Category: हरियाणा

  • गन्ने की खेती में आएगी नई क्रांति, वैज्ञानिकों ने तैयार कीं 6 उन्नत किस्में; किसानों की बढ़ेगी कमाई

    गन्ने की खेती में आएगी नई क्रांति, वैज्ञानिकों ने तैयार कीं 6 उन्नत किस्में; किसानों की बढ़ेगी कमाई

    करनाल
    देश में चीनी उद्योग और गन्ना किसान इस समय दोहरी चुनौती से जूझ रहे हैं। वर्षों तक उत्तर भारत के खेतों में राज करने वाली गन्ने की वंडर किस्म सीओ-0238 में रेड रॉट (लाल सड़न) बीमारी के तेजी से फैलने से पैदावार और चीनी उत्पादन पर बुरा असर पड़ा है।

    दूसरी ओर, गन्ने का रकबा घटने से चीनी मिलों के पेराई सत्र प्रभावित हो रहे हैं। इस बढ़ते संकट के बीच भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद के करनाल, लखनऊ संस्थान और महाराष्ट्र के वसंतदादा शुगर इंस्टीट्यूट के वैज्ञानिकों ने ऐसी 6 उन्नत प्रजातियां तैयार की हैं, जो देश के चीनी उद्योग को नई संजीवनी देने जा रही हैं।

    शोध और विकास के किस मुहाने पर खड़ी हैं नई प्रजातियां?
    1.गन्ना प्रजनन अनुसंधान संस्थान करनाल l सीओ-16030: यह किस्म अंतिम रिलीज प्रक्रिया में है। चीनी मिलों में इसके शुद्ध बीज बढ़ाने का काम चल रहा है ताकि किसानों को जल्द व्यावसायिक रूप से उपलब्ध कराया जा सके। l

    सीओ-17018: यह अगेती किस्म वर्तमान में अखिल भारतीय समन्वित गन्ना अनुसंधान परियोजना (एआइसीआरपी) के तहत एडवांस्ड वैराइटल ट्रायल के चरण में है। विज्ञानी इसके शर्करा प्रतिशत और रोग प्रतिरोधकता की गहन निगरानी कर रहे हैं।

    2. भारतीय गन्ना अनुसंधान संस्थान (आइआइएसआर) लखनऊ
    सीओ-एलके14201: यह किस्म शोध का चरण सफलतापूर्वक पार कर भारत सरकार की केंद्रीय प्रजाति विमोचन समिति (सीवीआरसी) द्वारा नोटिफाइड हो चुकी है। वर्तमान में यह उत्तर प्रदेश व मध्य भारत में किसानों के खेतों तक पहुंच चुकी है।

    सीओ-एलके 15201 : इस अगेती किस्म ने राष्ट्रीय परीक्षण पूरे कर लिए हैं। आइआइएसआर लखनऊ के फार्मों पर इसके शुद्ध बीजों का संवर्धन कर इसे राज्य स्तरीय मंजूरी के लिए प्रस्तुत किया गया है।

    3. वसंतदादा शुगर इंस्टीट्यूट (वीएसआइ), पुणे महाराष्ट्र
    वीएसआइ 434: महाराष्ट्र और प्रायद्वीपीय भारत के लिए यह उच्च-शर्करा किस्म आधिकारिक रूप से रिलीज हो चुकी है और चीनी मिलों के कमान क्षेत्रों में व्यापक रूप से बुआई शुरू कर दी गई है।

    सीओ-एम12085: वीएसआइ के प्रयास से विकसित यह किस्म नोटिफाइड होकर महाराष्ट्र के किसानों के लिए उपलब्ध कराई जा रही है। यह विशेषकर पेड़ी फसल और जलभराव वाले क्षेत्रों के लिए वरदान साबित होगी।

    देश में गिरते चीनी उत्पादन में संकटमोचन बनेंगी गन्ने की छह नई प्रजातियां
    एसबीआइ करनाल से डॉ. रविंद्र ने बताया कि छह नई किस्मों को 14 प्रतिशत या इससे भी ऊपर रिकवरी रेट के साथ धरातल पर उतारने का प्रयास विज्ञानियों द्वारा किया जा रहा है। सीओ-16030, सीओएलके 14201 और वीएसआइ 434 जैसी अगेती किस्में 9 से 10 महीने में पककर तैयार हो जाती हैं। इनसे पेराई सत्र की शुरुआत में ही 14 प्रतिशत तक चीनी रिकवरी मिलेगी, कई क्षेत्रों में आंकड़ा इससे भी पार जा सकता है। खास बात ये भी है कि यह रेड राट से पूर्ण सुरक्षित है।

    l आइसीएआर के एसबीआइ क्षेत्रीय केंद्र करनाल, आइआइएसआर लखनऊ और महाराष्ट्र के वसंतदादा शुगर इंस्टीट्यूट में तैयार की जा रही हैं यह अत्याधुनिक किस्में l सर्वाधिक 13 से 14 प्रतिशत रिकवरी देने वाली किस्म सीओ-15023 एकल किस्म पर निर्भरता जोखिम भरी, इसलिए छह नई प्रजातियां इस संकट का करेंगी स्थायी समाधान

     

  • हजारों सफाई कर्मचारियों को मिलेगा नौकरी का सुरक्षा कवच, हरियाणा सरकार ने लिया सैद्धांतिक फैसला

    हजारों सफाई कर्मचारियों को मिलेगा नौकरी का सुरक्षा कवच, हरियाणा सरकार ने लिया सैद्धांतिक फैसला

    चंडीगढ़
     हरियाणा में पालिका रोल पर काम कर रहे सफाई कर्मचारियों के लिए सरकार ने बड़ा फैसला लिया है। नायब सिंह सैनी सरकार ने इन कर्मचारियों को हरियाणा कॉन्ट्रैक्चुअल एम्प्लॉइज (सर्विस की सुनिश्चितता) एक्ट, 2024 के दायरे में लाने का सैद्धांतिक निर्णय लिया है। सरकार के इस कदम से प्रदेश के हजारों सफाई कर्मचारियों को नौकरी की सुरक्षा मिलने की उम्मीद है।

    सरकार के इस निर्णय के लागू होने के बाद पालिका रोल पर कार्यरत सफाई कर्मचारियों की सेवा 60 वर्ष की आयु तक सुरक्षित हो सकेगी। यानी कर्मचारियों को बार-बार नौकरी खत्म होने या सेवा जारी रहने को लेकर अनिश्चितता का सामना नहीं करना पड़ेगा। 60 वर्ष की उम्र को उनकी सेवानिवृत्ति की आयु के तौर पर माना जाएगा।

    नियमित कर्मचारियों जैसी मिलेंगी कई सुविधाएं
    इस व्यवस्था के तहत पालिका रोल के सफाई कर्मचारियों को 2024 के संबंधित अधिनियम के प्रावधानों के अनुसार कई वित्तीय और सेवा संबंधी लाभ मिलने का रास्ता खुलेगा। ये लाभ काफी हद तक नियमित कर्मचारियों को मिलने वाली सुविधाओं के समान होंगे। इससे कर्मचारियों की आर्थिक स्थिति और सेवा शर्तों में सुधार आने की उम्मीद है।

    हजारों कर्मचारियों को मिलेगा फायदा
    हरियाणा सरकार के इस फैसले का सीधा लाभ पालिका रोल पर काम करने वाले हजारों सफाई कर्मचारियों को मिल सकता है। लंबे समय से सेवा कर रहे कर्मचारियों के लिए नौकरी की स्थिरता एक अहम मुद्दा रही है। अब उन्हें 60 वर्ष की आयु तक सेवा सुरक्षा मिलने से भविष्य को लेकर चिंता कम होने की उम्मीद है।

    सफाई कर्मचारी संगठनों के लिए अहम फैसला
    सरकार के इस कदम को सफाई कर्मचारी संघ और उनके परिवारों के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है। सेवा सुरक्षा के साथ वित्तीय और अन्य सेवा लाभ मिलने से कर्मचारियों को राहत मिलने की उम्मीद है। हालांकि, फैसले को पूरी तरह लागू करने के लिए संबंधित प्रक्रिया और औपचारिकताओं को पूरा किया जाना बाकी रहेगा।

    सरकार का यह निर्णय पालिका रोल के सफाई कर्मचारियों को संविदा कर्मचारियों से जुड़े सेवा सुरक्षा प्रावधानों के दायरे में लाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। इसके लागू होने के बाद कर्मचारियों को नौकरी की स्थिरता के साथ कई अन्य सेवा लाभ भी मिल सकेंगे।

  • ‘उदयपुर में फिर भाजपा’ के नारों से गूंजा लेकसिटी, CM भजनलाल ने रोड शो कर मांगा समर्थन

    ‘उदयपुर में फिर भाजपा’ के नारों से गूंजा लेकसिटी, CM भजनलाल ने रोड शो कर मांगा समर्थन

    उदयपुर
    उदयपुर नगर निगम चुनाव को लेकर भाजपा ने चुनावी अभियान का आगाज कर दिया है। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने शनिवार को लेकसिटी में रोड शो कर पार्टी प्रत्याशियों के पक्ष में माहौल बनाने के साथ कार्यकर्ताओं में जोश भरा। सूरजपोल चौराहे से शुरू हुआ मुख्यमंत्री का रोड शो बापू बाजार होते हुए देहली गेट बैंक तिराहे तक पहुंचा। रास्ते में जगह-जगह भाजपा कार्यकर्ताओं, विभिन्न समाजों और स्थानीय लोगों ने मुख्यमंत्री का स्वागत किया।

    रोड शो की शुरुआत से पहले मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने सूरजपोल चौराहे पर श्यामा प्रसाद मुखर्जी की प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित की। इसके बाद वे खुली गाड़ी में सवार होकर रोड शो के लिए रवाना हुए। मुख्यमंत्री के साथ जनजाति मंत्री बाबूलाल खराड़ी, भाजपा नेता राजेंद्र राठौड़, सांसद डॉ. मन्नालाल रावत, शहर विधायक ताराचंद जैन और ग्रामीण विधायक फूलसिंह मीणा मौजूद रहे।

    भाजपा ने रखा 60+ का लक्ष्य
    उदयपुर नगर निगम चुनाव भाजपा के लिए प्रतिष्ठा का चुनाव माना जा रहा है। पार्टी लंबे समय से यहां नगर निगम बोर्ड पर काबिज रही है। इस बार 80 वार्डों में भाजपा ने 60 से अधिक सीटें जीतने का लक्ष्य रखा है। नए परिसीमन के बाद बदले राजनीतिक समीकरण, बागी प्रत्याशियों और संभावित भितरघात के बीच मुख्यमंत्री का रोड शो पार्टी के शक्ति प्रदर्शन के तौर पर देखा जा रहा है।

    मेयर पद इस बार सामान्य होने और वार्डों के नए परिसीमन के चलते चुनावी मुकाबला और रोचक हो गया है। भाजपा कार्यकर्ताओं ने रोड शो के दौरान 'उदयपुर में फिर भाजपा' के नारे लगाए।

    कांग्रेस पर सीएम का हमला
    रोड शो के दौरान मुख्यमंत्री ने कांग्रेस पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि भ्रष्टाचार करने वालों के खिलाफ सरकार सख्त कार्रवाई कर रही है। जिन लोगों ने भ्रष्टाचार किया, उनके मंत्री और अधिकारी जेल में हैं और कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी। उन्होंने कांग्रेस पर चुनाव के समय केवल मुद्दे उछालने का आरोप लगाते हुए कहा कि अब उनका धरातल नहीं बचा है।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि कांग्रेस सरकार के समय तीन नगर निगमों को बढ़ाकर छह किया गया था, जिसे भाजपा सरकार ने समाप्त किया। उन्होंने दावा किया कि उनकी सरकार के ढाई साल के कार्यकाल में एक भी पेपर लीक नहीं हुआ।

    सीएम भजनलाल शर्मा ने अपनी सरकार की उपलब्धियां गिनाते हुए कहा कि विधानसभा चुनाव से पहले संकल्प पत्र में किए गए वादों में से 78 फीसदी पूरे किए जा चुके हैं। उन्होंने रामजल सेतु योजना, नर्मदा के पानी को आगे बढ़ाने और उदयपुर की देवास परियोजना को गति देने का जिक्र किया।

    उन्होंने रोडवेज को लेकर भी कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि कांग्रेस के लोग कहते थे कि रोडवेज कभी मुनाफे में नहीं आ सकती। भाजपा सरकार ने एक हजार नई रोडवेज बसें खरीदी हैं और एक हजार और बसें खरीदी जाएंगी।

    'ट्रिपल इंजन की सरकार जरूरी'
    मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी राजस्थान को हर क्षेत्र में आगे बढ़ाने के लिए लगातार काम कर रहे हैं। केंद्र और राज्य सरकार की योजनाओं को धरातल पर उतारने का काम किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि नगर निकाय और पंचायतों के विकास के लिए ट्रिपल इंजन की सरकार जरूरी है। सीएम ने कार्यकर्ताओं से एक-एक वार्ड में मजबूती से जुटने और भाजपा के पक्ष में माहौल बनाने का आह्वान किया।

  • रेलवे बोर्ड का बड़ा फैसला, SC-ST कर्मियों को पदोन्नति में मिलेगी अंकों की छूट

    रेलवे बोर्ड का बड़ा फैसला, SC-ST कर्मियों को पदोन्नति में मिलेगी अंकों की छूट

     अंबाला
     रेलवे में पदोन्नति का इंतजार कर रहे अनुसूचित जाति (एससी) और अनुसूचित जनजाति (एसटी) के रेलकर्मियों के लिए राहत है।

    आरक्षित पदों को खाली रहने से रोकने और पदोन्नति प्रक्रिया को लेकर लंबे समय से बनी स्थिति को स्पष्ट करने के लिए रेलवे बोर्ड ने अर्हता अंकों में छूट और ‘बेस्ट अमंग द फेल्ड’ योजना को लेकर नई गाइडलाइन जारी की है।

    इसका लाभ गैर-सुरक्षा श्रेणी के पदों पर होने वाली पदोन्नति में मिलेगा। रेलवे बोर्ड ने सभी जोनल रेलवे, उत्पादन इकाइयों, आरडीएसओ और अन्य संबंधित कार्यालयों को दिशा-निर्देश जारी किए हैं।

    बोर्ड ने कहा है कि समय-समय पर निर्देश जारी होने के बावजूद रेलवे और उत्पादन इकाइयों में नियमों को लेकर भ्रम की स्थिति बनी हुई थी। इसे दूर करने के लिए मौजूदा प्रविधानों को दोहराते हुए उनकी स्थिति स्पष्ट की है।

    वरिष्ठता आधारित चयन में 10 प्रतिशत अंकों की छूट
    गैर-सुरक्षा श्रेणी में ग्रुप-सी के भीतर वरिष्ठता के आधार पर पैनल तैयार होने पर एससी-एसटी कर्मचारियों को सामान्य वर्ग के लिए निर्धारित अर्हता अंकों में 10 प्रतिशत की छूट मिलेगी।

    यह रियायत व्यावसायिक योग्यता और कुल अंकों दोनों में लागू होगी। यदि निर्धारित छूट और अन्य रियायतों के बावजूद आरक्षित रिक्तियों के अनुरूप पर्याप्त एससी-एसटी कर्मचारी पैनल में उपलब्ध नहीं होते हैं, तो ‘बेस्ट अमंग द फेल्ड’ योजना के तहत सामान्य अर्हता मानक पूरा नहीं कर पाने वाले कर्मचारियों पर विचार किया जा सकेगा।

    इसके लिए लिखित परीक्षा, मौखिक परीक्षा, सेवा अभिलेख आदि प्रत्येक मद में और कुल मिलाकर कम से कम 20 प्रतिशत अंक हासिल करना जरूरी होगा।

    ऐसे कर्मचारियों को आरक्षित रिक्तियों की संख्या के अनुरूप पैनल में शामिल किया जा सकेगा। इस योजना के तहत पदोन्नति तदर्थ आधार पर होगी। छह महीने बाद प्रदर्शन की समीक्षा की जाएगी और संतोषजनक प्रदर्शन होने पर सक्षम पैनल अनुमोदन प्राधिकारी द्वारा पदोन्नति नियमित की जा सकेगी।

    एलडीसीई में भी एससी-एसटी कर्मियों को राहत
    30 प्रतिशत सीमित विभागीय प्रतियोगी परीक्षा (एलडीसीई) में भी एससी-एसटी कर्मचारियों के लिए अर्हता मानकों में छूट जारी रहेगी। लिखित परीक्षा में उनके लिए अर्हता अंक सामान्य वर्ग के निर्धारित अंकों के तीन-पांचवें होंगे।

    मौखिक व सेवा अभिलेख के अंक मिलाकर एससी-एसटी उम्मीदवारों को कम से कम 18 अंक लेने होंगे, जबकि सामान्य वर्ग के लिए यह सीमा 30 अंक है। सेवा अभिलेख में न्यूनतम 15 अंक हासिल करना अनिवार्य रहेगा। एलडीसीई में पैनल योग्यता के आधार पर तैयार होता है, इसलिए इसमें ‘बेस्ट अमंग द फेल्ड’ योजना लागू नहीं होगी।

     

  • 84 शहरों में 500 से ज्यादा कर्मचारियों का मुंडन, नियमितीकरण को लेकर हरियाणा में बढ़ा विवाद

    84 शहरों में 500 से ज्यादा कर्मचारियों का मुंडन, नियमितीकरण को लेकर हरियाणा में बढ़ा विवाद

    चंडीगढ़
    हरियाणा में सफाई, सीवर, पालिका, परिषद, नगर निगम और अग्निशमन विभाग के कर्मचारियों की हड़ताल फिलहाल नियमितीकरण की मांग पर अटकी हुई है। हरियाणा सरकार कर्मचारियों की 13 में से 12 मांगें मानने को तैयार है, लेकिन दो वर्ष की सेवा पूरी कर चुके कच्चे कर्मचारियों को नीति बनाकर नियमित करने की मुख्य मांग पर सहमति नहीं बन रही। कर्मचारी नेताओं का कहना है कि जब तक नियमितीकरण की नीति नहीं बनती, आंदोलन जारी रहेगा।

    नगरपालिका कर्मचारी संघ हरियाणा के प्रधान नरेश कुमार शास्त्री और हरियाणा अग्निशमन विभाग कर्मचारी यूनियन के राज्य प्रधान राजेंद्र सिंद ने कहा कि सरकार द्वारा टर्मिनेशन, निलंबन और मुकदमे दर्ज करने जैसी कार्रवाई के बावजूद कर्मचारी पीछे नहीं हटेंगे। उन्होंने दावा किया कि शुक्रवार को प्रदेश के 84 शहरों में 500 से अधिक कर्मचारियों ने सामूहिक मुंडन करवाकर विरोध दर्ज कराया।

    वेतन में 15 प्रतिशत वृद्धि करने को तैयार
    कर्मचारी नेताओं ने कहा कि दो वर्ष की सेवा पूरी कर चुके कच्चे कर्मचारियों को नियमित करने के लिए सरकार को स्पष्ट नीति बनानी चाहिए। उनका आरोप है कि वर्षों से ठेका व्यवस्था में काम कर रहे सफाई और सीवर कर्मचारियों को रोजगार की स्थायी सुरक्षा नहीं मिल रही।

    वहीं, सरकार का तर्क है कि पूरे देश में दो वर्ष की सेवा के आधार पर कच्चे कर्मचारियों को नियमित करने जैसी कोई नीति नहीं है। सरकार नियमितीकरण की बजाय कर्मचारियों को सेवा सुरक्षा के दायरे में लाने और उनके वेतन में 15 प्रतिशत वृद्धि करने को तैयार है।

    आंदोलन को आगे बढ़ाते हुए संघ ने पांच और छह सितंबर को प्रदेश सरकार के मंत्रियों के आवासों और कैंप कार्यालयों पर झाड़ू प्रदर्शन करने का ऐलान किया है। कर्मचारी नेताओं का कहना है कि सरकार ने वर्ष 2014 में सफाई कर्मचारियों को पक्का करने का वादा किया था, जिसे अब तक पूरा नहीं किया गया।

    उनका कहना है कि नियमितीकरण और अन्य मांगों पर ठोस लिखित आदेश जारी होने तथा दमनात्मक कार्रवाई वापस लिए जाने तक हड़ताल जारी रहेगी।

  • हरियाणा के 78 शिक्षकों को राज्य शिक्षक पुरस्कार, दो एडवांस इंक्रीमेंट का भी ऐलान

    हरियाणा के 78 शिक्षकों को राज्य शिक्षक पुरस्कार, दो एडवांस इंक्रीमेंट का भी ऐलान

    पंचकूला
    हरियाणा के पंचकूला जिले के पीडब्ल्यूडी रेस्ट हाउस में शनिवार को राज्य शिक्षक पुरस्कार समारोह आयोजित किया गया। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने उत्कृष्ट कार्य करने वाले 78 शिक्षकों को स्टेट टीचर अवॉर्ड से सम्मानित किया। इनमें सबसे ज्यादा 13 शिक्षक शिक्षा मंत्री महिपाल ढांडा के गृह जिले पानीपत से हैं। सरकार ने वर्ष 2024 के लिए 40 और वर्ष 2025 के लिए 38 शिक्षकों के नाम जारी किए थे।

    शिक्षकों को मिलेगा एक लाख रुपये का कैश अवॉर्ड
    शिक्षक दिवस यानी 5 सितंबर के मौके पर चयनित शिक्षकों को यह पुरस्कार दिया जाना है। शिक्षा विभाग के प्रिंसिपल सेक्रेटरी विजय सिंह दहिया की ओर से इस संबंध में लेटर जारी किया गया था।

    पुरस्कार के तहत शिक्षकों को एक लाख रुपये का कैश अवॉर्ड, सिल्वर मेडल और सर्टिफिकेट दिया जाएगा। इसके अलावा चयनित शिक्षकों को दो एडवांस इंक्रीमेंट भी मिलेंगे।
    बिल्कुल, तस्वीर में दिए आंकड़ों को साफ-सुथरी टेबल में ऐसे रखा जा सकता है:

    जिला    सम्मानित शिक्षक
    पानीपत    7
    भिवानी    5
    सोनीपत    4
    गुरुग्राम    3
    रेवाड़ी    3
    हिसार    2
    कुरुक्षेत्र    2
    कैथल    2
    जींद    2
    सिरसा    1
    फतेहाबाद    1
    नूंह    1
    फरीदाबाद    1
    रोहतक    1
    करनाल    1
    यमुनानगर    1
    चरखी दादरी    1
    कुल    38
    यह सत्र 2025 के लिए सम्मानित होने वाले 38 शिक्षकों का जिलेवार आंकड़ा है।

    पानीपत से 13 शिक्षक सम्मानित
    राज्य शिक्षक पुरस्कार के लिए पानीपत से कुल 13 शिक्षकों का चयन हुआ है। इनमें वर्ष 2025 के लिए 7 और वर्ष 2024 के लिए 6 शिक्षक शामिल हैं। इस तरह दोनों वर्षों को मिलाकर पानीपत पुरस्कार पाने वाले शिक्षकों की संख्या के मामले में सबसे आगे है।

    वर्ष 2024 के लिए हिसार, झज्जर, महेंद्रगढ़ और फरीदाबाद से एक-एक शिक्षक को सम्मानित किया जाएगा। इन जिलों से इस सत्र के लिए सबसे कम नाम चयनित हुए हैं।
    2025 में भिवानी से 5 शिक्षक

    वर्ष 2025 के राज्य शिक्षक पुरस्कार के लिए पानीपत के बाद भिवानी से सबसे ज्यादा 5 शिक्षकों का चयन हुआ है।

    वहीं सिरसा, फतेहाबाद, नूंह, फरीदाबाद, रोहतक, करनाल, यमुनानगर और चरखी दादरी से एक-एक शिक्षक को पुरस्कार के लिए चुना गया है। राज्य शिक्षक पुरस्कार समारोह में मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने मंच पर चयनित शिक्षकों को सम्मानित किया।

    बिल्कुल, तस्वीर में दिए गए आंकड़ों को साफ टेबल में ऐसे रखा जा सकता है:

    जिला    सम्मानित शिक्षक
    पानीपत    6
    रेवाड़ी    6
    सोनीपत    4
    भिवानी    3
    गुरुग्राम    3
    जींद    3
    कैथल    3
    चरखी दादरी    3
    करनाल    3
    पंचकूला    2
    फरीदाबाद    1
    महेंद्रगढ़    1
    झज्जर    1
    हिसार    1
    कुल    40

  • CM सैनी बोले- तकनीक के दौर में शिक्षक की भूमिका और अहम, शिक्षा में कौशल व नवाचार पर सरकार का फोकस

    CM सैनी बोले- तकनीक के दौर में शिक्षक की भूमिका और अहम, शिक्षा में कौशल व नवाचार पर सरकार का फोकस

    पंचकूला
     शिक्षक दिवस के अवसर पर शनिवार को पंचकूला में राज्य शिक्षक पुरस्कार वितरण समारोह हुआ। इसमें मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने प्रदेश के उत्कृष्ट कार्य करने वाले शिक्षकों को सम्मानित किया और शिक्षा के क्षेत्र में उनके योगदान की सराहना की। साथ ही शिक्षा के क्षेत्र में हरियाणा को देश का अग्रणी राज्य बनाने में सहयोग मांगा।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य शिक्षक पुरस्कार समारोह में आना उनके लिए गौरव और सम्मान का क्षण है। उन्होंने शिक्षक दिवस के पावन अवसर पर प्रदेश के सभी शिक्षकों को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दीं।

    साथ ही पुरस्कार प्राप्त करने वाले सभी शिक्षकों का अभिनंदन करते हुए कहा कि यह समारोह शिक्षा के प्रति शिक्षकों के समर्पण और योगदान के प्रति कृतज्ञता प्रकट करने का अवसर है।

    उन्होंने कहा कि आज भारत के पूर्व राष्ट्रपति डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन की जयंती है। उनके जन्मदिन को देशभर में शिक्षक दिवस के रूप में मनाया जाता है। शिक्षक केवल पाठ्यक्रम पूरा करने तक सीमित नहीं हैं, बल्कि वे विद्यार्थियों के व्यक्तित्व निर्माण और उन्हें बेहतर नागरिक बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

    तकनीक के दौर में शिक्षक की भूमिका और महत्वपूर्ण
    मुख्यमंत्री ने कहा कि तकनीक के इस दौर में शिक्षक की भूमिका कम नहीं हुई है, बल्कि पहले से कहीं अधिक महत्वपूर्ण हो गई है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में लागू नई शिक्षा नीति ने शिक्षा में समझ, कौशल, नवाचार और भारतीय मूल्यों को जोड़ने का मार्ग प्रशस्त किया है। अब शिक्षा का उद्देश्य केवल डिग्री हासिल करना नहीं, बल्कि योग्य, आत्मनिर्भर, संवेदनशील और राष्ट्र के प्रति निष्ठावान नागरिक तैयार करना है।

    शिक्षा बजट बढ़ाकर 18,538 करोड़ रुपये किया
    नायब सिंह सैनी ने कहा कि हरियाणा सरकार प्रदेश की शिक्षा व्यवस्था में लगातार सुधार कर रही है। चालू वित्त वर्ष में स्कूल शिक्षा का बजट बढ़ाकर 18,538 करोड़ रुपये किया गया है।

    गुणवत्तापूर्ण शिक्षा का दायरा बढ़ाने के लिए मॉडल संस्कृत विद्यालयों की संख्या बढ़ाकर 218 की गई है, जबकि प्रदेश में 251 पीएम श्री विद्यालय विकसित किए गए हैं। इसके अलावा 250 विद्यालयों को सीएम-ईईई स्कूल के रूप में विकसित किया जा रहा है।

    उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास के लिए पढ़ाई के साथ खेलों को भी बढ़ावा दिया जा रहा है। प्रदेश के 3,328 विद्यालयों में खेल मैदान विकसित किए जा रहे हैं। गणित के प्रति विद्यार्थियों की रुचि बढ़ाने के लिए हरियाणा गणित ओलंपियाड शुरू किया गया है।

    युवाओं को रोजगार देने वाला बनाने पर जोर
    मुख्यमंत्री ने कहा कि युवाओं को केवल नौकरी मांगने वाला नहीं, बल्कि रोजगार देने वाला बनाने के उद्देश्य से कौशल बिजनेस चैलेंज शुरू किया गया है। इसके अतिरिक्त एक विद्यालय को स्कूल आफ एक्सीलेंस इन स्किल एजुकेशन के रूप में विकसित किया जा रहा है।

    सरकारी स्कूलों के प्रतिभाशाली विद्यार्थियों के लिए सुपर-100 और बुनियाद कार्यक्रमों को और मजबूत किया गया है। उन्होंने कहा कि हरियाणा का निपुण कार्यक्रम भी देशभर में पहचान बना रहा है। देश के विभिन्न राज्यों के साथ-साथ 23 देशों के प्रतिनिधि हरियाणा आकर इस कार्यक्रम को देख और समझ रहे हैं।

    शिक्षक स्थानांतरण नीति में पारदर्शिता
    मुख्यमंत्री ने कहा कि बच्चों और उनके परिवारों को संकट की घड़ी में सुरक्षा प्रदान करने के लिए वीर बाल मेमोरियल इनिशिएटिव योजना का प्रावधान किया गया है। वहीं शिक्षक स्थानांतरण व्यवस्था को पारदर्शी बनाने के लिए नई शिक्षक स्थानांतरण नीति लागू की गई है।

    मुख्यमंत्री ने शिक्षकों का आह्वान किया कि वे शिक्षा के क्षेत्र में हरियाणा को देश का अग्रणी राज्य बनाने में अपना योगदान दें। उन्होंने कहा कि शिक्षक विद्यार्थियों को बेहतर शिक्षा और संस्कार देकर विकसित भारत के निर्माण में अपना अमूल्य योगदान दे सकते हैं।

  • हरियाणा में रोजगार मेलों की धूम: 4 महीने में कई जिलों में लगेंगे मेगा जॉब फेयर, मंत्री-सांसद भी पहुंचेंगे

    हरियाणा में रोजगार मेलों की धूम: 4 महीने में कई जिलों में लगेंगे मेगा जॉब फेयर, मंत्री-सांसद भी पहुंचेंगे

    अंबाला
     प्रदेश में नौकरी की तलाश कर रहे युवाओं के लिए आने वाले चार महीने उनकी तकदीर बदलने वाले होंगे। यह चार महीने केवल रोजगार मेले आयोजन तक सीमित नहीं रहेंगे बल्कि सरकार और युवाओं के बीच सीधे संवाद का बड़ा मौका बनेंगे।

    प्रदेश सरकार ने सितंबर से दिसंबर तक अलग-अलग जिलों में मेगा जॉब फेयर आयोजित करने का कार्यक्रम तैयार किया है। खास बात यह है कि इन आयोजनों में मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी से लेकर कैबिनेट मंत्री, राज्य मंत्री और सांसद तक सीधे युवाओं के बीच पहुंचेंगे।

    इसी कड़ी में नौ सितंबर को कुरुक्षेत्र, सात अक्टूबर को रोहतक, 21 अक्टूबर को पलवल और एक नवंबर को हिसार में राज्यस्तरीय रोजगार मेला लगेगा जिसमें सीएम सैनी शिरकत करेंगे।

    सरकार की ओर से जारी कार्यक्रम के मुताबिक सितंबर में अंबाला और रेवाड़ी से मेगा जॉब फेयर की शुरुआत होगी। कुरुक्षेत्र में मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी की मौजूदगी में पहला राज्यस्तरीय आयोजन होगा।

    सितंबर में यमुनानगर, सिरसा, भिवानी, कैथल और चरखी दादरी में भी रोजगार मेले प्रस्तावित हैं। अक्टूबर में यह अभियान रोहतक से लेकर फरीदाबाद, महेंद्रगढ़, पलवल, गुरुग्राम, पानीपत और झज्जर तक पहुंचेगा। नवंबर में हिसार और जींद समेत अन्य स्थानों पर आयोजन होंगे।

    रोजगार निदेशालय को बनाया नोडल एजेंसी रोजगार निदेशालय को इन मेलों की नोडल एजेंसी बनाया गया है। वहीं कौशल विकास एवं औद्योगिक प्रशिक्षण विभाग को आयोजन स्थल, लॉजिस्टिक्स, प्रचार-प्रसार और सुरक्षा जैसी व्यवस्थाओं की जिम्मेदारी दी गई है। सरकार ने निजी क्षेत्र के नियोक्ताओं को जोड़ने के साथ विश्वविद्यालयों, पालिटेक्निक और उच्च शिक्षण संस्थानों के माध्यम से अधिक से अधिक युवाओं को मेलों तक लाने के निर्देश दिए हैं।

    कौन कहां संभालेगा कमान
        7 सितंबर को अंबाला में राज्यसभा सांसद संजय भाटिया व रेवाड़ी में राज्य मंत्री राजेश नागर।
        14 सितंबर को यमुनानगर में मंत्री अनिल विज।
        16 सितंबर को सिरसा मंत्री कृष्ण लाल पंवार।
        17 सितंबर को भिवानी में मंत्री महिपाल ढांडा।
        21 सितंबर को कैथल में मंत्री श्याम सिंह राणा व चरखी दादरी में मंत्री श्रुति चौधरी

    अक्टूबर में रोजगार अभियान
        9 अक्टूबर को फतेहाबाद में मंत्री कृष्ण कुमार व नूंह में राज्य मंत्री गौरव गौतम।
        16 अक्टूबर को फरीदाबाद में सांसद कृष्ण पाल गुर्जर व महेंद्रगढ़ में मंत्री राव नरबीर सिंह।
        21 अक्टूबर को पलवल में मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी मुख्य अतिथि।
        23 अक्टूबर को गुरुग्राम में मंत्री विपुल गोयल।
        28 अक्टूबर को पानीपत में मंत्री अरविंद कुमार शर्मा।
        30 अक्टूबर को झज्जर में मंत्री आरती सिंह राव मुख्य अतिथि।

    नवंबर और दिसंबर में
        16 नवंबर को करनाल में सांसद नवीन जिंदल। l
        14 दिसंबर को पंचकूला में सांसद मनोहर लाल इसी दिन सोनीपत में सांसद सुभाष बराला।
        28 दिसंबर को हांसी में सांसद धर्मबीर सिंह।

     

  • हरियाणा में गन्ने की खेती होगी आसान, किसानों को नई तकनीकों और मशीनों पर मिलेगी सब्सिडी

    हरियाणा में गन्ने की खेती होगी आसान, किसानों को नई तकनीकों और मशीनों पर मिलेगी सब्सिडी

    चंडीगढ़
     हरियाणा के कृषि एवं किसान कल्याण विभाग द्वारा वर्ष 2026-27 के लिए 'गन्ना तकनीकी उद्देश्य परियोजना' के अंतर्गत किसानों के हित में एक महत्वपूर्ण पहल शुरू की गई है। इस योजना के तहत राज्य के प्रमुख गन्ना उत्पादक क्षेत्रों—यमुनानगर, नारायणगढ़, शाहाबाद, करनाल, असंध, भादसों, पानीपत, कैथल, रोहतक, सोनीपत, जींद, पलवल, भूना, गोहाना और महम के सहायक गन्ना विकास अधिकारियों के क्षेत्राधिकार में आने वाले किसानों को अनुदान राशि प्रदान की जाएगी। विभाग के प्रवक्ता ने इस बारे में जानकारी देते हुए बताया कि यह अनुदान राशि गन्ने की अधिसूचित व सिफारिश की गई किस्मों की बिजाई आधुनिक विधियों, जैसे कि "प्रमोशन ऑफ़ वाइड रौ स्पेसिंग (4 फ़ीट)", सिंगल-बड, बड-चिप विधि, फाउंडेशन सीड नर्सरी/ बीज उपचार, और 4 फीट की चौड़ी पंक्ति दूरी में पेड़ी-प्रबंधन (Ratoon Management) के माध्यम से प्रदर्शन-प्लाट लगाने पर दी जाएगी। प्रवक्ता ने आवेदनों की समय-सीमा की जानकारी साझा करते हुए बताया कि जिन किसान भाइयों ने अपना गन्ना वसंत या ग्रीष्म ऋतु (अप्रैल के बाद) में लगाया है, वे इस योजना का लाभ उठाने के लिए 30 सितंबर 2026 तक अपना पंजीकरण करा सकते हैं।

    वहीं, जो किसान शरद ऋतु (आगामी अक्टूबर-नवंबर) में गन्ने की बिजाई करने वाले हैं, उनके लिए आवेदन की तिथि 1 अक्टूबर 2026 से 31 दिसंबर 2026 निर्धारित की गई है। इच्छुक किसान विभाग की आधिकारिक वेबसाइट www.agriharyana.gov.in पर जाकर अपना ऑनलाइन आवेदन प्रस्तुत कर सकते हैं।
    इसके अलावा, राज्य सरकार कृषि क्षेत्र में मशीनीकरण को बढ़ावा देने के लिए "Mechanization in Sugarcane Implements" योजना के तहत भी विभिन्न कृषि यंत्रों पर सब्सिडी दे रही है।

    प्रवक्ता ने आगे बताया कि पावर ऑपरेटेड गन्ना सैट ट्रीटमेंट डिवाइस (30-120 लीटर क्षमता), पावर वीडर (इंजन चालित 5 से 7.5 BHP तक), गन्ना रटून मैनेजर, वाइड-रो रिज/रिज, रोटावेटर (4 फीट), ट्रैक्टर चालित स्प्रेयर, सब-सोइलर/चिसलर, गन्ना कटर/स्ट्रिपर/प्लांटर और मिनी ट्रैक्टर जैसे आधुनिक कृषि यंत्रों का लाभ उठाने के लिए भी किसान 30 सितंबर 2026 के बीच कृषि विभाग की वेबसाइट पर ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। योजना से संबंधित विस्तृत जानकारी और आवश्यक दिशा-निर्देश भी विभाग की आधिकारिक वेबसाइट पर उपलब्ध करा दिए गए हैं।

  • गुरुग्राम में मेट्रो यात्रियों को मिलेगी बड़ी राहत, सेक्टर 45 समेत 3 स्टेशन होंगे मल्टी मॉडल

    गुरुग्राम में मेट्रो यात्रियों को मिलेगी बड़ी राहत, सेक्टर 45 समेत 3 स्टेशन होंगे मल्टी मॉडल

    चंडीगढ़
     गुरुग्राम में मेट्रो का विस्तार किया जा रहा है। नए रूट के तीन स्टेशन को मल्टी मॉडल बनाने की तैयारी कर ली गई है। सेक्टर 45, यूनीटेक साइबर पार्क तथा सेक्टर 72-ए मेट्रो स्टेशनों को मल्टी मॉडल बनाने के लिए चयन किया गया है।

    इन स्टेशनों के आसपास बहुमंजिला इमारतें हैं, जिनमें खेल, कारपोरेट कार्यालय तथा अन्य संस्थानों में हजारों की संख्या में लोग काम करते हैं। यहां पर स्काईवाक बनाए जाने से लोग सीधे कार्यालय से स्टेशन आ जा सकेंगे।

    इन स्टेशनों पर बस बे, आटो पिक एंड ड्राप पाइंट, फुटपाथ की भी सुविधा होगी। जिससे सड़क पर जाम की स्थिति नहीं होगी। इस सिलसिले में दो दिन पहले जीएमडीए के अतिरिक्त सीईओ विश्वजीत चौधरी की अध्यक्षता में बैठक हुई थी, जिसमें गुरुग्राम मेट्रो रेल लिमिटेड (जीएमआरएल) की ओर से बनाई गई योजना पर चर्चा हुई थी। जीएमडीए नगर निगम तथा हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण के अधिकारियों से आपत्ति तथा सुझाव लेकर योजना को अंतिम रूप दिया जाएगा।

    बैठक में गुरुग्राम नगर निगम के योजनाकार की ओर से सुझाव दिया गया था कि सेक्टर 45, यूनीटेक साइबर पार्क को मेट्रो स्टेशन से स्काईवाक से जोड़ा जा सकता है। साइबर पार्क में हजारों की संख्या में कर्मचारी काम करते हैं।

    स्काईवाक बनने से लोगों को सड़क पर नहीं आना पड़ेगा और वह साइबर पार्क से सीधे स्टेशन पहुंच आ सकेंगे, जिससे पीक आवर्स में सड़क पर ट्रैफिक भी कम होगा और सुविधा मिलने से लोग निजी वाहन का उपयोग भी कम करेंगे।

    इसी तरह सेक्टर 72-ए मेट्रो स्टेशन के पास सेक्टर 33 और 34 में गुड़गांव टेक्नालॉजी पार्क लिमिटेड है। इसके साथ की इंडस्ट्री कारीडोर है। सेक्टर 34 में नगर निगम और जीएमडीए के कार्यालय तथा अन्य संस्थान हैं। स्काईवाक बनने से यहां पर काम करने वाले हजारों लोगों को लाभ मिलेगा।