Category: हरियाणा

  • 9700 करोड़ की सड़क परियोजनाओं को हरी झंडी, हरियाणा में बनेंगे नए रिंग रोड और बाईपास

    9700 करोड़ की सड़क परियोजनाओं को हरी झंडी, हरियाणा में बनेंगे नए रिंग रोड और बाईपास

    चंडीगढ़
     हरियाणा में एक लाख से अधिक जनसंख्या वाले शहरों एवं कस्बों के बाहर रिंग रोड और नेशनल हाईवे बनाए जाएंगे। हिसार बाईपास, कुरुक्षेत्र बाईपास, नारनौल सिटी बाईपास, जींद बाईपास तथा सोहना-पलवल बाईपास के निर्माण कार्य को मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने स्वीकृति दे दी है।

    राष्ट्रीय राजमार्ग से शहरी क्षेत्र में भीड़भाड कम करने के लिए शनिवार को मास्टर प्लान के तहत एडाप्शन आफ फाइनेंशियल माडल फार स्टेट कंट्रीब्यूशन को लेकर आयोजित बैठक में यह निर्णय लिए गए। लोक निर्माण मंत्री रणबीर गंगवा के साथ अधिकारियों की बैठक ले रहे मुख्यमंत्री ने बताया कि हिसार बाईपास हिसार-राजगढ रोड एनएच 52 से हिसार देहली रोड तथा हिसार कैथल रोड से जोड़ने का कार्य करेगा।

    केंद्र सरकार के अनुसार तैयार होगी पॉलिसी
    इसी प्रकार कुरुक्षेत्र लाडवा बाईपास की भी डीपीआर तैयार कर ली गई है। जल्द ही इस परियोजना पर भी कार्य आरंभ किया जाएगा। मास्टर प्लान के तहत बाह्य रिंग रोड़ एवं नेशनल हाईवे बनाने के लिए केंद्र सरकार के अनुसार पालिसी तैयार की जाएगी, ताकि शहरों एवं कस्बों में ट्रैफिक के दबाव कम करने के लिए बनाई जाने वाली सड़कों को अमलीजामा पहनाया जा सके।

    बैठक में केंद्र सरकार के लागत शेयर के लिए वित्त विभाग, लोक निर्माण विभाग तथा शहरी स्थानीय निकाय के अधिकारियों की तीन सदस्यीय कमेटी का गठन भी किया गया। नारनौल सिटी बाईपास बनाया जाएगा। लगभग 11 किलोमीटर लंबे इस बाईपास को स्टेट हाईवे एनएच 148बी से जोड़ा जाएगा।

    9700 करोड़ रुपये की लागत आएगी
    जींद के दूसरी तरफ बाह्य रिंग रोड एवं बाईपास एनएच 352 चार मार्गीय सड़क का निर्माण किया जाएगा। एनएच 919 से पलवल सोहना बाइपास को भी री-डिजाइन कर निर्माण किया जाएगा। यह चार मार्गीय सड़क मार्ग लगभग 24 किलोमीटर लंबा होगा। इन परियोजनाओं पर लगभग 9700 करोड़ रुपये की लागत आएगी।

    डीएनडी-फरीदाबाद-बल्लभगढ बाईपास केएमपी लिंक से देहली मुंबई एक्सप्रेस वे ग्रीनफिल्ड कनेक्टिविटी जेवर इंटरनेशनल एयरपोर्ट से जोड़ने के लिए भी तैयार किया जाएगा। इसके अलावा करनाल रिंग रोड के लिए भी भूमि शेयर जमा करवा दिया गया है। अंबाला शहर एवं अंबाला कैंट को जोड़ने के लिए रिंग रोड का कार्य निर्माणाधीन है, जिसे जल्द पूरा कर लिया जाएगा।

    अतिरिक्त कार्य को भी मंजूरी
    बैठक में रेवाड़ी भटिंडा रेलवे लाइन पर सिरसा में सिविल स्टेशन रोड पर रेलवे अंडर ब्रिज के निर्माण तथा कनीना-महेंद्रगढ़ रोड से अनावास, ढाणी राजावास स्कूल से बलाना, खातोद से बुडीन, निम्भेड़ा और बलैचा के लिए लिंक रोड, महेंद्रगढ़ बुचौली रोड, नांगवास से अटेली सड़क के अतिरिक्त कार्य को भी मंजूरी प्रदान की गई।

     

  • हिसार में ऑटो चालकों पर कसेगा शिकंजा, वर्दी-बैज के साथ ओवरलोडिंग पर भी कार्रवाई

    हिसार में ऑटो चालकों पर कसेगा शिकंजा, वर्दी-बैज के साथ ओवरलोडिंग पर भी कार्रवाई

    हिसार
    शहर में ऑटो या ई-रिक्शा में सफर करते समय अब यात्री चालक की पहचान आसानी से कर सकेंगे।

    सड़कों पर दौड़ने वाले ऑटो, ई-रिक्शा और अन्य कॉन्ट्रेक्ट कैरिज के चालकों को ग्रे रंग की निर्धारित वर्दी पहनने के साथ शर्ट के बाईं ओर बैज लगाना होगा।

    यातायात व्यवस्था को अनुशासित बनाने और यात्रियों की सुरक्षा बढ़ाने के लिए यातायात पुलिस ने इस व्यवस्था का पालन कराने की तैयारी की है।

    इसके साथ ही चालकों की मनमर्जी से सवारियां बैठाने और उतारने, क्षमता से अधिक यात्रियों को बैठाने तथा जरूरी दस्तावेजों के बिना वाहन चलाने पर भी नजर रखी जाएगी

    नियमों की अनदेखी करने वाले चालकों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। पुलिस का मानना है कि एक जैसी निर्धारित वर्दी और बैज होने से चालक की पहचान स्पष्ट होगी।

    इससे किसी अप्रिय स्थिति में यात्री को चालक की पहचान करने में भी आसानी होगी। इसी व्यवस्था को लेकर यातायात थाना पुलिस ने आटो और ई-रिक्शा चालकों के साथ जागरूकता बैठक कर उन्हें नए सिरे से दिशा-निर्देश दिए।

    यातायात थाना प्रभारी इंस्पेक्टर राजीव कुमार ने चालकों से कहा कि वाहन चलाते समय सभी जरूरी दस्तावेज साथ रखें। सवारियों को केवल निर्धारित स्थानों पर ही बैठाया और उतारा जाए। क्षमता से अधिक सवारियां बैठाकर उनकी सुरक्षा को खतरे में न डाला जाए।

    उन्होंने कहा कि सड़क पर चालक का व्यवहार सीधे तौर पर यात्रियों की सुरक्षा से जुड़ा है। चालकों को यात्रियों के साथ शालीन व्यवहार करने और यातायात व्यवस्था बनाए रखने में पुलिस का सहयोग करने की हिदायत भी दी गई। बैठक में चालकों ने नियमों का पालन करने का आश्वासन दिया।

    वर्दी सिर्फ ड्रेस नहीं, यात्री के लिए बनेगी पहचान
    पुलिस के अनुसार ग्रे रंग की निर्धारित वर्दी के साथ चालक को शर्ट के बाईं ओर बैज लगाना होगा। इसका उद्देश्य चालक की स्पष्ट पहचान सुनिश्चित करना है।

    वर्दी और बैज से यात्री को यह पता रहेगा कि वाहन कौन चला रहा है। पुलिस ने साफ किया है कि वर्दी संबंधी निर्देशों की अवहेलना करने वालों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।

    इन नियमों पर रहेगा विशेष फोकस
        वर्दी: ग्रे रंग की निर्धारित वर्दी पहननी होगी।
        बैज: शर्ट के बाईं ओर निर्धारित बैज लगाना होगा।
        दस्तावेज: वाहन के सभी जरूरी दस्तावेज साथ रखने होंगे।
        सवारी: निर्धारित स्थान पर ही यात्रियों को बैठाना और उतारना होगा।
        ओवरलोडिंग: क्षमता से अधिक सवारियां नहीं बैठा सकेंगे।
        व्यवहार: यात्रियों के साथ शालीन व्यवहार और यातायात नियमों का पालन करना होगा।

     

  • नोशनल सेवा अवधि को अनुभव में जोड़ने का आदेश, PGT शिक्षकों की बढ़ी मेरिट

    नोशनल सेवा अवधि को अनुभव में जोड़ने का आदेश, PGT शिक्षकों की बढ़ी मेरिट

    चंडीगढ़
     हरियाणा सरकार की शिक्षक स्थानांतरण नीति के तहत अनुभव अंकों की गणना को लेकर पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट ने पीजीटी शिक्षकों को बड़ी राहत दी है।

    हाईकोर्ट ने स्पष्ट किया कि जिन शिक्षकों को किसी आदेश या वैधानिक प्रक्रिया के तहत पूर्व प्रभाव से नोशनल सेवा (भले ही कोई कर्मचारी किसी निश्चित समयावधि के लिए वास्तविक रूप से (फिजिकली) नौकरी पर उपस्थित या कार्यरत नहीं था, फिर भी रिकॉर्ड और गणना के उद्देश्य से उसे उस अवधि के लिए सेवा में माना जाता है) का लाभ मिला है, उस सेवा अवधि को स्थानांतरण के लिए अनुभव की गणना से बाहर नहीं किया जा सकता

    ऐसे शिक्षकों को उनकी मान्य नोशनल सेवा अवधि के आधार पर भी अनुभव अंक दिए जाएंगे। इससे स्थानांतरण प्रक्रिया में उनकी मेरिट और पसंद के पद मिलने की संभावनाएं बढ़ेंगी।विभाग दूसरे लाभ दे रहा था, ट्रांसफर में अनुभव अंक रोक दिएमामला परविंद्र कुमार समेत दर्जन भर पीजीटी शिक्षकों से जुड़ा है।

    शिक्षकों का कहना था कि विभाग उनकी नोशनल सेवा को एसीपी, वरिष्ठता, नोशनल वेतन निर्धारण सहित अन्य सेवा लाभों के लिए मान्यता दे रहा है, लेकिन शिक्षक स्थानांतरण अभियान में अनुभव अंक देने के लिए केवल वास्तविक नियुक्ति तिथि को आधार बना रहा है।

    जगबीर मलिक ने खटखटाया अदालत का दरवाजा
    इससे उनकी सेवा अवधि कम मानी जा रही थी और उन्हें स्थानांतरण प्रक्रिया में नुकसान उठाना पड़ रहा था।इसके खिलाफ शिक्षकों ने अधिवक्ता जगबीर मलिक के माध्यम से हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया।

    मामले की सुनवाई के दौरान शिक्षा विभाग की ओर से अदालत को बताया कि इसी तरह का विवाद पहले भी हाईकोर्ट की एकल और दो सदस्यीय पीठ के समक्ष आ चुका है और संबंधित याचिका खारिज की जा चुकी है। हालांकि, याचिकाकर्ताओं की ओर से नए तथ्यों और कानूनी पहलुओं को अदालत के सामने रखा गया।

    अधिवक्ता जगबीर मलिक ने सर्वोच्च न्यायालय के भारत सरकार बनाम के बी राजोरिया मामले में दिए गए फैसले का हवाला देते हुए दलील दी कि नोशनल सेवा से जुड़े कानूनी सिद्धांत को केवल वास्तविक नियुक्ति तिथि तक सीमित करके नहीं देखा जा सकता।

    अदालत ने दोनों पक्षों की सुनी दलीलें
    अदालत ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद पीजीटी शिक्षकों के पक्ष में फैसला सुनाया। जस्टिस हरप्रीत सिंह बराड़ की एकल पीठ के इस फैसले से उन शिक्षकों को राहत मिली है, जिन्हें नोशनल सेवा अवधि का लाभ तो दिया गया, लेकिन स्थानांतरण के लिए उसी अवधि के अनुभव अंक नहीं दिए जा रहे थे।

    दूसरे कर्मचारियों के लिए भी खुला राहत का रास्तायह फैसला इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि समान प्रकृति के मामले में कृषि विकास अधिकारी की याचिका और उसके बाद दायर एलपीए पहले खारिज हो चुके थे।

    इसके बावजूद सर्वोच्च न्यायालय के महत्वपूर्ण फैसले और नए कानूनी पहलुओं के आधार पर पीजीटी शिक्षकों को राहत मिल गई। माना जा रहा है कि इस निर्णय के बाद नोशनल सेवा के बावजूद अनुभव अंकों से वंचित अन्य कर्मचारी भी अपने अधिकारों के लिए हाईकोर्ट का रुख कर सकते हैं।

  • हरियाणा में लंपी वायरस का खतरा बढ़ा, बॉर्डर सील कर पशु व्यापार पर लगाई पाबंदी

    हरियाणा में लंपी वायरस का खतरा बढ़ा, बॉर्डर सील कर पशु व्यापार पर लगाई पाबंदी

    हिसार.

    दो वर्ष पहले पशुपालकों को भारी आर्थिक नुकसान पहुंचाने वाला लंपी वायरस एक बार फिर हरियाणा की चौखट तक पहुंच गया है। सात राज्यों में संक्रमण मिलने और भिवानी, नारनौल तथा कुरुक्षेत्र में मामले सामने आने के बाद पशुपालन एवं डेयरी विभाग ने पूरे प्रदेश में अलर्ट जारी कर दिया है।

    सरकार ने पशुओं के अनावश्यक आवागमन पर रोक लगाने, सीमावर्ती क्षेत्रों में निगरानी बढ़ाने और पशुपालकों को विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए हैं। विभाग का कहना है कि अभी हिसार में संक्रमण का कोई मामला नहीं मिला है, लेकिन बीमारी को राज्य में फैलने से रोकने के लिए एहतियाती कदम तेज कर दिए गए हैं।

    गोशालाएं पहली प्राथमिकता, सीमाओं पर भी निगरानी
    जिलों को जारी एडवाइजरी में गोशालाओं में गोवंश के प्रवेश व निकास पर नियंत्रण रखने, नए पशुओं को कम से कम 15 दिन अलग रखने तथा संक्रमित या संदिग्ध पशुओं को स्वस्थ पशुओं से अलग रखने के निर्देश दिए हैं। सीमावर्ती क्षेत्रों में भी विशेष निगरानी रखने को कहा गया है ताकि संक्रमित पशुओं के माध्यम से बीमारी न फैल सके।

    बीमारी से पहले रोकथाम पर पूरा जोर
    विभाग ने मच्छर, मक्खी और अन्य वाहक कीटों की रोकथाम के लिए नियमित फागिंग, शेड और नालियों की सफाई तथा किसी भी पशु में लक्षण दिखाई देने पर तुरंत पशु चिकित्सक अथवा विभाग को सूचना देने के लिए कहा गया है, ताकि समय रहते उपचार और निगरानी शुरू की जा सके।

    लंपी के लक्षण पहचानिए –

    • तेज बुखार
    • शरीर पर गांठें उभरना
    • आंख और नाक से स्राव
    • दूध उत्पादन में कमी
    • सुस्ती और भूख कम लगना

    बचाव के पांच आसान उपाय –

    • नया पशु तुरंत झुंड में न मिलाएं
    • शेड व आसपास सफाई रखें
    • मच्छर-मक्खी नियंत्रण के उपाय करें
    • बीमार पशु को अलग रखें
    • टीकाकरण छूट गया हो तो पशु चिकित्सालय में संपर्क करें
  • गुरुग्राम की तर्ज पर हरियाणा में बनेगी नमो सिटी, दिल्ली-नोएडा और फरीदाबाद से जुड़ेगा नया शहर

    गुरुग्राम की तर्ज पर हरियाणा में बनेगी नमो सिटी, दिल्ली-नोएडा और फरीदाबाद से जुड़ेगा नया शहर

    चंडीगढ़ 

    हरियाणा में गुरुग्राम जैसा नया शहर बसाने की तैयारी हो गई है. कुंडली-मानेसर-पलवल (KMP) किनारे 9 हजार एकड़ में नमो सिटी बसाने का ऐलान हुआ है. दिल्ली एनसीआर प्लानिंग बोर्ड की दो महीने पहले हुई बैठक में जिन चार राज्यों में ऐसे नमो शहर विकसित करने का फैसला हुआ था, उसमें एक यूपी, दिल्ली, राजस्थान के अलावा हरियाणा शामिल था. मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने इसे 5000 एकड़ से बढ़ाकर 9 हजार एकड़ करने का फैसला किया है.दिल्ली-एनसीआर में ट्रैफिक घटाने के लिए कुंडली-मानेसर-पलवल (KMP) एक्सप्रेसवे कॉरिडोर के किनारे स्मार्ट नमो सिटी बसाया जाएगा.सरकार ने इन गांवों में जमीनों की मैपिंग और फिर उन्हें चिन्हित करने की तैयारी की है। 

    NCR प्लानिंग बोर्ड के तहत 4 नमो सिटी
    नेशनल कैपिटल रीजन प्लानिंग बोर्ड (NCRPB) ने क्षेत्रीय योजना 2041 (Regional Plan 2041) के तहत 4 राज्यों में नए नमो शहर बनाने के फैसले में सबसे पहले पहल की है.ये नया शहर पूरी तरह से ग्रीनफील्ड होगा, यानी पूरी टाउनशिप की नए सिरे से प्लानिंग की गई है. केएमपी एक्सप्रेसवे किनारे दिल्ली, गुरुग्राम, फरीदाबाद और पश्चिमी उत्तर प्रदेश से हाई स्पीड कनेक्टिविटी मिलेगी. इसमें व्यापारियों के लिए वेयरहाउस, लॉजिस्टिक्स पार्क, कॉर्पोरेट ऑफिस और वॉक टू वर्क के साथ हाउसिंग सोसायटी होंगी। 

    KMP एक्सप्रेसवे के किनारे बसेगा शहर
    केएमपी एक्सप्रेसवे के किनारे जमीनों के दाम पहले से ही आसमान छू रहे हैं. किसानों से भूमि अधिग्रहण या लैंड पूलिंग पॉलिसी के तहत जमीनें लेने की तैयारी है.दिल्ली सरकार ने कृषि भूमि के सर्किल रेट बढ़ाने के बाद हरियाणा के किसान भी अपनी जमीनों के लिए ऊंचे मुआवजे की मांग कर रहे हैं. हरियाणा के सीएम ने जून में दिल्ली के बड़े व्यापारिक संगठनों के साथ अहम बैठक की थी. उन्होंने दिल्ली के चांदनी चौक, सदर बाजार और खारी बावली जैसे भीड़भाड़ वाले थोक बाजारों के कारोबारियों को हरियाणा में आकर बसने का न्योता दिया था.हरियाणा सरकार उन्हें हाईवे कनेक्टिविटी के साथ सिंगल-विंडो क्लीयरेंस और रियायतें देने का ऑफर दिया। 

    नमो सिटी (KMP) के करीब एक्सप्रेसवे 
    1. कुंडली-मानेसर-पलवल (KMP) एक्सप्रेसवे 

    कुंडली-मानेसर-पलवल एक्सप्रेसवे या वेस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेसवे इस नमो सिटी की बैकबोन होगा.136 किमी लंबा यह 6 लेन का एक्सप्रेसवे पूरे दिल्ली को पश्चिम छोर से घेरता है. यह यूपी, दिल्ली और हरियाणा के बीच हाईस्पीड कनेक्टिविटी का जरिया बना है। 

    2. दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे
    दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे (Delhi-Mumbai Expressway) भारत का सबसे लंबा एक्सप्रेसवे है. केएमपी एक्सप्रेसवे सोहना के पास खलीलपुर में दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे से कनेक्ट होता है. नमो सिटी से मुंबई, जयपुर, वडोदरा और इंदौर तक आवाजाही आसान होगी। 

    3. डीएनडी-फरीदाबाद-केएमपी एक्सप्रेसवे 
    डीएनडी-फरीदाबाद-केएमपी एक्सप्रेसवे (DND-Faridabad-KMP Expressway) 59 किमी लंबा 6-लेन एक्सप्रेसवे दिल्ली के महारानी बाग (DND Flyway) को फरीदाबाद बाईपास से होते हुए केएमपी (खलीलपुर) से जोड़ता है. इससे नमो सिटी को दिल्ली से मुंबई तक हाईस्पीड कनेक्टिविटी मिलेगी। 

    4. दिल्ली-अमृतसर-कटरा एक्सप्रेसवे 
    दिल्ली-अमृतसर-कटरा एक्सप्रेसवे (Delhi-Amritsar-Katra Expressway) एक्सप्रेसवे केएमपी के उत्तरी छोर (निलौठी पॉइंट) से प्रारंभ होता है.पंजाब और जम्मू-कश्मीर तक तेज आवाजाही देता है। 

     5. फरीदाबाद-जेवर एयरपोर्ट एक्सप्रेसवे 
    फरीदाबाद-जेवर एयरपोर्ट एक्सप्रेसवे भी केएमपी और डीएनडी एक्सप्रेसवे के जंक्शन सेक्टर 65 फरीदाबाद से एक 31 किमी लंबा नया ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे सीधे यूपी के जेवर में बने नोएडा एयरपोर्ट से जुड़ा है. इससे नमो सिटी से जेवर एयरपोर्ट की दूरी महज 20-25 मिनट रह जाएगी। 

    एनसीआर का दिल बनेगी नमो सिटी
    नमो सिटी की हरियाणा ही नहीं, बल्कि NCR के सभी बड़े इंडस्ट्रियल और आबादी वाले शहरों से सीधी कनेक्टिविटी होगी. केएमपी के जरिये गुरुग्राम और न्यू गुरुग्राम के आईटी हब और आबादी वाले इलाकों तक 15-20 मिनट में पहुंच सकते हैं। 

    मानेसर और सोहना
    मानेसर का विशाल ऑटोमोबाइल और मैन्युफैक्चरिंग बेल्ट सीधे केएमपी कॉरिडोर पर है. सोहना का लॉजिस्टिक्स और इलेक्ट्रॉनिक मैन्युफैक्चरिंग क्लस्टर नमो सिटी के नजदीक है. फरीदाबाद और बल्लभगढ़ भी डीएनडी-केएमपी एक्सप्रेसवे के जरिये नमो सिटी से जुड़ेंगे. केएमपी से इन शहरों की दूरी 2 घंटे की जगह 30 मिनट रह जाएगी। 

    दिल्ली, नोएडा से सीधी कनेक्टिविटी
    दिल्ली के ओखला, कालिंदी कुंज, सराय काले खां और नोएडा से केएमपी एक्सप्रेसवे के जरिये नमो सिटी की कनेक्टिविटी होगी. केएमपी के उत्तरी छोर में सोनीपत, कुंडली, बहादुरगढ़ भी आवाजाही आसान होगी. पलवल शहर और आगरा-मथुरा हाईवे (NH-19) तक सीधी पहुंच होगी।

    हरियाणा ऑर्बिटल रेल कॉरिडोर 
    केएमपी एक्सप्रेसवे के बराबर से 121 किमी लंबे हरियाणा ऑर्बिटल रेल कॉरिडोर के तहत इलेक्ट्रिक पैसेंजर और मालगाड़ी रेलवे लाइन बिछाई जा रही है. यह पलवल से सोनीपत को कनेक्ट करेगी. नमो सिटी के पास मानेसर, सोहना, पंचगांव और बहादुरगढ़ होंगे.माल ढुलाई और यात्रियों की आवाजाही तेज होगी। 

  • हरियाणा हाईकोर्ट ने माना नोशनल सेवा का लाभ, PGT ट्रांसफर में अंकों को दी मंजूरी

    हरियाणा हाईकोर्ट ने माना नोशनल सेवा का लाभ, PGT ट्रांसफर में अंकों को दी मंजूरी

    चंडीगढ़.

    हरियाणा सरकार की शिक्षक स्थानांतरण नीति के तहत अनुभव अंकों की गणना को लेकर पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट ने पीजीटी शिक्षकों को बड़ी राहत दी है।

    हाईकोर्ट ने स्पष्ट किया कि जिन शिक्षकों को किसी आदेश या वैधानिक प्रक्रिया के तहत पूर्व प्रभाव से नोशनल सेवा (भले ही कोई कर्मचारी किसी निश्चित समयावधि के लिए वास्तविक रूप से (फिजिकली) नौकरी पर उपस्थित या कार्यरत नहीं था, फिर भी रिकॉर्ड और गणना के उद्देश्य से उसे उस अवधि के लिए सेवा में माना जाता है) का लाभ मिला है, उस सेवा अवधि को स्थानांतरण के लिए अनुभव की गणना से बाहर नहीं किया जा सकता। ऐसे शिक्षकों को उनकी मान्य नोशनल सेवा अवधि के आधार पर भी अनुभव अंक दिए जाएंगे। इससे स्थानांतरण प्रक्रिया में उनकी मेरिट और पसंद के पद मिलने की संभावनाएं बढ़ेंगी।विभाग दूसरे लाभ दे रहा था, ट्रांसफर में अनुभव अंक रोक दिएमामला परविंद्र कुमार समेत दर्जन भर पीजीटी शिक्षकों से जुड़ा है। शिक्षकों का कहना था कि विभाग उनकी नोशनल सेवा को एसीपी, वरिष्ठता, नोशनल वेतन निर्धारण सहित अन्य सेवा लाभों के लिए मान्यता दे रहा है, लेकिन शिक्षक स्थानांतरण अभियान में अनुभव अंक देने केवल वास्तविक नियुक्ति तिथि को आधार बना रहा है।

    जगबीर मलिक ने खटखटाया अदालत का दरवाजा
    इससे उनकी सेवा अवधि कम मानी जा रही थी और उन्हें स्थानांतरण प्रक्रिया में नुकसान उठाना पड़ रहा था।इसके खिलाफ शिक्षकों ने अधिवक्ता जगबीर मलिक के माध्यम से हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया। मामले की सुनवाई के दौरान शिक्षा विभाग की ओर से अदालत को बताया कि इसी तरह का विवाद पहले भी हाईकोर्ट की एकल और दो सदस्यीय पीठ के समक्ष आ चुका है और संबंधित याचिका खारिज की जा चुकी है। हालांकि, याचिकाकर्ताओं की ओर से नए तथ्यों और कानूनी पहलुओं को अदालत के सामने रखा गया। अधिवक्ता जगबीर मलिक ने सर्वोच्च न्यायालय के भारत सरकार बनाम के बी राजोरिया मामले में दिए गए फैसले का हवाला देते हुए दलील दी कि नोशनल सेवा से जुड़े कानूनी सिद्धांत को केवल वास्तविक नियुक्ति तिथि तक सीमित करके नहीं देखा जा सकता।

    अदालत ने दोनों पक्षों की सुनी दलीलें
    अदालत ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद पीजीटी शिक्षकों के पक्ष में फैसला सुनाया। जस्टिस हरप्रीत सिंह बराड़ की एकल पीठ के इस फैसले से उन शिक्षकों को राहत मिली है, जिन्हें नोशनल सेवा अवधि का लाभ तो दिया गया, लेकिन स्थानांतरण के लिए उसी अवधि के अनुभव अंक नहीं दिए जा रहे थे। दूसरे कर्मचारियों के लिए भी खुला राहत का रास्तायह फैसला इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि समान प्रकृति के मामले में कृषि विकास अधिकारी की याचिका और उसके बाद दायर एलपीए पहले खारिज हो चुके थे। इसके बावजूद सर्वोच्च न्यायालय के महत्वपूर्ण फैसले और नए कानूनी पहलुओं के आधार पर पीजीटी शिक्षकों को राहत मिल गई। माना जा रहा है कि इस निर्णय के बाद नोशनल सेवा के बावजूद अनुभव अंकों से वंचित अन्य कर्मचारी भी अपने अधिकारों के लिए हाईकोर्ट का रुख कर सकते हैं।

  • गुरुग्राम मेट्रो का विस्तार तेज, RRTS-रैपिड मेट्रो से जुड़ेगा 35.25 किमी कॉरिडोर

    गुरुग्राम मेट्रो का विस्तार तेज, RRTS-रैपिड मेट्रो से जुड़ेगा 35.25 किमी कॉरिडोर

    गुरुग्राम
     गुरुग्राम में प्रस्तावित सेक्टर-56 से पचगांव मेट्रो कॉरिडोर को तेज रफ्तार और बेहतर कनेक्टिविटी के साथ विकसित करने की तैयारी है।

    35.25 किलोमीटर लंबे इस कॉरिडोर की डिजाइन स्पीड 90 किलोमीटर प्रति घंटे होगी और इसमें 28 स्टेशन प्रस्तावित हैं। कॉरिडोर को रैपिड मेट्रो, आरआरटीएस और हरियाणा आर्बिटल रेल कॉरिडोर (एचओआरसी) समेत भविष्य की रेल आधारित प्रणालियों से बेहतर तरीके से जोड़ने की योजना है।

    मुख्य सचिव अनुराग रस्तोगी ने शुक्रवार को प्रस्तावित कॉरिडोर की समीक्षा की और संशोधित डीपीआर को तय समय पर अंतिम रूप देने के निर्देश दिए। परियोजना को अगले 15 से 20 वर्षों की शहरीकरण, आबादी वृद्धि और आर्थिक गतिविधियों की जरूरतों को ध्यान में रखकर तैयार किया जाएगा।

    प्रस्तावित कॉरिडोर मध्यम क्षमता वाली मेट्रो के रूप में विकसित किया जाएगा। इसकी डिजाइन स्पीड 90 किलोमीटर प्रति घंटे रखी गई है। मेट्रो में सीबीटीसी सिग्नलिंग प्रणाली प्रस्तावित है।

    तेज डिजाइन स्पीड और आधुनिक सिग्नलिंग के साथ कॉरिडोर को गुरुग्राम में सार्वजनिक परिवहन नेटवर्क मजबूत करने के लिए तैयार किया जा रहा है। इससे गुरुग्राम-मानेसर-पचगांव क्षेत्र में सार्वजनिक परिवहन को बेहतर करने और सड़क यातायात कम करने की योजना है।

    RRTS और रैपिड मेट्रो से जुड़ेगा
    प्रस्तावित मेट्रो कॉरिडोर को मौजूदा और प्रस्तावित रेल आधारित परिवहन नेटवर्क के साथ एकीकृत करने की योजना है। इसमें रैपिड मेट्रो और आरआरटीएस के साथ हरियाणा आर्बिटल रेल कॉरिडोर को भी जोड़ा जाएगा।

    इसके अलावा भविष्य में विकसित होने वाली रेल आधारित प्रणालियों के साथ भी बेहतर एकीकरण को ध्यान में रखा जाएगा। इससे सेक्टर-56 से पचगांव तक तेजी से विकसित हो रहे क्षेत्रों को व्यापक सार्वजनिक परिवहन नेटवर्क से जोड़ने की तैयारी है।

    35.25 किमी रूट पर 28 स्टेशन
    सेक्टर-56 से शुरू होने वाला कॉरिडोर सेक्टर-61, 65, 66, 50 और 49 से होते हुए खेड़कीदौला पहुंचेगा। इसके बाद ग्लोबल सिटी और न्यू गुरुग्राम के सेक्टर-84, 86 और 90 से होते हुए आईएमटी मानेसर और पचगांव तक जाएगा।

    पूरे 35.25 किलोमीटर लंबे रूट पर 28 स्टेशन प्रस्तावित हैं। कॉरिडोर के जरिये प्रमुख आवासीय, वाणिज्यिक और औद्योगिक क्षेत्रों को सार्वजनिक परिवहन नेटवर्क से जोड़ने की योजना है।

    अगले 15 साल की जरूरतों पर जोर
    मुख्य सचिव अनुराग रस्तोगी ने परियोजना तैयार करते समय अगले 15 से 20 वर्षों की शहरीकरण प्रक्रिया, आबादी वृद्धि और आर्थिक गतिविधियों को ध्यान में रखने के निर्देश दिए हैं।

    उन्होंने कहा कि डीपीआर के स्तर पर ही सभी योजना संबंधी मुद्दों का समाधान किया जाए, ताकि आगे चलकर परियोजना में देरी न हो। संशोधित डीपीआर को तय समय पर अंतिम रूप देने के निर्देश दिए गए हैं।

    बैठक में टाउन एंड कंट्री प्लानिंग के एसीएस अनुराग अग्रवाल, निदेशक जे गणेशन, शहरी स्थानीय निकाय आयुक्त एवं सचिव अशोक कुमार मीणा, एचएसआईआईडीसी के एमडी विनय प्रताप सिंह, एचएसवीपी के मुख्य प्रशासक एवं एचएमआरटीसी के एमडी मुकुल कुमार समेत अन्य वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।

     

  • स्टेशन पर स्टॉल चाहिए तो ऑनलाइन बोली लगानी होगी, रेलवे ने तय किए EMD और सिक्योरिटी के नियम

    स्टेशन पर स्टॉल चाहिए तो ऑनलाइन बोली लगानी होगी, रेलवे ने तय किए EMD और सिक्योरिटी के नियम

    अंबाला
     रेलवे बोर्ड ने नौ वर्ष पुरानी कैटरिंग नीति में बदलाव किया है। स्टेशन पर खाने-पीने का सामान या दूध का स्टाल लगाने वालों को ई-आक्शन से स्टाल लेने होंगे।

    इसमें किसी की सिफारिश या पुराने तरीके से आवंटन की गुंजाइश कम होगी। रेलवे बोर्ड ने कैटरिंग नीति-2017 में संशोधन करते हुए सभी श्रेणियों के स्टेशनों पर मिल्क स्टाल तथा ए-वन, ए, बी और सी श्रेणी के स्टेशनों पर जनरल माइनर यूनिट्स (जीएमयू) के आवंटन के लिए नई व्यवस्था लागू की है।

    सबसे बड़ा असर मिल्क स्टाल पर पड़ेगा। जोनल रेलवे को मिल्क स्टाल के लिए अनुबंध की विशेष शर्तें तैयार करनी होंगी। बोर्ड की ओर से 28 मई 2018 को जारी मानक बोली दस्तावेज को आधार बनाया जाएगा।

    चार श्रेणी के स्टेशनों पर जीएमयू भी ऑनलाइन ए-वन, ए, बी और सी श्रेणी के स्टेशनों की जनरल माइनर यूनिट्स के लिए भी ई-आक्शन जरूरी होगा।

    इन इकाइयों के लिए पात्रता मानदंड भी नए परिशिष्ट में निर्धारित हैं। इन इकाइयों के अनुबंध की विशेष शर्तें तैयार होंगी। इसके लिए 10 जनवरी 2018 को जारी जीएमयू के मानक बोली दस्तावेज को आधार बनाया जाएगा।

    यह है जमानत राशि के नियम ई-आक्शन में बोली दाताओं के लिए जमानत राशि के नियम भी स्पष्ट कर दिए हैं। वार्षिक बोली मूल्य का 10 % ईएमडी के रूप में जमा करना होगा।

    सफल बोलीदाता को कुल लाइसेंस शुल्क का 10 % सुरक्षा जमा के तौर पर देना होगा। ईएमडी को सुरक्षा जमा में समायोजित किया जाएगा। बची राशि ई-आक्शन के दो सप्ताह में ऑनलाइन जमा करनी होगी।
    यात्रियों के लिए क्यों अहम है बदलाव बदलाव का सीधा संबंध यात्रियों से भी है। रेलवे की मंशा है कि ठेके की प्रक्रिया पारदर्शी हो। इससे छोटे कारोबारियों को भी अवसर मिलेगा।

    क्रिस करेगा व्यवस्था में बदलाव रेलवे बोर्ड ने सेंटर फार रेलवे इंफार्मेशन सिस्टम्स (क्रिस) को ई-आक्शन माड्यूल में आवश्यक तकनीकी बदलाव करने के निर्देश दिए हैं। नई व्यवस्था को ऑनलाइन बोली प्रणाली में भी शामिल किया जाएगा।

     

  • विदेश से गैंग चला रहे अपराधियों की खैर नहीं, STF ने 12 गैंगस्टरों को हिरासत में लिया

    विदेश से गैंग चला रहे अपराधियों की खैर नहीं, STF ने 12 गैंगस्टरों को हिरासत में लिया

    चंडीगढ़
    हरियाणा पुलिस की स्पेशल टास्क फोर्स (एसटीएफ) ने संगठित अपराध के खिलाफ कार्रवाई तेज करते हुए विदेश में छिपे वांछित अपराधियों और उनके नेटवर्क पर शिकंजा कस दिया है।

    एसटीएफ अब तक 27 गैंगस्टरों को निर्वासन या प्रत्यर्पण के माध्यम से भारत ला चुकी है। इनमें वर्ष 2025 में सात और वर्ष 2026 में अब तक 14 अपराधी शामिल हैं। चार अगस्त 2026 को एक सक्रिय वांछित अपराधी को संयुक्त अरब अमीरात से भारत लाया गया। यह वर्ष 2026 में एसटीएफ की 13वीं सफल कार्रवाई रही।

    पुलिस महानिदेशक अजय सिंघल ने कहा कि हरियाणा पुलिस संगठित अपराध के खिलाफ शून्य सहनशीलता (जीरो टालरेंस) की नीति पर काम कर रही है। विदेश में बैठकर हरियाणा में अपराध संचालित करने वालों के साथ उनके स्थानीय सहयोगियों, हथियार आपूर्तिकर्ताओं और आर्थिक मददगारों पर भी कार्रवाई की जा रही है। विभिन्न राज्यों की पुलिस और केंद्रीय एजेंसियों के साथ समन्वय तथा खुफिया सूचनाओं के आदान-प्रदान से अपराधियों के पूरे नेटवर्क की पहचान की जा रही है।

    विदेश में मौजूद 12 गैंगस्टर हिरासत में
    पुलिस महानिरीक्षक सथीश बालन के अनुसार, एसटीएफ मानव और तकनीकी खुफिया तंत्र के माध्यम से विदेश में छिपे अपराधियों की गतिविधियों, यात्रा विवरण और ठिकानों का पता लगा रही है। फर्जी पासपोर्ट, पहचान दस्तावेज और जैव-आंकड़ों का विश्लेषण भी किया जा रहा है। विदेशों में मौजूद 12 गैंगस्टरों को हिरासत में लिया जा चुका है, जबकि उन्हें भारत लाने की प्रक्रिया जारी है।

    अगस्त 2023 से अब तक की प्रमुख कार्रवाई
    144 लुक आउट सर्कुलर जारी।
    54 रेड कार्नर नोटिस जारी।
    53 इंटरपोल संदर्भ भेजे गए।
    93 पासपोर्ट रद कराए गए।
    नौ अस्थायी गिरफ्तारी अनुरोध और 16 प्रत्यर्पण अनुरोध भेजे गए।

    बदमाशों की सूचना देने वालों को दस हजार अमेरिकी डालर का ईनाम
    एसटीएफ अपराधियों से जुड़े बैंक लेन-देन, क्रिप्टोकरेंसी और यूएसडीटी के माध्यम से होने वाले वित्तीय लेन-देन की भी जांच कर रही है। उनके डिजिटल निशानों और सामाजिक मीडिया गतिविधियों पर निगरानी रखकर संपर्क, नए सदस्यों की भर्ती और आपराधिक गतिविधियों से जुड़ी जानकारी जुटाई जा रही है।

    विदेश में छिपे चार वांछित अपराधियों की गिरफ्तारी में मददगार सूचना देने पर प्रत्येक के लिए 10 हजार अमेरिकी डालर (करीब साढ़े नौ लाख रुपये) के इनाम के प्रस्ताव पर विचार किया जा रहा है।

    पंजाब, राजस्थान, दिल्ली और उत्तर प्रदेश के साथ समन्वय
    पुलिस महानिदेशक के अनुसार हरियाणा पुलिस ने पंजाब, राजस्थान, दिल्ली और उत्तर प्रदेश पुलिस के साथ मजबूत अंतरराज्यीय समन्वय तंत्र बनाया है। इसके तहत अपराधियों, शूटरों, हथियार आपूर्तिकर्ताओं और आर्थिक मददगारों से जुड़ी सूचनाएं साझा की जा रही हैं तथा जरूरत के अनुसार संयुक्त कार्रवाई की जा रही है।

    गैंग के संबंधों और आपराधिक नेटवर्क से जुड़ी जानकारी राष्ट्रीय जांच एजेंसी के ओसीएनडी मंच पर भी साझा की जा रही है। पुलिस का लक्ष्य विदेश में बैठे अपराधियों के साथ-साथ उनके स्थानीय और वित्तीय नेटवर्क को भी एक साथ कमजोर करना है।

  • हरियाणा में एयर कनेक्टिविटी को मिलेगी रफ्तार, हिसार एयरपोर्ट से बढ़ेंगी कनेक्टिंग फ्लाइट्स

    हरियाणा में एयर कनेक्टिविटी को मिलेगी रफ्तार, हिसार एयरपोर्ट से बढ़ेंगी कनेक्टिंग फ्लाइट्स

    चंडीगढ़
     हिसार एयरपोर्ट से देश के अलग-अलग हिस्सों में उड़ानों की संख्या में बढ़ोतरी की जाएगी। विशेषकर कनेक्ट फ्लाइट्स पर फोकस रहेगा, ताकि अधिक से अधिक यात्रियों को लाभ हो सके।

    कनेक्टिंग फ्लाइट वह यात्रा है, जिसमें अंतिम गंतव्य पर पहुंचने के लिए बीच के किसी हवाई अड्डे पर विमान बदलना पड़ता है। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने वीरवार को ‘स्टेट प्रगति पोर्टल’ के तहत चल रही 75 करोड़ रुपये से अधिक लागत वाली 11 विकास परियोजनाओं की समीक्षा बैठक में कहा कि हिसार एयरपोर्ट के पास आईएमसी (इंटिग्रेटिड मैनुफैक्चरिंग कलस्टर) के कार्य को तेजी से पूरा करवाया जाए।

    1578 एकड़ में परियोजना के लिए पर्यावरण मंजूरी प्राप्त हो चुकी है और परियोजना के निर्माण कार्य का टेंडर किया जा चुका है। ऊर्जा विभाग की आयुक्त एवं सचिव आशिमा बराड़ ने बताया कि गुरुग्राम की 11 केवी फीडर लाइन नवीनीकरण की एक परियोजना में 93 प्रतिशत तथा दूसरी में 79 प्रतिशत कार्य पूरा हो चुका है।

    जगाधरी क्षेत्र में आरडीएसएस परियोजना को दिसंबर तक पूरा कर लिया जाएगा। यमुनानगर में दीनबंधु छोटूराम ताप विद्युत संयंत्र में 800 मेगावाट अल्ट्रा सुपरक्रिटिकल यूनिट की स्थापना संबंधी कार्य निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार चल रहा है। रेवाड़ी जिले में आरडीएसएस के तहत लास रिडक्शन परियोजना का लगभग 86 प्रतिशत कार्य पूरा हो चुका है और इसे 30 नवंबर तक पूरा करवा दिया जाएगा।

    साढ़ौरा में 66 केवी सबस्टेशन को 220 केवी स्तर पर अपग्रेड करने की परियोजना का 95 प्रतिशत कार्य पूरा हो चुका है। कुरुक्षेत्र सर्कल में कृषि कनेक्शनों के लिए 4,717 एच-पोल लगाने तथा नए ट्रांसफार्मर उपलब्ध कराने की परियोजना का 57 प्रतिशत कार्य पूरा हो चुका है। कैथल सर्कल में 2847 एच-पोल एवं नए ट्रांसफार्मरों से संबंधित परियोजना का 72 प्रतिशत कार्य पूरा हो चुका है।