Category: हरियाणा

  • गुरुग्राम में विकास और सुरक्षा पर बड़ा निवेश, ₹171 करोड़ की 26 योजनाएं मंजूर, 235 CCTV कैमरों से होगी निगरानी

    गुरुग्राम में विकास और सुरक्षा पर बड़ा निवेश, ₹171 करोड़ की 26 योजनाएं मंजूर, 235 CCTV कैमरों से होगी निगरानी

    गुरुग्राम.

    नगर निगम गुरुग्राम की वित्त एवं संविदा समिति (एफएंडसीसी) ने शहर में आधारभूत सुविधाओं को मजबूत करने के लिए 171 करोड़ रुपये की लागत वाली 26 विकास परियोजनाओं को प्रशासनिक मंजूरी दे दी है। इन परियोजनाओं के तहत विभिन्न वार्डों में सड़क, पेयजल, सीवरेज, ड्रेनेज और स्ट्रीट लाइट से जुड़े कार्य कराए जाएंगे।

    इसके अलावा सदर बाजार में 235 सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएंगे और जलापूर्ति व्यवस्था की निगरानी के लिए आधुनिक तकनीक आधारित सिस्टम स्थापित किए जाएंगे।

    सड़क, पानी और सीवर व्यवस्था पर होगा काम
    मेयर राजरानी मल्होत्रा की अध्यक्षता में हुई एफएंडसीसी की नौवीं बैठक में विभिन्न वार्डों में सड़क निर्माण एवं पुनर्निर्माण, पेयजल पाइपलाइन विस्तार, सीवर लाइन बिछाने, वर्षा जल निकासी व्यवस्था को बेहतर बनाने और इंटरलॉकिंग टाइल्स लगाने से जुड़े प्रस्तावों को मंजूरी दी गई। अधिकारियों का कहना है कि इन परियोजनाओं के पूरा होने से कई क्षेत्रों में लंबे समय से बनी आधारभूत सुविधाओं की समस्याओं का समाधान होगा।

    जलापूर्ति की निगरानी होगी हाईटेक
    बैठक में नगर निगम के बूस्टिंग स्टेशनों पर इलेक्ट्रोमैग्नेटिक फ्लो मीटर, स्काडा (SCADA) सिस्टम और आरटीयू (RTU) पैनल लगाने का भी निर्णय लिया गया। इन आधुनिक प्रणालियों के जरिए जलापूर्ति की रियल टाइम निगरानी संभव होगी और किसी भी तकनीकी गड़बड़ी का जल्द पता लगाया जा सकेगा।

    सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने पर भी जोर
    समिति ने सदर बाजार में 235 सीसीटीवी कैमरे लगाने, विभिन्न क्षेत्रों में एलईडी स्ट्रीट लाइट स्थापित करने और आपातकालीन जरूरतों के लिए रिजर्व स्टोर विकसित करने के प्रस्तावों को भी मंजूरी दी। अधिकारियों के अनुसार इससे सुरक्षा व्यवस्था मजबूत होगी और नगर निगम की आपातकालीन प्रतिक्रिया क्षमता में भी सुधार आएगा।

    इन क्षेत्रों को मिलेगा सीधा लाभ
    स्वीकृत परियोजनाओं का लाभ खांडसा, सेक्टर-10, सरस्वती एंक्लेव, मालिबू टाउन, तिगरा, सेक्टर-50, मोहम्मदपुर झाड़सा, दरबारीपुर, अर्जुन नगर, सिकंदरपुर, डूंडाहेड़ा, सिरहौल, सेक्टर-22ए, पालम विहार, सेक्टर-17ए, सेक्टर-17सी और साउथ सिटी-1 सहित कई क्षेत्रों के लोगों को मिलेगा। इन इलाकों में सड़क, पेयजल, सीवर और ड्रेनेज से जुड़े कार्य प्राथमिकता के आधार पर कराए जाएंगे।

    गुणवत्ता और समयसीमा का रखा जाएगा ध्यान
    मेयर राजरानी मल्होत्रा ने कहा कि नागरिकों को बेहतर आधारभूत सुविधाएं उपलब्ध कराना नगर निगम की प्राथमिकता है। उन्होंने अधिकारियों को सभी परियोजनाओं को तय समय-सीमा के भीतर गुणवत्ता के साथ पूरा करने के निर्देश दिए। वहीं, निगमायुक्त प्रदीप दहिया ने कहा कि स्वीकृत सभी परियोजनाओं की नियमित निगरानी की जाएगी, ताकि विकास कार्यों का लाभ जल्द से जल्द लोगों तक पहुंच सके।

  • पर्ल ग्रुप जमीन घोटाले की जांच तेज, पूर्व तहसीलदार विक्रम सिंगला पर फिर कसा शिकंजा

    पर्ल ग्रुप जमीन घोटाले की जांच तेज, पूर्व तहसीलदार विक्रम सिंगला पर फिर कसा शिकंजा

    पंचकूला.

    रायपुररानी स्थित पर्ल ग्रुप की करीब 50 एकड़ जमीन की कथित अनियमित बिक्री मामले में हरियाणा विजिलेंस ब्यूरो ने पूर्व तहसीलदार विक्रम सिंगला को एक बार फिर गिरफ्तार किया है। मंगलवार देर रात की गई कार्रवाई के बाद विजिलेंस टीम ने उनका सेक्टर-6 नागरिक अस्पताल में मेडिकल परीक्षण कराया। बुधवार को उन्हें अदालत में पेश कर पूछताछ के लिए पुलिस रिमांड की मांगी।

    यह इस मामले में विक्रम सिंगला की दूसरी गिरफ्तारी है। इससे पहले 31 जनवरी को विजिलेंस ब्यूरो ने उन्हें चंडीगढ़ स्थित उनके आवास से गिरफ्तार किया था। बाद में अदालत से उन्हें जमानत मिल गई थी और वह बाहर थे। अब जांच के दौरान सामने आए नए तथ्यों और साक्ष्यों के आधार पर विजिलेंस ने दोबारा उन्हें हिरासत में लिया है। विजिलेंस सूत्रों के अनुसार पर्ल ग्रुप की रायपुररानी स्थित करीब 50 एकड़ जमीन की बिक्री और उससे जुड़े राजस्व रिकॉर्ड में कथित अनियमितताओं की जांच लंबे समय से चल रही है। इस मामले में दर्ज तीन अलग-अलग एफआईआर की जांच के दौरान कई अहम तथ्य सामने आए हैं। इन्हीं तथ्यों के आधार पर पूर्व तहसीलदार के खिलाफ दोबारा गिरफ्तारी की कार्रवाई की गई है।

    जांच एजेंसी का मानना है कि मामले में पूछताछ के दौरान जमीन के लेन-देन, राजस्व अभिलेखों में बदलाव और अन्य संबंधित पहलुओं को लेकर महत्वपूर्ण जानकारी मिल सकती है। इसी उद्देश्य से अदालत से पुलिस रिमांड लेने की तैयारी की गई है। विजिलेंस ब्यूरो का कहना है कि मामले की जांच अभी जारी है और जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे भी कार्रवाई की जाएगी। इस हाई-प्रोफाइल जमीन मामले में पहले से दर्ज तीन एफआईआर की कड़ियों को जोड़कर जांच को आगे बढ़ाया जा रहा है।

  • धान की फसल में फिजी वायरस की पुष्टि, बचाव के लिए कृषि विभाग ने बनाई दो टीमें

    धान की फसल में फिजी वायरस की पुष्टि, बचाव के लिए कृषि विभाग ने बनाई दो टीमें

     कैथल
    जिले में धान मे आए फिजी वायरस ( बोना पन) के कहर ने किसानों की चिंता बढ़ा दी है। कृषि विभाग ने भी धान की फसल में आए वायरस की पुष्टि की है। अब तक जिले में 1500 से ज्यादा एकड़ में खड़ा धान इसकी चपेट में आ चुका है, जिससे किसानों को आर्थिक नुकसान होने की चिंता सता रही है।

    धान की फसल में आए वायरस से न केवल कैथल जिला बल्कि कुरुक्षेत्र, करनाल, अंबाला में भी धान की फसल प्रभावित हुई है। किसानों का कहना है कि बीमारी के चलते पौधा छोटा रह गया है, जिसका असर उत्पादन पर पड़ेगा, इसे लेकर विभाग को गंभीरता दिखाते हुए सैंपलिंग की जानी चाहिए, ताकि किसानों को नुकसान न हो।

    वायरस को रोकने के लिए बनाई दो टीमें
    कृषि विश्वविद्यालय हिसार के धान अनुसंधान केंद्र कौल की तरफ से दो टीमों का गठन धान में फैले फिजी वायरस को रोकने के लिए गया है। ये टीमें अब तक कैथल, अंबाला, करनाल, कुरुक्षेत्र के खेतों का दौरा कर धान की फसल की जांच कर चुकी है।

    अधिकारियों का मानना है कि धान की फसल में फिजी वायरस की एंट्री हो चुकी है, इसे रोकने के लिए किसानों को जागरूक किया जा रहा है। वायरस से कैसे छुटकारा पाया जाए, इस बारे में किसानों को बताया जा रहा है। बता दें कि कैथल के गांव बाबा लदाना, हाबड़ी, पाड्ला, पट्टी अफगान, पाई, डुलियानी सहित कई गांव में धान बीमारी की चपेट में आ चुका है।

    धान की किस्म 7501-7301 सहित पीआर 114
    जिले में धान की किस्म 7501-7301 सहित पीआर 114, 126 व 131 में फिजी वायरस सबसे ज्यादा फैल रहा है। अब तक कई गांव में 1500 से ज्यादा एकड़ में धान चपेट में आ चुका है।

    धान अनुसंधान केंद्र की टीमों ने नर्सरी स्तर पर चीका ब्लाक के गांव मस्तगढ़, पूंडरी ब्लाक के गांव बरोट, सीवन ब्लाक के गांव रसुलपुर, पिहोवा ब्लाक के गांव थाना, कुरुक्षेत्र जिले के गांव पिंडारसी से करीब 30 सैंपल वायरस को लेकर धान से लिए जा चुके हैं। अब भी टीमें रोजाना किसी न किसी गांव का दौरा कर किसानों को फिजी वायरस से बचाव को लेकर जागरूक कर रही है।

    किसानों को फिजी वायरस से बचाव बारे किया जा रहा जागरूक: सैनी
    धान अनुसंधान केंद्र कौल के कृषि विज्ञानी सुमित सैनी ने बताया कि धान की फसल में फिजी वायरस की एंट्री से इंकार नहीं किया जा सकता। धान की पनीरी में तो यह वायरस नहीं था, लेकिन अब आ चुका है।

    इसे रोकने के लिए दो टीमों का गठन किया है, जो अलग-अलग क्षेत्र में जाकर किसानों को धान की फसल को वायरस से बचाव के लिए जागरूक कर रही हैं। किसानों से भी अपील है कि इस बारे में जानकारी दें, ताकि समय रहते वायरस को पता चल सके।

  • हरियाणा के किसानों पर आफत, ‘फिजी वायरस’ ने 1500 एकड़ धान की फसल को किया तबाह

    हरियाणा के किसानों पर आफत, ‘फिजी वायरस’ ने 1500 एकड़ धान की फसल को किया तबाह

    कैथल.

    जिले में धान मे आए फिजी वायरस ( बोना पन) के कहर ने किसानों की चिंता बढ़ा दी है। कृषि विभाग ने भी धान की फसल में आए वायरस की पुष्टि की है। अब तक जिले में 1500 से ज्यादा एकड़ में खड़ा धान इसकी चपेट में आ चुका है, जिससे किसानों को आर्थिक नुकसान होने की चिंता सता रही है।

    धान की फसल में आए वायरस से न केवल कैथल जिला बल्कि कुरुक्षेत्र, करनाल, अंबाला में भी धान की फसल प्रभावित हुई है। किसानों का कहना है कि बीमारी के चलते पौधा छोटा रह गया है, जिसका असर उत्पादन पर पड़ेगा, इसे लेकर विभाग को गंभीरता दिखाते हुए सैंपलिंग की जानी चाहिए, ताकि किसानों को नुकसान न हो।

    वायरस को रोकने के लिए बनाई दो टीमें
    कृषि विश्वविद्यालय हिसार के धान अनुसंधान केंद्र कौल की तरफ से दो टीमों का गठन धान में फैले फिजी वायरस को रोकने के लिए गया है। ये टीमें अब तक कैथल, अंबाला, करनाल, कुरुक्षेत्र के खेतों का दौरा कर धान की फसल की जांच कर चुकी है। अधिकारियों का मानना है कि धान की फसल में फिजी वायरस की एंट्री हो चुकी है, इसे रोकने के लिए किसानों को जागरूक किया जा रहा है। वायरस से कैसे छुटकारा पाया जाए, इस बारे में किसानों को बताया जा रहा है। बता दें कि कैथल के गांव बाबा लदाना, हाबड़ी, पाड्ला, पट्टी अफगान, पाई, डुलियानी सहित कई गांव में धान बीमारी की चपेट में आ चुका है।

    धान की किस्म 7501-7301 सहित पीआर 114
    जिले में धान की किस्म 7501-7301 सहित पीआर 114, 126 व 131 में फिजी वायरस सबसे ज्यादा फैल रहा है। अब तक कई गांव में 1500 से ज्यादा एकड़ में धान चपेट में आ चुका है। धान अनुसंधान केंद्र की टीमों ने नर्सरी स्तर पर चीका ब्लाक के गांव मस्तगढ़, पूंडरी ब्लाक के गांव बरोट, सीवन ब्लाक के गांव रसुलपुर, पिहोवा ब्लाक के गांव थाना, कुरुक्षेत्र जिले के गांव पिंडारसी से करीब 30 सैंपल वायरस को लेकर धान से लिए जा चुके हैं। अब भी टीमें रोजाना किसी न किसी गांव का दौरा कर किसानों को फिजी वायरस से बचाव को लेकर जागरूक कर रही है।

    किसानों को फिजी वायरस से बचाव बारे किया जा रहा जागरूक: सैनी
    धान अनुसंधान केंद्र कौल के कृषि विज्ञानी सुमित सैनी ने बताया कि धान की फसल में फिजी वायरस की एंट्री से इंकार नहीं किया जा सकता। धान की पनीरी में तो यह वायरस नहीं था, लेकिन अब आ चुका है।
    इसे रोकने के लिए दो टीमों का गठन किया है, जो अलग-अलग क्षेत्र में जाकर किसानों को धान की फसल को वायरस से बचाव के लिए जागरूक कर रही हैं। किसानों से भी अपील है कि इस बारे में जानकारी दें, ताकि समय रहते वायरस को पता चल सके।

  • कमजोर मानसून फिर पकड़ेगा रफ्तार, हरियाणा में बारिश के बढ़े आसार

    कमजोर मानसून फिर पकड़ेगा रफ्तार, हरियाणा में बारिश के बढ़े आसार

    हिसार
     हरियाणा में इस बार मानसून की रफ्तार सुस्त बनी हुई है। एक जून से 25 जुलाई तक प्रदेश में सामान्य से 24 प्रतिशत कम वर्षा दर्ज की गई है। 23 में से केवल सात जिलों में सामान्य या सामान्य के आसपास वर्षा हुई है।

    23 में से 16 जिलों में वर्षा सामान्य से कम रही। मौसम विशेषज्ञों के अनुसार एक सप्ताह से कमजोर पड़ा मानसून 28 जुलाई से फिर सक्रिय हो सकता है, जिससे प्रदेश के कई जिलों में वर्षा की गतिविधियां बढ़ने के आसार हैं। मौसम विशेषज्ञ डॉ. चंद्रमोहन ने बताया कि प्रदेश में एक जून से 25 जुलाई तक 132.7 मिलीमीटर वर्षा दर्ज की गई, जबकि इस अवधि में सामान्य वर्षा 175.4 मिलीमीटर होती है।

    उत्तर भारत में फिर से जोर पकड़ेगा मानसून
     राजस्थान और बंगाल की खाड़ी के ऊपर बने दो अलग-अलग निम्न दबाव (लो-प्रेशर) के क्षेत्रों ने मानसून को फिर से मजबूती दे दी है। साथ ही पहाड़ों में एक पश्चिमी विक्षोभ भी सक्रिय है। इन तीनों मौसम प्रणालियों के असर से अगले दो-तीन दिनों में उत्तर भारत के राज्यों में बारिश की गतिविधियां तेज हो सकती हैं।

    बंगाल की खाड़ी और राजस्थान के सिस्टम एक-दूसरे को मजबूती दे रहे हैं, जिससे उत्तर भारत में नमी की आपूर्ति बढ़ने वाली है और वर्षा का दायरा विस्तृत होगा। आईएमडी के अनुसार, पंजाब, हरियाणा, दिल्ली, उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, हिमाचल, राजस्थान एवं मध्य प्रदेश में कहीं-कहीं भारी बारिश हो सकती है।

    पहाड़ी राज्यों में भूस्खलन, बादल फटने और नदी-नालों के उफान पर आने का खतरा भी बढ़ गया है। देशभर में अभी तक सामान्य से 15 प्रतिशत कम बारिश हुई है। मौसम वैज्ञानिकों का मानना है कि दोनों सक्रिय निम्न दबाव प्रणालियों के कारण अगले कुछ दिनों में वर्षा की कमी कुछ हद तक पूरी हो सकती है।

    कई जिलों में सामान्य से कम वर्षा
    25 जुलाई तक हरियाणा में फरीदाबाद में सबसे अधिक 271 मिमी वर्षा दर्ज हुई, जो सामान्य से 41 प्रतिशत अधिक रही। वहीं हिसार 34 प्रतिशत, कैथल 46 प्रतिशत, पंचकूला 49 प्रतिशत, जींद 65 प्रतिशत और सिरसा 61 प्रतिशत कम वर्षा दर्ज की गई।

    चरखी दादरी 9 प्रतिशत, कुरुक्षेत्र 3 प्रतिशत, महेंद्रगढ़ 5 प्रतिशत, पलवल 19 प्रतिशत, रेवाड़ी शून्य प्रतिशत और यमुनानगर 12 प्रतिशत कम के साथ सामान्य श्रेणी में रहे। इसका मुख्य कारण मानसून टर्फ और अन्य मौसम प्रणालियों का राजस्थान की ओर सक्रिय होना है। इसके चलते हरियाणा, एनसीआर और दिल्ली में केवल छिटपुट वर्षा हो रही है।

    पश्चिमी विक्षोभ से होगी वर्षा
    28 से 30 जुलाई तक पंचकूला, अंबाला, यमुनानगर, कुरुक्षेत्र और करनाल में वर्षा हो सकती है। करनाल, पानीपत व सोनीपत में भी वर्षा के आसार हैं। रोहतक, झज्जर, रेवाड़ी, गुरुग्राम, फरीदाबाद, नूंह और पलवल में मध्यम व कुछ जगह तेज वर्षा हो सकती है।

    रविवार को प्रदेश में अधिकतम तापमान में औसतन दो डिग्री सेल्सियस की बढ़ोतरी दर्ज की गई। हिसार में 36.3, अंबाला में 37.2 डिग्री सेल्सियस रहा। रोहतक में 36.3 डिग्री और भिवानी में 37 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।

  • सावधान हरियाणा! आज से फिर सक्रिय हुआ मानसून, अगले 4 दिन मूसलाधार बारिश के आसार; IMD का अलर्ट

    सावधान हरियाणा! आज से फिर सक्रिय हुआ मानसून, अगले 4 दिन मूसलाधार बारिश के आसार; IMD का अलर्ट

    चंडीगढ़
     हरियाणा में आज से एक बार फिर मानसून सक्रिय होने जा रहा है. आईएमडी चंडीगढ़ के अनुसार 28 और 29 जुलाई को प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश के साथ कई स्थानों पर भारी से बहुत भारी वर्षा होने की संभावना है. मौसम विभाग का अनुमान है कि 30 और 31 जुलाई को भी प्रदेश के कई जिलों में बारिश का सिलसिला जारी रहेगा. इसके साथ ही कई इलाकों में गरज-चमक और बिजली गिरने की भी आशंका जताई गई है। 

    इन जिलों में ज्यादा असर: सोमवार को पंचकूला, अंबाला और यमुनानगर जैसे उत्तरी जिलों में कहीं-कहीं अच्छी बारिश होने की संभावना है. वहीं महेंद्रगढ़, रेवाड़ी, मेवात, पलवल, सिरसा, फतेहाबाद, हिसार, भिवानी और चरखी दादरी में हल्की से मध्यम बारिश के आसार हैं. मौसम विभाग का कहना है कि 28 और 29 जुलाई को प्रदेश के अधिकांश जिलों में बारिश का दायरा और अधिक बढ़ जाएगा तथा कुछ स्थानों पर भारी वर्षा दर्ज की जा सकती है। 

    उमस से मिलेगी राहत: पिछले दो से तीन दिनों से प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में बारिश नहीं होने और तेज धूप निकलने के कारण लोगों को उमस भरी गर्मी का सामना करना पड़ रहा था. बढ़ी हुई नमी और गर्म मौसम के कारण लोगों का जनजीवन प्रभावित रहा. हालांकि मौसम विभाग का मानना है कि सोमवार शाम से मौसम बदलने के साथ तापमान में गिरावट आएगी और लोगों को उमस से राहत मिलने की उम्मीद है। 

    भिवानी सबसे गर्म रहा: हरियाणा के औसत अधिकतम तापमान रविवार को में करीब दो डिग्री सेल्सियस की बढ़ोतरी दर्ज की गई. प्रदेश का सबसे अधिक तापमान 38.2 डिग्री सेल्सियस भिवानी के बोपानिया केंद्र में रिकॉर्ड किया गया. वहीं महेंद्रगढ़ में अधिकतम तापमान 35 डिग्री सेल्सियस रहा, जो सामान्य के आसपास दर्ज किया गया. मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि आगामी बारिश के बाद तापमान में और कमी देखने को मिल सकती है। 

    अब तक सामान्य से 24 प्रतिशत कम बारिश: आईएमडी के आंकड़ों के अनुसार 1 जून से 25 जुलाई तक हरियाणा में 132.7 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई है, जबकि इस अवधि में सामान्य वर्षा 175.4 मिलीमीटर होनी चाहिए थी. यानी प्रदेश में अब तक सामान्य से 24 प्रतिशत कम बारिश हुई है. फिलहाल केवल छह जिलों में सामान्य या सामान्य के आसपास वर्षा दर्ज हुई है, जबकि 16 जिलों में बारिश का आंकड़ा सामान्य से नीचे बना हुआ है. मौसम विभाग को उम्मीद है कि अगले चार दिनों की अच्छी बारिश से वर्षा की कमी कुछ हद तक कम हो सकती है। 

  • नशे से जंग अभियान में यमुनानगर मैराथन में उमड़ा जनसैलाब

    नशे से जंग अभियान में यमुनानगर मैराथन में उमड़ा जनसैलाब

    यमुनानगर
     नजर जहां तक गई, वहां तक धावक ही धावक दिखाई दिए। मटका चौक से निकली पांच और 10 किलोमीटर की मैराथन में हजारों युवाओं, महिलाओं, विद्यार्थियों और खिलाड़ियों ने नशे के खिलाफ एकजुट होकर दौड़ लगाई।

    मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने नशे से जंग, यमुनानगर के संग' अभियान के तहत मैराथन को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इसके बाद वह स्वयं भी कुछ दूर तक धावकों के साथ दौड़े। मुख्यमंत्री और कैबिनेट मंत्री श्याम सिंह राणा, विधायक घनश्याम दास अरोड़ा व पूर्व मंत्री कंवरपाल गुर्जर अन्य अतिथियों ने करीब 1.50 क्विंटल फूल बरसाकर प्रतिभागियों का उत्साह बढ़ाया। पूरे मार्ग पर तालियों और नारों के बीच धावकों का स्वागत हुआ।

    दौड़ शुरू होने से पहले मटका चौक पर प्रतिभागियों की एक किलोमीटर से अधिक लंबी कतार लग गई। सड़क का हर हिस्सा सफेद रंग टी-शर्ट पहने धावकों से भर गया। हरियाणा के अलावा उत्तर प्रदेश और हिमाचल प्रदेश से आए खिलाड़ियों ने भी मैराथन में भाग लिया। पांच और 10 किलोमीटर की दौड़ में हर आयु वर्ग के लोगों ने उत्साह के साथ हिस्सा लिया।

    प्रतियोगिता में बाहरी राज्यों के खिलाड़ियों का दबदबा भी रहा। 10 किलोमीटर पुरुष वर्ग में दो पुरस्कार उत्तर प्रदेश के धावकों ने जीते, जबकि महिला वर्ग में एक पुरस्कार लखनऊ की धाविका के नाम रहा। इससे प्रतियोगिता में कड़ा मुकाबला देखने को मिला।

    मैराथन के दौरान देशभक्ति गीतों और हरियाणवी धुनों ने माहौल को जोश से भर दिया। विद्यार्थियों ने देशभक्ति गीतों पर प्रस्तुति दी। पंजाबी गायक सती संतविंद्र ने 'छोरा हरियाणा का गीत सुनाया तो युवा झूम उठे। ढोल-नगाड़ों की थाप और तालियों की गूंज पूरे मार्ग पर सुनाई देती रही।

    मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि नशा व्यक्ति, परिवार और समाज तीनों के लिए घातक है। इससे मुकाबला जनभागीदारी से ही संभव है। उन्होंने युवाओं से खेलों को अपनाने और नशे से दूर रहने का आह्वान किया। साथ ही अधिक से अधिक पौधे लगाने का संदेश भी दिया।

    मैराथन मार्ग पर सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए गए थे। पुलिस बल, चिकित्सा टीमें और एंबुलेंस पूरे रूट पर तैनात रहीं। जगह-जगह पेयजल, फल और अन्य खाद्य सामग्री के स्टाल लगाए गए थे। स्वयंसेवकों ने धावकों की हर संभव सहायता की।

  • पलवल मतदाता सूची पुनरीक्षण: 6.08 लाख लोगों ने जमा कराए फार्म

    पलवल मतदाता सूची पुनरीक्षण: 6.08 लाख लोगों ने जमा कराए फार्म

    पलवल
     भारत निर्वाचन आयोग के अनुसार मतदाता सूची का विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के तहत मतदाताओं से फार्म भर कर जमा कराने का काम पूरा हो चुका है। जिले में 85.97 प्रतिशत मतदाताओं ने अपने फार्म भर कर बीएलओ के पास जमा किए हैं।

    14.03 प्रतिशत मतदाता ऐसे हैं जिन्होंने फार्म अभी तक जमा नहीं किए। इसके बाद जिले की राजनीति के समीकरण में काफी बदलाव होने की संभावना है। पलवल जिले में तीन विधानसभा क्षेत्र हैं। इनमें पलवल, होडल विधानसभा क्षेत्रों पर सत्तारूढ़ भाजपा का कब्जा है और हथीन विधानसभा क्षेत्र से एक मात्र कांग्रेस विधायक मोहम्मद इजराइल हैं। यह कांग्रेस विधायक भी भाजपा के नजदीक जा चुके हैं।

    छह लाख आठ हजार 427 मतदाताओं ने जमा किए फॉर्म
    14.03 प्रतिशत मतदाताओं में ज्यादातर मतदाता ऐसे हैं जो किसी अन्य स्थान पर चले गए हैं या फिर उनकी मृत्यु हो चुकी है। इन मतदाताओं के बारे में अभी बीएलओ जांच पूरी करने के बाद ही अपनी रिपोर्ट निर्वाचन एवं पंजीयन अधिकारियों को देंगे। एसआईआर से पहले जिले में कुल मतदाता 07 लाख 07 हजार 729 थी।

    एसआईआर के तहत चलाए गए अभियान के बाद जिले में 99 हजार 302 मतदाता ऐसे हैं जिन्होंने अभी तक अपने फार्म जमा नहीं किए। जिले में कुल छह लाख आठ हजार 427 मतदाताओं ने अपने फार्म भर कर बीएलओ के पास जमा कराए हैं।

    31 जुलाई से 30 अगस्त तक दावे व आपत्तियां दर्ज कराने का मिलेगा अवसर
    जिला निर्वाचन अधिकारी डा. जयेन्द्र सिंह छिल्लर ने कहा कि भारत निर्वाचन आयोग द्वारा जारी कार्यक्रम के अनुसार 31 जुलाई 2026 को प्रारूप मतदाता सूची का प्रकाशन किया जाएगा। इसके बाद 31 जुलाई से 30 अगस्त तक मतदाता सूची में नाम जोड़ने, हटाने अथवा संशोधन संबंधी दावे एवं आपत्तियां स्वीकार की जाएंगी। इस दौरान फार्म-6, फार्म-7 और फॉर्म-8 पर्याप्त संख्या में उपलब्ध होने चाहिए।

    जिला निर्वाचन अधिकारी ने कहा कि अनुपस्थित, मृत, स्थानांतरित और डुप्लीकेट मतदाताओं की सूची संबंधित मतदान केंद्रों और सार्वजनिक स्थानों पर प्रदर्शित की जाए। जिन मतदाताओं के नाम, जन्म तिथि अथवा अन्य विवरणों में कोई विसंगति पाई जाएगी या जिनका सत्यापन लंबित रहेगा, उन्हें नोटिस जारी किया जाएगा। नोटिस प्राप्त होने पर संबंधित मतदाताओं को भारत निर्वाचन आयोग के निर्धारित दिशानिर्देशों के अनुसार आवश्यक दस्तावेज प्रस्तुत करने होंगे। आगामी 3 अक्टूबर 2026 को अंतिम मतदाता सूची प्रकाशित की जाएगी।

    जिला निर्वाचन अधिकारी डा. जयेन्द्र सिंह छिल्लर ने सभी पात्र मतदाताओं से अपील की है कि वे निर्धारित समय सीमा के भीतर अपना गणना प्रपत्र जमा कराएं तथा 31 जुलाई को प्रकाशित होने वाली प्रारूप मतदाता सूची में अपना नाम अवश्य जांच लें। यदि किसी प्रकार की त्रुटि या कमी दिखाई दे तो उसे दावे एवं आपत्तियों की अवधि के दौरान समय रहते ठीक करा लें, ताकि अंतिम मतदाता सूची में उनका नाम सही रूप में दर्ज हो सके।

  • NCR में प्रदूषण रोकने बड़ा कदम, हरियाणा में नई EV पॉलिसी और बिना PUC पेट्रोल नहीं देने का फैसला

    NCR में प्रदूषण रोकने बड़ा कदम, हरियाणा में नई EV पॉलिसी और बिना PUC पेट्रोल नहीं देने का फैसला

    गुरुग्राम.

    राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (एनसीआर) में वायु प्रदूषण पर नियंत्रण के लिए शुक्रवार को गुरुग्राम में मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी और केंद्रीय पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री भूपेंद्र यादव की अध्यक्षता में उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक हुई।

    बैठक में वायु गुणवत्ता सुधार से जुड़े सभी प्रमुख मुद्दों की समीक्षा करते हुए संबंधित विभागों को तय समय सीमा में कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। विशेष जोर परिवेशी वायु गुणवत्ता निगरानी प्रणाली (सीएएक्यूएमएस) के विस्तार, 'नो पीयूसीसी-नो फ्यूल' व्यवस्था, पुराने प्रदूषणकारी वाहनों पर कार्रवाई, ईवी चार्जिंग नेटवर्क बढ़ाने, निर्माण एवं विध्वंस (सीएंडडी) अपशिष्ट प्रबंधन, ठोस कचरा निस्तारण और औद्योगिक प्रदूषण नियंत्रण पर रहा।

    नई ईवी नीति और चार्जिंग नेटवर्क पर जोर
    मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि प्रदूषण नियंत्रण से जुड़े प्रत्येक एजेंडा पर समयबद्ध और प्रभावी अमल सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने ट्रैफिक जाम वाले हाटस्पाट की नियमित निगरानी, सड़क पुनर्विकास, इलेक्ट्रिक बसों के विस्तार और चार्जिंग स्टेशनों के नेटवर्क को तेजी से विकसित करने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने बताया कि हरियाणा सरकार आगामी कैबिनेट बैठक में नई इलेक्ट्रिक वाहन (ईवी) नीति लाएगी, जिससे एनसीआर सहित पूरे प्रदेश में स्वच्छ परिवहन को बढ़ावा मिलेगा।

    हरित चौराहे और धूल नियंत्रण पर होगा काम
    केंद्रीय मंत्री भूपेंद्र यादव ने गुरुग्राम, फरीदाबाद और सोनीपत सहित एनसीआर के प्रमुख चौक-चौराहों को हरित क्षेत्र के रूप में विकसित करने, नियमित डीप क्लीनिंग, गड्ढे भरने और पौधरोपण के माध्यम से पीएम-10 और धूल प्रदूषण कम करने के निर्देश दिए। अधिकारियों को एक माह के भीतर सभी प्रमुख स्थलों की पहचान कर कार्ययोजना तैयार करने को कहा गया। मुख्यमंत्री ने राजीव चौक माॅडल की तर्ज पर अन्य प्रमुख यातायात स्थलों को भी हरित स्वरूप देने पर जोर दिया।

    ट्रैफिक और पराली पर बनेगी विशेष रणनीति
    बैठक में गुरुग्राम, फरीदाबाद, सोनीपत और बहादुरगढ़ समेत एनसीआर के सभी ट्रैफिक जाम हाटस्पाट का वैज्ञानिक विश्लेषण कर स्थायी समाधान तैयार करने के निर्देश दिए गए। वहीं, पराली जलाने की घटनाओं पर रोक के लिए जिला प्रशासन, कृषि विभाग और जनप्रतिनिधियों के समन्वय से व्यापक जनजागरूकता अभियान चलाने तथा लक्ष्य आधारित कार्ययोजना लागू करने पर सहमति बनी। बैठक में पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय के सचिव तन्मय कुमार, अतिरिक्त सचिव अमनदीप गर्ग, सीएक्यूएम के चेयरपर्सन राजेश वर्मा, हरियाणा के वन एवं पर्यावरण विभाग के एसीएस सुधीर राजपाल, परिवहन विभाग के एसीएस राजा शेखर वुनडरू, जीएमडीए के सीईओ पीसी मीणा आदि अधिकारी उपस्थित रहे।

  • किसानों के लिए खुशखबरी, फसल अवशेष प्रबंधन मशीनों पर मिलेगी 50% छूट

    किसानों के लिए खुशखबरी, फसल अवशेष प्रबंधन मशीनों पर मिलेगी 50% छूट

    चडीगढ़
     हरियाणा सरकार ने पराली जलाने की समस्या पर प्रभावी रोक लगाने और कृषि यंत्रीकरण को बढ़ावा देने के उद्देश्य से किसानों के लिए बड़ी पहल की है। कृषि एवं किसान कल्याण विभाग ने राष्ट्रीय कृषि विकास योजना (RKVY) 2026-27 के तहत फसल अवशेष प्रबंधन (Crop Residue Management) से जुड़े आधुनिक कृषि यंत्रों पर 50 प्रतिशत तक सब्सिडी देने की घोषणा की है। इस योजना के तहत पात्र किसान 3 अगस्त 2026 तक ऑनलाइन आवेदन कर लाभ उठा सकते हैं। सरकार का उद्देश्य किसानों को आधुनिक तकनीक से जोड़ने के साथ-साथ पर्यावरण संरक्षण को भी बढ़ावा देना है। इसी कड़ी में राज्य सरकार ने फसल अवशेष प्रबंधन से जुड़े 13 कृषि यंत्रों पर 50 प्रतिशत तक अनुदान देने का निर्णय लिया है।

    योजना के तहत व्यक्तिगत श्रेणी के पात्र किसानों को फसल अवशेष प्रबंधन में उपयोग होने वाले आधुनिक कृषि यंत्रों पर 50 प्रतिशत तक अनुदान दिया जाएगा। इन मशीनों के उपयोग से खेतों में बचे फसल अवशेषों का वैज्ञानिक तरीके से प्रबंधन किया जा सकेगा, जिससे पराली जलाने की आवश्यकता कम होगी और वायु प्रदूषण पर भी नियंत्रण पाने में मदद मिलेगी।

    सरकार का मानना है कि आधुनिक कृषि यंत्रों के इस्तेमाल से किसानों की लागत घटेगी, खेती अधिक उत्पादक बनेगी और पर्यावरण संरक्षण को भी मजबूती मिलेगी। योजना का उद्देश्य किसानों को नई तकनीकों को अपनाने के लिए प्रोत्साहित करना और टिकाऊ कृषि पद्धतियों को बढ़ावा देना है।

    सुपर एसएमएस (Super SMS)
    हैप्पी सीडर (Happy Seeder)
    सुपर सीडर (Super Seeder)
    स्ट्रॉ चॉपर/श्रेडर/मल्चर (Straw Chopper/Shredder/Mulcher)
    रिवर्सिबल एमबी प्लाऊ (Reversible MB Plough)
    जीरो टिल सीड ड्रिल (Zero Till Seed Drill)
    स्ट्रॉ बेलर और रेक (Straw Baler & Rake)
    क्रॉप रीपर (Crop Reaper)

    3 अगस्त तक करें ऑनलाइन आवेदन
    योजना का लाभ लेने के इच्छुक पात्र किसान 3 अगस्त 2026 तक कृषि एवं किसान कल्याण विभाग के ऑनलाइन पोर्टल पर आवेदन कर सकते हैं। आवेदन प्राप्त होने के बाद विभाग पात्रता के आधार पर किसानों का चयन करेगा। स्वीकृति मिलने पर संबंधित कृषि यंत्रों की खरीद पर किसानों को 50 प्रतिशत तक अनुदान दिया जाएगा।

    कृषि विभाग ने किसानों से समय रहते आवेदन करने की अपील की है, ताकि अधिक से अधिक किसान इस योजना का लाभ उठाकर आधुनिक कृषि तकनीकों को अपनाएं और अपनी खेती को अधिक लाभकारी बना सकें।

    बेलर मशीन के साथ इन यंत्रों पर भी मिलेगा लाभ
    यदि किसी किसान का चयन बेलर (Baler) मशीन के लिए होता है, तो वह इसके साथ रेक (Rake), स्ट्रॉ रेक (Straw Rake) या श्रेडर मास्टर/रोटरी स्लेशर (Shredder Master/Rotary Slasher) मशीन पर भी एक साथ अनुदान का लाभ ले सकता है। हालांकि, सामान्य परिस्थितियों में व्यक्तिगत श्रेणी का किसान केवल एक मुख्य कृषि यंत्र के लिए ही आवेदन करने का पात्र होगा।