Category: राज्य

  • ‘फाइव स्टार रथ में घूम रहे, दलित-पिछड़ों से हाथ नहीं मिलाते’, अखिलेश पर ओमप्रकाश राजभर का हमला

    ‘फाइव स्टार रथ में घूम रहे, दलित-पिछड़ों से हाथ नहीं मिलाते’, अखिलेश पर ओमप्रकाश राजभर का हमला

    ‘दलित-पिछड़ों को अछूत मानते हैं अखिलेश’, ओमप्रकाश राजभर ने सपा की रथयात्रा पर साधा निशाना

    अखिलेश के रथ पर राजभर का तंज- ‘दलित-पिछड़ों को अछूत मानते हैं, सत्ता में जनता स्पेस नहीं देगी’

    ‘फाइव स्टार रथ में घूम रहे, दलित-पिछड़ों से हाथ नहीं मिलाते’, अखिलेश पर ओमप्रकाश राजभर का हमला

    ‘2027 का सपना देखिए, 2032 तक संघर्ष कीजिए’, अखिलेश की रथयात्रा पर राजभर का तीखा तंज

    'संघर्ष के नाम पर लग्जरी का पूरा इंतजाम', अखिलेश की रथयात्रा पर राजभर का तंज

    लखनऊ
    सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी के अध्यक्ष और उत्तर प्रदेश सरकार में कैबिनेट मंत्री ओमप्रकाश राजभर ने समाजवादी पार्टी अध्यक्ष अखिलेश यादव की रथयात्रा पर तीखा हमला बोला है। राजभर ने सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए अखिलेश यादव के रथ को लेकर तंज कसा और दलितों-पिछड़ों से उनके जुड़ाव पर सवाल उठाए।

    'रथ में कितने दलितों-पिछड़ों से हाथ मिलाया?'

    ओमप्रकाश राजभर ने अखिलेश यादव को संबोधित करते हुए लिखा, 'महाराज, आपका रथ तो एकदम फाइव स्टार है। ये बताइए कल रथ में बैठकर कितने दलितों और कितने पिछड़ों से आपने हाथ मिलाया?'उन्होंने आगे तंज कसते हुए लिखा कि अखिलेश यादव दलितों और पिछड़ों से हाथ नहीं मिलाना चाहते और उन्हें अछूत मानते हैं।

    'संघर्ष के नाम पर लग्जरी का पूरा इंतजाम'

    राजभर ने अखिलेश यादव के रथ को लेकर भी निशाना साधा। उन्होंने लिखा कि अखिलेश यादव रथ के नाम पर 'हॉलीवुड वाली वैनिटी वैन' या 'पहियों पर बने फाइव स्टार सुइट' में घूम सकते हैं, लेकिन उत्तर प्रदेश की दलित, अति पिछड़ी और गरीब जनता उन्हें सत्ता में कोई 'स्पेस' नहीं देने वाली।

    उन्होंने आगे लिखा कि उन्होंने अखिलेश यादव को रथयात्रा के दौरान देखा कि वह 'लग्जरी रथ' में सवार थे और हाइड्रोलिक ट्रॉली से निकलकर हाथ हिला रहे थे। राजभर ने इसे लेकर तंज किया कि संघर्ष के नाम पर लग्जरी का पूरा इंतजाम था, लेकिन सत्ता में स्पेस का इंतजाम नहीं हो पा रहा।

    '2027 का सपना देखिए, 2032 तक संघर्ष कीजिए'

    ओमप्रकाश राजभर ने अपनी पोस्ट में अखिलेश यादव के राजनीतिक भविष्य को लेकर भी कटाक्ष किया। उन्होंने लिखा, '2027 का सपना देखिए, 2032 तक संघर्ष कीजिए। उसके बाद भी कुछ होने नहीं वाला है।'

  • 26 साल पुराने मर्डर केस में 5 दोषियों को राहत नहीं

    26 साल पुराने मर्डर केस में 5 दोषियों को राहत नहीं

    चंडीगढ़.

    नारायणगढ़ में करीब 26 वर्ष पहले युवक संजीव कुमार की चाकू से हमला कर हत्या करने के मामले में पंजाब एवं हरियाणा हाई कोर्ट ने पांच दोषियों को बड़ी राहत देने से इन्कार करते हुए उनकी उम्रकैद की सजा बरकरार रखी है।

    हालांकि, अदालत ने मृतक के स्वजन की ओर से दायर वह याचिका भी खारिज कर दी, जिसमें दोषियों की उम्रकैद को मृत्युदंड में बदलने की मांग की गई थी। जस्टिस अर्चना पुरी और जस्टिस मनदीप पन्नू की पीठ ने स्पष्ट किया कि मामले की परिस्थितियों को देखते हुए मृत्युदंड देने का आधार नहीं बनता।

    26 साल पुराना है मामला
    मामला 16 सितंबर 2000 का है। अभियोजन के अनुसार संजीव कुमार नारायणगढ़ में खेल देखने के बाद अपने गांव लौट रहा था। हुसैनी रोड पार करते समय उसने देखा कि पांच युवक उसके साथ मारपीट कर रहे थे। गंभीर रूप से घायल संजीव को पहले नारायणगढ़ के सिविल अस्पताल ले जाया गया और वहां से पीजीआइ चंडीगढ़ रेफर किया गया। पीजीआइ में रात करीब 7:45 बजे उसकी मौत हो गई।

  • GIS और रिमोट सेंसिंग से होगा जल प्रबंधन, बिहार में नया निगम करेगा काम

    GIS और रिमोट सेंसिंग से होगा जल प्रबंधन, बिहार में नया निगम करेगा काम

    पटना
     बिहार सरकार के नवगठित बिहार जल संसाधन विकास निगम लिमिटेड को जल परियोजनाओं के साथ राजस्व संग्रह का महत्वपूर्ण आधार बनाने की तैयारी है। निगम गाद प्रबंधन, सतही जल को पेयजल के रूप में उपयोग करने के लिए स्रोत एवं संरचनाओं का विकास और जलस्रोतों के पुनर्स्थापन जैसे काम करेगा। कैबिनेट की मंजूरी के बाद जल संसाधन विभाग ने निगम को सक्रिय करने की प्रक्रिया तेज कर दी है।

    रिवर फ्रंट से भूमि-भवन तक संभालेगा निगम
    निगम को रिवर इंटरलिंकिंग, रिवर फ्रंट डेवलपमेंट और विभागीय भूमि, भवन, निरीक्षण भवन समेत अन्य परिसंपत्तियों के प्रबंधन एवं रखरखाव की जिम्मेदारी भी दी जाएगी

    इन गतिविधियों के जरिए निगम सेवाएं उपलब्ध कराने के साथ आय अर्जित करेगा। लक्ष्य है कि समय के साथ निगम अपने खर्च के लिए खुद राजस्व जुटाने में सक्षम हो।

    DPR से इंजीनियरिंग कंसल्टेंसी तक सेवाएं
    निगम के माध्यम से डीपीआर तैयार करने, इंजीनियरिंग कंसल्टेंसी, परियोजना प्रबंधन, निर्माण और तकनीकी सेवाएं उपलब्ध कराने का प्रविधान किया गया है।

    इन सेवाओं से मिलने वाले राजस्व को निगम की आर्थिक आत्मनिर्भरता से जोड़ा गया है। कंपनी अधिनियम-2013 के तहत गठित होने वाला निगम पूरे बिहार में काम करेगा और आवश्यकता पड़ने पर राज्य के बाहर भी परियोजनाएं ले सकेगा।

    सिंचाई और बाढ़ नियंत्रण से आगे बढ़ेगा दायरा
    निगम सिंचाई, बाढ़ नियंत्रण और जल निकासी जैसे पारंपरिक कार्यों के साथ गैर-पारंपरिक जल परियोजनाओं पर भी काम करेगा। जल परियोजनाओं के सूत्रीकरण, तकनीकी परामर्श और क्रियान्वयन में भी इसकी भूमिका रहेगी।

    जलवायु परिवर्तन और अनियमित वर्षा के बीच जल प्रबंधन को आधुनिक बनाने के उद्देश्य से यह पहल की गई है।

    50 करोड़ रुपये होगी अधिकृत पूंजी
    बिहार जल संसाधन विकास निगम की अधिकृत पूंजी 50 करोड़ रुपये निर्धारित की गई है। शुरुआती स्थापना और संचालन खर्च के लिए राज्य सरकार छह लाख रुपये की सदस्यता पूंजी देगी।

    प्रारंभिक चरण में विभागीय अधिकारियों और कर्मचारियों को प्रतिनियुक्ति या पदस्थापन के जरिए निगम में लगाया जाएगा, जिससे सरकार पर अतिरिक्त वित्तीय भार सीमित रखने की योजना है।

    GIS और रिमोट सेंसिंग से होगा जल प्रबंधन
    निगम में निजी क्षेत्र की तकनीक और विशेषज्ञता का उपयोग किया जाएगा। GIS, रिमोट सेंसिंग और वाटर डाटा एनालिटिक्स जैसी तकनीकों को जल प्रबंधन से जोड़ा जाएगा

    राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय संस्थानों के सहयोग से नए प्रयोगों को बढ़ावा देने की योजना है। निगम का संचालन निदेशक मंडल करेगा, जबकि दैनिक कामकाज की जिम्मेदारी प्रबंध निदेशक पर होगी।

     

  • UPITS से वैश्विक पहचान की ओर बढ़ता उत्तर प्रदेश

    UPITS से वैश्विक पहचान की ओर बढ़ता उत्तर प्रदेश

    यूपीआईटीएस: आत्मविश्वास की वैश्विक यात्रा

    लखनऊ 
    कोई सोच, कोई दृष्टि या विजन की सार्थकता तब है जब वह विचार से निकलकर व्यवहार में आए, संकल्प से निकलकर परिणाम में आए और संभावना से निकलकर सामर्थ्य में बदल जाए। आज जब हम उत्तर प्रदेश इंटरनेशनल ट्रेड शो (यूपीआईटीएस) के चौथे संस्करण को साकार रूप में देखते हैं तो इसकी सार्थकता को भी स्वीकार करना होगा। यह इस बात का प्रतीक है कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने ‘वोकल फॉर लोकल’ और ‘लोकल फॉर ग्लोबल’ के रूप में भारत की स्थानीय शक्ति को वैश्विक पहचान देने का जो विजन रखा, उत्तर प्रदेश में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने उसे एक मिशन के रूप में आगे बढ़ाया।

    योगी ने एमएसएमई की उद्यमशीलता, ओडीओपी की स्थानीय विशिष्टता और स्टार्टअप की नवाचार ऊर्जा को एक सूत्र में पिरोकर प्रदेश के आर्थिक सामर्थ्य को एक नई दिशा दी। ग्रेटर नोएडा में शुरू हो रहा उत्तर प्रदेश इंटरनेशनल ट्रेड शो राज्य की वह यात्रा है, जिसमें एक सरकार अपनी शक्ति को पहचान कर उसे दुनिया के समक्ष रखने जा रही है। यह राज्य के आत्मविश्वास की वैश्विक यात्रा है। 
    कौटिल्य ने लिखा था- ‘कोष मूलो दंडः' अर्थात राज्य की समस्त शक्ति उसके कोष यानी संपदा पर टिकी होती है। संपदा के मूल में व्यापार और उद्यम ही हैं। आज विकास का सूत्र यह है कि राज्य अपनी संपदा को विश्व व्यापार तक पहुंचाने में सक्षम हो। इसी कसौटी पर यूपीआईटीएस का महत्व समझा जाना चाहिए। 25 से 29 सितंबर तक ग्रेटर नोएडा स्थित इंडिया एक्सपो सेंटर एंड मार्ट में इसका चौथा संस्करण होने जा रहा है। इसके पहले तीन संस्करणों को देखें तो पहला संस्करण एक प्रयोग था, दूसरा और तीसरा उस प्रयोग की सफलता की पुष्टि और अब चौथा संस्करण उत्तर प्रदेश पर अंतरराष्ट्रीय व्यापार जगत के भरोसे का प्रतीक है।
     
    प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के ‘लोकल फॉर ग्लोबल’ के आह्वान को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने जिस गंभीरता से एक शासकीय मिशन में बदला है,  उसकी शाखाओं में सबसे प्रमुख एमएसएमई का विस्तार है। पिछले नौ सालों में किए गए सरकारी प्रयासों का परिणाम है कि आज प्रदेश की लगभग एक करोड़ एमएसएमई इकाइयां चार करोड़ लोगों को रोजगार दे रही हैं और विश्व बाजार से सीधे जुड़कर उत्तर प्रदेश की आर्थिकी को मजबूत कर रही हैं। ओडीओपी योजना योगी के मिशन की दूसरी और अत्यंत महत्वपूर्ण शाखा है, जिसकी सबसे बड़ी विशेषता यह है कि उसने विकास की कहानी को लखनऊ, नोएडा या कानपुर जैसे बड़े केंद्रों तक सीमित नहीं रखा। उसने 75 जिलों की अपनी-अपनी आर्थिक पहचान को सामने रखा।

    बनारस का वस्त्र, मुरादाबाद का पीतल, भदोही का कालीन, कन्नौज का इत्र, फिरोजाबाद का कांच, सहारनपुर की लकड़ी की नक्काशी, आगरा का फुटवियर और लखनऊ की चिकनकारी, अब ये उत्पाद नहीं, बल्कि उत्तर प्रदेश की आर्थिक और सांस्कृतिक पूंजी हैं। ये वही स्थानीय उद्योग हैं जो एक दशक पहले के परिदृश्य में दम तोड़ते दिखाई देते थे, लेकिन आज वे पूरे गर्व से इंटरनेशनल ट्रेड शो के भागीदार हैं। हर जिले की पहचान को संगठित और वैश्विक ब्रांड में बदलना योगी सरकार के नीतिगत हस्तक्षेप का प्रतिबिंब है। वस्तुतः यह स्वदेशी-चिंतन की अवधारणा का वह विस्तार है, जिसमें सच्ची स्वतंत्रता को गांव की आत्मनिर्भरता से जोड़ा जाता है।

    आंकड़ों की दृष्टि से यूपीआईटीएस की वृद्धि-रेखा स्पष्ट है। 2025 के तीसरे संस्करण में 80 देशों से अंतराष्ट्रीय खरीदार आए थे तो चौथे संस्करण में यह संख्या 85 देशों तक पहुंच चुकी है। यह भी स्वीकार करना आवश्यक है कि स्थानीय उत्पाद को वैश्विक बाज़ार तक पहुंचाना केवल एक प्रदर्शनी-स्थल उपलब्ध कराने भर से पूरा नहीं होता। अंतरराष्ट्रीय व्यापार की अपनी कठोर शर्तें हैं—गुणवत्ता प्रमाणन, पर्यावरणीय व श्रम मानक, वैश्विक आपूर्ति-श्रृंखला में समय पर डिलीवरी की क्षमता, और मुद्रा तथा शुल्क संबंधी जटिलताओं से निपटने की दक्षता। एक कुम्हार या बुनकर, जिसने जीवन भर स्थानीय मंडी के लिए काम किया हो, उसे इन जटिलताओं के लिए तैयार करना आसान नहीं था लेकिन सरकार की दीर्घकालिक, धैर्यपूर्ण और संस्थागत नीतियों ने इसे संभव बनाया।

    ट्रेड शो के आयोजन की संरचना में इसकी गंभीरता झलकती है। यह अब केवल उत्पाद-प्रदर्शनी नहीं रह गया, बल्कि इसमें व्यापारिक संवाद, नीति-गोष्ठियां, बी2बी वार्ताएं और निवेश-समझौतों की प्रक्रिया शामिल है। नीति-निर्माता, उद्योगपति और छोटे उद्यमियों का एक मंच पर आना ही इसकी सबसे बड़ी सार्थकता है। उत्तर प्रदेश ने अपनी आर्थिक नीति में उत्सवधर्मिता से आगे बढ़कर संस्थागत परिपक्वता प्राप्त की है। आने वाले वर्षों में यह आयोजन वास्तविक निर्यात-मूल्य, स्थायी अंतरराष्ट्रीय साझेदारियों और एमएसएमई क्षेत्र की संरचनात्मक क्षमता-वृद्धि में और परिणत होता दिखाई देगा, जो 'लोकल टू ग्लोबल' की मूल सोच है। उत्तर प्रदेश की ‘लोकल’ अवधारणा भी बदल रही है। लोकल का मतलब अब केवल हस्तशिल्प या पारंपरिक उत्पाद नहीं है। किसी जिले का टेक स्टार्टअप भी लोकल है, किसी कस्बे की फूड-प्रोसेसिंग यूनिट भी लोकल है, किसी युवा का एग्रीटेक समाधान भी लोकल है और किसी छोटे शहर की इंजीनियरिंग इकाई भी लोकल है।

    अब बड़ा सवाल है कि उत्तर प्रदेश इंटरनेशनल ट्रेड शो राज्य को वन ट्रिलियन डॉलर इकॉनमी तक ले जाने में कितना सहायक होगा? सबसे पहले तो यह स्पष्ट होना चाहिए कि वन ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनने का लक्ष्य केवल एक आर्थिक आंकड़ा मात्र नहीं है। राज्य की निर्यात संवर्धन नीति 2025-30 में भी एक ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था के लक्ष्य को व्यापक आर्थिक परिवर्तन से जोड़ा गया है। इसका सीधा अर्थ है कि ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था केवल बड़े निवेश और बड़े उद्योगों से नहीं बनेगी। उसके लिए प्रदेश के लाखों छोटे उद्यमों को अधिक उत्पादक, अधिक प्रतिस्पर्धी और अधिक निर्यातक्षम बनाना होगा। एक करोड़ के आसपास एमएसएमई इकाइयों और उनसे जुड़े करोड़ों रोजगार की क्षमता को वैश्विक मांग से जोड़ दिया जाए तो यह संख्या अपने आप में एक विशाल आर्थिक शक्ति बन जाती है।

    एमएसएमई, ओडीओपी, स्टार्टअप तथा पहली बार निर्यात करने वालों को वैश्विक बाजार से जोड़ना ही होगा, जो ग्रेटर नोएडा में हो रहे ट्रेड शो के रूप में एक बड़े मंच के रूप में सामने है। यूपीआईटीएस अब सिर्फ व्यापार का मंच नहीं है। यह उस विचार का मंच है जिसमें ओडीओपी स्थानीय पहचान को वैश्विक ब्रांड में बदलता है, एमएसएमई रोजगार को आर्थिक शक्ति में बदलता है और वैश्विक बाजार उत्तर प्रदेश की ट्रिलियन डॉलर की आकांक्षा को गति देने का माध्यम बनता है।

    – हरिशंकर मिश्र, वरिष्ठ पत्रकार

  • मेले में करंट लगने से बड़ा हादसा, 2 की मौत और 5 घायल

    मेले में करंट लगने से बड़ा हादसा, 2 की मौत और 5 घायल

    संगरूर.

    पंजाब के जिला संगरूर के अंतर्गत आते सुनाम शहर में चल रहे पीर बाबा जुड़वा शाह के वार्षिक मेले में एक बेहद दर्दनाक हादसा हो गया। मेले में लगी एक गोलगप्पे की स्टॉल के पास अचानक बिजली का करंट फैल गया, जिसकी चपेट में आकर दो लोगों की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई। वहीं चार अन्य लोग गंभीर रूप से झुलस गए।

    प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, पीर बाबा जुड़वा शाह प्रबंधकीय कमेटी की ओर से हर साल की तरह इस बार भी मेले का भव्य आयोजन किया जा रहा था। मेले में बड़ी संख्या में लोग पहुंचे हुए थे। रात के समय लोग गोलगप्पे की स्टॉल के पास खड़े थे कि अचानक लोहे के ढांचे या तारों में बिजली का तेज करंट आ गया। देखते ही देखते करंट ने वहां खड़े कई लोगों को अपनी चपेट में ले लिया।

    फिरोजपुर में बिजली तारों की चपेट में आई बच्ची
    फिरोजपुर में कैंट बोर्ड की जगह पर लगे मेले में मंगलवार को दर्दनाक हादसा हो गया। मेला देखने पहुंची 8 साल की बच्ची बिजली के तार की चपेट में आ गई। हादसे में 8 वर्षीय दिवांशी की मौत हो गई। घटना के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई। बताया जा रहा है कि मेले में काफी लोग पहुंचे हुए थे। सूचना के बाद मौके पर पहुंची पुलिस ने बच्ची के शव को सरकारी अस्पताल में रखवाया गया है। फिलहाल पुलिस मामले की जांच कर रही है।

    नंगे तार की चपेट में आई बच्ची
    परिवार के मुताबिक, मेले वाली जगह पर बिजली की नंगी तारें मौजूद थीं। बच्ची इन तारों की चपेट में आ गई, जिससे उसे करंट लगा और मौके पर ही उसकी मौत हो गई। हादसे के बाद परिवार में मातम छा गया। परिजनों का आरोप है कि यदि बिजली की तारों को सुरक्षित तरीके से ढका और व्यवस्थित किया गया होता, तो शायद यह हादसा टाला जा सकता था।

  • हरियाणा बैंक केस में बड़ा खुलासा, IAS अधिकारियों पर रिश्वत और साजिश के आरोप

    हरियाणा बैंक केस में बड़ा खुलासा, IAS अधिकारियों पर रिश्वत और साजिश के आरोप

     पंचकूला
     हरियाणा के कथित बैंक घोटाले की जांच में सीबीआई की ओर से दाखिल की गई चार्जशीट में छह आईएएस अधिकारियों की भूमिका को लेकर गंभीर आरोप सामने आए हैं।

    चार्जशीट में अधिकारियों पर निजी बैंकों में सरकारी धन निवेश कराने, बैंक चयन और एफडी से जुड़े नियमों की अनदेखी, वित्त विभाग की निर्धारित सीमाओं को दरकिनार करने, कथित तौर पर दस्तावेजों में हेर-फेर, साक्ष्य छिपाने तथा रिश्वत अथवा अन्य अनुचित लाभ लेने जैसे आरोप लगाए गए हैं।

    सीबीआई की चार्जशीट में आरके सिंह (राम कुमार सिंह), पंकज अग्रवाल, प्रदीप कुमार, विनीत गर्ग और मोहम्मद शाइन समेत छह आईएएस अधिकारियों को आरोपी बनाया गया है।

    चार्जशीट में बैंक अधिकारियों और अन्य आरोपियों के साथ कथित साजिश के माध्यम से सरकारी धन को निजी बैंकों में ट्रांसफर कराने तथा निवेश प्रक्रिया में नियमों की अनदेखी के आरोपों का उल्लेख है।

    पंकज अग्रवाल पर लगे आरोप
    तत्कालीन स्कूल शिक्षा विभाग के आयुक्त एवं सचिव तथा बाद में कृषि विभाग के प्रमुख सचिव रहे पंकज अग्रवाल को लेकर चार्जशीट में निजी बैंक अधिकारी रिभव ऋषि से कथित अनुचित लाभ मिलने का उल्लेख है।

    सीबीआई के अनुसार, नवंबर 2025 से जनवरी 2026 के बीच जीरकपुर के होटल जेड मैनर में चार बार कथित मुजरा पार्टियों का आयोजन हुआ।

    चार्जशीट में आरोप है कि इन आयोजनों में डांस कलाकारों, खानपान और शराब का खर्च रिभव ऋषि ने उठाया।

    24 दिसंबर 2025 को चंडीगढ़ के ट्रिब्यून चौक स्थित होटल नोबोटेल में एक महिला को बुलाए जाने और इसका भुगतान रिभव के करीबी अभय कुमार की ओर से यूपीआई के माध्यम से किए जाने का भी उल्लेख है।

    10 जनवरी 2026 को मोहाली के होटल बाइंडम में सुइट बुक कर एक अन्य महिला को बुलाए जाने और 75 हजार रुपये का भुगतान रिभव ऋषि के पैसों से किए जाने का आरोप है।

    चार्जशीट में पंकज अग्रवाल की कथित मौजूदगी तथा होटल से उबर कैब के जरिए घर लौटने से संबंधित रिकॉर्ड का भी उल्लेख किया गया है।

    इसके अलावा अक्तूबर 2025 में दिल्ली के एक होटल की बुकिंग और उनकी पत्नी के लिए चंडीगढ़ के होटल नोबोटेल में आयोजित पार्टी का खर्च भी रिभव ऋषि की ओर से उठाए जाने का आरोप लगाया गया है।

    विनीत गर्ग पर सोने के सिक्के लेने का आरोप
    हरियाणा राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के तत्कालीन अध्यक्ष विनीत गर्ग के कार्यकाल में आईडीएफसी फर्स्ट बैंक को निवेश में प्राथमिकता दिए जाने का आरोप चार्जशीट में लगाया गया है।

    24 अक्तूबर 2025 को 25-25 करोड़ रुपये एयू स्मॉल फाइनेंस बैंक और आईडीएफसी फर्स्ट बैंक में निवेश करने की सिफारिश की गई थी। सीबीआई के अनुसार बाद में इसमें बदलाव कर पूरी 50 करोड़ रुपये की राशि आईडीएफसी में निवेश करने का निर्णय लिया गया।

    चार्जशीट में 6 मई 2025 को आईसीआईसीआई बैंक से 3.50 करोड़ रुपये निकालकर आईडीएफसी में जमा कराने के मौखिक निर्देश का भी आरोप है।

    इसके अलावा सीबीआई ने दीपावली से पहले रिभव ऋषि के माध्यम से विनीत गर्ग के घर 50-50 ग्राम के दो सोने के सिक्के पहुंचाए जाने के आरोप की भी जांच की। इसके समर्थन में कॉल रिकॉर्ड और गवाहों के बयानों का उल्लेख किया गया है।

    आरके सिंह के घर 50 लाख पहुंचाने और बेटे को दो करोड़ देने का आरो
    पंचकूला नगर निगम के तत्कालीन आयुक्त आरके सिंह को लेकर चार्जशीट में नकदी लेनदेन के गंभीर आरोप लगाए गए हैं। सीबीआई के अनुसार 11 जनवरी 2026 को उनके घर 50 लाख रुपये पहुंचाए गए।

    वहीं, 22 जनवरी को दिल्ली में उनके बेटे प्रशांत सिंह को तीन किश्तों में दो करोड़ रुपये दिए जाने का आरोप है। चार्जशीट में रकम की पहचान के लिए 10 रुपये के नोट के नंबर का मिलान किए जाने का भी उल्लेख है।

    आरके सिंह पर अलग-अलग ब्याज दरों के बावजूद आईडीएफसी बैंक में एफडी कराने का आरोप लगाया गया है। चार्जशीट के मुताबिक जब सेक्शन ऑफिसर अनिल कुमार ने कोटेशन मंगाने का सुझाव दिया तो उन्हें फटकार लगाई गई और बाद में 17 नवंबर को वहां से हटा दिया गया।

    इसके अलावा कालका नगर परिषद का खाता करीब 30 किलोमीटर दूर सेक्टर-32 चंडीगढ़ शाखा में खुलवाने का भी उल्लेख चार्जशीट में है।

    मोहम्मद शाइन पर बैंक को फायदा पहुंचाने का आरोप
    एचपीजीसीएल के तत्कालीन प्रबंध निदेशक एवं अध्यक्ष मोहम्मद शाइन के कार्यकाल में आईडीएफसी फर्स्ट बैंक में सरकारी धन के निवेश को लेकर भी सीबीआई ने अनियमितताओं का आरोप लगाया है।

    चार्जशीट के अनुसार शाइन ने रिभव ऋषि को अधिकारियों से मिलवाने, आईडीएफसी में 50 करोड़ रुपये जमा कराने तथा बाद में बैंक की 50 करोड़ रुपये की जमा सीमा हटाने की प्रक्रिया में कथित भूमिका निभाई।

    सीबीआई ने चार्जशीट में रिभव ऋषि की ओर से होटल और रेस्तरां के करीब 3.67 लाख रुपये के बिलों का भुगतान किए जाने तथा शाइन के घर कई बार जाने का भी उल्लेख किया है।

    नवंबर 2024 में इंडसइंड बैंक की करीब 108.46 करोड़ रुपये की एफडी समय से पहले तुड़वाकर उसमें से 50 करोड़ रुपये आईडीएफसी में जमा कराने का भी आरोप है।

    प्रदीप कुमार पर निवेश सीमा से अधिक रकम जमा कराने का आरोप
    हरियाणा राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के तत्कालीन सदस्य सचिव प्रदीप कुमार पर निवेश प्रक्रिया में अनियमितता कर आईडीएफसी फर्स्ट बैंक को फायदा पहुंचाने का आरोप है।

    चार्जशीट के अनुसार उन्हें जानकारी थी कि आईडीएफसी बैंक में अधिकतम 50 करोड़ रुपये जमा किए जा सकते हैं, इसके बावजूद बैंक में जमा रकम 63.68 करोड़ रुपये तक पहुंच गई।

    सीबीआई का आरोप है कि एक मामले में एयू स्मॉल फाइनेंस बैंक की 8.45 प्रतिशत ब्याज दर को गलत तरीके से 8.25 प्रतिशत दर्शाया गया, जिससे आईडीएफसी की ब्याज दर तुलनात्मक रूप से अधिक दिखाई गई।

  • यूपी चुनाव को लेकर शाह-मौर्य की बैठक, जनसंपर्क अभियान और संगठन पर चर्चा

    यूपी चुनाव को लेकर शाह-मौर्य की बैठक, जनसंपर्क अभियान और संगठन पर चर्चा

    लखनऊ
    उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने बुधवार को केंद्रीय गृह और सहकारिता मंत्री अमित शाह से नई दिल्ली स्थित उनके आवास पर मुलाकात की। इस दौरान आगामी विधानसभा चुनाव, संगठनात्मक तैयारियों और केंद्र और राज्य सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं की प्रगति समेत विभिन्न समसामयिक मुद्दों पर चर्चा हुई। मुलाकात के बाद मौर्य ने कहा कि 2027 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में भाजपा की लगातार तीसरी बार सरकार बनाने के संकल्प को लेकर अमित शाह के साथ विस्तृत रणनीति पर विचार-विमर्श किया गया।

    घर-घर पहुंचाएंगे डबल इंजन सरकार की उपलब्धियां
    मौर्य ने कहा कि भाजपा कार्यकर्ता प्रदेशभर में विशेष जनसंपर्क अभियान चलाकर डबल इंजन सरकार की योजनाओं और उपलब्धियों को लोगों तक पहुंचाएंगे। उन्होंने कहा कि केंद्र और प्रदेश सरकार की योजनाओं से आम लोगों और गरीब परिवारों को मिले लाभ की जानकारी घर-घर पहुंचाई जाएगी। इसके साथ ही विकसित भारत 2047 के लक्ष्य को लेकर भी लोगों के बीच पार्टी का संदेश पहुंचाने की बात कही।

    विपक्ष के 70 साल पर मोदी के 12 साल भारी
    उपमुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व की सराहना करते हुए कहा कि पिछले 12 वर्षों में देश में कई बड़े बदलाव हुए हैं। उन्होंने दावा किया कि पक्के आवास, स्वास्थ्य सुरक्षा, उज्ज्वला योजना, हर घर नल से जल, डीबीटी और बुनियादी ढांचे के क्षेत्र में हुए काम से गरीब और वंचित वर्ग के जीवन में बदलाव आया है। मौर्य ने कहा कि भारत आर्थिक मजबूती और आत्मनिर्भरता की दिशा में आगे बढ़ रहा है।

    यूपी चुनाव की रणनीति पर हुई चर्चा
    मौर्य ने कहा कि केंद्र और राज्य सरकार की योजनाओं को जनता तक पहुंचाने के साथ संगठन को भी चुनाव के लिए सक्रिय किया जाएगा। उन्होंने कार्यकर्ताओं से जनसंपर्क बढ़ाने और सरकार की योजनाओं की जानकारी अधिक से अधिक लोगों तक पहुंचाने पर जोर दिया। मुलाकात के बाद उपमुख्यमंत्री ने अमित शाह का आभार जताया। उन्होंने कहा कि केंद्रीय गृह मंत्री का मार्गदर्शन और संगठनात्मक अनुभव भाजपा के लिए महत्वपूर्ण है। मौर्य ने कहा कि शाह के सुझावों से संगठन और सरकार को आगे की दिशा तय करने में मदद मिलती है। बैठक को 2027 के विधानसभा चुनाव की तैयारियों के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

  • वोटर लिस्ट में नाम जोड़ने का मौका, दिल्ली SIR में 29 अक्टूबर तक चलेगा दावा-आपत्ति

    वोटर लिस्ट में नाम जोड़ने का मौका, दिल्ली SIR में 29 अक्टूबर तक चलेगा दावा-आपत्ति

    नई दिल्ली
    दिल्ली में चल रहे स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) के दौरान क्लेम और ऑब्जेक्शन की प्रक्रिया में अब 6 दिन ही बचे हैं। वोटर लिस्ट में नए नाम जुड़वाने के लिए 31 अगस्त से 23 सितंबर के बीच 1,14,073 फॉर्म-6 के आवेदन जमा किए जा चुके हैं।

    दिल्ली में अब तक आए कितने आवेदन
    30 अगस्त को भेजे गए 2,12,400 आवेदनों को मिलाकर अब तक फॉर्म-6 के कुल 3,26,473 आवेदन प्राप्त हो चुके हैं। हलांकि, इनमें कितने आवेदनों का निस्तारण हुआ है इसके बारे में आयोग ने कोई डेटा जारी नहीं किया है।

    कहां से आए सबसे ज्यादा आवेदन
    SIR में क्लेम और ऑब्जेक्शन की प्रक्रिया 29 अक्टूबर तक चलेगी। फॉर्म 6 के लिए सबसे ज्यादा आवेदन वेस्ट जिले से आए हैं। यहां से 14,056 लोगों ने नाम जुड़वाने के लिए आवेदन किया। इसके बाद नॉर्थ-वेस्ट जिले में 11,819, ईस्ट में 11,412, साउथ ईस्ट में 11,124 और नॉर्थ ईस्ट में 10,534 आवेदन आए हैं।

    मामले में क्या बोला दिल्ली इलेक्शन ऑफिस
    दिल्ली इलेक्शन ऑफिस ने कहा है कि जिन लोगों का नाम ड्राफ्ट वोटर लिस्ट में नहीं है, वे तय घोषणा और जरूरी डॉक्यूमेंट्स के साथ फॉर्म-6 भरकर फाइनल वोटर लिस्ट में नाम जोड़ने के लिए आवेदन कर सकते हैं। वहीं, ऐसे नए आवेदक जिनकी उम्र 1 अक्टूबर तक 18 वर्ष पूरी हो रही है, वे भी फॉर्म-6 के जरिए वोटर लिस्ट में अपना नाम जुड़वाने के लिए आवेदन कर सकते हैं।

    'ऑनलाइन आवेदन में डॉक्यूमेंट्स की कॉपी अपलोड करनी होती है'
    SIR को लेकर बड़ी संख्या में NBT रीडर्स के सवाल मिल रहे हैं। उनके इन सवालों के जवाब चुनाव आयोग से जुड़े एक वरिष्ठ अधिकारी ने दिए हैं:

  • कोयले की कमी से बढ़ी चिंता, तेनुघाट-पतरातू प्लांट पर मंडराया संकट

    कोयले की कमी से बढ़ी चिंता, तेनुघाट-पतरातू प्लांट पर मंडराया संकट

     रांची
    झारखंड के बिजली संयंत्रों में कोयला का संकट है। लगातार भारी बारिश के कारण बीसीसीएल, सीसीएल समेत कोल कंपनियों की खुली खदानों में पानी भर चुका है, जैसा कि हरेक साल होता रहा है।

    झारखंड सरकार के तेनुघाट थर्मल पावर संयंत्र में भी कोयला का संकट है। कोल कंपनियों से तेनुघाट संयंत्र को पर्याप्त कोयला नहीं मिला है।

    नतीजतन, कोल भंडार बेहद कम हो चुका है। महज चार दिन तक संयंत्र चलाने भर का कोयला शेष है। पतरातू सुपर थर्मल पावर प्रोजेक्ट में भी उत्पादन कार्य को सुचारू रखने के लिए जितना कोयला होना चाहिए, उतना नहीं है।

    ऐसे प्रतिकूल हालात को भांप ऊर्जा विभाग के कान खड़े हो चुके हैं। ऊर्जा सचिव के श्रीनिवासन ने अधीनस्थों को निर्देश दिया है कि कोल कंपनियों के साथ बिजली उत्पादन संयंत्रों के शीर्ष प्रबंधन के साथ सतत संवाद करे। यह सुनिश्चित करे कि विद्युत संयंत्रों को इतना कोयला अवश्य मिले कि किसी भी परिस्थिति में उत्पादन बंद न हो।

    कोल इंडिया लिमिटेड के मातहत संचालित भारत कोकिंग कोल लिमिटेड (बीसीसीएल) के खनन का कार्य क्षेत्र धनबाद और आसपास का इलाका है। सेंट्रल कोलफील्ड लिमिटेड (सीसीएल) के खनन क्षेत्र का दायरा, हजारीबाग, चतरा, रामगढ़, बोकारो, पलामू, गिरिडीह और लातेहार तक है।

    कोयला की अधिकतर खदानों खुली हुई है। पिछले एक पखवाड़ा में लगातार बारिश ने खुली खदानों को पानी से लबालब कर दिया है। पानी निकालने के लिए मशीनें लगातार चल रही है तो आसमान उन्हें दोबारा भरने को आतुर है। ऐसे हालात में कोयला के उत्पादन पूरी तरह प्रभावित हुआ है।

    विद्युत संयंत्रों में कोयला की खूब मांग है। डिस्पैच बिल्कुल कम। ऊर्जा विभाग को सूचना मिली है कि कई प्लांटो में कोयला का भंडार चेतावनी के स्तर पर। सो, ऊर्जा विभाग ने इस दिशा में कवायद तेज की है।

    ऊर्जा सचिव के श्रीनिवासन में गुरुवार को इस मसले पर अधीनस्थ अधिकारियों से हालात की जानकारी ली है। यद्यपि, ऊर्जा विभाग के अधिकारियों को उम्मीद है कि जल्द हालात सुधर जाएंगे।

    इतने हैं बिजली संयंत्र
        झारखंड में दस से अधिक थर्मल और हाइड्रो पावर प्लांट सरकारी व केंद्रीय इकाइयां हैं। छोटे और औद्योगिक कैप्टिव प्लांट मिलाकर इनकी संख्या 40 से अधिक है।
        रामगढ़ का पतरातू सुपर थर्मल पावर प्रोजेक्ट एनटीपीसी और झारखंड सरकार का संयुक्त उपक्रम है। इसकी उत्पादन क्षमता 16 सौ मेगावाट है। तेनुघाट थर्मल पावर स्टेशन राज्य सरकार का प्रमुख संयंत्र है।
        डीवीसी का कोडरमा थर्मल पावर स्टेशन, चंद्रपुरा थर्मल पावर प्लांट और बोकारो थर्मल पावर प्लांट है। चतरा में एनटीपीसी का सुपर थर्मल पावर प्रोजेक्ट है।

     

  • मानसून की विदाई के बीच पंजाब में बारिश, बिजली की डिमांड 14 हजार पार

    मानसून की विदाई के बीच पंजाब में बारिश, बिजली की डिमांड 14 हजार पार

    पटियाला 

    पंजाब के तीन जिलों पठानकोट, होशियारपुर और गुरदासपुर में आज (25 सितंबर) हल्की से मध्यम बारिश का अनुमान है। हालांकि, राज्य में मानसून की विदाई का दौर जारी है। राज्य के अधिकतम तापमान में 0.4 डिग्री की बढ़ोतरी हुई है। अब यह सामान्य के करीब बना हुआ है। 

    पंजाब और चंडीगढ़ से मानसून की विदाई जारी है। मानसून की वापसी की रेखा अभी गुरदासपुर और चंडीगढ़ से होकर गुजर रही है। ऐसे में आने वाले दिनों में बारिश कम होने और मौसम ज्यादातर सूखा रहने की संभावना है। पश्चिमी विक्षोभ का असर पंजाब और चंडीगढ़ पर ज्यादा नहीं पड़ेगा। वहीं, उत्तर-पश्चिमी उत्तर प्रदेश में बना कम दबाव का हवाओं का सिस्टम भी अब कमजोर हो गया है।

    एक अक्टूबर तक मौसम ड्राई रहने की संभावना इस सप्ताह पंजाब के सभी हिस्सों में मौसम शुष्क रहने का अनुमान है। बारिश की संभावना कम है। पठानकोट, होशियारपुर, नवांशहर, रूपनगर, फतेहगढ़ साहिब, मोहाली और पटियाला में अधिकतम तापमान 32 से 34 डिग्री, जबकि बाकी हिस्सों में 34 से 36 डिग्री रह सकता है।

    तापमान 30 से 32 डिग्री भी रह सकता है उत्तरी और पूर्वी हिस्सों में कुछ समय तापमान 30 से 32 डिग्री भी रह सकता है। पठानकोट में न्यूनतम तापमान 16 से 18 डिग्री, अमृतसर, गुरदासपुर और होशियारपुर-रूपनगर के कुछ हिस्सों में 18 से 20 डिग्री, जबकि बाकी पंजाब में 20 से 22 डिग्री रहने का अनुमान है।

    बिजली की मांग 14 हजार मेगावाट के पार गर्मी बढ़ने से पंजाब में बिजली की मांग भी बढ़ी हुई है। आज राज्य में बिजली की मांग 14,120 मेगावाट रही। पंजाब ने 5,004 मेगावाट बिजली का उत्पादन किया, जबकि बाहर से 9,118 मेगावाट बिजली ली गई।