Category: हरियाणा

  • सबूतों के अभाव में डेरा हिंसा मामले के चार आरोपी बरी, फैसला कायम रहा

    सबूतों के अभाव में डेरा हिंसा मामले के चार आरोपी बरी, फैसला कायम रहा

    चंडीगढ़
     पंजाब एवं हरियाणा हाई कोर्ट ने डेरा सच्चा सौदा प्रमुख गुरमीत सिंह को अगस्त 2017 में दोषी ठहराए जाने के बाद भड़की हिंसा के दौरान कैथल के कलायत स्थित उत्तर हरियाणा बिजली वितरण निगम लिमिटेड (यूएचबीवीएन) कार्यालय में तोड़फोड़ और आगजनी के मामले में चार आरोपितों को बरी किए जाने के ट्रायल कोर्ट के फैसले को बरकरार रखा है।

    हाई कोर्ट ने हरियाणा सरकार की अपील खारिज करते हुए कहा कि अभियोजन पक्ष आरोपितों की पहचान, उनकी घटनास्थल पर मौजूदगी और लगाए गए अपराधों के आवश्यक कानूनी तत्वों को साबित करने में पूरी तरह विफल रहा।

    जस्टिस विनोद एस भारद्वाज और जस्टिस सुखविंदर कौर की खंडपीठ ने कहा, ट्रायल कोर्ट ने आरोपितों को मामूली विसंगतियों के आधार पर बरी नहीं किया, बल्कि यह फैसला गंभीर विरोधाभासों, महत्वपूर्ण चूकों, संदिग्ध बरामदगियों, विश्वसनीय पहचान के अभाव, असंगत जांच, फोरेंसिक पुष्टि न होने तथा कई आरोपों के आवश्यक कानूनी तत्व सिद्ध न होने पर आधारित है।

    राज्य सरकार ने दी थी चुनौती
    राज्य सरकार ने 23 सितंबर 2019 को कैथल के सत्र न्यायालय द्वारा धर्मपाल, जसबीर, शिव कुमार उर्फ बब्बर और बलबीर को भारतीय दंड संहिता की धारा 124-ए (राजद्रोह), 188, 427, 436, 450, 120-बी, धारा 34 तथा सार्वजनिक संपत्ति नुकसान निवारण अधिनियम की धाराओं 3 और 4 के तहत बरी किए जाने के आदेश को चुनौती दी थी।

    अभियोजन के अनुसार 25 अगस्त 2017 को 14-15 लोगों की भीड़ लाठी, डंडे, गंडासी और पेट्रोल की बोतलें लेकर राम रहीम के समर्थन में नारे लगाते हुए यूएचबीवीएन कार्यालय पहुंची।

    कर्मचारियों के वहां से भागने के बाद कार्यालय में तोड़फोड़ कर आग लगा दी गई। जांच के दौरान पुलिस ने चार मोटरसाइकिलें जब्त करने और आरोपितों के कहने पर पेट्रोल की बोतलें व हथियार बरामद करने का दावा किया था।

    हाई कोर्ट ने पाया कि एफआईआर में किसी भी आरोपित का नाम नहीं था और कोई भी गवाह उनकी घटनास्थल पर मौजूदगी साबित नहीं कर सका। बलबीर सिंह के खिलाफ मामला केवल सह-आरोपी के खुलासा बयान पर आधारित था, जिससे कोई आपत्तिजनक बरामदगी नहीं हुई। वहीं शिव कुमार का नाम न तो मूल शिकायत में था और न ही जांच के दौरान दर्ज पुलिस अधिकारी के बयान में।

    अदालत ने क्या कहा?
    अदालत ने यह भी कहा कि प्रमुख पहचान गवाह के बयान पर भरोसा नहीं किया जा सकता क्योंकि उसने अलग-अलग बयान दिए। इसके अलावा, जबकि गवाह आरोपितों को पहले से नहीं जानते थे, फिर भी टेस्ट आइडेंटिफिकेशन परेड (टीआईपी) नहीं कराई गई, जिससे अदालत में की गई पहचान का साक्ष्य कमजोर हो गया।

    खंडपीठ ने फोरेंसिक रिपोर्ट का भी उल्लेख किया, जिसमें जले हुए सामान पर पेट्रोल, डीजल, मिट्टी के तेल या उनके अवशेष नहीं मिले। अदालत ने कहा कि इससे अभियोजन का मामला भौतिक रूप से कमजोर पड़ जाता है।

    राजद्रोह के आरोप को अस्वीकार करते हुए हाई कोर्ट ने महत्वपूर्ण टिप्पणी की, हिंसक प्रदर्शन दंगा हो सकता है, लेकिन केवल इस आधार पर यह नहीं माना जा सकता कि सरकार के प्रति घृणा या अवमानना फैलाने का प्रयास किया गया।

    लोकतांत्रिक व्यवस्था में सरकार या शासन के अंगों के खिलाफ नारेबाजी मात्र से नागरिकों पर राजद्रोह का आरोप नहीं लगाया जा सकता। अदालत ने कहा कि अभियोजन केवल इस संदेह से आगे नहीं बढ़ सका कि आरोपित "शायद" घटना में शामिल थे।

  • आरटीई उल्लंघन पर रोहतक के 63 निजी स्कूलों के पोर्टल बंद, कार्रवाई तेज हुई

    आरटीई उल्लंघन पर रोहतक के 63 निजी स्कूलों के पोर्टल बंद, कार्रवाई तेज हुई

     रोहतक
     शिक्षा विभाग ने नियमों की अनदेखी करने वाले और मनमाने तरीके से चल रहे निजी स्कूलों के खिलाफ अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई की है। विभाग ने जिले के 63 निजी स्कूलों के एमआईएस (स्कूल मैनेजमेंट इंफार्मेशन सिस्टम) पोर्टल को तत्काल प्रभाव से बंद कर दिया है।

    पोर्टल बंद होने के साथ ही इन स्कूलों में नए विद्यार्थियों के दाखिले पर पूरी तरह रोक लग गई है। विभाग की ओर से यह सख्त कदम स्कूलों द्वारा मान्यता संबंधी नियमों, बुनियादी सुविधाओं की कमी और शिक्षा का अधिकार (आरटीई) अधिनियम के प्रावधानों का पालन नहीं करने पर उठाया गया है। विभाग ने इन सभी 63 स्कूलों को ब्लैकलिस्ट की श्रेणी में डाल दिया है।

    प्रदेश भर में 1100 से अधिक स्कूलों पर गाज
    शिक्षा विभाग की यह कार्रवाई केवल रोहतक तक सीमित नहीं है, बल्कि पूरे प्रदेश में बड़े पैमाने पर हंटर चला है। प्रदेश भर में विभाग ने 145 अस्थाई मान्यता प्राप्त स्कूलों के पोर्टल बंद किए हैं।

    269 परमिशन प्राप्त स्कूलों पर ताला (पोर्टल ब्लाक) लगाया है। 693 स्थाई मान्यता प्राप्त स्कूलों पर भी कार्रवाई की गई है, जिन्होंने आरटीई के तहत आरक्षित सीटों का विवरण पोर्टल पर अपलोड नहीं किया था।

    जिले के 63 स्कूलों का पूरा समीकरण
    अस्थाई मान्यता प्राप्त स्कूल: 22 स्कूल, जो समय सीमा के बाद भी मानक पूरे नहीं कर पाए।
    बिना अनुमति संचालित स्कूल: 10 स्कूल, जो बिना किसी विभागीय परमिशन के चल रहे थे।
    आरटीई नियमों का उल्लंघन: 31 स्कूल, जिन्होंने आरटीई सत्र की अनिवार्य प्रक्रिया पूरी नहीं की थी।

    आवासीय मकानों में चल रहे थे स्कूल, खेल मैदान भी गायब
    शिक्षा विभाग की जांच में चौंकाने वाले खुलासे हुए हैं। कई स्कूल निर्धारित मानकों को ताक पर रखकर आवासीय मकानों में संचालित हो रहे थे। जांच में सामने आई मुख्य कमियां आवश्यक भूमि और भवन संबंधी सरकारी मानकों का अभाव।

    पर्याप्त कक्षाओं, खेल मैदानों और अनिवार्य सुरक्षा व्यवस्था की भारी कमी। आरटीई के तहत आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (ईडब्ल्यूएस) के बच्चों के लिए आरक्षित 25 प्रतिशत सीटों का विवरण शिक्षा निदेशालय को न देना।

    दस्तावेज पूरे होने के बाद ही मिलेगी राहत
    विभागीय अधिकारियों के अनुसार, इन स्कूलों को पहले भी कई बार नोटिस जारी कर दस्तावेज पूरे करने का मौका दिया गया था। प्रदेश के करीब 413 स्कूलों को अतिरिक्त समय भी मिला था, लेकिन संतोषजनक जवाब और दस्तावेज न मिलने पर यह कदम उठाया गया।

    अब जब तक ये स्कूल मान्यता, भूमि, भवन और सुरक्षा संबंधी कमियां दूर कर फाइल दोबारा जमा नहीं करेंगे, तब तक इनका पोर्टल नहीं खुलेगा। इससे इन स्कूलों की आरटीई प्रवेश प्रक्रिया और अन्य प्रशासनिक कार्य पूरी तरह ठप रहेंगे।

    शिक्षा विभाग की ओर से अस्थाई मान्यता प्राप्त व मानकों और आरटीई अधिनियम से जुड़े जरूरी दस्तावेज उपलब्ध न करवाने वाले निजी स्कूलों पर नियमानुसार कार्रवाई की गई है। विभाग ने उनके एमआईएस पोर्टल बंद कर दिए हैं। इन स्कूलों को पहले अपनी कमियां दूर करनी होंगी, उसके बाद ही आगामी समीक्षा की जाएगी। -बिजेंद्र हुड्डा, जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी, रोहतक।

     

  • जनशिकायतों के निपटारे पर रहेगा फोकस, CM ऑफिस में नई भूमिका निभाएंगे पूर्व HSSC चेयरमैन भोपाल सिंह खदरी

    जनशिकायतों के निपटारे पर रहेगा फोकस, CM ऑफिस में नई भूमिका निभाएंगे पूर्व HSSC चेयरमैन भोपाल सिंह खदरी

    चंडीगढ़.

    हरियाणा कर्मचारी चयन आयोग के चेयरमैन रह चुके भोपाल सिंह खदरी की मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के कार्यालय में इंट्री हो गई है। 23 मार्च 2024 को चेयरमैन पद का कार्यकाल पूरा होने से आठ दिन पहले 15 मार्च 2024 को भोपाल सिंह खदरी ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया था।

    उनकी नियुक्ति केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल के मुख्यमंत्री के रूप में कार्यकाल के दौरान हुई थी। खदरी ने राज्य में लोकसभा चुनाव की वजह से समय से पहले अपने पद से इस्तीफा दिया था। उनके लोकसभा और विधानसभा चुनाव लड़ने की संभावना थी। मूल रूप से यमुनानगर जिले के गांव खदरी के रहने वाले भोपाल सिंह तत्कालीन केंद्रीय मंत्री रतनलाल कटारिया के राजनीतिक सचिव भी रह चुके हैं। उनके कार्यकाल में सरकारी भर्तियों की प्रक्रिया में खूब तेजी आई थी।

    भोपाल सिंह खदरी को बने ग्रिवेंस रिड्रेसल
    हरियाणा सरकार ने भोपाल सिंह खदरी को मुख्यमंत्री का स्पेशल ऑफिसर (ग्रिवेंस रिड्रेसल) यानी विशेष शिकायत निवारण अधिकारी नियुक्त किया है। इस संबंध में मुख्य सचिव अनुराग रस्तोगी की ओर से नियुक्ति आदेश जारी किए गए हैं। यह नियुक्ति तत्काल प्रभाव से लागू होगी। मुख्य सचिव के आदेश के अनुसार भोपाल सिंह की नियुक्ति अस्थायी पर है, मगर वे इस पद पर तब तक कार्य करेंगे, जब तक मुख्यमंत्री उन्हें विशेष शिकायत निवारण अधिकारी के रूप में बनाए रखना चाहेंगे।

    खदरी की नियुक्ति से संबंधित सेवा शर्तें और अन्य नियम अलग से जारी किए जाएंगे। भोपाल सिंह ने पिछले वर्ष अपने इकलौते बेटे की शादी मात्र एक रुपया शगुन लेकर दहेज रहित की थी। तब प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने उनकी इस पहल की प्रशंसा की थी। भोपाल सिंह खदरी गांव के साधारण किसान परिवार से हैं। उन्होंने अपना राजनीतिक सफर गांव के सरपंच से शुरू किया था। उसी दौरान वे पहले हरियाणा कर्मचारी चयन आयोग के सदस्य बने और बाद में चेयरमैन तक पहुंचे। भोपाल सिंह खदरी आठ विषयों में एमए और विधि स्नातक हैं।

    सीएमओ में और होंगी जल्दी नियुक्तियां
    मुख्यमंत्री कार्यालय में भोपाल सिंह खदरी की चौथी राजनीतिक नियुक्ति है। उनसे पहले हरियाणा कर्मचारी चयन आयोग के चेयरमैन रह चुके भारत भूषण भारती सीएम के ओएसडी के रूप में अपनी सेवाएं दे रहे हैं। सीएम के राजनीतिक सचिव तरुण भंडारी और सीएम के मीडिया सचिव प्रवीण आत्रे राजनीतिक पृष्ठभूमि से हैं। खास बात है कि खदरी और भारती दोनों ही कर्मचारी चयन आयोग में अपनी सेवाएं दे चुके हैं। फिलहाल हिम्मत सिंह हरियाणा कर्मचारी चयन आयोग के चेयरमैन हैं। मुख्यमंत्री कार्यालय में दो से तीन और राजनीतिक नियुक्तियां किसी भी समय हो सकती हैं।

  • शराब बिक्री होगी डिजिटल निगरानी में, हरियाणा सरकार ने नई व्यवस्था शुरू की।

    शराब बिक्री होगी डिजिटल निगरानी में, हरियाणा सरकार ने नई व्यवस्था शुरू की।

    चंडीगढ़
     हरियाणा में अब शराब के बनने से लेकर थोक और खुदरा बिक्री तक हर बोतल पर सरकार की नजर रहेगी। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने शनिवार को क्यूआर कोड आधारित ट्रैक एंड ट्रेस प्रणाली और आठ आनलाइन आबकारी सेवाओं का शुभारंभ कर दिया। इस दौरान विजन-2047, सीएम-अनाउंसमेंट तथा संकल्प-पत्र की घोषणाओं की भी समीक्षा की गई।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि क्यूआर कोड आधारित ट्रैक एंड ट्रेस प्रणाली आबकारी नियमों का अनुपालन सुनिश्चित करने और अवैध शराब के प्रसार पर रोक लगाने में सहायक होगी। इसके अलावा कर चोरी भी रुकेगी। सामाजिक और सार्वजनिक समारोह यथा कार्यक्रमों, संगीत कार्यक्रमों, प्रदर्शनियों में शराब परोसने के लिए आनलाइन लाइसेंस लिया जा सकेगा।

    मैरिज पैलेस और बैंक्वेट हाल के वार्षिक पंजीकरण, विकृत स्पिरिट आउटलेट लाइसेंस (L-17), औद्योगिक और औषधीय स्पिरिट कब्जा परमिट (L-42A से L-42D) और खुदरा शराब की दुकानों के समय विस्तार की अनुमति के लिए भी आनलाइन सेवाएं शुरू की गई हैं।

    तय समय-सीमा के भीतर पोर्टल के माध्यम से मंजूरी
    सात कार्य दिवसों की तय समय-सीमा के भीतर पोर्टल के माध्यम से मंजूरी दी जाएगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि स्वचालित प्रसंस्करण के कारण हर कदम पर मानवीय हस्तक्षेप कम होगा। इससे पूरी प्रक्रिया बैंक्वेट हाल संचालकों, औद्योगिक और औषधीय स्पिरिट उपयोगकर्ताओं, विकृत स्पिरिट विक्रेताओं और खुदरा लाइसेंसधारियों के लिए तेज, अधिक पारदर्शी और सुविधाजनक हो जाएगी।

    उन्होंने नई प्रणालियों को पूरे राज्य में प्रभावी ढंग से लागू करने के निर्देश दिए। कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने करदाताओं से एक जून से वैट, सीएसटी, हरियाणा सामान्य बिक्री कर अधिनियम जैसे प्री-जीएसटी कर कानूनों के लिए शुरू की गई एकमुश्त निपटान योजना का लाभ उठाने का भी आग्रह किया। योजना में सभी करदाताओं के लिए 100 प्रतिशत जुर्माना और ब्याज माफ कर दिया गया है। विभिन्न स्लैब में देय कर में भारी छूट भी दी गई है।

    जीएसटी संग्रह में शानदार प्रदर्शन
    हरियाणा पिछले कई वर्षों से एसजीएसटी संग्रह में शानदार वृद्धि दर्ज कर रहा है। वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही में हरियाणा का एसजीएसटी संग्रह 32 प्रतिशत बढ़ा है, जो देश के सभी राज्यों में सबसे अधिक है। इसके अलावा हरियाणा ने वर्ष 2025-26 में भी 22 प्रतिशत की वृद्धि दर के साथ देश के सभी राज्यों में सबसे अधिक एसजीएसटी विकास दर दर्ज की थी।

     

  • कैथल के स्वास्थ्य केंद्रों का होगा कायाकल्प, नए भवनों से बढ़ेंगी मरीजों की सुविधाएं

    कैथल के स्वास्थ्य केंद्रों का होगा कायाकल्प, नए भवनों से बढ़ेंगी मरीजों की सुविधाएं

     कैथल
     जिला स्वास्थ्य विभाग की तरफ से ग्रामीण क्षेत्र में स्वास्थ्य सेवाओं को बढ़ाने के लिए स्वास्थ्य केंद्रों के नए भवन बनाए जाएंगे। इनमें गांव जाखौली, बालू व बाता प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के भवन निर्माण की मंजूरी मिल चुकी है, वहीं पाई व सजूमा के स्वास्थ्य केंद्र को लेकर प्रस्ताव भेजा गया है। पाई गांव स्थित स्वास्थ्य केंद्र कंडम हालत में है, वहीं सजूमा का अस्पताल किराया के भवन में चल रहा है। नए भवन बनने के बाद यहां स्वास्थ्य सेवाओं भी बढ़ेगी, चिकित्सकों के रिक्त पद भी भरे जाएंगे।

    बता दें कि पूरे जिले में 22 प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र, छह सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, तीन शहरी स्वास्थ्य केंद्र व छह हेल्थ
    वैलनेस सेंटर हैं। अब इन केंद्रों पर चिकित्सकों व संसाधनों की भारी कमी है। 22 में से 12 स्वास्थ्य केंद्र ऐसे हैं, जहां एक भी चिकित्सक नहीं है। ऐसे में इलाज करवाने वालों की संख्या नागरिक अस्पताल में बढ़ रही है।

    सीवन के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के नए भवन का अगस्त माह में शुरू हो सकता है निर्माण
    सीवन में सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र का नया भवन बनाया जाएगा। यहां अब छह बेड हैं, नया भवन बनने के बाद 30 बेड हो जाएंगे। इसके साथ-साथ एक्स-रे की सुविधा भी बढ़ेगी। चिकित्सकों व स्टाफ के रिक्त पदों पर नियुक्ति होने की उम्मीद बढ़ेगी।

    नया भवन बनाने के लिए पुराना भवन से अस्पताल शिफ्ट हो चुका है। इसी प्रकार पुराना अस्पताल कैथल स्थित शहरी स्वास्थ्य केंद्र का नया भवन बनाया जाएगा। इस भवन को बनाने के लिए स्वास्थ्य केंद्र को दूसरी जगह शिफ्ट कर दिया गया है। यहां भी स्वास्थ्य सेवाओं में इजाफा होगा। इसके साथ-साथ पुराना अस्पताल परिसर में जज्चा-बच्चा अस्पताल भी बनाया जाएगा।

    पीएचसी व सीएचसी को मिलेंगे नए भवन: डॉ. बलविंद्र गर्ग
    जिला स्वास्थ्य विभाग के डिप्टी सिविल सर्जन डा. बलविंद्र गर्ग ने बताया कि जिले में 22 प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र चल रहे हैं, इनमें पांच पीएचसी व छह सीएचसी के नए भवन बनाए जाएंगे। शहरी स्वास्थ्य केंद्र जो पुराना अस्पताल में चल रहा था, उसका भी नया भवन बनेगा।

    नए भवन बनने के बाद यहां स्वास्थ्य सेवाओं में इजाफा होगा। लोगों को घर के नजदीक ही स्वास्थ्य सेवाएं मिलेंगी। स्वास्थ्य केंद्रों के नए भवन बनाने के लिए टेंडर प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। उम्मीद है कि अगले एक या दो माह में नए भवनों के निर्माण को लेकर कार्य शुरू हो जाएगा।

  • रेलवे रचेगा इतिहास, जींद में हाइड्रोजन ट्रेन की पहली यात्रा में बच्चे शामिल

    रेलवे रचेगा इतिहास, जींद में हाइड्रोजन ट्रेन की पहली यात्रा में बच्चे शामिल

    जींद
     भारतीय रेलवे जल्द ही इतिहास रचने जा रही है. इस ऐतिहासिक पल के सबसे पहले गवाह कोई वीआईपी नहीं, बल्कि देश का भविष्य यानी स्कूली बच्चे बनेंगे. हरियाणा के जींद में 17 जुलाई को देश की पहली हाइड्रोजन ट्रेन का उद्घाटन प्रस्तावित है. इस उद्घाटन यात्रा को लेकर रेलवे का एक बेहद दिलचस्प और महत्वपूर्ण पत्र सामने आया है, जिसने ये साफ कर दिया है कि ट्रेन के पहले सफर का आनंद कौन से 50 खास लोग उठाएंगे.

    बच्चे करेंगे हाइड्रोजन ट्रेन में सफर
     ​नॉर्दर्न रेलवे के दिल्ली मंडल की ओर से 7 जुलाई 2026 को जींद के ब्लॉक शिक्षा अधिकारी (BEO) को एक पत्र भेजा गया है. इस पत्र के मुताबिक, जींद के 5 सरकारी स्कूलों में कक्षा 7वीं और 8वीं के विद्यार्थियों के लिए विशेष ड्राइंग और निबंध प्रतियोगिताओं का आयोजन किया जा रहा है.​ इस प्रतियोगिता के विजेताओं के लिए सबसे बड़ा रोमांच ये होगा कि उन्हें खुद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के हाथों सम्मानित किए जाने की योजना है.

    पीएम के साथ सफर करेंगे बच्चे
     इसके साथ ही, रेलवे ने 50 स्कूली बच्चों का एक विशेष प्रतिनिधिमंडल (डेलीगेशन) तैयार करने को कहा है. ये चुनिंदा बच्चे अपने शिक्षकों के साथ जींद से सोनीपत और वापसी के सफर पर देश की इस पहली पर्यावरण-अनुकूल हाइड्रोजन ट्रेन की उद्घाटन यात्रा का हिस्सा बनेंगे.

    17 जुलाई को ट्रेन का उद्घाटन करेंगे पीएम
    प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा 17 जुलाई को हाइड्रोजन ट्रेन के साथ- साथ जींद व नरवाना में नवनिर्मित अमृत भारत स्टेशन का भी उद्घाटन किया जाएगा. इस राष्ट्रीय उपलब्धि का जश्न मनाने के लिए नार्दन रेलवे कई शैक्षणिक कार्यक्रम आयोजित करेगा. नार्दन रेलवे की तरफ से जींद खंड शिक्षा अधिकारी को पत्र लिख कर पांच स्कूलों में ड्राइंग व निबंध प्रतियोगिता करवाने के लिए कहा है. सातवीं व आठवीं कक्षा के विद्यार्थी प्रतियोगिता में हिस्सा लेंगे.

    स्कूलों में प्रतियोगिता का आयोजन
    प्रतियोगिता के विषय 'मेरे शहर का विकसित स्टेशन कैसा होगा' और 'विकसित भारत बनाने के लिए मैं क्या करूंगा' होंगे. जो विद्यार्थी विजेता होंगे, उनको प्रधानमंत्री द्वारा उद्घाटन समारोह में सम्मानित किया जाएगा. उद्घाटन के बाद हाइड्रोजन ट्रेन में जींद से सोनीपत स्कूली विद्यार्थी जाएंगे. जिनके चयन करने के लिए भी पत्र में लिखा गया है. उनके साथ शिक्षक भी जाएंगे. खंड शिक्षा अधिकारी महेंद्र ने कहा कि निबंध प्रतियोगिता करवाने व अन्य व्यवस्था करवाने के लिए संबंधित इंचार्ज को निर्देश दे दिए हैं.

  • यमुना में बढ़ा पानी, दिल्ली तक 72 घंटे में पहुंचेगा हथनीकुंड का जल

    यमुना में बढ़ा पानी, दिल्ली तक 72 घंटे में पहुंचेगा हथनीकुंड का जल

     यमुनानगर
    पहाड़ों में लगातार हो रही वर्षा का असर यमुनानगर में दिखाई देने लगा है। शुक्रवार सुबह हथनीकुंड बैराज पर जलप्रवाह बढ़कर 50,675 क्यूसेक पहुंच गया, जो इस मानसून का सबसे अधिक बहाव है।

    वहीं, सोम और पथराला नदियां भी खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं। सोम नदी में 18 हजार और पथराला में आठ हजार क्यूसेक पानी दर्ज किया। सिंचाई विभाग और जिला प्रशासन ने नदी किनारे के गांवों तथा संवेदनशील क्षेत्रों में निगरानी बढ़ा दी है। बैराज पर 80 हजार क्यूसेक जलप्रवाह होने पर बाढ़ जैसी स्थिति मानी जाती है।
    30,366 क्यूसेक पानी यमुना नदी में छोड़ा, 72 घंटे में दिल्ली पहुंचेगा

    कंट्रोल रूम के अनुसार शुक्रवार तड़के दो बजे हथनीकुंड बैराज पर 42,636 क्यूसेक जलप्रवाह था। सुबह चार बजे यह 35,688 क्यूसेक पर आ गया, पहाड़ों से लगातार पानी आने के कारण बहाव तेजी से बढ़ा और सुबह दस बजे 50,675 क्यूसेक तक पहुंच गया।

    बैराज से 30,366 क्यूसेक पानी यमुना नदी में छोड़ा गया। यह 72 घंटे में दिल्ली पहुंच जाएगा। पश्चिमी यमुना नहर में 12,010 और पूर्वी यमुना नहर में 360 क्यूसेक पानी छोड़ा जा रहा है। उत्तराखंड के डाकपत्थर बैराज से 50 हजार क्यूसेक अतिरिक्त पानी छोड़े जाने के बाद डाउनस्ट्रीम क्षेत्रों में भी चौकसी बढ़ा दी है।

    सोम और पथराला नदी किनारे के गांवों, तटबंधों और निचले संपर्क मार्गों पर विशेष निगरानी रखी जा रही है। सिंचाई विभाग के अनुसार शुक्रवार सुबह आठ बजे से दोपहर तीन बजे तक लगातार आठ घंटे सोम नदी में 18 हजार क्यूसेक पानी का बहाव दर्ज किया। ऐसा पहली बार हुआ।

    औसत 76 एमएम वर्षा, दो जगह पेड़ गिरे
    24 घंटे में औसतन 76 एमएम और 48 घंटे में 83 एमएम वर्षा दर्ज की। 92 एमएम वर्षा साढौरा व प्रतापनगर में 83 एमएम वर्षा हुई। टिबडियों गांव में 70 साल पुराना बरगद का पेड़ व व्यासपुर के पाबनी रोड पर कीकर का पेड़ गिर गया। यमुनानगर और जगाधरी के कई इलाकों में रात से दोपहर तक जलभराव रहा। कई घरों और दुकानों में पानी घुस गया, रेलवे अंडरपास और प्रमुख सड़कें घंटों बंद रहीं। बिजली आपूर्ति प्रभावित होने से कई क्षेत्रों में पेयजल व्यवस्था भी बाधित रही।

     

  • Hydrogen Train: 17 जुलाई को ऐतिहासिक शुरुआत, 50 छात्रों को मिलेगा मुफ्त सवारी का अवसर

    Hydrogen Train: 17 जुलाई को ऐतिहासिक शुरुआत, 50 छात्रों को मिलेगा मुफ्त सवारी का अवसर

    जींद.

    प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी 17 जुलाई को हाइड्रोजन ट्रेन के साथ जींद और नरवाना में नवनिर्मित अमृत भारत स्टेशन का भी उद्घाटन करेंगे। साथ ही प्रदेशभर की कई विकास परियोजनाओं का उद्घाटन व शिलान्यास करेंगे। प्रधानमंत्री सुबह 10 बजे जींद पहुंचेंगे।

    इस राष्ट्रीय उपलब्धि का जश्न मनाने के लिए नार्दन रेलवे कई शैक्षणिक कार्यक्रम करने की योजना बना रहा है। इसके लिए रेलवे ने जींद खंड शिक्षा अधिकारी को पत्र लिखकर पांच स्कूलों में ड्राइंग व निबंध प्रतियोगिता करवाने के लिए कहा है। इसमें सातवीं व आठवीं कक्षा के विद्यार्थी हिस्सा लेंगे।

    कैसे चुने जाएंगे विद्यार्थी?
    प्रतियोगिता के विषय- मेरे शहर का विकसित स्टेशन कैसा होगा और विकसित भारत बनाने के लिए मैं क्या करूंगा/करूंगी होंगे। विजेता विद्यार्थियों को प्रधानमंत्री उद्घाटन समारोह में सम्मानित करेंगे। साथ ही उद्घाटन के बाद हाइड्रोजन ट्रेन में जींद से सोनीपत जाने के लिए 50 स्कूली विद्यार्थियों चयन करने के लिए कहा गया है। विद्यार्थियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए उनके साथ शिक्षकों का भी दल जाएगा। ये विद्यार्थी जींद से सोनीपत जाएंगे और वापस इसी ट्रेन से जींद आएंगे। जींद खंड शिक्षा अधिकारी सरोज श्योकंद ने बताया कि रेलवे की तरफ से पत्र आया है।

    रैली की तैयारियों में जुटे मंत्री, विधायक व संगठन
    रैली की तैयारियों में मंत्री, विधायक व पार्टी संगठन जुटे हुए हैं। भाजपा प्रदेशाध्यक्ष डॉ. अर्चना गुप्ता लगातार पदाधिकारियों की बैठकें ले रही हैं। संगठन की तरफ से रैली का संयोजक राज्यसभा सदस्य संजय भाटिया को बनाया गया है। वहीं, सरकार की तरफ से मंत्री कृष्ण बेदी और विधानसभा के डिप्टी स्पीकर डा. कृष्ण मिढ़ा जिम्मेदारी संभाल रहे हैं। रैली इको फ्रेंडली करने का फैसला लिया गया है।

  • Haryana Rain Alert: 16 जिलों में भारी बारिश, नदियां उफान पर; करनाल में बिजली का करंट बना जानलेवा

    Haryana Rain Alert: 16 जिलों में भारी बारिश, नदियां उफान पर; करनाल में बिजली का करंट बना जानलेवा

    हिसार.

    हरियाणा में लगातार तीसरे दिन मानसून सक्रिय रहा और गुरुवार को प्रदेश के 16 जिलों में वर्षा दर्ज की गई। जल्द पूरे प्रदेश में तेज वर्षा होने की संभावना है। वीरवार को पंचकूला के नाडा साहिब क्षेत्र में वर्षा के बाद बरसाती नदी उफान पर आने से गांव गुमथला के स्कूली बच्चों के वाहन करीब पांच घंटे तक अस्थायी रास्ते पर फंसे रहे।

    फरीदाबाद में भारी वर्षा के बीच खेड़ी पुल का हिस्सा धंस गया, जबकि सोनीपत के रोहट प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र की गैलरी भरभराकर गिर गई। वहीं, करनाल के असंध क्षेत्र के राहड़ा गांव निवासी 63 वर्षीय नंदलाल उर्फ नंदा और ललैन गांव के 20 वर्षीय सौरव की खेतों में ट्यूबवेल के पास करंट लगने से अलग-अलग घटनाओं में मौत हो गई। स्वजन के अनुसार ये वर्षा के दौरान खेतों में कार्य करने गए थे। वहां, करंट की चपेट में आने का अंदेशा है। उधर, यमुनानगर में तेज वर्षा से कई जगह जलभराव हुआ। मौसम विभाग ने शुक्रवार को अंबाला, यमुनानगर और करनाल में तेज वर्षा का यलो अलर्ट जारी किया है। इससे तापमान गिरने की भी संभावना है।

    सोम नदी का पहला उफान, 30 गांवों के किसान सतर्क यमुनानगर
    शिवालिक क्षेत्र में वर्षा के बाद वीरवार शाम सोम नदी में मानसून का पहला उफान दर्ज किया गया। पिछले वर्ष 24 हजार क्यूसेक से अधिक बहाव के कारण रामपुर कम्बोयान सहित कई गांवों की दो हजार एकड़ से अधिक कृषि भूमि जलमग्न हो गई थी। इसी कारण इस बार भी किसान जलस्तर पर लगातार नजर रखे हैं। 30 गांवों के किसान इसे लेकर सतर्क हैं। हथिनीकुंड बैराज पर यमुना का प्रवाह 18 हजार क्यूसेक से ऊपर पहुंचा है, जबकि सिरसा में घग्गर नदी का जलस्तर भी बढ़ने लगा है।

    दोनों नदियों पर प्रशासन और सिंचाई विभाग निगरानी बनाए हुए हैं। धान की फसल के लिए अभी अच्छी वर्षा होने का इंतजार कैथल में 15 मिमी वर्षा से धान की फसल को राहत मिली, जबकि झज्जर में लगातार नमी के कारण किसानों ने फिलहाल बाजरे की बिजाई रोक दी है। इसके विपरीत फतेहाबाद सहित आसपास के क्षेत्र में पर्याप्त वर्षा नहीं होने से किसान धान की फसल के लिए अच्छी बारिश की प्रतीक्षा कर रहे हैं। यमुनानगर, करनाल, अंबाला, कुरुक्षेत्र, भिवानी और गुरुग्राम सहित अनेक जिलों में तापमान में उल्लेखनीय गिरावट दर्ज की गई और लोगों को उमस से राहत मिली।

    मानसून ने पूरे देश को किया कवर 
    मानसूनी वर्षा से एक ओर देश के कई हिस्सों में राहत मिली, वहीं कई जगह नुकसान हुआ। उत्तर प्रदेश में भारी वर्षा से 11 लोगों की मौत हो गई। गुजरात के सूरत में भी नौ लोगों की मौत हो गई।

  • शोध में खुलासा, जनरेटिव एआई से विद्यार्थियों की पढ़ाई, रचनात्मकता और कार्यक्षमता में सुधार हुआ

    शोध में खुलासा, जनरेटिव एआई से विद्यार्थियों की पढ़ाई, रचनात्मकता और कार्यक्षमता में सुधार हुआ

     हिसार
     उच्च शिक्षा में जनरेटिव आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआइ) तेजी से विद्यार्थियों के सीखने के तरीके को बदल रहा है। हरियाणा के विभिन्न विश्वविद्यालयों और कॉलेजों के 400 स्नातक एवं स्नातकोत्तर विद्यार्थियों पर किए गए अध्ययन में सामने आया कि 82 प्रतिशत विद्यार्थी पढ़ाई में जनरेटिव एआई का उपयोग कर रहे हैं।

    इनमें से 74 प्रतिशत विद्यार्थियों का मानना है कि एआई की मदद से उनके असाइनमेंट और प्रोजेक्ट की गुणवत्ता पहले से बेहतर हुई है, जबकि 51 प्रतिशत से अधिक विद्यार्थियों ने स्वीकार किया कि इससे उनकी कार्यक्षमता और आलोचनात्मक सोच में सुधार हुआ है। यह जानकारी गुरु जंभेश्वर विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (जीजेयू) के हरियाणा स्कूल आफ बिजनेस के शोधार्थी अनमोल खुराना के शोध में सामने आई है। उनका यह शोधपत्र भारतीय प्रबंधन संस्थान जम्मू के अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन में प्रस्तुति के लिए चयनित हुआ है।

    18 से 25 आयु वर्ग के युवाओं पर किया सर्वे
    एमबीए विभाग के निदेशक प्रो. डॉ. संजीव कुमार के निर्देशन में किए गए इस अध्ययन का सर्वे दिसंबर 2025 से फरवरी 2026 के बीच किया गया। शोध में 400 विद्यार्थियों को शामिल किया गया, जिनमें 68 प्रतिशत स्नातक और 32 प्रतिशत स्नातकोत्तर विद्यार्थी थे।
    प्रतिभागियों में 58.6 प्रतिशत पुरुष और 41.4 प्रतिशत महिलाएं शामिल रहीं। अधिकांश विद्यार्थी प्रो. संजीव । 18 से 25 वर्ष आयु वर्ग के थे, जिससे युवा वर्ग में एआइ के बढ़ते उपयोग की स्पष्ट तस्वीर सामने आई।

    अध्ययन के अनुसार 85 प्रतिशत विद्यार्थी सबसे अधिक चैटजीपीटी का उपयोग करते हैं। इसके बाद 39.4 प्रतिशत गूगल जेमिनी, 13.5 प्रतिशत परप्लेक्सिटी और 5.2 प्रतिशत डीपसीक का इस्तेमाल करते हैं। वहीं 58.9 प्रतिशत विद्यार्थियों को जनरेटिव एआई की जानकारी शैक्षणिक संस्थानों से मिली, जबकि 25.7% ने इंटरनेट मीडिया और 15.5 प्रतिशत ने मित्रों एवं सहपाठियों को इसका प्रमुख स्रोत बताया।

    सीखने की दक्षता को बढ़ा रहा एआइ
    शोध के निष्कर्ष बताते हैं कि जनरेटिव एआइ का जिम्मेदारीपूर्ण उपयोग विद्यार्थियों की सीखने की दक्षता, रचनात्मकता, आत्म-प्रभावकारिता, नवाचार और समस्या-समाधान क्षमता को बढ़ा रहा है।

    जिन विद्यार्थियों का आत्मविश्वास अधिक होता है, वे एआई का अधिक प्रभावी और जिम्मेदारीपूर्ण उपयोग करते हैं। हालांकि अध्ययन में यह भी चेताया गया है कि बिना उचित दिशा-निर्देशों के एआइ पर अत्यधिक निर्भरता विद्यार्थियों की मौलिक लेखन क्षमता को प्रभावित कर सकती है।

    अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन में चुनौतियों पर चर्चा
    अनमोल खुराना ने बताया कि आइआइएम जम्मू के अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन में देश-विदेश के शिक्षाविद् और 4 शोधकर्ता शिक्षा में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की भूमिका, संभावनाओं और चुनौतियों पर चर्चा करेंगे। उनका मानना है कि यह अध्ययन भविष्य की शिक्षा तकनीक-सक्षम बनाने की दिशा में उपयोगी साबित होगा।