Category: राज्य

  • नई जेलों के निर्माण से बदली तस्वीर, 2017 के मुकाबले बढ़ी बंदी क्षमता

    नई जेलों के निर्माण से बदली तस्वीर, 2017 के मुकाबले बढ़ी बंदी क्षमता

    योगी सरकार ने नई जेलों के निर्माण और क्षमता विस्तार से ओवरक्राउडिंग पर लगाया ब्रेक 
     
    – 2017 के मुकाबले 2026 में बंदी क्षमता बढ़ी, ओवरक्राउडिंग दर घटकर 1.03 पर पहुंची 

    – प्रदेश को मिलेंगी छह और नई जिला जेलें, कानपुर नगर, मुरादाबाद, शाहजहांपुर समेत छह जिलों में 7,732 अतिरिक्त बंदियों की क्षमता होगी विकसित
     
    – निर्माणाधीन जेल परियोजनाओं को मिली रफ्तार, अमेठी और महोबा की जेलें अंतिम चरण में, हाथरस, कुशीनगर, जौनपुर व हापुड़ में तेजी से चल रहा निर्माण कार्य 

    – संभल, शामली और बलिया में भूमि अधिग्रहण प्रक्रिया तेज, नई जेलों की स्थापना के लिए कई जिलों में भूमि क्रय और पंजीकरण की कार्रवाई प्रगति पर 

    लखनऊ, 
    योगी सरकार प्रदेश की जेल व्यवस्था को आधुनिक, सुरक्षित और मानवीय बनाने की दिशा में लगातार कार्य कर रही है। बढ़ती बंदी संख्या और जेलों में ओवरक्राउडिंग की समस्या को दूर करने के लिए योगी सरकार ने एक ओर नई जेलों के निर्माण को गति दी है, जिससे जेलों में ओवरक्राउडिंग दर में कमी दर्ज की गई। 

    पिछले साढ़े नौ वर्षों में जेलों में ओवरक्राउडिंग दर घटकर 1.03 हुई
    वर्तमान में प्रदेश में कुल 77 कारागार संचालित हैं, जिनमें 7 केंद्रीय कारागार, 2 महिला केंद्रीय कारागार, 64 जिला कारागार, 1 विशेष कारागार, 2 उप कारागार तथा 1 किशोर सदन शामिल है। योगी सरकार के पिछले साढ़े नौ वर्षों में जेल अवसंरचना के विस्तार का ही परिणाम है कि प्रदेश की जेल क्षमता में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। वर्ष 2017 में प्रदेश की 70 जेलों की कुल बंदी क्षमता 58,400 थी, जबकि वर्ष 2026 तक यह बढ़कर 77,673 हो गई है। इस अवधि में जेलों में ओवरक्राउडिंग दर भी काफी कम हुई है। वर्ष 2017 में जहां ओवरक्राउडिंग दर 1.77 थी, वह वर्ष 2026 में घटकर 1.03 रह गई है। यह कमी योगी सरकार द्वारा जेलों के विस्तार, नई जेलों के निर्माण और अतिरिक्त क्षमता सृजन के लिए किए गए प्रयासों का प्रत्यक्ष परिणाम है। योगी सरकार ने वर्ष 2017 के बाद से अब तक सात नई जेलों का संचालन शुरू किया है। इनमें चित्रकूट, अंबेडकरनगर, संतकबीरनगर, इटावा केंद्रीय कारागार, प्रयागराज, श्रावस्ती तथा पुरानी जिला कारागार बरेली शामिल हैं। इन नई जेलों से कुल 10,495 बंदियों की अतिरिक्त क्षमता विकसित हुई है, जिससे विभिन्न जनपदों की जेलों पर दबाव कम हुआ है।

    योगी सरकार बनाने जा रही 6 और नई जेल
    योगी सरकार छह नई जिला जेलों के निर्माण की दिशा में भी आगे बढ़ रही है। इनमें कानपुर नगर (2030 क्षमता), औरैया (1056), शाहजहांपुर (1520), ज्ञानपुर-भदोही (574), मुरादाबाद (2000) तथा ललितपुर (552) शामिल हैं। इन छह नई जेलों के निर्माण से प्रदेश में 7,732 अतिरिक्त बंदियों की क्षमता उपलब्ध होगी। इन परियोजनाओं के लिए प्रशासनिक एवं वित्तीय स्वीकृति के लिए प्रस्ताव शासन को भेजा गया है। इसके अलावा प्रदेश में नई निर्माणाधीन जेल परियोजनाओं पर भी तेजी से कार्य चल रहा है। अमेठी और महोबा में बन रही नई जिला जेलों का निर्माण लगभग अंतिम चरण में पहुंच चुका है। अमेठी जेल का कार्य 98 प्रतिशत से अधिक तथा महोबा जेल का कार्य 93 प्रतिशत से अधिक पूरा हो चुका है। इनके अतिरिक्त हाथरस, कुशीनगर, जौनपुर और हापुड़ में भी नई जेलों का निर्माण तेजी से जारी है। इन छह निर्माणाधीन जेलों की कुल क्षमता 6,156 बंदियों की होगी। योगी सरकार का लक्ष्य है कि अधिकांश परियोजनाएं वर्ष 2026 तक पूर्ण कर ली जाएं।

    संभल, बलिया और शामली में जेल के लिए भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया तेज
    जेल अवसंरचना के विस्तार के साथ-साथ सरकार उन जिलों में भी नई जेलों की स्थापना की तैयारी कर रही है, जहां भूमि क्रय एवं पंजीकरण की प्रक्रिया चल रही है। संभल, शामली, बलिया, सहारनपुर, अमरोहा और चंदौली में प्रस्तावित जेलों के लिए भूमि अधिग्रहण और पंजीकरण की कार्रवाई प्रगति पर है। इनमें से कई परियोजनाओं के लिए शासन स्तर पर करोड़ों रुपये की धनराशि स्वीकृत की जा चुकी है। मालूम हो कि जेलों में अत्यधिक भीड़ सुरक्षा, स्वास्थ्य, स्वच्छता और पुनर्वास संबंधी गतिविधियों को प्रभावित करती है। इसी चुनौती को ध्यान में रखते हुए योगी सरकार ने जेलों की क्षमता बढ़ाने को प्राथमिकता दी है। नई जेलों के निर्माण से न केवल बंदियों को बेहतर आवासीय सुविधाएं मिलेंगी, बल्कि जेल प्रशासन को भी सुरक्षा व्यवस्था और सुधारात्मक कार्यक्रमों के संचालन में सुविधा होगी। योगी सरकार का प्रयास है कि प्रत्येक बंदी को निर्धारित मानकों के अनुरूप रहने की सुविधा मिले तथा जेलों में भीड़भाड़ के कारण उत्पन्न होने वाली समस्याओं को न्यूनतम किया जा सके। इसके लिए नई जेलों का निर्माण, पुराने कारागारों का उन्नयन, अतिरिक्त बैरकों का निर्माण और आधुनिक सुरक्षा संसाधनों की उपलब्धता सुनिश्चित की जा रही है।

  • मुख्यमंत्री योगी बोले- अनियोजित विकास में जमीन किसी दबंग या गुंडे को बिकने पर खड़ी होती थी समस्या, अब नियोजित विकास पर जोर

    मुख्यमंत्री योगी बोले- अनियोजित विकास में जमीन किसी दबंग या गुंडे को बिकने पर खड़ी होती थी समस्या, अब नियोजित विकास पर जोर

     लखनऊ
     मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गुरुवार को कहा कि लखनऊ अब श्रद्धेय अटल जी के सपनों का लखनऊ बनकर विकास की नई बुलंदियों को छू रहा है। पिछली सरकारों की तरह अब लखनऊ में कट्टा और बम नहीं, बल्कि ब्रह्मोस मिसाइल बन रही है। एयरपोर्ट और मेट्रो का विस्तार हो रहा है तथा आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर लखनऊ को नई पहचान दे रहा है।
     
    मुख्यमंत्री योगी ने ₹12 हजार करोड़ से 10,680 एकड़ में विकसित होने वाली लखनऊ विकास प्राधिकरण की वरुण विहार और नैमिष नगर आवासीय योजनाओं का भूमिपूजन करने के साथ भूखंडों के पंजीकरण का शुभारंभ किया। उन्होंने ₹2,166 करोड़ से प्रस्तावित पांच बहुमंजिला अपार्टमेंट का शिलान्यास भी किया। मुख्यमंत्री योगी ने विधि-विधान से भूमिपूजन और पौधरोपण किया। इसके बाद योजनाओं का लेआउट देखकर अधिकारियों को सुझाव दिए।
     
    अनियोजित विकास में दबंगों से भी खड़ी होती थी समस्या
    मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि अनियोजित विकास के परिणाम गलत होते हैं। लोग जहां-तहां जमीन खरीद लेते थे, लेकिन वहां सड़क, बिजली और पानी की व्यवस्था नहीं होती थी। जलभराव से लोगों को नारकीय जीवन व्यतीत करना पड़ता था। जमीन किसी दबंग या गुंडे को बेच दिए जाने पर नई समस्या खड़ी हो जाती थी। इसलिए बढ़ती आबादी के लिए नियोजित शहरी विकास आवश्यक है। गत वर्ष 785 एकड़ में अनंत नगर आवासीय परियोजना को 23 वर्ष बाद आगे बढ़ाया गया और अब दो बड़ी आवासीय परियोजनाएं शुरू हो रही हैं।
     
    वरुण विहार में छह लाख, नैमिष नगर में चार लाख की आबादी
    मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि वरुण विहार 6,500 एकड़ से अधिक क्षेत्रफल में विकसित होगा, जहां छह लाख से अधिक लोगों के लिए आवासीय सुविधा होगी। नैमिष नगर 4,100 एकड़ में विकसित होगा और चार लाख से अधिक लोग इसका लाभ ले सकेंगे। नैमिषारण्य भारत की विरासत का प्रतीक है। शौनक ऋषि के नेतृत्व में 88 हजार ऋषियों ने वहां भारत की ज्ञान विरासत को संरक्षित किया था। इसी आध्यात्मिक और सांस्कृतिक विरासत की स्मृति को जीवंत रखने के लिए नैमिष नगर विकसित किया जा रहा है।
     
    एससीआर से जुड़ेगा छह जिलों का विकास
    मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि लखनऊ को केवल महानगर और जनपद तक सीमित न रखकर स्टेट कैपिटल रीजन के रूप में व्यवस्थित विकास किया जा रहा है। लखनऊ के साथ उन्नाव, हरदोई, सीतापुर, बाराबंकी और रायबरेली के क्षेत्रीय विकास की योजना बनाई जा रही है। विश्वस्तरीय इंफ्रास्ट्रक्चर, पब्लिक मोबिलिटी, शिक्षा, पर्यटन और बेहतर कनेक्टिविटी पर काम होगा।
     
    मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि लखनऊ शिक्षा, हेल्थ केयर, आधुनिक तकनीक और मैन्युफैक्चरिंग के हब के रूप में आगे बढ़ा है। टाटा की ऑटोमोबाइल फैक्ट्री, अशोक लीलैंड का इलेक्ट्रिक व्हीकल मैन्युफैक्चरिंग प्लांट, किसान पथ, ग्रीन कॉरिडोर और आईटी सिटी इसे नई पहचान दे रहे हैं।
     
    किसानों के मुआवजे में नहीं होने देंगे दलाली
    मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि परियोजनाओं में जिन किसानों की जमीन आ रही है, उन्हें अच्छा मुआवजा मिलेगा। कोई दलाली नहीं होने दी जाएगी। एलडीए और किसान के बीच कोई मध्यस्थ नहीं होगा। सीधे बातचीत होगी और मुआवजा जमीन मालिक के खाते में जाएगा।
     
    मुख्यमंत्री योगी ने बताया कि दोना गांव के मुनेश्वर सिंह को ₹3.13 करोड़, रेवरी की रमदेई को ₹2.05 करोड़, कमलेश कुमार को ₹2.80 करोड़ और अब्बास नगर की सुषमा सिंह को ₹2.90 करोड़ मुआवजा मिला। नमरा फातिमा ने मुआवजे से दूसरी जगह जमीन खरीदी और शेष धन से मेडिकल की पढ़ाई की तैयारी करने की बात कही। ओम प्रकाश अवस्थी ने ₹1.96 करोड़ के मुआवजे से डेढ़ बीघा के बदले 16 बीघा जमीन खरीदी और शेष राशि एफडी कर दी।
     
    पूर्वांचल एक्सप्रेसवे से जुड़ेगा वरुण विहार
    मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि लखनऊ से नैमिषारण्य तक फोरलेन कनेक्टिविटी होने जा रही है। आने वाले समय में लखनऊ और नैमिषारण्य के बीच दूरी नहीं रह जाएगी। वरुण विहार के बीच से पूर्वांचल एक्सप्रेसवे की कनेक्टिविटी दी जाएगी।
     
    हर आय वर्ग के लिए आवास
    आवासीय योजनाओं में प्रधानमंत्री आवास योजना, अफोर्डेबल हाउसिंग, ग्रुप हाउसिंग और भूखंडों के साथ विभिन्न आय वर्ग के लिए विकल्प होंगे। शारदा नगर विस्तार और अनंत नगर में बागेश्वरी व अदिति अपार्टमेंट में एक और दो बीएचके आवास बनाए जा रहे हैं। लेक व्यू, पार्क व्यू और ऐशबाग स्क्वायर में तीन बीएचके और तीन बीएचके प्लस स्टडी के विकल्प हैं। इन परियोजनाओं में पारदर्शी लॉटरी से अब तक 1,100 से अधिक आवेदकों को भवन आवंटित किए जा चुके हैं।
     
    विधायकों ने गिनाए विकास कार्य
    सरोजनी नगर विधायक डॉ. राजेश्वर सिंह ने कहा कि मुख्यमंत्री योगी के नेतृत्व में उनके विधानसभा क्षेत्र में 5,700 कार्य और ₹48 हजार करोड़ के कार्य धरातल पर उतर रहे हैं। बख्शी का तालाब विधायक योगेश शुक्ला ने आरोप लगाया कि पिछली सरकारों में एलडीए को किनारे कर सपा पोषित गुंडों और माफिया को प्रॉपर्टी डीलिंग में बढ़ावा दिया गया। अब नैमिष नगर में सड़क, बिजली, पानी और चिकित्सा सुविधाओं के साथ सुरक्षित आवास मिलेगा और लोगों को आवास के लिए माफियाओं व गुंडों के पास नहीं जाना पड़ेगा।
     
    कार्यक्रम में ये रहे मौजूद
    कार्यक्रम में महापौर सुषमा खर्कवाल, राज्यसभा सांसद संजय सेठ, विधान परिषद सदस्य डॉ. महेंद्र कुमार सिंह, विधायक डॉ. नीरज बोरा और विधायक ओ.पी. श्रीवास्तव समेत अन्य जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे।

  • अवैध भवनों को नियमित कराने निकले थे आवेदक, पोर्टल बंद होने से दफ्तरों के चक्कर

    अवैध भवनों को नियमित कराने निकले थे आवेदक, पोर्टल बंद होने से दफ्तरों के चक्कर

    रांची
    राज्य में अवैध भवनों को नियमित करने के लिए शुरू की गई भवन नियमितीकरण योजना राजधानी में आवेदकों के लिए परेशानी का सबब बन गई है। योजना के तहत आवेदन तो ले लिए गए, लेकिन प्रक्रिया आगे बढ़ाने वाला आनलाइन पोर्टल करीब तीन माह से बंद है। इसके कारण राज्यभर से प्राप्त 4500 से अधिक आवेदन अलग अलग नगर निकायों में लंबित हैं।

    आवेदक लगातार नगर निकायों और संबंधित कार्यालयों का चक्कर लगा रहे हैं, लेकिन उन्हें पोर्टल शुरू होने का इंतजार करने को कहा जा रहा है। भवन नियमितीकरण योजना के तहत राज्य सरकार ने अवैध अथवा नियमों के विपरीत बने भवनों को निर्धारित प्रक्रिया के तहत नियमित करने का अवसर दिया है।

    इसके लिए लोगों से आवेदन भी लिए गए। आवेदन जमा होने के बाद संबंधित भवन के दस्तावेज और नक्शे की जांच, आवश्यक प्रक्रिया पूरी करने और नियमितीकरण की कार्रवाई आनलाइन पोर्टल के माध्यम से की जानी है। पोर्टल बंद होने से पूरी प्रक्रिया ही ठप पड़ गई है।

    रांची नगर निगम में 1642, आरआरडीए में 539 आवेदन फंसे
    योजना के तहत रांची नगर निगम में 1642 आवेदन जमा हुए हैं। वहीं रांची क्षेत्रीय विकास प्राधिकार (आरआरडीए) में भी 539 लोगों ने आवेदन किया है। इसके अलावा राज्य के अन्य नगर निकायों में भी बड़ी संख्या में आवेदन आए हैं। आवेदकों को उम्मीद थी कि आवेदन के बाद जल्द ही उनके भवन के नक्शे की जांच और नियमितीकरण की प्रक्रिया आगे बढ़ेगी, लेकिन पोर्टल बंद होने से उन्हें इंतजार करना पड़ रहा है।

    दफ्तरों का चक्कर, अधिकारी भी पोर्टल शुरू होने के इंतजार में
    आवेदक नियमितीकरण की स्थिति जानने के लिए नगर निगम और आरआरडीए कार्यालय पहुंच रहे हैं। वहां उन्हें फिलहाल पोर्टल बंद होने की जानकारी दी जा रही है। अधिकारियों के अनुसार, पोर्टल शुरू होने के बाद ही लंबित आवेदनों की जांच और आगे की कार्रवाई की जा सकेगी।

    इस स्थिति में सबसे अधिक परेशानी उन लोगों को हो रही है, जिन्होंने नियमितीकरण की उम्मीद में आवेदन और निर्धारित शुल्क जमा कर दिया है। उन्हें यह स्पष्ट नहीं है कि उनका आवेदन कब जांच के लिए खुलेगा और कब तक भवन को नियमित करने की प्रक्रिया पूरी होगी।

    पोर्टल पर अटकी पूरी प्रक्रिया
    भवन नियमितीकरण की प्रक्रिया पूरी तरह आनलाइन पोर्टल से जुड़ी है। आवेदन के बाद दस्तावेजों की जांच, अधिकारियों द्वारा उसका निस्तारण और नक्शे को नियमित करने की कार्रवाई पोर्टल के माध्यम से ही होनी है। ऐसे में पोर्टल बंद रहने से आवेदन जमा होने के बावजूद फाइलें आगे नहीं बढ़ पा रही हैं।

    सरकार ने अवैध भवन नियमित करने का दिया था मौका, अब आवेदक कर रहे इंतजार
    राज्य सरकार की इस योजना का उद्देश्य अवैध भवनों को निर्धारित नियमों के तहत नियमित करना था। योजना शुरू होने के बाद बड़ी संख्या में लोगों ने इसका लाभ लेने के लिए आवेदन किया। लेकिन आवेदन जमा होने के बाद पोर्टल लंबे समय तक बंद रहने से पूरी योजना की गति प्रभावित हो गई है।

     

  • बिहार के मॉडल स्कूलों का 30 सितंबर को निरीक्षण, पढ़ाई से लेकर इंफ्रास्ट्रक्चर तक होगी जांच

    बिहार के मॉडल स्कूलों का 30 सितंबर को निरीक्षण, पढ़ाई से लेकर इंफ्रास्ट्रक्चर तक होगी जांच

    पटना
    राज्य में सरस्वती विद्या निकेतन के रूप में संचालित 700 मॉडल स्कूलों के लिए एक-एक नोडल अधिकारी नियुक्त किए जाएंगे। ये अधिकारी विद्यालय को गोद लेकर उसकी शैक्षणिक गतिविधियों, आधारभूत संरचना और शिक्षण व्यवस्था की निगरानी करेंगे। इस संबंध में शिक्षा सचिव राजीव रौशन ने सभी जिलों को निर्देश दिया।

    उन्होंने बुधवार को वर्चुवल मीटिंग में मॉडल स्कूलों की आधारभूत संरचना, शैक्षणिक गुणवत्ता और व्यवस्थाओं की समीक्षा की। बैठक में सभी जिला शिक्षा अधिकारी उपस्थित थे।

    कोचिंग और अन्य शैक्षणिक व्यवस्थाओं की समीक्षा
    उन्होंने बताया कि 30 सितंबर को अधिकारियों की टीम मॉडल स्कूलों का निरीक्षण करेगी। अधिकारी स्कूलों की आधारभूत संरचना, प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए संचालित कोचिंग और अन्य शैक्षणिक व्यवस्थाओं की समीक्षा करेंगे।

    निरीक्षण से संबंधित फोटो एवं वीडियो तैयार कर सोशल मीडिया के विभिन्न प्लेटफार्म पर प्रसारित किए जाएंगे। निरीक्षण के लिए अधिकारियों की जिलावार सूची तैयार की गइ है।

    हर मंगलवार को विषयवार टेस्ट
    प्रगति जांच के लिए हर मंगलवार को विषयवार टेस्ट, एक माह में चार सचिव ने कहा कि मॉडल स्कूलों में विद्यार्थियों के नियमित मूल्यांकन के लिए हर मंगलवार को विषयवार टेस्ट आयोजित किया जाएगा। हर कक्षा के बोर्ड पर प्रश्न लिखे जाएंगे। इसके लिए अलग से प्रश्नपत्र जारी नहीं किया जाएगा।

    एक माह में चार विषयों का टेस्ट लिया जाएगा। शिक्षक उत्तर पुस्तिकाओं की जांच कर विद्यार्थियों को फीडबैक देंगे, ताकि उनकी प्रगति का पता चल सके और आवश्यक सुधार किया जा सके। मंगलवार को अवकाश होने पर बुधवार को टेस्ट आयोजित किया जाएगा।

  • मुख्यमंत्री अभ्युदय योजना समेत प्रशिक्षण केंद्रों के अभ्यर्थियों को मिल रहा नि:शुल्क अवसर

    मुख्यमंत्री अभ्युदय योजना समेत प्रशिक्षण केंद्रों के अभ्यर्थियों को मिल रहा नि:शुल्क अवसर

    यूपीपीएससी-2025 मेंस के सफल अभ्यर्थियों को इंटरव्यू की तैयारी का मॉक मंच, योगी सरकार ने बढ़ाया आत्मविश्वास

    उपाम के आईएएस-पीसीएस अधिकारियों ने लिया मॉक इंटरव्यू, परखी अभ्यर्थियों की तैयारी

    विशेषज्ञों ने बताईं इंटरव्यू की बारीकियां, व्यक्तित्व प्रस्तुति और आत्मविश्वास पर दिया जोर

    मुख्यमंत्री अभ्युदय योजना समेत प्रशिक्षण केंद्रों के अभ्यर्थियों को मिल रहा नि:शुल्क अवसर

    लखनऊ, 
     उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग की यूपीपीसीएस- 2025 मुख्य परीक्षा में सफल अभ्यर्थियों को अब इंटरव्यू की चुनौती के लिए तैयार करने पर योगी सरकार का विशेष फोकस है। इसी क्रम में समाज कल्याण विभाग की ओर से गोमती नगर स्थित भागीदारी भवन में विशेष नि:शुल्क मॉक इंटरव्यू कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में उपाम (उत्तर प्रदेश प्रशासन एवं प्रबंधन अकादमी) से जुड़े आईएएस-पीसीएस अधिकारियों और विषय विशेषज्ञों ने अभ्यर्थियों का मॉक इंटरव्यू लेकर उनकी तैयारियों को परखा।

    मॉक इंटरव्यू के दौरान विशेषज्ञों ने अभ्यर्थियों से विभिन्न विषयों पर सवाल पूछकर उनकी विषयगत समझ, जवाब देने की क्षमता, आत्मविश्वास और व्यक्तित्व प्रस्तुति का आकलन किया। अभ्यर्थियों को वास्तविक साक्षात्कार के माहौल का अनुभव देने के साथ ही इंटरव्यू की बारीकियों से भी अवगत कराया गया। विशेषज्ञों ने उन्हें सवालों का जवाब देते समय संतुलित और स्पष्ट दृष्टिकोण रखने, आत्मविश्वास बनाए रखने तथा अपने व्यक्तित्व को प्रभावी ढंग से प्रस्तुत करने के सुझाव दिए।

    कमियों को पहचानने और सुधारने का मिला अवसर

    मॉक इंटरव्यू का उद्देश्य केवल सवाल-जवाब तक सीमित नहीं रहा, बल्कि अभ्यर्थियों को उनकी तैयारी की वास्तविक स्थिति से परिचित कराना भी रहा। विशेषज्ञों ने बातचीत के दौरान अभ्यर्थियों की कमजोरियों और सुधार की संभावनाओं पर मार्गदर्शन दिया। इससे अभ्यर्थियों को आगामी वास्तविक इंटरव्यू से पहले अपनी कमियों को पहचानने और उनमें सुधार करने का अवसर मिला।

    सभी वर्गों के सफल अभ्यर्थियों के लिए खुला रहा अवसर

    समाज कल्याण विभाग के उप निदेशक आनंद कुमार सिंह ने बताया कि नि:शुल्क मॉक इंटरव्यू में विभिन्न प्रशिक्षण संस्थानों और योजनाओं से जुड़े अभ्यर्थियों को अवसर दिया गया। इसमें छत्रपति शाहू जी महाराज शोध एवं प्रशिक्षण संस्थान, भागीदारी भवन और परीक्षा पूर्व प्रशिक्षण केंद्रों से प्रशिक्षण लेने वाले अभ्यर्थियों के साथ मुख्यमंत्री अभ्युदय योजना के अभ्यर्थियों ने भी हिस्सा लिया। इसके अलावा यूपीपीसीएस- 2025 मुख्य परीक्षा में सफल अभ्यर्थी मॉक इंटरव्यू में शामिल हुए।

  • मानसून की विदाई के साथ बढ़ी गर्मी, गुरुग्राम में 38.2°C; 25 सितंबर से बूंदाबांदी के आसार

    मानसून की विदाई के साथ बढ़ी गर्मी, गुरुग्राम में 38.2°C; 25 सितंबर से बूंदाबांदी के आसार

    हिसार
    औसत से 23 प्रतिशत कम वर्षा के साथ हरियाणा से मानसून की बुधवार को विदाई हो गई। हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड के नजदीक जिला यमुनानगर को छोड़कर लगभग पूरे प्रदेश से मानसून लौट चुका है।

    यमुनानगर में सुबह के समय कोहरा भी छाया रहा। इस मानसून में हरियाणा में 317.5 मिलीमीटर वर्षा दर्ज हुई। प्रदेश में सामान्य वर्षा का आंकड़ा 413 मिलीमीटर है। यानि प्रदेश में सामान्य से 23 प्रतिशत कम वर्षा हुई। पलवल को छोड़कर प्रदेश के सभी जिलों में वर्षा सामान्य से कम रही। कमजोर मानसून का असर कृषि क्षेत्र पर भी पड़ सकता है

    दूसरी तरफ तापमान में कमी न आने से बिजली की खपत भी बढ़ी हुई है। मौसम विशेषज्ञ डॉ. चंद्रमोहन ने बताया कि राजस्थान में बने प्रति चक्रवातीय परिसंचरण के कारण हरियाणा-एनसीआर में पश्चिमी गर्म और शुष्क हवाएं चल रही हैं।

    इससे वातावरण में नमी कम हुई है और दिन के तापमान में बढ़ोतरी हो रही है। बुधवार को तकरीबन सभी जिलों में तापमान में बढ़ोतरी देखने को मिली है।

    गुरुग्राम में 38 डिग्री तापमान
    सबसे अधिकतम तापमान गुरुग्राम का 38.2 डिग्री रहा। 37.4 डिग्री सेल्सियस के साथ फरीदाबाद दूसरे नंबर पर रहा। सभी जिलों का न्यूनतम तापमान 20 से 26 डिग्री सेल्सियस के बीच बना हुआ है। 25 सितंबर को एक कमजोर पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होने से हरियाणा के उत्तरी जिलों में कहीं-कहीं हल्की बूंदाबांदी हो सकती है।

    28 से 30 सितंबर के दौरान भी पश्चिमी विक्षोभ और बंगाल की खाड़ी की मौसम प्रणाली के प्रभाव से उत्तरी व पूर्वी जिलों में मौसम में बदलाव और हल्की वर्षा की संभावना है। मानसून की वापसी के लिए लगातार वर्षा का न होना, निचले वायुमंडल में प्रतिचक्रवात का बनना और हवा में नमी की कमी प्रमुख संकेत माने जाते हैं।

    दस साल बाद ऐसा मानसून
    दस साल पहले भी मानसून कुछ ऐसा बीता था। 2016 में सामान्य से 58 प्रतिशत कम वर्षा हुई थी। हालांकि 2015 का मानसून उससे भी कमजोर रहा था। उस वक्त सामान्य से 126 प्रतिशत कम वर्षा दर्ज की गई थी। तब महज 287.7 मिलीमीटर वर्षा दर्ज की गई थी।

     

  • ‘सपा गुंडे-माफियाओं को पालने-पोषने वाली पार्टी, स्वार्थ के लिए चाहिए सत्ता’: ब्रजेश पाठक

    ‘सपा गुंडे-माफियाओं को पालने-पोषने वाली पार्टी, स्वार्थ के लिए चाहिए सत्ता’: ब्रजेश पाठक

    अखिलेश यादव कुछ भी कर लें, सफल नहीं होंगे- ब्रजेश पाठक

    ‘सपा पूरी तरह डिरेल हो चुकी है, अब दाल गलने वाली नहीं’: अखिलेश पर बरसे डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक

    ‘सपा गुंडे-माफियाओं को पालने-पोषने वाली पार्टी, स्वार्थ के लिए चाहिए सत्ता’: ब्रजेश पाठक

    लखनऊ, 
     उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री बृजेश पाठक ने समाजवादी पार्टी और उसके राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने कहा कि अखिलेश यादव कितनी भी कोशिश कर लें, वह सफल नहीं होंगे। पाठक ने सपा को लेकर कहा कि पार्टी पूरी तरह डिरेल हो चुकी है और उत्तर प्रदेश की जनता उसके राजनीतिक तौर-तरीकों को समझती है।
     
    ‘अखिलेश यादव कितनी भी कोशिश कर लें, सफल नहीं होंगे’

    ब्रजेश पाठक ने कहा कि यूपी की जनता जानती है कि ये लोग गुंडे, बदमाश और माफियाओं को पालने-पोषने वाले लोग हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि सपा को सत्ता केवल अपने स्वार्थ के लिए चाहिए।

    ‘अब सपा की दाल गलने वाली नहीं है’
    डिप्टी सीएम ने प्रदेश में भाजपा सरकार के कामकाज का जिक्र करते हुए कहा, “आज यूपी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में विकास की राह पर चल रहा है। उत्तर प्रदेश विकसित प्रदेश की तरफ बढ़ रहा है। अब सपा की दाल गलने वाली नहीं है।”

    सपा पर तुष्टीकरण की राजनीति का आरोप
    ब्रजेश पाठक ने सपा पर जाति और धर्म के नाम पर राजनीति करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि सपा के लोग जाति-धर्म के नाम पर मुस्लिम तुष्टीकरण की राजनीति करते रहे हैं, जबकि भाजपा सर्वसमाज की बात करती है। उन्होंने कहा कि भाजपा “सबका साथ, सबका विकास, सबके विश्वास” के आधार पर जन-जन को जोड़ती है।

  • चंडीगढ़ की वोटर लिस्ट में बड़ी कमी, 1,99,596 मतदाता घटने पर उठे सवाल

    चंडीगढ़ की वोटर लिस्ट में बड़ी कमी, 1,99,596 मतदाता घटने पर उठे सवाल

    चंडीगढ़.

    विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के बाद अंतिम मतदाता सूची जारी होने के बाद 1,99,596 मतदाताओं की संख्या कम होना अब राजनीतिक मुद्दा बन गया है। लोकसभा सांसद मनीष तिवारी ने मुख्य निर्वाचन अधिकारी (सीईओ) प्रेरणा पुरी को पत्र लिखकर एसआईआर पर सवाल उठाए हैं।

    साथ हीवार्डवार और मतदातावार पूरा ब्योरा सार्वजनिक करने की मांग की है। तिवारी ने अपने पत्र में कहा है कि एक जून 2024 से 22 सितंबर 2026 तक चंडीगढ़ की मतदाता सूची में 1,99,596 मतदाताओं की कमी आई है। उनका कहना है कि इतनी बड़ी संख्या में नाम कम होने के बावजूद अभी तक यह स्पष्ट नहीं किया गया है कि किन मतदाताओं के नाम किस कारण से हटाए गए हैं।

    तीन स्तर पर मांगी जानकारी
    सांसद ने सीईओ से एक जून 2024 से अब तक हटाए गए अथवा अंतिम सूची में शामिल नहीं किए गए सभी मतदाताओं की वार्डवार पूरी जानकारी मांगी है। इसमें मतदाता का नाम, वार्ड और बूथ नंबर, ईपीआइसी नंबर, नाम हटाए जाने की तारीख और दर्ज कारण शामिल करने को कहा गया है।

    एसआईआर के बाद 1.99 लाख मतदाता घटे
    विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के बाद मंगलवार को अंतिम मतदाता सूची प्रकाशित होने के साथ ही इसे लेकर राजनीतिक बहस तेज हो गई है। कांग्रेस सांसद मनीष तिवारी ने सोशल मीडिया एक्स पर पोस्ट कर मतदाता संख्या में आई कमी पर सवाल उठाए हैं। तिवारी के अनुसार, 1 जून 2024 से 22 सितंबर 2026 के बीच चंडीगढ़ में मतदाताओं की संख्या 1,99,596 घट गई, जो कुल मतदाताओं का 30.26 प्रतिशत है। उन्होंने इतनी बड़ी कमी के कारण सार्वजनिक करने की मांग की है।

    डुप्लीकेट और स्थानांतरित मतदाताओं का ब्योरा मांगा
    तिवारी ने कहा कि हटाए गए नामों में कितने डुप्लीकेट, कितने स्थानांतरित और कितने अन्य कारणों से सूची से बाहर हुए, यह स्पष्ट होना चाहिए। उन्होंने निर्वाचन आयोग से श्रेणीवार जानकारी सार्वजनिक करने की मांग की। उन्होंने सवाल किया कि यदि हटाए गए मतदाता डुप्लीकेट थे तो अब किस स्थान पर पंजीकृत हैं। वहीं, यदि कोई फर्जी या घोस्ट वोटर था तो उसके नाम भी सार्वजनिक किए जाने चाहिए।

    दस्तावेज नहीं होने पर नाम हटने का सवाल
    तिवारी ने यह भी पूछा कि कहीं निर्धारित दस्तावेज उपलब्ध नहीं होने के कारण गरीब या अन्य मतदाताओं के नाम तो नहीं हटे। उन्होंने कहा कि हटाए गए मतदाताओं के नाम, पते और नाम हटाने के कारण सार्वजनिक होने से स्थिति स्पष्ट होगी। एसआईआर का उद्देश्य मृत, स्थानांतरित, डुप्लीकेट और अपात्र प्रविष्टियों की पहचान कर मतदाता सूची को अद्यतन करना है। 

  • समाजवादी पार्टी के मंच से धकिया दिए जाते हैं पिछड़ा समाज के नेता: अखिलेश पर बरसे संजय निषाद

    समाजवादी पार्टी के मंच से धकिया दिए जाते हैं पिछड़ा समाज के नेता: अखिलेश पर बरसे संजय निषाद

    अखिलेश मल्लाह समाज के बेटे को विधान परिषद का नेता बनाते तो वह निषाद समाज की आवाज उठाता: मंत्री संजय निषाद

    अखिलेश यादव को M से केवल एक वर्ग दिखता है, मल्लाह नहीं दिखता: संजय निषाद

    समाजवादी पार्टी के मंच से धकिया दिए जाते हैं पिछड़ा समाज के नेता: अखिलेश पर बरसे संजय निषाद

    सपा को सहयोगी के रूप में केवल दल दिखते हैं, लेकिन उनके दिल में जगह नहीं: संजय निषाद

     लखनऊ
     उत्तर प्रदेश सरकार में कैबिनेट मंत्री और निषाद पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष संजय निषाद ने सपा प्रमख अखिलेश यादव के PDA फॉर्मूले पर तीखा निशाना साधा है। संजय निषाद ने कहा है कि सपा का पीडीए फॉर्मूला एक ढकोसला है। सपा अपने परंपरागत मुस्लिम-यादव (M-Y) समीकरण में से केवल M को फायदा पहुंचा रही है। दरअसल एक दिन पहले ही समाजवादी पार्टी ने विधान परिषद में अपना नेता मोहम्मद जासमीर अंसारी को बनाया है।

    निषाद ने सपा पर पिछड़ा समाज के अपमान का भी आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि सपा के मंच से निषाद समाज और राजभर समाज के नेता धकिया दिए जाते हैं। किसी अन्य जाति के नेताओं का फोटो, पोस्टर और विजन नहीं दिखता है। महाभारत में अर्जुन के रथ में सभी घोड़ों को बराबर जगह दी गई थी, तब ही जाकर अर्जुन को जीत मिल पाई थी। अखिलेश यादव को तो केवल M दिखाई देते हैं, मल्लाह नहीं दिखाई देते हैं। अगर मल्लाह के बेटे को विधान परिषद का नेता बनाया होता तो वह निषाद समाज के लोगों की आवाज उठाता। 

    ‘जो पीड़ित है, वही पीडीए है’ फॉर्मूले पर भड़के संजय  
    अखिलेश यादव ने नारा दिया है कि जो पीड़ित है, वही पीडीए है। इस पर संजय निषाद ने कहा कि पीड़ित, दुखी, अपमानित सभी लोग एनडीए के साथ हैं। समाजवादी पार्टी केवल पीडीए समाज को ठगना चाहती है। निषाद ने कहा कि 07 जून 2015 को रेल आंदोलन हुआ था उसमें निषादों पर गोली सपा सरकार ने चलवाई थी। रेलवे की भूमि केंद्र सरकार से संबंधित थी, उसमें राज्य सरकार को गोली चलवानी ही नहीं चाहिए थी। लेकिन निषादों पर गोली चली, मेरा भाई मारा गया। निषादों पर बहुत अत्याचार हुआ। 

    निषाद-कश्यप एकता मंच का किया जिक्र
    संजय निषाद ने कहा कि मनोहर लाल निषाद और पूर्व मुख्यमंत्री कल्याण सिंह ने निषाद-कश्यप एकता मंच बनाया था। मनोहर जी के बेटे राम कुमार जी हैं। कहां हैं, कोई पता ही नहीं चलता है। कहीं नेपथ्य में चले गए। सपा को केवल दल दिखते हैं लेकिन उनके दिल में जगह नहीं है। समाजवादी पार्टी में पिछड़ा समाज केवल दरी बिछाने के लिए है।

  • गर्मी के चलते स्कूल टाइमिंग बढ़ाने की मांग, 2022-24 में भी 16 अक्टूबर से बदला था समय

    गर्मी के चलते स्कूल टाइमिंग बढ़ाने की मांग, 2022-24 में भी 16 अक्टूबर से बदला था समय

    जयपुर
    राजस्थान के सरकारी स्कूलों में एक अक्टूबर 2026 से शीतकालीन समय लागू होना प्रस्तावित है। इसके तहत एक पारी में संचालित विद्यालयों का समय सुबह 10 बजे से शाम 4 बजे तक किया जाना है। वहीं, वर्तमान में एक पारी वाले स्कूलों का संचालन सुबह 7:30 बजे से दोपहर 1 बजे तक किया जा रहा है। हालांकि, समय परिवर्तन की तारीख नजदीक आने से पहले ही शिक्षक संगठनों ने इसे आगे बढ़ाने की मांग उठानी शुरू कर दी है।

    अखिल भारतीय राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ (विद्यालय शिक्षा), राजस्थान ने शिक्षा मंत्री को पत्र भेजकर मांग की है कि एक अक्टूबर के बजाय 16 अक्टूबर 2026 से विद्यालयों का समय बदला जाए। महासंघ का कहना है कि अक्टूबर के पहले पखवाड़े में प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में गर्मी का असर बना रहता है। ऐसे में सुबह के समय स्कूल शुरू करने की बजाय दोपहर तक चलने वाला वर्तमान समय विद्यार्थियों के लिए अधिक सुविधाजनक हो सकता है।

    छोटे बच्चों और ग्रामीण विद्यार्थियों का हवाला
    महासंघ ने अपनी मांग के पीछे विद्यार्थियों की सुविधा, सुरक्षा और स्वास्थ्य को प्रमुख आधार बनाया है। संगठन के पदाधिकारियों का कहना है कि यदि एक अक्टूबर से स्कूल सुबह 10 बजे से शाम 4 बजे तक संचालित होते हैं तो प्राथमिक कक्षाओं के छोटे बच्चों को दोपहर बाद घर लौटना पड़ेगा। ग्रामीण क्षेत्रों से आने वाले विद्यार्थियों के लिए भी गर्म मौसम में यह व्यवस्था परेशानी पैदा कर सकती है।

    पहले भी बदली जा चुकी है समय परिवर्तन की तारीख
    राजस्थान में एक अक्टूबर से शीतकालीन समय लागू करने की व्यवस्था शिविरा पंचांग में निर्धारित रही है। सामान्य तौर पर एक पारी वाले स्कूलों का समय इस अवधि में सुबह 10 बजे से शाम 4 बजे तक रहता है। हालांकि, पिछले वर्षों में अक्टूबर की शुरुआत में तापमान अधिक रहने के कारण समय परिवर्तन की तारीख आगे बढ़ाई गई थी। वर्ष 2024 में भी गर्मी को देखते हुए ग्रीष्मकालीन समय 15 अक्टूबर तक बढ़ाया गया और 16 अक्टूबर से सुबह 10 बजे से शाम 4 बजे तक शीतकालीन समय लागू किया गया था।

    अब शिक्षा विभाग के फैसले पर नजर
    इस बार भी मौसम को देखते हुए शिक्षक संगठनों ने समय परिवर्तन की तारीख आगे बढ़ाने की मांग की है। फिलहाल 2026-27 के शैक्षणिक कैलेंडर में एक अक्टूबर से समय परिवर्तन का प्रावधान बताया गया है।
    ऐसे में अब निगाहें शिक्षा विभाग के अगले आदेश पर हैं। यदि विभाग शिक्षक संगठनों की मांग पर विचार करता है तो स्कूलों का वर्तमान प्रातःकालीन समय अक्टूबर के मध्य तक जारी रह सकता है। वहीं, यदि कोई संशोधित आदेश जारी नहीं होता है तो निर्धारित व्यवस्था के अनुसार एक अक्टूबर से स्कूलों का समय सुबह 10 बजे से शाम 4 बजे तक हो जाएगा।

    पिछले चार वर्षों में से तीन बार 16 अक्टूबर से बदला था स्कूल टाइमिंग
    पिछले चार वर्षों यानी 2022 से 2025 तक राजस्थान में स्कूलों के समय में अक्टूबर के दौरान बदलाव की स्थिति देखें तो एक पैटर्न साफ दिखाई देता है। सामान्य व्यवस्था के अनुसार 1 अक्टूबर से शीतकालीन समय लागू होता है और एक पारी के स्कूल सुबह 10 बजे से शाम 4 बजे तक संचालित होते हैं। लेकिन 2022, 2023 और 2024 में गर्मी के कारण समय परिवर्तन को आगे बढ़ाया गया था। 2025 के शिविरा पंचांग में 1 अक्टूबर से ही स्कूलों का समय बदला गया।

    2022 में 1 अक्टूबर का बदलाव टला, 16 अक्टूबर से लागू
    शिविरा पंचांग के अनुसार 1 अक्टूबर 2022 से स्कूलों का समय सुबह 10 बजे से शाम 4 बजे किया जाना था। लेकिन मौसम की असामान्य परिस्थितियों को देखते हुए शिक्षा विभाग ने समय परिवर्तन को 15 अक्टूबर तक स्थगित कर दिया। इस दौरान स्कूल सुबह 7:30 बजे से दोपहर 1 बजे तक चलते रहे। 16 अक्टूबर को रविवार होने के कारण वास्तविक रूप से स्कूलों में नया समय 17 अक्टूबर 2022 से लागू हुआ।

    2023 में भी 1 अक्टूबर की जगह 16 अक्टूबर से बदलाव
    2023 में भी गर्मी के कारण स्कूलों का समय 1 अक्टूबर से नहीं बदला गया। शिक्षा विभाग ने शीतकालीन समय 16 अक्टूबर 2023 से लागू किया। इसके बाद एक पारी वाले स्कूल सुबह 10 बजे से शाम 4 बजे तक संचालित होने लगे। दो पारी वाले स्कूलों में पहली पारी सुबह 7:30 बजे से दोपहर 12:30 बजे और दूसरी पारी दोपहर 12:30 बजे से शाम 5:30 बजे तक रखी गई।

    2024 में भी 1 अक्टूबर से बदलाव नहीं हुआ
    2024 में भी यही स्थिति बनी। शिविरा कैलेंडर के अनुसार 1 अक्टूबर से शीतकालीन समय लागू होना था, लेकिन गर्मी को देखते हुए शिक्षा विभाग ने इसे 15 अक्टूबर तक टाल दिया। इस दौरान स्कूल सुबह 7:30 बजे से दोपहर 1 बजे तक चलते रहे। शीतकालीन समय 16 अक्टूबर 2024 से लागू किया गया और एक पारी के स्कूलों का समय सुबह 10 बजे से शाम 4 बजे कर दिया गया।

    लेकिन 2025 में एक अक्टूबर से ही हुआ था स्कूलों का समय परिवर्तन
    2025-26 के शिविरा पंचांग में स्पष्ट रूप से 1 अक्टूबर 2025 को विद्यालय समय परिवर्तन की तारीख निर्धारित की गई थी। इसके अनुसार एक पारी के स्कूलों का समय सुबह 10 बजे से शाम 4 बजे और दो पारी वाले स्कूलों का समय सुबह 7:30 बजे से शाम 5:30 बजे तक निर्धारित था। उपलब्ध पंचांग में 1 अक्टूबर को ही समय परिवर्तन दर्ज है।