Category: राज्य

  • नशे के खिलाफ योगी सरकार की जीरो टॉलरेंस नीति, लगातार तेज हुई कार्रवाई

    नशे के खिलाफ योगी सरकार की जीरो टॉलरेंस नीति, लगातार तेज हुई कार्रवाई

    लखनऊ

     योगी सरकार की नशे के खिलाफ जीरो टॉलरेंस नीति का असर उत्तर प्रदेश में लगातार दिखाई दे रहा है। यूपी पुलिस और एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स (एएनटीएफ) ने नशीले पदार्थों के कारोबार में शामिल तस्करों के खिलाफ कार्रवाई तेज करने के साथ उनकी अवैध संपत्तियों पर भी शिकंजा कसा है। मादक पदार्थों के तस्करों के विरुद्ध निरुद्धीकरण की कार्रवाई में तेजी आई है। वर्ष 2026 में 23 सितंबर तक प्रदेश में 71 तस्करों के खिलाफ पीआईटी एनडीपीएस एक्ट के तहत कार्रवाई की गई।

    यूपी डीजीपी राजीव कृष्ण ने बताया कि नशे के खिलाफ कार्रवाई का उद्देश्य केवल तस्करों को गिरफ्तार करना नहीं, बल्कि उनके पूरे नेटवर्क को तोड़ना और नशे के कारोबार से अर्जित अवैध संपत्ति को जब्त करना भी है। उत्तर प्रदेश को वर्ष 2029 तक नशामुक्त बनाने के लक्ष्य की दिशा में कार्रवाई तेज की जा रही है।

    अवैध संपत्ति जब्ती में भी बड़ी कार्रवाई

    नशे के कारोबार से कमाई गई अवैध संपत्ति को जब्त कर तस्करों की आर्थिक कमर तोड़ने पर भी जोर दिया गया। वर्ष 2025 में 29 मामलों में करीब 19 करोड़ रुपये की संपत्ति जब्त हुई। वहीं वर्ष 2026 में 23 सितंबर तक 69 मामलों में करीब 80 करोड़ रुपये की अवैध संपत्ति जब्त की गई। 

    लगातार कार्रवाई से दिखा योगी सरकार का सख्त रुख

    योगी सरकार में पीआईटी एनडीपीएस एक्ट के तहत वर्ष 2024 में प्रदेश में सात तस्करों के खिलाफ कार्रवाई हुई, जिसमें एएनटीएफ की पांच कार्रवाई शामिल थीं। वर्ष 2025 में प्रदेश में 19 और वर्ष 2026 में 71 तस्करों के खिलाफ निरुद्धीकरण की कार्रवाई की गई। इनमें वर्ष 2026 में एएनटीएफ ने 33 तस्करों के खिलाफ कार्रवाई की। प्रदेश में अवैध संपत्ति जब्ती के मामले में भी कार्रवाई लगातार बढ़ी है। वर्ष 2024 में एएनटीएफ ने चार मामलों में करीब एक करोड़ रुपये की संपत्ति जब्त की। वर्ष 2025 में 28 मामलों में करीब 17 करोड़ रुपये और वर्ष 2026 में 40 मामलों में करीब 13 करोड़ रुपये की कार्रवाई एएनटीएफ ने की। पुलिस और एएनटीएफ की संयुक्त कार्रवाई के आंकड़ों में वर्ष 2026 में कुल जब्ती करीब 78.5 करोड़ रुपये हुई।

    कुख्यात तस्करों के नेटवर्क पर सीधा प्रहार

    पीआईटी एनडीपीएस एक्ट के तहत गुरुमेल सिंह, भोला प्रसाद, संजीव राणा, विभोर राणा, शेरमणि पटेल और परमानंद उर्फ पप्पू जैसे कुख्यात मादक पदार्थ तस्करों के खिलाफ निरुद्धीकरण (गिरफ्तारी) की कार्रवाई की गई है।

    नशे के कारोबार की जड़ पर वार

    डीजीपी ने कहा कि हमारी कार्रवाई केवल तस्करों की गिरफ्तारी तक सीमित नहीं है। एनडीपीएस एक्ट की धारा 68(ई) और 68(एफ) के तहत नशीले पदार्थों की तस्करी से अर्जित अवैध संपत्ति को पहले अस्थायी रूप से फ्रीज और जांच व सुनवाई के बाद स्थायी रूप से जब्त किया जा रहा है। इसके जरिए तस्करों को आर्थिक रूप से कमजोर भी किया जा रहा है।

  • 4520 भूखंडों के लिए पंजीकरण का शुभारंभ व 2166 करोड़ से प्रस्तावित पांच बहुमंजिला अपार्टमेंट्स का शिलान्यास

    4520 भूखंडों के लिए पंजीकरण का शुभारंभ व 2166 करोड़ से प्रस्तावित पांच बहुमंजिला अपार्टमेंट्स का शिलान्यास

    लखनऊ

    राजधानी में घर का सपना संजोने वालों को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गुरुवार को बड़ा उपहार दिया। मुख्यमंत्री ने आगरा एक्सप्रेसवे के निकट ग्राम दोना में आयोजित कार्यक्रम में वैदिक मंत्रोच्चार के बीच 12 हजार करोड़ रुपये की लागत से 10,680 एकड़ में लखनऊ विकास प्राधिकरण (एलडीए) की वरुण विहार व नैमिष नगर योजनाओं का भूमिपूजन किया। इस दौरान सीएम योगी ने 4520 भूखंडों के लिए पंजीकरण का शुभारंभ और 2166 करोड़ से प्रस्तावित पांच मल्टीस्टोरी हाउसिंग प्रोजेक्ट्स (लेक व्यू, पार्क व्यू, ऐशबाग स्क्वॉयर, अनंत नगर योजना स्थित अदिति अपार्टमेंट व शारदा नगर विस्तार स्थित वागेश्वरी अपार्टमेंट) का शिलान्यास भी किया। मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम स्थल पर पौधरोपण भी किया। उन्होंने कहा कि पिछली सरकारों की तरह लखनऊ में अब कट्टा-बम नहीं, बल्कि ब्रह्मोस मिसाइल बन रही है। 

    वरुण विहार व नैमिष नगर योजनाओं में 10 लाख से अधिक लोगों को मिलेगी आवासीय सुविधा

    सीएम ने कहा कि किसी भी शहर के पश्चिम के दिग्पाल वरुण देवता होते हैं। वरुण विहार में 6500 एकड़ से अधिक क्षेत्रफल में छह लाख लोगों तथा 4100 एकड़ में नैमिष योजना के तहत 4 लाख लोगों को आवासीय सुविधा मिलेगी। सीएम ने नैमिषारण्य की महत्ता भी बताई, कहा कि आध्यात्मिक व सांस्कृतिक विरासत को जीवंत बनाए रखने के लिए लखनऊ व सीतापुर के सीमावर्ती क्षेत्र में नैमिष नगर के रूप में एलडीए नई योजना लेकर आया है। 

    सभी के लिए लाभकारी होगी दोनों योजनाएं
    सीएम ने कहा कि ये दोनों योजनाएं आने वाले समय में लखनऊ के विस्तार, संभावनाओं और सुरक्षित आवास की दृष्टि से लाई गई हैं। अध्ययनरत छात्रों, हेल्थकेयर में संभावनाओं को बढ़ाने वाले युवाओं, रोजगार की दृष्टि से राजधानी आने वालों और लखनऊ को भविष्य मानकर यहां जीवन व्यतीत करने का विचार रखने वाले नागरिकों के लिए ये दोनों आवासीय योजनाएं अत्यंत लाभकारी होंगी।

    वरुण विहार से मिलेगी पूर्वांचल एक्सप्रेसवे की कनेक्टिविटी 

    सीएम ने कहा कि लखनऊ व सीतापुर में अब दूरी नहीं होगी। यहां फोरलेन कनेक्टिविटी भी होगी। वरुण विहार के बीच से पूर्वांचल एक्सप्रेसवे की कनेक्टिविटी देंगे। उन्होंने स्पष्ट किया कि हमारी सरकार में एलडीए व किसानों के बीच कोई मध्यस्थ नहीं रहेगा। योजनाओं में जिन भी किसानों को जमीन आएगी, उन्हें सीधे मुआवजा मिलेगा।

    विकास की नई बुलंदियां छू रहा अटलजी के सपनों का लखनऊ
    मुख्यमंत्री ने कहा कि अटलजी के सपनों का लखनऊ विकास की नई बुलंदियों को छू रहा है। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के नेतृत्व में आधुनिक इन्फ्रास्ट्रक्चर, एयरपोर्ट, मेट्रो का विस्तार हो रहा है। पिछली सरकार की तरह यहां अब कट्टा और बम नहीं, बल्कि ब्रह्मोस मिसाइल बन रही है। जब हमारे जवान इसका इस्तेमाल करते हैं तो दुश्मन थर्रा उठता है। लखनऊ विकास की नई बुलंदियों को छुए, इसके लिए नई योजनाएं लाई जा रही हैं। 

    अनियोजित कार्य का परिणाम भी गलत

    सीएम ने कहा कि पिछले साल हमारी सरकार ने 785 एकड़ में अनंत नगर आवासीय परियोजना को आगे बढ़ाया और इस वर्ष 10 हजार एकड़ में वरुण विहार व नैमिष नगर के नाम से दो बड़ी आवासीय योजनाएं आकार ले रही हैं। पहले लोग जहां-तहां जमीन खरीदते थे। वहां सड़क, बिजली, पानी आदि व्यवस्था नहीं होती थी और जलजमाव के कारण नारकीय जीवन व्यतीत करना पड़ता था। जमीन के मालिक ने यदि किसी दबंग या गुंडे को जमीन बेच दी, तो भी समस्या होती थी। अनियोजित कार्य का परिणाम भी गलत होता है।

    बढ़ती आबादी के लिए नियोजित शहरी विकास आवश्यक

    मुख्यमंत्री ने लखनऊ विकास प्राधिकरण की सराहना करते हुए कहा कि बढ़ती आबादी के लिए नियोजित शहरी विकास अत्यंत आवश्यक है। अब लखनऊ एजुकेशन, हेल्थकेयर, विश्व स्तरीय इन्फ्रास्ट्रक्चर, मॉडर्न टेक्नोलॉजी, मैन्युफैक्चरिंग के नए हब के रूप में स्थापित हुआ है। चौतरफा कनेक्टिविटी, टाटा ऑटोमोबाइल व अशोका लीलैंड के ईवी मैन्युफैक्चरिंग प्लांट लखनऊ को नई पहचान दिला रहे हैं। लखनऊ से आगरा, पूर्वी उप्र समेत चारों ओर की कनेक्टिविटी बेहतर हुई है। किसान पथ, ग्रीन कॉरिडोर तथा एआई सिटी के विकास का कार्य लखनऊ को नई पहचान दिला रहा है। 

    एससीआर से आसपास के जनपदों का भी विकास
    सीएम ने कहा कि स्टेट कैपिटल रीजन (एससीआर) के रूप में लखनऊ के साथ ही उन्नाव, हरदोई, बाराबंकी, सीतापुर, रायबरेली के क्षेत्रीय विकास का भी प्लान बन रहा है। इन सभी जनपदों में पब्लिक मोबिलिटी, विश्व स्तरीय इन्फ्रास्ट्रक्चर, शिक्षा, पर्यटन व कनेक्टिविटी आदि की बेहतरी का व्यवस्थित कार्य चल रहा है। 

    हर तबके का जीवन सहज-सरल बना रहे मोदी जी

    मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी लगातार ध्यान देते हैं कि हर तबके के लिए आवासीय सुविधा हो, उनका जीवन सहज व सरल हो। 12 वर्ष में 4 करोड़ गरीबों को मिला प्रधानमंत्री आवास इसका उदाहरण है। यहां की योजनाओं में भी हर आय वर्ग के लिए आवासीय सुविधाएं (पीएम आवास, अफोर्डेबल हाउसिंग, ग्रुप हाउसिंग, प्लॉट आदि) दी जा रही हैं।

    किसानों के खाते में गया मुआवजा

    सीएम ने कहा कि जमीन देने वाले हर किसान को मुआवजा राशि खाते में भेजी गई। मुनिश्वर सिंह को 3.13 करोड़, रमदेई को 2.05 करोड़, कमलेश कुमार 2.80 करोड़, सुषमा सिंह को 2.90 करोड़, ओमप्रकाश अवस्थी को 1.96 करोड़ का मुआवजा मिला। इन सभी किसानों ने इस पैसे से दूसरी जगह जमीनें खरीद लीं और अपने भविष्य को भी संजो लिया। अवस्थी जी ने 16 बीघा जमीन खरीद ली और शेष पैसा बैंक में एफडी कर दिया है। नमरा फातिमा ने मुआवजे से जमीन खरीदी और अपनी मेडिकल की पढ़ाई के लिए भी धन सुरक्षित कर लिया। मुख्यमंत्री ने किसानों को सलाह दी कि जब पैसा मिले तो बोलेरो खरीदने के बजाय उसका सदुपयोग उद्योग या जमीन खऱीदने में कीजिए। इससे पैसा बढ़ेगा।

    नए उत्तर प्रदेश का नेतृत्व कर रहा लखनऊ 

    मुख्यमंत्री ने लखनऊ की महत्ता पर प्रकाश डालते हुए कहा कि भारत की विरासत के प्रतीक प्रभु श्रीराम के अनुज की स्मृतियों को संजोए लखनऊ नए भारत के नए उत्तर प्रदेश को नेतृत्व प्रदान कर रहा है। लखनऊ ने 1857 के प्रथम स्वातंत्र्य समर में ब्रिटिश हुकूमत की चूलें हिला दी थीं। 1925 में काकोरी ट्रेन एक्शन की घटना को अंजाम देकर लखनऊ ने ब्रिटिश हुकूमत के सामने चुनौती खड़ी की थी। पं. रामप्रसाद बिस्मिल, ठाकुर रोशन सिंह, अशफाक उल्ला खां, चंद्रशेखर आजाद, सचिंद्र नाथ बख्शी, सचिंद्र नाथ सान्याल, राजेंद्र नाथ लाहिड़ी जैसे युवा क्रांतिकारियों ने लखनऊ के जरिए स्वाधीनता के लिए नई हुंकार भरी थी।

    इस अवसर पर महापौर सुषमा खर्कवाल, राज्यसभा सांसद संजय सेठ, विधायक राजेश्वर सिंह, योगेश शुक्ला, डॉ. नीरज बोरा, जय देवी, ओपी श्रीवास्तव, अमरेश कुमार, विधान परिषद सदस्य महेंद्र सिंह, मुकेश शर्मा, लालजी प्रसाद निर्मल, पवन सिंह चौहान, रामचंद्र प्रधान, भाजपा जिलाध्यक्ष विजय मौर्य, महानगर अध्यक्ष आनंद द्विवेदी आदि मौजूद रहे।

  • योगी सरकार की पहल से ग्रामीण महिलाओं के स्थानीय उत्पादों को मिल रहा अंतरराष्ट्रीय बाजार

    योगी सरकार की पहल से ग्रामीण महिलाओं के स्थानीय उत्पादों को मिल रहा अंतरराष्ट्रीय बाजार

    आगरा

    ग्रेटर नोएडा में 25 से 29 सितंबर तक आयोजित होने जा रहे यूपी इंटरनेशनल ट्रेड शो (यूपीआईटीएस) 2026 में इस बार ब्रज क्षेत्र की महिलाओं के हुनर का डंका विश्व स्तर पर बजेगा। उत्तर प्रदेश की योगी सरकार 'लोकल फॉर वोकल' और 'लोकल टू ग्लोबल' के विजन को धरातल पर उतारते हुए ग्रामीण अंचल की महिलाओं को आत्मनिर्भरता की नई उड़ान दे रही है। इसी कड़ी में उत्तर प्रदेश राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन के अंतर्गत ब्रज क्षेत्र में गठित स्वयं सहायता समूहों (एसएचजी) की 'दीदियां' इस ट्रेड शो में हिस्सा लेंगी। यहां उनके द्वारा तैयार किए गए उत्कृष्ट उत्पादों का शानदार प्रदर्शन और विपणन किया जाएगा, जिससे उनके व्यवसाय को एक बड़ा अंतरराष्ट्रीय बाजार मिल सकेगा।

    ब्रज के शानदार उत्पादों की होगी प्रदर्शनी

    यूपीआईटीएस में आगरा मंडल से स्वयं सहायता समूहों द्वारा तैयार किए गए उत्पादों की व्यापक प्रदर्शनी लगाई जाएगी। मेले में आने वाले देशी- विदेशी खरीदार और निवेशक फिरोजाबाद जनपद की महिलाओं द्वारा बनाए गए कांच के मनमोहक सजावटी उत्पाद देख सकेंगे। इसके साथ ही मथुरा जनपद की महिलाओं द्वारा तैयार किए गए मिट्टी के खूबसूरत बर्तन, तुलसी गमला और फ्लावर पॉट भी आकर्षण का केंद्र रहेंगे। वहीं मैनपुरी जनपद के समूहों द्वारा निर्मित आकर्षक आर्टिफिशियल ज्वेलरी, टेडीबियर और जूट बैग आदि उत्पादों का स्टॉल भी लगेगा, जहां से इनकी बिक्री कर ग्रामीण महिलाएं सीधे मुनाफा कमा सकेंगी।

    आजीविका मिशन की योजनाओं का होगा प्रचार- प्रसार

    इस अंतरराष्ट्रीय व्यापार मेले में केवल उत्पादों की बिक्री ही नहीं होगी, बल्कि उत्तर प्रदेश राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन के अंतर्गत चल रही विभिन्न लाभकारी योजनाओं की भी जानकारी प्रदान की जाएगी। ट्रेड शो के माध्यम से समूह गठन की प्रक्रिया, टेक होम राशन, बीसी सखी और विद्युत सखी जैसी महिला सशक्तिकरण की योजनाओं के बारे में आगंतुकों को जागरूक किया जाएगा। इस आयोजन में आगरा जनपद से खेरागढ़ तहसील के सैंया ब्लॉक स्थित ग्राम पंचायत ब्रिथला की बीसी सखी ममता भी पूरे उत्साह के साथ प्रतिभाग कर रही हैं, जो ग्रामीण बैंकिंग में महिलाओं की सशक्त भूमिका को प्रदर्शित करेंगी।

    ग्लोबल मंच मिलने से उत्साहित हैं ब्रज की 'दीदियां'

    अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मिल रहे इस अवसर को लेकर महिलाओं में भारी उत्साह है। मैनपुरी के लक्ष्मी स्वयं सहायता समूह की रीना ने कहा कि हम गांव में बैठकर आर्टिफिशियल ज्वेलरी, टेडीबियर और जूट बैग बनाते हैं। योगी सरकार की बदौलत आज हमारे हाथ का काम इतने बड़े इंटरनेशनल मंच पर पहुंच रहा है, यह हम ग्रामीण महिलाओं के लिए बहुत गर्व की बात है। वहीं फिरोजाबाद के एकता स्वयं सहायता समूह की शान्ति देवी ने बताया कि हमने अपने हाथों से कांच के जो सजावटी उत्पाद बनाए हैं, उन्हें ग्लोबल पहचान मिलेगी। हमारी मेहनत देश- विदेश के लोग देखेंगे, जिससे हमारी आमदनी तो बढ़ेगी ही, समूह की अन्य महिलाओं का हौसला भी कई गुना बढ़ जाएगा।

    महिलाओं को स्वावलंबी बनाने की सरकार की बड़ी पहल

    इस पूरे आयोजन को लेकर आगरा के उपायुक्त (स्वत: रोजगार) प्रेम चंद ने बताया कि उत्तर प्रदेश सरकार की पहल पर यूपीआईटीएस महिलाओं को आर्थिक रूप से स्वावलंबी बनाने का एक बहुत ही सशक्त माध्यम बन रहा है। ब्रज की दीदियों के उत्पादों को ग्लोबल मार्केट मिलने से ग्रामीण अर्थव्यवस्था सुदृढ़ होगी और इन ग्रामीण महिलाओं की आय में उल्लेखनीय वृद्धि होगी। यह ट्रेड शो उनके लिए एक मील का पत्थर साबित होगा।

  • चार बार टेंडर फिर भी नहीं लगे CCTV, झारखंड HC ने अधिकारियों को दी अवमानना की चेतावनी

    चार बार टेंडर फिर भी नहीं लगे CCTV, झारखंड HC ने अधिकारियों को दी अवमानना की चेतावनी

    रांची
    झारखंड हाईकोर्ट ने राज्य के सभी पुलिस थानों में सुप्रीम कोर्ट और हाईकोर्ट के निर्देशों के बावजूद सीसीटीवी कैमरे नहीं लगाए जाने को गंभीरता से लेते हुए मुख्य सचिव, गृह सचिव और डीजीपी को शो कॉज नोटिस जारी करने का निर्देश दिया है. चीफ जस्टिस एमएस सोनक की अध्यक्षता वाली खंडपीठ ने सुनवाई के दौरान राज्य सरकार का पक्ष सुनने के बाद कड़ी नाराजगी जताई और कहा कि रिकॉर्ड से ऐसा प्रतीत होता है कि सरकार अदालत के आदेशों का पालन करने के बजाय वास्तविक स्थिति छुपाकर टालमटोल का रवैया अपना रही है. मामले की अगली सुनवाई 15 अक्टूबर को होगी.

    स्वत: संज्ञान से दर्ज हुई थी जनहित याचिका
    यह मामला ईचागढ़ पुलिस हिरासत में गिरफ्तार व्यक्ति को प्रताड़ित किए जाने की घटना से जुड़ा है, जिसे झारखंड हाईकोर्ट ने स्वत: संज्ञान लेते हुए जनहित याचिका में तब्दील किया था. इसके बाद अदालत राज्यभर के पुलिस थानों में सीसीटीवी कैमरे लगाने के निर्देशों के अनुपालन की लगातार निगरानी कर रही है.

    कोर्ट ने सरकार की कार्यशैली पर उठाए सवाल
    सुनवाई के दौरान खंडपीठ ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट और हाईकोर्ट के स्पष्ट निर्देशों के बावजूद राज्य सरकार अपेक्षित कदम नहीं उठा सकी है. अदालत ने मौखिक रूप से टिप्पणी करते हुए कहा कि ऐसा लगता है कि सरकार सीसीटीवी लगाने के मामले में आदेशों का पालन नहीं करना चाहती और अपने शपथ पत्रों में वास्तविक स्थिति छुपाकर मामले को टालने की कोशिश कर रही है.

    450 से अधिक हिरासत मौतों का किया जिक्र
    खंडपीठ ने कहा कि वर्ष 2018 के बाद से अब तक पुलिस हिरासत में मौत के 450 से अधिक मामले सामने आ चुके हैं. इसके बावजूद पुलिस थानों में सीसीटीवी कैमरे नहीं लगाया जाना बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है. अदालत ने माना कि ऐसे मामलों में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने के लिए सीसीटीवी व्यवस्था बेहद जरूरी है.

    चार बार टेंडर, फिर भी नहीं निकला समाधान
    अदालत ने यह भी कहा कि पुलिस थानों में सीसीटीवी लगाने के लिए चार बार टेंडर जारी किए गए, लेकिन अब तक कोई ठोस परिणाम सामने नहीं आया. खंडपीठ ने डीजीपी द्वारा इस मामले की जिम्मेदारी गृह विभाग पर डालने को भी गैर-जिम्मेदाराना करार दिया.

    अवमानना की कार्रवाई का संकेत
    सुनवाई के दौरान अदालत ने कहा कि मौजूदा परिस्थितियों में मुख्य सचिव, गृह सचिव और डीजीपी के खिलाफ अवमानना की कार्रवाई शुरू करना ही एक विकल्प नजर आता है. हालांकि, अदालत ने पहले तीनों वरिष्ठ अधिकारियों को अपना जवाब दाखिल करने का अवसर दिया है.

    पिछली सुनवाई में भी मिली थी चेतावनी
    इससे पहले हुई सुनवाई में हाईकोर्ट ने डीजीपी को नोटिस जारी कर पूछा था कि अदालत के आदेशों का पालन नहीं होने पर उनके खिलाफ अवमानना की कार्रवाई क्यों नहीं शुरू की जाए. मौजूदा सुनवाई में डीजीपी स्वयं अदालत में उपस्थित रहीं. अब 15 अक्टूबर को होने वाली अगली सुनवाई में हाईकोर्ट अधिकारियों के जवाब और सीसीटीवी स्थापना की वास्तविक प्रगति की समीक्षा करेगा

  • वरुण विहार और नैमिष नगर योजना के किसानों ने सराहा मुआवजा प्रक्रिया को, बोले- पारदर्शिता से मिली धनराशि

    वरुण विहार और नैमिष नगर योजना के किसानों ने सराहा मुआवजा प्रक्रिया को, बोले- पारदर्शिता से मिली धनराशि

    लखनऊ

    मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ गुरुवार को लखनऊ विकास प्राधिकरण (एलडीए) की वरुण विहार एवं नैमिष नगर योजना के भूमि पूजन कार्यक्रम में शामिल हुए। इस दौरान योजना के लिए भूमि देने वाले किसानों और लाभार्थी परिवारों ने योगी सरकार की कार्यप्रणाली की सराहना की। किसानों ने एक स्वर में कहा कि उन्हें उनकी भूमि का मुआवजा पारदर्शी तरीके से मिला और प्राप्त धनराशि से उन्होंने दूसरी जगह जमीन खरीदने, मकान बनाने तथा बच्चों की पढ़ाई के लिए निवेश किया है। 

    रामदेई ने सीएम योगी का जताया आभार

    ग्राम दोना के मुलेश्वर सिंह ने बताया कि वरुण विहार योजना के अंतर्गत उनकी जमीन ली गई है, जिसे उन्होंने अपनी सर्वसम्मति से दिया है। मुआवजे के रूप में मिली राशि से उन्होंने अलग-अलग स्थानों पर जमीन खरीदी है। ग्राम रेवरी की रामदेई ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का आभार जताते हुए कहा कि उनकी जमीन योजना में गई और उन्हें अच्छा मुआवजा मिला। उन्होंने मुख्यमंत्री को धन्यवाद देते हुए सरकार के प्रति अपनी प्रसन्नता व्यक्त की।

    एक हेक्टेयर जमीन के बदले कमलेश को मिले 2.80 करोड़ रुपये

    ग्राम दोना के किसान कमलेश कुमार ने बताया कि उन्होंने वरुण विहार योजना के अंतर्गत अपनी एक हेक्टेयर जमीन सहमति से एलडीए को दी है। इसके बदले 2 करोड़ 80 लाख रुपये का मुआवजा मिला है। उन्होंने बताया कि इस धनराशि से उन्होंने उन्नाव जिले में जमीन खरीदी और अपना मकान बनवाया। कमलेश कुमार ने कहा कि मुख्यमंत्री की इस योजना से उनके क्षेत्र और गांव का भी विकास हो रहा है। उन्होंने मुख्यमंत्री को इसके लिए धन्यवाद दिया।

    नैमिष नगर के किसानों ने भी मुआवजा प्रक्रिया को बताया पारदर्शी

    बख्शी का तालाब निवासी सुषमा सिंह ने बताया कि कमलाबाद स्थित उनकी जमीन नैमिष नगर योजना के अंतर्गत एलडीए को दी गई। उन्होंने कहा कि उन्हें 2 करोड़ 90 लाख रुपये का मुआवजा पारदर्शिता के साथ प्राप्त हुआ है। इसके लिए उन्होंने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का आभार व्यक्त किया। 

    नमरा फातिमा को बिना कठिनाई के मिला मुआवजा

    नमरा फातिमा ने हाल ही में 12वीं कक्षा पास की है और नीट की तैयारी कर रही हैं। उन्होंने बताया कि नैमिष नगर में ग्राम सैदापुर स्थित उनकी जमीन एलडीए को दी गई। उन्हें 70 लाख 58 हजार रुपये एकमुश्त डीडी के माध्यम से प्राप्त हुए हैं। नमरा फातिमा ने बताया कि बिना किसी कठिनाई के मिली इस राशि से उन्होंने जमीन खरीदी है और भविष्य में यह धनराशि उनकी मेडिकल की पढ़ाई में काम आएगी। उन्होंने कहा कि इस योजना से क्षेत्र में रोजगार और आवासीय सुविधाओं का विस्तार होगा तथा क्षेत्र के विकास को गति मिलेगी। 

    ओम प्रकाश अवस्थी ने मुआवजे से खरीदी 16 बीघे जमीन

    बक्शी का तालाब के ओम प्रकाश अवस्थी ने नैमिष नगर योजना के तहत अपनी करीब डेढ़ बीघे से अधिक जमीन दी है, जिसके बदले उन्हें 1 करोड़ 96 लाख रुपये मिले हैं। उन्होंने कहा कि मुआवजा प्राप्त करने की प्रक्रिया में उन्हें बार-बार कार्यालयों के चक्कर नहीं लगाने पड़े। ओम प्रकाश अवस्थी ने कहा कि संकल्प पत्र भरने के करीब 15 दिन बाद उन्हें फोन कर रजिस्ट्री के लिए बुलाया गया और इसके बाद डीडी के माध्यम से राशि प्राप्त हुई। अगले दिन पैसा उनके बैंक खाते में पहुंच गया। उन्होंने बताया कि मुआवजे से उन्होंने सीतापुर के बिसवां रोड पर 16 बीघे जमीन खरीदी है, बाकी पैसे को बैंक में जमा कर दिया है।

    उन्होंने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के प्रति सम्मान व्यक्त करते हुए कहा कि सरकार की प्रक्रिया से उन्हें अपनी जमीन का बेहतर उपयोग करने का अवसर मिला। उन्होंने मुख्यमंत्री को धन्यवाद और आभार जताया।

  • बिहार के दो वायरल वीडियो पर पुलिस मुख्यालय का खुलासा, समस्तीपुर में केस दर्ज; मधेपुरा में विवाद था

    बिहार के दो वायरल वीडियो पर पुलिस मुख्यालय का खुलासा, समस्तीपुर में केस दर्ज; मधेपुरा में विवाद था

     समस्तीपुर
    बिहार में जमुई जिले के बाद समस्तीपुर में लड़की से हैवानियत का वीडियो सामने आने के बाद अब राज्य में महिलाओं की सुरक्षा सवालों के कटघरे में है। अब समस्तीपुर और मधेपुरा में छात्रा से छेड़खानी के वायरल वीडियो के मामले में बिहार पुलिस मुख्यालय ने अपनी सफाई दी है। पुलिस मुख्यालय की तरफ से बताया गया है कि समस्तीपुर का वायरल वीडियो करीब एक सप्ताह पुराना है। तत्काल पीड़िता की पहचान स्थापित नहीं हो पाने तथा घटना की संवेदनशीलता को देखते हुए पुलिस पदाधिकारी के बयान के आधार पर ही बीएनएस, पॉक्सो एवं आईटी एक्ट की सुसंगत धाराओं में 24 सितंबर को कर्पूरीग्राम थाना में केस दर्ज किया गया है। कांड में संलिप्त सभी अभियुक्तों की पहचान करते हुए सूचना मिलने के छह घंटे के भीतर ही कांड में सम्मिलित सभी चार अभियुक्तों को गिरफ्तार कर लिया गया है।

    इनकी पहचान समस्तीपुर के कर्पूरीग्राम थाना अंतर्गत जगतसिंहपुर गांव के विकास कुमार, राहुल कुमार, रामबाबू सहनी और बिजौलिया गांव के अवधेश पासवान के रूप में हुई है। पीड़िता प्रथम दृष्टया नाबालिग बताई जा रही है। समस्तीपुर पुलिस ने पीड़िता की पहचान उजागर करने वाले अथवा पीड़िता के लिए मानसिक एवं सामाजिक क्षति पहुंचाने वाले पोस्ट और कंटेंट सोशल मीडिया पर शेयर करने से बचने की अपील की है।

    मधेपुरा में क्या हुआ था, पुलिस ने बताया
    वहीं, मधेपुरा के उदाकिशुनगंज में उदा स्कूल के बाहर वायरल वीडियो पर भी पुलिस मुख्यालय ने स्थिति स्पष्ट की है। सत्यापन में पता चला है कि वायरल वीडियो 22 सितंबर का उदा उत्क्रमित उच्च माध्यमिक विद्यालय, उदाकिशुनगंज के बाहर का है। उक्त विद्यालय में अर्द्धवार्षिक परीक्षा का संचालन हो रहा था। प्रथम पाली की परीक्षा समाप्ति के बाद जब छात्र-छात्राएं स्कूल से बाहर निकलकर अपने घर जा रहे थे तो रास्ते में स्कूल के बाहर सड़क पर एक लड़का मोटरसाइकिल लगाकर खड़ा था।

    स्कूल के किसी छात्रा से मिलने आने के संदेह होने पर स्कूल के नाबालिग छात्रों के द्वारा पूछताछ किया जा रहा था। इसी क्रम में स्कूल के अन्य छात्र-छात्राएं वहां पर आ गये और आपस में बहस करते हुए विवाद करने लगे। इस बात की सूचना पर स्कूल के शिक्षक भी वहां आ गये और सभी छात्र-छात्राओं को समझा-बुझाकर वहां से हटा दिये। इस बहसा-बहसी के दौरान छेड़खानी या कोई अप्रिय घटना घटित नहीं हुई है। वीडियो में दिख रहे सभी नाबालिग बच्चे को चिन्हित कर लिया गया है एवं उनके परिजनों को नोटिस दिया गया है। जेजे एक्ट के तहत कार्रवाई की जा रही है।

  • हरियाणा भाजपा में बड़ा संगठनात्मक बदलाव, स्मृति ईरानी को मिली प्रभारी की जिम्मेदारी

    हरियाणा भाजपा में बड़ा संगठनात्मक बदलाव, स्मृति ईरानी को मिली प्रभारी की जिम्मेदारी

     चंडीगढ़
     भाजपा के शीर्ष नेतृत्व ने हरियाणा के संगठन की कमान पूर्व केंद्रीय मंत्री और राष्ट्रीय महामंत्री स्मृति ईरानी को सौंपकर केवल प्रभारी नहीं बदला है, बल्कि राज्य संगठन के लिए एक ऐसा चेहरा चुना है, जिसके पास सत्ता, संगठन और जनसंपर्क, तीनों स्तरों का बड़ा अनुभव हासिल है।

    भाजपा ने उन्हें हरियाणा के साथ छत्तीसगढ़ का प्रभारी नियुक्त कर उनकी संगठन क्षमता और नेतृत्व पर भरोसा जताया है। स्मृति ईरानी के सामने सबसे बड़ी चुनौती साल 2029 में होने वाले विधानसभा चुनाव में चौथी बार भाजपा सरकार की वापसी कराने की होगी।

    कैसी रहेगी स्मृति ईरानी की भूमिका
    हरियाणा में भाजपा लगातार तीसरी बार सरकार बनाने के बाद अब संगठन को केवल चुनावी मशीनरी के रूप में नहीं, बल्कि अगले राजनीतिक चक्र की तैयारी करने वाले ढांचे के रूप में मजबूत करना चाहेगी।

    ऐसे में स्मृति ईरानी की भूमिका सरकार और संगठन के बीच बेहतर संवाद, कार्यकर्ताओं की सक्रियता और जमीनी फीडबैक को ऊपर तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण हो सकती है।

    उनकी सार्वजनिक राजनीतिक शैली और राष्ट्रीय स्तर पर संवाद का अनुभव पार्टी को हरियाणा के मुद्दों को व्यापक राजनीतिक दृष्टिकोण (नैरेटिव) से जोड़ने में मदद दे सकता है।
    स्मृति ईरानी का भाजपा संगठन से जुड़ाव केवल केंद्रीय मंत्री या राष्ट्रीय महामंत्री बनने तक सीमित नहीं रहा है।

    वह भाजपा की राष्ट्रीय कार्यकारिणी की सदस्य, महाराष्ट्र भाजपा युवा मोर्चा की उपाध्यक्ष, महाराष्ट्र भाजपा की प्रदेश सचिव, भाजपा की राष्ट्रीय उपाध्यक्ष और भाजपा महिला मोर्चा की राष्ट्रीय अध्यक्ष भी रह चुकी हैं। इसी साल अगस्त में उन्हें भाजपा की नई राष्ट्रीय टीम में राष्ट्रीय महामंत्री बनाया गया है।

    ऐसे में उन्हें संगठन चलाने का व्यापक और लंबा अनुभव हासिल है, जिसका लाभ हरियाणा भाजपा को मिलने की संभावना से इन्कार नहीं किया जा सकता।

    हरियाणा भाजपा के लिए स्मृति ईरानी की नियुक्ति की वास्तविक अहमियत इसी में होगी कि वह संगठन को केवल चुनाव के समय सक्रिय होने वाली संरचना से आगे ले जाकर लगातार संवाद करने वाले राजनीतिक संगठन में कितना बदल पाती हैं।

    उनकी राष्ट्रीय पहचान पहले से मौजूद है। अब परीक्षा हरियाणा की स्थानीय राजनीतिक बारीकियों को समझकर उस पहचान को संगठनात्मक परिणाम में बदलने की होगी।
    महिला नेतृत्व का हरियाणा कनेक्ट और संगठन के सामने असली कसौटी

    पूर्व केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी के महिला मोर्चा के राष्ट्रीय नेतृत्व का अनुभव हरियाणा के लिए अलग तरह का अवसर पैदा करने वाला होगा।

    हरियाणा में महिला मतदाताओं की राजनीतिक भागीदारी बढ़ाने, महिला कार्यकर्ताओं को बूथ स्तर पर अधिक प्रभावी भूमिका देने और महिलाओं से जुड़े स्थानीय मुद्दों को संगठन के एजेंडे में प्रमुखता देने की दिशा में भाजपा उनके अनुभव का लाभ उठाने का कोई मौका नहीं चूकेगी।

    महिला एवं बाल विकास मंत्रालय संभालने के दौरान भी उन्हें देशभर में महिला और बाल कल्याण से जुड़े मुद्दों पर काम करने का प्रशासनिक अनुभव मिला था।

    स्मृति ईरानी के सामने चुनौतियां भी कम नहीं
    हरियाणा भाजपा की प्रभारी स्मृति ईरानी के सामने चुनौतियां भी कम नहीं होंगी। संगठन में सरकार और कार्यकर्ताओं के बीच संवाद को लगातार सक्रिय रखना, स्थानीय नेताओं के बीच बेहतर समन्वय, बूथ स्तर तक संगठन की ऊर्जा बनाए रखना और युवाओं तथा महिलाओं को पार्टी की अगली पंक्ति में अधिक जगह देना ऐसी बड़ी कसौटियां होंगी, जिन पर उनकी परीक्षा होने वाली है।

    हालिया संगठनात्मक बदलाव के बाद प्रदेश अध्यक्ष बदले जाने और प्रभारी की नई जिम्मेदारी आने से टीम के भीतर भूमिकाओं और प्राथमिकताओं का तालमेल भी महत्वपूर्ण रहने वाला है।

    दिल्ली की राजनीति के अनुभव का मिलेगा हरियाणा को फायदा
    स्मृति ईरानी अपने अनुभव का सबसे प्रभावी इस्तेमाल हरियाणा में बखूबी कर सकती हैं। दिल्ली के राजनीतिक अनुभव को हरियाणा, राजधानी चंडीगढ़ और जिलों की जमीनी राजनीति से जोड़कर चलना उनके लिए आसान होगा।

    राष्ट्रीय मुद्दों की भाषा को हरियाणा के स्थानीय सरोकारों में बदलना, कार्यकर्ताओं से सीधे संवाद की व्यवस्था बनाना और संगठन के भीतर फीडबैक की ऐसी प्रणाली तैयार करना, जिसमें फैसले केवल ऊपर से नीचे न आएं, बल्कि नीचे से ऊपर भी जाएं, यह उनके कार्यकाल की दिशा तय करेगा।

  • लखनऊ को मिलेंगी नई आवासीय योजनाएं, ₹12 हजार करोड़ से वरुण विहार-नैमिष नगर का विकास

    लखनऊ को मिलेंगी नई आवासीय योजनाएं, ₹12 हजार करोड़ से वरुण विहार-नैमिष नगर का विकास

    लखनऊ
    मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गुरुवार सुबह बारिश होने के बावजूद ‘जनता दर्शन’ किया। दूरदराज से आए लोगों से फरियादियों से गोरखनाथ मंदिर में मुलाकात कर सीएम योगी ने उन्हें कार्रवाई का भरोसा दिलाया। जमीन कब्जे की शिकायत पर सीएम योगी ने सख्ती दिखाई। उन्होंने तुरंत अधिकारियों को निर्देशित किया कि जमीन कब्जामुक्त कराने के साथ जबरन कब्जा करने वालों को कड़ा कानूनी सबक सिखाया जाए।

    बारिश की वजह से मुख्यमंत्री के निर्देश पर लोगों की सुविधा के लिए जनता दर्शन का आयोजन गोरखनाथ मंदिर परिसर के महंत दिग्विजयनाथ स्मृति भवन सभागार में किया गया। इस दौरान सीएम योगी ने करीब 200 लोगों की समस्याएं सुनीं और अधिकारियों को उनका समाधान करने का निर्देश दिया। कुर्सियों पर बैठाए गए लोगों तक पहुंचकर मुख्यमंत्री ने उनकी पीड़ा जानी और आश्वस्त किया कि सभी की समस्याओं का समाधान सुनिश्चित किया जाएगा। जनता दर्शन में मुख्यमंत्री ने वहां मौजूद अधिकारियों को निर्देशित किया कि हर पीड़ित व्यक्ति की समस्या पर संवेदनशीलता से ध्यान दें और तत्परता से उसका समयबद्ध व पारदर्शी निस्तारण कराएं।

    इलाज के लिए मिलेगी पर्याप्त राशि
    जनता दर्शन में शिकायत लेकर पहुंचीं कुछ महिलाओं ने उनकी जमीन जबरन कब्जा कर लिए जाने की शिकायत की। इस पर मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि यदि किसी दबंग ने किसी गरीब की जमीन हड़पी है तो उसके खिलाफ कठोर कानूनी कार्रवाई की जाए। जमीन अवैध याया जबरन कब्जे से मुक्त होनी चाहिए। हर बार की तरह जनता दर्शन में कुछ लोग गंभीर बीमारियों के इलाज में आर्थिक मदद की गुहार लेकर पहुंचे थे। ऐसे मामलों में सीएम योगी ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि इलाज में अस्पताल के एस्टीमेट की प्रक्रिया को जल्द पूर्ण कराकर शासन में भेजें। मुख्यमंत्री विवेकाधीन कोष से इलाज के लिए पर्याप्त राशि दी जाएगी।

    लखनऊ के विस्तार को मिलेगी गति
    वहीं दूसरी ओर सीएम योगी आदित्यनाथ ने कहा, लखनऊ के नियोजित विस्तार और नागरिकों के अपने स्थायी घर के सपने को साकार करने की दिशा में गुरुवार को एक नया अध्याय जुड़ने जा रहा है। सीएम ने एक्स पर लिखा, 10,680 एकड़ क्षेत्रफल में 12,000 करोड़ रुपये की लागत से विकसित की जा रही वरुण विहार और नैमिष नगर आवासीय योजनाओं का शिलान्यास किया जाएगा। इसके साथ ही इन योजनाओं के तहत भूखंडों के पंजीकरण का शुभारंभ भी होगा। इस अवसर पर 2,166 करोड़ रुपये की लागत से प्रस्तावित पांच बहुमंजिला आवासीय परियोजनाओं की आधारशिला भी रखी जाएगी। योगी आदित्यनाथ ने कहा कि विकसित शहर, सुविधाजनक जीवन और सुरक्षित आवास 'नए उत्तर प्रदेश' में 'नए लखनऊ' की पहचान बन रहे हैं। सरकार का उद्देश्य राजधानी के नियोजित विस्तार के साथ नागरिकों को बेहतर आवासीय सुविधाएं उपलब्ध कराना और उनके अपने स्थायी घर के सपने को साकार करने की दिशा में काम करना है। मुख्यमंत्री के अनुसार, वरुण विहार और नैमिष नगर योजनाओं के विकास तथा प्रस्तावित बहुमंजिला आवासीय परियोजनाओं से लखनऊ के विस्तार को नई दिशा मिलेगी। इन पहलों को राजधानी में आवासीय सुविधाओं के विस्तार और नियोजित शहरी विकास से जोड़कर देखा जा रहा है।

  • पंजाब में ED एक्शन पर AAP का विरोध, केंद्र पर लगाए गंभीर आरोप

    पंजाब में ED एक्शन पर AAP का विरोध, केंद्र पर लगाए गंभीर आरोप

    चंडीगढ़.

    पंजाब में ईडी की कार्रवाई को लेकर आम आदमी पार्टी ने केंद्र सरकार और भाजपा के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। दिल्ली के पूर्व उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने कहा कि चुनाव नजदीक आते ही भाजपा ईडी की रेड करवाने लगती है।

    पंजाब को दबाने के लिए चार लाख ईडी के अधिकारी भी भेज दिए जाएं तो पंजाबी डरने वाले नहीं हैं। सिसोदिया ने आरोप लगाया कि भाजपा की नीयत पंजाब पर कब्जा करने की है और इसी उद्देश्य से ईडी को पंजाब भेजा गया है। उन्होंने कहा कि ईडी पंजाब में रेड करके कुछ नहीं पा सकेगी। सिसोदिया ने पंजाब में कट्टर ईमानदारी वाली सरकार चलने का दावा करते हुए कहा कि यहां ईडी को भ्रष्टाचार नहीं मिलेगा। उन्होंने आरोप लगाया कि ईडी के अधिकारी लोगों के घरों के ताले तोड़कर अंदर जा रहे हैं।

  • वडनगर से वाराणसी तक सेवा संकल्प यात्रा, भजनलाल बोले- युवा, महिला, किसान और मजदूर का सशक्तिकरण

    वडनगर से वाराणसी तक सेवा संकल्प यात्रा, भजनलाल बोले- युवा, महिला, किसान और मजदूर का सशक्तिकरण

    जयपुर
    मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि यशस्वी प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का गत 25 वर्षों से एक-एक क्षण सेवा के लिए समर्पित रहा है। सेवा के इस संदेश को जन-जन तक पहुंचाने के लिए वडनगर से वाराणसी तक की सेवा संकल्प यात्रा का आयोजन किया जा रहा है। यह सेवा संकल्प अभियान 17 सितंबर से 17 अक्टूबर तक चलेगा।

    मुख्यमंत्री गुरूवार को बीकानेर में सेवा संवाद कार्यक्रम-सेवा संकल्प यात्रा अभियान को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि यशस्वी प्रधानमंत्री ने सामाजिक सरोकार के कार्यों को तेजी से आगे बढ़ाया है। बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ अभियान, स्वच्छ भारत अभियान, एक पेड़ मां के नाम जैसे अभियानों ने समाज और देश को नई दिशा दी है। राजस्थान भी उनके एक पेड़ मां के नाम अभियान से प्रेरित होकर हरियालो राजस्थान अभियान चला रहा है, जिसके अंतर्गत 5 वर्षों में 50 करोड़ पौधे लगाने का संकल्प लिया है। इसमें से अब तक 28 करोड़ पौधे लगा चुके हैं।

    इंफ्रास्ट्रक्चर से लेकर गरीब कल्याण की योजनाओं में आया बड़ा बदलाव, दुनियाभर के देशों की नजर भारत पर
    उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री के नेतृत्व में भारत का दुनियाभर में गौरव बढ़ा है। 2014 से पहले हमारा देश आतंकवाद, नक्सलवाद, भ्रष्टाचार और तुष्टीकरण से प्रभावित था। लाखों-करोड़ों रुपये का भ्रष्टाचार होता था और सीमाएं असुरक्षित थीं। लेकिन जब से प्रधानमंत्री ने देश की कमान संभाली स्थितियां पूरी तरह से बदल गई। देश में इंफ्रास्ट्रक्चर से लेकर गरीब कल्याण की योजनाओं में बड़ा बदलाव आया है। 2014 में हमारे देश की अर्थव्यवस्था 11वें स्थान पर थी। लेकिन आज देश विश्व की अग्रणी अर्थव्यवस्था बन गया है। आज दुनियाभर के छोटे से लेकर बड़े देशों की नजर भारत पर है।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री के नेतृत्व में राष्ट्र प्रथम की भावना से काम हो रहा है। देश की दशकों से अटकी 10 अंतर-राज्यीय परियोजनाओं का उन्होंने समाधान किया है। इनमें राजस्थान की पानी की आवश्यकता की पूर्ति के लिए चार परियोजनाएं-रामजल सेतु, यमुना जल समझौता, नर्मदा समझौता और किशाऊ बहुद्देश्यीय बांध परियोजना शामिल हैं। इनमें 1 लाख करोड़ रुपये लागत की रामजल सेतु लिंक परियोजना में लगभग 41 हजार करोड़ रुपये के कार्य किए जा रहे हैं। वहीं, 35 हजार करोड़ रुपये की यमुना जल परियोजना को धरातल पर तेजी से उतारा जा रहा है।  

    उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री के नेतृत्व में चार जातियों-युवा, महिला, किसान और मजदूर का सशक्तिकरण किया जा रहा है। उनके मार्गदर्शन में राजस्थान में विकास के नए आयाम स्थापित हो रहे हैं। हमारा प्रदेश ऊर्जा क्षेत्र में आत्मनिर्भर बन रहा है और आज राजस्थान अन्य राज्यों को बिजली दे रहा है। वहीं, राज्य सरकार किसानों का कल्याण, महिलाओं को आजीविका तथा युवाओं को रोजगार सुनिश्चित कर रही है।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि जरूरतमंद लोगों को प्रधानमंत्री आवास उपलब्ध कराए जा रहे हैं। विमुक्त, घुमंतू तथा अर्द्ध घुमंतू परिवारों को पट्टे देकर उनको स्थाई रूप से बसाने का काम किया जा रहा है। निस्वार्थ सेवा, अनुशासन, करुणा, सामाजिक जिम्मेदारी, यह हमें जनमानस से जोड़ती हैं। हम सभी को जनता के प्रति संवेदनशील होना चाहिए।

    इससे पहले मुख्यमंत्री ने बीकानेर में वेटरनरी कॉलेज में सेवा संकल्प कार्यक्रम के तहत आयोजित हो रही बाइक रैली के राइडर्स के साथ प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के हुए संवाद को वीसी के माध्यम से देखा। मुख्यमंत्री ने बाइक राइडर्स से संवाद कर उनके अनुभव जाने। इस दौरान उन्होंने कलश यात्रा और वडनगर से वाराणसी जा रहे बाइक रैली को रवाना किया। उन्होंने पौधारोपण कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया।

    इस अवसर पर खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति मंत्री सुमित गोदारा, विधायकगण सहित जनप्रतिनिधि एवं बड़ी संख्या में आमजन उपस्थित रहे।