Category: राज्य

  • वाहन चालान पर बड़ा बदलाव: नहीं भरा जुर्माना तो RC ट्रांसफर समेत कई सेवाएं होंगी बंद

    वाहन चालान पर बड़ा बदलाव: नहीं भरा जुर्माना तो RC ट्रांसफर समेत कई सेवाएं होंगी बंद

    लखनऊ
    केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्रालय ने वाहनों के चालान को और सख्त बनाया है। वाहन के जुर्माने पर हर जिले में सुनवाई कराने के लिए न्याय निर्णायक प्राधिकारी नियुक्त होगा व अपील करने की भी सुविधा मिलेगी। सुनवाई, अपील की 30-30 दिन में सुनवाई करके निर्णय देना होगा। ऐसा न होने पर प्राधिकारी व अपील अधिकारी पर भी पांच से 10 हजार रुपये जुर्माना लगेगा।

    इसका नेक्स्ट जेन ई-चालान मोबाइल एप व पोर्टल बुधवार मध्यरात्रि से प्रभावी हो गया है। दैनिक जागरण ने 28 जुलाई को अब वाहन चालान के जुर्माने पर हर जिले में होगी सुनवाई शीर्षक से खबर प्रकाशित किया था। केंद्रीय मंत्रालय मोटर वाहन अधिनियम 1988 की धारा 167-ख में वाहनों के चालान के जुर्माने का निर्णय करने का नियम बनाया। इसमें प्रदेश सरकार हर जिले में जुर्माने का फैसला करने के लिए न्याय निर्णायक प्राधिकारी नियुक्त करेगी।

    यह प्राधिकारी ऑनलाइन व इलेक्ट्रानिक माध्यम से 30 दिनों में सुनवाई करके निर्णय देगा। यदि निर्णय से कोई व्यक्ति संतुष्ट नहीं है तो आदेश मिलने के 30 दिनों के भीतर अपर जिला मजिस्ट्रेट (एडीएम) या समकक्ष अपीलीय प्राधिकारी के पास अपील कर सकता है। अपीलीय प्राधिकारी को 30 दिनों के भीतर निस्तारण करना होगा। यदि किसी आदेश के 30 दिन निकल जाएं और उचित कारण हो तो 30 दिन अपील स्वीकार की जा सकती है।

    सुनवाई व अपील अधिकारी यदि 30 दिन में निर्णय नहीं देता तो उस अधिकारी पर 5000 से 10,000 तक का जुर्माना भी लगेगा।यदि किसी वाहन ई-चालान हो गया व वाहन स्वामी चालान का भुगतान नहीं करता है या कोर्ट व अधिकारी की ओर से तय जुर्माना भरने का आदेश होने के बाद भी भुगतान नहीं करता है तो जब तक चालान का निपटारा नहीं हो जाता, तब तक वाहन से संबंधित अधिकांश सेवाएं जैसे रजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट का ट्रांसफर, एनओसी, डुप्लीकेट आरसी आदि जारी नहीं होंगी।

    वाहन पोर्टल पर संबंधित वाहन के कालम में लेनदेन न करने योग्य लिख दिया जाएगा। ऐसे वाहन स्वामी को चालान जमा करने की सूचना आनलाइन भेजी जाएगी। वहीं, यदि चालान का मामला अभी कोर्ट या सक्षम प्राधिकारी के पास विचाराधीन है तो उस दौरान यह प्रतिबंध लागू नहीं होंगे। उल्लेखनीय है कि अभी तक वाहन का चालान होने पर 90 दिन बाद प्रकरण को संबंधित कोर्ट में भेजने का नियम रहा है।

    यूपी में इस तरह हुए चालानप्रदेशभर में 2024-25 में 27 लाख एक हजार 786 ई-चालान जारी हुए थे। इनमें चार पहिया वाहन आधे से अधिक हैं। इनमें 2,79,296 वाहन ऐसे हैं जिन पर कई तरह के चालान लंबित है। 2025-26 में प्रदेशभर में 30 लाख से अधिक वाहनों का चालान हुआ था।

  • पंचायत चुनाव से पहले बड़ा अपडेट, 122 EBC जातियों की स्थिति का होगा आकलन; तय होगा आरक्षण

    पंचायत चुनाव से पहले बड़ा अपडेट, 122 EBC जातियों की स्थिति का होगा आकलन; तय होगा आरक्षण

    पटना
    बिहार में त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव में अत्यंत पिछड़ा वर्ग (ईबीसी) के लिए आरक्षण का मानक तय हो गया है। पंचायती राज विभाग द्वारा तय गाइडलाइन के आधार पर राज्य अति पिछड़ा वर्ग आयोग अध्ययन करेगा। अत्यंत पिछड़ा वर्ग में शामिल लगभग 122 जातियों की सामाजिक, राजनैतिक, आर्थिक और शैक्षणिक स्थिति का आकलन होगा। इसके लिए जल्द ही अत्यंत पिछड़ा वर्ग से जुड़े गांवों और शहरों में सर्वे शुरू होगा।

    ईबीसी आयोग निर्धारित मानक पर सर्वें करा कर पंचायत चुनाव में ईबीसी प्रतिनिधियों लिए आरक्षण का प्रतिशत तय करने की अनुशंसा करेगी। पंचायत चुनाव में अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति और अत्यंत पिछड़ा वर्ग (एनेक्सर-1) के लिए अधिकतम 50 फीसदी ही आरक्षण देना है। पिछले दिनों पंचायती राज विभाग और ईबीसी आयोग के अधिकारियों के बीच बैठक हुई थी। आयोग ने विभाग से अध्ययन के लिए सहायता मांगी थी। पंचायती राज विभाग ने आयोग को भरोसा दिया है कि डीएम सहित जिलों के संबंधित विभागीय अधिकारियों को पत्र भेज कर आयोग को मदद दिलायेगा।

    सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद बिहार के पंचायत चुनावों में अत्यंत पिछड़ा वर्ग के लोगों को आरक्षण देने के पहले त्रिस्तरीय जांच (ट्रिपल टेस्ट) अनिवार्य है। इसमें पहली शर्त है कि किसी भी स्थिति में आरक्षण का दायरा 50 प्रतिशत से अधिक नहीं होगा। दूसरा, अत्यंत पिछड़ा वर्ग की किन-किन जातियों को आरक्षण की वास्तव में जरूरत है। तीसरा, इसके लिए समर्पित आयोग हो, जो समयसीमा में अध्ययन कर रिपोर्ट दे। सरकार ने पहले ही ईबीसी आयोग को अध्ययन के लिए समर्पित आयोग घोषित कर दिया है।

    एससी-एसटी से बचे हिस्से में ही ओबीसी को आरक्षण
    वर्तमान में उपलब्ध जनगणना पर राज्य की कुल आबादी में जितनी आबादी एससी- एसटी की होगी, इन वर्ग को उतना प्रतिशत आरक्षण देना है। एससी-एसटी से बचे हिस्से में ही अत्यंत पिछड़ा वर्ग को आरक्षण दिया जा सकता है। बीते पंचायत चुनाव में यहां पिछड़ा वर्ग को 20% आरक्षण दिया गया था। माना जा रहा है कि आगामी चुनाव में भी ईबीसी को आरक्षण लगभग पिछले चुनाव की तरह ही मिलेगा।

    अत्यंत पिछड़ा वर्ग में 122 जातियां
    अत्यंत पिछड़ा वर्ग में लगभग 122 जातियां हैं। गाइडलाइन के आधार पर अत्यंत पिछड़ा वर्ग आयोग पंचायतों में ओबीसी की स्थिति का आकलन कर रिपोर्ट सामान्य प्रशासन विभाग को देगा। सामान्य प्रशासन विभाग से रिपोर्ट पंचायती राज विभाग को मिलेगी। इसके बाद यह रिपोर्ट निर्वाचन विभाग को भेजी जायेगी। राज्य स्तर पर आरक्षण का दायरा तय नहीं होगा, बल्कि पंचायत ही मानक रखा गया है। परिसीमन के बाद पंचायतों की संख्या बढ़ने की स्थिति में ईबीसी के लिए आरक्षित पंचायतों की संख्या में भी वृद्धि तय है।

    अत्यंत पिछड़ा वर्ग में प्रमुख जातियां
    कहार, कुम्हार, धानुक, लोहार, तेली, मल्लाह, कानू, नाई आदि

    पंचायतों के नये परिसीमन के बाद होगा चुनाव
    राज्य में वर्तमान में 8049 ग्राम पंचायत हैं। नये परिसीमन के बाद ग्राम पंचायतों की संख्या 12500 हजार से अधिक होने की संभावना है। राज्य निर्वाचन विभाग को परिसीमन करना है।
    ● आरक्षण का दायरा 50 फीसदी से अधिक नहीं होना चाहिए।

    ● पंचायतवार अत्यंत पिछड़ा वर्ग की आबादी का आकलन।

    ● ईबीसी के परिवारों की आर्थिक स्थिति।

    ● संसद, विधानसभा, नगर निकाय व पंचायतों में ओबीसी का वर्तमान प्रतिनिधित्व।

    ● अत्यंत पिछड़ा वर्ग का सामाजिक और शैक्षणिक स्थिति।

  • पंजाब में ED रेड से हड़कंप, IAS अफसर के घर से ढाई करोड़ कैश बरामद

    पंजाब में ED रेड से हड़कंप, IAS अफसर के घर से ढाई करोड़ कैश बरामद

    चंडीगढ़
    पंजाब और चंडीगढ़ में दो दिन से ED की रेड चल रही है। टीम बुधवार देर रात दिल्ली के पूर्व मंत्री सतेंद्र जैन के चंडीगढ़ स्थित घर भी पहुंची।ग्रेटर मोहाली एरिया डेवलपमेंट अथॉरिटी (GMADA) के पंजाब और चंडीगढ़ दफ्तरों में 2 दिन से ED की रेड चल रही है। ED ने मंत्री हरदीप सिंह मुंडियां के भांजे के घर लुधियाना में भी रेड की। देर रात टीम दिल्ली के पूर्व मंत्री सतेंद्र जैन के घर भी पहुंची। 

    सरकार ने हाईकोर्ट में तत्काल सुनवाई की मांग की। इस याचिका पर हाईकोर्ट ने ED की छापेमारी की निगरानी के लिए वारंट ऑफिसर नियुक्त किया है। वारंट ऑफिसर को मौके पर जाकर छापेमारी की स्थिति देखने और इसकी रिपोर्ट अदालत में पेश करने के निर्देश दिए गए हैं।

    वारंट ऑफिसर किसी भी समय छापेमारी वाली जगह पर जाकर निरीक्षण कर सकता है। उसे गुरुवार दोपहर 2 बजे तक मामले की स्टेटस रिपोर्ट हाईकोर्ट में सौंपनी होगी।

    इधर, एजेंसी के सूत्र बताते हैं कि पंजाब के एक IAS अधिकारी के घर से करीब ढाई करोड़ कैश, सवा किलो सोना-चांदी और जमीन के कुछ दस्तावेज मिले हैं। इनकी जांच जारी है।

    ED की रेड के बीच पूर्व केंद्रीय राज्य मंत्री व पंजाब के भाजपा नेता रवनीत सिंह बिट्‌टू ने अपनी एक सोशल मीडिया पोस्ट से खलबली मचा दी है। उन्होंने अपनी पोस्ट में दावा किया है कि पंजाब का एक मंत्री देश छोड़कर भाग गया है। बताया जा रहा है कि बिट्‌टू का इशारा मंत्री मुंडियां की तरफ है। हालांकि, इसकी ऑफिशियल पुष्टि नहीं हुई है।

    आज AAP करेगी टीमों का घेराव
    वहीं, आम आदमी पार्टी (AAP) आज मोहाली में GMADA दफ्तर पर ED की कार्रवाई के विरोध में केंद्रीय जांच एजेंसी की टीमों का घेराव करेगी। पार्टी ने आरोप लगाया है कि विधानसभा चुनावों से पहले केंद्रीय एजेंसियों के जरिए पंजाब सरकार और अधिकारियों पर दबाव बनाने की कोशिश की जा रही है।

    AAP नेताओं ने कहा कि लंबी छापेमारी के बावजूद ED को अब तक कुछ नहीं मिला। पार्टी ने ED की कार्रवाई के समय और तरीके पर सवाल उठाते हुए इसे अधिकारियों को डराने की कोशिश बताया। AAP ने कहा कि चुनाव नजदीक आते ही पंजाब में ED की सक्रियता बढ़ी है। भाजपा की धक्केशाही को पंजाब बर्दाश्त नहीं करेगा।

    मोहाली दफ्तर के 3 मंजिल सील किए
    ED ने मंगलवार सुबह मोहाली स्थित GMADA के फेज-8 में मुख्यालय में कार्रवाई शुरू की थी। इसके बाद ED और केंद्रीय सुरक्षा बलों के जवान व अधिकारी मौके पर अब भी मौजूद हैं। ED अधिकारी सरकारी रिकॉर्ड खंगालने के साथ GMADA के अधिकारियों और अन्य कर्मचारियों से पूछताछ कर रहे हैं।

    मोहाली दफ्तर के 3 मंजिलों को सील किए जाने और रिकॉर्ड जब्त किए जाने की भी रिपोर्ट सामने आई है। पूरी कार्रवाई की वीडियोग्राफी करवाई जा रही है। इसके अलावा IAS अधिकारी राजीव गुप्ता की सेक्टर-19 स्थित कोठी में टीम पहुंची थी। ED की टीम बुधवार देर रात सेक्टर-39 की कोठी नंबर 926 में भी पहुंच गई, जहां दिल्ली के पूर्व मंत्री सतिंदर जैन रहते रहे थे।

    मंत्री के रिश्तेदार के घर भी पहुंची ED
    इसी जांच के दौरान बुधवार को पंजाब के शहरी आवास एवं विकास मंत्री हरदीप सिंह मुंडियां के रिश्तेदार गुरप्रीत सिंह सैनी उर्फ प्रिंस के लुधियाना के साहनेवाल स्थित घर पर भी ED ने तलाशी ली। रिपोर्टों के अनुसार, वहां कार्रवाई दोपहर करीब ढाई बजे शुरू हुई और देर तक जारी रही।

    26 ठिकानों पर सर्च और सर्वे
    ED के अनुसार, तिरुपति इंफ्राप्रोजेक्ट्स प्राइवेट लिमिटेड से जुड़े मामले में दिल्ली, मोहाली, चंडीगढ़, पंचकूला और लुधियाना में 26 ठिकानों पर सर्च और सर्वे की कार्रवाई की गई है। इनमें कंपनी के प्रमोटर, निदेशक और उनसे जुड़े लोगों के ठिकाने शामिल हैं।

    ED के मुताबिक, GMADA और पंजाब सरकार के हाउसिंग एवं अर्बन डेवलपमेंट विभाग के कार्यालयों में भी PMLA के तहत सर्वे किया जा रहा है, ताकि संबंधित कंपनियों से जुड़े रिकॉर्ड और सबूत जुटाए जा सकें।

    290 करोड़ के बैंक फ्रॉड और GMADA से जुड़े लेनदेन की जांच
    ED के मुताबिक, जांच में तिरुपति इंफ्राप्रोजेक्ट्स से जुड़े करीब 290 करोड़ रुपए के बैंक फ्रॉड का मामला भी शामिल है। एजेंसी के अनुसार, मामले में नई दिल्ली के पश्चिम विहार स्थित रेडिसन ब्लू होटल प्रोजेक्ट से जुड़े लेनदेन के साथ GMADA से कथित तौर पर वैधानिक बकाया में छूट और रद्द किए गए प्लॉट के दोबारा आवंटन की भी जांच की जा रही है।

    एजेंसी के अनुसार, रेमिगेट से जुड़े मामले में करीब 57 करोड़ रुपए का आर्थिक लाभ दिए जाने की भी जांच है। साथ ही जमीन अधिग्रहण से जुड़ी कथित अनियमितताओं में एक निजी कंसल्टेंसी फर्म की भूमिका और अधिकारियों से उसके संबंधों की भी पड़ताल की जा रही है।

    जांच अभी जारी है। ED की तलाशी और दस्तावेजों की जांच पूरी होने के बाद मामले में आगे की जानकारी सामने आने की उम्मीद है।

  • बर्खास्त AIG राजजीत का सरेंडर, ड्रग तस्करी और आय से अधिक संपत्ति के केस में कार्रवाई

    बर्खास्त AIG राजजीत का सरेंडर, ड्रग तस्करी और आय से अधिक संपत्ति के केस में कार्रवाई

    पटियाला
    करीब छह साल से फरार चल रहे बर्खास्त सहायक पुलिस महानिरीक्षक (एआईजी) राजजीत सिंह ने आज पटियाला पुलिस के सामने आत्मसमर्पण कर दिया। वह अक्तूबर 2019 से फरार बताए जा रहे थे। राजजीत सिंह नशा तस्करी और जबरन वसूली से जुड़े कई गंभीर मामलों में नामजद थे।राजजीत सिंह के खिलाफ कई आपराधिक मामले दर्ज थे। पुलिस लंबे समय से उनकी तलाश कर रही थी। उनके खिलाफ नशा तस्करी के एक बड़े रैकेट में शामिल होने के आरोप थे। इसके अलावा, उन पर जबरन वसूली के भी आरोप लगे थे। 
    राजजीत सिंह के खिलाफ वर्ष 2019 में ड्रग तस्करी, जबरन वसूली और आय से अधिक संपत्ति से जुड़े मामले दर्ज किए गए थे। इसके बाद से पुलिस को उसकी तलाश थी। अब पंजाब के DGP गौरव यादव ने गिरफ्तारी की पुष्टि की है।

    राजजीत सिंह को अप्रैल 2023 में सेवा से बर्खास्त किया गया था। इसके बाद से वह अंडरग्राउंड हो गया। पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट की ओर से गठित SIT की जांच में उसका नाम बर्खास्त इंस्पेक्टर इंद्रजीत सिंह से जुड़े कथित ड्रग तस्करी और वसूली नेटवर्क में सामने आया था।

    इसके बाद विजिलेंस ब्यूरो और स्पेशल टास्क फोर्स ने उसके खिलाफ अलग-अलग मामले दर्ज किए। हाईकोर्ट से जमानत याचिका खारिज होने के बाद वह फरार हो गया था। उसकी तलाश के लिए लुकआउट सर्कुलर भी जारी किया गया था।

    निर्दोषों को फंसाने और वसूली के भी आरोप

    जांच रिपोर्टों में राजजीत सिंह पर ड्रग तस्करों को कथित संरक्षण देने, निर्दोष लोगों को ड्रग मामलों में फंसाने और उनसे वसूली करने जैसे आरोप लगाए गए थे। उनके खिलाफ आय से अधिक संपत्ति से जुड़ा मामला भी दर्ज किया गया था। हाईकोर्ट के रिकॉर्ड में इन आरोपों को जांच के दौरान सामने आए आरोपों के रूप में दर्ज किया गया है।

    50 से ज्यादा NDPS सैंपल फेल होने का भी मामला

    मामले की जांच में उस अवधि के दौरान 50 से अधिक NDPS सैंपल फेल होने का मुद्दा भी सामने आया था, जब राजजीत सिंह तरनतारन के SSP और इंद्रजीत सिंह CIA प्रभारी के तौर पर तैनात थे। पंजाब सरकार ने SIT रिपोर्टों के आधार पर अप्रैल 2023 में राजजीत सिंह को पुलिस सेवा से बर्खास्त कर दिया था।

    जानिए, केस में कब-क्या हुआ

        जून 2017 में हुआ रैकेट का भंडाफोड़: विशेष कार्य बल (STF) ने राजजीत सिंह के अधीनस्थ रहे सीआईए (CIA) प्रभारी इंस्पेक्टर इंद्रजीत सिंह को गिरफ्तार किया था। उसके घर से 4 किलोग्राम हेरोइन, अन्य ड्रग्स और अवैध हथियार बरामद हुए। यहीं से पुलिस-ड्रग्स तस्कर नेक्सस का खुलासा हुआ।
        नवंबर 2017 में SIT का गठन: इसके बाद पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट ने ड्रग्स तस्करी के मामले में वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों (विशेषकर राजजीत सिंह) की संलिप्तता की जांच के लिए एक विशेष जांच टीम (SIT) का गठन किया।
        2018 में सीलबंद रिपोर्ट सौंपी: SIT ने मामले की गहन जांच करने के बाद अपनी 3 स्टेटस रिपोर्ट सीलबंद लिफाफे में हाईकोर्ट को सौंप दीं। ये रिपोर्ट कई सालों तक सीलबंद रहीं।
        फरवरी 2018 में मामला दर्ज हुआ: 2018 में STF ने इस पूरे ड्रग्स-तस्करी, जबरन वसूली और आपराधिक साजिश को लेकर FIR दर्ज की।
        मार्च-अप्रैल 2023 में रिपोर्ट्स खुलीं और बर्खास्तगी हुई: हाईकोर्ट के निर्देश पर जब बरसों पुरानी सीलबंद SIT रिपोर्ट खोली गईं, तो राजजीत सिंह और इंस्पेक्टर इंद्रजीत की संलिप्तता पूरी तरह उजागर हो गई। इसके तुरंत बाद मुख्यमंत्री भगवंत मान ने 17 अप्रैल 2023 को राजजीत सिंह को तत्काल प्रभाव से नौकरी से बर्खास्त कर दिया।
        19-20 अप्रैल 2023 को FIR में नामजद व नया केस हुआ: राजजीत सिंह को आधिकारिक तौर पर 2018 के NDPS मामले में सह-आरोपी बनाया गया। ठीक अगले दिन 20 अप्रैल को विजिलेंस ब्यूरो ने उनके खिलाफ आय से अधिक संपत्ति का एक और नया केस दर्ज किया।
        3 साल तक फरार रहा: गिरफ्तारी से बचने के लिए राजजीत सिंह लगातार अंडरग्राउंड रहा और पुलिस को चकमा देता रहा। पंजाब पुलिस ने उसके खिलाफ लुकआउट नोटिस भी जारी किया। आरोपी राजजीत सिंह ने अग्रिम जमानत के लिए हाईकोर्ट का रुख किया, लेकिन उसकी याचिकाएं खारिज हो गईं।

        10 सितंबर 2026 को सुप्रीम कोर्ट का आदेश आया: राजजीत सिंह ने सुप्रीम कोर्ट से कानूनी सुरक्षा मांगी। सुनवाई के दौरान उसके वकील ने अदालत को बताया कि वह आत्मसमर्पण करने के लिए तैयार है। सुप्रीम कोर्ट ने उसे सरेंडर करने का कड़ा निर्देश दिया।
        24 सितंबर 2026 को सरेंडर किया: सुप्रीम कोर्ट के आदेश का पालन करते हुए राजजीत सिंह ने पटियाला पुलिस के सामने आत्मसमर्पण कर दिया। इसके बाद पंजाब पुलिस ने उसे औपचारिक रूप से गिरफ्तार कर लिया।

    वर्ष 2019 में, उन्हें आय से अधिक संपत्ति के एक मामले में भी नामजद किया गया था। इस मामले के सामने आने के बाद से ही वह पुलिस की गिरफ्त से बाहर थे। पंजाब पुलिस ने उन्हें बर्खास्त कर दिया था। उनके आत्मसमर्पण को पुलिस के लिए एक बड़ी सफलता माना जा रहा है। अब पुलिस उनसे विभिन्न मामलों में पूछताछ करेगी। इस गिरफ्तारी से कई और खुलासे होने की उम्मीद है। 

  • लखनऊ में 4526 आवासीय भूखंडों की सौगात, वरुण विहार-नैमिष नगर में आज से बड़ा अपडेट

    लखनऊ में 4526 आवासीय भूखंडों की सौगात, वरुण विहार-नैमिष नगर में आज से बड़ा अपडेट

    लखनऊ
    लखनऊ विकास प्राधिकरण की नैमिष नगर और वरुण विहार योजनाओं का शुभारंभ बुधवार को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ करेंगे। शाम चार बजे मुख्यमंत्री दोनों महत्वाकांक्षी टाउनशिप योजनाओं का भूमि पूजन करेंगे और भूखंडों के पंजीकरण की प्रक्रिया शुरू कराएंगे। साथ ही एलडीए की पांच अपार्टमेंट परियोजनाओं का भी शिलान्यास होगा। दोनों योजनाओं में कुल 4526 आवासीय भूखंडों के लिए पंजीकरण खोला जा रहा है। पंजीकरण की प्रक्रिया 24 सितंबर से 24 अक्तूबर तक एक माह के लिए खुली रहेगी।

    वरुण विहार के भूखंड 2800 रुपये वर्गफुट
    आगरा एक्सप्रेसवे क्षेत्र के निकट विकसित की जा रही वरुण विहार योजना में 112.5 वर्ग मीटर से लेकर 450 वर्ग मीटर तक के 2847 भूखंड उपलब्ध कराए जा रहे हैं। इनकी कीमत 2800 रुपये प्रति वर्ग फुट निर्धारित की है।

    नैमिष नगर के भूखंड 3800 रुपये प्रति वर्गफुट
    सीतापुर रोड र नैमिष नगर योजना में 1679 भूखंड उपलब्ध होंगे। योजना में 72 वर्ग मीटर के 197, 112.5 वर्ग मीटर के 524, 162.5 वर्ग मीटर के 520, 200 वर्ग मीटर के 299, 288 वर्ग मीटर के 103 तथा 450 वर्ग मीटर के 30 भूखंड शामिल हैं। भूखंडों की कीमत 3800 रुपये प्रति वर्ग फुट निर्धारित की गई है। नैमिष नगर व वरुण विहार को 12,600 एकड़ में विकसित किया जा रहा है।

    आगरा एक्सप्रेसवे से जुड़ेगा वरुण विहार
    एलडीए ने आगरा एक्सप्रेसवे से वरुण विहार को सीधे जोड़ने के लिए यूपीडा और शासन को प्रस्ताव भेजा है। प्रस्ताव के तहत एक्सप्रेसवे से वरुण विहार योजना में उतरने के लिए एक विशेष रैंप बनाया जाएगा। वर्तमान में वरुण विहार योजना तक पहुंचने के लिए आगरा एक्सप्रेसवे की सर्विस रोड का सहारा लेना पड़ता है।

    प्रस्तावित व्यवस्था के अनुसार रैंप केवल योजना में प्रवेश के लिए होगा। यानी लखनऊ या अन्य दिशा से आने वाले वाहन सीधे वरुण विहार में उतर सकेंगे। हालांकि वापसी के दौरान लोगों को पहले की तरह सर्विस रोड का उपयोग करना होगा। एलडीए के एक अधिकारी के अनुसार इस संबंध में यूपीडा और शासन को पत्र भेज दिया गया है। चूंकि एक्सप्रेसवे यूपीडा के अधिकार क्षेत्र में आता है।

    आयोजन को लेकर आज रूट डायवर्जन
    ● आगरा एक्सप्रेस वे अंडरपास से वाहन घुरघुरी तालाब मोहान रोड या मलिहाबाद होकर गुजर सकेंगे।

    ● खुशहालगंज किसानपथ अंडरपास से वाहन बबुरियाखेड़ा किसानपथ अंडरपास के बजाय घुरघुरी तालाब मोहान रोड या बुद्धेश्वर से जाएंगे।

    ● मौंदा चौराहा से वाहन घुरघुरी तालाब मोहान रोड या बुद्धेश्वर होकर जाएंगे।

    ● बबुरियाखेड़ा किसानपथ अंडरपास से वाहन बबुरियाखेड़ा किसानपथ अंडरपास से यू-टर्न से होकर जाएंगे।

    ● बड़ागांव आगरा एक्सप्रेस वे अंडरपास से वाहन मोहान रोड या बबुरियाखेड़ा किसानपथ अंडरपास होकर जाएंगे।

    ● कठहिंगरा आगरा एक्सप्रेस वे अंडरपास से वाहन कठहिंगरा गांव से घुरघुरी तालाब मोहान रोड होकर गुजर सकेंगे।

    ● भलिया आगरा एक्सप्रेस वे अंडरपास से वाहन मोहान रोड घुरघुरी तालाब होकर गुजर सकेंगे।

    ● झलियामऊ आगरा एक्सप्रेस वे अंडरपास से वाहन कठहिंगरा अंडरपास होकर गुजर सकेंगे।

  • दिल्ली-महोबा स्लीपर बस हादसा: आग में झुलसे 9 यात्री, ड्राइवर पर गंभीर आरोप

    दिल्ली-महोबा स्लीपर बस हादसा: आग में झुलसे 9 यात्री, ड्राइवर पर गंभीर आरोप

    ग्रेटर नोएडा
     ग्रेटर नोएडा में यमुना एक्सप्रेसवे पर बुधवार देर रात एक यात्री बस में आग लगने से 9 लोगों की मौत हो गई है। यह बस दिल्ली से महोबा जा रही थी। यह भीषण हादसा दयानतपुर गांव के पास हुआ। हादसे के समय बस में करीब 35 लोग सवार थे।

    घायलों को अस्पताल में भर्ती कराया गया
    बताया जा रहा कि रात करीब 11 बजे गौतमबुद्ध नगर के जेवर टोल के पास शॉर्ट सर्किट के चलते बस में आग लग गई। ड्राइवर ने आग लगने के बाद बस को एक्सप्रेसवे के किनारे रोक दिया था। लेकिन भीषण आग के चलते बस में अफरातफरी मच गई। हादसे के समय कुछ यात्री तो बस से निकलने में कामयाब हो गए। लेकिन कुछ यात्रियों की बस के अंदर जलने से मौत हो गई। यह बस राज कल्पना ट्रैवल्स की बताई जा रही है। घायलों को नजदीकी कैलाश अस्पताल में भर्ती कराया गया है। पुलिस बस में आग लगने के कारणों की जांच कर रही है।

    सीएम योगी ने हादसे का लिया संज्ञान
    ग्रेटर नोएडा में हुए सड़क हादसे का मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने संज्ञान लिया है. मुख्यमंत्री ने मृतकों के शोक संतप्त परिजन के प्रति संवेदना व्यक्त की है. मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को घायलों का समुचित उपचार करवाने के निर्देश दिए हैं. मुख्यमंत्री ने मृतकों के परिजनों से संवाद कर हर संभव सहायता उपलब्ध करवाने का भी निर्देश दिया है। 

    आग लगने के बाद बस में भर गया था धुआं
    इस हादसे में कई बच्चों और बुजुर्गों की मौत की भी खबर है। हादसे वाली बस का नंबर BR32 PA8647 है। बस में यात्रा कर रहे एक चश्मदीद ने बताया कि जब मैं सो गया था, तो किसी ने मुझे जगाकर बताया कि बस में आग लग गई है और हम सब बाहर निकलने के लिए हड़बड़ी में भागे। बस से निकलना आसान नहीं था। बहुत ज़्यादा धुआं था। घबराहट के बीच हम किसी तरह बाहर निकल पाए। बस यात्रियों से खचाखच भरी हुई थी।

    सीएम योगी ने मुआवजे का किया ऐलान
    ग्रेटर नोएडा बस हादसे पर सीएम योगी ने मुआवजे का ऐलान किया है. मृतकों के परिजनों को 2-2 लाख रुपए व घायलों को 50-50 हजार रुपए को आर्थिक मदद का सीएम ने किया ऐलान. बस हादसे में 30 लोगों को पुलिस व बचाव दल ने सुरक्षित बचाया। 

    पुलिस अधिकारी ने बस हादसे की दी जानकारी
    साथ ही सीएम योगी ने घायलों के जल्द स्वस्थ होने की कामना की है. यह घटना यमुना एक्सप्रेसवे के जीरो पॉइंट से करीब 32 किलोमीटर आगे हुई, जो जेवर थाना क्षेत्र में आता है. ज्वाइंट सीपी राजीव नारायण मिश्रा ने बताया कि आग लगते ही बस में सवार यात्रियों में अफरा-तफरी मच गई और लोगों ने अपनी जान बचाने के लिए बस से कूदना शुरू कर दिया. हादसे में 9 लोगों की मौत हो गई. देखते ही देखते आग ने पूरी बस को अपने चपेट में ले लिया। 

    अभी भी फंसे हो सकते हैं कुछ और लोग
    आग की सूचना मिलते ही फायर विभाग की टीम तुरंत मौके पर पहुंची और आग बुझाने का काम शुरू किया. काफी मशक्कत के बाद फायर टीम ने आग पर काबू पा लिया. चिंता की बात यह है कि कुछ लोगों के अभी भी बस में फंसे होने की आशंका जताई जा रही है. फायर विभाग के मुताबिक जब तक कूलडाउन की प्रक्रिया पूरी नहीं हो जाती, तबतक बस के अंदर तलाशी नहीं ली जा सकेगी। 

    बस ड्राइवर से की जा रही पूछताछ
    प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि दुर्घटनाग्रस्त बस के सभी प्रपत्र (फिटनेस, परमिट आदि) वैध पाए गए हैं। गौतमबुद्ध नगर पुलिस बस चालक को हिरासत में लेकर पूछताछ कर रही है। यात्रियों को तत्काल वैकल्पिक वाहनों की व्यवस्था कर उनके गंतव्य स्थानों पर भेजा जा रहा है।

  • 1 अक्टूबर से नया नियम लागू, पेट्रोल-डीजल के लिए जरूरी होगा वैध PUCC

    1 अक्टूबर से नया नियम लागू, पेट्रोल-डीजल के लिए जरूरी होगा वैध PUCC

     नई दिल्ली
    No Valid PUCC No Fuel Rule: अगर आप दिल्ली-एनसीआर में रहते हैं और आपका आना-जाना गाजियाबाद-दिल्ली के बीच होता रहता है तो ये ख़बर आपके लिए बेहद जरूरी है. गाजियाबाद में वाहन चालकों के लिए एक अक्टूबर से फ्यूल खरीदने के नियम में बड़ा बदलाव होने जा रहा है. अब बिना वैलिड पॉल्यूशन अंडरकंट्रोल सर्टिफिकेट (PUCC) वाले वाहनों को पेट्रोल और डीजल नहीं दिया जाएगा. जिला पूर्ति विभाग ने इसकी तैयारी शुरू कर दी है। 

    वाहन मालिकों से कहा गया है कि वे 30 सितंबर से पहले अपने वाहनों के प्रदूषण प्रमाणपत्र की वैधता जांच लें और प्रमाणपत्र समाप्त हो चुका है या जल्द समाप्त होने वाला है तो समय रहते उसे रिन्यू करा लें. जिला पूर्ति अधिकारी अमित कुमार तिवारी ने बताया कि एक अक्टूबर से व्यवस्था लागू होने के बाद पेट्रोल पंप पर फ्यूल देने से पहले वाहन के प्रदूषण प्रमाणपत्र की वैधता की जांच की जाएगी। 

    इसके लिए जिले के पेट्रोल पंपों पर विशेष ऐप की व्यवस्था की गई है. वाहन का नंबर स्कैन या दर्ज करने के बाद ऐप के माध्यम से तत्काल पता चल सकेगा कि संबंधित वाहन का प्रदूषण प्रमाणपत्र वैध है या नहीं. वैध प्रमाणपत्र होने पर ही फ्यूल दिया जाएगा.  उन्होंने बताया कि विभाग की ओर से फिलहाल व्यवस्था को लेकर पेट्रोल पंपों पर परीक्षण भी किया जा रहा है, ताकि एक अक्टूबर से इसे लागू करने में तकनीकी दिक्कत न आए. पेट्रोल पंप संचालकों को भी निर्देश दिए गए हैं कि निर्धारित तिथि से बिना वैध प्रदूषण प्रमाणपत्र वाले वाहनों को ईंधन उपलब्ध न कराया जाए। 

    वाहन चालकों को पहले से जानकारी देने पर जोर
    नई व्यवस्था को लेकर वाहन चालकों के बीच जागरूकता बढ़ाने पर भी जोर दिया जा रहा है. अधिकारियों का कहना है कि वाहन मालिक आखिरी समय का इंतजार करने के बजाय 30 सितंबर तक अपने दस्तावेज जांच लें. खासतौर पर ऐसे वाहन जिनका PUCC पहले ही समाप्त हो चुका है या उसकी अवधि खत्म होने वाली है, वे समय रहते प्रमाणपत्र बनवा लें। 

    हालांकि, ट्रायल के दौरान यह भी सामने आया कि कई वाहन चालकों को अभी तक इस व्यवस्था की जानकारी नहीं है. कुछ वाहन मालिकों ने प्रमाणपत्र की अनिवार्यता और फ्यूल लेने से पहले उसकी जांच को लेकर जानकारी की कमी की बात कही. वहीं, कुछ वाहन चालकों ने प्रदूषण जांच को जरूरी बताते हुए व्यवस्था का समर्थन भी किया. दूसरी ओर, इसे लागू करने के तरीके को लेकर यह सवाल भी उठ रहे हैं कि आपात स्थिति में फ्यूल की जरूरत पड़ने पर क्या होगा और पेट्रोल पंपों पर जांच के कारण भीड़ या अव्यवस्था की स्थिति न बने, इसके लिए क्या व्यवस्था होगी। 

    जिला पूर्ति अधिकारी अमित कुमार तिवारी ने स्पष्ट किया कि बिना वैलिड PUCC वाहन चलाने पर केवल पेट्रोल-डीजल मिलने में परेशानी नहीं होगी, बल्कि नियमों के तहत चालान की कार्रवाई भी की जा सकती है. इसके लिए संबंधित स्तर पर आवश्यक व्यवस्था की जा रही है. विभाग का कहना है कि नई व्यवस्था का उद्देश्य वाहन चालकों को परेशान करना नहीं, बल्कि वाहनों से होने वाले प्रदूषण पर नियंत्रण के साथ लोगों को समय से प्रदूषण प्रमाणपत्र बनवाने के लिए प्रेरित करना है। 

  • योगी सरकार बिजली व्यवस्था को मजबूत बनाने में जुटी, एसएलडीसी के आधुनिकीकरण के निर्देश

    योगी सरकार बिजली व्यवस्था को मजबूत बनाने में जुटी, एसएलडीसी के आधुनिकीकरण के निर्देश

    लखनऊ

     प्रदेश में सुचारु, सुरक्षित और विश्वसनीय बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए योगी सरकार विद्युत व्यवस्था को मजबूत बनाने पर लगातार जोर दे रही है। इसी क्रम में प्रमुख सचिव ऊर्जा एवं यूपी पावर कारपोरेशन के अध्यक्ष रणवीर प्रसाद ने लखनऊ स्थित स्टेट लोड डिस्पैच सेंटर (एसएलडीसी) का सघन निरीक्षण किया। उन्होंने केंद्र के आवश्यक आधुनिकीकरण को शीघ्र पूरा कराने के निर्देश दिए।

    ग्रिड फ्रीक्वेंसी स्थिर रखने और ओवरलोडिंग रोकने पर जोर

    निरीक्षण के दौरान रणवीर प्रसाद ने एसएलडीसी की कार्य प्रणाली, रियल टाइम ग्रिड मॉनिटरिंग, स्काडा सिस्टम और लोड प्रबंधन की विस्तृत जानकारी ली। उन्होंने कहा कि प्रदेश की सम्पूर्ण विद्युत व्यवस्था में एसएलडीसी की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। एसएलडीसी ही वह केंद्र है, जो प्रदेश के विद्युत भार (लोड) का रियल टाइम आंकलन एवं पूर्वानुमान करता है। उत्पादन केंद्रों से प्राप्त बिजली एवं वितरण निगमों की मांग के बीच संतुलन बनाता है। ग्रिड की फ्रीक्वेंसी को स्थिर रखता है तथा लाइनों को ओवरलोड होने से बचाता है।

    सतर्कता से लोड डिस्पैच करने के निर्देश

    प्रमुख सचिव ने कहा कि ट्रिपिंग, ब्रेकडाउन की स्थिति में त्वरित रिस्टोरेशन एवं वैकल्पिक स्रोत से आपूर्ति सुनिश्चित करता है। नवीकरणीय ऊर्जा (सोलर/विंड) के एकीकरण एवं ए.बी.टी. मीटरिंग का प्रबंधन करता है। साथ ही उन्होंने कहा कि आने वाला एक महीना गर्मी एवं अधिक मांग के दृष्टिकोण से चुनौतीपूर्ण है, इसलिए पूरी सावधानी के साथ लोड डिस्पैच किया जाए। जिससे कहीं भी अनावश्यक ओवरलोडिंग व ट्रिपिंग न हो और उपभोक्ताओं को निर्बाध आपूर्ति मिल सके।

  • यूपीआईटीएस में काशी के हुनर को मिलेगा ग्लोबल बाजार, यूपी इंटरनेशनल ट्रेड शो में दिखेगी बनारसी विरासत

    यूपीआईटीएस में काशी के हुनर को मिलेगा ग्लोबल बाजार, यूपी इंटरनेशनल ट्रेड शो में दिखेगी बनारसी विरासत

    वाराणसी

    काशी अपनी प्राचीन विरासत, समृद्ध धरोहर, पारंपरिक हस्तशिल्प और आधुनिक बाजार की जरूरतों के अनुरूप तैयार किए जा रहे उत्पादों को ग्रेटर नोएडा में आयोजित होने वाले यूपी इंटरनेशनल ट्रेड शो में प्रदर्शित करने के लिए तैयार है। 25 से 29 सितंबर तक इंडिया एक्सपो सेंटर एंड मार्ट, ग्रेटर नोएडा में आयोजित होने वाले यूपी इंटरनेशनल ट्रेड शो के चौथे संस्करण में काशी के खानपान से लेकर पहनावे तक, घर की सजावट और पारंपरिक परिधान से लेकर दैनिक उपयोग के उत्पादों तक की विविधता देखने को मिलेगी। बनारसी सिल्क साड़ी, लकड़ी के खिलौने, गुलाबी मीनाकारी, सॉफ्ट स्टोन जाली वर्क, हैंडमेड बनारसी सिल्क के विभिन्न उत्पाद और अन्य पारंपरिक उत्पादों के साथ आधुनिक बाजार की मांग के अनुरूप तैयार किए गए उत्पाद भी प्रदर्शित किए जाएंगे। आयोजन के जरिए स्थानीय उद्यमियों और हस्तशिल्पियों को वैश्विक बाज़ार से जुड़ने का अवसर मिलेगा।

    45 उद्यमियों ने कराया पंजीकरण

    जिला उद्योग प्रोत्साहन तथा उद्यमिता विकास केंद्र के उपायुक्त अभिषेक प्रियदर्शी ने बताया कि वाराणसी से 45 उद्यमियों ने यूपी इंटरनेशनल ट्रेड शो में भाग लेने के लिए पंजीकरण कराया है। इनमें वन डिस्ट्रिक्ट वन प्रोडक्ट, सूक्ष्म, एमएसएमई, जीआई उत्पाद,   नए और पुराने निर्यातक,एक जिला एक व्यंजन तथा मुख्यमंत्री युवा योजना से जुड़ी महिला उद्यमी शामिल हैं। उन्होंने बताया कि ट्रेड शो में लकड़ी के खिलौने, गुलाबी मीनाकारी, बनारसी सिल्क साड़ी समेत काशी के विभिन्न पारंपरिक और आधुनिक उत्पादों को प्रदर्शित किया जाएगा। इसके अलावा ओडीओसी के उत्पादों में लौंगलता ,तिरंगी बर्फ़ी और बनारसी पान भी खाने को मिलेगा।  यूपीआईटीएस का उद्देश्य स्थानीय स्तर पर तैयार उत्पादों को बड़े बाजार तक पहुंचाने के साथ उद्यमियों को नए व्यापारिक संपर्क उपलब्ध कराना है।

    काशी की विरासत से आधुनिक उत्पाद तक दिखेगी विविधता

    एमएसएमई और युवा उद्यमियों के उत्पाद काशी में बदलते कारोबारी परिवेश और नए बाजारों की ओर बढ़ते कदम को प्रदर्शित करेंगे। प्राकृतिक वेलनेस उत्पाद , कंटेनर्स बैग, मल्टीफिलामेंट यार्न और अन्य उत्पाद प्रदर्शित किए जायेंगे, जिनका उपयोग विभिन्न वस्तुओं के परिवहन के लिए किया जाता है। विदेश में इस बैग की अच्छी मांग है। यूपीआईटीएस से खरीदारों को काशी की पारंपरिक कला, शिल्प और उद्यमिता की विविधता एक ही मंच पर देखने को मिलेगी।

    उद्यमियों ने कहा- बनारस के उत्पादों को वैश्विक मंच मिलना महत्वपूर्ण

    ट्रेड शो में शामिल होने वाले उद्यमियों का कहना है कि ऐसे आयोजनों से स्थानीय उत्पादों को बड़े बाजार तक पहुंचाने का अवसर मिलता है। जीआई और ओडीओपी गुलाबी मीनाकारी के राष्ट्रीय पुरस्कार विजेता हस्तशिल्पी कुञ्ज बिहारी तथा वाराणसी 'वुडेन लेकर वेयर' लकड़ी के खिलौने उद्योग से जुड़ी उद्यमी अमृता सिंह ने बताया कि ऐसे आयोजनों से पारंपरिक शिल्प से जुड़े लोगों को बड़ा बाजार मिल जाता है। सीएम युवा योजना से लाभान्वित, महिला स्वास्थ्य से जुड़ी प्राकृतिक वेलनेस उत्पाद बनाने वाली कंपनी 'श्री विधि ऑर्गेनिक प्रोडक्ट्स' की निदेशक अदिति सिंह ने बताया कि इस तरह के आयोजन उद्यमियों को अपने उत्पादों को अंतरराष्ट्रीय बाजार तक पहुंचाने का अवसर देते हैं। 

    वर्जन 

     उत्तर प्रदेश इंटरनेशनल ट्रेड शो पूर्वांचल सहित पूरे प्रदेश के एमएसएमई तथा हैंडीक्राफ्ट को स्थानीय बाजार से राष्ट्रीय एवं वैश्विक बाजार तक पहुंचाने, नए खरीदारों से जोड़ने तथा तकनीकी एवं औद्योगिक विस्तार का महत्वपूर्ण मंच बन गया है। नए ऑर्डर, निवेश और औद्योगिक विस्तार से रोजगार तथा स्थानीय अर्थव्यवस्था को बढ़ावा मिल रहा है। 
     

     

  • ट्रेड शो में प्रवाहित होगी संगम नगरी के हस्तशिल्प, खानपान और परिधानों की त्रिवेणी

    ट्रेड शो में प्रवाहित होगी संगम नगरी के हस्तशिल्प, खानपान और परिधानों की त्रिवेणी

    प्रयागराज

    ग्रेटर नोएडा में 25 से 29 सितंबर तक आयोजित होने वाले 'उत्तर प्रदेश इंटरनेशनल ट्रेड शो' (यूपीआईटीएस) 2026 में संगम नगरी प्रयागराज के उद्यमी अपनी व्यापारिक क्षमता और हुनर की धमक दिखाने के लिए पूरी तरह तैयार हैं। प्रदेश सरकार की इस पहल से प्रयागराज के स्थानीय उद्यमियों, हस्तशिल्पियों और नवाचारियों को एक बड़ा ग्लोबल मंच उपलब्ध हो रहा है। इस वृहद आयोजन में प्रयागराज जनपद की भागीदारी हर साल बढ़ रही है। इस वर्ष जिले के 10 उद्यमी यूपीआईटीएस में हिस्सा लेंगे, जिनके लिए आवंटित स्टाल में जिले के उत्पादों का डंका बजेगा।

    हस्तशिल्प, खानपान और परिधानों की त्रिवेणी  

    यूपी इंटरनेशनल ट्रेड शो  के चौथे संस्करण में प्रयागराज  के विभिन्न वर्गों के उद्यमियों को अवसर दिया गया है। उपायुक्त उद्योग शरद टंडन बताते हैं कि प्रयागराज से विभिन्न श्रेणियों मे इस बार दस प्रतिभागियों को अवसर दिया गया है। मेले में ओडीओपी ( एक जनपद एक उत्पाद) श्रेणी के तहत 3  इकाइयों के  स्टाल लगेंगे। इसके अलावा  एमएसएमई मे 5  इकाइयां और  'नवोदित निर्यातक' श्रेणी में  एक और ओडीओसी के लिए एक इकाई का चयन किया गया है, जिन्हें कुल 12  स्टाल  दिए गए हैं। चयनित इकाइयों मे संगम नगरी के परंपरागत हस्तशिल्प,  यहां के खानपान और परिधानों का मेल देखने को मिलेगा ।

    * पहचान बनाएंगे परंपरागत हस्तशिल्प मूंज के उत्पाद*

    एक जनपद एक उत्पाद की श्रेणी में चयनित मूंज के उत्पादों को ट्रेड शो मे खास पहचान मिलेगी। इस श्रेणी के अंतर्गत प्रयागराज में मूंज के अंतर्राष्ट्रीय स्तर के उत्पाद बनाने वाली इकाई 'द परफेक्ट बाजार' का चयन किया गया है । ‘द परफ़ैक्ट बाजार' के पार्टनर पवन कुमार मिश्रा बताते हैं कि उन्हें ट्रेड शो के हॉल नंबर 10 मे स्टाल मिला है। उनकी इकाई अलग -अलग श्रेणियों में एक दर्जन से अधिक तरह के उत्पाद के स्टाल यहाँ लगाएगी। उनके सभी उत्पाद ईकोफ़्रेंडली हैं और सभी  ऑनलाइन प्लेटफ़ॉर्म पर पहले से उपलब्ध हैं । 

    खानपान में पैक्ड समोसे के जायके का बिखरेगा स्वाद

    उत्तर प्रदेश के समृद्ध व्यंजनों की विरासत की ग्लोबल ब्रांडिंग के लिए योगी सरकार द्वारा शुरू की गई ‘एक जनपद एक व्यंजन योजना’ में चयनित उत्पाद भी यूपी आईटीएस 2026 में अपने जायके का स्वाद बिखेरेंगे। उपायुक्त उद्योग शरद टंडन का कहना है कि पहली बार यूपी आईटीएस मे ओडीओसी श्रेणी को शामिल किया गया है, जिसे वहां निःशुल्क स्टाल दिया जा रहा है। इस श्रेणी के लिए 11 आवेदन आए थे, जिसमें परम्परागत जायके में अपनी खास पहचान रखने वाले प्रयागराज के पैक्ड समोसे को जगह मिली है। ओडीओसी श्रेणी में चयनित प्रयागराज के बलुआ घाट स्थित मुंडा स्नैक्स के पैक्ड समोसे का जायका इंटरनेशनल ट्रेड शो में जा रहा  है। मुंडा स्नैक्स के प्रतिनिधि अमित यादव का कहना है कि वैसे तो देशी घी, पनीर और ड्राई फ्रूट्स से बने उनके समोसे अपने लज़ीज जायके के लिए मशहूर हैं, लेकिन ट्रेड शो में मूल जायके को बनाए रखने के उनका ड्राई मसाला समोसा जा रहा है। इसके 5  हजार से अधिक ड्राई पीस ट्रेड शो के लिए ले जा रहे हैं | इसकी पैकिंग पर भी खास ध्यान दिया गया है, क्योंकि इसे घर पर 15 दिन रखा जा सकता है । इसके अलावा  खानपान की श्रेणी में ही केशरी गृह उद्योग , इकावा एग्रो और श्याम डेयरी उत्पादों को भी जगह मिली है।

    विशिष्ट परिधानों और फ्रैगनेंस का मेल

    इस बार  ट्रेड शो के लिए चयनित उद्यमियों में हुनर की विविधता भी देखने को मिलेगी। इस बार परिधान और इत्र की इकाइयों का चयन किया गया है। परिधान की श्रेणी में तीन उद्यमी हिस्सा ले रहे हैं, जिसमें पुष्पांजलि की मिली मेहरोत्रा, अकील एम्ब्रायडरी के अकील अहमद और पवन मिश्रा ग्रामोद्योग के पवन मिश्रा शामिल है।  इस श्रेणी के उद्यमी खादी, कॉटन, एम्ब्रॉयडरी और हैंड प्रिंटिंग में अपने हुनर का जादू बिखेरेंगे। पहली बार whiffhaus fragrance इकाई को इसमें जगह मिली है। एमएसएमई श्रेणी के अंतर्गत चयनित इस इकाई के प्रतिनिधि अनवर आजम कहते हैं कि परंपरा और आधुनिकता से जुड़ी 60 तरह की खुशबू के इत्र ट्रेड शो मे अपनी महक बिखेरेंगे ।