Category: हरियाणा

  • अजय सिंघल को अतिरिक्त जिम्मेदारी, नवदीप सिंह विर्क और अन्य वरिष्ठ अधिकारियों को नई पोस्टिंग मिली

    अजय सिंघल को अतिरिक्त जिम्मेदारी, नवदीप सिंह विर्क और अन्य वरिष्ठ अधिकारियों को नई पोस्टिंग मिली

    चंडीगढ़
     हरियाणा सरकार ने शुक्रवार (26 जून, 2026) देर रात पुलिस विभाग में बड़ा प्रशासनिक फेरबदल करते हुए 15 आईपीएस और 21 एचपीएस अधिकारियों के तबादला आदेश जारी किए हैं। पुलिस महानिदेशक अजय सिंघल को हरियाणा पुलिस हाउसिंग कारपोरेशन के चेयरमैन तथा प्रबंध निदेशक का अतिरिक्त कार्यभार सौंपा गया है।

    अभी तक यह पद आलोक कुमार मित्तल के पास था। आलोक मित्तल को हरियाणा का जेल महानिदेशक नियुक्त करने के साथ रेजीडेंट कमिश्नर हरियाणा का अतिरिक्त कार्यभार दिया गया है। एडीजीपी से पदोन्नत होकर पुलिस महानिदेशक बने नवदीप सिंह विर्क को हरियाणा स्टेट एन्फोर्समेंट ब्यूरो का महानिदेशक तथा विजिलेंस और सुरक्षा एचपीयूएस का निदेशक बनाया गया है।

    एडीजीपी से डीजीपी के पद पर पदोन्नत नवदीप सिंह विर्क की पत्नी कला रामचंद्रन को डीजीपी प्रशिक्षण एवं निदेशक हरियाणा पुलिस अकादमी मधुबन की जिम्मेदारी मिली है। चारू बाली को एडीजीपी साइबर, एडीजीपी आइटी और एडीजपी एससीआरबी का अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया। वे एडीजीपी भोंडसी पुलिस कांप्लेक्स का कार्यभार भी संभालेंगी

    आईपीएस डॉ. सीएस राव को होमगार्ड व सिविल डिफेंस का कमांडेंट जनरल का अतिरिक्त कार्यभार दिया गया है। वे एडीजीपी एचआर एंड लिटिगेशन का कार्यभार भी देखते रहेंगे। सीनियर आईपीएस अधिकारी विकास अरोड़ा को एडीजीपी ईआरएसएस, ट्रैफिक एवं हाईवे के साथ टेली कम्युनिकेशन मुख्यालय की जिम्मेदारी दी गई।

    राकेश कुमार आर्य को स्टेट क्राइम ब्रांच के साथ आईजी कानून-व्यवस्था का अतिरिक्त प्रभार सौपा गया है। मनीष चौधरी को आईजी रेलवे और कमांडो के साथ आईजी जेल का अतिरिक्त कार्यभार दिया गया। अशोक कुमार करनाल रेंज के आईजी के साथ ही आईजी एचएपी मधुबन की जिम्मेदारी संभालेंगे। आरटीसी भोंडसी की आईजी नाजनीन भसीन को आईजी सीआइडी मुख्यालय बनाया गया है।

    सुरेंद्र पाल सिंह को डीआईजी एसटीएफ और राजिंदर कुमार मीणा को ज्वाइंट सीपी फरीदाबाद होंगे। डॉ. अंशु सिंगला को डीसीपी मुख्यालय गुरुग्राम बनाया गया है। सुरेंद्र सिंह भोरिया को एसपी एसटीएफ पंचकूला और एसपी कमांडो नेवल के साथ ही एसपी ला एंड आर्डर पुलिस मुख्यालय का अतिरिक्त प्रभार मिला है। एचपीएस अनिल कुमार को एसपी एसटीएफ करनाल नियुक्त किया गया है।

    इन एचपीएस अधिकारियों के हुए तबादले
    नाम – नई जिम्मेदारी
    1. शक्ति सिंह – डीएसपी तृतीय बटालियन एचएपी हिसार
    2. कमलजीत सिंह –
    3. अरविंद कांबोज – डीएसपी सतर्कता एवं विजिलेंस तथा भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो मुख्यालय
    4. रविंदर सिंह – डीएसपी राज्य सतर्कता एवं अपराध नियंत्रण ब्यूरो
    5. सतीश कुमार – डीएसपी राज्य सतर्कता एवं अपराध नियंत्रण ब्यूरो
    6. सुनील कुमार – डीएसपी रादौर
    7. आशीष चौधरी – डीएसपी यमुनानगर
    8. विकास कुमार – डीएसपी पानीपत
    9. राजबीर सिंह – डीएसपी सिरसा
    10. कुलदीप सिंह – डीएसपी अंबाला छावनी
    11. धर्मबीर सिंह – डीएसपी सीआइडी मुख्यालय
    12. संजीव कुमार – डीएसपी तृतीय बटालियन एचएपी हिसार
    13. जितेंद्र कुमार – डीएसपी एसटीएफ मुख्यालय
    14. ओम प्रकाश – डीएसपी टेलीकाम मुख्यालय पंचकूला
    15. जय प्रकाश – डीएसपी तृतीय आइआरबी सुनारियां रोहतक
    16. जितेंद्र सिंह – डीएसपी हरियाणा राज्य नशा नियंत्रण ब्यूरो मुख्यालय
    17. सुरेश कुमार – डीएसपी द्वितीय आइआरबी भोंडसी
    18. राज सिंह – डीएसपी द्वितीय आइआरबी भोंडसी
    19. विकास कृष्ण – डीएसपी पीटीसी सुनारियां
    20. जसपाल सिंह – डीएसपी चरखी दादरी

     

  • राष्ट्रीय एथलेटिक्स में हरियाणा का दबदबा, तीनों पदक बेटियों के नाम

    राष्ट्रीय एथलेटिक्स में हरियाणा का दबदबा, तीनों पदक बेटियों के नाम

    भुवनेश्वर
    भुवनेश्वर में आयोजित 65वीं नेशनल इंटर स्टेट सीनियर एथलेटिक्स चैंपियनशिप में हरियाणा की महिला खिलाड़ियों ने भारतीय एथलेटिक्स में नया इतिहास रच दिया। डिस्कस थ्रो स्पर्धा में स्वर्ण, रजत और कांस्य, तीनों पदक हरियाणा की बेटियों ने अपने नाम किए। इसके साथ ही तीनों खिलाड़ियों ने एशियन गेम्स के लिए निर्धारित क्वालिफाइंग मानक भी हासिल कर राज्य की खेल प्रतिभा का लोहा मनवाया।

    पांच दिवसीय इस राष्ट्रीय चैंपियनशिप का आयोजन 24 से 28 जून तक कलिंगा स्टेडियम, भुवनेश्वर (ओडिशा) में किया जा रहा है। प्रतियोगिता में हरियाणा के खिलाड़ी विभिन्न स्पर्धाओं में शानदार प्रदर्शन कर पदक जीतने के साथ-साथ भारतीय टीम में जगह बनाने की दौड़ में भी आगे हैं। आगामी एशियन गेम्स का आयोजन 19 सितंबर से 4 अक्टूबर तक आइची-नगोया (जापान) में होगा।

    एथलेटिक्स हरियाणा के महासचिव प्रदीप मलिक के अनुसार, भिवानी की सीमा ने 59.73 मीटर की शानदार थ्रो के साथ स्वर्ण पदक जीतकर एशियन गेम्स के लिए भारतीय टीम में अपना स्थान लगभग सुनिश्चित कर लिया। वहीं महेंद्रगढ़ की सान्या यादव ने 56.05 मीटर की थ्रो के साथ रजत पदक और रोहतक की निधि रानी ने 55.92 मीटर की थ्रो के साथ कांस्य पदक जीतते हुए एशियन गेम्स का क्वालिफाइंग मानक हासिल किया।

    हैमर थ्रो स्पर्धा में भी हरियाणा के झज्जर निवासी आशीष जाखड़ ने 67.61 मीटर की थ्रो के साथ कांस्य पदक जीतकर राज्य का गौरव बढ़ाया। इस स्पर्धा में पंजाब के दमनीत सिंह ने 69.72 मीटर की थ्रो के साथ स्वर्ण तथा राजस्थान के परवीन कुमार ने 69.58 मीटर की थ्रो के साथ रजत पदक जीता। दोनों खिलाड़ियों ने भी एशियन गेम्स क्वालिफाइंग मानक हासिल किया।

    प्रतियोगिता में शानदार प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ियों को एथलेटिक्स हरियाणा के अध्यक्ष दिलबाग सिंह, महासचिव प्रदीप मलिक, एएफआई ग्रीवेंस कमेटी के सदस्य राजकुमार मिटान तथा टीम कोच-मैनेजर जसवंत सिवाच और अजय कुमार ने बधाई देते हुए आगामी अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं के लिए शुभकामनाएं दीं।
     

     

  • 396 दिन ड्यूटी से गायब पुलिसकर्मी पर सख्त फैसला, हरियाणा हाई कोर्ट ने अनिवार्य सेवानिवृत्ति को दी मंजूरी

    396 दिन ड्यूटी से गायब पुलिसकर्मी पर सख्त फैसला, हरियाणा हाई कोर्ट ने अनिवार्य सेवानिवृत्ति को दी मंजूरी

    चंडीगढ़.

    पंजाब एवं हरियाणा हाई कोर्ट ने स्पष्ट किया है कि अनिवार्य सेवानिवृत्ति दंड नहीं बल्कि जनहित में लिया गया प्रशासनिक निर्णय होता है और इसके लिए कर्मचारी के पूरे सेवा रिकॉर्ड को आधार बनाया जा सकता है।

    अदालत ने कहा कि पहले दी गई विभागीय सजा के बाद अनिवार्य सेवानिवृत्ति का आदेश अपने आप में दोहरी सजा नहीं माना जा सकता। जस्टिस अश्विनी कुमार मिश्रा और जस्टिस रोहित कपूर की खंडपीठ ने करनाल निवासी हरियाणा पुलिस के एक कर्मचारी की अपील खारिज करते हुए यह टिप्पणी की। हालांकि, अदालत ने राज्य सरकार को निर्देश दिया कि कर्मचारी के लंबित सेवा लाभ तीन माह के भीतर जारी किए जाएं। पुलिस कर्मी ने एकल पीठ के 11 फरवरी 2026 के उस आदेश को चुनौती दी थी, जिसमें उनकी अनिवार्य सेवानिवृत्ति के खिलाफ दायर याचिका खारिज कर दी गई थी। उनका तर्क था कि उन्हें पहले ही 396 दिन तक ड्यूटी से गैर-हाजिर रहने के मामले में दंडित किया जा चुका है, इसलिए उसी आधार पर अनिवार्य सेवानिवृत्ति देना दोहरी सजा के समान है।

    हाई कोर्ट ने अस्वीकार की दलील
    हाई कोर्ट ने इस दलील को स्वीकार करने से इनकार कर दिया। अदालत ने कहा कि कानून स्पष्ट है कि अनिवार्य सेवानिवृत्ति कोई दंडात्मक कार्रवाई नहीं होती, बल्कि जनहित में यह तय करने का अधिकार नियोक्ता के पास है कि किसी कर्मचारी को आगे सेवा में बनाए रखना उचित है या नहीं। इसके लिए कर्मचारी के पूरे सेवा रिकॉर्ड का मूल्यांकन किया जा सकता है। अदालत ने पाया कि याची को अतीत में कई बार चेतावनी और निंदा जैसी सजाएं मिल चुकी थीं। वर्ष 2017 में उन्हें समय पर अदालत और महाधिवक्ता कार्यालय में उपस्थित नहीं होने पर निंदा की सजा दी गई थी। इसके अलावा 2018 और 2019 में भी विभिन्न मामलों में चेतावनी और निंदा के दंड दिए गए थे।
    रिपोर्ट में ईमानदारी पर उठे सवाल
    अदालत ने उनकी वार्षिक गोपनीय रिपोर्टों का भी उल्लेख किया, जिनमें उन्हें कई अवसरों पर औसत से नीचे दर्ज किया गया था। एक रिपोर्ट में उनकी ईमानदारी को संदिग्ध बताया गया, जबकि व्यवहार, नेतृत्व क्षमता और सरकारी कार्यों में रुचि को भी संतोषजनक नहीं माना गया था। रिपोर्ट में उन्हें लापरवाह, गैर-जिम्मेदार और अविश्वसनीय कर्मचारी तक कहा गया था। खंडपीठ ने कहा कि इन सभी तथ्यों को देखते हुए सक्षम प्राधिकारी के पास यह निष्कर्ष निकालने के पर्याप्त आधार थे कि कर्मचारी की आगे की सेवा जनहित में नहीं है और वह विभाग के लिए ''डेडवुड'' बन चुका है। अदालत ने माना कि अनिवार्य सेवानिवृत्ति का निर्णय उचित सामग्री पर आधारित था, इसलिए इसमें न्यायिक हस्तक्षेप का कोई आधार नहीं बनता। इसी के साथ अपील को खारिज कर दिया गया।

  • मानसून से पहले हरियाणा में एक्शन मोड, नालों की सफाई का निरीक्षण करेंगे IAS-HCS अधिकारी

    मानसून से पहले हरियाणा में एक्शन मोड, नालों की सफाई का निरीक्षण करेंगे IAS-HCS अधिकारी

    चंडीगढ़.

    हरियाणा में मानसून की तैयारियों तथा जमीनी स्तर पर जवाबदेही सुनिश्चित करने के लिये मुख्य सचिव अनुराग रस्तोगी ने आईएएस एवं एचसीएस अधिकारियों को नालों का भौतिक निरीक्षण करने के निर्देश दिए हैं। इस दौरान प्री-मानसून डी-सिल्टिंग (गाद निकासी) कार्यों की गुणवत्ता की जांच भी की जाएगी।

    सभी 87 शहरी स्थानीय निकायों में चल रहे नालों के सफाई कार्यों की समीक्षा बैठक में मुख्य सचिव ने नगर निगम आयुक्तों तथा उपायुक्तों को निर्देश दिए कि अगले तीन दिन के भीतर वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारियों से अपने क्षेत्रों में जल निकासी अवसंरचना का मौके पर जाकर निरीक्षण कराया जाए। विशेष निगरानी अभियान के तहत प्रत्येक आईएएस और एचसीएस अधिकारी को अपने अधिकार क्षेत्र में कम से कम पांच किलोमीटर लंबाई के नालों का निरीक्षण करने की जिम्मेदारी सौंपी गई है। अधिकारियों को निरीक्षण से संबंधित विस्तृत रिपोर्ट, फोटोग्राफ तथा स्थलीय अवलोकन सहित शहरी स्थानीय निकाय विभाग के आनलाइन पोर्टल पर अपलोड करनी होगी, ताकि कार्यों की वास्तविक समय में निगरानी, पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित की जा सके।

    मुख्य सचिव ने कहा कि मानसून की तैयारियां केवल कार्यालय में बैठकों तक सीमित नहीं रहनी चाहिए। वरिष्ठ अधिकारियों को स्वयं मौके पर जाकर डी-सिल्टिंग कार्यों की गुणवत्ता का सत्यापन करना होगा। संवेदनशील स्थानों की पहचान करनी होगी। कमियों का पता लगाना होगा तथा आवश्यकतानुसार तत्काल सुधारात्मक कार्रवाई सुनिश्चित करनी होगी। उन्होंने कहा कि प्रत्येक नाले का निरीक्षण सुनिश्चित कर सभी रुकावटें दूर की जाएं। लंबित कार्यों को मानसून शुरू होने से पहले पूरा किया जाए, ताकि शहरी क्षेत्रों में जलभराव और बाढ़ जैसी स्थितियों के जोखिम को न्यूनतम किया जा सके। बैठक में शहरी स्थानीय निकाय विभाग के आयुक्त एवं सचिव अशोक कुमार मीणा और पंचकूला महानगर विकास प्राधिकरण के मुख्य कार्यकारी अधिकारी के मकरंद पांडुरंग ने भी अपनी बात रखी।

  • बाबा श्याम मंदिर में चढ़ावे का बड़ा खुलासा, दानपात्रों से निकले करोड़ों रुपये और कीमती आभूषण

    बाबा श्याम मंदिर में चढ़ावे का बड़ा खुलासा, दानपात्रों से निकले करोड़ों रुपये और कीमती आभूषण

    समालखा.

    चुलकाना धाम स्थित श्याम बाबा के मंदिर में दानपात्रों के रुपयों की गिनती में बुधवार को 13.70 लाख रुपये मिले हैं। बुधवार को तीन दानपात्रों की गिनती हुई है। शुरुआत से अब तक की करीब 1.41 करोड़ रुपये मिल चुके हैं। इनके सात विदेशी मुद्राएं और चांदी के आभूषण भी मिले हैं।

    श्याम बाबा के मंदिर में श्राइन बोर्ड बनने की घोषणा के बाद पहली बार सीसीटीवी, प्रशासन और पंचायत की देखरेख में दानपात्रों के रुपयों की गिनती पारदर्शिता के साथ की जा रही है। करीब 12 दिन पहले बीडीपीओ की देखरेख में दानपात्रों के रुपयों की गिनती शुरू हुई थी। दो दिनों तक चली बड़े दानपात्र नंबर छह की गिनती में प्रशासन को 44.30 लाख रुपये मिले थे। दानपात्र नंबर पांच की गिनती में 25.90 लाख रुपये, दानपात्र संख्या सात की गिनती में 12.80 लाख रुपये, दानपात्र संख्या एक में 18.72 लाख रुपये, दानपात्र संख्या दो की गिनती में 26.10 लाख व दानपात्र संख्या आठ से दस की गिनती में बुधवार को 13.70 लाख रुपये अभी तक मिले हैं।

    सरपंच सतीश छौक्कर ने बताया कि गिनती में तेजी लाने की मांग प्रशासन से की है। साथ ही मंदिर भक्तों से दानराशि लेन के लिए श्राइन बोर्ड की पर्ची छपवाने को कहा है। मंदिर के प्रशासक और बीडीपीओ शक्ति सिंह ने बताया कि करीब आठ दानपात्रों की गिनती हो चुकी है, जिनमें 1.41 करोड़ के करीब रकम मिले हैं। 14 दानपात्रों में रुपये की गिनती और होनी है। जल्द गिनती प्रक्रिया को पूरा करने का प्रयास किया जा रहा है।

  • Haryana News: 8 जिलों में धान की रोपाई के लिए किसानों को प्रतिदिन 8 घंटे मिलेगी थ्री-फेज सप्लाई

    Haryana News: 8 जिलों में धान की रोपाई के लिए किसानों को प्रतिदिन 8 घंटे मिलेगी थ्री-फेज सप्लाई

    पानीपत.

    धान की रोपाई के सीजन की शुरुआत के साथ ही बिजली निगम ने किसानों के लिए बिजली आपूर्ति का नया शेड्यूल जारी कर दिया है। पानीपत, सोनीपत, करनाल, रोहतक सहित आठ जिलों में कृषि उपभोक्ताओं को शिफ्टवार बिजली उपलब्ध कराई जाएगी।

    शेड्यूल में किसानों को सिंचाई के लिए प्रतिदिन आठ घंटे थ्री-फेज बिजली दी जाएगी, ग्रामीण घरेलू उपभोक्ताओं को निर्बाध बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करने के प्रयास किए जाएंगे। बिजली निगम अधिकारियों ने बताया कि कृषि फीडरों को उनके लोड के आधार पर विभिन्न श्रेणियों में विभाजित किया है। कम लोड वाले फीडरों पर एक शिफ्ट में बिजली दी जाएगी, अधिक लोड वाले फीडरों को तीन शिफ्टों में संचालित किया जाएगा।

    मध्यम श्रेणी के फीडरों पर दो शिफ्टों में बिजली आपूर्ति की व्यवस्था की है, सभी किसानों को समान रूप से सिंचाई के लिए पर्याप्त समय मिल सके। उन्होंने बताया कि दो शिफ्ट वाले फीडरों की बिजली आपूर्ति व्यवस्था की तीन से सात दिन के अंतराल पर समीक्षा की जाएगी। आवश्यकता पड़ने पर फीडरों की शिफ्ट में बदलाव भी किया जा सकेगा। धान की रोपाई के दौरान बिजली की मांग में बढ़ोतरी को देखते हुए निगम ने अपने फील्ड स्टाफ को भी सतर्क रहने के निर्देश दिए हैं। ट्रांसफार्मर, लाइनों और कृषि फीडरों की निगरानी बढ़ा दी गई है, किसी भी तकनीकी खराबी को तुरंत दूर किया जा सके।

    ऐसे मिलेगी किसानों को बिजली
    जिले में सिंगल ग्रुप वाले फीडर में जिन फीडरों को सिंगल ग्रुप में रखा है, वहां खेतों के लिए थ्री-फेज बिजली सुबह 7 बजे से दोपहर तीन बजे तक (8 घंटे) उपलब्ध रहेगी। इसके अतिरिक्त, मोटरों के संचालन के लिए पैट यानी सिंगल फेज बिजली सुबह पांच से साढ़े छह बजे तक और शाम को सात बजे से रात डेढ़ बजे तक दी जाएगी। जिन गांवों में पहले से थोड़ा ज्यादा लोड हैं, उनमें दो शिफ्ट में बिजली की सप्लाई होगी। पहला ग्रुप सुबह 2:45 से सुबह 10:45 बजे तक थ्री-फेज सप्लाई होगी, दूसरा ग्रुप सुबह 11 बजे से शाम सात बजे तक खेतों को पानी देने के लिए बिजली मिलेगी। पैट सिंगल फेज का समय ग्रुप-एक के लिए सुबह साढ़े 11 से दोपहर साढ़े तीन और रात साढ़े आठ से साढ़े 12 बजे तक। ग्रुप-2 के लिए सुबह साढ़े छह से साढ़े आठ और देर शाम पौने आठ से रात पौने दो बजे निर्धारित है।

    अधिक लोड वाले तीन ग्रुप की सप्लाई
    तीन फेज वाले फीडरों पर तीन ग्रुप में सप्लाई होगी। पहले ग्रुप सुबह आठ बजे तक, दूसरे ग्रुप में सुबह आठ से शाम चार बजे तक सप्लाई होगी। वहीं तीसरे फेज में चार से रात 12 बजे तक सप्लाई चलेगी। प्रत्येक शिफ्ट आठ घंटे की होगी। बिजली निगम के एसई धर्म सुहाग ने कहा कि धान की रोपाई को लेकर हर साल बिजली की सप्लाई का शेड्यूल बनाया जाता है। उसी आधार पर सप्लाई होती है। दो शिफ्टों में चलने वाले एपी के शेड्यूल को तीन से सात दिनों में स्थिति जांची जाती है।

  • पशुपालकों के लिए बड़ी सौगात! हिसार में शुरू हुआ देश का पहला पशु ब्लड बैंक और जीव संजीवनी महाअभियान

    पशुपालकों के लिए बड़ी सौगात! हिसार में शुरू हुआ देश का पहला पशु ब्लड बैंक और जीव संजीवनी महाअभियान

    हिसार.

    सामाजिक सरोकारों को जनभागीदारी से जोड़ने की अपनी परंपरा को आगे बढ़ाते हुए दैनिक जागरण ने मंगलवार को पशु कल्याण के क्षेत्र में देश की पहली अनूठी पहल का सूत्रपात किया।

    लाला लाजपत राय पशु चिकित्सा एवं पशु विज्ञान विश्वविद्यालय (लुवास) के सहयोग से ‘जीव संजीवनी’ महाअभियान शुरू किया गया, जिसके तहत हिसार में देश का पहला संगठित पशु रक्तदान शिविर लगा। इसका उद्देश्य भविष्य में पशुओं का स्वैच्छिक रक्तदाता नेटवर्क विकसित करना है। शिविर के पहले दिन चार श्वानों और एक भैंस ने रक्तदान कर इस नई पहल का हिस्सा बनने का संदेश दिया।

    उपचार के समय रक्तदाता की तलाश होती है बड़ी चुनौती
    विशेषज्ञों के अनुसार सड़क दुर्घटनाओं, बड़े ऑपरेशनों, प्रसव संबंधी जटिलताओं, एनीमिया, चीचड़ जनित रोगों और अत्यधिक रक्तस्राव की स्थितियों में पशुओं को तत्काल रक्त की आवश्यकता पड़ती है। लेकिन देश में अब तक पशुओं के लिए संगठित रक्तदाता व्यवस्था विकसित नहीं हो सकी थी। ऐसे में कई बार उपचार के दौरान उपयुक्त रक्तदाता की तलाश सबसे बड़ी चुनौती बन जाती है। महाअभियान के शुभारंभ अवसर पर लुवास के कुलपति प्रो. डॉ. विनोद कुमार वर्मा ने बताया कि पशुओं के लिए रक्तदाता का उपलब्ध न होना काफी समय से बड़ी चुनौती रहा है।

    लुवास में सुरक्षित रखा जाएगा रक्त
    एकत्रित रक्त को लुवास में सुरक्षित रूप से किया जाएगा संरक्षित लुवास में उपलब्ध ब्लड बैंक सुविधा के माध्यम से एकत्रित रक्त को सुरक्षित रूप से संरक्षित किया जाएगा, ताकि जरूरत पड़ने पर गंभीर रूप से बीमार पशुओं के उपचार में उसका उपयोग किया जा सके। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि इस मॉडल को व्यापक स्तर पर अपनाया गया तो भविष्य में देशभर में पशु रक्तदान की संगठित व्यवस्था विकसित हो सकती है।

    लुवास में पहले से उपलब्ध है पशु ब्लड बैंक
    लुवास में पशुओं के लिए ब्लड बैंक की सुविधा संचालित है, जहां सुरक्षित परिस्थितियों में रक्त को लगभग 40 दिन तक संरक्षित रखा जा सकता है। आवश्यकता पड़ने पर यह रक्त दुर्घटना, सर्जरी, प्रसव जटिलताओं और बीमारियों से जूझ रहे पशुओं के उपचार में उपयोग किया जाता है। विशेषज्ञों के अनुसार संगठित रक्तदाता नेटवर्क विकसित होने से हजारों पशुओं को समय पर उपचार मिल सकेगा।

  • पानीपत जंक्शन पर सचखंड एक्सप्रेस में अचानक खराबी, प्रेशर पाइप फटने से मची अफरा-तफरी

    पानीपत जंक्शन पर सचखंड एक्सप्रेस में अचानक खराबी, प्रेशर पाइप फटने से मची अफरा-तफरी

    पानीपत.

    अमृतसर से हजरत निजामुद्दीन जा रही सचखंड एक्सप्रेस बुधवार को पानीपत जंक्शन पर तकनीक खराबी हो गई। ट्रेन के स्टेशन पर पहुंचते ही इंजन का प्रेशर पाइप फट गया, जिसके कारण ट्रेन को तत्काल रोकना पड़ा।

    तकनीकी खराबी के चलते ट्रेन करीब डेढ़ घंटे तक प्लेटफॉर्म पर खड़ी रही, जिससे यात्रियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। रेलवे अधिकारियों ने बताया कि ट्रेन के इंजन में प्रेशर पाइप फटने की सूचना मिलते ही तकनीकी टीम को मौके पर भेजा गया। प्रारंभिक जांच में पता चला कि पाइप में आई खराबी के कारण इंजन का संचालन सुरक्षित रूप से संभव नहीं था। इसके बाद रेलवे प्रशासन ने समालखा स्टेशन से दूसरा इंजन मंगाने का निर्णय लिया।

    ट्रेन के लंबे समय तक खड़े रहने से सबसे अधिक परेशानी जनरल कोच में सफर कर रहे यात्रियों को हुई। भीषण गर्मी और उमस के बीच कोचों में बैठे यात्रियों को असहज परिस्थितियों का सामना करना पड़ा। कई यात्री प्लेटफॉर्म पर उतरकर छांव और पानी की व्यवस्था तलाशते नजर आए। यात्रियों ने बताया कि ट्रेन के रुकने के कारण उनकी आगे की यात्रा प्रभावित हुई है और उन्हें गंतव्य तक पहुंचने में देरी होगी।

    रेलवे कर्मियों ने यात्रियों को स्थिति की जानकारी देते हुए धैर्य बनाए रखने की अपील की। स्टेशन पर मौजूद अधिकारियों ने बताया कि वैकल्पिक इंजन के पहुंचने के बाद उसे ट्रेन से जोड़ा जाएगा और सभी आवश्यक तकनीकी जांच पूरी होने के बाद ही ट्रेन को आगे रवाना किया जाएगा। इस दौरान पानीपत जंक्शन पर अन्य ट्रेनों के संचालन पर भी आंशिक प्रभाव देखने को मिला।

  • हरियाणा में दिल दहला देने वाली घटना, टोल मैनेजर की गाड़ी से कुचलकर हत्या

    हरियाणा में दिल दहला देने वाली घटना, टोल मैनेजर की गाड़ी से कुचलकर हत्या

    हिसार.

    चंडीगढ़ हाईवे पर सरसौद टोल प्लाजा पर देर रात एक बजे स्कार्पियो गाड़ी की आरसी दिखाने को लेकर हुए विवाद में मैनेजर पर गाड़ी चढ़ा कर उसकी हत्या की दी। बताया जा रहा है कि हत्या करने से पहले गाड़ी सवार युवकों ने मैनेजर पर पिस्ताैल भी तानी थी।

    मृतक मैनेजर संजय शुक्ला उत्तर प्रदेश के इलाहाबाद का रहने वाला था। वारदात के बाद गाड़ी सवार मौके से भाग गए। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची। शव को नागरिक अस्पताल के शवगृह में रखवा दिया। वारदात टोल पर लगे सीसीटीवी में कैद हो गई। पुलिस मामले की जांच कर रही है।
    पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार रात करीब एक बजे एक स्कार्पियो गाड़ी सरसौद टोल प्लाजा पर पहुंची। गाड़ी में सवार युवकों ने कहा कि वे बहबलपुर गांव के रहने वाले है और टोल नहीं लगता। टोल कर्मचारियों ने युवकों को गाड़ी की आरसी दिखाने को कहा, लेकिन युवक आरसी नहीं दिखा पाए।

    युवकों ने कहा कि आधार कार्ड है। कर्मचारियों ने कहा कि आरसी दिखानी पड़ेगी। इसी बात को लेकर टोल कर्मचारियों और गाड़ी में सवार युवकों के बीच विवाद हो गया। इस दौरान मैनेजर संजय शुक्ला वहां पर पहुंचे। काफी देर तक विवाद होता रहा। बताया जात रहा है कि युवकों ने मैनेजर पर पिस्तौल तान दी। उसके बाद मैनेजर पर गाड़ी चढ़ा दी। जिस कारण वह गंभीर रूप से घायल हो गया। उसके बाद जख्मी हालत में उसे नागरिक अस्पताल में लेकर आए। जहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया।

  • अब महंगी नहीं होगी कैंसर की जांच, IIT दिल्ली की नई तकनीक से सिर्फ 60 रुपए में होगा टेस्ट

    अब महंगी नहीं होगी कैंसर की जांच, IIT दिल्ली की नई तकनीक से सिर्फ 60 रुपए में होगा टेस्ट

    अंबाला.

    बब्याल के रहने वाले एवं आइआइटी दिल्ली के छात्र शिवम ने शोध कर पैंक्रियाज कैंसर की बीमारी की जांच के लिए उपकरण यूरोस्मार्ट बनाया है। शिवम का दावा है कि इससे यूरिन (पेशाब) के सैंपल से शरीर में पैंक्रियाज कैंसर का पता चल जाएगा। कुछ लोगों पर इसका टेस्ट भी किया गया है, जिसके सकारात्मक परिणाम सामने आए हैं।

    शिवम ने इस उपकरण के पेटेंट के लिए आवेदन किया है। इससे सिर्फ 60 रुपये में जांच हो सकेगी। उम्मीद है कि जल्द ही यह बाजार में उपलब्ध होगा, जिसके लिए एक प्रक्रिया से गुजरना होगा। वर्ष 2024 में शिवम कुमार बग्गन, कुशाग्र जैन, खालिद भट्ट और प्रो. नवीन की टीम ने शोध शुरू किया था। यह एक साइंस जर्नल में प्रकाशित भी हो चुका है।

    ऐसे काम करता उपकरण
    शिवम ने बताया कि यूरोस्मार्ट उपकरण सेंसर पर काम करता है। इस में पोटेंशियो स्टेट सेंसर लगाया है, जो मोबाइल से जुड़ा होता है। मरीज का यूरिन सैंपल इस उपकरण में लिया जाता है। इस पर एक बटन लगाया गया है, जिसे दबाना होता और यूरिन की एक बूंद सेंसर पर पहुंच जाती है। इसके बाद सारा काम सेंसर करता है। करीब 15 मिनट का समय लगता है और रिपोर्ट मोबाइल पर आ जाती है और स्पष्ट हो जाता है कि मरीज को पैंक्रियाज कैंसर है या नहीं। यह जांच ब्लड से होती है, जिसमें काफी समय लगता है। जिसे पैंक्रियाज कैंसर होगा, उसका शरीर बायोमार्कर सीए 19.9 रिलीज करता है। यह ब्लड और यूरिन दोनों में पाया जाता है। अभी इसका ट्रायल प्रथम चरण में है। उम्मीद है कि जल्द ही यह उपकरण बाजार में उपलब्ध होगा।

    यह है पैंक्रियाज कैंसर
    पैंक्रियाज कैंसर एक गंभीर बीमारी है जो पैंक्रियाज में कोशिकाओं के अनियंत्रित रूप से बढ़ने के कारण होता है। यह पाचन एंजाइम और इंसुलिन बनाने वाली ग्रंथि को प्रभावित करता है। शुरुआत में इसके लक्षण स्पष्ट नहीं होता और देरी से पता चलने के कारण यह और घातक हो जाता है। यही कारण है कि इस तरह का कैंसर काफी घातक हो जाता है, जबकि उपचार काफी महंगा है। आइआइटी दिल्ली के प्रो. एवं शोध टीम के नेतृत्वकर्ता डॉ. नवीन कुमार सिंह ने बताया कि सुबह का पहला यूरिन जांच के लिए बेहतर होता है, क्योंकि इसमें इन्फार्मेशन अधिक होती है। इस टेस्ट में यदि रीडिंग 37 यूनिट प्रति एमएल से नीचे आती है तो पैंक्रियाज कैंसर नहीं मान सकते, जबकि इससे अधिक यह जितना अधिक जाएगा उतना कैंसर माना जाता है। अब इस उपकरण को लेकर एम्स में जा रहे हैं, जहां आगामी प्रक्रिया अपनाई जाएगी।

    उपचार की निगरानी में इस्तेमाल हो सकता: डॉ. यशपाल
    कैंसर विशेषज्ञ एवं अटल कैंसर केयर सेंटर के निदेशक डा. यशपाल वर्मा का कहना है कि सीए 19-9 एक गैर-विशिष्ट परीक्षण है, इसलिए स्वास्थ्य सेवा प्रदाता इसे एक स्वतंत्र नैदानिक उपकरण के रूप में उपयोग करने के बजाय, उपचार की निगरानी और पुनरावृत्ति का पता लगाने में इस्तेमाल कर सकते हैं। पित्त की पथरी और अग्नाशयशोथ जैसी सामान्य स्थितियों में भी इसका स्तर अधिक हो सकता है।