Category: राज्य

  • वरुण विहार-नैमिष नगर से बदलेगी लखनऊ की तस्वीर, 4526 प्लॉट का रजिस्ट्रेशन शुरू

    वरुण विहार-नैमिष नगर से बदलेगी लखनऊ की तस्वीर, 4526 प्लॉट का रजिस्ट्रेशन शुरू

    लखनऊ
    मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गुरुवार को कहा कि पिछली सरकारों की तरह अब लखनऊ में कट्टा और बम नहीं, बल्कि ब्रह्मोस मिसाइल बन रही है। एयरपोर्ट और मेट्रो का विस्तार हो रहा है तथा आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर लखनऊ को नई पहचान दे रहा है। दो नई योजनाओं से 10 लाख लोगों को घर की सौगात मिलेगी। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने आगरा एक्सप्रेसवे के पास दोना गांव में 12 हजार करोड़ से 10,680 एकड़ में विकसित होने वाली लखनऊ विकास प्राधिकरण की वरुण विहार और नैमिष नगर आवासीय योजनाओं का भूमिपूजन करने के साथ भूखंडों के पंजीकरण का शुभारंभ किया। उन्होंने 2,166 करोड़ से प्रस्तावित पांच बहुमंजिला अपार्टमेंट का भी शिलान्यास किया। योजनाओं का लेआउट देखकर अधिकारियों को कई सुझाव दिए।

    अनियोजित विकास के परिणाम गलत
    मुख्यमंत्री ने कहा कि अनियोजित विकास के परिणाम गलत होते हैं। लोग जहां-तहां जमीन खरीद लेते थे, पर वहां सड़क, बिजली और पानी की व्यवस्था नहीं होती थी। जलभराव से लोगों को नारकीय जीवन व्यतीत करना पड़ता था। जमीन किसी दबंग या गुंडे को बेच दिए जाने पर नई समस्या खड़ी हो जाती थी। इसलिए बढ़ती आबादी के लिए नियोजित शहरी विकास आवश्यक है। गत वर्ष 785 एकड़ में अनंत नगर आवासीय परियोजना को 23 वर्ष बाद आगे बढ़ाया गया। अब दो बड़ी परियोजनाएं शुरू हो रही हैं।

    किसान पथ, ग्रीन कॉरिडोर दे रहे नई पहचान
    योगी ने कहा कि लखनऊ शिक्षा, हेल्थ केयर, आधुनिक तकनीक और मैन्युफैक्चरिंग के हब के रूप में आगे बढ़ा है। टाटा की ऑटोमोबाइल फैक्टरी, अशोक लीलैंड का इलेक्ट्रिक व्हीकल मैन्युफैक्चरिंग प्लांट, किसान पथ, ग्रीन कॉरिडोर और आईटी सिटी इसे नई पहचान दे रहे हैं। विश्वस्तरीय इंफ्रास्ट्रक्चर, पब्लिक मोबिलिटी, शिक्षा, पर्यटन और बेहतर कनेक्टिविटी पर काम होगा।

    एससीआर से होगा छह जिलों का विकास
    सीएम ने कहा कि वरुण विहार 6,500 एकड़ से अधिक क्षेत्रफल में विकसित होगा, जहां छह लाख से अधिक लोगों के लिए आवासीय सुविधा होगी। नैमिष नगर 4,100 एकड़ में विकसित होगा और चार लाख से अधिक लोग इसका लाभ ले सकेंगे। लखनऊ को महानगर या जनपद तक सीमित न रख कर स्टेट कैपिटल रीजन के रूप में व्यवस्थित विकास किया जा रहा है। लखनऊ के साथ उन्नाव, हरदोई, सीतापुर, बाराबंकी व रायबरेली के क्षेत्रीय विकास की योजना बन रही है।

    वरुण देव-ऋषि की प्रतिमा लगेगी
    महत्वाकांक्षी आवासीय योजनाओं वरुण विहार और नैमिष नगर को उनकी विशिष्ट पहचान देने की तैयारी भी शुरू हो गई है। गुरुवार को आयोजित भूमि पूजन कार्यक्रम के दौरान दोनों योजनाओं के लिए तैयार कराई गई विशेष प्रतिमाएं कार्यक्रम स्थल पर प्रदर्शित की गईं। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इनका अवलोकन किया और योजनाओं की अवधारणा से जुड़ी जानकारी प्राप्त की।

    वरुण विहार योजना में जल और जीवन के प्रतीक माने जाने वाले वरुण देव की प्रतिमा स्थापित की जाएगी, जबकि नैमिष नगर योजना के प्रवेश द्वार पर ऋषि की प्रतिमा लगाई जाएगी। इन प्रतिमाओं के माध्यम से दोनों योजनाओं की सांस्कृतिक और आध्यात्मिक पहचान को प्रमुखता से प्रदर्शित करने का प्रयास किया जा रहा है। फिलहाल प्रतिमाओं को कार्यक्रम स्थल पर अस्थायी रूप से रखा गया था ताकि आगंतुक अवलोकन कर सकें।

    भूमिपूजन में 50 हजार से ज्यादा लोग पहुंचे
    आवासीय योजनाओं के भूमिपूजन कार्यक्रम में 50 हजार से ज्यादा लोग पहुंचे। मुख्यमंत्री ने इस मौके पर कहा कि पहले किसी आवासीय योजना को लाने में 20 साल तक लग जाते थे, लेकिन अब स्थिति बदल गई है। अब एक साल भी नहीं लगता और नई योजनाएं सामने आ जाती हैं। एलडीए वीसी प्रथमेश कुमार ने सीएम को योजनाओं की जानकारी दी।
    अदिति अपार्टमेंट में सबसे ज्यादा 1932 फ्लैट होंगे

    पांचों योजनाओं में सबसे अधिक फ्लैट अनंत नगर में प्रस्तावित अदिति अपार्टमेंट में 1932 प्रस्तावित हैं। गोमती नगर के विराज खंड में लेक व्यू अपार्टमेंट में 646 फ्लैट बनेंगे। शारदा नगर विस्तार में बागेश्वरी अपार्टमेंट में 824, ऐशबाग स्क्वायर में 384 फ्लैट, बसंत कुंज स्थित पार्क व्यू अपार्टमेंट में 364 फ्लैट प्रस्तावित हैं।

    एक माह तक खुला रहेगा भूखंडों का पंजीकरण
    दोनों योजनाओं में पंजीकरण 24 अक्तूबर तक खुला रहेगा। इच्छुक लोग अपनी जरूरत और बजट के अनुसार विभिन्न आकार के भूखंडों के लिए आवेदन कर सकेंगे। नैमिष नगर में 72 वर्गमीटर से 450 वर्गमीटर तक तथा वरुण विहार में 112.5 वर्गमीटर से 450 वर्गमीटर तक के भूखंड उपलब्ध हैं। भूमि पूजन के साथ ही पंजीकरण शुरू होने से लोगों में खासा उत्साह देखने को मिला।

    14 हजार करोड़ से ज्यादा की परियोजना का शुभारंभ
    टाउनशिप और अपार्टमेंट परियोजनाओं को मिलाकर कुल 14,166 करोड़ रुपये की परियोजनाओं का शुभारंभ हुआ, जिन्हें राजधानी के साथ प्रदेश भर के लोगों की आवासीय जरूरतों को पूरा करने की दिशा में बड़ा कदम माना जा रहा है। मुख्यमन्त्री के शुभारम्भ करने के साथ दोनों टाउनशिप में 4526 भूखंडों के लिए पंजीकरण शुरू हो गया। नैमिष नगर और वरुण विहार परियोजनाएं करीब 10,680 एकड़ क्षेत्र में विकसित की जा रही हैं। इनके विकास पर लगभग 12,000 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे।

    राजधानी विकास का प्रमुख केंद्र बनेंगी योजनाएं
    एलडीए वीसी प्रथमेश कुमार के अनुसार दोनों परियोजनाएं आधुनिक आवासीय सुविधाओं के साथ विकसित की जा रही हैं और भविष्य में राजधानी के विस्तार का प्रमुख केंद्र बनेंगी। मुख्यमंत्री के भूमि पूजन के साथ ही दोनों योजनाओं में भूखंडों के लिए पंजीकरण भी शुरू कर दिया गया। वरुण विहार में 2,847 तथा नैमिष नगर में 1,679 भूखंडों के लिए आवेदन आमंत्रित किए गए हैं। इस प्रकार कुल 4,526 भूखंडों के लिए पंजीकरण खोला गया है। वरुण विहार में 2800 और नैमिष नगर में 3800 रुपए प्रतिवर्ग फुट की दर से प्लॉट मिलेगा।

    कनेक्टिविटी पर सबसे ज्यादा जोर
    दोनों योजनाओं की सबसे बड़ी विशेषता उनकी कनेक्टिविटी मानी जा रही है। नैमिष नगर सीतापुर रोड पर भारतीय प्रबंधन संस्थान (आईआईएम) के निकट स्थित है। एलडीए वरुण विहार को सीधे आगरा एक्सप्रेसवे से जोड़ने की दिशा में भी काम कर रहा है। इसके लिए यूपीडा को पत्र भेजा जा चुका है।

    भविष्य के सुनियोजित विस्तार की आधारशिला हैं आवासीय योजनाएं
    सरोजनी नगर विधायक डॉ. राजेश्वर सिंह ने कहा कि मुख्यमंत्री के नेतृत्व में उनके विधानसभा क्षेत्र में 5,700 कार्य और 48 हजार करोड़ के कार्य धरातल पर उतर रहे हैं। वरुण विहार और नैमिष नगर लखनऊ के भविष्य के सुनियोजित विस्तार की आधारशिला हैं।

    बख्शी का तालाब विधायक योगेश शुक्ला ने आरोप लगाया कि पिछली सरकारों में एलडीए को किनारे कर सपा पोषित गुंडों और माफिया को प्रॉपर्टी डीलिंग में बढ़ावा दिया गया। कार्यक्रम में महापौर सुषमा खर्कवाल, राज्यसभा सांसद संजय सेठ, विधान परिषद सदस्य डॉ. महेंद्र कुमार सिंह, विधायक डॉ. नीरज बोरा और विधायक ओ.पी. श्रीवास्तव, बीजेपी नगर अध्यक्ष आनंद द्विवेदी मौजूद रहे।

  • Asian Games 2026: परिनाज-सतनाम ने बढ़ाया पंजाब का मान, जीते कांस्य पदक

    Asian Games 2026: परिनाज-सतनाम ने बढ़ाया पंजाब का मान, जीते कांस्य पदक

    अमृतसर.

    जापान के आइची-नागोया में आयोजित हो रहे 20वें एशियाई खेलों के मंच पर पंजाब के जांबाज खिलाड़ियों ने अपनी अद्भुत प्रतिभा, अदम्य साहस और बेजोड़ खेल कौशल का ऐतिहासिक प्रदर्शन करते हुए पूरे देश में गौरव और उत्साह की एक नई लहर पैदा कर दी है।

    एथलेटिक्स के रेस ट्रैक से लेकर निशानेबाजी की शूटिंग रेंज तक, और रोइंग के वाटर कोर्स से लेकर हॉकी के मैदान तक, पंजाब की मिट्टी से निकले इन होनहार एथलीटों ने हर जगह अपनी धाक जमाई है। जालंधर, पटियाला, मानसा और संगरूर जैसे जिलों से आए खिलाड़ियों ने न केवल व्यक्तिगत स्तर पर नए मुकाम हासिल किए, बल्कि महत्वपूर्ण मुकाबलों में पदक जीतकर और निर्णायक जीत दर्ज कराकर यह साबित कर दिया कि भारतीय खेल जगत में पंजाब का दबदबा आज भी अटूट है।

  • 2029 तक नशामुक्त यूपी का लक्ष्य, डीजीपी ने बताई

    2029 तक नशामुक्त यूपी का लक्ष्य, डीजीपी ने बताई

    नशे के खिलाफ योगी सरकार की जीरो टॉलरेंस नीति, लगातार तेज हुई कार्रवाई

    उत्तर प्रदेश को वर्ष 2029 तक नशामुक्त बनाने का लक्ष्य: डीजीपी

    नशे के सौदागरों पर दोहरी मार, तस्करों का निरुद्धीकरण और अवैध संपत्ति जब्ती तेज

    2026 में उत्तर प्रदेश में 78.5 करोड़ की अवैध संपत्ति जब्त की गई

    लखनऊ, 
     योगी सरकार की नशे के खिलाफ जीरो टॉलरेंस नीति का असर उत्तर प्रदेश में लगातार दिखाई दे रहा है। यूपी पुलिस और एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स (एएनटीएफ) ने नशीले पदार्थों के कारोबार में शामिल तस्करों के खिलाफ कार्रवाई तेज करने के साथ उनकी अवैध संपत्तियों पर भी शिकंजा कसा है। मादक पदार्थों के तस्करों के विरुद्ध निरुद्धीकरण की कार्रवाई में तेजी आई है। वर्ष 2026 में 23 सितंबर तक प्रदेश में 71 तस्करों के खिलाफ पीआईटी एनडीपीएस एक्ट के तहत कार्रवाई की गई।

    यूपी डीजीपी राजीव कृष्ण ने बताया कि नशे के खिलाफ कार्रवाई का उद्देश्य केवल तस्करों को गिरफ्तार करना नहीं, बल्कि उनके पूरे नेटवर्क को तोड़ना और नशे के कारोबार से अर्जित अवैध संपत्ति को जब्त करना भी है। उत्तर प्रदेश को वर्ष 2029 तक नशामुक्त बनाने के लक्ष्य की दिशा में कार्रवाई तेज की जा रही है।

    अवैध संपत्ति जब्ती में भी बड़ी कार्रवाई
    नशे के कारोबार से कमाई गई अवैध संपत्ति को जब्त कर तस्करों की आर्थिक कमर तोड़ने पर भी जोर दिया गया। वर्ष 2025 में 29 मामलों में करीब 11 करोड़ रुपये की संपत्ति जब्त हुई। वहीं वर्ष 2026 में 23 सितंबर तक 88 मामलों में करीब 78.5 करोड़ रुपये की अवैध संपत्ति जब्त की गई। 

    लगातार कार्रवाई से दिखा योगी सरकार का सख्त रुख
    योगी सरकार में पीआईटी एनडीपीएस एक्ट के तहत वर्ष 2024 में प्रदेश में सात तस्करों के खिलाफ कार्रवाई हुई, जिसमें एएनटीएफ की पांच कार्रवाई शामिल थीं। वर्ष 2025 में प्रदेश में 19 और वर्ष 2026 में 71 तस्करों के खिलाफ निरुद्धीकरण की कार्रवाई की गई। इनमें वर्ष 2026 में एएनटीएफ ने 33 तस्करों के खिलाफ कार्रवाई की। प्रदेश में अवैध संपत्ति जब्ती के मामले में भी कार्रवाई लगातार बढ़ी है। वर्ष 2024 में एएनटीएफ ने चार मामलों में करीब एक करोड़ रुपये की संपत्ति जब्त की। वर्ष 2025 में 29 मामलों में करीब 11 करोड़ रुपये और वर्ष 2026 में 50 मामलों में करीब 10 करोड़ रुपये की कार्रवाई एएनटीएफ ने की। पुलिस और एएनटीएफ की संयुक्त कार्रवाई के आंकड़ों में वर्ष 2026 में कुल जब्ती करीब 78.5 करोड़ रुपये हुई।

    कुख्यात तस्करों के नेटवर्क पर सीधा प्रहार
    पीआईटी एनडीपीएस एक्ट के तहत गुरुमेल सिंह, भोला प्रसाद, संजीव राणा, विभोर राणा, शेरमणि पटेल और परमानंद उर्फ पप्पू जैसे कुख्यात मादक पदार्थ तस्करों के खिलाफ निरुद्धीकरण (गिरफ्तारी) की कार्रवाई की गई है।

    बॉक्स
    नशे के कारोबार की जड़ पर वार
    डीजीपी ने कहा कि हमारी कार्रवाई केवल तस्करों की गिरफ्तारी तक सीमित नहीं है। एनडीपीएस एक्ट की धारा 68(ई) और 68(एफ) के तहत नशीले पदार्थों की तस्करी से अर्जित अवैध संपत्ति को पहले अस्थायी रूप से फ्रीज और जांच व सुनवाई के बाद स्थायी रूप से जब्त किया जा रहा है। इसके जरिए तस्करों को आर्थिक रूप से कमजोर भी किया जा रहा है।

  • मेरठ में किसानों की खेती पर मंथन, गन्ने से बासमती तक चर्चा

    मेरठ में किसानों की खेती पर मंथन, गन्ने से बासमती तक चर्चा

    गन्ने से बासमती तक, खेती की चुनौतियों पर मेरठ में हुआ मंथन

    -किसान कारवां 2.0 के दूसरे पड़ाव में कृषिवीरों को किया गया सम्मानित

    -खेती किसानी की क्विज में 15 किसानों ने जीते एक-एक हजार रुपये

    मेरठ
    पश्चिमी उत्तर प्रदेश के किसानों से खेती की मौजूदा चुनौतियों, तकनीक और बाजार से जुड़े मुद्दों पर सीधे संवाद के लिए शुरू किया गया किसान कारवां 2.0 गुरुवार को मेरठ पहुंचा। आईआईएमटी विश्वविद्यालय के ऑडिटोरियम में आयोजित क्षेत्रीय किसान महासभा में बड़ी संख्या में किसानों ने भाग लिया। किसान तक और उत्तर प्रदेश सरकार के सहयोग से हुए आयोजन में गन्ना, बासमती, फसल सुरक्षा, प्राकृतिक खेती और आधुनिक कृषि तकनीक जैसे विषयों पर विशेषज्ञों और किसानों ने विचार साझा किए।कार्यक्रम की शुरुआत सुबह करीब 10 बजे हुई। कृषि से जुड़े संदेशों को मनोरंजन के माध्यम से किसानों तक पहुंचाने के लिए जादूगर सलमान ने कृषि विषयों पर आधारित प्रस्तुति दी। जादू के जरिए खेती से जुड़े संदेशों को रोचक अंदाज में पेश किया गया।

    बासमती को बाजार और निर्यात से जोड़ने पर जोर
    पश्चिमी उत्तर प्रदेश में बासमती धान की खेती की विशेष पहचान को देखते हुए ‘बासमती के बादशाह-खुशबू से बाजार तक’ विषय पर पैनल चर्चा हुई। किसान तक के संपादक ओमप्रकाश ने इसका संचालन किया। बीईडीएफ के निदेशक डॉ. रितेश शर्मा, प्रगतिशील किसान प्रीतम सिंह और विनोद सैनी ने चर्चा में हिस्सा लिया। डॉ. रितेश शर्मा ने बेहतर बाजार, मजबूत सप्लाई चेन और किसानों को सीधे निर्यात से जोड़ने की संभावनाओं पर जानकारी दी। हापुड़ को बासमती निर्यात और बेहतर मार्केट एक्सेस के संभावित मॉडल हब के रूप में विकसित करने की संभावनाओं पर भी चर्चा हुई।

    गन्ना भुगतान से फसल रोग तक उठे सवाल
    पश्चिमी यूपी की कृषि अर्थव्यवस्था में गन्ने की भूमिका को देखते हुए ‘गन्ने का गढ़—मिठास के साथ चुनौतियों का हल’ विषय पर अलग सत्र हुआ। किसान तक के वरिष्ठ संवाददाता जेपी सिंह के संचालन में हुए पैनल में गुड़ उत्पादक किसान केपी सिंह, किसान नेता धर्मेंद्र मलिक, प्रगतिशील गन्ना किसान ओमकार त्यागी और आईसीआर-आईआईएसआर के कृषि वैज्ञानिक रघुवीर सिंह शामिल हुए।
    चर्चा में गन्ना भुगतान व्यवस्था में सुधार, रेड रॉट जैसी बीमारियों से बचाव, रोग प्रतिरोधी नई किस्मों को किसानों तक पहुंचाने और मशीनों से गन्ने की सूखी पत्तियों के बेहतर प्रबंधन के उपायों पर मंथन किया गया। खेती में बढ़ते जोखिम के बीच ‘खेती की सुरक्षा—बीमा, तकनीक और कुदरत का साथ’ विषय पर भी विशेषज्ञों ने चर्चा की। किसान तक की उप संपादक हिमानी दीवान ने सत्र का संचालन किया। इसमें जैविक किसान अनु त्यागी, हेड-पोटैटो सेंटर मोडीपुरम के डॉ. आर.के. सिंह, केवीके शामली के डॉ. संदीप चौधरी और कृषि निदेशक प्रमोद सिरोही शामिल रहे। फसल बीमा की पहुंच बढ़ाने, प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने तथा सोलर पंप, ड्रोन और नैनो यूरिया जैसी तकनीकों को किसानों तक प्रभावी तरीके से पहुंचाने पर विचार हुआ।

    क्विज में 15 किसानों को मिला नकद पुरस्कार
    किसान महासभा में किसानों की भागीदारी बढ़ाने के लिए खेती-किसानी पर आधारित क्विज भी कराई गई। किसानों ने क्यूआर कोड स्कैन कर इसमें हिस्सा लिया। तीन क्विज में प्रत्येक से पांच विजेताओं का चयन हुआ। इस तरह कुल 15 किसानों को एक-एक हजार रुपये का नकद पुरस्कार दिया गया।

    पश्चिमी यूपी के 10 किसान बने ‘कृषिवीर’

    किसान कारवां 2.0 के तहत प्रदेश के नौ कृषि जलवायु क्षेत्रों में क्षेत्रीय किसान महासभाओं का आयोजन किया जा रहा है। मेरठ में आयोजित महासभा में पश्चिमी क्षेत्र के विभिन्न जिलों से चयनित 10 किसानों को ‘कृषिवीर’ सम्मान दिया गया। सम्मानित किसानों में मंजू कश्यप, ओमवीर सिंह, प्रीतम सिंह, विनोद सैनी, नीलम त्यागी, नीरजा शर्मा, श्याम सिंह, ठाकुर धर्मपाल, जुनैद फरीदी अली और विनोद पवार शामिल रहे। सभी को प्रशस्ति पत्र और ट्रॉफी प्रदान की गई। इस दौरान किसानों की समस्याओं और जमीनी जरूरतों को संबंधित स्तर तक पहुंचाने के लिए 20 सदस्यीय किसान परिषद का गठन भी किया गया। इसमें कृषि अधिकारियों और कृषि वैज्ञानिकों के साथ प्रगतिशील किसानों को शामिल किया गया है।

    मेरठ में हुए किसान कारवां 2.0 के दूसरे पड़ाव में पश्चिमी यूपी की खेती की चुनौतियों के साथ किसानों की सफलता, नई कृषि तकनीक और बेहतर बाजार से जुड़ने के अवसरों पर चर्चा हुई। गन्ना और बासमती की पारंपरिक ताकत को आधुनिक तकनीक और बाजार से जोड़ना आयोजन का प्रमुख केंद्र रहा।

  • भाजपा विधायक का निधन, मुख्यमंत्री ने जताया शोक

    भाजपा विधायक का निधन, मुख्यमंत्री ने जताया शोक

    भाजपा विधायक का निधन, मुख्यमंत्री ने जताया शोक

    आगरा की फतेहाबाद विधानसभा सीट से निर्वाचित हुए थे विधायक छोटेलाल वर्मा 

    लखनऊ
    आगरा की फतेहाबाद सीट से भारतीय जनता पार्टी के विधायक छोटेलाल वर्मा का गुरुवार को निधन हो गया। उनके निधन पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शोक जताया। 

    मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोशल मीडिया अकाउंट 'एक्स' पर पोस्ट कर श्रद्धांजलि अर्पित की। उन्होंने लिखा कि जनपद आगरा के फतेहाबाद विधानसभा क्षेत्र के विधायक छोटे लाल वर्मा जी का निधन अत्यंत दुःखद है। विनम्र श्रद्धांजलि।

    मुख्यमंत्री ने प्रभु श्री राम से प्रार्थना की कि दिवंगत पुण्यात्मा को सद्गति तथा शोकाकुल परिजनों को यह अथाह दुःख सहन करने की शक्ति प्रदान करें।
    ॐ शांति!

  • पंजाब वक्फ बोर्ड चपरासी भर्ती मामला, हाई कोर्ट ने प्रदीप कुमार की नियुक्ति पर विचार के दिए निर्देश

    पंजाब वक्फ बोर्ड चपरासी भर्ती मामला, हाई कोर्ट ने प्रदीप कुमार की नियुक्ति पर विचार के दिए निर्देश

     

    चंडीगढ़
     पंजाब एवं हरियाणा हाई कोर्ट ने पंजाब वक्फ बोर्ड में चपरासी पद की भर्ती से जुड़े मामले में फैसला सुनाते हुए वेटिंग लिस्ट में पहले स्थान पर रहे अभ्यर्थी को नियुक्ति के लिए विचार करने का निर्देश दिया है।

    कोर्ट ने कहा कि जब चयनित अभ्यर्थियों में से कोई उम्मीदवार उपलब्ध पद पर नियुक्ति ग्रहण नहीं करता है और उसकी जगह रिक्ति बनी रहती है, तो मेरिट के अनुसार वेटिंग लिस्ट के अगले उम्मीदवार को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता।

    छह साल पहले शुरू हुई भर्ती की प्रक्रिया
    जस्टिस नामित कुमार की पीठ ने यह आदेश प्रदीप कुमार की याचिका पर सुनाया। पंजाब वक्फ बोर्ड ने 30 अगस्त 2020 को विभिन्न पदों के लिए भर्ती प्रक्रिया शुरू की थी, जिसमें चपरासी के 34 पद शामिल थे।

    बाद में इन पदों की संख्या घटाकर 24 कर दी गई। चयन प्रक्रिया पूरी होने के बाद 24 उम्मीदवारों का चयन किया गया, जबकि पांच अभ्यर्थियों को वेटिंग लिस्ट में रखा गया। प्रदीप कुमार वेटिंग लिस्ट में पहले नंबर पर थे।

    याचिकाकर्ता के अनुसार चयनित 24 उम्मीदवारों में से केवल 23 ने चपरासी पद पर ज्वाइन किया। एक चयनित उम्मीदवार करनवीर सिंह ने चपरासी के पद पर ज्वाइन नहीं किया, बल्कि किसी अन्य पद पर नियुक्त हुआ। सूचना के अधिकार के तहत मिली जानकारी में भी 24 में से 23 नियुक्तियां चपरासी पद पर होने और बाद में चार लोगों के इस्तीफा देने की बात सामने आई थी। इस तरह पांच पद रिक्त बताए गए थे।

    वेटिंग लिस्ट की अवधि एक वर्ष थी
    पंजाब वक्फ बोर्ड ने हाई कोर्ट में दलील दी कि वेटिंग लिस्ट की अवधि एक वर्ष थी और याचिकाकर्ता की ओर से प्रस्तुत अभ्यावेदन दिसंबर 2022 में प्राप्त हुआ था। इसी आधार पर उसकी नियुक्ति के दावे को फरवरी 2023 में खारिज कर दिया गया था।

    हाई कोर्ट ने हालांकि पूर्व के न्यायिक फैसलों का हवाला देते हुए कहा कि वेटिंग लिस्ट में नाम होने मात्र से नियुक्ति का स्वत अधिकार नहीं बनता, लेकिन नियुक्ति प्राधिकारी को उपलब्ध रिक्ति और अभ्यर्थी की मेरिट को नजरअंदाज कर मनमाने ढंग से कार्रवाई करने की छूट भी नहीं है। अदालत ने कहा कि रिक्ति उपलब्ध होने पर मेरिट के अनुसार अगले अभ्यर्थी को नियुक्ति की पेशकश की जानी चाहिए।

    प्रदीप कुमार की नियुक्ति का दावा खारिज वाला आदेश रद
    हाई कोर्ट ने प्रदीप कुमार की नियुक्ति का दावा खारिज करने वाला आदेश रद कर दिया। पंजाब वक्फ बोर्ड को निर्देश दिया गया कि वह चपरासी पद पर उनकी नियुक्ति के मामले पर विचार करे और अन्य 23 उम्मीदवारों को नियुक्ति दिए जाने की तारीख से वरिष्ठता, वेतन निर्धारण समेत सभी काल्पनिक लाभ देने पर निर्णय ले। यह पूरी कार्रवाई आदेश की प्रमाणित प्रति प्राप्त होने के दो महीने के भीतर करनी होगी।

     

  • पंजाब में फ्री गारंटियों की होड़, जनता को राहत और अर्थव्यवस्था पर बहस

    पंजाब में फ्री गारंटियों की होड़, जनता को राहत और अर्थव्यवस्था पर बहस

    चंडीगढ़ 

    पंजाब में सियासी दलों की ओर से मुफ्त गारंटियों पर फिर दांव खेलने की तैयारी है। सूबे की सियासत में ये मुफ्त सुविधाएं अब महज लोकलुभावन घोषणाएं ही नहीं रहीं, बल्कि मतदाताओं तक असरदार पहुंच का एक बड़ा माध्यम बन चुकी हैं। सत्तारूढ़ आम आदमी पार्टी की सरकार जहां इसे अपनी सियासी ताकत का एक बड़ा आधार मानती है वहीं सत्ता परिवर्तन के बाद पार्टी इन सबके बंद होने का डर भी दिखा रही है।अपने लोक मिलनी कार्यक्रमों के दौरान मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान अब खुलेआम इस तरह की आशंका मतदाताओं के समक्ष जता रहे हैं। 

    पुराना है सियासी दांव
    मुफ्त गारंटियों व सुविधाओं की बात करें तो यह सियासी दांव नया नहीं है। पंजाब में पिछले चार चुनावों का ट्रेंड देखें तो इस तरह की लोकलुभावन घोषणाएं पहले की जाती रही हैं। सभी प्रमुख दलों ने अपनी-अपनी क्षमता के अनुसार इस तरह के वादे किए और उन्हें इसका लाभ भी मिला।

    साल 2022 में पहली बार पंजाब की सत्ता पर काबिज हुई आम आदमी पार्टी की सरकार को तो इसका बंपर फायदा मिला था। लिहाजा, इस बार भी आप इस पर बड़ा दांव खेलने जा रही है। ऐसे में दूसरे दल भी विभिन्न वर्ग के मतदाताओं को साधने के लिए इस तरह की मुफ्त गारंटियों का सहारा लेने की तैयारी में हैं।

    उधर, राजनीतिक मामलों के जानकार मलकीत सिंह कहते हैं कि चुनावी चौसर पर इन मुफ्त गारंटियों के बूते मिली जीत सूबे की अर्थव्यवस्था को बहुत प्रभावित करती है। मुफ्त बंट रहे राजस्व के कारण राज्यों का राजकोषीय घाटा बढ़ता है। सड़कों, अस्पतालों, स्कूलों व नए रोजगार सृजन जैसे बुनियादी ढांचागत निवेश के लिए बजट की भारी कमी होती है। 

    सीएम की चेतावनी
    मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने चेतावनी देते हुए कहा कि पारंपरिक विरोधी पार्टियों की सत्ता में वापसी से पंजाब की कल्याणकारी योजनाएं खतरे में पड़ जाएंगी। मान ने कहा कि विरोधी धड़े यदि सत्ता में आ गए तो मुफ्त बिजली व महिलाओं के लिए मुफ्त बस यात्रा योजनाएं और 1000-1500 रुपये की सम्मान राशि बंद कर देंगे। साथ ही, निजी संस्थानों को बढ़ावा देने के लिए मोहल्ला क्लीनिकों और सरकारी स्कूलों को कमजोर किया जाएगा। लोक मिलनी कार्यक्रमों में इस तरह की आशंका जताते हुए सीएम दोबारा आप को मौका देने की अपील कर रहे हैं।

    गेमचेंजर बनीं इन घोषणाओं से पलटे समीकरण
    साल 2022 : आप सरकार
    – 300 यूनिट तक मुफ्त बिजली, दो माह में 600 यूनिट तक बिलिंग चक्र में शून्य बिल की व्यवस्था है।
    – महिलाओं के लिए सरकारी बसों में मुफ्त सफर।
    – मावां-धीयां सत्कार योजना : महिलाओं को हर महीने 1000 व एससी महिलाओं को 1500 रुपये आर्थिक राशि मिलती है।
    – मुख्यमंत्री सेहत योजना : हर परिवार को सालाना 10 लाख रुपये तक कैशलेस इलाज की सुविधा।
    आम आदमी क्लीनिक : क्लीनिकों में प्राथमिक इलाज, दवाओं और निर्धारित जांचें मुफ्त उपलब्ध कराई जाती हैं।
    – मेरी रसोई राशन किट : करीब 40 लाख परिवारों को तिमाही मुफ्त किट में चीनी, चना दाल, सरसों तेल, हल्दी और नमक देने की योजना।
    – सरकारी स्कूलों में मुफ्त शिक्षा और किसानों के लिए मुफ्त बिजली। किशोरियों के लिए मुफ्त सैनिटरी पैड।

    साल 2017 : कांग्रेस सरकार
    – किसानों के लिए मुफ्त बिजली और कर्ज माफी योजना।
    – अप्रैल 2021 से महिलाओं के लिए सरकारी बसों में मुफ्त सफर।
    – सरकारी स्कूलों की छात्राओं को मुफ्त साइकिल सुविधा।
    – आटा-दाल योजना में सब्सिडी वाला राशन। सामाजिक सुरक्षा पेंशन 2021 में 750 से बढ़ाकर 1,500 रुपये प्रतिमाह की गई।
    – आशीर्वाद योजना : आर्थिक रूप से कमजोर-एससी परिवारों की बेटियों के विवाह के लिए सहायता राशि साल 2021 में 21 से बढ़ाकर 51 हजार की गई।

    साल 2007-2017 : शिअद-भाजपा गठबंधन सरकार
    – आटा-दाल योजना, 2016-17 तक करीब 36.35 लाख परिवार योजना के दायरे में थे।
    – किसानों को मुफ्त बिजली, एससी, बीसी व बीपीएल परिवारों को 200 यूनिट मुफ्त बिजली।
    – माई भागो विद्या योजना : सरकारी स्कूलों की छात्राओं को स्कूल आने-जाने के लिए मुफ्त साइकिलें दी जाती थीं।
    – मुख्यमंत्री तीर्थ दर्शन यात्रा : साल 2016 से विभिन्न धार्मिक स्थलों की यात्रा के लिए चयनित श्रद्धालुओं को मुफ्त यात्रा की सुविधा दी जाती थी।
    – शगुन योजना : गरीब व एससी परिवारों की बेटियों की शादी के लिए आर्थिक सहायता योजना। 

  • UP Trade Show में अमरोहा की खास पहचान, GI टैग ढोलक समेत टेक्सटाइल-वुडन क्राफ्ट की धूम

    UP Trade Show में अमरोहा की खास पहचान, GI टैग ढोलक समेत टेक्सटाइल-वुडन क्राफ्ट की धूम

    यूपी इंटरनेशनल ट्रेड शो
    ग्रेटर नोएडा में गूंजेगी अमरोहा की ढोलक की थाप, 6 प्रमुख इकाइयों को मिला अंतरराष्ट्रीय मंच

    जीआई टैग वाद्य यंत्रों से लेकर टेक्सटाइल और वुडन क्राफ्ट का दिखेगा जलवा; 6 अलग-अलग हॉल में सजेंगे जिले के उत्पाद

    रूस, सिंगापुर, जापान सहित कई देश बने पार्टनर; 25 से 29 सितंबर तक सजेगा महामंच, वैश्विक बाजार में दस्तक देंगे स्थानीय हुनरमंद

    अमरोहा,
     ग्रेटर नोएडा के इंडिया एक्सपो सेंटर एंड मार्ट में 25 से 29 सितंबर तक आयोजित होने वाले उत्तर प्रदेश इंटरनेशनल ट्रेड शो (यूपीआईटीएस-2026) के चौथे संस्करण में जनपद अमरोहा के पारंपरिक शिल्प, हथकरघा और स्थानीय स्वाद का डंका बजेगा। प्रदेश सरकार व इंडिया एक्सपोज़िशन मार्ट लिमिटेड (आईईएमएल) के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित हो रहे इस विशाल व्यापार मेले में अमरोहा से कुल 6 प्रमुख इकाइयों और उद्यमियों का चयन किया गया है। इस आयोजन में रूस, सिंगापुर, वियतनाम, ऑस्ट्रिया और जापान पार्टनर कंट्री (Partner Country) के रूप में भाग ले रहे हैं। जिले के विश्वविख्यात जीआई टैग प्राप्त वाद्य यंत्रों (ढोलक आदि) के साथ-साथ 'एक जिला एक व्यंजन' (ओडीओसी) के तहत मशहूर सेव, वुडन हैंडीक्राफ्ट, कंबल और हैंडलूम उत्पाद वैश्विक खरीदारों के आकर्षण का केंद्र बनेंगे। 1.5 लाख बी2बी बायर्स और 4.5 लाख से अधिक बी2सी आगंतुकों के बीच आयोजित हो रहे इस महामंच से अमरोहा के कुटीर उद्योगों को सीधे निर्यात आर्डर और वैश्विक सप्लाई चेन से जुड़ने का बड़ा आधार मिलेगा।

    ओडीओपी व जीआई टैग: हॉल नंबर 11 में गूंजेगी ढोलक की थाप
    अमरोहा की ऐतिहासिक पहचान उसके पारंपरिक संगीत वाद्य यंत्रों से है, जो जिले का मुख्य उत्पाद होने के साथ-साथ भौगोलिक संकेतक (जीआई टैग) से भी प्रमाणित है। ट्रेड शो के हॉल नंबर 11 में जीआई टैग श्रेणी के तहत 'मै० आर्टीजन वेलफेयर सोसाइटी' का स्टाल लगाया जा रहा है। यहां आम और शीशम की लकड़ी से तैयार हस्तनिर्मित ढोलक की पूरी रेंज सजेगी। 75 से अधिक देशों के प्रतिनिधियों और विदेशी आयातकों के सामने जिले के इस पुश्तैनी हुनर को पेश करने से स्थानीय संगीत वाद्य निर्माताओं को सीधे अंतरराष्ट्रीय एक्सपोर्ट ऑर्डर मिलने की राह खुलेगी।

    ओडीओसी: हॉल नंबर 16 में जायके के दीवानों को लुभाएगा अमरोहा का मशहूर 'सेव'
    खानपान की स्थानीय विरासत को प्रमोट करने के लिए प्रदेश सरकार की 'एक जिला एक व्यंजन' (ओडीओसी) योजना के अंतर्गत अमरोहा के मशहूर नमकीन सेव को अंतरराष्ट्रीय मंच मिला है। इसके तहत हॉल नंबर 16 में जिले के प्रतिष्ठित प्रतिष्ठान 'मै० फैमस स्वीट्स सेन्टर' (प्रोपराइटर: सारो फैजल) का स्टॉल सजेगा। बेसन और खास मसालों के मेल से बनने वाले अमरोहा के कुरकुरे व पारंपरिक सेव का स्वाद देश-विदेश के आगंतुकों को परोसा जाएगा। इससे स्थानीय स्तर पर तैयार होने वाले पैकेज्ड नमकीन उत्पाद को बड़े रिटेल आउटलेट्स और ई-कॉमर्स नेटवर्क तक पहुंच बनाने में मदद मिलेगी।

    हैंडलूम, वुडन क्राफ्ट और वूलन सेक्टर के इन हॉलों में सजेंगे स्टॉल
    हस्तशिल्प और वस्त्र उद्योग में अमरोहा के चार प्रमुख उत्पादक अलग-अलग हॉल में अपने उत्पादों का प्रदर्शन करेंगे। ओडीओपी योजनांतर्गत टेक्सटाइल सेक्टर के तहत हॉल नंबर 09 में उद्यमी गुलफाम अहमद अपनी उच्च गुणवत्ता वाली कॉटन बेडशीट, दरी और चादरें प्रदर्शित करेंगे। वहीं एमएसएमई श्रेणी के तहत हॉल नंबर 10 में 'मै० अनीस हैण्डलूम एण्ड रेडीमेड गारमेन्टस' (प्रोपराइटर: अनीस अहमद) के स्टॉल पर बेडशीट व दरी हैंडलूम प्रोडक्ट्स के अलावा रेडीमेड गारमेंट्स प्रदर्शित किए जाएंगे। नक्काशीदार काष्ठ कला को बढ़ावा देने के लिए हॉल नंबर 14 में 'मै० एम०जी०ए० डिजाईन' द्वारा वुडेन हैंडीक्राफ्ट उत्पाद सजाए जाएंगे। आगामी शीत ऋतु को देखते हुए हॉल नंबर 15 में 'मै० प्रकाश वुलेन' द्वारा उच्च गुणवत्ता वाले कंबलों की प्रदर्शनी लगाई जाएगी।

    अमरोहा के कारोबार को सीधे मिलेंगे ये बड़े फायदे
    यूपी इंटरनेशनल ट्रेड शो अमरोहा की अर्थव्यवस्था के लिए बहुआयामी फायदे लेकर आ रहा है। 1,10,000 वर्ग मीटर में फैले इस महामंच पर जिले के उद्यमियों को बिना किसी बिचौलिए के सीधे कॉर्पोरेट घरानों, एक्सपोर्टर्स और विदेशी बायर्स से बिजनेस-टू-बिजनेस (B2B) मीटिंग्स का मौका मिलेगा। इससे न केवल वाद्य यंत्रों और काष्ठ कला के छोटे कारीगरों को सालभर के थोक काम मिलेंगे, बल्कि हथकरघा और नमकीन उद्योग में स्थानीय स्तर पर नए रोजगार के अवसर भी पैदा होंगे। इसके अलावा 'यूपी निर्यात संवर्धन नीति 2025-30' और 'मार्केटिंग डेवलपमेंट असिस्टेंस स्कीम' (एमडीएएस) के जरिए जिले के उत्पादों को वैश्विक ब्रांडिंग का सीधा संबल मिलेगा।

    वैश्विक निर्यात से जुड़ेंगे अमरोहा के छोटे उद्यमी: उपायुक्त उद्योग
    जिला उद्योग प्रोत्साहन तथा उद्यमिता विकास केन्द्र, अमरोहा के उपायुक्त उद्योग अनूप कुमार श्रीवास्तव ने बताया कि यूपी इंटरनेशनल ट्रेड शो जनपद के पारंपरिक दस्तकारों और नए उद्यमियों के लिए अंतरराष्ट्रीय बाजार का द्वार खोलने वाला साबित होगा। उन्होंने जनपद के युवाओं, विद्यार्थियों, नवोन्मेषकों और भावी उद्यमियों से अपील की है कि वे बड़ी संख्या में आकर नए संपर्कों और नए बाजार को समझें तथा अपनी प्रतिभा व क्षमता के अनुरूप नए अवसर तलाशें। उन्होंने बताया कि आयोजन से संबंधित अधिकृत जानकारी, पंजीकरण व प्रचार सामग्री आधिकारिक वेबसाइट upinternationaltradeshow.com पर उपलब्ध है।

  • जिलाधिकारी व पुलिस आयुक्त ने एक्सपो मार्ट के सभागार में संबंधित अधिकारियों के साथ की संयुक्त समीक्षा बैठक

    जिलाधिकारी व पुलिस आयुक्त ने एक्सपो मार्ट के सभागार में संबंधित अधिकारियों के साथ की संयुक्त समीक्षा बैठक

    ग्रेटर नोएडा

    ग्रेटर नोएडा स्थित इंडिया एक्सपो सेंटर एंड मार्ट में 25 से 29 सितंबर 2026 तक आयोजित होने वाले यूपी इंटरनेशनल ट्रेड शो-2026 को सकुशल, सुरक्षित एवं सुव्यवस्थित रूप से संपन्न कराने के उद्देश्य से जिला प्रशासन एवं पुलिस प्रशासन द्वारा तैयारियों को अंतिम रूप दिया जा रहा है।

    इसी क्रम में जिलाधिकारी मेधा रूपम ने गुरुवार को कार्यक्रम स्थल का स्थलीय निरीक्षण करते हुए विभिन्न व्यवस्थाओं एवं तैयारियों का जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने संबंधित अधिकारियों से अब तक की गई तैयारियों की जानकारी प्राप्त की तथा शेष व्यवस्थाओं को समय रहते पूर्ण करने के निर्देश दिए। स्थलीय निरीक्षण के उपरांत एक्सपो मार्ट ग्रेटर नोएडा के सभागार में पुलिस आयुक्त एवं जिलाधिकारी द्वारा संयुक्त रूप से संबंधित अधिकारियों के साथ बैठक कर तैयारियों की विस्तृत समीक्षा की गई। बैठक में सुरक्षा एवं कानून-व्यवस्था से लेकर यातायात, पार्किंग, अग्नि सुरक्षा, विद्युत आपूर्ति, स्वास्थ्य सेवाओं, खाद्य सुरक्षा, साफ-सफाई, पेयजल तथा वीवीआईपी आगमन से जुड़ी व्यवस्थाओं पर विभागवार चर्चा की गई।

    पुलिस आयुक्त लक्ष्मी सिंह ने सुरक्षा व्यवस्थाओं की समीक्षा करते हुए संबंधित पुलिस अधिकारियों को निर्देशित किया कि आयोजन की महत्ता एवं वीवीआईपी आगमन को दृष्टिगत रखते हुए कार्यक्रम स्थल एवं उसके आसपास सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम सुनिश्चित किए जाएं। प्रवेश एवं निकास द्वारों पर प्रभावी सुरक्षा व्यवस्था, पर्याप्त पुलिस बल की तैनाती तथा संदिग्ध गतिविधियों पर सतत निगरानी रखी जाए। उन्होंने वीवीआईपी मूवमेंट एवं यातायात व्यवस्था की समीक्षा करते हुए संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि वीवीआईपी आवागमन के दौरान सुरक्षा प्रोटोकॉल का कड़ाई से अनुपालन सुनिश्चित किया जाए। निर्धारित मार्गों पर यातायात व्यवस्था सुचारु रखी जाए तथा आवश्यकता के अनुरूप बैरिकेडिंग, यातायात डायवर्जन एवं पुलिस बल की तैनाती सुनिश्चित की जाए।

    पुलिस आयुक्त ने पार्किंग व्यवस्था एवं कार्यक्रम स्थल तक आगंतुकों के सुगम आवागमन को लेकर भी आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि निर्धारित पार्किंग स्थलों पर वाहनों का व्यवस्थित संचालन सुनिश्चित किया जाए तथा किसी भी स्थान पर अनावश्यक जाम अथवा अव्यवस्था की स्थिति उत्पन्न न होने पाए। आयोजन स्थल के प्रवेश एवं निकास मार्गों सहित महत्वपूर्ण स्थानों पर पुलिस एवं यातायात कर्मियों की प्रभावी तैनाती सुनिश्चित की जाए। उन्होंने सुरक्षा से संबंधित सभी अधिकारियों को आपसी समन्वय के साथ कार्य करते हुए सुरक्षा व्यवस्था की निरंतर निगरानी करने तथा किसी भी आकस्मिक परिस्थिति से निपटने के लिए पूरी तरह सतर्क एवं तैयार रहने के निर्देश दिए।

    जिलाधिकारी ने जिला प्रशासन एवं संबंधित विभागों की तैयारियों की विभागवार समीक्षा करते हुए अधिकारियों को निर्देशित किया कि उन्हें सौंपे गए दायित्वों का समयबद्ध, गंभीरतापूर्वक एवं आपसी समन्वय के साथ निर्वहन सुनिश्चित किया जाए। आयोजन से संबंधित किसी भी व्यवस्था में शिथिलता न बरती जाए तथा सभी तैयारियां निर्धारित समय के भीतर पूर्ण कर ली जाएं।

    जिलाधिकारी ने अग्नि सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा करते हुए अग्निशमन विभाग के अधिकारियों को कार्यक्रम स्थल पर सभी आवश्यक अग्निशमन उपकरणों एवं व्यवस्थाओं की जांच सुनिश्चित करने तथा आपातकालीन स्थिति से निपटने के लिए आवश्यक तैयारियां दुरुस्त रखने के निर्देश दिए। खाद्य सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा करते हुए संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि आयोजन के दौरान उपलब्ध कराए जाने वाले खाद्य एवं पेय पदार्थों की गुणवत्ता एवं स्वच्छता पर विशेष निगरानी रखी जाए तथा आवश्यकतानुसार खाद्य पदार्थों की जांच सुनिश्चित की जाए।

    जिलाधिकारी ने विद्युत व्यवस्था की समीक्षा करते हुए संबंधित अधिकारियों को निर्बाध विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित करने के साथ ही आवश्यक वैकल्पिक एवं बैकअप व्यवस्था दुरुस्त रखने के निर्देश दिए, ताकि आयोजन के दौरान विद्युत आपूर्ति से संबंधित किसी प्रकार का व्यवधान उत्पन्न न हो।

    जिलाधिकारी ने हेलीपैड एवं वीवीआईपी आगमन से संबंधित प्रशासनिक व्यवस्थाओं की समीक्षा करते हुए संबंधित अधिकारियों को निर्धारित मानकों के अनुरूप सभी आवश्यक तैयारियां समय रहते पूर्ण करने तथा संबंधित व्यवस्थाओं का पुनः परीक्षण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। जिलाधिकारी ने इसके साथ ही स्वास्थ्य एवं चिकित्सा व्यवस्था, एंबुलेंस की उपलब्धता, साफ-सफाई, पेयजल, शौचालय, प्रकाश व्यवस्था तथा आगंतुकों के लिए आवश्यक मूलभूत सुविधाओं की भी समीक्षा की। उन्होंने संबंधित विभागों को निर्देशित किया कि आयोजन के दौरान अधिकारी एवं कर्मचारी अपने निर्धारित स्थानों पर उपस्थित रहते हुए व्यवस्थाओं की निरंतर निगरानी सुनिश्चित करें।

    जिलाधिकारी ने कहा कि यूपी इंटरनेशनल ट्रेड शो एक महत्वपूर्ण अंतरराष्ट्रीय आयोजन है, जिसमें देश-विदेश से बड़ी संख्या में उद्यमियों, खरीदारों, निवेशकों, प्रतिनिधियों एवं आगंतुकों की सहभागिता होगी। ऐसे में प्रत्येक विभाग अपनी जिम्मेदारी को गंभीरता से लेते हुए बेहतर आपसी समन्वय स्थापित करे तथा यह सुनिश्चित किया जाए कि आगंतुकों एवं अतिथियों को किसी प्रकार की असुविधा न हो। उन्होंने सभी संबंधित अधिकारियों को अपने-अपने विभाग से जुड़ी व्यवस्थाओं का अंतिम स्तर पर पुनः निरीक्षण एवं परीक्षण करने के निर्देश देते हुए कहा कि यदि कहीं कोई कमी पाई जाती है तो उसका तत्काल निराकरण सुनिश्चित किया जाए। सभी अधिकारी आयोजन के दौरान पूरी सतर्कता के साथ अपने निर्धारित दायित्वों का निर्वहन करें, ताकि यूपी इंटरनेशनल ट्रेड शो-2026 को सुरक्षित, सुव्यवस्थित एवं सफलतापूर्वक संपन्न कराया जा सके।

     इस अवसर पर मुख्य विकास अधिकारी भाल चंद्र त्रिपाठी, एडिशनल सीपी राजीव नारायण मिश्रा, एसीईओ यमुना विकास प्राधिकरण शैलेन्द्र भाटिया, अपर जिलाधिकारी अजीत कुमार सिंह, संजय कुमार पांडेय, अरुण कुमार सिंह, प्रियंका एवं जिला स्तरीय अधिकारी उपस्थित रहे।

  • चकबंदी मामलों में किसानों को अनावश्यक परेशानी से बचाने के निर्देश, उल्लंघन पर होगी कार्रवाई

    चकबंदी मामलों में किसानों को अनावश्यक परेशानी से बचाने के निर्देश, उल्लंघन पर होगी कार्रवाई

    लखनऊ

    उत्तर प्रदेश में चकबंदी प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी और न्यायपूर्ण बनाने के लिए योगी सरकार ने अधिकारियों को प्रक्रिया से जुड़े मामलों में नियमों का सख्ती से पालन करने और किसानों को अनावश्यक परेशानी से बचाने के निर्देश दिए हैं।

    चकबंदी आयुक्त डॉ. हृषिकेश भास्कर यशोद के निर्देशों के मुताबिक उत्तर प्रदेश जोत चकबंदी अधिनियम-1953 की धारा 6(1) के तहत किसी गांव में चकबंदी प्रक्रिया समाप्त होने की स्थिति में चकबंदी अधिकारियों का क्षेत्राधिकार भी समाप्त हो जाएगा। धारा 6(2) की प्रक्रिया पूरी होने के बाद विचाराधीन मामले स्वतः समाप्त माने जाएंगे और ग्राम के सभी अभिलेख तत्काल तहसील प्रशासन को वापस सौंपे जाएंगे।

    निर्देश नहीं मानने पर होगी कार्रवाई

    इसके साथ ही अभिलेखों में हुए अंतिम संशोधनों के आदेशों की प्रमाणित सूचियां तैयार कर अभिलेखागार, चकबंदी कार्यालय और तहसील में भेजने के निर्देश दिए गए हैं। किसी गांव से संबंधित आदेश को रद्द कराने के लिए मामला सामने आने पर उसे तत्काल सक्षम स्तर पर भेजने को कहा गया है। निर्देशों का पालन नहीं करने वाले चकबंदी अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

    न्यायिक मामलों में भी सख्ती

    चकबंदी आयुक्त ने धारा 52(1) की विज्ञप्ति जारी होने के बाद नई आपत्तियां, संदर्भ या पुनर्स्थापन प्रार्थना पत्र स्वीकार करने पर पूरी तरह रोक का भी उल्लेख किया है। इलाहाबाद उच्च न्यायालय की लखनऊ पीठ के एक फैसले का हवाला देते हुए स्पष्ट किया गया है कि निर्धारित प्रक्रिया के बाद मामलों को दोबारा शुरू करना क्षेत्राधिकार से बाहर और न्यायालय की अवमानना की श्रेणी में आ सकता है। ऐसे नियमों का उल्लंघन कर आदेश जारी करने वाले अधिकारियों के खिलाफ सख्त दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी।