Category: हरियाणा

  • हरियाणा में खेल सुविधाओं का बनेगा डिजिटल नक्शा, खिलाड़ियों के लिए लॉन्च होगा नया पोर्टल

    हरियाणा में खेल सुविधाओं का बनेगा डिजिटल नक्शा, खिलाड़ियों के लिए लॉन्च होगा नया पोर्टल

    चंडीगढ़.

    पूरे खेल तंत्र को एकीकृत डिजिटल मंच से जोड़ने के लिए राज्य खेल पोर्टल स्थापित किया जाएगा। प्रदेशभर की खेल अवसंरचना की व्यापक मैपिंग, साझा राज्य खेल कैलेंडर और जमीनी स्तर से राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर तक प्रतिभाओं को तैयार करने टैलेंट-पाथवे फ्रेमवर्क विकसित किया जाएगा।

    मुख्य सचिव अनुराग रस्तोगी की अध्यक्षता में बुधवार को राज्य खेल प्रशासनिक समिति की पहली बैठक में कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए। मान्यता प्राप्त खिलाड़ी और खेल क्लब अब स्कूल-कॉलेजों, पंचायतों और शहरी निकायों में उपलब्ध खेल सुविधाओं का इस्तेमाल कर सकेंगे। खेल विभाग की प्रधान सचिव अमनीत पी कुमार ने बताया कि राज्य खेल पोर्टल पर खेल सुविधाओं एवं परिसंपत्तियों, प्रतियोगिताओं एवं प्रशिक्षण शिविरों, प्रशिक्षकों, खेल उपकरणों, खिलाड़ियों तथा उनकी उपलब्धियों से जुड़ी जानकारी एक ही स्थान पर उपलब्ध होगी।

    खेल सुविधाओं का तैयार किया जाएगा डेटाबेस
    खेल अवसंरचना से जुड़े सभी विभाग, बोर्ड और निगम नोडल अधिकारी नामित करेंगे, जो पोर्टल पर सूचना को नियमित रूप से अपडेट रखेंगे। प्रदेशभर में खेल विभाग, शिक्षा विभाग, पंचायती राज संस्थाओं, शहरी स्थानीय निकायों, हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण, विश्वविद्यालयों और अन्य एजेंसियों के अधीन उपलब्ध खेल सुविधाओं की व्यापक मैपिंग कर एक आधारभूत डेटाबेस तैयार किया जाएगा।
    इससे खेल सुविधाओं में मौजूद कमियों की पहचान करने, संसाधनों का बेहतर उपयोग करने और भविष्य की खेल अवसंरचना के विकास के लिए अधिक वैज्ञानिक योजना बनाने में मदद मिलेगी। विभिन्न विभागों एवं संस्थानों द्वारा आयोजित प्रतियोगिताओं, टूर्नामेंटों, प्रशिक्षण शिविरों और अन्य खेल गतिविधियों को शामिल करते हुए समेकित राज्य खेल कैलेंडर तैयार किया जाएगा। इससे प्रतियोगिताओं की तिथियों में अनावश्यक टकराव से बचने, खेल सुविधाओं और संसाधनों के बेहतर उपयोग तथा खिलाड़ियों की अधिक भागीदारी सुनिश्चित करने में मदद मिलेगी। खेल प्रतिभाओं की पहचान और उनके व्यवस्थित विकास के लिए टैलेंट-पाथवे फ्रेमवर्क तैयार किया जाएगा। स्कूल और पंचायत स्तर पर प्रतियोगिताओं एवं प्रतिभा पहचान से इसकी शुरुआत होगी।

    खेल पोर्टल के जरिए रखी जाएगी निगरानी
    इसके बाद प्रतिभाशाली खिलाड़ियों को जिला और राज्य स्तर के केंद्रों के माध्यम से आगे बढ़ाते हुए आवश्यक प्रशिक्षण और सहयोग उपलब्ध करवाया जाएगा। खेल निदेशक पार्थ गुप्ता ने बताया कि खिलाड़ियों को उपलब्ध करवाए जा रहे प्रशिक्षण, छात्रवृत्ति, पुरस्कार, खेल उपकरण, आहार तथा परिवहन एवं अन्य सहायता की अधिक समन्वित निगरानी राज्य खेल पोर्टल के माध्यम से की जा सकेगी। खेल मैदानों, स्टेडियमों, स्विमिंग पूल, जिम्नेजियम, फ्लड-लाइटिंग व्यवस्था, दर्शक दीर्घाओं और खेल उपकरणों की सुरक्षा जांच छह माह में सुनिश्चित की जाएगी तथा इसकी निगरानी पोर्टल से जोड़ी जाएगी।

    महिला खिलाड़ियों को मिलेगी बेहतर आवासीय एवं परिवहन सुविधा
    महिला खिलाड़ियों के लिए सुरक्षित खेल सुविधाओं, महिला प्रशिक्षकों की उपलब्धता तथा बेहतर आवासीय एवं परिवहन सहायता को मजबूत किया जाएगा। पंचायत स्तर के खेल मैदानों और ग्रामीण खेल गतिविधियों के अधिक उपयोग को बढ़ावा दिया जाएगा। जिला स्तर पर खेल सुविधाओं, प्रशिक्षकों की उपलब्धता और खिलाड़ियों की भागीदारी का आकलन कर अपेक्षाकृत कम सुविधाओं वाले जिलों और खंडों की पहचान की जाएगी।

  • जींद के यात्रियों को बड़ी सौगात, लुधियाना-जाखल पैसेंजर ट्रेन अब जींद तक दौड़ेगी

    जींद के यात्रियों को बड़ी सौगात, लुधियाना-जाखल पैसेंजर ट्रेन अब जींद तक दौड़ेगी

    हिसार.

    दैनिक यात्रियों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए उत्तर रेलवे ने लुधियाना जंक्शन-जाखल जंक्शन पैसेंजर ट्रेन का विस्तार जींद जंक्शन तक करने का निर्णय लिया है। गाड़ी संख्या 54053 अप व 54054 डाउन अब जाखल से आगे जींद तक संचालित होगी।

    रेलवे ने विस्तारित रूट के लिए नई समय-सारणी जारी की है। लुधियाना से जाखल के बीच ट्रेन के समय में कोई बदलाव नहीं किया गया है। गाड़ी संख्या 54054 डाउन लुधियाना से शाम 6:30 बजे रवाना होकर रात 9:40 बजे जाखल पहुंचेगी। इसके बाद 9:45 बजे जाखल से रवाना होकर हिम्मतपुरा, टोहाना, कालवन, धमतान साहिब, धारोदी, नरवाना, घासो, उचाना, गांव बड़ौदा और बरसोला होते हुए रात 11:30 बजे जींद जंक्शन पहुंचेगी। वापसी में गाड़ी संख्या 54053 अप जींद जंक्शन से सुबह 3:40 बजे रवाना होगी।

    यह बरसोला से 3:50 बजे, गांव बड़ौदा से 3:54 बजे, उचाना से 4:02 बजे, घासो से 4:08 बजे, नरवाना से 4:16 बजे, धारोदी से 4:25 बजे, धमतान साहिब से 4:34 बजे, कालवन से 4:40 बजे, टोहाना से 4:47 बजे, हिम्मतपुरा से 4:55 बजे और जाखल से सुबह 5:20 बजे रवाना होकर लुधियाना पहुंचेगी। उत्तर रेलवे के अनुसार लुधियाना से चलने वाली गाड़ी संख्या 54054 का जींद तक विस्तार 11 सितंबर से प्रभावी होगा। वहीं गाड़ी संख्या 54053 अप जींद से लुधियाना के लिए 12 सितंबर से नए विस्तारित मार्ग पर संचालित होगी। आसपास के क्षेत्रों के दैनिक यात्रियों को आवागमन में सुविधा मिलेगी।

  • हरियाणा में MSME को मिलेगा ₹5 लाख सालाना लाभ, किराये के भवन वालों के लिए नई सब्सिडी योजना

    हरियाणा में MSME को मिलेगा ₹5 लाख सालाना लाभ, किराये के भवन वालों के लिए नई सब्सिडी योजना

    चंडीगढ़.

    हरियाणा में सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यमों (एमएसएमई) को बढ़ावा देने के लिए प्रदेश सरकार ने एक साथ तीन नई योजनाएं शुरू की हैं। किराये के भवन में चल रहे एमएसएमई को सालाना पांच लाख रुपये तक की प्रतिपूर्ति की जाएगी।

    ई-कार्गो वाहन खरीदने के लिए सरकार पांच लाख रुपये तक की सहायता देगी। इसी तरह नई एमएसएमई इकाई स्थापित करने के लिए पांच लाख रुपये तक की ब्याज सब्सिडी दी जाएगी। उद्योग एवं वाणिज्य विभाग के आयुक्त एवं सचिव डॉ. अमित कुमार अग्रवाल ने तीनों पालिसी अधिसूचित कर दी हैं, जिनमें एमएसएमई को लीज रेंट की प्रतिपूर्ति, सेवा क्षेत्र के एमएसएमई के लिए ब्याज माफी और ई-कार्गो वाहनों की खरीद पर वित्तीय सहायता प्रदान करने का प्रविधान है।

    25 फीसदी राशि वापस देने का प्रविधान
    मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी और उद्योग मंत्री राव नरबीर सिंह ने उद्यमियों से मिले फीडबैक के आधार पर इन प्रस्तावों को मंजूरी दी थी। विनिर्माण और सेवा क्षेत्र के एमएसएमई को लीज पर लिए गए परिसर के किराये की 25 प्रतिशत राशि वापस देने का प्रविधान नीति में किया गया है। यह लाभ तीन वर्ष तक दिया जाएगा। योजना में वे एमएसएमई पात्र होंगी, जिन्होंने पिछले साल एक अप्रैल के बाद वाणिज्यिक उत्पादन या संचालन शुरू किया है। यूनिट के पास कम से कम तीन वर्ष की अवधि की पंजीकृत कामर्शियल लीज डीड होना जरूरी है। जिस परिसर का किराया लिया गया है, वह किसी असंबंधित पक्ष का होना चाहिए।

    वैध उद्यम रजिस्ट्रेशन प्रमाणपत्र भी जरूरी है। इसी तरह सेवा क्षेत्र के नए एमएसएमई का तीन साल तक दो प्रतिशत ब्याज माफ किया जाएगा। यह लाभ टर्म लोन या वर्किंग कैपिटल के लिए लिए गए ऋण में से किसी एक पर मिलेगा। इसमें स्वास्थ्य सेवा, पर्यटन, कौशल विकास एवं प्रशिक्षण, आइटी, बल्क कूरियर सेवाएं, आरएंडडी सेंटर, टेस्टिंग लैब, इंजीनियरिंग एवं डिजाइन सेवाएं, उपकरण मरम्मत, पर्यावरण सेवाएं और एंटरटेनमेंट पार्क जैसी सेवाओं को शामिल किया गया है। ट्रेडिंग यूनिट इस योजना के दायरे में नहीं आएंगी। तीसरी योजना में एमएसएमई को नए ईवी कार्गो ट्रक या कामर्शियल कार्गो ईवी खरीदने पर एक्स-शोरूम कीमत की 15 प्रतिशत राशि प्रतिपूर्ति के रूप में मिलेगी। एक एमएसएमई को योजना की अवधि में अधिकतम एक वाहन पर लाभ मिलेगा।

    250 पात्र एमएसएमई को मिलेगा फायदा
    वाहन की लोड वहन क्षमता 700 किलोग्राम से 10 हजार किलो तक होनी चाहिए। इस योजना में पहले 250 पात्र एमएसएमई को पहले आवेदन-पहले लाभ के आधार पर सहायता दी जाएगी या बजट उपलब्ध रहने तक लाभ मिलेगा। एक अप्रैल 2026 या उसके बाद खरीदे गए ईवी इस योजना के लिए पात्र होंगे।
    वाहन हरियाणा की अधिकृत डीलरशिप से खरीदा और हरियाणा में पंजीकृत होना चाहिए तथा फर्म के नाम पर होना जरूरी है। जिन उद्यमों का प्राथमिक कारोबार लाजिस्टिक्स या ट्रांसपोर्टेशन है, उन्हें लाभ नहीं मिलेगा। सेकेंड हैंड वाहन भी योजना में शामिल नहीं हैं।

  • MSME के लिए हरियाणा सरकार की तीन नई योजनाएं, किराया-लोन से लेकर EV खरीद पर मिलेगा लाभ

    MSME के लिए हरियाणा सरकार की तीन नई योजनाएं, किराया-लोन से लेकर EV खरीद पर मिलेगा लाभ

    चंडीगढ़
    हरियाणा में सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यमों (एमएसएमई) को बढ़ावा देने के लिए प्रदेश सरकार ने एक साथ तीन नई योजनाएं शुरू की हैं। किराये के भवन में चल रहे एमएसएमई को सालाना पांच लाख रुपये तक की प्रतिपूर्ति की जाएगी।

    ई-कार्गो वाहन खरीदने के लिए सरकार पांच लाख रुपये तक की सहायता देगी। इसी तरह नई एमएसएमई इकाई स्थापित करने के लिए पांच लाख रुपये तक की ब्याज सब्सिडी दी जाएगी।

    उद्योग एवं वाणिज्य विभाग के आयुक्त एवं सचिव डॉ. अमित कुमार अग्रवाल ने तीनों पालिसी अधिसूचित कर दी हैं, जिनमें एमएसएमई को लीज रेंट की प्रतिपूर्ति, सेवा क्षेत्र के एमएसएमई के लिए ब्याज माफी और ई-कार्गो वाहनों की खरीद पर वित्तीय सहायता प्रदान करने का प्रविधान है।

    25 फीसदी राशि वापस देने का प्रविधान
    मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी और उद्योग मंत्री राव नरबीर सिंह ने उद्यमियों से मिले फीडबैक के आधार पर इन प्रस्तावों को मंजूरी दी थी। विनिर्माण और सेवा क्षेत्र के एमएसएमई को लीज पर लिए गए परिसर के किराये की 25 प्रतिशत राशि वापस देने का प्रविधान नीति में किया गया है।

    यह लाभ तीन वर्ष तक दिया जाएगा। योजना में वे एमएसएमई पात्र होंगी, जिन्होंने पिछले साल एक अप्रैल के बाद वाणिज्यिक उत्पादन या संचालन शुरू किया है। यूनिट के पास कम से कम तीन वर्ष की अवधि की पंजीकृत कामर्शियल लीज डीड होना जरूरी है। जिस परिसर का किराया लिया गया है, वह किसी असंबंधित पक्ष का होना चाहिए। वैध उद्यम रजिस्ट्रेशन प्रमाणपत्र भी जरूरी है।

    इसी तरह सेवा क्षेत्र के नए एमएसएमई का तीन साल तक दो प्रतिशत ब्याज माफ किया जाएगा। यह लाभ टर्म लोन या वर्किंग कैपिटल के लिए लिए गए ऋण में से किसी एक पर मिलेगा।

    इसमें स्वास्थ्य सेवा, पर्यटन, कौशल विकास एवं प्रशिक्षण, आइटी, बल्क कूरियर सेवाएं, आरएंडडी सेंटर, टेस्टिंग लैब, इंजीनियरिंग एवं डिजाइन सेवाएं, उपकरण मरम्मत, पर्यावरण सेवाएं और एंटरटेनमेंट पार्क जैसी सेवाओं को शामिल किया गया है।

    ट्रेडिंग यूनिट इस योजना के दायरे में नहीं आएंगी। तीसरी योजना में एमएसएमई को नए ईवी कार्गो ट्रक या कामर्शियल कार्गो ईवी खरीदने पर एक्स-शोरूम कीमत की 15 प्रतिशत राशि प्रतिपूर्ति के रूप में मिलेगी। एक एमएसएमई को योजना की अवधि में अधिकतम एक वाहन पर लाभ मिलेगा।

    250 पात्र एमएसएमई को मिलेगा फायदा
    वाहन की लोड वहन क्षमता 700 किलोग्राम से 10 हजार किलो तक होनी चाहिए। इस योजना में पहले 250 पात्र एमएसएमई को पहले आवेदन-पहले लाभ के आधार पर सहायता दी जाएगी या बजट उपलब्ध रहने तक लाभ मिलेगा। एक अप्रैल 2026 या उसके बाद खरीदे गए ईवी इस योजना के लिए पात्र होंगे।

    वाहन हरियाणा की अधिकृत डीलरशिप से खरीदा और हरियाणा में पंजीकृत होना चाहिए तथा फर्म के नाम पर होना जरूरी है। जिन उद्यमों का प्राथमिक कारोबार लाजिस्टिक्स या ट्रांसपोर्टेशन है, उन्हें लाभ नहीं मिलेगा। सेकेंड हैंड वाहन भी योजना में शामिल नहीं हैं।

  • ‘नशा बिकता दिखे तो तुरंत शिकायत करें’, एसपी ने खापों से मांगा सहयोग

    ‘नशा बिकता दिखे तो तुरंत शिकायत करें’, एसपी ने खापों से मांगा सहयोग

     जींद
    नशा रोकने की मांग को लेकर दो सितंबर को नौगामा खाप ने पुलिस अधीक्षक से मुलाकात करने के बाद बुधवार को माजरा खाप ने भी एसपी कुलदीप सिंह से मुलाकात की।

    खाप पदाधिकारियों ने नशे पर रोक लगाने के लिए पुलिस से सहयोग मांगा। इस दौरान 15 सितंबर को गांव अशरफगढ़ में नशा मुक्ति को लेकर आयोजित किए जा रहे कार्यक्रम के लिए एसपी को निमंत्रण दिया गया। एसपी कुलदीप सिंह ने कहा कि यदि खाप इस मामले में आगे आती हैं तो पुलिस के लिए नशा रोकना बड़ा काम नहीं है।

    नशा बिकता दिखे तो तुंरत करें शिकायत
    उन्होंने कहा कि यदि किसी के आसपास कोई नशा बेचता है तो उसकी तुरंत पुलिस को शिकायत दें। पुलिस अपने स्तर पर नशा रोकने का काम कर रही है। इसमें पंचायतों का भी सहयोग मिल जाए तो नशे पर जल्द काबू पाया जा सकता है माजरा खाप के प्रधान गुरविंदर सिंह सिंधु ने कहा कि खाप के कई गांवों में नशा काफी बिक रहा है।

    नशे के कारण कई परिवार बर्बाद हो चुके हैं और युवा पीढ़ी इसकी गिरफ्त में बुरी तरह फंस चुकी है। लड़कियां भी इससे अछूती नहीं रही हैं। उन्होंने कहा कि आज कोई गांव ऐसा नहीं है, जिसमें सूखा नशा न बिकता हो।

    समय रहते बच्चों को नहीं संभाला गया तो घर बर्बाद हो जाएंगे। प्रदेश में नशे के कारण काफी युवाओं की मौत हो चुकी है और नशे के कारण युवा वर्ग अपराध की तरफ बढ़ रहा है। पुलिस का हर तरह से खाप सहयोग करने को तैयार है।

    15 सितंबर को होगा कार्यक्रम
    सिंधु ने बताया कि युवाओं को जागरूक करने और गांवों को नशे से दूर रखने के लिए 15 सितंबर को अशरफगढ़ में कार्यक्रम होगा। इसमें एसपी कुलदीप सिंह को मुख्यातिथि बनाया गया है। एसपी से मिलने वालों में महेंद्र सिंह सहारण, जयसिंह सैनी, रामफल गोयत, नवाब सिंह, रघुबीर नंबरदार, अमन पिलानियां, जगदीश और सरपंच फूल सिंह शामिल रहे।

    कल हैबतपुर सचिवालय में होगी बैठक
    माजरा खाप के प्रवक्ता समुंद्र सिंह फोर ने कहा कि युवा पीढ़ी नशे की गिरफ्त में बुरी तरह फंस चुकी है और लड़कियां भी इससे अछूती नहीं हैं। उन्होंने कहा कि 15 सितंबर के कार्यक्रम को सफल बनाने के लिए 11 सितंबर को हैबतपुर गांव के सचिवालय में माजरा खाप की पंचायत होगी। इसमें 14 गांवों के मुख्य लोगों के साथ सभी गांवों के सरपंचों को भी बुलाया गया है। पंचायत में नशे के खिलाफ बड़ा फैसला लिया जाएगा।

     

  • 104 मीटर तक पहुंचेगी हरियाणा फायर ब्रिगेड की ताकत, ऊंची इमारतों में रेस्क्यू और फायरफाइटिंग होगी आसान

    104 मीटर तक पहुंचेगी हरियाणा फायर ब्रिगेड की ताकत, ऊंची इमारतों में रेस्क्यू और फायरफाइटिंग होगी आसान

    चंडीगढ़.

    हरियाणा में ऊंची इमारतों में आग लगने की दुर्घटनाओं से निपटने के लिए एरियल लेडर प्लेटफॉर्म खरीदे जाएंगे। अग्निशमन एवं आपातकालीन सेवा निदेशालय आपातकालीन सेवाओं को और अधिक आधुनिक तथा मजबूत बनाने के उद्देश्य से 90 मीटर के दो और 104 मीटर के दो एरियल लेडर प्लेटफॉर्म की खरीद करेगा।

    प्रस्तावित खरीद के संबंध में तकनीकी मापदंडों, पात्रता मानदंड, वारंटी, डिलीवरी शेड्यूल और व्यावसायिक प्रविधानों पर भारतीय व विदेशी निर्माताओं, अधिकृत प्रतिनिधियों एवं हितधारकों से सुझाव प्राप्त करने के लिए निदेशालय एक प्री-एनआइटी और मार्केट कंसल्टेशन बैठक आयोजित करने जा रहा है। यह परामर्श बैठक शुक्रवार को दोपहर 12:30 बजे वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से आयोजित की जाएगी। इसमें भाग लेने के लिए इच्छुक हितधारकों को वीरवार शाम 05:30 बजे तक अपना पंजीकरण कराना होगा।

    पंजीकरण और अपने सुझाव प्रस्तुत करने के लिए आवेदक संस्था के नाम, प्रतिनिधि का नाम व पद, ईमेल आईडी और संपर्क नंबर के साथ तकनीकी ईमेल technical-dfs@hry.gov.in पर संपर्क कर सकते हैं। विभाग ने स्पष्ट किया है कि यह बैठक केवल आगामी टेंडर दस्तावेज को अंतिम रूप देने तथा उद्योग से सुझाव और जानकारी प्राप्त करने के उद्देश्य से की जा रही है। यह स्वयं में कोई टेंडर, ईओआइ या चयन प्रक्रिया नहीं है और न ही इसमें भाग लेने वाले किसी भी हितधारक को भविष्य की खरीद प्रक्रिया में कोई विशेष अधिकार प्रदान किया जाएगा।

  • ‘लव क्लास’ में अनिरुद्धाचार्य की खास सीख, प्रेम, विवाह और परिवार के रिश्तों पर किया मार्गदर्शन

    ‘लव क्लास’ में अनिरुद्धाचार्य की खास सीख, प्रेम, विवाह और परिवार के रिश्तों पर किया मार्गदर्शन

    करनाल.

    श्रीमद्भागवत कथा के दौरान कथा वाचक अनिरुद्धाचार्य महाराज श्रद्धालुओं के धार्मिक सवालों के साथ उनके पारिवारिक और व्यक्तिगत जीवन से जुड़े प्रश्नों का भी सहज अंदाज में जवाब दे रहे हैं। कथा के दौरान एक दंपती का सवाल-जवाब खासा रोचक रहा।

    पति ने अपनी पत्नी के रहते दूसरी शादी करने की इच्छा जता दी। बातचीत में उसने बताया कि उसके पांच बच्चे हैं। उसका बड़ा बेटा 21 वर्ष का है और उसकी शादी भी हो चुकी है। इतना ही नहीं वह बेटा करीब दो माह पहले पिता बन चुका है और परिवार में पोते का भी आगमन हो चुका है। इसके बावजूद पति ने दूसरी शादी की इच्छा जताई। इस पर महाराज ने उसे समझाते हुए पत्नी के साथ प्रेम से रहने की बात कही। महाराज ने पहले पति से पत्नी के प्रति अपने व्यवहार पर विचार करने को कहा और फिर उससे पत्नी से माफी मांगने के लिए कहा। इसके बाद उन्होंने पति से पत्नी की ओर देखकर आइ लव यू बोलने को कहा। पति ने पत्नी से आइ लव यू कहा, इसके बाद पत्नी से भी यही बात कहने के लिए कहा गया तो उसने भी पति को आइ लव यू कहा। इस प्रसंग के जरिए महाराज ने दंपती को आपसी प्रेम, समझ और परिवार को साथ लेकर चलने की सीख दी।

    प्रेम के लिए परिवार से दूर हुई युवती का सवाल
    एक युवती ने अंतरजातीय प्रेम विवाह से जुड़े सवाल पर अपनी परेशानी बताई। उसने कहा कि परिवार की असहमति के बावजूद वह अपने प्रेमी के साथ रहने लगी और अब परिवार उसे वापस आने के लिए कह रहा है। इस पर महाराज ने धर्म, परिवार और निर्णय के प्रति जिम्मेदारी से सोचने की बात कही। उन्होंने कहा कि जीवन के महत्वपूर्ण फैसले जल्दबाजी में नहीं बल्कि उनके परिणामों को समझकर लेने चाहिए।

    कारोबार छूटा तो बोले- भगवान में मन नहीं लगता
    एक व्यक्ति ने बताया कि कभी उसका बड़ा फर्नीचर कारोबार था, लेकिन पत्नी को ब्रेन हेमरेज होने के बाद परिस्थितियां बिगड़ गईं। अब वह छोटे-मोटे काम कर गुजारा कर रहा है और उसका भगवान में मन नहीं लगता। इस पर महाराज ने कहा कि पहले अपने काम में मन लगाएं। मेहनत और कर्म से परिस्थितियों को बदलने का प्रयास करें। उन्होंने सफलता के समय अहंकार से बचने की सीख देते हुए कहा कि समय हमेशा एक जैसा नहीं रहता।

    माया के पीछे भागता इंसान
    एक श्रद्धालु ने पूछा कि जब इंसान जानता है कि एक दिन सब कुछ छोड़कर जाना है, फिर भी मोह-माया क्यों नहीं छोड़ पाता। महाराज ने इसे ईश्वर की माया बताते हुए कहा कि मनुष्य को संसार में रहते हुए अपने कर्म करने चाहिए, लेकिन भगवान को भूलना नहीं चाहिए। उन्होंने समझाया कि धन-संपत्ति और सांसारिक वस्तुएं यहीं रह जाती हैं, इसलिए इनके पीछे भागते हुए जीवन का उद्देश्य नहीं भूलना चाहिए।

    सभी को मनुष्य बनाकर भेजा
    धर्म और मजहब को लेकर पूछे गए सवाल पर उन्होंने कहा कि ईश्वर ने मनुष्य बनाकर भेजा है। समाज ने अपनी-अपनी पहचान और पंथ बनाए हैं। उन्होंने लोगों को आपसी भेदभाव और विवाद से दूर रहकर मानवता को प्राथमिकता देने का संदेश दिया। कथा के दौरान श्रद्धालु लगातार अपने जीवन से जुड़े सवाल लेकर पहुंचे और महाराज ने उनके जवाब देकर उन्हें कर्म, परिवार, प्रेम और संयम के साथ जीवन जीने की सीख दी।

  • रोडवेज कर्मचारियों को बड़ी सौगात, 2072 कंडक्टरों की होगी भर्ती; ओवरटाइम-वर्दी-जूता भत्ता बढ़ा

    रोडवेज कर्मचारियों को बड़ी सौगात, 2072 कंडक्टरों की होगी भर्ती; ओवरटाइम-वर्दी-जूता भत्ता बढ़ा

    चंडीगढ़.

    हरियाणा रोडवेज के चालकों और परिचालकों को अब आठ घंटे की ड्यूटी के बाद ओवरटाइम का लाभ मिलेगा। गर्मी की वर्दी के लिए भत्ता 1350 रुपये से बढ़ाकर 2000 रुपये और सर्दी की वर्दी के लिए 1450 रुपये से बढ़ाकर 1780 रुपये करने का प्रस्ताव मुख्यमंत्री ने स्वीकृत किया है।

    जूता भत्ता भी 1000 रुपये से बढ़ाकर 1600 रुपये किया जाएगा। परिवहन मंत्री अनिल विज के साथ मंगलवार को हुई बैठक में रोडवेज कर्मचारी साझा मोर्चा की 80 से 90 प्रतिशत मांगों पर सहमति बनी।
    जल्द ही 700 परिचालकों के पद भरे जाएंगे और 2072 नियमित परिचालकों की नियुक्ति के लिए प्रस्ताव मुख्यमंत्री को भेजा गया है। बैठक में यह निर्णय लिया गया कि ड्यूटी के दौरान चालक-परिचालकों के साथ होने वाली झगड़ों और मारपीट की घटनाओं के मद्देनजर प्रत्येक जिले में एक नोडल अधिकारी नियुक्त किया जाएगा।

    परिचालकों के ग्रेड पे में बढ़ोतरी के लिए पड़ोसी राज्यों की व्यवस्था का अध्ययन किया जाएगा। इसके अलावा, चालकों को हैवी पे ग्रेड देने और स्टैंड इंचार्ज के पद सृजन पर पुनः विचार किया जाएगा। कर्मचारियों को अर्जित अवकाश देने, ग्रुप-डी कर्मचारियों की तकनीकी पदों पर पदोन्नति, और कैलेंडर अवकाश देने के मामलों पर भी चर्चा हुई। विज ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि हरियाणा रोडवेज की बसों की समय-सारिणी में जल्द बदलाव किया जाए। एक माह के वेतन के बराबर बोनस देने का मामला मुख्यमंत्री के समक्ष भेजा जाएगा।

  • हरियाणा में बढ़ेगा हरित क्षेत्र, 635 वन मित्रों ने लगाए 4 लाख पौधे; मंत्री ने दिए अहम निर्देश

    हरियाणा में बढ़ेगा हरित क्षेत्र, 635 वन मित्रों ने लगाए 4 लाख पौधे; मंत्री ने दिए अहम निर्देश

    चंडीगढ़
     हरियाणा के वन एवं पर्यावरण मंत्री राव नरबीर सिंह ने वन मित्रों की वित्तवर्ष 2025-26 और 2026-27 की बकाया मैनटेनेंस राशि का भुगतान 15 सितंबर तक हर हाल में करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने जिला वन अधिकारियों (डीएफओ) को स्पष्ट निर्देश देते हुए कहा कि भुगतान में किसी तरह की मनमानी या देरी बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

    वन मित्रों से जुड़े लंबित मामलों की समीक्षा बैठक में मंत्री ने कहा कि पौधारोपण अभियान में वन मित्र विभाग और आमजन के बीच महत्वपूर्ण कड़ी हैं। उन्होंने वन मित्रों को निजी भूमि के साथ वन विभाग की जमीन पर भी पौधे लगाने की अनुमति देने के निर्देश दिए, ताकि प्रदेश में हरित क्षेत्र बढ़ाने के साथ लगाए गए पौधों की नियमित देखभाल भी सुनिश्चित हो सके।

    बैठक में बताया गया कि वित्तवर्ष 2026-27 में 635 वन मित्रों ने करीब चार लाख पौधे लगाए हैं। इनमें से 2 लाख 14 हजार 992 पौधों का सत्यापन कर उनका विवरण पोर्टल पर अपलोड किया जा चुका है।

    मंत्री ने वन मित्रों के पंजीकरण के लिए पोर्टल को 30 सितंबर 2026 तक खुला रखने के निर्देश दिए। उन्होंने पहले से पंजीकृत वन मित्रों से अधिक लोगों को अभियान से जोड़ने का आह्वान किया। स्वयं सहायता समूहों के माध्यम से महिलाओं को भी वन मित्र बनाने पर जोर दिया गया।

    राव नरबीर सिंह ने वन विभाग की जमीन पर पौधारोपण बढ़ाने और लगाए गए पौधों की चार से पांच वर्ष तक देखभाल सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। बैठक में बताया गया कि प्राण वायु देवता पेंशन योजना के तहत प्रदेश में करीब 5,300 पेड़ों की पहचान की गई है। इनकी देखभाल करने वालों को सालाना एक हजार रुपये पेंशन दी जाती है।

  • हरियाणा में पुराने रेलवे क्वार्टरों पर संकट, 50 साल से ज्यादा पुराने मकान होंगे ध्वस्त

    हरियाणा में पुराने रेलवे क्वार्टरों पर संकट, 50 साल से ज्यादा पुराने मकान होंगे ध्वस्त

    अंबाला.

    रेलवे की पुरानी और जर्जर कालोनियों में रहने वाले कर्मचारियों के लिए राहत की खबर है। रेलवे बोर्ड ने 50 साल से अधिक पुराने और असुरक्षित घोषित किए जा चुके रेलवे क्वार्टरों को चरणबद्ध तरीके से हटाकर उनकी जगह आधुनिक बहुमंजिला आवास बनाने की योजना तैयार की है।

    अब एकल मंजिल या कम ऊंचाई वाली कालोनियों के बजाय जमीन का बेहतर उपयोग करते हुए जी-4 या उससे अधिक मंजिल के भवन बनाए जा सकेंगे। इसके लिए रेलवे बोर्ड ने सभी जोनल रेलवे, उत्पादन इकाइयों और केंद्रीय संगठनों को असुरक्षित रेलवे कालोनियों की प्राथमिकता सूची तैयार कर कार्ययोजना भेजने के निर्देश दिए हैं। नई आवास नीति के तहत रेलवे का जोर कम जमीन में अधिक कर्मचारियों के लिए आवास उपलब्ध कराने पर है। स्थानीय भवन नियमों के अनुसार बहुमंजिला भवनों का निर्माण किया जाएगा। इससे दशकों पुराने छोटे और जर्जर क्वार्टरों की जगह कर्मचारियों को सुरक्षित और आधुनिक आवास उपलब्ध कराने का रास्ता साफ होगा।

    अमृत भारत स्टेशन योजना से भी जोड़े जा सकेंगे प्रोजेक्ट
    रेलवे बोर्ड के निर्देशों के अनुसार इन आवासीय पुनर्निर्माण परियोजनाओं के लिए राशि वर्क्स प्रोग्राम के प्लान हेड-51 यानी कर्मचारी सुविधाओं के तहत उपलब्ध कराई जाएगी। जहां संभव होगा, इन परियोजनाओं को स्टेशन पुनर्विकास और अमृत भारत स्टेशन योजना से भी जोड़ा जा सकेगा। नए रेलवे क्वार्टर कर्मचारियों को सौंपने से पहले उन्हें एचआरएमएस के एस्टेट माड्यूल पर दर्ज करना भी अनिवार्य होगा। इससे आवासों के आवंटन और रेलवे की संपत्तियों के प्रबंधन को डिजिटल तरीके से संचालित किया जा सकेगा। नाम न छापने की शर्त पर मंडल के एक अधिकारी ने बताया कि बोर्ड द्वारा बनाई गई नीति के अनुसार कंडम आवासों का सर्वे शुरू कर दिया गया है।

    अंबाला मंडल की पुरानी कालोनियों को भी मिल सकता है लाभ
    रेलवे बोर्ड के फैसले से अंबाला मंडल की पुरानी रेलवे कालोनियों के पुनर्निर्माण की उम्मीद भी बढ़ी है। मंडल स्तर पर पुराने और असुरक्षित आवासीय भवनों की स्थिति का आकलन कर प्राथमिकता के आधार पर प्रस्ताव तैयार किए जा सकते हैं। हालांकि, अंबाला मंडल की कौन-कौन सी कालोनियां पहले चरण में शामिल होंगी, यह संबंधित जोनल रेलवे की प्राथमिकता सूची और स्वीकृत कार्ययोजना जारी होने के बाद ही स्पष्ट होगा। रेलवे बोर्ड ने जोनल रेलवे को आगामी पिंक बुक और वर्क्स प्रोग्राम में ऐसे कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर शामिल करने के निर्देश दिए हैं।

    ये होंगे फायदे –

    • – नई व्यवस्था में टाइप-2 और टाइप-3 रेलवे क्वार्टरों का कवर्ड एरिया बढ़ाया जाएगा।
    • – इन्हें आधुनिक दो और तीन कमरों वाले आवास के मानकों के अनुरूप विकसित किया जाएगा।
    • – कर्मचारियों को पुराने छोटे कमरों की बजाय पहले से अधिक जगह वाले और सुविधाजनक आवास मिल सकेगी।
    • – तीन से अधिक मंजिल वाले भवनों में लिफ्ट की व्यवस्था अनिवार्य होगी।
    • – छत पर सौर ऊर्जा संयंत्र, आधुनिक रसोई की फिटिंग और वाहनों के लिए अलग पार्किंग की व्यवस्था

    प्रमुख चुनौतियां –

    • – पुराने क्वार्टरों को तोड़ने से पहले वहां रह रहे कर्मचारियों के लिए वैकल्पिक आवास की व्यवस्था करनी होगी।
    • – बड़े पैमाने पर निर्माण के लिए पर्याप्त बजट, निर्माण की गुणवत्ता और निर्धारित समय में काम पूरा करना चुनौती होगी।
    • – कालोनियों को चरणबद्ध तरीके से खाली कराने के दौरान कर्मचारियों को अस्थायी परेशानी का सामना भी करना पड़ सकता है।