Category: हरियाणा

  • हाइड्रोजन ट्रेन का इंतजार खत्म, आज से जींद में शुरू सेवा, किराया रखा गया सिर्फ 25 रुपये

    हाइड्रोजन ट्रेन का इंतजार खत्म, आज से जींद में शुरू सेवा, किराया रखा गया सिर्फ 25 रुपये

    जींद.

    प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के उद्घाटन के बाद हाइड्रोजन ट्रेन रविवार को यात्रियों के लिए सुचारू रूप से चलना शुरू होगी। ट्रेन सप्ताह में छह दिन चलेगी। शुक्रवार को नहीं चलेगी और मेंटेनेंस के लिए शकूरबस्ती जाएगी।

    उद्घाटन के दिन विद्यार्थियों व शिक्षकों ने स्पेशल पास पर ट्रेन में सफर किया था। 19 जुलाई से ट्रेन नंबर 74010 सुबह सात बजकर 40 मिनट पर जींद जंक्शन से रवाना होगी। जो सात बजकर 46 मिनट पर जींद सिटी स्टेशन पर पहुंचेगी। एक मिनट के ठहराव के बाद ट्रेन सात बजकर 54 मिनट पर पांडू पिंडारा पहुंचेगी। इसके बाद 8:07 बजे ललितखेड़ा हाल्ट, 8:17 बजे भंभेवा, 8:24 बजे ईसापुरा खेड़ी हाल्ट, 8:31 बजे बुटाना, 8:39 बजे खंदराई हाल्ट, 8:47 बजे गोहाना, 8:56 बजे राबरा हाल्ट, 9:05 बजे लाठ, 9:14 बजे मोहाना, 9:25 बजे बरवासनी के बाद 9:40 बजे सोनीपत पहुंचेगी। ट्रेन 44.45 किलोमीटर प्रतिघंटा की स्पीड से चलकर दो घंटे में सोनीपत पहुंचेगी। इसके बाद ट्रेन नंबर 74009 सुबह 10:40 बजे सोनीपत से रवाना होगी जो 10:50 बजे बरवासनी, 11:01 बजे मोहाना, 11:10 बजे लाठ, 11:19 बजे राबरा, 11:28 बजे गोहाना, 11:49 बजे खंदराई, 11:57 बजे बुटाना, 12:04 बजे ईसापुर खेड़ी, 12:11 बजे भंभेवा, 12:21 बजे ललितखेड़ा, 12:34 बजे पांडू पिंडारा, 12:42 बजे जींद सिटी और दोपहर एक बजे जींद जंक्शन पर पहुंचेगी।

    इस दौरान ट्रेन की गति 38.18 किलोमीटर प्रतिघंटा रहेगी और सोनीपत से जींद पहुंचने में दो घंटे 20 मिनट का समय लेगी। मरम्मत के लिए हाइड्रोजन ट्रेन को शुक्रवार दोपहर 12 बजे के बाद शकूरबस्ती भेजा गया था, जिसकी रात को आने की संभावना है। इस दौरान हाइड्रोजन ट्रेन में वही किराया रहेगा जो पैसेंजर ट्रेन में रहेगा। जींद से सोनीपत रूट तक का किराया 25 रुपये रहेगा।

    जींद से सोनीपत रूट पर चलने वाली ट्रेनें
    जींद से सोनीपत रूट पर सुबह सवा छह बजे पहली ट्रेन चलती है जो पौने नौ बजे सोनीपत पहुंचती है। इसके बाद हाइड्रोजन ट्रेन सुबह सात बजकर 40 मिनट पर चलेगी। तीसरी ट्रेन सुबह साढ़े 10 बजे चलकर 12 बजकर 40 मिनट पर सोनीपत पहुंचेगी। दोपहर साढ़े 12 बजे चलकर चौथी ट्रेन दोपहर ढाई बजे सोनीपत पहुंचती है। इसके अलावा पांचवीं ट्रेन फरक्का एक्सप्रेस शाम पांच बजकर 40 मिनट पर जींद से चलकर रात पौने आठ बजे सोनीपत पहुंचती है। इसका जींद के बाद गोहाना ही ठहराव होता है।

  • पीएम मोदी के उद्घाटन के बाद आज से यात्रियों के लिए चली हाइड्रोजन ट्रेन नियमित

    पीएम मोदी के उद्घाटन के बाद आज से यात्रियों के लिए चली हाइड्रोजन ट्रेन नियमित

     जींद
    प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के उद्घाटन के बाद हाइड्रोजन ट्रेन रविवार को यात्रियों के लिए सुचारू रूप से चलना शुरू होगी। ट्रेन सप्ताह में छह दिन चलेगी। शुक्रवार को नहीं चलेगी और मेंटेनेंस के लिए शकूरबस्ती जाएगी।

    उद्घाटन के दिन विद्यार्थियों व शिक्षकों ने स्पेशल पास पर ट्रेन में सफर किया था। 19 जुलाई से ट्रेन नंबर 74010 सुबह सात बजकर 40 मिनट पर जींद जंक्शन से रवाना होगी। जो सात बजकर 46 मिनट पर जींद सिटी स्टेशन पर पहुंचेगी।

    एक मिनट के ठहराव के बाद ट्रेन सात बजकर 54 मिनट पर पांडू पिंडारा पहुंचेगी। इसके बाद 8:07 बजे ललितखेड़ा हाल्ट, 8:17 बजे भंभेवा, 8:24 बजे ईसापुरा खेड़ी हाल्ट, 8:31 बजे बुटाना, 8:39 बजे खंदराई हाल्ट, 8:47 बजे गोहाना, 8:56 बजे राबरा हाल्ट, 9:05 बजे लाठ, 9:14 बजे मोहाना, 9:25 बजे बरवासनी के बाद 9:40 बजे सोनीपत पहुंचेगी।

    ट्रेन 44.45 किलोमीटर प्रतिघंटा की स्पीड से चलकर दो घंटे में सोनीपत पहुंचेगी। इसके बाद ट्रेन नंबर 74009 सुबह 10:40 बजे सोनीपत से रवाना होगी जो 10:50 बजे बरवासनी, 11:01 बजे मोहाना, 11:10 बजे लाठ, 11:19 बजे राबरा, 11:28 बजे गोहाना, 11:49 बजे खंदराई, 11:57 बजे बुटाना, 12:04 बजे ईसापुर खेड़ी, 12:11 बजे भंभेवा, 12:21 बजे ललितखेड़ा, 12:34 बजे पांडू पिंडारा, 12:42 बजे जींद सिटी और दोपहर एक बजे जींद जंक्शन पर पहुंचेगी।

    इस दौरान ट्रेन की गति 38.18 किलोमीटर प्रतिघंटा रहेगी और सोनीपत से जींद पहुंचने में दो घंटे 20 मिनट का समय लेगी। मरम्मत के लिए हाइड्रोजन ट्रेन को शुक्रवार दोपहर 12 बजे के बाद शकूरबस्ती भेजा गया था, जिसकी रात को आने की संभावना है। इस दौरान हाइड्रोजन ट्रेन में वही किराया रहेगा जो पैसेंजर ट्रेन में रहेगा। जींद से सोनीपत रूट तक का किराया 25 रुपये रहेगा।

    जींद से सोनीपत रूट पर चलने वाली ट्रेनें
    जींद से सोनीपत रूट पर सुबह सवा छह बजे पहली ट्रेन चलती है जो पौने नौ बजे सोनीपत पहुंचती है। इसके बाद हाइड्रोजन ट्रेन सुबह सात बजकर 40 मिनट पर चलेगी। तीसरी ट्रेन सुबह साढ़े 10 बजे चलकर 12 बजकर 40 मिनट पर सोनीपत पहुंचेगी।

    दोपहर साढ़े 12 बजे चलकर चौथी ट्रेन दोपहर ढाई बजे सोनीपत पहुंचती है। इसके अलावा पांचवीं ट्रेन फरक्का एक्सप्रेस शाम पांच बजकर 40 मिनट पर जींद से चलकर रात पौने आठ बजे सोनीपत पहुंचती है। इसका जींद के बाद गोहाना ही ठहराव होता है।

  • हरियाणा वोटर लिस्ट अपडेट में बढ़ाई गई समयसीमा, पारदर्शिता पर आयोग का जोर

    हरियाणा वोटर लिस्ट अपडेट में बढ़ाई गई समयसीमा, पारदर्शिता पर आयोग का जोर

     चंडीगढ़
     मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने कहा कि हरियाणा में पूरी पारदर्शिता के साथ मतदाता सूचियों के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) की प्रकिया चल रही है।

    कोई सही मतदाता छूटे नहीं, इसलिए ही प्रक्रिया की अवधि को बढ़ाया गया है। इस कार्य में लगे बीएलओ की निगरानी की जा रही है। ठीक से काम नहीं करने वाले बीएलओ के विरुद्ध कार्रवाई की गई है।

    मुख्य चुनाव आयुक्त शुक्रवार को नई दिल्ली में निर्वाचन आयोग की ओर से आयोजित हुए मीडिया सम्मेलन में पत्रकारों द्वारा पूछे गए सवाल का जवाब दे रहे थे। हरियाणा में चल रही एसआईआर प्रक्रिया को लेकर यह सवाल किया गया कि कई जगहों खासकर डेरा और आश्रमों में जहां काफी संख्या में लोग रह रहे हैं, वहां बीएलओ नहीं जा रहे हैं। ऐसे लोग दिन में अपने घर में नहीं रहते हैं।

    सवाल के जवाब में मुख्य चुनाव आयुक्त ने कहा कि ऐसा नहीं होगा। सही मतदाता छूटे नहीं। इसके लिए ही तो अवधि बढ़ाकर 14 से 24 जुलाई की गई है। उन्होंने कहा कि सम्मेलन का उद्देश्य चुनावी प्रक्रिया के सभी महत्वपूर्ण पहलुओं पर चर्चा करना और जनता तक सटीक तथा विश्वसनीय चुनावी जानकारी पहुंचाने में मीडिया की भूमिका को मजबूत करना है।

    इस सम्मेलन में मिजोरम सहित देशभर के पत्रकारों और चुनाव अधिकारियों ने भाग लिया। निर्वाचन आयोग के वरिष्ठ अधिकारियों ने चुनाव प्रबंधन, डिजिटल तकनीक और सूचना प्रसार से जुड़े विभिन्न विषयों पर प्रस्तुतियां दीं।

  • द्वारका एक्सप्रेसवे पर प्रतिबंधित वाहनों से बढ़ा खतरा, पुलिस सख्त कार्रवाई करेगी

    द्वारका एक्सप्रेसवे पर प्रतिबंधित वाहनों से बढ़ा खतरा, पुलिस सख्त कार्रवाई करेगी

    गुरुग्राम
     द्वारका एक्सप्रेसवे पर हर दिन मौत सरपट दौड़ रही है। शुक्रवार दोपहर सेक्टर 37 में एवीएल सोसाइटी के पास सरिया लदे टेंपो से कार की टक्कर में एक कैब चालक की मौत हो गई। यह हादसा भी उसी लापरवाही की कड़ी है, जो एक्सप्रेसवे पर रोज दिख रही है।

    द्वारका एक्सप्रेसवे 100-120 किलोमीटर की स्पीड के लिए बना है, लेकिन यहां नियमों को ताक पर रखकर ऐसे वाहन भी दौड़ रहे हैं, जो इस पर पूर्ण रूप से प्रतिबंधित हैं। ट्रैफिक पुलिस के आंकड़े चौंकाने वाले हैं।

    इस साल के पहले छह महीनों में ही द्वारका एक्सप्रेसवे पर 63 हजार 400 वाहन चालकों ने नो एंट्री का नियम तोड़ा। प्रतिबंध के बाद भी मेन कैरेजवे पर धड़ल्ले से वाहन चालक अपने वाहन दौड़ा रहे हैं। नियम के अनुसार एक्सप्रेसवे के मेन कैरेजवे पर ई-रिक्शा, दो पहिया और तीन पहिया वाहनों का चलना पूरी तरह प्रतिबंधित है।

    लेकिन हकीकत कुछ और है। रोज सुबह से रात तक यहां ई-रिक्शा सवारी भरकर चलते दिख जाएंगे। बाइक सवार शार्टकट के चक्कर में हाईस्पीड लेन में घुस जाते हैं। आटो वाले पैसेंजर उतारने के लिए अचानक ब्रेक लगा देते हैं। सरिया, सीमेंट और मलबा लदे ओवरलोड टेंपो बिना रिफ्लेक्टर के चलते हैं।

    ट्रैफिक विशेषज्ञों का कहना है कि जब 100 की स्पीड से आ रही कार के सामने अचानक 20 की स्पीड वाला ई-रिक्शा आ जाए तो टक्कर तय है। लेन बदलते समय इंडिकेटर न देना, ओवरटेक के चक्कर में गलत साइड लेना और मोबाइल पर बात करते हुए गाड़ी चलाना अब आम हो गया है।

    अब सिर्फ चालान नहीं, एफआइआर भी
    एसीपी ट्रैफिक हाईवे व हेडक्वार्टर सत्यपाल यादव ने कहा कि एक्सप्रेसवे पर हादसे लगातार बढ़ रहे हैं। इसके पीछे सबसे बड़ी वजह चालकों की लापरवाही है। हमारी टीम लगातार प्रतिबंधित वाहनों को नीचे उतार रही है। कैमरों और मैनुअल चेकिंग से रोजाना सैकड़ों चालान किए जा रहे हैं।

    लेकिन लोग मान नहीं रहे। उन्होंने कहा कि अब पुलिस की रणनीति बदलेगी। जो वाहन दूसरे वाहन चालकों के लिए जानलेवा खतरा बन रहे हैं, उन्हें चिह्नित किया जाएगा। उनके खिलाफ सिर्फ चालान नहीं, सीधे एफआइआर दर्ज कराई जाएगी, ताकि लोग सबक लें और नियमों का पालन करें

    सवाल सिस्टम का भी
    द्वारका एक्सप्रेसवे पर ही 63 हजार चालान सिर्फ छह महीने में हुए हैं। ये भी कैमरों के माध्यम से किए गए। इसके अलावा भी हजारों चालान मैनुअल तरीके से किए गए हैं। इसका मतलब हर दिन 350 से ज्यादा लोग नियम तोड़ रहे हैं। क्या सिर्फ चालान से काम चलेगा।

    एक्सप्रेसवे पर एंट्री प्वाइंट पर सख्त बैरियर, पुलिस की मौजूदगी, जागरूकता अभियान और कड़ी सजा जरूरी है। वरना हर हादसे के बाद हम सिर्फ शोक मनाते रहेंगे और फाइल में लापरवाही से मौत लिखकर केस बंद कर देंगे।

  • जाम से मिलेगी राहत, गुरुग्राम-झज्जर कनेक्टिविटी के लिए तैयार हुआ प्लान

    जाम से मिलेगी राहत, गुरुग्राम-झज्जर कनेक्टिविटी के लिए तैयार हुआ प्लान

    गुरुग्राम
    भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) ने गुरुग्राम और झज्जर को जोड़ने के लिए नए हाईवे के निर्माण की तैयारी शुरू कर दी है। इसके तहत सलाहकार ने तीन विकल्प तैयार किए हैं। इन्हें मंजूरी के लिए एनएचएआई सचिव की अध्यक्षता में गठित एलाइनमेंट अप्रूवल कमेटी को भेज दिया है। तीनों में से किसी एक विकल्प की मंजूरी मिलने के बाद निर्माण की डीपीआर तैयार करवाई जाएगी।

    हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने आदेश जारी किए थे कि गुरुग्राम-झज्जर की कनेक्टीविटी को बेहतर किया जाए। गुरुग्राम-पटौदी रोड पर गांव वजीराबाद से झज्जर को जोड़ रही सड़क की चौड़ाई बढ़ाई जाए या नया हाईवे तैयार किया जाए। एनएचएआई ने इस सिलसिले में एक कंपनी को सलाहकार नियुक्त किया था। इस कंपनी ने तीन प्रस्ताव तैयार करके दिए हैं।

    ये हैं तीनों विकल्प
    पहले प्रस्ताव के मुताबिक, वजीरपुर से झज्जर तक जा रही मौजूदा सड़क की चौड़ाई को बढ़ाया जाए। मौजूदा समय में यह सड़क दोनों तरफ से दो-दो लेन की है, जिसे तीन-तीन लेन करने और साथ में दो-दो लेन की सर्विस रोड का निर्माण शामिल है। इस विकल्प के लिए आसपास लगते गांवों की करीब 395 एकड़ जमीन का अधिग्रहण करना होगा। दूसरे विकल्प के तहत राष्ट्रीय राजमार्ग नंबर 352डब्ल्यू स्थित गांव हरसरू से झज्जर तक खेतों से होता हुआ नया हाईवे तैयार किया जाए। इसके लिए 494 एकड़ जमीन की आवश्यकता होगी। तीसरे विकल्प के तहत गुरुग्राम-पटौदी रोड से गांव वजीरपुर से खेतों से होते हुए झज्जर तक नया हाईवे तैयार करना है। इसके लिए भी करीब 475 एकड़ जमीन की आवश्यकता होगी। इन तीनों हाईवे के निर्माण में करीब तीन से चार हजार करोड़ रुपये की लागत आएगी।

    विकल्प नंबर दो में 400 एकड़ सरकारी जमीन
    विकल्प नंबर दो के तहत नया हाईवे बनाया जाता है तो इसके रास्ते में 400 एकड़ जमीन हरियाणा सरकार की है। इसके अधिग्रहण की जरूरत नहीं होगी। विकल्प नंबर एक में आधा एकड़ और विकल्प नंबर तीन में करीब साढ़े छह एकड़ जमीन हरियाणा सरकार की आ रही है।

    मौजूदा सड़क पर यातायात अधिक, जाम लग रहा
    झज्जर जाने के लिए वाहन चालक या तो वजीरपुर से जाते हैं या धनकोट की तरफ से। गांव वजीरपुर से झज्जर की तरफ वाहनों का आवागमन अधिक है। इस रोड पर यातायात जाम लग जाता है। इस समस्या से निजात पाने के लिए नया हाईवे तैयार करने या मौजूदा सड़क की चौड़ाई बढ़ाने की योजना पर विचार किया जा रहा है।

    योगेश तिलक, परियोजना निदेशक, एनएचएआई, ''गुरुग्राम से वजीरपुर होते हुए झज्जर तक यातायात व्यवस्था बेहतर करने के लिए सलाहकार कंपनी ने तीन विकल्प सुझाव है। इसको लेकर तैयार सर्वे रिपोर्ट को उच्चाधिकारियों को भेज दिया है। किसी एक विकल्प की मंजूरी मिलने के बाद डीपीआर तैयार करने की दिशा में काम होगा।''

  • 31 जुलाई है अंतिम तारीख, MSP पर फसल बिक्री और खाद लाभ के लिए ‘मेरी फसल-मेरा ब्योरा’ में कराएं पंजीकरण

    31 जुलाई है अंतिम तारीख, MSP पर फसल बिक्री और खाद लाभ के लिए ‘मेरी फसल-मेरा ब्योरा’ में कराएं पंजीकरण

    नई दिल्ली.

    हरियाणा के जिन किसानों ने अभी तक मेरी फसल-मेरा ब्योरा पोर्टल पर खरीफ की फसलों का पंजीकरण नहीं कराया है, उनके पास 31 जुलाई तक पंजीकरण कराने का मौका है। इसके बाद पोर्टल बंद कर दिया जाएगा। यह आवश्यक इसलिए है, क्योंकि किसानों को खाद भी पोर्टल में दर्ज जमीन और फसल के अनुसार ही मिलेगी।

    फसल तैयार होने पर जब किसान मंडी में सरकारी एजेंसी के पास फसल बेचने जाएंगे तो पोर्टल में दर्ज फसल ही न्यूनतम समर्थन मूल्य पर खरीदी जाएगी। फसल पंजीकरण कराने वाले किसान के पास परिवार पहचान पत्र (पीपीपी) आइडी के रूप में होना चाहिए। किसानों को पंजीकरण में किसी प्रकार की असुविधा हो रही है तो वे कृषि एवं किसान कल्याण विभाग के किसान टोल फ्री नंबर 1800-180-117 पर संपर्क कर सकते हैं।

    इसके अलावा कृषि विभाग के खंड कार्यालय से भी मदद ले सकते हैं। किसान अपने गांव के कामन सर्विस सेंटर (सीएससी) अटल सेवा केंद्र या स्वयं अपने मोबाइल नंबर से fasal.haryana.gov.in पोर्टल पर पंजीकरण कर सकते हैं। कृषि मंत्री श्याम सिंह राणा ने कृषि विभाग के अधिकारियों को किसानों को जागरूक करने के भी निर्देश दिए हैं।

  • स्टीम से हाइड्रोजन तक रेलवे की नई छलांग, जींद से शुरू होगी भारत की पहली हाइड्रोजन ट्रेन

    स्टीम से हाइड्रोजन तक रेलवे की नई छलांग, जींद से शुरू होगी भारत की पहली हाइड्रोजन ट्रेन

    स्टीम से हाइड्रोजन तक

    भारत की पहली हाइड्रोजन ट्रेन जींद से चलेगी

    विकसित हरियाणा – विकसित भारत

    जींद

                भारतीय रेलवे का इतिहास केवल पटरियों के विस्तार की कहानी नहीं, बल्कि तकनीकी प्रगति और नवाचार की निरंतर यात्रा का दस्तावेज़ है। भाप से शुरू हुआ यह सफर डीज़ल और बिजली के पड़ावों से गुज़रता हुआ अब हरित ऊर्जा के नए युग में प्रवेश कर रहा है।

                17 जुलाई 2026 को हरियाणा का जींद इतिहास रचेगा, जब प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी देश की पहली हाइड्रोजन ट्रेन को हरी झंडी दिखाएंगे। जींद–सोनीपत रेलखंड से शुरू होने वाली यह सेवा तकनीकी नवाचार, ऊर्जा आत्मनिर्भरता और पर्यावरणीय ज़िम्मेदारी को एक साथ जोड़ेगी।

                जलवायु परिवर्तन और ऊर्जा सुरक्षा आज वैश्विक चुनौतियां हैं, जिनके चलते परिवहन क्षेत्र को स्वच्छ और ऊर्जा-कुशल बनाना अनिवार्य हो गया है। भारतीय रेलवे ने भी व्यापक विद्युतीकरण, आधुनिक स्टेशन विकास और उन्नत सुरक्षा प्रणालियों से अपने आधुनिकीकरण को गति दी है। हाइड्रोजन ट्रेन इसी यात्रा की अगली कड़ी है।

                इस बदलाव की शुरुआत हरियाणा से होना विशेष महत्व रखता है। जींद–सोनीपत खंड का चुनाव राज्य के मज़बूत बुनियादी ढांचे और परियोजनाओं को प्रभावी ढंग से लागू करने की क्षमता का परिचायक है। औद्योगिक विकास, राष्ट्रीय राजमार्गों के विस्तार और नागरिक उड्डयन में हुए निवेश ने हरियाणा को राष्ट्रीय महत्व की परियोजनाओं का स्वाभाविक केंद्र बना दिया है।

     विकास के नए आयाम गढ़ता हरियाणा

                प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के दूरदर्शी नेतृत्व और डबल इंजन सरकार के समन्वित प्रयासों से हरियाणा में आधारभूत ढांचे, स्वास्थ्य, शिक्षा और परिवहन के क्षेत्र में अभूतपूर्व कार्य हो रहे हैं। 17 जुलाई को प्रधानमंत्री जी के कर-कमलों से ₹14,700+ करोड़ की परियोजनाओं का लोकार्पण एवं शिलान्यास होगा, जिनमें जींद–सोनीपत हाइड्रोजन ट्रेन, कुरुक्षेत्र एलिवेटेड रेलवे ट्रैक, भिवानी व नारनौल के चिकित्सा महाविद्यालय, दिल्ली –अम्बाला –कटरा हाईवे तथा अम्बाला– काला अम्ब और जींद–गोहाना नेशनल हाईवे शामिल हैं। साथ ही सिख संग्रहालय कुरुक्षेत्र और हांसी–बरवाला हाईवे का शिलान्यास भी प्रदेश के सांस्कृतिक और आधारभूत विकास को नई दिशा देगा। ये परियोजनाएं हरियाणा के आर्थिक विकास, स्वास्थ्य सेवाओं, यातायात, निवेश और रोजगार का सशक्त आधार बनेंगी और 'विकसित भारत' के संकल्प को साकार करेंगी।

     हाइड्रोजन ट्रेन — रेल तकनीक का भविष्य

    हाइड्रोजन तकनीक फ्यूल सेल प्रणाली पर आधारित है, जिसमें संग्रहित हाइड्रोजन और वायुमंडलीय ऑक्सीजन की रासायनिक क्रिया से विद्युत ऊर्जा बनती है और केवल पानी व ऊष्मा उपोत्पाद के रूप में निकलती है — कोई प्रदूषणकारी गैस नहीं। यह उन रेलमार्गों के लिए विशेष रूप से कारगर है जहां पूर्ण विद्युतीकरण व्यावहारिक नहीं है, और जीवाश्म ईंधन पर निर्भरता घटाने में मदद करती है।

                भारतीय रेलवे ने परिचालन, सुरक्षा और ऊर्जा प्रबंधन में भी व्यापक बदलाव किए हैं। तेज़ विद्युतीकरण, स्वदेशी सुरक्षा प्रणालियां और नवीकरणीय ऊर्जा के बढ़ते उपयोग ने रेलवे को अधिक आधुनिक और पर्यावरण के प्रति ज़िम्मेदार बनाया है। हाइड्रोजन ट्रेन इसी दिशा की अगली कड़ी है, जो ऊर्जा सुरक्षा मज़बूत करने और आयातित ईंधन पर निर्भरता घटाने में सहायक होगी।

                 जर्मनी ने वाणिज्यिक हाइड्रोजन यात्री ट्रेन सेवा शुरू करके इस तकनीक को वैश्विक मान्यता दिलाई, और इसके बाद चीन सहित कई देशों ने भी इसके विकास व परीक्षण को गति दी है। भारत का यह कदम दर्शाता है कि देश केवल वैश्विक बदलावों का अनुसरण नहीं कर रहा, बल्कि भविष्य की परिवहन प्रणालियों के विकास में सक्रिय भागीदारी की दिशा में आगे बढ़ रहा है। जींद–सोनीपत सेवा भारतीय इंजीनियरिंग क्षमता और स्वच्छ ऊर्जा के प्रति प्रतिबद्धता का सशक्त उदाहरण बनेगी।

                राष्ट्रीय ग्रीन हाइड्रोजन मिशन के अनुरूप रेल परिवहन में हाइड्रोजन तकनीक का समावेश ऊर्जा संक्रमण को तेज़ करेगा और भविष्य में उन रेल मार्गों के लिए भी नए विकल्प देगा जहां पारंपरिक विद्युतीकरण संभव नहीं है। हरियाणा का इस ऐतिहासिक पहल का पहला पड़ाव बनना राज्य के विकसित बुनियादी ढांचे और प्रभावी क्रियान्वयन क्षमता का प्रमाण है।

                17 जुलाई को जब यह ट्रेन अपनी पहली यात्रा पर रवाना होगी, तो यह केवल यात्रियों को गंतव्य तक पहुंचाने का साधन नहीं, बल्कि भारतीय रेलवे की उस नई सोच का प्रतीक होगी जिसमें तकनीकी नवाचार और पर्यावरणीय संवेदनशीलता साथ-साथ आगे बढ़ते हैं। यह यात्रा आने वाले वर्षों में रेलवे के विकास को नई दिशा देगी और हरित, आधुनिक तथा आत्मनिर्भर भारत के संकल्प को नई गति देने वाले एक महत्वपूर्ण पड़ाव के रूप में याद रखी जाएगी।

                प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी की दूरदर्शी सोच ने हरियाणा को देश की सबसे बड़ी हरित तकनीकी पहल का प्रथम साक्षी बनाया है, और यह मेरे लिए हर्ष का विषय है। मैं मानता हूं कि यह प्रधानमंत्री जी के नेतृत्व का ही परिणाम है कि आज हरियाणा विकास, नवाचार और आत्मनिर्भरता के मामले में देश के अग्रणी राज्यों में शामिल हो गया है। हाइड्रोजन ट्रेन जैसी परियोजनाएं यह सिद्ध करती हैं कि प्रधानमंत्री जी सदैव देश को भविष्य की चुनौतियों के लिए पहले से तैयार करने में विश्वास रखते हैं। इस ऐतिहासिक अवसर पर मैं हरियाणा की जनता की ओर से प्रधानमंत्री जी का हार्दिक आभार व्यक्त करता हूं। मैं यह भी विश्वास दिलाता हूं कि राज्य सरकार प्रधानमंत्री जी के 'विकसित भारत' के संकल्प को साकार करने के लिए पूरी प्रतिबद्धता से कार्य करती रहेगी।

    — नायब सिंह सैनी

    मुख्यमंत्री, हरियाणा

  • हरियाणा में मानसून सुस्त, 20% कम बारिश के बीच 15 जिलों के लिए येलो अलर्ट

    हरियाणा में मानसून सुस्त, 20% कम बारिश के बीच 15 जिलों के लिए येलो अलर्ट

    हिसार.

    प्रदेश में मानसून कमजोर पड़ा है। मंगलवार को झज्जर में हल्की वर्षा के अलावा रेवाड़ी-महेंद्रगढ़ में तेज वर्षा हुई। वहां पर जगह-जगह पानी भर गया। वहीं, हरियाणा में भी मानसून में सामान्य से 20 प्रतिशत कम वर्षा हुई है। आने वाले दिनों में मौसम विज्ञानियों ने गर्मी का यलो अलर्ट जारी किया है।

    अभी भी तेज धूप निकलने से रोहतक का अधिकतम तापमान 40 डिग्री तक पहुंच गया। भारत मौसम विज्ञान विभाग के अनुसार मानसून की गतिविधियों में अभी कमी आई है। इसी के चलते बुधवार को प्रदेश के 15 जिलों में गर्मी का यलो अलर्ट जारी किया है। मौसम विज्ञानियों ने कुछ जिलों में वर्षा की भी चेतावनी दी है। विज्ञानियों के अनुसार 19 जुलाई से फिर से मौसम में बदलाव हो सकता है। मानसून के फिर से सक्रिय होने के साथ तेज वर्षा का अलर्ट जारी किया गया है।

    16 जिलों में सामान्य से कम वर्षा
    आईएमडी के अनुसार मानसून के समय में प्रदेश के 16 जिलों में सामान्य से कम वर्षा हुई है। इसमें सिरसा में 62 प्रतिशत, अंबाला में 61 प्रतिशत और रोहतक में 60 प्रतिशत सामान्य से कम वर्षा हुई। प्रदेश में सामान्य रूप से 20 प्रतिशत कम वर्षा हुई है। प्रदेश में सामान्य रूप से 118.9 एमएम वर्षा होनी चाहिए थी लेकिन अभी तक 95.3 एमएम वर्षा का आंकड़ा दर्ज किया गया है।

    इन जिलों में गर्मी का यलो अलर्ट
    सिरसा, फतेहाबाद, हिसार, जींद, भिवानी, रोहतक, सोनीपत, चरखी दादरी, झज्जर, महेंद्रगढ़, रेवाड़ी, गुरुग्राम, फरीदाबाद, मेवात व पलवल।

  • पर्यावरण बचाने का अनोखा जज्बा, नन्हे रूदाक्ष ने दो वर्षों में लगाए 1500 पौधे

    पर्यावरण बचाने का अनोखा जज्बा, नन्हे रूदाक्ष ने दो वर्षों में लगाए 1500 पौधे

    पंचकूला.

    नन्हे रूदाक्ष उपाध्याय का बड़ा कमाल देखकर आप भी सैल्यूट करेंगे। महज 5 वर्ष 2 माह का बाल पर्यावरण प्रेमी नवंबर 2024 से अब तक 1455 पौधे लगा चुका है। इनमें 1427 पौधे जीवित, सुरक्षित और विकसित हो रहे हैं। यह सफलता केवल पौधे लगाने तक सीमित नहीं है, बल्कि उनकी नियमित देखभाल और संरक्षण का भी परिणाम है।

    रुद्रांश अपने पिता भारतीय सेना की पश्चिमी कमान मुख्यालय में कार्यरत ज्ञानेंद्र उपाध्याय के साथ पंचकूला में रहते हैं। वह लगातार पौधारोपण कर हरियाली बढ़ाने का संदेश दे रहे हैं। रुद्रांश अपने पिता के साथ मिलकर पौधे लगाते हैं। पिता गड्ढे तैयार करते हैं, जबकि रुद्रांश स्वयं ढाई से तीन फुट ऊंचे पौधे लगाते हैं ताकि उनकी बेहतर वृद्धि हो सके। वह हर रविवार कम से कम सात पौधे लगाने का संकल्प निभाते हैं और समय-समय पर उनकी देखभाल भी करते हैं। पौधों की खरीद चंडीमंदिर आर्मी एरिया से की जाती है तथा प्रत्येक पौधे की जियो-टैगिंग और डिजिटल रिकाॅर्ड भी तैयार किया जाता है। ज्ञानेंद्र अपने बेटे की उपलब्धियां केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान के टि्वटर पर संदेश डालते रहते थे। एक दिन ज्ञानेंद्र को शिवराज सिंह चौहान के कार्यालय से संदेश आया और इस योजना के अधीन सम्मानित किया जाएगा।

    ''रुद्रांश ग्रीन मिशन'' बना प्रेरणा का माध्यम
    रुद्रांश अपने ''रुद्रांश ग्रीन मिशन'' के माध्यम से पंचकूला, चंडीगढ़ और चंडीमंदिर कैंट क्षेत्र में लगातार वृक्षारोपण कर रहे हैं। उनकी माता श्वेता दूबे, जो पेशे से अधिवक्ता हैं, भी इस अभियान में सक्रिय सहयोग देती हैं। पूरा परिवार पर्यावरण संरक्षण को सामाजिक जिम्मेदारी मानकर इस मिशन को आगे बढ़ा रहा है।

    केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने किया सम्मानित
    नई दिल्ली में आयोजित ''वृक्ष मित्र कार्यक्रम'' में रुद्रांश को विशेष रूप से आमंत्रित किया गया, जहां उन्होंने केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री शिवराज सिंह चौहान के साथ पौधारोपण किया। रुद्रांश ने अपने अभियान का विस्तृत डिजिटल रिकॉर्ड प्रस्तुत किया, जिसमें प्रत्येक पौधे की प्रजाति, स्थान और वर्तमान स्थिति का विवरण शामिल था। उनकी प्रतिबद्धता से प्रभावित होकर केंद्रीय मंत्री ने मंच पर उन्हें सम्मानित करते हुए एक पौधा और 10 हजार रुपये की प्रोत्साहन राशि भेंट की। कार्यक्रम में भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद, भारतीय कृषि अनुसंधान संस्थान सहित देशभर के कृषि वैज्ञानिकों, पर्यावरणविदों और विभिन्न विभागों के प्रतिनिधियों ने रुद्रांश के प्रयासों की सराहना की।

    बच्चों के लिए प्रेरणा, समाज के लिए संदेश
    इतनी कम उम्र में पर्यावरण संरक्षण के प्रति रुद्रांश की जागरूकता और समर्पण अन्य बच्चों के लिए प्रेरणास्रोत है। उनका संदेश स्पष्ट है कि यदि प्रत्येक व्यक्ति वर्ष में कुछ पौधे भी लगाकर उनकी देखभाल करे, तो पर्यावरण संरक्षण का लक्ष्य काफी हद तक पूरा किया जा सकता है। रुद्रांश उपाध्याय की यह यात्रा केवल पौधारोपण तक सीमित नहीं, बल्कि प्रकृति के प्रति जिम्मेदारी, अनुशासन और संवेदनशीलता का ऐसा उदाहरण है, जो समाज को सकारात्मक दिशा में आगे बढ़ने की प्रेरणा देता है।

  • 5000 जवानों की सुरक्षा में PM मोदी का हरियाणा दौरा, 17 जुलाई को मिलेगी हाइड्रोजन ट्रेन की सौगात

    5000 जवानों की सुरक्षा में PM मोदी का हरियाणा दौरा, 17 जुलाई को मिलेगी हाइड्रोजन ट्रेन की सौगात

    जींद.

    पुलिस लाइन में 17 जुलाई को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी हेलीकाप्टर से आएंगे। इसके बाद वह सड़क मार्ग से रेलवे जंक्शन पर जाएंगे और हाइड्रोजन ट्रेन का उद्घाटन करेंगे। जिले में बड़ा कार्यक्रम होने के कारण दूसरे जिलों से भी लगभग पांच हजार पुलिस अधिकारी एवं कर्मचारी सुरक्षा के लिए जींद आएंगे। इनमें 15 आइपीएस अधिकारी होंगे। 50 डीएसपी, 200 इंस्पेक्टर व 500 सब-इंस्पेक्टर शामिल होंगे।

    दूसरे जिलों से 600 के आसपास महिला पुलिस कर्मचारी भी आएंगी। पुलिस की 100 गाड़ियां भी बाहर से मंगवाई जा रही हैं। प्रत्येक 10 मीटर की दूरी पर एक पुलिसकर्मी तैनात रहेगा। जींद शहर में 80 स्थानों पर नाके लगाए जाएंगे। रैली में बड़ी संख्या में लोगों के इलेक्ट्रिक बसों, ई-रिक्शा व सीएनजी वाहनों में पहुंचने का दावा है। इसके लिए रैली स्थल हुडा ग्राउंड के पास सेक्टर नौ व आसपास पार्किंग बनाई जा रही है।

    वहीं, प्रशासन शहर को चमकाने में लगा हुआ है। जो सड़कें लंबे समय से बदहाल थी। उनको चकाचक बनाने का काम चल रहा है। डिवाइडर पर भी पेंट किया जा रहा है। सभी मार्गों की स्ट्रीट ठीक की जा रही हैं। प्रधानमंत्री की रैली इको फ्रेंडली होगी। इसके चलते इलेक्ट्रिक बसों में लोगों के आने का आह्वान किया गया है। करनाल, हिसार, पानीपत सहित अलग-अलग डिपो में चल रही लगभग 125 इलेक्ट्रिक बसों की रैली वाले दिन आने की संभावना है। ऐसे में वर्कशाप परिसर में इलेक्ट्रिक बसों के लिए आठ अस्थायी चार्जिंग प्वाइंट बनाए जाएंगे। वर्कशाप परिसर में दो अस्थायी ट्रांसफार्मर भी मंगवाए हैं।

    डिप्टी स्पीकर बनवा रहे 51 क्विंटल देसी घी के लड्डू
    प्रधानमंत्री का स्वागत विधानसभा के डिप्टी स्पीकर डॉ. कृष्ण मिड्ढा की तरफ से बनवाए जा रहे देसी घी के 51 क्विंटल लड्डुओं से होगा। रैली स्थल के पास ही सोमवार से एकलव्य स्टेडियम में चार हलवाइयों सहित 50 लोगों की टीम ने लड्डू बनाने का काम शुरू कर दिया है। सोमवार को डिप्टी स्पीकर ने अपने हाथों से बूंदी बनाई।

    प्रधानमंत्री का जींद कार्यक्रम प्रदेश के लिए गौरव : सीएम
    प्रधानमंत्री का जींद कार्यक्रम प्रदेश के लिए गौरव का अवसर है। हरियाणा की धरा पर बनी रेल पटरी पर 17 जुलाई से देश की पहली हाइड्रोजन ट्रेन दौड़ेगी, जिसे प्रधानमंत्री झंडी दिखाकर रवाना करेंगे। यह बात मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कुरुक्षेत्र में रविवार रात सेक्टर-2 स्थित आवास पर कार्यकर्ताओं की बैठक में कही। उन्हें जिम्मेदारियां भी सौंपी।

    महिलाओं के लिए रोहतक से पांच हजार भगवा चुनरी मंगवाई
    रैली में आने वाली हर महिला को डिप्टी स्पीकर भगवा चुनरी भी देंगे। उन्होंने विशेष तौर पर रोहतक से पांच हजार भगवा चुनरी मंगवाई हैं। रैली स्थल पर महिलाओं के बैठने के लिए अलग से गैलरी बनाई गई हैं, जो भगवा रंग में नजर आएंगी।