Category: राज्य

  • PM श्री और आवासीय स्कूलों की होगी जांच, पढ़ाई से लेकर सुरक्षा तक परखेंगे अधिकारी

    PM श्री और आवासीय स्कूलों की होगी जांच, पढ़ाई से लेकर सुरक्षा तक परखेंगे अधिकारी

    बीकानेर
     सरकारी स्कूलों में व्यवस्थाओं की निगरानी अब सिर्फ रिपोर्ट और पोर्टल तक सीमित नहीं रहेगी। शिक्षा विभाग ने 41 वरिष्ठ प्रशासनिक एवं विभागीय अधिकारियों को जिलों का प्रभारी बनाकर उन्हें नियमित रूप से स्कूलों का निरीक्षण करने की जिम्मेदारी दी है।

    अफसर मौके पर स्कूल की व्यवस्थाएं, सुरक्षा, नामांकन और बच्चों के सीखने का स्तर देखेंगे। स्थानीय स्तर पर समाधान योग्य कमी मिली, तो उसे मौके पर ही संबंधित अधिकारियों से समन्वय कर दूर कराने पर जोर रहेगा।

    बीकानेर जिले की जिम्मेदारी डॉ. नरेन्द्र चौधरी को सौंपी गई है, जबकि जयपुर का जिम्मा कानाराम मीना को दिया गया है। स्कूल शिक्षा एवं भाषा, पुस्तकालय व पंचायतीराज (प्रारंभिक शिक्षा) विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव राजेश यादव के आदेश के तहत यह व्यवस्था लागू की गई है।

    हर दौरे में पीएम श्री और आवासीय स्कूल होंगे एजेंडे में
    प्रत्येक निरीक्षण के दौरान कम से कम दो पीएम श्री और दो आवासीय विद्यालयों का निरीक्षण करना होगा। इसके अलावा अन्य विद्यालयों की व्यवस्थाओं की भी समीक्षा की जाएगी। पेयजल की उपलब्धता, छात्र-छात्राओं के लिए अलग और क्रियाशील शौचालय, स्कूल भवन की स्थिति और शैक्षणिक वातावरण प्रमुख जांच बिंदु होंगे। पीएम श्री और कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालयों में स्वीकृत क्षमता के मुकाबले नामांकन की स्थिति भी देखी जाएगी।

    जर्जर भवन पर अब सिर्फ रिपोर्ट नहीं, लाल ‘एक्स’ भी
    असुरक्षित या जर्जर घोषित स्कूल भवनों और कमरों को लेकर निरीक्षण में विशेष सख्ती रहेगी। ऐसे भवन या कमरों पर तत्काल ताला लगाने और दरवाजे पर लाल रंग से ‘एक्स’ का निशान लगाने के निर्देश दिए गए हैं। इसके बाद प्राथमिकता के आधार पर उनके ध्वस्तीकरण की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जाएगी। कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालयों में छात्राओं की सुरक्षा, सीसीटीवी, भवन और शौचालयों की स्थिति भी जांची जाएगी। स्कूल परिसर में संचालित सह-स्थित आंगनवाड़ी केंद्रों के भवनों की सुरक्षा भी निरीक्षण का हिस्सा होगी।

    स्कूल की जमीन से लेकर कबाड़ तक पर नजर
    जिला प्रभारी ‘हरियालो राजस्थान’ अभियान के तहत स्कूलों में पौधरोपण और हरियाली की स्थिति देखेंगे। जिन सरकारी स्कूलों के पास भूमि का पट्टा नहीं है, वहां पट्टा दिलाने की कार्रवाई की प्रगति भी जांची जाएगी। स्कूल परिसरों में पड़ी अनुपयोगी सामग्री और कबाड़ के नियमानुसार नीलामी अथवा निस्तारण की स्थिति भी देखी जाएगी। शिक्षकों के नवाचारों को प्रोत्साहित करने तथा चित्रकला, निबंध जैसी प्रतियोगिताओं की गतिविधियों को पोर्टल पर फोटो-वीडियो सहित अपलोड कराने पर भी निगरानी रहेगी

    बच्चों की पढ़ाई भी परखी जाएगी
    निरीक्षण में यह भी देखा जाएगा कि स्कूल में सुविधाएं उपलब्ध होने के साथ बच्चों के सीखने का वास्तविक स्तर क्या है। जिला प्रभारियों को निर्देश दिए गए हैं कि निरीक्षण के दौरान सामने आने वाली ऐसी समस्याएं, जिनका समाधान स्थानीय स्तर पर संभव है, उन्हें लंबित नहीं रखा जाए। संबंधित अधिकारियों से समन्वय कर मौके पर ही समाधान कराने का प्रयास किया जाए।

  • सतीश पूनिया को पंजाब-जम्मू-कश्मीर का प्रभार, बिप्लब देब बने MP प्रभारी

    सतीश पूनिया को पंजाब-जम्मू-कश्मीर का प्रभार, बिप्लब देब बने MP प्रभारी

    चंडीगढ़
     भाजपा के संगठनात्मक फेरबदल में हरियाणा की राजनीतिक और संगठनात्मक ताकत का प्रभाव राष्ट्रीय स्तर पर दिखाई दिया है। पार्टी हाईकमान ने हरियाणा से जुड़े कई नेताओं को दूसरे राज्यों में महत्वपूर्ण संगठनात्मक जिम्मेदारियां सौंपी हैं।

    हरियाणा से राज्यसभा सदस्य और भाजपा के राष्ट्रीय महामंत्री संजय भाटिया को राजस्थान का प्रभारी बनाया गया है। वहीं, राज्यसभा सदस्य रेखा शर्मा को तेलंगाना का सह प्रभारी नियुक्त किया गया है। हरियाणा भाजपा के निवर्तमान प्रभारी डा. सतीश पूनिया को पंजाब और जम्मू-कश्मीर का प्रभार दिया गया है। संजय भाटिया की नई जिम्मेदारी को हरियाणा के लिहाज से खास माना जा रहा है।

    करनाल लोकसभा क्षेत्र से सांसद रह चुके भाटिया ने 2024 के लोकसभा चुनाव में पूर्व मुख्यमंत्री मनोहर लाल के लिए अपनी सीट छोड़ी थी। इसके बाद उन्हें हरियाणा से राज्यसभा सदस्य बनाया गया, जिसके बाद भाजपा के राष्ट्रीय संगठन में महत्वपूर्ण भूमिका मिली।

    अब राजस्थान जैसे बड़े राज्य का प्रभारी बनाया गया है। राज्यसभा सदस्य रेखा शर्मा को तेलंगाना का सह प्रभारी बनाया है। इस फेरबदल ने हरियाणा भाजपा के कई नेताओं को प्रदेश की सीमाओं से बाहर संगठन खड़ा करने की जिम्मेदारी दी है।

    राष्ट्रीय स्तर पर हरियाणा के नेताओं की संगठनात्मक भूमिका
    हरियाणा भाजपा के प्रभारी रह चुके त्रिपुरा के पूर्व मुख्यमंत्री बिप्लब कुमार देब को मध्य प्रदेश का प्रभारी बनाया गया है। पूर्व प्रभारी रहे विनोद तावड़े को उप्र प्रभारी बनाया है। निवर्तमान हरियाणा प्रभारी डा. सतीश पूनिया को पंजाब व जम्मू-कश्मीर की जिम्मेदारी दी गई है।

    भाजपा में दायित्व परिवर्तन स्वाभाविक प्रक्रिया: मुख्यमंत्री
    नायब सिंह सैनी ने स्मृति ईरानी को हरियाणा का प्रभारी, डॉ. भोला सिंह को सह प्रभारी व सांसद संजय भाटिया को राजस्थान का प्रभारी बनाए जाने पर पार्टी हाईकमान का आभार जताया है।

    गुप्ता ने ईरानी और भोला सिंह की संगठनात्मक क्षमता सराही
    प्रदेश अध्यक्ष डॉ. अर्चना गुप्ता ने नए प्रभारी और सह प्रभारी की नियुक्ति का स्वागत किया। उन्होंने कहा कि नए प्रभारी और सह प्रभारी के अनुभव से प्रदेश संगठन को नई ऊर्जा और दिशा मिलेगी।

     

  • गोंड से मधुबनी और भील से पिथौरा तक, ‘लोकधारा’ में एक मंच पर आएंगी देश की पारंपरिक कला शैलियां

    गोंड से मधुबनी और भील से पिथौरा तक, ‘लोकधारा’ में एक मंच पर आएंगी देश की पारंपरिक कला शैलियां

    राम-रामायण, लोकधारा और गंगा के रंगों से सजेगा यूपी, तीन प्रमुख कला शिविरों में जुटेंगे देशभर के कलाकार

    अयोध्या में राम-रामायण से लेकर काशी में गंगा और लखनऊ में लोकधारा तक, यूपी में होंगे तीन बड़े कला आयोजन

    गोंड से मधुबनी और भील से पिथौरा तक, ‘लोकधारा’ में एक मंच पर आएंगी देश की पारंपरिक कला शैलियां

    काशी की गंगा बनेगी कलाकारों की प्रेरणा, ‘काशी फ्लो’ में कला के जरिए दिखेगी जीवंत विरासत

    लखनऊ,
     योगी सरकार उत्तर प्रदेश की समृद्ध कला, संस्कृति और जीवंत परंपराओं को नई पीढ़ी से जोड़ने के साथ देशभर के कलाकारों को एक मंच पर लाने की विशेष तैयारी कर रही है। इसके लिए अयोध्या, लखनऊ और वाराणसी में तीन प्रमुख कला कार्यशालाओं और शिविरों का आयोजन किया जाएगा। इन कार्यक्रमों में राम और रामायण की सांस्कृतिक परंपरा, लोक एवं पारंपरिक चित्रकला तथा काशी व गंगा की आध्यात्मिक-सांस्कृतिक विरासत को कला के माध्यम से प्रस्तुत किया जाएगा। राज्य ललित कला अकादमी और विभिन्न शैक्षणिक संस्थानों के सहयोग से होने वाले इन आयोजनों में वरिष्ठ कलाकारों के साथ युवा कलाकारों और कला विद्यार्थियों को भी सीखने/संवाद करने का अवसर मिलेगा।

    अयोध्या में 22 से 26 अक्टूबर तक डॉ. राम मनोहर लोहिया अवध विश्वविद्यालय के सहयोग से राम की पैड़ी/गुप्तार घाट पर ‘राम, रामायण और अयोध्या’ राष्ट्रीय कार्यशाला एवं व्याख्यान श्रृंखला होगी, जिसमें 25 कलाकारों और 10 विशेषज्ञों की भागीदारी होगी। कार्यक्रम के माध्यम से राम, रामायण और अयोध्या की सांस्कृतिक विरासत को प्रस्तुत किया जाएगा, जिससे कलाकारों और विशेषज्ञों के साथ नई पीढ़ी भी अयोध्या की जीवंत सांस्कृतिक परंपरा को समझ सके।

    लखनऊ में 18 से 22 नवंबर तक राज्य ललित कला अकादमी की ओर से ‘लोकधारा’ लोक एवं पारंपरिक कला शिविर आयोजित किया जाएगा। इसका उद्देश्य देश की लोक और पारंपरिक कला को जीवंत मंच देना है, जहां प्रसिद्ध कलाकार, युवा विद्यार्थी और कला प्रेमी साथ आकर पारंपरिक कलाओं को समझें, उनका अभ्यास करें और उन्हें आगे बढ़ाने की दिशा में काम करें। शिविर में पद्मसम्मानित कलाकारों, राष्ट्रीय पुरस्कार प्राप्त कलाकारों और पारंपरिक कला के वरिष्ठ कलाकारों के साथ करीब 35 से 40 लोक एवं पारंपरिक कला साधकों की भागीदारी होगी। लखनऊ और आसपास के संस्थानों के 25 चयनित वरिष्ठ कला विद्यार्थी भी इसमें शामिल होंगे। 

    ‘लोकधारा’ में लाइव कला निर्माण और प्रदर्शन, वरिष्ठ कलाकारों के साथ सीधा संवाद, तकनीक सीखने, अभ्यास और मार्गदर्शन पर विशेष जोर रहेगा। प्रस्तावित प्रतिभागियों में गोंड, भील, गोदना, पिथौरा, राजस्थानी, कोहबर और मधुबनी जैसी विभिन्न लोक एवं पारंपरिक कला शैलियों से जुड़े कलाकार शामिल हैं। पद्मदुर्गाबाई, पद्मभूरीबाई, पद्मशिवम पासवान, पद्मपरेश रावुआ, पद्ममहावीर स्वामी व पद्मश्याम शर्मा जैसे वरिष्ठ कलाकारों के साथ देश के विभिन्न हिस्सों के कलाकारों और उत्तर प्रदेश के युवा कलाकारों की भागीदारी होगी। इस शिविर का फोकस परंपरा को केवल प्रदर्शित करने के बजाय उसे नई पीढ़ी तक पहुंचाने और समकालीन संदर्भ में उसकी प्रासंगिकता समझाने पर रहेगा।

    पांच दिवसीय ‘लोकधारा’ में 18 नवंबर को उद्घाटन और स्टूडियो की शुरुआत के साथ कलाकारों का परिचय और कला निर्माण शुरू होगा। 19 नवंबर को वरिष्ठ कलाकारों का लाइव प्रदर्शन और तकनीकी संवाद, 20 नवंबर को मास्टरक्लास, रचनात्मक अभ्यास और मार्गदर्शन, 21 नवंबर को पारंपरिक तकनीकों पर प्रदर्शन, सवाल-जवाब और व्यावहारिक सीख का आयोजन होगा। 22 नवंबर को अंतिम कला प्रदर्शन, प्रदर्शनी की झलक और समापन होगा। इस आयोजन के लिए लखनऊ विश्वविद्यालय के ललित कला संकाय, डॉ. शकुंतला मिश्रा राष्ट्रीय पुनर्वास विश्वविद्यालय के ललित कला विभाग, एमिटी विश्वविद्यालय लखनऊ, गोयल इंस्टीट्यूट ऑफ हायर स्टडीज, टेक्नो इंस्टीट्यूट ऑफ हायर स्टडीज और वामसी इंस्टीट्यूट ऑफ फाइन आर्ट्स एंड डिजाइन समेत कई संस्थानों का सहयोग होगा। 

    वाराणसी में गंगा तट पर दिसंबर 2026 के दूसरे सप्ताह में चार दिवसीय ‘काशी फ्लो’ अंतरराष्ट्रीय कला शिविर एवं प्रदर्शनी होगी, जिसे गंगा महासभा और राज्य ललित कला अकादमी उत्तर प्रदेश के संयुक्त सहयोग से आयोजित किया जाएगा। इसका उद्देश्य उत्तर प्रदेश की आध्यात्मिक और सांस्कृतिक विरासत, गंगा, काशी और यहां की जीवंत परंपराओं को कला के माध्यम से अभिव्यक्त और दस्तावेज तैयार करना है। आयोजन में देश के अलग-अलग हिस्सों से कलाकारों की भागीदारी होगी, जिनमें वाराणसी, वृंदावन, देहरादून, मथुरा, दिल्ली, जयपुर, भोपाल, ओडिशा, लखीमपुर, सिरसा, मऊ, मेरठ और अन्य स्थानों के कलाकार शामिल हैं। 

    ‘काशी फ्लो’ के जरिए देश और विदेश के कलाकारों को उत्तर प्रदेश की विरासत, उसके संरक्षण और सांस्कृतिक समृद्धि को कला की भाषा में समझने और प्रस्तुत करने का अवसर देने की परिकल्पना की गई है। आयोजन में कला, आध्यात्मिकता, विरासत, लोगों और गंगा के बीच संबंध को केंद्र में रखा जाएगा। इसके जरिए अयोध्या के राम मंदिर और राम परंपरा, काशी विश्वनाथ धाम और प्रयागराज की कुंभ परंपरा जैसे उत्तर प्रदेश के प्रमुख सांस्कृतिक प्रतीकों से जुड़ी विरासत को रचनात्मक अभिव्यक्ति देने का प्रयास होगा। कार्यक्रम को भविष्य के लिए रचनात्मक संवाद और जीवंत विरासत के संरक्षण का मंच बनाने की परिकल्पना है।

    पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह ने बताया कि उत्तर प्रदेश की कला और संस्कृति केवल हमारी पहचान नहीं, बल्कि हमारी आने वाली पीढ़ियों के लिए एक अमूल्य विरासत है। प्रदेश सरकार का प्रयास है कि इस विरासत को संग्रहालयों और अभिलेखों तक सीमित रखने के बजाय उसे कलाकारों, विद्यार्थियों और आम लोगों के जीवन से जोड़ा जाए। उन्होंने बताया अयोध्या में राम और रामायण की सांस्कृतिक परंपरा, लखनऊ में लोक एवं पारंपरिक कलाओं और वाराणसी में गंगा तथा काशी की आध्यात्मिक विरासत को केंद्र में रखकर आयोजित होने वाले ये कला शिविर इसी सोच का हिस्सा हैं। हमारा लक्ष्य वरिष्ठ और प्रसिद्ध कलाकारों के अनुभव को युवा प्रतिभाओं तक पहुंचाना, पारंपरिक कला विधाओं को समकालीन संदर्भ में आगे बढ़ाना और उत्तर प्रदेश की जीवंत सांस्कृतिक विरासत को देश-दुनिया के सामने नई रचनात्मक भाषा में प्रस्तुत करना है। 

    अपर मुख्य सचिव (पर्यटन, संस्कृति एवं धर्मार्थ कार्य विभाग) अमृत अभिजात ने बताया कि इन तीनों आयोजनों का व्यापक उद्देश्य परंपरा, रचनात्मकता और नई पीढ़ी के बीच निरंतर संवाद तैयार करना है। ‘लोकधारा’ से जहां पारंपरिक कला में नए कलाकारों को व्यावहारिक प्रशिक्षण, वरिष्ठ कलाकारों से सीधा सीखने और नई कलाकृतियां तैयार करने का अवसर मिलेगा, वहीं कला तकनीकों और प्रक्रियाओं का दस्तावेजीकरण भी किया जाएगा। कलाकारों, शिक्षण संस्थानों और समुदाय के बीच मजबूत सहयोग विकसित करने के साथ इसे भविष्य में वार्षिक आयोजन के रूप में आगे बढ़ाने की संभावना भी रखी गई है। इसी तरह अयोध्या और वाराणसी के आयोजन कला के माध्यम से प्रदेश की जीवंत विरासत को नई पीढ़ी और व्यापक कला समुदाय तक पहुंचाने की दिशा में काम करेंगे। इन पहलों के जरिए उत्तर प्रदेश में कला, विरासत, सीख और रचनात्मकता को जोड़ते हुए ‘हमारी संस्कृति, हमारी ताकत’ की भावना को नई दिशा देने की कोशिश की जाएगी।

  • ‘ठेकेदार सक्षम युवा योजना’ में 8 हजार युवाओं को प्रशिक्षण, 25 लाख तक के काम का मौका

    ‘ठेकेदार सक्षम युवा योजना’ में 8 हजार युवाओं को प्रशिक्षण, 25 लाख तक के काम का मौका

     चंडीगढ़
     हरियाणा में इंजीनियरिंग की डिग्री या डिप्लोमा करने वाले युवा अब सरकारी विभागों में ठेकेदार बन सकेंगे। कांट्रेक्टर सक्षम युवा योजना के तहत इस साल आठ हजार युवाओं को सरकार के स्तर पर तीन महीने का प्रशिक्षण दिलाया जाएगा।
    ट्रेनिंग और मूल्यांकन पूरा करने वाले युवाओं काे हरियाणा इंजीनियरिंग वर्क्स पोर्टल पर पंजीकरण कराना होगा।

    पंजीकृत युवा ठेकेदारों को 25 लाख रुपये तक के विकास कार्यों के ठेके दिए जाएंगे। एक साल के लिए तीन लाख रुपये का ब्याज मुक्त बैंक ऋण मिलेगा। विशेष बात यह कि तीन महीने की ट्रेनिंग में सिर्फ कक्षा में पढ़ाई नहीं होगी।

    युवाओं को सरकारी विकास कार्यों की प्रक्रिया और ठेकेदारी से जुड़े तकनीकी व व्यावहारिक पहलुओं के साथ मौके पर काम का अनुभव भी दिया जाएगा। श्रीविश्वकर्मा कौशल विश्वविद्यालय को प्रशिक्षण की जिम्मेदारी सौंपी गई है। ट्रेनिंग पूरी होने के बाद तृतीय पक्ष मूल्यांकन होगा और सफल अभ्यर्थियों को प्रमाणपत्र दिया जाएगा।

    निर्धारित शर्तें पूरी करने वाले युवा पंचायती राज संस्थाओं, शहरी स्थानीय निकायों और अन्य सरकारी विभागों के विकास कार्यों में ठेकेदार के रूप में भाग ले सकेंगे। ठेकेदारी शुरू करने के लिए फर्म और जरूरी दस्तावेज तैयार करने होंगे।

    51.50 करोड़ रुपये का प्रविधान
    पैन, टैन, जीएसटी और टिन सहित संबंधित औपचारिकताएं पूरी करना जरूरी होगा। ठेकेदार सक्षम युवा योजना के लिए 51.50 करोड़ रुपये का प्रविधान किया गया है।

    ठेकेदार सक्षम युवा योजना की नींव फरवरी 2024 में पूर्व मुख्यमंत्री मनोहर लाल की सरकार के समय रखी गई थी। उस समय 10 हजार इंजीनियरिंग डिग्री और डिप्लोमा धारकों को प्रशिक्षण देकर ठेकेदारी से जोड़ने का लक्ष्य तय किया गया था।

    मकसद पंचायती राज संस्थाओं और शहरी स्थानीय निकायों के विकास कार्यों में इंजीनियरिंग योग्यता रखने वाले युवाओं के लिए ठेकेदारी के अवसर तैयार करना था।

    इसके बाद अगस्त 2024 में मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने अंतरराष्ट्रीय युवा दिवस पर योजना को औपचारिक रूप से लांच किया। जनवरी 2025 में सरकार ने इसकी अधिसूचना जारी कर पात्रता और संचालन की शर्तें तय कीं। अब 2026-27 में योजना के तहत युवाओं से आनलाइन आवेदन मांगे गए हैं।

    यह होंगे पात्र
    हरियाणा निवासी 18 से 40 वर्ष की आयु के बेरोजगार बीई-बीटेक और इंजीनियरिंग डिप्लोमा धारक युवा योजना में आवेदन कर सकेंगे। परिवार पहचान पत्र जरूरी होगा। सीईटी की मेरिट सूची में नाम होना चाहिए।

     

  • दोमुहानी के पास दर्दनाक हादसा, कार के उड़े परखच्चे; मंत्री की बेटी समेत 4 की मौत

    दोमुहानी के पास दर्दनाक हादसा, कार के उड़े परखच्चे; मंत्री की बेटी समेत 4 की मौत

    जमशेदपुर
    सोनारी मरीन ड्राइव स्थित दोमुहानी के समीप गुरुवार की अलसुबह एक भीषण सड़क दुर्घटना में झारखंड सरकार की ग्रामीण विकास मंत्री दीपिका पांडेय सिंह की पुत्री युविका सिंह समेत चार युवाओं की घटनास्थल पर ही दर्दनाक मौत हो गयी. हादसा इतना भीषण था कि तेज रफ्तार कार सड़क पर खड़ी ट्रक में जा घुसी, जिससे कार के परखच्चे उड़ गये.

    तेज रफ्तार बनी हादसे की वजह
    जानकारी के अनुसार, घटना गुरुवार तड़के की है. कार ( जेएच05 डीएस 6450) अत्यधिक तेज गति में मरीन ड्राइव से गुजर रही थी. दोमुहानी के पास सड़क किनारे खड़ी एक ट्रक (जेएच02टी 3971) को कार चालक देख नहीं सका और बेकाबू वाहन सीधे ट्रक के पिछले हिस्से में जा टकराया. टक्कर की आवाज इतनी जोरदार थी कि आसपास के इलाकों में अफरा-तफरी मच गयी और सोए हुए लोगों की नींद खुल गयी.

    घटनास्थल पर ही तोड़ा दम
    टक्कर के बाद स्थानीय लोग राहत और बचाव के लिए दौड़े, लेकिन कार के अंदर सवार चारों युवकों की स्थिति अत्यंत नाजुक थी. हादसे में मंत्री की पुत्री युविका सिंह के अलावा नमन गुप्ता, सार्थक अग्रवाल और वंशिका खंडेलवाल की मौके पर ही मौत हो चुकी थी.

    एमजीएम में पसरा मातम
    घटना की सूचना मिलते ही सोनारी थाना पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंची. पुलिस ने कड़ी मशक्कत के बाद दुर्घटनाग्रस्त कार से शवों को बाहर निकाला और एमजीएम भेजा. पुलिस ने दुर्घटनाग्रस्त कार और ट्रक को जब्त कर लिया है. उल्लेखनीय है कि ग्रामीण विकास मंत्री दीपिका पांडेय सिंह का आवास कदमा स्थित दिंदली एनक्लेव में है. घटना की खबर फैलते ही मंत्री के परिजनों के अलावा अन्य मृतकों के रोते-बिलखते परिजन टीएमएच और घटनास्थल पर पहुंचने लगे.

    अस्पताल परिसर में परिजनों की चीख-पुकार से माहौल गमगीन हो गया. शहर के कई गणमान्य लोग भी सूचना मिलते ही अस्पताल पहुंचे और शोक-संतप्त परिवारों को ढांढस बंधाया. सड़क पर खड़े वाहनों पर उठे सवाल सोनारी पुलिस मामले की जांच में जुट गई है. शुरुआती जांच में हादसे का कारण कार की तेज रफ्तार और मरीन ड्राइव पर अवैध रूप से खड़े ट्रक को माना जा रहा है. स्थानीय निवासियों ने मरीन ड्राइव पर बिना इंडिकेटर और रिफ्लेक्टर के खड़े रहने वाले भारी वाहनों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है.

  • उदयपुर से सूरत का सफर होगा आसान, वंदे भारत का 3 अक्टूबर से नियमित संचालन

    उदयपुर से सूरत का सफर होगा आसान, वंदे भारत का 3 अक्टूबर से नियमित संचालन

     उदयपुर
     मेवाड़ को सूरत से बेहतर रेल कनेक्टिविटी देने की दिशा में बड़ा कदम उठाया गया है। उदयपुर-असरवा वंदे भारत एक्सप्रेस का सूरत तक विस्तार अब 3 अक्टूबर से नियमित रूप से होगा। ट्रेन के सूरत तक विस्तार के निरस्त होने की आशंका के बाद नए प्रयास किए गए, जिसके बाद रेल मंत्रालय ने 3 अक्टूबर से इसके नियमित संचालन की घोषणा की है। यह ट्रेन मंगलवार को छोड़कर सप्ताह में छह दिन चलेगी।

    सांसद डॉ. मन्नालाल रावत ने बताया कि 2 अक्टूबर को शाम 5.30 बजे वंदे भारत ट्रेन उदयपुर पहुंचेगी। इसके बाद ट्रेन का ठहराव उदयपुर में ही रहेगा। 3 अक्टूबर को ट्रेन पूर्व घोषित समय-सारणी के अनुसार उदयपुर से सूरत के लिए रवाना होगी। ट्रेन के उदयपुर पहुंचने पर भव्य स्वागत कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा। सांसद ने ट्रेन के सूरत तक विस्तार की घोषणा के लिए रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव का आभार जताया।

    रात 11 बजे सूरत पहुंचेगी ट्रेन
    समय-सारणी के अनुसार वंदे भारत एक्सप्रेस उदयपुर से दोपहर 3.35 बजे रवाना होगी। इसके बाद ट्रेन शाम 4.03 बजे जावर, 4.50 बजे डूंगरपुर, 5.27 बजे शामलाजी रोड, 6.18 बजे हिम्मतनगर और शाम 7.25 बजे असरवा पहुंचेगी। यहां से ट्रेन मणिनगर रात 8.58 बजे, आणंद 9.50 बजे और भरूच 10.22 बजे पहुंचेगी। इसके बाद रात 11 बजे ट्रेन सूरत पहुंचेगी।

    वापसी में ट्रेन सूरत से सुबह 6.10 बजे रवाना होगी और दोपहर 1.40 बजे उदयपुर पहुंचेगी। इस तरह मेवाड़ से सूरत के बीच यात्रियों को सीधी वंदे भारत रेल सेवा उपलब्ध होगी।

    सूरत और दक्षिण भारत जाना होगा आसान
    वंदे भारत के सूरत तक विस्तार से व्यापार और रोजगार के सिलसिले में सूरत व दक्षिण भारत जाने वाले यात्रियों को सुविधा मिलेगी। वर्तमान में कई यात्रियों को उदयपुर से बस के जरिए सूरत पहुंचने के बाद आगे की रेल यात्रा करनी पड़ती है। बस और ट्रेन की समय-सारणी में सामंजस्य नहीं होने के साथ ट्रेनों में प्रतीक्षा सूची के कारण भी यात्रियों को परेशानी होती है।

    अब उदयपुर से सूरत तक सीधी वंदे भारत सेवा मिलने से यात्रियों को कनेक्टिविटी का लाभ मिलेगा। सूरत पहुंचने के बाद दक्षिण भारत की ओर जाने वाले यात्रियों के लिए भी आगे की रेल यात्रा करना आसान होगा। इससे मेवाड़ क्षेत्र के यात्रियों को व्यापार, रोजगार और अन्य जरूरी यात्राओं के लिए बेहतर रेल सुविधा मिलने की उम्मीद है।

     

  • बर्खास्त AIG राजजीत पर गंभीर आरोप, बेटी के दाखिले के लिए बनवाया डेथ सर्टिफिकेट

    बर्खास्त AIG राजजीत पर गंभीर आरोप, बेटी के दाखिले के लिए बनवाया डेथ सर्टिफिकेट

    चंडीगढ.

    ड्रग्स मामले में पंजाब सरकार द्वारा बर्खास्त किए गए पीपीएस अधिकारी राजजीत सिंह हुंदल का विवादों से लंबे समय से नाता रहा है। राजजीत ने तो अपना डेथ सर्टिफिकेट (मृत्यु प्रमाण पत्र) भी बनवाया था।

    राजजीत अपनी सैटिंग के दम पर हमेशा ही महत्वपूर्ण पदों पर रहा और बर्खास्तगी से पहले तक एनआरआइ विंग का एआइजी हेडक्वार्टर के पद पर तैनात था। राजनीतिक पहुंच के कारण राजजीत पर कभी कोई कार्रवाई नहीं हुई, लेकिन एसआइटी की रिपोर्ट खुलने के बाद मुख्यमंत्री भगवंत मान ने बर्खास्त कर दिया था।

    राजजीत सिंह सबसे पहले 2013 में विवादों में आया था। जब उसने अपनी बेटी का मेडिकल कालेज में एमबीबीएस में दाखिला करवाने के लिए खुद का ही मृत्यु प्रमाण पत्र बनवा लिया था।

  • रांची के स्कूल में चौंकाने वाला मामला, 4-5 साल से तंबाकू खा रहे बच्चों के मुंह में मिले खतरनाक लक्षण

    रांची के स्कूल में चौंकाने वाला मामला, 4-5 साल से तंबाकू खा रहे बच्चों के मुंह में मिले खतरनाक लक्षण

     रांची
    राजधानी के जगन्नाथपुर स्थित राजकीयकृत उच्च विद्यालय में बच्चों के बीच तंबाकू सेवन के खतरनाक असर का मामला सामने आया है। स्कूल में आयोजित दंत एवं मुख स्वास्थ्य जांच शिविर में करीब 200 छात्र-छात्राओं की जांच की गई। जांच के दौरान 10 से अधिक बच्चों के गाल और मसूड़ों के अंदर सफेद धब्बे पाए गए।

    चिकित्सकों ने बताया कि ये सारे बच्चे वर्षों से तंबाकू सेवन कर रहे हैं जिससे ल्यूकोप्लाकिया जैसे कैंसर-पूर्व बदलाव के लक्षण मिले हैं। संबंधित बच्चों को आगे की विस्तृत जांच और चिकित्सकीय परामर्श के लिए रिम्स डेंटल इंस्टीट्यूट बुलाया गया है। शिविर का आयोजन रिम्स के दंत चिकित्सा संस्थान और इंडियन एकेडमी आफ ओरल मेडिसिन एंड रेडियोलाजी के द्वारा किया गया।

    रिम्स डेंटल कालेज के ओरल मेडिसिन एंड रेडियोलजी विभाग की एडिशनल प्रोफेसर डॉ. शांताला के नेतृत्व में चार इंटर्न डाक्टरों की टीम ने विद्यार्थियों की जांच की। टीम में अनामिका कुमारी, आंचल कच्छप, अक्षिता कुमारी और सेजल खंडेलवाल शामिल थीं।
    यह वीडियो भी देखें

    सफेद धब्बे दिखे तो न करें नजरअंदाज
    डॉ. शांताला ने बताया कि कुछ बच्चों के गाल और मसूड़ों में सफेद रंग के धब्बे मिले। जांच में इन बच्चों में तंबाकू सेवन की जानकारी भी सामने आई। ऐसे सफेद धब्बों को चिकित्सकीय रूप से ल्यूकोप्लाकिया कहा जा सकता है।

    अधिकतर स्थितियों में यह कैंसर से पहले होने वाला बदलाव का बड़ा रूप है, जो इतने छोटे बच्चों में पाया जाना आश्चर्य करने वाला है। लेकिन प्रारंभिक चरण में यह जानकारी मिली है, जिसका उपचार शत प्रतिशत संभव है। इसलिए अब इनकी आगे के इलाज को लेकर तैयारी की जा रही है। उन्होंने बताया कि समय रहते इसकी जांच हुई जिससे यह तथ्य सामने आया है।

    उन्होंने बताया कि यदि शुरुआती स्तर पर ही तंबाकू का सेवन पूरी तरह बंद कर दिया जाए और चिकित्सकीय सलाह ली जाए तो आगे होने वाले नुकसान को रोकने में मदद मिल सकती है। संबंधित बच्चों को रिम्स डेंटल इंस्टीट्यूट में आगे की जांच के लिए बुलाया गया है।

    बच्चों को बताया तंबाकू से होने वाला नुकसान
    जांच के बाद स्कूल के सभी बच्चों के लिए जागरूकता सत्र आयोजित किया गया। इसमें बीड़ी, सिगरेट, गुटखा और खैनी समेत तंबाकू उत्पादों के सेवन से होने वाले नुकसान की जानकारी दी गई। डाक्टरों ने बताया कि तंबाकू का सेवन मुंह की अंदरूनी सतह को प्रभावित कर सकता है और लंबे समय तक सेवन से गंभीर मुख रोगों का खतरा बढ़ सकता है।

    विद्यार्थियों को किसी भी प्रकार के नशे से दूर रहने, संतुलित आहार लेने और नियमित रूप से दांतों एवं मुंह की सफाई करने की सलाह दी गई। बच्चों में तंबाकू के दुष्प्रभावों के प्रति जागरूकता पैदा करना और उन्हें शुरुआती उम्र से ही तंबाकू से दूर रहने के लिए प्रेरित किया गया।

    बच्चों ने खुल कर कहा वे तंबाकू का सेवन करते हैं
    स्कूल के इन छोटे बच्चों ने बिना संकोच के तंबाकू का सेवन करने की बात स्वीकारी। इनकी मासूमियत इतनी थी कि इन्हें यह तक पता नहीं है कि तंबाकू के नुकसान क्या है, जबकि वे इसे हर दिन आम खाने की चीजों में शामिल किए हुए हैं।

    डॉक्टरों ने बताया कि ये बच्चे पिछले चार-पांच वर्षों से तंबाकू का सेवन करते आ रहे हैं जिससे इन्हें परेशानी हुई है। स्कूल प्रबंधन की ओर से इन बच्चों की जांच कराने का आग्रह किया गया था, जिसमें इन बच्चों के गलत खानपान और मुंह से बदबू आने की शिकायत मिली थी।

    महत्वपूर्ण बिंदु :
        मुंह में सफेद या लाल धब्बा, घाव या जलन दो सप्ताह से अधिक रहे तो दंत चिकित्सक से जांच करानी चाहिए।
        बच्चों और किशोरों में तंबाकू की शुरुआत रोक भविष्य में मुंह के कैंसर के खतरे को कम किया जा सकता है।
        नियमित दंत एवं मुख जांच से मुंह में होने वाले असामान्य बदलावों की शुरुआती पहचान संभव है।

        बच्चों में इस तरह से कैंसर के लक्षण मिलना चिंताजनक है, बच्चे ही देश का भविष्य हैं। लेकिन यह प्रारंभिक जांच में संकेत मिले है जिसका पूर्ण रूप से इलाज संभव है। सरकार सभी स्कूलों व कालेजों में विशेषज्ञ टीमों द्वारा कैंसर स्क्रीनिंग कैंप लगायेगी और तंबाकू व अन्य नशीले पदार्थ के नुकसान को गंभीरता से बताएगी। अगर कोई भी कैंसर से पीड़ित पाया जाता है तो सरकार की ओर से पूरा इलाज निश्शुल्क किया जाएगा।

    -डॉ. इरफान अंसारी, स्वास्थ्य मंत्री।
        जब स्कूल जाने की उम्र में बच्चों के मुंह में कैंसर-पूर्व बदलाव दिखने लगें, तो यह सिर्फ बच्चों की गलती नहीं, बल्कि परिवार, स्कूल और समाज के लिए भी गंभीर चेतावनी है। ये बच्चे घर या आसपास बड़ों को तंबाकू का सेवन करते देख सिखते हैं। गुटखा, पान मसाला आदि की आसानी से उपलब्धता भी एक बड़ी चुनौती है। साथ ही इन्हें तंबाकू के नुकसान की जानकारी का अभाव है।

    -प्रो. डॉ. प्रशांत गुप्ता, एचओडी, ओरल मेडिसिन एंड रेडियोलाजी विभाग, रिम्स डेंटल कॉलेज।

  • राजस्थान में शराब तस्करी पर शिकंजा, 31 वाहन जब्त; लाखों लीटर वॉश नष्ट

    राजस्थान में शराब तस्करी पर शिकंजा, 31 वाहन जब्त; लाखों लीटर वॉश नष्ट

    जयपुर
    आबकारी आयुक्त नमित मेहता के निर्देशानुसार प्रदेश में अवैध मदिरा निर्माण, भण्डारण, परिवहन एवं विक्रय पर रोकथाम के लिए चल रहे विशेष निरोधात्मक अभियान के तहत नाकाबंदी, गश्त, रेड की प्रभावी कार्यवाही जारी है। प्रदेश में वाॅश, हथकड़ मदिरा सहित अन्य राज्य की मदिरा पर भी कार्रवाई की जा रही है अब तक 2 लाख 67 हजार 266 लीटर वाॅश नष्ट किया गया है।

    309 गिरफ्तार, 31 वाहन सीज
    आबकारी आयुक्त नमित मेहता के निर्देशन में विशेष निरोधात्मक अभियान के तहत 23 सितंबर 2026 तक विभिन्न कार्रवाई के तहत 817 अभियोग दर्ज किए गए है। प्रदेश में देशी मदिरा 5 लाख 72 हजार 310 रूपए लागत की 2102 लीटर, भारत निर्मित विदेशी मदिरा एक करोड़ 1 लाख 27 हजार 990 रूपए की 10126 लीटर, बीयर एक लाख 41 हजार 608 रूपए की 674 लीटर, हथकड़ शराब 7403 लीटर एवं स्प्रिट 350 लीटर जब्त किया गया है। इसी क्रम में वाॅश 2 लाख 67 हजार 266 लीटर नष्ट किया गया। प्रदेश में अभियान के तहत एक बड़ा वाहन, 7 चार पहिया वाहन, 23 दुपहिया वाहन सहित 31 वाहन जब्त किए है साथ ही अवैध मदिरा से संबंधित 309 व्यक्तियों को गिरफ्तार किया गया है।

    नाकाबंदी, दबिश – अवैध मदिरा जब्त
    प्रदेश में आबकारी निरोधक दलों की कार्रवाई के तहत पाली में आबकारी टीम ने अनुज्ञाधारियों की शिकायत पर संबंधित क्षेत्रों में अवैध मदिरा कारोबारियों पर दबिश देते हुए बड़ी मात्रा में अंग्रेजी मदिरा, देशी मदिरा एवं बीयर जब्त करते हुए नियमानुसार अभियोग दर्ज किए। श्रीगंगानगर के रायसिंह नगर में दबिश देकर 4 हजार लीटर वाॅश नष्ट किया। इसी क्रम में सूरतगढ़ में दबिश देकर 20 लीटर अवैध मदिरा जब्त की गई। हनुमानगढ़ में आबकारी टीम ने दबिश कार्रवाई में 500 लीटर वाॅश सहित 2 भट्टियां नष्ट करते हुए 8 लीटर हथकड़ मदिरा, 53 देशी मदिरा के पव्वे, 10 बीयर बोतल जब्त की। मौके से 2 अभियुक्तों को गिरफ्तार किया।

    इसी प्रकार प्रदेश के समस्त जिलों में भी विशेष निरोधात्मक अभियान के तहत नाकाबंदी, दबिश व सघन गश्त की जा रही है। समस्त अतिरिक्त आबकारी आयुक्त जोन, आबकारी उपायुक्त, जिला आबकारी अधिकारी, आबकारी निरीक्षक एवं आबकारी निरोधक दल द्वारा अवैध मदिरा के विरूद्ध जीरो टॉलरेंस की नीति के तहत कार्यवाही की जा रही है।

  • ‘जिस सड़क से अखिलेश जाएंगे, वह BJP सरकार ने बनाई है’- PDA रथ यात्रा पर संदीप सिंह का तीखा प्रहार

    ‘जिस सड़क से अखिलेश जाएंगे, वह BJP सरकार ने बनाई है’- PDA रथ यात्रा पर संदीप सिंह का तीखा प्रहार

    ‘सत्ता में रहते नहीं की लोधी समाज की चिंता, आज वोट के लिए पी रहे हैं चाय’: अखिलेश पर बरसे मंत्री संदीप सिंह

    ‘तुष्टीकरण के चलते अखिलेश नहीं देते ‘बाबू जी’ को श्रद्धांजलि’: संदीप सिंह

    ‘जिस सड़क से अखिलेश जाएंगे, वह BJP सरकार ने बनाई है’- PDA रथ यात्रा पर संदीप सिंह का तीखा प्रहार

    PDA रथ यात्रा पर संदीप सिंह का पलटवार, लोधी समाज और कानून-व्यवस्था के मुद्दे पर अखिलेश को घेरा

    लखनऊ, 
     समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव की रथ यात्रा को लेकर योगी सरकार में बेसिक शिक्षा मंत्री संदीप सिंह ने निशाना साधा है। उन्होंने यूपी की सड़कों, लोधी समाज के प्रति अखिलेश यादव का झुकाव और कानून-व्यवस्था के मुद्दे पर सपा प्रमुख पर कई सवाल उठाए।

    मंत्री संदीप सिंह ने कहा कि अखिलेश यादव जिन सड़कों को लेकर सवाल उठाते रहे हैं, उन्हीं सड़कों से उनके आलीशान रथ की यात्रा हो रही है और ये सड़कें भाजपा सरकार ने बनवाई हैं।

    ‘जिस सड़क से अखिलेश जाएंगे, वो BJP सरकार ने बनाई है’
    संदीप सिंह ने कहा, “अखिलेश यादव अक्सर सवाल उठाते रहे कि यूपी की सड़कों की व्यवस्था ध्वस्त हो चुकी है। लेकिन जिस सड़क से अखिलेश यादव अपने आलीशान रथ से जाएंगे, वो सड़कें यूपी की भाजपा सरकार द्वारा बनाई गई है और पूरी तरह से गड्ढामुक्त हैं।”

    बता दें कि अखिलेश यादव अपनी PDA रथ यात्रा रायबरेली से शुरू कर रहे हैं। इस दौरान वो सपा विधायक राहुल लोधी के घर चाय पीने जाएंगे। इसे सपा द्वारा लोधी समाज को अपने पक्ष में जोड़ने के तौर पर देखा जा रहा है। जिसको लेकर मंत्री संदीप सिंह ने कहा कि अखिलेश यादव ने आज लोधी समाज के व्यक्ति के यहां जाने का फैसला किया है।

    उन्होंने कहा कि ये पूरी तरह से बताता है कि सपा प्रमुख अखिलेश यादव वोट लेने के लिए पिछड़े वर्ग को, लोधी समाज को खासकर चुनाव के समय साधने का प्रयास कर रहे हैं। उन्हें बरगलाने का प्रयास कर रहे हैं। चुनाव के वक्त अखिलेश यादव और उनके लोग लोधी समाज को लुभाने का प्रयास करते हैं।”

    ‘'बाबू जी'’ के निधन पर अखिलेश यादव श्रद्धांजलि देने नहीं पहुंचे’
    मंत्री संदीप सिंह ने आरोप लगाया कि आज अखिलेश यादव को लोधी समाज की चिंता है लेकिन हमारे बाबू जी(पूर्व सीएम कल्याण सिंह) का जब देहांत हुआ तो अखिलेश यादव बाबू जी को श्रद्धा सुमन अर्पित करने और अंतिम यात्रा में शामिल नहीं हुए थे । उन्होंने बाबू जी की पुण्यतिथि पर भी उन्हें कभी याद नहीं किया।”

    संदीप सिंह ने कहा, “अखिलेश यादव अपने वोट बैंक को खुश करने के लिए, तुष्टीकरण की राजनीति करने के लिए बाबू जी को श्रद्धांजलि तक नहीं देते। ऐसा करते तो शायद उनका वोट बैंक नाराज हो जाता। लेकिन आज सिर्फ एक कप चाय पीकर वो लोधी समाज को अपनी तरफ आकर्षित करने का प्रयास कर रहे हैं।”

    मंत्री संदीप सिंह ने कहा कि जब अखिलेश यादव सत्ता में होते हैं तब उन्हें लोधी समाज की चिंता नहीं होती। तब इन्हें लोधी समाज याद नहीं आता। उन्होंने कहा कि लोधी समाज हमेशा भाजपा से जुड़ा रहा है। सपा के झांसे में नहीं आने वाला।

    ‘चुनाव नजदीक आते ही विपक्षी दलों को पिछड़े वर्ग की याद आती है’
    संदीप सिंह ने कहा, “आज फिर से चुनाव नजदीक है तो विपक्षी दलों को पिछड़े वर्ग की याद आ रही है। दशकों तक सपा-कांग्रेस ने यही किया है। पूरे प्रदेश में जाति का जहर घोला है।”

    उन्होंने आरोप लगाया, “अखिलेश यादव ने अपने बड़बोले नेताओं से महिलाओं को, दलितों को, पिछड़े वर्ग के नेताओं को, महापुरुषों को गाली दिलवाने का काम किया है। उनके साथ सबसे बड़ी दिक्कत यही है कि वे समय-समय पर पीसी के जरिए समाज में जहर घोलने का काम करते हैं।”

    संदीप सिंह ने आरोप लगाया कि पिछड़ों को अधिकार दिलाने की बात जब आती है तो अखिलेश यादव उस समय कहीं और नजर आते हैं। सत्ता में रहते अखिलेश यादव पिछड़े वर्ग के साथ नहीं खड़े होते।

    अपराध के मुद्दे पर भी अखिलेश यादव को घेरा
    संदीप सिंह ने कहा, “आज देश की जनता जागरूक है, जातिवाद के जहर से खुद को मुक्त करना चाहती है तो अखिलेश यादव फिर से लोगों को भ्रमित करने निकले हैं।”

    यूपी में अपराध को लेकर अखिलेश यादव के आरोपों पर भी संदीप सिंह ने प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा, “सपा प्रमुख के मुताबिक यूपी में अपराध चरम सीमा पर पहुंच गया है। लेकिन 2017 से पहले यूपी के हालात को भूल गए हैं। आज यूपी में सबसे ज्यादा अपराध कौन कर रहा है इसे वे खुद देख लें।”

    उन्होंने कहा, “आज अपराधी अपने असली ठिकाने पर पहुंचाए जा रहे हैं। आज अपराधियों पर एक्शन होता है तो अखिलेश यादव उसे शहीद बता देते हैं। योगी सरकार में कोई भी अपराधी सुरक्षित नहीं है। उसे उनके ठिकाने तक पहुंचाया जा रहा है।”