Category: हरियाणा

  • लाडो लक्ष्मी योजना में बड़ा विस्तार, 17 सितंबर से 17 लाख नई महिलाएं होंगी लाभार्थी

    लाडो लक्ष्मी योजना में बड़ा विस्तार, 17 सितंबर से 17 लाख नई महिलाएं होंगी लाभार्थी

    चंडीगढ़
    हरियाणा सरकार अब लाडो लक्ष्मी योजना का दायरा बढ़ाने जा रही है। 17 सितंबर से एक लाख से 1.80 लाख रुपये तक की वार्षिक पारिवारिक आय वाले परिवारों की महिलाओं को भी हर महीने 2,100 रुपये की आर्थिक सहायता मिलनी शुरू हो जाएगी। सरकार ने इस आय वर्ग की प्रदेशभर में करीब 17 लाख महिलाओं को नए लाभार्थी के रूप में चिन्हित किया है। अभी तक एक लाख रुपये की पारिवारिक आय वाले परिवारों की महिलाओं को इस योजना का लाभ मिल रहा था। योजना के तहत अब तक 10 लाख 10 हजार लाभार्थी हैं। इन्हें 11 किस्तों में कुल 2,254 करोड़ 47 लाख रुपये की राशि जारी की जा चुकी है।

    हरियाणा सरकार ने लाडो लक्ष्मी योजना का बजट 5,000 करोड़ से बढ़ाकर 6,500 करोड़ रुपये कर दिया है। नए आय वर्ग की महिलाओं को योजना में शामिल करने के बाद सरकार ने बजट में 1,500 करोड़ रुपये की बढ़ोतरी की है। आय सीमा बढ़ने से लाभार्थियों की संख्या भी बढ़ेगी, इसलिए अतिरिक्त बजट का प्रावधान किया गया है। सरकार का कहना है कि बढ़े हुए बजट से पात्र महिलाओं को हर महीने 2,100 रुपये की आर्थिक सहायता नियमित रूप से उपलब्ध कराने में मदद मिलेगी।

    किस जिले में कितने लाभार्थी चिन्हित किए गए
    एक लाख से 1.80 लाख रुपये तक की वार्षिक पारिवारिक आय वाले नए लाभार्थियों में फरीदाबाद सबसे आगे है। यहां 2 लाख 22 हजार 562 महिलाओं को चिन्हित किया गया है। इसके बाद सोनीपत में 1 लाख 18 हजार 878, पानीपत में 1 लाख 9 हजार 424, करनाल में 1 लाख 5 हजार 717 और पलवल में 1 लाख 1 हजार 652 महिलाएं योजना के दायरे में आएंगी।

    वहीं, गुरुग्राम में 92 हजार 17, यमुनानगर में 77 हजार 605, जींद में 73 हजार 152, नूंह में 69 हजार 760, सिरसा में 69 हजार 397 और झज्जर में 67 हजार 513 महिलाओं को चिन्हित किया गया है। हिसार में 67 हजार 177, कैथल में 66 हजार 518 और भिवानी में 66 हजार 14 लाभार्थी हैं। सबसे कम संख्या चरखी दादरी में 24 हजार 159 है। इसके अलावा हांसी में 27 हजार 809 और पंचकूला में 37 हजार 472 महिलाएं चिन्हित की गई हैं।

    लाडो लक्ष्मी योजना से पंजाब की सियासत साधने की कोशिश
    हरियाणा की लाडो लक्ष्मी योजना अब पंजाब की चुनावी राजनीति में भी मुद्दा बनती दिख रही है। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी की पिछले 11 महीनों में पंजाब में करीब 90 कार्यक्रमों में मौजूदगी और योजना का दायरा बढ़ाने को राजनीतिक रणनीति से जोड़कर देखा जा रहा है। हरियाणा में अब 1.80 लाख रुपये तक सालाना पारिवारिक आय वाली पात्र महिलाओं को 2,100 रुपये मासिक मिलेंगे।

    भाजपा इसे पंजाब की महिलाओं तक अपना संदेश पहुंचाने के मौके के तौर पर देख रही है। पार्टी हरियाणा की 2,100 रुपये की सहायता की तुलना पंजाब की योजना से कर सकती है। हालांकि दोनों योजनाओं की पात्रता अलग है। पंजाब में योजना का दायरा काफी व्यापक है, जबकि हरियाणा में आय और उम्र जैसी शर्तें हैं। ऐसे में योजना का चुनावी असर इस बात पर निर्भर करेगा कि भाजपा इसे पंजाब में कितना प्रभावी राजनीतिक मुद्दा बना पाती है।

     

  • विधवा अनुदान योजना से महिलाओं को मिलेगा सहारा, तीन लाख तक ऋण और ब्याज पर 50 हजार तक छूट

    विधवा अनुदान योजना से महिलाओं को मिलेगा सहारा, तीन लाख तक ऋण और ब्याज पर 50 हजार तक छूट

    चरखी दादरी
     प्रदेश सरकार द्वारा महिलाओं को सशक्त, स्वावलंबी व आत्मनिर्भर बनाने के लिए अनेक कल्याणकारी योजनाएं क्रियांवित की जा रही हैं।

    विधवा अनुदान योजना के तहत राज्य की विधवा महिलाओं को बैंकों के माध्यम से स्वरोजगार के लिए तीन लाख रुपये तक ऋण उपलब्ध करवाया जा रहा है ताकि वे स्वावलंबी बनकर अपने परिवार का भरण-पोषण कर सकें।

    उपायुक्त मनदीप कौर ने बताया कि इस योजना का लाभ तीन लाख रुपये तक वार्षिक आय वाली विधवा महिलाओं को प्रदान किया जाता है। इसकी पात्रता शर्तों में महिला की आयु 18 से 60 वर्ष के बीच, पूर्व के किसी ऋण मामले में डिफाल्टर न होना, हरियाणा का निवासी होना शामिल है।

    योजना के तहत बैंक ऋण के ऊपर लगे ब्याज की प्रतिपूर्ति हरियाणा महिला विकास निगम द्वारा अनुदान के रूप में अदा कर की जाएगी, जिसकी अधिकतम सीमा 50 हजार रुपये व अवधि तीन वर्ष, जो भी पहले होगी।

    योजना के तहत इन व्यवसायों के लिए मिल सकता है ऋण
    योजना के तहत डेयरिंग, आटो रिक्शा, ई-रिक्शा, सामाजिक व व्यक्तिगत सेवा गतिविधियों के तहत सैलून, ब्यूटी पार्लर, टेलरिंग, बुटीक, पापड़ बनाना, आचार बनाना, हलवाई की दुकान, फूड स्टाल, आइसक्रीम बनाने की यूनिट, बिस्कुट बनाना, टिफिन सर्विस, स्कूल यूनिफार्म सीलना इत्यादि शामिल है।

    इच्छुक महिलाएं आवेदन करने के लिए भिवानी स्थित महिला विकास निगम जिला प्रबंधक कार्यालय में संपर्क कर सकती हैं तथा किसी भी कार्य दिवस में सुबह 9 बजे से सायं 5 बजे तक संपर्क किया जा सकता है।

    योजना का लाभ लेने के लिए निर्धारित दस्तावेज
    उपायुक्त ने बताया कि विधवा अनुदान योजना का लाभ लेने के लिए आवेदक को निर्धारित दस्तावेज आवेदन के साथ जमा करवाने होंगे। इन दस्तावेजों में राशन कार्ड, परिवार पहचान पत्र, आधार कार्ड, पति का मृत्यु प्रमाण पत्र, पासपोर्ट आकार के फोटो, रिहायशी प्रमाण पत्र आदि शामिल है तथा आवेदक के पास उपरोक्त सभी दस्तावेजों की दो-दो कापी जमा करवाएं।

     

  • गैंगस्टर-शूटरों की अब खैर नहीं! संयुक्त छापेमारी से लेकर गिरफ्तारी तक, राज्यों ने कसी कमर

    गैंगस्टर-शूटरों की अब खैर नहीं! संयुक्त छापेमारी से लेकर गिरफ्तारी तक, राज्यों ने कसी कमर

    चंडीगढ़
     हरियाणा पुलिस की स्पेशल टास्क फोर्स (एसटीएफ) ने संगठित अपराध के खिलाफ अपनी कार्रवाई को और तेज करते हुए विदेशों में छिपे वांछित अपराधियों और उनके नेटवर्क पर प्रभावी प्रहार किया है. एसटीएफ हरियाणा द्वारा अब तक 27 गैंगस्टरों को विदेश से डिपोर्ट/एक्सट्रेडाइट कर भारत लाया जा चुका है. इनमें वर्ष 2025 में 7 तथा वर्ष 2026 में अब तक 14 अपराधियों को डिपोर्ट/एक्सट्रेडाइट कराया गया है. हाल ही में एक सक्रिय एवं वांछित अपराधी को 4 अगस्त 2026 को संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) से सफलतापूर्वक डिपोर्ट कर भारत लाया गया. वर्ष 2026 में यह एसटीएफ हरियाणा की 13वीं सफल डिपोर्टेशन रही. डीजीपी अजय सिंघल ने कहा कि अपराधी जहां भी छिपे हो, हरियाणा पुलिस की नजर से दूर नहीं.

    पुलिस महानिदेशक ने दी जानकारी
    पुलिस महानिदेशक अजय सिंघल ने कहा कि हरियाणा पुलिस संगठित अपराध के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति पर काम कर रही है. विदेश में बैठकर हरियाणा में आपराधिक गतिविधियों को संचालित करने वाले अपराधियों पर डिपोर्टेशन और एक्सट्रेडिशन के माध्यम से कार्रवाई के साथ-साथ उनके स्थानीय सहयोगियों, हथियार सप्लायरों, फाइनेंसरों और डिजिटल नेटवर्क को भी लगातार निशाना बनाया जा रहा है. उन्होंने कहा कि विभिन्न राज्यों की पुलिस तथा केंद्रीय एजेंसियों के साथ बेहतर समन्वय, खुफिया जानकारी के आदान-प्रदान और टेक्निकल सर्विलांस के माध्यम से अपराधियों के पूरे नेटवर्क की पहचान की जा रही है. अपराधी कितना भी दूर क्यों न छिपा हो, हरियाणा पुलिस उसकी गतिविधियों पर नजर रख रही है और उसे कानून के कटघरे तक पहुंचाने के लिए हरसंभव कार्रवाई की जाएगी.

    12 गैंगस्टरों को कराया गया डिटेन
    पुलिस महानिरीक्षक सतीश बालन ने बताया कि एसटीएफ द्वारा विदेशों में छिपे वांछित अपराधियों की लोकेशन, ट्रैवल हिस्ट्री और मूवमेंट्स का पता लगाने के लिए ह्यूमन इंटेलिजेंस और टेक्निकल इंटेलिजेंस का प्रभावी इस्तेमाल किया जा रहा है. फर्जी पासपोर्ट, फर्जी पहचान तथा बायोमेट्रिक/फिंगरप्रिंट ट्रेसेज का विश्लेषण कर अपराधियों की पहचान और लोकेशन से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारी जुटाई जा रही है. हरियाणा पुलिस द्वारा विदेशों में मौजूद 12 गैंगस्टरों को डिटेन कराया गया है तथा उनके एक्सट्रेडिशन/डिपोर्टेशन की प्रक्रिया जारी है. अंतरराष्ट्रीय एजेंसियों और संबंधित देशों के साथ समन्वय कर इन अपराधियों को भारत लाने के प्रयास लगातार किए जा रहे हैं.

    हरियाणा पुलिस जारी कर चुकी है 144 लुक आउट नोटिस
    हरियाणा पुलिस द्वारा विदेशों में छिपे वांछित अपराधियों के खिलाफ कार्रवाई को मजबूत करने के लिए विभिन्न अंतरराष्ट्रीय कानूनी एवं समन्वय तंत्रों का प्रभावी उपयोग किया जा रहा है. इसके तहत अगस्त 2023 से लेकर अब तक 144 लुक आउट सर्कुलर (एलओसी), 54 रेड कॉर्नर नोटिस (आरसीएन) और 53 इंटरपोल रेफरेंस जारी किए गए हैं। इसके अतिरिक्त 93 पासपोर्ट रद्द, 9 प्रोविजनल अरेस्ट रिक्वेस्ट तथा 16 एक्सट्रेडिशन रिक्वेस्ट भेजी गई हैं। इन प्रयासों के माध्यम से विदेशों में फरार अपराधियों की पहचान, उनकी आवाजाही पर निगरानी तथा उन्हें भारत वापस लाने की प्रक्रिया को और प्रभावी बनाया जा रहा है.

    इन चार अपराधियों की जानकारी देने पर मिल सकता है इनाम
    विदेशों में छिपे 4 वांछित अपराधियों की गिरफ्तारी में मददगार सूचना उपलब्ध कराने के लिए प्रत्येक पर 10 हजार अमेरिकी डॉलर के इनाम के प्रस्ताव पर भी विचार विमर्श किया जा रहा है. इससे विदेश में छिपे अपराधियों तक पहुंच बनाने के प्रयासों को और मजबूती मिलेगी. एसटीएफ द्वारा आपराधिक नेटवर्क से जुड़े वित्तीय लेन-देन, बैंक ट्रांजेक्शन एवं क्रिप्टोकरेंसी/यूएसडीटी चैनल्स को ट्रेस किया जा रहा है. इसका उद्देश्य अपराधियों की गतिविधियों और लोकेशन का पता लगाने के साथ-साथ अपराध से अर्जित अवैध धन के प्रवाह पर अंकुश लगाना भी है.

    लोकल शूटर, हेल्पर और हथियार सप्लायरों के खिलाफ भी एक्शन
    विदेश में बैठे अपराधियों के स्थानीय शूटरों, सहयोगियों, हथियार सप्लायरों एवं मददगारों के खिलाफ भी लगातार कार्रवाई की जा रही है. इससे विदेश से अपराध संचालित करने वाले नेटवर्क की जड़ों को कमजोर कर हरियाणा में उनकी आपराधिक गतिविधियों पर प्रभावी रोक लगाने में मदद मिल रही है. अपराधियों एवं उनके सहयोगियों के डिजिटल फुटप्रिंट और सोशल मीडिया गतिविधियों की लगातार निगरानी की जा रही है. इससे उनकी कम्युनिकेशन, भर्ती गतिविधियों और आपराधिक गतिविधियों से संबंधित महत्वपूर्ण खुफिया जानकारी हासिल की जा रही है.

    अंतरराज्यीय बैठकें भी चल रही हैं
    अंतरराज्यीय गैंगों और अपराधियों की गतिविधियों पर प्रभावी नियंत्रण के लिए हरियाणा पुलिस ने पंजाब, राजस्थान, दिल्ली और उत्तर प्रदेश पुलिस के साथ मजबूत अंतरराज्यीय समन्वय तंत्र स्थापित किया है. इसके तहत गैंगस्टरों, शूटरों, हथियार सप्लायरों, फाइनेंसरों और सहयोगियों से संबंधित रियल-टाइम खुफिया जानकारी साझा की जा रही है. विभिन्न राज्यों की सीमाओं के पार सक्रिय वांछित एवं इनामी अपराधियों के खिलाफ संयुक्त छापेमारी और समन्वित गिरफ्तारी की जा रही है. संभावित खतरों के आकलन और संयुक्त रणनीति के लिए नियमित अंतरराज्यीय समन्वय बैठकें भी आयोजित की जा रही हैं.

  • कार ने बाइक को मारी टक्कर, एक्शन कैमरे में कैद हुआ हादसा; सिया ने कहा- कानूनी कार्रवाई करूंगी

    कार ने बाइक को मारी टक्कर, एक्शन कैमरे में कैद हुआ हादसा; सिया ने कहा- कानूनी कार्रवाई करूंगी

    गुरुग्राम

    गुरुग्राम के गोल्फ कोर्स रोड पर लेडी बाइक राइडर सिया को कार से टक्कर मारने के मामले में पुलिस आरोपी चालक की तलाश कर रही है. उधर, घटना के बाद पीड़िता ने सोशल मीडिया पर अपनी बात शेयर की है. उन्होंने लिखा कि, 'जिन्होंने मेरा सपोर्ट किया उन्हें शुक्रिया, साथ ही कहा कि, वह कानूनी कार्रवाई करेंगी, लेकिन फिलहाल अपनी पहचान और चेहरा सार्वजनिक नहीं करना चाहतीं. इसी वजह से उन्होंने किसी भी तरह की मीडिया बातचीत से भी इनकार किया है.

    सिया ने इंस्टाग्राम स्टोरी में लिखा

    सिया ने इंस्टाग्राम स्टोरी में लिखा कि कई लोग आरोपी की पहचान करने की कोशिश कर रहे हैं और उनसे FIR को लेकर भी लगातार सवाल पूछे जा रहे हैं. उन्होंने कहा, 'मैं आज शाम अपने वकील के साथ FIR दर्ज कराऊंगी और कानूनी कार्रवाई करूंगी.' उन्होंने लोगों से धैर्य रखने और शांत रहने की अपील भी की.

    सिया ने बताया कि वह कोई मीडिया इंटरव्यू नहीं देना चाहती हैं और इस समय अपनी पहचान या चेहरा उजागर नहीं करना चाहतीं. उन्होंने लोगों से उनके फैसले का सम्मान करने की अपील की और कहा कि मामले से जुड़े अपडेट वह खुद साझा करती रहेंगी.

    आरोपी की तलाश में पुलिस की तीन टीमें

    पुलिस के मुताबिक, गोल्फ कोर्स रोड पर हुई घटना में कार चालक की पहचान कल्याण बैंसला के रूप में की गई है. उसकी गिरफ्तारी के लिए तीन टीमें बनाई गई हैं और संभावित ठिकानों पर दबिश दी जा रही है. इससे पहले कार मालिक मनीष का बयान सामने आया था. उसका दावा है कि घटना के समय वह शहर में नहीं था और भारतीय सेना में अपनी सेवा दे रहा था. उसने अपनी कार एक स्कूल फ्रेंड को दी थी. सोशल मीडिया पर घटना का वीडियो देखने के बाद उसे मामले की जानकारी हुई.

    दोस्तों के साथ वीकेंड राइड पर निकली थीं.

    घटना उस समय हुई जब सिया अपनी Aprilia RS 457 बाइक से दोस्तों के साथ वीकेंड राइड पर निकली थीं. आरोप है कि सफेद कार में सवार युवक उनका पीछा कर रहे थे और कार को बाइक के बेहद करीब ला रहे थे. इसी दौरान कार ने बाइक के आगे कट मारा और टक्कर हो गई. सिया सड़क पर गिर गईं और उनकी बाइक कई मीटर तक घिसटती चली गई.

    पूरी घटना एक्शन कैमरे में रिकॉर्ड हो गई और वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया. इसके बाद गुरुग्राम पुलिस ने मामले का स्वतः संज्ञान लेकर जांच शुरू की. पुलिस वायरल वीडियो और CCTV फुटेज के आधार पर आगे की कार्रवाई कर रही है.

     

  • जमानत का जश्न पड़ा भारी! हत्या आरोपी के विजय जुलूस पर सुप्रीम कोर्ट सख्त, पेश करने का आदेश

    जमानत का जश्न पड़ा भारी! हत्या आरोपी के विजय जुलूस पर सुप्रीम कोर्ट सख्त, पेश करने का आदेश

    चरखी दादरी।

    सुप्रीम कोर्ट ने हत्या के एक आरोपित द्वारा जमानत मिलने के बाद ‘विजय जुलूस’ निकालने के मामले को गंभीरता से लेते हुए हरियाणा पुलिस को निर्देश दिया है कि वह आरोपित को न्यायालय में पेश करे।

    न्यायमूर्ति विक्रम नाथ और संदीप मेहता की पीठ ने अपने आदेश में यह भी कहा कि आरोपित के खिलाफ गैर-जमानती वारंट जारी होने के बावजूद उसे हिरासत में लेकर न्यायालय में पेश नहीं किया गया।

    पीठ ने शिकायतकर्ता के वकील की इस दलील का संज्ञान लिया कि आरोपित विशाल ने पंजाब एवं हरियाणा हाई कोर्ट से जमानत मिलने के बाद ‘विजय जुलूस’ निकाला था और गवाहों को धमकाया था।

    अदालत ने मामले पर आठ सितंबर को सुनवाई के दौरान गौर किया कि आरोपित की ओर से उसका वकील पेश हुआ था। पीठ ने आरोपित को पहले आत्मसमर्पण करने का निर्देश दिया और उसके बाद जमानत का अनुरोध करने को कहा। साथ ही पीठ ने फटकार लगाते हुए कहा- ‘जमानत मिलने पर विजय जुलूस निकालना उचित नहीं है।’

    गिरफ्तारी वारंट पर अब तक पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की 

    अदालत ने यह भी कहा कि अगस्त में जारी गैर-जमानती गिरफ्तारी वारंट पर अब तक पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की है। शीर्ष अदालत ने चरखी दादरी जिले के पुलिस अधीक्षक को निर्देश दिया कि गैर-जमानती वारंट के तहत कार्रवाई की जाए और आरोपित को सुनवाई की अगली तारीख 21 सितंबर को इस अदालत में पेश किया जाए।पीठ ने न्यायालय की रजिस्ट्री को आदेश की एक प्रति 24 घंटे के भीतर ई-मेल और अन्य माध्यमों से पुलिस अधीक्षक को भेजने का निर्देश दिया।

    तीखी कहासुनी के दौरान विशाल ने कई लोगों पर लाठी और कुल्हाड़ी से हमला किया

    हाई कोर्ट ने हत्या के मामले में आरोपित को 23 अप्रैल को जमानत दी थी। यह घटना 27 अक्टूबर 2022 की है, जिसके बाद विशाल को गिरफ्तार कर लिया गया था और वह तीन वर्ष से अधिक समय तक हिरासत में रहा।शिकायतकर्ता राजबाला के परिवार के सदस्यों और आरोपित के बीच उस समय विवाद हुआ था, जब विशाल ने एक विवादित भूखंड पर टिन शेड का कथित रूप से निर्माण शुरू कर दिया था।आरोप है कि तीखी कहासुनी के दौरान विशाल ने कई लोगों पर लाठी और कुल्हाड़ी से हमला किया, जिससे शिकायतकर्ता पक्ष के कई लोग गंभीर रूप से घायल हो गए और इनमें से 62 साल के गजानंद की बाद में मौत हो गई।

    हाई कोर्ट ने विशाल की जमानत याचिका चार बार खारिज की थी, लेकिन पांचवीं बार यह बताए जाने के बाद उसे जमानत दे दी गई कि मामले में महत्वपूर्ण गवाहों से पूछताछ हो चुकी है और आरोपित तीन वर्ष से अधिक समय हिरासत में बिता चुका है।

    ये था पूरा मामला

    हरियाणा के चरखी दादरी जिले के गांव बेरला में एक ही परिवार के दो पक्षों में प्लाट की जमीनी विवाद चल रहा था। 27 अक्टूबर 2022 को एक पक्ष के लोग उस जमीन पर टीन शेड बना रहे थे। जिसका विरोध करने पर दूसरे पक्ष के लोग वहां पहुंचे तो लाठी-डंडों व कुल्हाड़ी से हमला किया गया।

    हमलें में गंभीर रूप से घायल हुए 62 वर्षीय गजानंद शर्मा की एक दिन उपचार के दौरान मौत हो गई। बाढड़ा थाना पुलिस ने स्वजनों की शिकायत पर केस दर्ज कर 30 अक्टूबर 2022 को तीन आरोपितों विशाल, साहिल और विष्णु को गिरफ्तार किया।

    अप्रैल 2026 में आरोपित विशाल जमानत पर जेल से बाहर आया तो उसने जश्न मनाते का विडियो इंटरनेट मीडिया पर डाल दिया। जिसके बाद मृतक गजानंद के स्वजनों ने विजयी जुलूस निकालने और धमकी देने के आरोप लगाए।

    जिसके बाद आरोपित के खिलाफ गैर जमानती वारंट जारी हुआ। जांच अधिकारी एसआइ सोमबीर सिंह ने बताया कि 21 सितंबर को आरोपित की कोर्ट में पेशी है। उसे गिरफ्तार कर पेशी पर ले जाया जाएगा।

  • करनाल में स्वाइन फ्लू की रफ्तार तेज, अस्पतालों में बनाए गए दो आइसोलेशन वार्ड

    करनाल में स्वाइन फ्लू की रफ्तार तेज, अस्पतालों में बनाए गए दो आइसोलेशन वार्ड

    करनाल
     बदलते मौसम के असर के बीच करनाल जिले में लगातार स्वाइन फ्लू के मामले बढ़ते जा रहे हैं। सिर्फ सात दिन में जिले में स्वाइन फ्लू के नौ नए मामले सामने आए हैं।

    6 सितंबर तक मरीजों की संख्या 27 थी, जो 13 सितंबर तक बढ़कर 36 हो गई। ऐसे में आप अंदाजा लगा सकते हैं कि सिर्फ एक हफ्ते में मरीजों की संख्या में करीब 33 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई है।

    राहत की बात यह है कि अब तक किसी मरीज को अस्पताल में भर्ती कराने की जरूरत नहीं पड़ी है। मगर अस्पतालों के बाहर मरीजों की लंबी कतारें दिखाई दे रही हैं। पिछले 10 दिनों में 6 और पिछले एक महीने में 15 मामले सामने आए हैं।

    संक्रमण के बढ़ते मामलों को देखते हुए कल्पना चावला राजकीय मेडिकल कालेज एवं जिला नागरिक अस्पताल में दो आइसोलेशन वार्ड तैयार किए गए हैं।

    लक्षण दिखें तो न बरतें लापरवाही
    स्वास्थ्य विभाग की ओर से संक्रमित और संदिग्ध मरीजों की लगातार निगरानी की जा रही है। उप सिविल सर्जन (मलेरिया) डा. अनु शर्मा ने लोगों से फ्लू जैसे लक्षणों को हल्के में न लेने की अपील की है।

    सर्दी-जुकाम, खांसी, बुखार या सांस लेने में परेशानी होने पर चिकित्सकीय सलाह लेने को कहा गया है। उन्होंने खांसते और छींकते समय नाक-मुंह ढकने, नियमित रूप से हाथ धोने और लक्षण होने पर भीड़भाड़ वाली जगहों से दूरी बनाए रखने की सलाह दी।

    बिना हाथ धोए आंख, नाक और मुंह को छूने से भी बचने को
    कहा गया है। स्वास्थ्य विभाग के अनुसार स्वाइन फ्लू मुख्य रूप से श्वसन तंत्र को प्रभावित करता है। सर्दी-जुकाम, खांसी, बुखार, नाक बहना और भूख कम लगना इसके सामान्य लक्षण हैं।

    समय पर चिकित्सकीय सलाह और सावधानी से संक्रमण के प्रसार को नियंत्रित किया जा सकता है। स्वास्थ्य अधिकारियों के अनुसार स्वाइन फ्लू मुख्य रूप से श्वसन तंत्र को प्रभावित करता है।

    सर्दी-जुकाम, खांसी, बुखार, नाक बहना और भूख कम लगना इसके सामान्य लक्षण हैं। समय पर चिकित्सकीय सलाह और सावधानी से संक्रमण के प्रसार को नियंत्रित किया जा सकता है।

     

  • मानसून की विदाई से पहले हरियाणा में फिर सक्रिय होगा मौसम, कई जिलों में येलो अलर्ट

    मानसून की विदाई से पहले हरियाणा में फिर सक्रिय होगा मौसम, कई जिलों में येलो अलर्ट

     हिसार
     हरियाणा में मानसून का अंतिम दौर चल रहा है। भारत मौसम विज्ञान विभाग के आंकड़ों के अनुसार सितंबर में अब तक प्रदेश में सामान्य से 51 प्रतिशत कम वर्षा हुई है। रविवार को सिरसा, फतेहाबाद, हिसार में उकलाना व बरवाला क्षेत्र, अंबाला और यमुनानगर क्षेत्रों में हल्की से मध्यम वर्षा की गतिविधियां देखने को मिली। हिसार व रोहतक जिलों का अधिकतम तापमान 35.4 डिग्री सेल्सियस रहा।

    वहीं कई जिलों में तापमान 28 से 36 डिग्री सेल्सियस के बीच बना रहा। एक जून से 13 सितंबर तक हरियाणा में 303.2 मिलीमीटर वर्षा दर्ज हुई है, जबकि इस अवधि में सामान्य वर्षा 403.2 मिलीमीटर होती है। 19 जिलों में सामान्य से कम वर्षा दर्ज हुई है, जबकि भिवानी, गुरुग्राम और कुरुक्षेत्र में वर्षा सामान्य के आसपास रही है।

    कई जिलों में सामान्य से कम वर्षा
    सितंबर में रविवार से पहले सिरसा में सामान्य 20 मिलीमीटर के मुकाबले शून्य वर्षा दर्ज हुई है। वहीं हिसार में 96 प्रतिशत, करनाल में 93 प्रतिशत और भिवानी में 93 प्रतिशत वर्षा की कमी रही। जींद में 80 और कुरुक्षेत्र में 82 प्रतिशत कम वर्षा हुई है। दूसरी ओर पंचकूला में सामान्य से 57, पलवल में 48 और गुरुग्राम में 16 प्रतिशत अधिक वर्षा हुई है।

    मानसून पर अल नीनो का असर : डा. चंद्रमोहन
    मौसम विशेषज्ञ डा. चंद्रमोहन ने बताया कि इस साल अल-नीनो का असर मानसून पर साफ तौर पर देखने को मिला। अब मानसून की विदाई से पहले अगले सप्ताह वर्षा की गतिविधियां बढ़ने की संभावना है। 15 सितंबर को उत्तरी पर्वतीय क्षेत्रों में नया पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होने की संभावना है।

    इसके प्रभाव से मानसून टर्फ हरियाणा-एनसीआर-दिल्ली की ओर आने व पश्चिमी विक्षोभ व मानसून गतिविधियों के बीच संपर्क बनने की संभावना है

    15 से 19 सितंबर के बीच प्रदेश के करीब 60 से 70 प्रतिशत हिस्से में वर्षा की गतिविधियां हो सकती हैं। पश्चिमी हरियाणा के सिरसा, फतेहाबाद, हिसार, भिवानी, चरखी दादरी और महेंद्रगढ़ तथा उत्तरी जिलों पंचकूला, अंबाला, यमुनानगर, कुरुक्षेत्र, कैथल और जींद में हल्की से मध्यम वर्षा व कुछ स्थानों पर तेज वर्षा की संभावना है। वर्षा की गतिविधियों को देखते हुए हरियाणा-एनसीआर-दिल्ली में एक बार फिर येलो अलर्ट की स्थिति बनी है।

    मानसून की विदाई की प्रक्रिया तेज होने की संभावना
    वर्षा व बूंदाबांदी से दिन व रात के तापमान में गिरावट आएगी। प्रदेश के मौसमी वर्षा के आंकड़े में भी कुछ सुधार हो सकता है। इसके बाद मानसून की विदाई की प्रक्रिया तेज होने की संभावना है।

    राजस्थान में प्रति चक्रवातीय परिसंचरण बनने के बाद पश्चिमी हवाएं सक्रिय होने पर मानसून की विदाई लगभग तय मानी जा रही है। मौसम विशेषज्ञ ने किसानों को सलाह दी है कि लावणी की फसलों की कटाई और अन्य कृषि कार्य मौसम की गतिविधियों को ध्यान में रखकर करें।

    वर्षा की संभावना को देखते हुए कटी फसल को सुरक्षित स्थान पर रखें और तिरपाल आदि की व्यवस्था पहले से कर लें।

    तापमान का ब्योरा (डिग्री सेल्सियस में)
    जिला – अधिकतम – न्यूनतम
    हिसार – 35.4 – 26.3
    रोहतक -35.4 – 26.6
    अंबाला – 34.5 – 27.5
    सिरसा – 34.4 – 26.9
    महेंद्रगढ़ – 35.3 – 25.4
    करनाल – 29.3 – 27.4

     

  • पशुपालकों का बड़ा फैसला, 1 अक्टूबर से दूध और घी के दामों में होगी बढ़ोतरी

    पशुपालकों का बड़ा फैसला, 1 अक्टूबर से दूध और घी के दामों में होगी बढ़ोतरी

    गुहला-चीका
     हरियाणा में दूध और घी के रेट बढ़ाने की मुहिम अब गुहला-चीका तक पहुंच गई है। हिसार, जींद, कैथल और कुरुक्षेत्र के बाद चीका में भी पशुपालकों ने पंचायत कर दूध के नए रेट तय कर दिए हैं।

    महंगाई के कारण पशुपालक व डेयरी संचालक दूध के रेट बढ़ाने की तैयारी में हैं। चीका में डेयरी संचालकों व पशुपालकों ने सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि एक अक्टूबर से शहर व गांव में भैंस का दूध 100 रुपये प्रति लीटर तथा गाय का दूध 80 रुपये प्रति लीटर की दर से बेचा जाएगा।

    रविवार को पटियाला रोड स्थित किसान भवन सर छोटूराम जनकल्याण ट्रस्ट चीका में डेयरी संचालकों व पशुपालकों की बैठक चौधरी महा सिंह डेयरी के संचालक हरवंस सीड़ा की अध्यक्षता में हुई।

    सर्वसम्मति से लिया गया फैसला
    बैठक में बढ़ती महंगाई और डेयरी कारोबार में बढ़ रही लागत को लेकर चर्चा की गई। डेयरी संचालकों व पशुपालकों ने सर्वसम्मति से दूध और घी के नए भाव निर्धारित करने का निर्णय लिया।

    हरवंस सीड़ा ने कहा कि पिछले कुछ समय से पशुओं के चारे और अन्य सामान के दाम लगातार बढ़ रहे हैं। भैंसों को खिलाई जाने वाली खल का कट्टा पहले करीब 1800 रुपये में मिलता था।

    अब इसके भाव बढ़कर करीब 3000 रुपये प्रति कट्टा हो गए हैं। सरसों के तेल सहित पशुओं के लिए इस्तेमाल होने वाले अन्य आहार की कीमतों में भी लगातार बढ़ोतरी हो रही है।

    1 अक्टूबर से जारी होंगे नए रेट
    बढ़ती लागत के कारण डेयरी संचालकों व पशुपालकों के सामने आर्थिक संकट की स्थिति पैदा हो रही है। बैठक में डेयरी संचालकों ने विचार-विमर्श के बाद एक अक्टूबर भैंस के दूध का भाव 100 रुपये प्रति लीटर और गांव के दूध का भाव 80 रुपये प्रति लीटर निर्धारित करने का निर्णय लिया।

    वहीं, भैंस के घी का भाव 1500 रुपये और गाय के घी का भाव 2200 रुपये प्रति लीटर करने पर सहमति बनी। पशुपालकों ने दूध और घी की गुणवत्ता को लेकर भी सामूहिक नियम बनाया।

    तय मानकों का उल्लंघन करने अथवा दूध या घी में मिलावट कर बेचने वाले व्यक्ति पर 5100 रुपये जुर्माना लगाया जाएगा। इस मौके पर किसान भवन के प्रधान रतिराम सीड़ा, बलकार बल्लू, देवी दयाल, अमर सिंह, हरभजन सिंह, स्वर्ण सिंह, हरभजन सिंह बिक्रम सिंह, जगमेल सिंह, मोहित कुमार, जगदीप, बलकार सिंह भी मौजूद रहे।

     

  • हरियाणा में ‘आशीर्वाद का दीया’ अभियान, स्थानीय कुम्हारों से खरीदे जाएंगे 79.52 लाख दीये

    हरियाणा में ‘आशीर्वाद का दीया’ अभियान, स्थानीय कुम्हारों से खरीदे जाएंगे 79.52 लाख दीये

    चंडीगढ़
     हरियाणा में इस बार 17 सितंबर को जलने वाला दीया सिर्फ घरों को रोशन नहीं करेगा, बल्कि प्रदेश के कुम्हारों के चाक को भी रफ्तार देगा।

    प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के सार्वजनिक जीवन के 25 वर्ष पूरे होने के अवसर पर प्रदेश में 17 सितंबर से 17 अक्टूबर तक चलने वाले सेवा संकल्प अभियान के तहत घर-घर मिट्टी के दीये जलाने की तैयारी है। अभियान से जुड़े प्रचार में इसे ‘आशीर्वाद का दीया’ कहा जा रहा है।

    हरियाणा सरकार ने इस आयोजन में एक दिलचस्प कड़ी जोड़ी है। दीयों की खरीद किसी बड़े सप्लायर या बाहर के बाजार से नहीं, बल्कि संबंधित जिले के स्थानीय कुम्हारों से ही की जाएगी।

    खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले विभाग के निदेशालय ने सभी जिलों को दीयों की खरीद और वितरण के लिए लक्ष्य निर्धारित कर दिए हैं। यानी सरकारी अभियान की रोशनी का सीधा लाभ उस पारंपरिक कारीगर तक पहुंचाने की कोशिश है, जिसका चाक बदलते बाजार में लगातार धीमा पड़ता जा रहा है।

    हरियाणा के खाद्य एवं आपूर्ति राज्य मंत्री राजेश नागर के प्रस्ताव को मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी द्वारा मंजूरी देने के बाद जिला खाद्य एवं आपूर्ति नियंत्रकों को निर्देश जारी किए गए हैं। परिपत्र में कहा गया है कि निर्धारित संख्या में दीयों की खरीद समय रहते पूरी की जाए, ताकि वितरण में किसी तरह की देरी न हो।

    दीयों की गुणवत्ता, आकार और उपयोग योग्य स्थिति का ध्यान रखने को कहा गया है। साथ ही यह भी सलाह दी गई है कि खरीद स्थानीय स्तर पर इस तरह की जाए कि अधिक से अधिक कुम्हार परिवारों को इसका लाभ मिल सके।

    खाद्य एवं आपूर्ति विभाग को केवल खरीद तक सीमित नहीं रहने, बल्कि दीयों को संबंधित लाभार्थियों तक समय पर पहुंचाने और पूरी प्रक्रिया की निगरानी करने के निर्देश दिए गए हैं

    खरीद और वितरण की प्रक्रिया में पारदर्शिता रखने तथा निर्धारित लक्ष्य के अनुसार काम पूरा करने पर भी जोर है। अधिकारियों को अभियान की गतिविधियों का समुचित रिकार्ड रखने और उच्च स्तर पर रिपोर्ट भेजने के लिए कहा गया है।

    रोशनी के साथ स्थानीय हुनर को सहारा
    इस पहल का सबसे अहम पहलू यह है कि सरकारी आयोजन को स्थानीय अर्थव्यवस्था से जोड़ा गया है। सामान्यतः बड़े आयोजनों में सामान की खरीद केंद्रीकृत तरीके से होती है, लेकिन यहां जिले के कुम्हार को ही प्राथमिकता देने से सरकारी मांग सीधे उसके घर तक पहुंचेगी।

    एक तरफ हजारों घरों में परंपरागत मिट्टी के दीये जलेंगे, दूसरी तरफ कुम्हार परिवारों को दीवाली के सीजन से पहले ही बड़ा काम मिलेगा। परिपत्र में जिलों को यह भी सुनिश्चित करने को कहा गया है कि निर्धारित मात्रा की खरीद और वितरण अभियान की भावना के अनुरूप हो।

    इस लिहाज से 17 सितंबर की शाम जलने वाला दीया महज प्रतीकात्मक रोशनी नहीं होगा, बल्कि ‘स्थानीय से खरीदो और स्थानीय को मजबूत करो’ का संदेश भी देगा।

    प्रत्येक को मिलेंगे दो दीये मुफ्त, 79.52 लाख दीये बंटेंगे
    प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के जन्मदिन पर 17 सितंबर को प्रदेश के हर अंत्योदय परिवार को दो-दो दीये निशुल्क उपलब्ध करवाए जाएंगे। विभाग ने प्रति दीया एक रुपये की दर निर्धारित की है।

    प्रदेश में कुल 39 लाख 76 हजार 273 राशन कार्ड हैं। इनके लिए कुल 79 लाख 52 हजार 546 दीये आवंटित किए जाने हैं, जो कि निशुल्क होंगे। हिसार में सबसे ज्यादा 5 लाख 76 हजार 608 दीये दिए जाएंगे।

  • रक्तदान में हरियाणा की बड़ी उपलब्धि, लगातार तीसरे साल देश में अव्वल; 8,189 शिविरों में 5.89 लाख यूनिट रक्त जुटा

    रक्तदान में हरियाणा की बड़ी उपलब्धि, लगातार तीसरे साल देश में अव्वल; 8,189 शिविरों में 5.89 लाख यूनिट रक्त जुटा

    चंडीगढ़
    रक्तदान में हरियाणवी सबसे आगे हैं। प्रति दस लाख आबादी पर रक्तदान के मामले में हरियाणा लगातार तीसरे साल देश में प्रथम स्थान पर आया है। केंद्र सरकार की ओर से हरियाणा को आगामी एक अक्टूबर को नई दिल्ली स्थित लेडी हार्डिंग मेडिकल काालेज में आयोजित राष्ट्रीय स्वैच्छिक रक्तदान दिवस कार्यक्रम में सम्मानित किया जाएगा।

    ई-रक्तकोष पोर्टल पर दर्ज सत्यापित वार्षिक रक्तदान आंकड़ों के आधार पर मिली उपलब्धि प्रदेश की बड़े पैमाने पर जनभागीदारी के साथ-साथ मजबूत रक्त आधान बुनियादी ढांचे, डिजिटल एकीकरण, बेहतर चिकित्सकीय सुरक्षा और मरीजों को मुफ्त जीवनरक्षक सहायता उपलब्ध कराने की बढ़ती क्षमता को दर्शाती है।

    वर्ष 2025-26 में प्रदेश में 5.89 लाख यूनिट रक्त एकत्र किया गया और 8,189 रक्तदान शिविर आयोजित किए गए। इससे पहले प्रदेश को वर्ष 2024 और 2025 में भी राष्ट्रीय स्तर पर सम्मान प्राप्त हुआ था।

    ब्लड सेंटरों की संख्या 146 से बढ़कर 163
    स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग की अतिरिक्त मुख्य सचिव डा. सुमिता मिश्रा ने बताया कि चरखी दादरी जिला नागरिक अस्पताल में ब्लड सेंटर को लाइसेंस मिलने के साथ अब प्रदेश के 22 जिलों में कम से कम एक कार्यशील लाइसेंस प्राप्त सरकारी ब्लड सेंटर उपलब्ध हो गया है।

    ब्लड सेंटरों की संख्या 146 से बढ़कर 163 हो गई है। वर्तमान में यहां 34 सरकारी और 129 निजी ब्लड सेंटर हैं, जबकि 150 ब्लड सेंटर (92 प्रतिशत) ब्लड कंपोनेंट सेपरेशन की सुविधा से लैस हैं। इससे मरीजों के लिए विशेष रक्त अवयवों की उपलब्धता मजबूत हुई है।

    राज्य में स्वैच्छिक रक्तदान की दर 79 प्रतिशत से बढ़कर 92 प्रतिशत हो गई है। यह उपलब्धि ब्लड सेंटरों के साथ सीधे आनलाइन समीक्षा और संचालन संबंधी समस्याओं के समन्वित समाधान के बाद हासिल हुई है। इस प्रगति से हरियाणा 95 प्रतिशत के राष्ट्रीय मानक के और करीब पहुंच गया है।

    यह जीवनरक्षक अभियान में बढ़ती जनभागीदारी और यह सुनिश्चित करने के राज्य के निरंतर प्रयासों को दर्शाता है कि स्वैच्छिक, बिना पारिश्रमिक वाले रक्तदान पर अधिक निर्भरता हो।

    89 ब्लड सेंटर आभा सिस्टम से एकीकृत
    हरियाणा ने अपनी रक्त आधान सेवाओं को डिजिटल स्वास्थ्य प्रणालियों के साथ एकीकृत करने में भी महत्वपूर्ण प्रगति की है। नए आभा-आधारित डोनर रजिस्ट्रेशन फीचर की शुरुआत के बाद दो महीने के भीतर 89 ब्लड सेंटर आभा सिस्टम से एकीकृत हो गए हैं।

    यह सुविधा राष्ट्रीय ई-रक्तकोष पोर्टल पर शुरू की गई है। इस समय 134 ब्लड सेंटर ई-रक्तकोष प्लेटफार्म पर लाइव जानकारी सक्रिय रूप से अपडेट कर रहे हैं, जिससे पारदर्शिता मजबूत हो रही है, रियल-टाइम निगरानी में सुधार हो रहा है और रक्त की उपलब्धता तथा सेवाओं के प्रदर्शन की बेहतर जानकारी मिल रही है।

    रक्त की कम बर्बादी
    हरियाणा ने महत्वपूर्ण चिकित्सकीय सुरक्षा संकेतकों पर भी बेहतर प्रदर्शन दर्ज किया है। कुल 1305 हाई-रिस्क रिएक्टिव डोनर्स में से 1255 यानी 96.17 प्रतिशत को सफलतापूर्वक ट्रैक किया गया और उपयुक्त स्वास्थ्य कार्यक्रमों से जोड़ा गया, जो 85 प्रतिशत के मानक से अधिक है। रक्त की बर्बादी भी नियंत्रण में रही है। डिस्कार्ड दर 2.69 प्रतिशत दर्ज की गई, जो चार प्रतिशत के मानक से कम है।

    सरकारी अस्पतालों में भर्ती मरीजों को रक्त और रक्त अवयव मुफ्त उपलब्ध कराए जाते हैं। सरकारी संस्थानों में पात्र बीपीएल और डेंगू मरीजों को फ्री सिंगल डोनर प्लेटलेट्स भी उपलब्ध कराए जाते हैं। थैलेसीमिया, हीमोफीलिया और सिकल सेल एनीमिया जैसे विकारों से पीड़ित उन मरीजों को भी सहायता प्रदान करता है, जिन्हें बार-बार और आजीवन उपचार की आवश्यकता होती है।

    वर्तमान में जिला नागरिक अस्पतालों में 1443 थैलेसीमिया मरीज और 1018 हीमोफीलिया मरीज पंजीकृत हैं। इन्हें मुफ्त आयरन केलेशन दवाएं और एंटी-हीमोफीलिया फैक्टर्स उपलब्ध कराए जा रहे हैं।

    एक दिन में 10 हजार 183 लोगों ने किया रक्तदान
    बड़े पैमाने पर जनसक्रियता ने हरियाणा की सफलता में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। पिछले साल पांच मई को प्रदेशभर में आयोजित रक्तदान अभियान के दौरान एक ही दिन में 10 हजार 183 नागरिकों ने रक्तदान किया। आसपरेशन सिंदूर के दौरान युवाओं ने 51 रक्तदान शिविरों के माध्यम से 2374 यूनिट रक्त एकत्र किया।