Category: राज्य

  • कैप्टन अमरिंदर सिंह का BJP पर बयान, बोले- 4 साल में कुछ हासिल नहीं हुआ

    कैप्टन अमरिंदर सिंह का BJP पर बयान, बोले- 4 साल में कुछ हासिल नहीं हुआ

    चंडीगढ़
     भाजपा में शामिल होने के करीब चार साल बाद पूर्व मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने पार्टी के भीतर अपने राजनीतिक सफर को लेकर खुलकर असंतोष जाहिर किया है।एक अखबार को दिए साक्षात्कार में कैप्टन ने कहा कि भाजपा के साथ चार साल में उन्होंने “वास्तव में कुछ भी हासिल नहीं किया।” उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि कांग्रेस में वापस जाने की उनकी कोई योजना नहीं है। साथ ही कहा कि चुनाव लड़ने के उनके दिन अब प्रभावी तौर पर खत्म हो चुके हैं।

    सितंबर 2022 में भाजपा में शामिल हुए कैप्टन ने कहा कि किसी पार्टी में शामिल होने पर स्वाभाविक उम्मीद होती है कि वरिष्ठ नेता से सलाह ली जाएगी।

    खासकर ऐसे व्यक्ति से, जिसने पंजाब को करीब छह दशक तक करीब से देखा और समझा है। उन्होंने कहा, “मैं यह दावा नहीं कर रहा कि पंजाब के बारे में मेरे पास सभी जवाब हैं, लेकिन मैं इस राज्य को अच्छी तरह जानता हूं।”

    कैप्टन के बयान से शुरू हुई थीं सियासी चर्चाएं
    कैप्टन के इस बयान को भाजपा में उनके राजनीतिक प्रभाव और भूमिका को लेकर अहम माना जा रहा है। मुख्यमंत्री पद छोड़ने और कांग्रेस से अलग होने के बाद उन्होंने अपनी पार्टी बनाई थी और बाद में भाजपा में उसका विलय कर दिया था। हालांकि अब चार साल बाद वह खुद कह रहे हैं कि इस दौरान उन्हें पार्टी से कोई खास हासिल नहीं हुआ।

    भाजपा के साथ अपने भविष्य को लेकर पूछे गए सवाल पर कैप्टन ने कहा कि उनके पास फिलहाल दूसरा विकल्प भी नहीं है।

    उन्होंने कहा कि वह अकाली दल में नहीं जा सकते और उन्हें नहीं लगता कि कांग्रेस उन्हें वापस लेगी। साथ ही उन्होंने स्वीकार किया कि वह खुद भी कुछ हद तक उलझन में हैं और पहले उन्हें अपने स्तर पर चीजों को सुधारने की जरूरत है।

    चार साल में कुछ हासिल नहीं हुआ
    पूर्व मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने कहा कि किसी पार्टी में शामिल होने के बाद उम्मीद होती है कि खासकर उस व्यक्ति से सलाह ली जाएगी, जिसने करीब छह दशक तक पंजाब की राजनीति को करीब से देखा और समझा है, लेकिन उनके मुताबिक ऐसा नहीं हुआ. अमरिंदर सिंह ने बताया कि कांग्रेस से अलग होने के बाद उन्होंने अपनी पार्टी बनाई थी. बाद में उनके समर्थकों की राय थी कि पार्टी का भाजपा में विलय कर दिया जाए. उनके मुताबिक, कांग्रेस में वापस जाने का विकल्प नहीं था और अकाली दल में लौटने का भी सवाल नहीं था, इसलिए भाजपा में विलय का फैसला किया गया। 

    पंजाब पर पांच साल में एक भी बैठक नहीं हुई
    कैप्टन अमरिंदर सिंह ने भाजपा के भीतर अपनी भूमिका को लेकर सबसे बड़ा दावा यह किया कि पिछले पांच साल में पंजाब की नीति या राजनीति को लेकर उनकी पार्टी के साथ एक भी बैठक नहीं हुई. जब उनसे पूछा गया कि क्या भाजपा वास्तव में उनसे सलाह नहीं लेती, तो उन्होंने स्पष्ट जवाब दिया कि पंजाब की राजनीति या नीति को लेकर भाजपा के साथ उनकी एक भी बैठक नहीं हुई. उन्होंने यह भी कहा कि भाजपा को जमीनी राजनीति समझने वाले नेताओं से सलाह लेनी चाहिए. उनके मुताबिक, उन्होंने ब्लॉक स्तर से राजनीति देखी है और पंजाब में छह बार विधायक, दो बार सांसद और दो बार मुख्यमंत्री रहे हैं। 

    भाजपा पंजाब को नहीं समझती
    इंटरव्यू में जबकैप्टन अमरिंदर सिंह से सीधे पूछा गया कि क्या भाजपा पंजाब को समझती है, तो अमरिंदर सिंह ने जवाब दिया कि नहीं. उनके मुताबिक, भाजपा लंबे समय तक पंजाब में सत्ता में नहीं रही, इसलिए उसे राज्य की राजनीतिक व्यवस्था को समझने के लिए जमीनी स्तर से काम करने की जरूरत है. उन्होंने कहा कि केवल मंत्री बनने से किसी राज्य की राजनीति की पूरी समझ नहीं आती, राजनीति को समझने के लिए ब्लॉक और जिला स्तर से काम करना पड़ता है। 

    अमरिंदर सिंह ने कहा कि भाजपा को उनके जैसे अनुभवी लोगों से कम से कम सलाह तो लेनी चाहिए… अगर उनकी सलाह गलत लगे तो उसे खारिज किया जा सकता है, लेकिन अनुभव होने के बावजूद सलाह नहीं लेना उचित नहीं है। 

    फिर भाजपा में क्यों बने हुए हैं?
    अगर भाजपा में उन्हें तवज्जो नहीं मिल रही, तो क्या वह पार्टी में बने रहेंगे? अमरिंदर सिंह का जवाब था कि क्या विकल्प है? उन्होंने कहा कि वह अकाली दल में नहीं जा सकते और उन्हें नहीं लगता कि कांग्रेस उन्हें वापस लेगी… हालांकि उन्होंने कांग्रेस के प्रति अपने पुराने लगाव को भी स्वीकार किया. अमरिंदर सिंह ने कहा कि वह करीब 50 साल कांग्रेस के साथ रहे हैं और पार्टी उनके जीवन का एक बड़ा हिस्सा रही है. उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि कांग्रेस छोड़ने का फैसला उन्होंने खुद नहीं लिया था, कांग्रेस नेतृत्व ने उनसे अलग होने का फैसला किया और उन्होंने उसे स्वीकार कर लिया। 

    कांग्रेस में वापसी की अटकलों पर भी जवाब
    पिछले कुछ दिनों से अमरिंदर सिंह की कांग्रेस में संभावित वापसी की चर्चा भी होती रही है, लेकिन उन्होंने ऐसी किसी संभावना से इनकार किया. उन्होंने कहा कि उन्होंने कांग्रेस छोड़ने के लिए खुद नहीं कहा था और पार्टी नेतृत्व ने उन्हें जाने के लिए कहा था… अब वह कांग्रेस में वापसी के बारे में कोई पहल नहीं कर रहे हैं. उन्होंने यह भी कहा कि पिछले पांच साल में उनकी सोनिया गांधी, राहुल गांधी या प्रियंका गांधी से राजनीतिक बातचीत नहीं हुई है। 

    सक्रिय तौर पर राजनीति में नहीं नजर आएंगे कैप्टन
    84 वर्षीय कैप्टन ने साफ किया कि वह अब चुनावी राजनीति में सक्रिय उम्मीदवार के तौर पर नजर नहीं आएंगे। हालांकि 2027 के विधानसभा चुनाव को लेकर उन्होंने कई अहम राजनीतिक टिप्पणियां कीं। उन्होंने कहा कि फिलहाल यह स्पष्ट नहीं है कि कौन सी पार्टी बढ़त की स्थिति में है।

    आम आदमी पार्टी और कांग्रेस के बीच मुकाबले की बात करते हुए उन्होंने भाजपा के जमीनी समर्थन को लेकर भी सवाल उठाए और अकाली दल के साथ गठबंधन की पैरवी की।

    कैप्टन ने कहा कि अगर भाजपा पंजाब में सरकार बनाना चाहती है तो उसे अपने पुराने सहयोगी अकाली दल के साथ गठबंधन पर विचार करना चाहिए।

    उनके मुताबिक दोनों दल पहले भी मिलकर सरकारें बना चुके हैं। इससे साफ है कि चुनावी राजनीति से दूरी की घोषणा के बावजूद कैप्टन की नजर पंजाब के अगले राजनीतिक समीकरण पर बनी हुई है।

  • जयपुर में नितिन नवीन ने गिनाईं योजनाओं की उपलब्धियां, बोले- जीत को सेवा का अवसर मानें

    जयपुर में नितिन नवीन ने गिनाईं योजनाओं की उपलब्धियां, बोले- जीत को सेवा का अवसर मानें

    जयपुर
    भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन ने शुक्रवार को जयपुर के दादिया गांव में पंडित दीनदयाल उपाध्याय की 110वीं जयंती के अवसर पर आयोजित ‘सेवा संकल्प सभा’ को संबोधित किया। उन्होंने दीनदयाल उपाध्याय की प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित कर उन्हें श्रद्धांजलि दी और ‘अंत्योदय’ के विचार को समाज के अंतिम व्यक्ति तक विकास पहुंचाने का माध्यम बताया। इस दौरान मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा समेत भाजपा के कई नेता और जनप्रतिनिधि मौजूद रहे।

    नितिन नवीन ने अपने संबोधन में हाल में हुए निकाय चुनावों में भाजपा के प्रदर्शन का उल्लेख करते हुए कार्यकर्ताओं को बधाई दी। उन्होंने कहा कि तीन नगर निगमों और नगर परिषदों के परिणाम भी भाजपा के पक्ष में आए हैं। उन्होंने इसे जनता के समर्थन के रूप में प्रस्तुत करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में चल रही विकास योजनाओं तथा गांव-कस्बों तक पहुंचने की कोशिशों से लोगों का ‘विकास के रथ’ पर भरोसा बढ़ा है।

    जीत को सेवा का अवसर मानकर काम करें- नितिन नवीन
    भाजपा अध्यक्ष ने कहा कि चुनाव में मिली जीत को केवल राजनीतिक उपलब्धि के तौर पर नहीं देखना चाहिए, बल्कि इसे जनता की सेवा का अवसर मानना चाहिए। उन्होंने कहा कि पंचायतीराज और निकायों के जनप्रतिनिधि पंडित दीनदयाल उपाध्याय के अंत्योदय के विचार को जमीनी स्तर तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।

    नवीन ने कहा कि गरीब व्यक्ति को नारायण मानकर काम करने की भावना के साथ आगे बढ़ना चाहिए। उन्होंने कार्यकर्ताओं से जनता के साथ निरंतर जुड़ाव बनाए रखने और जनसेवा को प्राथमिकता देने की अपील की।

    राहुल गांधी के सवाल पर दिया जवाब
    नितिन नवीन ने नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के उस सवाल का भी जिक्र किया, जिसमें भाजपा की सरकारों के लगातार बनने को लेकर सवाल उठाया गया था। नवीन ने कहा कि भाजपा के नेताओं का लंबे समय तक सरकार में रहने का विश्वास जनता की सेवा और काम करने से आता है।

    उन्होंने केंद्र सरकार की योजनाओं का उल्लेख करते हुए कहा कि गरीबों के लिए आवास, महिलाओं के लिए शौचालय और रेहड़ी-पटरी वालों के लिए पीएम स्वनिधि जैसी योजनाओं का लाभ पहुंचने पर जनता का समर्थन मिलता है। उन्होंने कहा कि सरकार की योजनाओं का उद्देश्य गरीब और जरूरतमंद व्यक्ति तक लाभ पहुंचाना है।

    नवीन ने कांग्रेस के पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी के उस पुराने कथन का भी संदर्भ दिया, जिसमें केंद्र से भेजे गए एक रुपये में से गरीब तक कम राशि पहुंचने की बात कही गई थी। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने यह सुनिश्चित करने पर जोर दिया कि सरकारी योजनाओं का पैसा सीधे लाभार्थियों तक पहुंचे।

    सीएम भजनलाल ने गिनाईं सरकार की उपलब्धियां
    कार्यक्रम में मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि राज्य सरकार अपने संकल्प पत्र में किए गए वादों को पूरा करने की दिशा में काम कर रही है। उन्होंने दावा किया कि संकल्प पत्र के 78 प्रतिशत काम अब तक पूरे किए जा चुके हैं।

    पंचायत चुनाव पर बोले मदन राठौड़
    वहीं भाजपा प्रदेश अध्यक्ष मदन राठौड़ ने कार्यकर्ताओं को निकाय चुनाव में मिली जीत के लिए बधाई दी। उन्होंने कहा कि अब पंचायत चुनाव की तैयारी करनी है। उन्होंने निकाय चुनाव में जीत दिलाने वाले संगठन के कार्यकर्ताओं और पदाधिकारियों की भूमिका को भी रेखांकित किया।

    सभा में नितिन नवीन ने पंडित दीनदयाल उपाध्याय के विचारों को याद करते हुए कहा कि विकास का वास्तविक अर्थ तभी है, जब उसका लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे। उन्होंने कार्यकर्ताओं से इसी भावना के साथ आगे बढ़ने का आह्वान किया।

  • पार्टनर कंट्रीज के प्रतिनिधियों से सीएम योगी ने की राउंड टेबल मीटिंग

    पार्टनर कंट्रीज के प्रतिनिधियों से सीएम योगी ने की राउंड टेबल मीटिंग

    ग्रेटर नोएडा

    उत्तर प्रदेश इंटरनेशनल ट्रेड शो के शुभारंभ के बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शुक्रवार को पार्टनर कंट्रीज के प्रतिनिधियों के साथ राउंड टेबल मीटिंग कर उत्तर प्रदेश में निवेश और कारोबार की संभावनाओं पर विस्तार से चर्चा की। पार्टनर कंट्रीज सिंगापुर, वियतनाम, रूस, बेलारूस, जापान और ऑस्ट्रिया के प्रतिनिधियों के साथ मुख्यमंत्री ने प्रदेश की औद्योगिक क्षमता, निवेश के अवसर और विभिन्न सेक्टरों में उपलब्ध संभावनाओं को साझा किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तर प्रदेश देश का सबसे बड़ा राज्य होने के साथ ही बड़ा बाजार, युवा मानव संसाधन, उर्वरा भूमि और पर्याप्त जल संसाधनों वाला प्रदेश है। ऐसे में पार्टनर देशों की कंपनियों के लिए यहां निवेश और कारोबार विस्तार की व्यापक संभावनाएं हैं।

    वियतनाम की कंपनियों को एविएशन सेक्टर में निवेश का अवसर

    वियतनाम के डेलिगेशन के साथ चर्चा में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि वियतनामी कंपनियों के लिए उत्तर प्रदेश में निवेश की अच्छी संभावनाएं हैं। मुख्यमंत्री ने वियतनाम की कंपनियों को यमुना एक्सप्रेसवे अथॉरिटी क्षेत्र में निवेश के लिए आमंत्रित किया। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश में देश का सबसे बड़ा एयरपोर्ट फंक्शनल करने में सफलता मिली है और शीघ्र ही यहां से अंतरराष्ट्रीय उड़ानों का संचालन शुरू होने की उम्मीद है। मुख्यमंत्री ने प्रस्ताव रखा कि लखनऊ, वाराणसी और नोएडा से हनोई तथा वियतनाम के अन्य प्रमुख शहरों के लिए सीधी हवाई सेवा शुरू होने से दोनों देशों के बीच व्यापारिक संबंधों के साथ पर्यटन को भी बढ़ावा मिलेगा। मुख्यमंत्री ने उत्तर प्रदेश इंटरनेशनल ट्रेड शो में पार्टनर कंट्री के रूप में शामिल होने के लिए वियतनाम के प्रतिनिधिमंडल का आभार व्यक्त किया।

    रूस की कंपनियों को डिफेंस, फार्मा और मेडिकल डिवाइस सेक्टर में निवेश का न्योता

    रूसी प्रतिनिधिमंडल के साथ राउंड टेबल मीटिंग में मुख्यमंत्री ने रूसी संघ के बिजनेस कमिश्नर को उत्तर प्रदेश इंटरनेशनल ट्रेड शो में पार्टनर कंट्री के रूप में शामिल होने के लिए बधाई दी। उन्होंने कहा कि रूस की ओर से जिन मुद्दों पर ध्यान आकर्षित किया गया है, उत्तर प्रदेश सरकार उन सुझावों से सहमत है और दोनों देशों के बीच आर्थिक सहयोग को और मजबूत करने की दिशा में काम किया जा सकता है। मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तर प्रदेश देश का सबसे बड़ा राज्य है और यहां करीब 25 करोड़ की आबादी निवास करती है। प्रदेश में भारत का डिफेंस मैन्युफैक्चरिंग कॉरिडोर स्थापित हो रहा है। रूस की कंपनियां पहले से ही उत्तर प्रदेश में अपनी इकाइयां स्थापित कर रही हैं। लखनऊ नोड में ब्रह्मोस की मैन्युफैक्चरिंग यूनिट स्थापित हो चुकी है। मुख्यमंत्री ने कानपुर में भी रूसी डिफेंस कंपनियों को अपनी इकाइयां स्थापित करने के लिए आमंत्रित किया। उन्होंने कहा कि रूस की एके-203 राइफल का निर्माण भी उत्तर प्रदेश में हो रहा है। यह रूस की कंपनियों के लिए प्रदेश में उपलब्ध अवसरों का उदाहरण है और उन्हें इन अवसरों का लाभ उठाना चाहिए। मुख्यमंत्री ने फार्मा और मेडिकल डिवाइस सेक्टर को भी रूस के लिए महत्वपूर्ण अवसर बताया। उन्होंने कहा कि नोएडा एयरपोर्ट के पास मेडिकल डिवाइस पार्क विकसित किया जा रहा है, जहां रूसी निवेशक निवेश के साथ अपने रिसर्च एंड डेवलपमेंट सेंटर स्थापित कर सकते हैं। बुंदेलखंड क्षेत्र में भी फार्मा पार्क विकसित किया जा रहा है। ललितपुर में बनने वाले बल्क ड्रग पार्क में भी रूस की कंपनियों को रिसर्च एंड डेवलपमेंट क्षेत्र में निवेश के लिए आमंत्रित किया गया।

    कृषि और फर्टिलाइजर सप्लाई चेन में सहयोग की बड़ी संभावनाएं

    मुख्यमंत्री ने कहा कि रूसी कंपनियों के लिए कृषि और फर्टिलाइजर की सप्लाई चेन भी महत्वपूर्ण क्षेत्र हो सकता है। उत्तर प्रदेश को भारत का फूड बास्केट बताते हुए उन्होंने कहा कि प्रदेश में बड़ी मात्रा में उर्वरा भूमि और पर्याप्त जल संसाधन उपलब्ध हैं। कृषि आधारित उद्योग और फर्टिलाइजर सप्लाई चेन के क्षेत्र में दोनों पक्षों के बीच सहयोग की व्यापक संभावनाएं हैं। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश देश में एमएसएमई का बड़ा केंद्र है। प्रदेश में ऐसे प्लेटफॉर्म विकसित किए जा सकते हैं, जहां यूरेशियन इकोनॉमिक यूनियन से जुड़े देशों के साथ आर्थिक एवं व्यापारिक संवाद को आगे बढ़ाया जा सके। उत्तर प्रदेश इंटरनेशनल ट्रेड शो इस दिशा में एक महत्वपूर्ण प्लेटफॉर्म है, जहां विभिन्न देशों को उत्तर प्रदेश की औद्योगिक और निर्यात क्षमता को देखने-समझने का अवसर मिल रहा है।

    बेलारूस की एडवांस मशीनरी और ट्रैक्टर कंपनियों को यूपी में निवेश का न्योता

    बेलारूस के प्रतिनिधिमंडल के साथ बैठक में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने उत्तर प्रदेश इंटरनेशनल ट्रेड शो में उनकी सहभागिता का स्वागत किया। उन्होंने कहा कि चार वर्ष पहले शुरू की गई पहल के क्रम में बेलारूस ने इस बार भी अपने पवेलियन के माध्यम से उत्तर प्रदेश की औद्योगिक एवं विनिर्माण क्षमता को समझने का अवसर प्राप्त किया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तर प्रदेश में बेलारूस के लिए निवेश की व्यापक संभावनाएं हैं। प्रदेश की बड़ी आबादी, उर्वरा भूमि और पर्याप्त जल संसाधन इसे कृषि एवं कृषि आधारित उद्योगों के लिए महत्वपूर्ण बनाते हैं। उन्होंने बेलारूस की एडवांस और हेवी मशीनरी कंपनियों को उत्तर प्रदेश में निवेश के लिए आमंत्रित किया। विशेष रूप से बेलारूस ट्रैक्टर कंपनियों को यहां असेंबलिंग यूनिट स्थापित करने का प्रस्ताव दिया।

    वुड टेक्नोलॉजी और ओडीओपी के बीच सहयोग की संभावनाएं

    मुख्यमंत्री ने बेलारूस के प्रतिनिधियों को उत्तर प्रदेश के वन डिस्ट्रिक्ट वन प्रोडक्ट (ओडीओपी) की ताकत से भी परिचित कराया। उन्होंने कहा कि सहारनपुर और बिजनौर जैसे जिलों में लकड़ी एवं उससे जुड़े उत्पादों की प्रोसेसिंग का बेहतरीन कार्य हो रहा है। यदि बेलारूस की आधुनिक वुड टेक्नोलॉजी को उत्तर प्रदेश के इन क्लस्टर्स से जोड़ा जाता है तो यहां के उत्पादों को वैश्विक बाजार में और मजबूत पहचान दिलाई जा सकती है। मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तर प्रदेश की करीब 56 प्रतिशत आबादी युवा है। प्रदेश सरकार युवाओं की शिक्षा, कौशल विकास और तकनीकी प्रशिक्षण पर लगातार काम कर रही है। उत्तर प्रदेश में आईटी और तकनीकी संस्थानों की मजबूत व्यवस्था है। ऐसे में बेलारूस की कंपनियां प्रदेश में हेवी टेक्नोलॉजी से जुड़े तकनीकी संस्थान स्थापित कर सकती हैं और युवाओं को आधुनिक तकनीक के अनुरूप प्रशिक्षित करने में सहयोग कर सकती हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तर प्रदेश और बेलारूस मिलकर इन संभावनाओं को आगे बढ़ा सकते हैं। उत्तर प्रदेश इंटरनेशनल ट्रेड शो दोनों देशों के बीच व्यापार, तकनीक और निवेश के नए रास्ते खोलने का प्रभावी मंच बन रहा है।

    25 देशों के प्रतिनिधियों के साथ ग्रुप फोटो

    राउंड टेबल मीटिंग के बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने विभिन्न पार्टनर देशों के प्रतिनिधियों के साथ ग्रुप फोटोशूटभी कराया। ट्रेड शो में विभिन्न देशों की सहभागिता को उत्तर प्रदेश की वैश्विक व्यापारिक और औद्योगिक पहुंच के विस्तार की दिशा में महत्वपूर्ण पहल के रूप में देखा जा रहा है।

  • बिहार में अपराधियों पर कसेगा शिकंजा, जिलों में रात्रि विश्राम करेंगे पुलिस मुख्यालय के अधिकारी

    बिहार में अपराधियों पर कसेगा शिकंजा, जिलों में रात्रि विश्राम करेंगे पुलिस मुख्यालय के अधिकारी

    पटना
    बिहार के जमुई, समस्तीपुर, मुजफ्फरपुर समेत कई जिलों में कानून को चुनौती देने वाली वारदातों के बाद सिस्टम को टाइट किया जा रहा है। सरकार की जीरो टॉलरेंस पॉलिसी को प्रभावी बनाने की कवायद शुरू हो गई है। मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत ने सभी एसपी से कहा है कि अपराधियों में कानून का डर पैदा करें। शिथिल कार्यशैली बर्दाश्त नहीं की जाएगी। एसपी पुलिस बल के वास्तविक लीडर के रूप में कार्य करें और अपने जिले की कानून-व्यवस्था की पूरी जिम्मेदारी लें। मुख्य सचिव ने यह भी कहा कि प्रत्येक जिले के डीएम और एसपी के कामकाज का मूल्यांकन उनकी त्वरित प्रतिक्रिया, जनता से मिलने वाले फीडबैक और धरातल पर दिखने वाली सुरक्षा के आधार पर किया जाएगा।

    मुख्य सचिव ने गुरुवार को वीसी के माध्यम से कानून-व्यवस्था को लेकर बैठक की और अपराध मुक्त समाज बनाने को लेकर कई सख्त निर्देश दिये। बैठक में राज्य के सभी डीएम व एसपी मौजूद थे। उन्होंने सभी से कहा कि प्रशासन के ‘इकबाल’ से कोई समझौता नहीं किया जाएगा। कानून हाल में कायम रहना चाहिए और बदलाव दिखने चाहिए। मुख्य सचिव ने सघन गश्त बढ़ाने के निर्देश दिए। कहा कि अनुमंडल स्तर तक कड़ी निगरानी रखें। खराब प्रदर्शन करने वाले या गैर-गंभीर पुलिस अधिकारियों को उनके पदों से तुरंत हटायें व सख्त कार्रवाई करें। तेज तर्रार पुलिस पदाधिकारियों को प्रोत्साहित करें ताकि वे और मनोयोग से अपनी जिम्मेदारी का निर्वहन करें।

    पुलिस मुख्यालय के अधिकारी जिलों में करेंगे रात्रि विश्राम
    मुख्य सचिव ने पुलिस को हमेशा गतिशील और अलर्ट रहने को कहा है। निर्देश दिया कि अपराधियों पर नकेल कसने के लिए रणनीतिक स्थानों पर तुरंत चेकपोस्ट लगाएं। मुख्य सचिव ने कहा कि रिपोर्टिंग और मॉनिटरिंग को मजबूत करने के लिए मुख्यालय के पुलिस अधिकारियों को जिलों के साथ टैग किया जाएगा। मुख्यालय के अधिकारी जिलों में जाकर विजिट करें व वहीं पर रात्रि विश्राम करेंगे। इससे जिलों के कानून व्यवस्था की सच्ची और असली तस्वीर अधिकारियों के सामनेन आएगी।

    पर्व-त्योहार में खास निगरानी
    मुख्य सचिव ने कहा है कि त्योहारों के सीजन में सभी डीएम और एसपी अतिरिक्त सतर्कता बरतें। सामाजिक सद्भाव या शांति भंग करने के उद्देश्य से फैलाई जाने वाली भ्रामक सूचनाओं पर लगाम लगाने के लिए प्रशासन ‘रैपिड एक्शन पॉलिसी’ के तहत कार्य करे। फेक न्यूज को बढ़ावा देने वाले तत्वों के खिलाफ तुरंत और कड़ी कानूनी कार्रवाई करने के निर्देश दिए। उन्होंने हालिया घटनाओं में पुलिस द्वारा की गई त्वरित कार्रवाई की सराहना की। जमुई कांड में दो सौ से अधिक सोशल मीडिया हैंडल के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया गया है। एसपी ने कहा है कि भ्रामक सूचना प्रसारित करने वालों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी।

  • रूस-भारत संवाद में व्यापार, निवेश और आर्थिक सहयोग की नई संभावनाओं पर मंथन

    रूस-भारत संवाद में व्यापार, निवेश और आर्थिक सहयोग की नई संभावनाओं पर मंथन

    ग्रेटर नोएडा

    इंटरनेशनल ट्रेड शो के पहले दिन अंतरराष्ट्रीय व्यापारिक गतिविधियों को नई दिशा देने वाले कई महत्वपूर्ण सत्र आयोजित हुए। रूस और भारत के बीच व्यापार, निवेश एवं आर्थिक सहयोग को विस्तार देने के उद्देश्य से विशेष रूस-भारत बिजनेस डायलॉग आयोजित किया गया। वहीं वियतनाम ने अपने पवेलियन और विशेष कार्यक्रमों के माध्यम से व्यापार, तकनीक, पर्यटन, खानपान और संस्कृति का व्यापक संगम प्रस्तुत किया। दोनों देशों की भागीदारी ने यूपीआईटीएस के अंतरराष्ट्रीय स्वरूप को और मजबूत किया।

    रूस-भारत : व्यापार और निवेश के नए अवसरों पर चर्चा

    यूपीआईटीएस-2026 में ‘रूस-भारत : व्यापार, निवेश और आर्थिक सहयोग के नए अवसर’ विषय पर विशेष संवाद आयोजित किया गया। इसमें दोनों देशों के बीच व्यापारिक संबंधों को और मजबूत करने, निवेश के नए अवसर तलाशने तथा औद्योगिक और तकनीकी सहयोग को विस्तार देने की संभावनाओं पर चर्चा हुई। रूस की ओर से भारत स्थित रूसी व्यापार प्रतिनिधित्व के ट्रेड कमिश्नर आंद्रेई सोबोलेव और डिप्टी ट्रेड कमिश्नर डॉ. येवगेनी ग्रिवा समेत वरिष्ठ प्रतिनिधियों ने भाग लिया। संवाद के दौरान दोनों देशों के उद्योगों के बीच प्रत्यक्ष संपर्क बढ़ाने और कारोबारी सहयोग के नए क्षेत्रों की पहचान पर विशेष जोर रहा। रूसी प्रतिनिधिमंडल ने यूपीआईटीएस को उत्तर प्रदेश के उद्योग एवं कारोबारी पारिस्थितिकी तंत्र को समझने और प्रदेश के उद्यमियों के साथ संभावित व्यापारिक साझेदारी तलाशने के अवसर के रूप में देखा। इस दौरान औद्योगिक तकनीक, गैस एवं संबंधित क्षेत्र, प्रयोगशाला और निदान समाधान, मेडिकल ऑक्सीजन सिस्टम तथा व्यावसायिक सेवाओं जैसे क्षेत्रों में सहयोग की संभावनाएं सामने आईं।

    चिकित्सा और औद्योगिक तकनीक में सहयोग की संभावनाएं

    रूस की प्रदर्शनी में विभिन्न औद्योगिक और तकनीकी क्षमताओं को प्रमुखता दी गई। इसमें औद्योगिक तकनीक एवं गैस, प्रयोगशाला एवं डायग्नोस्टिक समाधान, मेडिकल ऑक्सीजन सिस्टम तथा बिजनेस सर्विसेज से जुड़े उत्पाद एवं समाधान शामिल रहे। यूपीआईटीएस में इन क्षेत्रों की मौजूदगी ने उत्तर प्रदेश के स्वास्थ्य, विनिर्माण और तकनीकी क्षेत्र से जुड़े उद्यमियों के लिए अंतरराष्ट्रीय कारोबारी संपर्क का अवसर उपलब्ध कराया। रूस-भारत संवाद के माध्यम से तकनीक, उत्पादों और सेवाओं के आदान-प्रदान के साथ-साथ भविष्य में संयुक्त कारोबारी अवसरों की संभावनाओं पर भी विचार-विमर्श हुआ।

    वियतनाम ने कारोबार के साथ दिखाई संस्कृति की विविधता

    यूपीआईटीएस-2026 में वियतनाम की भागीदारी भी पहले दिन विशेष आकर्षण का केंद्र रही। वियतनाम ने अपने पवेलियन को केवल उत्पादों की प्रदर्शनी तक सीमित न रखते हुए उसे व्यापार, निवेश, पर्यटन, संस्कृति और खानपान के समग्र अनुभव के रूप में प्रस्तुत किया। वियतनाम के पवेलियन में विमानन, पर्यटन, स्वास्थ्य, कृषि, हस्तशिल्प, सांस्कृतिक उत्पाद, फार्मास्यूटिकल्स, वस्त्र एवं परिधान, इलेक्ट्रिक वाहन और पुनर्चक्रित फाइबर जैसे विभिन्न क्षेत्रों को प्रदर्शित किया गया। इससे भारतीय और विदेशी खरीदारों को वियतनाम के कारोबारी एवं औद्योगिक क्षेत्रों की विविधता को करीब से जानने का अवसर मिला।

    ‘इनोवेशन टेक्नोलॉजीज एंड टूरिज्म’ पर विशेष कार्यक्रम

    वियतनाम की ओर से ‘वियतनाम : इनोवेशन टेक्नोलॉजीज एंड टूरिज्म’ विषय पर विशेष कार्यक्रम आयोजित किया गया। इसमें तकनीकी नवाचार और पर्यटन क्षेत्र में उपलब्ध संभावनाओं को व्यापारिक अवसरों से जोड़कर प्रस्तुत किया गया। कार्यक्रम में भारत और वियतनाम के बीच पर्यटन, विमानन, स्वास्थ्य, कृषि, विनिर्माण तथा अन्य कारोबारी क्षेत्रों में सहयोग की संभावनाओं पर संवाद हुआ। वियतनाम के राजदूत त्रिन्ह मिन्ह मान्ह के साथ विभिन्न वियतनामी कंपनियों और संस्थानों के प्रतिनिधियों ने भी भाग लिया। इनमें वियतनाम एयरलाइंस, वियतजेट और विंग्रुप सहित अन्य प्रमुख कारोबारी संस्थाओं के प्रतिनिधि शामिल रहे।

    फूड फेस्टिवल और सांस्कृतिक कार्यक्रम ने बढ़ाई रौनक

    वियतनाम की भागीदारी का एक महत्वपूर्ण पक्ष उसका फूड फेस्टिवल और सांस्कृतिक कार्यक्रम रहा। वियतनामी व्यंजनों के माध्यम से देश की खाद्य संस्कृति को प्रदर्शित किया गया, वहीं सांस्कृतिक दल की प्रस्तुतियों ने दोनों देशों के बीच लोगों के स्तर पर संपर्क और सांस्कृतिक संवाद को भी मंच दिया। इस पहल के जरिए व्यापारिक प्रदर्शनी को पर्यटन और संस्कृति से जोड़ा गया। इससे यूपीआईटीएस में आने वाले आगंतुकों को वियतनाम के उत्पादों के साथ उसकी खानपान परंपरा, सांस्कृतिक विरासत और पर्यटन संभावनाओं को जानने का अवसर मिला।

    वैश्विक कारोबार का केंद्र बन रहा यूपीआईटीएस

    रूस और वियतनाम की भागीदारी ने यूपीआईटीएस-2026 को केवल उत्पादों की प्रदर्शनी से आगे बढ़ाकर व्यापार, निवेश, तकनीक, पर्यटन और सांस्कृतिक संवाद के अंतरराष्ट्रीय मंच के रूप में स्थापित किया। एक ओर रूस के साथ औद्योगिक एवं तकनीकी सहयोग की संभावनाओं पर चर्चा हुई, तो दूसरी ओर वियतनाम ने व्यापार को पर्यटन और संस्कृति से जोड़ते हुए अपनी व्यापक आर्थिक क्षमता प्रदर्शित की। यूपीआईटीएस में साझेदार देशों के लिए तैयार किए गए विशेष कार्यक्रमों का उद्देश्य विदेशी प्रतिनिधिमंडलों और उत्तर प्रदेश के उद्यमियों के बीच सीधे संपर्क को बढ़ाना है। बी2बी बैठकें, बिजनेस डायलॉग, देश विशेष सत्र और राउंडटेबल चर्चाएं इस अंतरराष्ट्रीय भागीदारी को कारोबारी परिणामों से जोड़ने का माध्यम बन रही हैं। इससे प्रदेश के एमएसएमई, निर्यातकों, स्टार्टअप, युवा उद्यमियों और बड़े उद्योगों को वैश्विक बाजारों में नए साझेदार और कारोबारी अवसर तलाशने का मंच मिल रहा है।

  • पंचकूला में क्राइम टीमों की बड़ी कार्रवाई, 1.25 करोड़ का सामान और हथियार बरामद

    पंचकूला में क्राइम टीमों की बड़ी कार्रवाई, 1.25 करोड़ का सामान और हथियार बरामद

     पंचकूला
    हरियाणा के पंचकूला जिले से पंजाब, हिमाचल प्रदेश, उत्तर प्रदेश और चंडीगढ़ की सीमाएं लगती हैं। अपराधी वारदात के बाद दूसरे राज्यों में भाग न पाएं, इसके लिए इंटर स्टेट बॉर्डर नाकों पर और अधिक चौकसी बरती जाएगी। इसके साथ ही पंचकूला शहर में बुजुर्गों की सुरक्षा का विशेष ध्यान रखा जाएगा।

    यह निर्देश पुलिस कमिश्नर पंकज नैन ने शुक्रवार को पुलिस लाइन स्थित जीओ मैस में जिले के सभी राजपत्रित अधिकारियों, थाना प्रभारियों, चौकी प्रभारियों एवं विभिन्न शाखाओं के अधिकारियों की क्राइम मीटिंग ने दिए हैं।

    बैठक में अपराध की स्थिति, लंबित मामलों, साइबर अपराध, आर्थिक अपराध, सीसीटीवी निगरानी, वरिष्ठ नागरिकों की सुरक्षा, क्राइम यूनिटों की कार्रवाई तथा फील्ड पुलिसिंग सहित विभिन्न महत्वपूर्ण बिंदुओं की समीक्षा की गई।

    पुलिस कमिश्नर ने थाना स्तर पर विभिन्न प्रकार के मामलों की समीक्षा की और अपराध के आंकड़ों को बेहतर करने के निर्देश दिए। उन्होंने लंबित मामलों, विशेषकर महिला विरुद्ध अपराधों पर विशेष ध्यान देने तथा मामलों का समयबद्ध तरीके से निपटारा सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

    साथ ही पुलिस कमिश्नर द्वारा सभी थाना क्षेत्रों की सीसीटीवी कैमरा रिपोर्ट भी चैक की गई तथा थाना प्रभारियों को अपने-अपने क्षेत्रों में सीसीटीवी कैमरों की संख्या बढ़ाने के निर्देश दिए।

    साइबर अपराध में 205 आरोपित पकड़े
    बैठक में साइबर क्राइम के इस वर्ष के आंकड़ों की भी समीक्षा की गई। इस वर्ष अब तक साइबर अपराध के 103 मामले दर्ज हुए हैं तथा पुलिस द्वारा इस वर्ष 205 आरोपितों को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस ने पिछले वर्ष की तुलना में इस वर्ष दोगुना आरोपियों को गिरफ्तार किया है।

    4.61 करोड़ रुपये लोगों को के बचाए
    इस दौरान पुलिस द्वारा 7,94,19,086 (करीब 8 करोड) रुपये की राशि होल्ड करवाई गई है, जबकि 4,61,42,258 रुपये शिकायतकर्ताओं को वापस दिलवाए जा चुके हैं। शेष राशि भी कानूनी प्रक्रिया पूरी होने के बाद संबंधित शिकायतकर्ताओं को वापस दिलवाई जाएगी। पुलिस कमिश्नर ने साइबर अपराधों से बचाव के लिए साइबर जागरूकता पर अधिक जोर देने के निर्देश दिए।

    साथ ही आर्थिक अपराध शाखा की दोनों इकाइयों के आंकड़ों की समीक्षा की गई। पुलिस ने इस वर्ष आर्थिक अपराध से जुड़े 50 मामलों में कार्रवाई करते हुए 79 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस कमिश्नर ने अधिकारियों को मामलों की प्रभावी जांच करते हुए लंबित मामलों के शीघ्र निपटारे के आदेश दिए।

    1 करोड़ 25 लाख का सामान बरामद
    सितंबर में क्राइम टीमों ने इस माह अब तक चोरी, स्नैचिंग, वाहन चोरी, आर्म्स एक्ट, सेंधमारी जैसी आपराधिक वारदातों के 27 मामलों को सुलझाते हुए भारी मात्रा में नशीले पदार्थ, अवैध शराब, चोरी किए गए 18 दुपहिया वाहन, 2 कार तथा अन्य सामान बरामद किया है।बरामद सामान की कुल कीमत 1 करोड़ 25 लाख रुपये से अधिक है। इस दौरान पुलिस ने 4 देशी कट्टे, 1 पिस्टल और 8 कारतूस भी बरामद किए हैं।

    बुजुर्गों की मदद के लिए तैयार रहे पुलिस
    पुलिस कमिश्नर ने अकेले रह रहे बुजुर्गों के सत्यापन के बाद पुलिस टीमों को निर्देश दिए कि सत्यापन तक ही सीमित न रहें, बल्कि अब नियमित रूप से ऐसे बुजुर्गों से मिलें, उनसे संवाद करें और जरूरत के समय उनकी मदद करें। उन्होंने कहा कि पुलिस की जिम्मेदारी केवल सुरक्षा व्यवस्था तक सीमित नहीं है, बल्कि आमजन के साथ निरंतर संपर्क और सहयोग भी पुलिसिंग का महत्वपूर्ण हिस्सा है।

    आपराधिक तत्वों पर निगरानी रखने के लिए पुलिस कमिश्नर ने इंटर स्टेट बॉर्डर नाकों पर और अधिक चौकसी बरतने के आदेश दिए। बॉर्डर नाकों पर बैरिकेडिंग समेत अन्य अत्याधुनिक उपकरणों को जोड़ा गया है, जिनकी पुलिस कमिश्नर द्वारा स्वयं जांच भी की गई। उन्होंने अधिकारियों को बॉर्डर क्षेत्रों में संदिग्ध गतिविधियों और वाहनों पर प्रभावी निगरानी रखने के निर्देश दिए।

    बैठक में डीसीपी पंचकूला आईपीएस अदिति सिंह, डीसीपी क्राइम एंड ट्रैफिक आईपीएस अमरिंदर सिंह, सभी एसीपी, थाना प्रभारी, चौकी इंचार्ज, क्राइम यूनिटों के प्रभारी, दोनों ट्रैफिक थाना प्रभारी तथा विभिन्न महत्वपूर्ण शाखाओं के प्रभारी उपस्थित रहे।

  • 90 देशों के 600 से अधिक विदेशी खरीदार होंगे शामिल, डेढ़ लाख से ज्यादा बी2बी विजिटर्स के पहुंचने की उम्मीद

    90 देशों के 600 से अधिक विदेशी खरीदार होंगे शामिल, डेढ़ लाख से ज्यादा बी2बी विजिटर्स के पहुंचने की उम्मीद

    ग्रेटर नोएडा

    मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की पहल पर वर्ष 2023 में शुरू हुआ यूपी इंटरनेशनल ट्रेड शो चार साल में 60 से 90 देशों तक पहुंच गया है। पहले संस्करण में 1,914 प्रदर्शक आए थे, इस बार संख्या 2,400 के पार है। 90 देशों के 600 से अधिक विदेशी खरीदार भी इसमें शामिल हो रहे हैं। डेढ़ लाख से ज्यादा बी2बी विजिटर्स के पहुंचने की उम्मीद है।
     
    चार साल के आंकड़े ट्रेड शो के बढ़ते दायरे की तस्वीर भी साफ करते हैं। वर्ष 2024 के दूसरे संस्करण में प्रदर्शकों, बी2बी विजिटर्स और विदेशी खरीदारों की संख्या बढ़ी। वर्ष 2025 में 2,228 प्रदर्शकों के साथ 85 देशों के खरीदार आए। कुल 5.07 लाख से अधिक लोगों ने ट्रेड शो देखा, इनमें 1.40 लाख से ज्यादा बी2बी विजिटर्स थे। इस बार 4.5 लाख से अधिक सामान्य विजिटर्स के आने का अनुमान है।
     
    छह देशों के विशेष पवेलियन

    इस बार ऑस्ट्रिया, बेलारूस, जापान, रूस, सिंगापुर और वियतनाम को पार्टनर देशों के रूप में जोड़ा गया है। इनके विशेष पवेलियन भी बनाए गए हैं। यहां प्रदेश के कारोबारी विदेशी कंपनियों और खरीदारों से सीधे बात कर सकेंगे। कारोबार के साथ तकनीकी सहयोग और संयुक्त उद्यम पर भी बातचीत होगी।
     
    1,882 करोड़ के एमओयू, 11,200 करोड़ की इन्क्वायरी

    पिछले साल के आंकड़े बताते हैं कि ट्रेड शो अब सिर्फ उत्पाद दिखाने तक सीमित नहीं है। वर्ष 2025 में यहां 1,882 करोड़ रुपये के 2,400 से अधिक एमओयू हुए थे। 11,200 करोड़ रुपये से अधिक की बिजनेस इन्क्वायरी भी मिली थी। ओडीओपी पवेलियन में लगे 466 स्टॉल से 20.77 करोड़ रुपये की बिजनेस लीड और डील सामने आई थीं।
     
    एक करोड़ से अधिक एमएसएमई को मिल रहा बाजार

    उत्तर प्रदेश में एक करोड़ से अधिक एमएसएमई इकाइयां हैं। प्रदेश के कुल निर्यात में इनकी हिस्सेदारी करीब 45 प्रतिशत है। ट्रेड शो में इन छोटे और मध्यम उद्यमों को देश-विदेश के खरीदारों के सामने अपने उत्पाद रखने का मौका मिल रहा है। भदोही के कालीन, मुरादाबाद के ब्रासवेयर समेत अलग-अलग जिलों के ओडीओपी उत्पाद भी यहां पहुंचे हैं।
     
    80 हजार करोड़ से करीब दो लाख करोड़ पहुंचा निर्यात

    प्रदेश का निर्यात वर्ष 2017 में करीब 80 हजार करोड़ रुपये था, जो मार्च 2025 तक करीब दो लाख करोड़ रुपये पहुंच गया। अब एक्सपोर्ट प्रमोशन पॉलिसी 2025-30 में वस्तु एवं सेवा निर्यात को वित्त वर्ष 2024 के 21 अरब डॉलर से बढ़ाकर 2030 तक 50 अरब डॉलर करने का लक्ष्य है। इसमें एमएसएमई, स्टार्टअप, ओडीओपी और पहली बार निर्यात करने वाले उद्यमियों पर खास जोर है। सभी जिलों को निर्यात से जोड़ने की भी तैयारी है।
     
    निर्यात बढ़ाने की यह कवायद प्रदेश को वन ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनाने के लक्ष्य का भी हिस्सा है। इसके लिए उत्पादन बढ़ाने के साथ यूपी में बने उत्पादों के लिए देश और विदेश में नए बाजार तैयार करने पर जोर है।
     
    हस्तशिल्प के साथ एआई और ईवी भी

    ट्रेड शो में यूपी के उद्योगों का बदलता चेहरा भी नजर आ रहा है। हस्तशिल्प, हैंडलूम और परंपरागत उत्पादों के साथ इलेक्ट्रॉनिक्स, इलेक्ट्रिक मोबिलिटी, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, डिजिटल ट्रेड और फूड प्रोसेसिंग से जुड़े उत्पाद भी यहां हैं। एक तरफ भदोही का कालीन और मुरादाबाद का ब्रासवेयर है तो दूसरी तरफ एआई, ईवी और आधुनिक मैन्युफैक्चरिंग। चार साल में यूपी इंटरनेशनल ट्रेड शो का दायरा इसी तरह परंपरागत हुनर से नई तकनीक तक फैल गया है।

  • JPSC-JSSC परीक्षा विवाद के बीच CID जांच तेज, रद्द नियुक्तियों पर 14 अक्टूबर को अगली सुनवाई

    JPSC-JSSC परीक्षा विवाद के बीच CID जांच तेज, रद्द नियुक्तियों पर 14 अक्टूबर को अगली सुनवाई

    रांची
     हाई कोर्ट के जस्टिस दीपक रोशन की अदालत में राज्य सरकार की ओर से रद की गई झारखंड लोक सेवा आयोग (जेपीएससी) और झारखंड कर्मचारी चयन आयोग (जेएसएससी) की परीक्षाओं को चुनौती देने वाली याचिकाओं पर सुनवाई हुई।

    सुनवाई के दौरान राज्य सरकार ने जवाब दाखिल करने के लिए अदालत से समय देने का आग्रह किया। अदालत ने समय देते हुए मामले की अगली सुनवाई 14 अक्टूबर निर्धारित की। यह मामला एपीपी नियुक्ति, फाॅरेस्ट आफिसर सहित अन्य नियुक्ति परीक्षाओं को रद किए जाने से संबंधित है।

    सरकार के फैसले को चुनौती देते हुए हाई कोर्ट में अलग-अलग याचिकाएं दाखिल की गई हैं। याचिकाकर्ताओं की ओर से याचिकाओं में संबंधित परीक्षाओं और नियुक्ति प्रक्रियाओं को रद करने के सरकार के निर्णय पर सवाल उठाए गए हैं। सरकार ने 18 अगस्त को नियुक्ति का विज्ञापन रद किया था।

    JSSc-CGL केस के दो आरोपित कुंदन व समीर दो दिनों की रिमांड पर
    झारखंड कर्मचारी चयन आयोग की संयुक्त स्नातक स्तरीय (सीजीएल) परीक्षा में कथित लेन-देन, पेपर लीक व अनियमितता से जुड़े मामले की जांच के क्रम में पूर्व में गिरफ्तार दो आरोपित कुंदन कुमार व समीर कुमार को सीआइडी ने गुरुवार को दो दिनों की रिमांड पर लिया है।

    जांच एजेंसी मुख्य रूप से यह खंगालने में जुटी है कि अभ्यर्थियों की सेटिंग किस स्तर तक और किन-किन माध्यमों से की गई थी तथा इस पूरे खेल में परीक्षा संचालन व दलालों के तंत्र से कौन-कौन लोग शामिल थे। सीआइडी जांच में मिले तथ्यों का सत्यापन भी कर रही है।

    कुंदन कुमार ने न केवल खुद मोटी रकम देकर परीक्षा पास की थी, बल्कि उसने गिरोह के साथ मिलकर अन्य अभ्यर्थियों की भी सेटिंग कराई और बिचौलिए की भूमिका निभाई। वहीं, समीर कुमार का नाम भी पूर्व में गिरफ्तार आरोपियों से मिले सुराग के बाद इस पूरे प्रकरण में सामने आया था।

  • घर-घर GPS से पहुंचेगा कचरा वाहन, हरियाणा में 100% कचरा उठान पर फोकस

    घर-घर GPS से पहुंचेगा कचरा वाहन, हरियाणा में 100% कचरा उठान पर फोकस

    चंडीगढ़
     हरियाणा में कचरा संग्रहण से जुड़ी शिकायतों के समाधान के लिए सभी शहरी निकायों में वार्ड समितियों का गठन कर दिया गया है।

    कोई भी व्यक्ति इन वार्ड समितियों के वाट्सएप नंबर पर शिकायत दर्ज करवा सकता है, जिसका तुरंत समाधान किया जाएगा। शहरी क्षेत्रों में शत-प्रतिशत कचरा उठान के लिए घर-घर जीपीएस आधारित वाहन पहुंचेंगे।

    मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने शुक्रवार को शहरी निकायों में सोलिड वेस्ट मैनेजमेंट सिस्टम, रूट मैपिंग, मशीनरी की उपलब्धता, पोर्टल के माध्यम से भुगतान, वार्ड समितियों के गठन, स्वच्छता पखवाड़ा कलैंडर, बल्क वेस्ट जनरेटर्स की पहचान व पंजीकरण तथा एनजीओ मैपिंग एंड एमओयू सहित विभिन्न विषयों की समीक्षा की।

    5जी नेटवर्क वाले जीपीएस प्रणाली के तहत चलाए जा रहे वाहन
    बैठक में बताया गया कि कचरा उठाने वाले वाहनों की निगरानी के लिए 83 शहरी स्थानीय निकायों में 4जी व 5जी नेटवर्क वाली जीपीएस प्रणाली के वाहन चलाए जा रहे हैं। शेष चार शहरी स्थानीय निकायों में भी इस प्रक्रिया को जल्द पूरा कर लिया जाएगा।

    शहरी स्थानीय निकाय विभाग के आयुक्त एवं सचिव अशोक कुमार मीणा ने बताया कि जून में जहां 28 शहरी स्थानीय निकायों में 100 रूट मैपिंग का कार्य पूरा हुआ था, वहीं 20 सितंबर तक ऐसे निकायों की संख्या बढ़कर 66 हो गई है।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रत्येक वार्ड की रूट मैपिंग में संबंधित कचरा संग्रहण वाहन, उसका समय और चालक का संपर्क नंबर शामिल किया जाए। यह जानकारी संबंधित वार्ड कमेटी के वाट्सएप समूह में साझा की जाए, ताकि घर-घर कचरा संग्रहण की व्यवस्था की प्रभावी निगरानी हो सके।

    सेवा प्रदाता एजेंसियों को भुगतान केवल सोलिड वेस्ट मैनेजमेंट पोर्टल के माध्यम से किया जाएगा। भुगतान में अनावश्यक देरी करने वाले अधिकारियों पर दंड लगाया जा सकता है।

    अधिकारियों ने बताया कि सितंबर तक 87 में से 86 शहरी स्थानीय निकायों में 1646 वार्ड कमेटियां गठित की जा चुकी हैं जो पूरी तरह से सक्रिय हैं।

    वार्ड कमेटियों के सदस्यों को पहचान पत्र भी उपलब्ध करवाए जा रहे हैं। हरियाणा स्वच्छ लीग के माध्यम से प्रतिस्पर्धात्मक और रैंकिंग आधारित स्वच्छता व्यवस्था विकसित की जा रही है। बेहतर प्रदर्शन करने वाली वार्ड कमेटियों को जिला स्तर पर तिमाही आधार पर पुरस्कृत किया जाएगा।

    उपायुक्तों के लिए बनी यूजर आइडी
    सभी जिलों में उपायुक्तों के लिए ठोस अपशिष्ट प्रबंधन पोर्टल पर यूजर आइडी बनाई जा चुकी है। 21 जिलों में जिला विशेष प्रकोष्ठों का गठन किया जा चुका है, जबकि चरखी दादरी और पलवल में प्रक्रिया जारी है।

    केंद्रीय आवासन एवं शहरी कार्य मंत्रालय के ‘स्वच्छता ही सेवा-2026’ कैलेंडर को हरियाणा में भी अपनाया जा रहा है। इसके तहत 17 सितंबर से 2 अक्टूबर तक विशेष स्वच्छता पखवाड़ा आयोजित किया जा रहा है। श्रेष्ठ प्रदर्शन करने वाली वार्ड कमेटियों को सम्मानित भी किया जाएगा।

    बल्क वेस्ट जनरेटरों का पंजीकरण अनिवार्य
    सभी बल्क वेस्ट जनरेटर्स की पहचान कर केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के पोर्टल पर इनका पंजीकरण अनिवार्य कर दिया गया है। नियमों का पालन नहीं करने वाले थोक अपशिष्ट उत्पादकों पर कार्रवाई की जाएगी। 65 निकायों में मानव संसाधन की कमी दूर की जा चुकी है, जबकि 68 शहरी स्थानीय निकायों में मशीनरी की कमी दूर की जा चुकी है।

     

  • योगी सरकार संवार रही यूपी के शहर, पेयजल-सीवरेज परियोजनाओं को मिली रफ्तार

    योगी सरकार संवार रही यूपी के शहर, पेयजल-सीवरेज परियोजनाओं को मिली रफ्तार

    लखनऊ

     उत्तर प्रदेश में शहरी विकास को नई गति देने के लिए योगी सरकार के प्रयासों के तहत अमृत 2.0 योजना के अंतर्गत बड़े पैमाने पर विकास कार्य संचालित किए जा रहे हैं। पेयजल, सीवरेज, जल संरक्षण और हरित क्षेत्रों के विस्तार पर केंद्रित इस मिशन से प्रदेश के शहरों की बुनियादी सुविधाओं को मजबूत करने की दिशा में काम हो रहा है। लगभग 29,716 करोड़ रुपये की परियोजनाओं की स्वीकृति शहरी विकास के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता को दर्शाती है।

    भारत सरकार की अटल नवीकरण एवं शहरी परिवर्तन मिशन (अमृत 2.0) योजना वर्ष 2021 से 2026 तक संचालित है। इसके तहत प्रदेश के 762 नगरीय निकायों और 60 अमृत शहरों को शामिल किया गया है। योजना का उद्देश्य शहरी परिवारों को नल से शुद्ध पेयजल, सीवर कनेक्शन और बेहतर पर्यावरणीय सुविधाएं उपलब्ध कराना है।

    637 परियोजनाओं को मिली मंजूरी

    प्रदेश में अमृत 2.0 के तहत कुल 637 परियोजनाओं के लिए 29,716.29 करोड़ रुपये की स्वीकृति दी गई। इनमें से 114 परियोजनाएं पूरी हो चुकी हैं, जबकि453 परियोजनाओं पर कार्य जारी है। अब तक 612 परियोजनाओं को वित्तीय स्वीकृति और 567 की निविदाएं स्वीकृत की जा चुकी हैं।

    पेयजल और सीवरेज पर विशेष जोर

    योजना में सबसे बड़ा हिस्सा पेयजल और सीवरेज व्यवस्था को मजबूत करने के लिए निर्धारित किया गया है। इसके तहत 18,829 करोड़ रुपये की 437 पेयजल परियोजनाएं और 10124 करोड़ रुपये की 41 सीवरेज परियोजनाएं शामिल हैं। इन कार्यों से शहरों में पेयजल आपूर्ति और स्वच्छता संबंधी सुविधाओं के विस्तार का लक्ष्य है।

    सरोवरों के पुनर्जीवन से पर्यावरण संरक्षण

    शहरी पर्यावरण को बेहतर बनाने के लिए 403.45 करोड़ रुपये की लागत से 190 सरोवर पुनर्जीवन परियोजनाएं स्वीकृत की गई हैं। इसके अतिरिक्त 89.76 करोड़ रुपये की 1777 हरित भूमि एवं पार्क परियोजनाओं पर भी काम किया जा रहा है। एक एकड़ से अधिक क्षेत्रफल वाले सरोवरों का पुनर्जीवन, वर्षा जल संचयन और जल संरक्षण भी मिशन का हिस्सा हैं। योगी सरकार के नेतृत्व में संचालित इन परियोजनाओं से प्रदेश के शहरों में आधारभूत सुविधाओं के विस्तार, जल सुरक्षा और पर्यावरण संरक्षण को गति मिलने की उम्मीद है।

    अमृत 2.0 के तहत प्रदेश के शहरों में पेयजल और सीवरेज जैसी बुनियादी सुविधाओं को मजबूत करने के साथ जल संरक्षण और पर्यावरण सुधार पर भी विशेष ध्यान दिया जा रहा है। स्वीकृत परियोजनाओं को निर्धारित समयसीमा में गुणवत्तापूर्ण ढंग से पूरा कराने पर विभाग का जोर है। सरोवरों के पुनर्जीवन, वर्षा जल संचयन और हरित क्षेत्रों के विकास से शहरी क्षेत्रों में जल सुरक्षा और पर्यावरणीय संतुलन को मजबूती मिलेगी। मिशन के माध्यम से प्रदेश के नगरीय निकायों में नागरिक सुविधाओं के विस्तार को नई गति मिल रही है।