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  • कभी परिवार के लिए चलाते थे कैब, आज देश के लिए जीता मेडल; सलमान खान की संघर्ष भरी कहानी

    कभी परिवार के लिए चलाते थे कैब, आज देश के लिए जीता मेडल; सलमान खान की संघर्ष भरी कहानी

    नई दिल्ली
    जब जापान के नागोया में मेंस डबल स्कल्स रोइंग का फाइनल मुकाबला खत्म हुआ और भारत का तिरंगा आसमान में लहराया, तो 2,000 मीटर के वाटर कोर्स पर खड़े सलमान खान की आंखों से आंसू छलक पड़े। ये आंसू सिर्फ एक मेडल की खुशी के नहीं थे, ये आंसू थे उस दर्द, बेबसी और कड़े संघर्ष के जो उन्होंने दिल्ली की सड़कों पर कैब चलाते वक्त भोगे थे। सतनाम सिंह के साथ मिलकर 6:13.25 के समय में इतिहास का पहला मेडल जीतने वाले सलमान खान की यह कहानी किसी बॉलीवुड फिल्म से भी ज्यादा भावुक और प्रेरणादायक है।

    18 साल की उम्र में सिर से उठा पिता का साया, सपनों को मार उठानी पड़ी स्टेयरिंग
    उत्तर प्रदेश के अमेठी जिले के पूरे धींगई गांव में जन्मे सलमान खान का बचपन कभी आसान नहीं रहा। छह भाई-बहनों में सबसे बड़े सलमान के पिता मोहम्मद कासिम खान हरियाणा के ताउरू में ट्रक की बॉडी बनाने का काम करते थे। सलमान का सपना बचपन से ही भारतीय सेना में भर्ती होकर देश की सेवा करने का था। लेकिन नियति को कुछ और ही मंजूर था। जब सलमान महज 18 साल के थे, तब डेंगू के कारण उनके पिता का अचानक देहांत हो गया। रातों-रात पूरे परिवार के राशन और छोटे भाई-बहनों की जिम्मेदारी 18 साल के सलमान के नाजुक कंधों पर आ गिरी। फौज में भर्ती होने के अपने सपने को दिल में दफन कर सलमान काम की तलाश में दिल्ली आ गए। परिवार का पेट पालने के लिए उन्होंने दिन-रात दिल्ली की चिलचिलाती धूप और कड़ाके की ठंड में कैब चलाना शुरू कर दिया।

    किस्मत ने बदली करवट, कैब ड्राइवर से नायब सूबेदार तक का सफर
    सड़कों पर गाड़ियां दौड़ाते हुए भी सलमान की आंखों में फौज की वर्दी का सपना मरा नहीं था। एक दोस्त ने उनकी अच्छी लंबाई और फौलादी काठी को देखकर उन्हें दोबारा आर्मी भर्ती में किस्मत आजमाने की सलाह दी। सलमान ने कैब की चाबी दूसरे ड्राइवर को सौंपी और केवल 4 महीने की दिन-रात की जी-तोड़ मेहनत के बाद 25 सितंबर 2018 को बॉम्बे इंजीनियर ग्रुप, पुणे में भारतीय सेना में शामिल हो गए।

    फौज में आने के बाद कोचों ने उनके लंबे कद को देखकर उन्हें रोइंग में उतरने को कहा। जिस खेल का नाम तक सलमान ने कभी नहीं सुना था, उसमें नाव संभालना उनके लिए बेहद कठिन था। दो बार उनका हौसला इस कदर टूटा कि वे खेल छोड़ना चाहते थे, लेकिन आर्मी के सीनियर कोचों ने उनका हाथ थामे रखा। सलमान की मेहनत रंग लाई और वे नेशनल गेम्स से लेकर एशियन रोइंग कप में गोल्ड मेडल जीतते चले गए। उनके इस ऐतिहासिक प्रदर्शन की बदौलत भारतीय सेना ने उन्हें 'नायब सूबेदार' के पद पर पदोन्नत किया।

    अंतिम समय में बदला पार्टनर, फिर भी रचा इतिहास
    एशियन गेम्स 2026 से ठीक कुछ दिन पहले भारतीय रोइंग टीम में भारी विवाद और अचानक फेरबदल हुआ। सलमान और उनके साथी सतनाम सिंह को क्वाड्रपल स्कल्स से हटाकर अचानक डबल स्कल्स में डाल दिया गया। तमाम मानसिक तनाव और नई जोड़ी के बावजूद, सतनाम और सलमान ने पानी पर उतरकर ऐसा गदर मचाया कि 1500 मीटर की रेस तक वे गोल्ड मेडल की रेस में दूसरे नंबर पर बने रहे। हालांकि, आखिरी 500 मीटर में वे मामूली अंतर से खिसककर तीसरे स्थान पर रहे, लेकिन भारत को मेन्स डबल स्कल्स का पहला एशियन गेम्स मेडल दिला दिया।

    जिंदगी की सबसे बड़ी जंग जीत गए सलमान
    कभी दिल्ली के ट्रैफ़िक में चंद रुपयों के लिए रात-रात भर जागने वाला यह लड़का आज पूरे हिंदुस्तान का गर्व बन चुका है। सलमान खान का यह ब्रॉन्ज मेडल सिर्फ एक खेल की जीत नहीं है, बल्कि यह उस हर उस इंसान की जीत है जो गरीबी, मजबूरी और दुखों के आगे हार नहीं मानता।

  • ICC Rankings में भारत का बोलबाला, 16 खिलाड़ी छाए; तीन बने नंबर-1

    ICC Rankings में भारत का बोलबाला, 16 खिलाड़ी छाए; तीन बने नंबर-1

    नई दिल्ली

    इंटरनेशनल क्रिकेट काउंसिल यानी आईसीसी ने हाल ही में ताजा रैंकिंग जारी की है। भारतीय टीम वनडे और टी20 रैंकिंग में तो पहले पायदान पर है, साथ ही भारतीय खिलाड़ियों का दबदबा अलग-अलग फॉर्मेट की प्लेयर्स रैंकिंग में भी देखने को मिल रहा है। टीम इंडिया के 2-4 नहीं बल्कि 16 खिलाड़ी अलग-अलग फॉर्मेट की टॉप-10 रैंकिंग में मौजूद हैं। जी हां, वहीं टेस्ट और वनडे टीम के कप्तान शुभमन गिल और स्टार तेज गेंदबाज जसप्रीत बुमराह दो ऐसे खिलाड़ी हैं जिनका नाम 2 अलग-अलग आईसीसी रैंकिंग के टॉप-10 में हैं। आइए एक नजर इस पूरी लिस्ट पर डालते हैं-

    टेस्ट में रवींद्र जडेजा नंबर-1
    टेस्ट क्रिकेट में भारतीय टीम का दबदबा पिछले कुछ समय से कम हुआ है। न्यूजीलैंड और साउथ अफ्रीका के खिलाफ घर में बुरी तरह हारने के बाद टेस्ट रैंकिंग में टीम इंडिया को तगड़ा नुकसान झेलना पड़ा है। भारत आईसीसी टेस्ट टीम रैंकिंग में चौथे पायदान पर है।

    वहीं खिलाड़ियों की बात करें तो बैटिंग में ऋषभ पंत 7वें तो कप्तान शुभमन गिल 7वें पायदान पर हैं।
    ऑलराउंडर्स में रवींद्र जडेजा पहले पायदान पर बने हुए हैं। वहीं वॉशिंगटन सुंदर उनके साथ टॉप-10 में हैं। सुंदर आईसीसी टेस्ट ऑलराउंडर्स की रैंकिंग में 6ठे पायदान पर हैं।

    वहीं टेस्ट बॉलिंग रैंकिंग की बात करें तो यहां एकमात्र नाम जसप्रीत बुमराह का नजर आता है, जो चौथे नंबर पर हैं।

    वनडे में भारत मजबूत
    वनडे क्रिकेट की टीम रैंकिंग में जैसे भारत पहले पायदान पर है। वैसे ही उनके खिलाड़ियों का भी अपने-अपने डिपार्टमेंट में दबदबा रहा है।

    कप्तान शुभमन गिल आईसीसी वनडे बैटिंग रैंकिंग में पहले पायदान पर हैं। वहीं उनके साथ लिस्ट में विराट कोहली और रोहित शर्मा जैसे दिग्गज मौजूद हैं। कोहली वनडे रैंकिंग में तीसरे तो रोहित चौथे नंबर पर हैं। भारत को 27 सितंबर से वेस्टइंडीज के खिलाफ 3 मैच की वनडे सीरीज खेलनी है, ऐसे में कोहली-रोहित की नजरें नंबर-1 पर होगी।

    वनडे ऑलराउंडर्स में अक्षर पटेल 9वें पायदान पर हैं, तो बॉलिंग में कुलदीप यादव इसी नंबर पर हैं।

    T20I में भारत का दबदबा
    भारत और इंग्लैंड के बीच आईसीसी टी20 टीम रैंकिंग में नंबर-1 की जबरदस्त रेस चल रही है। इंग्लैंड पिछले 3 महीनों में 2 बार भारत से यह ताज छीन चुका है। हालांकि टीम इंडिया ने ज्यादा देर इंग्लैंड को खुश होने का मौका नहीं दिया। फिलहाल भारत आईसीसी टी20 टीम रैंकिंग में पहले तो इंग्लैंड दूरे पायदान पर है। इस फॉर्मेट की प्लेयर्स रैंकिंग में भारत के 6 खिलाड़ी टॉप-10 में हैं।

    बैटिंग में ईशान किशन और अभिषेक शर्मा का जलवा देखने को मिल रहा है। ईशान किशन टी20 बैटिंग रैंकिंग में पहले पायदान पर हैं, जबकि अभिषेक उनके ठीक पीछे दूसरे नंबर पर हैं। तिलक वर्मा 9वें पायदान के साथ तीसरे ऐसे भारतीय बैटर हैं जो टॉप-10 में हैं।

    ऑलराउंडर्स में हार्दिक पांड्या 7वें नंबर पर हैं, जबकि टी20 इंटरनेशनल बॉलिंग रैंकिंग में दो भारतीय टॉप-10 में हैं। वरुण चक्रवर्ती 7वें तो जसप्रीत बुमराह 10वें नंबर पर हैं।

    नोट- शुभमन गिल टेस्ट और वनडे में टॉप-10 में हैं तो जसप्रीत बुमराह टी20 और टेस्ट रैंकिंग में।

  • एशियन गेम्स: रोइंग में ब्रॉन्ज के बाद 4x400m मिक्स्ड रिले के फाइनल में भारत

    एशियन गेम्स: रोइंग में ब्रॉन्ज के बाद 4x400m मिक्स्ड रिले के फाइनल में भारत

     नागोया 

    नागोया में भारतीय रोअर्स सतनाम सिंह और सलमान खान ने पुरुषों के डबल स्कल्स (M2X) में  गुरुवार को ब्रॉन्ज मेडल जीत लिया. भारतीय जोड़ी ने नागरागावा इंटरनेशनल रेगाटा कोर्स पर 6:13.25 का समय निकाला। 

    सतनाम और सलमान 1500 मीटर तक दूसरे स्थान पर चल रहे थे. लेकिन आखिरी 500 मीटर में उनकी रफ्तार थोड़ी धीमी पड़ी और वे तीसरे स्थान पर खिसक गए. भारतीय जोड़ी गोल्ड मेडल जीतने वाली चीन की यी शुडी और यीदे नी से 3.88 सेकेंड पीछे रही। 

    चीन की जोड़ी ने 6:09.37 के समय के साथ गोल्ड जीता. उज्बेकिस्तान के पावेल सोरिन और मेखरोजबेक मामातकुलोव ने 6:10.49 के समय के साथ सिल्वर मेडल अपने नाम किया। 

    सतनाम का यह एशियन गेम्स में लगातार दूसरा रोइंग मेडल है. उन्होंने 2023 हांगझोऊ एशियन गेम्स में पुरुषों के क्वाड्रपल स्कल्स इवेंट में ब्रॉन्ज जीता था। 

    कौन हैं रोअर्स सलमान खान?
    उत्तर प्रदेश के अमेठी के रहने वाले सलमान खान का रोइंग सफर 2018 में शुरू हुआ. वह भारतीय सेना के बॉम्बे इंजीनियर ग्रुप (BEG) में शामिल हुए थे. उनके कोच सत्यवान, सतीश सिराट और प्रभात मिश्रा ने उनकी क्षमता पहचानी और उन्हें रोइंग टीम में शामिल किया. शुरुआत में उन्होंने बटालियन और इंटर-सेंटर प्रतियोगिताओं में गोल्ड और सिल्वर मेडल जीते। 

    सलमान ने दो बार खेल छोड़ने के बारे में सोचा, लेकिन कोचों के भरोसे ने उन्हें आगे बढ़ाया. इसके बाद उन्हें आर्मी रोइंग नोड (ARN) में जगह मिली, जहां उन्होंने सीनियर कोच कुदरत अली और ट्रेनिंग ऑफिसर मेजर नागेंद्र हुड्डा के मार्गदर्शन में ट्रेनिंग की। 

    2023 में सलमान को टारगेट ओलंपिक पोडियम स्कीम (TOPS) में शामिल किया गया. 2024 में एशियन रोइंग कप में गोल्ड जीतने के बाद उन्हें भारतीय सेना में नायब सूबेदार के पद पर प्रमोशन मिला। 

    कौन हैं रोअर्स सतनाम स‍िंह?
    पंजाब के मानसा जिले के पट्टा मालुका के सतनाम सिंह ने रोइंग से पहले नेशनल लेवल पर हैंडबॉल खेला था. 2018 में ओलंपियन स्वर्ण सिंह विर्क की सलाह पर उन्होंने रोइंग शुरू की. इसके बाद उन्होंने तेजी से पहचान बनाई। 

    सतनाम 2018 यूथ ओलंपिक में भारत का प्रतिनिधित्व कर चुके हैं. 40वीं सीनियर नेशनल रोइंग चैम्प‍ियनश‍िप में उन्होंने मेंस सिंगल स्कल्स का खिताब जीता और ऐसा करने वाले पहले भारतीय नौसेना के रोअर बने। 

    2023 हांगझोउ एशियन गेम्स में सतनाम भारतीय मेंस क्वाड्रपल स्कल्स टीम का हिस्सा थे, जिसने ब्रॉन्ज मेडल जीता था. अब उन्होंने डबल स्कल्स में सलमान के साथ एक और एशियन गेम्स पदक अपने नाम कर लिया है। 

    सलमान के नाम 2022 नेशनल गेम्स और 2023 नेशनल गेम्स समेत कई गोल्ड मेडल हैं. वह 2023 वर्ल्ड रोइंग कप और 2024 BRICS गेम्स में भारत का प्रतिनिधित्व कर चुके हैं. 2025 में उन्होंने एशियन रोइंग चैम्प‍ियनश‍िप में सिल्वर और 2026 सीनियर नेशनल रोइंग चैम्प‍ियनश‍िप में भी सिल्वर जीता था। 

    सतनाम ने 2025 इंडोर एशियन चैम्प‍ियनश‍िप में सिल्वर और सीनियर एशियन रोइंग चैम्प‍ियनश‍िप में गोल्ड जीता था. 2026 वर्ल्ड रोइंग कप III में वह 15वें स्थान पर रहे थे। 

    बलराज से भी मेडल की उम्मीद थी
    इससे पहले भारत रोइंग में एक और मेडल से मामूली अंतर से चूक गया. पुरुषों के सिंगल स्कल्स फाइनल में बलराज पंवार 6:54.80 के समय के साथ चौथे स्थान पर रहे। 

    बलराज 500 मीटर, 1000 मीटर और 1500 मीटर के पड़ाव तक दूसरे स्थान पर थे, लेकिन आखिरी 500 मीटर में वह चौथे स्थान पर खिसक गए. चीन के डेंग झिवेई ने 6:38.98 के समय के साथ गोल्ड मेडल जीता. बलराज गोल्ड मेडल विजेता से 15.82 सेकेंड पीछे रहे। 

    एश‍ियन गेम्स 2026 में भारत के अब तक कुल मेडल 
    1. इलावेनिल वलारिवन, सोनम मस्कर और विदर्सा विनोद- विमेंस 10 मीटर एयर राइफल टीम इवेंट (निशानेबाजी): सिल्वर
    2. इलावेनिल वलारिवन- विमेंस 10 मीटर एयर राइफल (निशानेबाजी): सिल्वर
    3. रुद्रांक्ष पाटिल, हिमांशु ढिल्लों और पार्थ राकेश माने- मेन्स 10 मीटर एयर राइफल टीम इवेंट (निशानेबाजी): सिल्वर
    4. सुचिका तरियाल- विमेंस ट्रेडिशनल 60 किग्रा (MMA)- ब्रॉन्ज
    5. रुद्रांक्ष पाटिल- मेन्स 10 मीटर एयर राइफल (निशानेबाजी): ब्रॉन्ज
    6. हिमांशु ढिल्लों- मेन्स 10 मीटर एयर राइफल (निशानेबाजी): सिल्वर
    7. महिला क्रिकेट टीम: गोल्ड
    8. राइजा ढ‍िल्लों, माहेश्वरी चौहान और परिनाज धालीवाल- विमेंस स्कीट टीम इंवेंट (निशानेबाजी): ब्रॉन्ज 
    9. अनंतजीत स‍िंह नरुका, मेराज अहमद खान और भवतेघ सिंह ग‍िल- मेन्स स्कीट टीम इंवेंट (निशानेबाजी): ब्रॉन्ज 
    10. जय मीणा (सॉफ्ट टेन‍िस) : ब्रॉन्ज 
    11. मीराबाई चानू (वेटलिफ्टिंग): सिल्वर
    12. भारतीय पुरुष बैडमिंटन टीम: ब्रॉन्ज
    13. सतनाम सिंह, सलमान खान ( रोइंग, पुरुष डबल स्कल्स): ब्रॉन्ज 
    14. रोश‍िब‍िना देवी नाओरेम (वुशू): स‍िल्वर

    भारत ने एशियन गेम्स में मिक्स्ड 4x400m रिले फाइनल के किया क्वाल‍िफाई
    नागोया एशियन गेम्स में मिक्स्ड 4x400m रिले फाइनल के लिए भारतीय टीम ने क्वाल‍िफाई कर लिया है.  भारत ने गुरुवार को हीट 2 में दूसरा स्थान हासिल करने के बाद एशियन गेम्स में मिक्स्ड 4x400m रिले के फाइनल के लिए क्वाल‍िफाई किया. टीएस मनु, एमआर पोवम्मा, जय कुमार और किरण वाली भारतीय टीम ने 3:16.23 का समय निकालकर चीन से पीछे रही.  भारतीय चौकड़ी की टाइमिंग हीट्स में कुल मिलाकर चौथी सबसे तेज थी, जो बहरीन (3:15.73), चीन (3:15.97) और वियतनाम (3:16.08) के बाद थी। 

    आठ टीमों का फाइनल आज शाम (6 बजकर 45 म‍िनट) पर होगा. भारतीय टीम ने रेस के दूसरे और तीसरे लेग में बढ़त बनाई, लेकिन किरण, जो एंकर लेग  (अंतिम और चौथा चरण) में दौड़ी थीं, आखिर में चीन से पीछे रह गईं. चीन टॉप पर रहा, जबकि UAE (3:17.00) तीसरे स्थान पर रहा. साउथ कोरिया (3:18.66) भी हीट 2 से फाइनल में पहुंचा.  बहरीन, वियतनाम, होस्ट जापान (3:16.52) और फिलीपींस (3:19.68) हीट 1 से क्वालिफई हुए। 

    एश‍ियन गेम्स में 24 स‍ितंबर को भारत की धमाकेदार शुरुआत
    एश‍ियन गेम्स में गुरुवार को भारत की धमाकेदार शुरुआत हुई है, भारत ने 2 मेडल जीत लिए हैं. द‍िन का पहला मेडल रोइंग में आया. भारतीय रोअर्स सतनाम सिंह और सलमान खान ने पुरुषों के डबल स्कल्स (M2X) में ब्रॉन्ज मेडल जीता. भारतीय जोड़ी ने नागरागावा इंटरनेशनल रेगाटा कोर्स पर 6:13.25 का समय निकाला. वहीं रोश‍िब‍िना देवी ने एशियन गेम्स में भारत को वुशू का सिल्वर मेडल दिलाया. 60 किग्रा सांडा फाइनल में उन्हें चीन की झांग शियाओयू से 0-2 से हार मिली. रोश‍िब‍िना ने फाइनल से पहले वियतनाम की 2023 वर्ल्ड चैंपियन गुयेन थी थू थुय को हराया था. यह एशियन गेम्स में उनका लगातार तीसरा पदक है। 
     

  • मीराबाई चानू ने 28 साल का सूखा खत्म किया, री सॉन्ग गुम ने वर्ल्ड रिकॉर्ड से जीता गोल्ड

    मीराबाई चानू ने 28 साल का सूखा खत्म किया, री सॉन्ग गुम ने वर्ल्ड रिकॉर्ड से जीता गोल्ड

     नागोया 

    एशियन गेम्स 2026 के वेटलिफ्टिंग एरीना में बुधवार को मीराबाई चानू ने आखिरकार वह मेडल हासिल कर लिया जिसका इंतजार सालों से था. महिला 49 किग्रा वर्ग में उन्होंने 198 किलो के टोटल के साथ सिल्वर मेडल अपने नाम किया. हालांकि उनसे देश को गोल्ड मेडल की उम्मीद थी। 

    स्नैच में 88 किलो और क्लीन एंड जर्क में 111 किलो उठाकर मीराबाई ने भारत को 1998 के बाद पहला एशियन गेम्स वेटलिफ्टिंग मेडल दिलाया. कर्णम मल्लेश्वरी के ब्रॉन्ज के 28 साल बाद यह उपलब्धि आई है। 

    टोक्यो ओलंपिक सिल्वर मेडलिस्ट मीराबाई का यह सिल्वर उनके कलेक्शन को और खास बना दिया. मीराबाइ्र के पास पहले से ओलंपिक सिल्वर, तीन वर्ल्ड चैम्प‍ियनश‍िप मेडल (जिसमें एक गोल्ड शामिल), कई कॉमनवेल्थ गेम्स और कॉमनवेल्थ चैम्प‍ियनश‍िप खिताब तथा एशियन चैम्प‍ियनश‍िप ब्रॉन्ज मौजूद है। 

    लेकिन गोल्ड का सपना फिर टूट गया. नॉर्थ कोरिया (नॉर्थ कोर‍िया का मेडल टैली में नाम डेमोक्रेट‍िक पीपल्स र‍िपब्ल‍िक ऑफ कोर‍िया) की दो बार की वर्ल्ड चैम्प‍ियन री सॉन्ग गुम  ने 215 किलो (94 किलो स्नैच + 121 किलो क्लीन एंड जर्क) के साथ गोल्ड मेडल जीत। 

    उन्होंने वर्ल्ड रिकॉर्ड तोड़ते हुए एशियन गेम्स खिताब का हैट्रिक भी पूरा कर लिया. मीराबाई ने स्नैच में शुरुआत 83 किलो से की, फिर 85 और 87 किलो सफलतापूर्वक उठाकर पहले हाफ में तीसरे स्थान पर रहीं. क्लीन एंड जर्क में 111 किलो के बेस्ट लिफ्ट के साथ उन्होंने मेडल पक्का किया। 

    दो बार पहले निराश होने के बाद आखिरकार एशियन गेम्स मेडल उनके नाम हो गया. लेकिन किम जोंग उन के देश की लिफ्टर ने रिकॉर्ड प्रदर्शन के साथ सपना अधूरा छोड़ दिया। 

    री सॉन्ग गुम ने कौन से र‍िकॉर्ड बनाए 
    नॉर्थ कोरिया की दो बार की विश्व चैम्प‍ियन  री सॉन्ग गुम ने 215 किलो (94 किलो स्नैच + 121 किलो क्लीन एंड जर्क) के साथ गोल्ड मेडल जीता तो जीता ही उन्होंने एक ही दिन में वर्ल्ड रिकॉर्ड (WR), एशियन रिकॉर्ड (AR) और एशियन गेम्स रिकॉर्ड (GR) तीनों अपने नाम कर लिए. उनका यह प्रदर्शन 23 सितंबर 2026 को आइची-नागोया में हुआ। 

  • T20I में भारत का बड़ा रिकॉर्ड, 200 जीत पूरी करने वाली पहली टीम बनी; पाकिस्तान-न्यूजीलैंड पीछे

    T20I में भारत का बड़ा रिकॉर्ड, 200 जीत पूरी करने वाली पहली टीम बनी; पाकिस्तान-न्यूजीलैंड पीछे

    नई दिल्ली
    भारत ने जापान के खिलाफ टी20 इंटरनेशनल मैच को रोमांचक अंदाज में अपने नाम किया। बारिश की वजह से मैच 5-5 ओवर का हुआ। भारत ने सिर्फ 32 रन बनाए। जापान को आखिरी गेंद पर दो रनों से हार झेलनी पड़ी। यह टी20 इंटरनेशनल क्रिकेट में भारतीय टीम की 200वीं जीत है।

    भारत- 200 जीत
    भारत टी20 इंटरनेशनल क्रिकेट में 200 मैच जीतने वाला पहला देश बना गया है। टीम ने अभी तक 291 मैचों में 194 जीत हासिल की है। वहीं 7 टाई मैचों में 6 जीत मिली है। इस तरह टीम के जीत की संख्या 200 हो गई। अभी तक भारत एक भी टाई मैच नहीं हारा है। न्यूजीलैंड के खिलाफ बारिश की वजह से एक मैच का सुपर ओवर नहीं हो पाया था और वह टाई ही रह गया।

    पाकिस्तान- 174 जीत
    पाकिस्तान ने 299 टी20 इंटरनेशनल मैचों में 173 जीत हासिल की है। वहीं टीम को एक जीत सुपर ओवर में मिली है। 4 टाई मैचों में पाकिस्तान तीन में हारा है। पाकिस्तान ने 2009 में टी20 विश्व कप का खिताब भी जीता था।

    न्यूजीलैंड- 137 जीत
    न्यूजीलैंड की टीम के पास एक भी टी20 विश्व कप का खिताब नहीं है। लेकिन सबसे ज्यादा जीत के मामले में टीम तीसरे नंबर पर है। 267 मैचों में उसे 137 जीत मिली है। टाई हुए 10 मैचों में न्यूजीलैंड सिर्फ दो को ही अपने नाम कर पाया है।

    साउथ अफ्रीका- 131 जीत
    2005 में साउथ अफ्रीका ने अपना पहली टी20 मैच खेला था। 235 मैचों में 131 जीत के साथ टीम लिस्ट में चौथे नंबर पर है। उसे 101 मैचों में हार भी झेलनी पड़ी है। पहला टी20 विश्व कप साउथ अफ्रीका की मेजबानी में ही खेला गया था।

    इंग्लैंड- 130 जीत
    दो बार की विश्व चैंपियन इंग्लैंड के 233 मैचों में 130 जीत हैं। टीम को 92 हार झेलनी पड़ी है। उसके 11 मै बेनतीजा रहे। इंग्लैंड का हालिया फॉर्म काफी शानदार रहा है। इस साल 19 मैचों में टीम ने 16 जीत हासिल की है। इस दो में एक हार टी20 विश्व कप के सेमीफाइनल में भारत के खिलाफ मिली थी।

  • Japan vs India: आखिरी गेंद तक चला रोमांच, 32 रन बनाकर भारत ने जापान को 30 पर रोका

    Japan vs India: आखिरी गेंद तक चला रोमांच, 32 रन बनाकर भारत ने जापान को 30 पर रोका

    नई दिल्ली
    भारत ने जापान के खिलाफ एकमात्र टी20 इंटरनेशनल मुकाबले में महज 2 रनों से जीत हासिल की. 22 सितंबर (मंगलवार) को सानो के सानो इंटरनेशनल क्रिकेट ग्राउंड पर खेले गए इस मुकाबले में भारत ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 5 ओवर में 32/4 का स्कोर बनाया. लक्ष्य का पीछा करने उतरी जापान की टीम भी 5 ओवर में 3 विकेट पर 30 रन ही बना सकी.

    जापान पर इस जीत के साथ भारत मेन्स टी20 इंटरनेशनल क्रिकेट में 200 मैच जीतने वाली दुनिया की पहली टीम बन गया. दोनों देशों के बीच सीनियर स्तर पर यह पहला मुकाबला था, लेकिन बारिश और गीली आउटफील्ड मैच का रोमांच और बढ़ा दिया. मुकाबला करीब तीन घंटे की देरी से शुरू हुआ और ओवरों की संख्या घटाकर 5-5 कर दी गई. इतने छोटे मैच में 33 रनों का लक्ष्य भी आसान नहीं रहा और आखिरी गेंद ने मुकाबले का नतीजा तय किया.

    टी20I में भारत की 200 जीत का सफर (सुपर ओवर जीत भी शामिल)
    पहली जीत: बनाम साउथ अफ्रीका, जोहान्सबर्ग, 2006 (6 विकेट)
    50वीं जीत: बनाम श्रीलंका, कोलंबो आरपीएस, 2017 (7 विकेट)
    100वीं जीत: बनाम वेस्ट इंडीज, कोलकाता, 2022 (8 रन)
    150वीं जीत: बनाम ऑस्ट्रेलिया, ग्रोस आइलेट, 2024 (24 रन)
    200वीं जीत: बनाम जापान, सानो, 2026 (2 रन)

    टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करने उतरी भारतीय टीम को सानो की पिच पर जापानी गेंदबाजों ने खुलकर खेलने का मौका नहीं दिया. टर्न और अतिरिक्त उछाल के कारण भारतीय बल्लेबाजों को रन बनाने में परेशानी हुई. कप्तान श्रेयस अय्यर ने सबसे ज्यादा 16 रन बनाए. उन्होंने 12 गेंदों की अपनी पारी में एक चौका लगाया. संजू सैमसन ने 7 गेंदों पर 9 रन बनाए. जापान के चार्ली हारा-हिंज ने शानदार गेंदबाजी करते हुए दो विकेट लिए. उन्होंने अभिषेक शर्मा को खाता खोलने का मौका नहीं दिया, जबकि भारतीय कप्तान श्रेयस अय्यर को भी पवेलियन भेजा.

    जापान के सामने सिर्फ 33 रनों का लक्ष्य था और पांच ओवर में इसे हासिल करना संभव नजर आ रहा था. लेकिन भारतीय गेंदबाजों ने हर रन के लिए जापानी बल्लेबाजों को तरसा दिया. अक्षर पटेल और वॉशिंगटन सुंदर ने बेहद कसी हुई गेंदबाजी की. जापान की टीम पूरे पांच ओवर में सिर्फ दो चौके लगा सकी. वॉशिंगटन सुंदर ने 2 विकेट लेकर भारतीय जीत में अहम भूमिका निभाई. जापान को आखिरी ओवर में मुकाबला जीतने के लिए 8 रन बनाने थे, लेकिन भारतीय गेंदबाजों ने दबाव बनाए रखा. आखिरकार जापान 30/3 तक ही पहुंच सका और भारत ने मैच अपने नाम कर लिया.

    आखिरी ओवर में हुआ हाईवोल्टेज ड्रामा
    मुकाबले का सबसे दिलचस्प पल आखिरी ओवर में आया. एलेक्स शिराई-पैटमोर ने अक्षर पटेल की गेंद पर रिवर्स स्वीप खेलने की कोशिश की. गेंद लेग साइड की ओर निकल गई और मैदानी अंपायर ने उसे वाइड करार दिया. इस फैसले के बाद भारतीय खिलाड़ी असहमत नजर आए. कप्तान श्रेयस अय्यर ने स्क्वायर लेग अंपायर क्रिस ब्राउन से बातचीत की.

    इसके बाद दोनों मैदानी अंपायरों ने आपस में चर्चा की और वाइड का फैसला बदल दिया गया. इस फैसले से जापानी टीम को अतिरिक्त रन नहीं मिला और भारत को फायदा हुआ.

  • श्रीलंका पर 147 रन की जीत के बाद बोलीं हरमनप्रीत, ‘बॉलिंग यूनिट को खास क्रेडिट’

    श्रीलंका पर 147 रन की जीत के बाद बोलीं हरमनप्रीत, ‘बॉलिंग यूनिट को खास क्रेडिट’

    निशिन (जापान)
    एशियन गेम्स 2026 में भारतीय महिला क्रिकेट टीम ने गोल्ड मेडल जीत लिया है। फाइनल मैच में भारत ने श्रीलंका को 147 रन के अंतर से हराया और एकतरफा जीत के साथ गोल्ड मेडल अपने नाम किया। इस जीत के बाद कप्तान हरमनप्रीत कौर ने गेंदबाजों को श्रेय दिया और कहा कि भारत की गेंदबाजी यूनिट की जमकर तारीफ होनी चाहिए। उन्होंने खास तौर पर दोनों तेज गेंदबाजों का नाम लिया,जिन्होंने पावरप्ले में लगातार गेंदबाजी अच्छी गेंदबाजी की।

    हरमनप्रीत कौर से मैच के बाद जब पूछा गया कि बिना कोई मैच हारे गोल्ड मेडल जीतने पर कैसा लग रहा है तो उन्होंने कहा कि यह एक शानदार एहसास है। टूर्नामेंट से पहले, हमने बिना कोई मैच हारे खिताब जीतने के बारे में बहुत बात की थी, लेकिन इससे भी ज्यादा जरूरी यह है कि हमने अपने लिए जो ऊंचे स्टैंडर्ड तय किए थे, उन्हीं पर खेलते रहना है।

    हर खिलाड़ी ने अच्छा प्रदर्शन किया
    कप्तान हरमनप्रीत कौर ने कहा, 'यह देखकर बहुत अच्छा लगता है कि हर कोई हर गेम को इतनी पॉजिटिव सोच के साथ ले रहा है। हर एक खिलाड़ी जिसे मौका मिला, उसने आगे बढ़कर अच्छा प्रदर्शन किया। एक कैप्टन और एक टीम के तौर पर, हम ठीक यही चाहते थे। अजेय रहना और लगातार इस क्वालिटी का परफॉर्मेंस देना। यही हमने खुद से उम्मीद की थी और यह देखकर बहुत अच्छा लगा कि हर कोई इस विजन को कॉन्फिडेंस के साथ पूरा कर रहा है।'

    गेंदबाजों को दिया जीत का श्रेय
    टीम में युवा और अनुभव के मेल पर हरमनप्रीत कौर ने कहा, 'हमारी बॉलिंग यूनिट को खास क्रेडिट मिलना चाहिए, क्योंकि हमने इसमें बहुत मेहनत की है। क्रांति और नंदिनी जैसे युवा बॉलर्स ने बड़ी जिम्मेदारियां लीं और जिस तरह से उन्होंने रिस्पॉन्ड किया, खासकर पावर-प्ले में उनका स्पेल शानदार था। यह कुछ ऐसा था जिस पर हमारे बॉलिंग कोच और स्टाफ उनके साथ बहुत करीब से काम कर रहे थे। यंगस्टर्स के अलावा, हमारा स्पिन अटैक हमारी कोर स्ट्रेंथ है। श्रेयंका और दीप्ति जैसे बॉलर लगातार मैच-विनर हैं और हमेशा सबसे ज्यादा विकेट लेने वालों में से हैं। कुल मिलाकर, एक्सपीरियंस और फ्रेश टैलेंट के बीच बैलेंस एकदम सही था, और जब जरूरत थी तो सभी ने अच्छा परफॉर्म किया।'

  • एशियन गेम्स में महिला बैडमिंटन का मेडल सूखा बरकरार, जापान से हारी भारतीय टीम

    एशियन गेम्स में महिला बैडमिंटन का मेडल सूखा बरकरार, जापान से हारी भारतीय टीम

    नई दिल्ली
     एशियन गेम्स-2026 में मंगलवाल को भारत को एक बड़ी निराश हाथ लगी है। पीवी सिंधू जैसी स्टार खिलाड़ी से सज्जित भारतीय महिला बैडमिंटन टीम को जापान के हाथों हार का सामना करना पड़ा। जापान ने भारत को 3-1 से मात दी। इसी के साथ भारत का सफर इन खेलों में निराशाजनक रूप से खत्म हो गया।

    इस हार के साथ ही भारत का एशियाई खेलों में महिला बैडमिंटन टीम इवेंट में मेडल का सूखा जारी है। भारत ने आखिरी बार साल 2014 में इस इवेंट में ब्रॉन्ज मेडल जीता था। इस बार उम्मीद की जा रही थी कि भारतीय टीम ये सूखा खत्म करेगी,लेकिन ऐसा नहीं हो सका और जापान ने जबरदस्त घरेलू दर्शकों के समर्थन से भारत को बुरी तरह हरा दिया।

    सिंधू ने किया निराश
    पूरे देश को सिंधू से बहुत उम्मीदें थीं। उनका मुकाबला तीन बार की वर्ल्ड चैंपियन और पुरानी प्रतिद्वंद्वी अकाने यामागुची से था जो पिछले महीने वर्ल्ड चैंपियनशिप के फाइनल में भी पहुंची थीं। इस साल चार मुकाबलों में से दो बार वर्ल्ड नंबर-3 खिलाड़ी को हराने के बाद सिंधू पूरे आत्मविश्वास में दिखीं और अच्छी शुरुआत करते हुए पहला गेम 23-21 से जीता, लेकिन फिर जापानी खिलाड़ी ने वापसी की और दूसरा गेम 21-18 से जीतकर मैच को निर्णायक गेम में पहुंचा दिया। दो बार की ओलंपिक मेडलिस्ट सिंधू निर्णायक गेम 11-21 से हार गईं। यामागुची की इस जीत से जापान ने 1-0 की बढ़त बना ली।

    इसके बाद, 20 साल की टोमोका मियाजाकी ने उन्नति हुड्डा को आसानी से 21-16, 21-18 से हरा दिया। इस जीत ने जापान को 2-0 से आगे कर दिया।

    जॉली और गोपीचंद ने जगाई उम्मीद
    हालांकि, त्रिसा जॉली और गायत्री गोपीचंद की जोड़ी अगर मैच हार जाती तो भारत की हार यहीं तय हो जाती। इस जोड़ी ने भारत को एक उम्मीद थी। पिछले महीने चैंपियनशिप में ब्रॉन्ज मेडल जीतने के बाद पूरे आत्मविश्वास से भरी भारतीय जोड़ी ने वर्ल्ड नंबर-3 युकी फुकुशिमा और मायु मात्सुमोतो को हरा दिया। भारतीय जोड़ी ने ये मैच 21-17, 21-16 से अपने नाम किया।

    इस जीत ने भारत की वापसी की उम्मीद जगाई जो अगले ही मैच में खत्म हो गई। अगले मैच में युवा तन्वी शर्मा का सामना पूर्व वर्ल्ड चैंपियन नोजोमी ओकुहारा से था। ओकुहारा ने 18 मिनट में 21-12, 21-10 से जीत दर्ज की और जापान को 3-1 से जीत दिलाने में मदद की।

  • स्मृति-शेफाली का धमाका, भारत ने श्रीलंका को 147 रन से हराकर जीता ऐतिहासिक स्वर्ण पदक

    स्मृति-शेफाली का धमाका, भारत ने श्रीलंका को 147 रन से हराकर जीता ऐतिहासिक स्वर्ण पदक

    आइची-नागोया
    आइची-नागोया एशियन गेम्स 2026 में भारतीय महिला क्रिकेट टीम ने गोल्ड मेडल जीत लिया है. गोल्ड मेडल मैच में भारतीय टीम ने श्रीलंका को 147 रनों से पराजित किया. मंगलावर (22 सितंबर) को निशिन के कोरोगी स्पोर्ट्स पार्क में हुए मुकाबले में भारत ने श्रीलंका के सामने 217 रनों का टारगेट दिया था, लेकिन उसकी पूरी टीम 15.4 ओवरों में 69 रनों पर सिमट गई. मौजूदा एशियन गेम्स में ये भारत का पहला गोल्ड मेडल है. इससे पहले भारत ने मौजूदा गेम्स में 4 सिल्वर और दो ब्रॉन्ज जीते थे.

    भारत की महिला क्रिकेट टीम ने हांगझोउ एशियन गेम्स 2022 में भी गोल्ड मेडल जीता था. तब भारतीय टीम ने फाइनल में श्रीलंका को 19 रनों से पराजित किया था. अब उसने लगातार दूसरी बार गोल्ड मेडल अपने नाम किया. एशियन गेम्स 2026 में विमेंस क्रिकेट प्रतियोगिता का ब्रॉन्ज पाकिस्तान ने जीता. पाकिस्तानी टीम ने ब्रॉन्ज मेडल मैच में बांग्लादेश को 31 रनों से हराया.

    रनचेज में श्रीलंकाई टीम ने शुरुआत से ही विकेट गंवाए और कभी भी मैच में वापसी नहीं कर पाई. कप्तान चमारी अटापट्टू ने सबसे ज्यादा 21 बॉल पर 29 रन बनाए, जिसमें पांच चौके शामिल रहे. भारत की ओर से दीप्ति शर्मा ने सबसे ज्यादा तीन विकेट झटके. वहीं शेफाली वर्मा, श्रेयंका पाटिल और श्री चरणी ने दो-दो विकेट लिए.

    स्मृति ने लगाई तूफानी फिफ्टी
    मुकाबले में टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करते हुए भारतीय टीम ने 3 विकेट पर 216 रन बनाए. स्मृति मंधाना ने 7 छक्के और 5 चौके की मदद से 45 बॉल पर 79 रनों का योगदान दिया. वहीं ऋचा घोष ने सिर्फ 22 बॉल पर नाबाद 49 रन बनाए, जिसमें 6 चौके और तीन छक्के शामिल रहे. ओपनर शेफाली वर्मा ने 29 बॉल पर 48 रनों की पारी खेली. शेफाली ने अपनी पारी में 3 छक्के और 3 चौके लगाए.

    शेफाली वर्मा और स्मृति मंधाना के बीच पहले विकेट के लिए 99 रनों की साझेदारी हुई. इस पार्टनरशिप ने ही बड़े स्कोर की नींव रखी. श्रीलंका की ओर से सुगंधिका कुमारी, चामुदी प्रबोदा और कविशा दिलहारी ने एक विकेट हासिल किए.

    एशियन गेम्स 2026 में भारतीय महिला क्रिकेट टीम ने क्वार्टर फाइनल में जापान को 8 विकेट से पराजित किया था. फिर उसने सेमीफाइनल में बांग्लादेश को 114 रनों से धूल चटाई. श्रीलंका का क्वार्टर फाइनल मलेशिया से था, जहां टीम ने 86 रनों से जीत हासिल की. फिर सेमीफाइनल में श्रीलंका ने पाकिस्तान को 8 विकेट से धो दिया.

    देखा जाए तो भारत और श्रीलंका के बीच विमेंस टी20 इंटरनेशनल में अब तक 32 मुकाबले खेले गए हैं. इस दौरान भारतीय टीम ने 26 मैचों में जीत हासिल की. वहीं श्रीलंका ने केवल 5 मुकाबले जीते. जबकि एक मैच का नतीजा नहीं निकला. यानी आंकड़ों में भारतीय टीम का पलड़ा श्रीलंका पर हमेशा से भारी रहा है.

    भारत बनाम श्रीलंका h2h
    कुल विमेंस टी20I मैच: 32
    भारत ने जीते: 26
    श्रीलंका ने जीते: 5
    बेनतीजा: 1

    फाइनल में भारत की प्लेइंग इलेवन: स्मृति मंधाना, शेफाली वर्मा, गुनालन कमलिनी, हरमनप्रीत कौर (कप्तान), ऋचा घोष (विकेटकीपर), भारती फुलमाली, दीप्ति शर्मा, श्रेयंका पाटिल, श्री चरणी, नंदनी शर्मा और क्रांति गौड़.

    फाइनल में श्रीलंका की प्लेइंग इलेवन: इमेशा दुलानी, चमारी अटापट्टू (कप्तान), हसिनी परेरा, हर्षिता समरविक्रमा, कविशा दिलहारी, हंसिमा करुणारत्ने, कौशानी नुथ्यांगना (विकेटकीपर), मिताली अयोध्या, काव्या कविंदी, चामुदी प्रबोदा और सुगंधिका कुमारी.

    भारत का स्क्वॉड: स्मृति मंधाना, शेफाली वर्मा, गुनालन कमलिनी, हरमनप्रीत कौर (कप्तान), ऋचा घोष (विकेटकीपर), भारती फुलमाली, दीप्ति शर्मा, श्रेयंका पाटिल, श्री चरणी, नंदनी शर्मा, क्रांति गौड़, रेणुका सिंह ठाकुर, अरुंधति रेड्डी और राधा यादव.

    श्रीलंका का स्क्वॉड: इमेशा दुलानी, चमारी अटापट्टू (कप्तान), हसिनी परेरा, हर्षिता समरविक्रमा, कविशा दिलहारी, हंसिमा करुणारत्ने, कौशानी नुथ्यांगना (विकेटकीपर), मिताली अयोध्या, काव्या कविंदी, चामुदी प्रबोदा, सुगंधिका कुमारी, रश्मिका सेववंडी, निमाशा मीपेज, संजना कविंदी और अनुष्का संजीवनी.

  • जापान के खिलाफ पहली गेंद पर आउट हुए अभिषेक, भारतीय ओपनर के नाम शर्मनाक रिकॉर्ड

    जापान के खिलाफ पहली गेंद पर आउट हुए अभिषेक, भारतीय ओपनर के नाम शर्मनाक रिकॉर्ड

    नई दिल्ली
    जापान के साणो में टाइफून दुजुआन और तेज बारिश के खलल के बाद भारत और जापान के बीच एकमात्र ऐतिहासिक टी20 मुकाबला आखिरकार शुरू हो गया है। ओवरों की भारी कटौती के बाद यह मैच 5-5 ओवर का खेला जा रहा है। भारतीय टीम ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करने का फैसला किया, लेकिन पारी की शुरुआत में ही टीम इंडिया को बेहद निराशाजनक झटका लगा। भारत के युवा और आक्रामक सलामी बल्लेबाज अभिषेक शर्मा बिना खाता खोले पहली ही गेंद पर गोल्डन डक का शिकार होकर पवेलियन लौट गए। जापान जैसी अपेक्षाकृत कमजोर टीम के खिलाफ फैंस को अभिषेक से आतिशी शुरुआत की उम्मीद थी, लेकिन वे पूरी तरह फ्लॉप साबित हुए।

    अभिषेक शर्मा के नाम दर्ज हुआ अनचाहा रिकॉर्ड
    पहली ही गेंद पर आउट होने के साथ ही अभिषेक शर्मा के नाम टी20 इंटरनेशनल में भारतीय सलामी बल्लेबाज के रूप में एक बेहद शर्मनाक रिकॉर्ड दर्ज हो गया है। अभिषेक शर्मा अब भारत के लिए T20I में ओपनर के तौर पर सबसे ज्यादा बार गोल्डन डक (पहली गेंद पर शून्य) पर आउट होने वाले बल्लेबाज बन गए हैं। यह उनके टी20 अंतरराष्ट्रीय करियर में 5वां मौका था जब वे पहली ही गेंद पर बिना खाता खोले आउट हुए हैं। 5 ओवर के इस संक्षिप्त और बेहद तेज तर्रार मैच में भारतीय टीम अब अन्य बल्लेबाजों के दम पर बड़ा स्कोर बनाने की कोशिश में जुटी है।