Category: हरियाणा

  • गुरुग्राम में मेट्रो यात्रियों को मिलेगी बड़ी राहत, सेक्टर 45 समेत 3 स्टेशन होंगे मल्टी मॉडल

    गुरुग्राम में मेट्रो यात्रियों को मिलेगी बड़ी राहत, सेक्टर 45 समेत 3 स्टेशन होंगे मल्टी मॉडल

    चंडीगढ़
     गुरुग्राम में मेट्रो का विस्तार किया जा रहा है। नए रूट के तीन स्टेशन को मल्टी मॉडल बनाने की तैयारी कर ली गई है। सेक्टर 45, यूनीटेक साइबर पार्क तथा सेक्टर 72-ए मेट्रो स्टेशनों को मल्टी मॉडल बनाने के लिए चयन किया गया है।

    इन स्टेशनों के आसपास बहुमंजिला इमारतें हैं, जिनमें खेल, कारपोरेट कार्यालय तथा अन्य संस्थानों में हजारों की संख्या में लोग काम करते हैं। यहां पर स्काईवाक बनाए जाने से लोग सीधे कार्यालय से स्टेशन आ जा सकेंगे।

    इन स्टेशनों पर बस बे, आटो पिक एंड ड्राप पाइंट, फुटपाथ की भी सुविधा होगी। जिससे सड़क पर जाम की स्थिति नहीं होगी। इस सिलसिले में दो दिन पहले जीएमडीए के अतिरिक्त सीईओ विश्वजीत चौधरी की अध्यक्षता में बैठक हुई थी, जिसमें गुरुग्राम मेट्रो रेल लिमिटेड (जीएमआरएल) की ओर से बनाई गई योजना पर चर्चा हुई थी। जीएमडीए नगर निगम तथा हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण के अधिकारियों से आपत्ति तथा सुझाव लेकर योजना को अंतिम रूप दिया जाएगा।

    बैठक में गुरुग्राम नगर निगम के योजनाकार की ओर से सुझाव दिया गया था कि सेक्टर 45, यूनीटेक साइबर पार्क को मेट्रो स्टेशन से स्काईवाक से जोड़ा जा सकता है। साइबर पार्क में हजारों की संख्या में कर्मचारी काम करते हैं।

    स्काईवाक बनने से लोगों को सड़क पर नहीं आना पड़ेगा और वह साइबर पार्क से सीधे स्टेशन पहुंच आ सकेंगे, जिससे पीक आवर्स में सड़क पर ट्रैफिक भी कम होगा और सुविधा मिलने से लोग निजी वाहन का उपयोग भी कम करेंगे।

    इसी तरह सेक्टर 72-ए मेट्रो स्टेशन के पास सेक्टर 33 और 34 में गुड़गांव टेक्नालॉजी पार्क लिमिटेड है। इसके साथ की इंडस्ट्री कारीडोर है। सेक्टर 34 में नगर निगम और जीएमडीए के कार्यालय तथा अन्य संस्थान हैं। स्काईवाक बनने से यहां पर काम करने वाले हजारों लोगों को लाभ मिलेगा।

  • सड़क सुरक्षा को लेकर NHAI सख्त, करनाल में हाईवे किनारे अतिक्रमण पर कार्रवाई

    सड़क सुरक्षा को लेकर NHAI सख्त, करनाल में हाईवे किनारे अतिक्रमण पर कार्रवाई

     करनाल
     सड़क सुरक्षा को मजबूत करने और निर्बाध राजमार्ग संचालन सुनिश्चित करने के एक निर्णायक कदम के तहत, एनएचएआई क्षेत्रीय कार्यालय, चंडीगढ़ के अधीन परियोजना क्रियान्वयन इकाई (पीआईयू)-अंबाला ने ऑपरेशन एंड मेंटेनेंस (ओएंडएम) व्यवस्था के तहत रखरखाव किए जाने वाले पानीपत-खन्ना कॉरिडोर पर करनाल में एनएच-44 के किनारे एक व्यापक अतिक्रमण विरोधी अभियान चलाया।

    इस अभियान का उद्देश्य राष्ट्रीय राजमार्ग को सुरक्षित, सुलभ और बाधाओं से मुक्त रखना था, जिसके तहत राजमार्ग के राइट-ऑफ-वे (मार्ग के अधिकार क्षेत्र) के भीतर अनधिकृत संरचनाओं, सड़क किनारे के अवरोधों और अतिक्रमणों को निशाना बनाया गया।

    यह कार्रवाई राजमार्ग की भूमि की सुरक्षा करने, यातायात की आवाजाही में सुधार लाने और यह सुनिश्चित करने के एनएचएआई के निरंतर प्रयासों का हिस्सा है कि नियमित रखरखाव, आपातकालीन प्रतिक्रिया और अन्य राजमार्ग संचालन बिना किसी रुकावट के किए जा सकें।

    एनएच-44 एक महत्वपूर्ण राष्ट्रीय परिवहन गलियारा है, जिस पर भारी यात्री और वाणिज्यिक यातायात होता है। अतिक्रमण न केवल राजमार्ग की भूमि के प्रभावी उपयोग को सीमित करते हैं, बल्कि गंभीर सुरक्षा खतरे भी पैदा कर सकते हैं, दृश्यता में बाधा डाल सकते हैं और आपातकालीन व रखरखाव कार्यों में रुकावट बन सकते हैं।

    संबंधित टीमों ने दोहराया है कि दोबारा अतिक्रमण को रोकने के लिए साफ किए गए हिस्सों की नियमित रूप से निगरानी की जाएगी। राजमार्ग के किनारे स्थित हितधारकों को भी राजमार्ग की भूमि पर अनधिकृत कब्जे से परहेज करने की सलाह दी गई है।

    यह पहल सड़क उपयोगकर्ताओं और व्यापक जनता के हित में एनएच-44 के पानीपत-खन्ना खंड को सुरक्षित, कुशल, बाधा रहित और पूरी तरह से चालू रखने की प्रतिबद्धता को सुदृढ़ करती है।

  • हरियाणा में 1.67 लाख एकड़ जमीन खरीदने की तैयारी, 39 शहरों में ट्रांसपोर्ट नगर और KMP पर नमो सिटी

    हरियाणा में 1.67 लाख एकड़ जमीन खरीदने की तैयारी, 39 शहरों में ट्रांसपोर्ट नगर और KMP पर नमो सिटी

    चंडीगढ़
     हरियाणा के 39 शहरों में यातायात व्यवस्था को सुधारने और ट्रैफिक जाम से निजात दिलाने के लिए ट्रांसपोर्ट नगर बनाए जाएंगे। इसके अलावा कुंडली-मानेसर-पलवल (केएमपी) एक्सप्रेस-वे के किनारे नमो सिटी बसाई जाएगी। इसके लिए जगह तय होनी बाकी है।

    ट्रांसपोर्ट नगर के लिए आठ हजार एकड़ और नमो सिटी के लिए नौ हजार एकड़ जमीन खरीदने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। इसी तरह आवासीय और व्यावसायिक परियोजनाओं के लिए 27 शहरों में 47 हजार एकड़ जमीन खरीदी जाएगी।

    प्रदेश सरकार ने विभिन्न परियोजनाओं के लिए 71 शहरों में एक लाख 67 हजार एकड़ जमीन खरीदने की योजना बनाई है, जिसके चौथे चरण में किसानों से 64 हजार एकड़ जमीन मांगी गई है। सरकार को जमीन बेचने के इच्छुक किसान ई-भूमि पोर्टल पर 31 अक्टूबर तक आवेदन कर सकते हैं। इनमें सबसे महत्वाकांक्षी परियोजना नमो सिटी की है

    एनसीआर रीजनल प्लान-2041 के तहत इस मेगा स्मार्ट सिटी परियोजना का उद्देश्य भविष्य की जरूरतों के मुताबिक एक आधुनिक, प्रदूषण-मुक्त और तकनीक आधारित शहर बसाना है। यह शहर पूरी तरह ‘ग्रीन और स्मार्ट’ होगा। इसके बड़े हिस्से में हरियाली (ग्रीन बेल्ट) विकसित की जाएगी।

    प्रदूषण रोकने के लिए केवल इलेक्ट्रिक वाहन और साइकिलों को अनुमति दी जाएगी। शहर को ‘ग्लोबल मिनीफाइड स्मार्ट सिटी’ की तर्ज पर विकसित किया जाएगा। यहां 24 घंटे बिजली-पानी, भूमिगत यूटिलिटी लाइन, स्मार्ट कचरा प्रबंधन जैसी सुविधाएं होंगी।

    घरों के पास ही दफ्तर और व्यावसायिक केंद्र होंगे, जिससे ट्रैफिक और प्रदूषण कम होगा। 24 घंटे बिजली-पानी और स्मार्ट नागरिक सुविधाओं के साथ भूमिगत यूटिलिटी नेटवर्क और आधुनिक कचरा प्रबंधन व्यवस्था होगी। घर, दफ्तर और व्यावसायिक केंद्र पास-पास होंगे, जिससे ट्रैफिक और प्रदूषण कम होगा।

    जमीन का मोल-भाव कर सकेंगे किसान
    प्रदेश सरकार की योजना है कि हरियाणा को उत्तर भारत के औद्योगिक विनिर्माण आधार, लाजिस्टिक्स हब और राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र के लिए सेटेलाइट शहरीकरण क्षेत्र के रूप में विकसित किया जाए, जिसके लिए काफी जमीन की जरूरत है।

    भूमि अधिग्रहण के विवाद खत्म करने के लिए सरकार नई पॉलिसी लागू कर चुकी है, जिसके तहत जबरन जमीन नहीं लेकर किसानों की मर्जी से उनकी मुंहमांगी कीमत पर खरीदी जाएगी। अगर प्रदेश सरकार को जमीन और भू-स्वामी द्वारा पेशकश किए गए रेट पसंद आएंगे तो इसे खरीद लिया जाएगा। विभिन्न मामलों में जमीन का मोलभाव करना भी संभव हो सकेगा।

    हरियाणा भूमि खरीद विवरण
    फरीदाबाद और झज्जर में खरीदी जाएगी सबसे ज्यादा जमीन

    शहर     कुल गांव             जमीन  (एकड़ में)

    रेवाड़ी     18               1946.45
    धारुहेड़ा     5                 286.61
    नारनौल     9              2621.80
    बावल     12                     1981.00
    पंचकूला (एक्सटेंशन-2)     7     800.23
    असंध     1     391.67
    इंद्री     6     261.89
    नीलोखेड़ी-तरावड़ी     9     830.43
    शाहाबाद     8     1473.10
    यमुनानगर-जगाधरी     57     4712.02
    तावड़ू     2     238.38
    फरीदाबाद     51     11895.728
    फिरोजपुर झिरका     2     213.57
    हथीन     4     892.51
    अग्रोहा     2     226.30
    नारनौंद     3     266.83
    उकलाना     7     802.30
    भूना     1     299.05
    रतिया     5     1750.00
    तलवंडी राणा एवं बहबलपुर     2     295.82
    उचाना     2     1412.58
    सफीदों     2     614.80
    रोहतक     21     6122.71
    सांपला     9     6767.17
    कलानौर     2     394.87
    इसराना     1     60.00
    झज्जर     16     10982.30
    खरखौदा     6     2395.18
    गुरुग्राम     8     1314.99
    पिंजौर-कालका     4     73.18
    कोट-बेहला     1     74.68
    रायपुर रानी     1     7.40
    अंबाला     3     111.28
    साहा     1     44.00
    घरौंडा     1     16.80
    पिहोवा     1     120.00
    सोनीपत     9     772.51
    गन्नौर     4     184.07
    गोहाना     1     26.00
    समालखा     2     16.00
    मतलौडा     1     32.00
    बेरी     2     24.41
    बहादुरगढ़     4     376.183
    बादसा     2     51.89
    बरवाला     1     23.46
    फतेहाबाद     4     281.36
    नरवाना     2     33.06
    जुलाना     4     22.01

    रेवाड़ी     18     1946.45
    धारुहेड़ा     5     286.61
    नारनौल     9     2621.80
    बावल     12     1981.00
    पंचकूला (एक्सटेंशन-2)     7     800.23
    असंध     1     391.67
    इंद्री     6     261.89
    नीलोखेड़ी-तरावड़ी     9     830.43
    शाहाबाद     8     1473.10
    यमुनानगर-जगाधरी     57     4712.02
    तावड़ू     2     238.38
    फरीदाबाद     51     11895.728
    फिरोजपुर झिरका     2     213.57
    हथीन     4     892.51
    अग्रोहा     2     226.30
    नारनौंद     3     266.83
    उकलाना     7     802.30
    भूना     1     299.05
    रतिया     5     1750.00
    तलवंडी राणा एवं बहबलपुर     2     295.82
    उचाना     2     1412.58
    सफीदों     2     614.80
    रोहतक     21     6122.71
    सांपला     9     6767.17
    कलानौर     2     394.87
    इसराना     1     60.00
    झज्जर     16     10982.30
    खरखौदा     6     2395.18
    गुरुग्राम     8     1314.99
    पिंजौर-कालका     4     73.18
    कोट-बेहला     1     74.68
    रायपुर रानी     1     7.40
    अंबाला     3     111.28
    साहा     1     44.00
    घरौंडा     1     16.80
    पिहोवा     1     120.00
    सोनीपत     9     772.51
    गन्नौर     4     184.07
    गोहाना     1     26.00
    समालखा     2     16.00
    मतलौडा     1     32.00
    बेरी     2     24.41
    बहादुरगढ़     4     376.183
    बादसा     2     51.89
    बरवाला     1     23.46
    फतेहाबाद     4     281.36
    नरवाना     2     33.06
    जुलाना     4     22.01

  • ड्रोन से लेकर AI तक, हरियाणा में बनेगा नया इनोवेशन इकोसिस्टम; युवाओं को मिलेंगे स्टार्टअप के अवसर

    ड्रोन से लेकर AI तक, हरियाणा में बनेगा नया इनोवेशन इकोसिस्टम; युवाओं को मिलेंगे स्टार्टअप के अवसर

     चंडीगढ़
    हरियाणा को ड्रोन इनोवेशन, स्वदेशी तकनीक, उन्नत विनिर्माण और युवा उद्यमिता का केंद्र बनाने की दिशा में राज्य सरकार ने ‘ड्रोनोथान-हरियाणा ड्रोन इनोवेशन चैलेंज’ शुरू किया है। उद्योग एवं वाणिज्य विभाग, स्टार्टअप हरियाणा और ड्रोन टेक मल्टी-स्टेट कोआपरेटिव सोसाइटी लिमिटेड की इस संयुक्त पहल के तहत उद्योगों की वास्तविक तकनीकी जरूरतों को विश्वविद्यालयों और युवा इनोवेटर्स से जोड़ा जाएगा।

    हरियाणा निवास में उद्योग एवं वाणिज्य विभाग के आयुक्त एवं सचिव डॉ. अमित कुमार अग्रवाल की अध्यक्षता में हुई उच्चस्तरीय ड्रोन उद्योग परामर्श बैठक में ड्रोन निर्माता कंपनियों, टेक्नोलाजी कंपनियों, प्रशिक्षण संस्थानों, इनक्यूबेटरों और ड्रोन इकोसिस्टम से जुड़े प्रतिनिधियों ने भागीदारी की।

    हरियाणा सरकार की मंशा इस पहल के जरिए हरियाणा में आरएंडडी, प्रोटोटाइप निर्माण, बौद्धिक संपदा, स्टार्टअप, निवेश, कौशल विकास और रोजगार का ऐसा इकोसिस्टम तैयार करने की है, जिसमें प्रदेश के विश्वविद्यालयों और युवाओं की प्रतिभा सीधे ड्रोन उद्योग की जरूरतों से जुड़े।

    ड्रोनोथान को राज्यव्यापी यूनिवर्सिटी इनोवेशन प्रोग्राम के रूप में विकसित किया जाएगा। स्टार्टअप हरियाणा से जुड़े इनक्यूबेटरों के माध्यम से विश्वविद्यालयों और उच्च शिक्षण संस्थानों तक यह पहल पहुंचाई जाएगी। इनक्यूबेटर छात्र टीमों की पहचान, कैंपस आउटरीच, मेंटरशिप, चैलेंज, मूल्यांकन और आगे इन्क्यूबेशन में सहयोग करेंगे।

    उद्योगों और ड्रोन कंपनियों को अपनी वास्तविक तकनीकी समस्याओं के ‘प्राब्लम स्टेटमेंट’ देने होंगे। विश्वविद्यालयों के विद्यार्थी, फैकल्टी, शोधकर्ता और युवा इनोवेटर्स इन चुनौतियों के व्यावहारिक, स्केलेबल और व्यावसायिक समाधान विकसित करेंगे। इससे छात्रों को अकादमिक परियोजनाओं से आगे बढ़कर वास्तविक औद्योगिक और सरकारी जरूरतों पर काम करने का अवसर मिलेगा।

    समाधान से प्रोटोटाइप और बाजार तक पहुंचेगी प्रतिभा
    ड्रोनोथान में उद्योग केवल समस्या बताएगा ही नहीं, बल्कि चयनित टीमों को तकनीकी मार्गदर्शन, डोमेन विशेषज्ञता और व्यावहारिक इनपुट भी देगा। बेहतर समाधानों को प्रूफ आफ कांसेप्ट, फील्ड ट्रायल, इन्क्यूबेशन, उद्योग मेंटरशिप, निवेश सुविधा और व्यावसायीकरण के अवसरों से जोड़ा जा सकेगा। इसका लक्ष्य प्रतियोगिता से आगे बढ़कर नवाचार से उद्यमिता और विनिर्माण तक पूरी श्रृंखला तैयार करना है।

    चुनौतियों के समाधान के लिए 20 से ज्यादा क्षेत्र
    चैलेंज में प्रिसिजन एग्रीकल्चर, ड्रोन मैपिंग-सर्वेक्षण, सड़क-पुल निरीक्षण, इन्फ्रास्ट्रक्चर मानिटरिंग, लाजिस्टिक्स व लास्ट-माइल डिलीवरी, औद्योगिक निरीक्षण, आपदा प्रबंधन, सार्वजनिक सुरक्षा, एआई आधारित स्वायत्त ड्रोन, स्वदेशी कंपोनेंट, बैटरी व प्रोपल्शन, संचार प्रणाली, जीआइएस, डेटा एनालिटिक्स, रक्षा एवं रणनीतिक उपयोग, काउंटर-ड्रोन तकनीक, स्वास्थ्य सेवाएं, स्मार्ट सिटी, खनन और उन्नत विनिर्माण जैसे क्षेत्र शामिल होंगे।

     

  • 97.86 लाख टन धान उत्पादन का अनुमान, मंडियों पर दबाव की आशंका; हरियाणा ने बढ़ाया खरीद

    97.86 लाख टन धान उत्पादन का अनुमान, मंडियों पर दबाव की आशंका; हरियाणा ने बढ़ाया खरीद

    चंडीगढ़
     हरियाणा में इस बार धान की संभावित रिकार्ड पैदावार के बीच खरीद को लेकर राज्य सरकार ने केंद्र के सामने अपना पक्ष मजबूती से रखा है। खाद्य एवं आपूर्ति राज्य मंत्री राजेश नागर ने गुरुवार को नई दिल्ली में केंद्रीय खाद्य एवं आपूर्ति मंत्री प्रहलाद जोशी से मुलाकात कर हरियाणा के लिए धान खरीद का कोटा बढ़ाने की मांग की।

    उन्होंने स्पष्ट कहा कि प्रदेश में उत्पादन अधिक होने की स्थिति में किसानों की पूरी फसल खरीदने की व्यवस्था जरूरी है। बैठक में विभाग के प्रिंसिपल सेक्रेटरी जे गणेशन समेत वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद रहे।

    राजेश नागर ने केंद्र से हरियाणा को कम से कम 65 लाख टन धान खरीद की मंजूरी देने का अनुरोध किया। प्रदेश सरकार ने पहले करीब 60 लाख टन धान खरीद की मंजूरी मांगी थी, जबकि केंद्र ने फिलहाल 58 लाख टन की ही मंजूरी दे रखी है।

    ऐसे में राज्य सरकार को आशंका है कि यदि उत्पादन अनुमान के मुताबिक अधिक रहा तो खरीद के समय मंडियों में दबाव बढ़ सकता है और किसानों को अपनी फसल बेचने में परेशानी आ सकती है।

    चावल का कोटा घटने से भी बढ़ी चिंता
    बैठक में हरियाणा ने धान के साथ-साथ चावल के खरीद कोटे में कमी का मुद्दा भी उठाया। केंद्र की ओर से चावल लेने का कोटा करीब 8 लाख टन घटाया गया है। केंद्र की ओर से हर साल लगभग 40 टन चावल खरीदा जाता है।

    राज्य सरकार का कहना है कि धान की अधिक उपलब्धता के बीच चावल का कोटा कम होने से खरीद और उठान की पूरी व्यवस्था प्रभावित हो सकती है।

    इस बार सबसे अधिक धान उत्पादन की संभावना
    इस बार प्रदेश में करीब 17.41 लाख हेक्टेयर क्षेत्र में धान की रोपाई हुई है। पिछले वर्षों में भी धान उत्पादन लगातार बढ़ा है। वर्ष 2021-22 में करीब 82.29 लाख टन, 2022-23 में 88.20 लाख टन, 2023-24 में 94.20 लाख टन और 2024-25 में 92.99 लाख टन उत्पादन दर्ज हुआ। इस बार उत्पादन करीब 97.86 लाख टन तक पहुंचने का अनुमान है।

    राजेश नागर को खरीद कोटा बढ़ने की उम्मीद
    केंद्रीय मंत्री के साथ हुई बैठक के बाद राजेश नागर ने कहा कि केंद्रीय मंत्री ने हरियाणा की मांग पर सकारात्मक और सहानुभूतिपूर्वक विचार करने का भरोसा दिया है। उन्होंने उम्मीद जताई कि किसानों के हित को देखते हुए धान खरीद का कोटा बढ़ाया जाएगा।

     

  • हरियाणा में वोटर लिस्ट का बड़ा अपडेट! 30 सितंबर तक मौका, जन्म वर्ष के हिसाब से देने होंगे दस्तावेज

    हरियाणा में वोटर लिस्ट का बड़ा अपडेट! 30 सितंबर तक मौका, जन्म वर्ष के हिसाब से देने होंगे दस्तावेज

    चंडीगढ़
    हरियाणा में चल रहे विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के बीच अभी तक एक लाख 36 हजार 646 लोगों ने अपना नाम मतदाता सूचियों में जुड़वाने के लिए फार्म-6 भरा है। अयोग्य या मृत व्यक्तियों के नाम मतदाता सूची से कटवाने के लिए 10 हजार 156 फार्म-7 भरे गए हैं, जबकि एक लाख छह हजार 671 मतदाताओं ने नाम-पते सहित अपनी अन्य जानकारी अपडेट करने के लिए फार्म-8 भरा है।

    त्रुटियां ठीक कराने के लिए अंतिम तिथि 31 अगस्त से बढ़ाकर 30 सितंबर की जा चुकी है। फार्म-6 और आठ में पिछले एसआईआर की मतदाता सूची का स्वयं या माता-पिता, दादा-दादी का विवरण भरना होता है।

    यदि किसी पात्र व्यक्ति के पास पिछले एसआईआर की मतदाता सूची का रिकॉर्ड/विवरण उपलब्ध नहीं है तो जन्म वर्ष के अनुसार अपने दस्तावेज फार्म 6 व फार्म 8 के साथ संलग्न अवश्य करें।
    मुख्य निर्वाचन अधिकारी ए श्रीनिवास ने बताया कि मतदाता सूची में नाम दर्ज कराने या स्थानांतरण के लिए घोषणा पत्र भी जमा करना होगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि केवल पुराना मतदाता रिकॉर्ड या संबंधित दस्तावेज उपलब्ध न होने के आधार पर किसी पात्र मतदाता का नाम मतदाता सूची से नहीं हटाया जा सकता।

    मतदाता की पात्रता का परीक्षण निर्वाचन आयोग द्वारा निर्धारित उपलब्ध दस्तावेजों के आधार पर किया जाएगा। जिन मतदाताओं का पिछली एसआईआर सूची से मिलान नहीं हुआ है, उन्हें अपनी पात्रता के साक्ष्य के रूप में दस्तावेज प्रस्तुत करने होंगे। यदि किसी व्यक्ति का जन्म भारत में एक जुलाई 1987 से पहले हुआ है तो दस्तावेज सूची में से स्वयं का कोई भी दस्तावेज प्रस्तुत कर सकता है।

    एक जुलाई 1987 से दो दिसंबर 2004 के बीच जन्मे मतदाताओं को अपना तथा अपने माता-पिता में से किसी एक का दस्तावेज प्रस्तुत करना होगा। दो दिसंबर 2004 के बाद जन्मे मतदाताओं को स्वयं का, अपने पिता तथा अपनी माता का दस्तावेज प्रस्तुत करना होगा।

    यदि माता-पिता भारतीय नहीं हैं, तो जन्म के समय के उनके वैध वीजा तथा पासपोर्ट की प्रति प्रस्तुत करनी होगी। अगर किसी व्यक्ति का जन्म भारत के बाहर हुआ है तो भारतीय मिशन द्वारा जारी किया गया जन्म पंजीकरण संलग्न करना होगा। यदि पंजीकरण द्वारा भारतीय नागरिकता प्राप्त की है तो नागरिकता पंजीकरण प्रमाणपत्र संलग्न करना होगा।

    यह दस्तावेज होंगे मान्य

    •     किसी केंद्रीय/राज्य/ पीएसयू के नियमित कर्मचारी/पेंशनभोगी को जारी कोई पहचान पत्र/ पेंशन भुगतान आदेश
    •     एक जुलाई 1987 से पहले भारत में सरकार/स्थानीय प्राधिकरण/बैंक/डाकघर/ एसलआइसी/पीएसयू द्वारा जारी कोई भी पहचान पत्र/ प्रमाण पत्र/दस्तावेज
    •     सक्षम प्राधिकारी द्वारा जारी जन्म प्रमाणपत्र
    •     पासपोर्ट
    •     मान्यता प्राप्त बोर्ड/विश्वविद्यालय द्वारा जारी मैटिक परीक्षा/ शैक्षणिक प्रमाण-पत्र
    •     सक्षम राज्य प्राधिकारी द्वारा जारी स्थायी निवास प्रमाण-पत्र
    •     वन अधिकार प्रमाण-पत्र
    •     सक्षम प्राधिकारी द्वारा जारी ओबीसी/एससी/एसटी या कोई भी जाति प्रमाणपत्र
    •     राष्ट्रीय नागरिक रजिस्टर, जहां भी यह प्रचलन में हो
    •     राज्य/स्थानीय प्राधिकारियों द्वारा तैयार किया गया परिवार रजिस्टर
    •     सरकार द्वारा कोई भी भूमि/ मकान आवंटन प्रमाणपत्र
    •     आधार के लिए चुनाव आयोग के माध्यम से जारी अनुदेश लागू होंगे।
  • हरियाणा में बदला मौसम का मिजाज, 6 जिलों में आज वर्षा का अलर्ट; मानसून हुआ एक्टिव

    हरियाणा में बदला मौसम का मिजाज, 6 जिलों में आज वर्षा का अलर्ट; मानसून हुआ एक्टिव

    हिसार.

    हरियाणा में मानसून आज से एक्टिव होने जा रहा है। मौसम विभाग के अनुसार आगामी तीन दिनों तक प्रदेश में अच्छी बारिश होने के आसार हैं। हालांकि मध्यप्रदेश में एक नया चक्रवातीय सर्कुलेशन बना है, जो मानसूनी हवाओं को अपनी तरफ खींच रहा है।

    इससे हरियाणा में पश्चिमी और उत्तरी हवाएं मिल रही हैं। इससे हरियाणा में मानसूनी गतिविधियों में बढ़ोतरी देखने को मिल सकती है। मौसम विभाग ने आज पंचकूला, अंबाला और यमुनानगर में भारी बारिश का यलो अलर्ट जारी किया है। इसके अलावा 11 जिलों में सिरसा, हिसार फतेहाबाद, जींद, भिवानी, रोहतक, झज्जर, चरखीदादरी, कैथल, महेंद्रगढ़ और रेवाड़ी में हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है। बाकि हिस्सों में छिटपुट बूंदाबांदी हो सकती है। मौसम विभाग ने आगामी 6 सितंबर तक मानसून सक्रिय रहने और अधिकांश इलाकों में बारिश की संभावना जताई है।

    हरियाणा में अगले 5 दिनों के लिए यलो अलर्ट
    मौसम केंद्र चंडीगढ़ के अनुसार, उत्तरी और पूर्वी हरियाणा पंचकुला, अंबाला, यमुनानगर, कुरुक्षेत्र, कैथल, करनाल में अगले कुछ दिनों तक भारी बारिश की संभावना है। मौसम विभाग ने इन इलाकों के लिए यलो अलर्ट जारी किया है। दक्षिण व पश्चिम हरियाणा हिसार, सिरसा, फतेहाबाद, भिवानी, महेंद्रगढ़, रेवाड़ी में छिटपुट या हल्की बारिश देखने को मिल सकती है। 5 और 6 सितंबर को दक्षिण-पूर्वी हरियाणा के जिलों में बारिश की गतिविधियां बढ़ सकती हैं।

    हिसार सबसे गर्म, पलवल में रातें सबसे ठंडी
    हरियाणा में पिछले कई दिनों से मानसून कमजोर पड़ने के कारण तापमान में बढ़ोतरी देखी जा रही है। हिसार लगातार पूरे प्रदेश में सबसे गर्म बना हुआ है। यहां अधिकतम तापमान 37.1°C दर्ज किया गया। वहीं पलवल में रात का पारा 24.5°C दर्ज हुआ, जो राज्य में सबसे कम है। अंबाला में तापमान 34.1°C, करनाल में 34.2°C, रोहतक में 31.9°C, गुरुग्राम में 32.0°C और भिवानी में 35.5°C दर्ज किया गया। मौसम विभाग का कहना है मानसून सक्रिय रहने से दिन के तापमान में गिरावट आ सकती है।

  • हरियाणा में जमीन रजिस्ट्रियों की जांच में बड़ा खुलासा, ₹999 करोड़ की टैक्स अनियमितता

    हरियाणा में जमीन रजिस्ट्रियों की जांच में बड़ा खुलासा, ₹999 करोड़ की टैक्स अनियमितता

    चंडीगढ़.

    हरियाणा में वर्ष 2023-24 में करों में हेराफेरी से सरकारी खजाने को 999 करोड़ रुपये का ‘फटका’ लग गया। बिक्री कर, मूल्य वर्धित कर (वैट), जमीन की रजिस्ट्री के दौरान स्टांप शुल्क एवं पंजीकरण फीस, उत्पाद शुल्क व परिवहन कर की वसूली के 7144 मामलों में अनियमितताएं साामने आई हैं।

    कृषि भूमि के नाम पर 266 आवासीय, वाणिज्यिक या औद्योगिक प्लाटों की रजिस्ट्री कर दी गईं, जिससे सरकारी खजाने को 34 करोड़ रुपये के स्टांप शुल्क का नुकसान हुआ। इन रजिस्ट्रियों में सरकार को 49.60 करोड़ का शुल्क मिल पाया, जबकि मिलने चाहिए थे 83.68 करोड़ रुपये। नियंत्रक एवं महालेखापरीक्षक (कैग) द्वारा विधानसभा में रखी गई रिपोर्ट में यह खामियां सामने आई हैं। संबंधित विभागों ने 5769 मामलों में 814 करोड़ रुपये की कम वसूली को स्वीकार भी किया है। क्षेत्रीय परिवहन प्राधिकरण पंचकूला में नियंत्रक अधिकारी द्वारा नियमों का पालन न करने से 5.43 करोड़ के सरकारी धन का संदिग्ध दुर्विनियोग हुआ।

    वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) के तहत कार्य अनुबंध/निर्माण सेवाओं पर लेखापरीक्षा में छूट और रियायती दरों का गलत लाभ उठाने, अग्रिमों एवं अचल परिसंपत्तियों पर कर का भुगतान न करने तथा ब्याज के कम भुगतान से 389 करोड़ की चपत लगी। इनपुट टैक्स क्रेडिट में 37.69 करोड़ की अनियमितताएं मिली। कर के कम भुगतान, टर्नओवर को छिपाने, इनपुट टैक्स क्रेडिट का मिलान न होने और ब्याज के कम उद्ग्रहण से 4.83 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ। जीएसटी मामलों में कर निर्धारण को अंतिम रूप देते समय अंतिम स्टाक के संदर्भ में सत्यापन नहीं किया, इस कारण पांच डीलरों से 6.67 करोड़ का कर नहीं लिया जा सका। कर निर्धारण प्राधिकारी ने वस्तुओं की बिक्री पर लागू कर की दर से कम टैक्स लगाया, जिसके परिणामस्वरूप 3.31 करोड़ के कर और 2.47 करोड़ के ब्याज की वसूली नहीं हो पाई।

    जमीन की रजिस्ट्रियों में स्टांप शुल्क को लेकर ऐसे चला ‘खेल’
    स्टांप शुल्क वसूली के 59 मामलों में सहयोग करारों के गलत वर्गीकरण/अवमूल्यांकन के परिणामस्वरूप 30.65 करोड़ का कम स्टांप शुल्क मिला। 53 दस्तावेजों में बंधक विलेख पंजीकृत किए गए थे, जिनमें पंजीकरण फीस या तो कम ली गई, या बिल्कुल भी नहीं ली गई। इसके परिणामस्वरूप 9.43 करोड़ का स्टांप शुल्क एवं पंजीकरण फीस नहीं ली जा सकी। दस मामलों में साधारण बंधक दस्तावेजों के गलत वर्गीकरण के परिणामस्वरूप 50.27 लाख का नुकसान हुआ। इस प्रकार 9.93 करोड़ के स्टांप शुल्क एवं पंजीकरण फीस का उद्ग्रहण नहीं हुआ हो सका। 24 समझौता डिक्रियां, जो वास्तविक नहीं थी, नाममात्र स्टांप शुल्क लेकर पंजीकृत की गई थी, जिसके परिणामस्वरूप 4.90 करोड़ का नुकसान हुआ। पंजीकरण प्राधिकारियों ने भूमि विनिमय के 32 विलेखों को पंजीकृत करते समय 16.10 लाख का स्टांप शुल्क एवं पंजीकरण फीस उद्ग्रहित की, जबकि इन पर 1.92 करोड़ का स्टांप शुल्क बनता था। कारण यह कि इन भूमि का विनिमय अलग-अलग राजस्व संपदाओं या आवासीय भूमि के अंतर्गत आता था। इसके परिणामस्वरूप 1.76 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ।

    कैग की ओर से दिया गया निगरानी तंत्र बनाने का सुझाव
    कैग ने सरकार को सुझाव दिया है कि लेखापरीक्षा के लिए करदाताओं के विस्तृत अभिलेख प्राप्त करने और उपलब्ध कराने के लिए एक तंत्र स्थापित किया जाए। इससे कर अधिकारियों द्वारा नियमों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित किया जा सकेगा। विभाग रिटर्न और लिए गए इनपुट टैक्स क्रेडिट की सत्यता की जांच करे तथा रिटर्न में पाई गई विसंगतियों या अनियमितताओं पर कड़ी कार्रवाई करे।

  • 2 लाख की लूट के आरोपी का कुरुक्षेत्र में एनकाउंटर, पुलिस की गोली से हुआ घायल

    2 लाख की लूट के आरोपी का कुरुक्षेत्र में एनकाउंटर, पुलिस की गोली से हुआ घायल

    कुरुक्षेत्र.

    पिहोवा में मंगलवार की सायं दो लाख रुपये की लूट करने के तीन आरोपितों को पुलिस ने मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस मुठभेड़ में एक आरोपित की टांग में गोली लगी है। तीनों आरोपितों को पुलिस की अपराध अन्वेषण शाखा दो की टीम ने उत्तराखंड में हरिद्वार से गिरफ्तार किया है।

    गिरफ्तारी के बाद वापसी में कुरुक्षेत्र आते हुए एक आरोपित अभिषेक ने लाडवा के पास पहुंचकर करने के बहाने पुलिस की गाड़ी रुकवाई। आरोपित ने भागने का प्रयास किया तो पुलिस ने गोली चला दी। गोली आरोपित की टांग में लगी है। घायल को इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती करवाया गया है। आरोपितों की पहचान पिहोवा के अभिषेक, अमित उर्फ अंकित, आशीष के रूप में हुई है। तीनों आरोपितों पर पहले भी छीना झपटी के कई मामले दर्ज हैं। पिहोवा की शास्त्री कालोनी निवासी सतपाल सिंह रामगढ़िया ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि वह मकान निर्माण का ठेकेदार है।

    वह मंगलवार शाम अपने मिस्त्री को भुगतान करने के लिए घर से दो लाख रुपये लेकर मोटरसाइकिल पर निकला था। वह गुहला-चीका रोड पर हुडा ग्राउंड के पास पहुंचा ही था कि पीछे से मोटरसाइकिल पर सवार तीन युवक उसके पास आए। युवकों ने ठेकेदार को निशाना बनाते हुए उसकी मोटरसाइकिल को धक्का मार दिया। अचानक धक्का लगने से वह माेटरसाइकिल समेत सड़क पर गिर गया और उसे चोटें आईं। इसी दौरान बर्फ तोड़ने वाले सूए का डर दिखाकर आरोपितों ने उसकी जेब से दो लाख रुपये निकाल लिए। वारदात को अंजाम देने के बाद तीनों युवक अपनी मोटरसाइकिल पर सवार होकर ज्योतिसर जंगल की तरफ फरार हो गए। शिकायत मिलते ही पुलिस की अलग-अलग टीमों ने आराेपितों की तलाश शुरू कर दी थी।

    ठिकानों पर दी दबिश, हरिद्वार पहुंचे आरोपित
    घटना की सूचना मिलते ही पुलिस ने सीसी टीवी फुटेज और अन्य साक्ष्यों के आधार पर आरोपितों की पहचान कर उनके घर और ठिकानों पर दबिश दी। पुलिस से बचने के लिए आरोपित हरिद्वार पहुंच गए। पुलिस भी आरोपितों की पीछे हरिद्वार पहुंची और उन्हें गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तारी के बाद वापसी में एक आरोपित अभिषेक से लाडवा से आगे गांव मथाना के पास पहुंचकर पेशाब करने के लिए पुलिस की गाडी रुकवाई। पेशाब करने के बहाने गाड़ी से नीचे उतरे अभिषेक से फरार होने का प्रयास किया तो पुलिस ने गोली चला दी। पुलिस की गोली आरोपित की टांग में लगने से वह घायल हो गया। पुलिस ने घायल आरोपित को लोकनायक जयप्रकाश अस्पताल में भर्ती करवाया है।

    तीनों आरोपित गिरफ्तार
    पुलिस की अपराध अन्वेषण शाखा दो के प्रभारी निरीक्षक मनदीप सिंह ने बताया कि पिहोवा में बर्फ तोड़ने वाले सूए की नोक पर जान से मारने की धमकी देकर की गई दो लाख रुपये की लूट के मामले के तीनों आरोपितों को गिरफ्तार कर लिया है। इसको लेकर थाना पिहोवा शहर में मामला दर्ज किया गया था। मामले की जांच में पिहोवा निवासी अभिषेक, आशीष और अंकित के नाम सामने आए थे। आरोपित वारदात को अंजाम देने के बाद हरिद्वार पहुंच गए थे। तीनों को हरिद्वार से गिरफ्तार किया गया है। आरोपितों के खिलाफ पहले भी छीना-झपटी और चोरी के 10 मामले दर्ज हैं।

  • हरियाणा HC का अहम निर्णय, तीन कैटेगरी के कर्मचारियों को अब मिलेगी पुरानी पेंशन

    हरियाणा HC का अहम निर्णय, तीन कैटेगरी के कर्मचारियों को अब मिलेगी पुरानी पेंशन

    चंडीगढ़.

    हरियाणा के कर्मचारियों की पुरानी पेंशन योजना को लेकर चल रहे लंबे विवाद में पंजाब एवं हरियाणा हाई कोर्ट ने अहम फैसला सुनाया है। 46 याचिकाओं का निपटारा करते हुए कोर्ट ने मामलों को चार अलग-अलग श्रेणियों में बांटकर निर्णय दिया। इनमें एक श्रेणी के कर्मचारियों को राहत नहीं मिली, जबकि तीन अन्य श्रेणियों के कर्मचारियों के लिए पुरानी पेंशन योजना का रास्ता साफ कर दिया गया है।

    खास तौर पर नियमित होने से पहले की लंबी सेवा और पुरानी भर्ती प्रक्रिया से जुड़े कर्मचारियों को बड़ी राहत मिली है। पहली श्रेणी में वे कर्मचारी शामिल थे, जिनकी नियुक्ति एक जनवरी 2006 के बाद और 18 अगस्त 2008 से पहले हुई थी। इन कर्मचारियों ने 28 अक्टूबर 2005 की कटआफ तारीख को बदलकर 18 अगस्त 2008 करने की मांग की थी। उनका तर्क था कि हरियाणा की नई पेंशन योजना 18 अगस्त 2008 को अधिसूचित हुई थी, इसलिए इसी तारीख को आधार बनाया जाना चाहिए।

    हाई कोर्ट ने यह मांग खारिज करते हुए कहा कि राज्य सरकार अपनी कर्मचारियों से संबंधित पेंशन नीति बनाते समय केंद्र सरकार द्वारा निर्धारित कटआफ तारीख को अपनाने के लिए बाध्य नहीं है। इसलिए 28 अक्टूबर 2005 की कटआफ तारीख में बदलाव नहीं किया जा सकता। दूसरी श्रेणी के कर्मचारियों को महत्वपूर्ण राहत मिली है। इसमें वे कर्मचारी शामिल हैं, जिन्होंने एक जनवरी 2006 से पहले पार्ट टाइम, एडहाक, अस्थायी या अनुबंध के आधार पर काम शुरू किया था और बाद में नियमित हुए। कोर्ट ने कहा कि राज्य एक आदर्श नियोक्ता है। लंबे समय तक कर्मचारी से सेवा लेने के बाद उसकी पूर्व सेवा को पूरी तरह नजरअंदाज कर उसे पेंशन जैसे लाभ से वंचित नहीं किया जा सकता। लगातार की गई ऐसी सेवा को केवल पार्ट टाइम या अस्थायी सेवा बताकर बाहर नहीं किया जा सकता। लिहाजा नियमितीकरण से पहले की पात्र निरंतर सेवा को पेंशन के लिए अर्हकारी सेवा में शामिल किया जाएगा।

    पुराने विज्ञापन पर हुई भर्ती में भी ओपीएस का लाभ
    तीसरी श्रेणी में वे कर्मचारी हैं, जिनके लिए भर्ती का विज्ञापन 28 अक्टूबर 2005 से पहले जारी हो चुका था, लेकिन नियुक्ति एक जनवरी 2006 के बाद हुई। कोर्ट ने भर्ती प्रक्रिया शुरू होने की तारीख को अहम माना। यदि बाद में भर्ती प्रक्रिया में कोई बदलाव हुआ या नया विज्ञापन जारी किया गया, लेकिन वह वास्तव में पहले शुरू हुई भर्ती प्रक्रिया की निरंतरता था, तो उसे नई भर्ती नहीं माना जाएगा। ऐसे मामलों में केवल नियुक्ति बाद में होने के आधार पर पुरानी पेंशन का लाभ नहीं रोका जा सकता।

    अनुकंपा नियुक्तियों में भी रास्ता साफ
    चौथी श्रेणी में अनुकंपा और एक्स-ग्रेशिया आधार पर नियुक्त कर्मचारी शामिल हैं। कोर्ट ने कहा कि यदि कर्मचारी की मृत्यु और अनुकंपा नियुक्ति के लिए दावा या आवेदन 28 अक्टूबर 2005 से पहले शुरू हो चुका था, तो बाद में हुई औपचारिक नियुक्ति के कारण उसे पुरानी पेंशन योजना से वंचित नहीं किया जा सकता। ऐसे पात्र कर्मचारियों को आठ मई 2023 के कार्यालय ज्ञापन के तहत ओपीएस का लाभ देने का रास्ता साफ किया गया है।