मुकेश देवी के अलावा बहनें नीलम, अंजू बाला और नीतू रानी भी खेलों से जुड़ी हैं।

    कामनवेल्थ का स्वर्ण मां को किया था समर्पित
    कामनवेल्थ गेम्स 2026 में स्वर्ण पदक जीतने के बाद अंकुश ने अपना पदक मां मुकेश देवी को समर्पित किया था। अब एशियन गेम्स में पहले मुकाबले में जीत के साथ उन्होंने अगले दौर में जगह बना ली है। उनका लक्ष्य एशियन गेम्स में बेहतर प्रदर्शन करने के साथ ओलिंपिक में स्वर्ण पदक जीतना है।