Category: हरियाणा

  • हरियाणा में 687 गैर-मान्यता प्राप्त स्कूलों में एडमिशन पर रोक, अभिभावकों के लिए अहम अपडेट

    हरियाणा में 687 गैर-मान्यता प्राप्त स्कूलों में एडमिशन पर रोक, अभिभावकों के लिए अहम अपडेट

    हिसार.

    आरटीई (शिक्षा का अधिकार) के तहत सीटें न दिखाने वाले निजी स्कूलों पर शिक्षा निदेशालय की टेढ़ी नजर है। इस कड़ी में शिक्षा निदेशालय ने 22 जिलों के अंदर सर्वे कर 687 स्कूलों की पहचान की है, जोकि 3 साल से उच्च अधिकारियों की आंखों में धूल झोंककर शिक्षा के नाम पर दुकानें चला रहे थे।

    सर्वे रिपोर्ट में उजागर हुआ है कि 687 स्कूलों के पास न मान्यता से संबंधित दस्तावेज मिले और न ही विशेष समयाविधि तक दाखिले करने के अधिकार से कोई संबंधित दस्तावेज मिले। जिस पर निदेशालय ने उपरोक्त स्कूलों से दाखिले की शक्ति छीनने का फैसला लिया है। साथ ही सभी उपायुक्त को भी पत्र जारी करने का फैसला लिया है, जोकि गैर-मान्यता प्राप्त निजी स्कूलों पर आगामी कार्रवाई करेंगे।

    413 निजी स्कूलों ने दिखाई 3 हजार सीटें
    प्रदेश में 1100 स्कूलों को सर्च किया था। जिनके पास मान्यता से संबंधित दस्तावेज नहीं मिले थे। सरकार ने स्कूलों को दस्तावेज पूरे करने का समय दिया। जिस पर प्रदेश में 413 निजी स्कूलों ने मान्यता से संबंधित दस्तावेज पूरे कर दिया। साथ ही आरटीई के तहत 3 हजार सीटें भी दिखाई। जिसके बाद सरकार ने शेष 600 से अधिक स्कूलों पर कार्रवाई करने के आदेश जारी कर दिए है। सरकार ने इस बार एक किलोमीटर का दायरा ही रखा है। जिसके दायरे में विद्यार्थी निजी स्कूल में उपरोक्त योजना के तहत आवेदन कर सकेगा। 6 जुलाई तक विद्यार्थी आवेदन कर सकेंगे। इसके लिए हेल्पलाइन नंबर 0172-5049801 भी जारी कर दिया है। किसी तरह की कोई शिकायत हो तो अभिभावक उपरोक्त हेल्पलाइन नंबर पर दर्ज करवा सकता है।

    समस्या की ये सुनवाई करेगी कमेटी

    • पहले अभिभावक खंड स्तर पर गठित कमेटी में अपनी शिकायत रख सकते हैं।
    • जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी व डिप्टी जिला शिक्षा अधिकारी पर अपील लगा सकते हैं
    • इसके बाद भी समस्या का निदान नहीं हुआ तो संयुक्त निदेशक प्रशासनिक शाखा के पास शिकायत रख सकते हैं

    पंचकूला के मौलिक शिक्षा निदेशक मनिता मलिक ने कहा कि हमने प्रदेश के 687 निजी स्कूलों को जांचा है, जिनके पास मान्यता से संबंधित एक भी दस्तावेज नहीं मिले। समय देने पर संतोषजनक जवाब नहीं दे पाए है। जिसके बाद अब एमआइएस पोर्टल बंद कर दिया जाएगा। साथ ही डीसी को भी स्पष्ट कहा जाएगा कि वे गैर मान्यता प्राप्त निजी स्कूलों पर कार्रवाई करें।

  • मानसून ने दी राहत की दस्तक, हरियाणा के 20 जिलों में बारिश का अलर्ट जारी

    मानसून ने दी राहत की दस्तक, हरियाणा के 20 जिलों में बारिश का अलर्ट जारी

    हिसार
    हरियाणा में मानसून की एंट्री हो गई है। इस बार मानसून यमुनानगर, अंबाला और पंचकूला की तरफ से आया है। मौसम विज्ञानियों ने पहले ही 48 घंटे में मानसून के आने का अलर्ट जारी किया था।

    अब मानसून के पूरे प्रदेश में जल्द से जल्द छाने की संभावना व्यक्त की जा रही है। मौसम में बदलाव के साथ ही प्रदेश के तीन जिलों को छोड़ कर बाकी जगह पर प्री-मानूसन की वर्षा हुई। प्रदेश के 10 जिलों में वर्षा के साथ ही वीरवार को 20 जिलों में वर्षा का यलो अलर्ट जारी किया गया है।

    भारत मौसम विज्ञान विभाग के अनुसार मानसून के 48 घंटे में एंट्री की संभावना व्यक्त की गई थी। मानसून की गति तेज होने के साथ ही इसकी हरियाणा में एंट्री यमुनानगर की तरफ से हुई।

    मानसून के साथ ही पहले दिन 23 एमएम यमुनानगर में वर्षा हुई। आइएमडी के विज्ञानियों की तरफ से इस साल वर्षा सामान्य से कम जताई जा रही है। अभी तक भी हरियाणा में सामान्य से 47 प्रतिशत कम वर्षा हुई है। विज्ञानियों के अनुसार मानसून आने वाले दिनों में जल्द ही पूरे हरियाणा में छा जाएगा।

    मानसून के दौरान 2025 में 134 प्रतिशत हुई थी वर्षा
    2025 में मानसून के दौरान 134 प्रतिशत वर्षा हुई थी। यह सामान्य से अधिक थी। जुलाई 2025 में ही यह वर्षा 173.7 एमएम थी। यह सामान्य से 17 प्रतिशत अधिक वर्षा हुई थी।
    वर्षा का यलो अलर्ट

    पंचकूला, अंबाला, यमुनानगर, कुरुक्षेत्र, करनाल, कैथल, जींद, पानीपत, हिसार, भिवानी, सोनीपत, रोहतक, चरखी दादरी, झज्जर, महेंद्रगढ़, रेवाड़ी, गुरुग्राम, फरीदाबाद, मेवात व पलवल।

     

  • हरियाणा सरकार की नई पहल, रोहतक में पहली बार होगा राज्य स्तरीय फिल्म फेस्टिवल

    हरियाणा सरकार की नई पहल, रोहतक में पहली बार होगा राज्य स्तरीय फिल्म फेस्टिवल

    चंडीगढ़.

    मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के नेतृत्व में प्रदेश सरकार प्रदेश को फिल्म, संस्कृति और रचनात्मक क्षेत्रों का सशक्त केंद्र बनाने की दिशा में कार्यरत है। इसी कड़ी में राज्य में पहली बार हरियाणा फिल्म फेस्टिवल-2026 का आयोजन 12 से 15 नवंबर तक किया जाएगा।

    फिल्म फेस्टिवल का केंद्र बिंदु दादा लख्मी चंद राज्य प्रदर्शन एवं दृश्य कला विश्वविद्यालय सुपवा (रोहतक) रहेगा, हालांकि इसे अलग-अलग स्थानों पर भी आयोजित करने की योजना है। मुख्यमंत्री ने अपने बजट भाषण में हरियाणा फिल्म फेस्टिवल-2026 के आयोजन की घोषणा की थी। इसी संदर्भ में मंगलवार को फेस्टिवल की तैयारियों को लेकर सूचना, जनसंपर्क, भाषा एवं संस्कृति विभाग के महानिदेशक के मकरंद पांडुरंग ने उच्चस्तरीय बैठक ली। बैठक में कला एवं सांस्कृतिक कार्य विभाग और दादा लख्मी चंद राज्य प्रदर्शन एवं दृश्य कला विश्वविद्यालय सुपवा (रोहतक) के वरिष्ठ अधिकारियों एवं विशेषज्ञों ने भाग लिया।

    सफल संचालन के लिए एक कोर कमेटी का गठन
    बैठक मे आयोजन के सफल संचालन के लिए एक कोर कमेटी का गठन किया गया, जो आयोजन की रूपरेखा तैयार करने, कार्यक्रमों के चयन, विभिन्न संस्थाओं एवं एजेंसियों के साथ समन्वय स्थापित करने, प्रचार-प्रसार तथा अन्य सभी आवश्यक व्यवस्थाओं को सुनिश्चित करेगी। हरियाणा फिल्म फेस्टिवल को राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर के प्रतिष्ठित सांस्कृतिक आयोजन के रूप में मनाया जाएगा। इसके माध्यम से हरियाणवी सिनेमा, लोक संस्कृति, कला, साहित्य एवं प्रदेश की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को राष्ट्रीय और वैश्विक स्तर पर व्यापक पहचान मिलेगी। इसमें देश-विदेश के फिल्मकारों, कलाकारों, निर्देशकों, अभिनेताओं, तकनीकी विशेषज्ञों, शिक्षाविदों तथा सांस्कृतिक संस्थाओं की सहभागिता सुनिश्चित की जाएगी। के मकरंद पांडुरंग ने कहा कि यह फेस्टिवल कलाकारों, फिल्मकारों और युवा प्रतिभाओं के लिए नए अवसरों के द्वार खोलेगा तथा हरियाणा को फिल्म और संस्कृति के क्षेत्र में नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।

    बैठक में सुपवा के कुलगुरू डॉ. अमित आर्य, फिल्मकार अतुल गंगवार, अतिरिक्त निदेशक विवेक कालिया, संयुक्त निदेशक नीरज, परियोजना निदेशक डा. पवन आर्य, सुपवा की रजिस्ट्रार डा. गुंजन मलिक, फैकल्टी दीप्ति खुराना और केशव ने भागीदारी की।

  • Haryana-Chandigarh News: स्कूल खुलते ही बम धमकी से हड़कंप, CM को भी मिली जान से मारने की धमकी

    Haryana-Chandigarh News: स्कूल खुलते ही बम धमकी से हड़कंप, CM को भी मिली जान से मारने की धमकी

    चंडीगढ़ 

    चंडीगढ़ के स्कूलों और हरियाणा सीएम नायब सैनी के दफ्तर को बम से उड़ाने की धमकी आई है। यह धमकी मेल पर आई है। जिसके बाद पुलिस अलर्ट पर आ गई है। चंडीगढ़ के स्कूल आज ही गर्मी की छुटि्टयों के बाद खुले है।इसके बाद यह मेल आई है। 

    इसके बाद एक-एक कर सेक्टर-37बी और 37डी के गवर्नमेंट मॉडल सीनियर सेकेंडरी स्कूल, सेक्टर-38 के विवेक हाई स्कूल, सेक्टर-26 के सेक्रेड हार्ट स्कूल और स्ट्रॉबेरी फील्ड्स हाई स्कूल, सेक्टर-40 के डीपीएस तथा सेक्टर-9 के कार्मेल कॉन्वेंट स्कूल को भी इसी तरह के धमकी भरे ई-मेल मिलने की सूचना मिली।

    मेल में कहा कि बम धमाके, आईडी ड्रोन। चंडीगढ़ के सारे स्कूलों में दोपहर 1.11 बजे, जबकि सीएम सैनी हरियाणा आफिस दोपहर 3.11 बजे का समय दिया है। वहीं, एक दिलचस्प बात यह है कि इस बार यह धमकी मेल जीमेल से नहीं, जबकि रेडिफमेल से आई है।

    अमित शाह और विदेश मंत्री एस. जयशंकर का भी जिक्र
    धमकी भरे ई-मेल में केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह और विदेश मंत्री एस. जयशंकर को भी निशाना बनाया गया है। इसके साथ ही दावा किया गया है कि रेलवे ट्रैक भी उनके निशाने पर हैं। लोगों से रेल यात्रा नहीं करने और 15 अगस्त को अपने बच्चों को परेड में नहीं भेजने की धमकी भी दी गई है।

    अब जानिए मेल में क्या लिखा है

    चंडीगढ़ बनेगा खालिस्तान

    15 अगस्त पंजाब सिखों का आजादी दिवस नहीं

    हरियाणा सीएम सैनी को ठोकना

    बम धमाका – आईडी, ड्रोन

    चंडीगढ़ स्कूल्स – 1.11 बजे

    सीएम सैनी हरियाणा ऑफिस – 3.11 बजे

    खालिस्तान बच्चों के खिलाफ नहीं है – अपने बच्चों को बचाएं

    कोई भी बच्चा 15 अगस्त को परेड में न जाए, जिस दिन चंडीगढ़ हरियाणा बोलेगा खालिस्तान, खालिस्तान।

    हरियाणा रेल ट्रैक निशाने पर

    अंबाला से दिल्ली ट्रेन सफर न करो

    जंग हिंदी, पंजाब दी है – इस बीच हरियाणा सीएम सैनी – ठोका, साथ ही जयशंकर, अमित शाह

    जुलाई – अगस्त 15 आईडी मनुखी

    हरियाणा, चंडीगढ़ पर कब्जा खालिस्तान दा

    खालिस्तान नेशनल आर्मी

    इंजीनियर गुरखंक सिंह रुकन वाला

    डॉ. गुरु निरवैर सिंह

    खान राजदा

    2026 में चंडीगढ़ के स्कूलों को कब-कब मिली धमकी
    21 मई 2026: चितकारा, सेंट स्टीफंस और सेक्रेड हार्ट समेत कई बड़े स्कूलों के साथ मुख्यमंत्री कार्यालय और मेयर कार्यालय को भी ई-मेल के जरिए बम से उड़ाने की धमकी मिली।

    16 अप्रैल 2026: चंडीगढ़ के 4 से 5 स्कूलों को खालिस्तान के नाम से धमकी भरे ई-मेल भेजे गए।

    5-6 अप्रैल 2026: चंडीगढ़ के कुछ स्कूलों के साथ पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट और चंडीगढ़ यूनिवर्सिटी को भी बम धमाके की धमकी मिली।

    11 फरवरी 2026: चंडीगढ़ और मोहाली के कई निजी स्कूलों को सुबह-सुबह धमकी भरे ई-मेल भेजे गए।

    28 जनवरी 2026: साल की शुरुआत में चंडीगढ़ के 26 से अधिक स्कूलों को एक साथ बम से उड़ाने की धमकी मिली, जिसके बाद स्कूलों को खाली कराकर व्यापक तलाशी अभियान चलाया गया।

    गिरफ्तार करने का दावा कर चुकी पुलिस
    चंडीगढ़ पुलिस ने पंजाब सिविल सचिवालय, पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट और शहर के नामी स्कूलों को ई-मेल के जरिए बम से उड़ाने की धमकियां भेजने के मामले में पश्चिम बंगाल निवासी सौरव बिस्वास को तिहाड़ जेल से प्रोडक्शन वारंट पर लाकर गिरफ्तार किया था। पुलिस ने दावा किया था कि वही चंडीगढ़ में ई-मेल के जरिए धमकी भरे संदेश भेजता था। हालांकि, अब एक बार फिर इसी तरह की धमकियां मिलने लगी हैं। ऐसे में पुलिस के पहले किए गए दावों पर सवाल उठने लगे हैं।

    पुलिस स्टेशन-3 की ओर से बताया गया था कि आरोपी डिजिटल कंटेंट क्रिएटर है और डार्क वेब पर ई-मेल आईडी से जुड़ा डेटा बेचता था। पुलिस के अनुसार, वह विभिन्न संस्थानों को धमकी भरे ई-मेल भेजने के साथ-साथ फर्जी ई-मेल आईडी और वीपीएन का इस्तेमाल कर अपनी पहचान छिपाने में भी मदद करता था। जांच में यह भी सामने आया था कि वह ई-मेल से संबंधित डेटा सीमा पार बैठे लोगों को करीब 24 हजार रुपए में बेचता था।

  • अंबाला बोरवेल हादसा: 220 फीट नीचे फंसा 3 साल का बच्चा, NDRF और प्रशासन रेस्क्यू में जुटा

    अंबाला बोरवेल हादसा: 220 फीट नीचे फंसा 3 साल का बच्चा, NDRF और प्रशासन रेस्क्यू में जुटा

    अंबाला.

    गांव शाहपुर के पास गांव धन्यौडा में एक साढ़े तीन साल का निर्भय खेलते हुए 220 गहरे बोरवेल में गिर गया। जिसके बाद मामले की सूचना पुलिस को दी और जिला प्रशासन मौके पर पहुंचा। इसके बाद सेना ने बच्चे को निकालने का मोर्चा संभाल लिया।

    जानकारी अनुसार, गांव धन्यौडा में साढ़े तीन साल का निर्भय अपने चाचा के साथ खेत में गया था। खेत में धान लगाई जा रही है। इस कारण चाचा का काम में ध्यान होने से बच्चे से भटक गया। इतने में बच्चा खेलते हुए 220 फीट गहरे बोरवेल में गिर गया। बोरवेल खराब होने के कारण बंद था, जो ढका हुआ नहीं था। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची।

    इसके बाद जिला प्रशासन मौके पर पहुंचा, मशीन मंगवाई गई। बच्चे को निकालने के लिए सेना ने मोर्चा संभाल लिया है और एनडीआरएफ की टीम भी पहुंची।

  • हरियाणा सरकार का फैसला, आईटीआई के ईडब्ल्यूएस विद्यार्थियों को मिलेगी आर्थिक सहायता

    हरियाणा सरकार का फैसला, आईटीआई के ईडब्ल्यूएस विद्यार्थियों को मिलेगी आर्थिक सहायता

    चंडीगढ़
     हरियाणा सरकार ने औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों (आईटीआई) में दाखिला लेने वाले विद्यार्थियों को आर्थिक मदद देने का निर्णय लिया है। इसके पीछे सरकार की सोच है कि विद्यार्थी तकनीकी शिक्षा की ओर आकर्षित होंगे।

    आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (ईडब्ल्यूएस) के विद्यार्थियों के लिए दो हजार रुपये प्रतिमाह स्टाइपेंड (आर्थिक मदद) देने की मंजूरी प्रदान की जा चुकी है। आर्थिक सहयोग मिलने से आईटीआई में दाखिले बढ़ेंगे, विद्यार्थियों की नियमित उपस्थिति सुनिश्चित होगी और उद्योगों को प्रशिक्षित मानव संसाधन उपलब्ध हो सकेगा।

    वर्ष 2026-27 के सत्र के लिए हरियाणा के 377 औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों में दाखिले की प्रक्रिया चल रही है। इनमें 197 सरकारी और 180 निजी आईटीआई शामिल हैं। इन संस्थानों में करीब एक लाख सीटों पर प्रवेश दिया जाएगा।

    विद्यार्थियों को 89 से अधिक इंजीनियरिंग और गैर-इंजीनियरिंग ट्रेड में प्रशिक्षण का विकल्प मिलेगा, जिनमें पारंपरिक ट्रेडों के साथ आधुनिक तकनीकी पाठ्यक्रम भी शामिल हैं।

    हरियाणा सरकार इस समय ड्यूल सिस्टम ऑफ ट्रेनिंग (डीएसटी) पर विशेष जोर दे रही है। इस मॉडल में विद्यार्थियों को केवल कक्षा तक सीमित नहीं रखा जाता, बल्कि प्रशिक्षण के दौरान ही उद्योगों में व्यावहारिक अनुभव दिया जाता है।

    प्रवेश प्रक्रिया के दौरान विद्यार्थियों को किसी प्रकार की परेशानी न हो, इसके लिए विभाग ने सभी आईटीआई में हेल्प डेस्क स्थापित किए हैं। आईटीआई में प्रवेश के लिए आठवीं, दसवीं और बारहवीं पास अभ्यर्थी आवेदन कर सकते हैं। अलग-अलग ट्रेडों के लिए न्यूनतम शैक्षणिक योग्यता निर्धारित की गई है।

  • 1 जुलाई से हरियाणा में बढ़ेगा रोजगार का दायरा, VBG रामजी कानून में अब 125 दिन काम की गारंटी

    1 जुलाई से हरियाणा में बढ़ेगा रोजगार का दायरा, VBG रामजी कानून में अब 125 दिन काम की गारंटी

    चंडीगढ़.

    हरियाणा में ग्रामीण रोजगार व्यवस्था एक जुलाई से नए दौर में प्रवेश करने जा रही है। महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना (मनरेगा) की जगह वीबीजी रामजी अधिनियम के तहत नई रोजगार योजना लागू होगी।

    इसका राष्ट्रीय स्तर पर औपचारिक शुभारंभ दो जुलाई को आंध्र प्रदेश के तिरुपति में केंद्रीय ग्रामीण विकास एवं कृषक कल्याण मंत्री शिवराज सिंह चौहान करेंगे। कार्यक्रम में सभी राज्यों के ग्राम विकास मंत्री और अधिकारी वीडियो कान्फ्रेंसिंग के माध्यम से जुड़ेंगे। हरियाणा ग्रामीण विकास संस्थान के निदेशक डा. वीरेंद्र सिंह चौहान ने बताया कि राज्य सरकार नई योजना को लागू करने की तैयारियों को अंतिम रूप दे रही है। सोमवार तक इसकी अधिसूचना जारी होने की संभावना है। ग्रामीण विकास संस्थान जिला, खंड और ग्राम स्तर तक अधिकारियों, कर्मचारियों, सरपंचों तथा ग्राम सचिवों को प्रशिक्षण देने का अभियान युद्धस्तर पर चला रहा है, ताकि नई व्यवस्था बिना किसी बाधा के लागू हो सके।

    हरियाणा लंबे समय से बेहतर प्रदर्शन करने वाले राज्यों में
    ग्रामीण विकास के क्षेत्र में हरियाणा लंबे समय से बेहतर प्रदर्शन करने वाले राज्यों में गिना जाता है। मनरेगा के तहत समय पर भुगतान, डिजिटल मानिटरिंग और पारदर्शिता के मामले में राज्य ने राष्ट्रीय स्तर पर अपनी मजबूत पहचान बनाई है। नई योजना लागू होने के बाद हरियाणा का फोकस रोजगार के साथ-साथ ग्रामीण परिसंपत्तियों के निर्माण और तकनीक आधारित निगरानी को और प्रभावी बनाने पर रहेगा। नई योजना का सबसे बड़ा लाभ ग्रामीण मजदूरों को मिलेगा।

    मनरेगा में जहां साल में 100 दिन रोजगार का प्रविधान था, वहीं वीबीजी रामजी योजना के तहत 125 दिन तक रोजगार उपलब्ध कराया जाएगा। इसके साथ ही काम की मांग करने वाले श्रमिकों को शीघ्र रोजगार उपलब्ध कराने, कार्यस्थलों पर अधिक पारदर्शिता लाने और आधुनिक तकनीक का उपयोग श्रमिकों की सुविधा के लिए किया जाएगा, ताकि उनके अधिकार प्रभावित न हो सकें। डॉ. वीरेंद्र चौहान ने बताया कि केंद्र सरकार ने राज्यों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि काम मांगने वाले किसी भी श्रमिक का रोजगार का अधिकार व्यर्थ नहीं जाना चाहिए। आने वाले समय में योजना के तहत कराए जाने वाले विकास कार्यों की सूची का भी विस्तार किया जाएगा, जिससे ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार के अवसर बढ़ेंगे और स्थायी विकास कार्यों को गति मिलेगी।

  • गरीबों के लिए बड़ी पहल! ज्यादा राशन देने की योजना पर हरियाणा सरकार, 5 राज्यों का मॉडल करेगी स्टडी

    गरीबों के लिए बड़ी पहल! ज्यादा राशन देने की योजना पर हरियाणा सरकार, 5 राज्यों का मॉडल करेगी स्टडी

    चंडीगढ़.

    हरियाणा की नायब सरकार गरीबी रेखा से नीचे रहने वालों लोगों को मिलने वाले राशन की मात्रा बढ़ाने पर विचार कर सकती है। इसके लिए हरियाणा के खाद्य एवं आपूर्ति विभाग की टीम उत्तर प्रदेश, पंजाब, राजस्थान, दिल्ली तथा हिमाचल प्रदेश सहित कई राज्यों का दौरा करेगी।

    यह टीम इन राज्यों में जाकर यह पता करेगी कि वहां गरीबों को राशन वितरण करने की व्यवस्था का संचालन कैसे होता है तथा बीपीएल व अंत्योदय श्रेणी में आने वाले लोगों को क्या-क्या तथा कितनी मात्रा में खाद्य वस्तुएं वितरित की जाती हैं। रिपोर्ट आने के बाद अगर इन राज्यों में गरीब लोगों को कुछ अतिरिक्त खाद्य पदार्थ मिल रहे हैं तो वैसी ही व्यवस्था हरियाणा सरकार भी अपनी वितरण सामग्री में जोड़ सकती है। हरियाणा के खाद्य एवं आपूर्ति राज्य मंत्री राजेश नागर ने अधिकारियों को अध्ययन कर रिपोर्ट दाखिल करने के निर्देश जारी किए हैं। उन्होंने तीन दिन पहले ही सभी जिलों के खाद्य एवं आपूर्ति नियंत्रकों के साथ हुई आनलाइन बैठक में यह निर्देश जारी किए हैं।

    सरकार क्यों उठा रही है ये कदम?
    प्रदेश सरकार केंद्र सरकार की एक राष्ट्र- एक राशन कार्ड प्रणाली को बल देने के लिए यह कदम उठा रही है। प्रदेश में बीपीएल तथा अंत्योदय श्रेणी के करीब 40 लाख कार्ड बने हुए हैं। सार्वजनिक राशन वितरण प्रणाली के तहत हर माह करीब 1.57 करोड़ लाभर्थियों को राशन दिया जा रहा है। इनमें 2.86 लाख अंत्योदय परिवार तथा 37.14 लाख बीपीएल परिवार शामिल हैं।

    खाद्य सुरक्षा अधिनियम के तहत अंत्योदय परिवार को 35 किलो और बीपीएल परिवारों को प्रति सदस्य पांच किलो गेहूं निश्शुल्क दिया जाता है। सरसों का तेल तथा चीनी भी रियायती दर पर दिए जाते हैं। खाद्य आपूर्ति राज्य मंत्री राजेश नागर ने बताया कुछ राज्यों में चना तथा दाल देने की बात सामने आई है। इसके चलते ही उन्होंने दूसरे राज्यों की वितरण प्रणाली का अध्ययन करने के लिए अधिकारियों को निर्देश दिए हैं।

  • हरियाणा शिक्षा व्यवस्था में बड़ा बदलाव, स्कूलों के पुनर्निर्माण और जवाबदेही तय करने के निर्देश

    हरियाणा शिक्षा व्यवस्था में बड़ा बदलाव, स्कूलों के पुनर्निर्माण और जवाबदेही तय करने के निर्देश

     चंडीगढ़
    हरियाणा में सरकारी स्कूलों के खस्ताहाल भवनों को गिराकर नए भवन का निर्माण किया जाएगा। इसके लिए जल्द ही टेंडर जारी किए जाएंगे। नया भवन बनने तक इन स्कूलों को पास के सरकारी भवन या दूसरे स्कूलों में शिफ्ट किया जाएगा। व्यवस्थाएं जांचने के लिए प्रथम श्रेणी अधिकारियों को स्कूलों का निरीक्षण करने की जिम्मेदारी सौंपी गई है।

    मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने शनिवार को मुख्यमंत्री सुशासन सहयोगी (सीएमजीजीए) के साथ बैठक में कहा कि नए बनने वाले भवन न सिर्फ आकर्षक हों, बल्कि वर्टिकल रूप में हों। बाकी जगह का इस्तेमाल बच्चों के लिए प्ले ग्राउंड के रूप में किया जाए।

    स्कूलों में उपलब्ध साइंस लैब, कंप्यूटर लैब तथा अन्य सुविधाएं बच्चों को सुचारू रूप से मिलनी चाहिए। स्कूलों में ड्यूल डेक्स जल्द उपलब्ध कराने तथा पुराने हो चुके कंप्यूटर व अन्य उपकरणों की एक माह के अंदर नीलामी कराने के निर्देश दिए।

    मुख्यमंत्री के समक्ष सीएमजीजीए द्वारा दिखाई गई रिपोर्ट के आधार पर जिन स्कूलों में खामियां मिली हैं, उनकी रिपोर्ट तलब की गई है। जिला शिक्षा अधिकारियों से लेकर प्रिंसिपल अथवा मुख्य अध्यापकों की जवाबदेही तय की जाएगी। अगर किसी स्कूल में खामी मिलती है तो उस संबंध में तुरंत एक्शन लिया जाए।

    बैठक में मुख्यमंत्री के समक्ष ग्रामीण इलाकों में महाग्राम योजना के तहत हो रहे कार्यों के अलावा अमृत सरोवर के मूल्यांकन और जलघरों की स्थिति संबंधित रिपोर्ट दिखाई गई। मुख्यमंत्री ने संबंधित विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए कि हरियाणा में जिन गांवों में महाग्राम योजना के कार्य चल रहे हैं, उनमें एसटीपी पर मुख्य रूप से फोकस किया जाए।

  • उत्तराखंड-हरियाणा सीमा विवाद सुलझा: निहंगों का धरना समाप्त, प्रशासन ने राहत की सांस ली

    उत्तराखंड-हरियाणा सीमा विवाद सुलझा: निहंगों का धरना समाप्त, प्रशासन ने राहत की सांस ली

    चंडीगढ़
    उत्तराखंड के पांवटा साहिब क्षेत्र में पिछले कई दिनों से आंदोलनरत निहंगों और उत्तराखंड सरकार के बीच चल रहा विवाद आखिरकार हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी की पहल पर सुलझ गया।

    शुक्रवार देर रात निहंगों के एक प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी से मुलाकात कर अपनी मांगों और विवाद से अवगत कराया। इसके बाद मुख्यमंत्री ने तत्काल अपने राजनीतिक सचिव तरुण भंडारी को मामले के समाधान की जिम्मेदारी सौंपी।

    निहंगों ने की आंदोलन खत्म करने की घोषणा
    मुख्यमंत्री के निर्देश पर तरुण भंडारी ने उत्तराखंड सरकार के वरिष्ठ अधिकारियों से लगातार बातचीत की और दोनों पक्षों के बीच समन्वय स्थापित कराया। लंबी बातचीत के बाद सहमति बनी, जिसके साथ ही कई दिनों से चल रहा गतिरोध समाप्त हो गया और निहंगों ने अपना आंदोलन खत्म करने की घोषणा कर दी।

    दरअसल, पांवटा साहिब क्षेत्र में निहंगों का विवाद धार्मिक गतिविधियों और संबंधित भूमि के उपयोग को लेकर प्रशासनिक कार्रवाई से जुड़ा हुआ था। निहंग संगठन प्रशासन के कुछ फैसलों का विरोध कर रहे थे और अपनी मांगों को लेकर धरने पर बैठे थे। मामला लगातार तूल पकड़ रहा था, जिससे कानून-व्यवस्था और धार्मिक सौहार्द को लेकर भी चिंताएं बढ़ रही थीं।

    सूत्रों के अनुसार, मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए त्वरित हस्तक्षेप किया। उनके निर्देश पर राजनीतिक सचिव तरुण भंडारी ने उत्तराखंड सरकार से संपर्क साधा और ऐसा समाधान निकालने का प्रयास किया, जिससे निहंगों की धार्मिक भावनाओं का सम्मान भी बना रहे और प्रशासनिक व्यवस्था भी प्रभावित न हो। सहमति बनने के बाद निहंग प्रतिनिधियों ने मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी और राजनीतिक सचिव तरुण भंडारी का आभार व्यक्त किया।

    राजनीतिक दृष्टि से भी इस घटनाक्रम को महत्वपूर्ण माना जा रहा है, क्योंकि एक दूसरे राज्य में उत्पन्न संवेदनशील धार्मिक विवाद के समाधान में हरियाणा सरकार की सक्रिय भूमिका देखने को मिली। इससे दोनों राज्यों के बीच बेहतर समन्वय और संवाद की भी मिसाल सामने आई।