Category: हरियाणा

  • गणना प्रपत्र जमा नहीं करने वालों का नाम प्रारंभिक सूची से बाहर

    गणना प्रपत्र जमा नहीं करने वालों का नाम प्रारंभिक सूची से बाहर

     चंडीगढ़
    हरियाणा में मतदाता सूचियों के विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान (एसआईआर) के तहत जो मतदाता शुक्रवार शाम तक गणना प्रपत्र बीएलओ को वापस नहीं देंगे, उनका नाम प्रारंभिक मतदाता सूची से काट दिया जाएगा। प्रारंभिक मतदाता सूची से 34 लाख दो हजार 917 मतदाताओं का नाम कटना तय है।

    प्रदेश में दो करोड़ छह लाख 55 हजार 221 मतदाताओं को गणना प्रपत्र वितरित किए गए हैं। इनमें से एक करोड़ 72 लाख 49 हजार 753 (83.51%) गणना प्रपत्र बीएलओ के माध्यम से डिजिटाइज्ड एवं अपलोड किए जा चुके हैं। गणना प्रपत्र बीएलओ को वापस जमा कराने के लिए अब केवल एक दिन का समय शेष है।

    31 जुलाई को प्रकाशित होने वाली प्रारंभिक मतदाता सूची-2026 में केवल उन्हीं मतदाताओं के नाम शामिल किए जाएंगे, जिनके हस्ताक्षरित गणना प्रपत्र बीएलओ को प्राप्त हो चुके होंगे। जिन मतदाताओं के गणना प्रपत्र प्राप्त नहीं होंगे, उनके नाम प्रारंभिक मतदाता सूची में शामिल नहीं किए जाएंगे। ऐसे मतदाता voters.eci.gov.in पोर्टल के माध्यम से भी अपना गणना प्रपत्र ऑनलाइन भर सकते हैं।

    मुख्य निर्वाचन अधिकारी ए श्रीनिवास ने बताया कि प्रदेश में 34 लाख से अधिक (16.47%) ऐसे मतदाता चिन्हित किए गए हैं, जो स्थायी रूप से स्थानांतरित हो चुके हैं, अनुपस्थित हैं, मृतक हैं अथवा जिनके नाम किसी कारणवश मतदाता सूची में दोहरी प्रविष्टि के रूप में दर्ज हैं। ऐसे मतदाताओं के नाम प्रारंभिक मतदाता सूची में शामिल नहीं किए जाएंगे।

    इन मतदाताओं की सूची मतदान केंद्रवार तैयार कर सभी बीएलओ के माध्यम से राजनीतिक दलों द्वारा नियुक्त बीएलए को उपलब्ध कराई गई है। यह सूची मुख्य निर्वाचन अधिकारी हरियाणा की वेबसाइट पर भी उपलब्ध रहेगी।

    प्रारंभिक मतदाता सूची में शामिल मतदाताओं का मिलान विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान के दौरान प्राप्त सूचनाओं से किया जाएगा। जिन मतदाताओं के संबंध में कोई आपत्ति या विसंगति पाई जाएगी, उन्हें संबंधित निर्वाचन पंजीयन अधिकारी अथवा सहायक निर्वाचन पंजीयन अधिकारी द्वारा सुनवाई का नोटिस जारी किया जाएगा।

    ऐसे मतदाताओं से निर्धारित तिथि पर आवश्यक दस्तावेजों सहित उपस्थित होने का आग्रह किया गया है, ताकि उनका नाम तीन अक्टूबर को प्रकाशित होने वाली अंतिम मतदाता सूची में शामिल किया जा सके।

    पता बदलने के लिए भर सकते फार्म-8
    जिन मतदाताओं ने किसी कारणवश अपना गणना प्रपत्र बीएलओ को जमा नहीं कराया है, वे 31 जुलाई से 30 अगस्त तक आवश्यक दस्तावेजों के साथ फार्म-6 भरकर मतदाता सूची में अपना नाम शामिल कराने के लिए आवेदन कर सकते हैं। पहले से दर्ज प्रविष्टियों में सुधार अथवा पता/स्थान परिवर्तन के लिए फार्म-8 भरा जा सकता है।

    निर्वाचन पंजीयन अधिकारी के निर्णय से असंतुष्ट कोई भी मतदाता 15 दिनों के भीतर संबंधित जिलाधिकारी के समक्ष तथा जिलाधिकारी के निर्णय के विरुद्ध 30 दिनों के भीतर मुख्य निर्वाचन अधिकारी के समक्ष अपील कर सकता है।

  • रेलवे का बड़ा तकनीकी अपग्रेड! होडल-शोलाका रेलखंड पर ऑटोमैटिक सिग्नलिंग से बढ़ेगी सुरक्षा और ट्रेनों की स्पीड

    रेलवे का बड़ा तकनीकी अपग्रेड! होडल-शोलाका रेलखंड पर ऑटोमैटिक सिग्नलिंग से बढ़ेगी सुरक्षा और ट्रेनों की स्पीड

    पलवल
     उत्तर मध्य रेलवे के आगरा मंडल ने दिल्ली–मथुरा रेल मार्ग पर यात्री सुविधाओं और रेल संचालन को अधिक सुरक्षित एवं आधुनिक बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की है। मंडल ने होडल–शोलाका रेलखंड की तीसरी एवं चौथी लाइन पर 10.34 रूट किलोमीटर में ऑटोमैटिक सिग्नलिंग प्रणाली का सफलतापूर्वक संचालन शुरू कर दिया है। इसके साथ ही भूतेश्वर से शोलाका तक कुल 61 किलोमीटर रेलखंड पर ऑटोमैटिक सिग्नलिंग प्रणाली लागू हो गई है। अब एक साथ कई ट्रेनें सुरक्षित रेलवे ट्रैक पर दौड़ सकेगी।

    क्या है रेलवे का एबीएस सिस्टम
    रेल अधिकारियों ने बताया कि ऑटोमैटिक सिग्नल प्रणाली (ऑटोमैटिक ब्लॉक सिग्नलिंग) रेलवे की एक आधुनिक तकनीक है, जिसमें दो स्टेशनों के बीच ट्रैक को छोटे-छोटे हिस्सों ('ब्लॉक') में बांटा जाता है। ट्रेन के आगे बढ़ने पर सिग्नल बिना किसी मानवीय हस्तक्षेप के स्वचालित रूप से लाल या हरे हो जाते हैं। इससे एक ही ट्रैक पर कई ट्रेनें सुरक्षित रूप से एक-दूसरे के पीछे चल सकती हैं

    यह सिस्टम ऐसे करती है काम
    रेल अधिकारियों ने बताया कि पटरियों में बिजली के सेंसर लगे होते हैं। जब ट्रेन ट्रैक से गुजरती है, तो उसके पहियों की मौजूदगी से सर्किट पूरा हो जाता है जिससे सिग्नल अपने आप लाल हो जाता है। जैसे ही ट्रेन आगे बढ़ती है और ट्रैक खाली हो जाता है और सिग्नल वापस हरा हाे जाता है। इस सिस्टम के शुरू होने से ट्रेनों की संख्या में बढ़ोतरी होगी। एक ही ब्लॉक में एक के पीछे एक कई ट्रेनें चल सकती हैं। इस सिस्टम से स्टेशन मास्टर के मैनुअल सिग्नल देने पर निर्भर नहीं करता, जिससे दुर्घटनाओं का खतरा कम होता है। इसके अलावा ट्रेनों को स्टेशनों पर लंबा इंतजार नहीं करना पड़ता और यात्रा का समय घटता है।

    ट्रेनों को चलाने में ये होगा फायदा
    उत्तर मध्य रेलवे के जनसंपर्क अधिकारी ने बताया कि परियोजना के अंतर्गत आधुनिक इंटीग्रेटेड पावर सप्लाई (आईपीएस), फायर अलार्म यूनिट तथा शोलाका यार्ड का व्यापक आधुनिकीकरण किया गया है। अब यहां वीडियो डिस्प्ले यूनिट (वीडीयू) आधारित संचालन और रीसेटिंग की सुविधा उपलब्ध होगी। तीसरी एवं चौथी लाइन पर पहले लागू एब्सलूट ब्लॉक वर्किंग प्रणाली को हटाकर ऑटोमैटिक सिग्नलिंग प्रणाली लागू कर दी गई है। नई प्रणाली लागू होने से एक ही ट्रैक पर सुरक्षित तरीके से एक से अधिक ट्रेनों का संचालन संभव होगा। ट्रेनों को अगले स्टेशन से लाइन क्लियर मिलने की प्रतीक्षा कम करनी पड़ेगी, जिससे अनावश्यक ठहराव घटेगा और समयपालन में सुधार होगा।

     

  • हरियाणा निर्वाचन आयोग की अपील, दो दिन में बीएलओ को दें हस्ताक्षरित गणना प्रपत्र

    हरियाणा निर्वाचन आयोग की अपील, दो दिन में बीएलओ को दें हस्ताक्षरित गणना प्रपत्र

     चंडीगढ़
     हरियाणा के मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने मतदाता सूचियों के विशेष पुनरीक्षण अभियान के तहत मतदाताओं से अपील की है कि वे अगले दो दिनों के भीतर अपने हस्ताक्षरित गणना प्रपत्र (इम्युनरेशन फार्म) बूथ लेवल अधिकारी (बीएलओ) को अवश्य जमा करा दें। उन्होंने स्पष्ट किया कि 31 जुलाई को प्रकाशित होने वाली प्रारंभिक मतदाता सूची में केवल उन्हीं मतदाताओं के नाम शामिल किए जाएंगे, जिनके हस्ताक्षरित गणना प्रपत्र बीएलओ को प्राप्त हो चुके होंगे।

    मुख्य निर्वाचन अधिकारी ए श्रीनिवास के अनुसार, प्रदेश में 2 करोड़ 6 लाख 54 हजार 668 (99.99 प्रतिशत) मतदाताओं तक गणना प्रपत्र वितरित किए जा चुके हैं। इनमें से 1 करोड़ 72 लाख 28 हजार 926 (83.41 प्रतिशत) गणना प्रपत्रों का डिजिटाइजेशन एवं अपलोड पूरा हो चुका है। शेष मतदाताओं से जल्द से जल्द प्रपत्र जमा कराने का आग्रह किया गया है।

    संयुक्त मुख्य निर्वाचन अधिकारी राजकुमार लोहान ने बताया कि बीएलओ प्रत्येक मतदाता को गणना प्रपत्र की दो प्रतियां उपलब्ध कराते हैं। मतदाता को विवरण भरकर स्वयं अथवा परिवार के किसी वयस्क सदस्य के हस्ताक्षर कराने के बाद एक प्रति बीएलओ को जमा करनी होती है, जबकि बीएलओ के हस्ताक्षर वाली दूसरी प्रति रसीद के रूप में अपने पास सुरक्षित रखनी चाहिए।

    मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने बताया कि मतदाता अपना गणना प्रपत्र आनलाइन भी भर सकते हैं। साथ ही राष्ट्रीय एवं राज्य स्तरीय मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों से भी अपील की गई है कि वे अपने बूथ लेवल एजेंटों (बीएलए-2) के माध्यम से अधिक से अधिक मतदाताओं को जागरूक करें और समय पर गणना प्रपत्र जमा कराने में सहयोग दें।

    मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने कहा कि विशेष पुनरीक्षण के दौरान जिन मतदाताओं के विवरण में किसी प्रकार की विसंगति पाई गई है, वे 31 जुलाई के बाद आवश्यक दस्तावेज बीएलओ को उपलब्ध कराएं। वहीं, जो मतदाता किसी कारणवश निर्धारित समय में गणना प्रपत्र जमा नहीं करा पाएंगे, वे 31 जुलाई से 30 अगस्त के बीच आवश्यक दस्तावेजों के साथ फार्म-6 भरकर अपना नाम पुनः मतदाता सूची में शामिल कराने के लिए आवेदन कर सकेंगे।

  • हरियाणा सरकार का बड़ा फैसला, 15 हजार क्लर्कों की बेसिक सैलरी में शामिल होगा इंक्रीमेंट

    हरियाणा सरकार का बड़ा फैसला, 15 हजार क्लर्कों की बेसिक सैलरी में शामिल होगा इंक्रीमेंट

    चंडीगढ़.

    हरियाणा में लिपिकों (क्लर्क) को मिलने वाली अतिरिक्त वेतन वृद्धि का लाभ उनके बेसिक वेतनमान में शामिल किया जाएगा। भविष्य में सभी वित्तीय एवं सेवा लाभ बढ़े हुए वेतनमान के आधार पर मिलेंगे।

    वित्त विभाग ने क्लेरिकल एसोसिएशन वेलफेयर सोसायटी की आपत्तियों को दूर करते हुए स्थिति स्पष्ट कर दी है। 15 हजार लिपिकों को राहत देते हुए सरकार ने साफ किया है कि अतिरिक्त वेतनवृद्धि लिपिकों की बेसिक-पे का स्थायी हिस्सा होंगे। इसके साथ ही लिपिकों, वरिष्ठ लिपिकों, सहायक सहित अन्य संबंधित कर्मचारियों के वेतन निर्धारण, एसीपी (एश्योर्ड करियर प्रमोशन), पदोन्नति, पेंशन और अन्य लाभों को लेकर चल रही अधिकतर शंकाएं खत्म हो गई हैं।

    वरिष्ठ लिपिकों को मिलने वाली तीन अतिरिक्त वेतन वृद्धि और वर्ष 2020 बैच के लिपिकों को मिलने वाली दो अतिरिक्त वेतन वृद्धि उनके मौजूदा बेसिक वेतनमान में स्थायी रूप से शामिल की जाएगी। बढ़े हुए बेसिक वेतनमान के आधार पर ही उन्हें महंगाई भत्ता, मकान किराया भत्ता, वार्षिक वेतन वृद्धि, छुट्टियों का भुगतान (लीव एनकैशमेंट), पदोन्नति पर वेतन निर्धारण, एसीपी (एश्योर्ड करियर प्रमोशन), पेंशन और सेवानिवृत्ति लाभ मिलेंगे। अतिरिक्त वेतनवृद्धि मिलने के बावजूद उनकी वार्षिक वेतन वृद्धि की तिथि में कोई बदलाव नहीं होगा। अगली वेतन वृद्धि निर्धारित तिथि पर ही जारी होगी।

    वित्त विभाग ने स्पष्ट किया है कि अतिरिक्त वेतन वृद्धि का लाभ आठ फरवरी 2024 से प्रभावी माना जाएगा। जिन कर्मचारियों पर यह आदेश लागू होता है, उन्हें उसी तिथि से संशोधित लाभ प्रदान किया जाएगा। यदि किसी लिपिक को अतिरिक्त वेतन वृद्धि मिलने के बाद सहायक पद पर पदोन्नति मिल चुकी है, तब भी संशोधित आदेश के अनुसार उसे पूरा लाभ मिलेगा। ऐसे मामलों में हरियाणा सिविल सेवा (वेतन) नियम, 2016 के तहत वेतन का पुनर्निर्धारण किया जाएगा। यदि अतिरिक्त वेतन वृद्धि के कारण किसी जूनियर कर्मचारी का वेतन वरिष्ठ कर्मचारी से अधिक हो जाता है, तो ऐसे मामलों का निस्तारण वित्त विभाग प्रत्येक कर्मचारी के सेवा रिकार्ड और तथ्यों के आधार पर अलग-अलग करेगा।

    विभागीय टाइप टेस्ट या एसईटीसी पास नहीं करने वाले लिपिक भी संशोधित आदेश के तहत दो या तीन अतिरिक्त वेतन वृद्धि के पात्र होंगे। यदि कोई चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी एसईटीसी पास किए बिना लिपिक पद पर पदोन्नत हुआ है, तो उसे भी अतिरिक्त वेतन वृद्धि का लाभ मिलेगा।

  • हरियाणा सरकार का बड़ा कदम, हेली एंबुलेंस नेटवर्क होगा मजबूत, इमरजेंसी मरीजों को मिलेगी तत्काल एयरलिफ्ट सुविधा

    हरियाणा सरकार का बड़ा कदम, हेली एंबुलेंस नेटवर्क होगा मजबूत, इमरजेंसी मरीजों को मिलेगी तत्काल एयरलिफ्ट सुविधा

    चंडीगढ़.

    हरियाणा सरकार ने प्रदेश में हेली एंबुलेंस सेवाओं का दायरा बढ़ाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। राज्य में मेडिकल, पर्यटन और सार्वजनिक परिवहन के लिए हेलीकाप्टर सेवाओं को मजबूत करने के उद्देश्य से फरीदाबाद, करनाल, सोनीपत, गुरुग्राम और रोहतक स्थित मेडिकल कॉलेजों के निकट बने हेलीपैडों के अपग्रेडेशन की योजना पर काम तेज किया जाएगा।

    इस संबंध में हरियाणा एयरपोर्ट्स डेवलपमेंट कार्पोरेशन लिमिटेड (एचएडीसीएल) की बोर्ड आफ डायरेक्टर्स की आठवीं बैठक में विस्तृत चर्चा हुई। हरियाणा के नागरिक उड्डयन मंत्री एवं हरियाणा एयरपोर्ट्स डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन के अध्यक्ष विपुल गोयल की अध्यक्षता में आयोजित बैठक में नागरिक उड्डयन अवसंरचना के विकास, एयर एंबुलेंस सेवाओं के विस्तार, वित्तीय प्रबंधन और प्रशासनिक प्रक्रियाओं को अधिक प्रभावी बनाने से जुड़े कई महत्वपूर्ण प्रस्तावों को मंजूरी दी गई। बैठक में स्वास्थ्य विभाग और विभिन्न अस्पतालों के साथ बेहतर समन्वय स्थापित कर आपातकालीन चिकित्सा सेवाओं को तेज और अधिक सुलभ बनाने पर विशेष जोर दिया गया। इसके तहत प्रमुख मेडिकल कॉलेजों के हेलीपैडों को आधुनिक सुविधाओं से लैस करने की योजनाओं की समीक्षा की गई, ताकि जरूरत पड़ने पर मरीजों को हवाई मार्ग से शीघ्र उपचार उपलब्ध कराया जा सके। बैठक के दौरान मंत्री विपुल गोयल ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि प्रदेश में चल रही सभी नागरिक उड्डयन परियोजनाओं को निर्धारित समय सीमा के भीतर और उच्च गुणवत्ता मानकों के अनुरूप पूरा किया जाए।

    उन्होंने कहा कि मजबूत उड्डयन अवसंरचना से न केवल निवेश और पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा, बल्कि रोजगार के नए अवसर भी सृजित होंगे और प्रदेश की आपातकालीन सेवाएं भी अधिक सक्षम बनेंगी। कैबिनेट मंत्री ने कहा कि हरियाणा सरकार नागरिक उड्डयन क्षेत्र को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए प्रदेश में आधुनिक, सुरक्षित और विश्वस्तरीय एयरपोर्ट सुविधाओं के विकास के लिए निरंतर कार्य कर रही है। मजबूत हवाई संपर्क केवल आवागमन का माध्यम नहीं, बल्कि उद्योग, व्यापार, निवेश, पर्यटन और रोजगार को नई गति देने का आधार है। सरकार का उद्देश्य प्रदेश में एयरपोर्ट अवसंरचना का सुदृढ़ विस्तार कर हरियाणा को नागरिक उड्डयन के क्षेत्र में देश के अग्रणी राज्यों की श्रेणी में स्थापित करना है।

  • हरियाणा TET Result Update: जल्द जारी होगा परिणाम, गलत प्रश्नों के बदले मिलेंगे ग्रेस मार्क्स

    हरियाणा TET Result Update: जल्द जारी होगा परिणाम, गलत प्रश्नों के बदले मिलेंगे ग्रेस मार्क्स

    भिवानी.

    हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड ने हरियाणा अध्यापक पात्रता परीक्षा का परिणाम तैयार कर लिया है। प्रश्न पत्रों और आंसर-की पर आई करीब 18 हजार आपत्तियों पर भी बोर्ड के विशेषज्ञों ने अपनी राय दे दी है।
    जिसके अनुसार सभी लेवल के प्रश्न पत्रों के कुछ-कुछ प्रश्नों और विकल्पों में खामियां मिली है। जिनकी बदले अभ्यर्थियों को ग्रेस अंक दिए जाएंगे।

    खामियां इतनी भी नहीं मिली है कि री-एग्जाम की नौबत आए। ऐसे में री-एग्जाम की संभावनाओं पर विराम लग गया है। हालांकि बोर्ड के अधिकारी अभी विशेषज्ञों की राय के आधार पर भी प्रश्न और उनके विकल्पों की जांच कर रहे है। सभी औपचारिकताएं पूरी करने के बाद उम्मीद है कि इस माह के अंतिम सप्ताह में परिणाम घोषित कर दिया जाए।

    सीसीटीवी की निगरानी में हुई थी परीक्षा
    हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड की ओर से पांच व छह जुलाई को हरियाणा अध्यापक पात्रता परीक्षा-2025 करवाई गई थी। सुरक्षा के कड़े पहरे और सीसीटीवी की निगरानी में करीब 1,92,226 अभ्यर्थियों ने परीक्षा दी थी जबकि 17.60 प्रतिशत यानी 41068 अनुपस्थित रहे थे। परीक्षा के बाद प्रश्न पत्रों की खामियों के कारण काफी सवाल उठे। कई जगह प्रश्न पत्र मिस प्रिंटिंग की शिकायत आई। हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड की ओर से छह जुलाई को ही प्रोविजनल आंसर-की जारी करते हुए प्रश्नों और आंसर-की पर आपत्तियां मांगी।

    करीब 18 हजार प्रश्नों और आंसर-की पर अभ्यर्थियों ने आपत्तियां दर्ज करवाई। कई अभ्यर्थी तो ऐसे रहे जिन्होंने 15 से 20 सवालों, आंसर-की पर सवाल उठाते हुए आपत्ति दर्ज करवाई। सभी आपत्तियों को बोर्ड विशेषज्ञों के समक्ष रखा गया। पिछले 10 दिन के दौरान विशेषज्ञों ने अभ्यर्थियों की आपत्तियों का बारीकी से मंथन किया और अब अपनी रिपोर्ट तैयार कर बोर्ड अधिकारियों को सौंप दी है। एक्सपर्ट ने भी माना है कि कुछ प्रश्न अधूरे थे तो कुछ विकल्प एक से ज्यादा सहीं थे। जिस कारण अब बोर्ड ने परीक्षार्थियों को लेवल व कोड अनुसार प्रश्न पत्रों में मिली खामियों के आधार पर मूल्यांकन करते हुए ग्रेस अंक दिए है।

    री-एग्जाम की नहीं आई नौबत
    हरियाणा अध्यापक पात्रता परीक्षा के प्रश्नों और आंसर-की पर आई करीब 18 हजार आपत्तियों, मिस प्रिंटिंग, प्रश्न पूरे प्रिंट नहीं होने जैसी शिकायतों के बाद चर्चाएं थी कि कुछ अभ्यार्थियों का री-एग्जाम हो सकता है। मगर विशेषज्ञों की राय के बाद इसकी संभावनाएं खत्म हो गई है। बोर्ड अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि री-एग्जाम की जरूरत नहीं है। चेयरमैन मुनीश शर्मा ने कहा कि हरियाणा अध्यापक पात्रता परीक्षा का परिणाम तैयार है। कुछ औपचारिकताएं है, जिन्हें पूरा किया जा रहा है। अभ्यार्थियों की विभिन्न प्रश्नों और आंसर-की पर आई आपत्तियों पर विशेषज्ञों ने अपनी राय दे दी है। जिसके आधार पर ही मूल्यांकन किया गया है। अधूरे और मिस प्रिंट प्रश्नों के बदले अभ्यर्थियों को ग्रेस अंक दिए जाएंगे। ये लेवल और कोड अनुसार अलग-अलग है।

    हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड के चेयरमैन शंकर लाल धूपड़ ने कहा कि अध्यापक पात्रता परीक्षा के दौरान प्रश्न पत्रों के 34 सैट बनाए गए थे तथा प्रति सैट लगभग 20 प्रश्नों पर अभ्यार्थियों ने आपत्तियां उनके पास भेजी है। जबकि एचसीएस परीक्षाओं के दौरान 100 प्रश्नों पर 33 आब्जेक्शन थे। एक्सपर्ट कमेटी की राय के आधार पर ही आब्जेशन रिमूव कर अभ्यर्थियों का मूल्यांकन किया है। जल्द ही परिणाम घोषित किया जाएगा।

  • पीएम-सेतु योजना से हरियाणा में कौशल विकास और रोजगार को मिलेगी नई गति

    पीएम-सेतु योजना से हरियाणा में कौशल विकास और रोजगार को मिलेगी नई गति

    चंडीगढ़
     हरियाणा सरकार ने प्रधानमंत्री स्किल एंड इंप्लायबिलिटी ट्रांसफार्मेशन थ्रू अपग्रेडेड आइटीआइ (पीएम-सेतु) योजना के तहत राज्य में कौशल विकास को नई गति देने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। योजना के अंतर्गत राज्य के 12 हब-एंड-स्पोक क्लस्टरों में 60 औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों (आइटीआइ) का उन्नयन किया जाएगा। इस पर 2892 करोड़ रुपये की लागत आएगी।

    मुख्य सचिव अनुराग रस्तोगी की अध्यक्षता में सोमवार को पीएम-सेतु योजना की राज्य स्तरीय संचालन समिति (स्टीयरिंग कमेटी) की पहली बैठक हुई। इसमें बताया गया कि प्रस्तावित 12 क्लस्टरों में से कुरुक्षेत्र, कलायत (कैथल), पलवल, छारा (झज्जर), सोनीपत, मतलौडा (पानीपत) तथा बेरली कलां (रेवाड़ी) सहित सात क्लस्टरों की पहचान कर ली गई है। इनमें से कुरुक्षेत्र, पलवल, छारा, कलायत और सोनीपत क्लस्टरों के लिए रिक्वेस्ट फार प्रपोजल (आरएफपी) भी जारी किए जा चुके हैं।

    युवा सशक्तीकरण एवं उद्यमिता विभाग के प्रधान सचिव राजीव रंजन ने बताया कि प्रत्येक क्लस्टर में एक हब आइटीआइ होगा, जिसके साथ औसतन चार स्पोक आइटीआइ जुड़े होंगे। इन संस्थानों में आधुनिक एवं नए पाठ्यक्रम, प्रशिक्षकों का प्रशिक्षण, प्लेसमेंट सेवाएं तथा उत्पादन इकाइयां विकसित की जाएंगी।

    राज्य के तीन क्लस्टरों को वर्ष 2026-27 में संचालित करने का लक्ष्य रखा गया है। कुरुक्षेत्र एवं कैथल क्लस्टरों के लिए, जिनमें राजकीय आइटीआइ कुरुक्षेत्र के साथ पांच तथा राजकीय आइटीआइ कलायत के साथ चार स्पोक संस्थान जुड़े हैं और जिनकी संयुक्त छात्र क्षमता 4,800 से अधिक है, जिंदल नवीन अवसार लिमिटेड के नेतृत्व वाले कंसोर्टियम तथा उसकी सामाजिक भागीदार जिंदल फाउंडेशन ने 520 करोड़ रुपये से अधिक की पांच वर्षीय रणनीतिक निवेश योजना प्रस्तुत की है। इस योजना का वित्तपोषण केंद्र सरकार, राज्य सरकार तथा उद्योग साझेदार द्वारा संयुक्त रूप से किया जाएगा।

    राज्य संचालन समिति द्वारा अनुमोदित इन रणनीतिक निवेश योजनाओं को अंतिम स्वीकृति के लिए राष्ट्रीय संचालन समिति को भेजा जाएगा, जहां प्रत्येक क्लस्टर के लिए बजट का अंतिम निर्धारण किया जाएगा।

    मुख्य सचिव अनुराग रस्तोगी ने विभाग को निर्देश दिए कि शेष क्लस्टरों का चयन शीघ्र किया जाए तथा उनके लिए आरएफपी प्रक्रिया समयबद्ध ढंग से पूरी की जाए, ताकि योजना के क्रियान्वयन में कोई विलंब न हो।

     

  • हरियाणा सरकार का बड़ा फैसला, 60 आईटीआई में आधुनिक सुविधाओं से मजबूत होगी तकनीकी शिक्षा

    हरियाणा सरकार का बड़ा फैसला, 60 आईटीआई में आधुनिक सुविधाओं से मजबूत होगी तकनीकी शिक्षा

    चंडीगढ़.

    हरियाणा सरकार ने प्रधानमंत्री स्किल एंड इंप्लायबिलिटी ट्रांसफार्मेशन थ्रू अपग्रेडेड आइटीआइ (पीएम-सेतु) योजना के तहत राज्य में कौशल विकास को नई गति देने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। योजना के अंतर्गत राज्य के 12 हब-एंड-स्पोक क्लस्टरों में 60 औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों (आइटीआइ) का उन्नयन किया जाएगा। इस पर 2892 करोड़ रुपये की लागत आएगी।

    मुख्य सचिव अनुराग रस्तोगी की अध्यक्षता में सोमवार को पीएम-सेतु योजना की राज्य स्तरीय संचालन समिति (स्टीयरिंग कमेटी) की पहली बैठक हुई। इसमें बताया गया कि प्रस्तावित 12 क्लस्टरों में से कुरुक्षेत्र, कलायत (कैथल), पलवल, छारा (झज्जर), सोनीपत, मतलौडा (पानीपत) तथा बेरली कलां (रेवाड़ी) सहित सात क्लस्टरों की पहचान कर ली गई है। इनमें से कुरुक्षेत्र, पलवल, छारा, कलायत और सोनीपत क्लस्टरों के लिए रिक्वेस्ट फार प्रपोजल (आरएफपी) भी जारी किए जा चुके हैं।

    युवा सशक्तीकरण एवं उद्यमिता विभाग के प्रधान सचिव राजीव रंजन ने बताया कि प्रत्येक क्लस्टर में एक हब आइटीआइ होगा, जिसके साथ औसतन चार स्पोक आइटीआइ जुड़े होंगे। इन संस्थानों में आधुनिक एवं नए पाठ्यक्रम, प्रशिक्षकों का प्रशिक्षण, प्लेसमेंट सेवाएं तथा उत्पादन इकाइयां विकसित की जाएंगी। राज्य के तीन क्लस्टरों को वर्ष 2026-27 में संचालित करने का लक्ष्य रखा गया है। कुरुक्षेत्र एवं कैथल क्लस्टरों के लिए, जिनमें राजकीय आइटीआइ कुरुक्षेत्र के साथ पांच तथा राजकीय आइटीआइ कलायत के साथ चार स्पोक संस्थान जुड़े हैं और जिनकी संयुक्त छात्र क्षमता 4,800 से अधिक है, जिंदल नवीन अवसार लिमिटेड के नेतृत्व वाले कंसोर्टियम तथा उसकी सामाजिक भागीदार जिंदल फाउंडेशन ने 520 करोड़ रुपये से अधिक की पांच वर्षीय रणनीतिक निवेश योजना प्रस्तुत की है।

    इस योजना का वित्तपोषण केंद्र सरकार, राज्य सरकार तथा उद्योग साझेदार द्वारा संयुक्त रूप से किया जाएगा। राज्य संचालन समिति द्वारा अनुमोदित इन रणनीतिक निवेश योजनाओं को अंतिम स्वीकृति के लिए राष्ट्रीय संचालन समिति को भेजा जाएगा, जहां प्रत्येक क्लस्टर के लिए बजट का अंतिम निर्धारण किया जाएगा। मुख्य सचिव अनुराग रस्तोगी ने विभाग को निर्देश दिए कि शेष क्लस्टरों का चयन शीघ्र किया जाए तथा उनके लिए आरएफपी प्रक्रिया समयबद्ध ढंग से पूरी की जाए, ताकि योजना के क्रियान्वयन में कोई विलंब न हो।

  • भारत की पहली हाइड्रोजन ट्रेन का पहला सफर रहा आरामदायक और यादगार

    भारत की पहली हाइड्रोजन ट्रेन का पहला सफर रहा आरामदायक और यादगार

    सोनीपत
    देश की पहली हाइड्रोजन ट्रेन के नियमित संचालन के पहले दिन यात्रियों को सफर का बिल्कुल अलग अनुभव मिला। ट्रेन रविवार सुबह जींद से रवाना होकर 8:52 बजे गोहाना रेलवे स्टेशन पहुंची। यह अपने निर्धारित समय से चार मिनट देरी से थी।

    कुछ मिनट के ठहराव के बाद ट्रेन सोनीपत के लिए रवाना हुई और सुबह 9:41 बजे अंतिम स्टेशन सोनीपत पहुंच गई, जो केवल एक मिनट लेट रही। ट्रेन में पहले दिन जींद से सोनीपत तक लगभग 84 यात्रियों ने बच्चों के साथ सफर किया, जबकि इसकी कुल क्षमता करीब 2600 यात्रियों की है।

    आरामदायक रहा सफर
    यात्रियों की संख्या कम रही लेकिन सफर करने वाले लोगों ने आधुनिक तकनीक और आरामदायक यात्रा की जमकर सराहना की। यात्रियों ने दैनिक जागरण को कम झटके, कम शोर, आटो लाक वाले दरवाजे, आरामदायक सीटें व गर्मी में हवा की व्यवस्था को जमकर सराहा।

    ट्रेन जैसे ही गोहाना स्टेशन से रवाना हुई यात्रियों ने सबसे पहले उसके शांत संचालन को महसूस किया। डीजल इंजन जैसी तेज आवाज और कंपन लगभग बहुत कम थे। ट्रेन धीरे-धीरे और सहज तरीके से रफ्तार पकड़ती रही।

    चलने और रुकने के दौरान पारंपरिक ट्रेनों की तुलना में झटके काफी कम महसूस हुए। इसका मुख्य कारण आधुनिक डिब्बों में सेंटर बफर कपलर का हाईटेक सिस्टम बताया गया है। डीजल ट्रेनों की तरफ इस ट्रेन में धुआं नजर नहीं आया बल्कि इंजन से जलवाष्प निकलता नजर आया।

    सफर के दौरान बच्चों, किशारों, युवाओं और बुजुर्गाें ने मोबाइल से फोटो और वीडियो बनाए। युवाओं, बच्चों और किशाेरों ने सफर के दौरान अलग-अलग अंदाज में सेल्फी भी लीं। ट्रेन में सफाई, मोबाइल चार्जर प्वाइंट और सामान रखने की व्यवस्था को सभी ने सराहा।

    हाइड्रोजन ट्रेन में वेस्टर्न स्टाइल टॉयलेट
    सामान्य ट्रेनों के शौचालयों में देसी सीट लगी होती है, लेकिन कम दूरी की लोकल हाइड्रोजन ट्रेन में वेस्टर्न स्टाइल की सीटें लगाई गईं हैं जो मुख्य रूप से एसी कोच और अन्य ट्रेनों में होती हैं।

    यह ट्रेन सोनीपत से सुबह 10:40 बजे निर्धारित समय से सात मिनट की देरी से रवाना हुई और गोहाना स्टेशन पर नौ मिनट की देरी से 11:38 बजे पहुंची। सोनीपत से गोहाना के लिए 78 यात्री और कई बच्चे सवार हुए।

    गोहाना स्टेशन पर लगभग 30 यात्री ट्रेन से उतरे और दूसरे लोगों से अनुभव साझा किया। कई लोग केवल इस आधुनिक ट्रेन में यात्रा करने और इसकी तकनीक को करीब से देखने के लिए पहुंचे। रविवार को छुट्टी के चलते ट्रेन में कम लोग सफर करने के लिए पहुंचे लेकिन सोमवार से संख्या बढ़ सकती है।

    क्या बोले लोग
    मैंने पहले कई बार जींद से सोनीपत और दूसरी जगह कई ट्रेनों में यात्रा की है, लेकिन यह अनुभव अलग रहा। जब ट्रेन चली तो कोई तेज आवाज या झटका महसूस नहीं हुआ। खिड़की से बाहर देखा तो पता चला कि ट्रेन अच्छी रफ्तार से आगे बढ़ चुकी है।

    सतपाल ढांढा, जींद
    मुझे कोई काम नहीं था, लेकिन देश की पहली हाइड्रोजन ट्रेन में सफर करने के लिए घर से निकला। जींद से सोनीपत तक सफर किया और लोकल ट्रेन से इसमें अलग अनुभव रहा। सीटें आरामदायक हैं, जिससे सफर आसान बना और शौचालय एसी कोच जैसे हैं।
    कृष्ण यादव, सफीदों

    उम्र बढ़ने के साथ यात्राओं में झटकों और कंपन से परेशानी होती है, लेकिन इस ट्रेन में ऐसा बिल्कुल महसूस नहीं हुआ। भविष्य में इस तरह की ट्रेनें अन्य रूटों पर भी चलेंगी तो बुजुर्ग यात्रियों के लिए यात्रा और अधिक सुविधाजनक हो जाएगी।
    वीरेंद्र गोयल, जींद

    मेरे साथ मेरी पोती, पोता व पत्नी सफर कर रहे हैं। दोनों बच्चे पूरे रास्ते ट्रेन को लेकर उत्साहित रहे। बच्चों ने सीटों पर बैठकर बाहर के दृश्य देखे और लगातार फोटो खींचे व वीडियो बनाते रहे। सामान्य ट्रेनों की तुलना में इस ट्रेन में सफर अधिक आरामदायक लगा और बच्चों को भी यात्रा के दौरान किसी तरह की परेशानी नहीं हुई।
    महासिंह और संतोष, गोहाना

    मैंने ट्रेनों में 35 साल तक सफर किया है। पाेतों और पोतियों को नई हाइड्रोजन ट्रेन में सफर का अनुभव कराने के लिए उनको साथ लेकर आया हूं। वंशिका, वैदिक, सीनू, सानवी व स्नाया ने खूब मस्ती करते हुए जींद से सोनीपत और सोनीपत से जींद तक सफर किया।
    राजपाल, जींद

    हम दोनों सोनीपत में पढ़ती हैं। रविवार को छुट्टी को जींद घर जाने की इच्छा हुई। स्टेशन पर पहुंची तो पता चला कि हाइड्रोजन ट्रेन जींद जाने के लिए तैयार है। टिकट लिया और इसमें सवार हुईं। शांत व आरामदायक सफर का अहसास हुआ और इस ट्रेन में सफर करने पर अच्छा भी लगा।
    प्रियंका व मुन्ना, जींद

    इस ट्रेन में सफर करने के लिए परिवार के साथ आई हूं। अखबारों व दूसरे इंटरनेट मीडिया प्लेटफार्म पर हाइड्रोजन ट्रेन के बारे में काफी रील देखी थी, लेकिन वास्तविक अनुभव उससे भी बेहतर निकला। ट्रेन का अंदरूनी माहौल शांत रहा और पूरे सफर के दौरान कहीं भी तेज कंपन महसूस नहीं हुआ।
    खुशबू, जींद

    अभी यह सुधार की जरूरत
    – एमरजेंसी टाक सिस्टम लगा है, लेकिन ठीक से काम नहीं कर रहा है
    – यात्रियों को इसके उपयोग के प्रशिक्षण देने की जरूरत
    – दरवाजों के पास सुरक्षा के पर्याप्त उपाय नहीं हैं
    – शुभारंभ के दिन ट्रेन में काफी पुलिसकर्मी सवार थे जो रविवार को नजर नहीं आए
    – एक जगह ऐसा है जहां एक से दूसरी बोगी में जाने पर बीच में पैड सिस्टम ठीक नहीं है

     

  • झज्जर में बछड़ा बचाने गए चार लोग कुएं में गिरे, तीन की जान गई

    झज्जर में बछड़ा बचाने गए चार लोग कुएं में गिरे, तीन की जान गई

    झज्जर
    गांव मुनीमपुर के बीचों-बीच स्थित करीब 150 साल पुराने कुएं में रविवार रात गिरे एक बछड़े को बचाने के प्रयास में चार लोगों की मौत हो गई। हादसे के बाद ग्रामीण नाराज हैं। डीसी और एडीसी गांव में पंचायत के बीच पहुंचे है, एसडीएम पहले से मौके पर है। भारी संख्या में पुलिस बल मौके पर मौजूद है।

    मृतकों में दो स्थानीय ग्रामीण और एक बिहार का श्रमिक शामिल है। 50 साल से बंद पड़े पियाऊ वाले इस कुएं में बछड़े सहित कुल चार जिंदगियां खत्म हो गईं। इस हृदयविदारक हादसे के बाद पूरे गांव में मातम पसरा हुआ है और तनाव की स्थिति बनी हुई है।

    मृतकों की पहचान मुनीमपुर निवासी दलबीर पुत्र फूल सिंह, मोनू पुत्र राजबीर और बिहार के श्रमिक रामू पुत्र रामदुलारे के रूप में हुई है। वहीं, कुएं में उतरे नरेंद्र पुत्र सत्यवान की हालत गंभीर है और उनका अस्पताल में इलाज चल रहा है।

    हादसे का घटनाक्रम और मौत के कारण पर सवाल
    जानकारी के अनुसार, घटना रविवार रात करीब 8:30 से 9:00 बजे के बीच की है। गांव की चौपाल और मंदिर के साथ लगते इस कुएं से कुछ ही दूरी पर दलबीर, नरेंद्र, मोनू और रामू बैठकर हुक्का पी रहे थे। इसी दौरान एक भागता हुआ बछड़ा अचानक कुएं में जा गिरा

    यह देखते ही चारों लोग बछड़े को बचाने के लिए कुएं की ओर दौड़े और एक के बाद एक कुएं में उतरते चले गए। अब हादसे में सबसे बड़ा सवाल यही बना हुआ है कि आखिर यह

    दर्दनाक हादसा किस वजह से हुआ?
    क्या कुएं में पानी बहुत अधिक गहरा था जिसमें डूबने से मौत हुई, या फिर 50 साल से बंद होने के कारण कुएं के अंदर कोई जहरीली गैस बन चुकी थी, जिसने उन्हें संभलने का मौका ही नहीं दिया? मौत का सटीक कारण फिलहाल पुलिस जांच और पोस्टमार्टम रिपोर्ट का विषय बना हुआ है।

    रोशनी के लिए ट्रैक्टर किए गए चालू, दो घंटे चला रेस्क्यू
    हादसे की सूचना मिलते ही गांव में हड़कंप मच गया और तुरंत बचाव कार्य शुरू किया गया। रात के अंधेरे में रेस्क्यू आपरेशन चलाने के लिए गांव वालों ने कई ट्रैक्टर चालू करके रोशनी का प्रबंध किया। हालात को देखते हुए फायर ब्रिगेड की दो गाड़ियां भी घटनास्थल पर पहुंच गईं।

    कुएं की स्थिति ऐसी थी कि बिना मुंडेर तोड़े बचाव कार्य संभव नहीं था, इसलिए जेसीबी की मदद ली गई। जेसीबी से कुएं की मुंडेर को तोड़ने के बाद, करीब दो घंटे की कड़ी मशक्कत से कुएं में उतरे चारों लोगों को बाहर निकाला गया। इनमें से तीन दम तोड़ चुके थे, जबकि नरेंद्र को गंभीर हालत में तुरंत अस्पताल भेजा गया।

    विधायक और पुलिस आयुक्त ने लिया जायजा
    घटना की सूचना पाकर बादली से विधायक कुलदीप वत्स तुरंत मौके पर पहुंचे और बचाव कार्य पूरा होने तक गांव में ही मौजूद रहे। वहीं, रात करीब 12 बजे पुलिस आयुक्त डा. राजश्री सिंह भी पुलिस टीम के साथ घटनास्थल पर पहुंचीं और स्थिति का जायजा लिया।

    मौके पर पहुंचने से पहले उन्होंने अस्पताल जाकर भी पूरी जानकारी जुटाई थी। फिलहाल, पुलिस टीम ने तीनों शवों को अपने कब्जे में लेकर अस्पताल के शवगृह में भिजवा दिया है। एक साथ तीन लोगों की मौत से गांव में गहरा शोक है।